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  • एम.पी. ट्रांसको की 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने साझा की रिपोर्ट

    एम.पी. ट्रांसको की 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने साझा की रिपोर्ट

    नई दिल्ली। वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको ने कैलेंडर वर्ष 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क पारेषण प्रणाली के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है। विशेष रूप से 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. के 23000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में अग्रणी है जो ट्रांसमिशन टावरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ करा रहे हैं।

    ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी हुई 82985 एम.व्ही.ए.

    मध्यप्रदेश में इस वर्ष एम.पी. ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 2211 एम.व्ही.ए. क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की जिससे प्रदेश में कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82985 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इस वर्ष 33 नये पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गये जिससे एम.पी. ट्रांसको के ऊर्जीकृत पावर ट्रांसफार्मर की संख्या बढकर 1036 हो गई है।

    724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का हुआ निर्माण

    इस वर्ष कंपनी ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42857 सर्किट कि.मी. की हो गई है जो प्रदेश के 417 अति उच्चदाब सबस्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर ऊर्जीकृत किया गया।

    पहली बार 19849 मेगावाट की डिमांड को किया हैंडल

    एम.पी. ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 19849 मेगावाट विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 19849 मेगावाट डिमांड दर्ज की गई।

    ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी का हुआ समावेश

    एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश किया है। मुख्यालय जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्काडा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा मेट्रो इंदौर के लिये कम्पोजिट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश के पुराने तीन 132 के.व्ही. सबस्टेशन को रिमोट से संचालित करने के कार्य का पहला चरण पूरा कर लिया गया है।

    मध्यप्रदेश को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड

    दिसम्बर माह में मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

    प्रोटेक्शन सेल हुआ 100 प्रतिशत डिजीटल

    भारत सरकार के डिजीटल इंडिया विजन के तहत कंपनी के प्रोटेक्शन सेल ने इस वर्ष पूरी तरह डिजीटल स्वरूप ले लिया है प्रदेश में 42857 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के 1000 से अधिक पावर ट्रांसफार्मर की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य पूर्णतः डिजीटल हो रहा है।

  • Small Saving Schemes Q4FY26: PPF और सुकन्या योजना पर ब्याज दरें स्थिर, निवेशकों को राहत

    Small Saving Schemes Q4FY26: PPF और सुकन्या योजना पर ब्याज दरें स्थिर, निवेशकों को राहत


    नई दिल्ली। नए साल की शुरुआत में निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाहीQ4FY26 के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है। इस निर्णय के अनुसार पब्लिक प्रोविडेंट फंडPPF सुकन्या समृद्धि योजना, पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट जैसी योजनाओं पर मौजूदा दरें ही लागू रहेंगी।स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर PPF निवेशकों को 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिलेगा। अन्य छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें 4% से 8.2% के दायरे में स्थिर रहेंगी। यह लगातार आठवीं तिमाही है जब इन योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे पहले दिसंबर 2023 में ब्याज दरों में संशोधन किया गया था।

    आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरें तय करते समय महंगाई दर, सरकारी उधारी और बाजार में नकदी की स्थिति जैसे कई पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। हर तिमाही इन दरों की समीक्षा होती है। श्यामला गोपीनाथ समिति की सिफारिशों के अनुसार, इन योजनाओं पर मिलने वाला रिटर्न समान अवधि के सरकारी बॉन्ड की यील्ड से थोड़ी अधिक होना चाहिए, ताकि निवेशकों को सुरक्षित और आकर्षक विकल्प मिल सके।छोटी बचत योजनाएं भारतीय घरेलू बचत का अहम हिस्सा हैं। इन 12 वित्तीय साधनों के माध्यम से लोग जोखिम से दूर रहकर निवेश कर सकते हैं। इन योजनाओं में जुटाई गई राशि नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड NSSF में जमा होती है, जिसका उपयोग सरकार वित्तीय प्रबंधन और घाटे की भरपाई के लिए करती है।

    स्मॉल सेविंग स्कीम्स को संरचना के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में पोस्टल डिपॉजिट आते हैं, जिनमें सेविंग अकाउंट, रिकरिंग डिपॉजिट, टाइम डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम शामिल हैं। दूसरी श्रेणी में सेविंग सर्टिफिकेट जैसे नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और किसान विकास पत्र शामिल हैं। तीसरी श्रेणी में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं हैं, जिनमें PPF सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना प्रमुख हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार स्थिर ब्याज दर निवेशकों में विश्वास बनाए रखती है। यह खासकर उन लोगों के लिए अहम है जो लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। 2026 की शुरुआत में ब्याज दरों में स्थिरता ने निवेशकों को यह संकेत दिया है कि सरकारी छोटी बचत योजनाएं जोखिम-मुक्त और लाभदायक विकल्प बनी हुई हैं।

