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  • रणबीर की ‘रामायण’ में अमिताभ बच्चन के दामाद नजर आएंगे, निभा रहे खास रोल

    रणबीर की ‘रामायण’ में अमिताभ बच्चन के दामाद नजर आएंगे, निभा रहे खास रोल


    नई दिल्ली।बॉलीवुड में जब बड़े बजट की फिल्में बनती हैं, तो स्टार कास्ट और कहानी दोनों ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा देते हैं। इसी कड़ी में रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म ‘रामायण’ चर्चा में है। इसका पहला टीजर सामने आ चुका है और इसमें रणबीर के किरदार भगवान राम के रूप में पहली झलक देखने को मिली।

    डायरेक्टर नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित इस फिल्म को लेकर फैन्स काफी उत्साहित हैं। फिल्म में बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा तक के जाने-माने कलाकार शामिल हैं। खास बात यह है कि इसमें बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन के दामाद भी अहम भूमिका में नजर आएंगे।

    फिल्म का बजट और स्टार कास्ट

    ‘रामायण’ का प्रोडक्शन ग्लोबल विजुअल इफेक्ट्स और एनीमेशन स्टूडियो DNEG के फाउंडर नमित मल्होत्रा कर रहे हैं। इस पिक्चर का बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है।

    लीड रोल में रणबीर कपूर के साथ साई पल्लवी, यश, रवि दुबे, सनी देओल शामिल हैं। इसके अलावा सपोर्टिंग कास्ट भी बेहद शानदार है-अरुण गोविल, काजल अग्रवाल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, इंदिरा कृष्णन और शीबा चड्ढा जैसे कलाकार फिल्म का हिस्सा हैं। इस बीच, अमिताभ बच्चन के दामाद कुणाल कपूर भी एक महत्वपूर्ण रोल निभाते नजर आएंगे।

    कुणाल कपूर निभा रहे हैं भगवान इंद्र का रोल

    फिल्म में कुणाल कपूर भगवान इंद्र का किरदार निभा रहे हैं। भले ही यह छोटा सा रोल है, लेकिन रामायण की कहानी में इसका महत्व अत्यधिक है। भगवान इंद्र के कारण ऋषि गौतम ने अपनी पत्नी अहिल्या को पत्थर में बदल दिया था। बाद में भगवान राम ने उन्हें मोक्ष दिलाया। ऐसे में कुणाल का यह रोल कहानी के अहम हिस्से से जुड़ा हुआ है।

    कुणाल कपूर ने इस फिल्म को लेकर कहा था,

    “ये फिल्म हमारी संस्कृति के इतिहास में बहुत जरूरी है। इसे इतने बड़े स्केल पर बनाना जरूरी था, जितनी पहले कभी नहीं बनी। ये बहुत स्पेशल होने वाली है। ऑडियंस इसे देखकर सरप्राइज हो जाएगी।”

    अमिताभ बच्चन संग व्यक्तिगत रिश्ता

    कुणाल कपूर, अमिताभ बच्चन के छोटे भाई अजिताभ बच्चन की बेटी नैना बच्चन के पति हैं। अजिताभ और उनकी पत्नी रमोला बच्चन की बेटी नैना से कुणाल ने फरवरी 2015 में शादी की थी। इस तरह से वह बॉलीवुड के प्रतिष्ठित परिवार का हिस्सा भी बन चुके हैं।

    कुणाल कपूर का करियर

    कुणाल कपूर को फिल्म इंडस्ट्री में कई चर्चित फिल्मों में देखा जा चुका है। उनकी फिल्में ‘रंग दे बसंती’, ‘आजा नचले’, ‘लव शव ते चिकन खुराना’, ‘डॉन 2’ और ‘ज्वेल थीफ’ दर्शकों को याद हैं। उनकी एक्टिंग और स्क्रीन प्रजेंस ने उन्हें इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त बनाया है।

    दर्शकों की उत्सुकता

    फिल्म का बड़ा बजट, स्टार कास्ट और ऐतिहासिक महत्व इसे बेहद खास बनाते हैं। रणबीर कपूर के भगवान राम के रूप में स्क्रीन पर आने के साथ-साथ, कुणाल कपूर का छोटा लेकिन अहम रोल फिल्म की कहानी में नई जान डालने वाला है।

