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  • सावन में शिवभक्ति का महासंगम: 31 जुलाई से निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा भोपाल से नर्मदापुरम तक गूंजेगा हर हर महादेव

    सावन में शिवभक्ति का महासंगम: 31 जुलाई से निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा भोपाल से नर्मदापुरम तक गूंजेगा हर हर महादेव


    भोपाल। सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही राजधानी भोपाल शिवभक्ति के रंग में रंगने जा रही है। भगवान भोलेनाथ की आराधना को समर्पित चार दिवसीय विशाल कांवड़ यात्रा 31 जुलाई से प्रारंभ होगी। ॐ शिव सेवा भक्त मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त भोपाल से नर्मदापुरम पहुंचकर मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर पदयात्रा के माध्यम से वापस राजधानी आएंगे और भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करेंगे। पूरे आयोजन के दौरान हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहेगा।

    मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं का जत्था 31 जुलाई शुक्रवार को दोपहर दो बजे भोपाल से नर्मदापुरम के लिए रवाना होगा। वहां मां नर्मदा के पावन तट से जल भरने के बाद श्रद्धालु कांवड़ लेकर पैदल यात्रा करते हुए भोपाल लौटेंगे। यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं बल्कि आस्था अनुशासन और सेवा भावना का भी प्रतीक मानी जाती है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

    चार दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु भजन कीर्तन मंत्रोच्चार और शिव नाम के संकीर्तन के साथ आगे बढ़ेंगे। पूरे मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां भी की गई हैं। जगह जगह पेयजल चिकित्सा और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा भी यात्रा के दौरान सेवा कार्य किए जाएंगे।

    यात्रा का सबसे प्रमुख आयोजन 3 अगस्त सोमवार को होगा। इस दिन प्राचीन श्री पिपलेश्वर महादेव मंदिर पात्रा पुल से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए परम पूज्य बाबा बटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी जहां मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान शिव का महाजलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद यात्रा का समापन बड़े वाले महादेव मंदिर कायस्थपुरा में धार्मिक अनुष्ठानों और आरती के साथ होगा।

    आयोजकों ने बताया कि पूरे आयोजन के दौरान महाआरती शिव भजन रुद्राभिषेक और ॐ नमः शिवाय के मंत्रों की गूंज श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देगी। सावन में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि इस दौरान भगवान शिव को नर्मदा और गंगा जैसे पवित्र जल से अभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होने की धार्मिक मान्यता है।

    मंडल ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के सभी शिवभक्तों से इस पावन यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक एकता सेवा और भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का भी प्रतीक है। सावन के इस पावन अवसर पर निकलेगी यह विशाल कांवड़ यात्रा निश्चित रूप से भोपाल को शिवमय बना देगी और हर ओर हर हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय वातावरण देखने को मिलेगा।

  • ट्रंप का दावा: गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटेगी इजरायली सेना, हमास के निरस्त्रीकरण पर हुआ समझौता

    ट्रंप का दावा: गाजा से चरणबद्ध तरीके से हटेगी इजरायली सेना, हमास के निरस्त्रीकरण पर हुआ समझौता


    नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संघर्ष को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की मध्यस्थता में हमास और गाजा में सक्रिय अन्य सशस्त्र संगठनों के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर एक “ऐतिहासिक समझौता” हुआ है। ट्रंप के अनुसार, इस प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही इजरायल अपनी सेना को गाजा से चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाएगा।

    निरस्त्रीकरण के साथ होगी सेना की वापसी
    ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि जैसे-जैसे हमास और अन्य हथियारबंद संगठनों का निरस्त्रीकरण पूरा होगा, इजरायली सेना गाजा से पीछे हटेगी। इसके बाद गाजा की सुरक्षा की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय स्टेबलाइजेशन फोर्स और नई फिलिस्तीनी पुलिस संभालेगी। उनका कहना है कि इससे इजरायल की सुरक्षा मजबूत होगी और गाजा का इस्तेमाल भविष्य में किसी आतंकी हमले के लिए नहीं हो सकेगा।

