Blog

  • ईरान-इजरायल तनाव के बीच राष्ट्रपति हर्जोग का कड़ा संदेश न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले के बाद बढ़ा संघर्ष

    ईरान-इजरायल तनाव के बीच राष्ट्रपति हर्जोग का कड़ा संदेश न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले के बाद बढ़ा संघर्ष


    नई दिल्ली:ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव ने एक बार फिर गंभीर मोड़ ले लिया है हाल ही में 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए सैन्य संघर्ष के दौरान ईरान ने इजरायल के न्यूक्लियर शहर अराद और डिमोना को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय चिंता को और बढ़ा दिया है क्योंकि पहली बार इस संघर्ष में न्यूक्लियर ठिकानों पर सीधा हमला हुआ

    हमले के बाद इजरायली राष्ट्रपति Isaac Herzog ने तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और हालात का जायजा लिया अराद में स्थित एक बेकरी को भी इस हमले में नुकसान पहुंचा जहां उन्होंने बेकरी मालिक से मुलाकात कर उनकी स्थिति को जाना हालांकि इस हमले में किसी भी नागरिक की मौत नहीं हुई लेकिन इमारतों को क्षति पहुंची

    राष्ट्रपति हर्जोग ने अपने दौरे के दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए बताया कि संकट के बावजूद नागरिकों ने सतर्कता और अनुशासन का परिचय दिया उन्होंने कहा कि सायरन बजते ही लोग सुरक्षित स्थानों और बंकरों में चले गए जिससे बड़ी जनहानि टल गई यह दर्शाता है कि नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी ने संभावित बड़े नुकसान को रोका

    हर्जोग ने सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए एक परिवार की कहानी का उल्लेख किया जिनका बेकरी व्यवसाय हमले की चपेट में आया उन्होंने बताया कि इस परिवार के बेटे को 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के दौरान अगवा कर लिया गया था और बाद में उसे एक बंधक समझौते के तहत वापस लाया गया यह परिवार कई कठिनाइयों का सामना कर चुका है लेकिन इसके बावजूद उनकी हिम्मत और सकारात्मकता इजरायली समाज की मजबूती को दर्शाती है

    उन्होंने आगे कहा कि छोटे व्यवसायों का समर्थन करना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि राष्ट्र की भावना को मजबूत करना है उन्होंने नागरिकों के धैर्य और साहस की सराहना करते हुए कहा कि इजरायली आत्मा इन कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत बनी हुई है

    ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि मिसाइलों और हिंसा के जरिए इंसानियत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास गलत है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और किसी भी खतरे का जवाब देने में सक्षम है

    अपने बयान में उन्होंने यह भी दोहराया कि इजरायल की रणनीति स्पष्ट है और वह अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है उन्होंने जोर देकर कहा कि संघर्ष का अंत तभी संभव है जब ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार और बैलिस्टिक क्षमताएं नहीं रहेंगी

    यह पूरा घटनाक्रम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को दर्शाता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता को और गहरा करता है इस संघर्ष का भविष्य क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है

  • क्यों धड़ाम हुआ बाजार? सेंसेक्स की भारी गिरावट के पीछे की असली वजहें

    क्यों धड़ाम हुआ बाजार? सेंसेक्स की भारी गिरावट के पीछे की असली वजहें


    नई दिल्ली।  सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। सोमवार के महीने के सत्र में बीएसई सेंसेक्स करीब 1,772 अंक यानी 2.32% 72,803 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 565 अंक (2.44%) पर कारोबार कर 22,549 पर पहुंचा।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट
    सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 3.78% टूटकर 52,789 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 4.12% टूटकर 15,070 पर पहुंच गया। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, जिससे बाजार में चौतरफा मंदी बनी हुई है।

    मध्य पूर्व तनाव बना सबसे बड़ा कारण
    इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में भारी तनाव है। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज झील के लिए 48 घंटे की अंतिम घोषणा और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी में गिरावट और नीचे दिए गए। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्रीय हमलों और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी दी है। यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है, जिससे अल्पावधि में डर और अनिश्चितता बढ़ गई है।

