Blog

  • नवनीत राणा की 4 बच्चों वाली नसीहत पर भड़की प्रियंका चतुर्वेदी… बोलीं- पहले अपने पति कन्विन्स को करें…

    नवनीत राणा की 4 बच्चों वाली नसीहत पर भड़की प्रियंका चतुर्वेदी… बोलीं- पहले अपने पति कन्विन्स को करें…


    नई दिल्ली।
    महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टी शिवसेना (उद्धव ठाकरे) (Shiv Sena -Uddhav Thackeray) की नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) के उस बयान की तीखी आलोचना की है, जिसमें राणा ने देशभर के हिन्दुओं को हिंदुस्तान को बचाने लिए तीन-चार बच्चे पैदा (Three-Four Children) करने की नसीहत दी थी। एक टीवी चैनल से बात करते हुए चतुर्वेदी ने कहा, “वो पहले अपने पति से इस बारे में बात करें। वो भी अपने बच्चे बढ़ाएं, फिर अपने पड़ोसियों को कन्विन्स करें। जो अपने पड़ोसियों को कन्विन्स नहीं कर सकते, अपने पति को कन्विन्स नहीं कर सकते वो देश की महिलाओं को कन्विन्स करना बंद करें।”

    दरअसल, भाजपा नेता नवनीत राणा ने दो दिन पहले मंगलवार (23 दिसंबर) को कहा था कि हिंदुओं को कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए ताकि उन लोगों की साजिशों का मुकाबला किया जा सके जो बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं। पूर्व निर्दलीय सांसद राणा ने पत्रकारों से कहा था, “मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं। सुनिए, ये लोग खुलेआम कहते हैं कि इनकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। मेरा सुझाव है कि हमें कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए।”


    नवनीत राणा ने क्यों दी ऐसी सलाह

    राणा ने अमरावती में यह टिप्पणी तब की थी, जब वह मीडिया को एक एक सवाल का जवाब दे रही थीं। राणा ने कहा,‘‘मुझे नहीं पता कि वह मौलाना है या कोई और, लेकिन उसने कहा कि उसके 19 बच्चे और चार पत्नियां हैं, परंतु वह 30 बच्चों की संख्या पूरी नहीं कर पाया। वे बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं, तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट हो जाएं? हमें भी तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए।’’

    इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव के लिए गठबंधन की संभावनाओं को भाव नहीं दिया। उन्होंने कहा,‘‘उद्धव ठाकरे बेबसी का पर्याय बन गए हैं। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को प्रचार के लिए बाहर नहीं निकाला। अगर कोई उद्धव ठाकरे के साथ जुड़ता भी है, तो उसका प्रदर्शन स्थानीय निकाय चुनाव से भी बदतर होगा।’’

  • चीन बना रहा बांग्लादेश-म्यांमार में मिलिट्री बेस… पेंटागन रिपोर्ट में भारत को दी गई सतर्क रहने की सलाह

    चीन बना रहा बांग्लादेश-म्यांमार में मिलिट्री बेस… पेंटागन रिपोर्ट में भारत को दी गई सतर्क रहने की सलाह


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी रक्षा विभाग (US Department of Defense) की नई रिपोर्ट को लेकर इन दिनों भारत से लेकर चीन तक में हलचल मची हुई है। इस रिपोर्ट में अमेरिका ने भारत को चीन से सतर्क रहने की हिदायत (India advised wary of China) दी है। अमेरिका का कहना है कि चीन भारत के साथ दोहरे मापदंड अपना रहा है। पेंटागन की रिपोर्ट में यह दावा भी है कि चीन अमेरिका और भारत को करीब नहीं आने देना चाहता। चीन ने इस रिपोर्ट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि चीन और भारत के आपसी मामलों में अमेरिका को दूर रहना चाहिए। हालांकि अगर भारत के लिहाज से देखा जाए, तो रिपोर्ट में कुछ ऐसे मसले भी हैं, जो भारत की चिंताएं बढ़ा सकते हैं।