  • बॉलीवुड की चौंकाने वाली कहानी: स्टार एक्ट्रेस और बेटे के जन्मदिन पर हुई दर्दनाक घटना

    बॉलीवुड की चौंकाने वाली कहानी: स्टार एक्ट्रेस और बेटे के जन्मदिन पर हुई दर्दनाक घटना


    नई दिल्ली।बॉलीवुड में कई कलाकारों की जिंदगी पर्दे के पीछे संघर्ष और दर्द से भरी होती है। इनमें से कुछ को अपने करियर के साथ-साथ पर्सनल लाइफ में भी बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक दर्दनाक कहानी है अभिनेत्री सईदा खान की, जिनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द उनके बेटे के जन्मदिन पर हुआ।

    फिल्म इंडस्ट्री में कदम और शुरुआती सफलता

    सईदा खान का जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा फिल्ममेकर एचएच रवैल की मदद से। उन्हें पहली बार पहचान मिली फिल्म “अपना हाथ जगन्नाथ” से, जिसमें उनके साथ किशोर कुमार थे। इसके अलावा, उन्होंने “कांच की गुड़िया” जैसी फिल्मों में भी काम किया, जिसमें उनके साथ मनोज कुमार नजर आए।

    हालांकि शुरुआती सफलता के बावजूद सईदा का करियर बड़े पैमाने पर नहीं चला और उन्होंने धीरे-धीरे बी और सी ग्रेड फिल्मों में काम करना शुरू किया।

    प्यार और परिवार की स्थापना

    इस दौरान सईदा का प्यार डायरेक्टर बृज सदनाह से हुआ। दोनों ने शादी की और दो बच्चे हुए—एक बेटा कमल और एक बेटी नम्रता। कमल ने बाद में कुछ फिल्मों में काम किया। सईदा अपने परिवार के प्रति बेहद समर्पित थीं और बच्चों की परवरिश में पूरा ध्यान देती थीं।

    बेटा के बर्थडे पर हुई दर्दनाक घटना

    21 अक्टूबर 1990 का दिन सईदा खान के लिए और उनके परिवार के लिए भयानक रात में बदल गया। उनके बेटे कमल का 20वां जन्मदिन था और सईदा इस दिन के जश्न की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान उनके पति, शराब के नशे में, सईदा और बेटी पर गोली चला दी। उन्होंने बेटे कमल को भी गोली मारने की कोशिश की और इसके बाद उन्होंने अपनी जान ले ली।

    इस हमले में सईदा की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे कमल ने चमत्कारिक रूप से बचने में सफलता पाई।

    बेटे कमल ने साझा की कहानी

    कमल ने बाद में इस घटना का दर्दनाक सच साझा किया। उन्होंने बताया,

    “मुझे भी गोली लगी थी और बुलेट मेरी गर्दन के पास से निकली। मुझे बचने का कोई लॉजिकल कारण नहीं था। मेरी एकमात्र उम्मीद थी कि मुझे आगे बढ़ने दो और जीवन जीने दो।”

    कमल ने बताया कि उन्होंने अपनी माँ और बहन को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त बेड नहीं थे। उन्होंने डॉक्टर से कहा कि अपनी माँ और बहन को जिंदा करने की कोशिश करें। अंततः कमल का जीवन बच गया, लेकिन उन्होंने अपना पूरा परिवार खो दिया।

    40 की उम्र में हुई सईदा की मौत और उनकी यादें

    सईदा खान की मौत उनके 40वें साल में हुई और यह बॉलीवुड की सबसे दुखद घटनाओं में से एक मानी जाती है। उनके बेटे और परिवार ने इस त्रासदी का सामना किया, लेकिन सईदा की कहानी आज भी हर किसी के रोंगटे खड़े कर देती है।

    उनकी जिंदगी और करियर ने यह दिखाया कि स्टारडम की चमक के पीछे कई बार दर्द और संघर्ष छिपा होता है। सईदा की कहानी बॉलीवुड के उन दुखद किस्सों में शामिल है, जो हमेशा याद रखी जाएंगी।

