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  • मेरठ में आस्था संग सेवा की मिसाल, नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा कर रहा शिवभक्त

    मेरठ में आस्था संग सेवा की मिसाल, नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा कर रहा शिवभक्त


    मेरठ। कांवड़ यात्रा सिर्फ भगवान शिव के प्रति आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि रिश्तों में समर्पण, सेवा और जिम्मेदारी का भी संदेश देती है। मेरठ में इस बार दो शिवभक्त अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा के कारण श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। एक युवक अपनी 75 वर्षीय नानी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहा है, जबकि दूसरा बैग में गंगाजल सुरक्षित रखकर पैदल अपने गांव की ओर बढ़ रहा है।

    बैग में गंगाजल लेकर पैदल यात्रा
    मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के रहने वाले धीरेंद्र (27) वर्तमान में दिल्ली के राजनगर में अपने इंजीनियर भाई के साथ रहते हैं। वह 10 जुलाई को ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे और 11 जुलाई से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा शुरू की।

    धीरेंद्र ने गंगाजल को बैग में सुरक्षित रखा है और चरणबद्ध तरीके से यात्रा पूरी कर रहे हैं। पहले दिन उन्होंने 4 किलोमीटर, दूसरे दिन 18 किलोमीटर और तीसरे दिन 15 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके बाद वह प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। यह उनकी हरिद्वार से गंगाजल लाने की लगातार तीसरी कांवड़ यात्रा है।

    कांवड़ में नानी को बैठाकर निभा रहे सेवा का धर्म
    नोएडा के सेक्टर-5 स्थित हरौला गांव निवासी हिमांशु चौहान अपनी 75 वर्षीय नानी रूपरानी को कांवड़ के एक पलड़े में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहे हैं। उनके साथ मौसेरे भाई प्रिंस राघव, बहन लक्ष्मी और परिवार के अन्य सदस्य भी यात्रा में शामिल हैं।

    हिमांशु ने 19 जुलाई को हरिद्वार से यात्रा शुरू की। कांवड़ के एक हिस्से में करीब 45 किलोग्राम वजन की उनकी नानी बैठी हैं, जबकि दूसरे हिस्से में 55 लीटर गंगाजल से भरे कलश रखे गए हैं। लगभग एक क्विंटल वजन वाली इस कांवड़ को हिमांशु और प्रिंस राघव बारी-बारी से अपने कंधों पर उठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

    श्रद्धालुओं ने किया जोरदार स्वागत
    यात्रा के दौरान हिमांशु की बहन लक्ष्मी लगातार पंखे से दोनों भाइयों और अपनी नानी को हवा करती रहती हैं। मेरठ के पल्लवपुरम पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने इन शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया। सेवा, समर्पण और शिवभक्ति का यह अनोखा संगम कांवड़ यात्रा में लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।

  • रणबीर कपूर की ‘रामायणम्’ में रावण की मां कैकसी बनीं शोभना, 56 साल की एक्ट्रेस का रजनीकांत से है खास कनेक्शन

    रणबीर कपूर की ‘रामायणम्’ में रावण की मां कैकसी बनीं शोभना, 56 साल की एक्ट्रेस का रजनीकांत से है खास कनेक्शन

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो चुकी निर्देशक नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म के ट्रेलर में भगवान श्रीराम, माता सीता, रावण और अन्य प्रमुख किरदारों की झलक देखने के बाद अब एक और किरदार ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह किरदार है रावण की मां कैकसी का, जिसे मशहूर अभिनेत्री शोभना निभा रही हैं।

    फिल्म में रावण का किरदार अभिनेता यश निभा रहे हैं, जबकि उनकी मां कैकसी के रूप में शोभना नजर आएंगी। खास बात यह है कि पर्दे पर मां-बेटे का रिश्ता निभाने वाले दोनों कलाकारों की वास्तविक उम्र में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। शोभना की उम्र 56 साल है, जबकि यश 40 साल के हैं। दोनों कलाकारों के बीच करीब 16 साल का अंतर है, लेकिन अपने अभिनय और लुक के जरिए शोभना ने कैकसी के किरदार को प्रभावशाली बना दिया है।