  • फोकट सवाल पर बवाल: पत्रकार से बदसलूकी पर घिरे विजयवर्गीय, जीतू पटवारी ने मांगा इस्तीफा

    फोकट सवाल पर बवाल: पत्रकार से बदसलूकी पर घिरे विजयवर्गीय, जीतू पटवारी ने मांगा इस्तीफा



    इंदौर। इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतों के मामले ने अब सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे पर सवाल पूछने वाले एक पत्रकार से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की बदसलूकी और अपशब्दों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे इंदौर को शर्मसार करने वाला बताते हुए विजयवर्गीय से तत्काल इस्तीफा लेने की मांग की है।

    पटवारी ने कहा कि इस पूरे मामले में सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

    जो जिम्मेदारी सरकार की थी, वह मीडिया ने निभाई। उन्होंने पत्रकारों का आभार जताते हुए कहा कि मंत्री ने मुफ्त इलाज के दावे किए, लेकिन जब उसी पर एक पत्रकार ने सवाल पूछा तो उसे गालियां दी गईं। कांग्रेस उस पत्रकार के साथ खड़ी है और उसके सम्मान में कोई कमी नहीं आने देगी।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण मासूम बच्चों समेत कई लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि पहले 25 बच्चों की मौत हुई, अब 13 और लोगों की जान चली गई, लेकिन आज तक किसी दोषी को सजा नहीं मिली।

    पटवारी ने भाजपा सरकार को हत्यारी सरकार बताते हुए कहा कि जिस इंदौर को जनता ने स्वच्छता का तमगा दिलाया, उसी शहर की जनता को जहर मिला पानी पिलाया गया।

    कांग्रेस ने इस मामले की जांच के लिए दो पूर्व मंत्रियों के नेतृत्व में एक टीम गठित की है। पटवारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। कांग्रेस की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो, पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले और घायलों को बेहतर व निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाए।

    इस बीच कांग्रेस के पूर्व सांसद उदित राज ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में गलती मानने की बजाय चोरी और सीनाजोरी की जाती है। हर घटना का ठीकरा विपक्ष या पुराने नेताओं पर फोड़ दिया जाता है। उन्होंने देशभर में बढ़ती हिंसा और कथित घोटालों का जिक्र करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

    घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार शाम इंदौर पहुंचे और अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि ऐसी कष्टदायक स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    दरअसल, बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब एक रिपोर्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज खर्च के रिफंड को लेकर सवाल किया, तो मंत्री ने कहा, फोकट सवाल मत पूछो। रिपोर्टर के विरोध करने पर विजयवर्गीय ने आपा खोते हुए अपशब्द कह दिए। हालांकि बाद में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने शब्दों को लेकर खेद भी जताया, लेकिन तब तक यह मामला सियासी और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका था।

  • 2026 की पहली ट्रेडिंग: शेयर बाजार में तेजी, MRPL और HFCL पर मजबूत निवेश का रुझान

    2026 की पहली ट्रेडिंग: शेयर बाजार में तेजी, MRPL और HFCL पर मजबूत निवेश का रुझान


    नई दिल्ली नए साल 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोश और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। साल 2025 का समापन मजबूती के साथ होने के बाद निवेशकों ने 1 जनवरी को भी उत्साह के साथ ट्रेडिंग की। बीएसई सेंसेक्स 545 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 85,220 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 190 अंकों से ऊपर उठकर 26,129 पर पहुंचा।विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई प्रमुख सेक्टरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। ऑयल एंड गैस, पीएसयू, कमोडिटी, एनर्जी और मेटल शेयरों में निवेशकों ने सक्रियता दिखाई, जबकि आईटी सेक्टर में हल्का दबाव देखा गया।

    सेंसेक्स के बड़े शेयरों में टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन, ट्रेंट, पावर ग्रिड, बीईएल और एनटीपीसी ने बाजार को मजबूती दी। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी तेजी का असर देखा गया। कई शेयरों ने अपने 52 हफ्ते के उच्च स्तर को पार किया, जिससे निवेशकों में भरोसा बढ़ा।विशेष रूप से MRPL और HFCL में निवेशकों का ध्यान केंद्रित रहा। इन दोनों शेयरों में वॉल्यूम बढ़ा और तकनीकी चार्ट्स पर मजबूत संकेत मिले। इसके अलावा Graphite India, Craftsman Automation, HPCL, Deepak Fertilisers और PCBL Chemical जैसे शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 26,200 का स्तर अहम माना जा रहा है। यदि बाजार इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी की संभावना है। वहीं, कुछ शेयरों में कमजोरी के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। Vodafone Idea, Radico Khaitan और कुछ मिडकैप स्टॉक्स में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल में निवेशकों को संतुलित पोर्टफोलियो और चुनिंदा मजबूत शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बाजार की यह शुरुआत 2026 में निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है और निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाती है।

  • ग्वालियर में नए साल की सुबह ‘दूध अभियान’: शराब छोड़, सेहत से की नववर्ष की शुरुआत

    ग्वालियर में नए साल की सुबह ‘दूध अभियान’: शराब छोड़, सेहत से की नववर्ष की शुरुआत

    ग्वालियर। नए साल 2026 की शुरुआत शहर में कुछ अलग अंदाज में हुई। इंदरगंज चौराहे पर आयोजित दूध अभियान में लोगों ने शराब छोड़कर दूध पीकर नववर्ष का स्वागत किया। एसोसिएशन ऑफ ग्वालियर यूथ सोसाइटी और यातायात पुलिस के संयुक्त प्रयास से यह अनोखा अभियान चलाया गया।सुबह-सुबह पंडाल पर 2 क्विंटल केसरिया दूध तैयार कर निशुल्क वितरण किया गया। राहगीरों, वाहन चालकों, युवाओं और बुजुर्गों ने रुककर दूध पिया और अभियान का समर्थन किया। एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने खुद लोगों को दूध दिया और नशामुक्त नववर्ष का संदेश फैलाया। पंडाल के आसपास बड़े-बड़े बैनरों और साउंड सिस्टम के जरिए संदेश दिया गया-दारू से नहीं, दूध से करें नववर्ष की शुरुआत।

    आयोजकों का कहना है कि नए साल पर शराब पीने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा और स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। युवाओं में नशे की लत चिंता का विषय है। इसी चुनौती के समाधान के लिए यह अभियान शुरू किया गया।दूध वितरण कार्यक्रम में लोगों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों ने इसे नए साल की सबसे अच्छी और सार्थक शुरुआत बताया। युवाओं ने कहा कि ऐसे अभियान नशे के प्रति सोच बदलने में मददगार हैं। स्थानीय निवासियों ने आयोजन की सराहना की और इसे आगे जारी रखने की मांग की।

    यातायात पुलिस ने भी मौके पर लोगों से नशे में वाहन न चलाने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जश्न वही बेहतर है, जो खुद के साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।ग्वालियर की यह पहल केवल एक आयोजन नहीं बल्कि सार्वजनिक जागरूकता का संदेश है। नए साल की सुबह दूध के माध्यम से लोगों को यह बताया गया कि जश्न और जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं। शहर की इस अनोखी शुरुआत ने साबित कर दिया कि बदलाव छोटे कदमों से ही शुरू होता है।

  • नए साल 2026: भोपाल में 26 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, बिजली कटौती नहीं, कृषि उद्योगों पर सरकार का फोकस

    नए साल 2026: भोपाल में 26 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, बिजली कटौती नहीं, कृषि उद्योगों पर सरकार का फोकस


    भोपाल। नए साल 2026 की शुरुआत मध्यप्रदेश और राजधानी भोपाल के लिए कई महत्वपूर्ण अपडेट के साथ हुई। रेलवे शेड्यूल से लेकर बिजली, सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक-ज का दिन आम लोगों के लिए कई मायनों में खास रहा।

    रेलवे अपडेट:

    1 जनवरी से भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन से चलने वाली 26 ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। रेलवे ने नया शेड्यूल जारी किया है और अब ट्रेन रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले तैयार होगा।

    कुछ प्रमुख ट्रेनों का नया समय:

    22145 भोपाल-रीवा एक्सप्रेस: रात 11:05 → 11:00

    19324 भोपाल-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस: शाम 5:00 → 5:10

    14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस: शाम 4:55 → 4:40

    12185 रानी कमलापति-रीवा एक्सप्रेस: रात 10:00 → 9:55

    22172 रानी कमलापति-पुणे एक्सप्रेस: दोपहर 3:50 → 3:40

    रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपडेटेड टाइमिंग देखने की अपील की है।

    बिजली की राहत:

    भोपालवासियों को नए साल की शुरुआत में बड़ी राहत मिली। आज शहर में कहीं भी बिजली मेंटेनेंस नहीं किया जाएगा, जिससे पूरे दिन निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित रहेगी।

    कृषि आधारित उद्योग वर्ष:

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में सरकार ने 2026 कोकृषि आधारित उद्योग वर्ष घोषित किया है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:सिंचाई रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्यकेन-बेतवा परियोजना शुरू पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर काम जारी

    मेगा तापी रिचार्ज परियोजना को मंजूरी

    राजनीतिक गतिविधि:

    नए साल से कांग्रेस ने प्रदेशभर में गांव चलो अभियान’ की शुरुआत की। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भोपाल के गांवों से अभियान का आगाज किया। इसका मुख्य फोकस पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करना है।

    सरकारी भर्ती: 

    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडलMPESB ने 474 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    अंतिम तिथि: 7 जनवरी 2026संशोधन की अंतिम तिथि: 12 जनवरी 2026

    सांस्कृतिक कार्यक्रम:

    भोपाल में नए साल के अवसर पर शलाका चित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। स्थान: जनजातीय संग्रहालय समय: दोपहर 12 बजे से नए साल 2026 के पहले दिन मध्यप्रदेश और भोपालवासियों के लिए यह दिन परिवहन, ऊर्जा, कृषि और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिहाज से खास रहा।
  • सुपरस्टार बनने से पहले संघर्ष के दिन, Gippy Grewal की संघर्ष और मेहनत की कहानी

    सुपरस्टार बनने से पहले संघर्ष के दिन, Gippy Grewal की संघर्ष और मेहनत की कहानी


    नई दिल्ली। पंजाबी फिल्मों और संगीत की दुनिया के सुपरस्टार गिप्पी ग्रेवाल ने सफलता का लंबा सफर मेहनत और संघर्ष से तय किया है। आज जहां उनका नाम करोड़ों फैंस के दिलों में गूंजता है, वहीं शुरूआत में उन्होंने गाड़ियों धोने, सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी और कनाडा में रेस्तरां में वेटर जैसी नौकरियां की। गिप्पी का जन्म 2 जनवरी 1983 को हुआ था और आज वह अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं।

    बचपन से संगीत की ओर झुकाव
    गिप्पी बचपन से ही संगीत और नाटकों में रुचि रखते थे। पढ़ाई में उनकी दिलचस्पी कम थी, और उन्होंने केवल इतनी पढ़ाई की कि पास हो सकें। 12वीं के बाद उन्होंने म्यूजिक सीखना शुरू किया।

    उनके गुरु ने उनकी रफ आवाज पर काम करने की सलाह दी, जिसे उन्होंने सुधारकर अपनी अलग पहचान बनाई। यह रफ और अनोखी आवाज ही उन्हें पंजाबी संगीत और फिल्मों में अलग मुकाम दिलाने में मददगार साबित हुई।

    छोटी नौकरियों से बड़ी मंजिल तक
    गिप्पी ग्रेवाल पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता, गायक, निर्माता, निर्देशक और लेखक के रूप में सक्रिय हैं। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने कनाडा में वेटर, दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड और गाड़ियों की धोने जैसी नौकरियों में काम किया।

    उनका मानना है कि किसी भी काम में शर्म नहीं होनी चाहिए और ईमानदारी से कमाए पैसे से ही सुकून मिलता है। यही मेहनत और समर्पण उन्हें संगीत में करियर बनाने के लिए प्रेरित करता रहा।

    संगीत और फिल्म की दुनिया में धमाका
    गिप्पी ने अपने संगीत करियर की शुरुआत हिट अलबम ‘चक्ख लाई’ से की। इसके बाद साल 2010 में उन्हें पंजाबी फिल्म ‘मेल करादे रब्बा’ में काम करने का मौका मिला और फिर ‘जिहने मेरा दिल लुटेया’ में उनकी लोकप्रियता बढ़ी। साल 2012 में उन्होंने खुद ‘कैरी ऑन जट्टा’ का निर्माण किया, जो इंडस्ट्री की बड़ी हिट साबित हुई। इसके बाद ‘कैरी ऑन जट्टा 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ रुपये कमाए। अब उनके फैंस इस साल तीसरे भाग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    मेहनत और ईमानदारी की मिसाल
    गिप्पी ग्रेवाल की कहानी यह साबित करती है कि संघर्ष, मेहनत और ईमानदारी से कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। आज वह पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार हैं और संगीत की दुनिया में भी करोड़ों फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी नए कलाकारों और फैंस के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हुई है।

