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  • सलमान खान से 9 साल छोटी सोनाली कुलकर्णी ने निभाया उनकी मां का किरदार, बताया क्यों पहले रोल ठुकराना चाहती थीं

    सलमान खान से 9 साल छोटी सोनाली कुलकर्णी ने निभाया उनकी मां का किरदार, बताया क्यों पहले रोल ठुकराना चाहती थीं

    नई दिल्ली । साल 2019 में रिलीज हुई फिल्म भारत में सलमान खान की मां का किरदार निभाने वाली सोनाली कुलकर्णी उम्र में उनसे 9 साल छोटी हैं। पर्दे पर मां की भूमिका निभाने को लेकर सोनाली ने बताया कि शुरुआत में वह इस रोल को स्वीकार करने को लेकर झिझक रही थीं। उन्हें लगा था कि किरदार उनकी उम्र और व्यक्तित्व के लिहाज से उपयुक्त नहीं है।

    सोनाली ने बताया कि जब उन्हें भारत में यह भूमिका ऑफर की गई थी, तब उन्हें लगा कि यह रोल उन्हें सही तरीके से सूट नहीं कर रहा है। उन्होंने इस भूमिका के लिए उपयुक्त लगने वाले कुछ कलाकारों के नाम भी सुझाए थे। उन्होंने फिल्म के निर्देशक अली अब्बास जफर और कास्टिंग निर्देशक मुकेश छाबड़ा से सवाल किया था कि आखिर उन्हें यह भूमिका क्यों ऑफर की जा रही है।

    हालांकि, सोनाली ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें किसी खास तरह के किरदार को निभाने से डर नहीं लगता। उन्होंने अपने पुराने काम का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी पहली फिल्म चेलुवी में उन्होंने ऐसी लड़की की भूमिका निभाई थी, जो फूलों वाला पेड़ बन सकती थी। वहीं दायरा में उन्होंने एक लड़के का किरदार निभाया था। उनके मुताबिक, किसी किरदार को सिर्फ इसलिए अलग नजर से नहीं देखना चाहिए क्योंकि उसमें किसी की मां की भूमिका निभानी है।

    सोनाली ने कहा कि किसी महिला का मां होना उसके दूसरे रिश्तों और पहचान को खत्म नहीं करता। उनके मुताबिक, एक मां किसी की दोस्त, भाभी या पत्नी भी हो सकती है। उन्होंने मिशन कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि आज भी लोग उन्हें उस फिल्म में संजय दत्त के किरदार की पत्नी के रूप में जानते हैं, न कि ऋतिक रोशन की सरोगेट मां के रूप में।

    भारत के मामले में उनकी झिझक की एक वजह यह भी थी कि किरदार के अनुसार उम्र का असर दिखना जरूरी था। हालांकि, जब उन्होंने फिल्म की कहानी सुनी तो उन्हें समझ आया कि इसमें सलमान खान के बचपन के फ्लैशबैक पर काफी जोर दिया गया है। इसी वजह से उन्हें लगा कि किरदार को निभाने का अवसर अलग तरह से काम कर सकता है।

    सोनाली ने यह भी बताया कि उन्होंने सलमान खान के साथ पहले कभी काम नहीं किया था। उनकी सलमान से सिर्फ एक बार मुलाकात हुई थी, जब वह अपनी फिल्म के म्यूजिक लॉन्च कार्यक्रम में उनसे मिली थीं। इसलिए उन्हें लगा कि भारत में उनकी मां की भूमिका निभाना सलमान के साथ जुड़ने का अच्छा अवसर हो सकता है। इसी सोच के बाद उन्होंने भूमिका स्वीकार कर ली।

    फिल्म में सलमान खान के साथ कटरीना कैफ भी नजर आई थीं। सोनाली ने कटरीना के साथ काम करने के अनुभव की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि उन्होंने कटरीना को डांस नंबरों के लिए काफी गंभीरता और मेहनत के साथ रिहर्सल करते देखा था और उनके साथ काम करना अच्छा अनुभव रहा।

    भारत में सुनील ग्रोवर, दिशा पाटनी और जैकी श्रॉफ ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं। फिल्म का बजट 165 करोड़ रुपये बताया गया था, जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई 321 करोड़ रुपये रही थी।

  • KBC 18 में बिग बी के साथ हुआ हादसा पैर फिसलने से चोटिल हुआ घुटना अमिताभ ने फैंस को दिया बड़ा अपडेट

    KBC 18 में बिग बी के साथ हुआ हादसा पैर फिसलने से चोटिल हुआ घुटना अमिताभ ने फैंस को दिया बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। कौन बनेगा करोड़पति सीजन 18 का लेटेस्ट एपिसोड अमिताभ बच्चन के लिए कुछ अलग रहा। हर बार की तरह इस बार भी दर्शक अपने पसंदीदा होस्ट को मंच के बीचोंबीच खड़े होकर शो की शुरुआत करते देखने का इंतजार कर रहे थे लेकिन अमिताभ बच्चन इस बार बैठे हुए नजर आए। इसकी वजह उन्होंने खुद दर्शकों को बताई। बिग बी ने जानकारी दी कि शूटिंग के दौरान उनका पैर फिसल गया था और वह गिर गए थे। इस हादसे में उनके घुटने में चोट लग गई जिसके कारण उन्हें खड़े होने में थोड़ी परेशानी हो रही थी।

