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  • नवरात्रि स्पेशल: 10 मिनट में बनाएं चटपटे दही वाले आलू

    नवरात्रि स्पेशल: 10 मिनट में बनाएं चटपटे दही वाले आलू


    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि 2026 का पावन पर्व चल रहा है और कई लोग इस दौरान नौ दिन का व्रत रखते हैं। व्रत में हल्का और स्वादिष्ट खाना खाने का मन करना स्वाभाविक है और ऐसे में “दही वाले आलू” एक बेहतरीन विकल्प हैं। खट्टा-मीठा स्वाद व्रत के दौरान खाने में आनंद देता है और इसे बनाना भी बेहद आसान है।

    सामग्री की बात करें तो इसके लिए आपको चाहिए 3-4 मीडियम साइज़ के उबले हुए आलू 1 कप अच्छी तरह फेंटा हुआ दही 1-2 चम्मच घी 1 छोटा चम्मच जीरा 1-2 बारीक कटी हरी मिर्च स्वादानुसार सेंधा नमक ½ छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर व्रत वाला और सजाने के लिए धनिया पत्ती।

    विधि शुरू करने के लिए सबसे पहले कढ़ाही में घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। जीरा चटकने लगे तो हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें। इसके बाद उबले हुए आलू डालें और 2-3 मिनट तक हल्का सुनहरा होने दें।

    अब गैस धीमी कर दें और फेंटा हुआ दही डालें। ध्यान रखें कि दही डालते समय गैस धीमी हो ताकि दही फटे नहीं। तुरंत अच्छी तरह चलाएं और उसमें सेंधा नमक काली मिर्च और लाल मिर्च पाउडर डाल दें। इसे तब तक पकाएं जब तक ग्रेवी थोड़ी गाढ़ी न हो जाए।

    अंत में ऊपर से धनिया पत्ती डालकर गरमागरम परोसें। यह रेसिपी व्रत में खाने के लिए हल्की और स्वादिष्ट है और इसे आसानी से घर पर बनाया जा सकता है। दही वाले आलू का खट्टा-मीठा स्वाद व्रत के खाने में नया तड़का लगाता है और सभी उम्र के लोगों को पसंद आता है।

  • स्मार्ट किचन हैक्स से आसान बनाएं काम, नारियल तोड़ने के ये तरीके जान लें

    स्मार्ट किचन हैक्स से आसान बनाएं काम, नारियल तोड़ने के ये तरीके जान लें


    नई दिल्ली:
    रसोई में कई बार छोटी सी चीज भी बड़ा काम बना देती है और जटा वाला कच्चा नारियल उन्हीं में से एक है बाहर से बेहद सख्त और अंदर से मुलायम यह नारियल दिखने में आसान लगता है लेकिन इसे तोड़ना कई लोगों के लिए चुनौती बन जाता है सही तरीका न पता होने के कारण लोग नारियल खरीदने के बाद भी उसे इस्तेमाल नहीं कर पाते

    अगर आप भी नारियल तोड़ने में परेशानी महसूस करते हैं तो कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर यह काम मिनटों में किया जा सकता है सबसे पहले नारियल की बाहरी जटा को हटाना जरूरी होता है इसके लिए नारियल को कुछ समय के लिए गर्म पानी में डालकर रखें इससे जटा थोड़ी ढीली हो जाती है और उसे निकालना आसान हो जाता है इसके बाद चाकू या पेचकस की मदद से धीरे धीरे जटा हटाई जा सकती है

    जटा हटाने के बाद नारियल पर तीन छोटे निशान दिखाई देते हैं जिन्हें आमतौर पर आंख कहा जाता है इनमें से किसी एक को नुकीली चीज से छेद करके नारियल का पानी निकाला जा सकता है इससे नारियल हल्का हो जाता है और आगे का काम और आसान हो जाता है

    इसके बाद नारियल को तोड़ने के लिए माइक्रोवेव या ओवन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है नारियल को कुछ मिनट के लिए गर्म करने से उसका छिलका और अंदर का हिस्सा अलग होने लगता है जिससे इसे तोड़ना आसान हो जाता है हल्के से वार करने पर नारियल आसानी से दो हिस्सों में बंट जाता है और पूरी गरी बाहर आ जाती है

    अगर आपके पास माइक्रोवेव नहीं है तो गैस पर भी नारियल को हल्का गर्म करके तोड़ा जा सकता है नारियल को धीरे धीरे घुमाते हुए गर्म करें और फिर हल्के से हथौड़े या किसी भारी चीज से उस पर वार करें इससे नारियल आसानी से टूट जाएगा और उसकी गरी अलग करना आसान हो जाएगा

    इन आसान तरीकों से न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि नारियल को बिना नुकसान पहुंचाए पूरी तरह से उपयोग किया जा सकता है थोड़ी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर यह काम बेहद आसान बनाया जा सकता है

  • हेल्दी फूड का सच 5 ऐसी चीजें जो आपकी सेहत को चुपचाप पहुंचा रही हैं नुकसान

    हेल्दी फूड का सच 5 ऐसी चीजें जो आपकी सेहत को चुपचाप पहुंचा रही हैं नुकसान


    नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास इतना समय नहीं बचता कि वे रोज ताजा और संतुलित भोजन तैयार कर सकें। ऐसे में बाजार में मिलने वाले पैक्ड और रेडी टू ईट फूड्स उनकी पहली पसंद बनते जा रहे हैं। कंपनियां भी इस जरूरत को भुनाने के लिए हेल्दी नेचुरल और शुगर फ्री जैसे आकर्षक लेबल लगाकर इन उत्पादों को बेचती हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि जिन चीजों को हम सेहत के लिए फायदेमंद समझते हैं वही धीरे धीरे हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

    डिब्बाबंद और बाजार में मिलने वाले फ्रूट जूस को अक्सर लोग फलों का बेहतर विकल्प मान लेते हैं। जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। पैक्ड जूस में लंबे समय तक खराब न होने के लिए प्रिजर्वेटिव्स और कृत्रिम रंग मिलाए जाते हैं। वहीं ताजे जूस में से फाइबर निकाल दिया जाता है जो फल का सबसे जरूरी हिस्सा होता है। बिना फाइबर के जूस शरीर में तेजी से शुगर बढ़ाता है और लीवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

    इंस्टेंट ओट्स को लोग वजन घटाने का आसान तरीका मानते हैं लेकिन 2 मिनट में बनने वाले ओट्स असल में काफी प्रोसेस्ड होते हैं। इनमें सोडियम चीनी और कृत्रिम फ्लेवर मिलाए जाते हैं जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं। अगर आप ओट्स का सही फायदा चाहते हैं तो कम प्रोसेस्ड विकल्प चुनना ज्यादा बेहतर होता है।

    ब्राउन ब्रेड को भी लोग हेल्दी समझकर खाते हैं लेकिन ज्यादातर मामलों में यह सिर्फ नाम का ही हेल्दी होता है। बाजार में बिकने वाली कई ब्राउन ब्रेड में मैदा की मात्रा ज्यादा होती है और उसे भूरा दिखाने के लिए अलग से रंग मिलाया जाता है। यह पाचन को प्रभावित करने के साथ वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है।

    फ्लेवर्ड दही और पैक्ड लस्सी भी हेल्दी के नाम पर बेचे जाने वाले ऐसे उत्पाद हैं जिनमें जरूरत से ज्यादा चीनी मिलाई जाती है। इनका स्वाद भले ही अच्छा लगे लेकिन ये शरीर को उतना फायदा नहीं देते जितना सादा दही देता है। साथ ही इनमें मौजूद प्रिजर्वेटिव्स आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    शुगर फ्री प्रोडक्ट्स भी एक बड़ा भ्रम हैं। लोग सोचते हैं कि इनमें चीनी नहीं होती इसलिए ये सुरक्षित हैं लेकिन इनमें आर्टिफिशियल स्वीटनर्स मिलाए जाते हैं जो लंबे समय में शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं। ज्यादा मात्रा में इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

    इसलिए जरूरी है कि हम केवल पैकेट पर लिखे दावों पर भरोसा न करें बल्कि उसके अंदर मौजूद सामग्री को भी समझें। जितना संभव हो ताजा और कम प्रोसेस्ड भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें। याद रखें असली हेल्दी फूड वही है जो प्राकृतिक हो और जिसे ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने के लिए किसी केमिकल की जरूरत न पड़े।

  • बिना मेहनत घटता वजन बन सकता है जानलेवा इन लक्षणों को तुरंत पहचानें

    बिना मेहनत घटता वजन बन सकता है जानलेवा इन लक्षणों को तुरंत पहचानें


    नई दिल्ली । आज के समय में जहां लोग वजन कम करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं वहीं अगर बिना किसी डाइटिंग या एक्सरसाइज के वजन तेजी से घटने लगे तो यह चिंता का विषय बन जाता है। मेडिकल भाषा में इसे बिना किसी कारण वज़न कम होना कहा जाता है और इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि 6 से 12 महीनों के भीतर शरीर का 5 प्रतिशत या उससे अधिक वजन बिना किसी कारण के कम हो जाए तो यह किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है।

    हमारा शरीर मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन के आधार पर काम करता है। जब शरीर के अंदर कोई गड़बड़ी होती है तो वह ऊर्जा के लिए फैट और मांसपेशियों को तेजी से जलाने लगता है जिससे वजन अचानक कम होने लगता है। इसके पीछे कई गंभीर कारण हो सकते हैं जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।

    सबसे आम कारणों में से एक है हाइपरथायरायडिज्म। इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है जिससे मेटाबॉलिज्म बहुत तेज हो जाता है। व्यक्ति सामान्य से ज्यादा खाना खाने के बावजूद तेजी से दुबला होने लगता है। इसके साथ घबराहट, पसीना आना और दिल की धड़कन तेज होना जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

    इसी तरह टाइप 2 मधुमेह भी अचानक वजन घटने का कारण बन सकती है। जब शरीर में इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता तो कोशिकाएं ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल नहीं कर पातीं। ऐसे में शरीर फैट और मांसपेशियों को तोड़कर ऊर्जा बनाता है जिससे वजन तेजी से कम होने लगता है। बार बार पेशाब आना और ज्यादा प्यास लगना इसके सामान्य संकेत हैं।

    कई मामलों में यह समस्या कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा को तेजी से खर्च करती हैं और शरीर को कमजोर बना देती हैं। भूख कम होना, लगातार थकान और बिना वजह वजन गिरना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।

    मानसिक स्वास्थ्य भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है।अवसाद या अत्यधिक तनाव की स्थिति में व्यक्ति की भूख प्रभावित हो जाती है। शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिससे या तो व्यक्ति खाना छोड़ देता है या शरीर पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता और वजन गिरने लगता है।

    इसके अलावा शराब, सिगरेट या नशीले पदार्थों की आदत भी शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है। इससे इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है और शरीर बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है जिसके कारण वजन तेजी से घट सकता है।

    अचानक वजन कम होना कभी भी सामान्य बात नहीं होती बल्कि यह शरीर का एक चेतावनी संकेत है। यदि आप भी बिना कारण वजन घटने की समस्या से जूझ रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच जैसे ब्लड टेस्ट, थायराइड प्रोफाइल और अन्य जरूरी स्क्रीनिंग करवाना बेहद आवश्यक है। सही समय पर पहचान और इलाज ही आपको बड़ी और गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।