    वैश्विक उपकरण से मिले ख़राब संकेत
    अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गिरावट ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाया। टोक्यो, सोल, हांगकांग, शंघाई और बैंकॉक जैसे प्रमुख एशियाई देशों में 2% से 6.5% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे घरेलू उद्यमियों का भरोसा टूट गया।

    कच्चे तेल की इकाइयों ने चिंता व्यक्त की
    तेल बाजार में तेजी से भी गिरावट की अहम वजह बनी। ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 100 डॉलर प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गया। तेल के रासायनिक यौगिक भारत जैसे तेल उत्पादक देशों के लिए औद्योगिक और आर्थिक दबाव बढ़ाते हैं, जिससे बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    एफआईआई की बिकवाली से बढ़ा दबाव
    विदेशी बिजनेसमैन की बिकवाली ने भी बाजार को झटका दिया। पिछले मत्स्य सत्र में एफओवाई ने 5,518 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जबकि डीईओआई ने 5,706 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इसके बावजूद बाजार में गिरावट को रोकना मुश्किल साबित हुआ।

    विपक्ष में सोनम कपूर
    इन सभी सामानों के सामान बाजार में डर और शांति का मोहरा बना हुआ है। पर्यटक पर्यटक आकर्षण अपनाते नजर आ रहे हैं और आगे की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

  • IPL 2026 में फिर दिखेगा राशिद खान का जलवा, गुजरात टाइटंस से जुड़ते ही बोले—खुशी का माहौल है

    IPL 2026 में फिर दिखेगा राशिद खान का जलवा, गुजरात टाइटंस से जुड़ते ही बोले—खुशी का माहौल है

      नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले राशिद खान के गुजरात टाइटंस से जुड़ते ही टीम के रूम में जोश का माहौल नजर आ रहा है। फ़्रैंचाइज़ी ने सोशल मीडिया पर सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ”खुशी का माहौल है, क्योंकि गुजरात की शान घर आ गई हैं।”

      पिछला सीज़न रहा, इस बार वापसी की उम्मीद है
      राशिद खान का आईपीएल 2025 में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 15 मैचों में सिर्फ 9 विकेट लिए और 9.35 की इकोनोमी से रन खर्च किया। हालांकि, उनकी काबिलियत पर किसी को शक नहीं है और यही वजह है कि टीम इस बार दमदार वापसी की उम्मीद कर रही है।

      टी20 वर्ल्ड कप में दिखा पुराना अंदाज
      हाल ही में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में रशीद ने शानदार प्रदर्शन किया।अफगानिस्तान की ओर से 4 मैचों में 6 विकेट लेने के साथ उन्होंने केवल 6.68 की इकोनॉमी रन दी। इस प्रदर्शन में साफ कर दिया गया कि रशीद फॉर्म में वापस आये हैं।

      गुजरात का पिछला सफर शानदार रहा
      शुबमन गिल की ओर से गुजरात टाइटंस ने आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने 14 से 9 रॉकेट रॉकेट एलिमिनेटर तक का सफर तय किया। हालांकि, एलिमिनेटर में मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार के साथ उनका सफर खत्म हो गया।

      वैकल्पिक रूप से दिखावा दम, बदले में चमके कृष्णा
      गुजरात के लिए गिल और साई सुदर्शन ने बनाई शानदार फिल्म। गिल ने 650 रन बनाए, जबकि साई सुदर्शन ने 759 रन ठोककर टीम की बढ़त को मजबूत किया। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा ने टूर्नामेंट में 25 विकेट लेकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए।

      नई खरीद से टीम और मजबूत
      आईपीएल 2026 ऑक्शन में गुजरात में जेसन होल्डर, टॉम बैंटन और ल्यूक वुड शामिल हैं।
      इन खिलाड़ियों के आने से टीम का बैलेंस और मजबूत नजर आ रही है, खासकर ऑलराउंड में चौथे नंबर पर बढ़त मिली है।

      रशीद पर टिकी नजरें
      इस सीज़न में गुजरात की सफलता काफी हद तक रशीद खान के प्रदर्शन पर असंतुलित है। यदि वह अपनी पुरानी लय में हैं, तो टीम खिताब की प्रबल दावेदारी बन सकती है।
  • सामाजिक न्याय के पुरोधा को राष्ट्र का नमन लोहिया जयंती पर पीएम मोदी ने याद किए उनके क्रांतिकारी विचार

    सामाजिक न्याय के पुरोधा को राष्ट्र का नमन लोहिया जयंती पर पीएम मोदी ने याद किए उनके क्रांतिकारी विचार


    नई दिल्ली:
    देश के प्रखर समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर राष्ट्रभर में उन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके विचारों और योगदान को याद करते हुए कहा कि गरीबों और संप्रदायों के संप्रदाय के प्रति उनकी विचारधारा आज भी देश को प्रेरित करती है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने केवल स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को एकजुट नहीं किया बल्कि आजादी के बाद भारत के सामाजिक और राजनीतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि समाजवादी विचारधारा केवल आर्थिक समानता तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने लैंगिक समानता और सहभागी शासन जैसे सिद्धांतों पर भी गहनता से अपने सिद्धांत पर जोर दिया, आज भी समग्र विकास और लोकतांत्रिक विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में सुझाव दिए गए हैं।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रयोगशाला को याद दिलाते हुए कहा कि वे आजादी के आंदोलन से लेकर समाज सुधार तक हर क्षेत्र में सक्रिय हैं, उन्होंने शिक्षा और स्वभाषा के लिए वकालत की और अपने आचरण से सामाजिक जीवन में शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत किया।

    स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नडडा ने उन्हें सामाजिक न्याय का संदेश देते हुए कहा कि छोटू ने अपना पूरा जीवन समूह के विकास के लिए अपना विचार समर्पित किया है और आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

    कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज के शोषित और कृषि उत्पादों के केंद्र उनके प्रयासों को हमेशा प्रेरणा देते रहे हैं, वहीं किरण रिजिजू ने कहा कि समाज के शोषित और कृषि उत्पादों की दिशा में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

    विपक्ष के अध्यक्ष ओम बिरला ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉली ने अपने जीवन में असंगत सामाजिक न्याय और जनभागीदारी के सिद्धांतों को स्वीकार किया है और अंतिम व्यक्ति तक विकास की दिशा तय की है, उनके विचार आज भी एक समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण में प्रेरणा देते हैं।

    देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं ने भी इस अवसर पर अपने विचारों को याद किया, योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव, भजन लाल शर्मा, नायब सिंह सैनी और पुष्कर सिंह धामी सहित कई लोगों ने अपने विचारों को याद करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति को याद किया। तक विकास संकल्प के संकल्प को परिभाषित करें

    राम मनोहरला का जीवन और उनके विचार भारतीय राजनीति और समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि वे आज भी देश के विकास के लिए समान विचारधारा वाले हैं और उनकी विरासत हमें सिखाती है कि सच्चा लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब समाज का हर वर्ग और सहभागी बने।

  • IPL कप्तानी का 'गोल्डन रिकॉर्ड': इन 4 कप्तानों ने रचा इतिहास, कमान संभालते ही अपनी टीम की किस्मत बदल डाली!

    IPL कप्तानी का 'गोल्डन रिकॉर्ड': इन 4 कप्तानों ने रचा इतिहास, कमान संभालते ही अपनी टीम की किस्मत बदल डाली!


    नई दिल्ली: 
    इंडियन प्रीमियर लीगIPL दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण और हाई-प्रेशर क्रिकेट लीग मानी जाती है। यहाँ केवल मैदान पर प्रदर्शन करना ही काफी नहीं है, बल्कि कप्तानी के मोर्चे पर भी हर पल पैनी नजर और सही फैसलों की जरूरत होती है। IPL 2026 यानी इस रंगारंग लीग के 19वें सीजन का शुभारंभ होने ही वाला है, और इस उत्साह के बीच हम आपके लिए कुछ ऐसे रोचक आंकड़े लेकर आए हैं जो कप्तानी की दुनिया में ‘गोल्डन स्टैंडर्ड’ माने जाते हैं। आईपीएल के इतिहास में अब तक केवल 4 ऐसे कप्तान हुए हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी के पहले ही सीजन में टीम को चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया। इस खास लिस्ट में तीन भारतीय चेहरों के साथ एक विदेशी दिग्गज का नाम भी शामिल है, जिन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।

    इस फेहरिस्त की शुरुआत होती है साल 2008 से, जब ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने राजस्थान रॉयल्स की कमान संभाली। उस समय राजस्थान की टीम में नामी सितारों की कमी थी, लेकिन वॉर्न ने भारतीय घरेलू क्रिकेटरों के भीतर ऐसा आत्मविश्वास भरा कि टीम ने अविश्वसनीय प्रदर्शन किया। पूरे सीजन में केवल 2 मैच हारने वाली इस टीम ने फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहला आईपीएल खिताब जीता। इसके बाद साल 2013 में एक नया सितारा उभरा, जिसका नाम था रोहित शर्मा। मुंबई इंडियंस ने सीजन के बीच में रोहित को कप्तानी सौंपी और उन्होंने पिछले 5 सालों से ट्रॉफी के लिए तरस रही मुंबई की झोली में पहला खिताब डाल दिया। रोहित की कप्तानी का यह सफर इतना शानदार रहा कि उन्होंने मुंबई को कुल 5 बार चैंपियन बनाया और टीम को आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में शुमार कर दिया।

    कप्तानी के इस ‘डेब्यू मैजिक’ का तीसरा उदाहरण साल 2022 में देखने को मिला, जब हार्दिक पांड्या ने नई फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस की कमान संभाली। मुंबई के साथ चार खिताब जीतने का अनुभव रखने वाले हार्दिक ने आशीष नेहरा की सटीक प्लानिंग के साथ मिलकर गुजरात को उसके पहले ही सीजन में चैंपियन बना दिया। हार्दिक ने साबित किया कि उनके पास न केवल ऑलराउंड क्षमता है, बल्कि एक लीडर के रूप में गेम को समझने की जबरदस्त समझ भी है। वहीं, इस लिस्ट का सबसे ताजा और चौंकाने वाला नाम रजत पाटीदार का है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरुRCB, जो अनिल कुंबले और विराट कोहली जैसे दिग्गजों की कप्तानी में भी ट्रॉफी नहीं जीत पाई थी, उसकी किस्मत साल 2025 में बदली। आरसीबी प्रबंधन ने रजत पाटीदार को कप्तान बनाने का साहसिक फैसला लिया और पाटीदार ने पहले ही सीजन में टीम को चैंपियन बनाकर विराट कोहली का बरसों पुराना सपना पूरा कर दिया।

    ये चार कप्तान इस बात का सबूत हैं कि आईपीएल में लेगेसी और दबाव के बावजूद, अगर नेतृत्व में स्पष्टता और जज्बा हो, तो पहले ही प्रयास में शिखर को छुआ जा सकता है। अब जब आईपीएल 2026 का आगाज होने जा रहा है, तो फैंस की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या कोई नया चेहरा इस विशिष्ट क्लब में शामिल हो पाता है या फिर पाटीदार अपनी टीम को बैक-टू-बैक दूसरा खिताब दिलाकर एक नई इबारत लिखेंगे। आईपीएल का यह सफर जितना पुराना होता जा रहा है, इसके आंकड़े उतने ही दिलचस्प और रोमांचक होते जा रहे हैं।

  • आकाश दीप की जगह KKR में शामिल हुए सौरभ दुबे, कौन हैं ये नए खिलाड़ी?

    आकाश दीप की जगह KKR में शामिल हुए सौरभ दुबे, कौन हैं ये नए खिलाड़ी?

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज आकाश दीप चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह केकेआर ने युवा तेज गेंदबाज सौरभ दुबे को टीम में शामिल किया है, जो अब तक आईपीएल में डेब्यू का इंतजार कर रहे थे.