    अमिताभ बच्चन ने KBC 18 के एपिसोड की शुरुआत में अपनी चोट के बारे में बात करते हुए दर्शकों को पूरी स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर वह स्टेज के बीच में खड़े होकर अपना मोनोलॉग बोलते हैं लेकिन इस बार घुटने में चोट होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान उनका पैर अचानक फिसला और वह गिर गए। इसके बाद घुटने में चोट लग गई। हालांकि बिग बी ने यह भी साफ किया कि चोट गंभीर नहीं है और फैंस को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।

    अमिताभ बच्चन ने बताया कि वह चाहें तो खड़े होकर अपना मोनोलॉग बोल सकते थे लेकिन लंबे समय तक खड़े रहने में उन्हें परेशानी महसूस हो रही थी। इसी वजह से उन्होंने बैठे हुए ही शो की शुरुआत करने का फैसला किया। उनके इस अंदाज को देखकर दर्शकों को उनकी चोट की गंभीरता को लेकर चिंता हुई लेकिन अमिताभ की बातों से यह संकेत मिला कि वह काम जारी रखने की स्थिति में हैं।

    अमिताभ बच्चन लंबे समय से KBC के मंच का प्रमुख चेहरा बने हुए हैं और शो में उनकी खास शैली दर्शकों को लगातार पसंद आती रही है। ऐसे में शूटिंग के दौरान उनके चोटिल होने की खबर सामने आते ही उनके प्रशंसकों की नजर उनकी सेहत पर टिक गई। हालांकि खुद अमिताभ ने अपनी स्थिति के बारे में जानकारी देकर फैंस को राहत दी। चोट के बावजूद उन्होंने एपिसोड की शूटिंग जारी रखी और दर्शकों से बातचीत भी की।

    बिग बी का काम केवल KBC 18 तक सीमित नहीं है। वह आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा भी हैं। नाग अश्विन की फिल्म काल्कि 2898 एडी के अगले भाग में वह अश्वत्थामा के किरदार में फिर नजर आने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म की शूटिंग अक्टूबर 2026 से आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा सेक्शन 84 भी उनके आगामी प्रोजेक्ट्स में शामिल है। यह रिभु दासगुप्ता की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म बताई जा रही है।

    अमिताभ बच्चन के साथ शूटिंग के दौरान चोट लगने का यह पहला मामला नहीं है। मार्च 2023 में हैदराबाद में कल्कि 2898 एडी की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके दाहिने पसली वाले हिस्से में चोट लगी थी। उस समय उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत हुई थी और चलने फिरने के साथ सांस लेने में भी दर्द महसूस हो रहा था। इसके बाद शूटिंग रोककर उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने दोबारा काम शुरू किया था।

    फिलहाल KBC 18 के सेट पर लगी घुटने की चोट को लेकर अमिताभ बच्चन ने खुद स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने अपने अंदाज में फैंस को भरोसा दिलाया कि चोट गंभीर नहीं है। शो के दौरान उनका बैठे हुए नजर आना जरूर दर्शकों के लिए अलग अनुभव रहा लेकिन अमिताभ की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि चोट के बावजूद उनका काम और KBC के प्रति उनका जुड़ाव जारी है।

  • यूक्रेन पर रूस का मिसाइल-ड्रोन अटैक, बिजली और इंटरनेट केंद्रों को बनाया निशाना

    यूक्रेन पर रूस का मिसाइल-ड्रोन अटैक, बिजली और इंटरनेट केंद्रों को बनाया निशाना

    कीव। रूस ने यूक्रेन पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। बुधवार को यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रातभर चले हमलों में राजधानी कीव और आसपास के इलाकों को निशाना बनाया गया। हमलों में ऊर्जा ढांचे के साथ एक अहम इंटरनेट केंद्र को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक कीव और उसके उत्तरी बाहरी इलाके में दो महिलाओं और 14 वर्षीय बच्चे समेत कई लोगों की मौत हुई है।

    कीव के मेयर विटाली क्लिचको ने बताया कि शहर के एक गोदाम पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई। वहीं, कीव क्षेत्र के विशहोरोद में एक निजी मकान के मलबे से 14 वर्षीय बच्चे का शव बरामद किया गया। इसी मकान से तीन अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको के अनुसार, राजधानी और आसपास के इलाकों में कई लोग घायल भी हुए हैं।

    अगस्त के अंत से बढ़े हवाई हमले

    यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, अगस्त के अंत से रूस ने हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ाई है। यह हमले ऐसे समय हो रहे हैं जब यूक्रेन सर्दियों की तैयारी कर रहा है। रूस की ओर से लगातार ऊर्जा संयंत्रों, बिजली सबस्टेशनों और उनसे जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है।

