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  • अमेरिका में वोटर लिस्ट की होगी नागरिकता जांच, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के SAVE सिस्टम को दी मंजूरी

    अमेरिका में वोटर लिस्ट की होगी नागरिकता जांच, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के SAVE सिस्टम को दी मंजूरी


    नई दिल्ली। अमेरिका में मतदाता सूची में नागरिकता सत्यापन को लेकर बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन के संशोधित SAVE सिस्टम के इस्तेमाल का रास्ता फिलहाल साफ कर दिया। इस आदेश के बाद राज्य मतदाता सूची में दर्ज लोगों की नागरिकता की पुष्टि के लिए Department of Homeland Security यानी DHS के SAVE सिस्टम का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि यह व्यवस्था राज्यों के लिए अनिवार्य नहीं है और सुप्रीम कोर्ट का आदेश फिलहाल निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने तक सीमित है।

    SAVE यानी Systematic Alien Verification for Entitlements सिस्टम का इस्तेमाल लंबे समय से नागरिकता और इमिग्रेशन से जुड़ी जानकारी की पुष्टि के लिए किया जाता रहा है। ट्रंप प्रशासन ने 2025 में इसके दायरे को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया था। इसके तहत सिस्टम में प्राकृतिक रूप से जन्मे अमेरिकी नागरिकों से जुड़े रिकॉर्ड और Social Security Administration की जानकारी को भी जोड़ने की व्यवस्था की गई। साथ ही राज्य और स्थानीय चुनाव अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण तथा मौजूदा वोटर लिस्ट में नागरिकता की पुष्टि के लिए इसका इस्तेमाल करने की अनुमति देने की कोशिश की गई।

    इस बदलाव को लेकर कानूनी विवाद भी शुरू हुआ। निचली अदालत ने संशोधित SAVE सिस्टम के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। अदालत में यह तर्क दिया गया था कि नई व्यवस्था से निजी जानकारी की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े होते हैं और गलत डेटा के कारण पात्र अमेरिकी नागरिकों को भी गैर नागरिक के तौर पर चिन्हित किए जाने का जोखिम हो सकता है। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर 2026 को आपातकालीन आदेश के जरिए निचली अदालत की रोक को फिलहाल स्थगित कर दिया।

    सुप्रीम कोर्ट के बहुमत ने कहा कि संघीय सरकार के पास राज्यों और स्थानीय चुनाव अधिकारियों की नागरिकता सत्यापन संबंधी मांगों का जवाब देने का दायित्व है। अदालत ने यह भी कहा कि निचली अदालत का आदेश सरकार को उस कार्यक्रम के इस्तेमाल से रोक रहा है जिसे वह इस काम के लिए उपयुक्त मानती है। इस फैसले से राज्यों को आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की जांच के लिए SAVE सिस्टम का इस्तेमाल करने की अनुमति मिल गई है।

    हालांकि फैसले के साथ कुछ महत्वपूर्ण सीमाएं भी जुड़ी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव के बेहद करीब मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने पर संघीय कानून की पाबंदियां लागू रहती हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में भी इस बात का उल्लेख किया गया है कि ऐसी सीमाएं आगामी चुनाव पर व्यवस्था के तत्काल प्रभाव को सीमित करती हैं। राज्यों की ओर से व्यक्तिगत स्तर पर नागरिकता की जांच की जा सकती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर राज्य को बड़े पैमाने पर नाम हटाने की स्वतः अनुमति मिल गई है।

    इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों सोनिया सोतोमयोर एलेना कगन और केतनजी ब्राउन जैक्सन ने असहमति जताई। विरोध करने वाले पक्ष ने SAVE में Social Security रिकॉर्ड जोड़ने और गलत पहचान की आशंका को लेकर सवाल उठाए हैं। अदालत के सामने यह भी बताया गया कि संशोधित सिस्टम की जानकारी के आधार पर कुछ पात्र नागरिकों को गलत तरीके से गैर नागरिक के तौर पर चिन्हित किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

    फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश अंतिम रूप से पूरे विवाद का निपटारा नहीं करता बल्कि निचली अदालत की रोक को आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान स्थगित करता है। ऐसे में अमेरिका में मतदाता सूची की नागरिकता जांच और SAVE सिस्टम की वैधता को लेकर कानूनी बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।

  • UN महासभा : कई देशों के प्रतिनिधियों से मिले जयशंकर…, ईरान-रूस के समकक्षों से अलग से की मुलाकात

    UN महासभा : कई देशों के प्रतिनिधियों से मिले जयशंकर…, ईरान-रूस के समकक्षों से अलग से की मुलाकात

    न्यूयार्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने शुक्रवार को ईरान और रूस (Iran and Russia) के अपने समकक्षों से मुलाकात की, जिनके साथ द्विपक्षीय मुद्दों, ब्रिक्स समूह में सहयोग और खाड़ी संघर्ष समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। जयशंकर (Jaishankar) ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Russian Foreign Minister Sergey Lavrov) से मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ ब्रिक्स समूह में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के इस समूह का जिक्र करते हुए कहा कि आज रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ सकारात्मक बैठक हुई। कई मौजूदा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। द्विपक्षीय संबंधों और ब्रिक्स में सहयोग की भी समीक्षा की।

    भारत ने इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने हिस्सा लिया था। जयशंकर ने यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र के इतर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हुई बातचीत उपयोगी रही। हमने खाड़ी संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की।

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर कड़ा जवाब दिया, जिसने उनसे आतंकवाद से जुड़ा सवाल पूछा था। यहां पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल का कड़ा जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा कि एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। आप तो बोलो ही मत। जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यंती ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पोत परिवहन और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा पर बने ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ के बारे में संवाददाताओं को संबोधित किया।

    उनके संबोधन के बाद, पाकिस्तानी पत्रकार ने खड़े होकर जयशंकर से चिल्लाते हुए पूछा कि आपकी सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करना कब बंद करेगी? संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने पाकिस्तानी पत्रकार से कहा कि आपने अपना जवाब सुन लिया है। आपने अपना जवाब साफ-साफ सुन लिया है। गुरुवार को, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ संयुक्त राष्ट्र भवन में दाखिल हो रहे थे, तो एक भारतीय पत्रकार ने उनसे पूछा था कि आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?

  • बंगाल: CM शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति द्वारा एंटी-गुंडा बिल लौटाने की खबरों का किया खंडन…?

    बंगाल: CM शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति द्वारा एंटी-गुंडा बिल लौटाने की खबरों का किया खंडन…?


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने शुक्रवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने ‘गुंडा रोधी विधेयक’ को पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार को वापस भेज दिया है। शुभेंदु ने कहा कि प्रस्तावित कानून फिलहाल गृह मंत्रालय के विचाराधीन है। मीडिया के एक वर्ग में खबर आई थी कि राष्ट्रपति ने विधेयक के एक प्रावधान पर आपत्ति जताते हुए इसे लौटा दिया है, जो केंद्र के एक मादक पदार्थ रोधी कानून के साथ ओवरलैप कर सकता है।

    शुभेंदु ने देर शाम राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह फर्जी खबर है। इसका कोई आधार नहीं है। यह विधेयक अभी राष्ट्रपति तक नहीं पहुंचा है और विचार-विमर्श के लिए गृह मंत्रालय के पास ही है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूद मुख्यमंत्री ने कहा कि विधेयक पूर्ण रूप से स्पष्ट है और उन्होंने इसके राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई।

    जून में पारित हुए इस विधेयक का उद्देश्य संगठित अपराध, बार-बार अपराध करने वालों और सार्वजनिक अव्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार को व्यापक अधिकार प्रदान करना है। इस कानून के माध्यम से निवारक हिरासत और संपत्ति जब्ती जैसे उपायों के जरिए सिंडिकेट, जबरन वसूली रैकेट, भूमि कब्जा, अवैध खनन और राजनीतिक हिंसा पर लगाम लगाने का प्रयास किया गया है।

