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  • आज का राशिफल 25 सितंबर 2026, मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा दिन, किन राशियों के बनेंगे तरक्की और धन लाभ के योग

    आज का राशिफल 25 सितंबर 2026, मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा दिन, किन राशियों के बनेंगे तरक्की और धन लाभ के योग


    नई दिल्ली। 25 सितंबर 2026 शुक्रवार का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज कुछ राशि के जातकों को करियर और कारोबार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। दिन की शुरुआत किसी महत्वपूर्ण योजना के साथ हो सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना होगा वहीं व्यापार करने वालों के लिए नए संपर्क और काम के अवसर सामने आ सकते हैं। ग्रहों की स्थिति को देखते हुए मेष राशि के जातकों के लिए लाभ और उपलब्धि के संकेत हैं जबकि वृषभ राशि वालों को लक्ष्य पर फोकस बनाए रखने से फायदा मिल सकता है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन लाभ देने वाला रह सकता है। कामकाज में मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। किसी पुराने प्रयास से फायदा मिल सकता है। नौकरी में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है।

    वृषभ राशि वालों को आज अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना होगा। मेहनत और सही फैसलों से परिस्थितियां आपके पक्ष में आ सकती हैं। धन से जुड़े किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिल सकती है। रिश्तों में अपनी बात खुलकर रखने का मौका मिलेगा।

    मिथुन राशि वालों को आज अपनी दिनचर्या और भावनाओं के बीच संतुलन बनाना होगा। किसी पुराने काम को पूरा करने पर राहत मिल सकती है। अनावश्यक चिंता से बचें और अपना ध्यान जरूरी कामों पर रखें। खर्च को लेकर भी सजग रहना बेहतर होगा।

    कर्क राशि वालों के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रह सकता है। रचनात्मक कामों में सफलता मिलने के संकेत हैं। नौकरी और कारोबार में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर मिल सकता है। परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

    सिंह राशि वालों को आज धैर्य के साथ आगे बढ़ना होगा। मुश्किल परिस्थितियों में आपकी मेहनत काम आ सकती है। कार्यक्षेत्र में किसी योजना को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। सकारात्मक सोच आपके लिए मददगार साबित हो सकती है।

    कन्या राशि वालों के लिए दिन रिश्तों और संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। किसी करीबी से बातचीत मन को हल्का कर सकती है। कामकाज में नई ऊर्जा महसूस होगी। अपनी बात रखते समय सामने वाले की भावनाओं का भी ध्यान रखें।

    तुला राशि वालों को आज शांत रहकर फैसले लेने की जरूरत है। आसपास के लोगों के व्यवहार से ध्यान भटक सकता है लेकिन समझदारी से काम लेने पर स्थिति संभल सकती है। बातचीत के जरिए किसी पुराने मतभेद को दूर करने का अवसर मिल सकता है।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज आत्मविश्वास बढ़ सकता है। किसी काम में उम्मीद की नई किरण दिखाई दे सकती है। करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। हालांकि अपनी सेहत और आराम को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    धनु राशि वालों को आज दूसरों पर अपनी सोच थोपने से बचना चाहिए। बातचीत में धैर्य रखने से रिश्ते बेहतर होंगे। मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। किसी महत्वपूर्ण फैसले में तर्क और समझदारी से काम लेना आपके लिए बेहतर रहेगा।

    मकर राशि वालों के लिए परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने का अवसर मिल सकता है। कामकाज में नई ऊर्जा महसूस होगी। आर्थिक मामलों में सोच समझकर कदम उठाएं। बातचीत में मिठास बनाए रखने से रिश्ते मजबूत होंगे।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। सकारात्मक सोच और मेहनत से कार्यक्षेत्र में अच्छा परिणाम मिल सकता है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से संपर्क भविष्य में उपयोगी साबित हो सकता है।

    मीन राशि वालों को आज परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत होगी। अपनी क्षमता पर भरोसा रखें और लक्ष्य से भटकने से बचें। मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ने पर कामयाबी मिल सकती है। रिश्तों में भी समझदारी से बात करना लाभकारी रहेगा।

  • 1 अक्टूबर से SBI के BSBD खाताधारकों के लिए बदलेगा ATM कैश निकासी नियम, लिमिट के बाद लगेगा अतिरिक्त चार्ज

    1 अक्टूबर से SBI के BSBD खाताधारकों के लिए बदलेगा ATM कैश निकासी नियम, लिमिट के बाद लगेगा अतिरिक्त चार्ज