    पेंटागन की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अफ्रीका के जिबूती में मौजूद अपने इकलौते विदेशी मिलिट्री बेस के अलावा कई अन्य देशों में भी सैन्य ठिकाने बनाने की संभावना तलाश रहा है। इन देशों में भारत के कुछ पड़ोसी देश का नाम भी शामिल है। इन देशों में बांग्लादेश, श्रीलंका और म्यांमार का नाम भी जिक्र है, जहां चीन संभावित सैन्य अड्डों पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में पाकिस्तान का भी जिक्र है। हालांकि चीन के साथ पुराने रणनीतिक संबंधों के कारण पाक को अलग श्रेणी में रखा गया है।

    स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का हिस्सा
    विशेषज्ञों की मानें तो यह चीन की ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीतिक योजना का हिस्सा है। इसके तहत चीन हिंद महासागर क्षेत्र में कई बंदरगाहों पर अपना सैन्य नेटवर्क विकसित कर रहा है। इन रणनीतिक साझेदारियों का जाल बिछाकर चीन समुद्री रास्तों पर अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है।

    भारत के लिए क्यों चिंता?
    भारत हिंद महासागर को अपना रणनीतिक क्षेत्र मानता है। ऐसे में पड़ोसी देशों में चीन के सैन्य या लॉजिस्टिक ठिकाने, भले ही सीमित क्यों ना हों, नई सुरक्षा चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे चीन को मलक्का स्ट्रेट और बंगाल की खाड़ी जैसे अहम समुद्री रास्तों के पास सैन्य मौजूदगी का मौका मिल सकता है। हालांकि ऐसे किसी भी के खतरे को देखते हुए भारत भी अपनी सुरक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहा है।

  • इस साल आयकर कानून में हुए कई अहम बदलाव… करदाताओं को मिली बड़ी राहत

    इस साल आयकर कानून में हुए कई अहम बदलाव… करदाताओं को मिली बड़ी राहत


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central government) ने वर्ष 2025 में आयकर कानून (Income Tax Law) में कई अहम बदलाव किए हैं। इनका मकसद टैक्स प्रणाली (Tax system) को सरल बनाना, आम करदाता को राहत देना और डिजिटल प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। नए नियमों से नौकरीपेशा, वरिष्ठ नागरिक, मध्यम वर्ग और छोटे करदाता सभी को फायदा मिलेगा।


    1. नया आयकर कानून-2025

    2025 का सबसे बड़ा बदलाव रहा नया आयकर बिल-2025, जो 60 साल से भी ज्यादा पुराने आयकर कानून-1961 की जगह लेगा। संसद ने अगस्त 2025 में नए कानून को पास किया, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसमें भाषा आसान होगी, धाराएं कम होंगी और टैक्स विवादों में कमी आएगी। यह कानून टैक्सपेयर्स के लिए ज्यादा पारदर्शी होगा।


    2. Tax Year की नई परिभाषा

    नए कानून में ‘आकलन वर्ष’ और ‘वित्तीय वर्ष’ की जगह ‘कर वर्ष’ की अवधारणा लाई गई है। इससे टैक्स गणना आसान होगी और आम लोगों को नियम समझने में दिक्कत नहीं होगी। इसमें शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट जैसे नए टूल्स होंगे, जो करदाता की तैयारी में मदद करेंगे।


    3. ₹12 लाख तक कोई Tax नहीं

    इस साल पेश बजट में इनकम टैक्स स्लैब स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया। नई कर व्यवस्था को चुनने वाले लोगों के लिए टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई। 75 हजार रुपये की मानक कटौती जोड़ने के बाद वेतनभोगी टैक्सपेयर्स को 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं देना पड़ेगा।