    इससे पहले खबरें आई थीं कि राष्ट्रपति ने एंटी-गुंडा विधेयक राष्ट्रपति द्वारा बिना मंजूरी के वापस लौटा दिया है। ऐसी भी खबरें आई थीं कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बयान दिया है कि अब इसके कानूनी प्रावधानों की जांच करेगी और नए मसौदे पर काम करेगी। इसमें कहा गया था कि एंटी-गुंडा कानून चार अन्य राज्यों में अस्तित्व में है। हम कानूनी तरीकों से काम करेंगे। कोई कठिनाई नहीं होगी।

  • केन्द्र सरकार ने घटाया कर्ज का लक्ष्य…. 1.20 लाख करोड़ रुपये की कटौती की

    केन्द्र सरकार ने घटाया कर्ज का लक्ष्य…. 1.20 लाख करोड़ रुपये की कटौती की


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में बाजार से लिए जाने वाले कर्ज का लक्ष्य (Debt Target) घटा दिया है। सरकार अब पूरे वित्त वर्ष में 15.99 लाख करोड़ रुपये की बाजार उधारी करेगी। बजट में इसके लिए 17.20 लाख करोड़ रुपये का अनुमान रखा गया था। इस तरह सरकार ने सालाना उधारी (Annual Borrowing) के लक्ष्य में 1,20,494 करोड़ रुपये यानी करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये की कटौती की है।


    दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपये की उधारी

    वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने बताया कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही यानी अक्तूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच सरकार 7.86 लाख करोड़ रुपये बाजार से उधार लेगी। यह रकम सरकारी बॉन्ड जारी करके जुटाई जाएगी। इसमें 15,000 करोड़ रुपये के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा, दूसरी छमाही की पूरी उधारी 23 साप्ताहिक नीलामियों के जरिये जुटाई जाएगी।


    पहली छमाही में लक्ष्य से 13,500 करोड़ ज्यादा उधारी

    चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान सरकार करीब 8.13 लाख करोड़ रुपये की बाजार उधारी जुटाएगी। यह पहले तय 8 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से लगभग 13,500 करोड़ रुपये अधिक है। पहली और दूसरी छमाही की उधारी को मिलाकर पूरे वित्त वर्ष के लिए संशोधित बाजार उधारी 15,99,506 करोड़ रुपये बैठती है।


    क्या होता है सरकारी बाजार उधार?

    सरकार की आमदनी और खर्च के बीच अंतर होने पर उसे अतिरिक्त धन की जरूरत पड़ती है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार बाजार से पैसा उधार लेती है। इसके लिए वह सरकारी बॉन्ड या प्रतिभूतियां जारी करती है। इन बॉन्ड को बैंक, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड और दूसरे निवेशक खरीदते हैं। तय अवधि पूरी होने पर सरकार मूल रकम लौटाती है और ब्याज भी देती है।


    ग्रीन बॉन्ड से क्या होगा?

    दूसरी छमाही की उधारी में 15,000 करोड़ रुपये सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड के जरिए जुटाए जाएंगे। इस रकम को सरकार पर्यावरण और हरित परियोजनाओं से जुड़े कामों में लगाने के लिए इस्तेमाल करती है। सरकार की पहली छमाही की उधारी योजना में भी सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड शामिल थे। वित्त मंत्रालय ने मार्च में बताया था कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 8.20 लाख करोड़ की उधारी योजना में 15,000 करोड़ के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड शामिल थे।


    ब्याज चुकाने में भी खर्च होता है उधारी का हिस्सा

    सरकार की उधारी का एक बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज पर ब्याज चुकाने में भी जाता है। वित्त मंत्रालय के जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इस अवधि में 4.27 लाख करोड़ रुपये ब्याज भुगतान पर खर्च किए थे। कुल सरकारी खर्च 17.62 लाख करोड़ रुपये रहा।


    3 साल से 50 साल तक के बॉन्ड होंगे जारी

    दूसरी छमाही में सरकार अलग-अलग अवधि के सरकारी बॉन्ड जारी करेगी। इनमें 3, 5, 7, 10, 15, 30, 40 और 50 साल की अवधि वाले बॉन्ड शामिल हैं। कुल उधारी में 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 26% होगी। इसके बाद 15 साल वाले बॉन्ड की हिस्सेदारी 17.6% और 5 साल के बॉन्ड की 12.1% होगी।

  • अनियंत्रित हुआ ओपनएआई…. बगैर जानकारीअमेरिकी सरकारी वेबसाइटों में दिया दखल

    अनियंत्रित हुआ ओपनएआई…. बगैर जानकारीअमेरिकी सरकारी वेबसाइटों में दिया दखल


    कैलिफोर्निया।
    ओपनएआई (OpenAI’) का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence) अनियंत्रित हो गया और लैब की जानकारी के बिना अमेरिकी सरकार (US Government) की वेबसाइट (Website) में दखल दे दिया। यह जानकारी न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार है।


    किन विभाग के वेबसाइट को बनाया निशाना?

    सुरक्षा शोधकर्ताओं और इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति का हवाला देते हुए, न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि इस गर्मी में एआई लैब की जानकारी के बिना शिक्षा विभाग, वाणिज्य विभाग और प्रतिभूति और विनिमय आयोग की वेबसाइटों को निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वाणिज्य विभाग और एसईसी से जुड़ी घटना की पुष्टि ओपनएआई ने की है, जिसने कहा कि वह स्थिति की जांच जारी रखे हुए है।


    ओपनएआई के सीईओ ने क्या कहा?

    इस बीच, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को कहा कि कंपनी उन एजेंट्स के इस्तेमाल के तरीकों की समीक्षा कर रही है, जिन्हें इंटनेट का एक्सेस मिलता है, लेकिन यह काम उतनी तेजी से नहीं हो रहा है जितनी तेजी से वे चाहते थे।


    पारदर्शिता पर क्या बोले ऑल्टमैन?

    ऑल्टमैन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,’हमारे एजेंट्स के ट्रेनिंग और इवैल्यूएशन के दौरान इंटरनेट इस्तेमाल को लेकर एक बड़ी और लगातार चलने वाली समीक्षा हो रही है। हम नीचे दिए गए लिंक पर इसकी समरी पब्लिश करते रहे हैं। आगे भी करते रहेंगे। हम उतनी तेजी से काम नहीं कर पाए हैं जितनी हमारी इच्छा थी, लेकिन हम पारदर्शिता बनाए रखने और एजेंट्स की एक्टिविटी के पेटाबाइट्स डेटा से साफ समझ बनाने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही प्रभावित संगठनों के साथ भी काम कर रहे हैं। हम गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता तय कर रहे हैं और रिसोर्स भी बढ़ा रहे हैं। अब तक हमने जो घटनाएं देखी हैं, उनमें ‘हगिंग फेस’ (Hugging Face) वाली घटना सबसे गंभीर है। हम जितनी हो सके उतनी पारदर्शिता बरतेंगे, लेकिन इसमें कुछ सीमाएं भी होंगी, जैसे कि दूसरी कंपनियों में हमारे एजेंट्स को मिली कमजोरियां इनके बारे में जानकारी सार्वजनिक करनी है या नहीं। यह उन कंपनियों का फैसला होगा।’


    जांच किन मामलों पर केंद्रित है?

