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  • रणबीर कपूर की रामायण ने रिलीज से पहले जीता बड़ा मुकाबला 75 करोड़ की म्यूजिक डील से बनाया नया कीर्तिमान

    रणबीर कपूर की रामायण ने रिलीज से पहले जीता बड़ा मुकाबला 75 करोड़ की म्यूजिक डील से बनाया नया कीर्तिमान


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में शामिल रामायण अपनी रिलीज से पहले ही लगातार नए रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही है। करीब 4000 करोड़ रुपये के संयुक्त बजट में तैयार हो रही इस मेगा प्रोजेक्ट ने अब म्यूजिक राइट्स के मामले में भी इतिहास रच दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के म्यूजिक राइट्स टी सीरीज ने 75 करोड़ रुपये में खरीद लिए हैं। हालांकि इस डील की आधिकारिक पुष्टि अभी फिल्म के निर्माताओं की ओर से नहीं की गई है लेकिन इंडस्ट्री में इसे हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी म्यूजिक डील में से एक माना जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि इस डील के लिए टी सीरीज और सोनी म्यूजिक के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनी म्यूजिक ने 70 करोड़ रुपये की पेशकश की थी जबकि टी सीरीज ने 75 करोड़ रुपये का ऑफर देकर बाजी अपने नाम कर ली। चर्चा यह भी है कि निर्माता नमित मल्होत्रा फिल्म के म्यूजिक राइट्स के लिए 100 करोड़ रुपये तक की डील चाहते थे लेकिन 75 करोड़ रुपये का सौदा भी अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।

    रामायण का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा रहा है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं जबकि निर्माता नमित मल्होत्रा हैं। फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। पहला भाग इस साल दिवाली पर सिनेमाघरों में आएगा जबकि दूसरा भाग अगले वर्ष दिवाली पर रिलीज किया जाएगा। मेकर्स का लक्ष्य भारतीय पौराणिक कथा को वैश्विक स्तर पर आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करना है।

    फिल्म की स्टारकास्ट भी इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में दिखाई देंगी। कन्नड़ सुपरस्टार यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं और वह इस फिल्म के सह निर्माता भी हैं। इसके अलावा रवि दुबे लक्ष्मण तथा सनी देओल भगवान हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। इस दमदार स्टारकास्ट ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    फिल्म के संगीत पर भी खास ध्यान दिया गया है। ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान और हॉलीवुड के दिग्गज हांस जिमर पहली बार किसी भारतीय फिल्म के लिए साथ काम कर रहे हैं। हांस जिमर ने दुनिया की कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में यादगार संगीत दिया है जबकि ए आर रहमान भारतीय सिनेमा के सबसे सफल संगीतकारों में शामिल हैं। ऐसे में दर्शकों को इस फिल्म के संगीत से भी बड़ी उम्मीदें हैं।

    रामायण केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में बड़े स्तर पर रिलीज की जाएगी। इसके लिए मेकर्स ने अंतरराष्ट्रीय वितरण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सोनी पिक्चर्स के साथ साझेदारी की है। यही वजह है कि इस फिल्म को भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा ग्लोबल प्रोजेक्ट माना जा रहा है। ट्रेलर को लेकर भी जबरदस्त उत्साह बना हुआ है और माना जा रहा है कि इसकी रिलीज के बाद फिल्म को लेकर चर्चा और तेज हो जाएगी।

    अगर 75 करोड़ रुपये की म्यूजिक डील की रिपोर्ट आधिकारिक रूप से सही साबित होती है तो यह हिंदी फिल्म उद्योग के इतिहास की सबसे बड़ी ऑडियो डील में शामिल होगी। रिलीज से पहले ही रामायण ने जिस तरह कारोबार और लोकप्रियता के नए रिकॉर्ड बनाने शुरू कर दिए हैं उससे साफ है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की तैयारी में है।

  • ममता और भक्ति का अद्भुत संगम 90 वर्षीय सास को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहीं काजल चौधरी

    ममता और भक्ति का अद्भुत संगम 90 वर्षीय सास को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहीं काजल चौधरी


    नई दिल्ली । सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना और कांवड़ यात्रा के लिए विशेष माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं और भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं का सैलाब सड़कों पर दिखाई दे रहा है लेकिन इन्हीं हजारों कांवड़ियों के बीच एक ऐसी कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है जिसने सेवा समर्पण और पारिवारिक संस्कार की नई मिसाल पेश कर दी है। दिल्ली के शाहदरा की रहने वाली काजल चौधरी अपनी 90 वर्षीय सास चंद्रिदेवी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पैदल यात्रा कर रही हैं। यह दृश्य जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं और हर किसी ने उनकी सराहना की।

