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  • गर्मियों में इन 5 पत्तियों का सेवन, शरीर रहेगा स्वस्थ और बीमारियां रहेंगी दूर

    गर्मियों में इन 5 पत्तियों का सेवन, शरीर रहेगा स्वस्थ और बीमारियां रहेंगी दूर


    नई दिल्ली। भारत में प्राचीन समय से ही जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद के ज़रिए रोगों का उपचार किया जाता रहा है। आज भले ही आधुनिक चिकित्सा पद्धति ने इलाज को आसान बना दिया हो, लेकिन आयुर्वेद न सिर्फ़ बीमारियों को जड़ से खत्म करने की बात करता है, बल्कि शरीर को रोगों से दूर रखने के उपाय भी बताता है।

    गर्मी में बढ़ती समस्याएं और प्राकृतिक समाधान
    गर्मी के मौसम में अक्सर ब्लड प्रेशर, मुंहासे, फोड़े-फुंसी और पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोग दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद में कुछ ऐसे प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। खासकर कुछ पत्तियां ऐसी हैं, जिनका सेवन करने से कई समस्याओं से राहत मिल सकती है।

    नीम के पत्ते: प्राकृतिक एंटीबायोटिक
    नीम की पत्तियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। इनमें प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो खून को साफ करने में मदद करते हैं। शुगर, बुखार, मुंहासे और फोड़े-फुंसी जैसी समस्याओं में नीम बहुत लाभकारी माना जाता है। गर्मियों में नीम की कोमल सब्जियों को चबाना या उनका जूस पीना शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है।

    सहजन के पत्ते: पोषण का भंडार
    मोरिंगा यानी सहजन के पत्ते आयरन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं। ये शरीर में खून की कमी दूर करने, कमजोरी कम करने और पाचन क्रिया सुधारने में मदद करते हैं। इसके अलावा ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी सहजन फायदेमंद है। सहजन के पत्तों का सूप या जूस गर्मियों में शरीर को ऊर्जा देता है।

    शीशम के पत्ते: महिलाओं के लिए लाभकारी
    शीशम के पत्ते विशेष रूप से महिलाओं के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं, मासिक धर्म की अनियमितता और सफेद पानी जैसी परेशानियों में इनका उपयोग किया जाता है। शीशम के पत्तों को मिश्री के साथ पीसकर सुबह खाली पेट सेवन करने से लाभ मिल सकता है।

    बरगद के पत्ते: त्वचा के लिए बाध्य
    बरगद के पेड़ के पत्ते त्वचा रोगों में बेहद असरदार होते हैं। फंगल इंफेक्शन और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में बरगद के पत्तों को उगलकर उसका सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

    पीपल के पत्ते: आयुर्वेदिक औषधि
    पीपल के पेड़ के पत्तों को आयुर्वेद में विशेष औषधि माना गया है। पथरी, सिस्ट और अन्य आंतरिक समस्याओं में इसके रस का सेवन लाभकारी माना जाता है। यह शरीर के अंदरूनी अंगों को मजबूत करने में सहायक होता है।

    सेवन से पहले बरतें सावधानी
    हालांकि ये सभी पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर हैं, लेकिन इनके सेवन करने से पहले किसी चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए। हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए सही मात्रा और तरीका जानना जरूरी है।

  • मनी लॉन्ड्रिंग मामला सामने आया पूर्व अधिकारी जगदीश सरवटे कोर्ट में पेश जांच जारी

    मनी लॉन्ड्रिंग मामला सामने आया पूर्व अधिकारी जगदीश सरवटे कोर्ट में पेश जांच जारी


    जबलपुर। जबलपुर में आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जगदीश प्रसाद सरवटे अब कानूनी विवाद में घिर गए हैं। पीएमएलए विशेष न्यायालय में उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की चार्जशीट दाखिल की है। ईडी भोपाल जोनल ऑफिस ने अदालत में अभियोजन की शिकायत पेश की और अदालत के आदेश पर आरोपी खुद अदालत में पेश हुए।