    यूक्रेन की बिजली कंपनी डीटीईके ने नुकसान का विस्तृत आंकड़ा नहीं दिया, लेकिन बताया कि उसके कर्मचारियों ने हमलों के बाद करीब 8,000 घरों में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी।

    188 ड्रोन और कई मिसाइलें दागने का दावा

    यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रातभर के हमलों में एंटी-शिप और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ 188 ड्रोन दागे। यूक्रेन का दावा है कि इनमें से पांच मिसाइलों और 155 ड्रोन को रोक दिया गया। बाकी हथियारों में से कुछ अपने निशाने तक पहुंचे।

    रूस ने भी हमलों की पुष्टि की है। उसके रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूसी सेना ने कीव में सैन्य गतिविधियों से जुड़े एक डेटा सेंटर, कीव क्षेत्र के बिजली संयंत्र, ओडेसा क्षेत्र के एक औद्योगिक परिसर और इजमाइल बंदरगाह की सुविधाओं को निशाना बनाया।

    हालांकि, यूक्रेन ने रूस के इन विशिष्ट दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि कीव के कम से कम चार जिलों में नागरिक इलाके भी हमलों की चपेट में आए।

    जेलेंस्की बोले- ऊर्जा व्यवस्था पर है मुख्य निशाना

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि रूस के हमलों का मुख्य निशाना कीव और उसके आसपास की ऊर्जा व्यवस्था है। उन्होंने इसे मुश्किल हमला बताते हुए कहा कि लगातार हो रहे हमलों से यूक्रेन की वायु रक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।

    जेलेंस्की ने उन देशों का भी आभार जताया, जिन्होंने हाल में यूक्रेन को हवाई रक्षा के लिए सहायता उपलब्ध कराई है।

    युद्ध खत्म कराने की कोशिशों के बीच जारी हैं हमले

    रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए साढ़े चार साल से अधिक समय हो चुका है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस अमेरिकी प्रयासों के तहत युद्ध समाप्त करने की प्रक्रिया में आगे बढ़ने को तैयार नहीं है।

    वहीं, रूस का कहना है कि वह सीमित अवधि के युद्धविराम के बजाय व्यापक और स्थायी समझौता चाहता है। रूस की ओर से यूक्रेन के कुछ क्षेत्रों पर उसके दावे और क्षेत्रीय रियायतों की मांग विवाद का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है, जबकि कीव अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है। दोनों पक्षों की अलग-अलग शर्तों के बीच शांति वार्ता में प्रगति नहीं हो सकी है और इसी दौरान हवाई हमले लगातार जारी हैं।

  • ट्रंप ने सुंदर पिचई को कहा ‘मॉन्स्टर’, गूगल CEO ने मुस्कुराकर दिया जवाब

    ट्रंप ने सुंदर पिचई को कहा ‘मॉन्स्टर’, गूगल CEO ने मुस्कुराकर दिया जवाब


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एआई बैठक के बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचई को ‘मॉन्स्टर’ कहकर संबोधित किया। हालांकि, ट्रंप का इशारा अपमान की ओर नहीं बल्कि पिचई की तकनीकी क्षेत्र में प्रभावशाली पहचान और सफलता की ओर था। पिचई ने भी मुस्कुराते हुए इस टिप्पणी का हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया।

    मंगलवार को ट्रंप ने एआई और टेक्नोलॉजी जगत के कई दिग्गजों के साथ व्हाइट हाउस में बैठक की। इसमें पिचई के अलावा मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई, एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग और अन्य प्रमुख तकनीकी कंपनियों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने पिचई की ओर इशारा करते हुए उन्हें ‘मॉन्स्टर’ बताया।

    ट्रंप बोले- ‘यह व्यक्ति मॉन्स्टर है’

    ट्रंप ने पिचई को पत्रकारों से परिचित कराते हुए कहा कि ये लोग दुनिया के बड़े टेक लीडर हैं और पिचई के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इसके बाद उन्होंने पिचई की ओर इशारा करते हुए उन्हें ‘मॉन्स्टर’ बताया और कहा कि वे बिना रोजाना मीडिया का सामना किए शानदार जिंदगी जी रहे हैं।

    ट्रंप के बयान का संदर्भ पिचई की तकनीकी उपलब्धियों और प्रभाव से था। अमेरिकी बोलचाल में किसी व्यक्ति को अपने क्षेत्र में ‘मॉन्स्टर’ कहना असाधारण क्षमता या प्रभाव के लिए प्रशंसा के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है।

    पिचई ने इस टिप्पणी पर मुस्कुराते हुए कहा कि उम्मीद है कि इससे बेहतर टैगलाइन हो सकती थी कि ‘मैं मॉन्स्टर हूं’। उनके जवाब के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हल्का माहौल बन गया।

    एआई पर टेक कंपनियों ने किया स्वैच्छिक समझौता

    ट्रंप और टेक कंपनियों के प्रमुखों की बैठक का मुख्य मुद्दा उन्नत एआई तकनीक की सुरक्षा और निगरानी था। बैठक के बाद प्रमुख टेक कंपनियों ने एआई के विकास के लिए एक स्वैच्छिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसमें कंपनियों ने आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने, स्वतंत्र बाहरी ऑडिट कराने और बोर्ड स्तर पर जोखिमों की समीक्षा जैसे कदमों पर सहमति जताई है।

    समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। ट्रंप ने इसे ‘मॉरल बाइंडिंग’ यानी नैतिक रूप से बाध्यकारी समझौता बताया और कहा कि एआई कंपनियों को खुद अपनी तकनीक पर निगरानी रखनी होगी।

    ट्रंप ने AI को ‘सुपर इंटेलिजेंस’ कहने का निर्देश दिया

    ट्रंप प्रशासन ने सरकारी संदर्भों में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के बजाय ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द इस्तेमाल करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। ट्रंप का कहना है कि मौजूदा एआई तकनीक की क्षमताएं पारंपरिक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की पुरानी अवधारणा से काफी आगे निकल चुकी हैं।

    ट्रंप ने यह भी कहा कि वह एआई के विकास को रोकने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि अमेरिका को इस तकनीकी क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखनी चाहिए। इसी के साथ उन्होंने कंपनियों से सुरक्षा और निगरानी के लिए खुद जिम्मेदारी लेने पर जोर दिया।

    पिचई बोले- सुपर इंटेलिजेंस पर हुआ समझौता

    बैठक के बाद सुंदर पिचई ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण बातचीत थी और उन्होंने ‘व्हाइट हाउस एकॉर्ड ऑन सुपर इंटेलिजेंस’ पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने बताया कि गूगल एआई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और आगे भी ऐसे उत्पाद विकसित करने पर काम जारी रखेगा, जो लोगों और कारोबारों के लिए उपयोगी हों।

    इस समझौते में कंपनियों की ओर से एआई सिस्टम के विकास और इस्तेमाल के दौरान जोखिमों की पहचान, आंतरिक नियंत्रण और स्वतंत्र समीक्षा जैसे उपायों पर जोर दिया गया है।

  • सिंधु जल संधि पर फिर भड़का पाकिस्तान, ‘बोला-भारत पानी को हथियार बना रहा

    सिंधु जल संधि पर फिर भड़का पाकिस्तान, ‘बोला-भारत पानी को हथियार बना रहा


    इस्लामाबाद।
    सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भारत पर पानी को ‘हथियार’ की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सिंधु जल संधि को लेकर अपने रुख पर कायम है और इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहेगा। तरार ने यह भी दावा किया कि संधि को भारत एकतरफा तरीके से बदल, रद्द या स्थगित नहीं कर सकता।

    तरार ने बुधवार को इस्लामाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज में सिंधु जल संधि पर एक रिपोर्ट जारी करने के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिप्रिय देश है, लेकिन वह भारत को पानी को हथियार बनाने की अनुमति नहीं दे सकता, क्योंकि उनके मुताबिक सिंधु का पानी पाकिस्तान के 24 करोड़ लोगों का बुनियादी अधिकार है।

    ‘संधि को एकतरफा नहीं रोका जा सकता’

    अताउल्लाह तरार ने कहा कि सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच एक कानूनी समझौता है और उनके अनुसार यह दोनों पक्षों के लिए बाध्यकारी है। उन्होंने दावा किया कि विवाद होने की स्थिति में भी दोनों देशों को संधि में तय शर्तों और विवाद समाधान की प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

    पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि अगर कोई देश स्थापित विवाद समाधान तंत्र के बावजूद किसी बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय जल संधि को एकतरफा तरीके से स्थगित कर सकता है, तो इसका असर दुनिया में सीमा-पार जल प्रबंधन की व्यवस्था पर पड़ सकता है।

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ बातचीत जारी रखेगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कानूनी तथा कूटनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल करेगा।

    PCA के फैसले का भी दिया हवाला

    तरार ने स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (PCA) के अगस्त 2026 के फैसले का हवाला देते हुए दावा किया कि इससे पाकिस्तान के इस रुख को मजबूती मिली है कि संधि की स्थिति को एकतरफा कार्रवाई से नहीं बदला जा सकता।

    हालांकि, PCA के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने सिंधु जल संधि की स्थिति और रतले जलविद्युत परियोजना से संबंधित अंतरिम उपायों पर फैसला जारी किया था। PCA की वेबसाइट पर संबंधित मामले में फैसलों की सूची भी उपलब्ध है।

    शहबाज शरीफ के UN भाषण का जिक्र

    तरार ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शरीफ ने सिंधु के पानी को पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र के लिए ‘जीवनरेखा’ बताया था।

    तरार के मुताबिक, पाकिस्तान का सिंधु जल संधि पर रुख पूरी तरह स्पष्ट है और वह इसे क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता का माध्यम मानता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मामले में अंतरराष्ट्रीय संगठनों और दूसरे देशों के साथ संपर्क बनाए रखेगा।

    1960 में हुई थी सिंधु जल संधि

    भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पर सितंबर 1960 में हस्ताक्षर हुए थे। विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुए इस समझौते में सिंधु नदी प्रणाली की नदियों के जल के इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के अधिकार और दायित्व तय किए गए थे।

