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  • बैतूल में शहीद दिवस पर तीन किमी पदयात्रा: युवाओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दी श्रद्धांजलि

    बैतूल में शहीद दिवस पर तीन किमी पदयात्रा: युवाओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दी श्रद्धांजलि


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल में शहीद दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत अभियान के तहत तीन किलोमीटर लंबी पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन थी जिसमें बड़ी संख्या में युवा सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और मेरा भारत के स्वयंसेवक शामिल हुए पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारे लगाए और शहर भ्रमण करते हुए एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। युवाओं का उत्साह और जोश पूरे आयोजन में साफ झलक रहा था।

    इस अवसर पर शहीदों भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इसके अलावा अभियान के तहत 21 मार्च को “एक योद्धा ऐसा भी” विषय पर रील प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें युवाओं ने वीर सपूतों पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं और बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

    22 मार्च को स्वच्छता सम्मान कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसमें स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों के साथ शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम आयोजन का भावनात्मक महत्व बढ़ाने वाला साबित हुआ। आयोजकों ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना था।

    ऐसे आयोजन युवाओं को प्रेरित करते हैं और उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करते हैं। बैतूल में इस प्रकार की पदयात्रा और कार्यक्रम युवाओं को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत करने और सामाजिक योगदान के महत्व को समझाने का एक प्रभावशाली प्रयास साबित हुआ।

  • मोबाइल डेटा पर संसद में बहस में राघव चड्ढा ने उपभोक्ता अधिकारों का मुद्दा उठाया..

    मोबाइल डेटा पर संसद में बहस में राघव चड्ढा ने उपभोक्ता अधिकारों का मुद्दा उठाया..


    नई दिल्ली:
    राज्यसभा में मोबाइल डेटा प्लान्स को लेकर एक अहम बहस देखने को मिली जब Raghav Chadha ने देश में करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे को उठाया उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में टेलीकॉम कंपनियां उपभोक्ताओं से पूरे डेटा का पैसा लेती हैं लेकिन उपयोग न होने वाले डेटा को समाप्त कर देती हैं जिससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान होता है

    सांसद ने कहा कि जब कोई यूजर अपने मोबाइल प्लान के लिए भुगतान करता है तो उसे पूरे डेटा का उपयोग करने का अधिकार होना चाहिए लेकिन मौजूदा सिस्टम में डेटा को प्रतिदिन एक निश्चित सीमा में बांट दिया जाता है जैसे 1.5 जीबी या 2 जीबी और यदि उपयोग नहीं किया गया तो वह डेटा रात 12 बजे खत्म हो जाता है यह व्यवस्था उपभोक्ता के साथ अन्याय है

    उन्होंने इस स्थिति को समझाने के लिए एक उदाहरण दिया जिसमें पेट्रोल की तुलना मोबाइल डेटा से की गई उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति 20 लीटर पेट्रोल खरीदता है और केवल 15 लीटर ही उपयोग करता है तो क्या बचा हुआ पेट्रोल पंप वाला वापस ले लेगा नहीं इसी तरह मोबाइल डेटा भी उपभोक्ता का अधिकार होना चाहिए

    राघव चड्ढा ने आगे कहा कि टेलीकॉम कंपनियां जानबूझकर ऐसे प्लान को बढ़ावा देती हैं जिनमें दैनिक डेटा लिमिट होती है जबकि मासिक डेटा प्लान कम उपलब्ध कराए जाते हैं क्योंकि मासिक प्लान में उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार डेटा का उपयोग कर सकता है जिससे कंपनियों का लाभ कम होता है

    उन्होंने इंटरनेट को आज के समय में डिजिटल ऑक्सीजन’ बताते हुए कहा कि यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि शिक्षा कामकाज बैंकिंग और संचार जैसे सभी क्षेत्रों में आवश्यक हो चुका है ऐसे में डेटा का यूं ही समाप्त हो जाना गंभीर चिंता का विषय है

    इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने तीन प्रमुख सुझाव दिए पहला यह कि डेटा कैरी फॉरवर्ड की सुविधा दी जाए ताकि बचा हुआ डेटा अगले दिन में जुड़ सके दूसरा यह कि महीने के अंत में बचे हुए डेटा की वैल्यू को अगले रिचार्ज में समायोजित किया जाए जिससे उपभोक्ता को आर्थिक लाभ मिल सके और तीसरा यह कि अनयूज्ड डेटा को एक डिजिटल एसेट के रूप में माना जाए जिसे जरूरत पड़ने पर किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सके

    उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इस दिशा में ठोस नीतिगत कदम उठाए ताकि डिजिटल युग में उपभोक्ताओं को उनका पूरा अधिकार मिल सके उनका कहना था कि यह मुद्दा केवल डेटा का नहीं बल्कि उपभोक्ता अधिकार और डिजिटल न्याय से जुड़ा हुआ है

    यह मामला अब एक व्यापक बहस का विषय बन गया है जहां एक ओर उपभोक्ताओं के हितों की बात हो रही है वहीं दूसरी ओर टेलीकॉम इंडस्ट्री के व्यापार मॉडल पर भी सवाल उठ रहे हैं आने वाले समय में इस पर नीतिगत निर्णय इस पूरे सिस्टम को बदल सकते हैं

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    Mobile data issue India, Raghav Chadha speech, Telecom consumer rights, Data rollover India, Digital rights India

  • पश्चिम एशिया युद्ध का बड़ा असर! 40+ तेल-गैस ठिकाने तबाह, IEA अधिकारी का खुलासा

    पश्चिम एशिया युद्ध का बड़ा असर! 40+ तेल-गैस ठिकाने तबाह, IEA अधिकारी का खुलासा


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने अब पूरी दुनिया के ऊर्जा संतुलन को झकझोर कर रख दिया है। International Energy Agency के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Fatih Birol ने ऑस्ट्रेलिया के Canberra में बताया कि इस संघर्ष के चलते नौ देशों में फैले 40 से अधिक तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को गंभीर या अत्यंत गंभीर नुकसान हुआ है। इसका सीधा असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ा है और हालात ऐसे बन गए हैं कि कोई भी देश इस संकट से अछूता नहीं रह पाएगा। सप्लाई में आई इस बड़ी बाधा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है और कीमतों में तेज उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

    1970 के दशक से भी बड़ा खतरा, रिकॉर्ड सप्लाई प्रभावित

    आईईए प्रमुख ने इस संकट को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इसकी तुलना 1970 के दशक के तेल संकट और Russia-Ukraine War के बाद आए गैस संकट को मिलाकर की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 1970 के दशक में करीब 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन की सप्लाई प्रभावित हुई थी, जबकि मौजूदा हालात में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 1.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए खतरे की घंटी है। बढ़ती मांग और घटती सप्लाई के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है, जिससे आम लोगों के साथ साथ उद्योग जगत पर भी असर पड़ सकता है।

    तेल ही नहीं, कई जरूरी सेक्टर भी प्रभावित

    इस युद्ध का असर सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई अहम उद्योग भी संकट में आ गए हैं। पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, सल्फर और हीलियम जैसे जरूरी उत्पादों की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। इन उत्पादों की कमी का असर कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी क्षेत्रों पर पड़ेगा। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो खाद्य उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों में गिरावट आ सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने का खतरा है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य बना संकट की जड़

    इस पूरे संकट की सबसे बड़ी वजह Strait of Hormuz का लगभग ठप हो जाना है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का निर्यात होता है। इसके बंद होने से एशिया और यूरोप के कई देशों में ईंधन आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है। हालात को संभालने के लिए आईईए ने अपने सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला लिया है और आगे भी जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त तेल जारी करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है और स्थायी राहत तभी मिलेगी जब इस समुद्री मार्ग को फिर से सुचारू किया जाएगा।

  • सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी विकास पर राजनीति नहीं चलेगी ममता सरकार को फटकार

    नई दिल्ली: कोलकाता मेट्रो परियोजना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई इस सुनवाई की अध्यक्षता कर रहे Surya Kant ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों को चुनाव या त्योहारों के बहाने टालना संवैधानिक कर्तव्य की अवहेलना है और इस तरह की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है

    मामला कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन परियोजना में हो रही देरी से जुड़ा था राज्य सरकार की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि चुनाव और त्योहारों के कारण प्रशासनिक दिक्कतें आ रही हैं जिससे परियोजना की गति प्रभावित हो रही है इसके साथ ही सरकार ने यह भी अनुरोध किया कि मेट्रो कार्यों के लिए ट्रैफिक ब्लॉक को मई तक टाल दिया जाए

    राज्य सरकार ने यह तर्क भी दिया कि संबंधित क्षेत्र से एंबुलेंस और अंग प्रत्यारोपण से जुड़े वाहनों की आवाजाही होती है इसलिए वहां काम रोकने या सीमित करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि ये केवल बहाने हैं और वास्तविकता में विकास कार्यों को टालने का प्रयास किया जा रहा है

    सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग जैसे संस्थान चुनाव के दौरान भी अपने काम को जारी रख सकते हैं तो राज्य सरकार को भी विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए उन्होंने कहा कि जनता के हित से जुड़े कामों को त्योहारों या अन्य कारणों से रोकना उचित नहीं है

    कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में पहले ही हाईकोर्ट ने राज्य को पर्याप्त छूट दी थी लेकिन इसके बावजूद परियोजना में कोई खास प्रगति नहीं हुई अदालत ने राज्य सरकार के रवैये को कर्तव्य में लापरवाही और जिद्दी व्यवहार का उदाहरण बताया

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रशासनिक देरी का मामला नहीं है बल्कि यह जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है अदालत ने यहां तक संकेत दिया कि इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है

    इसके साथ ही अदालत ने कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया कोर्ट ने कहा कि परियोजना को तय समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी

    सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब कोलकाता मेट्रो की ओर से याचिका वापस लेने की कोशिश की गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अनुमति नहीं दी और मामले को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया

    कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह परियोजना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि शहर में ट्रैफिक दबाव को भी कम करेगी ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी इस परियोजना को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है

    इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यायपालिका अब विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई या राजनीतिक बहाने को स्वीकार करने के मूड में नहीं है और भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर और भी सख्त रुख अपनाया जा सकता है

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  • ‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन, 700 करोड़ क्लब में एंट्री तय!, जाने अब तक की कमाई

    ‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन, 700 करोड़ क्लब में एंट्री तय!, जाने अब तक की कमाई

    मुंबई। रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रिलीज के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। पेड प्रीव्यू से जोरदार शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने ओपनिंग वीकेंड में ही कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। महज चार दिनों में फिल्म 500 करोड़ के करीब पहुंच गई और इसकी रफ्तार को देखकर साफ है कि यह जल्दी थमने वाली नहीं है। अब फिल्म ने वीकडेज में भी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।

    चार दिनों में ताबड़तोड़ कमाई
    ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने शुरुआती चार दिनों में जबरदस्त कलेक्शन दर्ज किया। पेड प्रीव्यू से 43 करोड़ की कमाई के बाद फिल्म ने पहले दिन 102.55 करोड़ कमाए। दूसरे दिन इसका कलेक्शन 80.72 करोड़ रहा, जबकि तीसरे दिन फिल्म ने 113 करोड़ जुटाए। चौथे दिन यानी रविवार को फिल्म ने 114.85 करोड़ का कारोबार किया।

    भाषाई आंकड़ों की बात करें तो चौथे दिन हिंदी वर्जन ने 107 करोड़, तेलुगु ने 5.25 करोड़, तमिल ने 2.50 करोड़, मलयालम ने 0.09 करोड़ और कन्नड़ ने 0.01 करोड़ का कलेक्शन किया। इसी के साथ चार दिनों में फिल्म की भारत में कुल नेट कमाई 454.12 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

    5वें दिन भी बनी रही रफ्तार
    ओपनिंग वीकेंड के बाद भी फिल्म की कमाई में गिरावट देखने को नहीं मिली है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, रिलीज के पांचवें दिन यानी पहले सोमवार को दोपहर 1 बजे तक फिल्म 11.23 करोड़ रुपये कमा चुकी है। ट्रेड एक्सपर्ट्स के अनुसार, शाम और रात के शोज के बाद इस आंकड़े में अच्छा इजाफा हो सकता है।

    ऑक्यूपेंसी में भी दमदार प्रदर्शन
    पांचवें दिन दोपहर 12 बजे तक फिल्म की ऑक्यूपेंसी 28.5% दर्ज की गई है। उम्मीद की जा रही है कि शाम और रात के शो में दर्शकों की संख्या और बढ़ेगी।

    वर्ल्डवाइड कलेक्शन में भी रिकॉर्ड की ओर
    वैश्विक स्तर पर भी ‘धुरंधर 2’ शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने चार दिनों में दुनियाभर में 691.32 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। सोमवार को इसके 700 करोड़ क्लब में शामिल होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही यह सबसे तेजी से यह आंकड़ा पार करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन सकती है।

    फिल्म के बारे में
    ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। उनके साथ सारा अर्जुन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर माधवन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है और 2025 की ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ का सीक्वल है।

  • Gold-Petrol Today: सोना गिरा, चांदी कमजोर; जानें पेट्रोल-डीजल आज कहां महंगा और कहां सस्ता

    Gold-Petrol Today: सोना गिरा, चांदी कमजोर; जानें पेट्रोल-डीजल आज कहां महंगा और कहां सस्ता


    नई दिल्ली। देश में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। 23 मार्च 2026 को राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 650 रुपये सस्ता होकर 1,52,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले यह 1,53,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। हालांकि वायदा बाजार में हल्की तेजी देखने को मिली है। MCX पर सोने का भाव 333 रुपये बढ़कर 1,44,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का बड़ा असर पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और डॉलर की मजबूती के कारण निवेशक सोने से दूरी बना रहे हैं। यही वजह है कि सोना फिलहाल दबाव में बना हुआ है, जबकि कच्चे तेल और डॉलर की ओर निवेश बढ़ा है।

    आज का सोने का ताजा भाव (IBJA)
    IBJA के मुताबिक आज सोने के रेट इस प्रकार हैं

    24 कैरेट: ₹1,47,218 प्रति 10 ग्राम
    23 कैरेट: ₹1,46,628 प्रति 10 ग्राम
    22 कैरेट: ₹1,34,852 प्रति 10 ग्राम
    18 कैरेट: ₹1,10,414 प्रति 10 ग्राम
    14 कैरेट: ₹86,123 प्रति 10 ग्राम
    देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिला

    दिल्ली: ₹1,46,120 (24K), ₹1,33,950 (22K),
    मुंबई: ₹1,45,970 (24K), ₹1,33,800 (22K)
    कोलकाता: ₹1,45,970 (24K), ₹1,33,800 (22K)
    चेन्नई: ₹1,48,580 (24K), ₹1,36,200 (22K)
    पटना: ₹1,46,020 (24K), ₹1,33,850 (22K)

    पेट्रोल-डीजल का ताजा अपडेट
    पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज मिलाजुला असर देखने को मिला पटना में पेट्रोल 51 पैसे महंगा हुआ जमशेदपुर में 84 पैसे की बढ़ोतरी चेन्नई में पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ वहीं दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।

    फ्यूल की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतडॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स इसी वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बदलते रहते हैं।

    घर बैठे SMS के जरिए भी आप कीमत जान सकते हैं Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजे BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें सोने की कीमतों में फिलहाल गिरावट का दौर जारी है, जबकि चांदी भी कमजोर बनी हुई है। वैश्विक तनाव और डॉलर की मजबूती आगे भी कीमतों की दिशा तय करेंगे। वहीं पेट्रोल-डीजल के दाम में स्थानीय स्तर पर उतार-चढ़ाव जारी है।

  • शिव ठाकरे का 'रियलिटी शो' में एक बार फिर डंका, 'The 50' की चमचमाती ट्रॉफी की अपने नाम, फैन को मिली 50 लाख की प्राइज मनी।

    शिव ठाकरे का 'रियलिटी शो' में एक बार फिर डंका, 'The 50' की चमचमाती ट्रॉफी की अपने नाम, फैन को मिली 50 लाख की प्राइज मनी।

    नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से चर्चाओं और सुर्खियों में बना रहने वाला रियलिटी शो ‘द 50’ (The 50) आखिरकार अपने अंजाम तक पहुँच गया है और दुनिया को इसका पहला विजेता मिल चुका है। ‘मराठा मानुस’ और रियलिटी शोज के बेताज बादशाह कहे जाने वाले शिव ठाकरे ने एक बार फिर अपनी लोकप्रियता और दिमागी खेल का लोहा मनवाते हुए इस शो का खिताब अपने नाम कर लिया है। 1 फरवरी से शुरू हुआ यह सफर रविवार, 22 मार्च को एक बेहद रोमांचक ग्रैंड फिनाले के साथ समाप्त हुआ। दिल्ली की पृष्ठभूमि पर आधारित इस शो में मनोरंजन जगत के 50 नामी सेलेब्स ने हिस्सा लिया था, लेकिन 26 दिनों तक चले कड़े टास्क, कूटनीति और मानसिक मजबूती के खेल के बाद शिव ठाकरे ने सबको पछाड़ते हुए जीत का परचम लहराया।

    फिनाले की राह शिव के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं थी। शुरुआत में जहां 50 खिलाड़ी इस रेस में शामिल थे, वहीं अंतिम पड़ाव तक आते-आते मुकाबला केवल पांच दिग्गजों के बीच रह गया था। फाइनल में शिव ठाकरे का सामना सोशल मीडिया सेंसेशन मिस्टर फैसु, काका, रजत दलाल और कृष्णा श्रॉफ जैसे मजबूत खिलाड़ियों से था। इन सभी को कड़ी टक्कर देते हुए शिव ने न केवल टास्क जीते, बल्कि दर्शकों का दिल भी जीता। सोशल मीडिया पर उनकी जीत की खबर आते ही फैंस ने उन्हें बधाइयों से सराबोर कर दिया और इस जीत को पूरी तरह से हकदार बताया। इस जीत के साथ शिव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी फैन फॉलोइंग किसी भी बड़े स्टार को टक्कर देने के लिए काफी है।

    इस शो की सबसे खास और अनोखी बात इसकी ‘प्राइज मनी’ से जुड़ी रही। आमतौर पर रियलिटी शो का विनर ही इनाम की राशि लेकर जाता है, लेकिन ‘द 50’ का नियम सबसे अलग था। यहाँ खिलाड़ी को अपने लिए नहीं, बल्कि अपने फैंस के लिए खेलना था। इसी नियम के तहत, विजेता की ट्रॉफी तो शिव ठाकरे को मिली, लेकिन 50 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम उनके एक लकी फैन को दिया गया। जीत के बाद भावुक होते हुए शिव ने कहा, मुझे इस बात की सबसे ज्यादा खुशी है कि मेरे किसी एक चाहने वाले को 50 लाख का इनाम मिलेगा। यह अनुभव मेरे लिए बिल्कुल नया था और मैं इस समय बहुत भावुक महसूस कर रहा हूँ।

    जीत का जश्न मनाते हुए शिव ठाकरे ने अपनी जर्नी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह इस शो के जरिए अपना एक अलग पहलू दिखाना चाहते थे। शिव के अनुसार, अपनी बात सुनाने के लिए हमेशा चिल्लाने या लड़ने की जरूरत नहीं होती; आप सच्चाई और शालीनता के साथ खेलकर भी जीत हासिल कर सकते हैं। 50 मजबूत और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच पहले सीजन का विनर बनना शिव के करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। अब शिव के प्रशंसक न केवल उनकी जीत का जश्न मना रहे हैं, बल्कि उस लकी फैन की किस्मत को भी सराह रहे हैं जिसे शिव की मेहनत की बदौलत यह बड़ा इनाम मिला है।

  • ‘बाहुबली’ Anant Singh की रिहाई आज, कल मंदिर में पूजा और शक्ति प्रदर्शन

    ‘बाहुबली’ Anant Singh की रिहाई आज, कल मंदिर में पूजा और शक्ति प्रदर्शन


    नई दिल्ली। बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। मोकामा से जदयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह आज 23 मार्च को बेऊर जेल से रिहा होंगे। उन्हें दुलारचंद हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जानकारी के मुताबिक दोपहर 2 बजे के बाद उनकी रिहाई हो सकती है।

    समर्थकों का जुटान, भव्य स्वागत की तैयारी
    अनंत सिंह की रिहाई को लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जेल के बाहर और उनके आवास पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे हैं। स्वागत के लिए खास तैयारियां की गई हैं और माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। प्रशासन भीड़ को देखते हुए सतर्क है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

    मोकामा में रोडशो और मंदिर में पूजा
    रिहाई के बाद 24 मार्च को मोकामा में अनंत सिंह का भव्य रोडशो होगा। इस दौरान वे बड़हिया महारानी स्थान मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। रास्ते में कई जगह समर्थकों द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा, जिससे इलाके का राजनीतिक माहौल गरमा सकता है। यह मामला पिछले साल 30 अक्टूबर का है, जब चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 1 नवंबर को पुलिस ने बाढ़ स्थित विधायक आवास से अनंत सिंह को गिरफ्तार किया था और 2 नवंबर को उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया था। करीब चार महीने जेल में रहने के बाद अब उन्हें जमानत मिली है।

    जमानत की शर्तें क्या हैं?
    पटना हाईकोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ जमानत दी है गवाहों को प्रभावित या धमकाने पर जमानत रद्द हो सकती है हर सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित रहना अनिवार्य कानून-व्यवस्था का पालन करना होगा अनंत सिंह की रिहाई से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मोकामा में होने वाला रोडशो आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। सभी की नजर अब उनकी रिहाई के बाद की गतिविधियों पर टिकी हुई है।

  • गैंगस्टर से क्वीन तक कंगना रनौत की सफलता और बॉक्स ऑफिस की बड़ी कमाई का सफर

    गैंगस्टर से क्वीन तक कंगना रनौत की सफलता और बॉक्स ऑफिस की बड़ी कमाई का सफर


    नई दिल्ली:
    भारतीय सिनेमा में अपनी दमदार अदाकारी और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली Kangana Ranaut ने अपने करियर की शुरुआत 2006 में फिल्म गैंगस्टर से की इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा और यहीं से उनके करियर को एक मजबूत शुरुआत मिली

    इसके बाद 2008 में आई फिल्म फैशन ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई इस फिल्म में उनके गहन और प्रभावशाली अभिनय के लिए उन्हें पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला इस सफलता ने उन्हें इंडस्ट्री में एक गंभीर और प्रतिभाशाली अभिनेत्री के रूप में स्थापित कर दिया

    कंगना रनौत ने अपने करियर में लगातार चुनौतीपूर्ण और अलग-अलग किरदारों को चुना जिससे वे अन्य अभिनेत्रियों से अलग पहचान बनाने में सफल रहीं उनकी फिल्म क्वीन ने उन्हें एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया जिसमें उन्होंने एक साधारण लड़की की कहानी को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और उन्हें एक सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया

    इसके अलावा फिल्म तनु वेड्स मनु और उसका सीक्वल तनु वेड्स मनु रिटर्न्स भी बड़ी हिट साबित हुई इन फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया और ये फिल्में उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हैं इन फिल्मों में उनके किरदार की विविधता और कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया

    कंगना रनौत की एक और बड़ी फिल्म कृष 3 थी जिसमें उन्होंने सुपरहीरो जॉनर में भी अपनी छाप छोड़ी इसके अलावा फिल्म मणिकर्णिका में उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाकर अपनी ऐतिहासिक अभिनय क्षमता का परिचय दिया इस फिल्म के जरिए उन्होंने न केवल अभिनय बल्कि निर्देशन में भी अपनी प्रतिभा साबित की

    अपने करियर में उन्होंने चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी जीते हैं जो उनकी प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण हैं उन्होंने हर किरदार में अपने दमदार अभिनय से यह साबित किया है कि वे किसी भी चुनौती को स्वीकार कर उसे सफलतापूर्वक निभा सकती हैं

    कंगना रनौत केवल एक अभिनेत्री ही नहीं बल्कि एक प्रभावशाली व्यक्तित्व भी हैं वे अक्सर अपने बेबाक बयानों के कारण चर्चा में रहती हैं और फिल्म इंडस्ट्री की नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती हैं उनकी यही स्पष्टवादिता उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाती है

    आज कंगना रनौत भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने अपने दम पर सफलता हासिल की और दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई उनकी फिल्मों और अभिनय ने उन्हें न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता दिलाई बल्कि एक मजबूत और प्रेरणादायक शख्सियत के रूप में भी स्थापित किया

  • स्त्री स्वास्थ्य में नया मील का पत्थर: काटजू अस्पताल का प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर

    स्त्री स्वास्थ्य में नया मील का पत्थर: काटजू अस्पताल का प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर


    भोपाल । भोपाल के डॉ. कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में महिलाओं के लिए एक अनोखा और हाईटेक स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर फॉर प्रिवेंटिवा सिंगिंग एंड इन्फर्टिलिटी यानि शक्ति केंद्र तैयार किया गया है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल 23 मार्च को इस केंद्र का उद्घाटन करेंगे।
    करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह सेंटर मध्यभारत का पहला और अनूठा सुविधा केंद्र होगा। यहां मेनोपॉज निसंतानता पीसीओएस मोटापा अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। पहले महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक छत के नीचे मिलेंगी।

    केंद्र में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। विशेष रूप से मेनोपॉज और हार्मोनल असंतुलन की समस्याओं के लिए परामर्श और उपचार की व्यवस्था की गई है।

    इन्फर्टिलिटी के मामलों में पीसीओएस फाइब्रॉइड हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं की जांच आधुनिक तकनीकों के माध्यम से होगी। गर्भधारण में आ रही समस्याओं का समाधान आईयूआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से किया जाएगा। साथ ही वीआईए तकनीक के जरिए सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान संभव होगी जिससे समय रहते इलाज किया जा सके।

    सेंटर में केगेल चेयर के जरिए पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने का इलाज होगा। कोलपोस्कोप मशीन से गर्भाशय ग्रीवा और संबंधित अंगों की गहन जांच संभव होगी। लेजर मशीन के माध्यम से सिस्ट मेनोपॉज और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान होगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह केंद्र केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बदलती जीवनशैली और खराब आदतों के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं खासकर पीसीओएस जैसी बीमारियां।

    डॉ. रचना दुबे ने बताया कि सेंटर में जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। किशोरियों और महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना और समय पर जांच कराना केंद्र का मुख्य उद्देश्य रहेगा।

    कुल मिलाकर काटजू अस्पताल का यह नया शक्ति केंद्र मध्यभारत में महिला स्वास्थ्य सेवाओं में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है जहां अब मेनोपॉज से लेकर इन्फर्टिलिटी और कैंसर तक का इलाज आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में एक ही छत के नीचे संभव होगा।