    सरवटे पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की और अवैध कमाई को सफेद करने का प्रयास किया। जांच में प्रदेश के भोपाल मंडला उमरिया और सिवनी जिलों में कुल 11.81 करोड़ की संपत्ति चिन्हित की गई। फरवरी 2026 में अदालत के आदेश पर इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया। मामला अभी जांचाधीन है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

    मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में आरोपी द्वारा अवैध और वैध स्रोतों से संपत्ति अर्जित करना और उसे सफेद करना गंभीर अपराध माना जाता है। ईडी की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी अधिकारियों के वित्तीय लेनदेन की निगरानी और जवाबदेही बेहद आवश्यक है।

    पूर्व अधिकारी के खिलाफ यह मामला प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की अहमियत को उजागर करता है। अधिकारियों की संपत्ति की जांच और कुर्की यह संकेत देती है कि कानून के पालन में किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी। अदालत में मामले की सुनवाई लगातार जारी है और मीडिया और आम जनता की नजरें इस पर टिकी हैं।

    जगदीश सरवटे ने चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में पेश होकर कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। अब पीएमएलए कोर्ट में सुनवाई जारी है और अदालत से निर्णय आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप सही पाए जाते हैं या नहीं। फिलहाल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क है और जांच पूरी होने तक आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

    मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले से यह साफ हो गया है कि वित्तीय पारदर्शिता और कानून का पालन हर सरकारी अधिकारी के लिए अनिवार्य है। ईडी की कार्रवाई यह संदेश देती है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और कोई भी अधिकारी कानून के दायरे से बाहर नहीं है।

  • शूटिंग के दौरान किशोर कुमार को पड़ा असली जोरदार मुक्का, 'विलेन' प्राण को आखिर क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

    शूटिंग के दौरान किशोर कुमार को पड़ा असली जोरदार मुक्का, 'विलेन' प्राण को आखिर क्यों उठाना पड़ा यह कदम?


    नई दिल्ली:  भारतीय सिनेमा के इतिहास में किशोर कुमार एक ऐसे कलाकार रहे हैं, जिनकी ऊर्जा और मजाकिया अंदाज का कोई मुकाबला नहीं था। लेकिन कभी-कभी उनकी यही ‘मस्ती’ उनके साथी कलाकारों के लिए सिरदर्द बन जाया करती थी। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा बॉलीवुड के मशहूर विलेन प्राण ने साझा किया था, जो फिल्म ‘पहली झलक’ की शूटिंग से जुड़ा है। प्राण और किशोर कुमार की जोड़ी ने ‘हाफ टिकट’ और ‘आशा’ जैसी कई यादगार फिल्मों में साथ काम किया, लेकिन ‘पहली झलक’ के सेट पर कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना खुद किशोर दा ने भी नहीं की होगी। वाकया एक फाइट सीन का था, जहाँ प्राण को किशोर कुमार के पेट में मुक्का मारना था, लेकिन किशोर कुमार की खिलंदड़ फितरत के चलते यह सीन पूरा होना नामुमकिन लग रहा था।

    प्राण साहब ने एक पुराने इंटरव्यू में इस घटना को याद करते हुए बताया था कि किशोर कुमार के साथ सीरियस सीन शूट करना किसी चुनौती से कम नहीं था। उस दिन फाइट सीन के दौरान जैसे ही प्राण उनके करीब जाकर फिल्मी मुक्का मारते, किशोर कुमार दर्द का नाटक करने के बजाय जोर-जोर से हंसने लगते थे। एक के बाद एक लगभग 12 से 14 रीटेक हो चुके थे, लेकिन किशोर कुमार गंभीर होने का नाम ही नहीं ले रहे थे। पूरी यूनिट परेशान थी और वक्त निकलता जा रहा था। आखिरकार, प्राण ने एक कड़ा फैसला लिया। अगले शॉट में जैसे ही कैमरा रोल हुआ, प्राण ने हवा में हाथ चलाने के बजाय सचमुच का एक जोरदार मुक्का किशोर कुमार के पेट में जड़ दिया। असली चोट लगते ही किशोर कुमार के मुंह से चीख निकल पड़ी और वे दर्द से दोहरे हो गए। प्राण ने तुरंत कहा, “बस, यही रिएक्शन तो हमें फिल्म के लिए चाहिए था!”

    इस वाकये के बाद सीन तो परफेक्ट शूट हो गया, लेकिन किशोर कुमार की हालत कुछ देर के लिए खराब हो गई थी। प्राण ने मजाकिया लहजे में यह भी स्वीकार किया कि किशोर कुमार का व्यक्तित्व इतना संक्रामक था कि उनके साथ काम करते-करते एक गंभीर विलेन की छवि वाला इंसान भी उनकी तरह ही बन जाता था। प्राण ने कहा कि अगर वे एक-दो फिल्में और किशोर दा के साथ कर लेते, तो शायद वे भी उनके ‘क्लोन’ बन जाते और अपनी गंभीरता खो देते। यह किस्सा आज भी बॉलीवुड के गलियारों में बड़े चाव से सुनाया जाता है, जो यह दर्शाता है कि उस दौर के कलाकारों के बीच कितनी गहरी समझ और काम के प्रति कितना अनूठा समर्पण हुआ करता था। किशोर कुमार आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी ये शरारतें और प्राण साहब जैसे दिग्गजों के साथ उनके ये किस्से आज भी प्रशंसकों के चेहरों पर मुस्कान ले आते हैं।

  • कनाडा में 'धुरंधर 2' की स्क्रीनिंग पर बवाल: मॉन्ट्रियल के सिनेमाघरों में तोड़ी गईं स्क्रीन्स, पुलिस ने संभाला मोर्चा!

    कनाडा में 'धुरंधर 2' की स्क्रीनिंग पर बवाल: मॉन्ट्रियल के सिनेमाघरों में तोड़ी गईं स्क्रीन्स, पुलिस ने संभाला मोर्चा!


    नई दिल्ली:  आदित्य धर के निर्देशन में बनी और रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने रिलीज के साथ ही दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर हलचल पैदा कर दी है। 19 मार्च को वैश्विक स्तर पर रिलीज हुई इस फिल्म को जहाँ एक ओर दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर कनाडा से हैरान करने वाली और परेशान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। मॉन्ट्रियल के सिनेमाघरों में फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान कुछ उपद्रवियों ने जमकर हंगामा किया और थिएटर की स्क्रीन्स को बुरी तरह फाड़ दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह एक सुखद ‘मूवी नाइट’ अचानक अराजकता और अफरा-तफरी में बदल गई। हालात इतने बेकाबू हो गए कि स्थानीय पुलिस को सिनेमाहॉल के भीतर घुसकर स्थिति को संभालना पड़ा।

    यह घटना मॉन्ट्रियल के सिनेप्लेक्स एटवाटर और एंग्रिग्नन जैसे प्रमुख थिएटरों में घटित हुई। वायरल वीडियो में थिएटर के भीतर का मंजर किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आ रहा है, जहाँ दर्शक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं और पर्दे पर बड़े-बड़े कट लगे हुए हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। कई यूजर्स ने इसे सोची-समझी साजिश करार दिया है, जबकि कुछ लोग फिल्म को “प्रोपेगेंडा” बताते हुए इसके विरोध को जायज ठहरा रहे हैं। हालांकि, अधिकांश लोग इस तरह की संपत्ति के नुकसान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि यदि किसी को फिल्म की कहानी से आपत्ति है तो उसे लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए, न कि लाखों की कीमत वाली स्क्रीन्स को बर्बाद करना चाहिए।

