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  • सुभालय विहार में गरजा बुलडोजर, अवैध निर्माण पर निगम का एक्शन; नियम तोड़कर बनी दो मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त

    सुभालय विहार में गरजा बुलडोजर, अवैध निर्माण पर निगम का एक्शन; नियम तोड़कर बनी दो मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त


    भोपाल । भोपाल में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को बावड़ियाकलां स्थित सुभालय विहार में अवैध रूप से निर्मित दो मंजिला भवन पर जेसीबी चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम की इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

    नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गौरव गृह निर्माण सहकारी समिति के अंतर्गत आने वाले सुभालय परिसर में स्थित मकान क्रमांक बी 93 पर की गई। जांच में सामने आया कि जिस भूखंड पर निर्माण किया गया उसका मूल क्षेत्रफल 1312 वर्गमीटर था जबकि लगभग 900 वर्गमीटर क्षेत्र में जी प्लस वन भवन का निर्माण कर लिया गया था। सबसे अहम बात यह रही कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग द्वारा स्वीकृत लेआउट में इस भूखंड को एकल प्लॉट के रूप में स्वीकृति मिली थी लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए इसका अवैध विभाजन कर दिया गया।

    नगर निगम की जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित भूखंड को अनधिकृत तरीके से छोटे हिस्सों में बांटकर बेचा गया और बाद में स्वीकृत मानकों के विपरीत भवन निर्माण कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का निर्माण पूरी तरह नियमों के खिलाफ था इसलिए नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। निगम का कहना है कि शहर में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा वहां इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कार्रवाई के दौरान नगर निगम के इंजीनियर राजस्व विभाग के अधिकारी और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

    नगर निगम ने शहरवासियों से भी अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से उसकी वैधता और स्वीकृत लेआउट की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति के निर्माण या अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।

    नगर निगम का कहना है कि अवैध निर्माण केवल शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित नहीं करता बल्कि भविष्य में सड़क जल निकासी पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी गंभीर असर डालता है। इसी कारण प्रशासन ऐसे मामलों में लगातार अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

    प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में वैध और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। इसलिए जो लोग बिना स्वीकृति के निर्माण कर रहे हैं या अवैध प्लॉटिंग में शामिल हैं उनके खिलाफ आने वाले समय में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

  • नकली पिस्टल के दम पर राहगीरों से वसूली, भोपाल में LLB छात्र सहित दो फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार

    नकली पिस्टल के दम पर राहगीरों से वसूली, भोपाल में LLB छात्र सहित दो फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार


    भोपाल । भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर राहगीरों से वसूली करने वाले दो युवकों का भंडाफोड़ हो गया। राजधानी के शाहपुरा थाना क्षेत्र में दोनों आरोपी सिविल ड्रेस पहनकर चौराहे पर वाहन चालकों को रोकते थे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर हेलमेट व अन्य यातायात नियमों के नाम पर लोगों से पैसे वसूलने की कोशिश करते थे। गुरुवार रात लोगों की सतर्कता और सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई है जिसके बाद उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे शाहपुरा चौराहे से सूचना मिली कि दो युवक खुद को पुलिसकर्मी बताकर वाहन चालकों की जांच कर रहे हैं और उनसे रुपए मांग रहे हैं। सूचना मिलते ही शाहपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने पहले खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया लेकिन जब उनसे पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए और सख्ती से पूछताछ की गई तो उनका झूठ सामने आ गया।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में अमान खान ने बताया कि वह एमपी नगर स्थित एक निजी आईटी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है जबकि कार्तिक मिश्रा एलएलबी का छात्र है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल भी बरामद हुई जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

    घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों को दोनों युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। लोगों ने उनसे पूछा कि वे किस थाने से हैं और अपना पहचान पत्र दिखाएं। जब दोनों कोई वैध पहचान नहीं दिखा सके तो लोगों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में लोग यह भी सवाल करते दिखाई दे रहे हैं कि जब वे खुद बिना हेलमेट वाहन चला रहे हैं तो दूसरों को किस अधिकार से रोक रहे हैं। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद दोनों की पोल खुल गई।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हेलमेट नहीं पहनने या अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर लोगों से मौके पर ही पैसे मांगते थे। हालांकि वे किसी भी वाहन चालक का वैधानिक चालान नहीं काटते थे। पुलिस का मानना है कि दोनों लोगों को पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर अवैध वसूली कर रहे थे।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने सफाई देते हुए कहा कि वे लोगों के साथ केवल प्रैंक कर रहे थे लेकिन पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया। थाना प्रभारी के मुताबिक मौके पर कोई वीडियो शूट नहीं हो रही थी और ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि दोनों केवल मजाक कर रहे थे। पुलिस इसे सुनियोजित तरीके से लोगों को धोखा देकर पैसे ऐंठने का मामला मान रही है।

    फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। अमान खान के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है जबकि कार्तिक मिश्रा के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों अब तक कितने लोगों से फर्जी पुलिस बनकर वसूली कर चुके हैं और इस पूरे नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार फिर मजबूत, 682.23 अरब डॉलर पर पहुंचा; गोल्ड रिजर्व में भी दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी

    भारत का विदेशी मुद्रा भंडार फिर मजबूत, 682.23 अरब डॉलर पर पहुंचा; गोल्ड रिजर्व में भी दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी

    नई दिल्ली । भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूत होता जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 6.118 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 682.2354 अरब डॉलर पर पहुंच गया। लगातार दूसरे सप्ताह दर्ज हुई इस वृद्धि को देश की बाहरी आर्थिक स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    इससे पहले 17 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 1.08 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। लगातार दो सप्ताह तक विदेशी मुद्रा भंडार में हुई वृद्धि से यह संकेत मिल रहा है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत की वित्तीय स्थिति स्थिर बनी हुई है और विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार का क्रम जारी है।

    केंद्रीय बैंक के अनुसार, इस दौरान स्वर्ण भंडार के मूल्य में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। समीक्षा अवधि में गोल्ड रिजर्व 1.308 अरब डॉलर बढ़कर 103.058 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां भी 4.873 अरब डॉलर बढ़कर 555.929 अरब डॉलर हो गईं। यह बढ़ोतरी देश की समग्र वित्तीय मजबूती का संकेत देती है।

    भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया कि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में केवल अमेरिकी डॉलर ही नहीं बल्कि यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव का भी प्रभाव शामिल होता है। इसलिए विदेशी मुद्रा भंडार में होने वाले बदलाव वैश्विक मुद्रा बाजार की गतिविधियों से भी प्रभावित होते हैं।

    हालांकि इस अवधि में स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (एसडीआर) में मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह 5.3 करोड़ डॉलर घटकर 18.617 अरब डॉलर रह गया। इसके बावजूद विदेशी मुद्रा भंडार के अन्य प्रमुख घटकों में हुई वृद्धि के कारण कुल भंडार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।

    वर्ष 2026 की शुरुआत में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना था। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते रुपये पर भी दबाव देखा गया, जिसके बाद बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने समय-समय पर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया था। इसके कारण कुछ सप्ताह तक विदेशी मुद्रा भंडार में कमी दर्ज की गई थी।

    उल्लेखनीय है कि फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। उसके बाद आई गिरावट से अब धीरे-धीरे उबरने का क्रम जारी है और हाल के सप्ताहों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।

    आरबीआई का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी विशेष विनिमय दर को बनाए रखना नहीं है, बल्कि केवल बाजार में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करना और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करता है ताकि रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोका जा सके।

    अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार होता है। इससे आयात भुगतान, बाहरी ऋण दायित्वों का निर्वहन और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौरान वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है। हालिया बढ़ोतरी को भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की क्षमता के रूप में देखा जा रहा है।

  • भोपाल में जल गुणवत्ता पर विवाद, यूनियन कार्बाइड क्षेत्र के पानी में फीकल कोलीफॉर्म मिलने का दावा

    भोपाल में जल गुणवत्ता पर विवाद, यूनियन कार्बाइड क्षेत्र के पानी में फीकल कोलीफॉर्म मिलने का दावा


    भोपाल । भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गैस पीड़ितों के चार संगठनों ने दावा किया है कि फैक्ट्री के आसपास की बस्तियों में लोगों को सीवेज से दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है जिससे बड़े स्तर पर स्वास्थ्य संकट पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हालात किसी बड़े जलजनित रोग के प्रकोप में बदल सकते हैं।

    संगठनों ने बताया कि इस महीने प्रभावित इलाकों की 30 बस्तियों से पेयजल के 63 नमूने एकत्र किए गए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 43 नमूनों में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के बैक्टीरिया की मौजूदगी इस बात का संकेत होती है कि पेयजल में मल या सीवेज का मिश्रण हो चुका है और ऐसा पानी स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

    भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष नवाब खान ने कहा कि जांच के नतीजे बेहद चिंताजनक हैं। उनका दावा है कि करीब 70 प्रतिशत नमूने दूषित पाए गए हैं और 30 में से 19 बस्तियों में लोगों तक असुरक्षित पानी पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ा तालाब से सप्लाई किए गए पानी के अधिकांश नमूने और कोलार डैम से जुड़े कुछ नमूने भी जांच में दूषित मिले हैं।

    गैस पीड़ित संगठनों का आरोप है कि प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इसके कारण दस्त उल्टी टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उनका कहना है कि कई परिवार एक साथ बीमार पड़ रहे हैं और स्थानीय क्लीनिकों में संक्रमण से जुड़े मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

    संगठनों ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन कार्बाइड परिसर के आसपास भूजल के रासायनिक प्रदूषण को गंभीर मानते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ पानी पहुंचाने की व्यवस्था करने की बात कही गई थी लेकिन उनका आरोप है कि जमीनी स्तर पर आज भी स्थिति संतोषजनक नहीं है।

    भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने कहा कि वर्ष 2018 में भी सुप्रीम कोर्ट ने सीवर लाइन और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए थे। नगर निगम ने तय समय में काम पूरा करने का भरोसा दिया था लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी अधिकांश क्षेत्रों में समस्या जस की तस बनी हुई है।

    भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना धींगरा ने मांग की कि दूषित पेयजल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मामले में लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। साथ ही प्रभावित इलाकों में सीवर और ड्रेनेज परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और पेयजल की गुणवत्ता की स्वतंत्र एवं नियमित निगरानी की व्यवस्था भी लागू की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

  • हाईकोर्ट में 31 अस्पतालों की सुनवाई ने पकड़ा नया मोड़, गलत जांच रिपोर्ट और अवैध संचालन के आरोपों से बढ़ी मुश्किलें

    हाईकोर्ट में 31 अस्पतालों की सुनवाई ने पकड़ा नया मोड़, गलत जांच रिपोर्ट और अवैध संचालन के आरोपों से बढ़ी मुश्किलें


    इंदौर  इंदौर के 31 अस्पतालों की वैधता और स्वास्थ्य संबंधी नियमों के पालन को लेकर दायर जनहित याचिका में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देश के अनुसार याचिकाकर्ता एडवोकेट चर्चित शास्त्री ने अपना रिजाइंडर यानी प्रत्युत्तर अदालत में पेश किया जिसमें सीएमएचओ डॉ माधव हासानी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाती और इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों को बचाने का प्रयास किया गया है।

    रिजाइंडर में कहा गया है कि सीएमएचओ की ओर से कोर्ट में दी गई रिपोर्ट भ्रामक है और उसमें वास्तविक स्थिति को पूरी तरह सामने नहीं रखा गया। याचिकाकर्ता का दावा है कि गलत तथ्यों के आधार पर अदालत को गुमराह करने की कोशिश की गई ताकि बिना नियमों का पालन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई प्रभावित हो सके।

