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  • एक पारी, शानदार विकेट! IPL के उन 3 गेंदबाजों की कहानी जो छक्का लगाने में सफल हुए

    एक पारी, शानदार विकेट! IPL के उन 3 गेंदबाजों की कहानी जो छक्का लगाने में सफल हुए


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19 सीजन में अब तक सिर्फ तीन ही गेंदबाज ने किसी पारी में 6 विकेट लेने का कारनामा किया है। यह रिकॉर्ड अपने आप में बेहद खास है, क्योंकि आईपीएल में बल्लेबाजी की ताकत और रन बनाने की गति के बीच 6 विकेट लेना कोई साधारण उपलब्धि नहीं। आइए जानते हैं इन तीन गेंदबाजों और उनके धमाकेदार प्रदर्शन के बारे में।

    1. सोहेल तनवीर: CSK के खिलाफ 6 विकेट

    पहला नाम है सोहेल तनवीर का। 4 मई 2008 को राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए तनवीर ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 4 ओवरों में सिर्फ 14 रन देकर 6 विकेट चटकाए। इस प्रदर्शन के चलते CSK की पूरी टीम 109 रन पर सिमट गई।

    मैच में राजस्थान ने 14.2 ओवरों में 8 विकेट खोकर जीत हासिल की। इस दौरान ग्रीम स्मिथ ने 35 नाबाद रन, जबकि स्वप्निल असनोदकर ने 32 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। तनवीर की इस पारी ने उन्हें आईपीएल इतिहास में पहले गेंदबाज के रूप में दर्ज करवा दिया, जिन्होंने 6 विकेट का कमाल किया।

    2. एडम जांपा: RPS के लिए 6 विकेट

    दूसरे नाम पर हैं एडम जांपा। 10 मई 2016 को राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (RPS) की ओर से खेलते हुए जांपा ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 4 ओवर में 19 रन देकर 6 विकेट लिए।

    विशाखापत्तनम में खेले गए इस मुकाबले में SRH सिर्फ 137 रन ही बना सकी। शिखर धवन ने 33 रन, जबकि केन विलियम्सन ने 32 रन बनाए। हालांकि मैच में RPS की टीम 133 रन बनाकर 8 विकेट खोकर हार गई, लेकिन जांपा की इस गेंदबाजी ने उन्हें इतिहास में दर्ज कर दिया।

    3. अल्जारी जोसेफ: MI की जीत में 6 विकेट

    तीसरा और आखिरी नाम है अल्जारी जोसेफ का। 6 अप्रैल 2019 को मुंबई इंडियंस (MI) की ओर से खेलते हुए जोसेफ ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 3.4 ओवरों में 12 रन देकर 6 विकेट चटकाए।

    इस पारी में एक ओवर मेडन भी शामिल था। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 136 रन बनाए, जिसमें किरोन पोलार्ड ने 26 गेंदों में 46 नाबाद रन खेलकर टीम को मजबूत स्कोर दिया। जोसेफ की धारदार गेंदबाजी के सामने SRH की पूरी टीम 17.4 ओवरों में 96 रन पर सिमट गई, और मुंबई इंडियंस ने 40 रन से जीत दर्ज की।

  • ये 7 टीमें बनीं IPL में जीत के रिकॉर्ड की मालिक, जानें किसने क्या हासिल किया

    ये 7 टीमें बनीं IPL में जीत के रिकॉर्ड की मालिक, जानें किसने क्या हासिल किया


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 19वां सीजन चल रहा है, और इस दौरान कुल 7 टीमों ने ‘जीत का शतक’ यानी 100 या उससे ज्यादा मैच जीतने का गौरव हासिल किया है। आइए, विस्तार से जानते हैं इन टीमों के प्रदर्शन और रिकॉर्ड के बारे में।

    1. मुंबई इंडियंस (MI)

    पांच बार की चैंपियन टीम मुंबई इंडियंस ने अब तक 277 मैच खेले हैं। इनमें 152 जीत और 122 हार शामिल हैं। इसके अलावा टीम के 4 मैच टाई (2 टाई+जीत, 2 टाई+हार) और 2 मैच बेनतीजा रहे। मुंबई इंडियंस की ताकत हमेशा से उसकी लगातार जीत और फाइनल में पहुंचने की क्षमता रही है।

    2. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)