  • इंदौर दूषित पानी कांड: 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत, 1,100 से अधिक लोग बीमार

    इंदौर दूषित पानी कांड: 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत, 1,100 से अधिक लोग बीमार


    इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पीने के पानी से फैल रही गंभीर बीमारी ने एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं। पांच महीने के मासूम अव्यान साहू की मौत दस्त और उल्टी से हुई। बच्चे के परिवार ने बताया कि घर में गाढ़े दूध में नगर निगम के नल का पानी मिलाकर पिलाया गया था, लेकिन वही पानी जहरीला साबित हुआ। स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के अनुसार, दूषित पानी ने पूरे इलाके में व्यापक स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया।

    अव्यान का परिवार पिछले 10 सालों से उसकी उपस्थिति का इंतजार कर रहा था, लेकिन यह खुशी मातम में बदल गई। पिता सुनील साहू ने मीडिया से बताया कि बच्चे को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई थी। चिकित्सक से परामर्श के बाद घर पर दवाइयां दी जा रही थीं, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। उन्होंने कहा कि दूध गाढ़ा था, इसलिए वे इसे नगर निगम के नल के पानी में मिलाकर पिला रहे थे, लेकिन वही पानी उनके बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ।

    सरकारी आंकड़ों और स्थानीय बयानों के अनुसार, अब तक भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण कम-से-कम सात लोगों की मौत हो चुकी है और 1,100 से अधिक लोग पेट और दस्त जैसी बीमारियों से प्रभावित हैं। कई गंभीर मरीज शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मुख्य जलापूर्ति लाइन में लीकेज के कारण नालों का गंदा पानी पीने के पानी की पाइपलाइन में मिला। नगर निगम के कर्मचारियों ने मंगलवार देर शाम इस लीकेज का पता लगाया। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं ताकि स्थिति और अधिक गंभीर न हो।

    इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अब तक सात मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोग यह दावा कर रहे हैं कि नौ लोगों की मौत दूषित पानी की वजह से हुई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जांच जारी है।स्थानीय निवासियों ने बताया कि इलाके में गंदा पानी नल से बहते देखा गया है और पहले भी अस्वस्थ जल आपूर्ति पर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। लेकिन यह समस्या पिछले एक सप्ताह में जानलेवा रूप ले चुकी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे और जांच अभियान शुरू किया है, और प्राथमिक उपचार तथा अस्पतालों में भर्ती की सुविधा प्रदान की जा रही है।

    यह मामला इंदौर जैसे “सबसे स्वच्छ शहर” के दावे पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जल स्रोत की सुरक्षा और जलापूर्ति अवसंरचना की निगरानी में खामियों ने स्थानीय निवासियों को भारी कीमत चुकाई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि दूषित पानी के फैलाव को रोकने, नियमित जांच करने और सार्वजनिक जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक हैअदालत और उच्च प्रशासन ने भी इस स्थिति पर संज्ञान लिया है। व्यापक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित परिवारों को मुआवजा और चिकित्सा सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

  • कुली फिल्म सेट पर अमिताभ बच्चन का एक्सीडेंट: ICU में जिंदगी और परिवार की चिंता

    कुली फिल्म सेट पर अमिताभ बच्चन का एक्सीडेंट: ICU में जिंदगी और परिवार की चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के जीवन का जुलाई 1982 का महीना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। इस दौरान वे बेंगलुरु में फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग कर रहे थे, जब उन्हें एक गंभीर एक्सीडेंट में चोट लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि उनके लिए जानलेवा स्थिति बन गई। तत्काल एयर एम्बुलेंस के जरिए उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।अस्पताल में अमिताभ की गंभीर हालत के कारण इंडस्ट्री और परिवार के लोग लगातार मिलने आए। इस दौरान अभिनेता के ससुर, जया बच्चन के पिता तरुण कुमार, भी अपनी बेटी के साथ ICU में पहुंचे। तरुण कुमार ने बाद में अपने लेख में इस पूरे घटनाक्रम का विवरण साझा किया।