    रणवीर सिंह की इस फिल्म में सारा अर्जुन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन जैसे दिग्गज कलाकार शामिल हैं। फिल्म का पहला भाग पिछले साल दिसंबर में रिलीज हुआ था और तभी से ‘धुरंधर 2’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज था। लेकिन कनाडा में हुई इस हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ दर्शकों का मानना है कि यह फिल्म को फ्लॉप कराने या इसे सिनेमाघरों से हटवाने की एक कोशिश है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म की कमाई पर कोई खास असर नहीं पड़ा है और प्रशंसक इसे देखने के लिए और भी ज्यादा उत्सुक नजर आ रहे हैं। फिलहाल, कनाडा पुलिस मामले की जांच कर रही है और थिएटर मालिकों ने सुरक्षा व्यवस्था और भी पुख्ता कर दी है।

  • शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ग्लोबल संकेत, तेल-रुपया और मिडिल ईस्ट हालात पर फोकस

    शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ग्लोबल संकेत, तेल-रुपया और मिडिल ईस्ट हालात पर फोकस


    नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। वैश्विक और घरेलू उत्पाद के बीच दोस्ती की नज़र मध्य पूर्व में जारी तनाव, डॉलर के डॉलर के डॉलर की चाल और कच्चे तेल की दुकान पर रहेगा। ये तीन बड़े फैक्टर बाजार की दिशा तय करने में अंतिम भूमिका निभाएंगे।

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का कारण
    अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच रिलीज मॅथेल में अब चौथे हफ्ते में एंट्री कर दी गई है। सामान्य स्थिति के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे वैश्विक उद्योगों में अनिश्चितता बढ़ गई है।

    इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रीट पर चेतावनी देते हुए तनाव को और बढ़ाया है। यह वैश्वीकरण तेल शोषित का प्रमुख मार्ग है, ऐसे में यहां किसी भी क्षेत्र में सीधे कच्चे तेल के प्रवेश को प्रभावित किया जा सकता है।

    कच्चे तेल की दुकान में तेज़ उछाल
    मध्य पूर्व के तनाव का असर कच्चे तेल की झील पर साफ नजर आ रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम में एक सप्ताह में 8.77 प्रतिशत और पिछले एक महीने में 57.35 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।

    तेल की टंकी में यह उछाल भारत जैसे तीर्थ-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हो सकती है और कंपनी की लागत पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव शेयर बाजार पर भी देखा जा सकता है।

    रुपयों की मंदी से बढ़ा दबाव
    डॉलर के थोक भारतीय मुद्रा की गिरावट के लिए भी बाजार में नकारात्मक संकेत दे रही है। पिछला सप्ताह पोर्टफोलियो 93.71 के रिकॉर्ड पर पहुंच गया। इस गिरावट का मुख्य कारण विदेशी फ़्लोरिडा फ़्लोरिडा (FII) की लगातार बिकवाली रही। विदेशी निवेशकों के विश्वास को बाजार में प्रभावित किया जाता है और शेयर बाजार में जमा किया जाता है।

    एफओआई और डीओआई का संतुलन
    डेज वीक एफओआई ने लगभग 29,718.9 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना। हालाँकि, डोमेस्टिक एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ (डीआईआई) ने 30,642 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो कुछ हद तक समर्थित है।

    यह बैलेंस बाज़ार में बड़े पैमाने पर गिरावट से बचा हुआ है, लेकिन अगर फ़ोई की बिकवाली जारी रहती है तो बाज़ार पर दबाव बढ़ सकता है।

    पिछली शनिवार की रिलीज़- रिलीज़
    16 से 20 मार्च के बीच शेयर बाजार में भारी उछाल- देखने को मिला। अंत में बीएसई सेंसेक्स 74,523.96 और निफ्टी 50 23,114.50 के स्तर पर बंद हुआ।

    सेक्टोरल स्टॉक्स में डिफेन्स, फ़्यूसीजी और रियल्टी स्टॉक में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। इन सेक्टरों में क्रमश: 2.41%, 1.91% और 1.89% की गिरावट जारी है। वहीं, ऑटो और मेटल सेक्टर में क्रमश: 2.15% और 1.06% की बढ़त दर्ज की गई।

    किशोरी के लिए क्या संकेत?
    आने वाले सप्ताह में सहकर्मियों को रहने की आवश्यकता है। वैश्विक घटना, विशेष रूप से मध्य पूर्व की स्थिति, रुपये की चाल और कच्चे तेल के वैश्विक बाजार को प्रभावित करती है। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि जब तक इन तीनों में स्थिरता नहीं आएगी, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

  • IPL की 'ग्रेटेस्ट XI' से रोहित शर्मा बाहर! केविन पीटरसन ने धोनी को सौंपा नेतृत्व, इस दिग्गज स्पिनर को बताया अपना फेवरेट।

    IPL की 'ग्रेटेस्ट XI' से रोहित शर्मा बाहर! केविन पीटरसन ने धोनी को सौंपा नेतृत्व, इस दिग्गज स्पिनर को बताया अपना फेवरेट।


    नई दिल्ली :
    इंडियन प्रीमियर लीग IPL के इतिहास में जब भी सबसे सफल कप्तानों और बल्लेबाजों की चर्चा होती है, तो रोहित शर्मा का नाम सबसे ऊपर आता है। “हिटमैन” के नाम से मशहूर रोहित ने न केवल अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को पांच बार खिताबी जीत दिलाई है, बल्कि वे टूर्नामेंट के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर काबिज हैं। बावजूद इसके, इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज कप्तान केविन पीटरसन की “ऑल-टाइम IPL XI” में रोहित शर्मा को जगह नहीं मिल सकी है। पीटरसन ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अपनी ड्रीम टीम का चयन किया, जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले। दिग्गजों से भरी इस लीग में से सिर्फ 11 खिलाड़ियों को चुनना हमेशा से एक टेढ़ी खीर रहा है, और पीटरसन की टीम से रोहित जैसे बड़े नाम का छूटना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

    ‘लव ऑफ क्रिकेट’ पॉडकास्ट पर जोस बटलर के साथ चर्चा करते हुए पीटरसन ने अपनी टीम की रूपरेखा तैयार की। ओपनिंग स्लॉट के लिए उनके पास क्रिस गेल, विराट कोहली, डेविड वॉर्नर और रोहित शर्मा जैसे विकल्प थे, लेकिन पीटरसन ने ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल और ‘किंग’ विराट कोहली की जोड़ी पर भरोसा जताया। मध्यक्रम की बात आई तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के “मिस्टर आईपीएल” कहे जाने वाले सुरेश रैना और दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज एबी डी विलियर्स को टीम में शामिल किया। कप्तान और विकेटकीपर की भूमिका के लिए पीटरसन ने महेंद्र सिंह धोनी के नाम पर मुहर लगाई और इसे “नॉन-नेगोशिएबल” यानी बिना किसी शर्त के अनिवार्य बताया। धोनी को उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में पांचवें नंबर पर रखा, जो उनके नियमित क्रम से थोड़ा ऊपर है।

    ऑलराउंडर और स्पिन विभाग में भी पीटरसन ने कड़े फैसले लिए। उन्होंने हार्दिक पांड्या जैसे मैच विनर को नजरअंदाज करते हुए आंद्रे रसेल और सुनील नरेन को प्राथमिकता दी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नरेन किसी भी आईपीएल टीम का हिस्सा होने चाहिए। वहीं, रवींद्र जडेजा को भी उन्होंने अपनी टीम में शामिल करना जरूरी समझा। स्पिन गेंदबाजी के मोर्चे पर पीटरसन ने राशिद खान और हरभजन सिंह के ऊपर युजवेंद्र चहल को तरजीह दी। चहल की तारीफ करते हुए पीटरसन ने यहाँ तक कह दिया कि आरसीबी RCB द्वारा चहल को रिलीज करना आईपीएल इतिहास का सबसे खराब फैसला था।