    5 बार की आईपीएल चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने 255 मैच खेले हैं, जिनमें 142 जीत दर्ज की। टीम ने 110 हार झेली, जबकि 1 मैच टाई (टाई+हार) और 2 मैच बेनतीजा रहे। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में CSK हमेशा फाइनल में दावेदार रही है।

    3. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)

    तीन बार का चैंपियन KKR ने अब तक 267 मैच खेले, जिनमें 135 जीत और 126 हार शामिल हैं। टीम के 4 मैच टाई (1 टाई+जीत, 3 टाई+हार) और 2 मैच बेनतीजा रहे। केकेआर ने भी आईपीएल में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है।

    4. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)

    बीते सीजन का खिताबी सूखा खत्म करने वाली RCB ने अब तक 272 मैच खेले, जिनमें 133 जीत और 132 हार दर्ज की गई। टीम के 3 मैच टाई (2 टाई+जीत, 1 टाई+हार) रहे, जबकि 4 मैच बेनतीजा रहे। विराट कोहली और फाफ डू प्लेसिस जैसे स्टार खिलाड़ियों ने टीम को खिताब के करीब पहुंचाया।

    5. पंजाब किंग्स (PBKS)

    PBKS ने अब तक 265 मैच खेले, जिनमें 121 जीत और 139 हार शामिल हैं। 4 मैच टाई (3 टाई+जीत, 1 टाई+हार) और 1 मैच का नतीजा नहीं निकला। टीम ने कई बार मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन खिताब की राह में उतनी सफलता नहीं मिली।

    6. दिल्ली कैपिटल्स (DC)

    दिल्ली कैपिटल्स ने अब तक 267 मैच खेले, जिनमें 119 जीत और 140 हार दर्ज की। टीम के 5 मैच टाई (4 टाई+जीत, 1 टाई+हार) और 3 मैच बेनतीजा रहे। पिछले सीजन में DC ने फाइनल तक का सफर तय कर दर्शकों को रोमांचित किया।

    7. राजस्थान रॉयल्स (RR)

    साल 2008 में आईपीएल का पहला संस्करण जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स ने अब तक 237 मैच खेले, जिनमें 115 जीत और 115 हार दर्ज हैं। टीम के 4 मैच टाई (2 टाई+जीत, 2 टाई+हार) और 3 मैच बेनतीजा रहे। RR की शुरुआत ही धमाकेदार रही थी और कई युवा खिलाड़ियों ने यहाँ से अपने करियर की पहचान बनाई।

  • Vastu Tips: शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को करें ये आसान उपाय

    Vastu Tips: शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को करें ये आसान उपाय


     नई दिल्ली।  शनिवार के दिन शनिदेव की विशेष पूजा और वास्तु उपाय करने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। शनि देव की कृपा पाने के लिए केवल पूजा ही नहीं, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष उपाय करना भी जरूरी है। अगर आपके घर में लगातार आर्थिक तंगी, कामों में रुकावट या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नजर आ रहा है, तो आज के दिन ये उपाय विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

    1. शनि मंदिर जाएं और सरसों के तेल का दिया जलाएं

    शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर पूजा करना बेहद लाभकारी माना गया है। इस दौरान सरसों के तेल का दिया जलाना चाहिए। शनि देव को काला रंग प्रिय है, इसलिए इस दिन काले कपड़े पहनकर मंदिर जाएं। इसके साथ ही काली दाल का दान करने से भी शनिदेव की कृपा बनी रहती है।

    2. घर के मुख्य द्वार पर शनि यंत्र लगाएं

    वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर के मुख्य द्वार पर शनि यंत्र लगाने से घर में आने वाली नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। यह उपाय घर के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है और परिवार में सुख-शांति लाता है।

    3. शमी का पौधा लगाएं और पत्तियां चढ़ाएं

    शनिवार को शमी का पौधा लगाना विशेष लाभकारी माना गया है। शमी देवता को प्रिय होने के कारण यह पौधा शनि देव की कृपा बढ़ाता है। शमी की पत्तियों को शनिदेव को चढ़ाने से घर में आर्थिक तंगी और अन्य परेशानियां कम होती हैं।

    4. नकारात्मकता बढ़ाने वाली आदतों से बचें

    शनिवार के दिन कुछ विशेष सावधानियां रखना भी जरूरी है। जैसे, नाखून और बाल काटना इस दिन वर्जित माना गया है। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए शनिवार को अपने बाल और नाखून न काटें।