  • दुर्गा सप्तशती का दिव्य कवच हर संकट से रक्षा और हर मनोकामना पूरी करने का रहस्य

    दुर्गा सप्तशती का दिव्य कवच हर संकट से रक्षा और हर मनोकामना पूरी करने का रहस्य


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि का पर्व अत्यंत पवित्र और ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। यह समय केवल पूजा अर्चना का नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का भी अवसर होता है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना करते हैं और अपने जीवन से नकारात्मकता को दूर करने का प्रयास करते हैं। इसी दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष रूप से फलदायी माना गया है जो साधक के जीवन में अद्भुत परिवर्तन ला सकता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुर्गा सप्तशती केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि शक्ति का स्रोत है। इसका वर्णन मार्कंडेय पुराण में मिलता है जिसमें देवी की महिमा और उनके चमत्कारी स्वरूपों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। इसका एक महत्वपूर्ण भाग दुर्गा कवच है जिसे अत्यंत प्रभावशाली और रक्षक माना जाता है। कहा जाता है कि इसका नियमित पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं स्वतः समाप्त होने लगती हैं और उसे मानसिक शांति के साथ आत्मविश्वास भी प्राप्त होता है।

    दुर्गा कवच को एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच माना गया है जो साधक के शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा करता है। इसमें बताया गया है कि मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप शरीर के अलग अलग हिस्सों की सुरक्षा करते हैं। यह केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि गहन आध्यात्मिक अर्थ से जुड़ा हुआ है जो यह दर्शाता है कि देवी शक्ति हर दिशा में साधक की रक्षा करती हैं।

    मान्यता है कि चामुंडा देवी सिर की रक्षा करती हैं जिससे व्यक्ति के विचार शुद्ध और सकारात्मक बने रहते हैं। शैलजा आंखों की रक्षा कर सही दृष्टिकोण प्रदान करती हैं जबकि विशालाक्षी कानों की रक्षा कर सही और शुभ बातों को सुनने की शक्ति देती हैं। माहेश्वरी नाक की रक्षा करती हैं जो जीवन में संतुलन का प्रतीक है और महाकाली मुख की रक्षा कर वाणी में शक्ति और सत्य का संचार करती हैं। सरस्वती जीभ की रक्षा कर ज्ञान और विवेक प्रदान करती हैं।

    इसी प्रकार वाराही गर्दन की रक्षा कर जीवन में स्थिरता लाती हैं और अंबिका हृदय की रक्षा कर भावनाओं को संतुलित करती हैं। कौमारी भुजाओं को शक्ति देती हैं जिससे व्यक्ति कर्मशील बनता है और चंडिका हाथों की रक्षा कर हर कार्य में सफलता का मार्ग प्रशस्त करती हैं। नारायणी उदर की रक्षा कर स्वास्थ्य और संतुलन बनाए रखती हैं जबकि माहेश्वरी कमर की रक्षा कर जीवन में मजबूती देती हैं। महालक्ष्मी जांघों की रक्षा कर समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं और भैरवी घुटनों की रक्षा कर आगे बढ़ने की शक्ति देती हैं। महाकाली पिंडलियों की रक्षा करती हैं और अंत में मां दुर्गा स्वयं पूरे शरीर और पैरों की रक्षा कर साधक को संपूर्ण सुरक्षा प्रदान करती हैं।

    नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती और विशेष रूप से दुर्गा कवच का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह भय को समाप्त करता है आत्मबल बढ़ाता है और जीवन को नई दिशा देता है। नवरात्रि के दौरान इसका पाठ करना विशेष रूप से शुभ माना गया है क्योंकि इस समय देवी शक्ति का प्रभाव अत्यधिक प्रबल होता है। सच्चे मन और श्रद्धा से किया गया यह पाठ न केवल कष्टों को दूर करता है बल्कि सुख शांति और समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच एयर इंडिया ग्रुप आज 30 उड़ानें संचालित करेगा

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच एयर इंडिया ग्रुप आज 30 उड़ानें संचालित करेगा


    नई दिल्ली।
    अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बावजूद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 23 मार्च को पश्चिम एशिया के लिए कुल 30 उड़ानें संचालित करने का फैसला किया है। एयरलाइन के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह उड़ानें निर्धारित (शिड्यूल्ड) और गैर-निर्धारित (नॉन-शिड्यूल्ड) दोनों श्रेणियों में होंगी।

    एयर इंडिया ग्रुप जेद्दा के लिए कुल 10 उड़ानें संचालित करेगा। इनमें दिल्ली और मुंबई से एयर इंडिया की उड़ानें शामिल हैं, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, कोझिकोड और मंगलुरु से सेवाएं देगा।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट के लिए चार और रियाद के लिए चार उड़ानें संचालित करेगा। इसके अलावा, 12 अतिरिक्त गैर-निर्धारित उड़ानें संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के लिए चलाई जाएंगी, जो परिचालन स्थितियों और स्लॉट उपलब्धता पर निर्भर करेंगी।

    यूएई में दुबई, अबू धाबी और शारजाह के लिए विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी। एयर इंडिया दिल्ली-दुबई रूट पर सेवा देगा, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, मुंबई और मंगलुरु से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।

    हालांकि, दोहा, कुवैत सिटी और तेल अवीव समेत कई गंतव्यों के लिए उड़ानें फिलहाल स्थगित रहेंगी।

    एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के टिकट री-बुकिंग या पूर्ण रिफंड का विकल्प दिया है। साथ ही, व्हाट्सएप और कस्टमर सपोर्ट के जरिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

    एयर इंडिया ग्रुप ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

  • परमाणु ठिकानों पर हमलों से बढ़ा खतरा, डब्ल्यूएचओ ने दी गंभीर चेतावनी

    परमाणु ठिकानों पर हमलों से बढ़ा खतरा, डब्ल्यूएचओ ने दी गंभीर चेतावनी


    जिनेवा।
    अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर किए हमले से पश्चिम एशिया में संकट की स्थिति बनी हुई है। इस बीच ईरान के परमाणु ठिकानों पर हो रहे हमलों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमले सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

    डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बताया कि नतांज एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स और डिमोना जैसे संवेदनशील परमाणु स्थलों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी इन घटनाओं की जांच कर रही है। फिलहाल किसी तरह के रेडिएशन स्तर में वृद्धि के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    टेड्रोस ने चेतावनी दी कि परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना बेहद खतरनाक है, क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर जनस्वास्थ्य संकट और पर्यावरणीय नुकसान हो सकता है। अगर ऐसे हमले जारी रहते हैं, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

    डब्ल्यूएचओ ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से 13 देशों में अपने स्टाफ और संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों को संभावित न्यूक्लियर आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

    डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई में संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और मौजूदा संकट का समाधान केवल शांति और संवाद के जरिए ही संभव है।

  • ढेकियाजुली में भीषण सड़क हादसा, 8 लोगों की मौके पर मौत

    ढेकियाजुली में भीषण सड़क हादसा, 8 लोगों की मौके पर मौत


    शोणितपुर (असम)।
    असम के ढेकियाजुली क्षेत्र में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा एक एम्बुलेंस और ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस में सवार एक मरीज समेत कुल आठ लोग इस दुर्घटना में मारे गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सभी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

  • मप्रः आईएएस विकास मिश्रा बने सीधी के नए कलेक्टर, हितिका वसाल गुना एसपी की कमान

    मप्रः आईएएस विकास मिश्रा बने सीधी के नए कलेक्टर, हितिका वसाल गुना एसपी की कमान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सख्ती के बीच सरकार ने सीधी और गुना जिलों में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। सीधी में नए कलेक्टर के रूप में वर्ष 2013 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मिश्रा की पदस्थापना की गई है, जबकि गुना जिले की पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी हितिका वसाल को सौंपी गई है।

    रविवार देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त रुख के बाद यह बदलाव किया गया है। दरअसल, मुख्यमंत्री रविवार को मिर्जापुर से सीधे सीधी जिला मुख्यालय पहुंचे थे। यहां स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान उन्हें कई शिकायतें मिलीं। जिसके बाद उन्होंने ये एक्शन लिया।

    मुख्यमंत्री ने सीधी जिले में अचानक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली थी। उन्होंने जनसंवाद के दौरान आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतों और जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली पर विस्तार से समीक्षा एवं फीडबैक लिया था।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री ने प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबधंक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिये थे। साथ ही गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक गुना अंकित सोनी की भूमिका को यथोचित न मानते हुए पुलिस अधीक्षक पद से हटाने के निर्देश भी दिये थे।

    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए गुना हवालाकांड के बाद एसपी अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। इंदौर में 15वीं बटालियन की कमांडेंट हितिका वसल को उनकी जगह गुना का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हितिका वसाल को अब गुना जिले की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    वहीं, सीधी में जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायतों के बाद सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में ओएसडी और सह आयुक्त बनाया गया है। उनकी जगह 2013 बैच के विकास मिश्रा को नया कलेक्टर बनाया है। विकास मिश्रा इससे पहले मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव के साथ आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी का दायित्व संभाल रहे थे। अब उन्हें सीधी जिले की कमान सौंपी गई है।

  • मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट, 12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को नहीं मिले सिलेंडर

    मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट, 12 दिन से होटल-रेस्टोरेंट को नहीं मिले सिलेंडर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में एलपीजी का संकट बना हुआ है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग की कमर तोड़ दी है। लगातार 12 दिन से होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है।

    इसे लेकर रविवार को नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश चैप्टर और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने प्रदेश की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात की। मुख्य सचिव शमी ने छुट्टी के दिन होटल संचालकों से बात और ऑयल कंपनियों के साथ बैठक भी की।

    दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण देश में गैस आपूर्ति बाधित हुई है। केंद्र सरकार द्वारा शुरुआत में आपूर्ति बंद करने के बाद इसे 20 प्रतिशत तक बहाल करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर यह राहत अब तक व्यवसायियों तक नहीं पहुंच सकी है। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वे बंद होने की कगार पर है।

    होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने खाद्य आपूर्ति सचिव रश्मि अरुण शमी से बातचीत की। प्रदेश भर के होटल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्र के 20 प्रतिशत आपूर्ति के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर वितरण व्यवस्था ठप पड़ी है।

    सूरी ने कहा कि हमने सरकार के सामने अपनी मांगे रखी हैं और हमें उम्मीद है कि जल्द से जल्द हमें मदद मिलेगी। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिशन से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। सभी के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुमित सूरी के अनुसार संगठन की प्रमुख मांग है कि वर्तमान 20 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि व्यवसायों का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा उन्होंने एक नया प्रस्ताव भी रखा है कि सभी संस्थानों के लिए आपूर्ति का एक समान नियम नहीं होना चाहिए। होटलों की श्रेणी और उनकी मांग के आधार पर गैस का कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए। बड़े संस्थानों को उनकी खपत के अनुसार अधिक और छोटे संस्थानों को उनके अनुपात में गैस उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही पीएनजी सप्लाई को भी मांग के अनुरूप बढ़ाने की मांग रखी गई है।

    इधर, भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर सख्त पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर है, जिसके समाधान को लेकर अपर मुख्य सचिव से चर्चा कर गैस की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा गया है।

    पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरा, ढाबों, खान-पान सेवा आदि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के अभाव में संचालन व्यवस्था में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि भोपाल के पंजीकृत होटलों और रेस्तरांओं को उनकी वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का एक सीमित कोटा आवंटित किया जाए। प्रत्येक प्रतिष्ठान को आवश्यक रसोई संचालन बनाए रखने और खाद्य सेवाओं में व्यवधान से बचने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किए जाए। भोपाल में 2 हजार होटल और रेस्टोरेंट है। जहां हालात गंभीर हो गए हैं।

    नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधि अभिषेक बाहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की बात से मुश्किलें बढ़ गई हैं। गैस के अभाव में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर बड़ा संकट खड़ा हुआ है। इसे दूर करने की मांग की गई है।