    तेज गेंदबाजी आक्रमण की बारी आई तो पीटरसन को विकल्प सुनने की भी जरूरत महसूस नहीं हुई। उन्होंने जसप्रीत बुमराह और लसिथ मलिंगा के नाम सुनते ही उन्हें अपनी अंतिम एकादश में शामिल कर लिया। पीटरसन की इस टीम में संतुलन और आक्रामकता का अनोखा मिश्रण दिखता है, लेकिन रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति इस चयन को काफी विवादित और रोचक बनाती है। उनकी यह ‘ग्रेटेस्ट इलेवन’ पूरी तरह से उन खिलाड़ियों पर केंद्रित रही जिन्होंने पिछले डेढ़ दशक में व्यक्तिगत प्रदर्शन से आईपीएल को एक नई ऊंचाई दी है।

  • एविएशन अपडेट: मिडिल ईस्ट संकट के चलते IndiGo-Air India का सीमित ऑपरेशन

    एविएशन अपडेट: मिडिल ईस्ट संकट के चलते IndiGo-Air India का सीमित ऑपरेशन


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 22 मार्च से सीमित उड़ान संचालन फिर से शुरू करने का फैसला किया है। हालांकि, एयरलाइंस ने यात्रियों को घेर लिया है कि क्षेत्र की सीमित स्थिति के चलते आखिरी समय में बदलाव संभव हैं।

    इंडिगो का सतर्क कदम
    बजट एयरलाइन इंडिगो ने घोषणा की है कि वह सुलभ उड़ानों का संचालन शुरू कर रही है। कंपनी ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए खुलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। इंडिगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अनिश्चित परिस्थितियों में भी उनकी टीमें 24 घंटे यात्रियों की मदद के लिए काम कर रही हैं। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी उड़ानें सुरक्षा मानकों और नियामकों के अनुसार ही संचालित की जा रही हैं।

    एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की संयुक्त पहल
    दूसरी ओर एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ मिलकर एयर इंडिया ने भी बड़ा कदम उठाया है। दोनों एयरलाइंस ने 22 मार्च को पश्चिम एशिया क्षेत्र से आने-जाने वाली लगभग 50 उड़ानों के संचालन की घोषणा की है। इनमें निर्धारित (Scheduled) और विशेष (Non-scheduled) दोनों प्रकार की उड़ानें शामिल हैं, जिससे ज़्यादा से ज़्यादा यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में मदद मिल सके।

    जेद्दा और मस्कट जैसे रूट पर फोकस
    एयरलाइंस ने जेद्दा और मस्कट जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए नियमित सेवाएं जारी रखने का फैसला लिया है। भारत और जेद्दा के बीच कुल 20 उड़ानें संचालित की जाएंगी। इनमें एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से उड़ानें संचालित करेंगी, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, मंगलुरु और कोझिकोड से अपनी सेवाएं जारी रखेगी। इसके अलावा, एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कोच्चि, मुंबई और कन्नूर से मस्कट के लिए आठ निर्धारित उड़ानें भी संचालित करेंगी, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।

    विशेष उड़ानों का भी प्रबंध
    नियमित सेवाओं के अलावा एयरलाइंस संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के विभिन्न गंतव्यों के लिए लगभग 30 अतिरिक्त विशेष उड़ानें भी संचालित करने की योजना बना रही हैं। हालांकि, इन उड़ानों का संचालन स्लॉट की प्राप्ति, स्थानीय परिस्थितियों और संबंधित देशों के नियामक प्राधिकरणों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। एयरलाइंस ने स्पष्ट किया है कि सभी उड़ानें आवश्यक सुरक्षा मानकों और अनुमतियों के साथ ही संचालित की जाएंगी।

    यात्रियों के लिए अहम सलाह
    एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति की जांच करें और संभावित उड़ानों के लिए तैयार रहें। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उड़ानों के समय और रूट में अचानक बदलाव संभव हैं।

  • नरेंद्र मोदी ने बनाया नया इतिहास भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने का रिकॉर्ड