    5. नियमित पूजा और उपाय से घर में खुशहाली

    इन उपायों को नियमित रूप से अपनाने से घर और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। शनि देव प्रसन्न रहते हैं और किसी भी बाधा, आर्थिक तंगी या मानसिक परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं। शनिवार के दिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ये उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार के सभी सदस्य मानसिक और आर्थिक रूप से मजबूत रहते हैं।

  • महाकाल के दरबार पहुंची एक्ट्रेस कावेरी प्रियम, भस्म आरती में शामिल हुईं, बोलीं- यहां की ऊर्जा है अलौकिक

    महाकाल के दरबार पहुंची एक्ट्रेस कावेरी प्रियम, भस्म आरती में शामिल हुईं, बोलीं- यहां की ऊर्जा है अलौकिक


    उज्जैन। उज्‍जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान टीवी और फिल्म एक्ट्रेस कावेरी प्रियम भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचीं। सुबह करीब 4 बजे उन्होंने आरती में भाग लिया और नंदी हॉल में बैठकर इस दिव्य अनुष्ठान का अनुभव किया। आरती के बाद उन्होंने मंदिर की देहरी से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    ‘भस्म आरती में मिलती है अद्भुत ऊर्जा’


    दर्शन के बाद कावेरी प्रियम ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि बाबा महाकाल के दरबार की शक्ति को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। उन्होंने बताया, “मैं पिछले तीन वर्षों से यहां लगातार आ रही हूं। भस्म आरती के समय जो ऊर्जा महसूस होती है, वह सच में अद्भुत और अलौकिक है।”

    टीवी से फिल्मों तक बनाया खास मुकाम


    कावेरी प्रियम ने अपने करियर की शुरुआत टीवी शो नागिन 2 में बीके के किरदार से की थी। इसके बाद उन्होंने ये रिश्ते हैं प्यार के में कुहू माहेश्वरी राजवंश और जिद्दी दिल माने ना में डॉ. मोनामी महाजन की भूमिका निभाकर दर्शकों के बीच पहचान बनाई। फिल्मों में उन्होंने तिश्नगी से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की।
  • पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, सोने की खरीद पर भी लगी सख्ती: आज का पूरा अपडेट

    पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, सोने की खरीद पर भी लगी सख्ती: आज का पूरा अपडेट


    नई दिल्ली। 4 अप्रैल 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम जारी कर दिए हैं। देश के ज्यादातर बड़े शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम लोगों को राहत मिली है। हालांकि, कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

    पेट्रोल के दाम
    दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और मुंबई में ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर है। कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
    नोएडा, मुजफ्फरपुर और रांची जैसे कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    डीजल की कीमतों में स्थिरता
    डीजल के दाम भी ज्यादातर शहरों में स्थिर रहे। दिल्ली में डीजल ₹87.67 और मुंबई में ₹90.03 प्रति लीटर मिल रहा है। कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी और गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार स्थिर बना हुआ है।

    कीमतें क्यों बदलती हैं?
    पेट्रोल-डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स (Excise Duty और VAT) इसी वजह से हर राज्य और शहर में कीमतें अलग-अलग होती हैं।

    सरकार का बड़ा फैसला: सोने की खरीद पर नए नियम
    सरकार अब सोने की खरीदारी से जुड़े नियमों को और सख्त करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सोने की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अब हर सोने के गहने पर 6 अंकों का HUID (Hallmark Unique Identification) कोड अनिवार्य होगा। यह कोड एक तरह का यूनिक पहचान नंबर है, जिसे दोबारा किसी अन्य गहने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। ग्राहक BIS CARE ऐप के जरिए इस कोड की जांच कर सकते हैं ताकि सोने की असलियत की पुष्टि हो सके। हॉलमार्किंग एक प्रमाणन प्रक्रिया है, जो यह सुनिश्चित करती है कि सोना तय शुद्धता मानकों के अनुसार है। इसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इससे नकली या कम गुणवत्ता वाले सोने की बिक्री पर रोक लगती है और ग्राहकों को सही जानकारी मिलती है।

