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  • अपनी मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे किसान, सड़क पर बनाई दाल-बाटी, सीएम हाउस का घेराव करने पर अड़े

    अपनी मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे किसान, सड़क पर बनाई दाल-बाटी, सीएम हाउस का घेराव करने पर अड़े


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग की फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर पूरी खरीदी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत मालवा और नर्मदापुरम संभाग के 19 किसान संगठनों के बैनर तले हजारों किसान भोपाल पहुंच गए हैं। प्रदर्शनकारी वीर सावरकर सेतु पर डटे हुए हैं, जहां उन्होंने सड़क किनारे कंडों पर दाल-बाटी बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

    किसानों का कहना है कि लंबा आंदोलन जारी रखने के लिए वे अपने साथ भोजन की पूरी व्यवस्था लेकर आए हैं। सड़क किनारे कंडों पर बाटियां सेंकी जा रही हैं और दाल तैयार की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan और मुख्यमंत्री Mohan Yadav को भी दाल-बाटी खाने का आमंत्रण दिया है।

    किसानों के आंदोलन को देखते हुए कलेक्टर ने नर्मदापुरम रोड स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर के आदेश के बाद क्षेत्र के सभी स्कूल आज बंद रहेंगे। किसानों का बुधवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का दावा है। किसान मूंग की 100% सरकारी खरीद और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि वे मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देंगे और मांगें पूरी होने तक वापस नहीं लौटेंगे।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली ही बना ठिकाना
    आंदोलन में शामिल किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ही भोजन, बिस्तर और जरूरी सामान लेकर आए हैं। उनका कहना है कि पुलिस जहां रोकेगी या रात जहां होगी, वहीं ट्रॉली में रुक जाएंगे, लेकिन मांगें पूरी होने तक वापस नहीं लौटेंगे। आंदोलन के चलते भोपाल-नागपुर मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ है।

    सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा
    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने मंत्रालय में किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मूंग खरीदी सहित किसानों के सभी मुद्दों पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है और सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।

    क्या है किसानों की मुख्य मांग?
    किसान संगठनों का आरोप है कि सरकार की मौजूदा नीति के तहत प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग ही समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है, जबकि एक एकड़ में औसतन 4 से 5 क्विंटल उत्पादन होता है। सरकार ने मूंग का MSP ₹8,668 प्रति क्विंटल तय किया है।

    खुले बाजार में भारी नुकसान
    खरीदी की सीमा तय होने के कारण किसानों को बची हुई उपज खुले बाजार में ₹4,000 से ₹5,500 प्रति क्विंटल के भाव पर बेचनी पड़ रही है। किसानों का दावा है कि इससे उन्हें हर क्विंटल पर ₹3,000 से ₹4,000 तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    हनुमान चालीसा के साथ शुरू हुआ मार्च
    संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन की शुरुआत नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर धरना और हनुमान चालीसा के पाठ से हुई। तिरंगा हाथ में लेकर और “जय जवान, जय किसान” के नारे लगाते हुए किसान बुधनी होते हुए भोपाल पहुंचे। रास्ते में प्रशासन ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत से कोई समाधान नहीं निकल सका।

  • 29 जुलाई 2026 का राशिफल: गुरु पूर्णिमा पर इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिथुन-कुंभ को आर्थिक नुकसान और तनाव का संकेत

    29 जुलाई 2026 का राशिफल: गुरु पूर्णिमा पर इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिथुन-कुंभ को आर्थिक नुकसान और तनाव का संकेत


    नई दिल्ली । 29 जुलाई 2026 बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद विशेष माना जा रहा है। इस दिन गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा, जो गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे शुभ अवसर माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में रहेंगे। साथ ही प्रीति योग, वाशि योग, सुनफा योग और आनंदादि योग का दुर्लभ संयोग बनेगा। मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि के जातकों को भद्र योग का विशेष प्रभाव प्राप्त होगा। हालांकि मिथुन और कुंभ राशि वालों को आर्थिक मामलों, तनाव और विवादों से बचने की सलाह दी गई है।

    29 जुलाई 2026 का पंचांग

    गुरु पूर्णिमा तिथि रात्रि 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगी, इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 3 बजकर 37 मिनट तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र शुरू होगा। शुभ कार्यों के लिए सुबह 7 से 9 बजे तक तथा शाम 5:15 से 6:15 बजे तक का समय अनुकूल माना गया है। राहुकाल दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

