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  • भोपाल के कटारा हिल्स में नगर निगम के खिलाफ फूटा गुस्सा! जलभराव और गड्ढों से परेशान लोगों ने फूंका पुतला

    भोपाल के कटारा हिल्स में नगर निगम के खिलाफ फूटा गुस्सा! जलभराव और गड्ढों से परेशान लोगों ने फूंका पुतला


    भोपाल । भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में बारिश के बीच मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर रहवासियों का गुस्सा रविवार को सड़क पर देखने को मिला। अमलतास चौराहे पर बड़ी संख्या में लोगों ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। रहवासियों का आरोप है कि इलाके में जलभराव सड़कों पर गड्ढे गंदगी और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। बारिश के दौरान हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनसे नियमित रूप से टैक्स वसूला जा रहा है लेकिन उसके बदले जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। रहवासियों के मुताबिक कटारा हिल्स की मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों के अंदर की सड़कों तक जगह जगह बड़े गड्ढे हैं। बारिश होने के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी होती है और हादसे का खतरा बना रहता है।

    इलाके के लोगों का कहना है कि रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। अंधेरे और खराब सड़कों के कारण वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं देते। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रहवासियों ने मांग की है कि खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द दुरुस्त कराया जाए और सड़कों की मरम्मत कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी लोगों के साथ मौजूद रहे। युवक कांग्रेस के अनिकेत द्विवेदी ने वार्ड 85 के कई इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वार्ड में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। मुख्य सड़क से लेकर अंदरूनी मार्ग तक गड्ढों की वजह से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    रहवासियों ने बताया कि तेज बारिश के दौरान इलाके के कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता है। कॉलोनियों के आसपास जलभराव के साथ कीचड़ फैलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं होने का आरोप लगाया गया। लोगों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होती है।

    प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी में ही प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम का पुतला जलाया। इस दौरान लोगों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि वार्ड की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा।

    प्रदर्शन में मध्य प्रदेश कांग्रेस झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष निकेश सिंह चौहान भोपाल युवा कांग्रेस ग्रामीण के अध्यक्ष राहुल मंडलोई रोहित राजोरिया शिवी शर्मा लोकेंद्र शर्मा अनिल मीणा और राजकुमार सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। फिलहाल कटारा हिल्स में रहवासियों के प्रदर्शन ने बारिश के दौरान शहर की जल निकासी सड़क और सफाई व्यवस्था से जुड़े सवालों को एक बार फिर सामने ला दिया है।

  • सितंबर में घर बैठे मिलेगा फुल एंटरटेनमेंट! JioHotstar पर आ रहीं 8 धांसू फिल्में और सीरीज, देखें पूरी लिस्ट

    सितंबर में घर बैठे मिलेगा फुल एंटरटेनमेंट! JioHotstar पर आ रहीं 8 धांसू फिल्में और सीरीज, देखें पूरी लिस्ट


    नई दिल्ली। सितंबर 2026 मनोरंजन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए काफी खास रहने वाला है। ओटीटी प्लेटफॉर्म JioHotstar पर इस महीने एक दो नहीं बल्कि 8 नई फिल्में और सीरीज रिलीज होने वाली हैं। खास बात यह है कि इस लाइनअप में अलग अलग जॉनर के प्रोजेक्ट शामिल हैं। कॉमेडी से लेकर हॉरर कॉमेडी साइंस फिक्शन एनिमेशन और रियलिटी शो तक दर्शकों को कई तरह का कंटेंट देखने को मिलेगा। इसके अलावा सलमान खान का चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस 20 भी इसी महीने शुरू होने जा रहा है।

    सितंबर की शुरुआत ही गुजराती कॉमेडी सीरीज कान्हो बनियो कॉमन मैन से होगी। यह सीरीज 2 सितंबर को रिलीज होगी। इसकी कहानी भगवान कृष्ण के धरती पर आम इंसान के रूप में आने के इर्द गिर्द घूमती है। बताया गया है कि कृष्ण इंसानों की परेशानियों और उनकी जिंदगी को करीब से समझने के लिए आम आदमी की तरह रहने का फैसला करते हैं। गुजराती भाषा में आने वाली यह सीरीज कॉमेडी और पौराणिक अंदाज का दिलचस्प मेल पेश कर सकती है।

    इसी दिन साइंस फिक्शन के शौकीनों के लिए स्टार वार्स द मैंडलोरियन एंड ग्रोगू भी उपलब्ध होगी। कहानी में मैंडलोरियन और ग्रोगू एक बड़े मिशन पर निकलते हैं जहां उनका मकसद यूनिवर्स को बचाना है। इसके बाद 4 सितंबर को तमिल सीरीज द कोर्ट रिलीज होगी। इसकी कहानी एक ऐसी वकील के इर्द गिर्द है जिसे हकलाने की समस्या है। सबसे दिलचस्प मोड़ तब आता है जब उसे कोर्ट में अपने ही पिता के खिलाफ केस लड़ना पड़ता है।

    6 सितंबर को सितंबर का सबसे चर्चित शो बिग बॉस 20 शुरू होगा। सलमान खान इस सीजन को भी होस्ट करते नजर आएंगे। शो में कौन कौन से कंटेस्टेंट नजर आएंगे इसे लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्सुकता है। हर सीजन की तरह इस बार भी घर के अंदर होने वाले विवाद रिश्ते दोस्ती दुश्मनी और टकराव दर्शकों का मनोरंजन करने वाले हैं।

    11 सितंबर को JioHotstar पर दो अलग तरह के शो दस्तक देंगे। पहला है मलयालम कॉमेडी सीरीज प्रिंस ऑफ मॉलीवुड। इसकी कहानी फिरोज नाम के एक युवक पर आधारित है जिसका सपना अभिनेता बनना है लेकिन उसके सपने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा कोई बाहरी दुश्मन नहीं बल्कि उसका अमीर पिता बन जाता है। इसी दिन हॉरर कॉमेडी सीरीज अली बाबा और 40 भूत भी रिलीज होगी। इसमें अलीशा नाम की लड़की खुद को तर्क और विज्ञान पर भरोसा करने वाली मानती है लेकिन कुछ ऐसी रहस्यमयी शक्तियों से उसका सामना होता है जो उसकी पूरी सोच को चुनौती देने लगती हैं।

    इसके बाद बच्चों के लिए भी मनोरंजन का पूरा इंतजाम है। जंगल टेल्स विद मोगली 12 सितंबर को रिलीज होगी। यह एक एनिमेटेड सीरीज है जिसमें मोगली के जंगल के रोमांच और उसके दोस्तों की कहानियां देखने को मिलेंगी। इसके अगले ही दिन यानी 13 सितंबर को चिकू और बंटी कुश्ती की जंग रिलीज होगी। इस एनिमेटेड फिल्म में चीकू को अपनी बॉक्सिंग पर घमंड हो जाता है लेकिन फिर उसका सामना वीरा नाम के खतरनाक कुश्ती चैंपियन से होता है।

    कुल मिलाकर सितंबर का महीना JioHotstar दर्शकों के लिए कंटेंट के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। अलग अलग भाषाओं की सीरीज बड़े रियलिटी शो साइंस फिक्शन हॉरर कॉमेडी और बच्चों के लिए एनिमेशन का यह मिश्रण दर्शकों को अपनी पसंद के हिसाब से कंटेंट चुनने का मौका देगा। ખાસ तौर पर बिग बॉस 20 की शुरुआत इस महीने को और भी खास बनाने वाली है।

  • ‘चक दे इंडिया’ वाले शिमित अमीन संग कार्तिक आर्यन की बड़ी फिल्म! सच्ची घटना पर आधारित ‘कैप्टन इंडिया’ की शूटिंग जल्द

    ‘चक दे इंडिया’ वाले शिमित अमीन संग कार्तिक आर्यन की बड़ी फिल्म! सच्ची घटना पर आधारित ‘कैप्टन इंडिया’ की शूटिंग जल्द


    नई दिल्ली। कार्तिक आर्यन की अगली फिल्म को लेकर फैंस का इंतजार अब खत्म होने वाला है। उनकी पिछली फिल्म तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। इसके बाद से ही दर्शक यह जानने के लिए उत्सुक थे कि कार्तिक अब किस तरह के प्रोजेक्ट के साथ वापसी करने वाले हैं। अब उनकी नई फिल्म को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। कार्तिक आर्यन जल्द ही कैप्टन इंडिया नाम की फिल्म में नजर आएंगे और खास बात यह है कि इसकी कहानी सच्ची घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है।
    फिल्म का निर्देशन शिमित अमीन कर रहे हैं और इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। जानकारी के मुताबिक फिल्म की शूटिंग का पहला शेड्यूल 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा। इसका पहला शेड्यूल लंदन में शूट किया जाएगा और अक्टूबर तक चलने की संभावना है। भूषण कुमार के प्रोडक्शन में बन रही यह फिल्म कार्तिक आर्यन के करियर के लिए भी काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें रोमांस और कॉमेडी से अलग एक गंभीर और देशभक्ति से जुड़ा किरदार देखने को मिल सकता है।

    कैप्टन इंडिया की कहानी एक ऐसे वॉरजोन देश से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर भारत लाने की वास्तविक घटनाओं से प्रेरित होगी। यानी फिल्म की कहानी में युद्ध के बीच फंसे भारतीयों को बचाने और उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने के मिशन को बड़े स्तर पर दिखाया जाएगा। ऐसे मिशन पर इससे पहले भी बॉलीवुड में फिल्में बन चुकी हैं लेकिन मेकर्स इस कहानी को किस नए अंदाज में दर्शकों के सामने पेश करते हैं यह देखना दिलचस्प होगा।

    फिल्म को एक महत्वाकांक्षी एक्शन ड्रामा के तौर पर तैयार किया जा रहा है। इसमें देशभक्ति की भावनाओं के साथ जबरदस्त एक्शन और रोमांच देखने को मिल सकता है। कार्तिक आर्यन के लिए भी यह फिल्म एक अलग तरह का किरदार निभाने का मौका होगी। अब तक उन्हें रोमांटिक कॉमेडी से लेकर हॉरर कॉमेडी और गंभीर भूमिकाओं में देखा गया है लेकिन कैप्टन इंडिया में उनका अंदाज काफी अलग होने की उम्मीद है।

    इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात कार्तिक आर्यन और शिमित अमीन की जोड़ी भी है। शिमित अमीन को दर्शक चक दे! इंडिया जैसी चर्चित और आइकॉनिक फिल्म के लिए जानते हैं। ऐसे में जब वह एक बार फिर देशभक्ति और भारतीय जज्बे से जुड़ी कहानी लेकर आ रहे हैं तो फिल्म को लेकर उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। उनकी कहानी कहने की शैली और कार्तिक की लोकप्रियता का कॉम्बिनेशन दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकता है।

    फिल्म की रिलीज डेट भी तय कर दी गई है। कैप्टन इंडिया 13 अगस्त 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिलहाल फिल्म की कहानी और कार्तिक के किरदार से जुड़ी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन सच्ची घटना से प्रेरित कहानी बड़े स्तर के एक्शन और शिमित अमीन के निर्देशन ने फिल्म को लेकर उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि कार्तिक आर्यन इस नए अवतार में दर्शकों पर कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं और सच्ची घटना पर आधारित यह कहानी बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल करती है।

  • मजहर खान संग शादी पर पहली बार इतनी खुलकर बोलीं जीनत अमान! बताया क्यों सालों तक रिश्ते में बनी रहीं और क्या सीखा

    मजहर खान संग शादी पर पहली बार इतनी खुलकर बोलीं जीनत अमान! बताया क्यों सालों तक रिश्ते में बनी रहीं और क्या सीखा


    नई दिल्ली। 70 और 80 के दशक में अपनी खूबसूरती एक्टिंग और बेबाक अंदाज से हिंदी सिनेमा में अलग पहचान बनाने वाली जीनत अमान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में एक बातचीत में अपनी शादी रिश्तों और जिंदगी में लिए गए फैसलों पर खुलकर बात की है। मजहर खान के साथ अपनी शादी को याद करते हुए जीनत अमान ने बताया कि उस समय उनके मन में परिवार बसाने की स्पष्ट इच्छा थी और वह मां बनने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। लेकिन शादी के बाद परिस्थितियां उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहीं और उन्हें रिश्ते के कई कठिन दौर से गुजरना पड़ा।

    जीनत अमान ने कहा कि जब वह युवा थीं तो उन्होंने अपनी सोच अपनी इच्छाओं और उस समय की समझ के आधार पर जीवन के फैसले लिए थे। इनमें से कुछ फैसलों ने उन्हें खुशी दी जबकि कुछ का उन्हें फायदा नहीं मिला। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ उन्होंने अपने अतीत को एक अलग नजरिए से देखना सीखा। उनके मुताबिक समय इंसान को यह आजादी देता है कि वह पीछे मुड़कर अपने फैसलों को बिना खुद को दोष दिए और बिना अपने बचाव में उतरे समझ सके।

    मजहर खान के साथ अपनी शादी के बारे में बात करते हुए जीनत ने कहा कि उन्होंने यह रिश्ता परिवार बसाने की उम्मीद के साथ चुना था। दोनों ने 1985 में शादी की थी और उनके दो बेटे अजान और जहान हैं। जीनत के मुताबिक उस समय उनका मानना था कि शादी परिवार बनाने का माध्यम है और उन्होंने इसी सोच के साथ अपना फैसला लिया था। लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि किसी रिश्ते में प्यार और खुद को पूरी तरह भुला देने के बीच एक बड़ा अंतर होता है।

    अभिनेत्री ने बताया कि वह कई वजहों से इस रिश्ते में बनी रहीं। बच्चों की जिम्मेदारी वादा और यह उम्मीद कि परिस्थितियां एक दिन बदल जाएंगी उन्हें लंबे समय तक रिश्ते को निभाने के लिए प्रेरित करती रही। उन्होंने अपने पति की कई लड़ाइयों में उनका साथ दिया लेकिन आखिरकार उन्हें यह समझ आया कि कोई व्यक्ति दूसरे इंसान को तब तक नहीं बचा सकता जब तक वह खुद अपनी मदद करने के लिए तैयार न हो।

    जीनत ने मजहर खान के बारे में किसी तरह की नकारात्मक टिप्पणी करने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह उनके बच्चों के पिता हैं और इसी वजह से वह उनके बारे में बुरा नहीं कहना चाहतीं। दोनों की शादी करीब 12 साल चली थी और इस रिश्ते ने जीनत को जिंदगी की कई अहम सीख दीं।

    बॉलीवुड में बेवफाई के सवाल पर भी जीनत अमान ने बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि बेवफाई को केवल फिल्म इंडस्ट्री से जोड़कर देखना सही नहीं है क्योंकि यह इंसानी कमजोरी है। हालांकि उन्होंने माना कि बॉलीवुड में निजी रिश्ते अक्सर लोगों के मनोरंजन और गपशप का विषय बन जाते हैं। उनका कहना है कि किसी के टूटे हुए दिल और निजी दर्द को चर्चा या मनोरंजन का हिस्सा बनाना किसी के लिए अच्छा नहीं है।

    जीनत अमान का फिल्मी करियर भी उतना ही शानदार रहा है। हरे रामा हरे कृष्णा यादों की बारात सत्यम शिवम सुंदरम और डॉन जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। अपनी फिल्मों में आधुनिक और बोल्ड महिला किरदारों को नई पहचान देने वाली जीनत आज भी अपनी बेबाक सोच और जिंदगी के अनुभवों को लेकर दर्शकों का ध्यान खींचती हैं।

  • Bigg Boss 20 में फैसल खान की एंट्री पर बड़ा अपडेट! कभी आमिर पर लगाए थे गंभीर आरोप अब सलमान के शो में आएंगे नजर?

    Bigg Boss 20 में फैसल खान की एंट्री पर बड़ा अपडेट! कभी आमिर पर लगाए थे गंभीर आरोप अब सलमान के शो में आएंगे नजर?


    नई दिल्ली। Bigg Boss 20 के शुरू होने से पहले ही शो को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सलमान खान के चर्चित रियलिटी शो का नया सीजन 6 सितंबर 2026 से शुरू होने वाला है और इसके संभावित कंटेस्टेंट्स को लेकर लगातार नए अपडेट सामने आ रहे हैं। इसी बीच सबसे ज्यादा चर्चा आमिर खान के भाई फैसल खान के नाम को लेकर हो रही है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि फैसल खान बिग बॉस 20 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ सकते हैं। हालांकि अभी तक मेकर्स या फैसल की ओर से उनकी एंट्री की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    Variety की एक रिपोर्ट के मुताबिक फैसल खान को बिग बॉस में शामिल होने का ऑफर पहले भी मिल चुका है। बताया जाता है कि साल 2022 में भी शो की टीम ने उन्हें अप्रोच किया था लेकिन उस समय उन्होंने बिग बॉस के घर में जाने से इनकार कर दिया था। अब अगर इस बार फैसल शो का हिस्सा बनते हैं तो यह सीजन शुरुआत से ही काफी सुर्खियां बटोर सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका आमिर खान के साथ रहा विवादित रिश्ता है।

    फैसल खान पहले सार्वजनिक तौर पर अपने परिवार को लेकर कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने आमिर खान अपनी मां बहन और जीजा पर आरोप लगाया था कि उन्हें जबरन घर में बंद करके रखा गया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्हें ऐसी दवाइयां दी जाती थीं जिनसे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही थी। इन बयानों के बाद फैसल और उनके परिवार के रिश्तों को लेकर काफी विवाद हुआ था और मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा था।

    हालांकि बाद में फैसल खान ने अपने पुराने बयानों पर सफाई देते हुए परिवार से माफी मांगी थी। साल 2026 में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने परिवार की निजी बातें सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए थीं और वह इसके लिए माफी मांगना चाहते हैं। ऐसे में अगर फैसल बिग बॉस के घर में पहुंचते हैं तो दर्शकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वह आमिर खान और परिवार के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात करते हैं या फिर पुराने विवादों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं।

    बिग बॉस के घर का माहौल ऐसा रहा है जहां कंटेस्टेंट्स कई बार कैमरों के सामने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े ऐसे राज खोल देते हैं जिनकी बाहर चर्चा तक नहीं होती। यही वजह है कि फैसल खान की संभावित एंट्री ने फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी है। अगर वह शो में आते हैं तो आमिर खान से उनके रिश्ते और पुराने विवाद से जुड़े सवालों का सामना भी उन्हें करना पड़ सकता है।

    वहीं बिग बॉस 20 की कमान इस बार भी सलमान खान के हाथों में होगी। शो में शामिल होने वाले कई संभावित कंटेस्टेंट्स के नाम सामने आ रहे हैं जिनमें टीवी अभिनेता अर्जुन बिजलानी का नाम भी चर्चा में है। हालांकि अभी किसी भी संभावित कंटेस्टेंट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फैसल खान की एंट्री भी फिलहाल सिर्फ रिपोर्ट्स और चर्चाओं तक सीमित है। अब असली तस्वीर शो के ग्रैंड प्रीमियर के करीब ही साफ होगी कि क्या आमिर खान के भाई सलमान खान के बिग बॉस हाउस में कदम रखते हैं और अगर रखते हैं तो क्या पुराने रिश्तों के राज एक बार फिर सुर्खियों में आते हैं।

  • न प्रमोशन न बड़ी स्टारकास्ट फिर भी बॉक्स ऑफिस पर छा गई ‘हनुमान अंश’! 2 करोड़ की फिल्म ने 27 करोड़ से ज्यादा कमाए

    न प्रमोशन न बड़ी स्टारकास्ट फिर भी बॉक्स ऑफिस पर छा गई ‘हनुमान अंश’! 2 करोड़ की फिल्म ने 27 करोड़ से ज्यादा कमाए


    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर किसी फिल्म की किस्मत कब पलट जाए यह कहना मुश्किल होता है। हाल ही में रिलीज हुई हनुमान अंश इसकी सबसे दिलचस्प मिसाल बनकर सामने आई है। 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म शुरुआत में दर्शकों और बॉक्स ऑफिस दोनों की नजरों से लगभग गायब रही। रिलीज से पहले फिल्म को लेकर कोई खास प्रमोशन या बड़ी चर्चा नहीं थी और पहले दिन भी इसकी कमाई महज 10 लाख रुपये रही। इसके बाद शुरुआती दो हफ्तों में फिल्म का प्रदर्शन इतना कमजोर रहा कि इसे फ्लॉप मानने की चर्चाएं शुरू हो गईं। पहले दो हफ्तों के बाद फिल्म की कुल कमाई सिर्फ 1.48 करोड़ रुपये तक पहुंच पाई थी।
    हालांकि इसके बाद कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी शायद मेकर्स ने भी उम्मीद नहीं की होगी। तीसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई अचानक तेज हो गई और दर्शकों का रुझान लगातार बढ़ता गया। रिपोर्ट के मुताबिक तीसरे हफ्ते में हनुमान अंश ने 10.40 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसके बाद चौथे हफ्ते में भी फिल्म की रफ्तार थमने के बजाय और बढ़ती दिखाई दी। शुक्रवार को फिल्म ने 6.25 करोड़ रुपये कमाए जबकि शनिवार को कलेक्शन बढ़कर 9.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस तरह रिलीज के 23 दिनों में फिल्म का भारत में कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 27.38 करोड़ रुपये हो गया।

    सबसे खास बात यह है कि फिल्म को बेहद कम बजट में तैयार किया गया है। खबरों के मुताबिक हनुमान अंश को बनाने में करीब 2 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ऐसे में 27 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई फिल्म के निर्माताओं के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। शुरुआती सुस्ती के बावजूद फिल्म का इस तरह तेजी से आगे बढ़ना बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की पसंद और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ की अहमियत को भी दिखाता है।

    फिल्म की कहानी नीम करोली बाबा के जीवन से जुड़ी बताई जा रही है। नीम करोली बाबा का निधन सितंबर 1973 में हुआ था और उनके जीवन तथा आध्यात्मिक विचारों को लेकर देश और विदेश में भी काफी चर्चा रही है। फिल्म में महाराज जी का किरदार शोभिनाव सत्या ने निभाया है। इसके अलावा विहान शेज चंदन के आनंद पूर्णिमा तिवारी अनिल रास्तोगी गुलशन पांडे भगवानदास पटेल और राजीव मिश्रा समेत कई कलाकार नजर आ रहे हैं। फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है।

    फिल्म की असाधारण कमाई को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज है। कुछ पोस्ट में इसकी टिकट बिक्री की तुलना दूसरी बड़ी फिल्मों से की जा रही है। हालांकि इन सोशल मीडिया दावों को अलग से आधिकारिक आंकड़ों से परखना जरूरी है। फिलहाल इतना जरूर है कि जिस फिल्म को रिलीज के शुरुआती दिनों में कमजोर प्रदर्शन के कारण फ्लॉप माना जा रहा था वही अब कम बजट में बड़ी कमाई करने वाली फिल्मों की चर्चा में शामिल हो गई है। हनुमान अंश की यह बॉक्स ऑफिस यात्रा दिखाती है कि कभी कभी शुरुआती कमाई फिल्म का अंतिम परिणाम तय नहीं करती और दर्शकों का समर्थन मिलने पर एक छोटी फिल्म भी अचानक बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।

  • खड़गे की रैली से शुरू हुआ विवाद फिर भड़का! शुद्धिकरण यज्ञ पर धामी ने साफ की तस्वीर बोले जाति नहीं धार्मिक नारों का हुआ शुद्धिकरण

    खड़गे की रैली से शुरू हुआ विवाद फिर भड़का! शुद्धिकरण यज्ञ पर धामी ने साफ की तस्वीर बोले जाति नहीं धार्मिक नारों का हुआ शुद्धिकरण


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद शुरू हुआ शुद्धिकरण यज्ञ का विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हमले के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार करते हुए इस पूरे मामले को अलग नजरिए से सामने रखा है। धामी ने कांग्रेस के उस आरोप को खारिज किया है जिसमें शुद्धिकरण यज्ञ को जातीय भेदभाव से जोड़कर सवाल उठाए गए थे। मुख्यमंत्री का कहना है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में किसी व्यक्ति या जाति के शुद्धिकरण के लिए यज्ञ नहीं कराया गया बल्कि रैली के दौरान लगाए गए कथित धार्मिक नारों से आहत भावनाओं के बाद हिंदू सामाजिक संगठनों की ओर से यह आयोजन किया गया था।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खड़गे के नाम पर जातीय शुद्धिकरण की बात करना ही गलत है। उनका तर्क है कि उत्तराखंड में बहुत कम लोग मल्लिकार्जुन खड़गे की जाति के बारे में जानते हैं। ऐसे में इस आयोजन को जातीय नजरिए से देखना उचित नहीं है। धामी ने स्पष्ट किया कि शुद्धिकरण किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि उस स्थान का किया गया था जहां कांग्रेस की रैली आयोजित हुई थी। उनके मुताबिक रैली के दौरान एक धर्म विशेष से जुड़े कथित नारे लगाए गए थे जिनसे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुईं और इसी के बाद धार्मिक संगठनों ने यज्ञ का आयोजन किया।

    धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आयोजन में बीजेपी के पदाधिकारी या कार्यकर्ता शामिल नहीं थे। उनके अनुसार हिंदू सामाजिक संगठनों ने अपने स्तर पर रामलीला मैदान में यज्ञ कराया। मुख्यमंत्री की इस सफाई के बाद विवाद खत्म होने के बजाय राजनीतिक रूप से और तेज होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस इस घटना को सामाजिक समानता और जातीय भेदभाव के सवाल से जोड़ रही है जबकि बीजेपी इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है।

    राहुल गांधी के हमले के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है और उनकी सरकार के सख्त फैसलों से पार्टी असहज है। धामी ने समान नागरिक संहिता धर्मांतरण विरोधी कानून दंगा विरोधी कानून और जिहाद के खिलाफ सख्त कानून जैसे फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और सामाजिक हितों को प्राथमिकता दे रही है।

    हल्द्वानी का यह विवाद अब केवल एक यज्ञ या राजनीतिक रैली तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि इसके जरिए कांग्रेस और बीजेपी अपने अपने राजनीतिक मुद्दों को धार दे रहे हैं। कांग्रेस जहां इसे सामाजिक भेदभाव का प्रतीक बता रही है वहीं बीजेपी कथित धार्मिक नारों और आहत भावनाओं का मुद्दा उठा रही है। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही ऐसे विवादों का राजनीतिक असर बढ़ना तय माना जा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों दल इस मुद्दे को लेकर एक दूसरे पर और तीखे हमले कर सकते हैं।

  • Saudi Arabia Umrah Visa Rules में बड़ा बदलाव! हर उमराह यात्रा से पहले नया पैकेज और परमिट लेना होगा अनिवार्य

    Saudi Arabia Umrah Visa Rules में बड़ा बदलाव! हर उमराह यात्रा से पहले नया पैकेज और परमिट लेना होगा अनिवार्य


    नई दिल्ली । उमराह के लिए सऊदी अरब जाने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए एक अहम खबर सामने आई हैनई दिल्ली । अगर आप साल में एक से ज्यादा बार उमराह करने की योजना बना रहे हैं तो सऊदी अरब के नए नियमों को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है। सऊदी अरब ने मल्टीपल एंट्री उमराह वीजा से जुड़े नियमों को लेकर नई व्यवस्था स्पष्ट की है। अब केवल एक साल की वैधता वाला उमराह वीजा होना दोबारा सऊदी अरब जाकर उमराह करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। हर नई उमराह यात्रा से पहले श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी और नया उमराह परमिट हासिल करना अनिवार्य होगा।

    नई व्यवस्था के तहत हर उमराह यात्रा से पहले श्रद्धालुओं को Nusuk प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत और अधिकृत सर्विस प्रोवाइडर से उमराह पैकेज बुक करना होगा। यह पैकेज यात्रा की निर्धारित तारीखों के मुताबिक होना चाहिए। इसके बाद Nusuk ऐप के माध्यम से नया उमराह परमिट प्राप्त करना जरूरी होगा। परमिट की तारीखें बुक किए गए सर्विस पैकेज की तारीखों से मेल खानी चाहिए। इसका मतलब साफ है कि अगर किसी यात्री के पास मल्टीपल एंट्री उमराह वीजा है और वह दोबारा उमराह के लिए सऊदी अरब जाना चाहता है तो उसे पिछली यात्रा के दस्तावेजों के आधार पर सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा। नई यात्रा के लिए दोबारा जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

    यह मल्टीपल एंट्री उमराह वीजा जुलाई में शुरू किया गया था और जारी होने की तारीख से 365 दिनों तक वैध रहेगा। इसकी खासियत यह है कि वीजा की वैधता अवधि के दौरान यात्री एक से ज्यादा बार सऊदी अरब की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि हर यात्रा के लिए उमराह पैकेज और परमिट की प्रक्रिया दोहरानी होगी। इसके साथ ही सऊदी अरब में रहने की अवधि को लेकर भी महत्वपूर्ण शर्त लागू है। वीजा एक साल तक वैध होने के बावजूद यात्री सभी यात्राओं को मिलाकर कुल 90 दिनों से ज्यादा समय तक सऊदी अरब में नहीं रह सकते।

    पहली बार उमराह वीजा के लिए आवेदन करने वाले यात्रियों को भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। सबसे पहले Nusuk प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकृत सर्विस प्रोवाइडर से जरूरी उमराह पैकेज लेना होगा। इसके बाद वीजा आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यात्रियों को आवश्यक दस्तावेजों और जांच से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के साथ सऊदी अरब के सभी प्रवेश और यात्रा नियमों का पालन करना होगा।

    सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय के मुताबिक नई व्यवस्था का उद्देश्य उमराह यात्रियों के लिए ठहरने यात्रा और अन्य संबंधित सेवाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इससे यात्रियों की यात्रा को व्यवस्थित करने और सेवाओं को निर्धारित तारीखों के अनुसार संचालित करने में मदद मिलेगी। ऐसे में अगर आप आने वाले समय में उमराह के लिए सऊदी अरब जाने वाले हैं या साल में कई बार उमराह करने की योजना बना रहे हैं तो यात्रा से पहले Nusuk पर अधिकृत सर्विस पैकेज बुक करने और नया उमराह परमिट लेने की प्रक्रिया जरूर पूरी करें। केवल वैध मल्टीपल एंट्री वीजा के भरोसे यात्रा करना पर्याप्त नहीं होगा।

  • युद्धों ने 44 बार मिटाने की कोशिश की लेकिन हर बार लौट आया ये शहर, 115 जंग झेल चुका है बेलग्रेड का हैरान करने वाला इतिहास

    युद्धों ने 44 बार मिटाने की कोशिश की लेकिन हर बार लौट आया ये शहर, 115 जंग झेल चुका है बेलग्रेड का हैरान करने वाला इतिहास


    नई दिल्ली । दुनिया के इतिहास में कई ऐसे शहर हैं जिन्होंने युद्धों की आग में अपना सबकुछ खोया लेकिन कुछ शहर ऐसे भी हैं जिन्होंने बार बार तबाह होने के बाद भी खुद को फिर से खड़ा किया। यूरोप का बेलग्रेड ऐसा ही एक शहर है जिसकी कहानी युद्ध तबाही और पुनर्निर्माण के अद्भुत संघर्ष से भरी हुई है। मौजूदा दौर में जब गाजा यूक्रेन और दुनिया के दूसरे हिस्सों में युद्ध की तस्वीरें सामने आ रही हैं तब बेलग्रेड का इतिहास यह याद दिलाता है कि युद्ध किसी शहर की इमारतों को तो गिरा सकता है लेकिन उसकी जिजीविषा को खत्म करना आसान नहीं होता। बेलग्रेड अपने इतिहास में 115 युद्धों का सामना कर चुका है और करीब 44 बार तबाह होने के बावजूद आज भी मजबूती से खड़ा है।

    बेलग्रेड की रणनीतिक स्थिति ही उसकी सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ी कमजोरी रही है। यह शहर डेन्यूब और सावा नदियों के संगम पर स्थित है और प्राचीन समय से ही सैन्य और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा है। इसी वजह से अलग अलग साम्राज्यों और सेनाओं की नजर इस शहर पर रही। रोमनों से लेकर सर्बों हंगेरियनों ऑटोमन और ऑस्ट्रियाई ताकतों तक ने इस इलाके के लिए संघर्ष किया। शहर का पुराना किला आज भी उन सदियों की लड़ाइयों का गवाह है। किले की दीवारों के आसपास इतिहास की कई परतें दफन हैं और यहां मौजूद सैन्य संग्रहालय में हजारों पुराने हथियार और युद्ध उपकरण इस रक्तरंजित अतीत की कहानी बताते हैं।

    बेलग्रेड का इतिहास सिर्फ एक या दो बड़े युद्धों तक सीमित नहीं रहा। अलग अलग दौर में सत्ता बदलती रही और शहर का स्वरूप भी बदलता रहा। इतिहास में इस शहर के कई नाम रहे जिनमें सिंगिदुनम भी शामिल है। रोमन दौर में यह सिंगिदुनम के नाम से जाना गया और बाद के समय में अलग अलग शक्तियों के अधीन आता जाता रहा। 15वीं सदी में ऑटोमन साम्राज्य के विस्तार के दौरान भी बेलग्रेड बड़े संघर्ष का केंद्र बना। शहर पर कब्जे के लिए कई बार लड़ाइयां हुईं और इसका किला लंबे समय तक रणनीतिक महत्व का केंद्र बना रहा।

    आधुनिक इतिहास में भी बेलग्रेड को युद्धों से राहत नहीं मिली। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शहर को भारी बमबारी झेलनी पड़ी। द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी के हमलों ने इसे बुरी तरह प्रभावित किया। युद्ध के बाद शहर ने खुद को दोबारा खड़ा किया और युगोस्लाविया की राजधानी के रूप में विकसित हुआ। लेकिन संघर्ष की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। 1990 के दशक में युगोस्लाविया के विघटन के दौर में बेलग्रेड फिर राजनीतिक उथल पुथल का केंद्र बना और 1999 में NATO की बमबारी ने शहर को एक बार फिर युद्ध का दर्द दिया।

    बार बार होने वाली तबाही और पुनर्निर्माण ने बेलग्रेड की पहचान को ही बदल दिया। इसी वजह से इसे White Phoenix यानी सफेद फीनिक्स जैसे उपनाम से भी जोड़ा जाता है। फीनिक्स उस मिथकीय पक्षी को कहा जाता है जो राख से दोबारा जन्म लेता है और बेलग्रेड की कहानी भी कुछ ऐसी ही दिखाई देती है। युद्धों ने इसकी इमारतें गिराईं सीमाएं बदलीं और सत्ता बदलती रही लेकिन शहर हर बार नए रूप में सामने आया।

    आज बेलग्रेड आधुनिक यूरोप का एक महत्वपूर्ण शहर है। उसकी सड़कों पर जिंदगी सामान्य दिखाई देती है लेकिन पुराने किले दीवारें और युद्ध संग्रहालय उसके अतीत की गवाही देते हैं। 115 युद्धों और 44 बार की तबाही के बावजूद इसका कायम रहना इस बात का प्रतीक है कि इतिहास में विनाश के साथ पुनर्निर्माण की कहानी भी लिखी जाती है। बेलग्रेड की दास्तान इसी जिद और जिजीविषा की कहानी है।

  • दिल चाहता है की रीयूनियन पार्टी में नहीं दिखे अक्षय खन्ना और प्रीति जिंटा! अब सामने आई दोनों के न पहुंचने की वजह

    दिल चाहता है की रीयूनियन पार्टी में नहीं दिखे अक्षय खन्ना और प्रीति जिंटा! अब सामने आई दोनों के न पहुंचने की वजह


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की यादगार फिल्मों में शामिल दिल चाहता है को रिलीज हुए 25 साल पूरे हो चुके हैं और इस खास मौके पर फिल्म से जुड़े सितारों और मेकर्स ने एक शानदार रीयूनियन पार्टी का आयोजन किया। इस सेलिब्रेशन में फिल्म की यादें फिर से ताजा हुईं और कई पुराने चेहरे एक साथ नजर आए। आमिर खान सैफ अली खान डिंपल कपाड़िया सोनाली कुलकर्णी के साथ फिल्म के डायरेक्टर फरहान अख्तर और प्रोड्यूसर रितेश सिधवानी भी इस खास मौके का हिस्सा बने। हालांकि इस पार्टी में एक ऐसे कलाकार की गैरमौजूदगी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा जिसने फिल्म में अपनी खास छाप छोड़ी थी। यह नाम था अक्षय खन्ना का।

    रीयूनियन पार्टी के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार यह सवाल पूछने लगे कि आखिर अक्षय खन्ना इस खास मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। दिल चाहता है की कहानी और किरदारों से जुड़ी यादों के बीच अक्षय की गैरमौजूदगी ने फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी। खास बात यह भी थी कि कार्यक्रम के होस्ट निखिल तनेजा ने पहले अक्षय खन्ना के इस समारोह में शामिल होने की जानकारी दी थी। ऐसे में जब वह पार्टी में नजर नहीं आए तो फैंस के बीच तरह तरह के सवाल उठने लगे।

    अक्षय खन्ना के फैंस ने सोशल मीडिया पर उनके कमेंट सेक्शन में भी उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सवाल किए। आखिरकार इन सवालों का जवाब खुद इवेंट के होस्ट निखिल तनेजा की ओर से सामने आया। एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि दुर्भाग्य से अक्षय खन्ना बीमार पड़ गए थे और इसी वजह से वह रीयूनियन पार्टी में शामिल नहीं हो सके। इस जवाब के सामने आने के बाद अक्षय के फैंस को उनकी गैरमौजूदगी की असली वजह पता चली और लंबे समय से चल रहा सवाल भी खत्म हो गया।

    इसी रीयूनियन में प्रीति जिंटा की गैरमौजूदगी भी चर्चा में रही। निखिल तनेजा ने बताया कि प्रीति को समारोह में लाने की कई कोशिशें की गईं लेकिन वह भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। इस तरह फिल्म की लगभग पूरी टीम के एक साथ आने के बावजूद दो अहम चेहरों की कमी साफ नजर आई।

    दिल चाहता है के बाद अक्षय खन्ना ने अपने करियर में कई अलग और यादगार किरदार निभाए हैं। हाल के वर्षों में उनकी एक्टिंग को लेकर एक बार फिर जबरदस्त चर्चा देखने को मिली है। धुरंधर में रहमान डकैत के किरदार ने उन्हें दर्शकों के बीच नई चर्चा दिलाई और अब वह एक और बेहद अलग भूमिका में नजर आने वाले हैं।

    अक्षय खन्ना जल्द ही महाकाली फिल्म में शुक्राचार्य का किरदार निभाते दिखाई देंगे। पूजा अपर्णा कोल्लुरू के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में भूमि शेट्टी महाकाली की भूमिका निभा रही हैं। पौराणिक मान्यताओं में शुक्राचार्य को असुरों का गुरु और बेहद विद्वान बताया गया है। फिल्म से अक्षय का लुक सामने आने के बाद उनके नए अवतार को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है। ऐसे में दिल चाहता है के रीयूनियन से उनकी गैरमौजूदगी भले ही चर्चा में रही हो लेकिन आने वाले समय में अक्षय खन्ना के पास दर्शकों को चौंकाने के लिए कई दिलचस्प प्रोजेक्ट मौजूद हैं।