    4. रिटर्न संशोधन की समय सीमा बढ़ी

    पहले संशोधित आयकर रिटर्न (आईटीआर-यू) दाखिल करने की समय सीमा 24 महीने थी, जिस बढ़ाकर अब 48 महीने कर दिया गया है। मतलब, अगर रिटर्न में कोई गलती हो गई या अतिरिक्त कमाई जोड़नी है, तो चार साल तक सुधार का मौका मिलेगा। ये बदलाव उन लोगों के लिए बड़ा सहारा है जो जल्दबाजी में गलती कर बैठते हैं।


    5. किराये पर टैक्स छूट में बढ़ोतरी

    किराए पर रहने वालों के लिए बड़ी राहत दी गई है। मकान किराया भत्ता (एचआरए) के तहत कर छूट की सीमा ₹2.4 लाख से बढ़ाकर ₹6 लाख कर दी गई है। इससे छोटे-मध्यम किराए पर टीडीएस का झंझट कम हो जाएगा। पहले लोग छोटी रकम पर भी टीडीएस काटने में उलझ जाते थे, लेकिन अब ये प्रक्रिया सरल हो गई है।


    6. वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक और डाकघर की ब्याज आय पर मिलने वाली कर छूट बढ़ाकर एक लाख कर दी गई है। पहले यह सीमा 50 हजार रुपये थी। इससे पेंशनभोगियों और बुजुर्गों की कर देनदारी कम होगी और नियमित आय पर सुरक्षा मिलेगी।


    7. टीडीएस/टीसीएस में देरी पर मुकदमा नहीं

    टैक्स समय पर चुका दिया गया हो तो अब टीसीएस स्टेटमेंट देरी से जमा करने पर मुकदमा नहीं चलेगा। साथ ही, ऊंची टीडीएस दर सिर्फ तब लगेगी जब पैन नंबर न हो। इससे असमंजस और जुर्माने का खतरा कम होगा। ये बदलाव कर प्रणाली को टैक्सपेयर्स के लिए आसान बनाएगा और कर अनुपालन को बढ़ावा देगा।


    8. आईटीआर फॉर्म में बदलाव

    आकलन वर्ष 2025-26 के लिए नए और संशोधित आईटीआर फॉर्म जारी किए गए हैं। इनमें नए कॉलम जोड़े गए हैं और फॉर्म के ढांचे में भी बदलाव किया गया है। इनके जरिए टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर फॉर्म भरना पहले से आसान हो गया है।


    9. कैपिटल गेन टैक्स में बड़े बदलाव

    2025 में कैपिटल गेन टैक्स के नियमों में भी अहम बदलाव किए गए। इक्विटी पर छोटी अवधि के कैपिटल गेन टैक्स की दर को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं, कर मुक्त लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ को दायरा बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये तक कर दिया गया है। इससे ज्यादा के लाभ पर 12.5 प्रतिशत टैक्स देना होगा।


    10. विदेश रकम भेजने की सीमा बढ़ी

    विदेश में पैसे भेजने (एलआरएस) पर टीसीएस की सीमा अब 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही, पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस बिल्कुल हटा दिया गया। इससे छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

  • Ind W vs SLW: तीसरा T20I आज तिरुवनंतपुरम में… जानें कैसी रहेगी ग्रीनफील्ड की पिच

    Ind W vs SLW: तीसरा T20I आज तिरुवनंतपुरम में… जानें कैसी रहेगी ग्रीनफील्ड की पिच


    नई दिल्ली।
    इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस (India Women vs Sri Lanka Women) 5 मैच की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला (The third match of the T20 series) आज तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम (Greenfield International Stadium) में खेला जाना है। सीरीज में 2-0 से आगे चल रही हरमनप्रीत कौर की टीम की नजरें जीत की हैट्रिक लगाते हुए सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी। पहले दो मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने श्रीलंका पर पूरी तरह से डोमिनेट किया। पहला टी20 भारत ने 8 विकेट से तो दूसरा 7 विकेट से जीता। हालांकि दीप्ति शर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स ने टीम इंडिया की मुश्किल बढ़ाई हुई है। नंबर-1 टी20 बॉलर दीप्ति शर्मा बीमार होने की वजह से दूसरा टी20 नहीं खेल पाई थी, मगर अब वह फिट हैं। मगर जेमिमा को तीसरे टी20 से पहले अपनी फिटनेस साबित करनी होगी। आईए एक नजर India Womens vs Sri Lanka Womens मुकाबले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर नजर डालते हैं-

    तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच गेंदबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है। पहले दो मुकाबलों में महफिल लूटने वाले बल्लेबाजों को तीसरे T20I में इस पिच पर मुश्किल हो सकती है। हालांकि, पहले इस मैदान पर ओस नतीजा तय करने में अहम भूमिका अदा कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम की नजरें एक बार फिर पहले फील्डिंग करने पर होगी, ताकि वह बाद में टारगेट को आसानी से चेज कर पाए। तिरुवनंतपुरम के इस मैदान पर पहला वुमेंस क्रिकेट का मैच होने वाला है।


    ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम, तिरुवनंतपुरम टी20 रिकॉर्ड

    मैच- 4
    पहले बैटिंग करके जीते गए मैच – 2 (50.00%)
    टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 2 (50.00%)
    टॉस जीतकर जीते गए मैच- 2 (50.00%)
    टॉस हारकर जीते गए मैच- 2 (50.00%)
    हाईएस्ट स्कोर- 235/4
    हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 173/2
    प्रति विकेट औसत रन- 25.88
    प्रति ओवर औसत रन- 8.49
    पहले बैटिंग करने का औसत स्कोर- 145


    इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस स्क्वॉड

    भारतीय महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), स्नेह राणा, अमनजोत कौर, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, जी कमलिनी

    श्रीलंका महिला टीम: विशमी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), हासिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षी डी सिल्वा, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), रश्मिका सेवंदी, इमेशा दुलानी, काव्या कविंदी, निमेश मदुशानी, मल्की मदारा, इनोका राणावीरा, मालशा शेहानी, शशिनी गिम्हानी

  • मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    भोपाल । मध्यप्रदेश में इस साल सर्दी ने अपने तेवर कुछ अलग ही दिखाए हैं। हवाओं के दिशा परिवर्तन और असामान्य मौसम परिस्थितियों के कारण मालवा अंचल में कड़ाके की ठंड पड़ीजिसने बीते 67 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 18 दिसंबर को इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गयाजो अब तक का 10वां सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विज्ञानियों के अनुसारइसका मुख्य कारण कश्मीर से सीधे पहुंची उत्तरी ठंडी हवाएं हैं। ये हवाएं प्रतिचक्रवातजेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से और भी तीव्र हो गईं। कश्मीर से आई इन ठंडी हवाओं ने मालवा और आसपास के क्षेत्रों में सर्दी की झोंक को और बढ़ा दियाजिससे इस बार की सर्दी असामान्य रूप से कड़ी हो गई।

    कश्मीर की हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

    मालवासीहोरराजगढ़ और शाजापुर की पट्टी में आमतौर पर पश्चिमी हवाओं का प्रभाव रहता हैजिससे ठंड अधिक तीव्र नहीं होती। लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने प्रतिचक्रवात ने हवाओं की दिशा बदल दी। मौसम विज्ञानी बीएस यादव के अनुसारप्रतिचक्रवात के कारण कश्मीर से आ रही उत्तरी हवाएं मालवा तक पहुंच गईंजिससे तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। इसने इलाके में कड़ी ठंड का माहौल बना दिया।

    जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर

    मध्य भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम में अटलांटिक महासागर की ठंडी हवाओं का मिश्रण हो गया। तेज गति से बहने वाली इस जेट स्ट्रीम ने ठंडी हवाओं को जमीन की सतह तक दबायाजिससे ठंड और बढ़ गई। इसके साथ ही कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भी उत्तरी भारत से ठंडी हवाएं भेजने में भूमिका निभाई। इन सभी घटनाओं ने मिलकर ठंड को तीव्र कर दियाजिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कड़ाके की सर्दी महसूस की गई।

    मावठा और बारिश की संभावना कम

    भोपाल के मौसम विज्ञानी डॉ. अरुण शर्मा के अनुसारफिलहाल प्रदेश में किसी सशक्त पश्चिमी विक्षोभ के आसार नहीं हैं। इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहेगा और मावठा या बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकिउत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक कोहरा छा सकता हैलेकिन इसके बाद मौसम सामान्य होने लगेगा।

    ठंड की समय पर विदाईगर्मी का लंबा दौर

    सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. डीपी दुबे का कहना है कि 27 दिसंबर को आने वाला पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहेगा। ऐसे में ठंड सामान्य समय यानी फरवरी मध्य तक विदा हो जाएगी। ठंड की समय पर विदाई का मतलब यह भी है कि गर्मी का मौसम लंबा और ज्यादा तीखा हो सकता है।

    आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार26 दिसंबर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगीक्योंकि मालवा की ओर बने प्रतिचक्रवात उत्तरी हवाओं को रोक देगा। 29 दिसंबर को तापमान में फिर हल्की गिरावट हो सकती हैलेकिन 30 दिसंबर के बाद तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना है। जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगा और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश को छोड़कर बाकी हिस्सों में ठंड सामान्य रहेगी।

    जलवायु परिवर्तन का असर

    भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिक एचएस पांडे अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा के दिन घटे हैं और गर्मी के दिन बढ़े हैं। इसी बदलाव के चलते इस बार कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान में असामान्य गिरावट देखने को मिली हैजो कि भविष्य में और अधिक देखने को मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के उतार-चढ़ाव और असामान्य बदलावों में वृद्धि हो रही हैजो किसानों और नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

  • MP: उज्जैन की महिदपुर उपजेल से भागे तीन कैदी, रेप और मर्डर के आरोप में पहुंचे थे जेल

    MP: उज्जैन की महिदपुर उपजेल से भागे तीन कैदी, रेप और मर्डर के आरोप में पहुंचे थे जेल


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की उज्जैन जिले (Ujjain district) की खाचरोद उपजेल से गुरुवार शाम 7 बजे तीन कैदी फरार (Prisoner Escaped) हो गए। फरार हुए कैदियों में 2 बलात्कार और 1 हत्या के मामले में जेल में बंद थे। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने तीनों फरार कैदियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी की हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि इन कैदियों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

    फरार कैदियों के नाम नारायण पिता भेरुलाल जाट (31), गोविंद पिता आत्माराम (35), गोपाल पिता बापुलाल (22) वर्ष बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, तीनों कैदी महिला सेल से फरार हुए हैं। फरारी की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने तत्काल सीनियर अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जेल परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू की गई।

    घटना के बाद से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में जेल की सुरक्षा, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका और महिला सेल से कैदियों के भागने के कारणों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    थाना प्रभारी धन सिंह ने बताया की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची थी।जांच पड़ताल के बाद तीन पुलिस टीम बनाई गई है। इसके साथ ही फरार हुए कैदियों की फुटेज जारी किए गए हैं। लोगों से सोशल मीडिया पर अपील की गई है कि उन्हें पकड़ने में मदद करें। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर रेड डालने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने उन्हें जल्द ही पकड़ लेने की बात कही है।

  • उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा बोलेरो ट्रक से टकराईचालक की मौत6 घायल

    उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा बोलेरो ट्रक से टकराईचालक की मौत6 घायल


    उमरिया । उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र में स्थित घुनघुटी के पास एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने सात लोगों की जिंदगी को चपेट में ले लिया। बीती रात शासकीय बोलेरो सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गईजिससे चालक इजहार खान 32 की मौके पर ही मौत हो गई। वहींवाहन में सवार छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से दो की हालत बहुत नाजुक बताई जा रही हैजिन्हें इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।

    घटना रात के करीब दो से तीन बजे के बीच घुनघुटी के पास स्थित मदारी ढाबे के पास हुई। बोलेरो नरसरहा डिपो से बांधवगढ़ की ओर जा रही थीऔर उसमें सवार सभी लोग शहडोल के डीएफओ श्रद्धा पेंद्रो के पारिवारिक सदस्य थे। वे सभी नरसरहा डिपो स्थित आवास पर भोजन करने के बाद एक निजी यात्रा पर निकले थे। वाहन में सवार लोग इस हादसे का शिकार हुएजिसमें बोलेरो चालक इजहार खान की मौत हो गईऔर अन्य छह लोग घायल हो गए।

    घायलों में श्रेया मर्सकोले (20)भानुशी मरावी (20)भगवंती मर्सकोले (20)जूही बनर्जी (22)साक्षी मर्सकोले (22) और मीनाक्षी मर्सकोले (26) शामिल हैं। इनमें से भगवंती मर्सकोले और मीनाक्षी मर्सकोले की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया है। हादसे के वक्त मीनाक्षी वाहन की अगली सीट पर बैठी थीं।

    हादसे की सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शहडोल जिला अस्पताल की मर्चुरी में भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में ले लिया है।

    इस हादसे ने एक बार फिर शासकीय वाहनों के निजी उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि शासकीय वाहन का निजी कार्यों के लिए इस्तेमाल करना कानूनी और नैतिक दोनों ही दृष्टियों से गलत है। इस घटना से यह भी साबित होता है कि सड़क सुरक्षा के नियमों और जागरूकता की कमी कहीं न कहीं इन हादसों का कारण बनती है।

    पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की पूरी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क किनारे खड़े ट्रक को लेकर आगे की जांच की जाएगीताकि यह पता चल सके कि वह किस कारण से खड़ा थाऔर क्या कोई ट्रक चालक या अन्य व्यक्ति लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। यह घटना उमरिया जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर एक सवाल खड़ा करती हैऔर यह भी दर्शाती है कि आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

  • स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा

    स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा


    नई दिल्ली । भारत में ट्रेन यात्राओं का अपना ही एक जादू हैपहियों की लयबद्ध खड़खड़ाहट खिड़की के बाहर लगातार बदलते नज़ारे और हर मील के साथ रोमांच का बढ़ता एहसास. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को एक नए लेवल पर ले जाते हैं. घूमने वाली रिक्लाइनिंग सीटों कांच की छतों और बड़ी पैनोरमिक खिड़कियों के साथ ये कोच यात्रियों को प्रकृति की भव्यता में डूबने का मौका देते हैं. बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर हरी-भरी घाटियों और झरनों तक यहां भारत भर के कुछ सबसे खूबसूरत विस्टाडोम ट्रेन रूट दिए गए हैं. आइए जानते इन 5 रेलवे रूट्स के बारे में विस्तार से
    .
    जम्मू और कश्मीर विस्टाडोम स्पेशल कोच बडगाम से बनिहाल तक की यह 90 किलोमीटर की यात्रा यात्रियों को कश्मीर घाटी की लुभावनी सुंदरता में डुबो देती है. श्रीनगर अवंतीपोरा अनंतनाग और काजीगुंड से गुज़रते हुए ट्रेन बर्फ से ढकी चोटियों चमकती धाराओं और हरे-भरे घास के मैदानों के मनोरम दृश्य दिखाती है. 2023 में लॉन्च किया गया यह कांच की छत वाला कोच यात्रियों को प्रकृति का एक अभिन्न हिस्सा होने का एहसास कराता है जिससे यात्रा उतनी ही मनमोहक हो जाती है जितनी कि मंज़िल 
    डूअर्स न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस ​​यह ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से अलीपुरद्वार जंक्शन तक 169 किलोमीटर की दूरी तय करती है और पश्चिम बंगाल के डूअर्स इलाके से गुज़रती है. खिड़कियों के बाहर घने जंगल फैले हुए चाय के बागान और पूर्वी हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियाँ दिखाई देती हैं. वन्यजीवों को देखने से अनुभव और भी बेहतर हो जाता है और यह यात्रा भूटान का रास्ता जैसी लगती है. विस्टाडोम कोच हर मोड़ पर एक नया मनमोहक नज़ारा दिखाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं
    हिमाचल प्रदेश कालका-शिमला NG एक्सप्रेस ​​यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट कालका-शिमला लाइन इंजीनियरिंग और प्राकृतिक सुंदरता का एक शानदार उदाहरण है. 90 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी में ट्रेन 103 सुरंगों 800 पुलों और लगभग हज़ार मोड़ों से गुज़रती है. चीड़ के जंगल गहरी घाटियाँ और शानदार पहाड़ों के नज़ारे पूरे रास्ते की शोभा बढ़ाते हैं. विस्टाडोम कोच की चौड़ी कांच की छत और खिड़कियाँ इस ऐतिहासिक यात्रा को हिमाचली पहाड़ियों का एक शानदार पैनोरमिक अनुभव बना देती हैं
    गुजरात अहमदाबाद-केवडिया जन शताब्दी एक्सप्रेस ​​यह रूट अहमदाबाद को एकता नगर से जोड़ता है जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का गेटवे है. यात्री नर्मदा नदी और आसपास के नज़ारों का शानदार व्यू देख सकते हैं. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को और भी खास बनाते हैं जिससे एक आम ट्रेन यात्रा एक खूबसूरत एडवेंचर में बदल जाती है. भारत की सबसे ऊंची मूर्ति देखने जाने वालों के लिए यह यात्रा अपने आप में एक बड़ा आकर्षण बन जाती है
    असम न्यू हाफलोंग स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन गुवाहाटी से न्यू हाफलोंग तक की यह 269 किलोमीटर की यात्रा असम की प्राकृतिक सुंदरता के शानदार नज़ारे दिखाती है. पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों को घुमावदार पहाड़ियाँ हरी-भरी घाटियाँ और शांत नदियाँ देखने को मिलती हैं. माइबोंग में रुकने से यात्रा में सांस्कृतिक अनुभव जुड़ जाता है जबकि विस्टाडोम कोच की बड़ी खिड़कियाँ इस क्षेत्र की अनछुई सुंदरता को दिखाती हैं. यह सिर्फ़ यात्रा का एक ज़रिया नहीं है; यह नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के नज़ारों का एक चलता-फिरता कैनवस है

  • मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त

    मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त


    अनुपपुर । मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल STF ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओडिशा से मध्य प्रदेश लाए जा रहे 599 किलोग्राम गांजे को जब्त किया। यह गांजा एक ट्रक में छुपाकर लाया जा रहा थाऔर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित जिला अनूपपुर के घने जंगल मार्ग पर की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में ट्रक सहित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

    गुप्त कम्पार्टमेंट से गांजे की तस्करी

    गांजा तस्करी की यह नई विधि STF के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। तस्करों ने ट्रक में लोहे की चादर से एक गुप्त कम्पार्टमेंट केबिन बनाया थाजो बाहरी नजर से बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था। इस गुप्त कम्पार्टमेंट में गांजे के पैकेट्स छिपाकर तस्करी की जा रही थी। STF को गोपनीय सूचना मिलने के बादइस ट्रक की घेराबंदी की गई और इसे जब्त किया गया।

    STF की टीम ने की सटीक घेराबंदी

    गोपनीय सूचना मिलने पर STF की दो विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार तिवारी और निरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर ने किया। टीम ने संबलपुर ओडिशासे मैहर मध्य प्रदेश जा रहे ट्रक संख्या JH 02BL 7103 को जिला अनूपपुर के जेतहरी थाना क्षेत्र के घने जंगल मार्ग पर घेर लिया और उसकी तलाशी ली। इस दौरान ट्रक से कुल 599 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता करार दियाक्योंकि यह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत हो रहा था।

    आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ

    पुलिस ने ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हैजिनके नाम अंकित विश्वकर्मा निवासी जिला सीधी और धनंजय सिंह पटेल निवासी जिला सतना हैं। गिरफ्तारी के बादपुलिस ने आरोपियों से गांजे के स्रोततस्करी नेटवर्क और इसके विक्रेताओं तथा क्रेताओं के बारे में जानकारी जुटाने के लिए विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूछताछ आगे के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है।

    नशा से दूरी अभियान के तहत कार्रवाई

    मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन मेंप्रदेश भर में नशा से दूरी अभियान चलाया जा रहा है। STF प्रमुख और विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव की मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करना और समाज को नशे से बचाना है। पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैंताकि नशे की तस्करी और उसके व्यापार को रोका जा सके।

    टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई STF के समर्पित कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और रणनीतिक योजना का परिणाम थी। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गोपाल सूर्यवंशीप्रधान आरक्षक निर्मल पटेलसंपूर्णानंदअंजनी पाठकविनय कोरीऔर आरक्षक मनीष तिवारीनिलेश दुबेराहुल रजकरूपेश रायऔर नारायण प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने इस तस्करी को पकड़ा और एक बड़ी तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में मदद की।

    आगे की कार्रवाई

    मध्य प्रदेश STF ने इस बड़े ड्रग तस्करी मामले में अब जांच तेज कर दी है। पुलिस आरोपियों से गांजे के परिवहन के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही हैजिससे और भी तस्करों का पर्दाफाश किया जा सके। फिलहालट्रक और जब्त गांजे को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के व्यापार पर कड़ी चोट है और यह दर्शाता है कि STF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पर रोक लगाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैंऔर उम्मीद की जा रही है कि इसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में नशे की तस्करी में कमी आएगी।

  • उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति

    उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति


    उज्जैन । उज्जैन के महिदपुर रोड पर बुधवार को एक बड़ी घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। यहां के एक आटो चालक द्वारा एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और आटो चालक के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लियालेकिन इसके बाद हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने क्षेत्र में भारी तनाव पैदा कर दिया।

    आरोपित आटो चालक जुबेर मंसूरी को हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। संगठन ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद हिंसक भीड़ ने दुकानों में तोड़फोड़ की और कुछ दुकानों में आग लगा दी। इसके साथ ही संगठन ने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग कीजिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

    घटना का विवरण

    पुलिस के अनुसारजुबेर मंसूरी नामक आटो चालक नियमित रूप से नाबालिगों को कोचिंग सेंटर ले जाता था। बुधवार को उसने एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हिंदूवादी संगठन के लोग आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले करने से पहले उसे जमकर पीट भी चुके थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और उसके मोबाइल की जांच की। मोबाइल में 20 से अधिक महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलेजिनमें से 12 महिलाएं महिदपुर क्षेत्र की थीं और बाकी आठ आसपास के क्षेत्रों से थीं।

    हिंसा और प्रदर्शन
    घटना के बाद गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और महिदपुर रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित का जुलूस निकालने और उसके मकान को तोड़ने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गईजिससे इलाके में भारी नुकसान हुआ। पुलिस ने तत्काल स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस के कड़े प्रयासों के बाद ही आरोपित का जुलूस निकाला गया और भारी भीड़ के बीच पुलिस ने उसे बचा लिया।

    पुलिस का बयान और जांच

    उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। उन्होंने कहा“हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। हमने आरोपित को एक दिन की रिमांड पर लिया है और उसके मोबाइल से बरामद वीडियो की जांच की जा रही है।” पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहालइलाके में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।

    यह घटना न केवल नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के कारण चिंता का विषय हैबल्कि इसके बाद का हिंसा और तोड़फोड़ का सिलसिला भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस को इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा तैनात करनी पड़ीऔर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह घटना यह दर्शाती है कि समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर विचार करने की आवश्यकता हैखासकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर।