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  • बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद तेज DJ और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर सवाल उठे हैं।

    बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद तेज DJ और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर सवाल उठे हैं।

    मध्य प्रदेश: के बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान 17 वर्षीय छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौत के बाद तेज DJ की आवाज को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। घटना शुक्रवार रात जेएच कॉलेज परिसर की बताई गई है। छात्रा प्रतीक्षा वर्मा जुलूस के दौरान अपनी छोटी बहन के साथ कॉलेज पहुंची थी। इसी दौरान उसे चक्कर आया और वह बेहोश हो गई। बाद में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने तेज DJ की आवाज को उसकी तबीयत बिगड़ने की वजह बताया है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    तेज आवाज शरीर में तनाव की प्रतिक्रिया पैदा कर सकती है। अचानक बहुत अधिक शोर होने पर शरीर में एड्रिनेलिन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकते हैं। इसके चलते कुछ समय के लिए रक्तचाप और हृदय गति बढ़ सकती है। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या धड़कन से जुड़ी समस्या है, उनके लिए अत्यधिक शोर और तनाव परेशानी बढ़ाने वाला हो सकता है।

    तेज आवाज और हैवी बेस से पैदा होने वाले कंपन का असर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। कुछ परिस्थितियों में तनाव और अचानक बढ़ा रक्तचाप हृदय की धड़कन को प्रभावित कर सकता है। हालांकि केवल DJ की तेज आवाज को सीधे हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का कारण मानना सही नहीं होगा। इसके लिए व्यक्ति की पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थिति और अन्य परिस्थितियों की भी जांच जरूरी होती है।

    बैतूल की घटना में सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्रतीक्षा बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी और एसएससी जीडी की तैयारी भी कर रही थी। उसकी बहन वेदिका ने बताया कि कॉलेज परिसर में DJ काफी तेज बज रहा था। इसी दौरान प्रतीक्षा को चक्कर आया। उसे अलग बैठाया गया और बाद में जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर उसकी कैरोटिड पल्स नहीं मिली और ECG में फ्लैट लाइन दर्ज हुई। शुरुआती स्थिति कार्डियक अरेस्ट जैसी बताई गई।

    पुलिस के अनुसार, छात्रा के बचपन से ही दिल संबंधी समस्या होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में यह पहलू जांच के लिए महत्वपूर्ण है। पुलिस DJ साउंड सिस्टम की तकनीकी जांच भी करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आयोजन के दौरान ध्वनि का स्तर निर्धारित मानकों से अधिक था या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की चिकित्सकीय वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    तेज आवाज का जोखिम केवल पहले से हृदय रोग वाले लोगों तक सीमित नहीं माना जा सकता। लंबे समय तक अत्यधिक शोर तनाव, नींद और रक्तचाप पर असर डाल सकता है। भीड़, गर्मी, शारीरिक थकान और लगातार तेज आवाज जैसी परिस्थितियां किसी व्यक्ति की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

    ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए देश में निर्धारित नियम लागू हैं। खुले स्थानों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। आयोजन के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना जरूरी है। अस्पताल, स्कूल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास शोर को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

    DJ की आवाज कितनी तेज है, इसका अंदाजा लगाने के लिए डेसिबल मीटर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बड़े आयोजनों में ध्वनि स्तर की निगरानी से अत्यधिक शोर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों के लिए तेज DJ और भारी भीड़ से दूरी बनाए रखना अतिरिक्त सावधानी हो सकती है।

  • उज्जैन में शाही मस्जिद पर कार्रवाई से पहले पथराव, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, महिला थाना प्रभारी घायल हुईं

    उज्जैन में शाही मस्जिद पर कार्रवाई से पहले पथराव, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, महिला थाना प्रभारी घायल हुईं


    मध्यप्रदेश: 
    के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विरोध कर रही भीड़ और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ गई। कुछ लोगों की ओर से पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

    शाही मस्जिद का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की योजना की जद में आ रहा है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी क्रम में प्रशासन की टीम शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी।

    कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। विरोध के दौरान टंकी चौराहे के आसपास स्थिति तनावपूर्ण हो गई। करीब 100 लोगों की भीड़ की ओर से मस्जिद परिसर में जाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने लोगों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

    स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कुछ लोगों की ओर से पथराव जारी रहने की जानकारी सामने आई। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम को मौके पर स्थिति संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।

    पथराव की घटना में क्राइम ब्रांच की थाना प्रभारी पुष्पा पांचाल घायल हो गईं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

    शाही मस्जिद को लेकर पिछले कुछ समय से विरोध की स्थिति बनी हुई थी। सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का विरोध मुस्लिम समुदाय की ओर से किया जा रहा था। सोमवार को प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान यह विरोध पथराव तक पहुंच गया।

