Blog

  • शनिवार के दिन ऐसे करें शनि देव की पूजा व्रत से जुड़े नियम और विधि जानकर मिलेगा मन को संतोष

    शनिवार के दिन ऐसे करें शनि देव की पूजा व्रत से जुड़े नियम और विधि जानकर मिलेगा मन को संतोष


    नई दिल्ली। शनिवार का दिन भगवान शनि देव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को अनुशासन के साथ अपने कर्मों पर ध्यान देने की प्रेरणा मिलती है। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है इसलिए इस दिन पूजा के साथ अच्छे आचरण और जरूरतमंद लोगों की सहायता को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। अगर आप शनिवार का व्रत करना चाहते हैं तो पूजा विधि और व्रत से जुड़े नियमों की जानकारी होना जरूरी है।

    शनिवार व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थल की सफाई करें और भगवान शनि देव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा के दौरान शनि देव की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। दीपक को श्रद्धा के साथ जलाने के बाद शनि देव की पूजा करें और उन्हें तेल तथा काले तिल अर्पित किए जा सकते हैं।

    पूजा के दौरान शनि देव के मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार शनि देव के मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके साथ ही हनुमान जी की पूजा करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि हनुमान जी की भक्ति करने से मन में भय कम होता है और व्यक्ति को सकारात्मकता मिलती है। शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना भी कई लोग शुभ मानते हैं।

    शनिवार व्रत के दौरान भोजन को लेकर भी अलग अलग धार्मिक परंपराएं हैं। कुछ लोग पूरे दिन निर्जल व्रत रखते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। व्रत रखने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। फलाहार करने वाले लोग फल दूध और व्रत में खाए जाने वाले सात्विक भोजन का सेवन कर सकते हैं। व्रत का उद्देश्य केवल भोजन का त्याग करना नहीं बल्कि मन और व्यवहार में संयम रखना भी माना जाता है।

    शनिवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। काले तिल काला वस्त्र सरसों का तेल और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करने की परंपरा कई स्थानों पर है। किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना भी पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार दान करते समय दिखावे से बचना चाहिए और श्रद्धा को महत्व देना चाहिए।

    शनिवार को किसी के साथ गलत व्यवहार करने से बचना चाहिए। क्रोध विवाद और अपशब्दों से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। पूजा के साथ अपने कर्मों में ईमानदारी रखना भी इस दिन के संदेश से जोड़ा जाता है। शाम के समय दोबारा दीपक जलाकर शनि देव का स्मरण किया जा सकता है। इसके बाद अपनी परंपरा और संकल्प के अनुसार व्रत का पारण किया जाता है।

    शनिवार व्रत से जुड़ी मान्यताएं अलग अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग हो सकती हैं। इसलिए पूजा करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय धार्मिक विधि का भी ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में विश्वास रखने वाले लोग शनिवार को पूजा के साथ सेवा दान और संयम को जीवन में अपनाकर इस दिन को विशेष बना सकते हैं।

  • अक्टूबर से 122 दिन शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्‍मत

    अक्टूबर से 122 दिन शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्‍मत


    नई दिल्ली। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को रात 7 बजकर 28 मिनट पर शनि नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि के उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश के बाद करीब 122 दिनों तक इसका प्रभाव रहने की मान्यता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान वृषभ, मिथुन, कन्या, मकर और तुला राशि के जातकों के करियर और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं।

    ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और मेहनत से जुड़ा ग्रह माना जाता है। शनि की चाल में होने वाले बदलाव का प्रभाव लंबे समय तक रहने की मान्यता है। इस बार शनि का नक्षत्र परिवर्तन इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर भाद्रपद को शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है।

    9 अक्टूबर को क्या बदलेगा?
    फिलहाल शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर कर रहे हैं। 9 अक्टूबर को रात 7 बजकर 28 मिनट पर वे उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। उपलब्ध ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह परिवर्तन करीब 122 दिनों की अवधि से जुड़ा है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इस दौरान शनि का प्रभाव कामकाज, आर्थिक स्थिति और जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों में अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है।

    शनि को मेहनत और कर्म के आधार पर परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। इसलिए इस अवधि में जल्दबाजी के बजाय नियमित मेहनत और अनुशासन पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

    वृषभ: नौकरी और आमदनी में बदलाव की संभावना
    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन नौकरी और आर्थिक मामलों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ आमदनी में सुधार की संभावना भी बताई गई है।