    रामायण की कथा में कैकसी राक्षस कुल से संबंध रखने वाली महत्वपूर्ण पात्र थीं। वह लंकापति रावण की माता थीं और कथा में उनका किरदार काफी अहम माना जाता है। ‘रामायणम्’ में इस भूमिका के लिए शोभना का चयन किया गया है, जिसकी झलक ट्रेलर में देखने के बाद दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।

    शोभना भारतीय सिनेमा की अनुभवी अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उन्होंने मलयालम, तमिल, तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और अंग्रेजी फिल्मों में काम किया है। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए हैं और अपनी शानदार अभिनय क्षमता के लिए जानी जाती हैं।

    शोभना का सुपरस्टार रजनीकांत के साथ भी खास जुड़ाव रहा है। उन्होंने रजनीकांत के साथ साल 1989 में आई फिल्म ‘शिवा’ और 1991 में रिलीज हुई ‘थलापति’ में काम किया था। दोनों फिल्मों में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। इसके अलावा वह रजनीकांत की फिल्म ‘कोचादाइयां’ में भी नजर आ चुकी हैं।

    ‘रामायणम्’ को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बताया जा रहा है। फिल्म का बजट करीब 4000 करोड़ रुपये होने की चर्चा है। इस भव्य परियोजना में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। वहीं यश को रावण की भूमिका में प्रस्तुत किया गया है।

    फिल्म में अरुण गोविल राजा दशरथ, लारा दत्ता महारानी कैकई, शीबा चड्ढा मंथरा और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे। बड़े कलाकारों की मौजूदगी और विशाल स्तर पर तैयार किए जा रहे सेट के कारण यह फिल्म रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है।

    ‘रामायणम्’ को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। फिल्म का पहला भाग दीपावली 2026 के मौके पर रिलीज किया जाएगा, जबकि दूसरा भाग दीपावली 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। फिल्म की कहानी, कलाकारों के किरदार और भव्य प्रस्तुति को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।

  • प्रयागराज मेट्रो को मिलेगी रफ्तार, 12 हजार करोड़ की परियोजना का दिसंबर तक शिलान्यास संभव

    प्रयागराज मेट्रो को मिलेगी रफ्तार, 12 हजार करोड़ की परियोजना का दिसंबर तक शिलान्यास संभव


    प्रयागराज। प्रयागराज में मेट्रो रेल परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने राइट्स (RITES) को 14 अगस्त तक डीपीआर सौंपने के निर्देश दिए हैं। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो गईं, तो वर्ष के अंत तक परियोजना का शिलान्यास किया जा सकता है।

    पीडीए के अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर मिलने के बाद अगस्त में ही प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे केंद्र सरकार के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। चुनावी वर्ष को देखते हुए इस परियोजना को तय समय पर शुरू कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    दो कॉरिडोर और 40 स्टेशन होंगे
    प्रस्तावित योजना के तहत प्रयागराज में दो प्रमुख मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। पहला ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रयागराज एयरपोर्ट से झूंसी स्थित सिटी लेक फॉरेस्ट तक जाएगा, जबकि दूसरा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर फाफामऊ के शांतिपुरम कॉलोनी से नैनी तक संचालित होगा। दोनों कॉरिडोर पर कुल 40 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। परेड मैदान को इंटरचेंज जंक्शन बनाया जाएगा, जहां से यात्रियों को चारों दिशाओं में मेट्रो की सुविधा मिलेगी। परियोजना के तहत झूंसी और नैनी में 20-20 हेक्टेयर भूमि पर मेट्रो डिपो भी विकसित किए जाएंगे।

    महाकुंभ और शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगा लाभ
    मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद महाकुंभ और माघ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को संगम और शहर के प्रमुख इलाकों तक तेज और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। परेड इंटरचेंज से झूंसी, फाफामऊ, बमरौली और नैनी की ओर सीधी मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। संगम क्षेत्र में भी मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है।

    तीन से आठ कोच वाली मेट्रो का प्रस्ताव
    पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने बताया कि प्रयागराज के लिए तीन से आठ कोच वाली फुल मेट्रो ट्रेन की योजना पर डीपीआर तैयार की जा रही है। राइट्स को 14 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि परियोजना निर्धारित समय पर शुरू हो सके।

  • मेरठ दक्षिण सीट पर सपा में टिकट की जंग तेज, कई दावेदारों के बीच किस पर लगेगी मुहर?

