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  • ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन से पहले सजा भोपाल, विदेशी मेहमानों के स्वागत में VIP रोड और भोज सेतु संवारने की तैयारी

    ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन से पहले सजा भोपाल, विदेशी मेहमानों के स्वागत में VIP रोड और भोज सेतु संवारने की तैयारी

    मध्य प्रदेश  की राजधानी भोपाल 5 अगस्त से शुरू होने वाले ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए शहर में व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सम्मेलन 8 अगस्त तक चलेगा, जिसमें ब्रिक्स देशों के साथ कई अन्य मित्र देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, प्रतिनिधिमंडल और कलाकार भाग लेंगे। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए शहर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है, जिससे राजधानी का स्वरूप एक बार फिर बड़े वैश्विक आयोजन जैसा दिखाई दे रहा है।

    सम्मेलन के मद्देनजर एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक प्रमुख मार्गों को आकर्षक बनाया जा रहा है। एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर, वीआईपी रोड, भोज सेतु, पॉलीटेक्निक चौराहा और पंडित कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर तक डिवाइडरों पर रंगरोगन किया जा रहा है। सड़क किनारे सफाई, पौधों की देखरेख और सौंदर्यीकरण के साथ शहर की समग्र छवि को बेहतर बनाने का कार्य तेजी से जारी है।

    भोज सेतु इस तैयारी का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। यहां दोनों ओर मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को दर्शाने वाली आकर्षक पेंटिंग बनाई जा रही हैं। इन कलाकृतियों के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन स्थलों की झलक प्रस्तुत की जा रही है, ताकि विदेशी प्रतिनिधियों को मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया जा सके।

    इस सम्मेलन का मुख्य विषय भारतीय दर्शन की भावना ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ पर आधारित है, जिसमें वैश्विक समरसता, सांस्कृतिक संवाद और पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। आयोजन में ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, क्यूबा, थाईलैंड, बेलारूस सहित कई देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। इनके अलावा विभिन्न देशों के दूतावासों से जुड़े अधिकारी और सांस्कृतिक विशेषज्ञ भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

    सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे। मिस्र का राष्ट्रीय लोक नृत्य दल, इंडोनेशिया के गायन और नृत्य कलाकार, रूस के लोक वाद्ययंत्र ऑर्केस्ट्रा, दक्षिण अफ्रीका का संगीत समूह तथा ब्राजील के कलाकार संगीत, मार्शल आर्ट, एक्रोबेटिक्स और लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विरासत और कलात्मक परंपराओं का परिचय मिलेगा।

    प्रशासन ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात, आतिथ्य और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आयोजन स्थल के आसपास विशेष निगरानी, साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विदेशी मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर भी आवश्यक सुधार कार्य तेज गति से पूरे किए जा रहे हैं।

    ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 केवल एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर भी माना जा रहा है। राजधानी भोपाल इस आयोजन के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, आतिथ्य परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं का परिचय दुनिया के सामने रखेगा। सम्मेलन से प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होने के साथ-साथ सांस्कृतिक सहयोग और पर्यटन को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

  • पंचायत सचिव के घर देर रात हथियारबंद बदमाशों का धावा, गुना में करोड़ों के जेवर और नकदी लूटकर फरार

    पंचायत सचिव के घर देर रात हथियारबंद बदमाशों का धावा, गुना में करोड़ों के जेवर और नकदी लूटकर फरार

    मध्य प्रदेश: के गुना जिले में देर रात हुई एक बड़ी डकैती की वारदात ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला में हथियारबंद बदमाशों ने पंचायत सचिव के घर को निशाना बनाया और परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर भारी मात्रा में जेवरात, नकदी तथा अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में व्यापक अभियान चला रही है।

    जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे। इसी दौरान करीब 10 से 12 हथियारबंद बदमाश जबरन घर में घुस आए। बदमाशों ने हथियारों के बल पर पूरे परिवार को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे कोई भी व्यक्ति उनका विरोध या बाहर जाकर मदद नहीं मांग सका। इसके बाद आरोपियों ने पूरे घर की तलाशी ली और कीमती सामान समेटना शुरू कर दिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश घर से लगभग 2 किलोग्राम सोना, 1 किलोग्राम चांदी, करीब 12 लाख रुपये नकद, एक तिजोरी और एक मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से निकल गए। पुलिस को आशंका है कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। शुरुआती स्तर पर पारदी गिरोह की संलिप्तता की संभावना भी जांच के दायरे में रखी गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    घटना की सूचना मिलते ही फतेहगढ़ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। पुलिस के साथ फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और डॉग स्क्वाड की टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फिंगरप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए, ताकि आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सके। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद जिले के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच की जा रही है। आसपास के थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया है और संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    इस बड़ी वारदात के बाद चक चुरेला और आसपास के गांवों के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर डकैती की इस वारदात का खुलासा करने में जुटी हुई हैं।

  • दतिया उपचुनाव: 8वें राउंड तक कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ा, घनश्याम सिंह 6,583 वोट से आगे

    दतिया उपचुनाव: 8वें राउंड तक कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ा, घनश्याम सिंह 6,583 वोट से आगे


    दतिया। मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। आठवें राउंड की गिनती पूरी होने तक कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने मुकाबले में मजबूत बढ़त बना ली है। वह भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से 6,583 मतों से आगे चल रहे हैं। अब तक 15 में से आठ राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है, जबकि सात राउंड की गिनती शेष है।

    आठवें राउंड तक यह रही स्थिति
    आठवें राउंड में कांग्रेस को 6,828, भाजपा को 3,540 और आजाद समाज पार्टी (आसपा) को 1,303 वोट मिले। इसके साथ ही कुल मतों का आंकड़ा इस प्रकार है—
    घनश्याम सिंह (कांग्रेस): 38,264 वोट
    आशुतोष तिवारी (भाजपा): 31,681 वोट
    दामोदर यादव (आसपा): 11,754 वोट
    कांग्रेस ने इस चरण तक 6,583 वोटों की बढ़त बना ली है।

    पहले राउंड में भाजपा आगे, फिर कांग्रेस ने पलटी बाजी
    सुबह 8 बजे शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतगणना शुरू हुई। पहले राउंड में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने 909 वोटों की बढ़त बनाई थी। हालांकि दूसरे, तीसरे और चौथे राउंड में कांग्रेस ने लगातार बढ़त हासिल कर मुकाबले का रुख बदल दिया। पांचवें राउंड में भाजपा ने कुछ अंतर कम किया, लेकिन छठे, सातवें और आठवें राउंड में कांग्रेस ने बढ़त लगातार बढ़ाते हुए निर्णायक स्थिति बना ली।

    नेता प्रतिपक्ष ने किया जीत का दावा
    मतगणना के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि दतिया की जनता का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और पार्टी की जीत तय है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र के खिलाफ भी लड़ा गया। सिंघार ने यह भी कहा कि दतिया उपचुनाव का परिणाम 2028 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला साबित होगा।

    दोनों दलों को जीत का भरोसा
    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने दावा किया कि उनकी जीत का अंतर 12 से 15 हजार वोट तक पहुंच सकता है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों के दम पर भाजपा ही जीत दर्ज करेगी।

    कड़ी सुरक्षा के बीच जारी मतगणना
    दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था। मतगणना के लिए 21 टेबल लगाई गई हैं और करीब 350 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मतगणना केंद्र को छावनी में तब्दील किया गया है और केवल अधिकृत पासधारकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

  • उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा की सीक्रेट शादी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार का दावा, बॉलीवुड में मची हलचल

    उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा की सीक्रेट शादी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार का दावा, बॉलीवुड में मची हलचल

    नई दिल्ली । हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले चर्चित फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा और लोकप्रिय अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। 90 के दशक में दोनों के रिश्तों और डेटिंग को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ती रही हैं, लेकिन हाल ही में एक वरिष्ठ फिल्म पत्रकार के दावे ने इस पुराने मामले को फिर से तरोताजा कर दिया है।

    एक टॉक शो के दौरान वरिष्ठ पत्रकार ने दावा किया कि राम गोपाल वर्मा और उर्मिला मातोंडकर ने एक समय गुप्त रूप से विवाह रचा लिया था। उनके अनुसार, उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी दक्षिण भारतीय फिल्मों के दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी के माध्यम से मिली थी। पत्रकार ने बताया कि चिरंजीवी ने उनसे बातचीत के दौरान आंध्र प्रदेश के एक मंदिर में हुई इस गुप्त शादी का जिक्र किया था और इस बात की पुष्टि के लिए प्रमाण भी साझा किए थे।

    पत्रकार के मुताबिक, इस खबर की सच्चाई जानने के लिए उन्होंने उस दौरान अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर और निर्देशक राम गोपाल वर्मा दोनों से संपर्क किया था। हालांकि, उर्मिला ने इन बातों पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी, जबकि निर्देशक ने इस पूरे विषय पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। दोनों कलाकारों ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस प्रकार के दावों को स्वीकार नहीं किया।

    इसके अलावा, रिपोर्ट में दोनों के बीच दूरियां आने का कारण भी बताया गया है। कहा गया कि अभिनेत्री इस रिश्ते को कानूनी तौर पर आधिकारिक दर्जा देना चाहती थीं, जबकि निर्देशक इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी वैचारिक मतभेद के कारण दोनों ने आखिरकार अपने रास्ते अलग कर लिए और अपने-अपने पेशेवर करियर पर ध्यान केंद्रित किया।

    उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा ने 90 के दशक में ‘रंगीला’, ‘सत्या’ और ‘कौन’ जैसी कई सुपरहिट और यादगार फिल्मों में एक साथ काम किया है। इन फिल्मों ने भारतीय सिनेमा में नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। सालों बाद सामने आए इस नए दावे ने एक बार फिर बी-टाउन के गलियारों में पुरानी यादों और चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

  • नीरज पांडे के निर्देशन में बनने वाली फिल्म में पांचवीं बार जुड़े अक्षय कुमार, आरडी बर्मन के किरदार में दिखेंगे फरहान

    नीरज पांडे के निर्देशन में बनने वाली फिल्म में पांचवीं बार जुड़े अक्षय कुमार, आरडी बर्मन के किरदार में दिखेंगे फरहान


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा जगत के मशहूर खिलाड़ी अभिनेता अक्षय कुमार और जाने-माने निर्देशक नीरज पांडे एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक साथ वापसी करने जा रहे हैं। दोनों दिग्गज कलाकारों की यह जोड़ी लगभग एक दशक बाद एक बेहद खास प्रोजेक्ट के लिए हाथ मिला रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बहुप्रतीक्षित फिल्म महान भारतीय संगीतकार आरडी बर्मन के जीवन पर आधारित एक संगीतमय बायोपिक होगी।

    इस महत्वाकांक्षी फिल्म में बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता और निर्देशक फरहान अख्तर, आरडी बर्मन की मुख्य भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। वहीं, अक्षय कुमार इस फिल्म में एक विशेष और महत्वपूर्ण अतिथि भूमिका (कैमियो) में दिखाई देंगे। यद्यपि फिल्म में अक्षय की भूमिका समय के हिसाब से छोटी होगी, लेकिन कहानी और पटकथा के मोड़ को देखते हुए उनके चरित्र का विशेष महत्व बताया जा रहा है।

    अक्षय कुमार और नीरज पांडे की जोड़ी ने इससे पहले कई सफल और चर्चित फिल्मों में एक साथ काम किया है। यही कारण है कि निर्देशक के केवल एक प्रस्ताव पर ही अभिनेता ने इस विशेष भूमिका को स्वीकार कर लिया। इस बायोपिक का निर्माण नीरज पांडे के साथ फरहान अख्तर की निर्माण संस्था मिलकर कर रही है। वर्तमान में फिल्म अपने प्री-प्रोडक्शन चरण में है और संगीत निर्माण पर जोर-शोर से काम चल रहा है, ताकि कालजयी संगीतमय धुनों को नए रूप में पेश किया जा सके।

    फिल्म की मुख्य फोटोग्राफी और शूटिंग आगामी सितंबर माह से शुरू होने की संभावना है। वहीं, अक्षय कुमार के काम की बात करें तो वे हाल ही में कई बड़े सिनेमा प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं। उनकी आगामी फिल्मों में हॉरर-कॉमेडी और एक्शन से भरपूर फिल्में शामिल हैं, जिनमें वे अपने पुराने सह-कलाकारों के साथ फिर से स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे।