  • रवि बिश्नोई को 78 मैचों बाद मिली वो चीज, IPL में पहली बार किया कमाल

    रवि बिश्नोई को 78 मैचों बाद मिली वो चीज, IPL में पहली बार किया कमाल


    नई दिल्ली।आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के युवा स्पिनर रवि बिश्नोई ने शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपनी टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। 210 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस के खिलाफ बिश्नोई ने अपने 4 ओवर में मात्र 41 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उन्होंने साई सुदर्शन (73 रन पर), ग्लेन फिलिप्स, वॉशिंगटन सुंदर और राहुल तेवतिया का शिकार किया। उनकी इस शानदार गेंदबाजी के दम पर गुजरात टाइटंस 6 विकेट पर ही ऑल आउट हो गई। इस प्रदर्शन के लिए बिश्नोई को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, जो उनके आईपीएल करियर का पहला POTM अवॉर्ड है।

    लंबा इंतजार और नया कीर्तिमान

    बिश्नोई ने अब तक आईपीएल में 78 मैचों में अपना पहला प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता। यह उनके लिए बड़ी राहत की बात रही होगी क्योंकि आईपीएल के इतिहास में कई खिलाड़ी इतने मैच खेलते हुए भी POTM नहीं जीत पाए। उदाहरण के लिए, स्टुअर्ट बिन्नी ने 95, सौरभ तिवारी ने 93 और धवल कुलकर्णी ने 92 मैच खेलने के बावजूद यह सम्मान हासिल नहीं किया। रवि बिश्नोई ने अपने 79वें मैच में यह उपलब्धि दर्ज करके अपने नाम कर ली।

    आईपीएल 2026 में पर्पल कैप का दावा

    इस शानदार प्रदर्शन के साथ बिश्नोई ने आईपीएल 2026 की पर्पल कैप भी अपने नाम की। इस सीजन अब तक उन्होंने कुल 5 विकेट चटकाए हैं। उनके प्रदर्शन ने राजस्थान रॉयल्स को अहम मैच में जीत दिलाई और टीम को अंक तालिका में मजबूत स्थिति में रखा।

    बिश्नोई का मनोबल और तैयारी

    प्लेयर ऑफ द मैच मिलने के बाद रवि बिश्नोई ने कहा, “पिछला सीजन मेरे लिए मुश्किल था। मैंने हमेशा अपने प्रोसेस पर भरोसा रखा और अपनी लेंथ पर काम किया। अगर गेंद मेरी लेंथ से चूकती, तो छक्के लगते, यही मेरी एकमात्र कमजोरी थी। मैंने लगातार फिजिकल, मेंटल और टेक्निकल एडजस्टमेंट किए। मैदान पर फुल भरोसे के साथ गेंदबाजी करना मेरी रणनीति थी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकेट उनके लिए खास था, लेकिन राहुल तेवतिया का विकेट सबसे महत्वपूर्ण रहा क्योंकि वह टीम के लिए एक मजबूत फिनिशर हैं।

    टीम वर्क और यंग टीम का योगदान

    रवि बिश्नोई ने टीम की जीत को केवल अपने प्रदर्शन से नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा टीम के सभी खिलाड़ियों का योगदान अहम था। तुषार, जोफ्रा और अन्य खिलाड़ियों ने अंत तक शानदार बॉलिंग की। यह पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है कि हम जीत सके। हम एक यंग टीम हैं और भविष्य में भी इसी तरह एंटरटेन करने की कोशिश करेंगे। बिश्नोई ने यह भी बताया कि टीम में खिलाड़ियों की रणनीति और निरंतरता ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। इस जीत ने उन्हें मानसिक और तकनीकी रूप से और मजबूत बनाया।

    रवि बिश्नोई ने अपने 79वें आईपीएल मैच में पहला प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतकर करियर में मील का पत्थर स्थापित किया। उनकी यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राजस्थान रॉयल्स की यंग टीम की मेहनत और टीम वर्क का भी परिणाम है। पर्पल कैप जीतने और निर्णायक विकेट लेने के साथ बिश्नोई ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयास सफलता की कुंजी हैं।

  • एमपी में आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय, आज भी 27 जिलों में अलर्ट, 8 अप्रैल तक रहेगा ऐसा ही मौसम

    एमपी में आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय, आज भी 27 जिलों में अलर्ट, 8 अप्रैल तक रहेगा ऐसा ही मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ओले, बारिश और तेज आंधी का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। शनिवार को बैतूल, श्योपुर और मुरैना सहित 8 से 10 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जिससे कई इलाकों में कश्मीर जैसा नजारा दिखा। वहीं, 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रविवार को भी मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने ग्वालियर सहित 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    अगले 24 घंटों में जिन जिलों में मौसम प्रभावित रहेगा, उनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर और पांढुर्णा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

    सुबह से सक्रिय रहा मौसम सिस्टम
    शनिवार को प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के चलते सुबह से ही कई जिलों में बारिश शुरू हो गई थी। दोपहर बाद इसका असर और बढ़ा। बैतूल, श्योपुर और मुरैना में भारी ओलावृष्टि से सड़कों पर सफेद परत जम गई। वहीं, भोपाल में रात के समय मौसम बदला। सीहोर, विदिशा, रतलाम और रायसेन सहित करीब 20 जिलों में बारिश और कहीं-कहीं तेज आंधी भी चली।

    तेज आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिन यानी 8 अप्रैल तक प्रदेश में तेज हवाएं चलेंगी। कुछ जिलों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रहने की संभावना है।

    10-11 अप्रैल तक असर रहेगा
    प्रदेश में फिलहाल सक्रिय मौसम सिस्टम के साथ 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभाव डालेगा। इसके चलते 10-11 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।

    इसके बाद यह सिस्टम कमजोर होगा और तापमान में तेजी से वृद्धि शुरू होगी। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी तेज होने लगेगी। महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार जैसे जिलों में तापमान में और बढ़ोतरी होगी। दरअसल, अप्रैल में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे इन इलाकों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलता है।

  • रोज खाएं जामुन, पाएं सेहत, इम्यूनिटी और दिल की सुरक्षा

    रोज खाएं जामुन, पाएं सेहत, इम्यूनिटी और दिल की सुरक्षा


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में कई तरह के मौसमी फल दिखाई देने लगते हैं, जिनमें जामुन एक खास स्थान रखता है। खट्टे-मीठे स्वाद वाला यह फल न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाता है, बल्कि कई औषधीय गुणों से भरपूर भी होता है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही जामुन को एक बेहतरीन सुपरफूड मानते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।

    आयुर्वेद में जामुन को विशेष रूप से डायबिटीज और पेट संबंधी बीमारियों के लिए लाभकारी बताया गया है। जामुन के फल के साथ-साथ इसकी पत्तियां और डाली भी औषधीय रूप में उपयोग की जाती हैं। इसकी डाली से दातून करने पर मुंह के रोगों से बचाव होता है और दांत मजबूत रहते हैं। जामुन की तासीर ठंडी मानी जाती है, जिससे यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है और पेट को ठंडक प्रदान करता है।

    जामुन का सबसे बड़ा लाभ ब्लड शुगर को नियंत्रित करना है। इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। नियमित सेवन से ब्लड शुगर स्तर को संतुलित रखने में मदद मिलती है।

    इसके अलावा जामुन पाचन तंत्र के लिए भी काफी उपयोगी है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, कब्ज की समस्या को दूर करता है और पेट को स्वस्थ रखता है। गर्मियों में अक्सर भारी भोजन के कारण पाचन बिगड़ जाता है, ऐसे में जामुन इस समस्या को दूर करने में सहायक होता है।

    जामुन इम्यूनिटी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इससे मौसमी बीमारियों से बचाव होता है और शरीर ऊर्जा से भरपूर रहता है।

    दिल की सेहत के लिए भी जामुन काफी फायदेमंद है। इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जबकि इसके एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं। इससे हृदय स्वस्थ बना रहता है और हृदय रोगों का खतरा कम होता है। कम कैलोरी वाला यह फल वजन नियंत्रित रखने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद फाइबर भूख को नियंत्रित करता है, जिससे बार-बार खाने की आदत कम होती है।

    इतना ही नहीं, जामुन त्वचा के लिए भी लाभकारी है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं। गर्मियों में धूप और पसीने से प्रभावित त्वचा को यह निखारने में मदद करता है और प्राकृतिक ग्लो प्रदान करता है। इस प्रकार जामुन सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि सेहत का खजाना है। अगर आप गर्मियों में खुद को स्वस्थ, ऊर्जावान और फिट रखना चाहते हैं, तो इस मौसमी फल को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

  • MP: ग्वालियर में दोपहर बाद जमकर गिरे ओले…सड़कों पर बिछी सफेद चादर… कारों के शीशे टूटे

    MP: ग्वालियर में दोपहर बाद जमकर गिरे ओले…सड़कों पर बिछी सफेद चादर… कारों के शीशे टूटे


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में शनिवार का सूरज तीखे तेवर लेकर निकला था, लेकिन दोपहर होते-होते कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया. अचानक आए घने बादलों के बाद ऐसी भयानक ओलावृष्टि (Terrible Hailstorm) हुई कि शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर की सड़कें सफेद चादर (Roads Covered White sheets) से ढक गईं. यह नजारा देखने में जितना सुंदर था, शहर के लिए उतना ही नुकसानदेह साबित हुआ.

    ओलों का आकार इतना बड़ा था कि ग्वालियर की शान महाराजा बाड़ा स्थित म्यूजियम के ऊपर लगी ऐतिहासिक घड़ी ओलों की चोट से टूट गई है. शहर के एक निजी अस्पताल की बाउंड्री वॉल गिरने से उसके नीचे खड़ी कई कारें दब गईं. यही नहीं, ओलों के सीधे प्रहार से सड़कों के किनारे और पार्किंग में खड़े बाइक और कारों के शीशे तक चकनाचूर हो गए।

    हालात कुछ ऐसे हो गए कि शहर के मुरार, आनंद नगर, बहोड़ापुर, विनय नगर समेत सिटी सेंटर इलाकों में इतनी अधिक ओलावृष्टि हुई कि वहां सफेद चादर पसर गई. कश्मीर जैसा मंजर दिखाई देने लगा। एक तरफ शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी तरफ अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं. खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी, जिसे इस ओलावृष्टि ने जमीन पर बिछा दिया है. फसल खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।


    सटीक निकली IMD की चेतावनी

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी थी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्य सागर से उठी इन हवाओं ने जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुंचकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में असर दिखाना शुरू कर दिया है। विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 7 अप्रैल तक गरज-चमक और ओलावृष्टि का यह सिलसिला जारी रह सकता है. इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है. पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर सर्दियों के महीनों यानी दिसंबर से मार्च के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।

  • Weather: गर्मी के मौसम में तेज बारिश.. ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान… कई राज्यों में आज भी अलर्ट

    Weather: गर्मी के मौसम में तेज बारिश.. ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान… कई राज्यों में आज भी अलर्ट


    नई दिल्ली।
    पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से देशभर के मौसम (Weather) में बड़ा बदलाव दर्ज किया जा रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर उत्तर भारत (North India.) में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain), तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी जारी की गई है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं, जबकि किसानों को फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

    देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 64.5 से 115.5 मिमी तक वर्षा होने का अनुमान है। इन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट लागू है और कई स्थानों पर पहले से ही बादल छाए हुए हैं तथा बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और पश्चिमी भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम लगातार सक्रिय है। इन सभी मौसमीय प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है, जिसमें बारिश, तूफान और ओलावृष्टि शामिल हैं।


    राजस्थान के कई जिलों में खेतों में बिछी सफेद चादर

    राजस्थान में शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया। जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर सहित कई जिलों में गरज के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और हल्की से मध्यम बारिश के साथ छिटपुट ओलावृष्टि भी हुई। बीकानेर में शुक्रवार को खेतों में ओले बिछे नजर आए थे। मौसम विभाग ने बताया कि एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ 6 अप्रैल की दोपहर से जोधपुर और बीकानेर के कुछ हिस्सों में सक्रिय होने की संभावना है।