    काजल चौधरी पेशे से लोक गायिका हैं और अपने भजन तथा देहाती रागनी के कारण सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने इस वर्ष अपनी सास को कंधों पर बैठाकर कांवड़ यात्रा शुरू की है। खास बात यह है कि उनके साथ 71 किलो गंगाजल भी है जिसे वह भगवान शिव को अर्पित करेंगी। पूरी यात्रा के दौरान उनका परिवार भी उनके साथ चल रहा है और सभी मिलकर सेवा और श्रद्धा का संदेश दे रहे हैं।

    यह पहली बार नहीं है जब काजल चौधरी ने ऐसा किया हो। पिछले वर्ष भी उन्होंने अपनी सास को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक की यात्रा पूरी की थी। इसके अलावा इसी वर्ष उन्होंने अपनी सास के साथ 84 कोस की परिक्रमा भी की थी। लगातार दूसरी बार इस तरह की यात्रा कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि बुजुर्गों की सेवा केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि सबसे बड़ा धर्म भी है।

    काजल चौधरी का कहना है कि माता पिता और सास ससुर की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता। उनका मानना है कि जब तक बुजुर्ग हमारे साथ हैं तब तक उनकी हर इच्छा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अपने माता पिता और बुजुर्गों की सेवा पूरे मन से करें ताकि उनका आशीर्वाद जीवनभर साथ बना रहे।

    इस यात्रा के दौरान काजल चौधरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी भावुक अपील की है। उन्होंने बताया कि उनकी सास की इच्छा मुख्यमंत्री से मिलने की है और वे उन्हें अपने हाथों से एक भेंट देना चाहती हैं। काजल ने उम्मीद जताई कि उनकी सास की यह इच्छा भी जल्द पूरी होगी।

    मुजफ्फरनगर से गुजर रही यह अनोखी कांवड़ अब लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। रास्ते में जहां भी यह कांवड़ पहुंचती है लोग रुककर काजल और उनकी सास का अभिवादन करते हैं। कई श्रद्धालु उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं तो कई लोग उन्हें आधुनिक समय का श्रवण कुमार कहकर सम्मान दे रहे हैं। हालांकि काजल कहती हैं कि उन्होंने केवल अपना पारिवारिक कर्तव्य निभाया है और हर बेटे बहू को अपने बुजुर्गों के प्रति यही भावना रखनी चाहिए।

    आज जब भागदौड़ भरी जिंदगी में परिवारों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं तब काजल चौधरी की यह यात्रा समाज को यह संदेश देती है कि सच्ची भक्ति केवल मंदिरों में पूजा करने से नहीं बल्कि अपने बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करने से भी पूरी होती है। यही संस्कार भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान हैं और यही भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं।

  • गौतम गंभीर की टीम में बड़ा बदलाव रयान टेन डोशेट ने छोड़ा असिस्टेंट कोच का पद फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी खत्म

    गौतम गंभीर की टीम में बड़ा बदलाव रयान टेन डोशेट ने छोड़ा असिस्टेंट कोच का पद फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी खत्म


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने का फैसला लिया है। इस बदलाव ने मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले सपोर्ट स्टाफ में महत्वपूर्ण परिवर्तन कर दिया है।

    रयान टेन डोशेट पिछले दो वर्षों से भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्होंने बल्लेबाजी और रणनीतिक तैयारियों में अहम भूमिका निभाई। गौतम गंभीर के करीबी सहयोगियों में शामिल टेन डोशेट ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही अपने इस्तीफे की जानकारी बीसीसीआई को दे दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार अब वह दोबारा नाइट राइडर्स समूह के साथ नई जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

    बीसीसीआई ने फील्डिंग कोच टी दिलीप का अनुबंध भी आगे नहीं बढ़ाया है। उनके स्थान पर सुभदीप घोष को नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। बोर्ड का मानना है कि नए विश्व टेस्ट चक्र और आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को देखते हुए सपोर्ट स्टाफ में बदलाव जरूरी था।

    रयान टेन डोशेट का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों और कुछ चुनौतीपूर्ण दौर का गवाह रहा। उनके कार्यकाल में भारत ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में उल्लेखनीय सफलता हासिल की लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम को कुछ कठिन दौर से भी गुजरना पड़ा। इसके बावजूद डोशेट को खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल और रणनीतिक सोच के लिए जाना जाता रहा।

    अब भारतीय टीम की नजर 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज पर है। इस दौरे पर शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे जबकि कोचिंग स्टाफ में हुए बदलावों के बीच खिलाड़ियों के सामने नई परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की चुनौती भी होगी।

    बीसीसीआई और टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि नए सपोर्ट स्टाफ के साथ टीम अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखेगी। श्रीलंका दौरा नए कोचिंग संयोजन की पहली बड़ी परीक्षा होगा और क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि इन बदलावों का टीम के प्रदर्शन पर कितना प्रभाव पड़ता है।

  • पलक तिवारी की लव लाइफ पर बोले राजा चौधरी इब्राहिम संग रिश्ते की खबरों पर दिया बेबाक जवाब श्वेता तिवारी का भी किया जिक्र

    पलक तिवारी की लव लाइफ पर बोले राजा चौधरी इब्राहिम संग रिश्ते की खबरों पर दिया बेबाक जवाब श्वेता तिवारी का भी किया जिक्र


    नई दिल्ली । अभिनेत्री पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान के रिश्ते को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया है जिसके बाद उनके डेटिंग की खबरें लगातार सुर्खियां बटोरती रही हैं। हालांकि दोनों कलाकारों ने अब तक अपने रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अब इन चर्चाओं के बीच पलक के पिता और अभिनेता राजा चौधरी ने पहली बार इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    एक इंटरव्यू के दौरान राजा चौधरी से पलक तिवारी की पेशेवर सफलता और सलमान खान के साथ काम करने को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की मौजूदा जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें यह भी नहीं मालूम कि पलक कहां रहती हैं किसके साथ काम कर रही हैं या अपनी निजी जिंदगी में क्या कर रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पलक खुद आकर उन्हें कुछ नहीं बताएंगी तब तक वह उसकी निजी जिंदगी में दखल देना उचित नहीं समझते। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर कभी बेटी को उनकी जरूरत होगी तो वह हर समय उसके साथ खड़े मिलेंगे।

    जब बातचीत के दौरान पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान की डेटिंग की खबरों का जिक्र हुआ तो राजा चौधरी ने बेहद शांत और स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर दोनों साथ हैं या नहीं हैं तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके मुताबिक सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी बेटी सुरक्षित और खुश रहे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने का अधिकार है और वह अपनी बेटी के निजी फैसलों का सम्मान करते हैं।

    राजा चौधरी ने इस दौरान अपने और पलक के रिश्ते पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा यह महसूस कराया गया कि वह केवल जैविक पिता हैं और बेटी की परवरिश तथा उसके जीवन से जुड़े अधिकतर फैसले उसकी मां के साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को पलक की निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी चाहिए तो उसकी मां से पूछना ज्यादा उचित होगा क्योंकि वही उसके सबसे करीब हैं।

    बातचीत के दौरान राजा चौधरी ने अपनी पूर्व पत्नी और अभिनेत्री श्वेता तिवारी के साथ पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया। गौरतलब है कि दोनों की शादी वर्ष 1998 में हुई थी और साल 2000 में उनकी बेटी पलक का जन्म हुआ। बाद में दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा और वर्ष 2007 में श्वेता तिवारी ने तलाक की अर्जी दाखिल की। इसके बाद वर्ष 2012 में दोनों का कानूनी रूप से तलाक हो गया। अतीत में श्वेता ने घरेलू हिंसा और शराब की लत जैसे गंभीर आरोप लगाए थे जबकि हाल के इंटरव्यू में राजा चौधरी ने इन आरोपों से इनकार किया है।

    इस बीच पलक तिवारी लगातार अपने फिल्मी करियर पर ध्यान दे रही हैं और मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। वहीं इब्राहिम अली खान भी अपने अभिनय करियर को लेकर चर्चा में हैं। दोनों की डेटिंग की खबरें भले ही सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होती रही हों लेकिन अब तक दोनों ने अपने रिश्ते को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

    राजा चौधरी के ताजा बयान से इतना जरूर साफ हो गया है कि वह अपनी बेटी के निजी फैसलों में दखल देने के बजाय उसकी स्वतंत्रता और पसंद का सम्मान करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर एक पिता के रूप में वह हमेशा अपनी बेटी के साथ खड़े रहेंगे।

  • पीरियड्स में सावन और सोलह सोमवार का व्रत रखा जा सकता है या नहीं, धार्मिक मान्यताओं में क्या कहा गया

    पीरियड्स में सावन और सोलह सोमवार का व्रत रखा जा सकता है या नहीं, धार्मिक मान्यताओं में क्या कहा गया


    नई दिल्ली । सावन मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है, जबकि पहला सावन सोमवार 2 अगस्त को पड़ेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना और सोमवार व्रत का पालन करते हैं। विशेष रूप से महिलाएं सावन सोमवार और सोलह सोमवार व्रत पूरे श्रद्धाभाव से रखती हैं। ऐसे में हर वर्ष एक सामान्य प्रश्न सामने आता है कि यदि व्रत के दिन मासिक धर्म यानी पीरियड्स शुरू हो जाएं, तो क्या व्रत जारी रखा जा सकता है और पूजा किस प्रकार करनी चाहिए। इस विषय पर धार्मिक मान्यताओं और धर्माचार्यों के विचार महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

    धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को मंदिर में प्रवेश, शिवलिंग का स्पर्श और प्रत्यक्ष पूजन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अनेक धर्माचार्यों का मत है कि यदि किसी महिला ने पहले से सावन सोमवार या सोलह सोमवार व्रत का संकल्प लिया है, तो केवल पीरियड्स आने की वजह से व्रत छोड़ना आवश्यक नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में मानसिक रूप से भगवान शिव का स्मरण, मंत्र जाप और ध्यान के माध्यम से भी उपासना की जा सकती है।

    धर्मशास्त्रों में मानसिक पूजा को भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि ईश्वर के प्रति श्रद्धा, विश्वास और मन की पवित्रता बाहरी विधियों से अधिक महत्व रखती है। यदि किसी कारणवश प्रत्यक्ष पूजा संभव न हो, तो भक्त मन ही मन भगवान शिव का स्मरण कर सकते हैं। इसे भी भक्ति और आराधना का स्वीकार्य स्वरूप माना जाता है।

    धार्मिक विद्वानों का यह भी कहना है कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। इसे अपवित्रता से जोड़कर देखने के बजाय स्वास्थ्य और विश्राम की आवश्यकता के रूप में समझा जाना चाहिए। इसी कारण कई परंपराओं में इस अवधि के दौरान महिलाओं को अधिक आराम करने की सलाह दी जाती है। यदि स्वास्थ्य सामान्य हो और व्रत रखने में कोई कठिनाई न हो, तो संकल्पित व्रत जारी रखा जा सकता है। वहीं यदि अत्यधिक कमजोरी, दर्द या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो, तो स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भी उचित माना जाता है।

    यदि पीरियड्स के कारण मंदिर जाना या शिवलिंग पर जलाभिषेक करना संभव न हो, तो घर पर बैठकर भगवान शिव के मंत्रों का जाप, शिव चालीसा, शिव स्तुति या अन्य स्तोत्रों का पाठ किया जा सकता है। कई परिवारों में पूजा की सामग्री किसी अन्य सदस्य के माध्यम से अर्पित कराई जाती है, जबकि व्रत रखने वाली महिला स्वयं मानसिक रूप से पूजा में सहभागी रहती है। इस प्रकार श्रद्धा और संकल्प दोनों का पालन किया जा सकता है।

    सोलह सोमवार व्रत के संबंध में भी यही मान्यता प्रचलित है कि एक बार संकल्प लेने के बाद बिना उचित कारण व्रत को बीच में छोड़ना उचित नहीं माना जाता। हालांकि धर्माचार्य यह भी स्पष्ट करते हैं कि प्रत्येक परिवार की धार्मिक परंपराएं और रीति-रिवाज अलग हो सकते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को अपने परिवार की परंपरा, गुरु या स्थानीय धर्माचार्य के मार्गदर्शन का भी सम्मान करना चाहिए। यदि किसी परंपरा में अलग नियम अपनाए जाते हैं, तो उनका पालन करना भी उचित माना जाता है।

    सावन सोमवार व्रत का मूल उद्देश्य भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, संयम और भक्ति व्यक्त करना है। इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परिस्थितियों के अनुरूप मानसिक पूजा, मंत्र जाप और ईश्वर का स्मरण भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। साथ ही यह भी सलाह दी जाती है कि व्रत और पूजा के दौरान स्वास्थ्य की अनदेखी न की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर विश्राम को प्राथमिकता दी जाए।

  • मानसून में बनाएं धार्मिक यात्रा का शानदार प्लान भारत के इन प्रसिद्ध मंदिरों में कम बजट में मिलेगा आध्यात्मिक सुकून

    मानसून में बनाएं धार्मिक यात्रा का शानदार प्लान भारत के इन प्रसिद्ध मंदिरों में कम बजट में मिलेगा आध्यात्मिक सुकून


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम केवल हरियाली और ठंडी फिजाओं का आनंद लेने का समय नहीं होता बल्कि यह धार्मिक यात्राओं के लिए भी बेहद खास माना जाता है। खासकर सावन के महीने में भगवान शिव और अन्य देवी देवताओं के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यदि आप कम बजट में ऐसी यात्रा करना चाहते हैं जहां भक्ति के साथ प्राकृतिक सौंदर्य और मानसिक शांति भी मिले तो भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां बहुत कम खर्च में यादगार धार्मिक यात्रा की जा सकती है।

    उत्तराखंड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर सावन में भक्तों की पहली पसंद माना जाता है। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर मानसून में और भी आकर्षक दिखाई देता है। यहां पहुंचने के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश से आसानी से बस और टैक्सी की सुविधा मिल जाती है जिससे यात्रा का खर्च भी काफी कम रहता है।

    वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर भी सावन के दौरान विशेष महत्व रखता है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गंगा आरती और मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण हर श्रद्धालु को एक अलग अनुभव देता है। यहां रहने और भोजन की व्यवस्था भी हर बजट के अनुसार आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

    मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भी कम बजट में धार्मिक यात्रा के लिए बेहतरीन विकल्प है। सावन में यहां विशेष पूजा और भस्म आरती का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। उज्जैन में होटल और धर्मशालाएं कम कीमत में मिल जाती हैं जिससे पूरी यात्रा किफायती बन जाती है।

    ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर भी मानसून में घूमने के लिए शानदार स्थान है। यदि आपकी यात्रा रथ यात्रा के समय होती है तो यहां का धार्मिक उत्साह देखने लायक होता है। पुरी समुद्र तट और मंदिर दोनों का आनंद एक साथ लिया जा सकता है।

    महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग और भीमाशंकर मंदिर भी प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं। बारिश के मौसम में यहां की पहाड़ियां और हरियाली मन को मोह लेती हैं जबकि धार्मिक महत्व यात्रा को और अधिक यादगार बना देता है।

    अगर दक्षिण भारत की यात्रा करना चाहते हैं तो तमिलनाडु का रामेश्वरम मंदिर और आंध्रप्रदेश का तिरुपति बालाजी मंदिर भी अच्छे विकल्प हैं। पहले से योजना बनाकर यात्रा करने पर यहां भी कम खर्च में दर्शन किए जा सकते हैं।

    धार्मिक यात्रा पर निकलते समय मौसम की जानकारी पहले से जरूर लें। बारिश के कारण फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी रखें। हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें। छाता या रेनकोट साथ रखें और ऑनलाइन बुकिंग पहले से कर लें ताकि यात्रा अधिक सुविधाजनक और किफायती रहे।

    मानसून में मंदिरों की यात्रा केवल दर्शन तक सीमित नहीं रहती बल्कि यह प्रकृति के बीच आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव भी कराती है। कम बजट में यदि यादगार धार्मिक यात्रा का सपना देख रहे हैं तो भारत के ये प्रसिद्ध मंदिर आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं।

  • मूवी लवर्स हो जाएं तैयार अगस्त में रिलीज होंगी 12 बड़ी फिल्में सनी देओल से लेकर यश और श्रद्धा कपूर तक मचाएंगे धमाल

    मूवी लवर्स हो जाएं तैयार अगस्त में रिलीज होंगी 12 बड़ी फिल्में सनी देओल से लेकर यश और श्रद्धा कपूर तक मचाएंगे धमाल


    नई दिल्ली । अगर आप फिल्मों के शौकीन हैं तो अगस्त 2026 आपके लिए किसी फिल्मी उत्सव से कम नहीं होने वाला। पूरे महीने सिनेमाघरों में एक के बाद एक बड़ी फिल्में रिलीज होंगी जो हर तरह के दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। एक्शन रोमांस थ्रिलर बायोपिक फैमिली ड्रामा और कॉमेडी जैसी अलग अलग शैलियों की कुल 12 फिल्में बड़े पर्दे पर दस्तक देंगी। ऐसे में दर्शकों को हर सप्ताह नई और दमदार कहानियां देखने का मौका मिलेगा।

    महीने की शुरुआत 7 अगस्त से होगी जब एक साथ कई चर्चित फिल्में रिलीज होंगी। राजकुमार राव की बायोपिक फिल्म प्रहार द उज्ज्वल निकम स्टोरी सबसे ज्यादा चर्चा में है जिसमें उन्होंने मशहूर सरकारी वकील उज्ज्वल निकम का किरदार निभाया है। इसी दिन तमिल रोमांटिक एक्शन थ्रिलर डीसी भी रिलीज होगी जिसमें लोकेश कनगराज और वामिका गब्बी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। आर माधवन की बहुप्रतीक्षित फिल्म जी डी एन भी इसी दिन सिनेमाघरों में आएगी जो महान आविष्कारक जी डी नायडू के जीवन पर आधारित है। वहीं मोहनलाल की मलयालम फिल्म थोडक्कम भी इसी तारीख को दर्शकों के बीच पहुंचेगी।

    14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। सनी देओल की देशभक्ति से जुड़ी फिल्म बंटवारा 1947 रिलीज होगी जिसमें प्रीति जिंटा शबाना आजमी करण देओल और अली फजल भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इसी दिन इमरान हाशमी अपनी चर्चित फिल्म आवारापन 2 के साथ वापसी करेंगे। इसके अलावा अभिनेता सूर्या की फैमिली ड्रामा फिल्म विश्वनाथ एंड संस भी इसी दिन सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    20 अगस्त को मलयालम सिनेमा की दो बड़ी फिल्में दर्शकों के सामने आएंगी। दुलकर सलमान अभिनीत एक्शन थ्रिलर आई एम गेम और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म खलीफा दोनों से दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। दोनों फिल्मों को लेकर पहले से ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

    महीने के अंतिम सप्ताह में भी मनोरंजन का सिलसिला जारी रहेगा। 26 अगस्त को कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक रिलीज होगी। इस फिल्म में कियारा आडवाणी नयनतारा तारा सुतारिया रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसे कई बड़े कलाकार नजर आएंगे। फिल्म अपने बड़े बजट और दमदार प्रस्तुति को लेकर पहले से चर्चा में है।

    इसके बाद 28 अगस्त को दो अलग अलग शैली की बड़ी फिल्में रिलीज होंगी। श्रद्धा कपूर की ईथा महाराष्ट्र की प्रसिद्ध तमाशा और लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित है जिसमें रणदीप हुड्डा भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं लंबे समय से इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए खोसला का घोसला 2 भी इसी दिन रिलीज होगी जिसमें अनुपम खेर बोमन ईरानी रणवीर शौरी रवि किशन और अन्य कलाकार एक बार फिर दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार हैं।

    कुल मिलाकर अगस्त 2026 मनोरंजन के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। बड़े सितारों की मौजूदगी दमदार कहानियां और अलग अलग विषयों पर आधारित फिल्में दर्शकों को पूरे महीने सिनेमाघरों तक खींचने का दम रखती हैं। यदि आप नई फिल्मों का इंतजार कर रहे हैं तो अगस्त का कैलेंडर पहले से तैयार रखिए क्योंकि इस महीने हर सप्ताह कोई न कोई बड़ी फिल्म बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली है।

  • लॉक अप 2 में शिवांगी जोशी ने खोला जिंदगी का सबसे दर्दनाक राज बचपन में यौन शोषण की घटना सुनकर भावुक हुए फैंस

    लॉक अप 2 में शिवांगी जोशी ने खोला जिंदगी का सबसे दर्दनाक राज बचपन में यौन शोषण की घटना सुनकर भावुक हुए फैंस


    नई दिल्ली । टीवी अभिनेत्री शिवांगी जोशी ने रियलिटी शो लॉक अप 2 में अपनी जिंदगी का ऐसा दर्द साझा किया जिसे सुनकर हर कोई भावुक हो गया। आमतौर पर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चुप रहने वाली अभिनेत्री ने पहली बार बताया कि बचपन में वह यौन शोषण की कोशिश का शिकार हुई थीं। उन्होंने कहा कि यह घटना ऐसे व्यक्ति से जुड़ी थी जिसे वह परिवार का सदस्य मानती थीं और मामा जी कहकर बुलाती थीं। इस वजह से उनके लिए उस समय यह समझ पाना बेहद मुश्किल था कि उनके साथ जो हो रहा है वह गलत है।

    शिवांगी ने बताया कि यह घटना उस समय की है जब वह अभिनय के क्षेत्र में आने की तैयारी कर रही थीं। मां के मुंहबोले भाई ने उन्हें यह कहकर अपने पास बुलाया कि अगर मुंबई जाकर अभिनेत्री बनना है तो अभिनय की तैयारी करनी होगी। इसी बहाने उन्होंने अभिनेत्री के साथ अनुचित व्यवहार किया। शिवांगी ने कहा कि शुरुआत में उन्हें कुछ समझ नहीं आया लेकिन कुछ समय बाद उन्हें असहज महसूस होने लगा और उन्होंने खुद को वहां से अलग कर लिया।

    अभिनेत्री ने शो में एक और घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक दिन जब उनके माता पिता घर पर नहीं थे तब एक अन्य व्यक्ति उनके घर आया। उसने उन्हें समझाने के बहाने पास बुलाया और फिल्म इंडस्ट्री का हवाला देते हुए अनुचित बातें करने लगा। उसने कहा कि अभिनय की दुनिया में ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है और इसी बहाने उनके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की।

    शिवांगी ने बताया कि जैसे ही उस व्यक्ति ने उन्हें पकड़ने और किस करने की कोशिश की उन्होंने तुरंत उसे धक्का दे दिया। इसके बाद वह व्यक्ति गुस्से में आ गया और उन्हें नीचे गिरा दिया। सौभाग्य से उसी समय उनके माता पिता घर लौट आए और पूरी घटना देखकर उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति को घर से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद परिवार ने उनका पूरा साथ दिया और उन्हें हर तरह का भावनात्मक सहारा दिया।

    अभिनेत्री ने कहा कि इन घटनाओं का असर उनके बचपन और मानसिक स्थिति पर लंबे समय तक रहा। वह कई दिनों तक स्कूल भी नहीं जा सकीं और लोगों पर भरोसा करने में कठिनाई महसूस करने लगीं। हालांकि परिवार के सहयोग और समय के साथ उन्होंने खुद को संभाला और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ती रहीं।

    शिवांगी ने यह भी कहा कि वह इस अनुभव को साझा इसलिए कर रही हैं ताकि ऐसे लोग जो किसी तरह के शोषण का सामना कर चुके हैं वे खुद को अकेला न समझें। उन्होंने माना कि चुप रहने से समस्या खत्म नहीं होती बल्कि सही समय पर आवाज उठाना और भरोसेमंद लोगों से मदद लेना बेहद जरूरी होता है।

    उनके इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनका समर्थन किया। कई प्रशंसकों ने उनकी हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की बातें सामने आने से समाज में जागरूकता बढ़ती है और पीड़ितों को अपनी बात कहने का साहस मिलता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बच्चों को गुड टच और बैड टच की जानकारी देना परिवार और स्कूल दोनों की जिम्मेदारी है ताकि वे किसी भी गलत व्यवहार को पहचान सकें और समय रहते अपने अभिभावकों को बता सकें।

  • Flu Vaccine Alert: फ्लू को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी हर साल वैक्सीन लगवाकर खुद और परिवार को रखें सुरक्षित

    Flu Vaccine Alert: फ्लू को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी हर साल वैक्सीन लगवाकर खुद और परिवार को रखें सुरक्षित


    नई दिल्ली । मौसम बदलते ही सर्दी खांसी और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। अधिकतर लोग इन्हें सामान्य वायरल संक्रमण मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन कई बार यही फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। खासकर बुजुर्ग छोटे बच्चे गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए फ्लू खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ हर साल फ्लू वैक्सीन लगवाने की सलाह देते हैं ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके और गंभीर जटिलताओं से बचाव हो सके।

    फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने छींकने या उसके संपर्क में आने से तेजी से फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार शरीर में दर्द सिरदर्द गले में खराश खांसी कमजोरी और थकान शामिल हैं। कई मामलों में यह संक्रमण निमोनिया फेफड़ों के संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा कर सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लू वायरस समय के साथ अपना स्वरूप बदलता रहता है। यही कारण है कि हर साल नई वैक्सीन तैयार की जाती है ताकि उस समय सक्रिय वायरस से बेहतर सुरक्षा मिल सके। पिछले साल लगवाई गई वैक्सीन अगले साल पूरी तरह प्रभावी नहीं मानी जाती इसलिए हर वर्ष नया टीका लगवाना जरूरी होता है।

    फ्लू वैक्सीन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है। यदि वैक्सीन लगवाने के बाद भी संक्रमण हो जाए तो बीमारी की गंभीरता काफी कम रहती है और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। इससे अस्पताल में भर्ती होने और जानलेवा जटिलताओं का खतरा भी घट जाता है।

    डॉक्टरों के अनुसार छह महीने से अधिक उम्र के लगभग सभी लोगों को फ्लू वैक्सीन लगवानी चाहिए। हालांकि बुजुर्ग गर्भवती महिलाएं मधुमेह हृदय रोग अस्थमा किडनी और लिवर की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए यह टीका विशेष रूप से जरूरी माना जाता है। स्वास्थ्यकर्मी और ऐसे लोग जो रोज बड़ी संख्या में लोगों के संपर्क में रहते हैं उन्हें भी हर साल फ्लू वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।

