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  • अनुपम खेर ने आदित्य धर की 'धुरंधर' की सफलता पर जताया गर्व

    अनुपम खेर ने आदित्य धर की 'धुरंधर' की सफलता पर जताया गर्व


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर ने आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर की सफलता पर अपनी खुशी और गर्व का इजहार किया है। खेर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए फिल्म की तारीफ की और इसे बेहद महत्वपूर्ण बताया। फिल्म में रणवीर सिंहसंजय दत्तअक्षय खन्नाअर्जुन रामपालसारा अर्जुनआर. माधवन और राकेश बेदी मुख्य भूमिकाओं में हैं। 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म पहले ही ₹1000 करोड़ के वैश्विक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का आंकड़ा पार कर चुकी है।

    फिल्म की कहानी और निर्माण

    ‘धुरंधर’ का निर्माण आदित्य धर और उनके भाई लोकेश धर ने B62 स्टूडियोज़ के बैनर तले किया हैवहीं जियो स्टूडियोज़ की ज्योति देशपांडे भी प्रोडक्शन में शामिल हैं। फिल्म अंडरवर्ल्ड की दुनिया में क्राइमइनफॉर्मेंट और ऑपरेटिव्स की जटिलताओं पर आधारित हैजिसमें चालाकीजासूसी और विश्वासघात की कहानी बुनी गई है। फिल्म ने अपनी कहानीनिर्देशन और स्टार कास्ट की वजह से दर्शकों और आलोचकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया हासिल की है।

    अनुपम खेर का व्यक्तिगत संदेश

    खेर ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा“मुझे इस फिल्म में कोई भूमिका नहीं हैन ही मैं इसका हिस्सा हूंलेकिन फिल्म की सफलता से मेरे दिल में बहुत शांति और गर्व महसूस हो रहा है। मैं इस फिल्म की सफलता पर अत्यधिक गर्व और खुशी महसूस कर रहा हूं। यह फिल्म कई लोगों की सोच को चुनौती देती है और उनके काम को प्रेरणा देती है।” उन्होंने आदित्य धर और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ने फिल्म को खास बनाया।

    दर्शकों और क्रिटिक्स की प्रतिक्रिया

    ‘धुरंधर’ ने रिलीज़ के तुरंत बाद बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया और दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। सोशल मीडिया पर भी फिल्म की प्रशंसा हो रही है और कई लोग विदेशों से भी फिल्म को देखने के बाद टीम को बधाई दे रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हो रही है कि फिल्म ने लोगों के विचारों और दृष्टिकोण को प्रभावित किया।

    भाग दो की घोषणा

    फिल्म के निर्माताओं ने इसके सफल प्रदर्शन के बाद ‘धुरंधर’ का दूसरा भाग 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज़ करने की घोषणा की है। पहला भाग की सफलता को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि दूसरा भाग भी बॉक्स ऑफिस पर कमाल करेगा और दर्शकों का मनोरंजन दुगुना करेगा।

  • भगवान ने सैकड़ों मासूमों को बचा लिया'बिहार के रोहतास रोपवे हादसे पर RJD का बड़ा हमला

    भगवान ने सैकड़ों मासूमों को बचा लिया'बिहार के रोहतास रोपवे हादसे पर RJD का बड़ा हमला


    रोहतास । बिहार के रोहतास जिले में शुक्रवार 26 दिसंबर को हुए रोपवे हादसे पर अब प्रदेश की सियासत गरमा गई हैप्रदेश के प्रमुख सियासी दल राष्ट्रीय जनता दल राजद ने एक्स पोस्ट के जरिये राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर बड़ा हमला बोला है. राजद ने सरकार पर कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. राष्ट्रीय जनता दल के ऑफिशियल एक्स हैंडल से रोहतास रोपवे हादसे को लेकर सरकार पर हमला बोला गया है. राजद ने एक्स पोस्ट में लिखा भाजपा नीतीश सरकार की कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा एक और परियोजना. रोहतास में नवनिर्मित रोप वे हुआ ध्वस्त.

    ट्रायल रन में करोड़ों स्वाहा
    आरजेडी ने आगे कहा कि ट्रायल रन में ही करोड़ों स्वाहा. 1 जनवरी को आम जनता के लिए यह रोप वे खोला जाने वाला था. ईश्वर ने सरकार में बैठे भ्रष्ट भूखे भेड़ियों से सैकड़ों मासूम जानों को बचा लिया.

    ट्रायल के दौरान ध्वस्त हो गया था रोपवे का हिस्सा

    दरअसलबीते 26 दिसंबर को रोहतास जिले में रोहतासगढ़ किला और रोहितेश्वर धाम को जोड़ने वाले नवनिर्मित रोपवे का परीक्षण के दौरान हिस्सा ध्वस्त हो गया. चार ट्रॉलियां और एक टावर क्षतिग्रस्त हुए है. हालांकिगनीमत की बात यह रही है कि इस घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ.

    रोपवे हादसे पर अधिकारियों ने क्या कहा

    वहीं इस हादसे को लेकर अधिकारियों ने कहा कि ट्रायल के समय रोपवे से जुड़ा एक टावर भी क्षतिग्रस्त हो गया. इस हादसे में चार ट्रॉलिया को भी नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों ने कहा कि मौके पर मौजूद मजदूरों ने समय रहते सावधानी दिखाते हुए खुद को सुरक्षित बचा लिया. ट्रायल सफल होने के बाद ही होगा रोपवे का संचालन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अभियंता खुर्शीद करीम ने कहा कि मामले की जांच के लिए कोलकाता से विशेषज्ञों की एक टीम आ रही है. यह भी कहा है कि जब तक सभी ट्रायल सफल नहीं हो जाते और अधिकारी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते है. तब तक रोपवे को आम लोगों के लिए संचालित नहीं किया जाएगा.

  • बिना सोच-विचार कर लो पैकिंगलास्ट मिनट ट्रैवल लवर्स के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहेंनए साल पर घूम आओ

    बिना सोच-विचार कर लो पैकिंगलास्ट मिनट ट्रैवल लवर्स के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहेंनए साल पर घूम आओ


