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  • ईरान के राष्ट्रपति ने PM मोदी से की अमेरिका-इजरायल को हमला करने से रोकेने की अपील

    ईरान के राष्ट्रपति ने PM मोदी से की अमेरिका-इजरायल को हमला करने से रोकेने की अपील


    तेहरान।
    मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष (Middle East Conflict) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन (Iranian President Masoud Pezeshkian) से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मार्ग को सुरक्षित रखने की भी अपील की। ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के समक्ष विदेशी हस्तक्षेप के बिना क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए पश्चिम एशियाई देशों को शामिल करते हुए एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

    वार्ता के ईरानी ब्योरे के अनुसार, पेजेश्कियन ने भारत से आग्रह किया कि वह ब्रिक्स (BRICS) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की शत्रुता को रोकने के लिए अपनी स्वतंत्र भूमिका का लाभ उठाए।

    आपको बता दें कि ब्रिक्स दुनिया की पांच सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। ब्रिक्स के सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। वर्ष 2024 में समूह में विस्तार के बाद अब इसके सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। नए सदस्यों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।


    परमाणु हथियारों के पक्ष में नहीं थे खामेनेई

    ब्योरे के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने उस अमेरिकी दावे को खारिज कर दिया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उसके खिलाफ सैन्य हमला शुरू किया था। ब्योरे में कहा गया है कि पेजेश्कियन ने इस बात पर भी जोर दिया कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने परमाणु हथियारों का दृढ़ता से विरोध किया था और उनके विकास की दिशा में किसी भी कदम को प्रतिबंधित करने के लिए प्रशासनिक और धार्मिक दोनों तरह के निर्देश जारी किए थे।


    पीएम मोदी ने दी ईद की बधाई

    ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि त्योहार का यह मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए। प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बात की और ईद एवं नवरोज की शुभकामनाएं दीं। हमने आशा व्यक्त की कि त्योहार का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए।”


    ईरान के समर्थन की सराहना

    मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। उन्होंने कहा, ”नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।” प्रधानमंत्री ने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की भी सराहना की।

    मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर यह दूसरी बातचीत थी। पश्चिम एशियाई गैस केंद्रों पर नए हमलों को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता हुई।


    अमेरिका-इजरायल को रोकना होगा

    ईरान द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र से इतर विश्व नेताओं के साथ संवाद करने के लिए ईरान की निरंतर तत्परता को दोहराया जिसमें तेहरान की शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों की पुष्टि और निगरानी के लिए वार्ताएं शामिल हैं। वार्ता के ब्योरे के अनुसार, ”राष्ट्रपति ने पश्चिमी एशिया के देशों से मिलकर एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिसका उद्देश्य विदेशी हस्तक्षेप के बिना क्षेत्रीय सहयोग के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है। ब्योरे के मुताबिक, ”उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में युद्ध और संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और इजरायल द्वारा आक्रामकता का तत्काल समापन आवश्यक है।”

    ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता का जिक्र करते हुए पेजेश्कियन ने समूह से ईरान के खिलाफ आक्रामकता रोकने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता की रक्षा करने में स्वतंत्र भूमिका निभाने का आह्वान किया। ईरान की ओर से जारी वार्ता के ब्योरे में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और फारस की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

    ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी थी और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम पर अपना दृष्टिकोण साझा किया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में उभर रही सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।

    अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने अपने पड़ोसी देशों और इजरायल को निशाना बनाया। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को भी नियंत्रित करता है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्ग है। इसके माध्यम से विश्व के 20 प्रतिशत ऊर्जा उत्पादों का परिवहन होता है। संघर्ष के बाद से, ईरान ने बहुत कम जहाजों को इससे गुजरने की अनुमति दी है। संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं से भी बात की है। इनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस और मलेशिया के नेता शामिल हैं।

  • Assam: CM हिमंत बिस्वा सरमा को गोली मारने की धमकी देने वाला गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला?

    Assam: CM हिमंत बिस्वा सरमा को गोली मारने की धमकी देने वाला गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला?


    ईटानगर।
    असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) को गोली मारने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के नाहरलागुन से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान डोलाहफुलबाड़ी गांव निवासी कृष्णा डोर्नाल (29) के रूप में हुई है, जिसे गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।

    ईटानगर राजधानी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक न्येलम नेगा ने बताया कि असम पुलिस ने सूचना दी थी कि आरोपी ने वॉट्सऐप के जरिए मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेजा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पूछताछ के दौरान डोर्नाल ने पुलिस को बताया कि उसने शराब की एक दुकान से पैसे का गबन किया था। जब दुकान मालिक ने उससे हिसाब मांगा, तो उसने असम के मुख्यमंत्री के आधिकारिक ईमेल पर पैसे की मांग करते हुए संदेश भेजा।


    इंटरनेट से हासिल किया नंबर

    पुलिस ने बताया कि जब उसे कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने इंटरनेट से एक वॉट्सऐप नंबर हासिल कर मुख्यमंत्री को धमकी भरा संदेश भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच के लिए आरोपी को असम पुलिस के हवाले कर दिया गया है। एसपी नेगा ने लोगों से संयम बरतने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह का दुरुपयोग या कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    नामांकन भर चुके हैं हिमंता

    गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा चुनाव के लिए जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। सरमा ने नामांकन के दौरान कहा कि जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उसी के सहारे वे आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने नामांकन से पहले खानापारा वेटरनरी मैदान से कामरूप (मेट्रो) के उपायुक्त कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली। इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते में समर्थकों का उत्साह देखने लायक था और जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने लोगों से समर्थन और आशीर्वाद की अपील भी की।

    सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में कहाकि जलुकबाड़ी की जनता उनके परिवार की तरह है और उनके आशीर्वाद से ही वह नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। उन्होंने अपनी मां के आशीर्वाद का जिक्र करते हुए कहा कि व्यस्तता के कारण भले ही वे उनके साथ अधिक समय नहीं बिता पाते, लेकिन उनकी मां का आशीर्वाद उन्हें लगातार असम की सेवा के लिए प्रेरित करता है। सरमा ने धार्मिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहाकि मां कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के आशीर्वाद से उन्होंने यह नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने इसे अपने जीवन की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्रा बताते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

  • वाशिंगटन एक्सामिनर का दावा- भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर बन सकता है एक समृद्ध राष्ट्र

    वाशिंगटन एक्सामिनर का दावा- भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर बन सकता है एक समृद्ध राष्ट्र


    नई दिल्ली।
    भारत (India) को दुनिया एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति (Emerging Economic Power) के रूप में देख रही है। 2047 में अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर देश एक समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। यह दावा वाशिंगटन एक्सामिनर की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दशक में भारत ने मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।

    2003 से अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था ने औसतन 7 फीसदी से अधिक वार्षिक वृद्धि दर हासिल की है। अगर यह आर्थिक गति अगले 20 साल तक बनी रहती है तो भारत उच्च-आय श्रेणी को पार कर सकता है। 2025 की कीमतों पर प्रति व्यक्ति जीडीपी 15,000 डॉलर के पार निकल सकती है। लगातार इस स्तर पर वृद्धि करने से भारत मध्य-आय के जाल यानी मध्य आय वर्ग से बाहर निकलने में सफल हो सकता है। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाएं इस जाल में उलझकर रह गई हैं।


    भारत की वृद्धि के प्रमुख कारण

    भारत की आर्थिक संभावनाओं को कई सकारात्मक बातों से समर्थन मिल रहा है। इसमें सरकार की प्रगतिशील नीतियां, जनसांख्यिकीय ताकत और बढ़ता हुआ तकनीकी आधार है। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। इसकी औसत आयु लगभग 28 साल है। यह अमेरिका और चीन के मुकाबले काफी कम है। आने वाले दशक में बड़ी संख्या में युवा श्रम बाजार में प्रवेश करेंगे। इससे उत्पादकता में वृद्धि होगी और उपभोक्ता मांग बढ़ेगी। यह जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति घरेलू बाजार को मजबूत करेगी और भारत को निर्यात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।


    बुनियादी ढांचे में निवेश

    भारत के नीति निर्माता उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सड़कें, हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचों में निवेश तेजी से हो रहा है। एक कुशल परिवहन नेटवर्क आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करेगा और घरेलू अर्थव्यवस्था के विस्तार में मदद करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव भी भारत के पक्ष में जा रहा है। अमेरिकी कंपनियां चीन से अपना कारोबार बाहर निकाल रही हैं। एपल जैसी बड़ी कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। इससे पूंजी और तकनीक के साथ विशेषज्ञता भारत में आ रही है। ये उत्पादकता और नवाचार को बढ़ा सकती है।


    भारत की डिजिटल ताकत

    भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा भी इसकी वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है। नागरिक पहचान प्रणालियां, मोबाइल भुगतान और ऑनलाइन सार्वजनिक सेवाएं लाखों लोगों को अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद कर रही हैं। यह डिजिटल दक्षता को बढ़ा रहा है। कर राजस्व में सुधार हो रहा है और छोटे व्यवसायों को फंडिंग मजबूत हो रही है।


    स्टार्टअप इकोसिस्टम से बड़े बदलाव

    भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम एक बड़ी ताकत है। ये नई टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में नए प्रयोगों को बढ़ावा दे रही है। ये विकास भारत को उच्च मूल्य वाली चीजों की ओर ले जा रहे हैं।

  • West-Bangal: SIR प्रक्रिया को गति देने के लिए 150 बाहरी जजों की तैनाती… लेकिन भाषा बनी बड़ी चुनौती

    West-Bangal: SIR प्रक्रिया को गति देने के लिए 150 बाहरी जजों की तैनाती… लेकिन भाषा बनी बड़ी चुनौती


    कोलकाता।
    प. बंगाल (West-Bangal) में एसआईआर प्रक्रिया (SIR Process) को रफ्तार देने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर दूसरे राज्यों से 150 से अधिक न्यायाधीशों की तैनाती की गई है। जमीनी स्तर पर इन बाहरी जजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है बांग्ला भाषा को समझना। कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) के पूर्व न्यायाधीशों को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा गया है। ये सभी दावों-आपत्तियों के निपटारे, दस्तावेजों के सत्यापन और अंतिम निर्णय की प्रक्रिया में लगे हैं।

    इतनी बड़ी न्यायिक तैनाती के बावजूद कामकाज में सबसे बड़ी अड़चन भाषा बन रही है। एसआईआर के तहत आने वाले अधिकांश फॉर्म, दस्तावेज व गवाहों के बयान बांग्ला में हैं, जिन्हें दूसरे राज्यों से आए न्यायिक अधिकारी सीधे तौर पर समझ नहीं पा रहे हैं। बाहरी राज्य से आए एक न्यायाधीश ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि रोज सैकड़ों फाइलें देखनी होती हैं, जो बांग्ला में हैं। ऐसे में हर केस को समझने के लिए अनुवाद पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, काम प्रभावित न हो, इसके लिए कई न्यायाधीशों को ट्रांसलेटर खुद रखने पड़ रहे हैं।


    फाइलें निपटाने में देरी संभव

    न्यायाधीशों के सामने भाषा की चुनौती का सीधा असर प्रक्रिया पर पड़ सकता है। बांग्ला न समझ पाने के कारण फाइलों के अनुवाद पर निर्भरता बढ़ रही है, जिससे मामलों के निपटारे में देरी संभव है। चुनाव आयोग के अनुसार, पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट सोमवार को जारी होगी। इसमें उन वोटरों के नाम शामिल होंगे, जिनके दावे सही पाए गए हैं। फिर अपील और ट्रिब्यूनल प्रक्रिया से अंतिम सूची तैयार होगी।


    एसआईआर की यह स्थिति

    कुल दावे-आपत्तियां : 60 लाख से अधिक, 27 लाख मामले अब तक निपटाए गए।
    हटाए गए नाम : करीब 63 लाख से ज्यादा, 30 लाख मामले पुनर्विचार/विचाराधीन…बड़े पैमाने पर जोड़-घटाव जारी है।

  • मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर

    मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे यहां परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में अस्प प्रवास पर रीवा पहुंचेंगे और यहां से हेलीकाप्टर द्वारा अपरान्ह 1.40 बजे मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) जिले के परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के लिए रवाना होंगे।

    मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे शक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे शक्तेशगढ़ से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे और 5:05 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां से विमान द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

  • Dhurandhar 2 OTT Release: थिएटर रिलीज के बाद जानिए OTT पर कब और कहां देखी जा सकती है धुरंधर 2?

    Dhurandhar 2 OTT Release: थिएटर रिलीज के बाद जानिए OTT पर कब और कहां देखी जा सकती है धुरंधर 2?


    नई दिल्ली। रणवीर सिंहकी फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है। फिल्म ने पेड प्रीव्यू के साथ सिर्फ 3 दिनों में 339 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। धुरंधर ने 102 करोड़ की ओपनिंग की थी। वहीं शनिवार की भी फिल्म ने 113 करोड़ की जबरदस्त कमाई की। अब आज पहले संडे के कलेक्शन का इंतजार हो रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि फिल्म 120 करोड़ पार करेगी। वहीं इस बीच ऐसी भी ऑडियंस है जो फिल्म की OTT रिलीज को लेकर एक्साइटेड है। धुरंधर 2 जून में जियो हॉटस्टार पर दस्तक दे सकती है।

    धुरंधर 2 इस दिन दे सकती है OTT पर दस्तक
    किसी भी फिल्म के लिए थिएटर रिलीज के बाद OTT प्लेटफार्म पर स्ट्रीम होने का समय 4 से 6 हफ्ते होता है। यानी इतने समय बाद फिल्म को OTT पर उतार दिया जाता है। लेकिन पिंकविला और इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक धुरंधर 2 को OTT पर रिलीज होने में 45 से 60 दिन लग सकते हैं। इसकी एक वजह धुरंधर 2 ला लंबे समय तक थिएटर पर टिके रहना भी है। अगर ऐसा होता है तो ये फिल्म मई के अंत या जून में जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम जो सकती है।

    धुरंधर की OTT रिलीज
    5 दिसंबर 2025 को आई फिल्म धुरंधर ने भी थिएटर पर धूम मचाई थी। इस फिल्म ने देश में 840 करोड़ की नेट कमाई की। वर्ल्डवाइड 1300 करोड़ ग्रॉस से अधिक बिजनेस किया था। फिल्म थिएटर पर आंधी लाने के 55 दिनों के अंदर नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई थी। ऐसे में धुरंधर 2 लेकर माना जा रहा है कि ये फिल्म जून की शुरुआत में OTT पर आ सकती है। खास बात ये है कि धुरंधर का दूसरा पार्ट नेटफ्लिक्स पर नहीं बल्कि महंगी डील के बाद जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा।

    धुरंधर 2 की अब तक की कमाई
    कमाई की बात करें तो धुरंधर 2 धूम मचा रही है। फिल्म ने पेड प्रीव्यू के दिन 43 करोड़ कमाए। ओपनिंग डे 102.55 करोड़, शुक्रवार को 80.72 और शनिवार को सबसे ज्यादा 113 करोड़। फिल्म अब तक कुल 339.27 कमा चुकी है। अब आज रविवार की कलेक्शन का इंतजार हो रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि आज रणवीर की फिल्म रिकॉर्ड तोड़ने वाली है। ट्रेड के मुताबिक पहले वीकेंड के बाद फिल्म 450 करोड़ पार कर लेगी। आने वाले समय में धुरंधर 2 का धमाका जारी रहने वाला है।

  • कुंभ राशि में चंद्र मंगल की युति से बनेगा महालक्ष्मी राजयोग, इन राशियों की चमक सकती है किस्मत

    कुंभ राशि में चंद्र मंगल की युति से बनेगा महालक्ष्मी राजयोग, इन राशियों की चमक सकती है किस्मत


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह समय समय पर अपनी स्थिति और चाल बदलते रहते हैं जिससे कई तरह के शुभ और अशुभ योग बनते हैं। इसी क्रम में कुंभ राशि में चंद्रमा और मंगल की युति बनने जा रही है जिससे महालक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है जो धन सुख सुविधा तरक्की और नए अवसरों का संकेत देता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जबकि मंगल ऊर्जा साहस और भूमि संपत्ति से जुड़ा ग्रह है। इन दोनों ग्रहों की युति व्यक्ति के जीवन में आर्थिक मजबूती और करियर में प्रगति के संकेत देती है। आइए जानते हैं किन राशियों पर इस राजयोग का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है

    मेष राशि

    मेष राशि के जातकों के लिए यह योग लाभकारी साबित हो सकता है। आय में वृद्धि के संकेत हैं और लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर और व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और किसी बड़े सौदे से लाभ होने की संभावना है।

    कर्क राशि

    कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक मजबूती लाने वाला हो सकता है। नौकरी और व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा और धन लाभ के योग बनेंगे। साथ ही बचत में बढ़ोतरी हो सकती है और परिवार से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। करियर में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपकी पहचान मजबूत होगी और सम्मान में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी मिल रहे हैं।

  • एमपी में 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, अब बढ़ेगी गर्मी, नया सिस्टम होगा सक्रिय

    एमपी में 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, अब बढ़ेगी गर्मी, नया सिस्टम होगा सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते 4 दिनों करीब 98 घंटे से सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण 45 जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। इनमें से 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अब यह सिस्टम आगे बढ़ चुका है और मौसम साफ होने के साथ तेज गर्मी बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक कहीं भी आंधी या बारिश की संभावना नहीं जताई है। हालांकि मार्च के आखिरी सप्ताह में एक नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम में फिर बदलाव हो सकता है।

    मौसम विभाग के मुताबिक 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाने की स्थिति बन सकती है। शनिवार को भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा और राजधानी भोपाल में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    तापमान की बात करें तो पचमढ़ी में सबसे कम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा और दतिया में 28.2 डिग्री, नौगांव और सतना में 28.3 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी में 28.6 डिग्री, दमोह और उमरिया में 29 डिग्री, श्योपुर में 29.4 डिग्री तथा मंडला और खजुराहो में 29.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 29.4 डिग्री, जबलपुर 29.5 डिग्री, इंदौर 30.6 डिग्री, ग्वालियर 28.4 डिग्री और उज्जैन 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    तेज आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है। केला, पपीता और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। धार और खरगोन समेत कई जिलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके चलते अब मुआवजे की मांग उठने लगी है।

    पिछले चार दिनों में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा और मंडला समेत कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई।

    वहीं अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, छतरपुर, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना और मंडला जिलों में ओले गिरे।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस साल अप्रैल और मई महीने सबसे अधिक गर्म रह सकते हैं। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।

  • साईं बाबा के प्रेरक उपदेश जीवन में शांति और संतुलन लाने का मार्ग

    साईं बाबा के प्रेरक उपदेश जीवन में शांति और संतुलन लाने का मार्ग

    नई दिल्ली: भारत के महान संत साईं बाबा की शिक्षाएं आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं उनके विचार केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही नहीं बल्कि एक संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन जीने का रास्ता भी दिखाते हैं उनके अनुसार जीवन का असली सार प्रेम करुणा सत्य और सेवा में छिपा है और यही गुण इंसान को एक बेहतर व्यक्ति बनाते हैं

    साईं बाबा का सबसे प्रसिद्ध संदेश है श्रद्धा और सबुरी जीवन में ये दो गुण व्यक्ति को हर परिस्थिति में मजबूत बनाए रखते हैं श्रद्धा का अर्थ है ईश्वर और स्वयं पर विश्वास रखना जबकि सबुरी का मतलब है धैर्य रखना और हर स्थिति का शांतिपूर्वक सामना करना बाबा कहते थे कि जो व्यक्ति इन दोनों को अपने जीवन में अपनाता है वह कभी निराश नहीं होता

    उनकी एक और महत्वपूर्ण सीख थी कि सबका मालिक एक है चाहे हम किसी भी धर्म या पंथ से जुड़े हों ईश्वर एक ही है और हर जगह उपस्थित है इस विचार के माध्यम से उन्होंने समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया उनका मानना था कि सच्ची भक्ति वही है जो बिना किसी स्वार्थ के की जाए और जो व्यक्ति सच्चे मन से ईश्वर को पुकारता है उसकी हर प्रार्थना अवश्य सुनी जाती है

    साईं बाबा ने दान और सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया उन्होंने कहा कि दान करने से कभी धन कम नहीं होता बल्कि यह और बढ़ता है यह विचार आज भी लोगों को जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रेरित करता है इसके साथ ही उन्होंने सत्य बोलने और दूसरों का सम्मान करने पर जोर दिया उनका मानना था कि हर व्यक्ति में ईश्वर का वास है इसलिए सभी के साथ समान और आदरपूर्ण व्यवहार करना चाहिए

    उनकी शिक्षाओं में प्रेम को सबसे बड़ा धर्म माना गया है साईं बाबा कहते थे कि प्रेम से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है और यही भावना समाज में शांति और सद्भाव को बढ़ाती है उन्होंने कर्म के सिद्धांत पर भी जोर दिया उनके अनुसार जैसा कर्म करेंगे वैसा ही फल मिलेगा इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए

    साईं बाबा ने ध्यान और भक्ति के माध्यम से आंतरिक शांति प्राप्त करने की शिक्षा दी उनका कहना था कि सच्ची शांति बाहर नहीं बल्कि हमारे अंदर होती है यदि मन शांत और स्थिर है तो जीवन की हर चुनौती को आसानी से पार किया जा सकता है

     साईं बाबा की शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी पहले थीं उनके विचार हमें सिखाते हैं कि यदि हम अपने जीवन में श्रद्धा सबुरी प्रेम और सेवा को अपनाएं तो न केवल हमारा जीवन बेहतर बन सकता है बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है

  • व्रत में कुछ नया ट्राई करें समा चावल अप्पे देंगे स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन

    व्रत में कुछ नया ट्राई करें समा चावल अप्पे देंगे स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन


    नई दिल्ली:
    चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर व्रत रखने वाले लोग ऐसे भोजन की तलाश में रहते हैं जो हल्का भी हो और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी दे ऐसे में समा चावल के अप्पे एक बेहतरीन और स्वादिष्ट विकल्प बनकर सामने आते हैं यह डिश न केवल बनाने में आसान है बल्कि पोषण से भी भरपूर है और पूरे दिन आपको एक्टिव बनाए रखने में मदद करती है

    सामा चावल जिसे वरई या मोरधन भी कहा जाता है व्रत के दौरान सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले अनाजों में शामिल है इसकी खासियत यह है कि यह जल्दी पचता है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखता है जब इसे दही मूंगफली और हल्के मसालों के साथ मिलाया जाता है तो यह एक संतुलित और हेल्दी स्नैक बन जाता है खास बात यह है कि अप्पे पैन में बनने के कारण इसमें बहुत कम तेल का इस्तेमाल होता है जिससे यह और भी हेल्दी हो जाता है

    इस स्वादिष्ट रेसिपी को बनाने के लिए सबसे पहले एक कप समा चावल को अच्छी तरह धोकर दो से तीन घंटे के लिए भिगो लें इसके बाद इसे पीसकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें अब इस पेस्ट में आधा कप दही मिलाएं और एक उबला हुआ मैश किया आलू डालें इसके साथ बारीक कटी हरी मिर्च कद्दूकस अदरक मूंगफली पाउडर सेंधा नमक जीरा और हरा धनिया डालकर सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स कर लें

    अब अप्पे पैन को मध्यम आंच पर गर्म करें और हर खांचे में थोड़ा सा घी या तेल डालें तैयार बैटर को इसमें डालें और धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं जब अप्पे एक तरफ से सुनहरे और कुरकुरे हो जाएं तो उन्हें पलटकर दूसरी तरफ भी अच्छी तरह सेक लें कुछ ही मिनटों में आपके गर्मागर्म क्रिस्पी अप्पे तैयार हो जाएंगे

    अगर आप इन्हें और ज्यादा कुरकुरा बनाना चाहते हैं तो बैटर में थोड़ा सा सिंघाड़े का आटा मिला सकते हैं स्वाद को और बढ़ाने के लिए ऊपर से हल्का नींबू रस डालें और कोशिश करें कि तेल का उपयोग कम से कम हो ताकि यह डिश पूरी तरह हेल्दी बनी रहे

    सामा चावल के अप्पे व्रत के दौरान एक परफेक्ट स्नैक हैं जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन प्रदान करते हैं यह न केवल आपकी भूख को शांत करते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषण और ऊर्जा भी देते हैं जिससे आप पूरे दिन तरोताजा और सक्रिय महसूस करते हैं