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  • इंदौर में गणेश विसर्जन की हाईटेक व्यवस्था, पोकलेन, लिफ्ट और नावों से प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन

    इंदौर में गणेश विसर्जन की हाईटेक व्यवस्था, पोकलेन, लिफ्ट और नावों से प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन

    इंदौर में गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम की ओर से इस बार विशेष और हाईटेक व्यवस्था की गई है। विसर्जन के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के उद्देश्य से जवाहर टेकरी पर मानव रहित मशीनों के जरिए प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा है। इसके लिए पोकलेन मशीन, बड़ी नाव और लिफ्ट सहित पांच प्रकार की मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    नगर निगम ने इस व्यवस्था के तहत 15 से 20 लाख गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का लक्ष्य रखा है। प्रतिमाओं को तालाब में विसर्जित करने के लिए श्रद्धालुओं को सीधे पानी में जाने की जरूरत नहीं होगी। मशीनों और अन्य साधनों की मदद से प्रतिमाओं को तालाब में सुरक्षित तरीके से विसर्जित किया जा रहा है।

    विसर्जन के दौरान लोगों के पानी में उतरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जवाहर टेकरी पर प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसमें श्रद्धालु तालाब के पानी से दूरी बनाए रखते हुए पूजा और विधि-विधान पूरा कर सकेंगे। इसके बाद प्रतिमा को निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से विसर्जित किया जाएगा।

    शहर के अलग-अलग कॉलोनियों और वार्ड स्तर पर भी प्रतिमाओं के एकत्रीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 140 से अधिक स्थान निर्धारित किए गए हैं। इन स्थानों पर प्रतिमाएं एकत्र की जा रही हैं और मौके पर ही जल कुंड बनाकर विसर्जन की व्यवस्था भी की गई है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाली प्रतिमाओं के विसर्जन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

    जवाहर टेकरी पर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पुलिसकर्मियों के साथ एनडीआरएफ की टीम और पांच विशेष तैराकों को तैनात किया गया है। इनकी मौजूदगी का उद्देश्य विसर्जन के दौरान किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    श्रद्धालुओं को भी तालाब के कुंड से दूर रखा जा रहा है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान उन्हें पानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। प्रतिमाओं को मशीनों और अन्य निर्धारित माध्यमों से तालाब में कुछ दूरी से ही विसर्जित करने की व्यवस्था की गई है। इस तरह प्रतिमा विसर्जन की धार्मिक प्रक्रिया को बनाए रखते हुए लोगों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।

    तालाब और विसर्जन स्थल के आसपास निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इनके जरिए आयोजन स्थल और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मशीनों से होने वाले विसर्जन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है।

    इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य गणेश प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है। खासतौर पर पानी में उतरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मानव रहित मशीनों और सुरक्षा दलों की मदद ली जा रही है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए एकत्रीकरण केंद्रों और जल कुंडों के जरिए विसर्जन व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर भी संचालित किया जा रहा है।

    जवाहर टेकरी पर पोकलेन, लिफ्ट, नाव और अन्य मशीनों के इस्तेमाल के साथ सुरक्षा टीमों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं को पानी से दूर रखकर प्रतिमाओं का विसर्जन कराने की व्यवस्था के जरिए इस धार्मिक आयोजन को सुरक्षित तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • भोपाल के स्पा सेंटरों पर लगातार छापेमारी से बढ़ी हलचल, कथित देह व्यापार के नेटवर्क की पुलिस कर रही जांच

    भोपाल के स्पा सेंटरों पर लगातार छापेमारी से बढ़ी हलचल, कथित देह व्यापार के नेटवर्क की पुलिस कर रही जांच


    मध्य प्रदेश:
    की राजधानी भोपाल में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद पूरे मामले को लेकर जांच का दायरा बढ़ गया है। शहर में अब तक चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी की जा चुकी है। इन कार्रवाइयों के दौरान कई युवक-युवतियों को संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने के बाद हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई ने इस बात की पड़ताल तेज कर दी है कि क्या अलग-अलग स्पा सेंटरों में सामने आई गतिविधियों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि इन सेंटरों में काम करने वाली युवतियां किस तरह यहां तक पहुंचीं और क्या उन्हें किसी समूह या गिरोह के माध्यम से जोड़ा गया था।

    भोपाल में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और संबंधित थाना पुलिस की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में स्पा सेंटरों पर दबिश दी। होशंगाबाद रोड स्थित आशिमा मॉल के एक स्पा सेंटर, इंद्रपुरी क्षेत्र के एक अन्य स्पा सेंटर, एमपी नगर और दूसरे इलाकों में कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने मौके से कई लोगों को पकड़ा और उनके बारे में जानकारी जुटाने के साथ पूछताछ शुरू की।

    लगातार सामने आ रही कार्रवाइयों के बाद पुलिस अब केवल संबंधित स्पा सेंटरों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनसे जुड़े संभावित संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सेंटरों का संचालन किस तरह होता था, वहां काम करने वाले लोगों का आपस में क्या संपर्क था और क्या इन स्थानों के बीच कोई सीधा संबंध मौजूद है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में टीमों ने एक साथ दबिश दी और मौके से कई युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

    मामले में किसी बड़े रैकेट या गिरोह की मौजूदगी को लेकर भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान मिलने वाली जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित व्यवस्था है या फिर अलग-अलग स्थानों पर स्वतंत्र रूप से ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।

    जांच का एक अन्य पहलू होटलों से सामने आए कुछ वीडियो भी हैं। पुलिस इन वीडियो की भी पड़ताल कर रही है, ताकि मामले से जुड़े लोगों और गतिविधियों के बीच संभावित संबंधों की जानकारी मिल सके। चार स्पा सेंटरों पर कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ने से आने वाले समय में और लोगों से पूछताछ या अन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

    फिलहाल पुलिस ने यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि भोपाल में सामने आए सभी मामलों के पीछे एक ही संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ, उपलब्ध जानकारी और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह सामने आएगा कि कथित गतिविधियों में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके बीच किस तरह का संपर्क था।

  • देहरादून पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 22 SI-ASI के तबादले, नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश

    देहरादून पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 22 SI-ASI के तबादले, नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश

    नई दिल्ली ।उत्तराखंड के देहरादून में पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 19 उपनिरीक्षक और दो अपर उपनिरीक्षक नागरिक समेत कुल 22 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। तबादला आदेश के तहत अधिकारियों को अलग-अलग थानों, चौकियों, शाखाओं और पुलिस लाइन से नई जगहों पर भेजा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    तबादला सूची के अनुसार उपनिरीक्षक दुर्गेश कोठियाल को वसंत विहार से कैंट भेजा गया है। उपनिरीक्षक ओमप्रकाश को कैंट से वसंत विहार में नई तैनाती मिली है। उपनिरीक्षक मनोहर सिंह रावत का डोईवाला से नेहरू कॉलोनी तबादला किया गया है। अपर उपनिरीक्षक देवेंद्र नेगी को पुलिस लाइन से पटेल नगर भेजा गया है, जबकि मनमोहन को पुलिस लाइन से क्लेमेंटाउन में तैनाती दी गई है।

    राजीव धारीवाल को सहसपुर से वसंत विहार भेजा गया है। मुकेश थलेड़ी का तबादला आईएसबीटी ऋषिकेश चौकी से पटेल नगर थाना किया गया है। प्रवीण पुंडीर को सहसपुर से पटेल नगर भेजा गया है। प्रमोद शाह को पटेल नगर से कोतवाली नगर में नई जिम्मेदारी दी गई है।

    दिनेश चमोली को पुलिस लाइन से आईएसबीटी ऋषिकेश चौकी भेजा गया है। रवि प्रसाद कवि का तबादला प्रेमनगर से एसआईएस शाखा किया गया है। अमन चड्ढा को कोतवाली नगर से एसआईएस शाखा भेजा गया है।

    सोमवीर को एसआईएस शाखा से रायपुर भेजा गया है। जसपाल गुसाईं को एसआईएस शाखा से सहसपुर में नई तैनाती मिली है। मुकेश नेगी को वसंत विहार से ऋषिकेश थाना भेजा गया है। विनेश कुमार को त्रिवेणीघाट चौकी से एम्स ऋषिकेश चौकी और देवेंद्र पंवार को एम्स ऋषिकेश चौकी से त्रिवेणीघाट चौकी भेजा गया है।