    स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि लोगों को घबराने या डरने की जरूरत नहीं है। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद है।

    प्रशासन और पुलिस की टीम ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी है। अधिकारियों की प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रित रखना और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और माहौल खराब करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।

    सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी प्रक्रिया में शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने को लेकर विरोध सामने आया है। सोमवार को कार्रवाई के दौरान हुए पथराव और उसके बाद आंसू गैस के इस्तेमाल से इलाके में तनाव बढ़ गया। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए निगरानी की जा रही है।

  • अजय देवगन ने कपिल शर्मा के गोवा वाले मजाक का दिया मजेदार जवाब, फेनी पर छिड़ी बातचीत ने हंसी बढ़ाई

    अजय देवगन ने कपिल शर्मा के गोवा वाले मजाक का दिया मजेदार जवाब, फेनी पर छिड़ी बातचीत ने हंसी बढ़ाई

    नई दिल्ली ।अजय देवगन और कपिल शर्मा की मुलाकात एक बार फिर हंसी-मजाक से भरपूर रही। अजय देवगन अपनी आगामी फिल्म ‘दृश्यम-द कन्क्लूजन’ के प्रमोशन के लिए कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में पहुंचे थे। बातचीत के दौरान कपिल ने अजय की फिल्मों और गोवा से उनके जुड़ाव को लेकर मजाक किया। हालांकि, इस बार कपिल का मजाक उन्हीं पर भारी पड़ गया और अजय देवगन ने पलटकर उनकी ही टांग खींच दी।

    अजय देवगन की कई फिल्मों की शूटिंग गोवा में हुई है। ‘गोलमाल’, ‘सिंघम’ और ‘दृश्यम’ जैसी फिल्मों का गोवा से जुड़ाव रहा है। उनकी आगामी फिल्म ‘दृश्यम-द कन्क्लूजन’ की भी ज्यादातर शूटिंग गोवा में हुई है। फिल्म के पिछले हिस्सों की शूटिंग भी काफी हद तक इसी जगह हुई थी और कहानी की पृष्ठभूमि भी गोवा पर आधारित है।

    इसी वजह से बातचीत के दौरान कपिल शर्मा ने अजय देवगन से सवाल किया कि उनकी फिल्मों में गोवा का इतना कनेक्शन क्यों दिखाई देता है। कपिल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अजय की ज्यादातर फिल्में गोवा में शूट हुई हैं और उनकी आगामी फिल्म का ट्रेलर भी गोवा में ही लॉन्च किया गया था।

    इसके बाद कपिल ने अजय को छेड़ते हुए गोवा को लेकर एक मजेदार सवाल किया। उन्होंने कहा कि क्या अजय को वास्तव में गोवा की खूबसूरती पसंद है या फिर वहां मिलने वाली फेनी इसकी वजह है। कपिल ने यह भी मजाक किया कि शायद वहां पोमफ्रेट मछली सस्ती मिलती है।

    कपिल के सवाल का जवाब देते हुए अजय देवगन ने कहा कि गोवा उन्हें सुकून देने वाली जगह लगता है। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि वह फेनी नहीं पीते हैं। अजय के इस जवाब के बाद भी बातचीत यहीं खत्म नहीं हुई और कपिल ने एक बार फिर फेनी को लेकर मजाक किया।

    कपिल ने कहा कि अगर अजय खुद फेनी नहीं पीते हैं तो क्या वह किसी और के लिए वहां से फेनी ला सकते हैं। इस सवाल पर अजय देवगन ने कपिल की ही बात को पलटते हुए मजेदार जवाब दिया। उन्होंने कहा, “तेरी जिंदगी में फेनी ने बहुत गड़बड़ की है पहले ही, याद रखना।”

    अजय का यह जवाब सुनकर बातचीत का अंदाज और मजेदार हो गया। शो की जज अर्चना पूरण सिंह भी इस मजाक में शामिल होती नजर आईं। उन्होंने कपिल की टांग खींचते हुए कहा कि अगर उसे मुफ्त में कुछ मिल जाए तो वह कुछ भी पी लेगा।

    इस पूरे मजाकिया संवाद में दोनों कलाकारों के बीच की सहज बातचीत देखने को मिली। कपिल जहां अजय की फिल्मों के गोवा कनेक्शन को लेकर लगातार सवाल कर रहे थे, वहीं अजय ने भी मौका मिलते ही जवाब पलटकर कपिल की ही खिंचाई कर दी।

    अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘दृश्यम-द कन्क्लूजन’ को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। फिल्म की कहानी का संबंध गोवा से है और इसके पिछले हिस्सों की तरह इस फिल्म की शूटिंग में भी गोवा की अहम भूमिका रही है। इसी वजह से प्रमोशन के दौरान भी गोवा से जुड़े सवाल सामने आए।

    शो में हुई यह बातचीत अजय देवगन के फिल्म प्रमोशन के साथ-साथ कपिल शर्मा के साथ उनके मजाकिया अंदाज की वजह से भी चर्चा में रही। फेनी को लेकर शुरू हुआ कपिल का सवाल आखिरकार अजय के जवाब से उन्हीं पर लौट आया।

  • ममता कुलकर्णी का नया डांस वीडियो वायरल, 54 की उम्र में पुराने गानों पर थिरकती अभिनेत्री ने खींचा यूजर्स का ध्यान

    ममता कुलकर्णी का नया डांस वीडियो वायरल, 54 की उम्र में पुराने गानों पर थिरकती अभिनेत्री ने खींचा यूजर्स का ध्यान

    नई दिल्ली । 90 के दशक की चर्चित अभिनेत्री ममता कुलकर्णी एक बार फिर अपने नए अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेत्री के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह अपने पुराने फिल्मी गानों पर डांस करती नजर आ रही हैं। उनके इस अंदाज को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई लोगों ने उनके पुराने फिल्मी दौर को याद किया और उनकी तारीफ की।

    ममता कुलकर्णी हाल ही में 14वें जयपुर फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुई थीं। इस कार्यक्रम में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री मंच पर मौजूद थीं और उन्होंने अपने फिल्मी करियर से जुड़े कई लोकप्रिय गानों पर डांस किया।

    इस दौरान ममता कुलकर्णी को फिल्म ‘घातक’ के गाने ‘कोई जाए तो ले आए मेरी लाख दुआएं पाए’ पर थिरकते देखा गया। इसके अलावा उन्होंने ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ के गाने ‘भोली भाली लड़की’ और ‘करण अर्जुन’ के लोकप्रिय गाने ‘भांगड़ा पा ले’ पर भी डांस किया। उनके साथ कार्यक्रम में मौजूद कई छात्र भी थिरकते नजर आए।

    ममता ने कार्यक्रम के कुछ वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किए। वीडियो सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों और अन्य यूजर्स ने अभिनेत्री के नए अंदाज पर प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने उनकी उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि 54 साल की उम्र में भी वह आज की अभिनेत्रियों को टक्कर देती नजर आ रही हैं।

    एक यूजर ने ममता के इस बदले हुए अंदाज पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके संन्यास लेने की बात का जिक्र किया। वहीं दूसरे यूजर्स ने उनके नए रूप की तारीफ की। कुछ लोगों ने उनके पुराने फिल्मी दौर को याद करते हुए यह इच्छा भी जताई कि ममता दोबारा फिल्मों में नजर आएं।

    ममता कुलकर्णी का यह रूप इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले कुछ समय में वह आध्यात्मिक जीवन को लेकर सुर्खियों में रही थीं। साल 2025 में कुंभ मेले के दौरान उन्होंने संन्यास लिया था। इस दौरान उन्होंने अपना पिंडदान किया और अपना नाम यमाई ममता नंद गिरी रखा था। उन्हें किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भी बनाया गया था।

    हालांकि, फरवरी 2025 में ममता कुलकर्णी ने इस पद से इस्तीफा देने की जानकारी दी थी। इसके बाद अब उनका फिल्मी गानों पर डांस करते हुए आधुनिक अंदाज में नजर आना चर्चा का विषय बना हुआ है।

    ममता कुलकर्णी लंबे समय तक भारत से बाहर और फिल्मी दुनिया से दूर रही थीं। वह करीब 24 साल बाद 2024 में भारत लौटी थीं। उनके लंबे समय तक देश से बाहर रहने के दौरान उनका नाम ड्रग केस से जुड़े विकी गोस्वामी के साथ जोड़ा गया था। हालांकि, अभिनेत्री ने इस मामले से अपना कोई संबंध होने से इनकार किया था।

    भारत लौटने के बाद ममता धीरे-धीरे सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देने लगी हैं। जयपुर फिल्म फेस्टिवल में उनकी मौजूदगी और मंच पर पुराने गानों पर डांस का वीडियो उनके फिल्मी दौर की यादें फिर से सामने ले आया है। एक ओर उनके आध्यात्मिक जीवन को लेकर चर्चा हुई, वहीं अब उनका यह डांस वीडियो उनके पुराने फिल्मी अंदाज की वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है।