    नई फिलिस्तीनी सरकार बनाने की योजना
    ट्रंप के मुताबिक, समझौते के तहत गाजा में नई फिलिस्तीनी सरकार का गठन किया जाएगा, जो ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के साथ मिलकर प्रशासन, पुनर्निर्माण और सामान्य जनजीवन बहाल करने का काम करेगी। उन्होंने इसे अपने 20-सूत्रीय शांति योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और कहा कि इसका उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है।

    मध्यस्थ देशों की सराहना
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस समझौते में मिस्र, कतर और तुर्किये की मध्यस्थता की सराहना की। हालांकि, ट्रंप के दावों पर हमास की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    हिंसा अब भी जारी
    समझौते के दावे के बीच गाजा में हिंसा थमने के संकेत नहीं मिले हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को इजरायली हवाई हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हुई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।

    व्हाइट हाउस ने भी किया समर्थन
    व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर ऐतिहासिक समझौता कराया है। इसे क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

    क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?
    ट्रंप के अनुसार, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ वर्ष 2026 में गठित एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसे गाजा में युद्ध के बाद पुनर्निर्माण, प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रंप इस संस्था के संस्थापक अध्यक्ष हैं। उनका दावा है कि यह पहल गाजा में नई शासन व्यवस्था स्थापित करने और भविष्य में 7 अक्टूबर जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में अहम साबित होगी।

  • MP: पन्ना के जिला अस्पताल में एक माह में 22 बच्चों की मौत! स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

    MP: पन्ना के जिला अस्पताल में एक माह में 22 बच्चों की मौत! स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना जिला अस्पताल (Panna District Hospital) एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई यानी एसएनसीयू (Special Newborn Care Unit – SNCU) में पिछले एक महीने के दौरान जन्म से लेकर एक वर्ष तक की उम्र के 22 मासूम बच्चों की मौत ने हड़कंप मचा दिया है। लगातार हो रही इन मौतों के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं, इलाज की गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया।

    पन्ना जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू यूनिट, जहां गंभीर रूप से बीमार नवजात और छोटे बच्चों का इलाज किया जाता है, इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक माह में यहां 22 बच्चों की मौत हुई है। यह संख्या सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। लगातार हो रही मौतों ने परिजनों की चिंता भी बढ़ा दी है।


    सीएमएचओ खुद पहुंचे

    स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश प्रसाद तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया और डॉक्टरों व स्टाफ से उपचार व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों, उपकरणों तथा स्टाफ की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही सभी मामलों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश भी दिए।


    स्वास्थ्य विभाग की अलग दलील

    सीएमएचओ राजेश प्रसाद तिवारी का कहना है कि एसएनसीयू में भर्ती होने वाले अधिकांश बच्चे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के साथ रेफर होकर आते हैं। सभी मामलों की जांच की जा रही है और प्रत्येक मौत के कारणों की विस्तृत समीक्षा के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बेहतर इलाज और पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


    वो सवाल जिनके जवाब का हर किसी को इंतजार

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक महीने में 22 मासूमों की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं? क्या सभी मौतें केवल गंभीर चिकित्सकीय स्थितियों के कारण हुईं या फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं में भी कहीं कोई कमी रही? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

  • शुक्रवार का व्रत कैसे करें सुबह से शाम तक जानें पूजा का सही नियम शुभ मुहूर्त और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय

    शुक्रवार का व्रत कैसे करें सुबह से शाम तक जानें पूजा का सही नियम शुभ मुहूर्त और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय


    नई दिल्ली।  सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत तथा पूजा करने से घर में सुख समृद्धि धन वैभव और खुशहाली का वास होता है। माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं माना गया है बल्कि मन की पवित्रता सच्ची श्रद्धा और सात्विक आचरण भी उतना ही आवश्यक माना जाता है। इसलिए शुक्रवार का व्रत केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि आत्मअनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का भी प्रतीक माना जाता है।

    शुक्रवार के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र को स्वच्छ आसन पर स्थापित करें। पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाएं और धूप अगरबत्ती अर्पित करें। इसके बाद माता को सफेद पुष्प कमल का फूल यदि उपलब्ध हो तो अवश्य अर्पित करें। चावल हल्दी कुमकुम और अक्षत अर्पित कर श्रद्धा से पूजा करें।

    पूजन के दौरान श्री सूक्त कनकधारा स्तोत्र लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम या लक्ष्मी मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि समय कम हो तो कम से कम 108 बार ओम श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जप अवश्य करें। इसके बाद माता लक्ष्मी की आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को आरती में शामिल करें। माना जाता है कि सामूहिक पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिनभर सात्विक भोजन का पालन करते हैं। कई लोग केवल फलाहार करते हैं जबकि कुछ लोग एक समय बिना लहसुन और प्याज का भोजन ग्रहण करते हैं। व्रत के दौरान क्रोध झूठ अपशब्द और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि माता लक्ष्मी स्वच्छता शांति और सदाचार से प्रसन्न होती हैं इसलिए घर और मन दोनों को निर्मल रखना जरूरी माना गया है।

    शुक्रवार के दिन सफेद रंग की मिठाई खीर मखाने की खीर मिश्री बताशे या दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद प्रसाद परिवार और जरूरतमंद लोगों में बांटना भी पुण्यदायी माना गया है। यदि संभव हो तो किसी गरीब जरूरतमंद महिला या कन्या को सफेद वस्त्र चावल दूध चीनी या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करें। इससे माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार के दिन घर में साफ सफाई बनाए रखना टूटे बर्तन और बेकार वस्तुओं को हटाना तथा शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। इसके साथ ही अनावश्यक खर्च से बचना और आय के साधनों का सम्मान करना भी माता लक्ष्मी की कृपा बनाए रखने का महत्वपूर्ण उपाय माना गया है।

    मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा विश्वास और नियमपूर्वक लगातार शुक्रवार का व्रत करता है उसके जीवन में आर्थिक परेशानियां धीरे धीरे दूर होने लगती हैं और परिवार में सुख शांति तथा समृद्धि का वातावरण बनता है। हालांकि धार्मिक आस्था व्यक्तिगत विषय है और इसका पालन श्रद्धा तथा विश्वास के साथ ही करना चाहिए।

  • 8 अगस्त को पुष्य नक्षत्र में बुध का गोचर, 5 राशियों के लिए खुलेगी तरक्की और धन लाभ की राह

    8 अगस्त को पुष्य नक्षत्र में बुध का गोचर, 5 राशियों के लिए खुलेगी तरक्की और धन लाभ की राह


    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का नक्षत्र परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क के कारक बुध देव पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में पुष्य को ‘नक्षत्रों का राजा’ कहा जाता है। ऐसे में बुध का यह गोचर करियर, कारोबार, शिक्षा और आर्थिक मामलों में कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए नए निवेश, व्यापारिक समझौते और करियर से जुड़े निर्णय भविष्य में सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

    वृषभ राशि
    बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और भविष्य में लाभ देने वाले सौदे तय हो सकते हैं। संपत्ति या शेयर बाजार में सोच-समझकर किया गया निवेश भी अनुकूल परिणाम दे सकता है।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, इसलिए इस गोचर का प्रभाव विशेष रहेगा। संवाद कौशल और व्यक्तित्व में निखार आएगा। मीडिया, मार्केटिंग, लेखन, शिक्षा और कानून से जुड़े लोगों को नई पहचान और सम्मान मिलने के योग हैं। आय के अतिरिक्त स्रोत भी बन सकते हैं।

    कर्क राशि
    कर्क राशि के लोगों के लिए यह गोचर करियर में नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली और निर्णय क्षमता की सराहना होगी। नई जिम्मेदारियां या बेहतर नौकरी का अवसर मिल सकता है। साझेदारी में काम करने वालों को भी लाभ मिलने के संकेत हैं।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के स्वामी भी बुध ग्रह हैं। ऐसे में यह नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक मजबूती प्रदान कर सकता है। नया व्यवसाय शुरू करने या किसी नई परियोजना पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। पुराने निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना है।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय पद, प्रतिष्ठा और आय में वृद्धि का संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि मिल सकती है। पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आएगी और पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के भी योग बन रहे हैं।

  • स्किन केयर का सबसे आसान और असरदार तरीका गुलाब से करें चेहरे की देखभाल और पाएं हेल्दी ग्लोइंग स्किन

    स्किन केयर का सबसे आसान और असरदार तरीका गुलाब से करें चेहरे की देखभाल और पाएं हेल्दी ग्लोइंग स्किन


    नई दिल्ली। त्वचा की खूबसूरती बनाए रखने के लिए लोग तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार प्राकृतिक उपाय ज्यादा असरदार और सुरक्षित साबित होते हैं। इन्हीं प्राकृतिक उपायों में गुलाब का नाम सबसे ऊपर आता है। सदियों से आयुर्वेद और पारंपरिक सौंदर्य उपचार में गुलाब का उपयोग किया जाता रहा है। इसकी पंखुड़ियों और गुलाब जल में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं जो त्वचा को ताजगी देने के साथ उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित और सही तरीके से गुलाब का उपयोग करने से त्वचा अधिक मुलायम साफ और चमकदार दिखाई दे सकती है।

    गुलाब जल को प्राकृतिक टोनर माना जाता है। चेहरा साफ करने के बाद यदि गुलाब जल लगाया जाए तो यह त्वचा को तरोताजा महसूस कराता है और अतिरिक्त गंदगी हटाने में मदद करता है। गर्मी और उमस के मौसम में चेहरे पर गुलाब जल का इस्तेमाल त्वचा को ठंडक और ताजगी देने का आसान तरीका हो सकता है। यह त्वचा की प्राकृतिक नमी बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है।

    अगर त्वचा रूखी रहती है तो गुलाब की पंखुड़ियों का पेस्ट बनाकर उसमें थोड़ा शहद या एलोवेरा जेल मिलाकर फेस पैक के रूप में लगाया जा सकता है। इससे त्वचा को पोषण मिलता है और चेहरा मुलायम महसूस होता है। वहीं तैलीय त्वचा वाले लोग गुलाब जल में चंदन या मुल्तानी मिट्टी मिलाकर फेस पैक तैयार कर सकते हैं जिससे अतिरिक्त तेल नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

    धूप धूल और प्रदूषण के कारण त्वचा अक्सर बेजान दिखाई देने लगती है। ऐसे में गुलाब जल से चेहरा साफ करना या गुलाब आधारित फेस मिस्ट का उपयोग करना त्वचा को ताजगी देने में मदद कर सकता है। कई लोग इसे दिन में दो से तीन बार स्प्रे के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं जिससे त्वचा हाइड्रेटेड महसूस होती है।

    आंखों के आसपास की थकान कम करने के लिए ठंडे गुलाब जल में कॉटन पैड भिगोकर कुछ मिनट आंखों पर रखने से आराम महसूस हो सकता है। यह लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने वालों के लिए भी उपयोगी माना जाता है। हालांकि यदि आंखों में जलन या एलर्जी हो तो किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    गुलाब में मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को बाहरी नुकसान से बचाने में सहायक माने जाते हैं। नियमित स्किन केयर रूटीन के साथ संतुलित भोजन पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी त्वचा की सेहत के लिए उतने ही जरूरी हैं। केवल किसी एक उपाय पर निर्भर रहने के बजाय समग्र जीवनशैली अपनाना अधिक लाभदायक होता है।

    ध्यान रखें कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी नए घरेलू नुस्खे या उत्पाद का उपयोग करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर परीक्षण करना चाहिए। यदि किसी प्रकार की एलर्जी जलन या गंभीर त्वचा संबंधी समस्या हो तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है। प्राकृतिक देखभाल के साथ नियमित दिनचर्या अपनाकर लंबे समय तक स्वस्थ और दमकती त्वचा पाई जा सकती है।

  • MP: धार में भोजशाला परिसर के सटी जमीन पर आज होगी जुमे की नमाज…. SC ने तय की जगह

    MP: धार में भोजशाला परिसर के सटी जमीन पर आज होगी जुमे की नमाज…. SC ने तय की जगह


    धार।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार स्थित भोजशाला (Bhojshala)-कमाल मौला मस्जिद (Kamal Maula Mosque) विवाद में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है।


    भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिया?

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले दिए गए अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए मुस्लिम समाज के लोगों के लिए नमाज अदा करने का स्थान तय कर दिया। अब शुक्रवार को जुमे की नमाज भोजशाला परिसर से सटी दरगाह की जमीन पर अदा की जाएगी। यहां हर शुक्रवार दोपहर के समय दो घंटे तक नमाज पढ़ी जा सकेगी।


    मुस्लिम पक्ष की शिकायत पर कोर्ट ने क्या कहा?

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने यह निर्देश मुस्लिम पक्ष की उस शिकायत पर दिया, जिसमें कहा गया था कि प्रशासन भोजशाला के निकट स्थित वैकल्पिक स्थलों पर नमाज की अनुमति नहीं दे रहा है। केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने कहा कि राज्य किसी भी पक्ष के अधिकारों की प्रतिस्पर्धा में नहीं पड़ना चाहता और उसकी प्राथमिकता केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इस पर न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना, दोनों राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी हैं।


    प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं?

    जिला प्रशासन ने तय स्थान पर सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। शुक्रवार को एएसपी, सीएसपी, डीएसपी और एसडीओपी स्तर के अधिकारियों सहित करीब 350 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। नगर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मोबाइल बाइक टीमें लगातार गश्त करेंगी।

  • कल से मॉनसून पकड़ेगा रफ्तार…. अगस्त में होगी झमाझम बारिश, कई राज्यों में अलर्ट

    कल से मॉनसून पकड़ेगा रफ्तार…. अगस्त में होगी झमाझम बारिश, कई राज्यों में अलर्ट

    नई दिल्ली। मॉनसून (Monsoon) की रफ्तार अगस्त के पहले हफ्ते में और तेज होने वाली है. मौसम विभाग यानी आईएमडी (IMD) के मुताबिक देश में बारिश (Rain) की कमी घटकर 14 फीसदी रह गई है, जो पिछले हफ्तों के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति है. महाराष्ट्र (Maharashtra) के ऊपर बना गहरा दबाव इस सीजन का सबसे मजबूत मौसमी सिस्टम बन गया है और अरब सागर (Arabian Sea) और बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से भारी मात्रा में नमी खींच रहा है।

    इसी बीच गुजरात, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. गुजरात में सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है, अहमदाबाद में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, वहीं दिल्ली, गुरुग्राम, अलवर, बुलंदशहर, लुधियाना और बिहार में जलभराव और कटाव से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं. जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार यानि आज के लिए अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है।

    आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में मॉनसून कमजोर पड़ने की बजाय और मजबूत होने जा रहा है. मध्य भारत और उत्तर पश्चिम भारत में अब सामान्य बारिश दर्ज हो रही है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत में अब भी कमी बनी हुई है।

    महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पिछले हफ्ते बारिश में साफ सुधार देखा गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में जल्द ही नए कम दबाव के क्षेत्र बनने की उम्मीद है, जिससे अगस्त की शुरुआत में भी बारिश का दौर जारी रहेगा. अगर यही रुझान बना रहा तो जलाशयों में पानी बढ़ेगा और खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा।

    गुजरात में 31 जुलाई से 2 अगस्त तक 13 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. अहमदाबाद में रेड अलर्ट जारी करते हुए स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. सूरत, वडोदरा, भावनगर, भरूच, आणंद, नर्मदा, तापी, डांग, छोटा उदयपुर, पंचमहल, दाहोद और महिसागर में भी हाई अलर्ट है।

    गांधीनगर में अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जयंती रवि ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा की और सभी अफसरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. हर जिले में 24 घंटे कंट्रोल रूम काम कर रहे हैं और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं. जरूरत पड़ने पर सेना, नौसेना और वायुसेना को भी राहत कार्य के लिए तैयार रखा गया है।

    हिमाचल प्रदेश में भी 27 जुलाई से 1 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहेगा. ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला में 31 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. राज्य में जुलाई महीने में बारिश लगभग सामान्य रही है, हालांकि हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।

    दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से ओखला बैराज के चार गेट खोल दिए गए हैं. गुरुग्राम में साइबर सिटी में जलभराव को लेकर लापरवाही बरतने पर जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया और ठेकेदार पर भारी जुर्माना लगाया गया है।

    अलवर में भिवाड़ी-अलवर बाइपास पर एक बस पानी में फंस गई, जिसे जेसीबी की मदद से निकाला गया. बुलंदशहर में बारिश के दौरान नाले में गिरी छात्रा की तलाश तीसरे दिन भी जारी है. लुधियाना में सड़क धंसने से एक कार गड्ढे में गिर गई, हालांकि किसी को चोट नहीं आई. बिहार के कटिहार में गंगा और कोसी नदी के कटाव से गांव वाले दहशत में हैं और प्रशासन बचाव कार्य में जुटा है।

    जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश का दौर जारी है. लगातार बारिश के कारण शुक्रवार के लिए अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है. पवित्र गुफा के पास अचानक पानी का तेज बहाव देखा गया है।

  • एमपी में 3 मानसूनी सिस्टम का असर, इंदौर-उज्जैन संभाग में 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, आज 12 जिलों में अलर्ट

    एमपी में 3 मानसूनी सिस्टम का असर, इंदौर-उज्जैन संभाग में 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, आज 12 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने से मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पश्चिमी हिस्से, खासकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को 12 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
    मौसम केंद्र के अनुसार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार में अति भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं नीमच, आगर-मालवा, उज्जैन, देवास, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, खंडवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

    कई जिलों में गुरुवार को भी झमाझम बारिश
    गुरुवार को भोपाल, उज्जैन, रतलाम, हरदा और खरगोन सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा के चलते सारणी स्थित सतपुड़ा बांध के सात गेट इस मानसून सीजन में पहली बार खोले गए।

    अब भी सामान्य से 15% कम बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 14.7 इंच (373.3 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 17.2 इंच (438.3 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है।

    राज्य के 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां औसत से अधिक वर्षा हो चुकी है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां अब तक 29 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

  • पेपर लीक पर केंद्र का सख्त संदेश, प्रधानमंत्री बोले- नए कानून से परीक्षा माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

    पेपर लीक पर केंद्र का सख्त संदेश, प्रधानमंत्री बोले- नए कानून से परीक्षा माफियाओं पर कसेगा शिकंजा


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में वर्षों से चली आ रही पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद से पारित नए कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और सुरक्षित बनाना है, ताकि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि लंबे समय से विभिन्न राज्यों और केंद्र स्तर पर आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती को देखते हुए सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, विशेष टास्क फोर्स के गठन और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया जैसे उपायों के माध्यम से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रही है। उनका कहना था कि नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं से किए गए वादे के अनुरूप कठोर प्रावधानों वाला कानून लागू किया है। इससे पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ होगा और ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

    उन्होंने युवाओं से विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और विकसित भारत के निर्माण में उनकी प्रतिभा एवं परिश्रम को सुरक्षित रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।