    सिनेमा प्रेमियों के लिए यह खबर काफी उत्साहजनक है, क्योंकि नीरज पांडे और अक्षय कुमार के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए इस नई संगीतमय यात्रा से भी बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। आरडी बर्मन के दौर और उनके संगीतमय सफर को बड़े पर्दे पर देखना हिंदी फिल्म दर्शकों के लिए एक बेहद यादगार अनुभव साबित हो सकता है।

  • बिना चिकित्सीय परामर्श के फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन दे सकता है बीमारियों को न्योता, जानें इसके सही फायदे और नुकसान

    बिना चिकित्सीय परामर्श के फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन दे सकता है बीमारियों को न्योता, जानें इसके सही फायदे और नुकसान


    नई दिल्ली ।
    आधुनिक जीवनशैली और बदलती खानपान की आदतों के बीच शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए सप्लीमेंट्स का चलन तेजी से बढ़ा है। विशेषकर जिम जाने वाले युवाओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच ओमेगा-3 युक्त फिश ऑयल कैप्सूल का उपयोग काफी लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना डॉक्टरी परामर्श और सही खुराक की जानकारी के इसका नियमित सेवन फायदे के बजाय शरीर को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

    फिश ऑयल में मुख्य रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ए, विटामिन डी और कई आवश्यक तत्व पाए जाते हैं, जिन्हें हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से निर्मित नहीं कर पाता। संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है और रक्त में हानिकारक वसा का स्तर कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यह यकृत में जमा अतिरिक्त वसा को नियंत्रित करने और जोड़ों की अकड़न व सूजन से राहत दिलाने में भी मददगार साबित होता है।

    दूसरी ओर, विशेषज्ञ इसके अत्यधिक या अनियंत्रित सेवन को लेकर आगाह करते हैं। आवश्यकता से अधिक खुराक लेने पर शरीर में ओमेगा-3 का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, अपच और पेट दर्द हो सकता है। इसके अलावा, जो लोग पहले से रक्त को पतला करने वाली दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, उनके लिए बिना सलाह के इसे लेना घातक हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद गुण रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

    स्वास्थ्य सलाहकारों के अनुसार, जिन लोगों की दैनिक खुराक में पहले से ही प्राकृतिक रूप से ये पोषक तत्व मौजूद हैं, उन्हें अतिरिक्त सप्लीमेंट की आवश्यकता नहीं होती। अत्यधिक मात्रा में सेवन से शरीर में अन्य आवश्यक विटामिनों की कमी होने का जोखिम भी बना रहता है। जिन व्यक्तियों को समुद्री खाद्य पदार्थों से एलर्जी की शिकायत है, उन्हें ऐसे कैप्सूल के प्रयोग से पूरी तरह बचना चाहिए।

    मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को सप्लीमेंट्स के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। चिकित्सकों का सुझाव है कि किसी भी प्रकार के आहार पूरक को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए और इसे हमेशा भोजन के बाद ही निर्धारित मात्रा में ग्रहण करना चाहिए।

  • रिमोट के बटन को लेकर शुरू हुई मामूली तकरार ने लिया खूनी रूप, भोपाल में सिर पर वार लगने से पति अस्पताल में भर्ती

    रिमोट के बटन को लेकर शुरू हुई मामूली तकरार ने लिया खूनी रूप, भोपाल में सिर पर वार लगने से पति अस्पताल में भर्ती

     मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घरेलू विवाद का एक अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। टेलीविजन पर मनपसंद चैनल देखने और रिमोट कंट्रोल को लेकर पति-पत्नी के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। तैश में आई पत्नी ने घर में रखे धारदार हंसिए से पति पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    मिली जानकारी के अनुसार यह घटना भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित व्यक्ति पेशे से मजदूर है और अपने परिवार के साथ रहता है। घटना वाले दिन वह काम निपटाकर घर पर टीवी देख रहा था। इसी दौरान उसने रिमोट लेकर अपनी पसंद का चैनल लगा दिया। इस बात पर पत्नी की उससे कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच तकरार इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर महिला ने पास रखा हंसिया उठाकर पति के सिर और चेहरे पर वार कर दिया।

    अचानक हुए हमले में पति लहूलुहान होकर गिर पड़ा। चीख-पुकार और शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव किया। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल पति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल भी तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

    छोला मंदिर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल पति के बयान दर्ज किए और आरोपी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में टीवी का चैनल बदलने को लेकर हुआ विवाद ही हमले की मुख्य वजह सामने आया है। दंपती के दो बच्चे हैं और पड़ोसियों के अनुसार उनके बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर आपस में कहासुनी होती रहती थी।

    इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • बुमराह के विकल्प की तलाश में बीसीसीआई, चयनकर्ताओं की रडार पर आए चार युवा तेज गेंदबाज

    बुमराह के विकल्प की तलाश में बीसीसीआई, चयनकर्ताओं की रडार पर आए चार युवा तेज गेंदबाज


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका दौरे के आगाज से ठीक पहले एक बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाएं घुटने की समस्या के कारण आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। हाल ही में संपन्न हुई एक दिवसीय श्रृंखला के दौरान उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ा था। बेंगलुरु स्थित क्रिकेट सेंटर में जांच के बाद मेडिकल टीम ने उन्हें पूर्ण विश्राम और उपचार की सलाह दी है।

    टीम प्रबंधन आगामी लंबे और महत्वपूर्ण क्रिकेट सीजन को देखते हुए अपने मुख्य गेंदबाज के साथ कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। बुमराह के बाहर होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में उनकी जगह कौन लेगा। हालांकि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और बोर्ड ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उनके विकल्प के नाम का ऐलान नहीं किया है, लेकिन चार युवा गेंदबाजों के नाम इस समय सबसे आगे चल रहे हैं।

    विकल्प की इस दौड़ में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है। हालिया रणजी ट्रॉफी सीजन में 10 मैचों में 60 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले आकिब ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इसके अलावा उन्हें हाल ही में इंडिया-ए के साथ श्रीलंका में खेलने का अनुभव भी प्राप्त है, जो उनके पक्ष में एक बड़ा मजबूत बिंदु माना जा रहा है।

    रेसिंग में हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और पंजाब के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का नाम भी शामिल है। अंशुल कंबोज पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं और गाले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दूसरी ओर, भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की कमी को पूरा करने के लिए अर्शदीप सिंह को भी लाल गेंद के प्रारूप में मौका दिया जा सकता है।

    इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश और विदर्भ क्रिकेट से जुड़े युवा तेज गेंदबाज यश ठाकुर पर भी चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों के प्रारूप में पदार्पण कर चुके यश ने इंडिया-ए की ओर से श्रीलंका की पिचों पर भी प्रभावी गेंदबाजी की थी।

    बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति जल्द ही बैठक कर बुमराह के आधिकारिक विकल्प की घोषणा कर सकती है। मध्य प्रदेश सहित देशभर के खेल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि चयनकर्ता श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए किस युवा तेज गेंदबाज पर अपना भरोसा जताते हैं।

  • सावन सोमवार पर मनोकामना अनुसार करें शिवलिंग का अभिषेक, शास्त्रों में बताए गए हैं विशेष धार्मिक उपाय

    सावन सोमवार पर मनोकामना अनुसार करें शिवलिंग का अभिषेक, शास्त्रों में बताए गए हैं विशेष धार्मिक उपाय

    नई दिल्ली । श्रावण मास के पवित्र सोमवार के अवसर पर देश भर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सनातन धर्म और धार्मिक मान्यताओं में सावन सोमवार का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस पावन अवधि में शिवलिंग का अलग-अलग पवित्र द्रव्यों से अभिषेक करने पर साधक को उसकी विशिष्ट मनोकामनाओं के अनुसार फलों की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

    शिवपुराण के अनुसार, मनोकामना पूर्ति के लिए अभिषेक की सामग्री का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि कोई भक्त मोक्ष और आध्यात्मिक उन्नति की कामना रखता है, तो उसे शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करना चाहिए। वहीं, मानसिक शांति और विचारों की शुद्धता प्राप्त करने के लिए साधारण जल से अभिषेक करने का विधान बताया गया है। उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और गंभीर रोगों से मुक्ति पाने के लिए कच्चे दूध से जलाभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    पारिवारिक सुख, शांति और समृद्धि की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए दूध में शक्कर मिलाकर अर्पित करने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, वंश वृद्धि, उत्तम संतान की प्राप्ति तथा शारीरिक शक्ति और ऊर्जा में वृद्धि के लिए देसी गाय के शुद्ध घी से अभिषेक करने का महत्व है। कर्ज की समस्या से निजात पाने, वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने और कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शहद से अभिषेक करना शुभ माना जाता है।

    आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए शास्त्रों में गन्ने के रस से अभिषेक करने का विधान है। मान्यता है कि गन्ने के रस से जलाभिषेक करने पर घर में धन-धान्य, संपत्ति और यश की वृद्धि होती है। वहीं, जिन युवाओं के विवाह में बाधाएं आ रही हों, वे दूध या जल में थोड़ा केसर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं। इसके साथ ही बेलपत्र अर्पित करने से तीनों जन्मों के पापों का नाश होता है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

    मध्य प्रदेश सहित देश के सभी प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शिवालयों में सावन सोमवार के दिन तड़के से ही पंचामृत और विभिन्न पवित्र नदियों के जल से रुद्रभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु अपनी-अपनी आस्था और इच्छाओं के अनुसार पूजन सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने मंदिरों में पहुंच रहे हैं। संपूर्ण वातावरण हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है।

  • जामनगर के बाल हनुमान मंदिर में 60 वर्षों से अविरल जारी है राम नाम का अखंड जाप, गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम

    जामनगर के बाल हनुमान मंदिर में 60 वर्षों से अविरल जारी है राम नाम का अखंड जाप, गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम

    नई दिल्ली । भारतीय अध्यात्म और सांस्कृतिक धरोहर की दुनिया में गुजरात का जामनगर शहर एक अनूठी आस्था का केंद्र बना हुआ है। शहर की प्रसिद्ध लखोटा झील के समीप स्थित श्री बाल हनुमान संकीर्तन मंदिर अपने आप में एक अद्भुत और ऐतिहासिक रिकॉर्ड समेटे हुए है। इस पावन धाम में पिछले छह दशकों से बिना एक सेकंड रुके भगवान श्री राम का संकीर्तन निरंतर जारी है, जिसे देखने और सुनने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु खींचे चले आते हैं।

    मंदिर में अखंड जाप की यह पावन परंपरा 1 अगस्त 1964 को शुरू की गई थी। तब से लेकर आज तक, दिन हो या रात, श्री राम, जय राम, जय जय राम की रामधुन निरंतर गूंज रही है। इस संकीर्तन को निर्बाध रूप से चलाने के लिए साधक, पुजारी और श्रद्धालु बारी-बारी से बैठते हैं, जिससे जाप की गति एक क्षण के लिए भी धीमी या बंद नहीं होती। चौबीसों घंटे चलने वाले इस सबसे लंबे अखंड कीर्तन के कारण मंदिर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया जा चुका है।

    इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अनुष्ठान की नींव महान संत श्री प्रेमभिक्षुजी महाराज ने रखी थी। उन्होंने समाज में आध्यात्मिक चेतना और ईश्वर भक्ति के विस्तार के लिए इस निरंतर संकीर्तन की शुरुआत की थी। स्थानीय निवासियों का यह अटूट विश्वास है कि इस मंदिर में गूंजने वाले राम नाम के महामंत्र और दिव्य वातावरण के प्रभाव से ही जामनगर शहर हमेशा बड़ी प्राकृतिक आपदाओं और संकटों से सुरक्षित रहता है।

    संत प्रेमभिक्षुजी महाराज द्वारा शुरू की गई यह पावन परंपरा केवल जामनगर तक ही सीमित नहीं रही। उनकी प्रेरणा से गुजरात के द्वारका, राजकोट, पोरबंदर, जूनागढ़ और महुवा के साथ-साथ बिहार के मुजफ्फरपुर में भी इसी तरह के मंदिरों की स्थापना की गई, जहां 24 घंटे अखंड रामधुन का गायन होता है। देश के 40 से अधिक छोटे-बड़े शहरों में रोजाना विशेष संकीर्तन सभाओं का आयोजन किया जाता है।

    मध्य प्रदेश और देश के विभिन्न प्रांतों से आने वाले श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचकर अद्भुत मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दिन-रात खुले रहते हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले भक्त किसी भी समय रात्रि में रुककर संकीर्तन का हिस्सा बन सकते हैं। रामनवमी, हनुमान जयंती और विजयदशमी जैसे बड़े पर्वों पर यहां आस्था का भारी सैलाब उमड़ता है।