    तरुण कुमार ने लिखा कि जब उन्हें एक्सीडेंट की खबर मिली, तो वे और उनकी बेटी जया कुछ समय पहले लंदन गए हुए थे। लखनऊ लौटने के बाद उन्होंने तुरंत मुंबई के लिए रवाना होना तय किया। पूरे देश में लोग अमिताभ की सुरक्षित वापसी और ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे थे। तरुण कुमार ने अपने लेख में इसे चिकित्सीय चमत्कार बताया और कहा कि अगर अमिताभ नहीं बचते, तो सभी डॉक्टरों को दोषी ठहराया जाता।उन्होंने लिखा, “हम लखनऊ से मुंबई के लिए रवाना हुए। पूरा देश एक आदमी के ठीक होने के लिए दुआ कर रहा था। जब अमिताभ बच गए, तो मेरी पत्नी और लाखों लोगों ने इसे ईश्वर की कृपा बताया। मैं इससे सहमत नहीं हूं। मेरे लिए यह ब्रीच कैंडी अस्पताल की चिकित्सा टीम का चमत्कार था।”

    इस कठिन समय में जया बच्चन ने भी पूरी मजबूती दिखाई। तरुण कुमार ने अपने लेख में विस्तार से बताया कि अस्पताल में भर्ती अमिताभ के दौरान जया ने संयम और धैर्य बनाए रखा। उन्होंने मनके और ताबीज पहनकर और दिल से प्रार्थना करते हुए अमिताभ के जल्दी ठीक होने की कामना की। बाहरी तौर पर जया शांत और संयमित दिखीं, लेकिन अंदर से उन्होंने स्थिति को स्वीकार किया और सबसे बुरे हालात के लिए भी तैयार रहीं।तरुण कुमार ने लिखा कि जया बच्चन ने इस समय में अपनी हिम्मत और धैर्य से परिवार के लिए मिसाल पेश की। उन्होंने अस्पताल में रहने वाले अमिताभ की देखभाल और मानसिक समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाई।

    इस घटना ने न केवल अमिताभ के परिवार को बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया। मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी साझा कर रही थी। अमिताभ के जल्द स्वस्थ होने और अस्पताल से बाहर निकलने के बाद देश में राहत की लहर दौड़ गई।कुली फिल्म सेट पर हुए इस एक्सीडेंट ने यह भी साबित किया कि संकट के समय परिवार और चिकित्सकीय टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह घटना बॉलीवुड इतिहास में यादगार और महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में दर्ज हुई है, जिसने परिवार और इंडस्ट्री दोनों के लिए धैर्य, साहस और सहनशीलता की मिसाल पेश की।

  • नववर्ष 2026: मध्यप्रदेश के प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नए साल का भव्य आगाज

    नववर्ष 2026: मध्यप्रदेश के प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नए साल का भव्य आगाज


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में नववर्ष 2026 की पहली सुबह धार्मिक आस्था और सामाजिक उत्साह के बीच शुरू हुई। 1 जनवरी की सुबह होते ही प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में तड़के चार बजे से दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह नौ बजे तक लगभग 80 हजार श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके थे। प्रशासन के अनुसार दिनभर यह संख्या और बढ़ने की संभावना है।महाकाल मंदिर में नए साल के अवसर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई और श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन की सुविधा सुनिश्चित की गई। इस दौरान महिला क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम की सदस्य भी मंदिर पहुंचीं और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

    उज्जैन के अलावा नर्मदा तट पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी सुबह से भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया गया और मंगला आरती के बाद दर्शन खोले गए। इसके साथ ही ओरछा के रामराजा मंदिर, मैहर के शारदा देवी मंदिर, नलखेड़ा के मां बगलामुखी धाम और देवास के प्रमुख मंदिरों में भी हजारों भक्त नए साल की पहली सुबह दर्शन के लिए पहुंचे।सीहोर जिले के प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में ठंड और कोहरे के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। दमोह जिले के बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम में भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। गुना के हनुमान टेकरी मंदिर में सुबह की आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, जहां प्रशासन ने अनुमान लगाया कि एक लाख से अधिक भक्त पहुंचे।

    धार्मिक गतिविधियों के साथ ही प्रदेश के शहरों और पर्यटन स्थलों पर नए साल का जश्न भी देर रात तक चलता रहा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में लोग सड़कों, होटलों और सार्वजनिक स्थलों पर एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दे रहे थे। मांडू और पचमढ़ी जैसे पर्यटन केंद्रों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और अलाव के माध्यम से नए साल का स्वागत किया गया।जबलपुर के भेड़ाघाट धुआंधार में साल के पहले सूर्योदय को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचे। उगते सूर्य के साथ लोगों ने नए साल की शुरुआत को यादगार बनाया। इस प्रकार, मध्यप्रदेश में नववर्ष 2026 की सुबह धार्मिक आस्था और सामाजिक उत्सव दोनों के लिए विशेष रही।