    इसके प्रभाव से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा डिवीजनों के कई हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, कुछ जगहों पर भारी बारिश होने और छिटपुट ओलावृष्टि होने की संभावना है।


    बंगाल में उमस भरी गर्मी जारी

    जहां एक ओर उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम ठंडा और अस्थिर हो रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है। इस तरह की उमस शरीर को थकाने वाली होती है और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है।


    पिछले 24 घंटों में बारिश का असर

    पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और कर्नाटक के कुछ इलाकों में अच्छी वर्षा हुई है। जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में 50 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों, केरल और माहे में 20 मिमी तक हल्की से मध्यम वर्षा हुई।


    अस्थिर रहेगा मौसम, कुछ दिन और जारी रहेगा असर

    आने वाले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर भारत के लोगों और किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। मौसम विभाग ने लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। आंधी और बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। घर की छत पर रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करें और वाहनों को छत के नीचे पार्क करें ताकि ओलों से नुकसान न हो। बिजली गिरने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।


    तापमान में गिरावट मौसम रहेगा ठंडा

    मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई देगा। उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ठंडा और अस्थिर बना रह सकता है, हालांकि बाद में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत भी हैं। देश में ओडिशा के झारसुगुड़ा में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर में 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा।


    दक्षिण भारत भी अछूता नहीं, केरल में भारी बारिश के आसार

    उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखा जा रहा है। केरल और माहे में भी 64.5 से 115.5 मिमी तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यहां गरज के साथ तेज बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।

  • 48 घंटे में खोलो होर्मुज स्ट्रेट, डेडलाइन पार हुई बरपेगा कहर… ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी

    48 घंटे में खोलो होर्मुज स्ट्रेट, डेडलाइन पार हुई बरपेगा कहर… ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी


    वाशिंगटन।
    मिडिल ईस्ट (Middle East.) में तनाव चरम पर है. ईरान और अमेरिका (America) के बीच को भी पीछे हटने या झुकने को तैयार नहीं है. सीजफायर की कोशिशों के बीच लगातार हमले जारी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने ईरान (Iran) को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोलने की तय समय सीमा का पालन नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आक्रामक अंदाज में लिखा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है. ईरान को समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पहले ही समय दिया गया था, लेकिन अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं. यदि ये डेडलाइन पार हुई, तो ईरान पर अमेरिका कहर बनकर टूटेगा. हैरानी की बात ये है कि कुछ दिन पहले तक ट्रंप का रुख अपेक्षाकृत नरम दिखाई दे रहा था।

    उन्होंने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर उम्मीद जताई थी और समय सीमा को 10 दिन तक बढ़ाते हुए 6 अप्रैल तक का वक्त दिया था. यह कदम संकेत दे रहा था कि वाशिंगटन अभी भी कूटनीतिक रास्ता खुला रखना चाहता है. लेकिन अब उनके तेवर बदल चुके हैं. उन्होंने साफ संदेश दे दिया है कि धैर्य की सीमा खत्म होने के करीब है. इसके बाद भीषण हमले किए जाएंगे।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है. इससे अमेरिका मुद्दे को सिर्फ क्षेत्रीय विवाद के तौर पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा स्थिरता से जुड़ा मामला मानता है.

    ट्रंप की बातों से साफ है कि अब यह मामला सिर्फ कूटनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं रहा. 48 घंटे की चेतावनी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिन बेहद अहम होने वाले हैं. ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से हालात तेजी से बदल रहे हैं, उससे दोनों देशों के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच सकता है।

    28 फरवरी को जब डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का आगाज किया तब उनके इरादे बिल्कुल साफ थे. दोनों ईरान की मिसाइल शक्ति को मिट्टी में मिलाना चाहते थे. उसके परमाणु ख्वाबों पर हमेशा के लिए ताला जड़ना चाहते थे. लेकिन युद्ध के पांचवें हफ्ते तक आते-आते अमेरिकी प्रशासन के ये लक्ष्य किसी पहेली की तरह उलझ गए हैं।