    नए नियमों के तहत क्या बदलाव होंगे?
    सोने पर HUID कोड का दोबारा इस्तेमाल नहीं होगा हर गहने की अलग पहचान होगी खरीदारी में पारदर्शिता बढ़ेगी धोखाधड़ी और नकली हॉलमार्क पर रोक लगेगी ₹2 लाख से अधिक खरीद पर PAN कार्ड जरूरी ₹10 लाख से अधिक खरीद पर PAN + आधार + आय प्रमाण जरूरी₹2 लाख से अधिक का कैश भुगतान नहीं किया जा सकेगा 4 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल के दामों में स्थिरता देखने को मिली है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। वहीं, सरकार के नए फैसले के तहत सोने की खरीद को और सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। आने वाले समय में ये नियम ग्राहकों के लिए सुरक्षा और भरोसे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • स्किन की देखभाल अब आसान! गर्मियों में इन फलों का सेवन करें और पाएं ग्लोइंग त्वचा

    स्किन की देखभाल अब आसान! गर्मियों में इन फलों का सेवन करें और पाएं ग्लोइंग त्वचा


    नई दिल्ली।गर्मी के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से त्वचा का प्राकृतिक ग्लो कम हो जाता है। चेहरे की रंगत फीकी पड़ जाती है और टेनिंग आम समस्या बन जाती है। आमतौर पर लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन प्रकृति ने हमें ऐसे फलों की सौगात दी है जो त्वचा को नेचुरल ग्लो देने में बेहद असरदार हैं। इन फलों का सही सेवन गर्मियों में त्वचा और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।

    1. नारियल पानी – प्राकृतिक हाइड्रेशन का खजाना

    नारियल पानी गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। यह त्वचा को मुलायम और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। रोजाना एक नारियल पानी पीने से न केवल पेट स्वस्थ रहता है बल्कि चेहरे की रुखी त्वचा में निखार आता है। नारियल पानी में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर के तापमान को संतुलित रखते हैं और गर्मी से होने वाली थकान को कम करते हैं।

    2. तरबूज – विटामिन सी और पानी का भरपूर स्रोत

    तरबूज में विटामिन सी, फाइबर और पानी प्रचुर मात्रा में होता है। विटामिन सी त्वचा को टैनिंग से बचाने में मदद करता है। गर्मियों में अगर त्वचा फीकी पड़ जाए या टेनिंग हो जाए तो तरबूज का सेवन चेहरे के लिए वरदान साबित होता है। यह न केवल त्वचा को ग्लोइंग बनाता है, बल्कि शरीर के तापमान को भी संतुलित रखता है।

    3. खीरा – त्वचा और पेट दोनों का खजाना

    खीरा सिर्फ सलाद का हिस्सा नहीं, बल्कि यह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट और त्वचा को ताजगी देने वाला सुपरफूड है। खीरे में पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो चेहरे की रुखी त्वचा को नरम करने और पाचन को सुधारने में मदद करती है। कई स्किन ट्रीटमेंट में भी खीरे का उपयोग किया जाता है।

    4. आम – विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का शक्ति केंद्र

    आम गर्मियों का पसंदीदा फल है और इसमें त्वचा के लिए लाभकारी विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। यह चेहरे के खोए हुए निखार को वापस लाने में मदद करता है। नियमित और सही मात्रा में आम का सेवन शरीर और त्वचा दोनों को फायदा पहुंचाता है।

    5. संतरा – गहरे दाग-धब्बों का प्राकृतिक हल

    संतरे में भरपूर विटामिन सी और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। संतरा चेहरे को ग्लोइंग बनाने के साथ-साथ दाग-धब्बों और त्वचा की सूजन को भी कम करता है। इसके छिलके का उपयोग फेसपैक में करने से भी लाभ होता है।

  • गैजेट्स का ज़्यादा इस्तेमाल खतरनाक! जानें रेडिएशन से बचने के आसान उपाय

    गैजेट्स का ज़्यादा इस्तेमाल खतरनाक! जानें रेडिएशन से बचने के आसान उपाय


    नई दिल्ली।आज के डिजिटल युग में हमारा जीवन गैजेट्स पर निर्भर हो गया है। घर पर टीवी, एसी, मोबाइल और ऑफिस में कंप्यूटर या लैपटॉप, हर जगह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। लेकिन इनका लगातार और गलत इस्तेमाल शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। गैजेट रेडिएशन से सुरक्षा अब एक जरूरी स्वास्थ्य मुद्दा बन चुकी है।

    गैजेट्स और हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव

    मोबाइल, लैपटॉप, वाई-फाई जैसे उपकरण रेडिएशन उत्सर्जित करते हैं। यह रेडिएशन अक्सर दिखता नहीं है, लेकिन शरीर और मस्तिष्क को अंदर से प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक सीधे संपर्क में रहने से सिरदर्द, नींद में खलल, आंखों की थकान और मानसिक स्वास्थ्य पर असर हो सकता है। बच्चों के लिए यह और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि उनका मस्तिष्क और मानसिक विकास अभी पूरा नहीं हुआ होता।

    लैपटॉप और कंप्यूटर का सुरक्षित उपयोग

    लैपटॉप का उपयोग करते समय हमेशा माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करें। लैपटॉप को गोद में रखने के बजाय टेबल पर रखें और शरीर से लगभग एक फीट की दूरी बनाए रखें। इससे रेडिएशन का सीधा प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ेगा।

    मोबाइल का सुरक्षित उपयोग

    फोन को हमेशा खुद से सटाकर न रखें, खासकर पॉकेट में या सोते समय। बच्चों को मोबाइल पर खेलने या लंबा समय बिताने से बचाएं। सोते समय फोन को एयरप्लेन मोड में रखें, जिससे रेडिएशन का स्तर काफी हद तक कम हो जाता है।

    वाई-फाई और घर की सुरक्षा

    यदि घर में वाई-फाई का राउटर है, तो उसे कमरे के बाहर या बच्चों से दूर लगवाएं। राउटर से निकलने वाली किरणें नींद पर असर डाल सकती हैं और मस्तिष्क की नसों को प्रभावित कर सकती हैं। घर में रेडिएशन का स्तर कम करने के लिए गैजेट्स का संतुलित उपयोग और सही दूरी बनाए रखना जरूरी है।

    बच्चों की सुरक्षा और मानसिक विकास

    अत्यधिक गैजेट उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को पढ़ाई या खेल के दौरान गैजेट से दूर रखें। उनकी सेहत और मस्तिष्क की वृद्धि के लिए खुली हवा, खेल और संतुलित आहार अधिक जरूरी हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गौरव पत्रकारिता जगत के नक्षत्र माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी की कृतियां आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके लेखन और चिंतन ने न केवल पत्रकारिता की दुनिया में नया मार्ग प्रशस्त किया बल्कि समाज के नवनिर्माण और लोक कल्याण के संदेश भी दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से यह कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी के प्रखर विचार और गहन चिंतन उनके समय के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। उनके योगदान और राष्ट्रसेवा का प्रभाव अनंतकाल तक अविस्मरणीय रहेगा।

    माखनलाल चतुर्वेदी जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में क्रांतिकारी माना जाता है ने अपने लेखन और समाजसेवा के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में अमूल्य योगदान दिया। उनके विचार और दृष्टिकोण आज भी पत्रकारिता साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में आदर्श माने जाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर सभी नागरिकों को प्रेरणा लेनी चाहिए कि वे समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें। माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन यह दिखाता है कि साहसिक विचार और समाजहित में समर्पण किसी भी समय प्रासंगिक और प्रभावशाली हो सकता है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत और आम नागरिकों से अपील की कि वे उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। उनके विचारों और लेखों का अध्ययन कर आने वाली पीढ़ी न केवल पत्रकारिता की उत्कृष्टता सीख सकती है बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझ सकती है।

    इस प्रकार माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर मुख्यमंत्री द्वारा किया गया पुण्य स्मरण न केवल उनके योगदान को याद करने का अवसर है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी है। उनके आदर्श और समाज के प्रति समर्पण आज भी लोगों को सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा की ओर अग्रसरित करते हैं।

  • गर्मियों में ककड़ी का जादू: तन और मन दोनों को देती है शीतलता

    गर्मियों में ककड़ी का जादू: तन और मन दोनों को देती है शीतलता


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही तेज धूप, लू और पसीने से परेशान होना आम बात है। ऐसे में ककड़ी शरीर और मन को ठंडक देने वाला सबसे सस्ता और आसान उपाय साबित होती है। इसे “शीतल फल” कहा जाता है क्योंकि इसमें 95 प्रतिशत से अधिक पानी होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी गर्मियों में ककड़ी के नियमित सेवन की सलाह देते हैं, जो न सिर्फ गर्मी से राहत देती है बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है।

    शरीर को हाइड्रेट रखे

    गर्मी में पसीना ज्यादा आता है और शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। ककड़ी प्राकृतिक रूप से शरीर में पानी की कमी को दूर करती है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखते हैं। सलाद, रायता या जूस के रूप में ककड़ी का सेवन शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है और लू लगने की आशंका को कम करता है।

    वजन घटाने और पाचन में सहायक

    ककड़ी में कैलोरी बहुत कम और फाइबर भरपूर होता है, जिससे भूख नियंत्रित रहती है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए ककड़ी रोजाना आहार का हिस्सा बन सकती है। इसके अलावा, ककड़ी पाचन शक्ति को मजबूत करती है, कब्ज और गैस की समस्या को कम करती है और पेट को स्वस्थ रखती है।

    त्वचा और सौंदर्य के लिए फायदेमंद

    ककड़ी में मौजूद पानी और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सूजन कम करते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। गर्मियों में चेहरे पर ककड़ी के टुकड़े रखने से ठंडक मिलती है और सनबर्न से बचाव होता है।

    अन्य स्वास्थ्य लाभ

    ककड़ी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित, हड्डियों को मजबूत, आंखों की थकान कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करती है।

    ककड़ी का सही सेवन

    हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ककड़ी का जूस बनाकर पीएं या सलाद में टमाटर, प्याज और नींबू के साथ मिलाकर खाएं। इसे दही के साथ रायता बनाकर भी लिया जा सकता है। सैंडविच और रोल्स में भी ककड़ी डाली जा सकती है। रोजाना कम से कम एक ककड़ी खाने की सलाह दी जाती है।

    आसान, सस्ती और सुरक्षित

    ककड़ी सस्ती, आसानी से उपलब्ध और बिना किसी साइड इफेक्ट वाली होती है। गर्मियों में इसे अपने आहार में शामिल करने से तन और मन दोनों शीतल रहते हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होता है।

  • संकटों को दूर करने वाला विकट गणेश व्रत, जानिए दिन का शुभ मुहूर्त और समय

    संकटों को दूर करने वाला विकट गणेश व्रत, जानिए दिन का शुभ मुहूर्त और समय


    नई दिल्ली । हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विकट संकष्टी का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष यह पावन पर्व 5 अप्रैल रविवार को पड़ रहा है। भगवान गणेश के अष्टविनायक रूपों में से एक विकट स्वरूप की इस दिन विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि विकट गणेश अपने भक्तों को सभी प्रकार के ज्ञात और अज्ञात भय रोग शोक और दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखते हैं।

    भक्तों का विश्वास है कि यह व्रत न केवल व्यक्ति को निर्भीक बनाता है बल्कि विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करने का साहस भी प्रदान करता है। घोर संकटों में भी भक्तों की रक्षा करने वाले विकट गणेश अपराजेयता का वरदान देते हैं। इसलिए इस दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

    इस वर्ष 5 अप्रैल को चतुर्थी तिथि दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगी। व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को चंद्रमा के उदय के बाद पूजा और चंद्र दर्शन के साथ व्रत का पारण करते हैं।

    दिन का समय भी इस पूजा और व्रत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 9 बजकर 58 मिनट पर है। शुभ मुहूर्त के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 35 मिनट से 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 2 बजकर 24 मिनट से 4 बजकर 10 मिनट तक रहेगा जिसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है।

    वहीं अशुभ समयों से बचना भी आवश्यक है। राहुकाल शाम 5 बजकर 7 मिनट से 6 बजकर 41 मिनट तक यमगण्ड दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 1 मिनट से 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। भद्रा सुबह 6 बजकर 7 मिनट से दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।

    इस प्रकार विकट संकष्टी चतुर्थी 5 अप्रैल को भगवान गणेश की विशेष आराधना और व्रत रखने का दिन है। इस दिन की पूजा न केवल मानसिक और आध्यात्मिक बल बढ़ाती है बल्कि जीवन में आने वाले संकटों और परेशानियों से सुरक्षा का भी मार्ग प्रशस्त करती है। शुभ मुहूर्त और समय का पालन कर भक्त इस दिन की विशेष महत्ता का लाभ उठा सकते हैं और अपने जीवन में सुख शांति और सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।