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  • जबलपुर में भारी बारिश से बरगी बांध लबालब, 17 गेट खोले गए, नर्मदा के घाट डूबे और 10 गांवों का संपर्क टूटा

    जबलपुर में भारी बारिश से बरगी बांध लबालब, 17 गेट खोले गए, नर्मदा के घाट डूबे और 10 गांवों का संपर्क टूटा


    मध्य प्रदेश:   में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जबलपुर का बरगी बांध पानी से लबालब भर गया है। बांध के कैचमेंट क्षेत्र मंडला और डिंडोरी में लगातार बारिश होने से जलस्तर तेजी से बढ़ा। स्थिति को देखते हुए बांध के 17 गेट खोलकर नर्मदा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में भी असर दिखाई देने लगा है।

    बरगी बांध के 17 गेट करीब 2.38 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए हैं। इन गेटों के जरिए लगभग 6,121 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। बांध में पानी का भराव इतना अधिक है कि कई गेटों से पानी तेज बहाव के साथ बाहर निकल रहा है। जलस्तर में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर नर्मदा नदी के आसपास के क्षेत्रों पर पड़ा है।

    नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जबलपुर और आसपास के प्रमुख घाटों में पानी भर गया है। नदी के बढ़ते बहाव के चलते घाटों के निचले हिस्से जलमग्न हो चुके हैं। लगातार बारिश और बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

    नर्मदा के बढ़ते जलस्तर का असर नदी किनारे बसे गांवों के आवागमन पर भी पड़ा है। जानकारी के अनुसार बरगी नगर, बिजौरा, बांदरकोला, खापा, बसा, दुर्गा नगर और प्रेम नगर समेत आसपास के करीब 10 गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। पानी बढ़ने के कारण इन क्षेत्रों में आने-जाने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट किया गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से डूब क्षेत्र और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा नदी और घाटों के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है।

    नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। प्रशासन की ओर से जलस्तर और नदी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

    भारी बारिश का असर केवल बरगी बांध तक सीमित नहीं है। बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार पानी आने से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से बांध से पानी की निकासी बढ़ानी पड़ी। 17 गेट खोलकर पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के बहाव में भी तेजी आई है।

    प्रशासन की ओर से निचले इलाकों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से जलमग्न घाटों और नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने से बचने को कहा गया है। लगातार बारिश के बीच बांध और नदी के जलस्तर पर निगरानी जारी है।

    फिलहाल बरगी बांध से पानी की निकासी जारी है और नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। करीब 10 गांवों का संपर्क प्रभावित होने तथा घाटों के जलमग्न होने के कारण स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

  • सीहोर में जर्जर पुल के पास नाले में पलटा पानी के केन से भरा ऑटो, बाल-बाल बचा चालक, मरम्मत पर उठे सवाल

    सीहोर में जर्जर पुल के पास नाले में पलटा पानी के केन से भरा ऑटो, बाल-बाल बचा चालक, मरम्मत पर उठे सवाल

    मध्य प्रदेश: के सीहोर नगर के जमशेदनगर इलाके में रविवार को छोटे पुल के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पानी के केन और कैंपर से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर नाले के किनारे पलट गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और ऑटो चालक समेत आसपास मौजूद लोग सुरक्षित बच गए। हालांकि, इस घटना ने इलाके में स्थित जर्जर पुल की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

    जानकारी के अनुसार, जमशेदनगर के छोटे पुल के पास से पानी के केन और कैंपर लेकर गुजर रहा ऑटो अचानक अनियंत्रित हो गया। इसके बाद वाहन नाले के किनारे पलट गया। ऑटो में बड़ी संख्या में पानी के पीले केन और कैंपर रखे हुए थे। वाहन के पलटने से ये सभी सामान नाले के आसपास और गंदगी से भरे किनारे पर बिखर गए।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और चालक की मदद करने लगे। ऑटो चालक और आसपास मौजूद लोगों ने नाले के किनारे उतरकर बिखरे हुए पानी के केन और कैंपर को संभाला। पलटे हुए वाहन से सामान निकालने और उसे सुरक्षित जगह पर रखने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    इस हादसे के बाद जमशेदनगर के छोटे पुल की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों की चिंताएं फिर सामने आई हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पुल लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। इसकी मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम भी हाल ही में चल रहा था, लेकिन पुल की मौजूदा हालत के कारण यहां से गुजरने वाले लोगों और वाहनों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पुल की मरम्मत के दौरान पहले भी एक गंभीर घटना सामने आ चुकी है। निर्माण कार्य के समय पुल का एक बड़ा कंक्रीट का टुकड़ा नीचे गिर गया था। उस दौरान वहां काम कर रहे मजदूर बाल-बाल बच गए थे। इस घटना के बाद भी पुल की सुरक्षा और मरम्मत कार्य को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है।

    क्षेत्रवासियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुल और संकरे रास्ते के कारण यहां से गुजरना जोखिम भरा बना हुआ है। दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को इस रास्ते से निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की बदहाल स्थिति के चलते कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। रविवार को पानी से भरे ऑटो के पलटने की घटना ने इन आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।

    लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण स्थानीय निवासियों में नाराजगी भी है। लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जल्द कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पुल का निर्माण और मरम्मत कार्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जल्द पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

    फिलहाल इस हादसे में किसी के घायल होने या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जमशेदनगर के छोटे पुल के पास हुई घटना ने जर्जर पुलों की मरम्मत और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत को फिर उजागर किया है।

  • सतना में उफनती तुर्री नदी पार करते समय चाचा-भतीजे बहे, ग्रामीणों ने भतीजे को बचाया, 50 वर्षीय चाचा लापता

    सतना में उफनती तुर्री नदी पार करते समय चाचा-भतीजे बहे, ग्रामीणों ने भतीजे को बचाया, 50 वर्षीय चाचा लापता

    मध्य प्रदेश: के सतना जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच जैतवारा थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। तुर्री नदी का उफनता पुल पार करने की कोशिश में मोटरसाइकिल सवार चाचा-भतीजे तेज बहाव में बह गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए भतीजे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 50 वर्षीय रामचेरे वर्मा पानी के तेज बहाव में लापता हो गए। उनकी तलाश के लिए रविवार सुबह से बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, सतना जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर पानी तेज गति से बह रहा है। इसी दौरान शनिवार शाम करीब छह बजे रामचेरे वर्मा अपने भतीजे के साथ मोटरसाइकिल से नयागांव-सभापुर की ओर जा रहे थे। रास्ते में उन्हें तुर्री नदी का पुल पार करना था, जहां पानी पुल के काफी ऊपर से बह रहा था।

    पुल के पास मौजूद ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने चाचा-भतीजे को उफनती नदी पार करने से रोकने की कोशिश की। लोगों ने उन्हें तेज बहाव और पानी के बढ़े हुए स्तर को देखते हुए आगे नहीं बढ़ने की सलाह दी। इसके बावजूद दोनों मोटरसाइकिल लेकर पुल पार करने के लिए नदी में उतर गए।

    बताया जा रहा है कि जैसे ही वे आगे बढ़े, पानी के तेज बहाव के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद मोटरसाइकिल समेत दोनों नदी के बहाव में बहने लगे। घटना को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल मदद के लिए आगे आए। लोगों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया और इस दौरान भतीजे को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली। हालांकि, रामचेरे वर्मा तेज बहाव की चपेट में आकर दूर तक बह गए और लापता हो गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही जैतवारा थाना प्रभारी पंकज शुक्ला पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने लापता व्यक्ति की तलाश के प्रयास किए, लेकिन शनिवार रात खराब मौसम और अत्यधिक अंधेरा होने के कारण बचाव अभियान शुरू नहीं किया जा सका। नदी में पानी का बहाव तेज होने के चलते रात के समय तलाशी अभियान चलाना भी चुनौतीपूर्ण था।

    रविवार सुबह राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। बचाव दल बोट और गोताखोरों की मदद से रामचेरे वर्मा की तलाश कर रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और बहाव भी तेज है, इसलिए टीम पूरी सावधानी के साथ अभियान चला रही है।

    घटनास्थल पर एसडीएम लोकेश कुमार जांगड़े, पुलिस प्रशासन की टीम, लापता व्यक्ति के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं। सभी की नजरें बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं। फिलहाल रामचेरे वर्मा का पता नहीं चल पाया है और उनकी तलाश जारी है।

    लगातार बारिश के कारण सतना जिले में नदियों के उफान पर होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। तुर्री नदी की इस घटना ने तेज बहाव के बीच पुल पार करने के जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रशासन और बचाव दल लापता व्यक्ति की तलाश में जुटे हैं।

  • खंडवा में ट्रेन की चपेट में आया युवक, एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार, मजबूरी में बाइक से पहुंचाया अस्पताल

    खंडवा में ट्रेन की चपेट में आया युवक, एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार, मजबूरी में बाइक से पहुंचाया अस्पताल

    मध्य प्रदेश: के खंडवा जिले में रेलवे ट्रैक के पास हुए हादसे के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल उठे हैं। मूंदी थाना क्षेत्र के बीड़ गांव में ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। आखिरकार लोगों को घायल युवक को मोटरसाइकिल से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा।

    घायल युवक की पहचान कुलदीप के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, कुलदीप बीड़ गांव में रेलवे ट्रैक के पास घूम रहा था। इसी दौरान अचानक ट्रेन आ गई और वह उसकी चपेट में आ गया। ट्रेन की टक्कर लगने से युवक घायल हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उसकी मदद की और तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास शुरू किया।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए लोगों ने एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, ताकि घायल को बिना देरी के अस्पताल पहुंचाया जा सके। रेलवे ट्रैक के पास दुर्घटना होने के कारण घायल को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों को उम्मीद थी कि सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस जल्द पहुंच जाएगी और युवक को सुरक्षित तरीके से अस्पताल ले जाया जा सकेगा।

    हालांकि, बताया जा रहा है कि एंबुलेंस पहुंचने में करीब एक घंटे का समय बीत गया। इस दौरान घायल युवक को अस्पताल ले जाने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ा। काफी समय गुजरने के बाद भी जब एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, तो लोगों ने खुद ही घायल को अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया।

    इसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल कुलदीप को मोटरसाइकिल पर बैठाया और खंडवा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। आपात स्थिति में निजी वाहन के रूप में बाइक का सहारा लेकर घायल को अस्पताल पहुंचाने की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सहायता की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में घायल को चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में एंबुलेंस के लिए लंबा इंतजार परेशानी का कारण बना।

    जिला अस्पताल पहुंचने के बाद कुलदीप को उपचार दिया गया। अस्पताल में इलाज मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया है। फिलहाल युवक खतरे से बाहर है और उसकी स्थिति ठीक बताई जा रही है। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हादसे में उसे किस तरह की चोटें आईं और उपचार की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस घटना के बाद खंडवा जिले में एंबुलेंस सेवा और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में दुर्घटना या अन्य गंभीर चिकित्सा स्थिति के दौरान एंबुलेंस की तत्काल उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    बीड़ गांव में हुई इस घटना ने यह सवाल फिर सामने ला दिया है कि दुर्घटना के समय जरूरतमंद मरीजों तक एंबुलेंस कितनी जल्दी पहुंच पा रही है। फिलहाल कुलदीप की हालत खतरे से बाहर बताई गई है, लेकिन एंबुलेंस के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार और फिर बाइक से अस्पताल पहुंचाने की परिस्थितियों ने जिले की आपातकालीन सेवाओं पर चर्चा तेज कर दी है।

  • सुरेश रैना ने पत्नी संग किए बाबा महाकाल के दर्शन, तड़के भस्म आरती में शामिल होकर लिया आशीर्वाद

    सुरेश रैना ने पत्नी संग किए बाबा महाकाल के दर्शन, तड़के भस्म आरती में शामिल होकर लिया आशीर्वाद


    नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना रविवार, 27 सितंबर को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी पत्नी के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए और सुबह आयोजित होने वाली दिव्य भस्म आरती में भाग लिया। इस दौरान रैना पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए। क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचान बनाने वाले रैना ने महाकाल के दरबार में पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    सुरेश रैना रविवार तड़के अपनी पत्नी के साथ महाकाल मंदिर पहुंचे। दोनों ने मंदिर में होने वाली प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल की आराधना की। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर आरती के दर्शन किए। बताया गया कि रैना ने लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर इस धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया और बाबा महाकाल की भक्ति में समय बिताया।

    महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन सुबह होने वाली भस्म आरती विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखती है। इस आरती में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। भगवान महाकाल के भक्तों के लिए भस्म आरती के दर्शन को विशेष पुण्यदायी और आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है। सुरेश रैना भी अपनी पत्नी के साथ इसी धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और भगवान के समक्ष पूजा-अर्चना की।

    आरती के दौरान रैना का पूरा ध्यान धार्मिक अनुष्ठान पर केंद्रित रहा। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। सुबह के समय मंदिर परिसर में होने वाले इस आयोजन में श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते हैं। रैना की उज्जैन यात्रा भी इसी धार्मिक आस्था और दर्शन से जुड़ी रही।

    भस्म आरती संपन्न होने के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से सुरेश रैना का स्वागत और सम्मान किया गया। मंदिर में उनके आगमन के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया गया। इस तरह उनकी मंदिर यात्रा का समापन भगवान महाकाल के दर्शन और मंदिर समिति की ओर से किए गए सम्मान के साथ हुआ।

    उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजनों और विशेष आरतियों के दौरान मंदिर में भक्तों की विशेष आस्था देखने को मिलती है। महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल है, जिसमें भाग लेने के लिए श्रद्धालु पहले से दर्शन की व्यवस्था करते हैं।

    सुरेश रैना की उज्जैन यात्रा के दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं। दोनों ने एक साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में हिस्सा लिया। क्रिकेट से जुड़े अपने सार्वजनिक जीवन के अलावा रैना की यह यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी रही। भगवान महाकाल के दरबार में पहुंचकर उन्होंने पूजा-अर्चना की और आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया।

  • गोविंदा संग डेटिंग की अफवाहों के बीच कोमल रानी का सुनीता आहूजा पर गंभीर आरोप

    गोविंदा संग डेटिंग की अफवाहों के बीच कोमल रानी का सुनीता आहूजा पर गंभीर आरोप


    नई दिल्ली । गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार के कथित रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब सुनीता आहूजा को लेकर कोमल रानी का बयान सामने आया है। कोमल ने सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट साझा करते हुए सुनीता के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी और उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, गोविंदा और कोमल रानी के बीच कथित रोमांटिक रिश्ते की अब तक किसी भी पक्ष ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।

    दरअसल, हाल ही में गोविंदा और कोमल रानी को मुंबई के लालबागचा राजा के दर्शन करते हुए देखा गया था। इसके कुछ समय बाद सुनीता आहूजा दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचीं। वहां सामने आए एक वीडियो में सुनीता को अपने घर के टूटने की बात कहते हुए सुना गया। इसके बाद गोविंदा और कोमल रानी के कथित रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कोमल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।

    कोमल ने अपनी पोस्ट में कहा कि जो घर पहले से ही टूटा हुआ हो, उसे कोई दूसरा व्यक्ति नहीं तोड़ सकता। उनकी इस टिप्पणी को सुनीता के बयान का जवाब माना जा रहा है। इसके बाद उन्होंने अपने लंबे नोट में सुनीता पर उनके खिलाफ कथित तौर पर साजिश रचने का आरोप लगाया।

    कोमल ने अपने बयान में सुनीता के व्यवहार को लेकर कई गंभीर दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से अपने पति को मानसिक रूप से परेशान करने, उनके काम में बाधा डालने और उन्हें अलग-थलग करने जैसी स्थिति बनाई गई। कोमल ने यह भी दावा किया कि किसी समर्पित पत्नी से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती।

    अपने बयान में कोमल ने यह सवाल भी उठाया कि किसी व्यक्ति के निजी दर्द को सार्वजनिक रूप से दिखाने के पीछे वास्तविक परेशानी है या कोई सोची-समझी रणनीति। उन्होंने कहा कि उनके नाम का इस्तेमाल किसी कथित एजेंडे के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसी परिस्थितियों में भगवान से अच्छे लोगों की रक्षा की प्रार्थना करती हैं।

    कोमल के इन दावों के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप उनके अपने बयान का हिस्सा हैं और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। सुनीता आहूजा की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर कोई विस्तृत जवाब इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

    गोविंदा और कोमल रानी के बीच रिश्ते की अफवाहें तब तेज हुईं, जब दोनों को मुंबई एयरपोर्ट पर एक साथ यात्रा करते हुए देखा गया था। कोमल रानी गोविंदा के साथ आने वाली फिल्म ‘रूपा’ में काम कर रही हैं। इसी वजह से दोनों के बीच नजदीकियों को लेकर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चाएं शुरू हुईं।

    हालांकि, दोनों के कथित अफेयर को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उनके रिश्ते से जुड़ी चर्चाओं को फिलहाल अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

    गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी वर्ष 1987 में हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं, बेटी टीना आहूजा और बेटा यशवर्धन आहूजा। सुनीता पिछले कुछ समय में अपनी शादी और निजी जीवन को लेकर सार्वजनिक रूप से कई बातें कह चुकी हैं। दक्षिणेश्वर काली मंदिर से सामने आया उनका हालिया बयान भी इसी सिलसिले में चर्चा में रहा। अब कोमल रानी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।

  • विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 वनडे वर्ल्ड कप होगा भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप

    विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 वनडे वर्ल्ड कप होगा भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप


    नई दिल्ली ।
    भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने भविष्य पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाला 2027 आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। कोहली ने कहा कि इस टूर्नामेंट में उनका पूरा ध्यान खिताब जीतने पर रहेगा और इसके लिए वह मैदान पर अपना सब कुछ लगाने के लिए तैयार हैं।

    2027 का वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में खेला जाना है। टूर्नामेंट के मुकाबले दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के अलग-अलग मैदानों पर होंगे। विराट कोहली ने वर्ष 2011 में भारत में आयोजित वनडे वर्ल्ड कप से अपने विश्व कप सफर की शुरुआत की थी। उस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था और कोहली उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे।

    इसके बाद कोहली 2015, 2019 और 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इस तरह 2027 का टूर्नामेंट उनके विश्व कप करियर का पांचवां संस्करण होगा। अपने अब तक के विश्व कप सफर में कोहली ने कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। वह वनडे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर बताए जाते हैं।

    2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भी कोहली का प्रदर्शन बेहद प्रभावी रहा था। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 765 रन बनाए थे और कई अहम रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। अब 2027 में उनके सामने अपने विश्व कप करियर को खिताबी जीत के साथ समाप्त करने का लक्ष्य होगा।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले बातचीत में कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की चुनौती के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वनडे वर्ल्ड कप में मुकाबलों की इंटेंसिटी काफी ज्यादा होती है। उनके मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप में करीब 10 मैच खेलने के मुकाबले 50 ओवर के प्रारूप में एक मुकाबला काफी अधिक समय और ऊर्जा लेता है।

    कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की तुलना करते हुए कहा कि एक दिन में लगभग ढाई टी20 मैच के बराबर क्रिकेट खेलने जैसा दबाव महसूस हो सकता है। ऐसे में पूरे टूर्नामेंट के दौरान ऊर्जा और प्रदर्शन का स्तर बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा 2027 विश्व कप विदेशी परिस्थितियों में खेला जाएगा, जिससे खिलाड़ियों के सामने अलग तरह की परिस्थितियां होंगी।

    कोहली ने साफ कहा कि उनके लिए यह भारत की ओर से आखिरी विश्व कप होगा और यही बात उन्हें अतिरिक्त प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि वह मैदान पर अपना सब कुछ छोड़ना चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विश्व कप जीतना है और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जो भी करना पड़ेगा, वह उसके लिए तैयार हैं।

    विराट कोहली के साथ रोहित शर्मा को लेकर भी 2027 वर्ल्ड कप की चर्चा जारी है। रोहित ने कहा है कि उनके लिए किसी टूर्नामेंट के बाद यह मान लेना सही नहीं है कि काम पूरा हो गया। उनके अनुसार खेलते हुए हमेशा कुछ नया हासिल करने की उम्मीद रहती है।

    रोहित ने यह भी कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट अलग तरह की चुनौती लेकर आते हैं। अलग-अलग टीमों, मैदानों और परिस्थितियों के कारण खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और रणनीति में बदलाव करना पड़ता है। ऐसे में 2027 वर्ल्ड कप दोनों अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों के वनडे सफर में महत्वपूर्ण पड़ाव हो सकता है।

  • हरियाणा के पानीपत में किसानों को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने जमीन का मुआवजा 40 से बढ़ाकर 78 लाख किया

    हरियाणा के पानीपत में किसानों को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने जमीन का मुआवजा 40 से बढ़ाकर 78 लाख किया


    नई दिल्ली । पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पानीपत के सिवाह गांव में भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले में जमीन मालिकों को राहत देते हुए अधिग्रहित भूमि का बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया है। यह जमीन 25 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। पहले भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने इसका मुआवजा 40 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया था।

    भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्ष 2013 में शुरू हुई थी। 28 फरवरी 2013 को भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा चार के तहत अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद 16 अप्रैल 2013 को धारा छह के तहत अगली अधिसूचना जारी हुई। 26 सितंबर 2013 को भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने अधिग्रहित जमीन का बाजार मूल्य 40 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया था।

    मुआवजे की इस राशि से असंतुष्ट जमीन मालिकों ने इसे बढ़ाने की मांग की और मामला अदालत तक पहुंचा। संदर्भ अदालत ने 23 जनवरी 2017 को जमीन का बाजार मूल्य बढ़ाकर 64 लाख 64 हजार 102 रुपये प्रति एकड़ कर दिया था। इसके बाद भी मुआवजे को लेकर विवाद जारी रहा और मामला हाई कोर्ट पहुंचा।

    हाई कोर्ट के सामने जमीन मालिकों और राज्य सरकार, दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलों के समर्थन में बिक्री विलेख पेश किए। जमीन मालिकों की ओर से वर्ष 2010 से 2014 के बीच हुए कई जमीन सौदों के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इनमें कुछ लेन-देन में जमीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक दर्ज थी।

    अदालत ने माना कि संबंधित अवधि के वास्तविक और तुलनीय बिक्री विलेख उपलब्ध होने की स्थिति में पुराने अवार्ड को केवल उसके आधार पर यांत्रिक तरीके से लागू करना उचित नहीं है। जमीन का बाजार मूल्य तय करते समय आसपास की जमीन के वास्तविक लेन-देन, उनकी तुलना और संबंधित परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए कुछ बिक्री विलेखों में जमीन की कीमत 35 से 40 लाख रुपये प्रति एकड़ के बीच बताई गई थी। वहीं जमीन मालिकों द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में इससे कहीं अधिक कीमत वाले सौदे सामने आए। अदालत ने उपलब्ध बिक्री विलेखों का तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद जमीन के उचित बाजार मूल्य का निर्धारण किया।

    अदालत ने अंततः अधिग्रहित जमीन का बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया। इस तरह भूमि अधिग्रहण कलेक्टर द्वारा निर्धारित 40 लाख रुपये प्रति एकड़ की राशि की तुलना में बाजार मूल्य में 38 लाख रुपये प्रति एकड़ की बढ़ोतरी हुई।

    फैसले में यह भी स्पष्ट किया गया कि भूमि अधिग्रहण के मामलों में मुआवजा तय करने के लिए किसी पुराने अवार्ड को हर मामले में सीधे आधार नहीं बनाया जा सकता। यदि संबंधित समय और क्षेत्र से जुड़े वास्तविक बिक्री विलेख उपलब्ध हैं, तो उनका उचित मूल्यांकन जरूरी है। इससे अधिग्रहित जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य का अधिक उचित आकलन किया जा सकता है।

    इस फैसले के बाद सिवाह गांव की अधिग्रहित जमीन के लिए निर्धारित बाजार मूल्य 78 लाख रुपये प्रति एकड़ हो गया है। मामला 25 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के उद्देश्य से की गई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़ा था।

  • विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 विश्व कप होगा आखिरी, बोले- ट्रॉफी के लिए सब कुछ झोंक दूंगा

    विराट कोहली का बड़ा ऐलान, 2027 विश्व कप होगा आखिरी, बोले- ट्रॉफी के लिए सब कुछ झोंक दूंगा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने 2027 वनडे विश्व कप को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। कोहली ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाला 2027 आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए वह अपना सब कुछ मैदान पर झोंकने के लिए तैयार हैं।

    विराट कोहली और रोहित शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ही प्रारूप खेल रहे हैं और दोनों की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली वनडे सीरीज को भी विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुभवी खिलाड़ियों के लिए यह अगले बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक अहम चरण होगा।

    पहले वनडे से पहले बातचीत के दौरान कोहली ने 50 ओवर के विश्व कप की चुनौती और अपनी प्रेरणा पर बात की। उन्होंने कहा कि वनडे विश्व कप की तीव्रता किसी भी अन्य मुकाबले से अलग होती है। उनके मुताबिक अब विश्व कप में लगभग 10 मुकाबलों तक टी20 जैसी तीव्रता बनाए रखनी होती है, जबकि एक दिन में लंबे समय तक मैदान पर रहना पड़ता है।

    कोहली ने कहा कि विश्व कप में लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब मुकाबले विदेशी परिस्थितियों में खेले जा रहे हों। उनके अनुसार इस तरह का टूर्नामेंट खिलाड़ी से शारीरिक और मानसिक तौर पर बहुत कुछ मांगता है।

    विराट ने अपने भविष्य को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिया। उन्होंने कहा कि 2027 विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा और यही बात उनके लिए प्रेरणा का काम कर रही है। उनका लक्ष्य केवल टूर्नामेंट में हिस्सा लेना नहीं, बल्कि भारत को विश्व कप जिताना है। इसके लिए उन्होंने कहा कि वह हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार हैं।

    विश्व कप में विराट कोहली का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक वनडे विश्व कप में 37 मुकाबले खेले हैं और 59.83 की औसत से 1,795 रन बनाए हैं। उनके नाम पांच शतक और 12 अर्धशतक हैं, जबकि विश्व कप में उनका सर्वोच्च स्कोर 117 रन है।

    पूरे वनडे करियर की बात करें तो कोहली ने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 58.59 है। इस प्रारूप में उन्होंने 54 शतक और 79 अर्धशतक लगाए हैं तथा उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन है। उनका वनडे स्ट्राइक रेट 93.95 रहा है।

    टी20 विश्व कप में भी कोहली का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने 35 मैचों में 58.73 की औसत से 1,292 रन बनाए हैं। उनके नाम 15 अर्धशतक हैं। वह 2014 और 2016 में दो बार टी20 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी रह चुके हैं।

    रोहित शर्मा ने भी 2027 विश्व कप को लेकर अपनी सोच सामने रखी। उन्होंने कहा कि वह अपने विश्व कप लक्ष्य को किसी ऐसे अधूरे काम के रूप में नहीं देखते जिसे पूरा करने के बाद सब कुछ खत्म हो जाए। उनके मुताबिक जब तक कोई खिलाड़ी खेल रहा है, तब तक उसके सामने कुछ नया हासिल करने की चुनौती बनी रहती है।

    रोहित ने कहा कि वह विश्व कप को लेकर उत्साहित हैं और आगे अपने लिए क्या है, इसे लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आईसीसी टूर्नामेंटों में अलग-अलग टीमों और मैदानों के खिलाफ खेलने के लिए तैयारी का तरीका बदलना पड़ता है। यही चुनौती खिलाड़ियों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है।

    अब भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। इस सीरीज के साथ भारतीय टीम की 2027 विश्व कप की तैयारियों का एक नया चरण शुरू होगा और विराट कोहली तथा रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर भी सभी की नजरें रहेंगी।

  • दिल्ली में असम की महिला वकील से कथित मारपीट, संपत्ति विवाद में ‘बाहरी’ बताकर निशाना बनाने का आरोप

    दिल्ली में असम की महिला वकील से कथित मारपीट, संपत्ति विवाद में ‘बाहरी’ बताकर निशाना बनाने का आरोप

    नई दिल्ली । दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके में संपत्ति विवाद के दौरान असम की एक महिला वकील के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। महिला वकील ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उन्हें दिल्ली में ‘बाहरी’ होने के कारण निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां की गईं और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उनके साथ कथित तौर पर मारपीट हुई।

    घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला वकील रोती और परेशान दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह फोन पर किसी व्यक्ति से घटना के बारे में बात करती नजर आती हैं। महिला के मुताबिक, वह संपत्ति विवाद से जुड़े एक पक्ष की ओर से वकील के तौर पर वहां मौजूद थीं।

    महिला वकील ने आरोप लगाया कि उनके क्लाइंट के विरोधी पक्ष ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह दिल्ली की स्थानीय निवासी नहीं हैं। उनका दावा है कि विवाद के दौरान दूसरे पक्ष की ओर से उन्हें ‘बाहरी’ कहकर निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने उनके साथ मारपीट हुई, लेकिन हमलावरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।

    महिला के अनुसार, उनके क्लाइंट का अगले दिन एक कार्यक्रम होना था। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष उस कार्यक्रम को खराब करना चाहता था और इसी वजह से विवाद बढ़ा। महिला ने दावा किया कि दूसरे पक्ष के लोग स्थानीय प्रभाव रखने वाले व्यक्तियों के साथ थे और इसी कारण स्थिति उनके खिलाफ हो गई।

    झड़प के दौरान महिला ने नस्लीय टिप्पणियां किए जाने का भी आरोप लगाया। उनके मुताबिक, उनसे और पूर्वोत्तर भारत से जुड़े लोगों को लेकर आपत्तिजनक सवाल किए गए। आरोप है कि दूसरे पक्ष की ओर से यह सवाल भी किया गया कि पूर्वोत्तर के लोग काम करने के लिए दिल्ली क्यों आते हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।

    वीडियो में महिला वकील दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी मदद की अपील करती नजर आती हैं। उन्होंने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और कहा कि यदि एक महिला वकील के साथ इस तरह की घटना हो सकती है तो सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का जिक्र करते हुए भी अपनी बात रखी।

    पुलिस के अनुसार, महिला वकील जिस संपत्ति विवाद में शामिल थीं, उसमें वह ‘डॉलर बाबा’ नाम के व्यक्ति का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। प्रसाद नगर इलाके की एक संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान घटना सामने आई।

    महिला वकील ने अपनी शिकायत में मारपीट के साथ छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। मामले की जांच के दौरान घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

    इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस में शिकायत दी गई है। इसमें मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दूसरी शिकायत के आधार पर भी क्रॉस-एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    फिलहाल महिला वकील की ओर से लगाए गए मारपीट, छेड़छाड़ और नस्लीय टिप्पणी के आरोप जांच का विषय हैं। घटना से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस मामले के तथ्यों की जांच कर रही है।