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  • शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे

    शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के लिए आईसीसी की ताजा रैंकिंग खुशखबरी लेकर आई है। कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर वनडे क्रिकेट में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज का स्थान हासिल कर लिया है, जबकि 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 230 पायदान की जबरदस्त छलांग लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय क्रिकेट की मजबूत होती नई पीढ़ी की तस्वीर पेश करती हैं।

    आईसीसी द्वारा जारी नई वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। डेरिल मिचेल जनवरी से नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए थे, लेकिन हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेलने के कारण उनकी रेटिंग प्रभावित हुई। इसका फायदा शुभमन गिल को मिला और उन्होंने एक बार फिर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाज का ताज अपने नाम कर लिया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। भारत ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की और वैभव ने तीन मैचों में 50.33 की शानदार औसत से 151 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें आईसीसी रैंकिंग में मिला, जहां उन्होंने एक साथ 230 स्थान की छलांग लगाते हुए 536 रेटिंग अंकों के साथ अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 48वीं रैंक हासिल की। महज 15 वर्ष की उम्र में टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचना उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत माना जा रहा है।

    टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के ईशान किशन अब भी दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए हैं। उनके खाते में 910 रेटिंग अंक हैं। वहीं तिलक वर्मा दो स्थान की छलांग लगाकर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि श्रेयस अय्यर सात स्थान की बढ़त के साथ 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों का यह शानदार प्रदर्शन टीम की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को दर्शाता है।

    गेंदबाजी रैंकिंग में भी भारत को फायदा हुआ है। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने जिम्बाब्वे सीरीज में तीन विकेट हासिल किए, जिसके बाद उन्होंने 31 स्थान की लंबी छलांग लगाकर टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में 41वां स्थान हासिल कर लिया।

    जिम्बाब्वे की टीम सीरीज हार गई, लेकिन उसके कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी आईसीसी ने सराहा। बल्लेबाज रयान बर्ल छह स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 85वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजराबानी 10 स्थान की छलांग लगाकर 26वें नंबर पर पहुंच गए।

    वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में भी बदलाव देखने को मिला है। नामीबिया के बाएं हाथ के स्पिनर बर्नार्ड शोल्ट्ज ने नेपाल और नीदरलैंड के खिलाफ आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 ट्राई सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर टॉप-7 गेंदबाजों में जगह बना ली है।

    ताजा आईसीसी रैंकिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट केवल अनुभवी खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं के दम पर भी लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। शुभमन गिल की नंबर-1 रैंकिंग और वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक छलांग भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

  • श्रीदेवी की याद दिलाने वाली अदाओं से छाईं कंटेंट क्रिएटर, वायरल वीडियो देख फैंस बोले- फिर लौट आईं 'हवा हवाई'

    श्रीदेवी की याद दिलाने वाली अदाओं से छाईं कंटेंट क्रिएटर, वायरल वीडियो देख फैंस बोले- फिर लौट आईं 'हवा हवाई'

    नई दिल्ली । दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिना जाता है। उनकी अभिनय शैली, नृत्य, चुलबुला अंदाज और सहज अभिव्यक्ति आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनके निधन के वर्षों बाद भी प्रशंसक उन्हें याद करते हैं और उनके गीतों व फिल्मों को बड़े उत्साह से देखते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कई लोग श्रीदेवी की याद ताजा होने की बात कह रहे हैं।

    इन दिनों भूमिका तिवारी नाम की कंटेंट क्रिएटर इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने फिल्म ‘चालबाज़’ के लोकप्रिय गीत ‘किसी के हाथ ना आएगी’ पर एक डांस वीडियो साझा किया है। वीडियो में उन्होंने श्रीदेवी की शैली से प्रेरित वेशभूषा, हावभाव और नृत्य प्रस्तुति को अपनाने की कोशिश की है। उनके एक्सप्रेशन और प्रस्तुति ने बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने भूमिका की तुलना सीधे श्रीदेवी से करनी शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि उनके चेहरे के भाव, मासूम मुस्कान और चुलबुले अंदाज में उन्हें दिवंगत अभिनेत्री की झलक दिखाई देती है। हालांकि यह प्रशंसकों की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है, लेकिन वीडियो ने इंटरनेट पर व्यापक चर्चा जरूर छेड़ दी है।