    ओपनएआई ने कहा, ‘हमारी जांच उन मामलों पर केंद्रित है जहां एजेंट ने थर्ड-पार्टी वेबसाइटों के साथ ऐसे तरीके से इंटरैक्ट किया जो उनके सौंपे गए कामों या तय तरीकों से अलग थे। अब तक पहचाने गए ज्यादातर मामले कम गंभीरता वाले रहे हैं, जिनमें थर्ड-पार्टी सर्विस पर किसी खास असर का बहुत कम या कोई सबूत नहीं मिला है।’

    कंपनी ने आगे कहा कि वह उन मामलों में थर्ड-पार्टी को सूचित कर रही है जहां एआई मॉडल ने शायद किसी थर्ड-पार्टी के सिक्योरिटी कंट्रोल को बायपास किया हो या किसी ऑनलाइन सर्विस की उपलब्धता को प्रभावित किया हो, या ऐसे मामले जिनमें थर्ड-पार्टी वेबसाइटों पर बुरा असर पड़ा हो।

    ओपनएआई ने कहा, ‘अब तक की हमारी समीक्षा के आधार पर, हमने ऊपर बताए गए मानदंडों का इस्तेमाल करके दर्जनों थर्ड-पार्टी को सूचित किया है। पिछली गतिविधियों की हमारी समीक्षा जारी है और इसमें काफी समय और संसाधन लगेंगे। जैसे-जैसे यह काम आगे बढ़ेगा, हम और भी थर्ड-पार्टी को सूचित करेंगे।’

    ओपनएआई ने कहा कि लैब से मिलने वाले नोटिफिकेशन को अपने-आप किसी बड़ी सिक्योरिटी घटना का नोटिस नहीं माना जाना चाहिए। उसने कहा कि वह प्रभावित संस्थाओं के साथ संबंधित फाइंडिंग्स शेयर करना जारी रखेगी और उनकी समीक्षा में मदद के लिए तकनीकी जानकारी भी देगी।

  • छत्तीसगढ़: बालोद जिले में ट्रक-पिकअप के बीच जोरदार टक्कर, 6 लोगों की मौत, 7 घायल

    छत्तीसगढ़: बालोद जिले में ट्रक-पिकअप के बीच जोरदार टक्कर, 6 लोगों की मौत, 7 घायल


    बालोद।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद जिले (Balod district) में नेशनल हाईवे-30 (National Highway 30) पर शुक्रवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. धमतरी से कांकेर के बीच मरकटोला घाट में डीजे सिस्टम लेकर जा रही पिकअप और धान से भरे ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई. हादसा इतना भीषण था कि पिकअप और डीजे सिस्टम के परखच्चे उड़ गए।

    हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य घायल बताए जा रहे हैं. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

    हादसा बालोद जिले के पुरुर थाना क्षेत्र में हुआ. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है. एडिशनल एसपी चन्द्रकान्त गवर्ना ने 6 लोगों की मौत और 7 के घायल होने की पुष्टि की है।

  • MP: खंडवा में पटवारी का बड़ा कारनामा…. अपने और पत्नी के नाम करा लीं गांव की 51 जमीनें!

    MP: खंडवा में पटवारी का बड़ा कारनामा…. अपने और पत्नी के नाम करा लीं गांव की 51 जमीनें!


    खंडवा।
    17 सितंबर से मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ‘स्वामित्व भू-अधिकार निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ (‘Swamitva Land Rights Execution and Registration Scheme-2026’) लागू हुई है, जिसका मकसद ग्रामीण आबादी को निशुल्क रजिस्ट्री और भू-अधिकार दिलाना है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले (Khandwa district) से जो खबर आई है, उसने प्रशासनिक तंत्र की नीयत और निष्ठा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस पटवारी के कंधों पर ग्रामीणों की जमीन का रिकॉर्ड सहेजने की जिम्मेदारी थी, उसी ने पद का बेजा इस्तेमाल करते हुए सरकारी चबूतरों, सार्वजनिक बावड़ियों और गरीबों के मकानों के पट्टे अपने और अपनी पत्नी के नाम लिखवा लिए. एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 51 पट्टे।

    यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम कोलगांव का है. सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ के तहत गांव में कुल 935 आवासीय पट्टे जारी किए जाने थे. ग्रामीणों को आस थी कि बरसों से जिस जमीन पर वे रह रहे हैं, उसका मालिकाना हक उन्हें मिलेगा. लेकिन योजना के क्रियान्वयन से पहले ही तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई ने सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी की।

    पटवारी राजेश मंडलोई ने गांव के रिकॉर्ड में हेरफेर कर अपने नाम 48 और अपनी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम 3 पट्टे दर्ज करा लिए. यानी गांव के कुल पट्टों में से 51 पट्टे अकेले पटवारी के परिवार के नाम दर्ज हो गए।

    डॉगी बनकर प्रदर्शन करने वाले दीपक राठौर बोले…
    इस पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ, जब ग्रामीण शुभम तोमर ने इसकी शिकायत की और कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने दस्तावेजों के साथ पूरे मामले को सामने रखा. ग्रामीणों के मुताबिक, दो-तीन साल पहले पटवारी राजेश मंडलोई सर्वे के नाम पर रिकॉर्ड दुरुस्त करने आए थे. लेकिन उन्होंने चुपके से सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर अपना नाम चढ़ा दिया।

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने आरोप लगाया कि शुभम तोमर के घर के पीछे स्थित सार्वजनिक बावड़ी, जिससे पूरा गांव पानी पीता है, उसे पटवारी ने अपने नाम कर लिया. हद तो तब हो गई, जब गांव के बस स्टैंड पर बना RCC का सार्वजनिक चबूतरा और ग्रामीण बलिराम का मकान यानी खसरा नंबर 530 भी पटवारी के रिकॉर्ड में दर्ज पाया गया. जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने जब इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की तो उन्होंने भी इसे देखकर गंभीरता से लिया।

    शासन ने ‘स्वामित्व योजना’ के तहत पटवारियों को जमीन की रजिस्ट्री करने के अधिकार दिए हैं. कोलगांव पंचायत में पूर्व पटवारी ने 51 पट्टे अपने और अपने परिवार के नाम करा लिए हैं. यह योजना शुरू होने के पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है. यह सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश में भी कई मामले हो सकते हैं. तत्काल इसकी जांच कमेटी बनाकर जांच की जाए, इससे और भी कई मामले उजागर हो सकते हैं. इससे वाजिब लोग अपने हक से वंचित हो रहे हैं. दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

    मामला उजागर होते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान पटवारी राकेश पटेल को मौके पर भेजकर स्थलीय जांच कराई गई. ग्रामीणों की मौजूदगी में जब खसरों का मिलान हुआ, तो गड़बड़ी की पुष्टि हुई।

    जांच रिपोर्ट सामने आते ही खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया और आरोपी पटवारी राजेश मंडलोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. इसके साथ ही कोलगांव के सभी 935 खसरों और पट्टों की दोबारा जांच कर रिकॉर्ड को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं।

  • चीखें सुनकर रोकी गाड़ी फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सिपाही ने राइफल से तोड़ा शीशा 5 लोगों की बची जान

    चीखें सुनकर रोकी गाड़ी फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सिपाही ने राइफल से तोड़ा शीशा 5 लोगों की बची जान


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के बाद पुलिस के एक सिपाही दंपति ने जिस तरह समय रहते पांच लोगों की जान बचाई उसकी चर्चा हो रही है। एक्सप्रेसवे पर एक कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसे के बाद कार में सवार पांच लोग अंदर ही फंस गए। दुर्घटनाग्रस्त वाहन से मदद के लिए चीख पुकार सुनाई दे रही थी लेकिन कार का दरवाजा और शीशा आसानी से नहीं खुल रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह की नजर हादसे पर पड़ी। दोनों ने बिना समय गंवाए अपनी गाड़ी रोकी और लोगों को बचाने के लिए मौके पर पहुंच गए।

    यह घटना लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 171 कट के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सिपाही अमित तेवतिया अपनी पत्नी अर्चना सिंह के साथ सौरिख से कन्नौज की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सड़क किनारे पलटी हुई कार देखी। कार के अंदर पांच लोग फंसे हुए थे और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। हादसे की गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया।