    नरेंद्र मोदी ने बनाया नया इतिहास भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने का रिकॉर्ड

    नई दिल्ली: भारत की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित सरकार के प्रमुख रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है

    पवन कुमार चामलिंग ने मुख्यमंत्री के रूप में 8930 दिनों तक कार्य किया था जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को मिलाकर 8931 दिनों का आंकड़ा पार कर लिया है यह उपलब्धि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव निरंतर जनसमर्थन और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत एक संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में की थी उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था और उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की वर्ष 1985 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

    7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला इसके बाद वे लगातार चार बार 2001 2002 2007 और 2012 में मुख्यमंत्री बने और लगभग 12 साल 7 महीने तक राज्य का नेतृत्व किया उनके कार्यकाल को विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए जाना जाता है

    वर्ष 2014 में वे पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने और तब से लगातार इस पद पर बने हुए हैं उन्होंने 2014 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की और इस तरह वे लगातार तीन बार चुनाव जीतने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने

    प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में कई बड़े फैसले और योजनाएं लागू की गईं जिनका उद्देश्य देश के विकास और सामाजिक सुधार को गति देना रहा उनके नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी स्थिति को मजबूत किया

    यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का रिकॉर्ड नहीं है बल्कि यह उनके लंबे राजनीतिक जीवन निरंतरता और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है यह दर्शाता है कि भारतीय लोकतंत्र में स्थिर नेतृत्व और जनता का विश्वास कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

  • फाफ डु प्लेसिस का बड़ा बयान, IPL 2026 में पंत पर रहेगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी

    फाफ डु प्लेसिस का बड़ा बयान, IPL 2026 में पंत पर रहेगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेटर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए आईपीएल 2026 के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाला है। पिछले कुछ समय से सीमित ओवरों के क्रिकेट में खराब फॉर्म से वापसी कर रहे पंत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम में जगह नहीं मिली थी। जहां कहीं भी फंसे हुए हैं वहां उनकी स्थिति मजबूत नहीं है। ऐसे में आईपीएल 2026 में उनके लिए खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच बन गया है।

    फाफ डु प्लेसिस ने प्लांटेशन चिंता
    दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने पंत को लेकर बड़ा बयान दिया है। जियो हॉटस्टार पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस सीजन में सबसे ज्यादा दबाव अगर किसी खिलाड़ी पर होगा तो वह हैं ऋषभ पंत।

    डु प्लेसिस ने कहा, “मेरे लिए ऋषभ पंत इस आईपीएल के ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन पर सबसे ज्यादा दबाव है। कुछ खिलाड़ियों के दबाव में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का टैग है, जबकि कुछ संघर्ष करते हैं। पिछले सीजन में उनके लिए काफी मुश्किल रहा था।

    औद्योगिक और अनौपचारिक का दोहरा दबाव
    फाफ ने यह भी बताया कि पंत पर सिर्फ फ्लोटिंग का ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक का भी दबाव रहेगा। टीम का प्रदर्शन, गेंदबाजी का संचालन और मैच की रणनीति-इनमें सभी की जिम्मेदारी पंत के रिकॉर्ड पर होगी।

    उन्होंने कहा, “अगर एक कैप्टन रन बना रहा है, तो उसका दबाव खुद-ब-खुद कम हो जाता है। लेकिन पिछले सीजन में पंत और उनकी टीम का प्रदर्शन सामान्य रहा था, इसलिए इस बार उन पर सबसे ज्यादा सवाल और दबाव दोनों होंगे।

    रिकॉर्ड कीमत और उम्मीदों का भार
    आईपीएल 2025 की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये में खरीदकर आईपीएल इतिहास का सबसे महंगा खिलाड़ी बनाया था। इतनी बड़ी कीमत के बाद उनका विवरण भी एक ही स्तर का था, लेकिन वह उन पर खरा नहीं उतरे।

