Blog

  • ट्रंप के वैश्विक युद्धों को रुकवाने के दावों की उनके ही मंत्री ने निकाली हवा…. भारत-पाक का भी किया जिक्र

    ट्रंप के वैश्विक युद्धों को रुकवाने के दावों की उनके ही मंत्री ने निकाली हवा…. भारत-पाक का भी किया जिक्र


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) द्वारा रोज वैश्विक युद्धों को रुकवाने के दावों की हवा उनके मंत्री ने ही निकाल दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (American External Affairs Minister Marco Rubio) ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है जिसकी खूब चर्चा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्च स्तरीय सत्र के दौरान रुबियो ने उसी वैश्विक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जिसे अमेरिका ने बनाया है और वर्षों से भारत जैसे देश बदलाव की मांग करते आए हैं। रुबियो ने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह निष्प्रभावी तक बता दिया। इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान का जिक्र भी किया।

    रुबियो ने अपने संबोधन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाएं अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी हैं और भारत-पाकिस्तान जैसे तनावों को सुलझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं। रुबियो ने कहा कि वैश्विक निकाय उन मामलों में उलझ गए हैं जो उनके अधिकार क्षेत्र में आते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय प्रणाली इसलिए नाकाम हो रही है क्योंकि यह अपने इरादे से आगे बढ़ चुकी है। यह दुनिया के किसी भी बड़े संघर्ष को सुलझाने में असमर्थ है।” उन्होंने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र में एकत्र हुए कई वैश्विक नेताओं के बीच भी इस बात पर सहमति है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय प्रणाली प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही है।


    भारत-पाकिस्तान का जिक्र

    रुबियो ने आगे कहा कि अगर सही मायने में काम करने वाली एक वैश्विक व्यवस्था मौजूद होती, तो वह अलग अलग देशों के बीच बढ़ते तनाव को समय रहते टाला जा सकता था। उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा होता अगर हमारे पास एक बेहतर करने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रणाली होती जो थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हुए युद्ध या भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष से निपट सकती… लेकिन अभी हमारे पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो इसका समाधान कर सके।”

    हालांकि रुबियो ने अपनी बातों पर तुरंत सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय प्रणाली पर हमला नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन बातों के जरिए वे इसे अपने शुरुआती लक्ष्यों और सही भूमिका में वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।


    ट्रंप के दावों की सच्चाई

    अब रुबियो के इस बयान के बाद ट्रंप के दावों की सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। बता दें कि बीते साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच बनी जंग जैसी स्थिति के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर करवाने का दावा किया था। उन्होंने कई बार अपने दावे को दोहराया। हालांकि भारत ने बार बार स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने के बाद दोनों देशों के बीच DGMO स्तर पर हुई वार्ता के बाद ही सीजफायर पर सहमति बनी थी।

  • आखिरी 500 मीटर में बदला पूरा मुकाबला सतनाम-सलमान ने ऐसे जीता रोइंग में ब्रॉन्ज मेडल

    आखिरी 500 मीटर में बदला पूरा मुकाबला सतनाम-सलमान ने ऐसे जीता रोइंग में ब्रॉन्ज मेडल


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। नागोया में गुरुवार को रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स मुकाबले में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6 मिनट 13.25 सेकेंड का समय दर्ज किया। मुकाबले में दोनों रोअर्स ने शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया और लंबे समय तक पदक की मजबूत स्थिति में बने रहे।

    सतनाम सिंह और सलमान खान 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर चल रहे थे। हालांकि आखिरी 500 मीटर में उनकी रफ्तार थोड़ी कम हुई और भारतीय जोड़ी तीसरे स्थान पर पहुंच गई। इसके बावजूद दोनों ने अपनी स्थिति बरकरार रखी और भारत के खाते में एक और पदक जोड़ दिया। चीन की यी शुडी और यीदे नी की जोड़ी ने 6 मिनट 9.37 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। उज्बेकिस्तान की पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव की जोड़ी ने 6 मिनट 10.49 सेकेंड के समय के साथ सिल्वर हासिल किया।

    इस पदक के साथ सतनाम सिंह ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार रोइंग में मेडल जीता है। इससे पहले उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में पुरुषों के क्वाड्रपल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। अब डबल स्कल्स में सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी ने भारत को एक और पदक दिलाया है।

    उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले सलमान खान का रोइंग करियर साल 2018 में शुरू हुआ। वह भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप में शामिल हुए थे। उनके कोचों ने उनकी क्षमता को पहचाना और उन्हें रोइंग टीम का हिस्सा बनाया। शुरुआती दौर में उन्होंने बटालियन और इंटर सेंटर प्रतियोगिताओं में पदक जीते। एक समय ऐसा भी आया जब सलमान ने खेल छोड़ने के बारे में सोचा लेकिन कोचों के भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बाद में उन्हें आर्मी रोइंग नोड में प्रशिक्षण का मौका मिला।

    साल 2023 में सलमान को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम में शामिल किया गया। 2024 एशियन रोइंग कप में गोल्ड जीतने के बाद उन्हें भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर प्रमोशन मिला।

    वहीं पंजाब के मानसा जिले के पट्टा मालुका गांव के सतनाम सिंह ने रोइंग से पहले नेशनल लेवल पर हैंडबॉल खेला था। 2018 में ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क की सलाह पर उन्होंने रोइंग को अपनाया। इसके बाद उन्होंने तेजी से पहचान बनाई। सतनाम 2018 यूथ ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में भी खिताब जीत चुके हैं।

    इस मुकाबले में भारत को एक और पदक की उम्मीद थी। पुरुषों के सिंगल स्कल्स फाइनल में बलराज पंवार 6 मिनट 54.80 सेकेंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। वह 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थे लेकिन अंतिम 500 मीटर में पीछे हो गए। इसके बावजूद सतनाम और सलमान की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रोइंग में भारत को ब्रॉन्ज दिलाकर देश का गौरव बढ़ाया।

  • राम मंदिर केस: आरोप पत्र में जमीन से लेकर गाड़ियों तक… दान के पैसों से करोड़ों की संपत्तियां बनाने का जिक्र

    राम मंदिर केस: आरोप पत्र में जमीन से लेकर गाड़ियों तक… दान के पैसों से करोड़ों की संपत्तियां बनाने का जिक्र


    अयोध्या।
    अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Mandir) चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपियों पर शिकंजा कस गया है। पुलिस की तरफ से बुधवार को अदालत में दाखिल किए गए आरोप पत्र के अनुसार दान चोरी (Theft Donation) से करोड़ों की संपत्तियां बनाई गईं। जमीन और गाड़ियां खरीदी गईं। आरोपियों के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 25 जून 2026 को थाना राम जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) में मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना के दौरान आरोपियों के बैंक खातों और अन्य वित्तीय गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया गया। पुलिस ने अपनी 74 हजार पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट में ब्योरा जुटाकर उसे चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार विवेचना में आरोपियों के खातों में बड़ी मात्रा में हुए नकद लेनदेन के साथ जमीन, मकान, वाहन और अन्य मूल्यवान संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। पुलिस ने इन संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन का क्रमवार विश्लेषण करते हुए चार्जशीट में उनका उल्लेख किया है। आरोप लगाया कि अभियुक्तों ने स्वयं और अपने सगे संबंधियों के माध्यम से करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति चढ़ावा चोरी से बनाई हैं।


    आरोप पत्र में दस्तावेजों के साथ गवाहों के बयान

    पुलिस ने अपने आरोप पत्र में इसे साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज व गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, विवेचना के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे आरोपियों पर चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप बनता है। इसमें जमीन और मकान के अलावा कई वाहन तथा अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल हैं।


    सरकारी दस्तावेजों से पुष्टि का भी दावा

    पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेनदेन, संपत्ति की खरीद और अन्य आर्थिक गतिविधियों के बीच संबंधों की भी पड़ताल की है। जांच में सामने आए दस्तावेजों और वित्तीय विवरणों को साक्ष्य के रूप में चार्जशीट में शामिल किया गया है। पुलिस ने अयोध्या समेत एक दर्जन जिलों के सरकारी दस्तावेजों व मशीनरी से इसकी बकायदा पुष्टि कराते हुए आरोप लगाए हैं।


    चार्जशीट में संपत्तियों का क्रमवार विवरण

    विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों की ओर से अर्जित बताई जा रही चल और अचल संपत्तियों का अलग-अलग ब्योरा तैयार किया। इसमें संपत्ति की प्रकृति, खरीद से जुड़े दस्तावेज और उपलब्ध वित्तीय लेनदेन का विवरण शामिल किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि इन तथ्यों के आधार पर चढ़ावा चोरी से अर्जित रकम और उससे बनाई गई संपत्तियों के बीच कड़ियों की जांच की गई है। अदालत में चार्जशीट पर होने वाली सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए वित्तीय दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।


    ये आठ हैं आरोपी

    राममंदिर दान चोरी के मामले में 25 जून 2026 को थाना रामजन्मभूमि में एफआईआर दर्ज करने के बाद अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव व रामशंकर यादव टिन्नू को गिरफ्तार कर आरोपी बनाया गया था। इन पर बीएनएस की धारा 305, 306, 3016 (5), 317(4), 317 (5) 61, 3 (5) के साथ भ्रष्टचार निवारण अधिनियम 13 (1) ए लगाए गए थे। यह सभी धाराएं चोरी और चोरी के माल से अवैध कार्यों को करने से संबंधित हैं।

    चार्जशीट में आरोपियों से हटाई गयी धाराएं
    चार्जशीट में बीएनएस की धारा 305 व 306 सभी आठों आरोपियों से हटा दी गई है। सुभाष के ऊपर लगी धारा 317 (2) को भी हटा दिया गया है। आरोपियों पर लगी धाराएं परिवर्तित होने के बाद अब फिर से आरोपियों के पास जमानत पत्र दूसरे तरीके से दाखिल करने का अवसर होगा। वहीं जानकारों के मुताबिक इसका लाभ आरोपी पक्ष को मिल सकता है।

  • 2027 वर्ल्ड कप के लिए अभी से तैयारी में जुटी टीम इंडिया गंभीर ने बताया रोहित-विराट और हार्दिक-बुमराह का महत्व

    2027 वर्ल्ड कप के लिए अभी से तैयारी में जुटी टीम इंडिया गंभीर ने बताया रोहित-विराट और हार्दिक-बुमराह का महत्व


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज की तैयारियों में जुटी है लेकिन टीम की नजरें सिर्फ मौजूदा मुकाबलों पर नहीं हैं। भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपनी रणनीति पर खुलकर बात की है। गंभीर के बयान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा और विराट कोहली की भूमिका को लेकर हो रही है। दोनों दिग्गजों ने टेस्ट और टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन वनडे फॉर्मेट में अभी भी टीम का हिस्सा हैं।

    गौतम गंभीर ने कप्तान शुभमन गिल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वनडे क्रिकेट में गिल बेहद भाग्यशाली हैं क्योंकि उन्हें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का साथ मिल रहा है। गंभीर के मुताबिक रोहित और विराट सिर्फ मैदान पर ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी गिल की मदद कर सकते हैं। ऐसे में युवा कप्तान को इन दोनों दिग्गजों के अनुभव से काफी कुछ सीखने का मौका मिल रहा है।

    गंभीर ने गिल के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कम उम्र में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद गिल ने मैदान पर शांत स्वभाव दिखाया है। वह टीम के हित में फैसले लेने से पीछे नहीं हटते और उनका रवैया निस्वार्थ रहा है। कोच के बयान से साफ है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट गिल की कप्तानी को भविष्य की बड़ी योजनाओं के लिहाज से देख रहा है।

    हालांकि 2027 वर्ल्ड कप को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि उस समय रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम में होंगे या नहीं। गंभीर ने इस सवाल पर सीधे तौर पर कोई अंतिम फैसला नहीं बताया लेकिन वनडे टीम में दोनों की मौजूदगी और गिल को मिल रहे उनके अनुभव को अहम बताया है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल टीम मैनेजमेंट वनडे फॉर्मेट में उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ आगे की तैयारी पर ध्यान दे रहा है।

    गंभीर ने 2027 वर्ल्ड कप की योजना में हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह को भी बेहद अहम बताया। उन्होंने हार्दिक को ऐसा ऑलराउंडर बताया जिसकी उपयोगिता किसी भी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। हार्दिक जरूरत पड़ने पर गेंद से पूरे दस ओवर का योगदान दे सकते हैं और नंबर छह या सात पर बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

    जसप्रीत बुमराह को लेकर भी टीम मैनेजमेंट की योजना महत्वपूर्ण दिखाई देती है। गंभीर ने संकेत दिया कि बड़े टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खेलने की जरूरत है। वर्कलोड मैनेजमेंट जरूरी है लेकिन लगातार क्रिकेट से दूरी भी खिलाड़ियों की लय को प्रभावित कर सकती है। इसलिए वर्ल्ड कप से पहले सही मात्रा में गेम टाइम देना भारतीय टीम की योजना का अहम हिस्सा होगा।