    कार के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने में सबसे बड़ी परेशानी शीशा नहीं खुलने की थी। स्थिति को देखते हुए सिपाही अमित तेवतिया ने अपनी सर्विस राइफल की मदद से कार का शीशा तोड़ा। इसके बाद बचाव का रास्ता बना और पति पत्नी ने मिलकर कार के अंदर फंसे लोगों को एक एक करके बाहर निकालना शुरू किया। दोनों की तत्परता के कारण पांचों लोगों को कार से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    हादसे में घायल सभी पांच लोगों को इलाज के लिए सौरिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी CHC में भर्ती कराया गया है। वहां उनका उपचार चल रहा है। हादसे के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल रहा लेकिन पुलिसकर्मी दंपति के तत्काल पहुंचने और रेस्क्यू शुरू करने से घायलों को समय पर कार से बाहर निकाला जा सका।

    इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सिपाही दंपति दुर्घटनाग्रस्त कार के पास पहुंचकर लोगों को बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। हादसे के बीच दोनों की तत्परता और साहस की लोग तारीफ कर रहे हैं। खास बात यह रही कि सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह ने मौके की गंभीरता को समझते हुए किसी तरह की देरी नहीं की और तुरंत मदद के लिए आगे आए।

    सड़क हादसों में दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे समय पर समय पर मिलने वाली मदद घायल लोगों के लिए अहम साबित हो सकती है। कन्नौज की इस घटना में भी पुलिसकर्मी दंपति की त्वरित कार्रवाई ने पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद दोनों की बहादुरी और मानवीय संवेदना की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है।

  • संबंध सुधारने में जुटे अमेरिका-चीन….. इस साल दो बार होगी ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात

    संबंध सुधारने में जुटे अमेरिका-चीन….. इस साल दो बार होगी ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात


    वॉशिंगटन।
    अमेरिका और चीन (America and China) के बीच संबंध सुधरने लगे हैं। अमेरिका (America) के अपने राजकीय दौरे के समापन से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (President Xi Jinping) ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) से दो बार और मुलाकात होगी। शी ने ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया को नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया। चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि इसके एक महीने बाद फ्लोरिडा में ‘ट्रंप नेशनल डोरल मियामी गोल्फ क्लब’ में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी फिर से मुलाकात हो सकती है।

    शी ने कहा, ”मैं राष्ट्रपति और प्रथम महिला को चीन आने के लिए आमंत्रित करता हूं।” इस पर ट्रंप ने कहा, ”हम आएंगे और हम काफी बातचीत करेंगे।” चीनी राष्ट्रपति के दौरे के समापन से पहले ट्रंप उन्हें राष्ट्रीय अभिलेखागार भी ले जाएंगे। ट्रंप दुनिया के सबसे शक्तिशाली साम्यवादी देश के नेता को अमेरिकी लोकतंत्र के महत्वपूर्ण मूल दस्तावेज दिखाएंगे।

    शी के अमेरिका के राष्ट्रीय अभिलेखागार का दौरा करने के बाद वाशिंगटन से रवाना होने की संभावना है। यहां स्वतंत्रता की घोषणा, संविधान और अधिकार विधेयक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखे गए हैं। शी की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब अमेरिका अपनी स्थापना की 250वीं वर्षगांठ मना रहा है। ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह शी को ”उस गौरवशाली इतिहास के कुछ सबसे महत्वपूर्ण खजाने” दिखाना चाहते हैं।

    ट्रंप दंपति ने गुरुवार रात प्रौद्योगिकी उद्योग के दिग्गजों की मौजूदगी में अपने मेहमानों के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया था। दोनों नेताओं ने बृहस्पतिवार को बंद कमरे में 90 मिनट तक बैठक भी की। बैठक के बाद चीन सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व, यूक्रेन और कोरियाई प्रायद्वीप जैसे मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने इस चर्चा के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है।

    वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से साफ शब्दों में कहा है कि ईरान को किसी भी प्रकार की सीधे-सीधे या छिपकर की जाने वाले मदद उन्हें बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है, चाहे यह मदद खुफिया जानकारी से लेकर, सैन्य उपकरण और तकनीकी पुर्जे मुहैया कराने जैसी हो। चीन में अमेरिका के राजदूत डेविड पेड्यू ने अमेरिका में हुई दोनों शीर्ष नेताओं की बैठक के संदर्भ में यह जानकारी दी।

    पेड्यू ने बताया कि गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे पर अमेरिका का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन पिछले कुछ हफ्तों से लगातार इस विषय को उठाता रहा है और इसे ताइवान से जुड़ी अमेरिकी प्रतिबद्धताओं से अलग रखकर देखा जा रहा है।

  • शुक्र की चाल से चमकेगा भाग्य 5 राशियों को मिल सकता है पैसा करियर और कारोबार में लाभ जानें पूरी भविष्यवाणी

    शुक्र की चाल से चमकेगा भाग्य 5 राशियों को मिल सकता है पैसा करियर और कारोबार में लाभ जानें पूरी भविष्यवाणी


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम सौंदर्य सुख सुविधा धन और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। जब शुक्र की स्थिति राशि परिवर्तन करती है तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग अलग तरीके से देखने को मिलता है। इस समय शुक्र अपनी स्वराशि तुला में गोचर कर रहे हैं और ज्योतिषीय गणना के अनुसार आने वाले 11 दिन कुछ राशियों के लिए विशेष रह सकते हैं। इस दौरान आर्थिक स्थिति में सुधार से लेकर करियर कारोबार और रिश्तों से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत बताए जा रहे हैं। शुक्र तुला राशि में 6 नवंबर 2026 तक रहने वाले हैं और इसी वजह से कन्या तुला कुंभ मकर और धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि खास मानी जा रही है।

    कन्या राशि वालों के लिए शुक्र का यह गोचर आर्थिक मामलों में राहत देने वाला हो सकता है। कमाई खर्च और बचत के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर मिल सकता है। लंबे समय से अटके हुए कामों में गति आने की संभावना है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई नया अवसर मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं। प्रेम संबंधों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं और रिश्तों में समझ बढ़ने के संकेत हैं।

    तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का गोचर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शुक्र इसी राशि में प्रवेश कर चुके हैं। आने वाले दिनों में करियर से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को काम में बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिल सकता है। निजी जीवन में भी रिश्तों को मजबूत करने के अवसर मिलेंगे। जो लोग लंबे समय से किसी बड़े बदलाव की योजना बना रहे हैं उनके लिए यह समय अनुकूल रह सकता है।

    कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र का प्रभाव कार्यक्षेत्र में राहत लेकर आ सकता है। नौकरी में चल रहा तनाव कम हो सकता है और काम को लेकर सकारात्मक माहौल बन सकता है। कारोबार करने वाले लोगों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है जिससे भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। परिवार का सहयोग भी प्राप्त हो सकता है। आर्थिक मामलों में खर्च और आय के बीच संतुलन बनाने का अवसर मिलेगा।

    मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर नई शुरुआत के संकेत दे रहा है। नया कारोबार शुरू करने या किसी स्टार्टअप पर काम करने वाले लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। जिन योजनाओं में लंबे समय से रुकावट आ रही थी उनमें गति आने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है और बचत से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं। आने वाले दिनों में पैसों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने का मौका मिलेगा।

    धनु राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर आर्थिक और पारिवारिक मामलों में राहत देने वाला माना जा रहा है। कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक परेशानियों में कमी आ सकती है। इसके साथ ही परिवार में आपसी संबंध बेहतर होंगे और अपनों के साथ अच्छा समय बिताने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां आस्था और मान्यताओं पर आधारित होती हैं इसलिए इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं लेना चाहिए।