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  • Gary Kirsten का बड़ा खुलासा, Pakistan Cricket Board की दखलअंदाजी से दिया इस्तीफा

    Gary Kirsten का बड़ा खुलासा, Pakistan Cricket Board की दखलअंदाजी से दिया इस्तीफा


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर अपने एडमिनिस्ट्रेटिव कैंपेन को लेकर चर्चा में है। साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज और कोच गैरी कर्स्टन ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की भारी दखलअंदाजी के कारण उन्हें पाकिस्तान टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा देना पड़ा।

    6 महीने में खत्म हुआ कार्यकाल

    गैरी कर्स्टन को T20 विश्व कप 2024 से पहले दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम का हेड कोच बनाया गया था। हालांकि, वह महज छह महीने के भीतर ही पद छोड़ने पर मजबूर हो गए, जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया।

    “दखलअंदाजी का स्तर बहुत ज्यादा था”

    कर्स्टन ने कहा कि टीम के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप इतना ज्यादा था कि खिलाड़ियों के साथ स्थिर और सकारात्मक माहौल बनाना मुश्किल हो गया। उन्होंने माना कि इस तरह की स्थिति का सामना उन्होंने अपने करियर में पहले कभी नहीं किया था।

    कोच बनता है आसान बनाना

    उन्होंने यह भी कहा कि जब टीम का प्रदर्शन खराब होता है, तो कोच सबसे आसान बनाना बन जाता है। ऐसे में वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज कर सारा दोष कोच पर डाल दिया जाता है।

    कॉन्ट्रैक्ट विवाद भी बना कारण

    कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी अनियमितताओं, बकाया भुगतान और बार-बार शर्तों में बदलाव के आरोप लगाए। इन सभी कारणों ने उनके इस्तीफे के फैसले को प्रभावित किया।

    अब श्रीलंका टीम की कमान

    पाकिस्तान से अलग होने के बाद गैरी कर्स्टन को श्रीलंका क्रिकेट ने अपनी टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया है। वह 15 अप्रैल से कार्यभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल 2028 तक रहेगा।

    यह घटना कार्यभार है कि किसी भी टीम की सफलता के लिए सिर्फ खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि मजबूत और स्थिर प्रबंधन भी उतना ही जरूरी होता है।

  • देशभर में मनाई जा रही ‘Eid’, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; Narendra Modi ने दी शुभकामनाएं

    देशभर में मनाई जा रही ‘Eid’, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; Narendra Modi ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली। पूरे देश में ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा।

    अलग-अलग शहरों में नमाज

    देश के कई बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और पटना में ईद की नमाज अदा की गई। मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों की संख्या में लोग नमाज अदा और देश में अमन, शांति और तरक्की के लिए दुआ मांगी।

    पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार भाईचारे, करुणा और इंसानियत का संदेश देता है। वे सभी नागरिकों के स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की।

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    ईद के मौके पर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। राजधानी दिल्ली में पुलिस द्वारा बहु-स्तरीय सुरक्षा तैनात की गई, जहां ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। पटना के गांधी मैदान में मुख्य नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे और नीतीश कुमार भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

    कानपुर में हाई अलर्ट

    कानपुर में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस, पीएसी, स्वाट और साइबर टीम को तैनात किया गया, जबकि पूरे शहर की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए की गई।

    सौहार्द और एकता का संदेश

    ईद-उल-फितर का यह पर्व देशभर में प्रेम, एकता और भाईचारे का प्रतीक बनकर सामने आया। नमाज, दुआ और मिलन के इस खास दिन ने एक बार फिर समाज में सकारात्मकता और सद्भाव का संदेश दिया।

  • ‘Eid’ पर दिग्गज क्रिकेटरों का संदेश, Sachin Tendulkar समेत कई खिलाड़ियों ने दी शुभकामनाएं

    ‘Eid’ पर दिग्गज क्रिकेटरों का संदेश, Sachin Tendulkar समेत कई खिलाड़ियों ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली यूट्यूब पर ईद-उल-फितर का त्योहार हार्सोल्लास और सोयट भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। इस खास बात पर भारतीय क्रिकेट जगत के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं और प्रेम, शांति और एकता का संदेश साझा किया।

    दिग्गज खिलाड़ियों ने दी बधाई

    भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आईडी का यह पर्व विश्वास, दया और उदारता की भावना को मजबूत करे।
    वहीं वीवीएस लक्ष्मण ने सभी के अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

    पूर्व घातक इरफान पठान और उनके भाई यूसुफ पठान ने भी पूरे देश को ईद की मुबारकबाद देते हुए दुआ की कि यह दिन सभी के जीवन में शांति और बरकत लेकर आए।

    इसके अलावा मोहम्मद कैफ ने भी सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हुए एक आदर्श संदेश भेजा।
    इस त्योहार की खुशियां बांटकर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपने परिवार के साथ तस्वीर साझा की।

    ईद का महत्व

    ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो पवित्र महीने के अंत में मनाया जाता है। पूरे महीने रोजे रखने के बाद लोग अथाह का रोमांच अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां बांटते हैं।

    मित्र ईद की परंपरा

    इस त्यौहार को “मीठी ईद” भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घरों में स्वादिष्ट व्यंजन और शीर खुरमा जैसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाये जाते हैं। परिवार और समाज के बीच प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करना एक खास अवसर होता है।

    क्रिकेट स्टार्स के लिमिटेड रिसर्च ने एक बार फिर यह साबित किया कि उत्सव सिर्फ साख तक नहीं होता, बल्कि वे लोगों को जोड़ने और समाज में सकारात्मकता फैलाने का काम भी करते हैं। ईद का यह पर्व पूरे देश में एकता, प्रेम और सम्मलेन का प्रतीक प्रकट होता है।

  • शिक्षा व्यवस्था से लेकर अपराध तक जबलपुर में कई मोर्चों पर कार्रवाई और धोखाधड़ी के मामले उजागर

    शिक्षा व्यवस्था से लेकर अपराध तक जबलपुर में कई मोर्चों पर कार्रवाई और धोखाधड़ी के मामले उजागर

    जबलपुर में एक साथ कई अलग अलग घटनाओं ने प्रशासन और आम लोगों को सतर्क कर दिया है जहां एक ओर शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर सख्त रुख अपनाया है वहीं दूसरी ओर ठगी और धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं

    शिक्षा विभाग की ओर से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने पर 400 से अधिक प्राचार्यों और शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है जिला शिक्षा अधिकारी ने उन शिक्षकों से जवाब मांगा है जो निर्धारित समय पर मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थित नहीं हुए 22 फरवरी से शुरू हुए इस कार्य में करीब 441 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए जिनमें पीएम श्री और मॉडल स्कूलों के शिक्षक भी शामिल हैं यदि इन नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है इस सख्ती से शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया गया है

    दूसरी ओर शहर में धोखाधड़ी के मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ज्वेलर्स पर 35 लाख रुपये की ठगी का आरोप सामने आया है आरोपी ने चांदी में मुनाफे का झांसा देकर निवेश के नाम पर यह रकम ली पीड़ित मनोज पांडे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है इस मामले में आरोपी विनोद सोनी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है

    इसी तरह संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में एक और गंभीर मामला सामने आया है जहां एक सहकर्मी युवती को शादी का झांसा देकर आरोपी ने उससे 17 लाख रुपये ऐंठ लिए पीड़िता के अनुसार आरोपी ने न केवल पैसे लिए बल्कि शादी के नाम पर शारीरिक संबंध भी बनाए बाद में शादी से इनकार कर दिया और जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उसे ब्लॉक कर दिया इतना ही नहीं दिए गए चेक भी बाउंस करा दिए गए जिससे मामला और गंभीर हो गया

    इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर में एक तरफ जहां शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती जा रही है वहीं दूसरी तरफ धोखाधड़ी और अपराध के मामलों पर भी पुलिस सक्रिय हो गई है प्रशासन अब ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके और आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके

  • सोना सस्ता, पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा: आम आदमी पर दोहरी मार, जानिए आज का पूरा अपडेट

    सोना सस्ता, पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा: आम आदमी पर दोहरी मार, जानिए आज का पूरा अपडेट


    नई दिल्ली। देश में आज आर्थिक मोर्चे पर मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली है। जहां एक तरफ सोने की कीमतों में गिरावट आई है, वहीं दूसरी तरफ इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर इजरायल-ईरान संघर्ष का असर अब भारत के बाजार में साफ दिखाई दे रहा है।

    सोने के दाम में गिरावट
    21 मार्च 2026 को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹650 सस्ता होकर ₹1,52,650 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। पिछले कारोबारी दिन यह ₹1,53,300 पर बंद हुआ था। हालांकि, वायदा बाजार MCX पर सोने में हल्की तेजी देखी गई और कीमत ₹1,44,825 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट: ₹1,47,218, 23 कैरेट: ₹1,46,628, 22 कैरेट: ₹1,34,852, 18 कैरेट: ₹1,10,41, 14 कैरेट: ₹86,123, देश के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और पटना में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.50 लाख के आसपास बना हुआ है।

    इंडस्ट्रियल डीजल के दाम में बड़ा उछाल
    तेल कंपनियों ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में एक साथ ₹22 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। अब इसकी कीमत बढ़कर ₹109.59 प्रति लीटर हो गई है, जो पहले ₹87.67 थी। इस बढ़ोतरी की जानकारी Indian Oil Corporation ने दी है। नई कीमतें 20 मार्च 2026 से लागू कर दी गई हैं। डीजल के दाम बढ़ने के पीछे मुख्य कारण हैं मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, खासकर इजरायल-ईरान संघर्ष कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सप्लाई चेन में बाधा इंडस्ट्रियल डीजल सीधे आम वाहनों में इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन इसका असर हर किसी की जेब पर पड़ता है, ट्रांसपोर्ट महंगा होगा फैक्ट्रियों की लागत बढ़ेगी बिजली उत्पादन महंगा होगा रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं जहां सोने की कीमतों में गिरावट से खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है, वहीं डीजल के बढ़ते दाम आने वाले समय में महंगाई को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आम आदमी को एक तरफ राहत और दूसरी तरफ महंगाई की मार दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

  • डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये पर सियासत पोस्टर वार और बयानबाजी से गरमाया माहौल

    डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये पर सियासत पोस्टर वार और बयानबाजी से गरमाया माहौल

    इंदौर में रुपये की गिरती कीमत को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है डॉलर के मुकाबले रुपया 93 के पार पहुंचने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं और इसी क्रम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं ने शहर में पोस्टर वार शुरू कर दिया है

    इन पोस्टरों में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को भी निशाने पर लिया गया है कांग्रेस नेताओं ने साल 2013 के उनके एक पुराने ट्वीट का जिक्र करते हुए सवाल उठाया है कि जब पहले रुपये की गिरावट पर चिंता जताई जाती थी तो आज स्थिति और गंभीर होने के बावजूद चुप्पी क्यों साधी गई है पोस्टरों में व्यंग्यात्मक अंदाज में यह सवाल किया गया है कि देश की आर्थिक स्थिति पर अब आवाज क्यों नहीं उठ रही

    कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी के नेतृत्व में लगाए गए इन पोस्टरों में केवल आलोचना ही नहीं बल्कि एक अनोखी घोषणा भी की गई है पार्टी ने ऐलान किया है कि जो भी व्यक्ति अमिताभ बच्चन से रुपये की गिरावट पर ट्वीट करवा देगा उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा इतना ही नहीं अगर खुद अमिताभ बच्चन इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हैं तो यह इनाम उन्हें देने की बात भी कही गई है

    इस घोषणा के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है और शहर की राजनीति में इसे लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है कांग्रेस का कहना है कि पहले जब रुपये की गिरावट को देश की इज्जत से जोड़ा जाता था तब बड़े नाम इस पर खुलकर बोलते थे लेकिन अब जब स्थिति और खराब है तो वे चुप क्यों हैं

    कांग्रेस ने अपने बयान में यह भी कहा है कि सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं बल्कि जूही चावला अनुपम खेर और विवेक अग्निहोत्री जैसे कई अन्य कलाकारों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है पार्टी का कहना है कि जो लोग पहले सोशल मीडिया पर हर मुद्दे पर सक्रिय रहते थे वे अब आर्थिक मुद्दों पर मौन क्यों हैं

    कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रुपये के कमजोर होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है आयात महंगा होने से पेट्रोल डीजल और गैस के दाम बढ़ते हैं महंगाई बढ़ती है विदेश में पढ़ाई और इलाज महंगा हो जाता है और कंपनियों की लागत बढ़ने से रोजगार पर भी असर पड़ता है इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की आर्थिक छवि भी प्रभावित होती है

    पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पोस्टर तक सीमित मुद्दा नहीं रहेगा बल्कि इसे लेकर आगे भी आंदोलन किया जाएगा और जनता के बीच इस विषय को उठाया जाएगा कुल मिलाकर रुपये की गिरती कीमत अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुकी है और आने वाले समय में यह बहस और तेज होने की संभावना है

  • लगातार चौथे हफ्ते बाजार में गिरावट, मिडिल ईस्ट संकट से Nifty 50-BSE Sensex पर दबाव

    लगातार चौथे हफ्ते बाजार में गिरावट, मिडिल ईस्ट संकट से Nifty 50-BSE Sensex पर दबाव


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। लगातार चौथे हफ्ते बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। वैश्विक अनिश्चितता, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की दिशा पर दबाव बनाए रखा।

    निफ्टी-सेंसेक्स का प्रदर्शन

    सप्ताह के दौरान निफ्टी 50 में 0.16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि आखिरी कारोबारी दिन यह 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,114.50 पर बंद हुआ। वहीं बीएसई सेंसेक्स हफ्ते के आखिर में 325.72 अंकों (0.44%) की तेजी के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ, लेकिन पूरे हफ्ते में इसमें 0.04 प्रतिशत की हल्की गिरावट रही।

    तेल की कीमतों से बढ़ती चिंता

    वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई और भारत के व्यापार घाटे को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि जींस का रुख सतर्क बना हुआ है और बाजार पर दबाव बना हुआ है।

    सेक्टर आधारित प्रदर्शन

    इस हफ्ते सेक्टरों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। आईटी और पीएसयू बैंकिंग सर्विसेज ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि मेटल सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।
    हालांकि, व्यापक बाजार में कमजोरी नजर आई-मिडकैप में मामूली बढ़त और स्मॉलकैप में गिरावट देखने को मिली।

    रुपये में गिरावट और FII की बिकवाली

    भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.49 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके पीछे डॉलर की मजबूत मांग और विदेशी जींस (FII) की लगातार बिकवाली प्रमुख कारण रहे। पिछले 13 ट्रेडिंग सत्रों में एफआईआई करीब 81,263 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

    निफ्टी की राय

    मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, निकट अवधि में बाजार का रुख सतर्क ही रहेगा। निफ्टी कच्चे तेल के दाम और पश्चिम एशिया का तनाव जींस की भावना को प्रभावित कर रहा है।

    विश्लेषकों के अनुसार:

    निफ्टी के लिए 23,850 तत्काल रेजिस्टेंस है
    इसके बाद 24,000 और 24,150 अहम स्तर होंगे
    नीचे की ओर 22,950 और 22,700 मजबूत सपोर्ट हैं

    वहीं बैंक निफ्टी के लिए 52,000–53,000 का फाइलरा सपोर्ट और 54,000–55,000 रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

    पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की रिकवरी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करें। यदि निवेशकों को सतर्क रहकर सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

  • हाईकोर्ट की सख्ती छिंदवाड़ा कलेक्टर को फटकार 50 हजार का जुर्माना

    हाईकोर्ट की सख्ती छिंदवाड़ा कलेक्टर को फटकार 50 हजार का जुर्माना


    जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए छिंदवाड़ा के कलेक्टर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है साथ ही उनके द्वारा जारी आदेश को भी निरस्त कर दिया गया है यह फैसला प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर अहम माना जा रहा है

    मामले के अनुसार कलेक्टर ने खनन विभाग की रिपोर्ट को बिना ठीक से जांचे मंजूरी दे दी थी जिस पर छिंदवाड़ा निवासी सारंग रघुवंशी ने आपत्ति जताते हुए इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि संबंधित आदेश में गंभीर लापरवाही बरती गई है और बिना उचित जांच के निर्णय लिया गया

    हाईकोर्ट ने कलेक्टर के इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई और इसे प्रशासनिक जिम्मेदारी का उल्लंघन माना अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्णय से पहले सभी तथ्यों और रिपोर्टों की गहन जांच आवश्यक होती है ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे

    यह मामला वर्ष 2025 का बताया जा रहा है जब परिवहन विभाग ने अवैध परिवहन के एक ट्रक को जब्त किया था इस दौरान ट्रक के असली मालिक की पहचान किए बिना याचिकाकर्ता को ही ट्रक मालिक मान लिया गया था याचिकाकर्ता ने बार बार अपनी सफाई पेश की लेकिन विभाग ने उनकी बात को अनसुना कर दिया जिससे उन्हें न्याय के लिए अदालत का रुख करना पड़ा

    हाईकोर्ट ने अपने आदेश में न केवल कलेक्टर के निर्णय को निरस्त किया बल्कि यह भी निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि याचिकाकर्ता को दी जाए यह फैसला इस बात का संकेत है कि न्यायालय प्रशासनिक मनमानी और लापरवाही के मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए है

    इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी अधिकारियों को अपने निर्णयों में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और नियमों का पालन करते हुए ही किसी भी प्रकार का आदेश जारी करना चाहिए अन्यथा उन्हें न्यायालय की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है

  • मध्यप्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ भोपाल इंदौर समेत तीन शहरों में व्यापारियों को धमकी और करोड़ों की फिरौती

    मध्यप्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ भोपाल इंदौर समेत तीन शहरों में व्यापारियों को धमकी और करोड़ों की फिरौती

    मध्यप्रदेश में एक बार फिर संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है जहां कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारियों को धमकाने और भारी रकम की मांग करने के मामले सामने आए हैं राजधानी भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में हाई प्रोफाइल कारोबारियों को निशाना बनाया गया है जिससे व्यापारिक समुदाय में दहशत का माहौल है

    भोपाल में एक सोना व्यापारी गौरव जैन को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताते हुए धमकी दी कि रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे धमकी भरे कॉल में भय पैदा करने की कोशिश करते हुए गाली गलौज और चेतावनी दी गई जिससे व्यापारी और उनका परिवार डर के साये में आ गया

    इसी तरह इंदौर के तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को भी गैंग के नाम पर धमकी मिली उनसे पहले 10 करोड़ रुपए और बाद में 5 करोड़ रुपए अतिरिक्त की मांग की गई इस तरह कुल 15 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं

    पुलिस के अनुसार धमकियां देने वाला खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ के नाम से बता रहा है और बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति गैंग से जुड़ा हुआ है या उसके नाम का इस्तेमाल कर रहा है गौरतलब है कि इससे पहले भी इस नाम से जुड़ा एक आरोपी अशोकनगर में पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है और हाल ही में खरगोन में एक व्यापारी के घर पर गोलीबारी की घटना ने भी सुरक्षा चिंता बढ़ा दी थी

    सूत्रों के मुताबिक धमकी के इन मामलों में खास तौर पर उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं या समाज में प्रभावशाली माने जाते हैं बीजेपी नेताओं और बड़े कारोबारियों को टारगेट किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है

    फिलहाल पुलिस ने अलग अलग जगहों पर शिकायतें मिलने के बाद मामले दर्ज कर लिए हैं और जांच शुरू कर दी गई है साइबर सेल की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल्स और व्हाट्सएप नंबरों की जांच की जा रही है ताकि धमकी देने वालों तक पहुंचा जा सके

    इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि संगठित अपराध अब डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा है और दूर बैठे अपराधी भी स्थानीय स्तर पर दहशत फैलाने में सक्षम हैं ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि वे इन गैंग्स की गतिविधियों पर नियंत्रण रखें और आम लोगों के बीच भरोसा कायम करें

  • मिडिल ईस्ट तनाव के बीच Donald Trump का दावा, ईरान की मिलिट्री कमजोर

    मिडिल ईस्ट तनाव के बीच Donald Trump का दावा, ईरान की मिलिट्री कमजोर


    नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य क्षमता “पूरी तरह खत्म” हो गई है। हालाँकि, जमीनी स्तर पर संघर्ष अभी भी जारी है और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता बनी हुई है।

    व्हाईट हाउस के साउथ लॉन में अविश्वास से बातचीत के दौरान अख्तर ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य अभियान के लक्ष्य को हासिल करने के बेहद करीब पहुंच चुका है। उन्होंने संकेत दिया कि मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ चल रहा बड़ा सैन्य अभियान जल्द ही समाप्त हो सकता है।

    अमेरिका के सैन्य लक्ष्य क्या हैं?

    स्केल ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता, लॉन्च किए गए सिस्टम और डिफेंस सैटेलाइट को पूरी तरह से तैयार करना है। इसके अलावा ईरान के रक्षा उद्योग, नौसेना, परमाणु ऊर्जा संयंत्र और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को भी खत्म करना इस अभियान का हिस्सा है।

    उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार विकसित न कर सके और वह इस दिशा में आगे न बढ़ सके।

    “हम जीत गए हैं” – बायस्ट

    असलहे ने परमाणु हथियारबंद सामान में कहा कि सैन्य स्थिति पूरी तरह से अमेरिका के पक्ष में है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हम जीत गए हैं। हमने अपनी सैन्य ताकत खत्म कर दी है।”

    हालाँकि, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई देशों द्वारा विराम की अपील की जा रही है, लेकिन किआल ने साफ कर दिया कि अमेरिका से युद्ध की दिशा इस दिशा में नहीं सोची जा रही है। उनके अनुसार, जब विरोध पूर्ण तरह से हो रहा हो, तब युद्धविराम करना नहीं होता।

    होर्मुज जलडमरूमध्य पर जिम्मेदारी का प्रश्न

    रियल ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर अमेरिका को ज्यादा छूट नहीं है, लेकिन यूरोप, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, इसलिए उन्हें अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग को फिर से खोलना “आसान सैन्य कदम” हो सकता है, लेकिन इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय सहायता आवश्यक होगी।

    सहयोगी सहयोगियों की भूमिका पर प्रश्न

    विद्रोहियों ने नाटो की भूमिका पर भी सवाल उठाया और कहा कि अब तक गठबंधन ने इस मुद्दे पर कोई ठंडा कदम नहीं उठाया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से भी सक्रिय भूमिका की अपील की।

    इजराइल के साथ संस्तुति

    अछूत ने इजराइल के साथ अमेरिका के मजबूत संतुलन का ज़िक्र करते हुए कहा कि दोनों देश इस संघर्ष में अपने लक्ष्य को हासिल करने के करीब हैं।

    आर्थिक प्रभाव को खारिज कर दिया गया

    तेल के गोदामों में प्लांट और बाजार में प्लॉट को लेकर उठती रही कंपनी को दिवालिया घोषित करते हुए कहा कि यह सैन्य कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर “परमाणु हथियार” हासिल नहीं कर पाएगा।