    कौन हैं सौरव जोड़े?
    सौरभ किशोर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और घरेलू क्रिकेट में विदर्भ की ओर से प्रतिभागी हैं। वह इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा रह चुके हैं।

    आईपीएल 2022 ऑक्शन में उन्हें 20 लाख रुपये में खरीदा गया, लेकिन उन्हें एक भी मैच का मौका नहीं मिला। आईपीएल 2026 ऑक्शन में उन्होंने 30 लाख बेसिस प्रॉपर्टी रखी थी, मगर किसी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा। हालांकि, केकेआर के साथ पहले ट्रेनिंग कर रहे लोगों को अब अचानक बड़ा मौका मिल गया है।

    घरेलू क्रिकेट में दमदार रिकॉर्ड
    सौरव ज्यूज़ का घरेलू प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में 8 मैचों में 16 विकेट लिए हैं, जबकि 3 टी20 मुकाबलों में भी अपनी छाप छोड़ी है। एसीसी इमर्जिंग एशिया कप 2019 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे जेसन ने अपने डेब्यू मैच में नेपाल के 26 रन विकेट 4 विकेट झटके थे। इस शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुना गया।

    केकेआर की बोली बनी चिंता
    इस सीजन में केकेआर की ओर से सबसे तेज नजर आ रही है। हर्षित राणा और आकाश दीपक के आउट होने से टीम की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा श्रीलंकाई टीम के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना के शुरुआती मुकाबलों के लिए कोई उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सौरभ के लिए यह खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है।

    पिछले सीज़न का अंतिम प्रदर्शन
    अजिंक्य रहाणे के वैज्ञानिक में केकेआर का पिछला सीजन काफी निराशाजनक रहा था। टीम 14 में से सिर्फ 5 मैच जीती थी। इस बार टीम वापसी की उम्मीद के साथ उतरेगी, लेकिन सामने आई कमजोरी की चिंता का विषय बनी हुई है।

    बैटिंग में विशेष ताकतें
    हालांकि वैकल्पिक रूप से केकेआर की मजबूत नजर आ रही है। फिन एलन, टिम सीफर्ट और कैमरून ग्रीन जैसे खिलाड़ी टीम में हिस्सा लेंगे। वहीं आंद्रे रसेल के जाने के बाद टीम में रोवमैन पॉवेल को फिनिशर की भूमिका में शामिल किया गया है।

  • शहीद दिवस पर Narendra Modi का भावपूर्ण नमन अमर बलिदान की गाथा से गूंजा देश

    शहीद दिवस पर Narendra Modi का भावपूर्ण नमन अमर बलिदान की गाथा से गूंजा देश

    नई दिल्ली: शहीद दिवस के अवसर पर पूरे देश ने एक बार फिर अपने उन अमर वीर सपूतों को याद किया जिनके साहस और बलिदान ने भारत की स्वतंत्रता की नींव को मजबूत किया प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस मौके पर महान क्रांतिकारी Bhagat Singh Rajguru और Sukhdev Thapar को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान राष्ट्र की सामूहिक चेतना में सदैव जीवित रहेगा

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इन क्रांतिकारियों के अद्वितीय साहस और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद किया उन्होंने कहा कि बहुत कम उम्र में ही इन वीरों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया और यह साबित कर दिया कि सच्ची देशभक्ति किसी भी भय से ऊपर होती है औपनिवेशिक शासन के कठोर अत्याचारों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और निर्भीकता के साथ बलिदान का मार्ग अपनाया

    उन्होंने यह भी कहा कि इन क्रांतिकारियों के आदर्श आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं न्याय के प्रति उनकी निष्ठा देशभक्ति की भावना और अन्याय के खिलाफ उनका प्रतिरोध हर भारतीय के दिल में एक नई ऊर्जा का संचार करता है उनके विचार केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं बल्कि वर्तमान और भविष्य को दिशा देने वाले प्रकाश स्तंभ हैं

    प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संदेश में यह भी रेखांकित किया गया कि आज भी इन अमर शहीदों की गाथाएं देश के हर नागरिक को प्रेरित करती हैं बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई उनके साहस और त्याग को याद करता है यह प्रेरणा ही है जो देश को आगे बढ़ने की शक्ति देती है और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की भावना को मजबूत करती है

    भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक विचारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि जो लोग राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का बलिदान देते हैं वे अमर हो जाते हैं उनका अस्तित्व समय और परिस्थितियों से परे चला जाता है और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाते हैं उनका जीवन एक ऐसी सुगंध की तरह है जो पीढ़ी दर पीढ़ी फैलती रहती है और समाज को जागरूक और सशक्त बनाती है

    हर वर्ष 23 मार्च को मनाया जाने वाला शहीद दिवस हमें उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब इन तीनों महान क्रांतिकारियों को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा फांसी दी गई थी यह दिन केवल शोक का नहीं बल्कि गर्व और संकल्प का भी प्रतीक है यह हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता की कीमत क्या होती है और इसे बनाए रखने के लिए हमें किस प्रकार समर्पित रहना चाहिए

    आज का भारत इन वीरों के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है और उनका बलिदान हर नागरिक के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना हुआ है शहीद दिवस केवल एक स्मरण नहीं बल्कि एक संकल्प है कि हम उनके आदर्शों पर चलकर एक मजबूत समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करेंगे

  • बिना प्लान के युद्ध पड़ा भारी लियोन पैनेटा ने ट्रंप को घेरा अमेरिका मुश्किल में

    बिना प्लान के युद्ध पड़ा भारी लियोन पैनेटा ने ट्रंप को घेरा अमेरिका मुश्किल में


    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब अमेरिका के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है और इस बीच अमेरिकी राजनीति और सुरक्षा हलकों से भी सवाल उठने लगे हैं। पूर्व सीआईए प्रमुख और रक्षा मंत्रीलियोन पेनेटा ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि बिना ठोस रणनीति के शुरू किया गया यह युद्ध अब अमेरिका को एक मुश्किल स्थिति में ले आया है।

    ओसामा बिन लादेन के खिलाफ ऑपरेशन की रणनीति में अहम भूमिका निभा चुके पैनेटा ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ने खुद को ऐसे मोड़ पर खड़ा कर लिया है जहां से निकलना आसान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर हमला करने से पहले न तो हालात का सही आकलन किया और न ही दीर्घकालिक रणनीति तैयार की।

    पैनेटा के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका में ईरान को लेकर चर्चा हुई हो। उन्होंने कहा कि पहले के सभी प्रशासन इस मुद्दे की जटिलता को समझते थे और हर कदम सोच समझकर उठाते थे। लेकिन इस बार बिना पूरी तैयारी के सैन्य कार्रवाई कर दी गई जो एक बड़ी राजनीतिक और रणनीतिक चूक साबित हो रही है।

    उन्होंने खास तौर परहोरमुज़ जलसंधि का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है और यहां किसी भी तरह का संकट पूरी दुनिया को प्रभावित करता है। उनके मुताबिक अगर पहले से योजना बनाई गई होती तो इस तरह की स्थिति का अनुमान लगाकर कदम उठाए जा सकते थे।

    पैनेटा ने ईरान के नेतृत्व में आए बदलाव को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अली खामेनेई के बाद अब उनके बेटे मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में एक नया और ज्यादा सख्त दौर शुरू हो सकता है। उनका मानना है कि नया नेतृत्व ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकता है और बातचीत की गुंजाइश कम हो सकती है जिससे तनाव और बढ़ेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम में नाटो सहयोगियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पैनेटा ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों को विश्वास में लिए बिना ही युद्ध का फैसला किया जो एक आत्मघाती कदम साबित हुआ। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका उन्हीं देशों से समर्थन मांग रहा है जिन्हें पहले नजरअंदाज किया गया था।

    दरअसल ट्रंप के कार्यकाल में नाटो को लेकर कई विवादित बयान सामने आए थे जिससे सहयोगी देशों के साथ रिश्तों में खटास आई। अब जब हालात गंभीर हो रहे हैं तो कई देश खुलकर समर्थन देने से हिचक रहे हैं।

    कुल मिलाकर ईरान के साथ बढ़ता संघर्ष अब केवल सैन्य टकराव नहीं बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक परीक्षा भी बन गया है। पूर्व सीआईए प्रमुख की यह चेतावनी साफ संकेत देती है कि अगर जल्द ही ठोस रणनीति नहीं बनाई गई तो यह संकट और गहरा सकता है और इसका असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जाएगा।

  • ग्लोबल क्रिकेट मार्केट में न्यूजीलैंड की एंट्री: 'NZ20' लीग के जरिए बदलेगा बोर्ड का भाग्य, महिला और पुरुष क्रिकेटर्स को मिलेगा विश्व स्तरीय मंच!

    ग्लोबल क्रिकेट मार्केट में न्यूजीलैंड की एंट्री: 'NZ20' लीग के जरिए बदलेगा बोर्ड का भाग्य, महिला और पुरुष क्रिकेटर्स को मिलेगा विश्व स्तरीय मंच!


    नई दिल्ली:
    विश्व क्रिकेट में अपनी शालीनता और निरंतरता के लिए मशहूर न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड NZC ने अब एक ऐसा कदम उठाया है, जो खेल के भविष्य और इसके व्यावसायिक स्वरूप को पूरी तरह से बदल कर रख देगा। वैश्विक टी20 सर्किट में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में न्यूजीलैंड ने अपनी खुद की फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग NZ20 को शुरू करने का सैद्धांतिक फैसला ले लिया है। यह निर्णय न केवल न्यूजीलैंड के घरेलू क्रिकेट के लिए एक प्राथमिक विकल्प के रूप में उभरा है, बल्कि इसने दुनिया भर के क्रिकेट गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से, यानी करीब 21 वर्षों से न्यूजीलैंड में सुपर स्मैश के रूप में टी20 क्रिकेट का आयोजन होता आ रहा है, लेकिन बदलती वैश्विक परिस्थितियों और आईपीएल IPL जैसी बड़ी लीगों की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए बोर्ड ने अब इस पारंपरिक ढांचे में बदलाव का मन बना लिया है।

    NZC बोर्ड की चेयरपर्सन डायना पुकेतापु-लिंडन ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की पृष्ठभूमि को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि बोर्ड के सामने दो बड़े विकल्प मौजूद थे। पहला विकल्प ऑस्ट्रेलिया की मशहूर बिग बैश लीग BBL में विस्तार करना था और दूसरा अपना खुद का एक स्वतंत्र ब्रांड यानी NZ20 लीग शुरू करना। बोर्ड ने गहन चर्चा और मंथन के बाद अपनी घरेलू पहचान को बनाए रखने और उसे एक नया ग्लोबल रूप देने के लिए NZ20 के पक्ष में फैसला सुनाया। हालांकि यह अभी शुरुआती स्तर पर है, लेकिन बोर्ड की प्राथमिकता अब पूरी तरह से लाइसेंसिंग और वाणिज्यिक समझौतों को अंतिम रूप देने पर टिकी है। डेलॉयट Deloitte की विशेष रिपोर्ट और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ लंबे परामर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि न्यूजीलैंड क्रिकेट के पास दुनिया भर में एक मजबूत ब्रांड वैल्यू है, जिसका सही व्यावसायिक उपयोग करना अब समय की मांग है।

    विशेष रूप से, न्यूजीलैंड की महिला क्रिकेट टीम के टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनने और पुरुष टीम के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर शानदार प्रदर्शन ने इस नई लीग के लिए एक बेहद ठोस और उपजाऊ जमीन तैयार की है। NZ20 की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें महिला टी20 प्रतियोगिता को भी पुरुष क्रिकेट के समान ही महत्व, दृश्यता और मंच दिया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य इसे केवल एक व्यावसायिक आयोजन बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आधार पर टीमों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है ताकि स्थानीय फैंस अपने चहेते सितारों को लाइव देख सकें और खेल से जुड़ाव महसूस करें। बोर्ड वर्तमान में मालिकाना हक और इक्विटी जैसे गंभीर और तकनीकी मसलों पर भी निवेशकों के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि लीग का आधार वित्तीय रूप से मजबूत हो।

    डायना पुकेतापु-लिंडन के शब्दों में, “यह न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए एक रोमांचक और ऐतिहासिक समय है।” बोर्ड का मानना है कि NZ20 लीग न केवल आर्थिक रूप से बोर्ड को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि यह न्यूजीलैंड के युवा और उभरते क्रिकेटरों को भी एक ऐसा विश्व स्तरीय मंच प्रदान करेगी जहाँ वे दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेल सकेंगे। यह लीग न्यूजीलैंड क्रिकेट को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और वैश्विक क्रिकेट कैलेंडर में अपनी एक स्थायी जगह बनाने का जरिया बनेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह लीग सुपर स्मैश की जगह लेकर वैश्विक स्तर पर आईपीएल और बिग बैश जैसी लीगों को कितनी कड़ी चुनौती दे पाती है।

  • IPL 2025 के 5 ‘छुपे रुस्तम’ खिलाड़ी, इस बार भी मचा सकते हैं बड़ा धमाल!