    नई दिल्ली ।भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI के कुछ खाताधारकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से कैश निकासी के नियम बदलने जा रहे हैं। यह बदलाव खास तौर पर ब्रांच के जरिए खोले गए Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD खातों से जुड़े ग्राहकों पर लागू होगा। नए नियम के तहत महीने में तय मुफ्त कैश निकासी की सीमा पार करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

    BSBD खाताधारकों को हर महीने चार बार तक कैश निकालने की सुविधा मुफ्त मिलेगी। इसका मतलब है कि ग्राहक एक महीने में अधिकतम चार कैश निकासी ट्रांजैक्शन बिना अतिरिक्त शुल्क के कर सकेंगे। यह निकासी ATM या लागू अन्य माध्यमों से की जा सकती है।

    अगर कोई ग्राहक एक महीने में चार बार से ज्यादा कैश निकालता है, तो पांचवें और उसके बाद होने वाले प्रत्येक अतिरिक्त कैश निकासी ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा। इसके साथ लागू GST भी देना होगा। ऐसे में बार-बार नकद राशि निकालने वाले ग्राहकों के लिए हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर शुल्क का असर पड़ेगा।

    ग्राहकों के लिए यह समझना जरूरी है कि नया नियम SBI के सभी खाताधारकों पर लागू नहीं होगा। इसमें विशेष रूप से BSBD खातों से जुड़े ग्राहकों को ध्यान में रखा गया है। इसलिए कैश निकालने से पहले यह देखना जरूरी होगा कि उनका खाता किस श्रेणी में आता है और उस पर कौन से नियम लागू हैं।

    डिजिटल ट्रांजैक्शन को लेकर इस बदलाव का कोई असर नहीं बताया गया है। ग्राहक पहले की तरह डिजिटल पेमेंट के माध्यम से लेन-देन कर सकेंगे और डिजिटल ट्रांजैक्शन की संख्या पर इस बदलाव के तहत कोई सीमा नहीं होगी। यानी नया शुल्क केवल तय मुफ्त कैश निकासी सीमा पार करने वाले अतिरिक्त ट्रांजैक्शन से संबंधित है।

    Aadhaar Enabled Payment System यानी AePS से होने वाली कैश निकासी को लेकर भी नियम में बदलाव किया गया है। पहले AePS के जरिए किए जाने वाले ट्रांजैक्शन को डिजिटल लेन-देन माना जाता था और इन्हें महीने में मिलने वाली चार मुफ्त कैश निकासी की सीमा में शामिल नहीं किया जाता था। अब यह छूट हटा दी गई है। बदले हुए नियमों के तहत AePS से होने वाली कैश निकासी भी संबंधित मुफ्त सीमा और अतिरिक्त शुल्क के दायरे में आएगी।

    SBI ने हाल के महीनों में बैंकिंग सेवाओं से जुड़े अन्य बदलाव भी किए हैं। अगस्त में बैंक ने 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की घरेलू बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में बदलाव किया था। नई ब्याज दरें 15 अगस्त से लागू की गई थीं।

    बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में वित्तीय प्रदर्शन में भी बढ़ोतरी दर्ज की थी। अप्रैल से जून तिमाही में SBI का नेट प्रॉफिट 21,121 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 19,160 करोड़ रुपये था। इस तरह नेट प्रॉफिट में 10.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

  • घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा क्रिस्पी मसाला डोसा, आसान बैटर और स्वादिष्ट आलू की फिलिंग से तैयार करें नाश्ता

    घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा क्रिस्पी मसाला डोसा, आसान बैटर और स्वादिष्ट आलू की फिलिंग से तैयार करें नाश्ता

    नई दिल्ली । सुबह के नाश्ते में अगर स्वादिष्ट और पेट भरने वाली डिश बनाने का मन है, तो मसाला डोसा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। बाहर मिलने वाले कुरकुरे डोसे और मसालेदार आलू की फिलिंग का स्वाद घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। सही तरीके से बैटर तैयार करने, उसे पर्याप्त समय तक फर्मेंट करने और तवे का तापमान ठीक रखने से डोसा बाहर से कुरकुरा और अंदर से हल्का नरम बन सकता है।

    मसाला डोसा बनाने के लिए सबसे पहले बैटर तैयार किया जाता है। इसके लिए 2 कप चावल, 1 कप उड़द दाल और 1 छोटा चम्मच मेथी दाना चाहिए। चावल और उड़द दाल को अच्छी तरह धोकर पानी में भिगो दें। मेथी दाने को चावल के साथ भिगोया जा सकता है। इन्हें करीब 5 से 6 घंटे तक भिगोने के बाद चावल और दाल को अलग-अलग या साथ में पीसकर थोड़ा गाढ़ा बैटर तैयार करें।

    अब बैटर को ढककर करीब 8 से 10 घंटे के लिए गर्म जगह पर रखें, ताकि अच्छी तरह फर्मेंटेशन हो सके। डोसा बनाने से पहले बैटर में स्वादानुसार नमक और जरूरत के मुताबिक थोड़ा पानी मिलाएं। बैटर की कंसिस्टेंसी ऐसी रखें कि उसे तवे पर आसानी से फैलाया जा सके।

    डोसे के लिए आलू की मसालेदार फिलिंग बनाने के लिए 4 से 5 आलू उबालकर छील लें और उन्हें हल्का मैश कर लें। इसके बाद पैन में थोड़ा तेल गर्म करें। इसमें 1 छोटा चम्मच राई, 8 से 10 करी पत्ते और 2 बारीक कटी हरी मिर्च डालें। इसके बाद एक बारीक कटा प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें।

    अब इसमें आधा छोटा चम्मच हल्दी, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद मैश किए हुए आलू डालें और सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर कुछ मिनट तक पकाएं। गैस बंद करने के बाद इसमें थोड़ा हरा धनिया डाल दें। इस तरह डोसे के लिए स्वादिष्ट आलू की फिलिंग तैयार हो जाएगी।

    अब डोसा बनाने के लिए तवा गर्म करें और उस पर हल्का तेल लगाएं। एक करछी बैटर तवे पर डालकर उसे गोल आकार में पतला फैलाएं। डोसे के किनारों पर थोड़ा तेल या घी डालें और मध्यम आंच पर पकने दें। जब डोसा नीचे से सुनहरा और कुरकुरा होने लगे, तो उसके बीच में तैयार आलू की फिलिंग रखें।

    आलू की फिलिंग रखने के बाद डोसे को दोनों तरफ से मोड़कर प्लेट में निकाल लें। इसी तरह बचे हुए बैटर और आलू की फिलिंग से बाकी डोसे तैयार किए जा सकते हैं। अगर डोसा ज्यादा क्रिस्पी पसंद है, तो बैटर को तवे पर बहुत पतली परत में फैलाना चाहिए और मध्यम आंच पर पर्याप्त समय तक पकाना चाहिए।

    गरमा-गरम मसाला डोसा नारियल चटनी, टमाटर की चटनी और सांभर के साथ परोसा जा सकता है। इस तरह सामान्य सामग्री और आसान प्रक्रिया से घर पर स्वादिष्ट, कुरकुरा और मसालेदार मसाला डोसा तैयार किया जा सकता है।

  • चावल में घुन और कीड़े लगने से बचाना है तो स्टोरेज के दौरान अपनाएं ये आसान घरेलू तरीके

    चावल में घुन और कीड़े लगने से बचाना है तो स्टोरेज के दौरान अपनाएं ये आसान घरेलू तरीके

    नई दिल्ली । घर में चावल को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है तो सिर्फ उसे डिब्बे में भरकर रखना पर्याप्त नहीं होता। खासकर नमी वाले मौसम में अगर चावल को सही तरीके से स्टोर न किया जाए, तो उसमें घुन या छोटे कीड़े दिखाई दे सकते हैं। कंटेनर में मौजूद नमी, ढीला ढक्कन और गीले चम्मच का इस्तेमाल इस समस्या का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए चावल को सुरक्षित रखने के लिए कुछ छोटी लेकिन जरूरी सावधानियां अपनाना फायदेमंद हो सकता है।

    सबसे पहले चावल को हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे एयरटाइट कंटेनर में रखना चाहिए। खुले पैकेट या ढीले ढक्कन वाले डिब्बे में चावल रखने से नमी और कीड़ों के संपर्क का खतरा बढ़ सकता है। इसके लिए कांच, स्टील या फूड-ग्रेड प्लास्टिक का साफ कंटेनर इस्तेमाल किया जा सकता है। कंटेनर में चावल भरने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसमें किसी तरह की नमी न हो।