    नई दिल्ली । अगर आपने अभी तक नए साल का ट्रिप नहीं प्लान कियातो कोई बात नहीं। अब आपका समय बिना ज्यादा सोच-विचार के पैकिंग करने का आ गया है। आज हम आपके लिए भारत की कुछ ऐसी जबर्दस्त जगहें लेकर आए हैंजो लास्ट मिनट ट्रैवल लवर्स के लिए एकदम परफेक्ट हैं। शांत वादियों से लेकर समुद्र तट और रेगिस्तान तक – 2025 के अंत पर बनाओ अपनी यादगार ट्रिप।
    नए साल पर घूम आओ
    क्या आप भी वो ट्रैवल लवर्स हैं जो – चलोआज ही चलें! वाली फीलिंग रखते हैं? कई लोग साल के आखिरी दिनों तक काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि वे जल्दी से कोई ट्रिप प्लान नहीं कर पाते। लेकिन चिंता मत करोभारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां बिना ज्यादा प्लानिंग के भी आप नए साल की ट्रैवल ट्रिप मस्ती से बिता सकते हैं। अगर पैकिंग का बैग तैयार है तो चलिए जानते हैं उन 5 शानदार डेस्टिनेशन्स के बारे में जहाँ आप इस नए साल पर घूम आ सकते हैं।
    वर्कला
    समुद्र किनारे शांत माहौल में समय बिताना है तो केरल का वर्कला बहुत शानदार जगह है। यहां की ऊंची चट्टानेंसमुद्र की लहरों का नजारा और कैफे की चाय – सब मिलकर आपके ट्रिप को यादगार बना देंगे। दिन में बीच पर वॉक और शाम को सनसेट का आनंद लेना एकदम रिलैक्स एक्सपीरियंस है।
    पुष्कर
    अगर आप सांस्कृतिक और शांत माहौल वाले डेस्टिनेशन की तलाश में हैंतो पुष्कर एक खूबसूरत विकल्प है। यहां की झीलघाट और ब्रह्मा मंदिर आपको एक अलग आध्यात्मिक अहसास देंगे। भीड़-भाड़ हीरोइन जगहों के बजाययह छोटा सा शहर बहुत ही शांत और दिल को छू लेने वाला है।
    जीरो वैली
    अगर आपका दिल भीड़ और शोर से दूरसुकून भरे माहौल में घूमने को चाहता हैतो अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली एक अद्भुत विकल्प है। यहां चारों ओर हरियालीशांत मौसम और ठंडी वादियां हैंजो साल के अंत पर आपके दिल को शांति से भर देती हैं। यहां की वादियों में चाय की चुस्की लेते हुए नया साल मनाने का मजा ही कुछ और होता है।
    रण ऑफ कच्छ
    अगर आप कुछ अलग और नेचर से भरपूर जगह ट्राय करना चाहते हैंतो गुजरात का रण ऑफ कच्छ आपके लिए परफेक्ट रहेगा। सर्दियों के मौसम में यहां का सफेद नमक मैदान और खुला आसमान बेहद खूबसूरत दिखता है। भारी ऊनी कपड़े पैक करने की जरूरत भी नहीं पड़तीइसलिए लास्ट मिनट ट्रिप के लिए यह बढ़िया ऑप्शन है।
    अंडमान एंड निकोबार आइलैंड्स
    थोड़ी दूर जाना है लेकिन असली बीच का मजा लेना हैतो अंडमान एक शानदार चुनाव है। यहां की नीली समुद्री लहरेंसफेद रेत और पानी के नीचे की विश्व भर की खूबसूरती आपको एक अलग सा अनुभव देंगी। चाहें तो आप स्कूबा डाइविंग या स्नॉर्कलिंग जैसी एक्टिविटीज का भी मजा ले सकते हैं।
    ट्रैवल टिप्स बिना प्लानिंग के
    लास्ट मिनट ट्रिप पर निकलते समय पहले होटल और फ्लाइट की उपलब्धता जरूर चेक कर लें। ज्यादा चीजें प्लान करने का बोझ न लेंबस आराममस्ती और अनुभव को प्राथमिकता दें। यही सही तरीका है कि आप इस साल की आखिरी ट्रिप को पॉजिटिव ऊर्जा से भरपूर बना पाएं।

  • कर्नाटक में कांग्रेस का बुलडोज़र अभियान: 400 से ज्यादा मुस्लिमों के घर ढहाए, सियासत में गरमा गए पारे

    कर्नाटक में कांग्रेस का बुलडोज़र अभियान: 400 से ज्यादा मुस्लिमों के घर ढहाए, सियासत में गरमा गए पारे




    बेंगलुरु।
    कर्नाटक कांग्रेस सरकार का बुलडोज़र अभियान अब राजनीति का नया विवाद बन गया है। 22 दिसंबर को सुबह 4 बजे कोगिलु गांव के फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में 400 से ज्यादा घरों को गिराया गया। अधिकांश प्रभावित परिवार मुस्लिम समुदाय से हैं। इस कार्रवाई से सैकड़ों लोग बेघर हो गए और ठंड में सड़कों पर या अस्थायी शेल्टरों में रात गुजारने को मजबूर हैं।कर्नाटक सरकार का कहना है कि ये घर उर्दू गवर्नमेंट स्कूल के पास झील किनारे सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से बने थे।
    निवासियों की आपत्ति
    स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और पुलिस ने जबरदस्ती उन्हें बेदखल किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई लोग 25 सालों से इलाके में रह रहे हैं और उनके पास वैध आधार कार्ड व वोटर आईडी हैं। निकाले गए ज्यादातर लोग प्रवासी और मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं।

    विरोध प्रदर्शन और सियासी हलचल
    इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के घर के पास भी प्रदर्शन हुआ।

    दलित संघर्ष समिति और कई अन्य संगठन भी इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।

