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  • बांग्लादेशी क्रिकेटर पर करोड़ों लुटाने पर हो रही शाहरुख खान की आलोचना… BJP नेता ने बताया गद्दार

    बांग्लादेशी क्रिकेटर पर करोड़ों लुटाने पर हो रही शाहरुख खान की आलोचना… BJP नेता ने बताया गद्दार


    नई दिल्ली।
    IPL 2026 में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज (Bangladesh fast Bowler) मुस्तफिजुर रहमान (Mustafizur Rahman) खेलेंगे या नहीं, इस पर बीसीसीआई (BCCI) ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। मगर नीलामी में उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) द्वारा 9.20 करोड़ में खरीदे जानें पर केकेआर के सह-मालिक और बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान (Shahrukh Khan) की जमकर आलोचना हो रही है। इस बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य संगीत सोम ने शाहरुख खान को गद्दार बताया है। उनका कहना है कि शाहरुख खान के पास जो कुछ भी है, वह भारत ने दिया है, भारत के लोगों ने दिया है, लेकिन वे इस पैसे को कहां लगाते हैं? वे इसे ऐसे देश के खिलाड़ियों पर लगाते हैं जो भारत के खिलाफ काम कर रहा है।

    संगीत सोम ने कहा, “जिस तरह बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है, महिलाओं और लड़कियों का रेप हो रहा है, उनके घर जलाए जा रहे हैं, और वहां भारत विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं। इन सबके बावजूद, शाहरुख खान जैसे गद्दार, मैं उन्हें गद्दार कह रहा हूं क्योंकि उनके पास जो कुछ भी है, वह भारत ने दिया है, भारत के लोगों ने दिया है, लेकिन वे इस पैसे को कहां लगाते हैं? वे इसे ऐसे देश के खिलाड़ियों पर लगाते हैं जो भारत के खिलाफ काम कर रहा है। मैं शाहरुख खान जैसे लोगों को बताना चाहता हूं कि वे सफल नहीं होंगे। किसी भी कीमत पर, वे मुस्तफिजुर रहमान को यहां खेलने नहीं दे पाएंगे। रहमान एयरपोर्ट से बाहर कदम नहीं रख पाएगा।”


    BCCI को है सरकार के आदेश का इंतजार

    इस विवाद पर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाई है। बीसीसीआई का कहना है कि वह सरकार के निर्देशों के बिना किसी भी खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए इनसाइड स्पोर्ट से कहा, “स्थिति संवेदनशील है। हम लगातार सरकार के संपर्क में हैं। फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है जिससे बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बैन लगाया जाए। मुस्ताफिजुर आईपीएल खेलेंगे। बांग्लादेश कोई दुश्मन देश नहीं है।” बोर्ड वर्तमान में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ बांग्लादेशी खिलाड़ियों के वीजा संबंधी बातचीत भी कर रहा है।

    हालांकि, मुस्ताफिजुर की आईपीएल में पूरी उपलब्धता अभी भी कई कारकों पर निर्भर करेगी। अप्रैल में बांग्लादेश को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज खेलनी है और यदि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एनओसी (NOC) देने से इनकार कर दिया, तो वह कई मैचों से बाहर रह सकते हैं। वीजा को लेकर बीसीसीआई अधिकारी ने कहा है कि, “मुस्ताफिजुर रहमान टी20 वर्ल्ड कप के लिए वीजा अप्लाई करेंगे, जिसे IPL के लिए बढ़ाया जाएगा। वीजा कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। बीसीबी की तरफ से भी एनओसी को लेकर कोई नकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं।” वर्तमान में बीसीसीआई पूरी तरह से भारत सरकार के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है।