    मेरठ दक्षिण सीट पर सपा में टिकट की जंग तेज, कई दावेदारों के बीच किस पर लगेगी मुहर?


    मेरठ। मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी के लिए इस बार सबसे चुनौतीपूर्ण सीटों में शामिल हो गई है। जिले की सात विधानसभा सीटों में सबसे अधिक टिकट दावेदार इसी सीट से सामने आए हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसा उम्मीदवार चुनने की है, जो संगठन और चुनावी समीकरण-दोनों पर खरा उतर सके। टिकट की दौड़ में शामिल नेता लगातार लखनऊ का रुख कर रहे हैं और अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। इससे पार्टी के भीतर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

    इन नेताओं के नाम सबसे आगे
    मेरठ दक्षिण से टिकट के प्रमुख दावेदारों में सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी का नाम सबसे प्रमुख माना जा रहा है। वह इस सीट से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सोमेंद्र तोमर को कड़ी टक्कर दी थी। उस चुनाव में आदिल को 1,21,725 वोट मिले थे और वे केवल 7,942 मतों से चुनाव हारे थे।

    इसके अलावा जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी, डॉ. किशन पाल गुर्जर, मुखिया गुर्जर और जितेंद्र गुर्जर भी टिकट के लिए प्रयासरत बताए जा रहे हैं। वहीं, यदि पूर्व विधायक योगेश वर्मा को हस्तिनापुर सीट से टिकट नहीं मिलता है, तो मेरठ दक्षिण से उनकी दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है।

    गठबंधन की स्थिति भी बनेगी अहम
    राजनीतिक चर्चाओं के बीच कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संभावित गठबंधन की भी चर्चा है। यदि गठबंधन होता है तो कांग्रेस भी इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर सकती है। हाल ही में पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना की मौजूदगी को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

    गुटबाजी का खतरा भी बरकरार
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टिकट के लिए बड़ी संख्या में दावेदार होना संगठन की मजबूती का संकेत जरूर है, लेकिन इससे अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी का खतरा भी बढ़ सकता है। यदि टिकट वितरण के बाद असंतोष उभरता है तो चुनावी मुकाबले में इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ सकता है।

    किसके पक्ष में जा सकते हैं समीकरण?
    जानकारों के मुताबिक, टिकट उसी उम्मीदवार को मिलने की संभावना अधिक है, जो जातीय और सामाजिक समीकरणों के साथ संगठन में भी मजबूत पकड़ रखता हो। मेरठ दक्षिण में मुस्लिम, दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मतदाता चुनाव परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    इसी वजह से ऐसे चेहरे को प्राथमिकता मिल सकती है, जो विभिन्न वर्गों में स्वीकार्यता रखता हो, संगठन के भीतर मजबूत समर्थन हो और विवादों से दूर रहा हो। मौजूदा चर्चाओं में आदिल चौधरी और योगेश वर्मा को मजबूत दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में है।

  • अखिलेश के CM बनने की कामना, 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर पैदल निकले बॉबी यादव

    अखिलेश के CM बनने की कामना, 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर पैदल निकले बॉबी यादव

    गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने की मनोकामना को लेकर रेसलिंग खिलाड़ी बॉबी यादव हरिद्वार से 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर पैदल यात्रा पर निकले हैं। शुक्रवार को वह अपने साथियों के साथ मुरादनगर पहुंचे, जहां कांवड़ियों ने स्थानीय थाने में विश्राम किया और उनका स्वागत किया गया।

    नोएडा के सर्फाबाद निवासी बॉबी यादव ने बताया कि उन्होंने एक जुलाई को अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर हरिद्वार से गंगाजल उठाया था। उन्होंने विशेष संकल्प के साथ यह कांवड़ यात्रा शुरू की है और पैदल चलते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।

    साथियों के साथ जारी है यात्रा
    बॉबी यादव के साथ इस यात्रा में रिंकू, मोनू, हर्ष, राज, लविश समेत कई साथी भी शामिल हैं। यात्रा के दौरान यह दल विभिन्न स्थानों पर पड़ाव डालते हुए आगे बढ़ रहा है। रास्ते में स्थानीय लोगों और समर्थकों की ओर से उनका स्वागत और सत्कार भी किया जा रहा है।

