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  • आज का शेयर बाजार आउटलुक ग्लोबल संकेतों से तय होगी बाजार की चाल निवेशकों के लिए जानिए क्या है रणनीति

    आज का शेयर बाजार आउटलुक ग्लोबल संकेतों से तय होगी बाजार की चाल निवेशकों के लिए जानिए क्या है रणनीति


    नई दिल्ली । आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कई अहम घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच होने जा रही है। निवेशकों की नजर सबसे पहले एशियाई बाजारों की चाल अमेरिकी बाजार के रुख विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद और बिकवाली के आंकड़ों के साथ कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर जारी संकेत निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो भारतीय बाजार में भी खरीदारी का माहौल बन सकता है। दूसरी ओर यदि वैश्विक स्तर पर दबाव बढ़ता है तो घरेलू बाजार में भी मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।

    घरेलू स्तर पर कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिन कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहेंगे उनके शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों पर दबाव बन सकता है। ऐसे समय में निवेशकों की नजर बैंकिंग आईटी ऑटो फार्मा एफएमसीजी और मेटल सेक्टर के प्रमुख शेयरों पर बनी रहेगी।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। यदि विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। वहीं बिकवाली बढ़ने की स्थिति में प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही भारतीय रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार चढ़ाव भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करेगा।

    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश की रणनीति बेहतर मानी जा रही है। वहीं अल्पकालिक निवेश करने वाले कारोबारियों को स्टॉप लॉस का पालन करते हुए जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बिना पर्याप्त जानकारी के किसी भी शेयर में निवेश करना नुकसानदायक हो सकता है।

    आज के कारोबारी सत्र में बैंकिंग वित्तीय सेवाएं आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। यदि इन क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख शेयरों में खरीदारी बनी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। वहीं वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कॉर्पोरेट घोषणाओं के आधार पर दिनभर बाजार की दिशा बदल सकती है।

    कुल मिलाकर आज का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए अवसर और सतर्कता दोनों लेकर आ सकता है। सही जानकारी धैर्य और संतुलित निवेश रणनीति अपनाकर बाजार की अस्थिरता के बीच भी बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि अफवाहों के बजाय प्रमाणिक जानकारी और मजबूत कंपनियों के प्रदर्शन को आधार बनाकर ही निवेश संबंधी निर्णय लें।

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 3-4 महीने में साइनिंग की उम्मीद, जाने क्‍यों अटका समझौता?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 3-4 महीने में साइनिंग की उम्मीद, जाने क्‍यों अटका समझौता?


    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित ट्रेड डील अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, समझौते की शर्तों पर सहमति बन चुकी है और दस्तावेज भी तैयार हैं। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो अगले तीन से चार महीनों के भीतर दोनों देशों के बीच इस अहम व्यापारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।

    आखिर देरी क्यों हो रही है?
    मनीला में आयोजित आसियान (ASEAN) विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील की शर्तें अंतिम रूप ले चुकी हैं। हालांकि, समझौते पर हस्ताक्षर फिलहाल अमेरिका में चल रही सेक्शन 301 (Section 301) ट्रेड जांच के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

    अधिकारी के मुताबिक, भारत सहित करीब 60 देशों से जुड़े मामलों की जांच इस प्रावधान के तहत चल रही है, जिसके नतीजे अगले दो से तीन सप्ताह में आने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद अमेरिका भारत समेत अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है।

    क्या है सेक्शन 301?
    अमेरिकी ट्रेड एक्ट-1974 के तहत सेक्शन 301 अमेरिका को यह अधिकार देता है कि वह किसी भी देश की व्यापारिक नीतियों की जांच कर सके। यदि जांच में अमेरिकी कंपनियों के साथ भेदभाव या अनुचित व्यापारिक व्यवहार पाया जाता है तो अमेरिका उस देश पर व्यापारिक प्रतिबंध, अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) या अन्य कार्रवाई कर सकता है।

    हाल के दिनों में अमेरिका ने इसी प्रावधान के तहत ब्राजील और कनाडा पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ व्यापारिक वार्ता में भी इस प्रावधान का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर सकते हैं।