    भूमिका तिवारी लंबे समय से श्रीदेवी के लोकप्रिय गीतों पर आधारित डांस रील्स बनाती रही हैं। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ऐसे कई वीडियो मौजूद हैं, जिनमें उन्होंने अभिनेत्री के यादगार गानों को अपने अंदाज में प्रस्तुत किया है। इसी निरंतरता ने उन्हें बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचाया है। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जहां उनके वीडियो नियमित रूप से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं।

    वायरल हुए इस वीडियो को भी बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया है। इसे एक लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं और कमेंट सेक्शन में हजारों यूजर्स ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की है। कई लोगों ने लिखा कि उनके एक्सप्रेशन बेहद प्रभावशाली हैं, जबकि कुछ ने कहा कि वीडियो देखकर उन्हें श्रीदेवी की फिल्मों की याद आ गई। कई प्रशंसकों ने उन्हें भविष्य में फिल्मों में अभिनय करने की सलाह भी दी और उनके आत्मविश्वास तथा स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की।

    सोशल मीडिया के दौर में ऐसे कई कलाकार सामने आए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई है। किसी लोकप्रिय अभिनेता या अभिनेत्री की शैली से प्रेरित प्रस्तुति दर्शकों का ध्यान आकर्षित करती है, लेकिन अपनी अलग पहचान बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। भूमिका तिवारी का यह वीडियो भी इसी वजह से चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से दिवंगत अभिनेत्री को श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया है।

    श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं, जिनकी फिल्मों और गीतों का प्रभाव आज भी दर्शकों के बीच बरकरार है। यही कारण है कि जब भी कोई कलाकार उनके अंदाज को मंच या सोशल मीडिया पर प्रस्तुत करता है, दर्शकों की उत्सुकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। भूमिका तिवारी का यह वीडियो भी इसी कड़ी में इंटरनेट पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • बिना अनुमति सलमान खान की छवि के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अदालत सख्त, 24 घंटे में कंटेंट हटाने के निर्देश

    बिना अनुमति सलमान खान की छवि के व्यावसायिक इस्तेमाल पर अदालत सख्त, 24 घंटे में कंटेंट हटाने के निर्देश


    नई दिल्ली । 
    अभिनेता सलमान खान को उनकी पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल’ के टीजर और उससे संबंधित प्रचार सामग्री को विभिन्न ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही फिल्म निर्माताओं को भविष्य में भी इस प्रकार की सामग्री का प्रचार-प्रसार करने से रोक दिया गया है। अदालत का यह आदेश सलमान खान द्वारा दायर उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने अपनी अनुमति के बिना उनके नाम, व्यक्तित्व और सार्वजनिक छवि के कथित व्यावसायिक उपयोग पर आपत्ति जताई थी।

    अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्तित्व के नाम, हाव-भाव, पहचान और छवि का उनकी सहमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने यह भी माना कि यदि किसी प्रचार सामग्री से किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, तो उसे पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है। अदालत के अनुसार प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री से यह प्रतीत होता है कि संबंधित फिल्म के प्रचार में अभिनेता की लोकप्रियता और पहचान का उपयोग दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया।

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि फिल्म का टीजर उन घटनाओं और पात्रों का उल्लेख करता है, जिनका संबंध काले हिरण शिकार मामले से जोड़ा गया है। यह मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। अदालत ने माना कि इस प्रकार की प्रस्तुति से अभिनेता की वर्षों में बनी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी आधार पर अदालत ने तत्काल हस्तक्षेप को आवश्यक माना।

    न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक व्यक्ति, विशेष रूप से सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों को यह अधिकार प्राप्त है कि उनकी पहचान और व्यक्तित्व का व्यावसायिक उपयोग किस प्रकार और किन परिस्थितियों में किया जाएगा। बिना अनुमति किसी की पहचान का इस्तेमाल कर आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली सामग्री भी इसी सिद्धांत के दायरे में आती है और यदि उससे प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की आशंका हो तो न्यायिक संरक्षण उपलब्ध कराया जा सकता है।

    अंतरिम आदेश के तहत फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया गया है कि वे टीजर और उससे संबंधित सभी प्रचार सामग्री को 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म, टेलीविजन, प्रिंट और अन्य माध्यमों से हटा दें। साथ ही उन्हें भविष्य में भी इस प्रकार की सामग्री को अपलोड, साझा, प्रकाशित या प्रचारित करने से रोका गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय के भीतर संबंधित सामग्री नहीं हटाई जाती है, तो संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म और सेवा प्रदाताओं को संबंधित यूआरएल हटाने की कार्रवाई करनी होगी।

    यह मामला पर्सनैलिटी राइट्स और सार्वजनिक व्यक्तियों की पहचान के व्यावसायिक उपयोग से जुड़े कानूनी पहलुओं को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत का यह अंतरिम आदेश अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि मामले की विस्तृत सुनवाई पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय अंतिम निर्णय देगा।

  • झांसी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, बूंदाबांदी से बदला मौसम, अगले पांच दिन बारिश का पूर्वानुमान

    झांसी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, बूंदाबांदी से बदला मौसम, अगले पांच दिन बारिश का पूर्वानुमान

    झांसी। एक सप्ताह की सुस्ती के बाद झांसी में मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार रात हुई हल्की बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक जिले में बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान में भी गिरावट आने के आसार हैं।

    बीते कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण जिले में धान की फसल प्रभावित हो रही थी। वहीं लगातार बढ़ते तापमान और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के सक्रिय होने से मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हुई हैं।

    मंगलवार शाम करीब पांच बजे आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद ठंडी हवाएं चलीं और रात करीब आठ बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई।

    कृषि विज्ञान केंद्र, भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार से अगले पांच दिनों तक जिले में वर्षा होने की संभावना है। 31 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 1 और 2 अगस्त को तेज बारिश होने का अनुमान है। बारिश के असर से अधिकतम तापमान घटकर 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    प्रदेश में सबसे गर्म जिलों में रहा झांसी
    मंगलवार को झांसी का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.3 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक था। प्रदेश में बस्ती (36.7 डिग्री सेल्सियस) के बाद झांसी दूसरे सबसे अधिक तापमान वाला जिला रहा।

  • झांसी-कानपुर हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई स्लीपर बस, चालक समेत दो की मौत, 30 यात्री घायल

    झांसी-कानपुर हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई स्लीपर बस, चालक समेत दो की मौत, 30 यात्री घायल


    झांसी। झांसी-कानपुर हाईवे पर मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्लीपर बस खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसे में बस चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 से 30 यात्री घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को उपचार के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार, प्रयागराज से मध्य प्रदेश के विदिशा लौट रही स्लीपर बस मंगलवार रात करीब 1:30 बजे बड़ागांव थाना क्षेत्र में पारीछा पावर प्लांट के सामने हाईवे पर खराब होकर खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक स्टेयरिंग में फंस गया। हादसे में बस चालक इस्लाम बेग (35), निवासी अशोकनगर (मध्य प्रदेश) और बस में सवार कन्ना (69), निवासी रामनगर, विदिशा की मौके पर ही मौत हो गई।

    राहत-बचाव में जुटे पुलिस और स्थानीय लोग
    दुर्घटना के बाद बस में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही बड़ागांव थाना पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से चालक को बस से बाहर निकाला गया और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि बस में सवार अधिकांश यात्री मध्य प्रदेश के रहने वाले थे, जो प्रयागराज में अस्थि विसर्जन कर अपने घर लौट रहे थे।

    झपकी आने की आशंका
    हादसे के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को हटवाकर हाईवे पर यातायात बहाल कराया। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बस चालक को झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई। मामले की जांच जारी है।

  • यूपी चुनाव से पहले 'जयंती राजनीति' तेज, भाजपा-सपा महापुरुषों के जरिए साध रहीं जातीय समीकरण

    यूपी चुनाव से पहले 'जयंती राजनीति' तेज, भाजपा-सपा महापुरुषों के जरिए साध रहीं जातीय समीकरण

    मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने जातीय और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) अपने-अपने परंपरागत वोट बैंक को साधने के लिए संतों, समाज सुधारकों और महापुरुषों की जयंती व पुण्यतिथि पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। इसके लिए दोनों दलों ने प्रदेशभर में लंबे अभियान और आयोजनों की रूपरेखा तैयार की है।

    भाजपा ने संत रविदास महाराज की जयंती को केंद्र में रखकर करीब सात महीने तक चलने वाला ‘समरसता संकल्प अभियान’ शुरू करने का फैसला किया है। वहीं, पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति पर आगे बढ़ रही सपा बुधवार को पूरे प्रदेश में महाराजा दक्ष प्रजापति की जयंती पर जिला और महानगर स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है।

    महापुरुषों के जरिए सामाजिक संदेश देने की तैयारी
    हाल के महीनों में डॉ. भीमराव आंबेडकर और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर भी सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने व्यापक स्तर पर आयोजन किए थे। अब भाजपा ने संत रविदास महाराज के जीवन और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) से 20 फरवरी 2027 (संत रविदास जयंती) तक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है।

    इस अभियान के दौरान धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से समता, सामाजिक न्याय, सेवा और मानवता के संदेश का प्रचार किया जाएगा।

    सपा भी जयंती आयोजनों पर दे रही जोर
    समाजवादी पार्टी भी विभिन्न समाजों के महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित कर अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। इसी क्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती मनाई जा रही है। इसके बाद 5 अगस्त को पार्टी संस्थापक नेताओं में शामिल जनेश्वर मिश्र की जयंती पर भी परंपरागत कार्यक्रम होंगे।

    भाजपा करेगी पुजारियों का सम्मान
    गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भाजपा महानगर इकाई शहर के सभी दस मंडलों में कार्यक्रम आयोजित करेगी। महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला के अनुसार, इस दौरान शहर के 100 मंदिरों के पुजारियों का सम्मान किया जाएगा। इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    पांच महीनों में सपा के कई आयोजन
    मार्च से जुलाई के बीच सपा ने विभिन्न महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर करीब 11 कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें कांशीराम, सम्राट अशोक, महर्षि कश्यप, महाराजा निषादराज गुहा, महात्मा ज्योतिराव फुले, डॉ. भीमराव आंबेडकर, अहिल्याबाई होल्कर, महारानी दुर्गावती, छत्रपति साहूजी महाराज, बाबा लक्खी शाह बंजारा और फूलन देवी से जुड़े आयोजन शामिल रहे।

    भाजपा के प्रमुख आयोजन
    भाजपा ने भी इस वर्ष नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव आंबेडकर, अहिल्याबाई होल्कर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित कई महापुरुषों की जयंती और स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन किया। आंबेडकर जयंती के अवसर पर दीपोत्सव, प्रतिमा स्वच्छता अभियान और सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

    कार्यकर्ताओं से जुड़ाव पर भी जोर
    चुनावी तैयारियों के बीच जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी संगठन के कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत स्तर पर जुड़ाव बढ़ाने की भी कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं के जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ की शुभकामनाओं के साथ-साथ उनके कार्यक्रमों में व्यक्तिगत उपस्थिति दर्ज कराकर संगठनात्मक संबंध मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • भोपाल में तीसरे दिन गरमाया किसान आंदोलन: पुलिस से टकराव, बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी, सरकार और विपक्ष आमने-सामने

    भोपाल में तीसरे दिन गरमाया किसान आंदोलन: पुलिस से टकराव, बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी, सरकार और विपक्ष आमने-सामने


    भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी तेज बना रहा। मूंग की सरकारी खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था में सुधार, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और अन्य मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने के लिए जुटे। हालांकि पुलिस ने एम्प्री के पास वीर सावरकर सेतु पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें रोक दिया। प्रशासन ने बसों की चार परतों वाली बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों का रास्ता बंद कर दिया, लेकिन कुछ किसान बैरिकेड पर चढ़ गए और बाद में बसों पर भी चढ़कर विरोध जताया। पुलिस ने समझाइश देकर उन्हें नीचे उतारा जिसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

    प्रदर्शन के दौरान कई किसानों ने अर्धनग्न होकर विरोध दर्ज कराया और अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया। कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए तो कई किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन और यज्ञ किया। आंदोलन स्थल पर किसानों ने सड़क किनारे ही दाल-बाटी बनाकर भोजन किया। रातभर आंदोलन में डटे रहने के बाद कई किसान वहीं खुले आसमान के नीचे आराम करते भी नजर आए। आंदोलन में युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिली और बड़ी संख्या में Gen Z युवाओं ने किसानों के समर्थन में प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

    किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत और महंगाई के बावजूद उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि मूंग खरीदी की मौजूदा व्यवस्था और ई-टोकन प्रणाली के कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह जाते हैं। प्रदर्शनकारी सरकार से इन समस्याओं का स्थायी समाधान और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं।

    आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया। इसका असर होशंगाबाद रोड, नर्मदापुरम रोड और आसपास के इलाकों में देखने को मिला जहां लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि किसानों से संवाद के लिए मंत्रियों की एक समिति बनाई गई है जो आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों पर चर्चा करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है लेकिन यह भी जरूरी है कि आंदोलन के कारण आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।

    वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हजारों किसान अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें रोकने में लगी हुई है। उन्होंने किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

    राजधानी में जारी यह आंदोलन अब केवल किसानों की मांगों तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि प्रदेश की राजनीति का भी प्रमुख मुद्दा बन गया है। अब सभी की नजर सरकार और किसान नेताओं के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी है, जिससे इस गतिरोध का समाधान निकलने की उम्मीद की जा रही है।

  • पलक तिवारी पर राजा चौधरी का बड़ा बयान, बोले- मैं सिर्फ बायोलॉजिकल पिता, उनकी निजी जिंदगी से मुझे कोई फर्क नहीं

    पलक तिवारी पर राजा चौधरी का बड़ा बयान, बोले- मैं सिर्फ बायोलॉजिकल पिता, उनकी निजी जिंदगी से मुझे कोई फर्क नहीं

    नई दिल्ली। अभिनेता राजा चौधरी ने अपनी बेटी पलक तिवारी को लेकर लंबे समय बाद खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्वेता तिवारी से अलग होने के बाद उनका पलक की निजी जिंदगी से कोई सीधा संबंध नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को केवल पलक का जैविक पिता मानते हैं और जब तक उनकी बेटी खुद उनसे संपर्क नहीं करती, तब तक वह उसकी जिंदगी में हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझते। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।

    एक इंटरव्यू के दौरान जब राजा चौधरी से पूछा गया कि क्या उन्हें पलक तिवारी की फिल्मी सफलता और बड़े सितारों के साथ काम करने पर गर्व महसूस होता है, तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कोई स्पष्ट राय नहीं दे सकते। उनका कहना था कि उन्हें यह तक नहीं पता कि पलक इस समय कहां हैं, क्या कर रही हैं, किन परियोजनाओं पर काम कर रही हैं या उनकी निजी जिंदगी में क्या चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पलक स्वयं आकर अपने जीवन की बातें साझा करेंगी, तभी वह उस पर प्रतिक्रिया देना उचित समझेंगे।

    राजा चौधरी ने यह भी दोहराया कि यदि कभी पलक को उनकी जरूरत होगी तो वह हर समय उसके साथ खड़े रहेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि फिलहाल उनकी बेटी की जिंदगी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनके अनुसार, किसी भी रिश्ते को दोनों तरफ से निभाया जाता है और जब तक सामने वाला व्यक्ति जुड़ना नहीं चाहता, तब तक जबरदस्ती संबंध नहीं बनाए जा सकते।

    इंटरव्यू के दौरान पलक तिवारी और अभिनेता इब्राहिम अली खान के बीच डेटिंग की चर्चाओं पर भी उनसे सवाल किया गया। इस पर राजा चौधरी ने कहा कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पलक किसके साथ हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी अपनी बेटी पर अधिकार जताने का अवसर ही नहीं मिला, इसलिए वह उसकी निजी पसंद या रिश्तों पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझते। उनके अनुसार, यह पूरी तरह पलक का व्यक्तिगत फैसला है और वह उसमें दखल नहीं देना चाहते।

    राजा चौधरी ने बातचीत में यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को परिवार में महत्व नहीं दिया जाता, तो वह उस स्थिति को बदलने के लिए कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने अपने पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पिता उनसे इसलिए बातें साझा करते हैं क्योंकि दोनों के बीच संवाद बना हुआ है। लेकिन पलक के साथ ऐसा रिश्ता नहीं बन पाया, इसलिए वह उनकी निजी जिंदगी को लेकर कोई अपेक्षा भी नहीं रखते।

    उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें हमेशा यही महसूस कराया गया कि वह केवल पलक के जैविक पिता हैं और उनकी जिंदगी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। ऐसे में लोगों को उनसे यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि वह उनकी निजी जिंदगी या रिश्तों को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया दें। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में पलक को कभी उनकी जरूरत पड़ेगी तो वह बिना किसी शर्त के उनके साथ खड़े रहेंगे।

    राजा चौधरी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पलक तिवारी लगातार अपने फिल्मी करियर को आगे बढ़ा रही हैं और उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा होती रहती है। दूसरी ओर, श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के रिश्ते तथा उनके अलगाव की कहानी पहले भी कई बार सुर्खियों में रही है। अब राजा के इस स्पष्ट और बेबाक बयान ने एक बार फिर उनके परिवार से जुड़े रिश्तों को चर्चा का विषय बना दिया है।

  • PoK में चुनावी विवाद बना खूनी संघर्ष: प्रदर्शनकारियों पर चली गोलियां, रक्षा मंत्री के बयान से और गरमाया मामला

    PoK में चुनावी विवाद बना खूनी संघर्ष: प्रदर्शनकारियों पर चली गोलियां, रक्षा मंत्री के बयान से और गरमाया मामला


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में चुनावी व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विरोध अब गंभीर राजनीतिक और सुरक्षा संकट में बदल गया है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं और ऐसे लोगों से किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं की जाएगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प में 30 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    पीओके में यह प्रदर्शन विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के बैनर तले हजारों लोग रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकाल रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान बिना किसी उकसावे के गोलीबारी कर दी जिससे बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।

    हिंसा के बाद पूरे पीओके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सेना पैरामिलिट्री बल और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी की तैनाती की गई है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है और इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

    दरअसल पीओके विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं जिनमें 45 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं जबकि 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो 1947 और उसके बाद जम्मू कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे। इन सीटों के मतदाता पीओके में नहीं बल्कि पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में रहते हैं। प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां पीओके की सरकार के गठन में हस्तक्षेप करती हैं और कई बार इन्हीं सीटों के कारण विधानसभा का बहुमत बदल जाता है।

    जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी की मांग है कि पीओके की विधानसभा चुनने का अधिकार केवल वहां रहने वाले लोगों के पास होना चाहिए और शरणार्थी सीटों की मौजूदा व्यवस्था समाप्त की जाए। विपक्षी दलों का भी आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ सहित कई दल पहले भी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा चुके हैं।

    रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान ने पहले से तनावपूर्ण माहौल को और अधिक गरमा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद स्थापित नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • मिडिल ईस्ट में युद्ध का नया मोर्चा: अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, ईरान समर्थक ठिकानों पर हमला, तनाव चरम पर

    मिडिल ईस्ट में युद्ध का नया मोर्चा: अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, ईरान समर्थक ठिकानों पर हमला, तनाव चरम पर


    नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब एक नए और अधिक संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और सऊदी अरब ने संयुक्त सैन्य अभियान चलाते हुए इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स यानी पीएमएफ के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है जबकि 32 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा युद्ध के व्यापक रूप लेने की आशंका गहरा गई है।

    अमेरिकी सेना का दावा है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया वहां से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर यह संयुक्त कार्रवाई की गई। हमलों के कुछ ही घंटों बाद ईरान की ओर से जवाबी कदम उठाया गया और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हालांकि अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया।

    इस घटनाक्रम के बीच व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की महत्वपूर्ण बैठक भी चर्चा का केंद्र रही। बैठक के बाद नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशों के बीच इस बात पर स्पष्ट सहमति बनी है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक मिडिल ईस्ट की भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम रही।

    इसी दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी ट्रंप से मुलाकात कर एयर डिफेंस सिस्टम रक्षा सहयोग और रूस यूक्रेन युद्ध पर विस्तार से चर्चा की। दूसरी ओर ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर नया प्रस्ताव रखा है जिसमें इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का संचालन क्षेत्र के सभी देशों की साझेदारी से करने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव को खाड़ी क्षेत्र के कई देशों का समर्थन मिलने की खबर है।

    बढ़ते तनाव के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है। हालांकि सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।

    उधर यमन के हूती विद्रोहियों की चेतावनी के बाद रेड सी में जहाजों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा बन गई है। रिपोर्टों के अनुसार चीन ने अपने तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हूती प्रतिनिधियों से सीधे संपर्क किया है ताकि समुद्री व्यापार प्रभावित न हो।

    संयुक्त राष्ट्र में भी इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताई गई है। पाकिस्तान ने कहा कि सऊदी अरब को इस संघर्ष में घसीटने की कोशिश हो रही है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वहीं गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल ने सऊदी अरब पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उसकी सुरक्षा और संप्रभुता के समर्थन का भरोसा दोहराया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो यह संघर्ष केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर डाल सकता है।