    याचिकाकर्ता ने अपने प्रत्युत्तर के साथ कई ऐसे दस्तावेज भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जिनके बारे में दावा किया गया कि वे कूटरचित हैं। इसके अलावा कुछ अस्पतालों के ऐसे रिकॉर्ड भी पेश किए गए जिनके संबंध में कहा गया कि वे आवश्यक वैधानिक अनुमति और पंजीयन के बिना संचालित हो रहे हैं जबकि आधिकारिक दस्तावेजों में अलग स्थिति दिखाई गई है। याचिका में यह भी कहा गया कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

    इससे पहले हुई सुनवाई में भी कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए थे। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया था कि जिन 31 अस्पतालों के संबंध में मामला लंबित है उनके स्थान पर 34 संस्थानों की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही विनायक पैथोलॉजी लैब और लेडी हलीमा हॉस्पिटल को सील किए जाने से जुड़े कथित फर्जी आदेश भी रिकॉर्ड पर रखने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा कुछ अस्पतालों की ओर से नगर निगम के कथित फर्जी शपथ पत्रों के आधार पर भवन अनुमति से जुड़े दस्तावेज पेश किए जाने का दावा भी किया गया।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि जनहित याचिका दायर करने के बाद उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और हमले की कोशिशें भी हुई हैं। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है और उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

    अब ताजा सुनवाई में पेश किए गए रिजाइंडर और उससे जुड़े दस्तावेजों के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई करेगी। कोर्ट यह जांच करेगी कि प्रस्तुत रिपोर्ट और रिकॉर्ड में कितनी सच्चाई है तथा यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या गलत जानकारी दी गई है तो उसके लिए क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले का फैसला इंदौर के स्वास्थ्य तंत्र और निजी अस्पतालों की जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे भविष्य में अस्पतालों के संचालन और नियामकीय व्यवस्था पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।

  • सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भोजशाला के समीप तय स्थल पर अदा हुई जुमे की नमाज, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भोजशाला के समीप तय स्थल पर अदा हुई जुमे की नमाज, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम


    धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर के पीछे बाउंड्रीवॉल से सटी खसरा नंबर 612 की भूमि पर शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने जुमे की नमाज अदा की। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और जिला प्रशासन व मुस्लिम पक्ष के बीच बनी सहमति के बाद की गई।

    नमाज से पहले प्रशासन ने बारिश के कारण गीली जमीन पर तिरपाल बिछवाए और पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौजूद रहे।

    निजी जमीन बताकर हिंदू पक्ष ने जताई आपत्ति
    नमाज शुरू होने से पहले स्थानीय हिंदू समाज के कुछ लोगों ने संबंधित भूमि को निजी बताते हुए वहां नमाज की अनुमति का विरोध किया। उनका कहना था कि वे लंबे समय से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और यदि आवश्यकता पड़ी तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का रुख करेंगे।

    सूचना मिलने पर एसडीएम राजकुमार हलदर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से चर्चा कर आश्वासन दिया कि उनकी आपत्तियों पर नियमानुसार सुनवाई की जाएगी। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

    मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट के आदेश का पालन करने की बात कही
    कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने बताया कि खसरा नंबर 611 और 612 से कमाल मौला मस्जिद सीधे दिखाई देती है, इसलिए इस स्थान पर नमाज पढ़ने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि यदि अगले शुक्रवार तक अदालत का कोई नया अंतरिम या अंतिम आदेश आता है, तो उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी व्यवस्था
    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद से जुड़े अपने अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए मुस्लिम समाज के लिए भोजशाला के समीप दरगाह परिसर की निर्धारित भूमि पर प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए थे।

    आदेश के बाद धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और एसपी सचिन शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। देर शाम मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच हुई बैठक में खसरा नंबर 611 और 612 की भूमि पर नमाज अदा कराने को लेकर सहमति बनी।
    आदेश के बाद धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और एसपी सचिन शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। देर शाम मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच हुई बैठक में खसरा नंबर 611 और 612 की भूमि पर नमाज अदा कराने को लेकर सहमति बनी।

    100 से अधिक नमाजी पहुंचे
    शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे से निर्धारित स्थल पर नमाजी पहुंचने लगे। शुरुआत में 10 से 15 लोग मौजूद थे, लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई। इस दौरान कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारी और याचिकाकर्ता भी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।

  • फ्रूट जूस भी बन सकता है सेहत का दुश्मन नई स्टडी में बचपन की आदत और हाई बीपी के बीच मिला बड़ा संबंध

    फ्रूट जूस भी बन सकता है सेहत का दुश्मन नई स्टडी में बचपन की आदत और हाई बीपी के बीच मिला बड़ा संबंध


    नई दिल्ली। बच्चों को स्वस्थ रखने की चाह में माता पिता अक्सर उन्हें फ्रूट जूस और मीठे पेय पदार्थ पिलाना बेहतर विकल्प मानते हैं। कई परिवारों में यह धारणा बनी हुई है कि बाजार में मिलने वाले पैक्ड फ्रूट जूस या मीठे ड्रिंक्स सॉफ्ट ड्रिंक से अधिक फायदेमंद होते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई एक बड़ी रिसर्च ने इस सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अध्ययन के अनुसार बचपन में नियमित रूप से अधिक मात्रा में फ्रूट जूस और चीनी वाले पेय पदार्थों का सेवन आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ा सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ बच्चों के खानपान में संतुलन और प्राकृतिक आहार को प्राथमिकता देने की सलाह दे रहे हैं।

    यह अध्ययन प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल Circulation में प्रकाशित हुआ है। इसमें अमेरिका के 25 हजार से अधिक लोगों के स्वास्थ्य पर लगभग 25 वर्षों तक नजर रखी गई। इसे इस विषय पर अब तक की सबसे लंबी और व्यापक रिसर्च में से एक माना जा रहा है। शोधकर्ताओं ने बचपन और किशोरावस्था में खानपान की आदतों का विश्लेषण किया और फिर वयस्क होने पर उनके स्वास्थ्य परिणामों का मूल्यांकन किया।

    रिसर्च में सामने आया कि जो बच्चे और किशोर प्रतिदिन दो या उससे अधिक बार चीनी वाले ड्रिंक्स पीते थे उनमें बड़े होने पर हाई ब्लड प्रेशर का खतरा उन लोगों की तुलना में लगभग 52 प्रतिशत अधिक पाया गया जो ऐसे पेय सप्ताह में तीन बार से भी कम पीते थे। इसी तरह जो बच्चे प्रतिदिन डेढ़ या उससे अधिक सर्विंग फ्रूट जूस का सेवन करते थे उनमें भी हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम लगभग 35 प्रतिशत अधिक देखा गया। यह निष्कर्ष बताता है कि केवल सॉफ्ट ड्रिंक ही नहीं बल्कि अधिक मात्रा में फ्रूट जूस भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि पैक्ड फ्रूट जूस में अक्सर अतिरिक्त चीनी मिलाई जाती है और इनमें प्राकृतिक फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है। जब बच्चे पूरा फल खाते हैं तो उन्हें विटामिन खनिज और फाइबर एक साथ मिलते हैं जिससे शरीर में शुगर धीरे धीरे अवशोषित होती है। इसके विपरीत जूस में फाइबर की कमी होने से शरीर में शुगर तेजी से पहुंचती है और लंबे समय तक इसका असर ब्लड प्रेशर मेटाबॉलिज्म और हृदय स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

    बच्चों में मीठे पेय पदार्थों की अधिक आदत मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप टू डायबिटीज जैसी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ा सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों को पैक्ड जूस और शुगर युक्त पेय पदार्थों के बजाय ताजे फल सादा पानी नारियल पानी और बिना चीनी वाले प्राकृतिक पेय देने की सलाह देते हैं। यदि जूस देना भी हो तो उसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए और जहां तक संभव हो पूरा फल खिलाना अधिक लाभकारी माना जाता है।

    विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत बचपन से ही होती है। संतुलित आहार नियमित शारीरिक गतिविधि पर्याप्त नींद और कम चीनी वाला भोजन बच्चों को भविष्य में हृदय रोग हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए माता पिता को बच्चों की खानपान संबंधी आदतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए और केवल स्वाद के आधार पर नहीं बल्कि पोषण को प्राथमिकता देकर भोजन का चयन करना चाहिए।

    हालांकि यह अध्ययन एक महत्वपूर्ण संबंध की ओर संकेत करता है लेकिन किसी भी बच्चे के खानपान में बड़ा बदलाव करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा। सही जानकारी और संतुलित भोजन ही बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।

  • पहाड़ों की रानी मनाली क्यों है हर ट्रैवलर की पहली पसंद जानिए घूमने का सही समय और खास जगहें

    पहाड़ों की रानी मनाली क्यों है हर ट्रैवलर की पहली पसंद जानिए घूमने का सही समय और खास जगहें


    नई दिल्ली। मनाली केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी खास पहचान रखता है। सोलंग वैली में पैराग्लाइडिंग जिपलाइन रोपवे और सर्दियों में स्कीइंग का रोमांच पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है। रोहतांग दर्रा और अटल टनल के आसपास का नजारा किसी पोस्टकार्ड जैसा दिखाई देता है। बर्फबारी के मौसम में यहां आने वाले पर्यटक स्नो एक्टिविटी का भरपूर आनंद लेते हैं और यादगार तस्वीरें अपने साथ लेकर लौटते हैं।

    मनाली की सांस्कृतिक विरासत भी इसे खास बनाती है। हिडिंबा देवी मंदिर अपनी अनोखी लकड़ी की वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। मनु मंदिर वशिष्ठ मंदिर और गर्म पानी के प्राकृतिक कुंड भी यहां आने वाले लोगों की पसंदीदा जगहों में शामिल हैं। इन स्थलों पर पहुंचकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।

    अगर आपको स्थानीय संस्कृति और खरीदारी का शौक है तो मनाली का मॉल रोड जरूर घूमना चाहिए। यहां ऊनी कपड़े हस्तशिल्प की वस्तुएं शॉल टोपी और स्थानीय स्मृति चिन्ह आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा हिमाचली व्यंजनों का स्वाद आपकी यात्रा को और भी खास बना देता है। सिड्डू थुकपा मोमोज और स्थानीय चाय का स्वाद पर्यटकों को लंबे समय तक याद रहता है।

    प्रकृति प्रेमियों के लिए मनाली के आसपास कई खूबसूरत स्थान मौजूद हैं। नग्गर कैसल जोगिनी वाटरफॉल वन विहार और सेब के बगीचे मन को सुकून देने वाले अनुभव प्रदान करते हैं। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यहां हर मोड़ पर शानदार दृश्य देखने को मिलते हैं। सुबह की सुनहरी धूप और शाम के समय पहाड़ों पर बिखरती रोशनी मन मोह लेने वाला दृश्य प्रस्तुत करती है।

    मनाली घूमने का सबसे अच्छा समय आपकी पसंद पर निर्भर करता है। यदि आप बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं तो दिसंबर से फरवरी का समय उपयुक्त है जबकि हरियाली और सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए मार्च से जून तक की यात्रा शानदार रहती है। मानसून के दौरान भूस्खलन की संभावना को देखते हुए यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

    यात्रा के दौरान गर्म कपड़े आरामदायक जूते और जरूरी दवाइयां साथ रखें। ऊंचाई वाले इलाकों में जाते समय पर्याप्त पानी पीना और मौसम के अनुसार तैयारी करना जरूरी है। पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्लास्टिक का उपयोग कम करें और प्राकृतिक स्थलों की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।

    मनाली केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि ऐसा अनुभव है जहां प्रकृति रोमांच संस्कृति और सुकून एक साथ मिलते हैं। परिवार दोस्तों या जीवनसाथी के साथ बिताया गया यहां का हर पल जिंदगी भर की याद बन जाता है। अगर आप अगली छुट्टियों की योजना बना रहे हैं तो मनाली को अपनी यात्रा सूची में जरूर शामिल करें।

  • रामायणम् ट्रेलर में नहीं दिखे हनुमान, सनी देओल ने खुद बताई वजह, बोले- किरदार निभाने के लिए अभी बाकी है लंबा सफर

    रामायणम् ट्रेलर में नहीं दिखे हनुमान, सनी देओल ने खुद बताई वजह, बोले- किरदार निभाने के लिए अभी बाकी है लंबा सफर

    नई दिल्ली । बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायणम् का ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्साह बढ़ गया है। नितेश तिवारी के निर्देशन और नमित मल्होत्रा के निर्माण में बन रही इस फिल्म में भारतीय पौराणिक कथा को बड़े स्तर पर पेश करने की तैयारी की जा रही है। ट्रेलर में भगवान राम, माता सीता और रावण समेत कई प्रमुख किरदारों की झलक दिखाई गई, लेकिन राम भक्त हनुमान के किरदार में नजर आने वाले सनी देओल की अनुपस्थिति ने दर्शकों का ध्यान खींच लिया।

    ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि आखिर हनुमान के महत्वपूर्ण किरदार को दिखाया क्यों नहीं गया। फिल्म में हनुमान की भूमिका सनी देओल निभा रहे हैं, लेकिन ट्रेलर के चार मिनट से ज्यादा लंबे वीडियो में उनकी कोई झलक नहीं दिखाई गई। हालांकि इसके पीछे की वजह खुद सनी देओल पहले ही बता चुके हैं।

    ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम के दौरान सनी देओल ने हनुमान के किरदार को लेकर अपनी तैयारी और अनुभव के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अभी तक फिल्म के लिए बहुत कम काम किया है और इस किरदार के लिए अभी काफी लंबा सफर तय करना बाकी है। अभिनेता ने यह भी कहा था कि हनुमान जी का किरदार निभाना उनके लिए सम्मान की बात है और इसे निभाना आसान नहीं होगा।

    सनी देओल ने बताया था कि हनुमान का व्यक्तित्व बेहद खास है। वह एक साथ सरल, मासूम, शक्तिशाली और समर्पित चरित्र हैं। ऐसे किरदार को पर्दे पर सही तरीके से प्रस्तुत करना बड़ी जिम्मेदारी है। अभिनेता ने इस भूमिका के अवसर के लिए आभार भी जताया था और कहा था कि यह उनके करियर का एक अलग और यादगार अनुभव हो सकता है।

    रामायणम् के ट्रेलर में भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर, माता सीता के रूप में साई पल्लवी और रावण के रूप में यश दिखाई दिए। इसके अलावा अरुण गोविल, लारा दत्ता, रवि दुबे, रकुल प्रीत सिंह और विवेक ओबेरॉय जैसे कलाकारों की झलक भी देखने को मिली। ट्रेलर की शुरुआत रावण के प्रभावशाली किरदार से होती है, जिसमें उसकी शक्ति और साम्राज्य को दिखाया गया है।

    फिल्म की कहानी भारतीय महाकाव्य रामायण पर आधारित है, जिसे आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। फिल्म का संगीत एआर रहमान और हांस जिमर तैयार कर रहे हैं। रामायणम् को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला भाग दीपावली 2026 और दूसरा भाग दीपावली 2027 में दर्शकों के सामने आने की योजना है।

    4000 करोड़ रुपये के बड़े बजट वाली इस फिल्म को भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। निर्माताओं की कोशिश है कि फिल्म के हर किरदार को प्रभावशाली तरीके से पेश किया जाए। यही वजह है कि हनुमान जैसे महत्वपूर्ण पात्र को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।

    सनी देओल की लोकप्रियता और उनके दमदार अभिनय को देखते हुए दर्शकों को अब फिल्म में उनके हनुमान रूप की पहली झलक का इंतजार है। हालांकि ट्रेलर में उनकी अनुपस्थिति ने उत्सुकता बढ़ा दी है और आने वाले समय में उनके किरदार को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • ‘रामायणम्’ के ट्रेलर में रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी समेत प्रमुख कलाकारों के किरदारों की पहली झलक सामने आई है।

    ‘रामायणम्’ के ट्रेलर में रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी समेत प्रमुख कलाकारों के किरदारों की पहली झलक सामने आई है।

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित पौराणिक फिल्म ‘रामायणम्’ का ट्रेलर हाल ही में जारी किया गया है। फिल्म की पहली झलक सामने आते ही दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। महाकाव्य रामायण पर आधारित इस बड़े प्रोजेक्ट में कई प्रमुख कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। ट्रेलर में भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर, रावण के रूप में यश और सीता के रूप में साई पल्लवी की पहली झलक दिखाई गई है।

    फिल्म के ट्रेलर में भव्य सेट, युद्ध के दृश्य और पौराणिक वातावरण को बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया गया है। निर्माताओं ने कहानी के प्रमुख पात्रों और उनके स्वरूप को दर्शकों के सामने पेश करने की कोशिश की है। रणबीर कपूर का राम अवतार इस ट्रेलर का मुख्य आकर्षण बना हुआ है, वहीं यश का रावण रूप भी दर्शकों का ध्यान खींच रहा है।

    ‘रामायणम्’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। उनके किरदार को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। ट्रेलर में उनके चरित्र को गंभीर और मर्यादित रूप में दिखाया गया है। वहीं दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता यश फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे हैं। उनके किरदार को एक प्रभावशाली और शक्तिशाली रूप में पेश किया गया है।

    फिल्म में साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में दिखाई देंगी। उनके किरदार की झलक भी ट्रेलर में देखने को मिली है। इसके अलावा रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। लोकप्रिय अभिनेता अरुण गोविल एक बार फिर रामायण से जुड़े किरदार में दिखाई देंगे, इस बार वह राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं।

    फिल्म में रकुलप्रीत सिंह शूर्पणखा के किरदार में और विवेक ओबरॉय विद्युतजीह्व की भूमिका में नजर आएंगे। अलग-अलग कलाकारों के जुड़ने से फिल्म का स्टार कास्ट काफी मजबूत हो गया है। निर्माताओं ने पौराणिक कथा के प्रमुख पात्रों को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

    रामायण भारतीय संस्कृति और साहित्य की सबसे महत्वपूर्ण कथाओं में से एक है। इस पर पहले भी कई फिल्में और धारावाहिक बनाए जा चुके हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और बड़े बजट के साथ बनाई जा रही ‘रामायणम्’ को अलग स्तर पर पेश करने की तैयारी की गई है। फिल्म में दृश्य प्रभावों और भव्य प्रस्तुति पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म के किरदारों और प्रस्तुति को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। खासतौर पर रणबीर कपूर और यश के लुक को लेकर चर्चा हो रही है। दर्शक अब फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।

    ‘रामायणम्’ के जरिए एक बार फिर भारतीय पौराणिक कथा को बड़े पर्दे पर नए रूप में देखने का मौका मिलेगा। फिल्म की कहानी, कलाकारों का अभिनय और भव्य निर्माण इसे साल की चर्चित फिल्मों में शामिल कर रहे हैं। अब दर्शकों की नजर फिल्म की रिलीज और इसके अंतिम प्रदर्शन पर टिकी हुई है।