    चावल को कीड़ों से बचाने के लिए कुछ लोग सूखे तेजपत्ते का भी इस्तेमाल करते हैं। चावल के डिब्बे में कुछ पूरी तरह सूखे तेजपत्ते रखे जा सकते हैं। इसकी तेज खुशबू कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है। हालांकि पत्तियां सूखी होनी चाहिए, क्योंकि नमी बढ़ने पर समस्या उलटे बढ़ सकती है।

    सूखी नीम की पत्तियों का इस्तेमाल भी अनाज को कीड़ों से बचाने के पारंपरिक घरेलू तरीकों में किया जाता है। अगर इस उपाय को अपनाया जाए तो नीम की पत्तियां बिल्कुल सूखी होनी चाहिए। इसी तरह कुछ लोग चावल के डिब्बे में साबुत लौंग रखने का तरीका भी अपनाते हैं। लौंग की तेज खुशबू कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है, लेकिन इसे चावल की सुरक्षा का अकेला उपाय नहीं माना जाना चाहिए।

    कुछ घरेलू तरीकों में चावल के साथ साबुत और सूखी लहसुन की कलियां रखने की सलाह भी दी जाती है। अगर लहसुन का इस्तेमाल किया जा रहा है तो वह सूखा होना चाहिए। गीली या छिली हुई लहसुन की कलियां डालने से कंटेनर में अतिरिक्त नमी पहुंच सकती है, जिससे चावल खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।

    चावल के डिब्बे को ऐसी जगह रखना भी जरूरी है जहां भाप या नमी अधिक न हो। सिंक, गैस या नमी वाली जगह के आसपास चावल रखने से बचना चाहिए। चावल निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। गीले चम्मच से कंटेनर में नमी पहुंच सकती है और लंबे समय में चावल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    एक और जरूरी बात यह है कि नया चावल पुराने चावल के साथ सीधे नहीं मिलाना चाहिए। पहले पुराने चावल का इस्तेमाल करें। इसके बाद कंटेनर को अच्छी तरह साफ करके पूरी तरह सुखाएं और फिर उसमें नया चावल भरें। इससे पुराने स्टॉक से किसी संभावित कीट या उसके अंडों के नए चावल तक पहुंचने का जोखिम कम किया जा सकता है।

    अगर चावल में पहले से थोड़े कीड़े दिखाई दे रहे हैं, तो उसे अलग करके अच्छी तरह जांचना चाहिए। चावल को कुछ दिनों के लिए फ्रीजर में रखने का विकल्प भी अपनाया जाता है। इसके बाद चावल को छानकर और अच्छी तरह सुखाकर साफ, एयरटाइट डिब्बे में रखा जा सकता है। लेकिन अगर चावल में बहुत ज्यादा कीड़े, फफूंद, नमी या खराब गंध दिखाई दे, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना बेहतर है।

  • दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोज अपनाएं ये 7 आसान आदतें, डाइट के साथ नींद और तनाव पर भी दें ध्यान

    दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोज अपनाएं ये 7 आसान आदतें, डाइट के साथ नींद और तनाव पर भी दें ध्यान

    नई दिल्ली ।दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल एक्सरसाइज करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता। रोजमर्रा की जीवनशैली में खानपान, शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव और कुछ आदतों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर नाश्ता छोड़ देते हैं, लंबे समय तक बैठे रहते हैं, पैकेज्ड फूड का अधिक सेवन करते हैं या देर रात तक जागते हैं। इन आदतों में सुधार करके दिल की सेहत का बेहतर ध्यान रखा जा सकता है।

    दिन की शुरुआत संतुलित नाश्ते से करना अच्छी आदत हो सकती है। भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स, बीज और प्रोटीन के बेहतर स्रोत शामिल किए जा सकते हैं। वहीं बहुत अधिक नमक, मीठे पेय, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड और अनहेल्दी फैट वाली चीजों का सेवन सीमित रखना बेहतर है।

    अगर काम के कारण लंबे समय तक कुर्सी पर बैठना पड़ता है तो बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलना जरूरी है। फोन पर बात करते समय चलना, जहां संभव हो सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और नियमित वॉक जैसी छोटी गतिविधियां दिनभर की शारीरिक सक्रियता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।

    खाने के बीच बार-बार पैकेज्ड स्नैक्स लेने की आदत पर भी ध्यान देना चाहिए। भोजन की मात्रा संतुलित रखना और पर्याप्त पानी पीना रोज की दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या मोटापे जैसी स्थितियों से जूझ रहे लोगों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।

    नींद को नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। व्यस्त दिनचर्या के कारण देर रात तक जागने की आदत बन सकती है, लेकिन पर्याप्त और नियमित नींद शरीर के लिए जरूरी है। कोशिश करनी चाहिए कि सोने और जागने का समय नियमित रहे। रात में सोने से पहले मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कम करना भी नींद की दिनचर्या को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

    तनाव को नियंत्रित करने के लिए दिन में कुछ समय खुद के लिए निकालना उपयोगी हो सकता है। शांत बैठना, मेडिटेशन करना या काम के बीच छोटा ब्रेक लेना तनाव संभालने के आसान तरीके हो सकते हैं। लगातार तनावपूर्ण दिनचर्या के बजाय काम और आराम के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    धूम्रपान और तंबाकू का सेवन दिल तथा रक्त वाहिकाओं के लिए नुकसानदायक माना जाता है। इसलिए हृदय की सेहत को ध्यान में रखते हुए इनसे दूरी बनाना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति तंबाकू का सेवन करता है तो इसे छोड़ने के लिए चिकित्सकीय सलाह और उचित सहायता ली जा सकती है।

    शराब का सेवन भी सीमित रखना जरूरी है। अत्यधिक शराब पीना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए शराब का सेवन करने वाले लोगों को इसकी मात्रा को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।

    दिल की सेहत के लिए किसी एक खाद्य पदार्थ, एक्सरसाइज या उपाय पर निर्भर रहने के बजाय पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन और तंबाकू से दूरी जैसी आदतों को लगातार अपनाने से स्वस्थ दिनचर्या बनाने में मदद मिल सकती है।

  • राहुल गांधी ने चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा लोकतंत्र कमजोर होने पर एंटी-इन्कंबेंसी का असर भी खत्म होता है

    राहुल गांधी ने चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल, कहा लोकतंत्र कमजोर होने पर एंटी-इन्कंबेंसी का असर भी खत्म होता है

    नई दिल्ली ।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एंटी-इन्कंबेंसी, लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में चुनावी प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ियां हो रही हैं और मतदाताओं के वोट की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि वोट की ताकत कमजोर होने का असर संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है।

    राहुल गांधी ने एंटी-इन्कंबेंसी को भारतीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण विशेषता बताते हुए कहा कि आम तौर पर लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकार के खिलाफ समय के साथ विरोध की भावना विकसित होती है। उन्होंने पूर्व की सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकप्रियता के चरम पर पहुंचने के बाद भी कुछ वर्षों में सत्ता विरोधी माहौल बना। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के मामले में ऐसा प्रभाव दिखाई क्यों नहीं देता।

    उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में सत्ता विरोधी भावना कमजोर होने को समझने के लिए चुनावी प्रक्रिया पर भी नजर डालनी होगी। राहुल गांधी ने कुछ देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत नहीं होती, वहां सत्ता विरोधी भावना का प्रभाव भी दिखाई नहीं देता। उन्होंने इसी संदर्भ में भारत में वोट के अधिकार और उसकी सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण बताया।

    राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव सहित विभिन्न विधानसभा चुनावों में चुनावी गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग की मूल जिम्मेदारी नागरिकों के वोट की सुरक्षा करना है और इस जिम्मेदारी में किसी भी तरह की चूक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।

    उन्होंने अपने पहले के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी का असर केवल मतदान तक सीमित नहीं रहता। उनके अनुसार, यदि मताधिकार प्रभावित होता है तो उसके बाद कानून बनाने वाली व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की वैधता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस मुद्दे को केवल चुनावी गड़बड़ी के रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे नागरिकों के प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से जुड़ा विषय मानते हैं।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज की गई आपत्तियों का भी उल्लेख किया। इन आपत्तियों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, नाम बहाल करने से जुड़े आदेशों तथा मतदाता डेटा की सुरक्षा जैसे विषय शामिल बताए गए हैं।

    फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को लेकर भी आपत्ति सामने आने की बात कही गई। नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म में SIR से जुड़ा सवाल जोड़े जाने पर नियमों में संशोधन की आवश्यकता को लेकर सवाल उठाया गया था। दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से इस विषय पर आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।

    वहीं, चुनाव आयोग ने अपने भीतर होने वाली लिखित टिप्पणियों, सुझावों, तकनीकी राय और आंतरिक विचार-विमर्श को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। आयोग का कहना है कि वह एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्रवाई संविधान, कानून तथा निर्धारित निर्देशों के तहत होती है।

    राहुल गांधी ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतंत्र के लिए जरूरी है। उन्होंने चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग दोहराई।

  • क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के सेट पर दिखी छठ पूजा की रौनक, पारंपरिक अंदाज में नजर आईं अभिनेत्रियां

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के सेट पर दिखी छठ पूजा की रौनक, पारंपरिक अंदाज में नजर आईं अभिनेत्रियां


    नई दिल्ली ।
    लोक आस्था का महापर्व छठ जल्द ही आने वाला है और इसकी तैयारियों के साथ त्योहार का उत्साह भी बढ़ने लगा है। इस बार छठ पूजा की झलक टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक के सेट पर भी देखने को मिलेगी। चर्चित शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के आगामी एपिसोड में छठ पूजा से जुड़ा ट्रैक दिखाया जाएगा।

    इसी दौरान अभिनेत्री गौरी प्रधान ने शो के सेट से छठ पूजा के जश्न की तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली छठ पूजा है। तस्वीरों में अभिनेत्री पारंपरिक लाल परिधान में नजर आ रही हैं और उनके साथ शो की अन्य अभिनेत्रियां भी त्योहार के रंग में दिखाई दे रही हैं।

    गौरी प्रधान ने लाल साड़ी पहनी हुई है। इसके साथ उन्होंने पारंपरिक आभूषण और सिर पर दुपट्टा लिया हुआ है। उनके माथे पर सिंदूर भी नजर आ रहा है। तस्वीर में उनके साथ रावी गुप्ता और प्राची सिंह भी पारंपरिक लाल परिधानों में दिखाई दे रही हैं। तीनों अभिनेत्रियों का लुक छठ पूजा के अनुरूप तैयार किया गया है।

    रावी गुप्ता शो में दामिनी विरानी की भूमिका निभा रही हैं, जबकि प्राची सिंह मुन्नी विरानी के किरदार में नजर आती हैं। तस्वीर में तीनों अभिनेत्रियां साथ खड़ी होकर कैमरे के लिए पोज देती दिखाई दे रही हैं। उनके पारंपरिक परिधान और साज-सज्जा से सेट पर त्योहार की तैयारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    गौरी प्रधान ने तस्वीर साझा करते हुए अपनी पहली छठ पूजा का जिक्र किया। शो की कहानी में भी इस समय छठ पूजा के उत्सव को शामिल किया गया है। आगामी एपिसोड में विरानी परिवार की महिलाएं इस महापर्व में हिस्सा लेती हुई दिखाई देंगी। इस तरह वास्तविक जीवन के त्योहार और धारावाहिक की कहानी को एक साथ जोड़ा गया है।

    गौरी प्रधान फिलहाल नंदिनी विरानी का किरदार निभा रही हैं। कहानी में नंदिनी, करण विरानी की पत्नी हैं। करण की भूमिका उनके पति हितेन तेजवानी निभा रहे हैं। वहीं रावी गुप्ता दामिनी विरानी के किरदार में हैं और प्राची सिंह का किरदार मुन्नी विरानी एक आईपीएस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। मुन्नी का संबंध विरानी परिवार से भी जुड़ा हुआ है।

    ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ पुराने लोकप्रिय धारावाहिक की अगली कड़ी और रीबूट के रूप में तैयार किया गया है। इसका प्रीमियर 29 जुलाई 2025 को हुआ था। शो में पुराने किरदारों और नए चेहरों के साथ कहानी को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    गौरी प्रधान द्वारा साझा की गई तस्वीरों ने शो के सेट पर छठ पूजा के माहौल की झलक दी है। पारंपरिक परिधान में नजर आ रहीं अभिनेत्रियों की तस्वीरें आगामी एपिसोड में दिखने वाले त्योहार से जुड़े ट्रैक की ओर भी संकेत करती हैं।

  • बैंक हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगी बैंक शाखाएं, ग्राहकों की सुविधा के लिए सरकार ने लिया अहम फैसला

    बैंक हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगी बैंक शाखाएं, ग्राहकों की सुविधा के लिए सरकार ने लिया अहम फैसला

    नई दिल्ली । बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल से पहले आम लोगों को बैंकिंग सेवाओं में परेशानी से बचाने के लिए रविवार को बैंक खुले रखने का फैसला किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रविवार को सामान्य रूप से काम करेंगे। इसका उद्देश्य लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति को कम करना है।

    बैंक कर्मचारियों की हड़ताल 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित है। इससे पहले 26 और 27 सितंबर को सप्ताहांत की छुट्टियां हैं। ऐसे में शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद लगातार तीन दिन हड़ताल होने पर बैंकिंग गतिविधियां कई दिनों तक प्रभावित हो सकती थीं। रविवार को बैंक खोलने का फैसला इसी संभावित व्यवधान को कम करने के लिए किया गया है।

    भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट को रविवार को पूरी तरह चालू रखने की अनुमति दी है। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को रविवार को सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रस्तावित हड़ताल बैंक यूनियनों की कुछ मांगों को लेकर है। यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई योजना को वापस लेना शामिल है। मौजूदा व्यवस्था में बैंक कर्मचारियों को महीने में दो शनिवार की छुट्टी मिलती है। यूनियनें बाकी दो शनिवार को भी अवकाश घोषित किए जाने की मांग कर रही हैं।

    पीएलआई योजना को लेकर सरकार ने पहले ही एक कदम उठाया है। कर्मचारियों और यूनियनों की ओर से उठाई गई चिंताओं पर चर्चा के बाद सरकार ने इस योजना को फिलहाल स्थगित रखने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इससे यूनियनों की दो प्रमुख मांगों में से एक पर कार्रवाई हो चुकी है।

    सरकार ने कहा है कि बैंक ग्राहकों का कल्याण और उनकी सुविधा प्राथमिकता में है। इसी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बैंकिंग सेवाओं को लगातार जारी रखने के लिए कदम उठाए गए हैं। सरकार और बैंक प्रबंधन ने यूनियनों से प्रस्तावित हड़ताल को वापस लेने की अपील भी की है।

    सरकार का कहना है कि यूनियनों की अधिकांश चिंताओं का काफी हद तक समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष मांग पर अभी विचार किया जा रहा है। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों से बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने और बैंकिंग सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने की अपील की गई है।

    रविवार को बैंक खुले रहने से ग्राहकों को हड़ताल से पहले बैंकिंग से जुड़े जरूरी काम निपटाने का अवसर मिलेगा। नकदी से जुड़े काम, शाखा स्तर की सेवाओं और अन्य जरूरी बैंकिंग गतिविधियों के लिए रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा एटीएम से जुड़ी व्यवस्थाओं और करेंसी चेस्ट को भी चालू रखने की अनुमति दी गई है।

    प्रस्तावित हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं पर कितना असर पड़ेगा, यह कर्मचारियों की भागीदारी और संबंधित संस्थानों की व्यवस्था पर निर्भर करेगा। फिलहाल सरकार की ओर से रविवार को बैंक खुले रखने का निर्णय ग्राहकों के लिए लगातार छुट्टियों और हड़ताल से पैदा होने वाले संभावित व्यवधान को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

  • कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,247 अंक टूटा

    कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,247 अंक टूटा

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ने के कारण प्रमुख सूचकांक बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत टूटकर 73,580.54 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,063.10 के स्तर पर बंद हुआ।

    कारोबार की शुरुआत भी कमजोर रही। सेंसेक्स पिछले सत्र के 74,828.25 के बंद स्तर से 555.85 अंक यानी 0.74 प्रतिशत नीचे 74,272.40 पर खुला। दिन के कारोबार में गिरावट और बढ़ी तथा सूचकांक 1,264.33 अंक यानी 1.68 प्रतिशत फिसलकर 73,563.92 के निचले स्तर तक पहुंच गया।

    निफ्टी 50 भी पिछले बंद स्तर 23,446.80 से 225 अंक यानी 0.95 प्रतिशत नीचे 23,221.80 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 400.65 अंक यानी 1.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,046.15 के निचले स्तर तक चला गया।

    व्यापक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप में 2.25 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 1.53 प्रतिशत की गिरावट रही। सेक्टरवार कारोबार में सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

    इसके अलावा निफ्टी मेटल 1.96 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 1.57 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 1.13 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.10 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 1.08 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। निफ्टी 50 में केवल सिप्ला, ओएनजीसी और एनटीपीसी के शेयरों में तेजी रही, जबकि बाकी अधिकतर शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा। एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और बजाज फिनसर्व में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट दर्ज हुई।