    इसके अलावा सचिन पुंडीर को पुलिस लाइन से डोईवाला भेजा गया है। मुकेश कुमार को प्रेमनगर से रायवाला और जगदंबा प्रसाद को रायवाला से प्रेमनगर में तैनाती दी गई है। चंद्रशेखर नौटियाल को विकासनगर से प्रेमनगर भेजा गया है। इस फेरबदल के तहत कई अधिकारियों के मौजूदा कार्यक्षेत्र बदलकर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    तबादला आदेश में अजय प्रकाश भट्ट से संबंधित पूर्व स्थानांतरण आदेश को भी निरस्त किया गया है। अजय प्रकाश भट्ट का पहले विकासनगर से कैंट तबादला किया गया था, लेकिन अब उस आदेश को रद्द कर दिया गया है।

    सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी नई तैनाती वाले स्थान पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करें। इसके तहत अधिकारियों को संबंधित थानों, चौकियों और शाखाओं में पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी संभालनी होगी।

    पुलिस विभाग के इस फेरबदल में पुलिस लाइन से कई अधिकारियों को अलग-अलग थानों और चौकियों में भेजा गया है। वहीं कुछ अधिकारियों को एक थाना या शाखा से दूसरी जगह तैनात किया गया है। तबादला आदेश के साथ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुसार काम संभालने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    इस फेरबदल में देहरादून शहर के साथ ऋषिकेश और आसपास के पुलिस क्षेत्रों से जुड़े अधिकारियों की तैनाती में भी बदलाव किया गया है। अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए जाने के बाद नई तैनाती प्रभावी हो गई है। साथ ही अजय प्रकाश भट्ट के पूर्व विकासनगर से कैंट स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया गया है।

  • सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार

    सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश: के सतना में शादी करने से इनकार करने पर एक युवक ने 32 वर्षीय महिला पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घटना गुरुवार को धवारी तिराहे के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक हुई। महिला घर से पैदल अपनी ड्यूटी पर जा रही थी, तभी स्कूटी से पहुंचे आरोपी ने पीछे से उस पर चाकू से वार कर दिया। हमले में महिला के पेट और कमर के बीच के हिस्से के अलावा गले में भी गंभीर चोटें आईं। घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने घटना के बाद फरार हो रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला सतना के बजरहा टोला की रहने वाली है और शहर के एक होटल में नौकरी करती है। गुरुवार को वह रोजाना की तरह घर से पैदल होटल में ड्यूटी करने जा रही थी। इसी दौरान धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक स्कूटी से पहुंचे सूरज जाटव ने उस पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया।

    महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की।

    पीड़िता की पारिवारिक स्थिति के अनुसार, वह शादी के बाद अपने पति के साथ दिल्ली में रहती थी। वर्ष 2020 में पति की मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ सतना में मायके आकर रहने लगी। बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए उसने शहर के एक होटल में नौकरी शुरू की।

    महिला ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2024 में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए वह सागर गई थी। वहां उसकी मुलाकात सूरज जाटव से हुई। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत शुरू हुई। महिला का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सूरज उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। उसके इनकार करने पर आरोपी उसे बार-बार धमकियां देता था।

    महिला के मुताबिक, शादी के लिए सहमति नहीं मिलने पर आरोपी सागर से स्कूटी लेकर सतना पहुंचा। उसने लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय की और महिला के घर से निकलते ही उसका पीछा करना शुरू कर दिया। धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक पहुंचने पर उसने चलती स्कूटी से महिला पर चाकू से हमला कर दिया।

    दिनदहाड़े हुई वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। नगर पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा की अगुवाई में टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान सूरज जाटव के रूप में हुई। वह सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर, गुलाब गली, वार्ड नंबर तीन का निवासी है। उसके पिता का नाम इमरत लाल जाटव बताया गया है।

    पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को स्कूटी सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई में उप निरीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक राहुल सिंह, चीतेन्द्र पांडेय और आरक्षक अजीत सिंह शामिल रहे।

  • खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    मध्य प्रदेश: के खंडवा जिले में गणेश उत्सव के समापन के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला धूमधाम से जारी है। विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने विसर्जन स्थल पहुंचकर भगवान गणेश की आरती की और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

    मंत्री विजय शाह ने विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उनके साथ खंडवा की महापौर अमृता यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों से विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।

    खंडवा में गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए नगर निगम की ओर से शहर में तीन कृत्रिम कुंड तैयार किए गए हैं। इन कुंडों के माध्यम से प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके और विसर्जन के दौरान आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा सकें।

    मंत्री विजय शाह ने महापौर अमृता यादव और नगर निगम परिषद के सदस्यों के साथ भैरव तालाब परिसर में बनाए गए कृत्रिम विसर्जन कुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और नगर निगम के प्रतिनिधियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री विजय शाह विसर्जन में इस्तेमाल की जा रही क्रेन पर भी चढ़े और वहां से कुंड की व्यवस्था का जायजा लिया। विसर्जन के लिए क्रेन के इस्तेमाल से प्रतिमाओं को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की व्यवस्था की गई है।

    गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम की ओर से सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। नगर निगम की टीम विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से विसर्जन कराने में जुटी हुई है।

    मंत्री विजय शाह ने नगर निगम की ओर से बनाए गए कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप भगवान गणेश के विसर्जन के लिए कुंड तैयार करना सराहनीय पहल है। उन्होंने खंडवा नगर निगम की पूरी टीम को इस व्यवस्था के लिए बधाई दी।

    मंत्री ने कहा कि नगर निगम ने लोगों की भावनाओं और विश्वास के अनुरूप व्यवस्था की है। उन्होंने भगवान गणेश के विसर्जन को सम्मानपूर्वक संपन्न कराने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए विसर्जन की व्यवस्था की गई है।

    विजय शाह ने यह भी कहा कि भगवान गणेश का विसर्जन मां नर्मदा के पवित्र जल में सम्मानपूर्वक किया जा रहा है। गणेश उत्सव के अंतिम चरण में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेकर पहुंच रहे हैं।

    खंडवा में तीन कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था और नगर निगम की तैयारियों के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन लगातार जारी है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा तथा विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • मध्य प्रदेश के सात शहरों में 351 बसों के साथ आज से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    मध्य प्रदेश के सात शहरों में 351 बसों के साथ आज से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    मध्य प्रदेश: में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत शुक्रवार, 25 सितंबर को 351 बसों के साथ की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के गोविंदपुरा स्थित बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल होंगे। इस सेवा का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को दोबारा व्यवस्थित करना और यात्रियों को शहरों के भीतर तथा एक शहर से दूसरे शहर तक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

    योजना के पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इन सात शहरों में कुल 351 बसों का संचालन शुरू होगा। इनमें 120 बसें इंटरसिटी सेवा के लिए और 231 बसें इंट्रासिटी सेवा के लिए निर्धारित की गई हैं। इंटरसिटी बसें अलग-अलग शहरों के बीच यात्रियों को आवागमन की सुविधा देंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के अंदर संचालित होंगी।

    बसों का शहरवार वितरण भी निर्धारित किया गया है। इंदौर में सबसे अधिक 145 बसें चलाई जाएंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। भोपाल में कुल 106 बसें संचालित होंगी, जिनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें रहेंगी। जबलपुर में 67 बसों का संचालन होगा। इनमें 14 बसें शहरों के बीच और 53 बसें शहर के भीतर चलेंगी।

    इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में तीन और भिंड में दो इंटरसिटी बसें शुरू की जाएंगी। इस तरह पहले चरण में बड़े शहरों के साथ अन्य क्षेत्रों को भी सार्वजनिक बस सेवा से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

    परिवहन विभाग ने इंटरसिटी बसों के लिए किराया दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया है। भोपाल में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ पीएम बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। वहीं इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित अन्य शहरों में बस सेवाओं को एक विभागीय व्यवस्था के तहत संचालित करने की योजना है।

    सेवा के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार देर रात बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचे और कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच, सभा स्थल और यात्रियों तथा कार्यक्रम से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बसों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद चालकों से बातचीत भी की। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह भी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 21 साल बाद प्रदेश में लोक परिवहन बस सेवा की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने आधुनिक ई-बसों और सुविधायुक्त बसों का नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से नगरों और जिलों तक विस्तारित करने की बात कही। योजना के तहत बस स्टॉप, बस स्टैंड, इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं और बेहतर नियंत्रण व्यवस्था को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

    सरकार की योजना सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करते हुए यात्रियों को सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने की है। पहले चरण में सात शहरों से शुरू हो रही यह सेवा आगे प्रदेश के अन्य नगरों और जिलों तक पहुंचाई जाएगी। इसके तहत बसों के संचालन और परिवहन सुविधाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

  • मध्य प्रदेश में 20 साल बाद सुगम परिवहन की शुरुआत, पहले चरण में 351 बसें चलेंगी, रात में भी मिलेगी सेवा

    मध्य प्रदेश में 20 साल बाद सुगम परिवहन की शुरुआत, पहले चरण में 351 बसें चलेंगी, रात में भी मिलेगी सेवा

    मध्य प्रदेश: में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की जा रही है। करीब 20 साल बाद प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में यह पहल की गई है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक, किफायती और बेहतर कनेक्टिविटी वाला सफर मिल सकेगा। योजना का पहला चरण 351 बसों के साथ शुरू होगा।

    इस सेवा के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड सहित विभिन्न शहरों में बसें संचालित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक पूरे प्रदेश में 15 हजार बसें चलाने का है। इस लक्ष्य के पूरा होने पर प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार होगा और अधिक लोगों को नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    नई व्यवस्था में यात्रियों को निर्धारित स्टॉप पर बसों का इंतजार कम करना पड़ेगा। बसों के संचालन का अंतराल मार्ग और सेवा के अनुसार 5 से 30 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। कुछ मार्गों पर यात्रियों को हर 10 से 15 मिनट में बस मिलने की सुविधा भी मिलेगी। इससे रोजाना कामकाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए बस से यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत होगी।

    यात्रियों को बसों की जानकारी हासिल करने के लिए भी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मोबाइल फोन पर बस की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी। इसके अलावा ऑनलाइन टिकट की सुविधा भी मिलेगी। इससे यात्रियों को बस के आने का अनुमान लगाने और टिकट प्राप्त करने में आसानी होगी। निर्धारित किराया व्यवस्था लागू होने से मनमाने किराए पर भी नियंत्रण रखने का प्रयास किया जाएगा।

    बसों का किराया लगभग दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे नियमित यात्रियों को यात्रा खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया गया है। इन बसों से सीधे धुएं का उत्सर्जन नहीं होगा, जिससे वायु प्रदूषण कम करने में सहायता मिल सकती है। भोपाल जैसे शहर में, जहां झीलों और पर्यावरण का विशेष महत्व है, इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उपयोगी माना जा रहा है।

    नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध रहेंगी। बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे। इससे यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर ध्यान दिया जा सकेगा। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी बसों में चढ़ने और उतरने की सुविधा बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

    इस सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता रात में भी बसों का संचालन है। इससे देर शाम या रात के समय यात्रा करने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकेगा। खासकर उन यात्रियों को फायदा हो सकता है, जिन्हें कामकाज या अन्य कारणों से सामान्य समय के बाद भी आवागमन करना पड़ता है।

    कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए प्रदेश में बस यात्रा को अधिक नियमित, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की योजना है। पहले चरण में 351 बसों से शुरू होने वाली यह व्यवस्था आगे चलकर बड़े परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बनेगी। वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में सेवा का विस्तार किया जाएगा।

  • UPITS 2026 का ग्रेटर नोएडा में आगाज, अमित शाह ने किया उद्घाटन; 85 देशों के खरीदार और 2400 से ज्यादा प्रदर्शक शामिल