    2027 वनडे वर्ल्ड कप अभी दूर है लेकिन भारतीय टीम ने इसकी तैयारी को लेकर अपनी दिशा तय करनी शुरू कर दी है। रोहित और विराट का अनुभव गिल की कप्तानी के लिए कितना महत्वपूर्ण रहेगा और आने वाले समय में दोनों दिग्गज वर्ल्ड कप तक टीम का हिस्सा बने रहेंगे या नहीं यह आने वाले मुकाबलों और चयन संबंधी फैसलों के साथ स्पष्ट होगा। फिलहाल गंभीर का बयान भारतीय क्रिकेट के भविष्य और 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों को लेकर चर्चा जरूर तेज कर चुका है।

  • महिलाओं के लिए खास है आने वाला समय करवा चौथ अहोई अष्टमी जितिया और छठ पूजा की जानिए पूरी जानकारी

    महिलाओं के लिए खास है आने वाला समय करवा चौथ अहोई अष्टमी जितिया और छठ पूजा की जानिए पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही हिंदू पंचांग में व्रत और त्योहारों की लंबी श्रृंखला भी शुरू हो जाती है। खासकर महिलाओं के लिए आने वाले दिन काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि इस दौरान कई प्रमुख व्रत और उपवास पड़ते हैं। करवा चौथ से लेकर अहोई अष्टमी और जितिया के बाद छठ पूजा तक कई ऐसे अवसर आने वाले हैं जिनका धार्मिक और महत्व माना जाता है। दशहरा दिवाली धनतेरस और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार भी इसी दौरान पड़ेंगे।

    सबसे पहले करवा चौथ का व्रत आएगा। विवाहित महिलाएं इस दिन पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार कई महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला उपवास करती हैं। शाम के समय करवा चौथ की पूजा की जाती है और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है। करवा चौथ को लेकर देश के अलग अलग हिस्सों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा की विधि में अंतर भी देखने को मिलता है।

    इसके बाद अहोई अष्टमी का व्रत आता है। यह व्रत खास तौर पर संतान की सुख समृद्धि और लंबी आयु की कामना से जुड़ा माना जाता है। माताएं इस दिन उपवास रखकर अहोई माता की पूजा करती हैं। कई स्थानों पर तारों को देखकर व्रत खोलने की परंपरा है। अहोई अष्टमी के दिन महिलाएं परिवार की सुख शांति और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं।

    महिलाओं के प्रमुख व्रतों में जीवित्पुत्रिका यानी जितिया व्रत का भी विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से संतान की लंबी आयु और उनकी सुरक्षा की कामना के लिए रखा जाता है। कई क्षेत्रों में महिलाएं इस दिन कठिन उपवास करती हैं। खासकर बिहार झारखंड पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में जितिया व्रत को लेकर विशेष धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं हैं।

    इसके बाद छठ पूजा का पर्व आता है जो केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है लेकिन इसमें महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। छठ व्रत में सूर्य देव और छठी मैया की उपासना की जाती है। व्रती महिलाएं और पुरुष दोनों ही कठोर नियमों का पालन करते हैं। इस दौरान डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। छठ पूजा खास तौर पर बिहार झारखंड पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश के कई अन्य हिस्सों में बड़े स्तर पर मनाई जाती है।

    इन व्रतों के बीच दशहरा धनतेरस दिवाली और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार भी आएंगे। ऐसे में आने वाले सप्ताह धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बाजारों में भी त्योहारों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और घरों में पूजा पाठ के साथ खरीदारी का सिलसिला बढ़ जाता है।

    करवा चौथ अहोई अष्टमी जितिया और छठ पूजा जैसे व्रत भारतीय परंपराओं में परिवार संतान और सुख समृद्धि से जुड़ी मान्यताओं को दर्शाते हैं। अलग अलग क्षेत्रों में इनके नियम और पूजा विधियां अलग हो सकती हैं इसलिए व्रत रखने से पहले स्थानीय पंचांग या परंपरा के अनुसार तिथि और पूजा समय की जानकारी देखना उचित रहता है।

  • 24 सितंबर को शेयर बाजार में बड़ा हलचल वाला दिन NSE की लिस्टिंग पर रहेगी निवेशकों की नजर

    24 सितंबर को शेयर बाजार में बड़ा हलचल वाला दिन NSE की लिस्टिंग पर रहेगी निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली । 24 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार के लिए कारोबारी लिहाज से महत्वपूर्ण दिन रहने वाला है। इस दिन बाजार में सामान्य कारोबार के साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के शेयरों की लिस्टिंग भी होने जा रही है। NSE का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी चर्चा में रहा और अब इसकी लिस्टिंग पर बाजार की नजर बनी हुई है। आईपीओ को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था जबकि योग्य संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 12.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

    NSE के शेयर 24 सितंबर को BSE पर कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे। इसके अलावा NSE के शेयर Metropolitan Stock Exchange of India पर भी कारोबार के लिए उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई है। NSE की लिस्टिंग ऐसे समय हो रही है जब भारतीय शेयर बाजार हाल के सत्रों में उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है।

    बुधवार 23 सितंबर के कारोबार के दौरान भी बाजार की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर रही। इससे एक दिन पहले 22 सितंबर को Sensex करीब 0.44 प्रतिशत गिरकर 74529.08 के स्तर पर बंद हुआ था। इस दौरान Reliance Industries समेत कुछ बड़े शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

    वहीं 21 सितंबर को भारतीय बाजार में हाल की लगातार गिरावट के बाद खरीदारी देखने को मिली थी। उस दिन Nifty 50 करीब 0.29 प्रतिशत बढ़कर 23414.30 पर जबकि Sensex 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74858.99 पर बंद हुआ था। बाजार में इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर भी निवेशकों की नजर बनी रही।

    24 सितंबर के कारोबार में NSE की लिस्टिंग सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले घटनाक्रमों में शामिल हो सकती है। NSE के आईपीओ का इश्यू साइज करीब 22568.94 करोड़ रुपए था और यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानी OFS था। इसका मतलब है कि आईपीओ के जरिए कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों ने अपने शेयर बिक्री के लिए पेश किए थे।

    लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में NSE के शेयरों को लेकर प्रीमियम की चर्चा भी रही है। हालांकि ग्रे मार्केट के संकेत आधिकारिक लिस्टिंग कीमत या शेयर के भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होते। इसलिए निवेशकों के लिए वास्तविक बाजार भाव और कारोबार शुरू होने के बाद सामने आने वाली स्थिति ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।

    इसके अलावा भारतीय बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक बाजारों की चाल कच्चे तेल की कीमतें विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बॉन्ड यील्ड और प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी या बिकवाली जैसे कारक भी अहम रहेंगे। हाल के सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत बने हुए हैं।

    ऐसे में 24 सितंबर का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए कई कारणों से महत्वपूर्ण रहेगा। एक तरफ Sensex और Nifty के रुख पर नजर होगी तो दूसरी तरफ NSE के शेयर बाजार में अपनी पहली कीमत पर कारोबार शुरू करेंगे। निवेशकों को किसी भी शेयर में निर्णय लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति बाजार की परिस्थितियों और अपने जोखिम स्तर को ध्यान में रखना चाहिए। बाजार में तेजी या गिरावट की कोई भी संभावना निश्चित नहीं मानी जा सकती।

  • अमिताभ बच्चन की संपत्ति ने लगाई लंबी छलांग शाहरुख के बाद बने मनोरंजन जगत के दूसरे सबसे अमीर सितारे

    अमिताभ बच्चन की संपत्ति ने लगाई लंबी छलांग शाहरुख के बाद बने मनोरंजन जगत के दूसरे सबसे अमीर सितारे


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन 83 साल की उम्र में भी लगातार काम कर रहे हैं और अब उनकी संपत्ति को लेकर सामने आई जानकारी ने सबका ध्यान खींचा है। साल 2026 की हुरुन इंडिया रिच लिस्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन की कुल संपत्ति करीब 4000 करोड़ रुपए आंकी गई है। खास बात यह है कि पिछले साल उनकी संपत्ति करीब 1630 करोड़ रुपए बताई गई थी। इस हिसाब से एक साल में उनकी नेटवर्थ में करीब 145 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।

    इस बढ़ोतरी के साथ अमिताभ बच्चन मनोरंजन जगत के सबसे अमीर सितारों की सूची में शाहरुख खान के बाद दूसरे स्थान पर बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख खान की कुल संपत्ति करीब 10000 करोड़ रुपए है। वहीं अमिताभ बच्चन करीब 4000 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ उनके बाद हैं। इसके बाद सलमान खान की संपत्ति करीब 3000 करोड़ रुपए और ऋतिक रोशन की संपत्ति करीब 2500 करोड़ रुपए बताई गई है।

    अमिताभ बच्चन की कमाई का दायरा सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कई दशकों तक बॉलीवुड में काम करने के साथ टेलीविजन और विज्ञापन की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उनकी कमाई के प्रमुख स्रोतों में फिल्में टीवी शो विज्ञापन निवेश और रियल एस्टेट शामिल हैं। अलग अलग माध्यमों से होने वाली आय और संपत्तियों की बढ़ती कीमतों को उनकी कुल संपत्ति में वृद्धि की वजहों में गिना जा रहा है।

    अमिताभ बच्चन ने समय के साथ कई कंपनियों और नए कारोबार से जुड़े उपक्रमों में निवेश भी किया है। टेक स्टार्टअप और कंज्यूमर ब्रांड्स में उनके निवेश की चर्चा होती रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इन निवेशों से उन्हें अच्छा रिटर्न मिलने की बात कही गई है। हालांकि किसी व्यक्ति की कुल संपत्ति का अनुमान लगाने वाली ऐसी रिपोर्ट में संपत्तियों और निवेश के मूल्यांकन के तरीके अलग हो सकते हैं।

    रियल एस्टेट भी अमिताभ बच्चन की संपत्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। मुंबई समेत कई जगहों पर उनके पास प्रॉपर्टी होने की जानकारी सामने आती रही है। इनमें निजी आवास के साथ कमर्शियल प्रॉपर्टी भी शामिल हैं। समय के साथ रियल एस्टेट की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर भी उनकी अनुमानित नेटवर्थ पर पड़ सकता है।

    टेलीविजन का लोकप्रिय शो कौन बनेगा करोड़पति भी अमिताभ बच्चन की कमाई का बड़ा माध्यम रहा है। वह लंबे समय से इस शो की मेजबानी कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें फीस मिलती है। इसके अलावा कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में भी वह नजर आते हैं। फिल्मों के साथ टीवी और विज्ञापन ने उनकी कमाई के स्रोतों को लगातार मजबूत बनाए रखा है।

    83 साल की उम्र में भी अमिताभ बच्चन काम के मोर्चे पर सक्रिय हैं। उनकी आने वाली फिल्मों में कल्कि 2898 एडी पार्ट 2 का नाम शामिल है जिसमें वह अश्वत्थामा के किरदार में नजर आने की चर्चा है। इसके अलावा सेक्शन 84 द इंटर्न और आंखें 2 जैसे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी उनका नाम चर्चा में रहा है।

    इस तरह अमिताभ बच्चन की अनुमानित नेटवर्थ में एक साल के भीतर आया बड़ा उछाल उनके लंबे फिल्मी करियर के साथ निवेश रियल एस्टेट टीवी और विज्ञापन से जुड़े आय के अलग अलग माध्यमों की ओर भी ध्यान खींचता है।

  • रोशिबिना देवी ने फिर बढ़ाया भारत का मान गोल्ड का सपना टूटा लेकिन लगातार तीसरे एशियन गेम्स में जीता मेडल

    रोशिबिना देवी ने फिर बढ़ाया भारत का मान गोल्ड का सपना टूटा लेकिन लगातार तीसरे एशियन गेम्स में जीता मेडल


    नई दिल्ली। भारत की स्टार वुशू खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नागोया में आयोजित प्रतियोगिता के महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग के फाइनल में रोशिबिना का सामना चीन की झांग शियाओयू से हुआ। खिताबी मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। झांग ने दोनों राउंड में 5-0 की बढ़त बनाकर मुकाबला कुल 10-0 से अपने नाम किया और गोल्ड मेडल जीता।

    रोशिबिना फाइनल में गोल्ड से जरूर चूक गईं लेकिन उनका एशियन गेम्स में पदक जीतने का सिलसिला लगातार तीसरी बार जारी रहा। वह 2018 के जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। इसके बाद 2023 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। अब 2026 में भी सिल्वर जीतकर उन्होंने एशियन गेम्स में लगातार तीन संस्करणों में पदक जीतने की उपलब्धि हासिल कर ली है।

    रोशिबिना देवी एशियन गेम्स में वुशू के लगातार तीन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उनके लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि तीनों पदक महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में ही आए हैं। 2018 में ब्रॉन्ज के बाद 2023 और 2026 में सिल्वर जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी निरंतरता दिखाई है।

    इस बार फाइनल मुकाबले में चीन की झांग शियाओयू ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले राउंड में झांग ने 5-0 से जीत दर्ज की और दूसरे राउंड में भी यही स्कोर दोहराया। इस तरह मुकाबला 10-0 के स्कोर पर समाप्त हुआ। रोशिबिना को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

    मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई गांव से आने वाली रोशिबिना देवी किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह इम्फाल स्थित SAI NCOE में प्रशिक्षण लेती हैं। महिला 60 किलोग्राम सांडा वर्ग में वह कोच मैबाम प्रेमकुमार सिंह की निगरानी में तैयारी करती हैं। शुरुआती दौर से ही वुशू में उनकी रुचि रही और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।

    रोशिबिना ने 2019 साउथ एशियन गेम्स में सांडा 60 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा 2017 एशियन जूनियर वुशू चैंपियनशिप में भी उन्होंने गोल्ड हासिल किया था। 2016 वर्ल्ड जूनियर वुशू चैंपियनशिप में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 2023 मॉस्को वुशू स्टार चैंपियनशिप में भी उनके नाम गोल्ड रहा।

    उनकी उपलब्धियों को देखते हुए 2023 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी वर्ष इंटरनेशनल वुशू फेडरेशन ने उन्हें Female Wushu Athlete of the Year Sanda का सम्मान भी दिया था। एशियन गेम्स 2026 का सिल्वर उनके पदकों की सूची में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है।

    गोल्ड मेडल मुकाबले में 10-0 की हार के बावजूद रोशिबिना का एशियन गेम्स रिकॉर्ड खास बन गया है। 2018 से शुरू हुआ उनका पदक सफर 2023 और फिर 2026 में भी जारी रहा। लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली भारतीय महिला वुशू खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

  • विसर्जन जुलूस में DJ बना विवाद की वजह दतिया में पहले चाचा-भतीजे को पीटा फिर पैरों में मारी गोली

    विसर्जन जुलूस में DJ बना विवाद की वजह दतिया में पहले चाचा-भतीजे को पीटा फिर पैरों में मारी गोली


    दतिया । दतिया के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के मैथाना पाली गांव में गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद के बाद फायरिंग की घटना सामने आई है। बुधवार शाम गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों और गांव के दो लोगों के बीच DJ बजाने को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद फायरिंग होने की बात सामने आई जिसमें चाचा और भतीजे के पैर में गोली लगी।

    घटना में घायल चाचा भतीजे की पहचान अजय यादव उम्र 28 वर्ष और उनके चाचा वकील यादव उम्र 43 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों को पहले इंदरगढ़ अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दतिया जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालत और बेहतर इलाज की जरूरत को देखते हुए दोनों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।

    परिजनों के मुताबिक अजय यादव और वकील यादव गांव से नदी की ओर भैंस चराने गए थे। इसी दौरान चौकपुरा गांव के लोग गणेश प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए नदी की ओर जा रहे थे। जुलूस में DJ बजाया जा रहा था। बताया गया है कि भैंस लेकर वापस घर की ओर लौट रहे चाचा भतीजे ने DJ बजाने से मना किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।

    कहासुनी के बाद विवाद ने तेजी से गंभीर रूप ले लिया। घायल पक्ष के परिजनों का आरोप है कि पहले चाचा भतीजे के साथ लाठी डंडों से मारपीट की गई और इसके बाद फायरिंग कर दी गई। परिजनों ने मानवेंद्र उर्फ छुट्टी रोहित गजराज यादव श्रीकांत यादव हाकिम यादव ऋषभ यादव और रघुराज यादव समेत अन्य लोगों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि इन्हीं लोगों की ओर से गोली चलाई गई।

    ग्रामीणों के अनुसार चौकपुरा के लोगों ने गांव के खेरा पति मंदिर के पास गणेश प्रतिमा स्थापित की थी। बुधवार को प्रतिमा को विसर्जन के लिए नदी की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मैथाना पाली गांव के पास विवाद हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

    इस विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। हाकिम सिंह उम्र 50 वर्ष गजराज सिंह यादव उम्र 52 वर्ष और पंजाब सिंह यादव के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा तीन से चार अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी है। सभी घायलों का इलाज इंदरगढ़ अस्पताल में कराया जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही इंदरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी गौरव शर्मा के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई है और दोनों पक्षों से जुड़े लोगों तथा घायलों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस फायरिंग की परिस्थितियों और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।

    फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस तरह बढ़ा और फायरिंग की घटना किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस घायलों के उपचार के साथ मामले से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।

  • साफ पानी की योजना में सेंसरों का खेल, ब्रांडेड स्टीकर के नीचे निकला लोकल माल जांच में सामने आई चौंकाने वाली गड़बड़ी

    साफ पानी की योजना में सेंसरों का खेल, ब्रांडेड स्टीकर के नीचे निकला लोकल माल जांच में सामने आई चौंकाने वाली गड़बड़ी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में लोगों तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए चलाई जा रही अमृत 2.0 योजना के तहत बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स में उपकरणों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कई जलप्रदाय प्रोजेक्ट्स में SCADA सिस्टम के लिए अप्रूव्ड ब्रांड के उपकरणों की जगह दूसरे और कथित तौर पर लोकल उपकरण लगाए गए। कुछ उपकरणों पर नामी कंपनियों के स्टीकर भी चिपके मिले। एक मामले में सेंसर से स्टीकर हटाने पर उसके नीचे दूसरी कंपनी का नाम दिखाई दिया।

    अमृत 2.0 के तहत प्रदेश में 622 जलप्रदाय प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। इनमें 416 प्रोजेक्ट के टेंडर वर्ष 2025 में जारी हुए थे। किसी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कुल लागत का करीब 5 प्रतिशत हिस्सा SCADA सिस्टम पर खर्च किया जाता है। प्लांट की क्षमता के हिसाब से इसकी लागत लगभग 50 से 80 लाख रुपए तक हो सकती है। SCADA सिस्टम पानी की गुणवत्ता और सप्लाई से जुड़े कई मानकों की निगरानी करता है इसलिए इसमें इस्तेमाल होने वाले सेंसर और नियंत्रण उपकरणों की गुणवत्ता महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    रिपोर्ट के मुताबिक सात जिलों के दस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मौके पर जांच की गई। इनमें तीन जगह उपकरणों और उनकी ब्रांडिंग को लेकर गड़बड़ी सामने आई। एक प्लांट में Siemens के स्थान पर Holisys का PLC लगा मिला जबकि फ्लो मीटर वॉल्व पर अपेक्षित SBEM ब्रांड नहीं था। दूसरे प्लांट में भी Siemens की जगह Holisys का PLC और SBEM की जगह दूसरी कंपनी का प्रेशर ट्रांसमीटर मिला।

    सबसे ज्यादा सवाल उस प्लांट में उठे जहां प्रेशर ट्रांसमीटर पर SBEM का स्टीकर लगा था। रिपोर्टर ने जब स्टीकर हटाया तो उसके नीचे ATC कंपनी का नाम दिखाई दिया। इसी प्लांट में PLC और pH तथा क्लोरीन सेंसर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने का दावा किया गया है। इससे उपकरणों की वास्तविक कंपनी और उनकी स्वीकृति को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

    मामले को लेकर SBEM से भी संपर्क किया गया। शहडोल की वीरानी इंजीनियरिंग ने प्लांट में लगे सेंसरों की तस्वीर और जानकारी QAP में अप्रूव्ड कंपनी SBEM को भेजी थी। जवाब में कंपनी ने लिखित रूप से कहा कि उसने इस प्रोजेक्ट के लिए कोई उपकरण या तकनीक सप्लाई नहीं की है। इसके बाद प्लांट में SBEM के नाम से लगाए गए स्टीकर की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठने लगे।

    वहीं संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों ने कहा कि प्रोजेक्ट अभी पूरा नहीं हुआ है और PDMC की निगरानी में काम चल रहा है। उनका कहना है कि किसी अमानक उपकरण को अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया गया है। एक ठेकेदार ने बताया कि SCADA का काम Orbit Engineering Solutions को दिया गया था।

    Orbit Engineering Solutions के मालिक विजय कुमार तिवारी ने कहा कि अप्रूव्ड कंपनियों से उपकरणों की सप्लाई में देरी हो रही थी इसलिए समय पर काम पूरा करने के लिए दूसरी कंपनियों के उपकरण लगाए गए। उन्होंने इन उपकरणों की गुणवत्ता को अच्छा बताया। हालांकि अप्रूव्ड ब्रांड की जगह दूसरे उपकरण लगाने के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

    इस पूरे मामले ने अमृत 2.0 योजना के तहत बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स में निगरानी और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में मानकों के विपरीत उपकरण लगाने की पुष्टि होती है तो यह न केवल सरकारी धन के इस्तेमाल से जुड़ा मामला होगा बल्कि पानी की गुणवत्ता और लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाएगा।