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  • ग्लासगो में भारत का तिरंगा बुलंद गोल्ड सिल्वर की बरसात दिलीप गावित और श्रीशंकर चमके बॉक्सिंग में भी बढ़ीं पदकों की उम्मीदें

    ग्लासगो में भारत का तिरंगा बुलंद गोल्ड सिल्वर की बरसात दिलीप गावित और श्रीशंकर चमके बॉक्सिंग में भी बढ़ीं पदकों की उम्मीदें

    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। ग्लासगो में आयोजित खेलों के सातवें दिन भारत ने एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में शानदार दौड़ लगाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 10.71 सेकंड का समय निकालते हुए नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा ट्रैक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए। वहीं उनके साथी मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकंड के साथ सिल्वर जीतकर भारत को शानदार वन टू फिनिश दिलाई।

    भारत की सफलता का सिलसिला यहीं नहीं रुका। स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार दूसरा सिल्वर मेडल है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में भी रजत पदक जीता था। फाइनल मुकाबले में जमैका के ताजे गेल ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड हासिल किया जबकि स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने ब्रॉन्ज जीता। श्रीशंकर ने पूरे मुकाबले में शानदार निरंतरता दिखाई और अंतिम प्रयास तक पदक की दौड़ में मजबूती से बने रहे।

    एथलेटिक्स के अलावा भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय बॉक्सिंग दल के सभी 10 खिलाड़ियों ने अपने अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाला प्रत्येक खिलाड़ी कम से कम कांस्य पदक का दावेदार बन जाता है। इस तरह भारत ने मुक्केबाजी में कम से कम 10 पदक पहले ही सुनिश्चित कर लिए हैं जो बर्मिंघम 2022 के प्रदर्शन से भी बेहतर उपलब्धि मानी जा रही है।

    इन शानदार प्रदर्शनों के बाद भारत की पदक तालिका भी मजबूत हुई है। देश के खाते में अब 15 पदक हो चुके हैं जिनमें 3 स्वर्ण 9 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की निरंतर सफलता ने भारतीय दल का मनोबल और बढ़ा दिया है।

    दिलीप गावित की ऐतिहासिक जीत और श्रीशंकर की शानदार छलांग ने यह साबित कर दिया कि भारतीय एथलेटिक्स लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वहीं मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन आने वाले दिनों में भारत के पदकों की संख्या और बढ़ाने की उम्मीद जगा रहा है। ग्लासगो से लगातार मिल रही इन सफलताओं ने भारतीय खेल प्रेमियों का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया है और अब सभी की नजर आगामी फाइनल मुकाबलों पर टिकी हुई है जहां भारत के पास कई और पदक जीतने का सुनहरा अवसर होगा।

  • चौकों छक्कों की बारिश से चमकी स्मृति मंधाना भारत की स्टार बल्लेबाज ने द हंड्रेड में रचा नया इतिहास

    चौकों छक्कों की बारिश से चमकी स्मृति मंधाना भारत की स्टार बल्लेबाज ने द हंड्रेड में रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया की सबसे खतरनाक सलामी बल्लेबाजों में क्यों गिनी जाती हैं। द हंड्रेड 2026 टूर्नामेंट में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए मंधाना ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने न केवल उनकी टीम को रोमांचक जीत दिलाई बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज करा दिए। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने दर्शकों को आखिरी गेंदों तक रोमांचित रखा और विरोधी टीम के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त कर दी।

    सनराइजर्स लीड्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 100 गेंदों में चार विकेट के नुकसान पर 142 रन बनाए। टीम की ओर से फोएबे लिचफील्ड ने 31 रन एनाबेल सदरलैंड ने 35 रन ब्रायोनी स्मिश ने 26 रन और कप्तान डैनी गिब्सन ने नाबाद 18 रन की उपयोगी पारी खेली। लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर था लेकिन मंधाना के इरादे उससे भी बड़े थे।

    143 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान मेग लैनिंग 24 रन बनाकर आउट हो गईं और इसके बाद लगातार विकेट गिरते रहे। महज 71 रन तक टीम के पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऋचा घोष पेज शॉल्फिल्ड और मैडी विलियर्स जैसी प्रमुख बल्लेबाज भी बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। ऐसे मुश्किल समय में स्मृति मंधाना ने एक छोर संभालकर टीम को जीत की राह पर बनाए रखा।

    मंधाना ने शुरुआत से ही संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। उन्होंने केवल 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद मैच का पूरा रुख बदल दिया। जब आखिरी 25 गेंदों में टीम को 44 रन की जरूरत थी तब मंधाना ने अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए बड़े शॉट खेलने शुरू किए। भारतीय खिलाड़ी दीप्ति शर्मा की गेंद पर लगाया गया लंबा छक्का मुकाबले का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इसके बाद उन्हें एक जीवनदान भी मिला जिसका पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने लगातार दो छक्के जड़कर मैच समाप्त कर दिया।

    स्मृति मंधाना ने 50 गेंदों में नाबाद 88 रन बनाए जिसमें सात चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने चार गेंद शेष रहते चार विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही और मंधाना की पारी पूरे टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई।

    इस शानदार प्रदर्शन के साथ स्मृति मंधाना ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। नाबाद 88 रन द हंड्रेड 2026 के मौजूदा सीजन का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया। इसके साथ ही यह द हंड्रेड के इतिहास में मंधाना का सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी है। इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 2021 में सदर्न ब्रेव के लिए बनाया गया 78 रन था। इसके अलावा द हंड्रेड में किसी भारतीय बल्लेबाज का यह दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी बन गया। इस सूची में शीर्ष स्थान पर जेमिमा रोड्रिग्स हैं जिन्होंने नाबाद 92 रन बनाए थे।

    स्मृति मंधाना की यह पारी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने यह भी दिखाया कि दबाव की परिस्थितियों में वह अकेले दम पर मैच का परिणाम बदलने की क्षमता रखती हैं। उनकी शानदार फॉर्म भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए भी बेहद सकारात्मक संकेत है क्योंकि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में उनसे ऐसी ही दमदार पारियों की उम्मीद की जाएगी।

  • दोस्ती निभाने के साथ करें कमाई, दो दोस्तों के लिए ये बिजनेस आइडिया बन सकते हैं शानदार शुरुआत

    दोस्ती निभाने के साथ करें कमाई, दो दोस्तों के लिए ये बिजनेस आइडिया बन सकते हैं शानदार शुरुआत

    नई दिल्ली। इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे 30 जुलाई को मनाया जाएगा। यह दिन सिर्फ दोस्ती का जश्न मनाने का अवसर ही नहीं, बल्कि अपने सबसे भरोसेमंद साथी के साथ नए सपनों को साकार करने की शुरुआत भी हो सकता है। आज के समय में कई ऐसे बिजनेस मॉडल मौजूद हैं जिन्हें दो दोस्त मिलकर कम लागत में शुरू कर सकते हैं। सही योजना, स्पष्ट जिम्मेदारियां और आपसी भरोसे के साथ शुरू किया गया छोटा कारोबार भी समय के साथ अच्छी आय का स्रोत बन सकता है।

    यदि दोनों दोस्तों के पास अलग-अलग कौशल हैं तो फ्रीलांसिंग एजेंसी शुरू करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, एक व्यक्ति कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग या ग्राफिक डिजाइनिंग का काम संभाल सकता है, जबकि दूसरा क्लाइंट्स से बातचीत, मार्केटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की जिम्मेदारी निभा सकता है। डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण इस क्षेत्र में अच्छी कमाई की संभावना बनी रहती है।

    अगर किसी दोस्त के पास कैमरा, लैपटॉप, ड्रोन, बाइक या अन्य महंगे उपकरण हैं जिनका नियमित उपयोग नहीं हो रहा, तो उन्हें किराये पर देकर भी अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। इस तरह बिना अधिक निवेश किए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होता है और दोनों साझेदार नियमित कमाई कर सकते हैं।

    खाने-पीने का व्यवसाय भी दो दोस्तों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है। कम निवेश के साथ क्लाउड किचन शुरू कर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सकती है। स्वादिष्ट भोजन, अच्छी गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी के जरिए इस व्यवसाय को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इस कारोबार को शुरू करने से पहले आवश्यक खाद्य लाइसेंस और अन्य नियमों का पालन करना जरूरी होता है।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट क्रिएशन भी आज युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। दो दोस्त मिलकर यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम पेज या पॉडकास्ट शुरू कर सकते हैं। एक व्यक्ति कैमरे के सामने प्रस्तुति दे सकता है, जबकि दूसरा शूटिंग, एडिटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट संभाल सकता है। लगातार गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तैयार करने पर विज्ञापन, ब्रांड सहयोग और स्पॉन्सरशिप के जरिए अच्छी कमाई की जा सकती है।

    यदि कम पूंजी में ऑफलाइन कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो चाय या स्नैक्स स्टॉल भी अच्छा विकल्प हो सकता है। भीड़भाड़ वाले स्थान, कार्यालय, कॉलेज या बाजार के आसपास शुरू किया गया छोटा फूड बिजनेस पूरे साल ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है। अच्छी गुणवत्ता, साफ-सफाई और बेहतर सेवा इस कारोबार की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    किसी भी साझेदारी वाले व्यवसाय में सफलता के लिए केवल अच्छा आइडिया ही पर्याप्त नहीं होता। शुरुआत से ही जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा, निवेश और मुनाफे का पारदर्शी हिसाब तथा आपसी विश्वास बनाए रखना भी जरूरी है। सही योजना और निरंतर मेहनत के साथ दो दोस्तों की साझेदारी न केवल मजबूत दोस्ती को नई पहचान दे सकती है, बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहतर भविष्य की राह खोल सकती है।

  • जली लाश के पीछे छिपा था खौफनाक सच फोरेंसिक एक्सपर्ट के एक सुराग ने पहुंचाया पुलिस को कातिल तक

    जली लाश के पीछे छिपा था खौफनाक सच फोरेंसिक एक्सपर्ट के एक सुराग ने पहुंचाया पुलिस को कातिल तक


    इंदौर  इंदौर में बैंककर्मी पलक केशव हत्याकांड ने यह साबित कर दिया कि किसी भी आपराधिक मामले में फोरेंसिक विज्ञान की भूमिका कितनी अहम होती है। जिस घटना को शुरुआती तौर पर आग लगने से हुई दुर्घटना माना जा रहा था वही मामला फोरेंसिक विशेषज्ञों की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच के कारण हत्या में बदल गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही विशेषज्ञों ने पुलिस को स्पष्ट संकेत दे दिए थे कि युवती की मौत आग से नहीं बल्कि पहले उसकी हत्या की गई और बाद में सबूत मिटाने के लिए शव को जलाया गया।

    हरदा जिले के टिमरनी की रहने वाली पलक इंदौर में किराए के मकान में रहकर बैंक में नौकरी कर रही थी। 25 जुलाई को उसका जला हुआ शव कमरे में मिला था। शुरुआती जांच में यह माना गया कि आग लगने से उसकी मौत हुई है लेकिन जब शव पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल पहुंचा तो फोरेंसिक विशेषज्ञों ने शरीर पर मौजूद चोटों और जलने के निशानों का बारीकी से परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि सिर गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं जबकि शरीर पर आग से हुए निशान मृत्यु के बाद के थे। इससे साफ हो गया कि पहले हत्या की गई और बाद में आग लगाकर इसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।

    फोरेंसिक विशेषज्ञों के इस इनपुट के बाद पुलिस ने जांच का पूरा फोकस बदल दिया। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस दतिया निवासी मयंक शाक्य तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से पलक के संपर्क में था और उससे शादी करना चाहता था। हालांकि पलक ने शादी से इनकार कर दिया था क्योंकि उसके परिवार ने उसके लिए दूसरा रिश्ता तय कर दिया था।

    आरोपी के मुताबिक वह दतिया से इंदौर पलक से मिलने पहुंचा था। दोनों पहले सराफा चौपाटी गए और वहां साथ में समय बिताया। कमरे पर लौटने के बाद जब उसने एक बार फिर शादी का प्रस्ताव रखा तो पलक ने साफ मना कर दिया। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में आकर आरोपी ने पहले पलक का गला घोंट दिया। हत्या के बाद उसने शव के ऊपरी हिस्से पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी ताकि घटना को दुर्घटना साबित किया जा सके। इतना ही नहीं उसने रसोई में गैस चूल्हे के पास शव रखकर हादसे जैसा माहौल बनाने का प्रयास भी किया और अपने जले हुए कपड़े साथ लेकर वहां से फरार हो गया।

    एमवाय अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ बजरंग कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम के दौरान मिलने वाले छोटे से छोटे संकेत भी जांच की दिशा बदल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संवेदनशील मामलों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी पोस्टमार्टम के समय जरूरी होनी चाहिए ताकि चिकित्सकों और जांच एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित हो सके और अपराध की तह तक जल्दी पहुंचा जा सके।

    पलक हत्याकांड एक बार फिर यह साबित करता है कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीक अपराधियों को कानून से बचने नहीं देती। वैज्ञानिक जांच और पुलिस की सतर्कता के कारण इस मामले का खुलासा बेहद कम समय में हो गया और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गया। यह घटना समाज के लिए भी एक संदेश है कि रिश्तों में अस्वीकार को स्वीकार करना सीखना जरूरी है क्योंकि जुनून और हिंसा केवल जीवन ही नहीं बल्कि कई परिवारों की खुशियां भी छीन लेती है।

  • शेयर बाजार आउटलुक 30 जुलाई बाजार खुलने से पहले जान लें कौन से फैक्टर्स तय करेंगे सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

    शेयर बाजार आउटलुक 30 जुलाई बाजार खुलने से पहले जान लें कौन से फैक्टर्स तय करेंगे सेंसेक्स और निफ्टी की चाल


    नई दिल्ली । 30 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार की चाल कई घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित हो सकती है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल देखने को मिला है और अब निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों वैश्विक बाजारों की चाल विदेशी निवेशकों की खरीद बिक्री और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी रहेगी। ऐसे में बाजार खुलने से पहले निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि किन वजहों से सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा तय हो सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यदि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो भारतीय बाजार में मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी तरह की आर्थिक या भू राजनीतिक चिंता बढ़ती है तो बाजार में दबाव भी देखने को मिल सकता है। यही कारण है कि निवेशकों को हर खबर पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

    इन दिनों कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं। जिन कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर होंगे उनके शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है जबकि कमजोर नतीजे देने वाली कंपनियों पर बिकवाली का दबाव बन सकता है। बैंकिंग आईटी ऑटो फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर के शेयर निवेशकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। यदि विदेशी निवेशक लगातार खरीदारी करते हैं तो बाजार को मजबूती मिलती है जबकि बिकवाली का असर पूरे बाजार पर दिखाई देता है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती या कमजोरी और रुपये की स्थिति भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करती है।

    कच्चे तेल की कीमतों पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और कई कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। वहीं तेल की कीमतों में नरमी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को किसी भी तेजी या गिरावट में भावनाओं के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए। मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना बेहतर रणनीति मानी जाती है। जिन लोगों की जोखिम उठाने की क्षमता कम है उन्हें एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए। साथ ही पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना भी जरूरी है ताकि किसी एक सेक्टर में गिरावट आने पर पूरे निवेश पर बड़ा असर न पड़े।

    30 जुलाई का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए कई नए अवसर लेकर आ सकता है लेकिन बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्क रहना भी उतना ही जरूरी होगा। सही जानकारी मजबूत रिसर्च और धैर्य के साथ लिया गया निवेश निर्णय भविष्य में बेहतर रिटर्न देने में मदद कर सकता है।

  • दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का महापर्व मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें सड़क के मुद्दे पर विरोध के बीच दोनों दलों ने किया जीत का दावा

    दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का महापर्व मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें सड़क के मुद्दे पर विरोध के बीच दोनों दलों ने किया जीत का दावा


    दतिया  दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुआ। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोगों ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। शुरुआती घंटों में ही 16.33 प्रतिशत मतदान दर्ज होने से चुनाव को लेकर लोगों की सक्रिय भागीदारी साफ दिखाई दी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मतदाता समय से पहले मतदान केंद्रों पर पहुंच गए जिससे पूरे जिले में चुनावी माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।

    हालांकि मतदान के बीच एक स्थान पर स्थानीय समस्या भी प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आई। बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव के ग्रामीणों ने मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया और सड़क नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सूचना मिलने पर प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया जिसके बाद लगभग पचास ग्रामीणों ने मतदान में हिस्सा लिया।

    चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने मतदान करने के बाद दावा किया कि जनता इस बार भाजपा के अहंकार को जवाब देगी और कांग्रेस ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बसई क्षेत्र में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बूथ के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी की।

    वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले मां पीतांबरा पीठ पहुंचकर दर्शन किए और दतिया के विकास युवाओं के रोजगार तथा भयमुक्त वातावरण की कामना की। इसके बाद उन्होंने अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की और विश्वास जताया कि जनता विकास के पक्ष में मतदान कर रही है तथा भाजपा को भरपूर समर्थन मिलेगा।

    जिले में कुल 291 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जहां दो लाख बीस हजार चार सौ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं जबकि सेक्टर मोबाइल दल लगातार क्षेत्र में गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर निर्धारित समय पर मतदान शुरू हुआ और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संचालित की जा रही है। प्रशासन ने मतदाताओं से निर्भय होकर मतदान करने की अपील भी की।

    दतिया उपचुनाव में शुरुआती मतदान प्रतिशत और मतदाताओं के उत्साह ने संकेत दिया है कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण अवसर पर जनता अपने अधिकार का उपयोग करने के लिए पूरी तरह जागरूक है। अब सभी की नजर मतदान समाप्त होने के बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है जो यह तय करेंगे कि दतिया की जनता ने किस पर अपना भरोसा जताया है।

  • सावन का महीना आज से शुरू, जानें जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि और पूरे महीने के जरूरी नियम

    सावन का महीना आज से शुरू, जानें जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि और पूरे महीने के जरूरी नियम


    नई दिल्ली । भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन मास का शुभारंभ आज से हो गया है, जो 28 अगस्त तक चलेगा। हिंदू धर्म में इस पूरे महीने को शिव आराधना, तप, व्रत और भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सावन में विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस वर्ष सावन के पहले दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।

    आज जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त
    सावन के पहले दिन भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए कई शुभ समय निर्धारित हैं—
    ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:36 बजे से 5:24 बजे तक
    प्रातः संध्या: सुबह 4:39 बजे से 5:41 बजे तक
    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:20 बजे से 1:12 बजे तक
    विजय मुहूर्त: शाम 4:28 बजे से 5:29 बजे तक
    प्रदोष काल: शाम 5:32 बजे से रात 8:30 बजे तक

    पहले दिन बन रहे हैं कई शुभ योग
    सावन के आरंभ पर श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग, शश महापुरुष राजयोग, हंस राजयोग और गुरु-आदित्य राजयोग का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इन योगों में शिव पूजा और जलाभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

    सावन सोमवार की तिथियां
    3 अगस्त – पहला सावन सोमवार
    10 अगस्त – दूसरा सावन सोमवार
    17 अगस्त – तीसरा सावन सोमवार
    24 अगस्त – चौथा सावन सोमवार

    ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
    सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद शिवलिंग पर तांबे के पात्र से शुद्ध जल, गंगाजल और कच्चा दूध अर्पित करें। बेलपत्र, धतूरा, भांग, आंकड़े के फूल, शमी के पत्ते, सफेद चंदन, अक्षत और शहद चढ़ाकर धूप-दीप करें। फिर शिव चालीसा, रुद्राष्टकम का पाठ तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। अंत में फल, मिठाई या पंचामृत का भोग लगाकर आरती करें।

    सावन में क्या करें
    – प्रतिदिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें।
    – सात्विक भोजन का पालन करें।
    – जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और जल का दान करें।
    – ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का नियमित जाप करें।

    किन बातों से करें परहेज
    – मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और बासी भोजन का सेवन न करें।
    – बाल, नाखून और दाढ़ी कटवाने से बचें।
    – घर में कलह और किसी का अपमान करने से परहेज करें।
    – मन, वचन और कर्म से पवित्रता बनाए रखें।

    सावन का धार्मिक महत्व
    हिंदू मान्यता के अनुसार सावन भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था, जिसके कारण उनका कंठ नीला पड़ गया और वे ‘नीलकंठ’ कहलाए। विष की ज्वाला शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक की परंपरा चली आ रही है।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लंबी कूद में चमके मुरली श्रीशंकर 8.09 मीटर की छलांग लगाकर भारत को दिलाया सिल्वर

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लंबी कूद में चमके मुरली श्रीशंकर 8.09 मीटर की छलांग लगाकर भारत को दिलाया सिल्वर


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। भारत के स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को सिल्वर मेडल दिलाया। ग्लासगो में आयोजित फाइनल मुकाबले में श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की शानदार छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया और एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया।

    केरल के पलक्कड़ के रहने वाले 27 वर्षीय श्रीशंकर ने प्रतियोगिता की शुरुआत 8.03 मीटर की छलांग से की। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 8.09 मीटर की दूरी तय की जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साबित हुआ। इसके बाद कुछ प्रयास फाउल रहे लेकिन उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखा और अंतिम दो प्रयासों में 7.94 मीटर तथा 7.97 मीटर की छलांग लगाकर अपना अभियान समाप्त किया। पूरे मुकाबले के दौरान वह पदक की दौड़ में मजबूती से बने रहे।

    यह उपलब्धि श्रीशंकर के करियर की एक और बड़ी सफलता है। इससे पहले उन्होंने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की लंबी कूद में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने थे। अब ग्लासगो में भी उन्होंने लगातार दूसरी बार सिल्वर जीतकर अपनी प्रतिभा और निरंतरता को साबित कर दिया है।

    इस मुकाबले में जमैका के विश्व चैंपियन ताजे गेल ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया जबकि स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने 8.08 मीटर की छलांग के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा क्योंकि चार खिलाड़ियों ने आठ मीटर से अधिक दूरी तय की लेकिन श्रीशंकर का प्रदर्शन उन्हें दूसरे स्थान तक पहुंचाने में सफल रहा।

    भारत के लिए इस स्पर्धा में एक और एथलीट लोकेश सत्यनाथन भी उतरे थे। उन्होंने 7.97 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर पांचवां स्थान हासिल किया। हालांकि वह पदक से चूक गए लेकिन उनका प्रदर्शन भी सराहनीय रहा और भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत छोड़ गया।

    श्रीशंकर के इस सिल्वर मेडल के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या और बढ़ गई। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स दोनों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि भारतीय खिलाड़ी अब विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में हर इवेंट में मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है। वेटलिफ्टिंग पैरा एथलेटिक्स और अब लंबी कूद जैसे इवेंट में मिले पदकों ने देश की उम्मीदों को और मजबूत किया है। श्रीशंकर की यह सफलता आने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • ग्लासगो में भारत की रफ्तार का जलवा 100 मीटर टी47 में गोल्ड और सिल्वर जीतकर पैरा एथलीट्स ने बढ़ाया देश का मान

    ग्लासगो में भारत की रफ्तार का जलवा 100 मीटर टी47 में गोल्ड और सिल्वर जीतकर पैरा एथलीट्स ने बढ़ाया देश का मान


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पैरा एथलीटों ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने पूरे देश को गर्व से भर दिया। ग्लासगो में आयोजित पुरुषों की 100 मीटर टी47 फाइनल स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने गोल्ड और सिल्वर दोनों पदकों पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रही बल्कि भारतीय पैरा एथलेटिक्स के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों की मेहनत का भी शानदार प्रमाण बन गई।

    भारत के दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालते हुए न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया बल्कि नया गेम्स रिकॉर्ड भी कायम कर दिया। यह उनके करियर का इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा। वहीं दूसरे भारतीय धावक मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ ने 10.83 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक अपने नाम किया और भारत को इस स्पर्धा में वन टू फिनिश दिलाई। इंग्लैंड के केविन सैंटोस 10.85 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें कांस्य पदक मिला।

    दिलीप गावित की यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक बन गई। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले महिला शॉट पुट एफ57 वर्ग में शर्मिला ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। अब दिलीप का नाम भी भारतीय पैरा खेलों के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज हो गया है।

    इस शानदार प्रदर्शन के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक भी आया। इससे पहले मीराबाई चानू और शर्मिला स्वर्ण जीत चुकी थीं। दिलीप और बासिल की सफलता के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है जिसमें 3 गोल्ड 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज पदक शामिल हैं। इससे पदक तालिका में भारत की स्थिति भी और मजबूत हुई है।

    महाराष्ट्र के नासिक के पास स्थित तोरण डोंगरी गांव से आने वाले दिलीप गावित लंबे समय से भारतीय पैरा एथलेटिक्स का बड़ा नाम रहे हैं। उन्होंने एशियन पैरा गेम्स 2022 में 400 मीटर टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए ऐतिहासिक 100वां पदक दिलाया था। इसके अलावा पेरिस पैरालंपिक 2024 के फाइनल में पहुंचकर भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।

    वहीं केरल के मलप्पुरम जिले के वेलियानकोड के रहने वाले मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ भी लगातार मेहनत और अनुशासित प्रशिक्षण के दम पर भारतीय पैरा स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना रहे हैं। तिरुवनंतपुरम स्थित एलएनसीपीई साई केंद्र में कोच श्रीनिवासन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाले बासिल ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर साबित कर दिया कि भारत के पास विश्व स्तर पर चुनौती देने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भी बेहद उत्साहजनक माना जा रहा है। दिलीप और बासिल की सफलता ने यह संदेश दिया है कि भारतीय पैरा एथलीट अब केवल भागीदारी नहीं बल्कि स्वर्णिम इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतर रहे हैं। उनकी उपलब्धि देश के लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

  • जॉर्डन मिसाइल हमले के बाद अमेरिका का पलटवार, ईरान पर फिर शुरू हुई एयरस्ट्राइक

    जॉर्डन मिसाइल हमले के बाद अमेरिका का पलटवार, ईरान पर फिर शुरू हुई एयरस्ट्राइक


    नई दिल्ली। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाने की कथित कोशिश के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार रात ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई, जिससे कुछ समय के लिए रुका सैन्य अभियान दोबारा शुरू हो गया।

    रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि ईरान के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इससे पहले इस सप्ताह ईरान की ओर से जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का दावा किया गया था।

    मिसाइल हमले के जवाब में सैन्य कार्रवाई
    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान से दागी गई सभी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। अमेरिकी सेना ने इसे मध्य-पूर्व में तैनात अपने सैनिकों पर हमला करने की कोशिश बताया। CENTCOM ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि गुरुवार रात (अमेरिकी समयानुसार) ईरान के खिलाफ जवाबी हवाई अभियान शुरू किया गया। सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी ठिकानों पर कथित मिसाइल हमले के जवाब में की गई है।

    ट्रंप ने दी थी कड़ी चेतावनी
    एयरस्ट्राइक शुरू होने से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया था कि अमेरिकी सैनिकों पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि यदि अमेरिकी हितों को निशाना बनाया गया तो जिम्मेदार पक्ष को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

    इराक में भी संयुक्त अभियान
    इस बीच अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ संयुक्त हवाई अभियान भी चलाया। पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है।

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि कार्रवाई के दौरान पूर्वी इराक में मिलिशिया के हथियार भंडार और लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का आरोप है कि पिछले तीन दिनों में उसके सैन्य ठिकानों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों के पीछे ईरान समर्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का हाथ है।

    कूटनीतिक प्रयासों के बीच बढ़ा तनाव
    हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत की खबरें भी सामने आई थीं। इसी वजह से अमेरिका ने पिछले सप्ताह अपने हवाई अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया था, ताकि कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं का आकलन किया जा सके। हालांकि, जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कथित मिसाइल हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया और अमेरिका ने दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।

    नेतन्याहू से मुलाकात के बाद तेज हुई रणनीति
    अमेरिका की ताजा कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच ईरान को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में कूटनीति, आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य विकल्पों सहित कई संभावित रणनीतियों पर विचार किया गया।