    जो लोग लंबे समय से किसी नए अवसर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अपने प्रयास जारी रखने चाहिए। नौकरीपेशा लोगों के लिए काम में बदलाव या नई भूमिका सामने आने की ज्योतिषीय मान्यता है।

    मिथुन: आय के नए रास्ते बन सकते हैं
    मिथुन राशि वालों के लिए 9 अक्टूबर के बाद का समय आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आय के नए साधन बनने या पहले से चल रहे काम से लाभ मिलने की संभावना बताई गई है।

    नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल रहने की मान्यता है। हालांकि आर्थिक फैसले लेते समय बजट और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी रहेगा।

    कन्या: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी के योग
    कन्या राशि के जातकों के करियर में बदलाव देखने को मिल सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बताई गई है। कुछ लोगों को बेहतर नौकरी का प्रस्ताव भी मिल सकता है।

    कारोबार करने वालों के लिए भी नए अवसर सामने आने की ज्योतिषीय मान्यता है। इस दौरान किसी पुराने प्रोजेक्ट या लंबे समय से रुके हुए काम से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है।

    मकर: प्रॉपर्टी और आर्थिक लाभ के अवसर
    मकर राशि के स्वामी शनि ही हैं। इसलिए शनि के अपने नक्षत्र में प्रवेश को इस राशि के लिए विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है।

    आर्थिक स्थिति में अचानक लाभ के अवसर भी बन सकते हैं। हालांकि किसी बड़े निवेश या संपत्ति से जुड़े फैसले लेने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी होगा।

    तुला: अटके काम आगे बढ़ने की मान्यता
    तुला राशि के जातकों के लिए शनि का यह बदलाव लंबे समय से रुके कामों को गति देने वाला माना जा रहा है। अटके हुए काम दोबारा शुरू हो सकते हैं।

    कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाने में भी मदद मिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, ताकि आर्थिक लाभ का सही इस्तेमाल किया जा सके।

    किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असर?
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के नक्षत्र परिवर्तन का असर मुख्य रूप से करियर, आय, कारोबार, जिम्मेदारियों और संपत्ति से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है। किसी व्यक्ति को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि किसी के लंबे समय से रुके काम आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।

    हालांकि शनि के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव व्यक्ति की पूरी जन्मकुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर माना जाता है। इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
    ज्योतिष में शनि को अनुशासन और कर्म से जोड़ा जाता है। इसलिए इस अवधि में काम को टालने के बजाय समय पर पूरा करने, जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने और आर्थिक मामलों में अनावश्यक जोखिम से बचने की सलाह दी जाती है।

  • ईरान का 7 दिन का प्लान ट्रंप ने ठुकराया, नवंबर के बाद फिर हमले की आशंका

    ईरान का 7 दिन का प्लान ट्रंप ने ठुकराया, नवंबर के बाद फिर हमले की आशंका


    नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका के सामने तनाव कम करने के लिए 7 दिन का प्रस्ताव रखा था, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत फिर शुरू करने की पेशकश की गई थी। इसके बदले ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, तेल बिक्री प्रतिबंधों में राहत और लेबनान को शामिल करते हुए युद्धविराम की मांग की थी। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर के मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा अमेरिकी हमले की संभावना जताई गई है।

    ईरान ने रखा था सात दिन का फॉर्मूला

    ईरान का प्रस्ताव कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि अमेरिका यदि प्रस्ताव स्वीकार करता है तो सात दिन की समयसीमा उसी दिन से शुरू हो जाएगी। उनका कहना था कि इसके लिए जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।

    प्रस्ताव के तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए तैयार था। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत दोबारा शुरू करने की बात कही गई थी।

    इसके बदले ईरान ने अमेरिका के सामने तीन शर्तें रखी थीं—

    ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाई जाए।
    ईरान के तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में छूट दी जाए।
    ऐसा युद्धविराम लागू किया जाए, जिसमें लेबनान भी शामिल हो।

    अराघची के मुताबिक, अमेरिका इन कदमों को चार से पांच दिन में पूरा कर सकता था। इसके बाद छठे दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और सातवें दिन अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने का प्रस्ताव था।

    ट्रंप ने क्यों ठुकराया प्रस्ताव?

    वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। ट्रंप को भरोसा नहीं है कि ईरान उनकी मांगों को पूरा करेगा। इसी वजह से उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा है कि नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ दोबारा बमबारी शुरू हो सकती है।

    हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अगर अमेरिका दोबारा हमला करता है तो उसका स्तर कितना बड़ा होगा।

    रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप फिलहाल बड़े सैन्य अभियान को लेकर पूरी तरह तैयार नजर नहीं आ रहे हैं। इसकी एक वजह अमेरिका के हथियारों का घटता भंडार बताया गया है। अमेरिका अपने हथियारों को दूसरी संभावित सैन्य जरूरतों के लिए भी बचाकर रखना चाहता है।

    अराघची बोले- अब फैसला अमेरिका के हाथ में

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि अब फैसला अमेरिका को करना है। उनका कहना था कि ईरान दबाव, धमकी या डराने की कोशिश के आगे अपने संप्रभु अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा।

    इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियान ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के रुख का स्वागत किया है। उन्होंने बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाने के समर्थन के लिए शी का शुक्रिया अदा किया।

    बातचीत और सैन्य कार्रवाई के बीच अटका मामला

    फिलहाल ईरान ने तनाव कम करने के लिए सात दिन का रास्ता सामने रखा है, लेकिन ट्रंप ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। अमेरिका को ईरान की ओर से अपनी मांगें पूरी किए जाने पर संदेह है। दूसरी ओर, नवंबर के मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा अमेरिकी हमले की संभावना सामने आई है।

    ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता खुलता है या तनाव फिर सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ता है, यह ट्रंप के अगले रुख पर निर्भर करेगा।

  • एमपी में फिर बदला मौसम, 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, निवाड़ी-टीकमगढ़ समेत 4 में ऑरेंज अलर्ट

    एमपी में फिर बदला मौसम, 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, निवाड़ी-टीकमगढ़ समेत 4 में ऑरेंज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। मौसम विभाग ने शनिवार को जबलपुर और रीवा समेत 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट है। तेज बारिश की आशंका को देखते हुए सतना में नर्सरी से कक्षा 8वीं और मैहर में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के स्कूल शनिवार को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

    18 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

    IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, अगले 24 घंटे में भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश हो सकती है।

    वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अगले 48 घंटे बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    सतना-मैहर में स्कूलों की छुट्टी

    मूसलधार बारिश की चेतावनी को देखते हुए सतना जिले में शनिवार को नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इसी तरह मैहर जिले में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे।

    इन जिलों में बूंदाबांदी के आसार

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा और मंदसौर में बूंदाबांदी का अनुमान है।

    इसके अलावा शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर और पन्ना में भी बूंदाबांदी हो सकती है।

    अगले 48 घंटे अहम, निचले इलाकों में सावधानी

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार सितंबर के आखिरी सप्ताह में मध्य प्रदेश का मौसम फिर सक्रिय है। गहरे अवदाब की तीव्रता लगातार कम हो रही है, लेकिन इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और इससे जुड़ी नमी के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है।

    उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन, किसान और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।

    मानसून की विदाई में अब 5 दिन बाकी

    मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है। यानी मानसून की विदाई में अब पांच दिन बाकी हैं। आने वाले दिनों में प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है।

    सामान्य से 2.2 इंच कम बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 880.5 मिमी यानी 34.7 इंच बारिश दर्ज हुई है। यह सामान्य बारिश 937.9 मिमी यानी 36.9 इंच से 2.2 इंच कम है।

    प्रदेश में ओवरऑल सामान्य से 6% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा सामान्य के बराबर है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% कम पानी गिरा है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य के बराबर पहुंच गया है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 4% से 21% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में इन आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। शुक्रवार को भी प्रदेश के पूर्वी हिस्से का आंकड़ा सामान्य के बराबर आ गया।

    पश्चिमी हिस्से में 8 से 50% तक कमी

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • आज का राशिफल 26 सितंबर कई राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते पढ़ें मेष से मीन तक पूरा राशिफल

    आज का राशिफल 26 सितंबर कई राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते पढ़ें मेष से मीन तक पूरा राशिफल


    नई दिल्ली। 26 सितंबर 2026 का दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव और नए अवसर लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के कामकाज धन परिवार और रिश्तों से जुड़े मामलों पर दिखाई दे सकता है। कुछ राशि वालों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं तो कुछ लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दिन अपनी प्राथमिकताओं को तय करने और अधूरे काम पूरे करने का हो सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक आज का दिन कैसा रह सकता है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। आपकी मेहनत अधिकारियों की नजर में आ सकती है। कारोबार करने वाले लोगों को किसी नए संपर्क से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में किसी सदस्य के साथ बातचीत करते समय संयम रखना बेहतर रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    वृषभ राशि के लोगों को आज अपने काम पर विशेष ध्यान देना होगा। नौकरी में किसी पुराने काम को पूरा करने का दबाव बढ़ सकता है लेकिन मेहनत से स्थिति संभल सकती है। कारोबार में निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही से बचें और पर्याप्त आराम करें।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन नए संपर्क और बातचीत के लिहाज से उपयोगी रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सलाह को महत्व मिल सकता है। व्यापार में किसी पुराने ग्राहक से दोबारा संपर्क हो सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहने की संभावना है। किसी करीबी व्यक्ति से मन की बात साझा करने से तनाव कम हो सकता है।

    कर्क राशि वालों को आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। कारोबार में प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है लेकिन धैर्य से काम लेने पर स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार में किसी सदस्य की मदद करनी पड़ सकती है। धन के मामले में अनावश्यक खर्च से बचें।

    सिंह राशि के लोगों के लिए दिन उपलब्धियों वाला रह सकता है। कामकाज में आपकी सक्रियता का लाभ मिल सकता है। अधिकारी आपके प्रदर्शन से प्रभावित हो सकते हैं। व्यापारियों को किसी सौदे में लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार में खुशी का माहौल रह सकता है। हालांकि अपनी बात रखते समय दूसरों की भावनाओं का भी ध्यान रखें।

    कन्या राशि वालों को आज योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी रहेगा। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में कागजी कामकाज को ध्यान से पूरा करें। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी होगी। घर परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो तो बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश करें।

    तुला राशि के लिए आज का दिन संतुलन बनाए रखने का संकेत दे रहा है। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में नए अवसरों पर विचार कर सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में स्थिति सामान्य रहने की संभावना है। रिश्तों में मधुरता बढ़ सकती है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात भी हो सकती है।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज मेहनत का महत्व बढ़ जाएगा। कार्यक्षेत्र में किसी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है लेकिन आप अपनी सूझबूझ से रास्ता निकाल सकते हैं। कारोबार में जल्दबाजी से बचें। परिवार में किसी बड़े व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। स्वास्थ्य के मामले में अपनी दिनचर्या व्यवस्थित रखें।

    धनु राशि वालों के लिए दिन नई उम्मीद लेकर आ सकता है। नौकरी या कारोबार से जुड़ा कोई सकारात्मक समाचार मिल सकता है। यात्रा की योजना बन सकती है। आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर मिल सकते हैं लेकिन जोखिम भरे निवेश से बचना बेहतर होगा। परिवार में सहयोग और सामंजस्य बना रहेगा।

    मकर राशि वालों को आज मेहनत के साथ धैर्य भी रखना होगा। कार्यक्षेत्र में किसी काम का परिणाम उम्मीद से थोड़ा देर से मिल सकता है। कारोबार में पुराने संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए बजट बनाकर चलें। परिवार के साथ बातचीत करते समय कटु शब्दों से बचें।

    कुंभ राशि वालों के लिए दिन रचनात्मक कामों के लिए अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई योजना पर काम करने का मौका मिल सकता है। कारोबार में नई रणनीति बनाने का समय है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। रिश्तों में विश्वास बनाए रखने से परिस्थितियां बेहतर रहेंगी।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। व्यापार में लाभ के अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशहाल हो सकता है। हालांकि अपनी सेहत और आराम का ध्यान रखना जरूरी रहेगा। कुल मिलाकर आज का दिन योजनाओं को आगे बढ़ाने और सकारात्मक सोच के साथ काम करने का संकेत दे रहा है।

  • तृषा कृष्णन पर टिप्पणी को लेकर सीएम विजय का DMK पर हमला, मदुरंतकम उपचुनाव में भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना

    तृषा कृष्णन पर टिप्पणी को लेकर सीएम विजय का DMK पर हमला, मदुरंतकम उपचुनाव में भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना


    नई दिल्ली ।
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मदुरंतकम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान डीएमके पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। तृषा कृष्णन से जुड़ी विवादित टिप्पणी के संदर्भ में उन्होंने डीएमके नेताओं पर निशाना साधते हुए पार्टी को चुनावी मुकाबले में अपनी मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताया। इस दौरान उन्होंने एमके स्टालिन के लिए ‘स्वीट अंकल’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि राजनीतिक लड़ाई उनकी पार्टी टीवीके और डीएमके के बीच है।

    मदुरंतकम में होने वाला विधानसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस सीट से मारगाथम कुमारवेल को टीवीके ने उम्मीदवार बनाया है। वह इससे पहले एआईएडीएमके के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं, लेकिन बाद में विधायक पद से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो गईं। इसी घटनाक्रम के बाद मदुरंतकम सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी है।

    प्रचार के दौरान विजय ने आरोप लगाया कि डीएमके के नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का काम जनता की सेवा करना है और सरकार को चुनावी वादों तथा कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को नहीं छोड़ेगी।

    विजय ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डीएमके को घेरते हुए कहा कि जब वह विधानसभा में भ्रष्टाचार के बारे में बात करते हैं तो विपक्ष उनसे सबूत मांगता है। उनके मुताबिक, भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने पर उन्हें विधानसभा में बोलने से रोकने और बदनाम करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने पुराने मामलों का उल्लेख किए जाने पर डीएमके की आपत्ति का भी जिक्र किया।

    मुख्यमंत्री ने चुनावी मुकाबले को दो राजनीतिक ताकतों के बीच बताया। उन्होंने अपनी पार्टी टीवीके को ‘अच्छी ताकत’ और डीएमके को ‘बुरी ताकत’ के रूप में पेश किया। यह उनके चुनावी भाषण का राजनीतिक दावा था, जबकि उपचुनाव में कई दल अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ मैदान में हैं।

    विजय ने एआईएडीएमके पर भी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि वह अब डीएमके की एक शाखा जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि डीएमके के लिए उनका विरोध नया नहीं है और इसकी तुलना उन्होंने एमजीआर तथा जयललिता के दौर की राजनीतिक लड़ाई से की।

    तृषा कृष्णन से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने डीएमके के नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इससे पहले इस मामले को लेकर टीवीके कार्यकर्ताओं और महिला विंग की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि इस पूरे विवाद में लगाए गए आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    विजय सरकार द्वारा 24 अगस्त को परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रद्द किए जाने का मुद्दा भी उनके भाषण में सामने आया। सरकार ने इस फैसले के पीछे कृषि भूमि, किसानों की आजीविका और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को आधार बताया था। परियोजना रद्द किए जाने के बाद डीएमके और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव भी सामने आया।

    मदुरंतकम उपचुनाव के बीच विजय का यह अभियान टीवीके और डीएमके के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से चुनावी मुद्दों और सरकार के कामकाज को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।

  • किचन के कपड़े से बदबू नहीं जा रही तो अपनाएं ये आसान उपाय, नमी और तेल की गंध होगी कम

    किचन के कपड़े से बदबू नहीं जा रही तो अपनाएं ये आसान उपाय, नमी और तेल की गंध होगी कम

    नई दिल्ली ।रसोई में बर्तन पोंछने, गैस के आसपास गिरे पानी या तेल को साफ करने और किचन की अलग-अलग सतहों को पोंछने के लिए कपड़े का इस्तेमाल रोज किया जाता है। लगातार इस्तेमाल के कारण कई बार कपड़े में ऐसी बदबू आने लगती है, जो बार-बार धोने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं होती। कपड़ा देखने में साफ हो सकता है, लेकिन उसमें बासी या तेल जैसी गंध बनी रह सकती है।

    इस समस्या की एक वजह कपड़े को इस्तेमाल करने और धोने का तरीका भी हो सकता है। केवल ज्यादा डिटर्जेंट डालने या तेज खुशबू वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से बदबू की असली वजह खत्म नहीं होती। कुछ आसान आदतों में बदलाव करके किचन के कपड़े को साफ और गंधमुक्त रखने में मदद मिल सकती है।

    इस्तेमाल के बाद गीले कपड़े को तुरंत बंद जगह में रखने से बचना चाहिए। अगर कपड़े को बिना सुखाए टोकरी, बैग या किसी बंद स्थान में डाल दिया जाए, तो उसमें नमी बनी रहती है। ऐसी स्थिति बदबू पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों के बढ़ने के लिए अनुकूल हो सकती है।

    इसलिए इस्तेमाल के बाद कपड़े को अच्छी तरह फैलाकर सुखाना जरूरी है। इसे रसोई में किसी हवादार जगह पर लटकाया जा सकता है। ओवन के हैंडल या छोटे ड्राइंग रैक जैसी जगह का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते कपड़ा वहां अच्छी तरह सूख सके। गीले कपड़े को पूरी तरह सूखने से पहले बंद स्थान पर रखने से बचना चाहिए।

    एक ही किचन कपड़े को लगातार कई दिनों तक इस्तेमाल करने से भी समस्या बढ़ सकती है। खाना बनाने के दौरान कपड़े में तेल, खाने के छोटे कण और नमी जमा होती रहती है। समय के साथ इन्हें पूरी तरह साफ करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए किचन के कपड़े नियमित रूप से बदलना बेहतर तरीका है। रोज इस्तेमाल होने वाले कपड़े को रोज बदलने की आदत रखी जा सकती है।

    इसके लिए घर में कई किचन कपड़े रखना उपयोगी हो सकता है। इस्तेमाल किया हुआ कपड़ा धोने के लिए अलग रखा जा सकता है और उसकी जगह साफ कपड़ा इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे एक ही कपड़े पर लगातार गंदगी और नमी जमा होने की स्थिति कम होगी।

    बदबू आने पर कपड़े को सिर्फ पानी से धोना पर्याप्त नहीं हो सकता। किचन में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों की नियमित और अच्छी तरह धुलाई जरूरी है। कपड़ों की सफाई के लिए डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते समय भी उसकी जरूरत से ज्यादा मात्रा नहीं डालनी चाहिए। ज्यादा डिटर्जेंट का मतलब हमेशा ज्यादा सफाई नहीं होता। एंजाइम वाले डिटर्जेंट गंदगी और दाग को हटाने में मदद कर सकते हैं।

    बदबू को केवल तेज खुशबू वाले उत्पाद से ढकने के बजाय उसकी वजह दूर करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर धोने के दौरान बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है या कपड़े को सिरके में कम से कम 30 मिनट तक भिगोया जा सकता है। हालांकि, ऐसे किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले कपड़े के फैब्रिक और केयर लेबल की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

    किचन के कपड़ों को दूसरे घरेलू कपड़ों से अलग रखना भी बेहतर है। इनमें तेल, खाने के अवशेष और अन्य गंदगी हो सकती है। इसलिए इन्हें निजी कपड़ों के साथ एक ही टोकरी में रखने से बचना चाहिए। अलग टोकरी या बैग रखने से किचन के गंदे कपड़ों को अलग रखना और समय पर धोना आसान हो जाता है।

  • एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को 153.58 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी का नोटिस, आयातित सामान के मूल्यांकन पर उठे सवाल

    एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को 153.58 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी का नोटिस, आयातित सामान के मूल्यांकन पर उठे सवाल

    नई दिल्ली ।एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड को कस्टम अधिकारियों की ओर से 153.58 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी से जुड़ा कारण बताओ नोटिस मिला है। यह नोटिस कुछ आयातित सामानों के मूल्यांकन योग्य मूल्य में रॉयल्टी भुगतान को शामिल नहीं करने के आरोप से संबंधित है। कंपनी ने इस संबंध में जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में साझा की है।

    मामले में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी डीआरआई की जांच के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच में आरोप लगाया गया है कि कुछ आयातित सामानों का मूल्यांकन योग्य मूल्य तय करते समय संबंधित रॉयल्टी भुगतान को शामिल नहीं किया गया। इसी आधार पर कस्टम ड्यूटी की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है।

    22 सितंबर की तारीख वाला यह नोटिस नवी मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट स्थित कस्टम्स कमिश्नर कार्यालय से जारी किया गया था। कंपनी को यह नोटिस 24 सितंबर को प्राप्त हुआ। नोटिस में 153.58 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी की वसूली से जुड़ा मामला उठाया गया है।

    मामले में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात से संबंधित कस्टम मूल्यांकन को लेकर जांच की गई है। रॉयल्टी भुगतान को आयातित सामान के मूल्यांकन योग्य मूल्य में शामिल किए जाने के मुद्दे पर विभाग की ओर से आपत्ति दर्ज की गई है। इसी आधार पर कंपनी से जवाब मांगा गया है।

    इसके अलावा एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स और उसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैमसंग से जुड़े ओएलईडी ग्लास स्क्रीन के आयात पर भी जांच चल रही है। यह जांच 5 प्रतिशत की रियायती कस्टम ड्यूटी के कथित गलत दावे को लेकर की जा रही है। जांच का केंद्र यह है कि आयात किए गए ओएलईडी ग्लास स्क्रीन पर किस दर से कस्टम ड्यूटी लागू होनी चाहिए।

    डीआरआई अधिकारियों का मानना है कि 5 प्रतिशत की रियायती कस्टम ड्यूटी की दर सामान्य बाजार में बिकने वाले उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले पुराने एलसीडी और एलईडी से संबंधित है। ओएलईडी पार्ट्स के मामले में विभाग की ओर से अलग कस्टम ड्यूटी दर लागू होने की बात कही गई है।

    मामले में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने ओएलईडी आयात से जुड़े अधिकारियों के लिखित सवालों के जवाब दिए हैं। कंपनी ने अधिकारियों द्वारा आकलन किए गए कस्टम ड्यूटी अंतर की रकम भी स्वेच्छा से जमा कर दी है। हालांकि, कारण बताओ नोटिस अलग से 153.58 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी से जुड़े मामले में जारी किया गया है।

    कस्टम ड्यूटी से जुड़े इस मामले के बीच एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के वित्तीय प्रदर्शन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 27.2 प्रतिशत बढ़कर 653 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 513 करोड़ रुपये था।

    अप्रैल से जून की तिमाही के दौरान कंपनी की आय भी बढ़ी। इस अवधि में कंपनी का राजस्व 15.5 प्रतिशत बढ़कर 7,233 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 6,262 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार, गर्मियों के दौरान मजबूत मांग और प्रीमियम उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी से वित्तीय प्रदर्शन को सहारा मिला।

  • बड़ी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा और निफ्टी 23,140 के पार बंद

    बड़ी गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा और निफ्टी 23,140 के पार बंद

    नई दिल्ली । पिछले कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स में 0.43 प्रतिशत और निफ्टी में 0.34 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन सत्र के अंत में प्रमुख सूचकांक बढ़त बनाए रखने में सफल रहे।

    शुक्रवार को सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,895.74 पर बंद हुआ। इससे पहले यह पिछले कारोबारी सत्र के 73,580.54 के स्तर से 54.61 अंक नीचे 73,525.92 पर खुला था। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 73,968.05 का उच्चतम स्तर छुआ। इस तरह इंट्रा-डे कारोबार में सूचकांक ने 387.51 अंक यानी करीब 0.52 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।

    निफ्टी 50 भी बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी में 77.40 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की तेजी रही और यह 23,140.50 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत में निफ्टी पिछले बंद स्तर की तुलना में करीब 28 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,035 पर खुला था। दिन के दौरान इसने 23,162.70 का उच्चतम स्तर दर्ज किया, जो इंट्रा-डे आधार पर 99.60 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त थी।

    व्यापक बाजार की तस्वीर हालांकि पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिला कि बाजार में अलग-अलग श्रेणियों के शेयरों में निवेशकों की गतिविधियां अलग-अलग रहीं।

    सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत निफ्टी सीमेंट, निफ्टी मीडिया, निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा में दबाव रहा। प्रमुख शेयरों में एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, पावरग्रिड, टाइटन और इंडिगो बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में रहे।

    दूसरी ओर मैक्स हेल्थ, टीएमपीवी, इंफोसिस, ओएनजीसी और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान अलग-अलग सेक्टर और कंपनियों के प्रदर्शन में अंतर बना रहा।

    बाजार के प्रदर्शन पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर का असर भी देखा गया। महंगाई को लेकर चिंता, विदेशी फंड की निकासी और उभरते बाजारों की करेंसी पर दबाव जैसे मुद्दे भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने रहे। हालिया गिरावट के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला।