    बाजार में व्यापक बिकवाली का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा। एक ही कारोबारी सत्र में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बाजार पूंजी घट गई। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के लगभग 485 लाख करोड़ रुपये से घटकर 480.95 लाख करोड़ रुपये रह गया।

    गुरुवार के कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई, लेकिन वे 102 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बनी रहीं। इसके साथ वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी हुई। इससे इक्विटी निवेशकों के बीच जोखिम को लेकर चिंता बढ़ी और जोखिम वाली परिसंपत्तियों का आकर्षण प्रभावित हुआ।

    इसी दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग भी हुई। शेयर 1.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,817 रुपये पर बंद हुए, जो इसके 1,785 रुपये के आईपीओ प्राइस बैंड से ऊपर था।

    बाजार में कमजोरी के बीच महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर बनी अनिश्चितताओं ने ब्याज दरों की दिशा पर भी चिंता बढ़ाई। घरेलू स्तर पर इंश्योरेंस और बैंकिंग क्षेत्र में कमीशन स्ट्रक्चर की नियामकीय समीक्षा तथा मुनाफे पर संभावित असर को लेकर भी दबाव बना रहा।

    आने वाले समय में बाजार की दिशा पर निवेशकों की नजर वैश्विक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों की कमाई पर बनी रह सकती है।

  • नानी की द पैराडाइज ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार, 3:30 बजे तक 19.56 करोड़ रुपये का कलेक्शन

    नानी की द पैराडाइज ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार, 3:30 बजे तक 19.56 करोड़ रुपये का कलेक्शन

    नई दिल्ली ।नानी और राघव जुयाल की एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘द पैराडाइज’ 24 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। रिलीज के पहले ही दिन फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिखाई दे रहा है और शुरुआती बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में तेज कमाई दर्ज की गई है। फिल्म ने दोपहर तक अलग-अलग भाषाओं में करोड़ों रुपये का कलेक्शन कर लिया था।

    शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ‘द पैराडाइज’ ने रिलीज के दिन दोपहर 2 बजे तक तेलुगु भाषा में 17.77 करोड़ रुपये की कमाई की। इस दौरान तेलुगु वर्जन की ऑक्यूपेंसी 58 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं हिंदी भाषा में फिल्म ने 1.11 करोड़ रुपये और तमिल भाषा में 0.68 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

    इसके बाद शाम 3:30 बजे तक फिल्म का कुल कलेक्शन बढ़कर 19.56 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस समय तक फिल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 46.8 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि, ये आंकड़े दिन के अंतिम आंकड़े नहीं हैं। पहले दिन की पूरी कमाई का अंतिम आंकड़ा रात 10:30 बजे के बाद सामने आने की उम्मीद है।

    फिल्म की रिलीज से पहले भी इसकी कमाई को लेकर मजबूत शुरुआत देखने को मिली थी। नियमित मॉर्निंग शो शुरू होने से पहले ही एडवांस बुकिंग और पेड प्रीमियर शो के जरिए फिल्म ने दुनिया भर में 40 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया था। इस आधार पर यह नानी के करियर की एडवांस बुकिंग के लिहाज से सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्मों में शामिल हो गई।

    फिल्म ने नानी की पिछली बड़ी ओपनिंग फिल्म ‘HIT: द थर्ड केस’ के शुरुआती प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ दिया। साल 2025 में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन दुनिया भर में 37.80 करोड़ रुपये की कमाई की थी। ‘द पैराडाइज’ की प्री-रिलीज कमाई ने रिलीज से पहले ही इसके प्रति दर्शकों की दिलचस्पी को सामने रखा था।

    ‘द पैराडाइज’ नानी और निर्देशक श्रीकांत ओडेला की दूसरी साथ काम करने वाली फिल्म है। इससे पहले दोनों ‘दसारा’ में साथ काम कर चुके हैं। नई फिल्म की कहानी 1980 के दशक के सिकंदराबाद की पृष्ठभूमि में रखी गई है। इसमें एक हाशिए पर रहने वाले समुदाय के संघर्ष को दिखाया गया है, जो भेदभाव का सामना करते हुए एक व्यक्ति के नेतृत्व में नागरिकता हासिल करने की कोशिश करता है।

    फिल्म में नानी मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ राघव जुयाल, सोनाली कुलकर्णी और कायादु लोहार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। ‘द पैराडाइज’ तमिल, तेलुगु और हिंदी समेत कुल आठ भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट मिला है। इसकी अवधि करीब 2 घंटे 54 मिनट बताई गई है।