    पिछले सीज़न में पंत ने 14 मैचों में 269 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 1 शतक शामिल था। उनका सर्वाधिक स्कोर रेटिंग 118 पर है, लेकिन टीम प्लेऑफ तक पहुंच नहीं पाई है। नेशनल टीम की टीम का गठन स्थान पर रहा, जिससे आलोचनाएं और बढ़ती गईं।

    आईपीएल 2026 में बड़ा मौका
    आईपीएल 2026 में पंत की वापसी का सबसे बड़ा मौका है। अगर वह इस सीजन में रन बनाते हैं और टीम को जीत दिलाते हैं, तो वह फिर से टीम इंडिया में अपनी जगह मजबूत कर सकते हैं।

    इस सीजन में नेशनल सुपर जायंट्स का पहला मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 1 अप्रैल को इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में सभी की नजरें पंत के प्रदर्शन पर।

    मित्र और टीम का विवरण
    पंत की आक्रामक बैटल और मैच जिताने की क्षमता से कोई नाराज नहीं है। ऐसे में एलएसजी प्रबंधन और प्रेमी को उम्मीद है कि वह इस बार अपनी फॉर्म में वापसी करेंगे और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएंगे।

  • पुडुचेरी चुनाव 2026 भाजपा की दूसरी सूची जारी कराईकल साउथ से एम अरुल मुरुगन उम्मीदवार

    पुडुचेरी चुनाव 2026 भाजपा की दूसरी सूची जारी कराईकल साउथ से एम अरुल मुरुगन उम्मीदवार

    नई दिल्ली:   पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची जारी कर चुनावी मैदान में अपनी रणनीति को और स्पष्ट कर दिया है पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने कराईकल साउथ विधानसभा सीट से एम अरुल मुरुगन को उम्मीदवार घोषित किया है

    यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब चुनाव की तारीखें नजदीक हैं और सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार अभियान और संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं भाजपा अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव में उतरने की रणनीति बना रही है ताकि सभी सीटों पर मजबूत प्रदर्शन किया जा सके

    इससे पहले शनिवार को भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी की थी जिसमें कई महत्वपूर्ण सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे मन्नादीपेट सीट से ए नमस्सिवायम ओस्सुडु एससी सीट से ई थीप्पैंथन कालापेट सीट से पीएमएल कल्याणसुंदरम और राज भवन सीट से वीपी रामलिंगम को टिकट दिया गया है इसके अलावा मुदलियारपेट से ए जॉनकुमार मनावेली से एम्बलम आर सेल्वम तिरुनल्लार से जीएनएस राजसेकरन नेरावी टीआर पट्टिनम से टीकेएसएम मीनाक्षीसुंदरम और माहे सीट से ए दिनेशन को उम्मीदवार बनाया गया है

    पार्टी ने न केवल पुडुचेरी बल्कि अन्य राज्यों में भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा तेज कर दी है इसी क्रम में केरल के लिए भी तीसरी सूची जारी की गई है जिसमें 11 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं यह दर्शाता है कि भाजपा अपने संगठन और चुनावी रणनीति को व्यापक स्तर पर मजबूत करने में लगी है

    पुडुचेरी विधानसभा में कुल 33 सीटें हैं जिनमें से 30 सीटों पर जनता द्वारा सीधे मतदान किया जाता है जबकि 3 सीटें केंद्र सरकार द्वारा नामित की जाती हैं इस चुनावी प्रक्रिया में जनता के वोट का महत्व बेहद महत्वपूर्ण होता है

    पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में संपन्न होंगे जबकि 4 मई को मतगणना की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं सभी प्रमुख दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जनसभाएं रैलियां और प्रचार अभियान चला रहे हैं

    इस पूरी चुनावी प्रक्रिया में भाजपा अपनी मजबूत उम्मीदवार सूची और संगठनात्मक ताकत के सहारे बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही है वहीं अन्य दल भी अपनी रणनीति के साथ मैदान में सक्रिय हो गए हैं जिससे चुनावी मुकाबला और भी रोचक होने की उम्मीद है