    आस्था और संकल्प का प्रतीक
    बॉबी यादव का कहना है कि यह कांवड़ यात्रा उनकी धार्मिक आस्था और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उनका विश्वास है कि भगवान शिव की कृपा से उनकी मनोकामना पूरी होगी और वे इसी भावना के साथ गंगाजल अर्पित करने की यात्रा पूरी कर रहे हैं।
  • महंगे हेल्थ सप्लीमेंट से मिलेगी राहत जन औषधि के न्यूट्रास्यूटिकल्स से सस्ती कीमत पर मिलेगा बेहतर पोषण

    महंगे हेल्थ सप्लीमेंट से मिलेगी राहत जन औषधि के न्यूट्रास्यूटिकल्स से सस्ती कीमत पर मिलेगा बेहतर पोषण


    नई दिल्ली। सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों पर अब कई तरह के पोषण संबंधी उत्पाद उपलब्ध हैं जिनमें प्रोटीन बार इम्यूनिटी बार माल्ट आधारित पोषण आहार प्रोटीन पाउडर और महिलाओं के लिए विशेष प्रोटीन बूस्ट शामिल हैं। इन उत्पादों को अलग अलग आयु वर्ग और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है ताकि हर वर्ग के लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार विकल्प मिल सकें।

    जन औषधि पोर्टफोलियो में 35 ग्राम के पैक में प्रोटीन बार और इम्यूनिटी बार उपलब्ध हैं। इसके अलावा महिलाओं के लिए तैयार किया गया जन औषधि वुमेन प्रोटीन बूस्ट चॉकलेट और वनीला फ्लेवर में उपलब्ध है जिसकी कीमत बाजार में मिलने वाले कई समान उत्पादों की तुलना में काफी कम रखी गई है। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को अपनी दैनिक प्रोटीन आवश्यकता पूरी करने में मदद मिलेगी।

    परिवारों के लिए माल्ट आधारित पोषण आहार भी उपलब्ध कराया गया है जिसमें आवश्यक विटामिन और खनिज तत्व शामिल हैं। यह उत्पाद बच्चों के विकास युवाओं की ऊर्जा और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अलग अलग पैक साइज उपलब्ध होने से उपभोक्ता अपनी जरूरत और बजट के अनुसार इन्हें खरीद सकते हैं।

    फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों और अधिक प्रोटीन की आवश्यकता रखने वालों के लिए जन औषधि केंद्रों पर प्रोटीन पाउडर और 100 प्रतिशत व्हे प्रोटीन पाउडर भी उपलब्ध है। यह मांसपेशियों की रिकवरी और दैनिक प्रोटीन जरूरत पूरी करने में सहायक माना जाता है। वनीला और केसर पिस्ता जैसे फ्लेवर उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को पसंद के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा भी मिलती है।

    सरकार का कहना है कि इन उत्पादों की सबसे बड़ी विशेषता इनकी किफायती कीमत है। बाजार में मिलने वाले महंगे हेल्थ सप्लीमेंट की तुलना में जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध उत्पाद कम कीमत में खरीदे जा सकते हैं जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को विशेष लाभ मिलेगा। इससे पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगा।

    हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि विशेष पोषण संबंधी उत्पादों का सेवन डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। हर व्यक्ति की शारीरिक आवश्यकता अलग होती है इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी सप्लीमेंट का नियमित उपयोग शुरू नहीं करना चाहिए।

    प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य केवल सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं बल्कि लोगों को किफायती स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर पोषण उपलब्ध कराना भी है। सरकार का मानना है कि न्यूट्रास्यूटिकल्स की यह पहल देश के लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में मजबूत सहारा प्रदान करेगी और स्वस्थ भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय अपनाएं और घर में सुख समृद्धि सकारात्मक ऊर्जा का करें स्वागत

    वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय अपनाएं और घर में सुख समृद्धि सकारात्मक ऊर्जा का करें स्वागत


    नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। मुख्य द्वार हमेशा साफ सुथरा और आकर्षक होना चाहिए। इसके आसपास गंदगी टूटा सामान या कचरा नहीं रखना चाहिए। नियमित रूप से दीपक जलाना और स्वच्छता बनाए रखना शुभ माना जाता है।

    पूजा घर को उत्तर पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इस स्थान पर नियमित पूजा पाठ करने से घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है। पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचना चाहिए। धार्मिक ग्रंथों और पूजा सामग्री को भी व्यवस्थित रखना अच्छा माना जाता है।

    रसोईघर को अग्नि तत्व का स्थान माना जाता है। वास्तु के अनुसार खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखना शुभ माना जाता है। रसोई को साफ रखना और गैस चूल्हे तथा पानी के स्रोत के बीच उचित दूरी बनाए रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे घर में संतुलन और सकारात्मकता बनी रहती है।

    शयनकक्ष का भी विशेष महत्व बताया गया है। परिवार के मुखिया का कमरा दक्षिण पश्चिम दिशा में होना शुभ माना जाता है। सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखने की सलाह दी जाती है। इससे बेहतर नींद और मानसिक शांति मिलने की मान्यता है।

    घर में टूटे हुए फर्नीचर बंद घड़ियां खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार वस्तुओं को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा का कारण मानी जाती हैं। समय समय पर घर की सफाई और अनावश्यक वस्तुओं को हटाना वातावरण को बेहतर बनाता है।

    तुलसी का पौधा और हरे पौधे घर की सकारात्मकता बढ़ाने वाले माने जाते हैं। तुलसी को आंगन या बालकनी में उचित स्थान पर लगाने से वातावरण शुद्ध रहने की मान्यता है। वहीं कांटेदार पौधों को मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।

    घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा का प्रवेश भी बहुत जरूरी माना जाता है। बंद और अंधेरे स्थान नकारात्मकता बढ़ा सकते हैं। इसलिए रोजाना खिड़कियां खोलकर घर में धूप और ताजी हवा आने देना लाभकारी माना जाता है।

    यदि किसी कारणवश घर में वास्तु संबंधी बदलाव संभव नहीं हैं तो साफ सफाई नियमित पूजा सकारात्मक सोच और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सम्मान बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यही बातें किसी भी घर को सुख शांति और समृद्धि से भर सकती हैं।

    ध्यान रहे कि वास्तु शास्त्र पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इसे आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार अपनाया जा सकता है। किसी भी समस्या का समाधान केवल वास्तु उपायों पर निर्भर न रखकर व्यावहारिक प्रयास और सही निर्णय भी जरूरी हैं।

  • निजी विवाद के बीच श्वेता तिवारी की सोशल मीडिया एंट्री, ‘किस पर भरोसा किया जाए’ लिखा संदेश

    निजी विवाद के बीच श्वेता तिवारी की सोशल मीडिया एंट्री, ‘किस पर भरोसा किया जाए’ लिखा संदेश

    नई दिल्ली । टेलीविजन अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने अपने पूर्व पति राजा चौधरी की ओर से लगाए गए हालिया आरोपों के बाद पहली बार सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की है। हालांकि, श्वेता ने अपने पोस्ट में राजा चौधरी के किसी भी आरोप का सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया है, लेकिन उनके लिखे कैप्शन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है। श्वेता ने अपनी आगामी रियलिटी शो ‘ट्रेटर्स 2’ से जुड़ी एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “इस बार असली कसौटी यह जानना है कि किस पर भरोसा किया जाए।”

    राजा चौधरी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी बेटी पलक तिवारी और पूर्व पत्नी श्वेता तिवारी को लेकर कई दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि उनकी बेटी पलक उन्हें पिता के रूप में स्वीकार नहीं करती हैं और उन्होंने उन्हें सोशल मीडिया पर भी ब्लॉक कर दिया है। इसके अलावा राजा ने श्वेता द्वारा लगाए गए पुराने घरेलू हिंसा के आरोपों से भी इनकार किया था।

    राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी पर कई व्यक्तिगत आरोप भी लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि श्वेता के टेलीविजन शो के दौरान उनके को-स्टार के साथ संबंध थे। हालांकि, श्वेता ने इन नए आरोपों पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अभिनेत्री ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को केवल अपने नए प्रोजेक्ट से जोड़कर साझा किया है।

    राजा चौधरी और श्वेता तिवारी की शादी वर्ष 1998 में हुई थी। दोनों का रिश्ता करीब नौ साल बाद वर्ष 2007 में खत्म हो गया था। अलगाव के बाद श्वेता ने कई बार अपने रिश्ते से जुड़े अनुभवों के बारे में बात की थी। उन्होंने अलग होने के पीछे घरेलू समस्याओं और राजा की कुछ आदतों को वजह बताया था। वहीं राजा चौधरी ने अब इन आरोपों को खारिज किया है और अपनी ओर से अलग पक्ष रखा है।

    राजा ने अपनी बेटी पलक तिवारी से जुड़े पुराने विवाद पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि तलाक के समझौते के दौरान उन्होंने कुछ संपत्ति से जुड़े फैसले लिए थे और उस समय की परिस्थितियां अलग थीं। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी परेशानियों और परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया था। हालांकि, इस मामले में श्वेता की ओर से कोई नया बयान सामने नहीं आया है।

    वहीं दूसरी ओर श्वेता तिवारी इन दिनों अपने आगामी रियलिटी शो ‘ट्रेटर्स 2’ को लेकर चर्चा में हैं। इस शो के जरिए वह एक बार फिर रियलिटी टेलीविजन में नजर आने वाली हैं। शो में कई अन्य चर्चित चेहरे भी शामिल हैं और इसके फॉर्मेट को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।

    श्वेता की नई पोस्ट के बाद उनके प्रशंसक उनके समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि अभिनेत्री ने अपने संदेश में पारिवारिक विवाद या राजा चौधरी के बयानों का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके कैप्शन को मौजूदा परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    फिलहाल श्वेता तिवारी अपने नए प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जबकि राजा चौधरी के बयानों के बाद दोनों के बीच पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले समय में इस मामले पर किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

  • हॉलीवुड फिल्मों में नया बेंचमार्क बना 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे', दूसरे दिन भी भारत में शानदार कमाई का सिलसिला जारी

    हॉलीवुड फिल्मों में नया बेंचमार्क बना 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे', दूसरे दिन भी भारत में शानदार कमाई का सिलसिला जारी

    नई दिल्ली । मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ भारत में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका कर रही है। फिल्म ने पहले दिन शानदार कमाई के साथ हॉलीवुड फिल्मों के लिए नया रिकॉर्ड बनाया और दूसरे दिन भी इसकी रफ्तार कम होती नजर नहीं आ रही है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन दोपहर तक ही 70 करोड़ रुपये से अधिक का कुल कलेक्शन दर्ज कर लिया है।

    टॉम हॉलैंड स्टारर इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले दिन बड़ी संख्या में दर्शकों के सिनेमाघरों तक पहुंचने के बाद दूसरे दिन भी कई शहरों में फिल्म के शो हाउसफुल नजर आए। फिल्म की एडवांस बुकिंग और दर्शकों की प्रतिक्रिया ने इसकी मजबूत शुरुआत में अहम भूमिका निभाई है।

    ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ ने अपने पहले दिन भारत में करीब 60.60 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म ने भारत में सबसे बड़ी हॉलीवुड ओपनिंग का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। फिल्म का शुरुआती ग्रॉस कलेक्शन भी 70 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जिसने इसे भारतीय बाजार में हॉलीवुड फिल्मों की सूची में सबसे ऊपर पहुंचा दिया।

    फिल्म की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने पहले दिन करीब 72 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्यूपेंसी दर्ज की। अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में भी फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला। हिंदी वर्जन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा है।

    दूसरे दिन भी फिल्म की कमाई का सिलसिला जारी रहा। शुरुआती रुझानों के अनुसार दोपहर तक फिल्म ने करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली थी। इसके साथ ही फिल्म का दो दिनों का कुल कलेक्शन 70 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। माना जा रहा है कि दिन खत्म होने तक फिल्म की कमाई में और बढ़ोतरी हो सकती है।

    इस फिल्म ने हॉलीवुड की सबसे सफल फिल्मों में शामिल ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के शुरुआती रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले भारत में सबसे बड़ी हॉलीवुड ओपनिंग का रिकॉर्ड ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के नाम था। लेकिन ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ ने अपनी दमदार शुरुआत के साथ नया इतिहास बना दिया है।