    केरल सरकार की निंदा
    पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसे “अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति” करार दिया। उन्होंने कहा कि डर और ज़बरदस्ती से शासन करने वाली सरकारें संवैधानिक मूल्यों और मानवीय गरिमा का उल्लंघन करती हैं। केरल के मंत्री वी शिवनकुट्टी ने इसे “अमानवीय कार्रवाई” बताया और कहा कि यह इमरजेंसी के दौर की याद दिलाती है।

    कर्नाटक उपमुख्यमंत्री का जवाब
    कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि यह इलाका अवैध कब्ज़े और कचरा फेंकने की जगह था, जिसे लैंड माफिया झुग्गी बस्ती में बदलने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों को नई जगह शिफ्ट करने का समय पहले ही दिया गया था। शिवकुमार ने पिनाराई विजयन पर तंज कसते हुए कहा कि नेताओं को ज़मीनी हकीकत जाने बिना टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

    यह मामला न केवल बेंगलुरु बल्कि पूरे कर्नाटक की राजनीति में गर्मागरम बहस का केंद्र बन गया है। कांग्रेस सरकार के बुलडोज़र अभियान ने शहर के गरीब और अल्पसंख्यक समुदायों को सीधे प्रभावित किया है, जबकि विपक्ष और पड़ोसी राज्यों ने इसे लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

  • सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामादुष्कर्म पीड़िता ने दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी

    सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामादुष्कर्म पीड़िता ने दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उस समय गंभीर सवालिया निशान लग गएजब एक दुष्कर्म पीड़िता अपने दो मासूम बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक SP कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई। पीड़िता का आरोप है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज होने और उनकी जमानत याचिकाएं खारिज होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। देर रात तक चले इस हंगामे के दौरान महिला ने न्याय न मिलने पर अपना गला काटकर जान देने जैसी आत्मघाती चेतावनी भी दी।

    सत्ता के दबाव का आरोप और पुलिस से तीखी झड़प

    पीड़िता का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब एसपी कार्यालय में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बच्चों समेत वहां से हटाने की कोशिश की। महिला ने रोते हुए चीख-चीख कर कहा कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी सत्ताधारी दल का रसूखदार नेता रहा हैइसलिए पुलिस उसे छूने से भी कतरा रही है। पीड़िता ने बताया”आरोपी की जमानत जिला अदालत और हाईकोर्ट दोनों जगह से खारिज हो चुकी है। वह खुलेआम घूम रहा है और मुझे लगातार धमकियां दे रहा है। मुझे और मेरे बच्चों की जान को खतरा हैलेकिन पुलिस प्रशासन केवल आश्वासन का खेल खेल रहा है।

    अधिकारियों में मचा हड़कंप

    महिला द्वारा खुद को नुकसान पहुँचाने की धमकी दिए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को शांत कराने की कोशिश की। पीड़िता का कहना था कि वह तब तक नहीं हटेगी जब तक कि आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता। अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही पीड़िता देर रात वहां से हटने को तैयार हुई।

    न्यायालय से नहीं मिली है राहत

    गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज है। आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले जिला न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थीजिसे अदालतों ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया है। इसके बावजूद सतना पुलिस की ‘सुस्ती’ अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।

    बढ़ता दबाव और राजनीतिक सरगर्मी
    इस घटना ने सतना में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि एक पीड़िता को न्याय के लिए बच्चों के साथ सड़क पर रात गुजारनी पड़ रही हैतो यह सिस्टम की विफलता है। फिलहालपुलिस प्रशासन ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया हैलेकिन पीड़िता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में कार्रवाई नहीं हुईतो वह फिर से उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी। आरोपी सतीश शर्मा पूर्व जिला अध्यक्षभाजपास्थान पुलिस अधीक्षक कार्यालयसतना। मांग तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा।कानूनी स्थिति जिला कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत याचिकाएं खारिज।

  • नेमावर मौत के मुंह से लौटी महिला; नर्मदा में छलांग लगाते ही देवदूत बनकर पहुंचा नाविक

    नेमावर मौत के मुंह से लौटी महिला; नर्मदा में छलांग लगाते ही देवदूत बनकर पहुंचा नाविक


    देवास । नर्मदा नदी के पुराने पुल पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने उफनती लहरों के बीच मौत की छलांग लगा दी। हालांकिइस घटना में ‘जाको राखे साइयांमार सके न कोय’ वाली कहावत चरितार्थ हुई। महिला जिस स्थान पर कूदीवहां पास ही एक नाविक मौजूद थाजिसने बिना समय गंवाए पानी में कूदकर महिला की जान बचा ली।

    बहादुर नाविक ने पेश की मानवता की मिसाल

    शनिवार को देवास और हरदा जिले को जोड़ने वाले पुराने पुल पर अचानक उस समय सनसनी फैल गईजब ग्राम सवासड़ा की रहने वाली आशाबाई कोरकू ने नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारमहिला जैसे ही पानी में गिरीपास ही मौजूद नाविक प्रेमलाल केवट ने तुरंत फुर्ती दिखाई। प्रेमलाल ने अपनी नाव से नदी में छलांग लगाई और डूब रही महिला को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में अन्य लोगों की मदद से महिला को नाव के जरिए किनारे लाया गया।

    मानसिक रूप से अस्वस्थ है महिला
    घटना की सूचना मिलते ही नेमावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हैजिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। नेमावर थाने के एसआई विजय सिंह बैस ने बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने तत्काल महिला के परिजनों को सूचना दी और उन्हें थाने बुलवाकर समझाइश के साथ महिला को उनके सुपुर्द कर दिया। परिजनों को हिदायत दी गई है कि महिला को अकेला न छोड़ें।

    खतरे का केंद्र बनता पुराना पुल

    गौरतलब है कि नेमावर का यह पुराना पुल बीते दो दिनों से दुखद खबरों का केंद्र बना हुआ है। बीते शुक्रवार को ही हरदा जिले के छोटी हरदा निवासी गणेश नामक युवक ने इसी पुल से छलांग लगा दी थीजिसकी डूबने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। नायक नाविक प्रेमलाल केवटजिनकी तत्परता से बची जान।पीड़िता आशाबाई कोरकूनिवासी ग्राम सवासड़ा।वजह प्रारंभिक जांच में मानसिक अस्वस्थता सामने आई।चेतावनी एक दिन पूर्व इसी स्थान पर एक युवक की डूबने से हुई थी मौत।

  • वर्तमान हालात में वल्लभ भवन का झूलाघर: 45 लाख का प्रस्ताव अटकाबच्चों के खेलने की जगह भी नहीं

    वर्तमान हालात में वल्लभ भवन का झूलाघर: 45 लाख का प्रस्ताव अटकाबच्चों के खेलने की जगह भी नहीं


    भोपाल । भोपाल के प्रशासनिक केंद्र वल्लभ भवन में स्थित झूलाघरजो पहले मातृत्व की जिम्मेदारी निभाने वाली महिलाओं के बच्चों के लिए एक सुरक्षित और खुशहाल स्थल हुआ करता थाअब अपनी बदहाली पर रो रहा है। पहले यह खुली जगह में संचालित होता थाजहां बच्चों के खेलने- कूदने और मानसिक- शारीरिक विकास के लिए पर्याप्त जगह थी। लेकिन अब यह झूलाघर एक छोटे सेबंद कमरे में सिमट कर रह गया हैजहां न बच्चों के खेलने की जगह है और न ही ताजगी देने वाली हवा का कोई इंतजाम।

    इस झूलाघर को एक नया रूप देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने 45 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया था। लेकिन यह प्रस्ताव मंत्रालय की फाइलों में दबा हुआ है और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या बच्चों के सुरक्षा और विकास से जुड़ी इस गंभीर समस्या को नज़रअंदाज किया जा सकता है और वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार करना एक लंबा 6 साल क्यों होना चाहिए?

    बच्चों की सुरक्षा और विकास पर असर

    बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को लंबे समय तक बंद और सीमित वातावरण में रखना उनके मानसिक और शारीरिक विकास में रुकावट डाल सकता है। खुले वातावरण और खेलने की जगह बच्चों के विकास के लिए आवश्यक हैलेकिन वर्तमान स्थिति में झूलाघर अपनी प्राथमिकता खो चुका है।

    अधिकारी भी मौन
    इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील सोलंकी से संपर्क किया गयालेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रस्ताव कई सालों से मंत्रालय की फाइलों में पड़ा हुआ हैलेकिन अब तक इस पर कोई निर्णायक कदम नहीं उठाए गए।

    संवेदनशील मुद्दे की उपेक्षा
    यह मामला सरकारी दफ्तरों में कामकाजी महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की उपेक्षा को दर्शाता है। बच्चों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिएलेकिन वल्लभ भवन का झूलाघर अब अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है।

  • बागपत खाप पंचायत का सख्त फैसला,लड़कों पर हाफ पैंट और स्मार्टफोन की रोक, शादियों में फिजूल खर्च भी बर्दाश्त नहीं

    बागपत खाप पंचायत का सख्त फैसला,लड़कों पर हाफ पैंट और स्मार्टफोन की रोक, शादियों में फिजूल खर्च भी बर्दाश्त नहीं




    नई दिल्ली।
    बागपत खाप पंचायत ने समाज सुधार और सांस्कृतिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। बड़ौत की खाप पंचायत ने 18 साल से कम उम्र के लड़कों को स्मार्टफोन देने और हाफ पैंट पहनकर बाहर निकलने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही शादियों में फिजूल खर्च और मैरिज होम में समारोह आयोजित करने पर भी पाबंदी की गई है। खाप चौधरियों ने स्पष्ट किया कि ये नियम अब लड़कियों और लड़कों दोनों पर समान रूप से लागू होंगे और इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी पर अनुशासन और सामाजिक संस्कारों का असर बढ़ाना है।

    बड़ौत की इस पंचायत में खाप चौधरी सुभाष के नेतृत्व में समाज के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सख्त निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि आज के युवा हाफ पैंट पहनकर और स्मार्टफोन का दुरुपयोग करके सामाजिक मर्यादा की अवहेलना कर रहे हैं, इसलिए इसे रोकना जरूरी है। पंचायत ने यह भी निर्देश दिया कि विवाह समारोहों को गांव या घर में ही आयोजित किया जाए, ताकि फिजूल खर्च और समय दोनों की बचत हो सके।

    अब शादी के निमंत्रण व्हाट्सएप के माध्यम से भी स्वीकार किए जा सकते हैं, जिससे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सामाजिक मर्यादा और परंपराओं का पालन किया जा सके।

    खाप पंचायत का यह कदम केवल बागपत तक सीमित नहीं रहेगा। राजस्थान की पंचायतों से प्रेरणा लेकर इसे पूरे उत्तर प्रदेश में लागू कराने की योजना बनाई जा रही है।

    खाप चौधरी ब्रजपाल सिंह ने कहा कि लड़कों के स्मार्टफोन और हाफ पैंट पर रोक को पूरे प्रदेश में लागू कराने का प्रयास किया जाएगा। खाप चौधरी ओमपाल सिंह ने जोड़ते हुए कहा कि समाज में लड़के और लड़कियां समान हैं, इसलिए नियम भी समान रूप से लागू होने चाहिए।

    बागपत की खाप पंचायत के इस सख्त फैसले ने सामाजिक और सांस्कृतिक मर्यादा के प्रति एक स्पष्ट संदेश दिया है। युवा पीढ़ी को अनुशासन में लाना, फिजूल खर्च रोकना और पारिवारिक व सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना इस कदम का मुख्य उद्देश्य है। खाप पंचायत के अनुसार, नियमों का पालन कराकर ही समाज और संस्कृति को बचाया जा सकता है। यह कदम वेस्ट यूपी में खाप पंचायतों द्वारा युवा और परिवारों पर सकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है और इसे पूरे प्रदेश में फैलाने की तैयारी की जा रही है।

  • सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

    सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई


    सीहोर । सीहोर में शनिवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब हिंदूवादी नेता और पूर्व पार्षद कालू भट्ट को शांति भंग करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कालू भट्ट पर आरोप है कि वह भोपाल नाके पर तिरंगे झंडे के नीचे खड़े होकर भड़काऊ भाषण दे रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सीहोर एसडीएम कार्यालय ले जाया गया। इस दौरान एक मीडियाकर्मी को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लियाहालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।

    सीहोर में पिछले कुछ दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ थाविशेष रूप से हरदा में करणी सेना पर हुए पथराव के बाद। इसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस ने इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं मुस्लिम समाज ने भी प्रशासन से सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और शनिवार को कालू भट्ट के भड़काऊ बयान के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और शांति बनाए रखें। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मासीएसपी डॉ. अभिनंदन शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर उपस्थित थे और सुरक्षा का ध्यान रख रहे थे।
    हालांकिप्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित किया गया हैलेकिन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कालू भट्ट को शीघ्र ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

  • जाह्नवी कपूर की सुंदरता पर विवाद, ओरी ने ध्रुव राठी को कहा एंटी-नेशनल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    जाह्नवी कपूर की सुंदरता पर विवाद, ओरी ने ध्रुव राठी को कहा एंटी-नेशनल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल




    नई दिल्ली।
    जाह्नवी कपूर की पर्सनल अपीयरेंस को लेकर यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी के वीडियो ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। 25 दिसंबर को राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर ‘The FAKE Beauty of Bollywood Celebrities’ नामक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों जैसे जाह्नवी कपूर, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, काजोल, शिल्पा शेट्टी, बिपाशा बसु और श्रुति हासन पर प्लास्टिक सर्जरी, बोटॉक्स, फिलर्स और स्किन लाइटनिंग जैसी कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट कराने का आरोप लगाया।
    वीडियो के थंबनेल में खासतौर पर जाह्नवी कपूर की कथित ‘पहले और बाद’ की तस्वीरें दिखाई गईं, जिससे सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई।

    इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर्सनैलिटी और जाह्नवी की करीबी दोस्त ओरहान अवतरमणि उर्फ ओरी ने जाह्नवी का खुलकर समर्थन किया। ओरी ने इंस्टाग्राम रील पर कमेंट करते हुए लिखा कि जाह्नवी को शायद यह भी नहीं पता होगा कि ध्रुव राठी कौन हैं।

    उन्होंने ध्रुव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे वीडियो सिर्फ लाइमलाइट पाने और ध्यान खींचने के लिए बनाते हैं। इसके अलावा ओरी ने और कड़ा बयान देते हुए राठी को “एंटी-नेशनल” करार दिया और कहा कि वह उन्हें केवल उस व्यक्ति के रूप में जानते हैं जो ट्रेन स्टेशन पर पपाराजी न मिलने की शिकायत करता है।

    यह विवाद इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि वीडियो जारी होने के कुछ घंटे पहले ही जाह्नवी कपूर ने बांग्लादेश में हुई कथित लिंचिंग की घटना की निंदा करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी साझा की थी। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या जाह्नवी को जानबूझकर निशाना बनाया गया।

    ध्रुव राठी पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। इससे पहले उन्होंने दीपिका पादुकोण पर स्किन लाइटनिंग ट्रीटमेंट का आरोप लगाया था, जिस पर उनके फैंस ने विरोध किया। इसके अलावा उन्होंने रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की फिल्म ‘धुरंधर’ को ‘प्रोपेगेंडा फिल्म’ बताते हुए आलोचना झेली थी।

    फिलहाल जाह्नवी कपूर को लेकर शुरू हुआ यह विवाद ओरी और ध्रुव राठी के बीच तीखी बयानबाजी में बदल चुका है और सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार छाया हुआ है। इस पूरे मामले ने बॉलीवुड सितारों की पर्सनल लाइफ और सोशल मीडिया की ताकत पर नई बहस छेड़ दी है।