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  • मिडिल ईस्ट में कब खत्म होगी जंग? ईरान ने अमेरिका से युद्ध खत्म करने को रख दीं 6 शर्तें ते

    मिडिल ईस्ट में कब खत्म होगी जंग? ईरान ने अमेरिका से युद्ध खत्म करने को रख दीं 6 शर्तें ते

    तेहरान। ईरान ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध समाप्त करने के लिए नए कानूनी और रणनीतिक ढांचे के हिस्से के रूप में छह शर्तें रखी हैं। यह युद्ध रविवार को अपने 23वें दिन में प्रवेश कर गया। ईरान की ओर से रखी गयी शर्तें हैं- होर्मुज स्ट्रेट के लिए नया कानूनी ढांचा तैयार करना, युद्ध की पुनरावृत्ति रोकने की गारंटी, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद करना, ईरान के इस्लामी गणराज्य को हर्जाने का भुगतान करना, सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर युद्धों को समाप्त करना और ईरान के प्रति शत्रुता रखने वाले मीडिया जगत के लोगों पर मुकदमा चलाना और उनका प्रत्यर्पण करना।

    ईरान के ये प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के एक दिन बाद आये हैं, जिसमें उन्होंने शनिवार को कहा था कि अमेरिका पश्चिम एशिया में सैन्य प्रयासों को ‘समेटने’ के लक्ष्यों को पूरा करने के ‘बहुत करीब’ है। उन्होंने संकेत दिया कि वह पश्चिम एशिया के अभियानों को खत्म करने पर विचार कर रहे हैं। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने अज्ञात वरिष्ठ राजनीतिक और सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि ईरान अमेरिका-इजरायल के खिलाफ अपने रक्षात्मक युद्ध में पूर्व-नियोजित, बहु-चरणीय योजना लागू कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह रणनीति महीनों पहले विकसित की गयी थी और इसे उच्च रणनीतिक धैर्य के साथ अंजाम दिया जा रहा है।

    अधिकारी ने कहा कि पूरे क्षेत्र में अमेरिकी-इजरायली हवाई रक्षा प्रणालियों और रडार बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने और नष्ट करने के बाद ईरान ने अब इजरायली सत्ता के हवाई क्षेत्र पर ‘पूर्ण नियंत्रण’ स्थापित कर लिया है। अधिकारी ने कहा कि ईरान ‘आक्रमणकारी को सजा देने’ की अपनी नीति तब तक जारी रखने का इरादा रखता है, जब तक वह अमेरिका-इजरायली आक्रामकता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘ऐतिहासिक सबक’ नहीं सिखा देता। अधिकारी ने आगे बताया कि कई क्षेत्रीय पक्षों और मध्यस्थों ने युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से ईरान को प्रस्ताव भेजे हैं। ईरान ने उनके सामने ऐसी शर्तें रखी हैं, जिन्हें किसी भी समझौते पर पहुंचने से पहले पूरा किया जाना और गंभीरता से लिया जाना जरूरी है।
    युद्ध के दो-तीन हफ्ते चलने की और उम्मीद

    वहीं, ‘एक्सियोस’ ने व्हाइट हाउस के करीबी सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि वह संघर्ष को समेटने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया कि वे अभी दो-तीन सप्ताह और सैन्य अभियानों की उम्मीद कर रहे हैं। इसके समानांतर सलाहकारों ने बातचीत के लिए जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है, ताकि यदि कोई अवसर मिले तो उसका लाभ उठाया जा सके। पर्दे के पीछे काम करते हुए विशेष दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पहले से ही तेहरान के अधिकारियों के साथ कूटनीतिक संपर्क की शुरुआती योजना बनाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खुलवाना, इस्लामिक गणराज्य के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के विशाल भंडार का समाधान करना और उसके परमाणु व मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रॉक्सी मिलिशिया और आतंकी समूहों के समर्थन पर दीर्घकालिक सीमाएं तय करना आवश्यक होगा।

  • अब क्यों नहीं दिखता फिल्मों में प्यार? जावेद अख्तर का बयान कर देगा हैरान

    अब क्यों नहीं दिखता फिल्मों में प्यार? जावेद अख्तर का बयान कर देगा हैरान


    नई दिल्ली।  क्या सच में फिल्मों से वो जादुई रोमांस गायब हो रहा है, जिसे देखकर दिल देखने जैसा लगता था? इस सवाल का बेहद दिलचस्प और दिलचस्प जवाब दिया है दिग्गज लेखक जावेद अख्तर ने। उनका मानना ​​है कि आधुनिक तकनीक, खासकर प्रौद्योगिकी, ने सिर्फ हमारी जिंदगी नहीं बल्कि फिल्मों के रोमांस को भी गहराई से बदल दिया है। एक कार्यक्रम के दौरान आमिर खान के साथ बातचीत में जावेद अख्तर ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने रोमांस की आत्मा को ही खत्म कर दिया है।

    ‘इंतजार में था असली रोमांस’
    जावेद अख्तर के मुताबिक, रियल रोमांस ‘मिलने’ में नहीं, बल्कि ‘इंतजार’ में होता है। उन्होंने कहा कि पहले प्रेम कहानियों में दूरी और असमानता थी, जो भावनाओं को गहराई तक ले जाती थी। आज के दौर में जब एक क्लिक पर कोई भी इंसान सामने आता है, तो वो बेसब, वो परेशान और वो कल्पना कहीं खो गया है, जो रोमांस की जान हुआ करता था।

    रोमियो-जूलियट का उदाहरण चर्चा का केंद्र बना
    अपनी बात को कॉमिक्स के लिए जावेद अख्तर ने मशहूर प्रेम कहानी रोमियो और जूलियट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “अगर रोमियो और जूलियट के पास आज होता है, तो क्या रोमियो अनोखी रात में जूलियट की मूर्ति के नीचे घंटों खड़े रहते हैं?इस सवाल में वहां मौजूद लोगों को जबरदस्ती कर दिया गया और हॉल तालियों से गूंज उठाया गया।

    कल्पना ख़त्म, तो जादू भी ख़त्म
    जावेद अख्तर ने आगे कहा कि पहले प्रेम में कल्पना की बड़ी भूमिका थी। दूरी की वजह से एक साधारण चेहरा भी बेहद खूबसूरत लग रहा था, क्योंकि उसे देखने पर तसल्ली नहीं मिलती थी।
    लेकिन आज के समय में वीडियो कॉल और सोशल मीडिया ने इस कल्पना को ख़त्म कर दिया है। जब सब कुछ तुरंत उपलब्ध हो जाता है, तो रहस्य और आकर्षण भी कम हो जाते हैं।

    आमिर खान ने भी रखी दौलत
    इस चर्चा के दौरान आमिर खान भी जावेद अख्तर की बातों से पूरी तरह सहमत नजर आए। दोनों के बीच पुरानी दोस्ती रही है और कई बार वे एक-दूसरे के काम की पहचान करते हैं।

    वर्क फ्रंट: आमिर की फिल्मों का इंतजार
    काम की बात करें तो आमिर खान इन दिनों अपनी फिल्म लाहौर 1947 को लेकर चर्चा में हैं। इसके अलावा उनके बेटे जुनैद खान की फिल्म एक दिन भी फिल्म में बनी हुई है, जिसमें आमिर के कैमियो की शूटिंग चल रही है।

  • ब्लॉकबस्टर बन सकती थी ये फिल्म, फिर भी राजकुमार हिरानी ने क्यों नहीं बनाई?

    ब्लॉकबस्टर बन सकती थी ये फिल्म, फिर भी राजकुमार हिरानी ने क्यों नहीं बनाई?

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के स्टार डायरेक्टर प्रिंस हिरानी ने आमिर खान के साथ मिलकर अभी तक कुल 2 फिल्में बनाई हैं। पहली ‘3 इडियट्स’ थी और दूसरी ‘पीके’ थी। ये दोनों ही फिल्में ब्लॉकबस्टर हिट रही थीं, लेकिन क्या आपको पता है कि इन दोनों फिल्मों में प्रिंस हिरानी के अलावा सुपरस्टार आमिर खान के साथ मिलकर एक फिल्म बनाई गई थी, जो फाइनली एक और फिल्म में ट्रांसफॉर्म कर दी और आमिर खान के साथ की स्क्रिप्ट ये निकल गई। लेकिन अगर यह जोड़ी इस फिल्म को तैयार करती तो दोनों मिलकर सिनेमा जगत को एक और ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म दे सकते थे। तो जानिए क्या थी यह फिल्म और क्या थी इसकी कहानी?

    असली भाई 2 की असली कहानी अलग थी
    आमिर खान ने एक इवेंट के दौरान बताया- स्पेशल भाई 2 के लिए जो ऑरिजनल स्क्रिप्ट स्टूडियो (राजकुमार हिरानी) ने लिखी थी, वो मुझे पिच की थी। वह चाहती थी कि मैं उस फिल्म में लीड रोल प्ले की खरीदारी करूं। लेकिन जिस दिन वो मुझे वो स्क्रिप्ट सुनाने आया, उसने कहा- आमिर असल में जो स्क्रिप्ट मैं सुनने वाला था वो अब बदल गया है। वो फिल्म अब पक्की भाई 2 बन गई है। मैंने पूछा कि वो कौन सी स्क्रिप्ट है जो तुम मुझे सुनने वाले थे, लेकिन अब वो कुछ और फिल्म बनाने वाली है? तो इस पर प्रिंस हिरानी ने कहा कि अब मैं उस स्क्रिप्ट से दोस्ती भाई 2 बना रहा हूं।

    कौन सी फिल्म की ऑरिजनल कहानी थी?
    लेकिन आमिर खान की जिज्ञासा इस खोज में थी कि आखिर ऑरिजनल स्क्रिप्ट क्या थी? जवाब में राजकुमार हिरानी ने जो कहानी कही, वो आमिर खान को बहुत प्रभावित किया। यह भी एक कहानी है जिसे सुनकर ऐसा लगा कि अगर प्रिंस हिरानी ने यह फिल्म आमिर खान के साथ मिलकर बनाई होती तो यह ब्लॉकबस्टर हिट हो जाती। प्रिंस हिरानी ने आमिर खान से सुनी फिल्म की कहानी, कहा- एक लड़का है जो आजादी से पहले फ्रीडम फाइटर आ रहा है। तब वो एक बहुत जवान लड़का था. वह एक लाठीचार्ज का हिस्सा रही थीं और इसी दौरान उनके सिर पर चोट लगी थी।

    मजबूत थी असल कहानी लेकिन फिर..
    प्रिंस हिरानी ने आमिर खान को बताया था कि यह स्पेशल कोमा में चला गया है। उसकी आंख करीब 40 या 45 साल बाद खुलती है और तब तक भारत को आजादी मिल चुकी है। हम 90 के दशक में चले गए, दुनिया बहुत आगे बढ़ गई लेकिन ऐसा लगता है कि हम अभी भी वहीं हैं। इसी वजह से वो गांधी जी से जुड़ी बातें करती हैं और वो सारी चीजें रखती हैं। क्योंकि उन्हें यह नहीं पता था कि गांधी जी गुजर गये थे और उनकी हत्या कर दी गयी थी। तो यह ऑरिजनल कॉन्सेप्ट था जिस पर आमिर खान के साथ प्रिंस हिरानी फिल्म बनाने वाले थे, लेकिन फिर वही कहानी मोल्ड द्वारा उन्होंने नायब भाई 2 बनाई, जिसमें संजय दत्त ने लीड रोल प्ले किया था।

  • ग्लोबल मार्केट में भूचाल: एशिया में भारी गिरावट, क्या भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?

    ग्लोबल मार्केट में भूचाल: एशिया में भारी गिरावट, क्या भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?