    UPITS 2026 का ग्रेटर नोएडा में आगाज, अमित शाह ने किया उद्घाटन; 85 देशों के खरीदार और 2400 से ज्यादा प्रदर्शक शामिल


    नई दिल्ली ।
    ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के चौथे संस्करण का शुभारंभ हो गया है। 25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस पांच दिवसीय आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। ट्रेड शो का उद्देश्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, उद्योगों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है।

    इस वर्ष के आयोजन में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक पहचान के साथ आधुनिक तकनीक और औद्योगिक विकास को भी प्रमुखता दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक के मेल से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश को विनिर्माण और औद्योगिक गतिविधियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राज्य बताया।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल से ग्लोबल के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों और पारंपरिक शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    UPITS 2026 में इस बार 2,400 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा 85 से अधिक देशों के 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार और कारोबारी प्रतिनिधि आयोजन में भाग ले रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के माध्यम से प्रदेश के उत्पादकों और विदेशी कारोबारियों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

    इस बार ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम को आधिकारिक साझेदार देशों के रूप में शामिल किया गया है। इन देशों की भागीदारी से व्यापारिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    ट्रेड शो की प्रमुख विशेषताओं में एक जिला, एक उत्पाद यानी ODOP के साथ एक जिला, एक व्यंजन यानी ODOC पहल को शामिल करना है। पहली बार ODOC के तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खान-पान को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है।

    इसके लिए आयोजन स्थल पर विशेष फूड हॉल तैयार किया गया है, जहां देश-विदेश से आने वाले मेहमान प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक स्वाद और खान-पान से परिचित हो सकेंगे। इसके जरिए स्थानीय खाद्य उत्पादों और क्षेत्रीय व्यंजनों को भी व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आयोजन में कृषि, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, पर्यटन, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और कपड़ा उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। स्थानीय कारोबारियों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए व्यापारिक गतिविधियों और कारोबारी बैठकों की व्यवस्था भी की गई है।

    ट्रेड शो में विदेशी मेहमानों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, केंद्रीय मंत्रियों और आम नागरिकों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थल को विभिन्न सुरक्षा जोन में बांटा गया है। यहां 550 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही यातायात और पार्किंग को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

    पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय व्यंजनों और आधुनिक औद्योगिक क्षमताओं को एक साथ प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

  • लिस्टिंग के दूसरे दिन एनएसई शेयरों में गिरावट, शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को चुना

    लिस्टिंग के दूसरे दिन एनएसई शेयरों में गिरावट, शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को चुना

    नई दिल्ली । नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के शेयरों में लिस्टिंग के अगले ही दिन शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के बाद शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव दिखाई दिया। कारोबार के दौरान एनएसई का शेयर करीब 1.6 प्रतिशत फिसलकर 1,790 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। बाद में यह करीब 1,796 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले लगभग 1.20 प्रतिशत नीचे था।

    एनएसई के शेयर गुरुवार को अपने इश्यू प्राइस की तुलना में करीब 0.8 प्रतिशत प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए थे। लिस्टिंग वाले दिन शुरुआती कारोबार अपेक्षाकृत सीमित रहा, लेकिन बाद में शेयर में तेजी आई और दिन के दौरान इसमें 5 प्रतिशत से अधिक का उछाल दर्ज किया गया। कारोबार समाप्त होने तक शेयर करीब 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था। इसके बाद अगले कारोबारी दिन कुछ निवेशकों ने शुरुआती तेजी का लाभ उठाते हुए मुनाफावसूली की।

    एनएसई का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम रहा। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम था। एनएसई के आईपीओ को भी निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी।

    17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुले इस आईपीओ को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। 22,568.94 करोड़ रुपये के इश्यू आकार के मुकाबले करीब 90,287.33 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुई थीं। इस मजबूत मांग के बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग को लेकर बाजार में काफी दिलचस्पी बनी हुई थी।

    लिस्टिंग के बाद एनएसई का बाजार पूंजीकरण लगभग 4.49 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस मूल्यांकन के साथ कंपनी भारत की 10वीं सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो गई। बाजार मूल्य के लिहाज से एनएसई ने सन फार्मास्युटिकल्स और टाइटन जैसी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है।