    कार्यक्रम में ममता ने नए कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान उनके डांस और अलग अंदाज के कई वीडियो सामने आए, जिन पर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। इस तरह ममता कुलकर्णी एक बार फिर मनोरंजन जगत से जुड़ी चर्चाओं में नजर आ रही हैं।

  • डिनर के बाद भीड़ में आलिया भट्ट को संभालते दिखे रणबीर कपूर, प्रोटेक्टिव अंदाज और मुस्कान ने खींचा सबका ध्यान

    डिनर के बाद भीड़ में आलिया भट्ट को संभालते दिखे रणबीर कपूर, प्रोटेक्टिव अंदाज और मुस्कान ने खींचा सबका ध्यान

    नई दिल्ली । रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, विकी कौशल और निर्देशक संजय लीला भंसाली इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘लव एंड वॉर’ को लेकर चर्चा में हैं। शनिवार 26 सितंबर की रात फिल्म की पूरी टीम मुंबई में डिनर के लिए एक साथ पहुंची। डिनर के बाद सभी सितारों ने रेस्टोरेंट के बाहर मौजूद लोगों और कैमरों के सामने तस्वीरें भी खिंचवाईं। इसी दौरान रणबीर कपूर और आलिया भट्ट का एक पल कैमरे में कैद हो गया, जो अब चर्चा में है।

    डिनर के बाद जब फिल्म की टीम रेस्टोरेंट से बाहर निकलकर अपनी कारों की ओर बढ़ रही थी, तब वहां कैमरों और लोगों की भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान आलिया भट्ट भीड़ के बीच से कार की तरफ जाने लगीं। रणबीर कपूर ने उन्हें कमर से पकड़कर अपने साथ रखा और भीड़ के बीच से बाहर निकालते हुए नजर आए।

    इस दौरान रणबीर का अंदाज अपनी पत्नी के प्रति काफी केयरिंग और प्रोटेक्टिव नजर आया। वीडियो में दिखाई देता है कि वह आलिया को भीड़ और अफरातफरी के बीच संभालते हुए कार की ओर ले जा रहे हैं। दोनों के बीच का यह पल कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।

    आलिया भट्ट इस मौके पर पीले रंग की स्कर्ट और मैचिंग टॉप में नजर आईं। उन्होंने अपने बालों को करीने से बांधा हुआ था। वहीं रणबीर कपूर कैजुअल लुक में दिखाई दिए। विकी कौशल ने सफेद रंग की शर्ट पहनी हुई थी। डिनर के बाद सभी कलाकारों ने रेस्टोरेंट के बाहर तस्वीरों के लिए पोज दिए।

    वीडियो में विकी कौशल को अलविदा कहने के बाद आलिया कार की तरफ बढ़ती दिखाई देती हैं। इसी दौरान रणबीर उनके पास पहुंचे और भीड़ के बीच उन्हें संभालते हुए आगे ले गए। रणबीर के इस अंदाज पर आलिया के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी और वह कुछ पल के लिए शरमाती हुई नजर आईं।

    आलिया और रणबीर के इस पल को फिल्मी टीम के डिनर के दौरान का एक खास क्षण माना जा रहा है। दोनों का यह वीडियो सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों के बीच भी चर्चा में है। खास तौर पर भीड़ के बीच रणबीर का आलिया को संभालना और आलिया का मुस्कुराना वीडियो का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।

    इस मुलाकात के दौरान फिल्म ‘लव एंड वॉर’ से जुड़े कलाकार भी एक साथ नजर आए। रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विकी कौशल इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि संजय लीला भंसाली इसका निर्देशन कर रहे हैं। फिल्म को लेकर कलाकारों के फर्स्ट-लुक पोस्टर भी सामने आ चुके हैं, जिनमें तीनों अलग-अलग अंदाज में दिखाई दिए हैं।

    ‘लव एंड वॉर’ को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विकी कौशल पहली बार एक साथ प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी और कलाकारों के लुक को लेकर भी लगातार चर्चा बनी हुई है।

    फिल्म की रिलीज की बात करें तो ‘लव एंड वॉर’ 21 जनवरी 2027 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इससे पहले फिल्म की टीम का एक साथ डिनर करना और उसके बाद रणबीर-आलिया का यह वीडियो मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • मोटर इंश्योरेंस खरीदने वालों को मिल सकते हैं ज्यादा विकल्प, IRDAI के प्रस्ताव से डीलर कमीशन व्यवस्था में बदलाव संभव

    मोटर इंश्योरेंस खरीदने वालों को मिल सकते हैं ज्यादा विकल्प, IRDAI के प्रस्ताव से डीलर कमीशन व्यवस्था में बदलाव संभव

    नई दिल्ली । नई कार या बाइक खरीदते समय ज्यादातर ग्राहक इंश्योरेंस भी उसी डीलर से करा लेते हैं, जहां से वाहन खरीदा जाता है। ऐसे में अलग-अलग बीमा कंपनियों की पॉलिसी, कीमत और उपलब्ध विकल्पों की तुलना करना हमेशा आसान नहीं होता। अब मोटर इंश्योरेंस की बिक्री व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव से ग्राहकों को डीलर के अलावा दूसरे माध्यमों से बीमा खरीदने का विकल्प मिल सकता है।

    भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने मोटर इंश्योरेंस की बिक्री और कमीशन व्यवस्था को लेकर एक पब्लिक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसमें मोटर इंश्योरेंस से जुड़े कमीशन और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई है। नियामक के अनुसार अलग-अलग मामलों में मोटर इंश्योरेंस पर कमीशन 13 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक हो सकता है, जबकि औसत करीब 24 प्रतिशत बताया गया है।

    नए और पुराने वाहनों की बिक्री से जुड़े ब्रोकर्स और मोटर इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर्स के माध्यम से वित्त वर्ष 2025 में करीब 29,000 करोड़ रुपये का प्रीमियम जुटाया गया। इसमें करीब 7,050 करोड़ रुपये कमीशन के तौर पर गया। प्रस्ताव में इस बात पर विचार किया गया है कि अपेक्षाकृत सरल मोटर इंश्योरेंस उत्पादों पर इतनी ऊंची कमीशन लागत कितनी उचित है।

    प्रस्तावित व्यवस्था में ग्राहकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नए और पुराने वाहनों के इंश्योरेंस उत्पादों तक पहुंच देने की बात कही गई है। इससे ग्राहक अलग-अलग विकल्पों की जानकारी ले सकेंगे और डीलर से अलग माध्यम के जरिए पॉलिसी खरीदने का विकल्प चुन सकते हैं। ऐसे गैर-लाभकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागत वसूलने के लिए प्रीमियम का अधिकतम पांच प्रतिशत शुल्क रखने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

    अगर प्रस्ताव लागू होते हैं तो वाहन डीलरों को ग्राहकों के सामने डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकल्प और क्यूआर कोड स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना पड़ सकता है। इसका उद्देश्य ग्राहक को यह जानकारी देना है कि इंश्योरेंस खरीदने के लिए केवल डीलर पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है।

    वाहन लोन के साथ इंश्योरेंस की बिक्री को लेकर भी प्रस्ताव में ध्यान दिया गया है। लोन और बीमा की बंडलिंग से जुड़े मामलों में करीब 16 प्रतिशत कमीशन देखे जाने का उल्लेख किया गया है। प्रस्तावित बदलावों में ग्राहक को लोन लेते समय इंश्योरेंस की कीमत और उसे खरीदने के माध्यम की स्पष्ट जानकारी देने पर जोर है।

    पुराने वाहनों के बीमा में भी कमीशन व्यवस्था की समीक्षा की गई है। प्रस्ताव के मुताबिक कई डीलरों के पास सर्विस और रिपेयर की सुविधाएं होने के बावजूद पुराने वाहनों के इंश्योरेंस पर मोटर इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर्स को औसतन करीब 12 प्रतिशत कमीशन मिलता है।

    कैशलेस रिपेयर को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। यदि ग्राहक ने किसी दूसरे बीमाकर्ता से पॉलिसी खरीदी है और उसमें कैशलेस रिपेयर की सुविधा उपलब्ध है, तो केवल इस आधार पर डीलर सुविधा से इनकार नहीं कर सकेगा कि बीमा उसी डीलर से नहीं लिया गया।

    इसके अलावा पॉलिसी बिक्री के आधार पर अतिरिक्त इंसेंटिव देने वाली कुछ व्यवस्थाओं पर रोक का प्रस्ताव है। अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा और सरल मोटर इंश्योरेंस उत्पादों पर कम कमीशन रखने की भी बात कही गई है।

    हालांकि, ये बदलाव अभी लागू नहीं हुए हैं। संबंधित प्रस्ताव पर सुझाव और आपत्तियां 25 अक्टूबर 2026 तक मांगी गई हैं। इसके बाद प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर विचार करके आगे की प्रक्रिया तय होगी। इसलिए फिलहाल मोटर इंश्योरेंस की मौजूदा व्यवस्था में तत्काल बदलाव नहीं माना जा सकता।

  • सुशांत सिंह राजपूत की मौत के छह साल बाद बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारी साझा की

    सुशांत सिंह राजपूत की मौत के छह साल बाद बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारी साझा की

    नई दिल्ली ।दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन को छह साल बीत चुके हैं। 14 जून 2020 को मुंबई स्थित अपने घर में उनकी मौत हुई थी। उनके निधन को उस समय कथित आत्महत्या बताया गया था। हालांकि, सुशांत के परिवार की ओर से इस निष्कर्ष को स्वीकार नहीं किया गया था और उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति लगातार मामले से जुड़े सवाल उठाती रही हैं।

    अब श्वेता सिंह कीर्ति ने एक वीडियो संदेश में अपने भाई के पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में उन्हें उस व्यक्ति से जुड़ी जानकारी मिली, जिसने सुशांत का पोस्टमार्टम किया था। श्वेता के अनुसार, पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति ने कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें लेकर परिवार पहले से सवाल करता रहा है।

    श्वेता ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें हाल ही में पता चला कि पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति के मुताबिक बंदूक का इस्तेमाल हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुशांत का पैर टूटा हुआ था और उनकी आंखों पर चोट थी। श्वेता ने यह भी कहा कि उनके भाई पर बहुत ज्यादा जोर डाला गया था।

    इन दावों के सामने आने के बाद सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े पुराने सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। हालांकि, श्वेता द्वारा वीडियो संदेश में बताई गई जानकारी उनके दावे के रूप में सामने आई है। उन्होंने अपने बयान में पोस्टमार्टम से जुड़ी कथित जानकारी का उल्लेख किया है।

    श्वेता ने अपने भाई के निधन के बाद लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अटलांटा से लौटने के बाद उनसे मिलने के लिए सैकड़ों लोग आए थे। उनके अनुसार, कई लोगों ने उन्हें गले लगाया और सुशांत को याद करते हुए रोए।

    श्वेता ने कहा कि लोगों को लगा कि उनके भाई के साथ जो हुआ, वह गलत था। उनके बयान में सुशांत के निधन को लेकर लोगों के बीच मौजूद भावनात्मक जुड़ाव और परिवार की ओर से उठाए जाते रहे सवालों का भी उल्लेख सामने आया।

    सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर लंबे समय तक अलग-अलग सवाल और दावे सामने आते रहे हैं। परिवार की ओर से भी मामले को लेकर संदेह व्यक्त किया जाता रहा है। अब छह साल बाद श्वेता के नए वीडियो संदेश में पोस्टमार्टम से जुड़ी बताई गई जानकारी ने एक बार फिर इस मामले को चर्चा में ला दिया है।

    श्वेता के अनुसार, पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारी में पैर टूटने और आंखों पर चोट जैसी बातें सामने आई थीं। उन्होंने बंदूक के इस्तेमाल और अत्यधिक जोर लगाए जाने का भी दावा किया। फिलहाल, ये बातें श्वेता सिंह कीर्ति द्वारा साझा की गई जानकारी और उनके दावे के रूप में सामने आई हैं।

  • पंजाब: LPU में बवाल के बाद 10 दिन बंद रहेगी यूनिवर्सिटी, मिडटर्म परीक्षा टली, पुलिस से झड़प में वाहन फूंके

    पंजाब: LPU में बवाल के बाद 10 दिन बंद रहेगी यूनिवर्सिटी, मिडटर्म परीक्षा टली, पुलिस से झड़प में वाहन फूंके


    जालंधर। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से कथित रेप और आत्महत्या की सोशल मीडिया पर फैली अपुष्ट खबर के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। छात्रों ने नेशनल हाईवे जाम किया, यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ की और पुलिस के साथ झड़प के दौरान वाहनों को नुकसान पहुंचाया। स्थिति को देखते हुए LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं, जबकि मिडटर्म परीक्षाएं अगली सूचना तक टाल दी गई हैं।

    पुलिस से झड़प, पत्थरबाजी और वाहनों में आग

    प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा। रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम एक पुलिस वाहन में आग लगाई गई और तीन वाहनों को नुकसान पहुंचा।

    इससे पहले छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया था। यूनिवर्सिटी परिसर में खिड़कियां और दूसरी संपत्तियां क्षतिग्रस्त की गईं तथा कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।

    FIR दर्ज, SIT जांच में जुटी

    पुलिस ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है। पुलिस के मुताबिक कथित घटना को लेकर FIR दर्ज की गई है और पूरे मामले के तथ्यों की जांच की जा रही है। छात्रों की मांगों और यूनिवर्सिटी प्रबंधन के बीच बातचीत की भी कोशिश की गई है।

    प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब चाहते हैं। एक छात्र ने दावा किया कि शुरुआत में यूनिवर्सिटी के छात्र ही प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन बाद में कुछ बाहरी लोग पहुंचे और तोड़फोड़ हुई। छात्र ने इन बाहरी लोगों को संपत्ति के नुकसान के लिए जिम्मेदार बताया। यह दावा फिलहाल प्रदर्शनकारी छात्र का पक्ष है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

    LPU ने कथित रेप की खबर को बताया झूठी

    यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही खबरों को “झूठा, निराधार और मनगढ़ंत” बताया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व ऐसी सूचनाएं फैला रहे हैं, जिससे छात्रों में भ्रम पैदा हो रहा है और शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

    LPU ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करने और उसे आगे प्रसारित नहीं करने की अपील की है। यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक माध्यमों से जारी होने वाली जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा है।

    डीन बोले- CCTV फुटेज दिखाने को तैयार

    छात्र विंग के डीन सौरभ लखनपाल ने कहा है कि यूनिवर्सिटी हर तरह की जांच के लिए तैयार है। उनका कहना है कि छात्र प्रतिनिधियों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर CCTV फुटेज दिखाए जाएंगे।

    यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि अफवाहों से जुड़े पूरे मामले की जांच की जाएगी। वहीं छात्र इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जांच पारदर्शी तरीके से हो और उन्हें भी प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।

    10 दिन तक कक्षाएं बंद, परीक्षा भी स्थगित

    हिंसक घटनाओं के बाद LPU ने छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए 28 सितंबर 2026 से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मिडटर्म परीक्षाओं को भी अगली सूचना तक स्थगित किया गया है। संशोधित परीक्षा कार्यक्रम बाद में UMS (University Management System) के जरिए जारी किया जाएगा।

    यूनिवर्सिटी ने छात्रों को इन 10 दिनों के दौरान अपने अभिभावकों के पास जाने की अनुमति दी है। जो छात्र हॉस्टल में रुकना चाहते हैं, उन्हें वहीं रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

    छात्रों और प्रबंधन के बीच बातचीत बेनतीजा

    हाईवे पर पुलिस ने छात्र प्रतिनिधियों और LPU प्रबंधन के साथ बातचीत की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शन तत्काल खत्म नहीं हुआ। छात्रों के बीच अपनी मांगों को लेकर असंतोष बना रहा। पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के साथ मामले की जांच आगे बढ़ा रहे हैं।

    फिलहाल कथित रेप और आत्महत्या से जुड़ी सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी की स्वतंत्र जांच जारी है। एक तरफ यूनिवर्सिटी इन दावों को पूरी तरह खारिज कर रही है, वहीं पुलिस ने FIR दर्ज कर SIT जांच शुरू की है। जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों में कितनी सच्चाई थी और पूरे विवाद की वास्तविक वजह क्या रही।

  • ट्रंप की धमकी के बीच अराघची बोले- हम जंग बेचने नहीं आए, शांति के लिए तैयार है ईरान

    ट्रंप की धमकी के बीच अराघची बोले- हम जंग बेचने नहीं आए, शांति के लिए तैयार है ईरान


    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता। न्यूयॉर्क में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और वह यहां युद्ध के लिए नहीं, बल्कि शांति और कूटनीति का रास्ता तलाशने आए हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान को नेस्तनाबूद करने की बात कही और तेहरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

    अराघची बोले- जंग नहीं चाहते, लेकिन जवाब देने को तैयार

    अराघची ने कहा, “राष्ट्रपति पेजेशकियान और मैं न्यूयॉर्क युद्ध बेचने नहीं आए हैं। हम शांति कायम करने आए हैं।” हालांकि, इसके साथ उन्होंने ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया को लेकर भी रुख स्पष्ट किया।

    ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश किसी भी तरह की आक्रामकता के सामने मजबूती से खड़ा रहेगा। हालात चाहे कितने भी गंभीर क्यों न हो जाएं, ईरान अपनी रक्षा करेगा। उन्होंने एक संभावित ‘एपोकैलिप्टिक वॉर’ तक का जिक्र किया और साथ ही कहा कि तेहरान वास्तविक कूटनीति के लिए तैयार है।

    अराघची का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद आया है।

    होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान ने रखा प्रस्ताव

    ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और क्षेत्र में जारी लड़ाई रोकने के लिए प्रस्ताव रखा था। इसके तहत सात दिन का काउंटडाउन शुरू करने की बात कही गई थी।

    अराघची के मुताबिक, यदि अमेरिका समझौते को लेकर गंभीर है तो ईरान इसके क्रियान्वयन की तैयारी पूरी कर चुका है। प्रस्ताव लागू होने के बाद दोनों पक्ष उन मुद्दों पर व्यापक बातचीत शुरू कर सकते हैं, जिन पर आपसी सहमति बन सकती है।

    होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ तेल की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही पर भी पड़ सकता है।

    ट्रंप ने प्रस्ताव ठुकराया, कहा- दबाव में है ईरान

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि तेहरान तत्काल होर्मुज स्ट्रेट खोलने का समझौता इसलिए करना चाहता है, क्योंकि वह बुरी तरह दबाव में है।

    हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच आगे बातचीत हो सकती है। ऐसे में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

    ईरान की शर्त- पहले मांगें पूरी हों, तभी खुलेगा होर्मुज

    अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान की शर्त भी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट तभी खोला जाएगा, जब ईरान की शर्तें पूरी होंगी।

    उनके मुताबिक, मध्यस्थों ने अभी तक अमेरिका की ओर से प्रस्ताव खारिज किए जाने की औपचारिक जानकारी ईरान को नहीं दी है। तेहरान अमेरिकी पक्ष के अंतिम जवाब का इंतजार कर रहा है। इसके बाद ही ईरान आगे की रणनीति तय करेगा।

    इससे संकेत मिलता है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर गतिरोध दोनों देशों के बीच बातचीत में सबसे अहम मुद्दों में से एक बना हुआ है।

    पेजेशकियान बोले- बातचीत को तैयार, दबाव स्वीकार नहीं

    ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी कहा है कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम समेत दूसरे मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान दबाव या धमकी के तहत कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा।

    पेजेशकियान के मुताबिक ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर दबाव बनाया जाता है, धमकी दी जाती है या हमला होता है तो वह अपना बचाव करेगा।

    तेल की आवाजाही पर भी पड़ रहा तनाव का असर

    अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिश ऐसे समय हो रही है, जब होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है। दुनिया के लिए यह समुद्री मार्ग इसलिए भी अहम है, क्योंकि यहां किसी लंबे गतिरोध का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बाजार पर पड़ सकता है।

    फिलहाल ईरान अपने प्रस्ताव पर अमेरिका के अंतिम जवाब का इंतजार कर रहा है। एक तरफ तेहरान कूटनीति के जरिए तनाव कम करने की बात कर रहा है, वहीं वह यह भी स्पष्ट कर रहा है कि दबाव या सैन्य कार्रवाई की स्थिति में वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। ऐसे में आगे की बातचीत और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों देशों का रुख क्षेत्रीय तनाव की दिशा तय करने में अहम होगा।

  • MP में अब तक 37.7 इंच हुई बारिश, एक सप्ताह में हो सकती है मानसून की विदाई, कल से खिलेगी तेज धूप

    MP में अब तक 37.7 इंच हुई बारिश, एक सप्ताह में हो सकती है मानसून की विदाई, कल से खिलेगी तेज धूप


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। रविवार तक प्रदेश में औसतन 37.7 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य बारिश के कोटे का 95.8% है। अब महज 0.2% बारिश होने पर प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगरी में आ जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिन प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश की संभावना नहीं है और एक सप्ताह के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो सकती है।

    मंगलवार से कई हिस्सों में तेज धूप

    मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार सोमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप खिलने का अनुमान है। अगले तीन दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में धूप का असर देखने को मिल सकता है।

    पिछले 48 घंटे से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश करा रहा गहरा अवदाब अब कमजोर हो गया है। इसके असर से पूर्वी हिस्से में अति भारी और भारी बारिश का दौर चला था। बारिश के कारण कई नदियां उफान पर आ गईं और कई बांधों के गेट खोलने पड़े।

    रविवार से सिस्टम कमजोर पड़ना शुरू हुआ, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में रविवार को धूप-छांव वाला मौसम रहा। अब सिस्टम की सक्रियता कम होने के साथ ही कई जिलों में तीखी धूप निकलने की संभावना है।

    सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने से सिर्फ 0.2% दूर

    इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 37.7 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के मुकाबले 95.8% है। यानी प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगरी से सिर्फ 0.2% दूर है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है।

    हालांकि, इस बार पूरे प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 100% तक पहुंचने की संभावना कम बताई जा रही है।

    पूर्वी MP में औसत से 4% ज्यादा पानी

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में इस बार बारिश की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा औसत से करीब 4% ज्यादा है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे से अधिक पानी गिर चुका है।

    इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 20% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में कम बारिश

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश सामान्य से पीछे है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    इन जिलों में मानसून के दौरान हुई बारिश सामान्य कोटे की तुलना में कम रही है। वहीं प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश ने सामान्य आंकड़े को पार कर लिया है।

    इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मानसून की सक्रियता अब लगातार कमजोर पड़ रही है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने तथा धूप का असर बढ़ने की संभावना है। इसी के साथ दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का सिलसिला भी शुरू हो सकता है। हालांकि, प्रदेश के सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी 0.2% बारिश की जरूरत है।