    नई दिल्ली। हफ्ते की शुरुआत के साथ ही वैश्विक शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट देखने को मिलेगी? बीते शुक्रवार को जहां सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ बंद हुए थे वहीं आज विदेशी बाजारों से बेहद कमजोर संकेत मिल रहे हैं।

    एशियाई बाजारों में सोमवार को भारी बिकवाली का माहौल है। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 4.10 फीसदी गिरकर 50 800 के स्तर पर आ गया जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी लगभग 3 फीसदी की गिरावट के साथ 24 532 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

    सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का असर दिख रहा है। DAX 2.01 फीसदी CAC 1.90 फीसदी और FTSE-100 करीब 1.50 फीसदी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

    गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे कमजोर संकेत

    भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ रेड जोन में ट्रेड करता दिखा। खबर लिखे जाने तक यह करीब 50 अंक फिसलकर 23 737 के स्तर पर था। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली थी जहां डाउ जोंस और उसके फ्यूचर्स लगभग 1 फीसदी गिरकर बंद हुए थे। इन नकारात्मक वैश्विक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है जो पिछले सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव से गुजरा है।

    शुक्रवार को दिखी थी मजबूती
    अगर पिछले कारोबारी दिन की बात करें तो गुरुवार की गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 325.72 अंक चढ़कर 74 532.96 पर बंद हुआ था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 112.35 अंकों की बढ़त के साथ 23 114.50 के स्तर पर पहुंच गया था। नोट: शेयर बाजार में निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

  • एमपी में 26 मार्च से फिर करवट बदलेगा मौसम, बारिश-आंधी का अलर्ट, पहले बढ़ेगी तेज गर्मी

    एमपी में 26 मार्च से फिर करवट बदलेगा मौसम, बारिश-आंधी का अलर्ट, पहले बढ़ेगी तेज गर्मी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग भोपाल के अनुसार, 26 मार्च से प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा। इस सिस्टम का असर खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में देखने को मिलेगा।

    हालांकि, इससे पहले प्रदेशवासियों को अगले तीन दिनों तक तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान क्षेत्र में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव प्रदेश में नहीं दिखेगा।

    बारिश थमी तो बढ़ी गर्मी

    18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा, जो सप्ताहांत में थम गया। इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को अधिकांश शहरों में पारा 32 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। प्रमुख शहरों में उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में 31.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 36 डिग्री तथा गुना में 33 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लगभग सभी शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई।

    4 दिन में 45 जिलों में असर, फसलों को नुकसान

    पिछले चार दिनों में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के चलते प्रदेश के 45 जिलों में आंधी और बारिश हुई, जबकि 17 जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। तेज हवाओं और ओलों के कारण केला, पपीता और गेहूं जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है। धार और खरगोन समेत कई जिलों में इसका प्रभाव अधिक रहा।

    अप्रैल-मई में पड़ेगी भीषण गर्मी

    मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर होगी। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने की संभावना है।

  • क्रिकेट से कैश तक: IPL में कैसे छपते हैं पैसे, ₹1000 करोड़ स्पॉन्सरशिप का राज

    क्रिकेट से कैश तक: IPL में कैसे छपते हैं पैसे, ₹1000 करोड़ स्पॉन्सरशिप का राज


    नई दिल्ली।  भारतीय क्रिकेट टीम की अंतर्राष्ट्रीय सफलताओं-चैंपियन ट्रॉफी, एशिया कप और टी20 विश्व कप-ने देश में खेल उद्योग को नया स्थान दिया गया है। इसका असर दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग पर भी नजर आ रहा है, जो अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक विशाल बिजनेस प्लेटफॉर्म बन चुका है।

    स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ऐतिहासिक उछाल
    WPP मीडिया की ‘स्पोर्टिंग नेशन 2025’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय खेल उद्योग का आकार 13.4% 18,864 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले चार वर्षों में इसका लगभग दोगुना भुगतान किया गया है। मीडिया में कलाकारी का योगदान सबसे ज्यादा रहा, जो अब तक 9,571 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। खास बात यह है कि डिजिटल विज्ञापन ने पहली बार टीवी सुपरस्टार को पीछे छोड़ दिया।

    क्रिकेट का सुपरमार्केट: 89% स्टॉक
    रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल खेल उद्योग में क्रिकेट की दुकान 89% है। यह चित्र बताता है कि किस देश में अन्य खेलों के अलावा क्रिकेट पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है और क्यों आईपीएल के लिए सबसे बड़ा मंच बन गया है।

    स्पॉन्सरशिप बाजार में भी तेजी से बढ़ रही है
    रियल मनी गेमिंग सेक्टर पर मजबूत प्रभाव के बावजूद स्पॉन्सरशिप बाजार में 8% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 7,949 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

    पहले जहां ड्रीम11 और माय11सर्कल जैसे ब्रांड्स की मार्केटिंग होती थी, अब उनकी जगह गूगल और अपोलो टायर्स जैसे बड़े और पारंपरिक ब्रांड्स ने ले ली है। गूगल ने एआई इवेंट के दौर में क्रिकेट में भारी निवेश किया है और आईपीएल सहित महिला विश्व कप और टी20 विश्व कप जैसे टूर्नामेंटों में प्रमुख भागीदारी निभाई है।

    आईपीएल में ₹1000 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा पार
    इंडियन प्रीमियर लीग ने इस बार एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पहली बार आईपीएल चैंपियनशिप की स्पॉन्सरशिप 1000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 1,033 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप मिली है।

    इन आंकड़ों की सबसे बड़ी कमाई
    इस रेस में मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बड़े स्कोर सबसे आगे हैं। ये सूची अकेले लगभग 150 करोड़ रुपये तक की स्पॉन्सरशिप से कमा रही हैं।

    आईपीएल: खेल से आगे, बिजनेस का सुपरमॉडल
    आज आईपीएल केवल क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ब्रांडिंग, विज्ञापन और निवेश का सबसे बड़ा मंच बन गया है। ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप लेकर प्लेयर्स की नीलामी तक—हर स्तर पर करोड़ों रुपये का गेम है। यही कारण है कि आईपीएल को अब ‘नोट छापने की मशीन’ कहा जाने लगा है।

  • CSK ने बनाया इतिहास, हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए सुरेश रैना और मैथ्यू हेडन

    CSK ने बनाया इतिहास, हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए सुरेश रैना और मैथ्यू हेडन


    नई दिल्ली।  चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने इतिहास में पहली बार ‘हॉल ऑफ फेम’ की शुरुआत करते हुए दो दिग्गज खिलाड़ियों को खिताब दिलाया है। इस प्रतिष्ठित सूची में भारत के पूर्व स्टार स्टॉकहोम सुरेश रैना और ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज मैथ्यू हेडन शामिल हैं। इस दौरान चेन्नई के एम. ए. चिदम्बरम स्टेडियम में ‘रोअर 26’ कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा की गई, जहां हजारों प्रशंसकों के समर्थकों में जश्न का माहौल देखने को मिला।

    रानी: ‘चिन्ना थाला’ का स्वर्णिम सफर
    सुरेश रैना 2008 से 2021 तक चेन्नई सुपर किंग्स का अहम हिस्सा रहे और टीम की सफलता में उनका योगदान अतुलनीय रहा। ‘चिन्ना थाला’ के नाम से मशहूर रेसलर चार बार आईपीएल टाइटल वाली टीम (2010, 2011, 2018 और 2021) के सदस्य रह रहे हैं।

    उन्होंने सीएसके के लिए 5529 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 38 शतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 2010 और 2014 में चैंपियंस लीग टी20 में भी अहम भूमिका निभाई थी। 2014 में उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। एमएस धोनी की गैरमौजूदगी में कई बार टीम के वैज्ञानिक सपोटते हुए रैना ने अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित की।

    हेडन: शुरुआती सफलता का हीरो
    मैथ्यू हेडन 2008 से 2010 के बीच सीएसके का हिस्सा रहे और टीम की शुरुआती सफलता में उनका योगदान बेहद अहम रहा। 2010 में आईपीएल खिताब जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हेडन ने 2009 सीजन में 572 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। वह सीएसके के लिए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। उनके डॉकुलेट ड्रामा ने सीएसके को एक मजबूत टीम के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    वयोवृद्ध खिलाड़ियों के अध्ययन ने हाल ही में शान
    इस खास मौके पर सीएसके के कई पूर्व खिलाड़ी भी मौजूद रहे, जिनमें मुथैया मुरलीधरन, अंबाती रायडू, लक्ष्मीपति बालाजी, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ और माइकल हसी शामिल थे। इन दिग्गजों के सहयोगियों ने इस ऐतिहासिक महल को और भी यादगार बना दिया।

    नए सीज़न की तैयारी पूरी
    अब सीएसके की नजर आईपीएल 2026 के नए सीजन पर है। टीम अपना पहला मुकाबला 30 मार्च को ग्वालियर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगी।

  • MP: भिंड जिले में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए BJP MLA, जानें क्यां है मामला?

    MP: भिंड जिले में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए BJP MLA, जानें क्यां है मामला?


    भिंड।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड जिले (Bhind District) के लहार विधायक अम्बरीश शर्मा (MLA Ambrish Sharma) ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन (Demonstration) शुरू किया। उन्होंने कहा कि वे पिछले 35 साल से जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब भी तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर जनता के साथ मैदान में उतरे हैं। विधायक ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh) के परिवार के नाम से बनी कोठी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कथित रूप से सरकारी रास्ते पर बनी है, जो दलित और पिछड़ी बस्ती का रास्ता है। उन्होंने बताया कि इस रास्ते को लेकर अनुसूचित जाति के लोग पिछले 595 दिनों से आंदोलनरत हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    विधायक ने प्रशासन से मांग की कि यदि नापतौल सही है तो लिखित में जानकारी दी जाए, नहीं रास्ता तत्काल खुलवाया जाए। दूसरे मुद्दे पर विधायक ने बिजली कंपनी की उप महाप्रबंधक के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के साथ अभद्र व्यवहार कर रही हैं और लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।


    ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी की मुलाकात

    उन्होंन बताया कि इस मामले को लेकर वे ऊर्जा मंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात कर चुके हैं। तीसरे मुद्दे के रूप में विधायक ने लहार क्षेत्र में रेत खदानों के बंद होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर खदानों को तीन हिस्सों में बांटा गया, लेकिन लहार क्षेत्र की खदानें अब तक शुरू नहीं हो सकीं। इसका असर यह है कि पास के मेहगांव क्षेत्र में 5 हजार रुपए में मिलने वाली रेत लहार में 11 हजार रुपए में बिक रही है।

    समाजसेवी बाबूलाल टैंगोर ने बताया कि दलित बस्ती मझतौरा मोहल्ले के सरकारी रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।उनका कहना है कि सरकारी नापतौल में यह स्पष्ट हो चुका है कि रास्ता अवरुद्ध है। इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा।उन्होंने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एसडीएम कोर्ट तक से निर्णय हो चुके हैं, लेकिन जमीन पर अमल नहीं हो रहा।उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक रास्ता नहीं खुलता, आंदोलन जारी रहेगा।

  • फूलों की दुनिया के लिए अब कश्मीर ही नहीं ये 7 जगहें बना देंगी आपका दिल दीवाना

    फूलों की दुनिया के लिए अब कश्मीर ही नहीं ये 7 जगहें बना देंगी आपका दिल दीवाना


    नई दिल्ली:
    जब भी फूलों की खूबसूरती की बात होती है तो सबसे पहले कश्मीर का नाम सामने आता है लेकिन भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां प्रकृति अपने सबसे रंगीन और आकर्षक रूप में नजर आती है ये जगहें न सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि अपने अनोखे अनुभव के लिए भी जानी जाती हैं और कई बार तो उनकी तुलना यूरोप के मशहूर फ्लेवर डेस्टिनेशन से भी की जाती है

    उत्तराखंड में बसी फूलों की घाटी ऐसी ही एक जगह है जो जून से सितंबर के बीच रंगों की चादर ओढ़ लेती है यहां पहुंचें अपने आप में एक अनुभव है क्योंकि ट्रेकिंग के बाद जब यह घाटी सामने आती है तो हर कोई इसकी खूबसूरती में खो जाता है मेघालय की राजधानी शिलांग में अक्टूबर और नवंबर के दौरान चेरी ब्लॉसम का नजारा देखने लायक होता है

    यहां का चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल फूलों के साथ-साथ संगीत और खाने का शानदार मेल प्रस्तुत करता है जो इसे और खास बना देता है केरल का मुन्नार अपने चाय बागानों के लिए मशहूर है लेकिन यहां खिलने वाला नीलकुरिंजी फूल इसे और खास बना देता है यह फूल हर 12 साल में एक बार खिलता है और पूरी ऊंचाई को नीले रंग में बदल देता है है

    अगर आप शहर के अंदर ही फूलों की खूबसूरती देखना चाहते हैं तो लालबाग बॉटनिकल गार्डन एक बेहतरीन ऑप्शन है यहां होने वाले फ्लेवर शो में फूलों को इतनी खूबसूरती से परोसा जाता है कि यह किसी कला प्रदर्शनी जैसा लगता है

    सिक्किम की युमथांग वैली को पूर्व के फूलों का स्वर्ग कहा जाता है यहां अप्रैल से जून के बीच रोडोडेंड्रोन और कई दुर्लभ फूल खिलते हैं ठंडी हवा और शांत माहौल इसे और भी खास बना देता है

    महाराष्ट्र का कास पठार मानसून के दौरान रंग बिरंगे फूलों से भर जाता है इसे महाराष्ट्र की वैली ऑफ फ्लेवर्स भी कहा जाता है यहां की जैव विविधता इसे बेहद खास बनाती है

    वहीं नागालैंड और मणिपुर के बीच स्थित ज़ुकोउ वैली उन लोगों के लिए है जो भीड़ से दूर प्रकृति के बीच सुकून ढूंढते हैं मानसून में यहां छोटे छोटे फूलों से भरे हरे मैदान एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं

    इन सभी जगहों की खास बात यह है कि यहां की खूबसूरती हर मौसम के साथ बदलती है और हर बार एक नया अनुभव देती है अगर आप सच में प्रकृति और फूलों के शौकीन हैं तो अपनी अगली यात्रा के लिए इन जगहों को जरूर शामिल करें

  • CG: खल्लारी माता मंदिर में रोपवे केबल टूटने से नीचे गिरी ट्रॉली, महिला की मौत; 7 घायल

    CG: खल्लारी माता मंदिर में रोपवे केबल टूटने से नीचे गिरी ट्रॉली, महिला की मौत; 7 घायल


    महासमुंद।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के महासमुंद जिला (Mahasamund district) से रविवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां खल्लारी माता मंदिर (Khallari Mata Temple) में रोपवे ट्रॉली हादसे (Ropeway Trolley Accident) का शिकार हो गई, जिसमें एक महिला की जान चली गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और मौके पर चीख-पुकार गूंज उठी। हादसे के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।

    केबल टूटने से गिरी थी ट्रॉली
    जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 10 बजे की है, जब मंदिर से श्रद्धालुओं को लेकर एक रोपवे ट्रॉली नीचे की ओर आ रही थी। इसी दौरान अचानक ट्रॉली का केबल टूट गया, जिससे वह अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। ट्रॉली में कुल आठ लोग सवार थे, जो मंदिर में दर्शन कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया और हादसे में एक श्रद्धालु की जान चली गई।


    एक महिला की मौत

    इस हादसे में आयुषी सतकर (28), निवासी रायपुर की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आयुषी अपने परिवार या परिचितों के साथ नवरात्रि के अवसर पर माता के दर्शन करने पहुंची थीं। वहीं, हादसे में घायल हुए सात अन्य लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


    राहत-बचाव कार्य जारी

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ट्रॉली के गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।

    इस मामले पर बात करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। शुरुआती तौर पर केबल टूटने को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।