    बाजार पूंजीकरण के आधार पर एनएसई से ऊपर रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियां हैं। इस तरह शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के तुरंत बाद एनएसई का मूल्यांकन देश की बड़ी कंपनियों की सूची में महत्वपूर्ण स्तर पर पहुंच गया है।

    लिस्टिंग के बाद शेयर में आई गिरावट को अल्पकालिक मुनाफावसूली के तौर पर देखा जा रहा है। शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफा बुक किए जाने से शेयर पर दबाव बढ़ा। हालांकि, भारतीय पूंजी बाजार के विस्तार और एनएसई की बाजार में मजबूत स्थिति के कारण कंपनी को लेकर निवेशकों की दीर्घकालिक दिलचस्पी बनी रहने की बात कही गई है।

    एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने बताया कि एक्सचेंज एक व्यापक मोबाइल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य निवेशकों को ट्रेडिंग डेटा, पोर्टफोलियो से जुड़ी जानकारी और विश्लेषणात्मक सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।

    कंपनी की आय में ट्रांजैक्शन शुल्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। वित्त वर्ष 2025-26 में एनएसई की परिचालन आय का 78.65 प्रतिशत हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्जेज से आया था। यह आंकड़ा कंपनी के मौजूदा कारोबार मॉडल में लेनदेन आधारित आय के महत्व को दर्शाता है। लिस्टिंग के बाद शेयर में शुरुआती उतार-चढ़ाव के बीच अब बाजार की नजर कंपनी के कारोबार और भविष्य के प्रदर्शन पर बनी हुई है।

  • अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे मशहूर कॉमेडियन

    अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे मशहूर कॉमेडियन

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान का गुरुवार को 56 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। बताया गया कि उन्होंने गुरुवार शाम करीब 7 बजे अंतिम सांस ली।

    मुश्ताक खान के निधन की पुष्टि अभिनेता और कॉमेडियन सुनील पाल ने की। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े संगठन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने भी उनके निधन की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, मुश्ताक खान की बीमारी काफी गंभीर हो चुकी थी और कैंसर आखिरी चरण में पहुंच गया था।

    मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई चर्चित हिंदी फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने मुख्य भूमिकाओं के साथ-साथ सपोर्टिंग और कॉमिक किरदारों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी खासियत यह थी कि सीमित स्क्रीन टाइम में भी वह अपने अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का ध्यान खींच लेते थे।

    उनके फिल्मी सफर में ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘जोड़ी नंबर 1’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वेलकम’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल रहीं। इसके अलावा उन्होंने बाद के वर्षों में ‘गदर 2’, ‘बधाई दो’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में भी काम किया।

    मुश्ताक खान की सबसे लोकप्रिय भूमिकाओं में अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ की फिल्म ‘वेलकम’ का बल्लू किरदार शामिल रहा। वर्ष 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म में उनका किरदार दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हुआ था। फिल्म का उनका चर्चित कॉमिक संवाद और उससे जुड़ा दृश्य लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहा। बाद में भी यह दृश्य सोशल मीडिया और मीम्स के जरिए चर्चा में आता रहा।

    हालांकि, मुश्ताक खान के करियर की पहचान केवल एक किरदार तक सीमित नहीं रही। कई दशकों तक उन्होंने फिल्मों और टेलीविजन में अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाईं। छोटे और सहायक किरदारों को अपने अंदाज से प्रभावशाली बनाना उनकी अभिनय शैली की प्रमुख विशेषता रही।

    मुश्ताक खान ने फिल्मों के अलावा टेलीविजन पर भी काम किया। वह लोकप्रिय टीवी शो ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ में नजर आए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका स्क्रीन डेब्यू वर्ष 1980 में आई फिल्म ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से हुआ था।

    मुश्ताक खान का जन्म 31 दिसंबर 1969 को मध्य प्रदेश में हुआ था। उनका परिवार मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर से जुड़ा रहा है। उनके परिवार में पत्नी सलमा खान और दो बेटे हैं। उनके निधन से हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने लंबे समय तक सहायक और हास्य भूमिकाओं के जरिए दर्शकों का मनोरंजन किया।