    फिल्म की सफलता के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। मार्वल फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता, स्पाइडर-मैन किरदार के प्रति दर्शकों का लगाव और बड़े पैमाने पर किए गए प्रचार ने फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ाई है। युवा दर्शकों के साथ-साथ परिवारों में भी इस फिल्म को लेकर काफी क्रेज देखा जा रहा है।

    भारतीय बॉक्स ऑफिस पर हॉलीवुड फिल्मों की बढ़ती पकड़ के बीच ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ की सफलता एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। फिल्म की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए आने वाले दिनों में इसके कई और रिकॉर्ड बनाने की संभावना जताई जा रही है। अगर फिल्म इसी तरह दर्शकों को आकर्षित करती रही तो यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्मों की सूची में एक नया स्थान बना सकती है।

  • अमेरिकी चुनावों पर विदेशी दखल का दावा तेज, व्हाइट हाउस ने चीन पर वोटर डेटा चोरी का लगाया गंभीर आरोप

    अमेरिकी चुनावों पर विदेशी दखल का दावा तेज, व्हाइट हाउस ने चीन पर वोटर डेटा चोरी का लगाया गंभीर आरोप

    नई दिल्ली । अमेरिकी चुनावी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि चीन और उससे जुड़े साइबर नेटवर्क ने अमेरिका के करीब 22 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण डेटा हासिल किया है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह मामला विदेशी हस्तक्षेप और साइबर सुरक्षा से जुड़ा है, जिसने चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

    व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक दस्तावेज में दावा किया गया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में ऐसे संकेत मिले हैं कि चीन से जुड़े साइबर समूहों ने वोटर रजिस्ट्रेशन से जुड़ी ऐसी जानकारियां हासिल कीं, जो पूरी तरह सार्वजनिक नहीं थीं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि विदेशी ताकतें चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सकती हैं।

    अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, विदेशी हस्तक्षेप केवल चुनाव के दिन मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, मतदाताओं और चुनावी ढांचे से जुड़ी सूचनाओं को निशाना बनाना भी शामिल हो सकता है। प्रशासन ने कहा कि वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम और उससे जुड़े डेटा पर हमला चुनावी प्रक्रिया में बाधा पैदा करने का एक तरीका हो सकता है।

    व्हाइट हाउस के दस्तावेज में बताया गया कि वर्ष 2022 की खुफिया रिपोर्ट में एक चीनी साइबर नेटवर्क से जुड़े समूह की पहचान की गई थी, जिसने व्यावसायिक वेबसाइटों पर मौजूद मतदाता पंजीकरण डेटा तक पहुंच बनाई थी। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ऐसे साइबर समूह अक्सर ऐसी सूचनाएं जुटाने की कोशिश करते हैं, जो सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं होती हैं।

    अमेरिकी सरकार ने साइबर हमलों से जुड़े संभावित खतरों का भी उल्लेख किया है। प्रशासन के अनुसार, यदि किसी विदेशी ताकत को मतदाता डेटा तक पहुंच मिल जाती है, तो वह उसमें बदलाव करने, मतदाताओं को मतदान में परेशानी पहुंचाने या चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने जैसी गतिविधियों की कोशिश कर सकती है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित डेटा हासिल करने की घटना से किसी चुनाव परिणाम पर कोई सीधा प्रभाव पड़ा है।

    यह मामला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विदेशी चुनावी गतिविधियों से जुड़े कुछ खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के फैसले के बाद सामने आया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का उद्देश्य चुनावी सुरक्षा से जुड़े आकलनों में पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशी साइबर गतिविधियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

    व्हाइट हाउस ने बताया कि कई प्रमुख अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के बयान और इससे जुड़े दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में सहयोग किया। प्रशासन के अनुसार, इन एजेंसियों ने उपलब्ध खुफिया जानकारी के आधार पर तथ्यों की समीक्षा की।

    चीन की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, अमेरिका और चीन के बीच पहले भी साइबर सुरक्षा, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और डेटा सुरक्षा को लेकर तनाव रहा है। दोनों देशों के बीच डिजिटल क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है।

    अमेरिका में चुनावी सुरक्षा को लेकर यह बहस ऐसे समय में तेज हुई है, जब दुनिया भर में साइबर हमलों और डिजिटल हस्तक्षेप के खतरे बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक चुनाव प्रणालियों की सुरक्षा के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे और लगातार निगरानी की आवश्यकता है।