    कभी ट्रंप आक्रामकता की बात करते हैं, तो कभी अपने ही पुराने बयानों का खंडन कर दुनिया को हैरत में डाल देते हैं. इस टकराव का सबसे विचित्र पहलू ट्रंप के विरोधाभासी बयान रहे हैं. युद्ध के शुरुआती हफ्तों में उन्होंने बड़े आत्मविश्वास से कहा था कि इस लड़ाई का तेल से कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन कुछ ही समय बाद उनके सुर बदल गए. अब ईरान के तेल पर कब्जे की बात करते हैं।

    होर्मुज स्ट्रेट पर भी वॉशिंगटन का रुख डगमगाता दिखता है. पहले ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के हटने पर दूसरे देश इसे खोल सकते हैं, लेकिन महज कुछ ही दिनों में उन्होंने जोर देकर कहा कि वो आसानी से खुद संभाल सकते हैं. कभी वे जंग खत्म होने का ऐलान करते हैं, तो कभी बुनियादी ढांचे पर हफ्तों तक बमबारी की चेतावनी देते हैं. यह अनिश्चितता वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का सबब बन गई है।

  • ऐसे फंसती हैं हिंदू बेटियां…. हर्षा रिछारिया ने शेयर किए ईमेल….'लव जिहाद'-'ब्रेनवॉश' का दावा!

    ऐसे फंसती हैं हिंदू बेटियां…. हर्षा रिछारिया ने शेयर किए ईमेल….'लव जिहाद'-'ब्रेनवॉश' का दावा!


    उज्जैन।
    महाकुंभ (Mahakumbh) से चर्चा बटोरने वाली मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की हर्षा रिछारिया (Harsha Richharia) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर नई बहस छेड़ दी है. वीडियो में हर्षा खुद को मुस्लिम शख्स (Muslim man.) के भेजे ईमेल्स को लेकर कथित ‘लव जिहाद’ या ‘ब्रेनवॉश’ का दावा करती नजर आईं।

    हर्षा रिछारिया ने वीडियो में कहा, ”मैं एक बात बताती हूं. आज हो सकता है बहुत से लोगों को मिर्ची लगे. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे एक व्यक्ति के कुछ मेल मिले. पिछले कुछ दिनों में जिसने बराबर मुझसे ये पूछा कि तुम कैसी हो, कहां हो? कोई खबर नहीं तुम्हारी, तुम्हारी हेल्थ ठीक है कि नहीं है? तुम कोई पोस्ट क्यों नहीं डाल रही हो?

    देखो हर्षा ये सब चीजें फेम के लिए और फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए तो ठीक हैं, लेकिन आखिर में इससे घर नहीं चलता. इससे इनकम नहीं होती. उसके लिए तुम्हारा क्या फ्यूचर प्लान है? तुम मुझसे शेयर कर सकती हो।

    साध्वी हर्षा के मुताबिक, मेल भेजने वाले शख्स ने बराबर मुझे कई मेल्स किए. उसने बाकियों की तरह मुझे ‘फेक’, ‘पाखंडी’ जैसा कुछ भी नहीं बोला. उसने मुझे मेल करके पूछा. अब मैं आपको बताती हूं कि आपकी बेटियां ‘लव जिहाद’ में कैसे फसती हैं।

    महाकुंभ में वायरल हुई साध्वी हर्षा रिछारिया ने आगे कहा, ”हमारे खुद के धर्म में यह कमी है कि जब हमें अपने धर्म के लोगों की जरूरत होती है, हमें अपने क्लोज्ड ओन्स की जरूरत होती है तब वो हमारा मजाक उड़ाने में व्यस्त होते हैं।

    हमें फेक, पाखंडी, झूठा, मक्कार, फरेबी पता नहीं क्या क्या कहने में व्यस्त होते हैं. तब वो ये सोचने में यह बोलने में व्यस्त होते हैं कि अरे वो तो ये सब दिखावा कर रही है. तब जब आप उस इंसान को मानिसिक और भावानात्मक तौर पर बुर तरह तोड़ देते हैं।

    तब वो कमी दूसरे धर्म के लोग नोटिस करते हैं. और तब उन्हें समझ में आ जाता है कि ये लड़की टूटी हुई है, ये लड़की परेशान है, इसे कंधे की जरूरत है. इसे साथ की जरूरत है. तब वो वो साथ बन के आते हैं। तब वो ये यकीन दिलाते हैं कि देखो, मैंने तुम्हे तब समझा जब कोई और तुम्हें सुनने तक को राजी नहीं था।

    तब उस लड़की को लगता है कि हां, इससे अच्छा मेरे लिए कौन हो सकता है. मेरे धर्म के लोग मुझे नहीं समझ रहे, मेरे धर्म के लोग मुझे नहीं सुन रहे हैं. मेरे अपने मुझे नहीं सुन रहे हैं, तो ये इंसान तो मेरी जिंदगी में फरिश्ता बनकर आया। तब वो उस लड़के के कंधे पर सिर रख के रोने लगती है… और तब यहां से शुरुआत होती है ‘ब्रेनवॉश’ और ‘लव जिहाद’ की।

    हर्षा रिछारिया ने अंत में यह स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी कमी हमारे खुद के धर्म और समाज की है, जो अपने लोगों को सहारा देने के बजाय उन्हें नीचा दिखाने में व्यस्त रहता है. उन्होंने इसे ‘कड़वी हकीकत’ बताते हुए “जय श्री राम” के साथ अपनी बात खत्म की।

  • MP: गुना में युवक की पीट-पीटकर हत्या… पूर्व प्रेमिका से मिलने पहुंचा था…

    MP: गुना में युवक की पीट-पीटकर हत्या… पूर्व प्रेमिका से मिलने पहुंचा था…


    गुना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना (Guna) के चांचौड़ा क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना घटी जहां एक शादीशुदा युवक (Married Young Man.) अपनी विवाहित प्रेमिका (Married Girlfriend) से मिलने उसके गांव गया था। वहां उसको महिला के ससुराल वालों ने देख लिया और बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। इससे युवक बुरी तरह जख्मी हो गया। उसको गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।


    पूर्व जनपद अध्यक्ष के भतीजे की पीट-पीटकर हत्या

    गुना के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के कोन्याकला गांव में पूर्व जनपद अध्यक्ष के भतीजे की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, फरियादी कृष्णगोपाल मीना निवासी तुलसीखेड़ी ने शिकायत में बताया है कि वह अपने दोस्त गिरीश मीना (32) के साथ अल्टो कार से कोन्याकला गांव पहुंचे थे। गिरीश अपनी एक महिला परिचित से मिलने स्कूल के पास गया था। इस दौरान कृष्णगोपाल कार में ही बैठा रहा।


    पीड़ित की इलाज के दौरान मौत

    इसी बीच गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और गिरीश को पकड़कर गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में गिरीश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पीड़ित किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से निकल गया और परिजनों को घटना की सूचना दी। कुछ देर बाद गिरीश को गंभीर हालत में अस्पताल ले जहां उसका इलाज शुरू किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


    पुलिस ने दर्ज किया केस

    डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए रखवा लिया गया है। पुलिस ने कृष्णगोपाल मीणा की रिपोर्ट पर आरोपी चंदू, रामविलास, मनीष और गोविंद मीणा के खिलाफ धारा 103(1), 296(ए) और बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


    दोनों शादीशुदा

    गिरीश की शादी हो चुकी है। वह जिस महिला से मिलने गया था। वह भी शादीशुदा है। दोनों स्कूल के पास मिल रहे थे तभी महिला के ससुराल वालों ने देख लिया। शादी से पहले से दोनों की पहचान थी। इंचार्ज थाना प्रभारी SI अरविन्द गौड़ ने बताया कि युवक की हत्या का मामला सामने आया है।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी गांव से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगी हुई है।


    घर में बांधकर हत्या का आरोप

    थाना प्रभारी ने बताया है कि जांच में सामने आया है कि युवक और युवती एक दूसरे को जानते थे। पीड़ित कई बार मिलने के लिए आ चुका था। मृतक युवक अपने दोस्त के साथ महिला से मिलने पहुंचा था। इस वारदात को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। टीम में गठित करके आरोपियों की तलाश की जा रही है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे घर में बांधकर पीट-पीटकर उसकी हत्या की है। आरोपी पहले भी कई बार मृतक को धमकी दे चुके थे।