    मौजूदा विवाद में दोनों देशों के रुख अलग हैं। पाकिस्तान संधि को बाध्यकारी बताते हुए इसके प्रावधानों को जारी रखने की मांग कर रहा है, जबकि भारत ने संधि को लेकर अपनी अलग स्थिति अपनाई है। PCA के आधिकारिक रिकॉर्ड में 31 अगस्त 2026 को ‘संधि की स्थिति’ पर अवॉर्ड दर्ज है और संबंधित मध्यस्थता मामला फिलहाल PCA के रिकॉर्ड में लंबित मामलों में शामिल है।

    इस बीच अताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तान अपने कानूनी और कूटनीतिक पक्ष को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखता रहेगा। उन्होंने सीमा-पार जल समझौतों पर इस विवाद के संभावित व्यापक प्रभावों का भी मुद्दा उठाया।

  • रोहित शर्मा के खास सेलिब्रेशन का खुला राज बोले कुछ चीजें सिर्फ अपने लिए होती हैं जडेजा को भी नहीं बताया पूरा किस्सा

    रोहित शर्मा के खास सेलिब्रेशन का खुला राज बोले कुछ चीजें सिर्फ अपने लिए होती हैं जडेजा को भी नहीं बताया पूरा किस्सा


    नई दिल्ली। गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए मुकाबले में रोहित शर्मा ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वनडे करियर का 35वां शतक पूरा किया। रोहित की इस पारी ने जहां भारतीय टीम के लिए बड़े लक्ष्य का पीछा आसान बनाया वहीं शतक पूरा करने के बाद उनका अनोखा सेलिब्रेशन भी चर्चा का विषय बन गया। रोहित ने शतक पूरा करने के बाद मैदान पर जिस अंदाज में जश्न मनाया उसे देखकर फैंस से लेकर टीम के साथी खिलाड़ी तक यह जानने को उत्सुक नजर आए कि आखिर इस सेलिब्रेशन के पीछे की वजह क्या थी।

    मैच के बाद जब रोहित शर्मा से उनके इस खास जश्न के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका पूरा राज बताने से इनकार कर दिया। हिटमैन ने साफ किया कि यह सेलिब्रेशन किसी खास व्यक्ति या सार्वजनिक वजह के लिए नहीं था बल्कि उनके लिए था। रोहित ने संकेत दिया कि जिंदगी में कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें इंसान अपने तक ही रखना पसंद करता है। उन्होंने कहा कि वह इस सेलिब्रेशन को अपने लिए रखना चाहते हैं और इसके पीछे की पूरी कहानी साझा नहीं करना चाहते।

    रोहित के इस जवाब ने रहस्य को और बढ़ा दिया। खास बात यह रही कि भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा भी इस सेलिब्रेशन का मतलब जानना चाहते थे। रोहित ने बताया कि जडेजा ने उनसे पूछा था कि आखिर उन्होंने ऐसा जश्न क्यों मनाया। इस पर रोहित ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में बताएंगे। हालांकि बाद में भी रोहित ने इस खास सेलिब्रेशन की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की।

    इस मुकाबले में जडेजा ने रोहित के लिए एक अलग तरह के सेलिब्रेशन की योजना भी बनाई थी। रोहित के मुताबिक जडेजा चाहते थे कि शतक पूरा करने के बाद वह मैदान पर स्लाइड करें और फिर जंप करते हुए जश्न मनाएं। लेकिन रोहित ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि 50 ओवर तक फील्डिंग करने के बाद और फिर करीब 25 से 30 ओवर तक बल्लेबाजी करने के बाद उनके पास स्लाइड और जंप करने जितनी ऊर्जा नहीं बची थी। रोहित का यह अंदाज टीम के माहौल को भी हल्का और मजेदार बनाता नजर आया।

    मैच की बात करें तो वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। भारत को जीत के लिए 406 रन बनाने थे। इतने बड़े लक्ष्य के सामने भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत की जरूरत थी और रोहित शर्मा तथा शुभमन गिल ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड के दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और गेंद की मेरिट के हिसाब से बल्लेबाजी करने पर ध्यान दिया।

    रोहित ने गिल की बल्लेबाजी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि गिल पूरी पारी के दौरान नियंत्रण में नजर आए और अंत तक उनका नाबाद रहना शानदार रहा। रोहित ने यह भी बताया कि गर्मी में लंबे समय तक फील्डिंग करने के बाद इतनी बड़ी रनचेज में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। ऐसे समय में उनके अनुभव ने अहम भूमिका निभाई।

    रोहित और गिल की 250 से ज्यादा रन की बड़ी साझेदारी ने भारत की जीत की नींव मजबूत कर दी। दोनों बल्लेबाजों ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। रोहित का 35वां वनडे शतक इस मुकाबले की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। वहीं उनके रहस्यमयी सेलिब्रेशन ने इस पारी को और भी खास बना दिया।

  • रिहाना और रॉकी के घर गोलीबारी मामले में आरोपी पर 14 गंभीर आरोप तय नर्सरी की दीवार तक पहुंची थीं गोलियां

    रिहाना और रॉकी के घर गोलीबारी मामले में आरोपी पर 14 गंभीर आरोप तय नर्सरी की दीवार तक पहुंची थीं गोलियां

    हॉलीवुड सिंगर रिहाना के बेवर्ली हिल्स स्थित घर के पास हुई गोलीबारी के मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ गई है। इस मामले में 36 वर्षीय इवाना लिसेट ऑर्टिज पर हत्या की कोशिश समेत कुल 14 गंभीर अपराधों के आरोप तय किए गए हैं। यह मामला इसी साल मार्च में हुई गोलीबारी से जुड़ा है जिसमें अधिकारियों के अनुसार रिहाना उनके पार्टनर रैपर रॉकी और उनके बच्चे घर के अंदर मौजूद थे। गोलीबारी में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई थी लेकिन घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई थी।

    अदालत में बुधवार को आरोपी महिला के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी सार्वजनिक की गई। रिपोर्ट के अनुसार एक ग्रैंड जूरी ने 18 जून को ऑर्टिज के खिलाफ आरोप-पत्र सौंपा था। हालांकि अदालत में उसकी मानसिक स्थिति से जुड़ी जांच और मुकदमे का सामना करने की क्षमता पर निर्णय होने तक आरोप-पत्र को कुछ समय के लिए गोपनीय रखा गया। एक दिन पहले दूसरे जज ने ऑर्टिज को मुकदमे का सामना करने में सक्षम माना था। इसके बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।

    अदालत में ऑर्टिज पीले रंग के जेल कपड़ों में पेश हुई और उसने मुख्य रूप से अपने वकील से बातचीत की। उसके वकील की ओर से आरोपी को बेगुनाह बताया गया। सुनवाई के दौरान जज ने उसे 26 लाख डॉलर की जमानत राशि पर हिरासत में रखने का आदेश दिया। फिलहाल मामले में आरोप तय होना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है और अंतिम फैसला अदालत में आगे होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।

    पुलिस के अनुसार गोलीबारी की घटना 8 मार्च को हुई थी। आरोप है कि ऑर्टिज एक टेस्ला कार से रिहाना और रॉकी की बेवर्ली हिल्स स्थित संपत्ति के गेट तक पहुंची थी। जांच अधिकारियों के मुताबिक उसके पास सेमी ऑटोमैटिक राइफल थी और उसने वाहन की खिड़की से बाहर निकलकर संपत्ति तथा पड़ोसी के घर की दिशा में कई गोलियां चलाईं। अधिकारियों के अनुसार कम से कम 20 राउंड फायर किए गए थे।

    मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि गोलीबारी के दौरान रिहाना और उनका परिवार घर के अंदर था। पुलिस के अनुसार गोलियां उस ट्रेलर तक पहुंचीं जिसमें दंपती मौजूद था। इसके अलावा उस कमरे की दीवार पर भी गोली लगने की बात सामने आई जहां उनके बच्चे नैनी के साथ मौजूद थे। रिहाना की मां और घर में काम करने वाले कुछ कर्मचारी भी उस समय वहां मौजूद बताए गए थे।

    अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को गंभीर बताते हुए आरोपी की मंशा पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं आरोपी के वकीलों ने सार्वजनिक रूप से आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। जांचकर्ताओं के मुताबिक गिरफ्तारी के समय ऑर्टिज ने कहा था कि वह हत्या का प्रयास नहीं कर रही थी। इस बयान और अभियोजन पक्ष के आरोपों के बीच अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

    अब ग्रैंड जूरी के आरोप तय करने और अदालत द्वारा आरोपी को मुकदमे का सामना करने में सक्षम मानने के बाद मामला अगले चरण में पहुंच गया है। आगे की सुनवाई में अभियोजन और बचाव पक्ष अपने अपने साक्ष्य और दलीलें पेश करेंगे। गोलीबारी की घटना में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ था लेकिन घर और परिवार के आसपास गोली चलने के कारण यह मामला गंभीर आपराधिक आरोपों के तहत आगे बढ़ रहा है। अंतिम दोष या निर्दोष होने का निर्णय अदालत की आगे की कार्यवाही के बाद ही होगा।

  • पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले फेरबदल: राजा वडिंग ने छोड़ा अध्यक्ष पद नए चेहरे को लेकर हाईकमान में मंथन तेज

    पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले फेरबदल: राजा वडिंग ने छोड़ा अध्यक्ष पद नए चेहरे को लेकर हाईकमान में मंथन तेज


    नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस की ओर से नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है लेकिन कई वरिष्ठ नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आ रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। उनके अलावा जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम भी सामने आया है।

    राजा वडिंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली थी। उनका कार्यकाल ऐसे समय शुरू हुआ था जब राज्य में कांग्रेस संगठन को अंदरूनी मतभेदों और चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। हाल के महीनों में पार्टी के भीतर अलग अलग नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक चर्चा का विषय बने। रिपोर्टों के मुताबिक वडिंग के नेतृत्व को लेकर पार्टी के एक धड़े में असहमति थी और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े नेताओं की ओर से भी संगठन में बदलाव की मांग उठती रही।

    इस बीच कांग्रेस ने सितंबर में सचिन पायलट को पंजाब मामलों का प्रभारी नियुक्त किया। पायलट ने राज्य इकाई के नेताओं के साथ बातचीत कर संगठन की स्थिति का जायजा लिया। रिपोर्टों के अनुसार उनके स्तर पर पार्टी संगठन से जुड़े फीडबैक को हाईकमान के सामने रखा गया जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष को बदलने का फैसला सामने आया। कांग्रेस के सामने अब नए अध्यक्ष के चयन के साथ अलग अलग गुटों के बीच समन्वय बनाए रखने की चुनौती भी है।

    नए अध्यक्ष की चर्चा में विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। वह पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके हैं और कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। रिपोर्टों में उन्हें संभावित दावेदारों में आगे बताया गया है। हालांकि अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की ओर से किया जाना है और आधिकारिक घोषणा होने तक किसी नाम को तय अध्यक्ष मानना उचित नहीं होगा।

    परगट सिंह भी संभावित नामों में शामिल हैं। वह जालंधर कैंट से विधायक हैं और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। दूसरी ओर सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरदासपुर से सांसद हैं और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। इनके अलावा कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी अलग अलग रिपोर्टों में संभावित दावेदारों के रूप में सामने आए हैं।

    पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं और इसी वजह से कांग्रेस के लिए प्रदेश संगठन में नेतृत्व का सवाल महत्वपूर्ण हो गया है। नए अध्यक्ष के सामने संगठन को सक्रिय करने उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने तथा चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने जैसी जिम्मेदारियां होंगी। पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अंतिम तस्वीर कांग्रेस हाईकमान की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

    फिलहाल राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में नए नेतृत्व को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। विजय इंदर सिंगला परगट सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा प्रमुख नामों में शामिल बताए जा रहे हैं जबकि अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी संभावित सूची में हैं। इसलिए अगले कुछ दिनों में होने वाली आधिकारिक घोषणा पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

  • बुध का बड़ा नक्षत्र परिवर्तन: राहु के स्वाति नक्षत्र में आज से बुध की एंट्री 6 राशियों के करियर और कारोबार में दिखेंगे शुभ संकेत

    बुध का बड़ा नक्षत्र परिवर्तन: राहु के स्वाति नक्षत्र में आज से बुध की एंट्री 6 राशियों के करियर और कारोबार में दिखेंगे शुभ संकेत


    नई दिल्ली। Budh Nakshatra Parivartan 2026 ज्योतिष के नजरिए से अक्टूबर की शुरुआत को खास बनाने वाला है। 1 अक्टूबर 2026 को बुध ग्रह तुला राशि में रहते हुए राहु के स्वामित्व वाले स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में बुध को बुद्धि वाणी व्यापार गणना तर्क और संवाद का कारक माना जाता है। वहीं स्वाति नक्षत्र का संबंध राहु से माना जाता है। बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन 12 अक्टूबर तक रहने वाला है। इस दौरान कई राशियों के जीवन में करियर व्यापार धन और नए अवसरों से जुड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खासतौर पर मेष वृषभ मिथुन सिंह तुला और कुंभ राशि के लिए यह अवधि शुभ संकेत देने वाली बताई जा रही है।

    मेष राशि के जातकों के लिए बुध का स्वाति नक्षत्र में जाना आय के नए रास्ते खोल सकता है। पुराने धन या संपत्ति से जुड़ा कोई मामला आगे बढ़ सकता है। कामकाज में आपकी बुद्धिमानी और बातचीत करने की क्षमता लाभ दिला सकती है। निवेश से जुड़े फैसलों में हालांकि जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

    वृषभ राशि वालों के लिए यह समय नौकरी और कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबार करने वाले लोगों के सामने नई डील या व्यापार विस्तार से जुड़े अवसर आ सकते हैं। मेहनत के साथ आगे बढ़ने पर अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध का यह परिवर्तन विशेष महत्व रखता है क्योंकि बुध को इस राशि का स्वामी माना जाता है। विद्यार्थियों के लिए समय उपयोगी रह सकता है। प्रतियोगी परीक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े लोगों को अपनी तैयारी का लाभ मिल सकता है। विदेश यात्रा या लंबे समय से अटकी यात्रा से जुड़े काम भी गति पकड़ सकते हैं।

    सिंह राशि वालों के लिए बुध का स्वाति नक्षत्र में प्रवेश साझेदारी और रिश्तों से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। व्यापार में नए विस्तार की योजना बन सकती है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और साझेदारी से जुड़े कामों में लाभ के अवसर सामने आ सकते हैं। नए निवेश को लेकर योजना बनाने का समय भी बन सकता है।

    तुला राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन खास माना जा रहा है क्योंकि स्वाति नक्षत्र तुला राशि में स्थित है। इस अवधि में आत्मविश्वास और संवाद क्षमता बढ़ सकती है। कारोबार में नए ग्राहक या नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना बन सकती है। आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा और सामाजिक स्तर पर पहचान मजबूत हो सकती है। कला फैशन डिजाइन और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी नए अवसर मिल सकते हैं।

    कुंभ राशि वालों के लिए बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन व्यक्तिगत और व्यावसायिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर दे सकता है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और बातचीत के कौशल का लाभ कार्यक्षेत्र में मिल सकता है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं। लंबे समय से अधूरे लक्ष्य पूरे करने के लिए यह अवधि उपयोगी हो सकती है।

    कुल मिलाकर बुध का स्वाति नक्षत्र में प्रवेश ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुद्धि संवाद व्यापार और आर्थिक मामलों से जुड़े क्षेत्रों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है। 12 अक्टूबर तक चलने वाली इस अवधि में इन छह राशियों को अलग अलग क्षेत्रों में सकारात्मक अवसर मिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि ज्योतिषीय फल सामान्य आकलन होते हैं और वास्तविक परिणाम व्यक्ति की जन्मकुंडली तथा अन्य ग्रह स्थितियों के आधार पर अलग हो सकते हैं।

  • भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ज्यादा वसूली का आरोप ₹2 का टॉयलेट ₹10 में और दो लोगों से ₹40 लेने का दावा

    भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ज्यादा वसूली का आरोप ₹2 का टॉयलेट ₹10 में और दो लोगों से ₹40 लेने का दावा


    भोपाल । भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान पे एंड यूज टॉयलेट को लेकर यात्रियों की शिकायतों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। खास बात यह रही कि जिस समय स्टेशन परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम चल रहा था उसी दौरान भोपाल रेल मंडल के DRM पंकज त्यागी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद थे। इसी दौरान कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि फ्री यूरिनल के लिए भी पैसे मांगे जा रहे हैं जबकि तय शुल्क से ज्यादा रकम लेकर टॉयलेट इस्तेमाल करने दिया जा रहा है। यात्रियों की ओर से मौके के वीडियो भी बनाए गए हैं जिनमें काउंटर पर शुल्क को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है।

    रेलवे की निर्धारित दरों के अनुसार भोपाल स्टेशन पर यूरिनल की सुविधा नि:शुल्क बताई गई है। वहीं टॉयलेट के लिए 2 रुपए और टॉयलेट के साथ स्नान की सुविधा के लिए 5 रुपए शुल्क निर्धारित है। सामने आए वीडियो में एक यात्री काउंटर पर मौजूद कर्मचारी से शुल्क के बारे में पूछता नजर आता है। यात्री बोर्ड पर फ्री लिखा होने की बात कहता है और इसके बावजूद पैसे मांगे जाने पर सवाल करता है। वीडियो में कर्मचारी की ओर से रकम लेने की स्थिति दिखाई देती है।

    यात्री संतोष यादव ने आरोप लगाया कि वह स्टेशन के टॉयलेट का इस्तेमाल करने गए थे। वहां निर्धारित शुल्क 2 रुपए लिखा होने के बावजूद उनसे 10 रुपए मांगे गए और उन्होंने 10 रुपए दिए। इसी तरह यात्री गगन गौर ने दावा किया कि दो लोग टॉयलेट और स्नान के लिए गए थे और उनसे कुल 40 रुपए लिए गए। हालांकि इन यात्रियों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्टेशन प्रबंधन के रिकॉर्ड और संबंधित एजेंसी के जवाब से होना बाकी है।

    मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोप उस समय सामने आए जब स्टेशन परिसर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इससे पे एंड यूज सुविधा की निगरानी और निर्धारित दरों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर शुल्क तय है तो काउंटर पर उसी के अनुसार राशि ली जानी चाहिए और फ्री सुविधा के लिए किसी यात्री से पैसे नहीं मांगे जाने चाहिए।

    इस मामले में DRM पंकज त्यागी से भी पक्ष जानने की कोशिश की गई। उनसे फ्री यूरिनल के लिए पैसे मांगे जाने और निर्धारित शुल्क से अधिक रकम लेने की शिकायतों को लेकर सवाल किया गया लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया था। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेलवे प्रशासन वीडियो और यात्रियों की शिकायतों के आधार पर क्या कार्रवाई करता है।

    मामला सिर्फ भोपाल रेलवे स्टेशन तक सीमित नहीं है। सामने आई जानकारी के अनुसार रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को यूरिनल के लिए शुल्क देना पड़ रहा है। वहां पे एंड यूज व्यवस्था के तहत यूरिनल के लिए 5 रुपए टॉयलेट के लिए 10 रुपए और स्नान के लिए 15 रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। यह व्यवस्था भोपाल स्टेशन पर बताई गई निर्धारित दरों से अलग है।

    भोपाल रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में शुल्क को लेकर स्पष्ट जानकारी और निर्धारित दरों का पालन यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल भोपाल स्टेशन पर सामने आए वीडियो और यात्रियों के आरोपों के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। अब रेलवे प्रशासन की जांच और आधिकारिक जवाब से ही स्पष्ट होगा कि वास्तव में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली हुई थी या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।