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  • UNSC में भारत की स्थायी सीट के समर्थन में रूस, जर्मनी-जापान की दावेदारी का विरोध

    UNSC में भारत की स्थायी सीट के समर्थन में रूस, जर्मनी-जापान की दावेदारी का विरोध


    नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को रूस का खुला समर्थन मिला है। 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत के साथ ब्राजील की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन किया। वहीं उन्होंने सुरक्षा परिषद में पश्चिमी देशों के लिए नई स्थायी सीटें बढ़ाने का विरोध किया और कहा कि सुधार का फोकस एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका की भागीदारी बढ़ाने पर होना चाहिए।

    लावरोव ने जर्मनी-जापान की दावेदारी पर जताई आपत्ति

    UN महासभा में अपने संबोधन के दौरान लावरोव ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के नाम पर पश्चिमी देशों को अतिरिक्त स्थायी सीटें नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर जर्मनी और जापान की दावेदारी का विरोध किया।

    रूस का कहना है कि मौजूदा UNSC संरचना में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका को उनकी मौजूदा वैश्विक भूमिका के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इसी आधार पर मॉस्को भारत और ब्राजील को स्थायी सदस्य बनाने का समर्थन कर रहा है।

    लावरोव ने यह भी कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार के दौरान अफ्रीकी महाद्वीप के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। रूस पहले भी सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधिक बनाने की बात कहता रहा है। सितंबर 2026 में भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक के संयुक्त बयान में भी रूस ने सुधार के बाद विस्तारित UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना समर्थन दोहराया था।

    भारत को कई देशों का समर्थन

    UN महासभा के मौजूदा सत्र के दौरान भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी के समर्थन में कई देशों ने अपनी बात रखी है।

    मॉरीशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल ने G4 और L69 के रुख का समर्थन करते हुए भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी दोहराई। वहीं पुर्तगाल ने भी सुरक्षा परिषद में बदलाव की जरूरत बताई है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने ज्यादा प्रतिनिधित्व वाली UNSC की पैरवी की, जिसमें अफ्रीका, ब्राजील और भारत को स्थायी प्रतिनिधित्व देने का समर्थन शामिल है।

    इसके अलावा 22 सितंबर को भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान यानी G4 के विदेश मंत्रियों ने भी UNSC सुधार पर बैठक की और सुरक्षा परिषद में सुधार को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर जरूरी बताया।

    जापान और अफ्रीकी देशों की भी अलग मांग

    मार्शल आइलैंड्स की राष्ट्रपति हिल्डा हाइने ने कहा कि उनका देश जापान और उसके G4 साझेदारों को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता दिलाने के समर्थन पर लंबे समय से कायम है।

    वहीं जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भी UNSC में बदलाव की मांग की। उनका कहना है कि सुरक्षा परिषद की संरचना मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को प्रतिबिंबित करने वाली होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने स्थायी और गैर-स्थायी, दोनों तरह की सीटों की संख्या बढ़ाने की पैरवी की।

    अफ्रीकी देशों की ओर से भी सुरक्षा परिषद में ज्यादा प्रतिनिधित्व की मांग लगातार उठती रही है। सिएरा लियोन के राष्ट्रपति जूलियस माडा बायो ने कहा कि UNSC अभी भी 1945 की दुनिया की तस्वीर पेश करता है। उन्होंने अफ्रीका की 1.6 अरब से ज्यादा आबादी का हवाला देते हुए कहा कि महाद्वीप के पास परिषद में कोई स्थायी सीट नहीं है।

    G4 में भारत के साथ कौन-कौन?

    भारत UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ G4 समूह का हिस्सा है। चारों देश सुरक्षा परिषद में स्थायी और गैर-स्थायी, दोनों श्रेणियों में विस्तार की मांग करते हैं। G4 देशों ने सितंबर 2026 में भी सुरक्षा परिषद सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जरूरत दोहराई है।

    भारत की ओर से भी सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना में बदलाव की मांग लगातार की जाती रही है। भारत का तर्क है कि 80 साल से ज्यादा पुरानी व्यवस्था आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं और वैश्विक शक्ति संतुलन को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती।

    कैसे काम करती है UNSC?

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका पांच स्थायी सदस्य हैं। इन सभी के पास वीटो का अधिकार है।

    बाकी 10 सदस्य गैर-स्थायी होते हैं, जिन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए UN चार्टर में संशोधन करना होगा।

    इसके लिए महासभा में दो-तिहाई बहुमत के साथ-साथ सदस्य देशों की ओर से अनुसमर्थन जरूरी है। इसमें मौजूदा पांचों स्थायी सदस्यों की मंजूरी भी शामिल है।

    यही वजह है कि UNSC में स्थायी सदस्यता का विस्तार केवल किसी एक देश के समर्थन से संभव नहीं है। इसके लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और UN चार्टर में औपचारिक बदलाव की जरूरत होगी।

  • मानसून की विदाई से पहले MP में फिर तेज बारिश, आज 7 जिलों में अलर्ट

    मानसून की विदाई से पहले MP में फिर तेज बारिश, आज 7 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर तेज हो गया है। जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदी-नाले उफान पर हैं और कई बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी है। रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का 95% से ज्यादा है। मानसून के बचे चार दिनों में भी बारिश जारी रहती है तो कुल बारिश का आंकड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि अभी प्रदेश के 25 जिलों में ही सामान्य बारिश का कोटा पूरा हुआ है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

    रविवार को 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

    रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    वहीं नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बारिश होने का अनुमान है।

    डिंडौरी-उमरिया में तीन दिन से मूसलाधार बारिश

    शनिवार को डिंडौरी और उमरिया में तेज बारिश का दौर जारी रहा। दोनों जिलों में पिछले तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। इससे नर्मदा समेत उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।

    डिंडौरी के जोगी टिकरिया पुल के डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे-45 पर भी ट्रैफिक प्रभावित रहा।

    शहपुरा स्थित बिलगांव बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। दूसरी ओर उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के चार गेट दो-दो मीटर खोलकर पानी की निकासी की गई।

    बरगी बांध के 9 गेट खोले गए

    जबलपुर के बरगी बांध में लगातार बढ़ रही पानी की आवक को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार को पांच गेट खोले गए थे। इसके बावजूद बांध में पानी की आवक जारी रही। इसके बाद शनिवार को चार और गेट खोल दिए गए।

    इस तरह बरगी बांध से पानी की निकासी बढ़ानी पड़ी। लगातार बारिश के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में नदी-नालों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है।

    मानसून की विदाई में अब सिर्फ 4 दिन

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, गहरे अवदाब के कारण मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना हुआ है। इसका असर अगले 24 घंटे तक रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।

    मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है। यानी अब मानसून की विदाई में चार दिन बाकी हैं। राजस्थान के कई जिलों से मानसून पहले ही लौट चुका है।

    ऐसे में मानसून की विदाई से ठीक पहले हुई बारिश प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े को और ऊपर ले जा सकती है।

  • आज का राशिफल 27 सितंबर 2026: रविवार का दिन इन राशियों के लिए खोलेगा तरक्की के नए रास्ते धन और करियर में मिलेंगे शुभ संकेत

    आज का राशिफल 27 सितंबर 2026: रविवार का दिन इन राशियों के लिए खोलेगा तरक्की के नए रास्ते धन और करियर में मिलेंगे शुभ संकेत


    नई दिल्ली। 27 सितंबर 2026 रविवार का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से सभी 12 राशियों के लिए अलग अलग प्रभाव लेकर आ सकता है। किसी राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है तो किसी के लिए आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना जरूरी रहेगा। रविवार का दिन परिवार के साथ समय बिताने और अधूरे कामों को व्यवस्थित करने के लिए भी अच्छा माना जाता है। नौकरीपेशा लोगों को आज अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना होगा जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कामकाज में आपकी सक्रियता का फायदा मिलेगा और किसी महत्वपूर्ण काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के किसी सदस्य से जरूरी बातचीत हो सकती है। जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचें।

    वृषभ राशि वालों के लिए आज धन से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी होगी। अनावश्यक खर्च बजट बिगाड़ सकता है। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में पुराना संपर्क काम आ सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो तो शांतिपूर्वक बातचीत करना बेहतर रहेगा।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। काम के सिलसिले में कोई महत्वपूर्ण सूचना मिल सकती है। नौकरी में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जाएगा। कारोबारियों को नई योजना पर काम करने का मौका मिल सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी।

    कर्क राशि वालों के लिए परिवार से जुड़ा दिन महत्वपूर्ण रहेगा। घर के किसी सदस्य की मदद करनी पड़ सकती है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आप उन्हें पूरा करने में सक्षम रहेंगे। पैसों से जुड़े फैसले सोच समझकर लें। जीवनसाथी के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    सिंह राशि के जातकों के लिए रविवार का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कामकाज में आपकी बात को महत्व मिल सकता है। कारोबार में नए ग्राहक या संपर्क सामने आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर बनेंगे। परिवार के साथ घूमने या कहीं बाहर जाने की योजना बन सकती है।

    कन्या राशि वालों को आज अपने काम में अनुशासन बनाए रखना होगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का दबाव रह सकता है। आर्थिक मामलों में कोई बड़ा फैसला लेने से पहले पूरी जानकारी जुटाएं। घर में सुखद माहौल रहेगा। स्वास्थ्य के लिए आराम और नियमित दिनचर्या पर ध्यान दें।

    तुला राशि के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। काम में कुछ रुकावटें आ सकती हैं लेकिन धैर्य रखने से समाधान मिल सकता है। धन लाभ का कोई अवसर सामने आ सकता है। प्रेम संबंधों में बातचीत से गलतफहमी दूर होगी। दोस्तों के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। कारोबार में किसी योजना को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार के साथ किसी जरूरी विषय पर चर्चा होगी।

    धनु राशि को आज अपनी योजनाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। काम पूरा करने के लिए मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। यात्रा से जुड़ी योजना बन सकती है। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा।

    मकर राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन उपयोगी रह सकता है। नौकरी में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। कारोबारियों को किसी पुराने निवेश या संपर्क से फायदा मिल सकता है। घर में खुशी का माहौल रहेगा। महत्वपूर्ण फैसले लेते समय व्यावहारिक सोच रखें।

    कुंभ राशि के जातकों को आज नए लोगों से संपर्क का लाभ मिल सकता है। कामकाज में कोई नया अवसर सामने आ सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार और दोस्तों का साथ मिलेगा। पुरानी योजना पर फिर से काम शुरू कर सकते हैं।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। धन संबंधी किसी मामले में राहत मिल सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। महत्वपूर्ण काम करते समय अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट रखें।

  • Bigg Boss 20 में ईशा रिखी के बार-बार ट्रॉमा का जिक्र करने पर माही विज ने उठाए सवाल, बादशाह के रिश्ते का भी आया संदर्भ

    Bigg Boss 20 में ईशा रिखी के बार-बार ट्रॉमा का जिक्र करने पर माही विज ने उठाए सवाल, बादशाह के रिश्ते का भी आया संदर्भ


    नई दिल्ली । 
    Bigg Boss 20 में इन दिनों कंटेस्टेंट्स के बीच विवाद और बहस का सिलसिला जारी है। हालिया एपिसोड में कैप्टेंसी टास्क के दौरान काजी तौकीर और यंग डीएसए के बीच तीखी बहस हुई। इसी दौरान ईशा रिखी ने मामले में हस्तक्षेप किया और उनकी काजी के साथ भी बहस हो गई। इस घटना के बाद ईशा भावुक होकर रोने लगीं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने उनके पुराने ट्रॉमा और एंग्जायटी को ट्रिगर कर दिया।

    ईशा के इस बयान पर माही विज ने सवाल उठाए। उदिति सिंह और अरिश्फा खान के साथ बातचीत के दौरान माही ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने केवल चिल्लाया है तो इससे किसी पुराने ट्रॉमा के ट्रिगर होने की बात को कैसे समझा जाए। उन्होंने ईशा की प्रतिक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी तरह की कठिन परिस्थितियों से गुजरता है।

    माही ने यह भी कहा कि जब किसी घटना को ट्रॉमा से जोड़कर बताया जाता है तो बाहर मौजूद लोग उसके अलग-अलग अर्थ निकाल सकते हैं। इसी बातचीत में उन्होंने बादशाह का संदर्भ देते हुए सवाल किया कि आखिर उन्होंने ईशा के साथ ऐसा क्या किया था। माही का कहना था कि इस तरह की बातों से लोगों के मन में ईशा के पूर्व पति बादशाह को लेकर भी अलग धारणा बन सकती है।

    माही ने ईशा की बातों को काजी के संदर्भ में भी गंभीर बताया। उनका कहना था कि ऐसी टिप्पणी अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति के चरित्र पर सवाल खड़े कर सकती है। उन्होंने इसे कैरेक्टर अक्यूजेशन और कैरेक्टर असैसिनेशन जैसा बताया और कहा कि इस तरह किसी के बारे में धारणा बनाना उचित नहीं है।

    दरअसल, इस घटना से कुछ दिन पहले ईशा रिखी ने कनिका मान के साथ बातचीत के दौरान अपने पिछले रिश्ते को लेकर कई बातें साझा की थीं। उन्होंने सीधे तौर पर बादशाह का नाम लेकर रिश्ते के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी थी, लेकिन उनकी बातचीत को उनके पूर्व पति बादशाह से जोड़कर देखा गया।

    ईशा ने बताया था कि जब कोई व्यक्ति उनके पार्टनर के बारे में कुछ कहता था तो वह तब तक उस बात पर भरोसा नहीं करती थीं, जब तक खुद कुछ देख न लें। उन्होंने कहा कि रिश्ते में भी उनका यही रवैया था और वह दूसरों की बात पर तुरंत विश्वास करने के बजाय खुद सबूत देखना पसंद करती थीं।

    ईशा ने कहा था कि रिश्ता खत्म होने के बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ और उन्हें बेवकूफ बनाया गया। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या रिश्ते में उन्हें फिजिकली या मेंटली चीट किया गया था, तो उन्होंने कहा था कि ऐसा दोनों तरह से हुआ।

    ईशा ने यह भी बताया था कि रिश्ते में बीच में लटके रहना और यह महसूस करना कि सामने वाला उन्हें अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता है, जबकि बाद में स्थिति अलग सामने आए, उनके लिए बेहद टॉक्सिक अनुभव था। उन्होंने कहा था कि वह सामने वाले को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानकर उसी तरह व्यवहार करती थीं, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि वह उस व्यक्ति की इकलौती या सबसे खास दोस्त नहीं थीं।

    बादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते को लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं। मार्च 2026 में ईशा की मां पूनम रिखी ने सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें और रस्मों से जुड़े वीडियो साझा किए थे। इसके बाद जून 2026 में ईशा ने सोशल मीडिया पर अपनी शादी की पुष्टि की थी। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला। 31 अगस्त 2026 को दोनों ने संयुक्त बयान जारी कर अलग होने की पुष्टि की और लोगों से उनकी निजी जिंदगी और प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की।

  • दिल्ली में गैंगरेप और अपराध की घटनाओं पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानी प्रशासनिक कमी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया आश्वासन

    दिल्ली में गैंगरेप और अपराध की घटनाओं पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानी प्रशासनिक कमी, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया आश्वासन

    नई दिल्ली ।दिल्ली में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक स्तर पर हुई कमियों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं से प्रशासन को सबक मिला है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक घटना को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और निगरानी जरूरी है।

    चलती बस में 16 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने माना कि संबंधित बस की जांच नहीं हो पाई थी। उनसे पूछा गया था कि वर्ष 2012 के निर्भया कांड के बाद भी करीब 47 किलोमीटर तक चलने वाली बस कई चेकपॉइंट से गुजरती रही, लेकिन उसकी जांच क्यों नहीं की गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में निश्चित रूप से गलती हुई और बस की जांच नहीं की गई थी। घटना के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को यह एहसास हुआ कि किसी भी बस को बिना जांच के आगे नहीं जाने दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मामले में 11 चालान काटे गए हैं।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, निजी एजेंसियों के ड्राइवर और कंडक्टर सहित बसों से जुड़े कर्मचारियों के पुलिस रिकॉर्ड और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपराधिक रिकॉर्ड वाले किसी व्यक्ति को स्कूल बस, निजी बस या सरकारी बस चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं और बेटियों के साथ होने वाली हर घटना सरकार के लिए चिंता का विषय है। सरकार का प्रयास ऐसी घटनाओं को रोकना है और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस बल बेहतर परिणाम देने के लक्ष्य के साथ काम करते हैं, लेकिन एक भी आपराधिक घटना होना चिंता का विषय है।

    दक्षिण दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से गैंगरेप की घटना के बाद उठे सुरक्षा संबंधी सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और व्यवस्था में क्या सुधार जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली के डार्क स्पॉट को सुरक्षित करने के निर्देश संबंधित एजेंसियों को दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद करीब एक लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। उनके अनुसार, ये लाइटें सेंसर से जुड़ी हैं और खराब होने पर कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलता है, जिसके बाद संबंधित एजेंसी को उन्हें ठीक करने के लिए भेजा जाता है।

    सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के मामले पर मुख्यमंत्री ने सरकार और नगर निगम की जिम्मेदारी से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मौजूदा व्यवस्थाएं कई वर्षों में विकसित हुई हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है।

    PG रजिस्ट्रेशन के सवाल पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद करीब डेढ़ साल का समय हुआ है और यह भी देखा जाना चाहिए कि उनसे पहले ऐसी व्यवस्थाएं क्यों नहीं बनाई गईं।

    मुख्यमंत्री ने दिल्ली में SDRF का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी विशेष व्यवस्था नहीं थी, जबकि आपदा या आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव के लिए इसकी जरूरत होती है। उनके मुताबिक अब दिल्ली के पास अपनी SDRF है और इसका इस्तेमाल आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए किया जा सकता है।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अविनाश 85 बार रकम चोरी करते दिखा, 700 खाते खंगाले, चंपत राय के नाम एक भी नहीं

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अविनाश 85 बार रकम चोरी करते दिखा, 700 खाते खंगाले, चंपत राय के नाम एक भी नहीं


    अयोध्या।
    राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी के मामले में दाखिल पुलिस चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच के आधार पर आरोपियों की भूमिका का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम चोरी करने और चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते कैमरे में दिखाई दिया। जांच में करीब 700 बैंक खातों को खंगाला गया, लेकिन चंपत राय के नाम कोई निजी बैंक खाता नहीं मिला।

    अविनाश 85 बार, करुणेश 2 बार रकम हटाते दिखा
    चार्जशीट के अनुसार, मंदिर परिसर के गणना कक्ष में चढ़ावे की रकम चोरी की कुल 105 घटनाएं सीसीटीवी फुटेज में सामने आईं। इनमें सबसे ज्यादा 85 घटनाओं में अविनाश शुक्ला उर्फ शनि की भूमिका दर्ज होने का दावा किया गया है। वह चार अन्य मौकों पर सह-अभियुक्तों की मदद करते भी दिखाई दिया।

    पुलिस के मुताबिक, करुणेश पांडेय दो बार रकम चोरी करते और 68 बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया। मनीष कुमार यादव 16 बार चढ़ावे की रकम अपने पास रखते और 19 बार अन्य आरोपियों का सहयोग करते कैमरे में दर्ज हुआ।

    इसी तरह रमाशंकर मिश्र एक बार रकम हटाकर अपने पास रखते दिखाई दिए। लवकुश मिश्रा एक बार चोरी करते और 52 बार अन्य आरोपियों की मदद करते नजर आए। वहीं अनुकल्प मिश्र 56 बार अन्य सह-अभियुक्तों को चढ़ावे की रकम चोरी में सहयोग करते दिखाई दिए।

    पुलिस की चार्जशीट में इन घटनाओं को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दर्ज किया गया है। ये फिलहाल अभियोजन के आरोप और जांच के निष्कर्ष हैं; आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद होगा।

    CDR में लगातार संपर्क, चैट में कैश के बंडलों का जिक्र
    जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को भी अहम साक्ष्य माना गया है। पुलिस का दावा है कि संबंधित अवधि में आरोपियों के बीच लगातार संपर्क था। सीसीटीवी, डिजिटल, मौखिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को मिलाकर चार्जशीट में आपसी समन्वय और कथित आपराधिक षड्यंत्र की बात कही गई है।

    पुलिस के मुताबिक, अनुकल्प मिश्र के मोबाइल फोन से अविनाश शुक्ला उर्फ शनि और लवकुश मिश्र के साथ चढ़ावे की रकम को लेकर किए गए टेक्स्ट संदेश मिले। इनमें कैश के बंडलों को रखने, छिपाने, अदला-बदली करने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से संबंधित बातचीत का उल्लेख है।

    चार्जशीट में 25 से 30 जुलाई 2026 के सीसीटीवी फुटेज का भी जिक्र है। इसमें सुभाष श्रीवास्तव की मौजूदगी में गणना कक्ष में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को रकम हटाकर अपने पास रखते हुए दिखने का दावा किया गया है।

    700 बैंक खातों की जांच, चंपत राय के नाम खाता नहीं
    चढ़ावा चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 700 बैंक खातों का लेनदेन खंगाला। इनमें ट्रस्टियों, आरोपियों, संदिग्धों, गणना कर्मियों और ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारियों के खाते शामिल थे। ट्रस्ट के बैंक खातों को भी जांच के दायरे में रखा गया।

    जांच का मकसद यह पता लगाना था कि संदिग्ध रकम किन खातों में गई और उसका आरोपियों या अन्य संबंधित लोगों से कोई संभावित संबंध था या नहीं। पुलिस ने संदिग्धों के खातों में रकम की आवाजाही की भी पड़ताल की।

    चार्जशीट में डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बैंक खातों के लेनदेन की तुलना अन्य आरोपियों और संदिग्धों के खातों से किए जाने का भी उल्लेख है। वहीं, विवेचना से जुड़े तथ्य के तौर पर दर्ज किया गया है कि चंपत राय के नाम कोई निजी बैंक खाता नहीं मिला।

    चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव आरोपी नहीं, गवाह
    चार्जशीट का एक अहम पहलू यह भी है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है। उन्हें गवाह के तौर पर शामिल किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, चार्जशीट में कुल 133 गवाहों का उल्लेख है। इसी बिंदु को लेकर अदालत में अधिवक्ता संघ ने पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए हैं।

    अधिवक्ता संघ ने जांच पर उठाए सवाल
    चार्जशीट दाखिल होने के बाद बुधवार को विशेष अदालत में अधिवक्ता संघ की ओर से विवेचना पर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। संघ का कहना है कि साक्ष्य के तौर पर 10 अधिवक्ताओं के शपथपत्र दिए गए थे, लेकिन विवेचक ने उन पर कार्रवाई नहीं की।

    अधिवक्ता संघ ने यह भी सवाल उठाया कि एसआईटी के गठन से पहले आरोपियों से बरामद रुपये जिस व्यक्ति के पास रखे गए थे, उसके खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की गई।

    संघ की ओर से दावा किया गया कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया, जबकि ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन को भी आरोपी नहीं बनाया गया। संघ का कहना है कि इनके खिलाफ प्रार्थनापत्र के जरिए साक्ष्य दिए गए थे, लेकिन विवेचक ने उन पर संज्ञान नहीं लिया।

    अधिवक्ता संघ ने इन लोगों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल करने की मांग की है। इसके अलावा बरामदगी के समय और घटनास्थल के नक्शे को लेकर भी चार्जशीट पर सवाल उठाए गए हैं।

    अदालत में आगे होगी आरोपों और साक्ष्यों की पड़ताल
    पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा, CDR, बैंकिंग लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका बताई गई है। वहीं, चार्जशीट में शामिल आरोपों और अधिवक्ता संघ की आपत्तियों पर अंतिम फैसला अदालत को उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर करना है।

  • 8 अक्टूबर से Amazon Great Indian Festival की शुरुआत, इलेक्ट्रॉनिक्स से फैशन तक मिल सकती है बड़ी बचत

    8 अक्टूबर से Amazon Great Indian Festival की शुरुआत, इलेक्ट्रॉनिक्स से फैशन तक मिल सकती है बड़ी बचत


    नई दिल्ली। Amazon Great Indian Festival 2026 का इंतजार कर रहे ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। कंपनी की फेस्टिव सेल 8 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। मुख्य सेल शुरू होने से पहले ही अर्ली डील्स का सिलसिला शुरू हो चुका है जिससे ग्राहक कई प्रोडक्ट्स पर पहले से उपलब्ध ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं। इस सेल में स्मार्टफोन इलेक्ट्रॉनिक्स टीवी और होम अप्लायंसेज से लेकर फैशन ब्यूटी किचन और रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले सामान तक कई कैटेगरी को शामिल किया जाएगा। फेस्टिव सीजन में खरीदारी बढ़ने के साथ Amazon की इस सेल पर ग्राहकों की नजर बनी हुई है।

    Great Indian Festival के दौरान अलग अलग श्रेणियों में प्रोडक्ट्स पर डिस्काउंट के साथ बैंक ऑफर्स और अन्य प्रमोशनल फायदे भी मिल सकते हैं। हालांकि किसी प्रोडक्ट की वास्तविक कीमत और उपलब्ध छूट उसके ब्रांड मॉडल विक्रेता और ऑफर की शर्तों के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए खरीदारी करने से पहले ग्राहक को प्रोडक्ट की कीमत के साथ बैंक ऑफर एक्सचेंज ऑफर और अन्य शर्तों को ध्यान से देखना जरूरी होगा। सेल के दौरान कुछ डील सीमित समय या सीमित स्टॉक के आधार पर भी उपलब्ध हो सकती हैं।

    अर्ली डील्स की खासियत यह है कि ग्राहकों को मुख्य सेल का इंतजार किए बिना चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर ऑफर देखने का मौका मिल जाता है। खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए सेल के दौरान कीमतों की तुलना करना उपयोगी हो सकता है। किसी प्रोडक्ट की सेल कीमत को उसकी सामान्य कीमत से मिलाने के साथ दूसरी वेबसाइटों पर उपलब्ध कीमतों पर भी नजर रखी जा सकती है। इससे वास्तविक बचत का अंदाजा लगाने में आसानी होगी।

    स्मार्टफोन कैटेगरी में नए और लोकप्रिय मॉडल पर ऑफर्स देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा लैपटॉप हेडफोन स्मार्टवॉच टीवी फ्रिज वॉशिंग मशीन एयर कंडीशनर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स भी सेल का हिस्सा हो सकते हैं। घर के लिए जरूरी सामान खरीदने वाले ग्राहकों को किचन अप्लायंसेज फर्नीचर होम डेकोर और दूसरे घरेलू उत्पादों पर भी डील्स देखने को मिल सकती हैं। फैशन और ब्यूटी कैटेगरी में कपड़े जूते एक्सेसरीज और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स पर भी छूट मिल सकती है।

    बैंक ऑफर्स इस तरह की फेस्टिव सेल में अतिरिक्त बचत का एक अहम जरिया होते हैं। ग्राहकों को अलग अलग कार्ड या भुगतान माध्यमों पर इंस्टेंट डिस्काउंट या अन्य लाभ मिल सकते हैं लेकिन इन ऑफर्स की पात्रता और अधिकतम छूट बैंक तथा प्रोडक्ट के हिसाब से बदल सकती है। इसलिए पेमेंट करने से पहले ऑफर की पूरी जानकारी पढ़ना बेहतर रहेगा।

    8 अक्टूबर से शुरू होने वाले Amazon Great Indian Festival 2026 में ग्राहकों को कई श्रेणियों में खरीदारी के विकल्प मिलेंगे। अर्ली डील्स के जरिए कुछ ऑफर्स पहले ही सामने आ रहे हैं जबकि मुख्य सेल शुरू होने के बाद डील्स का दायरा और बढ़ सकता है। फेस्टिव सीजन में खरीदारी करने वालों के लिए यह सेल कीमतों की तुलना कर अपनी जरूरत के सामान पर उपलब्ध ऑफर्स तलाशने का मौका देगी।

  • अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल की अर्ली डील्स लाइव, कई श्रेणियों में साल की सबसे कम कीमतों का दावा

    अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल की अर्ली डील्स लाइव, कई श्रेणियों में साल की सबसे कम कीमतों का दावा


    बेंगलुरु। अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2026 की अर्ली डील्स Amazon.in पर शुरू हो गई हैं। कंपनी के अनुसार, ग्राहकों को विभिन्न श्रेणियों के लाखों उत्पादों पर साल की सबसे कम कीमतों में खरीदारी का मौका मिलेगा। स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, ब्यूटी, होम एवं किचन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े उत्पादों के साथ तेज डिलीवरी के विकल्प भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    कंपनी के मुताबिक, एसबीआई क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान करने वाले ग्राहकों को ईएमआई लेनदेन सहित 10 प्रतिशत इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा। वहीं, ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2026 के दौरान खरीदारी करने वाले प्राइम सदस्यों को 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त लाभ मिलने की बात कही गई है।

    अमेजन पे से खरीदारी पर अतिरिक्त फायदे

    त्योहारी खरीदारी के दौरान अमेजन पे के जरिए भी ग्राहकों को कई ऑफर मिलेंगे। अमेजन पे आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले प्राइम सदस्यों को अनलिमिटेड पांच प्रतिशत कैशबैक और नॉन-प्राइम सदस्यों को तीन प्रतिशत कैशबैक मिलेगा। इसके अलावा ग्राहकों को 2,500 रुपये तक के वेलकम रिवॉर्ड दिए जाएंगे। कार्ड पर जॉइनिंग और वार्षिक शुल्क से पूरी तरह छूट भी उपलब्ध होगी।

    अमेजन पे लैटर के जरिए चुनिंदा खरीदारी पर 10 प्रतिशत तक कैशबैक का लाभ लिया जा सकता है। 1,500 रुपये या इससे अधिक के कार्ट मूल्य पर तीन ब्याज-मुक्त ईएमआई में भुगतान की सुविधा भी मिलेगी। कंपनी के अनुसार, इस सुविधा पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    फैशन, ब्यूटी, होम और किचन श्रेणियों में 300 रुपये या इससे अधिक के अमेजन पे बैलेंस ऑर्डर पर 20 रुपये का फ्लैट कैशबैक मिलेगा। पहली बार बिल भुगतान करने वाले ग्राहकों को 500 रुपये तक के रिवॉर्ड और रिचार्ज व बिल भुगतान पर 50 रुपये तक का कैशबैक दिया जाएगा।

    त्योहारी छुट्टियों की तैयारी कर रहे प्राइम सदस्य अमेजन पे आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड के जरिए फ्लाइट और होटल बुकिंग पर 15 प्रतिशत तक की छूट के साथ पांच प्रतिशत कैशबैक का लाभ ले सकेंगे।

    अमेजन नाउ पर भी अर्ली डील्स

    अमेजन नाउ पर भी हजारों उत्पादों की अर्ली डील्स उपलब्ध हैं। कंपनी के अनुसार, इन उत्पादों की डिलीवरी कुछ ही मिनटों में की जा सकती है। अमेजन नाउ ने 10 सप्ताह से कम समय में अपनी पहुंच चार गुना बढ़ाकर 65 से अधिक भारतीय शहरों और कस्बों तक कर ली है।

    इसके अलावा कंपनी 10 लाख से अधिक उत्पादों की उसी दिन डिलीवरी, 40 लाख से अधिक उत्पादों की अगले दिन डिलीवरी और लाखों अन्य उत्पादों पर प्राइम सदस्यों के लिए अनलिमिटेड मुफ्त डिलीवरी की सुविधा दे रही है।

    खरीदारी में एआई टूल्स की मदद

    अमेजन इंडिया खरीदारी के अनुभव को आसान बनाने के लिए एआई आधारित टूल्स का भी इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी के अनुसार, इनका उद्देश्य ग्राहकों को उत्पाद खोजने और खरीदारी का फैसला लेने में मदद करना है।

    रुफस की सहायता से ग्राहक सामान्य भाषा में अपनी जरूरत बताकर व्यक्तिगत सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर ग्राहक 40 हजार रुपये से कम कीमत में स्मार्टफोन की डील या दिवाली के लिए शुरुआती ऑफर पूछ सकते हैं।

    लेन्स एआई के जरिए ग्राहक किसी प्रोडक्ट की तस्वीर खींचकर उसे ऑनलाइन खोज सकते हैं। रुफस 30 से 90 दिनों का प्राइस हिस्ट्री ट्रैकर भी उपलब्ध कराता है। ग्राहक अपनी पसंदीदा कीमत तय कर सकते हैं और प्रोडक्ट उस कीमत तक पहुंचने पर खरीदारी पूरी करने के लिए अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं।

    एआई रिव्यू हाइलाइट्स, क्विक लर्न और बाइंग गाइड्स जैसे फीचर उत्पादों को समझने और उनकी तुलना करने में मदद करते हैं। कंपनी के अनुसार, अधिक व्यक्तिगत होमपेज भी ग्राहकों की पसंद के अनुरूप प्रासंगिक उत्पाद खोजने में सहायता करता है।

    8 अक्टूबर से शुरू होगा मुख्य फेस्टिवल

    अर्ली डील्स के जरिए ग्राहक 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल से पहले ही त्योहारी खरीदारी शुरू कर सकते हैं। Amazon.in पर इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सेसरीज सहित कई श्रेणियों में चुनिंदा डील्स लाइव हो चुकी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सेसरीज पर 80 प्रतिशत तक की छूट का दावा किया गया है।

    वनप्लस एन6एक्स पर भी ऑफर

    अर्ली डील्स में वनप्लस एन6एक्स को भी शामिल किया गया है। कंपनी के अनुसार, फोन में 7,000 एमएएच की बैटरी दी गई है, जो 2.5 दिनों तक इस्तेमाल की सुविधा देती है। इसमें छह साल तक की बैटरी हेल्थ का सपोर्ट मिलने की बात कही गई है। बैंक ऑफर्स सहित फोन को 18,499 रुपये में खरीदा जा सकता है।

    वहीं, वनप्लस वॉच 2 आर पर भी ऑफर उपलब्ध है। इसमें 1.43 इंच का एमोलेड डिस्प्ले, स्नैपड्रैगन डब्ल्यू5 चिपसेट और 100 घंटे तक की बैटरी लाइफ दी गई है। स्मार्टवॉच में डुअल-फ्रीक्वेंसी जीपीएस, 100 से अधिक स्पोर्ट्स मोड, ब्लूटूथ कॉलिंग और हेल्थ ट्रैकिंग जैसे फीचर भी हैं।

  • TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हुगली में हमला, अंडे फेंके और शीशा तोड़ा; चार महीने में तीसरी घटना

    TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर हुगली में हमला, अंडे फेंके और शीशा तोड़ा; चार महीने में तीसरी घटना

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में शनिवार को TMC विधायक कुणाल घोष की कार को भीड़ ने घेर लिया। कुणाल घोष श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए जा रहे थे। उत्तरपाड़ा में उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर अंडे फेंके गए। हमले के दौरान कार का पीछे का शीशा भी टूट गया।

    घटना के सामने आए वीडियो में कुणाल घोष ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। कार की पिछली सीट पर भी कुछ लोग मौजूद थे। वीडियो में भीड़ की ओर से विरोध करते हुए ‘गो बैक’ के नारे लगाए जाने की बात सामने आई है। कुछ दृश्यों में कुणाल घोष अंडे फेंकने वाले लोगों के सामने हाथ जोड़ते हुए भी दिखाई दिए।

    हमले के बाद कुणाल घोष ने घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे जंगलराज बताते हुए कहा कि उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए तथा रास्ता रोक दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। घोष के मुताबिक, वह कोलकाता लौट रहे हैं और लालबाजार या भवानी भवन जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे।

    TMC नेताओं ने इस घटना के पीछे BJP के शामिल होने का आरोप लगाया है। पार्टी नेता असित मजूमदार ने कहा कि यह आम लोगों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पहले से सुनियोजित हमला था। वहीं उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने घटना को लोगों का गुस्सा बताया।

    कुणाल घोष पर पिछले कुछ महीनों में विरोध और हमले की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। 15 जून को कोलकाता के कालीघाट में ममता बनर्जी के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान उन पर अंडा फेंका गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को गिरफ्तार किया था। बाद में दोनों को जमानत मिल गई थी।

    इसके अलावा अगस्त में कोलकाता के गरपार इलाके में कुणाल घोष के घर, क्लब और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ का आरोप लगा था। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। घोष ने दावा किया था कि बाहर से लोगों को बुलाकर उन्हें निशाना बनाया गया और पार्टी ऑफिस के बाहर लगे ममता बनर्जी तथा उनके पोस्टर और बैनर फाड़े गए।

    पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ विरोध की कई घटनाओं का भी जिक्र सामने आया है। 28 मई को नॉर्थ 24 परगना में TMC सांसद सौगत रॉय की कार पर अंडे फेंके जाने और नारेबाजी की बात कही गई। 30 मई को सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अंडे, पत्थर और जूते फेंके जाने का आरोप लगा था। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें हेलमेट पहनाकर वहां से निकालना पड़ा था।

    6 जून को मदन मित्रा के काफिले पर अंडे फेंके जाने की घटना सामने आई। इसके बाद युवा नेता सौमित्र बनर्जी और पूर्व मंत्री उदयन गुहा के खिलाफ भी अंडे और जूते फेंके जाने की घटनाएं बताई गईं। 1 जुलाई को कृष्णनगर में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके जाने का आरोप लगा।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कुणाल घोष की ओर से ममता बनर्जी के सुरक्षा घेरे के बावजूद विरोध प्रदर्शन होने पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं मई 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z किए जाने और कुणाल घोष की अतिरिक्त सुरक्षा को विधायक स्तर तक सीमित किए जाने की जानकारी दी गई है।

  • कश्मीर और पानी पर भारत को घेरने पहुंचे शहबाज से आतंकवाद पर हुआ सीधा सवाल UN के बाहर चुपचाप आगे बढ़ गए पाक PM

    कश्मीर और पानी पर भारत को घेरने पहुंचे शहबाज से आतंकवाद पर हुआ सीधा सवाल UN के बाहर चुपचाप आगे बढ़ गए पाक PM


    नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ कई आरोप लगाए और कश्मीर तथा सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया लेकिन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर जब उनसे पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े सवाल पूछे गए तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 24 सितंबर को UN मुख्यालय में प्रवेश करते समय पत्रकार ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा। शहबाज शरीफ सवाल को अनसुना करते हुए आगे बढ़ गए। बाद में मुख्यालय से निकलते समय उनसे लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया। इस बार भी उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी और आगे निकल गए। इस घटनाक्रम की पुष्टि कई मीडिया रिपोर्टों में हुई है।

    इसके एक दिन बाद 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान शहबाज शरीफ ने भारत पर सिंधु नदी के पानी को हथियार बनाने का आरोप लगाया और कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने सिंधु नदी प्रणाली को पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए भारत की नीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही अपने भाषण में भारत के साथ संघर्ष का संदर्भ भी दिया। उनके संबोधन के बाद भारत ने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया।

    संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दावों का जवाब देते हुए उसके आतंकवाद और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने पाकिस्तान के राजनीतिक ढांचे को लेकर फॉर्म-47 का संदर्भ दिया और कहा कि पाकिस्तान में सत्ता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। गहलोत ने ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में पाए जाने का भी उल्लेख किया और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के रिकॉर्ड पर सवाल उठाया।

    भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी गई। गहलोत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों के अधिकारों तथा वहां की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति और धार्मिक कट्टरता से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।

    भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र में यह बयानबाजी ऐसे समय हुई जब दोनों देशों के प्रतिनिधि अपने अपने पक्ष को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने की कोशिश कर रहे थे। शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में भारत की नीतियों पर सवाल उठाए तो भारत ने जवाब के अधिकार के तहत पाकिस्तान के आतंकवाद संबंधी रिकॉर्ड और उसकी आंतरिक राजनीतिक व्यवस्था को मुद्दा बनाया।

    इस पूरे घटनाक्रम में UN मुख्यालय के बाहर पूछे गए सवाल भी चर्चा में रहे। पत्रकारों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से सीधे आतंकवादियों को कथित तौर पर पनाह देने और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल किया लेकिन शहबाज शरीफ ने दोनों मौकों पर कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया।