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  • आज बैंक खुलेंगे या रहेंगे बंद? आज की आरबीआई हॉलिडे लिस्ट में जानिए आपके राज्य का पूरा हाल

    आज बैंक खुलेंगे या रहेंगे बंद? आज की आरबीआई हॉलिडे लिस्ट में जानिए आपके राज्य का पूरा हाल


    नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक के अवकाश कैलेंडर के अनुसार 4 अगस्त 2026, मंगलवार को देशभर में बैंक बंद नहीं रहेंगे। इस दिन केवल त्रिपुरा राज्य में केर पूजा के अवसर पर बैंक अवकाश रहेगा। ऐसे में अगर किसी ग्राहक को बैंक शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है तो उसे अपने राज्य की छुट्टियों की सूची पहले देख लेनी चाहिए। देश के अधिकांश राज्यों में बैंक सामान्य समय के अनुसार खुले रहेंगे और नियमित बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी।

    त्रिपुरा में मनाया जाने वाला केर पूजा राज्य का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक धार्मिक उत्सव है। इसी कारण राज्य के सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक इस दिन बंद रहेंगे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक और क्षेत्रीय बैंक सभी शामिल हैं। अगरतला सहित पूरे राज्य में बैंक शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और अन्य शाखा आधारित सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

    केर पूजा त्रिपुरा की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। यह उत्सव खारची पूजा के लगभग दो सप्ताह बाद आयोजित किया जाता है और राज्य के संरक्षक देवता ‘केर’ को समर्पित होता है। इस दौरान प्रदेश में सुख-समृद्धि, सुरक्षा और शांति की कामना की जाती है। पूजा के दौरान कई पारंपरिक नियमों का पालन किया जाता है और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार निर्धारित क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं लागू रहती हैं।

    इतिहासकारों के अनुसार इस पर्व की शुरुआत त्रिपुरा के माणिक्य राजवंश के शासनकाल में हुई थी। समय के साथ यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन गया। आज भी इस आयोजन को सरकारी स्तर पर महत्व दिया जाता है और स्थानीय प्रशासन इसके आयोजन में सहयोग करता है। यही वजह है कि इस अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है।

    हालांकि, त्रिपुरा को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों में 4 अगस्त को बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी। ग्राहक जमा, निकासी, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट, ऋण संबंधी सेवाएं और अन्य बैंकिंग कार्य सामान्य तरीके से करा सकेंगे। जिन लोगों को बैंक शाखा में व्यक्तिगत रूप से जाना है, उनके लिए किसी अतिरिक्त अवकाश की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, यदि वे त्रिपुरा से बाहर हैं।

    आरबीआई के अवकाश कैलेंडर के अनुसार अगस्त महीने में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय छुट्टियां भी निर्धारित हैं। इनमें दूसरे और चौथे शनिवार, सभी रविवार, स्वतंत्रता दिवस, विभिन्न राज्यों के स्थानीय त्योहार, ईद-ए-मिलाद, ओणम, रक्षाबंधन तथा अन्य क्षेत्रीय पर्व शामिल हैं। इन छुट्टियों का प्रभाव संबंधित राज्यों तक सीमित रहेगा, जबकि राष्ट्रीय अवकाश पूरे देश में लागू होंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद अधिकांश डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी। ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिकांश वित्तीय लेनदेन कर सकेंगे। हालांकि, शाखा आधारित सेवाओं की आवश्यकता होने पर अवकाश से पहले या बाद का समय चुनना अधिक सुविधाजनक रहेगा।

    ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्य से पहले अपने शहर या राज्य में लागू बैंक अवकाश की जानकारी अवश्य जांच लें। इससे अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है और आवश्यक वित्तीय कार्य समय पर पूरे किए जा सकते हैं।

  • होर्मुज पर ईरान की दोटूक चेतावनी, दूसरा समुद्री रास्ता बना तो अमेरिकी युद्धपोत होंगे निशाने पर

    होर्मुज पर ईरान की दोटूक चेतावनी, दूसरा समुद्री रास्ता बना तो अमेरिकी युद्धपोत होंगे निशाने पर


    नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में वैकल्पिक समुद्री मार्ग बनाने के लिए अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो उन्हें मिसाइलों से निशाना बनाया जाएगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत जारी होने का दावा किया है, लेकिन तेहरान ने किसी भी तरह की वार्ता से इनकार कर दिया है।

    ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार और एक्सपीडियेंसी काउंसिल के सदस्य जनरल मोहसिन रेजाई ने सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में दूसरा समुद्री मार्ग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका इस उद्देश्य से युद्धपोत भेजता है तो ईरान सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

    अमेरिका को व्यवहार बदलने की नसीहत
    रेजाई ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता की प्राथमिकता यह है कि अमेरिका अपने रवैये में वास्तविक बदलाव दिखाए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि अमेरिका कुछ अहम शर्तों पर आगे बढ़ता है तो इसे सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका समुद्री नाकेबंदी जारी रखता है तो उसके जहाजों और सैन्य ठिकानों को गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता है।

    ओमान से सुरक्षा पर चर्चा, अमेरिका से नहीं
    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ किसी प्रकार की बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल केवल ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर चर्चा चल रही है। बघाई ने कहा कि निकट भविष्य में न तो कोई विदेशी प्रतिनिधिमंडल ईरान आएगा और न ही ईरानी वार्ताकार विदेश जाएंगे।

    ट्रंप बोले- बातचीत जारी है
    दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि ईरान के साथ वार्ता जारी है और जल्द ही औपचारिक बातचीत शुरू हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और अन्य देशों के अनुरोध पर यह संवाद आगे बढ़ रहा है। ट्रंप ने कहा कि उनकी कोशिश होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समाधान निकालने की है।

    ट्रंप का नया दावा
    बाद में ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को “दोहरे रवैये वाला” बताते हुए कहा कि ईरान ने ही बैठक की इच्छा जताई है और निकट भविष्य में वार्ता तय है। उन्होंने यह भी दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है और अमेरिका की अनुमति के बिना वहां कोई गतिविधि संभव नहीं है।

    तेल बाजार पर पड़ा असर
    अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता की अटकलों के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में राहत देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। माना जा रहा है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम होता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य होने से ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है।

  • भारत के खिलाफ मैदान में उतरेंगे भारतीय मूल के नील पटेल, ऑस्ट्रेलिया U-19 टीम में चयन से चर्चा में युवा बल्लेबाज

    भारत के खिलाफ मैदान में उतरेंगे भारतीय मूल के नील पटेल, ऑस्ट्रेलिया U-19 टीम में चयन से चर्चा में युवा बल्लेबाज


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट की लोकप्रियता पूरी दुनिया में फैली हुई है और भारतीय मूल के कई खिलाड़ी अलग अलग देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। अब इसी सूची में एक नया नाम जुड़ गया है। भारतीय मूल के 16 वर्षीय बल्लेबाज नील पटेल को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ होने वाली अंडर 19 सीरीज के लिए अपनी 16 सदस्यीय टीम में शामिल किया है। उनकी इस उपलब्धि ने क्रिकेट जगत में उत्सुकता बढ़ा दी है क्योंकि बेहद कम उम्र में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं जिन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंडर 19 दौरे की शुरुआत 13 सितंबर से होगी। इस दौरे में दोनों टीमों के बीच सीमित ओवरों के मुकाबलों के साथ साथ लाल गेंद से भी मैच खेले जाएंगे। इस सीरीज को भविष्य के सितारों की परीक्षा माना जा रहा है और नील पटेल उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन पर सभी की नजरें रहेंगी।

    नील पटेल न्यू साउथ वेल्स के लिए ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में खेलते हैं। शुरुआत से ही उन्होंने अपनी बेहतरीन तकनीक धैर्य और लंबी पारी खेलने की क्षमता से प्रभावित किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट क्लब की ओर से खेलते हुए उन्होंने महज 16 वर्ष की उम्र में सिडनी प्रीमियर क्रिकेट के फर्स्ट ग्रेड मुकाबलों में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान 1000 से अधिक रन बनाकर इतिहास रच दिया। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों में उनका नाम शामिल हो गया है।

    हाल ही में नील ने फर्स्ट ग्रेड क्रिकेट में अपना पहला शतक भी लगाया। नई गेंद के सामने संयम के साथ बल्लेबाजी करना और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। यही कारण है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें एडिलेड में आयोजित अंडर 19 टैलेंट कैंप के लिए भी चुना था जहां उन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।

    नील केवल बल्लेबाज ही नहीं बल्कि उपयोगी गेंदबाज भी हैं। जरूरत पड़ने पर वह टीम के लिए गेंद से भी अहम योगदान देते हैं। उनकी ऑलराउंड क्षमता उन्हें ऑस्ट्रेलियाई अंडर 19 टीम का महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वह ऑस्ट्रेलिया की सीनियर टीम तक भी पहुंच सकते हैं।

    भारत के खिलाफ होने वाली यह सीरीज नील पटेल के करियर की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। भारतीय जूनियर टीम हमेशा मजबूत मानी जाती है और ऐसे में उनके सामने खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा। भारतीय मूल होने के कारण भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की नजर भी उन पर रहेगी। हालांकि इस सीरीज में वह ऑस्ट्रेलिया की जर्सी पहनकर भारत के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की घोषित अंडर 19 टीम में केसी बार्टन हेडन बारबुलोविक एली ब्रेन विल बायरम ब्लेक कैटल जैक ज़ोस्नेक स्पेंसर ग्रीन कॉनर ग्रेगरी चार्ली हेंडरसन ज़ेड होलिक मैथ्यू लॉफ नील पटेल जैकब पिट्ज़ पैट्रिक सुलिवन थियो त्सिंगोस और थॉमस वासिओ शामिल हैं। अब सभी की निगाहें इस युवा टीम और खासकर नील पटेल पर टिकी रहेंगी कि वह भारत के खिलाफ अपने प्रदर्शन से कितना प्रभावित कर पाते हैं।

  • मध्यप्रदेश के निजी स्कूलों के लिए नए नियम, मनमानी पर भारी जुर्माना और मान्यता रद्द करने की चेतावनी

    मध्यप्रदेश के निजी स्कूलों के लिए नए नियम, मनमानी पर भारी जुर्माना और मान्यता रद्द करने की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने निजी विद्यालयों के संचालन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से नई गाइडलाइन लागू कर दी है। अब प्रदेश में संचालित निजी हाईस्कूल और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को मान्यता प्राप्त करने से लेकर उसके नवीनीकरण तक सरकार द्वारा निर्धारित सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। यदि कोई विद्यालय निर्धारित मानकों का पालन नहीं करता है तो उसे पहले नोटिस जारी किया जाएगा और सुधार का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरने पर विद्यालय की मान्यता निलंबित या निरस्त की जा सकती है तथा एक लाख से दो लाख रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।

    स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों की स्थापना मान्यता नवीनीकरण मान्यता विस्तार संकाय वृद्धि माध्यम परिवर्तन स्थान परिवर्तन और नाम परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया को नई व्यवस्था के तहत संचालित करने का निर्णय लिया है। अब किसी भी विद्यालय को संचालन की अनुमति पाने के लिए छात्र संख्या के आधार पर सुरक्षा निधि यानी सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करनी होगी। इसके साथ ही विद्यालयों में पर्याप्त भवन आधुनिक आधारभूत सुविधाएं प्रशिक्षित शिक्षक प्रयोगशाला पुस्तकालय सूचना एवं संचार तकनीक की व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सभी मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

    नई व्यवस्था के तहत राज्य स्तर पर एक राज्य मान्यता समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अथवा सचिव लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त और माध्यमिक शिक्षा मंडल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति निजी विद्यालयों की मान्यता नवीनीकरण विस्तार संकाय वृद्धि स्थान परिवर्तन और नाम परिवर्तन जैसे मामलों में अंतिम निर्णय लेने के साथ नीति और दिशा निर्देश भी तय करेगी।

    सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब विद्यालयों को निर्धारित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। हर वर्ष 30 सितंबर तक प्राप्त आवेदन उसी शैक्षणिक सत्र के लिए विचार किए जाएंगे जबकि इसके बाद आने वाले आवेदन अगले सत्र के लिए मान्य होंगे। बिना नई मान्यता प्राप्त किए किसी भी विद्यालय को नई शाखा शुरू करने की अनुमति नहीं मिलेगी।

    ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद संबंधित अधिकारी को 45 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय देना होगा। यदि आवेदन में कोई कमी या त्रुटि पाई जाती है तो 15 दिनों के भीतर इसकी सूचना आवेदक को दी जाएगी और निर्धारित समय सीमा में संशोधित आवेदन प्रस्तुत करना होगा। इससे पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी बनेगी।

    सरकार ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान किया है। यदि कोई विद्यालय निर्धारित मानकों का पालन नहीं करता है तो पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में राज्य मान्यता समिति की अनुमति से विद्यालय की मान्यता समाप्त की जा सकेगी। इससे शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

    नई गाइडलाइन में अपील का अधिकार भी दिया गया है। यदि किसी विद्यालय का आवेदन अस्वीकार हो जाता है या उसकी मान्यता समाप्त कर दी जाती है तो संबंधित संस्था 30 दिनों के भीतर लोक शिक्षण आयुक्त के समक्ष अपील कर सकेगी। यदि वहां से भी राहत नहीं मिलती है तो राज्य मान्यता समिति के समक्ष दूसरी अपील की जा सकेगी। प्रत्येक अपील के साथ पांच हजार रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है।

    राज्य सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से निजी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी और छात्रों को सुरक्षित तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। साथ ही मान्यता प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण भी स्थापित किया जा सकेगा।

  • कांग्रेस का संगठनात्मक रिपोर्ट कार्ड तैयार, दिल्ली बैठक में 10 जिला अध्यक्षों की छुट्टी पर हो सकता है फैसला

    कांग्रेस का संगठनात्मक रिपोर्ट कार्ड तैयार, दिल्ली बैठक में 10 जिला अध्यक्षों की छुट्टी पर हो सकता है फैसला


    भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों की आज सबसे बड़ी परीक्षा होने जा रही है। पिछले वर्ष अगस्त में लंबी प्रक्रिया के बाद बनाए गए जिला कांग्रेस अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा के लिए कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक के नतीजे प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव का रास्ता खोल सकते हैं और खराब प्रदर्शन करने वाले कई जिलाध्यक्षों की जिम्मेदारी भी छिन सकती है।

    दिल्ली में आयोजित इस समीक्षा बैठक की कमान कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल संभालेंगे। बैठक दो चरणों में आयोजित होगी। पहले चरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी के साथ संगठन की स्थिति और जिलों की रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में विभिन्न जिलाध्यक्षों से सीधे संवाद कर उनके कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों को उनके कामकाज और संगठन विस्तार के आधार पर चार श्रेणियों ए बी सी और डी में विभाजित किया है। सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले ए श्रेणी के जिलाध्यक्षों को इस बैठक में नहीं बुलाया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन जिलाध्यक्षों ने संगठन निर्माण अभियान में उत्कृष्ट कार्य किया है। इन्हें भविष्य में अलग से दिल्ली बुलाकर राहुल गांधी स्वयं संवाद करेंगे और आगामी रणनीति में उनकी भूमिका तय की जाएगी।

    बी श्रेणी में शामिल जिलाध्यक्षों को आज की बैठक में शामिल किया गया है। इनसे उनके संगठनात्मक प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी और यह बताया जाएगा कि उन्हें किन क्षेत्रों में सुधार कर ए श्रेणी तक पहुंचना है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि इन जिलों में संगठन और अधिक मजबूत हो तथा आगामी चुनावों के लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई जाए।

    सी श्रेणी में आने वाले जिलाध्यक्षों को अंतिम अवसर दिया जाएगा। समीक्षा के बाद उन्हें निश्चित समय सीमा में संगठनात्मक प्रदर्शन सुधारने के निर्देश मिलेंगे। यदि निर्धारित अवधि में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले तो भविष्य में उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

    सबसे अधिक निगाहें डी श्रेणी के जिलाध्यक्षों पर टिकी हैं। इन्हें कमजोर प्रदर्शन करने वाला माना गया है और ऐसे करीब दस जिलाध्यक्षों को बैठक के बाद पद से हटाया जा सकता है। माना जा रहा है कि समीक्षा पूरी होते ही इनके स्थान पर नए चेहरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और चुनावी दृष्टि से मजबूत बनाया जा सके।

    हाल ही में दतिया निकाय चुनाव में मिली सफलता के बाद कांग्रेस नेतृत्व संगठन को और मजबूत करने के मूड में है। पार्टी अब केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर जोर दे रही है। यही वजह है कि संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है और प्रदर्शन को ही आगे की जिम्मेदारी का आधार बनाया जा रहा है।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली यह समीक्षा बैठक मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। इससे न केवल संगठन में नई ऊर्जा आएगी बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति भी इसी के आधार पर तैयार की जाएगी। बैठक के बाद होने वाले फैसलों पर प्रदेशभर के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें टिकी हुई हैं।

  • भोपाल के मिक्स लैंड यूज विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, हजारों भूखंड मालिकों की निगाहें फैसले पर

    भोपाल के मिक्स लैंड यूज विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, हजारों भूखंड मालिकों की निगाहें फैसले पर


    भोपाल । भोपाल में आवासीय भवनों में वर्षों से संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस मामले पर शहर के हजारों व्यापारी और बड़ी संख्या में रहवासी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि अदालत का फैसला आगे की कार्रवाई की दिशा तय कर सकता है। रहवासियों का कहना है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल होंगे और हाल ही में नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई के फोटो और वीडियो भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

    दरअसल राजधानी के अरेरा कॉलोनी रोहित नगर बावड़ियाकलां 10 नंबर 11 नंबर और 12 नंबर मार्केट सहित कई इलाकों में लंबे समय से आवासीय भवनों से व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं। इसको लेकर स्थानीय रहवासियों ने लगातार आपत्ति जताई और हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा जहां से सख्त रुख अपनाए जाने के बाद नगर निगम ने कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की। कुछ दुकानों को सील किया गया जबकि कई व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए थे।

    हालांकि इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें व्यापारियों की समस्याओं पर भी चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे मामले की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समिति की रिपोर्ट आने तक व्यापारियों को अनावश्यक घबराने की जरूरत नहीं है। इसी निर्णय के बाद सोमवार को अधिकांश बंद दुकानें दोबारा खुल गईं।

    रहवासी संगठन इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद नगर निगम ने अपेक्षित कार्रवाई पूरी नहीं की और जिन प्रतिष्ठानों को बंद किया गया था उनके दोबारा खुलने से अदालत के आदेशों की भावना प्रभावित हुई है। उनका मानना है कि आवासीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों से ट्रैफिक जाम पार्किंग की समस्या शोर प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं जिससे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।

    दूसरी ओर व्यापारी संगठन इस पूरे मामले को व्यावहारिक नजरिए से देखने की मांग कर रहे हैं। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का कहना है कि वर्ष 2005 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं होने के कारण शहर में पर्याप्त व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध नहीं हो सके। ऐसी स्थिति में हजारों व्यापारियों ने मजबूरी में आवासीय परिसरों से अपना कारोबार शुरू किया। संगठन का कहना है कि व्यापारी नियमित रूप से व्यावसायिक दर पर संपत्ति कर बिजली बिल और अन्य सभी सरकारी शुल्क का भुगतान कर रहे हैं जिससे शासन को करोड़ों रुपए का राजस्व भी प्राप्त हो रहा है।

    व्यापारियों ने गुजरात की तर्ज पर मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई है ताकि आवासीय क्षेत्रों में नियंत्रित और नियमानुसार व्यवसाय संचालित किए जा सकें। उनका कहना है कि इससे व्यापार भी प्रभावित नहीं होगा और आम नागरिकों को आवश्यक सेवाएं भी अपने क्षेत्र में मिलती रहेंगी।

    अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत के निर्देश न केवल भोपाल बल्कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी आवासीय और व्यावसायिक उपयोग से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण आधार साबित हो सकते हैं। सरकार की समीक्षा समिति की रिपोर्ट और न्यायालय के निर्देशों के बाद ही इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद है।

  • बांकीपुर में बीजेपी का गढ़ कैसे टूटा? प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के पीछे रहे ये 5 बड़े फैक्टर

    बांकीपुर में बीजेपी का गढ़ कैसे टूटा? प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के पीछे रहे ये 5 बड़े फैक्टर


    पटना । बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात के विधानसभा उपचुनावों के नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा बांकीपुर सीट की रही, जहां जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19 हजार से अधिक वोटों से पराजित कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर रहीं।

    यह हार बीजेपी के लिए इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि बांकीपुर सीट 1995 से पार्टी के कब्जे में थी। यह सीट हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने इसी सीट पर करीब 52 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन महज आठ महीने बाद पार्टी को यहां हार का सामना करना पड़ा।

    1. सम्राट चौधरी के नेतृत्व की पहली परीक्षा
    बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बीजेपी की पहली चुनावी परीक्षा थी। चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने मुकाबले को सीधे अपने और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच की लड़ाई के रूप में पेश किया। जीत के बाद भी उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने बीजेपी नेतृत्व को स्पष्ट संदेश दिया है कि बिहार को बेहतर नेतृत्व की जरूरत है।

    2. लंबे समय से सत्ता विरोधी माहौल
    करीब तीन दशक से यह सीट नितिन नवीन और उनके परिवार के पास रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार एक ही परिवार के प्रतिनिधित्व के कारण क्षेत्र में सत्ता विरोधी भावना (एंटी-इनकंबेंसी) मजबूत हो चुकी थी। स्थानीय विकास और बदलाव के मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने इसका लाभ उठाया।

    3. स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित प्रचार
    प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार में बड़े राजनीतिक वादों के बजाय स्थानीय विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने जनता से कहा कि विधायक बनने के बाद क्षेत्र रातों-रात नहीं बदलेगा, लेकिन कुछ महीनों में बदलाव दिखाई देगा। यह व्यावहारिक संदेश मतदाताओं को प्रभावित करता नजर आया।

    4. राजद के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध
    विश्लेषकों के अनुसार मुस्लिम-यादव (एम-वाई) वोट बैंक का एक हिस्सा इस बार राजद के बजाय जन सुराज के साथ गया। बीजेपी को हराने की रणनीति के तहत कई मतदाताओं ने प्रशांत किशोर को मजबूत विकल्प माना। इसका असर यह रहा कि राजद तीसरे स्थान पर खिसक गया और उसकी जमानत तक जब्त हो गई।

    5. सवर्ण वोटों का झुकाव
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी के पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक, खासकर ब्राह्मण और कायस्थ समुदाय के एक हिस्से ने इस बार प्रशांत किशोर का समर्थन किया। बांकीपुर में इन समुदायों का प्रभाव निर्णायक माना जाता है और वोटों का यह बदलाव चुनाव परिणाम पर भारी पड़ा।

    बीजेपी के लिए बड़ा संदेश
    बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम सिर्फ एक सीट की हार-जीत नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत माना जा रहा है। वहीं, जन सुराज पार्टी के लिए यह पहली चुनावी जीत भविष्य की राजनीति में उसकी बढ़ती भूमिका का संकेत मानी जा रही है।

  • 20 अगस्त से रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे शनिदेव, मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को रहना होगा सावधान!

    20 अगस्त से रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे शनिदेव, मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को रहना होगा सावधान!


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कर्मफलदाता शनिदेव 20 अगस्त को रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे। द्रिक पंचांग के मुताबिक शनि इस नक्षत्र में 9 अक्टूबर तक रहेंगे। रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह हैं, ऐसे में शनि और बुध का यह संयोग सभी 12 राशियों पर प्रभाव डालेगा। हालांकि मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

    मेष राशि
    इस दौरान आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। बिना पूरी जानकारी के किसी भी निवेश से बचें, अन्यथा नुकसान हो सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, इसलिए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें। गुस्से पर नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।

    कर्क राशि
    कर्क राशि के जातकों को मानसिक तनाव और अधिक सोचने की प्रवृत्ति से बचने की जरूरत होगी। नया व्यवसाय या कोई बड़ा काम शुरू करने से पहले पूरी योजना तैयार करें। रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य व सामान दोनों का ध्यान रखें।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों को इस अवधि में अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। बजट के अनुसार खर्च करें और धन संबंधी मामलों में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने में समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखें। बेवजह के विवादों से दूर रहें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें।

    शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
    – प्रत्येक शनिवार हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    – शनिवार को काली उड़द, काले तिल या जूते-चप्पल का जरूरतमंदों को दान करें।
    – वाणी में मधुरता रखें, अच्छे आचरण का पालन करें और किसी को अनावश्यक कष्ट न पहुंचाएं।

  • एमपी में 6 अगस्त से फिर सक्रिय होगा मानसून, दो दिन भारी बारिश के आसार नहीं

    एमपी में 6 अगस्त से फिर सक्रिय होगा मानसून, दो दिन भारी बारिश के आसार नहीं


    भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश की रफ्तार थमी हुई है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल बादल और हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 अगस्त तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा। हालांकि 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने के बाद प्रदेश के कई जिलों में फिर से तेज और भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

    औसत से 16% कम बारिश
    पिछले चार दिनों से भारी बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश में वर्षा का कुल आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, अब तक प्रदेश में 404.2 मिमी (15.9 इंच) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस समय तक 482 मिमी (19 इंच) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 16 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे अधिक कमी
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी अधिक दर्ज की गई है। जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में औसतन 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला सामान्य बारिश के स्तर तक नहीं पहुंच सका है। अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में 1 से 42 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में भी सामान्य से कम वर्षा
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसतन 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

    इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश के बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय, लेकिन असर कमजोर
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक मानसून ट्रफ सक्रिय हैं, लेकिन इनका प्रभाव फिलहाल मध्य प्रदेश पर नहीं पड़ रहा है। इसी कारण अधिकांश इलाकों में तेज बारिश नहीं हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 6 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते प्रदेश में मानसून दोबारा जोर पकड़ सकता है और कई जिलों में भारी बारिश देखने को मिलेगी।

  • Aaj Ka Rashifal 4 August 2026: करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहेगा आपका दिन

    Aaj Ka Rashifal 4 August 2026: करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के लिहाज से कैसा रहेगा आपका दिन


    नई दिल्ली। 4 अगस्त 2026 का दिन कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है जबकि कुछ लोगों को संयम और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज का दिन मेहनत करने वालों के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा। यदि आप लंबे समय से किसी काम में सफलता का इंतजार कर रहे हैं तो आज शुभ समाचार मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और कई लोगों के लिए आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत हैं।
    मेष राशि के जातकों को आज आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और नए अवसर भी मिल सकते हैं। वृषभ राशि वालों के लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और व्यापार में नए अनुबंध लाभदायक साबित होंगे।
    मिथुन राशि के लोगों को आज अनावश्यक विवादों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। सोच समझकर बोलें और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी न करें। कर्क राशि के लिए दिन शुभ रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा और पुराने मित्रों से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी।
    सिंह राशि के जातकों के लिए करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर बनेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपकी योजनाएं सफल होंगी। कन्या राशि वालों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। खानपान में लापरवाही न करें और मानसिक तनाव से बचने का प्रयास करें।

    तुला राशि के लिए आज का दिन प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में मधुरता लेकर आएगा। किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। वृश्चिक राशि के लोगों को आज निवेश सोच समझकर करना चाहिए। बिना सलाह के बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचें।
    धनु राशि के लिए यात्रा के योग बन रहे हैं। यह यात्रा भविष्य में लाभदायक सिद्ध हो सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा।

    मकर राशि वालों को नौकरी और कारोबार में अच्छे परिणाम मिलेंगे। लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं और परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। कुंभ राशि के लोगों के लिए आज नई जिम्मेदारियां सामने आ सकती हैं। धैर्य और समझदारी से काम लेने पर सफलता अवश्य मिलेगी।

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन सबसे अधिक शुभ माना जा रहा है। आर्थिक लाभ के साथ सम्मान में वृद्धि होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और परिवार में सुख शांति का वातावरण बना रहेगा। यदि कोई नया काम शुरू करने की योजना है तो समय अनुकूल रहेगा

    कुल मिलाकर 4 अगस्त 2026 का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसर लेकर आया है। मेहनत ईमानदारी और धैर्य के साथ किए गए प्रयास सफलता दिलाएंगे। भगवान की आराधना और सकारात्मक सोच के साथ दिन की शुरुआत करना सभी राशियों के लिए शुभ रहेगा।