    बाजार के 23,000 के स्तर से ऊपर बने रहने को घरेलू बाजार में मजबूती और घरेलू लिक्विडिटी से मिलने वाले समर्थन से जोड़कर देखा गया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बदलाव बाजार के लिए निकट अवधि में महत्वपूर्ण कारक बने रह सकते हैं। बेहतर वैल्यूएशन और घरेलू विकास की संभावनाओं के बीच चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रहने से शुक्रवार को बाजार ने पिछले सत्र की गिरावट के बाद बढ़त के साथ सप्ताह का कारोबार समाप्त किया।

  • केंद्र की पीएलआई योजनाओं से फार्मा और मेडटेक विनिर्माण को बढ़ावा, निवेश और घरेलू उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी

    केंद्र की पीएलआई योजनाओं से फार्मा और मेडटेक विनिर्माण को बढ़ावा, निवेश और घरेलू उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी


    नई दिल्ली ।केंद्र सरकार की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन यानी पीएलआई योजनाओं के जरिए देश में फार्मास्युटिकल, बल्क ड्रग्स और मेडिकल डिवाइस के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इन योजनाओं के माध्यम से निवेश बढ़ाने, उत्पादन क्षमता विकसित करने और महत्वपूर्ण उत्पादों के लिए आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम हुआ है। इसके साथ ही फार्मा और मेडटेक क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने और उन्नत विनिर्माण क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

    बल्क ड्रग्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2020 में पीएलआई योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए 6,940 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया। योजना के तहत 41 महत्वपूर्ण उत्पादों के घरेलू निर्माण को मजबूत करने और एपीआई यानी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स तथा अन्य जरूरी कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य रखा गया।

    जून 2026 तक इस योजना के तहत 5,210.74 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। यह निर्धारित 4,330 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य से अधिक है। योजना के तहत 28 एपीआई के विनिर्माण के लिए 39 परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। इसके चलते पेनिसिलिन-जी, क्लैवुलैनिक एसिड और रिफैम्पिसिन जैसे महत्वपूर्ण फर्मेंटेशन आधारित उत्पादों का घरेलू उत्पादन भी संभव हुआ है।

    फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए अलग पीएलआई योजना को 2021 में मंजूरी दी गई थी। इस योजना के लिए 15,000 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान रखा गया। इसका उद्देश्य देश की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ निवेश और उत्पादन को प्रोत्साहित करना तथा उच्च मूल्य वाले फार्मास्युटिकल उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देना है।

    इस योजना में बायोफार्मास्युटिकल्स, कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, पेटेंटेड और पेटेंट-मुक्त दवाएं, ऑर्फन ड्रग्स, ऑटो-इम्यून दवाएं तथा अन्य उच्च मूल्य वाले फार्मास्युटिकल उत्पाद शामिल हैं। योजना के तहत 55 आवेदकों का चयन किया गया है, जिनमें 20 एमएसएमई हैं। जून 2026 तक 46,744 करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश आकर्षित हुआ, जबकि निर्धारित लक्ष्य 17,275 करोड़ रुपये था।

    फार्मा क्षेत्र की कई कंपनियों ने योजना के तहत कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, बायोसिमिलर, ऑटो-इम्यून दवाओं और अन्य उच्च मूल्य वाले उत्पादों के निर्माण के लिए अपनी क्षमता बढ़ाई है।

    मेडिकल डिवाइस क्षेत्र के लिए वर्ष 2020 में पीएलआई योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए 3,420 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया। योजना के तहत भारत में निर्मित पात्र मेडिकल डिवाइस की अतिरिक्त बिक्री पर पांच साल तक पांच प्रतिशत प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।

    इस योजना के जरिए कई ऐसे उच्च तकनीक वाले मेडिकल डिवाइस का घरेलू उत्पादन शुरू हुआ है, जिनके लिए पहले बड़े स्तर पर आयात पर निर्भरता थी। अब 57 अलग-अलग मेडिकल डिवाइस का उत्पादन शुरू हो चुका है। इनमें एमआरआई मशीन, सीटी स्कैनर, कैथ लैब, लीनियर एक्सेलरेटर, सी-आर्म, मैमोग्राफी मशीन, अल्ट्रासाउंड सिस्टम, एनेस्थीसिया मशीन और हार्ट वाल्व शामिल हैं।

    योजना ने वैश्विक निर्माताओं को भारत में विनिर्माण गतिविधियां स्थापित या विस्तारित करने के लिए भी आकर्षित किया है। इसके साथ तकनीक हस्तांतरण और उन्नत विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक साझेदारियों पर भी काम हुआ है।