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  • आमिर खान ने शादी की खबर पर लगाई मुहर 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग लेंगे सात फेरे बेटे जुनैद का रिएक्शन बना चर्चा का विषय

    आमिर खान ने शादी की खबर पर लगाई मुहर 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग लेंगे सात फेरे बेटे जुनैद का रिएक्शन बना चर्चा का विषय


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने अपनी तीसरी शादी को लेकर चल रही सभी अटकलों पर आखिरकार विराम लगा दिया है। अभिनेता ने खुद पुष्टि की है कि वह 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। 61 वर्ष की उम्र में आमिर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रहे हैं और इस खास मौके को उन्होंने पूरी तरह निजी रखने का फैसला किया है। शादी में केवल परिवार के सदस्य और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। अभिनेता ने इस मौके पर अपने प्रशंसकों से भी प्यार और आशीर्वाद की अपील की है ताकि उनके जीवन का नया सफर खुशियों से भरा रहे।

    आमिर खान हाल ही में अपने बेटे जुनैद खान के साथ एक कार्यक्रम में पहुंचे थे जहां उन्होंने मीडिया से खुलकर अपनी शादी को लेकर बातचीत की। सबसे दिलचस्प पल तब देखने को मिला जब आमिर अपनी शादी की जानकारी साझा कर रहे थे और उनके बगल में बैठे जुनैद खान मुस्कुराते हुए नजर आए। पिता की बात सुनकर उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। इस दौरान आमिर ने बताया कि शादी किसी आलीशान होटल या बड़े वेडिंग वेन्यू पर नहीं बल्कि उनके घर पर ही होगी। उन्होंने कहा कि यह एक छोटा और पारिवारिक समारोह होगा जिसमें केवल अपने लोग शामिल होंगे।

    अभिनेता ने स्पष्ट किया कि वह किसी भव्य रिसेप्शन या करोड़ों रुपये के आयोजन के पक्ष में नहीं हैं। उनकी प्राथमिकता सादगी और पारिवारिक माहौल है। आमिर का कहना है कि जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर को वह शोर शराबे के बजाय अपनों के साथ शांत और यादगार तरीके से मनाना चाहते हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान सभी से दुआएं मांगते हुए कहा कि उनकी और गौरी की नई जिंदगी खुशियों और विश्वास से भरी रहे।

    आमिर खान की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रही है। उनकी पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी जिनसे उन्हें दो बच्चे जुनैद खान और आयरा खान हैं। कई वर्षों तक साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। इसके बाद आमिर ने फिल्म निर्माता किरण राव से दूसरी शादी की। इस रिश्ते से उनके बेटे आजाद राव खान का जन्म हुआ। हालांकि वर्ष 2021 में आमिर और किरण ने भी अलग होने का फैसला किया लेकिन दोनों आज भी अच्छे दोस्त हैं और बेटे की परवरिश मिलकर कर रहे हैं।

    अब आमिर खान गौरी स्प्रैट के साथ अपने जीवन की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते की चर्चा लगातार हो रही थी लेकिन अभिनेता ने हमेशा इस रिश्ते को निजी रखा। अब शादी की आधिकारिक पुष्टि के बाद उनके प्रशंसकों में उत्साह बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर भी फैंस उन्हें लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं और नई जिंदगी के लिए ढेर सारी बधाइयां भेज रहे हैं।

    आमिर खान का यह फैसला इस बात का भी संदेश देता है कि जीवन में नई शुरुआत के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती। अपने परिवार के समर्थन और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में वह 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट का हाथ थामकर एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे। अब सभी की नजरें इस निजी लेकिन बेहद चर्चित शादी पर टिकी हुई हैं।

  • संतोषी माता व्रत का पूरा विधान जानें कब रखें कैसे करें पूजा और किन बातों का रखें विशेष ध्यान

    संतोषी माता व्रत का पूरा विधान जानें कब रखें कैसे करें पूजा और किन बातों का रखें विशेष ध्यान


    नई दिल्ली । संतोषी माता का व्रत हिंदू धर्म में सबसे लोकप्रिय और श्रद्धा से किए जाने वाले व्रतों में से एक माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से शुक्रवार के दिन रखा जाता है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से संतोषी माता का व्रत करते हैं उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख शांति समृद्धि तथा संतोष का वास होता है। यह व्रत महिलाएं और पुरुष दोनों कर सकते हैं। विवाह में बाधा संतान सुख आर्थिक परेशानियों और पारिवारिक कलह जैसी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए भी इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है।

    संतोषी माता का व्रत किसी भी शुक्रवार से शुरू किया जा सकता है। सामान्य रूप से लगातार 16 शुक्रवार तक यह व्रत रखने की परंपरा है। यदि किसी कारणवश बीच में व्रत छूट जाए तो अगले शुक्रवार से फिर श्रद्धापूर्वक व्रत जारी रखा जा सकता है। व्रत की शुरुआत से पहले माता का स्मरण कर अपनी मनोकामना का संकल्प लिया जाता है।

    व्रत वाले दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थल में संतोषी माता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। माता को लाल या पीला वस्त्र अर्पित करें और धूप दीप जलाकर पूजा करें। गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाना इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण भाग माना जाता है। इसके बाद संतोषी माता की व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण या पाठ करें। कथा के बाद आरती करें और प्रसाद सभी लोगों में बांटें।

    संतोषी माता के व्रत में सबसे महत्वपूर्ण नियम खट्टी वस्तुओं का त्याग है। व्रत करने वाला स्वयं तो खट्टी चीजें नहीं खाता ही है साथ ही व्रत के दिन किसी अन्य को भी खट्टी वस्तु खिलाने से बचना चाहिए। नींबू इमली आमचूर अचार दही में खट्टापन और अन्य अम्लीय खाद्य पदार्थों से इस दिन परहेज किया जाता है। मान्यता है कि इस नियम का पालन करने से माता शीघ्र प्रसन्न होती हैं और व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

    व्रत के दौरान श्रद्धालु दिनभर फलाहार या एक समय सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते हैं। पूजा में माता के समक्ष अपनी मनोकामना व्यक्त करते हुए परिवार की सुख शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है। पूरे व्रत काल में संयम सकारात्मक सोच और संतोष का भाव बनाए रखना भी इस व्रत का प्रमुख संदेश माना जाता है।

    जब 16 शुक्रवार का व्रत पूरा हो जाए तब उद्यापन किया जाता है। उद्यापन के दिन संतोषी माता की विशेष पूजा की जाती है और गुड़ चने का प्रसाद वितरित किया जाता है। परंपरा के अनुसार आठ बच्चों को भोजन कराया जाता है और उन्हें दक्षिणा तथा उपहार भी दिए जाते हैं। भोजन में भी किसी प्रकार की खट्टी वस्तु शामिल नहीं की जाती। इसके बाद माता का आशीर्वाद लेकर व्रत का समापन किया जाता है।

    धार्मिक मान्यता है कि संतोषी माता का व्रत केवल मनोकामनाओं की पूर्ति का माध्यम नहीं बल्कि जीवन में संतोष धैर्य और सकारात्मकता का संदेश भी देता है। जो व्यक्ति श्रद्धा विश्वास और नियमों के साथ यह व्रत करता है उसके जीवन में सुख शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है तथा परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

  • स्वस्थ रहना है तो आज ही बदलें ये आदतें जानिए हेल्दी लाइफस्टाइल के आसान और असरदार उपाय

    स्वस्थ रहना है तो आज ही बदलें ये आदतें जानिए हेल्दी लाइफस्टाइल के आसान और असरदार उपाय


    नई दिल्ली । स्वस्थ शरीर ही सुखी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम के दबाव और अनियमित दिनचर्या के कारण अपनी सेहत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। इसका परिणाम मोटापा मधुमेह उच्च रक्तचाप हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं के रूप में सामने आता है। यदि कुछ आसान और नियमित आदतों को अपनाया जाए तो लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जिया जा सकता है।

    अच्छी सेहत की शुरुआत संतुलित और पौष्टिक भोजन से होती है। रोजाना के भोजन में हरी सब्जियां मौसमी फल साबुत अनाज दालें दूध दही सूखे मेवे और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। तला भुना भोजन अधिक चीनी नमक और पैकेज्ड फूड का सेवन सीमित रखें। भोजन हमेशा समय पर करें और अधिक खाने से बचें।

    शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम भी उतना ही जरूरी है। प्रतिदिन कम से कम तीस से पैंतालीस मिनट तक तेज चलना योग दौड़ना साइकिल चलाना या कोई भी शारीरिक गतिविधि करने से शरीर फिट रहता है। व्यायाम न केवल वजन नियंत्रित रखता है बल्कि हृदय मांसपेशियों और हड्डियों को भी मजबूत बनाता है।

    पर्याप्त पानी पीना भी अच्छी सेहत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है पाचन बेहतर होता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है।

    अच्छी नींद स्वस्थ जीवन की बुनियाद मानी जाती है। हर व्यक्ति को प्रतिदिन सात से आठ घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए। पर्याप्त नींद लेने से शरीर की मरम्मत होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

    मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। तनाव को कम करने के लिए योग ध्यान प्राणायाम संगीत पढ़ाई या अपनी पसंद के किसी शौक के लिए समय निकालें। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से भी मानसिक संतुलन बना रहता है।

    धूम्रपान शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। ये आदतें कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।

    समय समय पर स्वास्थ्य जांच कराना भी जरूरी है। रक्तचाप शुगर कोलेस्ट्रॉल और अन्य आवश्यक जांच नियमित रूप से करवाने से बीमारियों का समय रहते पता चल जाता है और उनका उपचार आसान हो जाता है।

    स्वस्थ जीवन का मतलब केवल बीमारी से बचना नहीं बल्कि शारीरिक मानसिक और सामाजिक रूप से संतुलित जीवन जीना है। यदि नियमित दिनचर्या पौष्टिक भोजन पर्याप्त नींद व्यायाम और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बना लिया जाए तो व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ सक्रिय और खुशहाल जीवन जी सकता है।

  • शुक्रवार व्रत कैसे करें धन सुख और समृद्धि पाने के लिए अपनाएं पूजा की सही विधि और उपाय

    शुक्रवार व्रत कैसे करें धन सुख और समृद्धि पाने के लिए अपनाएं पूजा की सही विधि और उपाय


    नई दिल्ली । शुक्रवार का व्रत माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से घर में सुख समृद्धि धन वैभव और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। जिन लोगों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हो या परिवार में सुख शांति की कामना हो उनके लिए शुक्रवार का व्रत विशेष फलदायी माना गया है।

    व्रत के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ या सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर और मुख्य द्वार की सफाई करें। पूजा स्थान पर लाल या सफेद कपड़ा बिछाकर माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। यदि भगवान विष्णु की प्रतिमा भी हो तो उनका पूजन अवश्य करें क्योंकि माता लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ पूजी जाती हैं।

    पूजा में कमल का फूल या सफेद सुगंधित पुष्प अर्पित करें। रोली हल्दी अक्षत चंदन धूप दीप नैवेद्य फल मिठाई और खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। घी का दीपक जलाकर माता लक्ष्मी का ध्यान करें और श्रीसूक्त कनकधारा स्तोत्र या लक्ष्मी अष्टोत्तर नामावली का पाठ करें। इसके साथ ही ऊँ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र की कम से कम 108 बार माला जपना अत्यंत शुभ माना जाता है।

    व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिनभर सात्विक भोजन का पालन करें। कई लोग केवल फलाहार करते हैं जबकि कुछ श्रद्धालु एक समय बिना लहसुन प्याज का भोजन ग्रहण करते हैं। व्रत के दौरान क्रोध कटु वचन और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि माता लक्ष्मी स्वच्छता विनम्रता और मधुर व्यवहार से प्रसन्न होती हैं।

    शाम के समय पुनः माता लक्ष्मी की आरती करें और दीपक जलाएं। यदि संभव हो तो घर के मुख्य द्वार पर भी दीपक रखें। पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद बांटें और जरूरतमंद लोगों को भोजन वस्त्र या सफेद रंग की वस्तुओं का दान करें। शुक्रवार के दिन कन्याओं को मिठाई या खीर खिलाना भी शुभ माना जाता है।

    मान्यता है कि लगातार 11 या 16 शुक्रवार तक विधिपूर्वक व्रत करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं और घर में सुख समृद्धि का आगमन होता है। हालांकि व्रत का सबसे महत्वपूर्ण नियम श्रद्धा सच्ची निष्ठा और सकारात्मक आचरण माना गया है।

    शुक्रवार का व्रत केवल धन प्राप्ति का माध्यम नहीं बल्कि आत्मसंयम सदाचार और ईश्वर के प्रति आस्था को मजबूत करने का भी अवसर है। जब पूजा के साथ सेवा दान और सद्भाव जुड़ जाता है तब उसका आध्यात्मिक और सकारात्मक प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

  • रील नहीं रियल लाइफ के भी हीरो थे धर्मेंद्र अंडरवर्ल्ड की धमकी पर दिया ऐसा जवाब कि सब रह गए हैरान

    रील नहीं रियल लाइफ के भी हीरो थे धर्मेंद्र अंडरवर्ल्ड की धमकी पर दिया ऐसा जवाब कि सब रह गए हैरान


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को दर्शक आज भी उनकी शानदार अदाकारी दमदार संवाद और बेहतरीन एक्शन के लिए याद करते हैं। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी सफर में रोमांस कॉमेडी और एक्शन हर शैली की फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। हालांकि उनकी पहचान केवल बड़े पर्दे तक सीमित नहीं थी। उन्हें करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि वास्तविक जीवन में भी धर्मेंद्र बेहद साहसी और निडर इंसान थे। उनके व्यक्तित्व से जुड़ा ऐसा ही एक किस्सा अभिनेता और निर्देशक सत्यजीत पुरी ने साझा किया जिसने यह साबित किया कि धर्मेंद्र केवल फिल्मों के ही नहीं बल्कि असल जिंदगी के भी सच्चे हीरो थे।

    सत्यजीत पुरी ने एक इंटरव्यू में बताया कि 1990 के दशक में जब फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का दबदबा बढ़ रहा था तब कई कलाकारों को धमकी भरे फोन और दबाव का सामना करना पड़ता था। उस दौर में कई लोग खामोश रहना ही बेहतर समझते थे लेकिन धर्मेंद्र का स्वभाव अलग था। उन्होंने कभी भी डर के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया।

    सत्यजीत पुरी के अनुसार एक समय ऐसा भी आया जब अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों ने धर्मेंद्र पर दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन धर्मेंद्र ने घबराने के बजाय बेहद सख्त और आत्मविश्वास से भरा जवाब दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि कोई उनसे टकराने की कोशिश करेगा तो उनके गांव सनेहवाल के लोग उनके साथ खड़े होंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास लड़ने के लिए पूरी फौज जैसी ताकत है और उनसे उलझना किसी के लिए आसान नहीं होगा।

    बताया जाता है कि धर्मेंद्र के इस बेबाक और निडर जवाब के बाद अंडरवर्ल्ड ने दोबारा उन्हें परेशान करने की कोशिश नहीं की। यह घटना आज भी बॉलीवुड के चर्चित किस्सों में गिनी जाती है और धर्मेंद्र के साहस की मिसाल के रूप में सुनाई जाती है।

    धर्मेंद्र का व्यक्तित्व हमेशा सादगी और आत्मसम्मान से जुड़ा रहा। उन्होंने अपने करियर में कभी विवादों के सहारे लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश नहीं की बल्कि अपने काम और व्यवहार से लोगों का दिल जीता। यही वजह रही कि फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें बेहद सम्मान की नजर से देखा जाता था।

    धर्मेंद्र ने अपने फिल्मी करियर में सैकड़ों फिल्मों में अभिनय किया और कई सुपरहिट फिल्मों का हिस्सा रहे। उनकी जोड़ी कई बड़े सितारों के साथ पसंद की गई लेकिन अमिताभ बच्चन के साथ उनकी फिल्मों को आज भी दर्शक बड़े चाव से देखते हैं। उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और बेहतरीन अभिनय ने उन्हें हिंदी सिनेमा का ही मैन बना दिया।

    24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र के निधन की खबर ने फिल्म जगत और उनके करोड़ों प्रशंसकों को गहरा दुख पहुंचाया। उनके जाने के बाद भी उनकी फिल्में उनके संवाद और उनके साहस से जुड़े किस्से लोगों के दिलों में जिंदा हैं। मरणोपरांत उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया जो भारतीय सिनेमा में उनके असाधारण योगदान का सम्मान था।

    धर्मेंद्र का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्चा नायक केवल पर्दे पर नहीं बल्कि अपने सिद्धांतों साहस और आत्मसम्मान से वास्तविक जीवन में भी पहचाना जाता है। यही कारण है कि उन्हें आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित और प्रेरणादायक कलाकारों में गिना जाता है।

  • क्या सच में सुजैन खान को मिले थे 400 करोड़ रुपये? फराह खान अली ने सालों पुरानी अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी

    क्या सच में सुजैन खान को मिले थे 400 करोड़ रुपये? फराह खान अली ने सालों पुरानी अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सबसे चर्चित रिश्तों में शामिल रहे ऋतिक रोशन और सुजैन खान का तलाक आज भी चर्चा का विषय बना रहता है। दोनों ने साल 2000 में शादी की थी और करीब 14 साल साथ रहने के बाद 2014 में आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया। तलाक के बाद सबसे ज्यादा जिस बात ने सुर्खियां बटोरी वह थी यह दावा कि सुजैन खान को एलिमनी के रूप में 400 करोड़ रुपये मिले थे। अब इस मामले पर सुजैन की बड़ी बहन और जानी मानी ज्वेलरी डिजाइनर फराह खान अली ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है और इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताया है।

    एक इंटरव्यू में फराह खान अली ने कहा कि वर्षों से सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में 400 करोड़ रुपये की एलिमनी की जो बातें कही जाती रही हैं उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी बहन ने तलाक के दौरान किसी तरह की एलिमनी नहीं ली। उन्होंने बताया कि जब भी वह इस तरह की खबरें पढ़ती हैं तो उन्हें बेहद दुख होता है क्योंकि इससे सुजैन की छवि को गलत तरीके से पेश किया जाता है।

    फराह ने कहा कि उनका परिवार हमेशा से रिश्तों और मानवीय मूल्यों को धन दौलत से अधिक महत्व देता आया है। उनके अनुसार सुजैन ने कभी भी आर्थिक लाभ के लिए कोई निर्णय नहीं लिया और यही वजह है कि आज भी उनके रिश्ते ऋतिक रोशन और उनके परिवार के साथ बेहद सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि राकेश रोशन और पिंकी रोशन आज भी सुजैन को परिवार का हिस्सा मानते हैं और दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध कायम हैं।

    फराह खान अली ने यह भी बताया कि तलाक के समय पूरा परिवार इस फैसले से भावुक था और सभी को गहरा झटका लगा था। हालांकि समय के साथ दोनों परिवारों ने इस स्थिति को समझदारी से स्वीकार किया और किसी तरह की सार्वजनिक कटुता सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि ऋतिक और सुजैन दोनों ने अपने रिश्ते के अंत को बेहद गरिमा और परिपक्वता के साथ संभाला।

    उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने कई बार सुजैन से कहा कि वह 400 करोड़ रुपये वाली अफवाहों का सार्वजनिक रूप से खंडन करें लेकिन सुजैन ने हमेशा यही कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं। फराह के अनुसार सुजैन का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति का उनके जीवन में कोई महत्व नहीं है तो उसकी राय भी उनके लिए मायने नहीं रखती।

    फराह ने ऋतिक और सुजैन की शादी को याद करते हुए कहा कि दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे और शादी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थे। उस समय ऋतिक के करियर की शुरुआत हुई थी और परिवार चाहता था कि शादी कुछ समय बाद हो लेकिन दोनों ने अपने रिश्ते को प्राथमिकता देते हुए विवाह का निर्णय लिया।

    वर्तमान समय में ऋतिक रोशन अभिनेत्री सबा आजाद के साथ रिश्ते में हैं जबकि सुजैन खान अभिनेता अर्सलान गोनी को डेट कर रही हैं। फराह ने दोनों जोड़ों के लिए खुशी जताते हुए कहा कि जीवन में सबसे जरूरी बात खुश रहना है और ऐसे लोगों के साथ रहना है जो आपको सम्मान और सुकून दें। उनके अनुसार जब रिश्ते सम्मान और समझदारी पर टिके हों तो अलग होने के बाद भी आपसी सम्मान और दोस्ती बनाए रखी जा सकती है। यही बात ऋतिक और सुजैन के रिश्ते को आज भी खास बनाती है।

  • जमीन के नीचे मिला 40,000 सिक्कों का रोमन खजाना, फ्रांस में खुदाई में 1,700 साल पुराना इतिहास उजागर

    जमीन के नीचे मिला 40,000 सिक्कों का रोमन खजाना, फ्रांस में खुदाई में 1,700 साल पुराना इतिहास उजागर


    नई दिल्ली। फ्रांस के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित शांत गांव सेनन में हुई एक साधारण खुदाई ने इतिहास के सबसे बड़े रहस्यों में से एक को उजागर कर दिया है। एक मकान के विस्तार के दौरान जमीन के नीचे तीन बड़े मिट्टी के घड़े मिले, जिनमें लगभग 1,700 साल पुराने 40,000 से अधिक रोमन कांसे और तांबे के सिक्के भरे हुए थे।

    यह खोज केवल एक खजाना नहीं, बल्कि रोमन साम्राज्य के उस भूले-बिसरे दौर की झलक है, जब वहां समृद्ध जीवन, व्यवस्थित शहर और आधुनिक माने जाने वाले ढांचागत सिस्टम मौजूद थे।

    खुदाई में मिला पूरा रोमन मोहल्ला
    यह खोज तब सामने आई जब एक निजी संपत्ति पर निर्माण कार्य के लिए खुदाई शुरू की गई। इसके बाद नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर प्रिवेंटिव आर्कियोलॉजिकल रिसर्च (INRAP) की टीम ने 1,500 वर्ग मीटर क्षेत्र की जांच की।

    जांच में सिर्फ सिक्के ही नहीं, बल्कि एक पूरा रोमन आवासीय इलाका सामने आया, जिसमें पत्थर के घर, पक्की सड़कें, आंगन, कार्यशालाएं और जमीन के नीचे बना प्राचीन हीटिंग सिस्टम (हाइपोकॉस्ट) भी शामिल था। इससे संकेत मिलता है कि यह इलाका कभी व्यापारियों और समृद्ध कारीगरों का केंद्र रहा होगा।

    तीन घड़ों में छिपा ‘होम बैंक’
    पुरातत्वविदों के लिए सबसे बड़ी रहस्यपूर्ण खोज तीन मिट्टी के घड़े हैं, जिन्हें फर्श के नीचे बेहद व्यवस्थित तरीके से रखा गया था। इनमें से एक घड़े में लगभग 23,000 सिक्के थे, जिनका वजन करीब 38 किलोग्राम बताया गया है। दूसरे घड़े में लगभग 18,000 सिक्के मिले, जबकि तीसरा घड़ा खाली पाया गया।

    विशेष बात यह है कि इन घड़ों को सामान्य तौर पर खजाना छिपाने की तरह जल्दबाजी में नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध तरीके से जमीन के नीचे रखा गया था। इससे शोधकर्ताओं को यह अनुमान लगाने का आधार मिला है कि यह किसी तरह का ‘होम बैंक’ रहा होगा, जहां लोग अपनी दैनिक बचत जमा और निकालते थे।

    सिक्कों पर रोमन शासकों की छाप
    इन सिक्कों पर रोमन साम्राज्य के शासकों विक्टोरिनस और टेट्रिकस के चित्र अंकित हैं, जो तीसरी शताब्दी से संबंधित हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र उस समय रोमन प्रशासन और आर्थिक गतिविधियों का सक्रिय केंद्र रहा होगा।

    आग ने बदल दी पूरी कहानी
    पुरातात्विक अध्ययन के अनुसार, चौथी शताब्दी की शुरुआत में इस समृद्ध इलाके में एक भीषण आग लगी, जिसने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया। हालांकि बाद में लोगों ने इसे फिर से बसाने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय बाद एक और बड़ी आग ने इस बस्ती को पूरी तरह नष्ट कर दिया।

    इसके बाद यह इलाका पूरी तरह उजड़ गया और निवासी कभी वापस नहीं लौटे। समय के साथ घर मलबे में बदल गए और फर्श के नीचे दबा यह ‘होम बैंक’ इतिहास की परतों में खो गया, जो अब सदियों बाद फिर से सामने आया है।

  • 3 जुलाई शुक्रवार का वास्तु उपाय घर में सुख समृद्धि और धन वृद्धि के लिए अपनाएं ये आसान नियम

    3 जुलाई शुक्रवार का वास्तु उपाय घर में सुख समृद्धि और धन वृद्धि के लिए अपनाएं ये आसान नियम


    नई दिल्ली । शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन घर की स्वच्छता सकारात्मक ऊर्जा और सही दिशा में रखी गई वस्तुएं आर्थिक समृद्धि तथा पारिवारिक सुख को बढ़ाने में सहायक होती हैं। 3 जुलाई शुक्रवार के दिन यदि कुछ सरल वास्तु नियमों का पालन किया जाए तो घर का वातावरण सकारात्मक बनता है और वास्तु दोषों का प्रभाव भी कम होने लगता है।

    दिन की शुरुआत घर के मुख्य द्वार की सफाई से करें। मुख्य प्रवेश द्वार पर गंदगी या अनावश्यक सामान नहीं होना चाहिए क्योंकि वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश मार्ग माना गया है। यदि संभव हो तो सुबह रंगोली बनाएं और घी का दीपक जलाकर माता लक्ष्मी का स्मरण करें।

    घर के उत्तर और उत्तर पूर्व दिशा को साफ और खुला रखें। इन दिशाओं को धन और शुभ ऊर्जा का क्षेत्र माना जाता है। यहां भारी सामान कबाड़ या टूटी हुई वस्तुएं रखने से आर्थिक उन्नति में बाधा आने की मान्यता है। यदि ऐसी कोई वस्तु हो तो उसे तुरंत हटा दें।

    शुक्रवार के दिन रसोईघर की विशेष सफाई करना शुभ माना जाता है। गैस चूल्हे और भोजन बनाने की जगह को साफ रखें। अन्न का अपमान न करें और रसोई में बर्तन लंबे समय तक गंदे न छोड़ें। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

    पूजा स्थल में सफेद या गुलाबी रंग के फूल अर्पित करें। माता लक्ष्मी को कमल का फूल विशेष प्रिय माना जाता है। यदि कमल उपलब्ध न हो तो सुगंधित सफेद फूल भी अर्पित किए जा सकते हैं। शाम के समय घी का दीपक जलाकर श्रीसूक्त या लक्ष्मी मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है।

    शुक्रवार को घर में टूटे हुए कांच बंद घड़ी फटे हुए जूते चप्पल या बेकार इलेक्ट्रॉनिक सामान लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। ऐसी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा का कारण मानी जाती हैं और तरक्की में रुकावट पैदा कर सकती हैं।

    धन रखने की अलमारी को दक्षिण पश्चिम दिशा में रखना और उसका मुंह उत्तर या पूर्व दिशा की ओर खुलना शुभ माना जाता है। अलमारी में स्वच्छता बनाए रखें और उसमें अनावश्यक कागज या बेकार सामान जमा न करें। इससे धन संबंधी ऊर्जा संतुलित रहती है।

    यदि घर में तुलसी का पौधा है तो शुक्रवार शाम उसके पास दीपक जलाएं। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही घर के सभी सदस्यों को मीठा बोलने और अनावश्यक विवाद से बचने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि वास्तु केवल भवन का नहीं बल्कि व्यवहार का भी विज्ञान माना जाता है।

    आज का संदेश यही है कि छोटी छोटी सकारात्मक आदतें और स्वच्छता ही बड़े वास्तु दोषों को कम करने का आधार बन सकती हैं। श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ किए गए उपाय घर में सुख शांति और समृद्धि का वातावरण बनाने में सहायक माने जाते हैं।

  • सोने में 3 हफ्ते की सबसे बड़ी तेजी, 4,151 डॉलर के पार पहुंचा भाव, चांदी में भी जोरदार उछाल

    सोने में 3 हफ्ते की सबसे बड़ी तेजी, 4,151 डॉलर के पार पहुंचा भाव, चांदी में भी जोरदार उछाल


    नई दिल्ली। कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी का रुख जारी है। पिछले दो दिनों में लगातार बढ़त दर्ज करते हुए सोना पिछले तीन हफ्तों की सबसे बड़ी छलांग के साथ नए स्तर पर पहुंच गया है। इससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी कमजोर पड़ गई है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,150 डॉलर के पार
    सिंगापुर स्पॉट मार्केट में सोना 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,151.48 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इससे पहले पिछले सत्र में सोने में 2.3 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई थी, जो पिछले तीन हफ्तों में सबसे बड़ी दैनिक बढ़त मानी जा रही है।

    चांदी भी मजबूत रुख के साथ 1 प्रतिशत बढ़कर 61.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले यह लगातार तीन सत्रों में करीब 5 प्रतिशत तक चढ़ चुकी है। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स में पिछले सत्र की 0.5 प्रतिशत गिरावट के बाद हल्की मजबूती देखने को मिली है।

    घरेलू बाजार में भी उतार-चढ़ाव
    घरेलू वायदा बाजार (MCX) में गुरुवार रात करीब 11:30 बजे सोना मामूली गिरावट के साथ 1,45,723 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं चांदी भी कमजोर होकर 2,33,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 1,43,003 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,28,850 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई।

    अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का असर
    गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में जून महीने में रोजगार वृद्धि की रफ्तार में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इससे संकेत मिला है कि मजबूत दिखने के बावजूद अमेरिकी श्रम बाजार अब भी दबाव में है।

    इन आंकड़ों के बाद जुलाई में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना काफी कम हो गई है। पहले जहां दर बढ़ोतरी की उम्मीद अधिक थी, वहीं अब स्वैप मार्केट में इसकी संभावना घटकर लगभग 18 प्रतिशत रह गई है, जो सप्ताह की शुरुआत में करीब 33 प्रतिशत थी।

    तेल और भू-राजनीतिक कारकों का भी असर
    हाल के महीनों में महंगाई को बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारण रहे कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखी जा रही है। होर्मुज जलमार्ग से टैंकरों की आवाजाही बढ़ने और अमेरिका-ईरान के बीच कतर में हुई सकारात्मक वार्ता के बाद तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर के करीब आ गई हैं। इन घटनाक्रमों का असर वैश्विक महंगाई के दबाव को कम करने की दिशा में देखा जा रहा है।

    आगे और तेजी की संभावना सीमित
    टीडी सिक्योरिटीज में कमोडिटी रणनीति प्रमुख बार्ट मेलेक के अनुसार, कम ऊर्जा कीमतें और कमजोर रोजगार वृद्धि आने वाले समय में मुद्रास्फीति के दबाव को घटा सकती हैं। उनका कहना है कि इससे सोने में शॉर्ट पोजीशन कवरिंग बढ़ी है, जबकि नई बिकवाली का दबाव कम हुआ है।

    हालांकि, उनका मानना है कि सोने में तेजी फिलहाल 4,280 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक सीमित रह सकती है। वहीं, लंबे समय में 5,300 डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद फिलहाल अगले साल तक टल सकती है।

  • 3 जुलाई का शेयर बाजार अपडेट बाजार में रहेगा उतार चढ़ाव या बनेगा नया रिकॉर्ड निवेश से पहले पढ़ें पूरी रिपोर्ट

    3 जुलाई का शेयर बाजार अपडेट बाजार में रहेगा उतार चढ़ाव या बनेगा नया रिकॉर्ड निवेश से पहले पढ़ें पूरी रिपोर्ट


    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में 3 जुलाई का कारोबारी सत्र कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच शुरू होगा। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों कच्चे तेल की कीमतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है। ऐसे में आज का कारोबार भी काफी हलचल भरा रहने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत हल्की बढ़त या सीमित उतार चढ़ाव के साथ हो सकती है। यदि विदेशी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो बैंकिंग आईटी ऑटो और कैपिटल गुड्स सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं वैश्विक स्तर पर किसी नकारात्मक खबर का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

    बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई की खरीद बिक्री अहम भूमिका निभाएगी। यदि विदेशी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहता है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है जबकि बिकवाली बढ़ने पर मुनाफावसूली का दबाव भी देखने को मिल सकता है।

    आईटी सेक्टर पर निवेशकों की विशेष नजर बनी रहेगी क्योंकि आने वाले दिनों में बड़ी कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे सामने आने वाले हैं। इसके अलावा बैंकिंग शेयरों में भी गतिविधि तेज रहने की उम्मीद है। यदि ब्याज दरों को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो वित्तीय शेयरों को समर्थन मिल सकता है।

    ऑटो सेक्टर में मासिक बिक्री के आंकड़े निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। अच्छी बिक्री दर्ज करने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर भी रक्षात्मक निवेश के लिहाज से आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं।

    ऊर्जा और तेल गैस कंपनियों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव का सीधा असर इन कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ता है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है तो इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और कई सेक्टर्स को राहत मिल सकती है।

    विशेषज्ञ फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए आज का सत्र अवसरों के साथ जोखिम भी लेकर आ सकता है इसलिए स्टॉप लॉस का पालन करना जरूरी रहेगा।

    बाजार की चाल पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों वैश्विक महंगाई की स्थिति डॉलर इंडेक्स और एशियाई बाजारों के प्रदर्शन का भी प्रभाव रहेगा। यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि किसी भी अप्रत्याशित अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से बाजार में अचानक उतार चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर 3 जुलाई का कारोबारी दिन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। समझदारी से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बाजार में अच्छे अवसर बन सकते हैं जबकि बिना रणनीति के निवेश करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।