    भड़के मौलाना… बोले- मुस्लिम नाम आते ही शुरू हो जाता है विरोध

    आईपीएल (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders-KKR) की ओर से बांग्लादेशी क्रिकेटर (Bangladeshi cricketer.) को शामिल करने पर हंगामा मचा हुआ है। विरोध के बीच इमाम एसोसिएशन ने केकेआर के सह-मालिक बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Actor Shah Rukh Khan) का बचाव किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी (Maulana Sajid Rashidi) ने कहा, ‘इस देश में बिना सोचे-समझे या संविधान को समझे किसी भी चीज का अंधाधुंध विरोध करना आदत बन गई है। जैसे ही कोई मुस्लिम नाम आता है, विरोध करना बहुत आसान हो जाता है। शाहरुख खान मुस्लिम हैं और उन्होंने जो बांग्लादेशी क्रिकेटर खरीदा वह भी मुस्लिम है, इसलिए विरोध तो होना ही लाजमी है क्योंकि यहां मुसलमानों के प्रति नफरत तुरंत सामने आ जाती है। लोगों का इससे क्या लेना-देना? अगर वे संविधान के खिलाफ कुछ करते हैं तो कानून निपटेगा ना? सरकार कार्रवाई करेगी। आप कौन होते हैं विरोध करने वाले और कहने वाले कि शाहरुख खान को यह नहीं करना चाहिए?’

    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की भी इस मामले पर प्रतिक्रिया आई। उन्होंने कहा, ‘देवकीनंदन ठाकुर और संगीत सोम को समझ जाना चाहिए कि भारतीय मुसलमान भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंतित हैं और उनकी सुरक्षा व हिफाजत के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं। ऐसी स्थिति में अगर शाहरुख खान वहां के किसी क्रिकेटर के साथ कोई समझौता करते हैं तो यह विश्वासघात का काम नहीं है। इसे किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।’


    शाहरुख खान को किसने बताया गद्दार

    आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा का हवाला देते हुए शाहरुख खान की आलोचना की है। उन्होंने केकेआर से रहमान को टीम से हटाने और उसे दी गई 9.2 करोड़ रुपये की करार राशि का इस्तेमाल हिंसा से प्रभावित हिंदू परिवारों की मदद के लिए करने का आग्रह किया। वहीं, धर्मगुरु रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान की आलोचना करते हुए कहा कि पड़ोसी देश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बीच IPL की उनकी टीम ने एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को शामिल किया है। आईपीएल 2026 के लिए केकेआर की ओर से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने के बारे में पूछने पर रामभद्राचार्य ने कहा, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि उनका रवैया हमेशा से गद्दार जैसा रहा है।’

  • देश में UPI से लेन-देन में 29% की वृद्धि, दिसंबर में हुए रिकॉर्ड ₹27.97 लाख करोड़ के ट्रांजैक्शन

    देश में UPI से लेन-देन में 29% की वृद्धि, दिसंबर में हुए रिकॉर्ड ₹27.97 लाख करोड़ के ट्रांजैक्शन


    नई दिल्ली।
    बीते दिसंबर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface-UPI) से होने वाले लेन-देन में तेज बढ़ोतरी (Rapid Increase UPI Transactions) देखने को मिली। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India-NPCI) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में यूपीआई के जरिए 21.63 अरब सौदे हुए, जो पिछले साल की तुलना में 29 प्रतिशत ज्यादा हैं। वहीं, इन सौदों की कुल राशि भी 20 प्रतिशत बढ़कर 27.97 लाख करोड़ रुपए हो गई।

    महीने के हिसाब से भी यूपीआई लेन-देन की संख्या और रकम में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिसंबर में रोजाना औसतन 90,217 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ, जबकि नवंबर में यह आंकड़ा 87,721 करोड़ रुपए था।

    दिसंबर में रोजाना औसतन 698 मिलियन (करीब 69.8 करोड़) यूपीआई लेन-देन हुए, जो नवंबर के 682 मिलियन से ज्यादा हैं। नवंबर महीने में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या 20.47 अरब रही थी, जो सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की बढ़त थी। उस महीने लेन-देन की कुल राशि 26.32 लाख करोड़ रुपए रही थी, जिसमें 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।

    इसी दौरान, इंस्टेंट मनी ट्रांसफर सिस्टम (आईएमपीएस) के जरिए दिसंबर में कुल 6.62 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। यह पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा है और नवंबर के 6.15 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक है।