    टैरिफ भी बना बड़ी चुनौती
    भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता के दौरान टैरिफ का मुद्दा भी प्रमुख बाधाओं में शामिल रहा है। अमेरिका पहले ही कई देशों पर 12.5 प्रतिशत तक नए टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दे चुका है। इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने जेनेरिक दवाओं पर भी चरणबद्ध तरीके से 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा की है। प्रस्ताव के अनुसार पहले दो वर्षों तक टैरिफ में राहत, उसके बाद एक वर्ष के लिए 100 प्रतिशत और फिर 200 प्रतिशत तक शुल्क लागू किया जा सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका सेक्शन 301 और टैरिफ नीति के जरिए अपनी शर्तों के अनुरूप समझौता करना चाहता है। वहीं भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह केवल ऐसे व्यापारिक समझौतों को स्वीकार करेगा, जो उसके राष्ट्रीय और आर्थिक हितों के अनुरूप हों।

  • गुरुवार पूजा के विशेष नियम इन बातों का पालन करने से मिलेगा धन समृद्धि और सुख का आशीर्वाद

    गुरुवार पूजा के विशेष नियम इन बातों का पालन करने से मिलेगा धन समृद्धि और सुख का आशीर्वाद


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से पूजा करने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि ज्ञान और सौभाग्य का आगमन होता है। ज्योतिष शास्त्र में भी बृहस्पति ग्रह को ज्ञान धन संतान विवाह और सम्मान का कारक माना गया है। इसलिए गुरुवार के दिन किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि यदि इस दिन पूजा के नियमों का पालन किया जाए तो भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की कई परेशानियां दूर होने लगती हैं।

    गुरुवार की शुरुआत प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करने से करनी चाहिए। स्नान के बाद स्वच्छ और विशेष रूप से पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल की सफाई कर भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाएं और पीले फूल हल्दी चंदन अक्षत तथा पीले रंग के फल अर्पित करें। बेसन के लड्डू चने की दाल या केले का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान विष्णु सहस्रनाम विष्णु चालीसा अथवा ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन केले के वृक्ष की पूजा करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। केले के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। श्रद्धापूर्वक जल अर्पित कर दीपक जलाने और परिक्रमा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। यदि संभव हो तो इस दिन पीली वस्तुओं जैसे चने की दाल हल्दी पीले वस्त्र या मिठाई का दान भी करना चाहिए। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और ब्राह्मणों को भोजन कराना भी शुभ फल देने वाला माना गया है।

    गुरुवार के दिन कुछ कार्यों से बचने की भी सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन बिना आवश्यकता बाल कटवाना नाखून काटना और अनावश्यक विवाद करना शुभ नहीं माना जाता। क्रोध करना कटु वचन बोलना या किसी का अपमान करना भी इस दिन वर्जित माना गया है। परिवार में प्रेम और सम्मान का वातावरण बनाए रखना चाहिए ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। साथ ही फिजूलखर्ची और नकारात्मक विचारों से भी दूरी बनाकर रखना लाभकारी माना गया है।

    जो लोग गुरुवार का व्रत रखते हैं उन्हें दिनभर सात्विक भोजन करना चाहिए। कई श्रद्धालु केवल एक समय भोजन करते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करके व्रत का पालन करते हैं। व्रत के दौरान मन और वाणी की पवित्रता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक माना गया है जितना पूजा करना। सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई आराधना को ही सबसे श्रेष्ठ माना गया है।

    धार्मिक परंपराओं के अनुसार गुरुवार के नियमों का नियमित पालन करने से करियर में सफलता शिक्षा में उन्नति विवाह में आ रही बाधाएं दूर होने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की मान्यता है। भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की कृपा से परिवार में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है। इसलिए इस दिन केवल पूजा करना ही नहीं बल्कि अच्छे आचरण सेवा भाव और सकारात्मक सोच को भी जीवन का हिस्सा बनाना सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

  • डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों ने बढ़ाई चिंता WHO ने कहा हेल्थकेयर वर्कर्स की सुरक्षा के बिना मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था संभव नहीं

    डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों ने बढ़ाई चिंता WHO ने कहा हेल्थकेयर वर्कर्स की सुरक्षा के बिना मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था संभव नहीं


    नई दिल्ली । दुनिया भर में मरीजों की जान बचाने के लिए दिन रात काम करने वाले डॉक्टर नर्स और अन्य हेल्थकेयर वर्कर्स अब खुद असुरक्षा के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में इस स्थिति को गंभीर वैश्विक चिंता का विषय बताते हुए कहा है कि स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार हर 10 में से लगभग 4 हेल्थकेयर वर्कर्स अपने पेशेवर जीवन में कम से कम एक बार शारीरिक हिंसा का शिकार होते हैं जबकि गाली गलौज धमकी और अभद्र व्यवहार जैसी घटनाओं को शामिल किया जाए तो यह आंकड़ा 60 प्रतिशत से भी अधिक पहुंच जाता है।

    रिपोर्ट में बताया गया है कि अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को कई बार मरीजों और उनके परिजनों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। इलाज में देरी भीड़ अधिक होने संसाधनों की कमी और अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने जैसी परिस्थितियां कई बार तनाव को हिंसा में बदल देती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति केवल विकासशील देशों तक सीमित नहीं है बल्कि विकसित देशों में भी तेजी से बढ़ रही है।

    एक अंतरराष्ट्रीय मेडिकल अध्ययन के अनुसार डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स के खिलाफ हिंसा के सबसे अधिक मामले जर्मनी में दर्ज किए गए हैं जहां लगभग 91 प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों ने किसी न किसी प्रकार की हिंसा का अनुभव बताया। इसके बाद चीन पेरू तुर्की और भारत का स्थान आता है। भारत में भी डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों पर हमलों की घटनाएं समय समय पर सामने आती रही हैं जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों के पीछे कई कारण हैं। अस्पतालों में मरीजों की अत्यधिक संख्या स्वास्थ्यकर्मियों की कमी लंबा इंतजार संवाद की कमी और इलाज से जुड़ी अवास्तविक अपेक्षाएं अक्सर विवाद की वजह बनती हैं। कई बार मरीज के परिजन भावनात्मक दबाव में आकर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार या हिंसा कर बैठते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि समाज में धैर्य की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है।

    भारत में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए कई राज्यों ने अलग अलग कानून बनाए हैं लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पूरे देश में एक समान और सख्त राष्ट्रीय कानून की आवश्यकता है। उनका कहना है कि केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी है ताकि डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी बिना भय के अपना कर्तव्य निभा सकें।

    दुनिया के कई देशों ने इस समस्या से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। स्पेन ने डॉक्टरों पर हमले को राज्य के खिलाफ अपराध की श्रेणी में रखा जिसके बाद हिंसा की घटनाओं में कमी दर्ज की गई। सिंगापुर में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने पर भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान है जबकि यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के कई हिस्सों में भी ऐसे मामलों में कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए गए हैं।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि सुरक्षित स्वास्थ्यकर्मी ही सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव होते हैं। यदि डॉक्टर नर्स और अन्य चिकित्सा कर्मी भय और असुरक्षा के माहौल में काम करेंगे तो इसका सीधा असर मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ेगा। इसलिए सरकारों समाज और स्वास्थ्य संस्थानों को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जहां स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।

  • 30 साल बाद मेष राशि में आएंगे शनि, 2027 में इन 4 राशियों पर बरसेगी धन-समृद्धि की कृपा

    30 साल बाद मेष राशि में आएंगे शनि, 2027 में इन 4 राशियों पर बरसेगी धन-समृद्धि की कृपा


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार कर्मफलदाता शनि देव वर्तमान में मीन राशि में विराजमान हैं। 3 जून 2027 को शनि लगभग 30 वर्षों बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष को शनि की नीच राशि माना जाता है। इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मिथुन, सिंह, धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है।

    मिथुन राशि
    शनि का यह गोचर मिथुन राशि वालों के लिए आर्थिक प्रगति के संकेत दे रहा है। आय के नए स्रोत बनने और अप्रत्याशित धन लाभ मिलने की संभावना है। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को करियर में नए अवसर मिलेंगे, जबकि कारोबारियों को नई डील और विस्तार का लाभ मिल सकता है। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में भी सफलता के योग बन रहे हैं।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों के लिए शनि का राशि परिवर्तन भाग्य को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना मिलेगी। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। इस दौरान संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। साथ ही अचानक आर्थिक लाभ मिलने के भी संकेत हैं।

    धनु राशि
    धनु राशि वालों के लिए यह गोचर करियर और वित्तीय मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। मनचाही नौकरी मिलने के अवसर बन सकते हैं और आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं। व्यापार में बड़े निवेश का मौका मिल सकता है, जो भविष्य में लाभदायक साबित हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी सफलता मिलने की संभावना जताई गई है।

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि के जातकों के लिए भी शनि का मेष राशि में प्रवेश शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी और व्यापार में नए प्रयोग लाभकारी साबित हो सकते हैं। नए आय स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। धन संबंधी परेशानियां कम होंगी और बैंक बैलेंस में लगातार बढ़ोतरी होने के संकेत मिल रहे हैं।

  • दतिया उपचुनाव में सियासी बवाल, ‘लठ से वोट डलवाएंगे’ वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस हमलावर, भाजपा ने दी सफाई

    दतिया उपचुनाव में सियासी बवाल, ‘लठ से वोट डलवाएंगे’ वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस हमलावर, भाजपा ने दी सफाई


    दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। वीडियो में एक युवक कथित रूप से भाजपा के जनसंपर्क अभियान के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के सामने यह कहते हुए सुनाई देता है कि, “लठ से वोट डलवाएंगे, मारपीट करेंगे और पकड़-पकड़कर लोगों से वोट डलवाएंगे।” वीडियो में मंत्री युवक की पीठ थपथपाते हुए और “अरे वाह” कहते नजर आ रहे हैं।

    वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे कार्यकर्ता का व्यक्तिगत और अतिउत्साह में दिया गया बयान बताते हुए अपना पक्ष रखा है। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो दतिया जिले के बड़ौनी क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला जनसंपर्क अभियान चला रहे थे।

    क्या है वायरल वीडियो में?
    सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक कथित तौर पर मंत्री से कहता दिखाई देता है कि वह “लठ से वोट डलवाएंगे, मारपीट करेंगे और लोगों को पकड़कर मतदान कराएंगे।” इस दौरान मंत्री युवक की पीठ थपथपाते नजर आते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा हो गया। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग राजनीतिक दल इसे लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं।

    कांग्रेस ने उठाए सवाल
    वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि डर, दबाव और हिंसा की भाषा लोकतंत्र के अनुकूल नहीं है। उनका कहना है कि यदि वीडियो में कही गई बातें सही हैं तो यह निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और जनता इसका जवाब मतदान के जरिए देगी।

    भाजपा का पक्ष
    विवाद बढ़ने पर भाजपा की ओर से भी सफाई सामने आई। वरिष्ठ नेता डॉ. रामजी खरे ने कहा कि कई बार कार्यकर्ता जोश में इस तरह की बातें कह देते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक रुख पूरी तरह लोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से लोगों से मतदान की अपील करती है तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या दबाव की राजनीति का समर्थन नहीं करती।

    फिलहाल, दतिया उपचुनाव के बीच वायरल वीडियो को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। कांग्रेस इसे चुनावी आचार-विचार से जोड़कर भाजपा पर निशाना साध रही है, जबकि भाजपा इसे एक कार्यकर्ता के व्यक्तिगत बयान तक सीमित बता रही है।

  • पटना SP का वीडियो वायरल, बोले- ‘पीछे हटे तो नौकरी करने लायक नहीं छोडूंगा’, यह कहकर खुद सबसे आगे दौड़े

    पटना SP का वीडियो वायरल, बोले- ‘पीछे हटे तो नौकरी करने लायक नहीं छोडूंगा’, यह कहकर खुद सबसे आगे दौड़े


    पटना। बिहार की राजधानी पटना में छात्रों के उग्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधीक्षक (SP) संकेत कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में वह पुलिसकर्मियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘पीछे हटे तो नौकरी करने लायक नहीं छोड़ूंगा।’ इसके कुछ ही सेकंड बाद वह खुद सबसे आगे बढ़कर प्रदर्शनकारियों की ओर दौड़ते दिखाई देते हैं।

    यही वीडियो पूरे दिन सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना रहा। कुछ लोगों ने इसे पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने वाला नेतृत्व बताया, जबकि कई लोगों ने उनके शब्दों और शैली पर सवाल भी उठाए। फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर पटना पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    वीडियो में क्या दिखा?
    वायरल वीडियो में जेपी गोलंबर के पास का तनावपूर्ण माहौल दिखाई देता है। छात्र प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग की ओर तेजी से बढ़ते नजर आते हैं, जबकि पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश करती है। इसी दौरान SP संकेत कुमार अपने जवानों के बीच पहुंचकर ऊंची आवाज में चेतावनी देते हैं। इसके बाद वह खुद पुलिस टीम के साथ आगे बढ़ते हुए प्रदर्शनकारियों की दिशा में दौड़ पड़ते हैं। वीडियो के यही कुछ सेकंड सबसे ज्यादा साझा किए जा रहे हैं।

    क्यों कर रहे थे छात्र प्रदर्शन?
    गुरुवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) सहित कई छात्र संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना के जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन किया। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया गया, लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। भीड़ के आगे बढ़ने पर पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई और देखते ही देखते हालात तनावपूर्ण हो गए।

    लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस
    स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। इसके बाद लाठीचार्ज किया गया, फिर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों की तरफ से पथराव की भी सूचना सामने आई। इस झड़प में गांधी मैदान थाना प्रभारी और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। काफी देर तक जेपी गोलंबर और आसपास का इलाका तनावपूर्ण बना रहा।

    मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ी भीड़
    छात्रों का एक बड़ा समूह मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगा था। पुलिस पहले से अलर्ट थी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री आवास से पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया। जब भीड़ पीछे नहीं हटी, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें वहां से हटाया। इसके बाद धीरे-धीरे हालात सामान्य हुए, हालांकि राजधानी के कई हिस्सों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

    राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
    पटना की घटना के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। इसी दिन पटना में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प को लेकर दरभंगा में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। लहेरियासराय टावर चौक पर भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के झंडे के साथ सड़क पर उतरे और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की।

    भाजपा जिला अध्यक्ष ने लगाए आरोप
    दरभंगा भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना ने आरोप लगाया कि पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पथराव किया गया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक विरोध की सीमा से बाहर की घटना है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।

  • एमपी में लगातार 60 घंटे से मेहरबान मानसून, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में लगातार 60 घंटे से मेहरबान मानसून, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन मजबूत मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से पिछले 60 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। प्रदेश के 40 से अधिक जिले बारिश से तरबतर हो चुके हैं। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने अगले 24 घंटे के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पूर्व-पश्चिम शियर जोन सक्रिय हैं। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि इन तीनों सिस्टम की वजह से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है, जिसके चलते कई जिलों में कम समय में तेज बारिश दर्ज की जा रही है।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    गुरुवार के लिए आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, डिंडौरी, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी रुक-रुककर तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है।

    कई जिलों में बारिश का असर
    टीकमगढ़ में गुरुवार सुबह करीब 7:45 बजे से बारिश शुरू हो गई। पिछले चार दिनों से रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। जिले में अब तक औसतन 11.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है और पूरे दिन बारिश जारी रहने की संभावना है।

    बड़वानी जिले के सेंधवा में भी हल्की बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। वहीं मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे के बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को दिन के समय भी हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे शहर का मौसम लगातार ठंडा और सुहावना बना हुआ है।

  • गुरुवार पूजा का महत्व और संपूर्ण विधि पीले वस्त्र केले का पूजन और विष्णु आराधना से खुलेंगे सुख समृद्धि के द्वार

    गुरुवार पूजा का महत्व और संपूर्ण विधि पीले वस्त्र केले का पूजन और विष्णु आराधना से खुलेंगे सुख समृद्धि के द्वार


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से पूजा अर्चना करने से जीवन में सुख समृद्धि धन वैभव और ज्ञान की प्राप्ति होती है। जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है या विवाह शिक्षा संतान और करियर में बाधाएं आती हैं उनके लिए गुरुवार का व्रत और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक परेशानियां धीरे धीरे दूर होने लगती हैं।

    गुरुवार की पूजा प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से शुरू होती है। स्नान के बाद साफ और विशेष रूप से पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई कर भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पूजा में पीले फूल हल्दी चंदन अक्षत पीले फल चने की दाल और बेसन या बूंदी के लड्डू का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

    पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें और घी का दीपक जलाकर धूप दिखाएं। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम विष्णु चालीसा अथवा श्री हरि के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें। देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का जप भी विशेष फलदायी माना जाता है। पूजा के अंत में आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें। यदि संभव हो तो केले के वृक्ष की भी पूजा करें और जल अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

    गुरुवार के दिन दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन पीले वस्त्र चने की दाल हल्दी केसर पीले फल या मिठाई का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और ब्राह्मणों को भोजन कराना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन क्रोध असत्य वचन और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन बाल कटवाने नाखून काटने और बिना आवश्यकता के नकारात्मक विचार रखने से बचना शुभ माना गया है। घर में शांति और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने का प्रयास करें तथा परिवार के बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त होती है।

    मान्यता है कि जो श्रद्धालु नियमित रूप से गुरुवार का व्रत रखते हैं और पूरे विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उनके जीवन में धन की कमी नहीं रहती। करियर में सफलता शिक्षा में प्रगति वैवाहिक जीवन में सुख और परिवार में खुशहाली बनी रहती है। सच्ची श्रद्धा और निष्काम भाव से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनती है और उसे सुख समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

  • गुरुवार 23 जुलाई 2026 का राशिफल शुभ योग से चमकेगी कई राशियों की किस्मत जानिए मेष से मीन तक कैसा रहेगा आपका दिन

    गुरुवार 23 जुलाई 2026 का राशिफल शुभ योग से चमकेगी कई राशियों की किस्मत जानिए मेष से मीन तक कैसा रहेगा आपका दिन


    नई दिल्ली । 23 जुलाई 2026 गुरुवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर विशाखा नक्षत्र और शुभ योग का प्रभाव कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। हालांकि कुछ राशियों को करियर आर्थिक मामलों और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से सराहना मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा लेकिन सेहत और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    वृषभ राशि वालों के लिए व्यापार और करियर में प्रगति के योग बन रहे हैं। नए अवसर मिल सकते हैं लेकिन विरोधियों से सतर्क रहने की जरूरत है। परिवार में शांति बनाए रखने के लिए धैर्य और संयम आवश्यक रहेगा।

    मिथुन राशि के लोगों पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। कार्यस्थल पर सहयोग मिलेगा लेकिन निवेश के मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य का ध्यान रखना लाभदायक रहेगा।

    कर्क राशि वालों के लिए दिन मिश्रित रहेगा। परिवार से जुड़े पुराने मामलों को समझदारी से सुलझाना होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और नौकरी में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा।

    सिंह राशि के लिए गुरुवार बेहद शुभ साबित हो सकता है। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी और सामाजिक सम्मान बढ़ेगा। परिवार में मांगलिक कार्यों की संभावना है तथा आर्थिक लाभ के भी अच्छे योग बन रहे हैं।

    कन्या राशि के जातकों के लिए करियर और व्यापार में उन्नति के अवसर मिलेंगे। विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे और परिवार के साथ सुखद समय बिताने का मौका मिलेगा। समय का सही उपयोग बड़ी उपलब्धि दिला सकता है।

    तुला राशि वालों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई आ सकती है। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचें और स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बिल्कुल न करें।

    वृश्चिक राशि के लोगों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। मानसिक तनाव और कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर पूरा ध्यान देना होगा और स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त आराम करना जरूरी रहेगा।

    धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन सबसे शुभ दिनों में से एक रहेगा। करियर में नई सफलता मिलेगी और व्यापार में धन लाभ के प्रबल योग हैं। विद्यार्थियों को भी मनचाहे परिणाम मिल सकते हैं और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

    मकर राशि वालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी लेकिन छिपे हुए विरोधियों से सावधान रहना होगा। आर्थिक मामलों में फिजूलखर्ची से बचना बेहतर रहेगा और सोच समझकर फैसले लेने होंगे।

    कुंभ राशि के जातकों को व्यापार में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन बुद्धिमानी से सभी समस्याओं का समाधान निकल जाएगा। नौकरी में प्रशंसा मिलेगी और पारिवारिक जीवन भी संतोषजनक रहेगा।

    मीन राशि वालों के लिए गुरुवार अत्यंत शुभ रहेगा। लंबे समय से रुकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। करियर में बड़ी सफलता और विद्यार्थियों को शानदार उपलब्धि मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।