    मेष
    व्यापार और नौकरी में उन्नति के संकेत हैं। पुराने अनुभव सफलता दिलाएंगे और कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे।

    वृषभ
    व्यापार में सुधार होगा और लोन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। कार्यस्थल पर अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलेगा। दूसरों पर अत्यधिक निर्भर रहने से बचें।

    मिथुन
    यह दिन सावधानी का है। आर्थिक मामलों में नुकसान की आशंका है और बाजार की स्थिति प्रभावित कर सकती है। नौकरी में वरिष्ठों से बहस से बचें। पारिवारिक जीवन में भी किसी तीसरे व्यक्ति के कारण तनाव बढ़ सकता है।

    कर्क
    मीडिया, जनसंपर्क और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। परिवार में सुखद माहौल रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। कार्यों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

    सिंह
    कामकाज में धीरे-धीरे सुधार होगा। नए व्यापारियों को धैर्य रखना होगा। छात्रों के लिए पढ़ाई में सफलता मिलने के योग हैं। मानसिक तनाव को खुद पर हावी न होने दें।

    कन्या
    भद्र योग का लाभ मिलेगा। विदेश से जुड़े कार्यों या फंड मिलने की संभावना है। नौकरी में रचनात्मक कार्यों की सराहना होगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए दिन मेहनत का है।

    तुला
    लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखें। व्यापारिक योजनाओं में थोड़ी देरी हो सकती है। परिवार और कार्यस्थल दोनों जगह संयमित व्यवहार लाभदायक रहेगा।

    वृश्चिक
    पुरानी योजनाओं को दोबारा शुरू करने के लिए दिन शुभ है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है।

    धनु
    आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अच्छा अवसर मिलेगा। व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू किया जा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं।

    मकर
    चंद्रमा आपकी राशि में रहेगा, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता मजबूत होगी। व्यापार में बिक्री बढ़ेगी और प्रभावशाली लोगों से नए संपर्क बनेंगे। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।

    कुंभ
    यह राशि वालों के लिए सतर्क रहने का समय है। व्यापार में अपेक्षित लाभ नहीं मिल सकता। नौकरी में विरोधियों से सावधान रहें और अनावश्यक विवादों से बचें। कानूनी मामलों में भी सावधानी बरतें।

    मीन
    भद्र योग के प्रभाव से नए लोगों से संपर्क बढ़ेंगे और व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे। साझेदारी वाले कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। सामाजिक सम्मान भी बढ़ सकता है।

    गुरु पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक उन्नति और गुरु के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इस दिन गुरु का सम्मान करने, दान-पुण्य करने और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है।

  • गणेश जी को दूर्वा अर्पित किए बिना क्यों अधूरी मानी जाती है पूजा जानिए धार्मिक मान्यता शास्त्रीय कारण और शुभ फल

    गणेश जी को दूर्वा अर्पित किए बिना क्यों अधूरी मानी जाती है पूजा जानिए धार्मिक मान्यता शास्त्रीय कारण और शुभ फल


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में भगवान श्रीगणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन से की जाती है ताकि कार्य निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सके। गणेश जी की पूजा में मोदक लाल सिंदूर और दूर्वा का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें भी दूर्वा को भगवान गणपति का अत्यंत प्रिय अर्पण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक गणेश जी को दूर्वा अर्पित करता है उसके जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं और सुख समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

    पौराणिक कथा के अनुसार एक बार अनलासुर नामक अत्यंत शक्तिशाली असुर ने अपने तेज और अग्नि समान ऊर्जा से तीनों लोकों में भय का वातावरण बना दिया था। देवता और ऋषि मुनि उसकी शक्ति के सामने असहाय हो गए। तब सभी ने भगवान गणेश से रक्षा की प्रार्थना की। भगवान गणेश ने अनलासुर का अंत करने के लिए उसे अपने मुख में समा लिया। असुर का नाश तो हो गया लेकिन उसके कारण भगवान गणेश के शरीर में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न हो गई। इस असहनीय ताप को शांत करने के लिए अनेक उपाय किए गए लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। अंत में ऋषियों ने भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित की। जैसे ही दूर्वा उनके मस्तक पर रखी गई उनका शरीर शीतल हो गया और उन्हें राहत मिली। तभी से दूर्वा भगवान गणेश को सबसे प्रिय मानी जाने लगी।

    शास्त्रों में दूर्वा को दीर्घायु हरियाली समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताया गया है। यह साधारण दिखाई देने वाली घास जीवन में धैर्य विनम्रता और निरंतर आगे बढ़ने का संदेश देती है। यही कारण है कि गणेश पूजा में दूर्वा अर्पित करना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि प्रकृति और जीवन के संतुलन का भी प्रतीक माना जाता है।

    धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी को तीन पांच इक्कीस या इक्यावन दूर्वा के तिनके अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। दूर्वा हमेशा ताजी हरी और स्वच्छ होनी चाहिए। पूजा के दौरान इसे भगवान के मस्तक पर या चरणों में श्रद्धापूर्वक अर्पित किया जाता है। सूखी या टूटी हुई दूर्वा चढ़ाने से बचना चाहिए क्योंकि पूजा में शुद्धता और श्रद्धा का विशेष महत्व होता है।

    बुधवार गणेश जी का प्रिय दिन माना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करके दूर्वा अर्पित करने से बुद्धि विवेक धन समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विद्यार्थियों को ज्ञान व्यापारियों को उन्नति और परिवार को सुख शांति मिलने की मान्यता भी शास्त्रों में वर्णित है। जिन लोगों के जीवन में बार बार रुकावटें आती हैं या कार्य बनते बनते बिगड़ जाते हैं उन्हें नियमित रूप से गणेश जी को दूर्वा अर्पित कर गणपति अथर्वशीर्ष या गणेश मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है।

    धार्मिक दृष्टि से दूर्वा केवल एक घास नहीं बल्कि श्रद्धा समर्पण और शुभता का प्रतीक है। भगवान गणेश को श्रद्धा से अर्पित की गई दूर्वा भक्त और भगवान के बीच आस्था का ऐसा सेतु बनती है जो जीवन की बाधाओं को दूर कर सुख शांति और मंगल का मार्ग प्रशस्त करती है।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ा जोर, 5 जिलों में अति भारी और 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून ने पकड़ा जोर, 5 जिलों में अति भारी और 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है। वहीं देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर और छतरपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी हिस्से में सक्रिय एक अन्य चक्रवाती सिस्टम के कारण मजबूत मौसमीय परिस्थितियां बनी हुई हैं। यह सिस्टम ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में व्यापक बारिश करा रहा है। आने वाले दिनों में इसके कमजोर होकर पहले अवदाब और फिर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

    इन जिलों में भी होगी बारिश
    बुधवार को भोपाल, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, कटनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है।

    मंगलवार को भी कई जिलों में बरसे बादल
    मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि मुरैना समेत कई जिलों में तेज वर्षा रिकॉर्ड की गई। रात के समय भी कई इलाकों में मौसम सक्रिय बना रहा।

    अब तक 17% कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 13.6 इंच (345.9 मिमी) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि तक 16.5 इंच (418.4 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में फिलहाल 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी हिस्से में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, लगातार सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में इस कमी के घटने की उम्मीद है।

    1 अगस्त तक रहेगा असर
    मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मानसूनी सिस्टम का प्रभाव 1 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • बुधवार गणेश पूजा विधि भगवान गणपति को प्रसन्न करने के आसान उपाय जानिए पूजा का सही क्रम शुभ समय और विशेष महत्व

    बुधवार गणेश पूजा विधि भगवान गणपति को प्रसन्न करने के आसान उपाय जानिए पूजा का सही क्रम शुभ समय और विशेष महत्व


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा के बिना अधूरी मानी जाती है क्योंकि वे विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। जो भक्त बुधवार के दिन सच्ची श्रद्धा और विधि विधान से श्री गणेश की आराधना करते हैं उनके जीवन से बाधाएं दूर होती हैं और बुद्धि विवेक धन समृद्धि तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश अपने भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी करते हैं और परिवार में सुख शांति बनाए रखते हैं।

    बुधवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर वहां लाल या पीले रंग का स्वच्छ आसन बिछाएं। भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें और गंगाजल से शुद्धिकरण करें। पूजा की शुरुआत दीपक जलाकर करें और भगवान गणेश को जल अक्षत रोली सिंदूर दूर्वा घास लाल पुष्प तथा मोदक या लड्डू अर्पित करें। दूर्वा भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय मानी जाती है इसलिए पूजा में इसका विशेष महत्व बताया गया है।

    पूजन के दौरान गणेश अथर्वशीर्ष गणेश चालीसा अथवा ऊं गं गणपतये नमः मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से मानसिक तनाव दूर होता है और कार्यों में आ रही रुकावटें समाप्त होने लगती हैं। पूजा के अंत में भगवान गणेश की आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।

    बुधवार के दिन यदि संभव हो तो हरे रंग के वस्त्र धारण करें या किसी जरूरतमंद को हरी मूंग हरी सब्जियां अथवा हरे वस्त्र का दान करें। गाय को हरा चारा खिलाना और गरीबों को भोजन कराना भी अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन क्रोध असत्य और कटु वचन से बचने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि सकारात्मक व्यवहार से ही पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से भी माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है उन्हें इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से बुद्धि तेज होती है व्यापार और नौकरी में सफलता मिलती है तथा शिक्षा और करियर में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। विद्यार्थियों के लिए भी यह दिन विशेष फलदायी माना गया है क्योंकि भगवान गणेश ज्ञान और विवेक के देवता हैं।

    धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करता है उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। परिवार में सुख शांति बनी रहती है आर्थिक परेशानियां धीरे धीरे कम होने लगती हैं और हर नए कार्य में सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। भगवान गणेश की कृपा से व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनता है। इसलिए बुधवार के दिन श्रद्धा विश्वास और पूर्ण भक्ति के साथ गणपति बप्पा की आराधना करना अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना गया है।

  • गुरु पूर्णिमा 2026 पर भूलकर भी न करें ये गलतियां जानें पूजा विधि महत्व और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

    गुरु पूर्णिमा 2026 पर भूलकर भी न करें ये गलतियां जानें पूजा विधि महत्व और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व ज्ञान श्रद्धा और गुरु भक्ति का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। यह दिन केवल आध्यात्मिक गुरु ही नहीं बल्कि माता पिता शिक्षक और जीवन में सही मार्ग दिखाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर होता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से गुरु की पूजा करने और उनका आशीर्वाद लेने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं तथा सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।

    वर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई बुधवार को मनाई जाएगी। यह पर्व आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों का विभाजन किया और महाभारत सहित अनेक महान ग्रंथों की रचना की थी। इसी कारण उन्हें आदिगुरु के रूप में सम्मान दिया जाता है।

    गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर भगवान विष्णु भगवान शिव और महर्षि वेदव्यास का स्मरण करें। यदि आपके गुरु मौजूद हैं तो उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें और यदि गुरु दूर हैं तो मन ही मन उनका ध्यान करके कृतज्ञता प्रकट करें। गुरु को फल मिठाई वस्त्र या अपनी श्रद्धा के अनुसार कोई उपहार अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।

    इस दिन गुरु मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि गुरु के बिना ज्ञान अधूरा रहता है। गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य और ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इसलिए इस दिन गुरु की सेवा और सम्मान को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।

    गुरु पूर्णिमा पर दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र पुस्तकें या दक्षिणा देना शुभ माना जाता है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है क्योंकि गुरु का आशीर्वाद शिक्षा और करियर में सफलता दिलाने वाला माना गया है। कई लोग इस दिन धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन शुरू करते हैं या नई शिक्षा ग्रहण करने का संकल्प लेते हैं।

    यदि किसी कारणवश आप अपने गुरु के पास नहीं जा सकते तो उनके चित्र के सामने दीपक जलाकर प्रणाम करें और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें। यही सच्ची गुरु भक्ति मानी जाती है। इस दिन क्रोध अहंकार और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए तथा संयम और विनम्रता का पालन करना चाहिए।

    गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि जीवन में ज्ञान अनुशासन संस्कार और सकारात्मक सोच को अपनाने की प्रेरणा देने वाला उत्सव भी है। जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ गुरु का सम्मान करता है उसके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है और सफलता के नए द्वार खुलते हैं। इसलिए इस पावन अवसर पर गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प अवश्य लें।

    गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त ( Guru Purnima 2026 Pujan Shubh Muhurat)

    29 जुलाई को दिनभर पूर्णिमा तिथि रहने के कारण गुरु पूजन और स्नान-दान के लिए पूरा दिन शुभ रहेगा.

    स्नान दान का मुहूर्त- सुबह 4 4 बजकर 17 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक रहेगा.

    प्रातःकाल पूजा का मुहूर्त: सुबह 05:40 बजे से सुबह 09:05 बजे तक

    अभिजित व शुभ चौघड़िया मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक

    संध्या पूजा मुहूर्त: शाम 05:30 बजे से शाम 07:15 बजे तक

  • मप्र में किसान आंदोन के बीच मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह को लिखा पत्र

    मप्र में किसान आंदोन के बीच मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह को लिखा पत्र


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन के बीच ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश के लिए तय मूंग खरीदी के लक्ष्य को 4.54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया है।

    कृषि मंत्री कंषाना ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश सरकार ने 14 मई और 3 जुलाई 2026 को ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए केंद्र सरकार को 8.06 लाख मीट्रिक टन खरीदी का प्रस्ताव भेजा था। इसके मुकाबले केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए 4.54 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा करीब 14.30 लाख हेक्टेयर है। अनुमानित उत्पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के आधार पर कुल उत्पादन करीब 20.16 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत यानी 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए।

    कृषि मंत्री के अनुसार, पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया था, जबकि प्रदेश में वास्तविक खरीदी 7.72 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची थी। इस वर्ष मूंग उपार्जन का लाभ लेने के लिए 3.47 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, लेकिन अब तक करीब 82 हजार किसानों से ही खरीदी हो सकी है।

    उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का अधिकतम लाभ दिलाने और उन्हें भविष्य में दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीदी सीमा बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने केंद्र से राष्ट्रीय स्तर पर तय लक्ष्य में अन्य मूंग उत्पादक राज्यों की बचत मात्रा का हिस्सा मध्यप्रदेश को देने की मांग की है।

    इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार की मूंग खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग पर केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पहले जवाब दिया था कि ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 में देशभर के लिए मंजूर 5.23 लाख मीट्रिक टन मूंग में से 4.54 लाख मीट्रिक टन यानी करीब 87 प्रतिशत मात्रा मध्य प्रदेश को दी गई है। केंद्र का कहना है कि यह प्रदेश को अब तक दिया गया सबसे बड़ा मूंग खरीदी कोटा है। पीएम-आशा योजना के तहत किसानों को एमएसपी का लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी को मंजूरी दी गई थी।

    भोपाल में बीच सड़क पर डटे हजारों किसान, बुधवार को सीएम हाउस कूच

    इधर, प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर करीब दो हजार किसान भोपाल पहुंच गए हैं और होशंगाबाद रोड पर डटे हुए हैं। मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे किसानों को मंगलवार शाम को पुलिस ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च- एडवांस मैटेरियल एंड प्रोसेसेज रिसर्च इंस्टीट्यूट के सामने रोक दिया, जिसके बाद वे सड़क पर ही बैठ गए।

    किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि वे रात सड़क पर ही गुजारेंगे और बुधवार सुबह मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, एडिशनल एसपी अनिल शर्मा ने कहा कि किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यह किसानों का आखिरी पॉइंट तय किया गया है।

    संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं। सोमवार को बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंची। रास्ते में कई जगह पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान बैरिकेडिंग हटाते हुए आगे बढ़ते रहे।

    भोपाल में प्रवेश के बाद किसान हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान वे लगातार ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे लगाते रहे। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी शहर में आगे बढ़ता रहा, लेकिन 11 मील बायपास पर पुलिस और किसानों के बीच बैरिकेडिंग को लेकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन किसान बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए। इसके बाद किसान 11 मील से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर गए। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन भी चल रहे थे।

    भोपाल कूच में शामिल किसान लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ पहुंचे हैं। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात दिन का राशन और पानी लेकर आए हैं। कई किसान दाल-बाटी भी बनाकर साथ लाए हैं। किसानों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।

    मुख्यमंत्री ने अफसरों और कृषि मंत्री के साथ की बैठक

    किसान आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार देश शाम अपने निवास पर अधिकारियों और कृषि मंत्री के साथ बैठक की। बैठक में किसानों की मांगों और आंदोलन की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दिए।

  • दतिया विधानसभा उपचुनावः मतदान की तैयारियां पूर्ण, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

    दतिया विधानसभा उपचुनावः मतदान की तैयारियां पूर्ण, प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। यहां 30 जुलाई को मतदान होना है। क्षेत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से मतदान संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर ली गई हैं।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखड़े तथा पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में निकाले गए फ्लैग मार्च में पुलिस बल के जवानों ने भाग लिया। फ्लैग मार्च का उद्देश्य मतदाताओं में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण स्थापित करना तथा असामाजिक तत्वों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संदेश देना रहा।

    फ्लैग मार्च भैरव मंदिर से प्रारंभ होकर तिगैलिया, टाउन हॉल, बड़ा बाजार, पटवा तिराहा, किला चौक, दारूगर की पुलिया, बिहारी जी मंदिर तिगैलिया, भैरव मंदिर, राजगढ़ चौराहा, सीता सागर, पुरानी कलेक्ट्रेट, सिविल लाइन और झांसी चुंगी पुल होते हुए देर रात पुलिस लाइन दतिया पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विधानसभा उप निर्वाचन को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है।

    आज शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज से होगा सामग्री का वितरण

    जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जानकारी दी गई दतिया विधानसभा उप निर्वाचन 2026 अंतर्गत 30 जुलाई को मतदान सम्पन्न कराने के लिए आज बुधवार को प्रातः 5 बजे से शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज दतिया से सामग्री का वितरण किया जाएगा। मतदान सामग्री के सुचारु वितरण एवं प्राप्ति के लिए पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। प्रत्येक काउंटर से 10 से 12 मतदान केंद्रों की सामग्री का वितरण एवं वापसी होगी, जिससे प्रक्रिया तेज एवं सुव्यवस्थित रहे। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए परिसर में पर्याप्त टेंट लगाने, बसों की क्रमबद्ध पार्किंग, वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मतदान दलों से निर्धारित समय का पालन करने एवं अपने साथ छाता रखने के लिए भी कहा गया है।

    स्ट्रांग रूम एवं निर्वाचन व्यवस्थाओं का सतत निरीक्षण

    शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम सहित निर्वाचन से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं का सतत स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्ट्रांग रूम, मतगणना कक्ष, सामग्री वितरण एवं सामग्री जमा करने के कक्षों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया गया है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था एवं बैरीकेडिंग की समीक्षा कर कार्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण किया गया है।

    सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश

    निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, बैरीकेडिंग एवं निर्बाध बिजली सहित सभी मूलभूत व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निष्ठा एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे।

    निर्वाचन प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित

    जिला निर्वाचन प्रशासन द्वारा परिवहन व्यवस्था एवं रूट चार्ट, ईवीएम एवं वीवीपैट की उपलब्धता, मतदान दलों का प्रशिक्षण, सामग्री वितरण एवं प्राप्ति, आदर्श आचरण संहिता के पालन, रैंडमाइजेशन, कानून व्यवस्था, एमसीएमसी, कम्युनिकेशन प्लान, स्वीप गतिविधियां, शिकायत एवं कंट्रोल रूम, ईटीबीपीएस, वेबकास्टिंग, विद्युत एवं चिकित्सा व्यवस्था, वीडियोग्राफी, फूड पैकेट्स, टेलीफोन एवं इंटरनेट तथा निर्वाचन कार्मिकों के पहचान पत्र वितरण सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

    वर्षा को लेकर विशेष सतर्कता

    मानसून को देखते हुए निर्वाचन प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। मतदान दलों के वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग, वैकल्पिक मार्ग, टेंट की व्यवस्था तथा चिकित्सा दलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। यदि किसी पुल पर पानी बहने की स्थिति बनेगी तो वहां से किसी भी मतदान दल का वाहन नहीं निकाला जाएगा तथा पूर्व निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, व्हीलचेयर एवं प्राथमिक उपचार जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

    माइक्रो ऑब्जर्वरों को दिया गया प्रशिक्षण
    दतिया विधानसभा उपनिर्वाचन-2026 को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में माइक्रो ऑब्जर्वरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रेक्षक श्री विजय भारती की उपस्थिति में मतदान केंद्रों पर निष्पक्षता बनाए रखने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा प्रत्येक गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।

    अंतरराज्यीय सीमा पर कड़ी सुरक्षा

    विधानसभा उपनिर्वाचन को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उनाव थाना क्षेत्र स्थित मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गई है। पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है तथा सीमा से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की सघन जांच की जा रही है। नकदी, शराब एवं अन्य संदिग्ध सामग्री की विशेष जांच की जा रही है ताकि निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित न हो।

    एसएसटी की कार्रवाई में नकदी एवं आभूषण जप्त

    एसएसटी टीम द्वारा विभिन्न नाको पर वाहन जांच के दौरान कुल 98 लाख 80 हजार 800 रुपये नकद जब्त किए गए। संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राशि को जिला कोषालय में जमा कराया गया। वहीं बसई चेकिंग प्वाइंट पर एक अन्य वाहन से 1685 ग्राम चांदी एवं 8.5 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए, जिनके संबंध में भी कोई प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। आभूषणों को भी सुरक्षार्थ जिला कोषालय में जमा कराया गया।

    सामान्य प्रेक्षक ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण
    सामान्य प्रेक्षक विजय भारती ने बसई क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदाता सूची, मूलभूत सुविधाओं एवं निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

    घर-घर पहुंचाई जा रही वोटर पर्चियां

    मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को वोटर पर्चियों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे मतदान दिवस पर अपनी वोटर स्लिप तथा पहचान के लिए आयोग द्वारा निर्धारित कोई एक दस्तावेज़ साथ लेकर आएं तथा लोकतंत्र के इस महापर्व में अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी करें।

    वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों के लिए होम वोटिंग

    निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों एवं पात्र दिव्यांग मतदाताओं को डाक मतपत्र के माध्यम से घर पर ही मतदान की सुविधा प्रदान की गई। निर्वाचन दल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतदाताओं के घर पहुंचकर गोपनीय एवं निष्पक्ष वातावरण में मतदान संपन्न कराई गई। यह व्यवस्था ऐसे मतदाताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है जो शारीरिक कारणों से मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते है।

    विधानसभा स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित

    दतिया विधानसभा उपनिर्वाचन-2026 के सफल संचालन के लिए न्यू कलेक्ट्रेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक-4 में विधानसभा स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी निर्वाचन संबंधी जानकारी अथवा शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 8305199022 जारी किया गया है। जिला निर्वाचन प्रशासन ने नागरिकों से आवश्यकता पड़ने पर इस नंबर पर संपर्क करने की अपील की है।

  • मप्र में आठ आईएएस अधिकारियों का तबादला, चार जिलों के कलेक्टर बदले

    मप्र में आठ आईएएस अधिकारियों का तबादला, चार जिलों के कलेक्टर बदले


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के आठ अधिकारियों का तबादला करते हुए उनकी नवी पदस्थापना की है। इनमें चार जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। इस संबंध में मंगलवार शाम को सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किए हैं।

    जारी आदेश के अनुसार, बड़ा फेरबदल 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह की पोस्टिंग को लेकर किया गया है। दो दिन पहले जारी तबादला सूची में उन्हें शहडोल कलेक्टर बनाया गया था, लेकिन अब संशोधित आदेश में उनकी पोस्टिंग नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल में अपर आयुक्त के पद पर कर दी है। मिशा सिंह प्रेग्नेंट हैं, इसी वजह से उन्होंने भोपाल या इंदौर में पदस्थापना का अनुरोध किया था।

    इसके साथ ही पार्थ जायसवाल को छतरपुर से शहडोल कलेक्टर, मृणाल मीणा को बालाघाट से छतरपुर कलेक्टर और ग्वालियर के अपर कलेक्टर कुमार सत्यम को बालाघाट का कलेक्टर बनाया गया है। अदिति गर्ग को मंदसौर कलेक्टर पद से हटाकर परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड बनाया गया है।

    इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में उप आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है। वहीं गिरीश शर्मा को अपर सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना को उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के साथ संचालक कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    तबादला आदेश के मुताबिक, स्वरोचिष सोमवंशी को आगामी आदेश तक आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी के साथ सचिव, राज्य योजना आयोग तथा संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इससे पहले इस संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग के पास था।

  • सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत मध्य प्रदेश में बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत राज्य में रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर चल रहा है। भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। इस रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव (स्टापेज) होगा। निशातपुरा रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो रेल गाड़ियों- डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के निशातपुर स्टेशन पर नए ठहराव (स्टॉपेज) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मालवा एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। हर विभाग में नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। गत 12 साल में रेलवे का “न भूतो न भविष्यति” विकास हुआ है। भारतीय रेलवे में द्रुत गति से विकास कार्य हो रहे हैं। निशातपुरा स्टेशन के शुभारंभ से अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को ट्रैक और इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी।

    अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए बचेगा समय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे के माध्यम से उज्जैन सिंहस्थ: 2028 को लेकर लगातार सौगातें मिल रही हैं। सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु मध्य प्रदेश आएंगे। ऐसे में नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ की लागत से विकसित निशातपुरा स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां अनेक नई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए समय बचेगा। भोपाल मुख्य स्टेशन जाए बिना डायरेक्ट ट्रेन मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में रेल लाइन आती है, तो यात्री सुविधाओं के साथ व्यापार, कृषि और माल ढुलाई आदि कार्यों में सुविधा मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मध्य प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश के लिए भारत सरकार ने रेल बजट में की 24 गुना बढ़ोतरी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे व्यापार-व्यवसाय की सुगमता और रोजगार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। भारतीय रेल का नेटवर्क इतना बड़ा है, जिसमें कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग हमारी ट्रेनों में सफर कर रहे होते हैं। देश में रेलवे के 70 मंडल मुख्यालय हैं। मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक का शत प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक रेल गाड़ियों की शुरुआत की है। अब भोपाल के पास ट्रेनों के आधुनिक कोच तैयार किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि देश के साथ ही मध्य प्रदेश बदल रहा है। वर्ष 2009 से 2014 तक मध्य प्रदेश में रेलवे का बजट केवल 632 करोड़ रुपये था, जो अब वर्ष 2026-27 तक 15 हजार 288 करोड़ रुपये हो गया है। भारत सरकार ने प्रदेश के लिए रेल बजट में 24 गुना वृद्धि की है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में रेलवे के 1 लाख 18 हजार करोड़ लागत के नए कार्य जारी हैं। वर्ष 2014 के बाद प्रदेश में 2800 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनों का निर्माण हुआ है, जो डेनमार्क देश की कुल सीमा से भी अधिक है।

    प्रतिदिन बिछाया जा रहा है 34 किलोमीटर रेलवे ट्रेक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में जहां एक दिन में मात्र 4 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ट्रैक बिछाने की रफ्तार 34 किलोमीटर प्रतिदिन है। भोपाल में अब रानी कमलापति स्टेशन, भोपाल मेन स्टेशन, संत हिरदाराम स्टेशन और अब निशातपुरा स्टेशन हो गए हैं। मध्य प्रदेश को 13 नए अमृत स्टेशनों की सौगात मिली है। वडोदरा -रतलाम और इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम चल रहे हैं। पहले कभी मीटर गेज लाइनें हुआ करती थीं, जो धीरे-धीरे ब्रॉडगेज हो गईं और ब्रॉडगेज डबल लाइन हो गईं। अब ट्रिपल और फोर लाइन का विकास हो रहा है।

    ध्य प्रदेश में रेल सुविधाएं बढ़ीं

    पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि पश्चिम मध्य रेलवे अपने यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए अधोसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में रेल मार्गों का विकास, आधुनिक ट्रेनों का संचालन, सेफ्टी और सिक्योरिटी में सुधार रेल यात्रा को नए आयाम प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में मध्य प्रदेश को रेलवे की अनेक सुविधाएं मिली हैं। खजुराहो से वाराणसी वंदेभारत एक्सप्रेस, रीवा-पुणे, डॉ. अंबेडकर नगर-गोंडा के लिए नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इसी अवधि में बीना-इटारसी और कटनी-बीना की तीसरी लाइन, कटनी अपग्रेड सेपरेटर, इटारसी के अप और डाउन ग्रेड सेपरेटर के साथ ही कटनी-सिंगरौली-रीवा-सतना रेल रूट का दोहरीकरण किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में फ्लाई ओवर का शुभारंभ किया है, जिसमें मदन महल स्टेशन पर बना केबिल स्टे ब्रिज शामिल है। प्रदेश में 13 अमृत स्टेशनों का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हो चुका है। स्टेशनों पर यात्रियों के लिए एस्केलेटर और एफओबी उपलब्ध कराए रहे हैं। भोपाल स्टेशन के पास बने निशातपुरा स्टेशन पर दो नई ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को भोपाल स्टेशन की भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। पश्चिम मध्य रेलवे निशानपुरा स्टेशन को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    कार्यक्रम में विधायक विष्णु खत्री, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी सहित पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।