    अब 70.9 करोड़ सक्रिय यूपीआई क्यूआर कोड

    एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब 70.9 करोड़ सक्रिय यूपीआई क्यूआर कोड हैं। जुलाई 2024 के बाद इनकी संख्या में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। किराना दुकानों, मेडिकल स्टोर, बस-अड्डों, रेलवे स्टेशनों और गांवों तक क्यूआर कोड की सुविधा पहुंच जाने से अब स्कैन करके भुगतान करना पूरे देश में आम हो गया है।रिपोर्ट में बताया गया कि व्यक्ति से दुकानदार (पी2एम) वाले लेन-देन, व्यक्ति से व्यक्ति (पी2पी) लेन-देन से ज्यादा रहे। इसका मतलब है कि लोग रोजमर्रा की खरीदारी में यूपीआई का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।

    पी2एम ट्रांजैक्शन 35 प्रतिशत बढ़कर अब 37.46 अरब हो गए, जबकि पी2पी ट्रांजैक्शन 29 प्रतिशत बढ़कर 21.65 अरब हो गए। औसतन हर लेन-देन की राशि 1,262 रुपए हो गई, जो पहले 1,363 थी। इससे पता चलता है कि लोग अब छोटे-छोटे भुगतानों जैसे यात्रा, खाना, दवा और स्थानीय खरीदारी के लिए यूपीआई का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।

  • गोल्ड लोन का क्रेज… नवंबर 2025 तक 125% की वृद्धि, बैंक ऋण से 10 गुना ज्यादा

    गोल्ड लोन का क्रेज… नवंबर 2025 तक 125% की वृद्धि, बैंक ऋण से 10 गुना ज्यादा


    नई दिल्ली।
    नवंबर 2025 के अंत तक, गोल्ड लोन (Gold Loan) में साल-दर-साल 125% की भारी वृद्धि (Massive Increase of 125%) दर्ज की गई है, जो कुल बैंक ऋण (Bank loan) की 11.5% वृद्धि दर से लगभग दस गुना अधिक है। गोल्ड लोन में यह उछाल पिछले साल 77% की वृद्धि के बाद आया है और यह सोने की बढ़ती कीमतों के दौर में हुआ है। हालांकि, गोल्ड लोन की कुल बकाया राशि 3.6 लाख करोड़ रुपये है, जो कुल बैंक ऋण का 2% से भी कम है, लेकिन नवंबर 2025 तक दिए गए नए कुल ऋण में इसका योगदान 12% रहा।


    तेजी के तीन कारण

    एक खबर के मुताबिक पिछले 12 महीनों में इस पोर्टफोलियो में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। बैंकरों ने इस तेजी के तीन कारण बताए हैं। ऋणदाताओं का सिक्योर्ड लोन देने की तरफ झुकाव, सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से घरों में उधार लेने की क्षमता बढ़ना और आरबीआई के निर्देश के बाद कुछ रिटेल लोन का पुनर्वर्गीकरण, जिसमें कहा गया था कि सोने के गहनों से सुरक्षित कृषि ऋणों को गोल्ड लोन के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए। गोल्ड लोन और एमएसएमई ऋण वृद्धि के प्रमुख चालक बनकर उभरे हैं।

    एमएसएमई को दिया गया लोन, जो लगभग 9.5 लाख करोड़ रुपये के साथ कुल बकाया ऋण का लगभग 5% है, नए ऋण में भी लगभग 12% की समान हिस्सेदारी रखता है, जिसमें वित्त वर्ष 2026 में 1.5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।


    बड़े उद्योगों के लिए कर्ज में कमी

    जैसे-जैसे बड़ी कंपनियां बैंक उधार लेने से कम रुचि ले रही हैं और ऋणदाता बिना जमानत वाले (अनसिक्योर्ड) ऋणों को लेकर सतर्क हो रहे हैं, बैंकिंग क्षेत्र का ऋण मिश्रण अपने पारंपरिक आधारों से दूर जा रहा है। लेटेस्ट आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बड़े उद्योग क्षेत्र की गति धीमी पड़ रही है। 28.7 लाख करोड़ रुपये के बकाया ऋण के साथ यह क्षेत्र कुल बकाया ऋण का 15% हिस्सा रखता है, लेकिन नए ऋणों में इसकी हिस्सेदारी महज 3.6% रही है, जिसमें 46,090 करोड़ रुपये का ही इजाफा हुआ।


    बड़ी कंपनियां लगातार अपना कर्ज घटा रहीं

    आंकड़े बताते हैं कि बड़ी कंपनियां लगातार अपना कर्ज घटा रही हैं और वे बैंक वित्त के बजाय बॉन्ड बाजार या आंतरिक संचय को प्राथमिकता दे रही हैं। कमजोर वर्गों को दिया जाने वाला ऋण भी पीछे रहा, जिसमें बकाया ऋण में लगभग 10% की हिस्सेदारी के बावजूद नए ऋण का केवल 6% हिस्सा ही गया। पर्सनल लोनों के भीतर, होम लोन में भी रफ्तार धीमी रही। बकाया ऋण में मॉर्गेज की हिस्सेदारी 16% है, लेकिन नए ऋणों में इसकी हिस्सेदारी केवल 14% रही।

    ऋण वृद्धि में पर्सनल लोन बने रहे प्रमुख चालक
    कुल मिलाकर, पर्सनल लोन वृद्धि के सबसे बड़े इंजन बने रहे, जिनका नए ऋणों में लगभग 40% योगदान रहा, जबकि सेवा क्षेत्र ने लगभग 20% का योगदान दिया, जिसकी मुख्य वजह एनबीएफसी और व्यापार को दिया गया ऋण रहा। कुल बकाया बैंक ऋण 195.2 लाख करोड़ रुपये है। नवंबर 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि एक संरचनात्मक बदलाव हो रहा है, जिसमें बड़े उद्योगों से ध्यान हटकर उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव आने वाले वर्षों में बैंकों के रिटर्न और जोखिमों को आकार देगा।

  • मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

    मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।

    श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है।

    श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    भोपाल ! मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन जिले के खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विभिन्‍न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 48.51 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और 25.84 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 35.40 करोड़ की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करेंगे। साथ ही खाचरौद में 9 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय भवन का भूमि-पूजन करेंगे।
  • उत्तराखंड का खिरसू हिल स्टेशन: लॉन्ग वीकेंड 2026 पर हरियाली और शांति का अनुभव

    उत्तराखंड का खिरसू हिल स्टेशन: लॉन्ग वीकेंड 2026 पर हरियाली और शांति का अनुभव


    नई दिल्ली। साल 2026 का पहला लॉन्ग वीकेंड यानी 24, 25 और 26 जनवरी का अवसर घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए खास होने वाला है। अगर आप भी इस लंबे वीकेंड में कहीं यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का खिरसू हिल स्टेशन आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह जगह हरियाली, शांति और प्राकृतिक सुंदरता से घिरी हुई है और यहां का वातावरण तनावमुक्त और सुकून भरा अनुभव देता है।

    खिरसू हिल स्टेशन की खूबसूरती

    खिरसू हिल स्टेशन, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। यह हिल स्टेशन अपने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां आपको देवदार और ओक के घने जंगल, सेब के बाग और हिमालय की मनोरम वादियों का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। नेचर लवर्स के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। साथ ही, यहां का हवादार और शांत माहौल मानसिक तनाव को कम कर आपके माइंड को रिलैक्स कर देता है।

    कम भीड़, ज्यादा सुकून

    नए साल के पहले लॉन्ग वीकेंड पर यदि आप नैनीताल, मसूरी, औली, धनौल्टी या रानीखेत जैसे प्रसिद्ध हिल स्टेशनों पर जाते हैं, तो आपको भारी भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। इस कारण आप नजारों का पूरा आनंद नहीं ले पाएंगे। खिरसू की खासियत यह है कि यहां भीड़ कम है, जिससे आप शांति के साथ प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।

    एडवेंचर और ट्रेकिंग का अवसर

    यदि आप एडवेंचर और ट्रेकिंग का शौक रखते हैं, तो खिरसू हिल स्टेशन आपके लिए आदर्श है। यहां कई छोटे-छोटे ट्रेकिंग ट्रेल्स हैं जो आपको हरे-भरे जंगलों और पहाड़ी रास्तों के बीच घुमाते हैं। इसके अलावा, सूर्योदय और सूर्यास्त के नजारे यहां का मुख्य आकर्षण हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह जगह आदर्श साबित होती है।

    प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम दृश्य

    खिरसू हिल स्टेशन का प्रमुख आकर्षण हिमालय की पर्वत श्रृंखला का मनोरम दृश्य है। देवदार, ओक और सेब के बागों के बीच घूमते हुए आप प्रकृति के करीब महसूस करेंगे। यहां का वातावरण पूरी तरह से प्राकृतिक और प्रदूषण-मुक्त है, जो शहर की भागदौड़ और शोर से राहत देता है।

    यात्रा का बेहतर अनुभव

    लॉन्ग वीकेंड पर खिरसू जाने के लिए उचित योजना बनाना आवश्यक है। आप पहले से अपने ठहरने की व्यवस्था कर सकते हैं और आसपास के छोटे गांवों और प्राकृतिक स्थलों की भी यात्रा कर सकते हैं। यहां का सुकून और प्राकृतिक दृश्य आपके छुट्टियों को यादगार बना देंगे।

  • साल 2026 की शुरुआत सही दिशा में: पहले दिन करें ये 6 काम, मन और जीवन होंगे संतुलित

    साल 2026 की शुरुआत सही दिशा में: पहले दिन करें ये 6 काम, मन और जीवन होंगे संतुलित


    नई दिल्ली।नववर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में लोग नए संकल्पों, उम्मीदों और योजनाओं के साथ अपने दिन की शुरुआत कर रहे हैं। परंपरा और सामाजिक मान्यताओं के अनुसार, साल के पहले दिन की गतिविधियां और मानसिक स्थिति पूरे वर्ष की ऊर्जा और जीवनशैली पर असर डाल सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल के पहले दिन छोटे-छोटे, लेकिन समझदारी भरे कदम अपनाना पूरे साल सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करता है।

    1. घर और वातावरण को शांत रखें
    साल के पहले दिन घर का वातावरण शांत और तनावमुक्त होना आवश्यक माना जाता है। अनावश्यक बहस, तेज आवाज़ और विवादजनक बातचीत से बचना चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि पहले दिन की मानसिक स्थिति पूरे वर्ष की ऊर्जा को प्रभावित करती है। हल्का संगीत, भजन या ध्यान जैसी आदतें घर में संतुलन और मानसिक शांति बनाए रखने में मदद करती हैं।

    2. सकारात्मक भाषा और व्यवहार अपनाएं

    नए साल के पहले दिन गुस्सा, शिकायत या कटु शब्दों का प्रयोग टालना चाहिए। भाषा का संयम रिश्तों को मजबूत रखने के साथ-साथ मानसिक स्थिरता के लिए भी जरूरी है। सकारात्मक और सौम्य भाषा से दिन की शुरुआत करना प्रतीकात्मक रूप से पूरे वर्ष के लिए सकारात्मकता का संदेश देता है।

    3. सुबह का समय शांतिपूर्ण बिताएं

    साल के पहले दिन सुबह उठकर कुछ समय अकेले या शांति में बिताना लाभकारी माना जाता है। सूर्य को जल अर्पित करना, खुले वातावरण में कुछ मिनट खड़े रहना या हल्का व्यायाम करना दिन की दिशा और ऊर्जा तय करने में मदद करता है। यह अनुशासन और जागरूकता से जुड़ी आदत मानी जाती है।

    4. पूजा और प्रार्थना के माध्यम से मानसिक संतुलन

    धार्मिक या पारिवारिक परंपराओं के अनुसार, पहले दिन की पूजा केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसमें परिवार और पूर्वजों के प्रति भावनात्मक संबंधों को भी स्मरण करना चाहिए। इससे मानसिक स्थिरता, भावनात्मक संतुलन और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    5. घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई
    घर और पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखना नए साल की शुरुआत में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का प्रतीक माना जाता है। स्वच्छता, साफ पानी और व्यवस्थित वातावरण मन को एकाग्र करने और दिनचर्या को सही दिशा देने में मदद करते हैं। पाठ या मंत्र का उच्चारण करना संभव न हो तो शांत भाव से सुनना भी पर्याप्त माना जाता है।

    6. पौधों और हरे-भरे स्थान की देखभाल

    घर में सूखे पौधे या खाली गमले रखना ठहराव और रुकी हुई स्थिति का प्रतीक माना जाता है। नए साल की शुरुआत में इन्हें हरे-भरे पौधों से बदलना ताजगी, विकास और सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है।कुल मिलाकर, नववर्ष 2026 का पहला दिन बड़े नियमों या जटिल उपायों के बजाय छोटे, जागरूक और सकारात्मक कदमों से खास बनाया जा सकता है। यह दिन न केवल उत्सव का अवसर है, बल्कि पूरे वर्ष के लिए मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक संतुलन स्थापित करने का मौका भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि साल के पहले दिन अपनाई गई आदतें लंबे समय तक सकारात्मक असर छोड़ सकती हैं।

  • सर्दियों में भी बरकरार रहेगी त्वचा की चमक! अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, सब पूछेंगे खूबसूरती का राज

    सर्दियों में भी बरकरार रहेगी त्वचा की चमक! अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, सब पूछेंगे खूबसूरती का राज

    नई दिल्ली।  सर्दियों के मौसम में अक्सर स्किन रूखी और बेजान होने लगती है. इस मौसम में ठंडी हवाएं न सिर्फ शरीर को ठिठुरा देती हैं, बल्कि त्वचा पर भी गहरा असर डालती हैं. खासकर सर्दियों में कई लोगों की शिकायत रहती है कि उनका चेहरा काला, रूखा और बेजान नजर आने लगता है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं
    तो 6 घरेलू उपाय आपकी त्वचा में नई जान फूंक सकते हैं.
    हेवन वैली ब्यूटी सैलून की संचालिका साधना सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि, सर्दियों में हवा में नमी की मात्रा काफी कम हो जाती है. इससे त्वचा रूखी हो जाती है और उसकी प्राकृतिक चमक कम होने लगती है. रूखी त्वचा अक्सर डल और गहरी दिखती है, जिससे चेहरा काला नजर आने लगता है. इसके अलावा, लोग सर्दियों में ज्यादा समय धूप में बिताते हैं, यह सोचकर कि ठंड में धूप नुकसान नहीं करती. जबकि सच्चाई यह है कि सर्दियों में भी सूरज की UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं. अगर सनस्क्रीन का इस्तेमाल नहीं किया जाए, तो टैनिंग और काले धब्बों की समस्या बढ़ सकती है.
    सर्दियों में रखें अपनी स्किन का ध्यान
    ठंड के मौसम में त्वचा की देखभाल बेहद जरूरी होती है. इस मौसम में जो हवाएं चलती हैं, उनकी वजह से न सिर्फ स्वास्थ्य खराब होता है, बल्कि इसकी वजह से त्वचा की नमी भी खोने लगती है. हालांकि, इस परेशानी से बचने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं है. कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप सर्दियों में भी अपनी त्वचा की रंगत और चमक बनाए रख सकते हैं.
    1. गुलाब जल और ग्लिसरीन: बराबर मात्रा में गुलाब जल और ग्लिसरीन मिलाकर रात में सोने से पहले चेहरे पर लगाएं. यह त्वचा को नमी देता है और कालेपन को कम करने में मदद करता है.
    2. एलोवेरा जेल: ताजा एलोवेरा जेल चेहरे पर लगाने से त्वचा को गहराई से नमी मिलती है. यह रंगत निखारने के साथ-साथ त्वचा को मुलायम भी बनाता है.
    3. शहद और दूध का फेस पैक: दो चम्मच शहद में एक चम्मच कच्चा दूध मिलाकर चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. यह पैक त्वचा के कालेपन को दूर करता है.
    4. नींबू और शहद: अगर आपकी त्वचा संवेदनशील नहीं है, तो नींबू के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर लगाएं. यह डेड स्किन हटाने और रंग साफ करने में मदद करता है.
    5. बादाम तेल की मालिश: हल्का गुनगुना बादाम तेल चेहरे पर लगाने से त्वचा मॉइस्चराइज रहती है और ठंड के दुष्प्रभाव कम होते हैं.
    6. मुल्तानी मिट्टी और हल्दी: मुल्तानी मिट्टी में एक चुटकी हल्दी और गुलाब जल मिलाकर फेस पैक बनाएं. यह त्वचा को साफ, टोन और फ्रेश बनाता है.

  • CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें बदलीं, जानें अब कब होगा कौन सा पेपर

    CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें बदलीं, जानें अब कब होगा कौन सा पेपर


    नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10 और कक्षा 12 की 2026 बोर्ड परीक्षाओं की संशोधित समय-सारिणी जारी कर दी है। बोर्ड ने पहले प्रशासनिक कारणों से 3 मार्च 2026 को होने वाली कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। सीबीएसई के अनुसार, “कक्षा 10 और कक्षा 12 की जिन विषयों की परीक्षाएं पहले 3 मार्च 2026 को निर्धारित थीं, उन्हें प्रशासनिक कारणों से स्थगित किया गया है।”संशोधित समय-सारिणी के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षा अब 11 मार्च 2026 को होगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी।छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर संशोधित समय-सारिणी देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

    क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं के पेपर कब होंगे?

    नए शेड्यूल के मुताबिक, 10वीं क्लास के क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं तिब्बती, भोटी, भुटिया, बोडो, तांगखुल, मिजो, कश्मीरी, जर्मन, जापानी, स्पेनिश और बहासा मलयू के पेपर के साथ ही एकेडमिक इलेक्टिव्स जैसे एलिमेंट्स ऑफ बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी का एग्जाम 11 मार्च को होगा। वहीं 12वीं क्लास का लीगल स्टडीज का पेपर 10 अप्रैल को होगा। पहली बार 10वीं क्लास की परीक्षाएं अगले साल दो फेज में होंगी- 17 फरवरी से 15 जुलाई 2026 तक। क्लास 12 का एग्जाम 17 फरवरी से शुरू होगा।

    सीबीएसई 10वीं क्लास की परीक्षा का नया शेड्यूल

    17 फरवरी: मैथ्स स्टैंडर्ड, बेसिक
    18 फरवरी: रिटेल, सिक्योरिटी, ऑटोमोटिव, इंट्रोडक्शन टू फिन मार्केट्स, इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म, एग्रीकल्चर, फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस ऑपरेशंस, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, हेल्थ केयर, अपैरल, मल्टी-मीडिया, डेटा साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, फाउंडेशन स्किल फॉर साइंसेज, डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन
    20 फरवरी: ब्यूटी एंड वेलनेस, मार्केटिंग एंड सेल्स, मल्टी स्किल फाउंडेशन कोर्स, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर
    21 फरवरी: इंग्लिश (कम्युनिकेटिव), इंग्लिश (लैंग्वेज एंड लिटरेचर)
    23 फरवरी: फ्रेंच
    24 फरवरी: उर्दू कोर्स-ए, पंजाबी, बंगाली, तमिल, मराठी, गुजराती, मणिपुरी, तेलुगु-तेलंगाना
    25 फरवरी: साइंस
    26 फरवरी: होम साइंस
    27 फरवरी: कंप्यूटर एप्लीकेशंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, संस्कृत, राई, गुरुंग, तमांग, शेरपा, उर्दू
    2 मार्च: हिंदी
    5 मार्च: पेंटिंग
    6 मार्च: सिंधी, मलयालम, ओडिया, असमिया, कन्नड़, कोकबोरोक
    7 मार्च: सोशल साइंस
    9 मार्च: तेलुगु, अरेबिक, रशियन, पर्सियन, नेपाली, लिम्बू, लेप्चा, कर्नाटक म्यूजिक, हिंदुस्तानी म्यूजिक, थाई
    11 मार्च: तिब्बती, जर्मन, नेशनल कैडेट कोर, भोटी, बोडो, तांगखुल, जापानी, भुटिया, स्पेनिश, कश्मीरी, मिजो, बहासा मलयू, एलिमेंट्स ऑफ बिजनेस, एलिमेंट्स ऑफ बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी
    सीबीएसई 12वीं क्लास की परीक्षा का नया शेड्यूल
    कक्षा 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 9 अप्रैल तक होंगी। परीक्षाएं दो शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी- सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक और सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।

    मुख्य विषयों की महत्वपूर्ण तारीखें:
    20 फरवरी: फिजिक्स
    21 फरवरी: बिजनेस स्टडीज, एडमिनिस्ट्रेशन
    23 फरवरी: साइकोलॉजी
    26 फरवरी: ज्योग्राफी
    28 फरवरी: केमिस्ट्री
    9 मार्च: मैथमेटिक्स, एप्लाइड मैथमेटिक्स
    12 मार्च: इंग्लिश कोर, इलेक्टिव
    14 मार्च: होम साइंस
    16 मार्च: हिंदी इलेक्टिव, कोर
    18 मार्च: इकोनॉमिक्स
    20 मार्च: मार्केटिंग
    23 मार्च: पॉलिटिकल साइंस
    27 मार्च: बायोलॉजी
    28 मार्च: अकाउंटेंसी
    30 मार्च: हिस्ट्री
    4 अप्रैल: सोशियोलॉजी
    10 अप्रैल: लीगल स्टडीज
    कक्षा 10 और 12 की 2026 परीक्षाओं की पूरी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।

  • 'इक्कीस' देखने के बाद यूजर्स ने दिए रिएक्शन, धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म को लेकर कही ये बात

    'इक्कीस' देखने के बाद यूजर्स ने दिए रिएक्शन, धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म को लेकर कही ये बात

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की बायोपिक है, जिन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में मात्र 21 साल की उम्र में शहादत दी थी। फिल्म में अरुण खेत्रपाल का किरदार अगस्त्य नंदा ने निभाया है, जबकि सिमर भाटिया, जयदीप अहलावत और धर्मेंद्र ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म के निर्देशक श्रीराम राघवन हैं।

    यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दर्शकों ने अपने विचार साझा किए। कई यूजर्स ने इसे इमोशनल वॉर ड्रामा करार दिया। एक यूजर ने लिखा कि ‘इक्कीस’ उम्मीद से बेहतर है और यह फिल्म दिल को छू जाती है। कई दर्शक इसे शांतिवाद और राष्ट्रवाद का संतुलन पेश करने वाली फिल्म मान रहे हैं। एक अन्य यूजर ने कहा कि यह फिल्म 2026 के लिए बॉलीवुड में एक सफल शुरुआत साबित होगी।

    कहानी और संदेश की तारीफ

    यूजर्स ने फिल्म की कहानी और संदेश की जमकर तारीफ की। कई ने लिखा कि धुरंधर जैसी फिल्म के बाद ‘इक्कीस’ की तरह की कहानी आनी चाहिए थी जो युद्ध की हिंसा और राष्ट्रवाद को संतुलित दृष्टिकोण से दिखाती है। फिल्म के शांतिवादी संदेश ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया।

    कलाकारों की अदाकारी की सराहना

    धर्मेंद्र की अंतिम अदाकारी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। यूजर्स ने लिखा कि मुश्किल शेड्यूल और थकान के बावजूद धर्मेंद्र जी ने हमेशा की तरह अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। साथ ही अगस्त्य नंदा और अन्य कलाकारों की प्रदर्शन क्षमता की भी जमकर तारीफ की गई। दर्शकों का कहना है कि फिल्म में नए कलाकारों ने असली भावना और कहानी को पूरी तरह जीवंत किया।

    फिल्म का निर्देशन और तकनीकी पक्ष

    श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी यह फिल्म न केवल कहानी बल्कि विजुअल और तकनीकी दृष्टि से भी प्रभावशाली मानी जा रही है। युद्ध की घटनाओं और भावनाओं को पर्दे पर सटीक तरीके से पेश करने के लिए फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और निर्देशन की भी खूब सराहना हुई।

    दर्शकों का समग्र अनुभव

    यूजर्स के अनुसार ‘इक्कीस’ एक ऐसी फिल्म है जो भावनाओं से भरपूर, प्रेरक और सोचने पर मजबूर करने वाली है। युद्ध और शांति के बीच संतुलन, युवा वीरों की कहानी और धर्मेंद्र की अंतिम अदाकारी ने फिल्म को यादगार बना दिया। फिल्म के हर दृश्य में वास्तविकता और भावना की झलक है जो दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखती है।