    फ्लू से बचाव केवल वैक्सीन तक सीमित नहीं है। नियमित रूप से हाथ धोना भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखना खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढंकना तथा बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखना भी संक्रमण रोकने में मदद करता है। संतुलित आहार पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम से भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है।

    कई लोगों के मन में यह भ्रम रहता है कि फ्लू वैक्सीन लगाने से फ्लू हो जाता है जबकि यह पूरी तरह गलत धारणा है। वैक्सीन केवल शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को वायरस से लड़ने के लिए तैयार करती है। कुछ लोगों को इंजेक्शन वाली जगह हल्का दर्द या एक दो दिन तक मामूली बुखार महसूस हो सकता है लेकिन यह सामान्य प्रतिक्रिया होती है और जल्द ठीक हो जाती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लू को सामान्य बीमारी समझकर अनदेखा करना सही नहीं है। समय पर वैक्सीन लगवाकर और जरूरी सावधानियां अपनाकर न केवल खुद को बल्कि अपने परिवार और समाज को भी संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सकता है। हर साल फ्लू वैक्सीन लगवाना स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

  • रणबीर कपूर की रामायण का इंतजार खत्म इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में आएगा सबसे बहुप्रतीक्षित ट्रेलर

    रणबीर कपूर की रामायण का इंतजार खत्म इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में आएगा सबसे बहुप्रतीक्षित ट्रेलर


    नई दिल्ली । रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का इंतजार कर रहे करोड़ों प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। फिल्म के ट्रेलर की नई रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। पहले ट्रेलर को 24 जुलाई को दुनिया भर में रिलीज किया जाना था लेकिन अंतिम समय में इसे स्थगित कर दिया गया था। अब मेकर्स ने नई तारीख तय करते हुए इसे आध्यात्मिक महत्व से जुड़े ब्रह्म मुहूर्त में रिलीज करने का फैसला लिया है।

    मेकर्स के अनुसार रामायण का ट्रेलर 30 जुलाई की सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर रिलीज किया जाएगा। इस घोषणा के साथ फिल्म का नया पोस्टर भी जारी किया गया है। पोस्टर के साथ लिखा गया है कि शुभ ब्रह्म मुहूर्त में रामायण के दिव्य उदय का स्वागत किया जाएगा। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है।

    ब्रह्म मुहूर्त को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पवित्र समय माना जाता है। यह सूर्योदय से लगभग एक घंटा छत्तीस मिनट पहले शुरू होता है और करीब अड़तालीस मिनट तक रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय ध्यान पूजा जप और आध्यात्मिक साधना करने से विशेष पुण्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। संभवतः इसी आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने ट्रेलर रिलीज के लिए इस समय का चयन किया है।

    हाल ही में फिल्म के कुछ ट्रेलर फुटेज सोशल मीडिया पर लीक होने की खबरें भी सामने आई थीं। बताया गया कि दिल्ली में आयोजित विशेष स्क्रीनिंग के दौरान कुछ दृश्य इंटरनेट पर पहुंच गए थे। इसके बाद निर्माता नमित मल्होत्रा और पूरी टीम ने एंटी पाइरेसी अभियान शुरू किया ताकि फिल्म की गोपनीयता और गुणवत्ता सुरक्षित रखी जा सके।

    फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं और इसकी स्टारकास्ट भी काफी दमदार है। रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। रवि दुबे लक्ष्मण और सुपरस्टार यश रावण की भूमिका में दिखाई देंगे। इसके अलावा अरुण गोविल लारा दत्ता विवेक ओबेरॉय कुणाल कपूर और रकुल प्रीत सिंह भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    रामायण भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिनी जा रही है। निर्माता नमित मल्होत्रा के अनुसार इस मेगा प्रोजेक्ट का बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये है। फिल्म को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग इस वर्ष दिवाली के अवसर पर सिनेमाघरों में आएगा जबकि दूसरा भाग अगले वर्ष दिवाली पर रिलीज किया जाएगा।

    रणबीर कपूर ने भी एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआत में वह भगवान श्रीराम का किरदार निभाने को लेकर आश्वस्त नहीं थे। उन्हें लगता था कि वह इस महान चरित्र के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर पाएंगे। लेकिन बेटी राहा के जन्म के बाद उनकी सोच बदली और उन्होंने इस फिल्म को अपने जीवन का सबसे खास अवसर माना।

    अब ट्रेलर रिलीज की तारीख सामने आने के बाद दर्शकों का उत्साह चरम पर है। सभी की नजरें 30 जुलाई की सुबह पर टिकी हैं जब रामायण की पहली झलक दुनिया के सामने आएगी।