    IPL 2025 के 5 ‘छुपे रुस्तम’ खिलाड़ी, इस बार भी मचा सकते हैं बड़ा धमाल!

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग हमेशा से युवा ही खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा का सबसे बड़ा मंच बना हुआ है। हर सीज़न में कुछ नए चेहरे उभरकर सामने आते हैं, जो अपने प्रदर्शन से शौकीनों और क्रिकेट खिलाड़ियों को चौंका देते हैं। आईपीएल 2025 में भी कुछ ऐसा ही ‘छुपे रुस्तम’ खिलाड़ी आया सामने, अपने खेल से खास पहचान बनाई। अब आईपीएल 2026 में एक बार फिर इन प्लेयर्स पर नजरें टिकी होंगी।

    सूर्यवंशी: कम आयु, बड़ा विस्फोट
    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले सीजन में 14 साल की उम्र में इतिहास रच दिया था। गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 35 बॉल में शतक जड़ावतकर बोस को चौंका दिया। 7 मैचों में 206 के स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाने वाले वैभव आईपीएल में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने। इस बार हमसे और भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद है।

    आयुष म्हात्रे: सीएसके का नया प्रतिष्ठित ओपनर
    आयुष म्हात्रे ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए अपने आक्रामक मुकाबले में सभी का ध्यान खींचा। सिर्फ 7 मैचों में 188 के स्ट्राइक रेट से 240 रन बनाने वाले आयुष इस बार टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। संभावना है कि वह संजू सैमसन के साथ मिलकर आमोद-प्रमोद में नजर आएंगे।

    प्रभसिमरन सिंह: पंजाब की सुपरस्टार
    प्रभसिमरन सिंह ने पंजाब किंग्स को फाइनल तक के खिताब में अहम भूमिका निभाई थी। 17 मैचों में 160 के स्ट्राइक रेट से 549 रन बनाने वाले प्रभसिमरन टीम के सबसे पसंदीदा बल्लेबाज उभरे। कैप्टन श्रेयस अय्यर को इस सीज़न में भी बड़े स्कोर की उम्मीद है।

    प्रियांश आर्या: नाटकीय ड्रामा का दूसरा चेहरा
    प्रियांश आर्य ने भी अपने दोस्त प्रभासिमरण के साथ मिलकर कई स्टैब्लो पारियां फिल्में बनाईं। 17 मैचों में 179 के स्ट्राइक रेट से 475 रन बनाने वाले प्रियांश ने एक शतक और दो शतक जड़े। इस बार भी टीम के लिए उनका आक्रामक आक्रामक हथियार साबित हो सकता है।

    अनिकेत वर्मा: डेथ ओवर्स का खतरनाक फिनिशर
    अनिकेत वर्मा ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए डेथ ओवर्स में शानदार बल्लेबाजी की। 14 मैचों में 166 के स्ट्राइक रेट से 236 रन बनाकर वे खुद एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में साबित हुए। इस सीज़न में भी उनके आखिरी ओवरों में बारूदी प्रदर्शन की उम्मीद बनी रहेगी।

    इस बार और उपयोगी जानकारी
    इन सभी खिलाड़ियों ने आईपीएल 2025 में अपना प्रभाव छोड़ दिया है, लेकिन रियल चैलेंज अब 2026 में खुद को लगातार साबित करने की होगी। यदि ये खिलाड़ी अपने पिछले प्रदर्शन में डबलने में सफल रहते हैं, तो इस सीज़न में भी इनका नाम हो सकता है और ये मैच के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं।