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  • राष्ट्रपति मुर्मु ने फिल्म सितारों से कहा, लोकप्रियता का इस्तेमाल समाज के हित में करें..

    राष्ट्रपति मुर्मु ने फिल्म सितारों से कहा, लोकप्रियता का इस्तेमाल समाज के हित में करें..

    नई दिल्ली ।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात के एकता नगर में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने लोकप्रिय फिल्म सितारों से अपनी प्रसिद्धि और प्रभाव का इस्तेमाल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों में खास तौर पर बच्चों और युवाओं को प्रभावित करने की बड़ी क्षमता होती है।

    अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जब सफल कलाकार अनुशासित जीवनशैली और स्वस्थ आदतों के फायदे बताते हैं तो बड़ी संख्या में बच्चे और युवा उनसे प्रभावित होते हैं। इसी प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फिल्म कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का प्रचार नहीं करने का अनुरोध किया।

    राष्ट्रपति ने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों को ऐसे उत्पादों के विज्ञापन से बचना चाहिए, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं। उन्होंने अपने संदेश को एक प्रभावशाली वाक्य में रखते हुए कहा कि स्टार वही है जो रोशनी फैलाए, अंधेरा नहीं।

    राष्ट्रपति की यह अपील ऐसे समय में सामने आई जब फिल्म जगत के कई चर्चित कलाकार अलग-अलग मौकों पर पान मसाला और अन्य उत्पादों के विज्ञापनों से जुड़े रहे हैं। कुछ कलाकारों ने ऐसे विज्ञापनों में काम किया है, जबकि कुछ ने बाद में सार्वजनिक प्रतिक्रिया के बीच संबंधित ब्रांड से दूरी बना ली।

    अभिनेता अक्षय कुमार भी पहले एक पान मसाला विज्ञापन का हिस्सा बने थे। हालांकि, लोगों की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने संबंधित कंपनी से अपना जुड़ाव खत्म कर लिया था। दूसरी ओर, कुछ दक्षिण भारतीय कलाकारों ने ऐसे उत्पादों के विज्ञापन के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए। इनमें अल्लू अर्जुन, यश और आर. माधवन के नाम शामिल हैं।

    राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में केवल फिल्म सितारों की जिम्मेदारी की बात नहीं की, बल्कि सिनेमा निर्माण से जुड़े उन लोगों को भी याद किया, जिनका योगदान अक्सर पर्दे के पीछे रह जाता है। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म को बनाने में बड़ी संख्या में लोगों की मेहनत शामिल होती है।

    उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं से अनुरोध किया कि अपनी फिल्मों को मिली सराहना और सम्मान को टीम के प्रत्येक सदस्य तक पहुंचाएं। इनमें मजदूर, छोटे कलाकार, सहायक और संघर्षरत लोग भी शामिल हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले इन लोगों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।

    72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। यह पहली बार था जब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से बाहर किया गया। गुजरात के एकता नगर में हुए इस समारोह में राष्ट्रपति ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

    समारोह में कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में पांच दशकों से अधिक के योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया और इसकी मुख्य अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। वहीं ‘भ्रमयुगम’ के लिए मैमूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान दिया गया।

    राष्ट्रपति ने सिनेमा को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति, संवेदनाओं और जीवन मूल्यों को दुनिया तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में बनने वाली फिल्मों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा देश की जड़ों और विविध कहानियों को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

  • 200 करोड़ रंगदारी मामले में जैकलीन को आरोपी बनाने की मांग, अदालत ने याचिका खारिज की

    200 करोड़ रंगदारी मामले में जैकलीन को आरोपी बनाने की मांग, अदालत ने याचिका खारिज की

    नई दिल्ली । दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 200 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी से जुड़े मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस और लीपाक्षी एलावाड़ी को अतिरिक्त आरोपी के तौर पर तलब करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका सुकेश चंद्रशेखर के कथित करीबी सहयोगी नवास कक्कट की ओर से दायर की गई थी।

    विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह की अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इसमें जिन लोगों को अतिरिक्त आरोपी बनाए जाने की मांग की गई है, उनके खिलाफ इस स्तर पर पर्याप्त आधार सामने नहीं आता। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों और उपलब्ध बयानों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया।

    याचिकाकर्ता का मामला मुख्य रूप से सह-आरोपी पिंकी ईरानी के उस बयान पर आधारित था, जो महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून यानी मकोका की धारा 18 के तहत दर्ज किया गया था। अदालत ने इस बयान को आधार मानते हुए याचिका में लगाए गए दावों की जांच की।

    अदालत ने कहा कि यदि पिंकी ईरानी के बयान को पूरी तरह सही मान भी लिया जाए, तब भी उसमें उन लोगों की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती, जिन्हें सुकेश के निर्देश पर महंगे उपहार दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में केवल इस बयान के आधार पर जैकलीन फर्नांडीस और लीपाक्षी एलावाड़ी को नए आरोपी के तौर पर तलब करने का आधार नहीं बनता।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने लीपाक्षी एलावाड़ी के बयान का भी उल्लेख किया। कोर्ट के मुताबिक, मामले में उपलब्ध सामग्री को देखते हुए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत किसी अतिरिक्त आरोपी को तलब करने के लिए आवश्यक आधार इस स्तर पर स्थापित नहीं होता।

    नवास कक्कट की ओर से दायर याचिका में अपने ऊपर लगे आरोपों से संबंधित घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया था। दावा किया गया कि वह सुकेश चंद्रशेखर के निर्देश पर कथित अपराध से जुड़ी रकम को अलग-अलग स्थानों पर रखने, उसे स्थानांतरित करने और उसके लेनदेन को संभालने में मदद करता था।

    याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि बॉलीवुड से जुड़े लोगों के लिए महंगे उपहार और अन्य कीमती सामान खरीदने के भुगतान की व्यवस्था में भी उसकी भूमिका थी। इसके लिए बैंक खातों में लेनदेन से संबंधित प्रविष्टियां कराने की बात कही गई थी।

    मामले में जैकलीन फर्नांडीस का नाम पहले भी सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े विवाद में सामने आता रहा है। हालांकि, मौजूदा सुनवाई में अदालत के सामने सवाल यह था कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर उन्हें इस मामले में अतिरिक्त आरोपी के तौर पर तलब किया जा सकता है या नहीं।

    अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से रखे गए आधारों और संबंधित बयानों पर विचार करने के बाद माना कि अतिरिक्त आरोपी को तलब करने के लिए जरूरी कानूनी आधार मौजूद नहीं है। इसी के साथ जैकलीन फर्नांडीस और लीपाक्षी एलावाड़ी को आरोपी बनाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई।

  • राजामौली की फिल्म के लिए शाहरुख ने खुद बढ़ाया था मदद का हाथ, हिंदी दर्शकों के बीच पहचान बनने से पहले का है किस्सा

    राजामौली की फिल्म के लिए शाहरुख ने खुद बढ़ाया था मदद का हाथ, हिंदी दर्शकों के बीच पहचान बनने से पहले का है किस्सा

    नई दिल्ली । एसएस राजामौली आज भारतीय सिनेमा के उन निर्देशकों में शामिल हैं, जिनकी फिल्मों का इंतजार देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में किया जाता है। उनकी कहानी कहने की शैली और बड़े स्तर पर फिल्म बनाने के तरीके ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। हालांकि, करियर के एक दौर में हिंदी दर्शकों के बीच उनका नाम आज जितना जाना-पहचाना नहीं था। उसी समय शाहरुख खान से जुड़ी एक घटना राजामौली के लिए बेहद यादगार बन गई थी।

    यह किस्सा उस समय का है, जब राजामौली अपनी फिल्म ‘ईगा’ को हिंदी दर्शकों तक ‘मक्खी’ नाम से पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। फिल्म के प्रचार के सिलसिले में वह कई लोगों से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात शाहरुख खान से हुई। शाहरुख उनकी पिछली फिल्म ‘मगधीरा’ देख चुके थे और उन्होंने राजामौली से उनके काम तथा नई फिल्म के बारे में बातचीत की।

    राजामौली ने बताया था कि शाहरुख ने उनसे पूछा कि वह उस समय क्या कर रहे हैं। जब उन्होंने बताया कि वह ‘मक्खी’ के प्रचार में व्यस्त हैं, तो शाहरुख ने बिना किसी आग्रह के फिल्म के बारे में लोगों को बताने का फैसला किया। उन्होंने खुद फिल्म को लेकर संदेश साझा किया और दर्शकों से इसे देखने की अपील की।

    शाहरुख ने ‘मक्खी’ को राजामौली की बनाई एक मौलिक फिल्म बताते हुए उसकी रिलीज की जानकारी दी थी। उन्होंने दर्शकों को परिवार और बच्चों के साथ फिल्म देखने के लिए प्रोत्साहित किया था। साथ ही उन्होंने राजामौली और उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं भी दी थीं।

    राजामौली के लिए यह पहल इसलिए खास थी क्योंकि उस समय वह हिंदी फिल्म दर्शकों के बीच बहुत बड़ा नाम नहीं थे। ऐसे दौर में एक बड़े सितारे का उनकी फिल्म के बारे में खुद आगे आकर बात करना उनके लिए निश्चित तौर पर यादगार अनुभव बना। राजामौली ने इस घटना को शाहरुख के सहज और सहयोगी स्वभाव से जोड़कर याद किया था।

    इस घटना के बाद राजामौली ने शाहरुख के प्रति अपना आभार भी जाहिर किया था। उन्होंने कहा था कि किसी ऐसे व्यक्ति की मदद करना, जिसे उस समय हिंदी दर्शक बहुत ज्यादा नहीं जानते थे, शाहरुख के व्यक्तित्व की खासियत को दिखाता है। राजामौली के मन में इस घटना की याद लंबे समय तक बनी रही।

    राजामौली ने शाहरुख के साथ काम करने की इच्छा को लेकर भी सम्मान जाहिर किया था। उनका मानना था कि देश का कोई भी निर्देशक उनके साथ काम करना चाहेगा। उनके लिए शाहरुख केवल एक बड़े अभिनेता नहीं, बल्कि ऐसा व्यक्ति भी हैं जो दूसरे कलाकारों और फिल्मकारों के काम को पहचानने तथा प्रोत्साहित करने की क्षमता रखते हैं।

    राजामौली के करियर में इसके बाद कई बड़े पड़ाव आए और उनकी फिल्मों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। फिलहाल वह अपनी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में महेश बाबू मुख्य भूमिका में नजर आएंगे, जबकि प्रियंका फीमेल लीड भूमिका निभा रही हैं।

    राजामौली और शाहरुख से जुड़ा यह पुराना किस्सा बताता है कि किसी कलाकार के करियर के शुरुआती दौर में मिला छोटा सा प्रोत्साहन भी उसके लिए लंबे समय तक यादगार रह सकता है। शाहरुख की वह पहल राजामौली के लिए ऐसी ही एक खास याद बन गई, जिसे वह आज भी सम्मान के साथ याद करते हैं।

  • 2500 रुपये से शुरू हुआ था सफर 91 की उम्र में भी याद किए जाते हैं प्रेम चोपड़ा जानिए खलनायक बनने की दिलचस्प कहानी

    2500 रुपये से शुरू हुआ था सफर 91 की उम्र में भी याद किए जाते हैं प्रेम चोपड़ा जानिए खलनायक बनने की दिलचस्प कहानी


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ कलाकार ऐसे रहे हैं जिनकी पहचान उनके किरदारों से आगे बढ़कर उनकी आवाज और संवादों से भी जुड़ गई। प्रेम चोपड़ा ऐसे ही दिग्गज कलाकार हैं जिन्होंने पर्दे पर खलनायक के किरदारों को एक अलग पहचान दी। 23 सितंबर 1935 को लाहौर में जन्मे प्रेम चोपड़ा अपना 91वां जन्मदिन मना रहे हैं। फिल्मों में उन्होंने भले ही कई तरह के किरदार निभाए लेकिन नकारात्मक भूमिकाओं ने उन्हें दर्शकों के बीच ऐसी पहचान दिलाई जिसे आज भी याद किया जाता है। हालांकि बॉलीवुड तक पहुंचने की उनकी राह आसान नहीं थी। वह मुंबई हीरो बनने का सपना लेकर पहुंचे थे लेकिन शुरुआत एक अखबार की नौकरी से करनी पड़ी।

    प्रेम चोपड़ा का बचपन शिमला में बीता। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। उनके पिता चाहते थे कि बेटा डॉक्टर या आईएएस अधिकारी बने लेकिन प्रेम चोपड़ा का मन अभिनय की दुनिया में था। मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि फिल्मी दुनिया में जगह बनाना आसान नहीं है। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने एक अखबार के सर्कुलेशन विभाग में नौकरी शुरू कर दी। इस नौकरी के दौरान उन्हें बंगाल उड़ीसा और बिहार जैसे इलाकों में अखबार के वितरण का काम देखना पड़ता था। उनके काम में लगातार यात्राएं शामिल थीं और महीने के करीब 20 दिन उन्हें दौरे पर रहना पड़ता था।

    अभिनेता बनने का सपना हालांकि उन्होंने नौकरी के बीच भी नहीं छोड़ा। वह अपने दौरे जल्द पूरा करने की कोशिश करते थे ताकि मुंबई लौटकर फिल्म स्टूडियो के चक्कर लगा सकें। इसी संघर्ष के दौरान उनकी किस्मत ने एक दिन नया मोड़ लिया। ट्रेन में सफर करते समय एक पंजाबी फिल्म निर्माता की नजर उन पर पड़ी। निर्माता को प्रेम चोपड़ा का व्यक्तित्व पसंद आया और उन्हें फिल्म चौधरी करनैल सिंह में काम करने का मौका मिल गया। यह उनकी पहली फिल्म थी और बताया जाता है कि इसके लिए उन्हें 2500 रुपये मिले थे। फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला और प्रेम चोपड़ा के अभिनय सफर की शुरुआत हो गई।

    हिंदी फिल्मों में उनका डेब्यू 1960 में मुड़ मुड़ के ना देख से हुआ। शुरुआती दौर में वह मुख्य रूप से अभिनेता के तौर पर अपनी जगह बनाने की कोशिश करते रहे। इसके बाद 1964 में आई फिल्म वो कौन थी में उन्होंने नकारात्मक किरदार निभाया। फिल्म सफल रही और उनके अभिनय पर दर्शकों तथा फिल्म जगत की नजर गई। इसके बाद शहीद तीसरी मंजिल मेरा साया और उपकार जैसी फिल्मों में उनके खलनायक वाले किरदार सामने आए। उपकार के बाद प्रेम चोपड़ा को लगातार काम मिलने लगा और उन्हें महसूस हुआ कि अब वह मुंबई में अपनी जगह बना चुके हैं।

    उनके करियर का सबसे यादगार पड़ाव 1973 में आई राज कपूर की फिल्म बॉबी रही। फिल्म में उनका किरदार बहुत बड़ा नहीं था लेकिन एक छोटा सा संवाद उनकी पहचान का स्थायी हिस्सा बन गया। संवाद था प्रेम नाम है मेरा प्रेम चोपड़ा। फिल्म रिलीज होने के बाद यह संवाद इतना लोकप्रिय हुआ कि प्रेम चोपड़ा का नाम ही इसके साथ जुड़ गया। आगे चलकर यही संवाद उनकी आत्मकथा के शीर्षक का हिस्सा भी बना।

    प्रेम चोपड़ा ने अपने लंबे करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया और अलग अलग तरह के किरदार निभाए। हालांकि दर्शकों की याद में उनकी खलनायक वाली छवि सबसे ज्यादा मजबूत रही। उनकी खास संवाद अदायगी और पर्दे पर प्रभावशाली मौजूदगी ने उन्हें हिंदी सिनेमा के यादगार कलाकारों में शामिल कर दिया। 91वें जन्मदिन पर उनके जीवन का यह सफर बताता है कि मुंबई में एक नौकरी करते हुए शुरू हुआ संघर्ष कैसे भारतीय सिनेमा की एक स्थायी पहचान में बदल गया।

  • भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, जेलेंस्की ने अमेरिका के फैसले का किया खुलकर समर्थन

    भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, जेलेंस्की ने अमेरिका के फैसले का किया खुलकर समर्थन


    नई दिल्ली । अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का रास्ता साफ होने के बाद भारत से जुड़ी इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Lindsey O Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया है। इस कानून के तहत रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को दिया गया है। भारत और चीन जैसे बड़े रूसी तेल खरीदार इस प्रावधान के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि अभी यह कहना सही नहीं होगा कि भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लागू हो चुका है। कानून अमेरिकी प्रशासन को ऐसा कदम उठाने का अधिकार देता है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी कदम का समर्थन किया है। न्यूयॉर्क में अमेरिकी सांसदों से मुलाकात के दौरान जेलेंस्की ने रूस पर दबाव बढ़ाने वाले इस कानून को लेकर आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम युद्ध को खत्म करने और शांति तथा सुरक्षा की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं। जेलेंस्की की प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अमेरिका रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए अलग अलग आर्थिक उपायों पर जोर दे रहा है।

    इस कानून का मुख्य निशाना रूस है। इसमें रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को मजबूत करने के साथ उसके ऊर्जा क्षेत्र और उससे जुड़े कारोबार पर दबाव बढ़ाने का प्रावधान है। कानून के तहत रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर भी टैरिफ लगाया जा सकता है। अमेरिकी संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने 18 सितंबर को इस पर हस्ताक्षर किए। व्हाइट हाउस के अनुसार कानून रूस के खिलाफ वैधानिक प्रतिबंधों और टैरिफ संबंधी अधिकारों का विस्तार करता है।

    भारत के लिए इस कानून का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि रूस लंबे समय से भारत के प्रमुख कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देशों से कच्चा तेल खरीदता है और रूस भी इसमें महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में भारत का रूस से तेल आयात करीब 16.5 फीसदी घटकर लगभग 21 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। इसके बावजूद रूस भारत का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

    अमेरिका का तर्क है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाकर मॉस्को पर यूक्रेन युद्ध को लेकर दबाव बनाया जा सकता है। वहीं भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। भारतीय पक्ष पहले ही संकेत दे चुका है कि ऐसे अमेरिकी कदमों का असर भारत अमेरिका संबंधों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश की ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जाएंगे।

    इस घटनाक्रम में अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि अमेरिकी प्रशासन कानून में मिले अधिकारों का इस्तेमाल किस तरह करता है। फिलहाल कानून लागू हो चुका है लेकिन भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन के फैसले और भारत की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। साथ ही इसका असर कच्चे तेल की कीमतों वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और भारत अमेरिका व्यापार संबंधों पर भी पड़ सकता है।

  • Amazon Great Indian Festival 2026 का ऐलान, 8 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी फेस्टिव सेल

    Amazon Great Indian Festival 2026 का ऐलान, 8 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी फेस्टिव सेल

    नई दिल्ली । त्योहारी सीजन के साथ ऑनलाइन शॉपिंग की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। Amazon ने भारत में अपनी Great Indian Festival 2026 सेल की तारीख घोषित कर दी है। यह बड़ी फेस्टिव सेल 8 अक्टूबर से शुरू होगी। सेल के दौरान Smartphones, Electronics, TV, Home Appliances और दूसरी कई कैटेगरी के प्रोडक्ट्स पर अलग-अलग तरह के ऑफर्स मिलने की उम्मीद है। हालांकि अभी हर प्रोडक्ट की अंतिम कीमत और सटीक डिस्काउंट की जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस बार सेल में ग्राहकों को कई तरह के डील फॉर्मेट देखने को मिलेंगे। Blockbuster Deals, Top 100 Deals, Mega Deals और 8 PM Deals जैसे ऑफर्स के अलावा Buy More Save More, Exchange Mela, Amazon Combos और Sample Mania भी सेल का हिस्सा होंगे। इन ऑफर्स के जरिए अलग-अलग कैटेगरी में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कीमत में बचत के कई विकल्प मिल सकते हैं।

    सेल में SBI के पात्र क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खरीदारी करने पर 10 प्रतिशत तक की तत्काल छूट मिलने की जानकारी दी गई है। पात्र क्रेडिट कार्ड से EMI पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को भी यह लाभ मिल सकता है। हालांकि न्यूनतम खरीदारी, अधिकतम डिस्काउंट और किन प्रोडक्ट्स पर यह ऑफर लागू होगा, इसकी विस्तृत शर्तें अभी स्पष्ट नहीं की गई हैं।

    Prime Members के लिए भी सेल में अतिरिक्त बचत का विकल्प रहेगा। कुछ चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर Prime ग्राहकों को 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त सेविंग्स मिलने की जानकारी दी गई है। यह लाभ सभी प्रोडक्ट्स पर समान रूप से लागू होगा या नहीं, इसकी पूरी जानकारी सेल शुरू होने के बाद सामने आ सकती है।

    Smartphone खरीदने वाले ग्राहकों की नजर खासतौर पर प्रीमियम मॉडल्स पर रह सकती है। नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के बाजार में उपलब्ध होने के बीच पुराने प्रीमियम मॉडल्स पर कंपनियों और विक्रेताओं की ओर से कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। iPhone 17 Pro, iPhone 17 Pro Max और Samsung Galaxy S25 Ultra जैसे स्मार्टफोन पर Price Cut, Bank Offer और Exchange Benefit मिलने की संभावना है, लेकिन इनकी अंतिम सेल कीमत अभी घोषित नहीं हुई है।

    ग्राहकों को अलग-अलग कैटेगरी में Exchange Offers और No Cost EMI का विकल्प भी मिलेगा। पुराने डिवाइस को एक्सचेंज करके नया गैजेट खरीदने पर मिलने वाला वास्तविक लाभ डिवाइस की स्थिति और निर्धारित एक्सचेंज वैल्यू पर निर्भर करेगा। इसी तरह No Cost EMI की उपलब्धता भी संबंधित प्रोडक्ट और भुगतान विकल्पों के आधार पर अलग हो सकती है।

    किसी भी प्रोडक्ट की वास्तविक बचत केवल घोषित डिस्काउंट से तय नहीं होगी। Product Price, Seller Offer, Bank Discount, Exchange Value और उपलब्ध Stock जैसे कई कारक अंतिम कीमत को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए खरीदारी के दौरान ऑफर की सभी शर्तों और अंतिम भुगतान राशि की जांच करना जरूरी होगा।

    त्योहारी खरीदारी बढ़ने की संभावना को देखते हुए डिलीवरी नेटवर्क को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत 20 नए Fulfilment Centers, 6 Sort Centers और 150 Last-Mile Delivery Stations जोड़े गए हैं। इसके साथ 1.6 लाख से अधिक मौसमी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई है। सेल की शुरुआत के बाद अलग-अलग प्रोडक्ट्स पर वास्तविक कीमत और ऑफर्स की तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होगी।

  • धधकती धूनी में सोना चांदी और 1.51 लाख किलो सामग्री जानिए दादा धूनी दरबार के महायज्ञ की कहानी

    धधकती धूनी में सोना चांदी और 1.51 लाख किलो सामग्री जानिए दादा धूनी दरबार के महायज्ञ की कहानी


    रायसेन  । मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के उदयपुरा स्थित दादा धूनी दरबार में हुआ 51 दिवसीय महायज्ञ इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। धार्मिक आयोजन की खासियत इसकी लंबी अवधि के साथ साथ इसमें अर्पित की गई विशाल मात्रा में हवन सामग्री और सोने चांदी के आभूषण बताए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार इस महायज्ञ में करीब 1 लाख 51 हजार किलो सामग्री धूनी में अर्पित की गई। इसमें फल फूल मिठाई कपड़े और 251 प्रकार की जड़ी बूटियां शामिल थीं। इसके अलावा करीब डेढ़ किलो सोना और 4 से 5 किलो चांदी के आभूषण भी धूनी में अर्पित किए जाने का दावा किया गया है।

    यह धार्मिक अनुष्ठान 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुआ था और 17 सितंबर तक चला। 51 दिनों तक चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात कही गई है। आयोजन से जुड़े संत शिवानंद महाराज के अनुसार यहां लगातार धार्मिक अनुष्ठान के साथ श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी की गई। बताया गया कि कई अवसरों पर भक्तों के लिए 24 घंटे भंडारे की व्यवस्था रही।

    महायज्ञ में सबसे ज्यादा चर्चा सोने और चांदी की आहुति को लेकर हो रही है। संत शिवानंद महाराज के अनुसार श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित किए गए सोने और चांदी के आभूषणों को धूनी में समर्पित किया गया। उनकी मान्यता के मुताबिक धूनी को मां नर्मदा के स्वरूप के तौर पर देखा जाता है और सोना चांदी तथा अन्य सामग्री इसमें श्रृंगार और श्रद्धा के रूप में अर्पित की जाती है। उनका कहना है कि धूनी में अर्पित सामग्री से बनी भस्म को बाद में मां नर्मदा में विसर्जित किया जाता है। इन धार्मिक मान्यताओं और सामग्री की मात्रा से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।

    इस आयोजन की एक और खास बात 251 प्रकार की जड़ी बूटियों का इस्तेमाल बताया गया है। आयोजकों के मुताबिक फल फूल मिठाई वस्त्र और अन्य सामग्री के साथ इन जड़ी बूटियों को भी यज्ञ में अर्पित किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री के इस्तेमाल के कारण यह आयोजन अपने विशाल स्वरूप को लेकर भी चर्चा में आया है।

    संत शिवानंद महाराज ने आयोजन को लेकर किसी व्यक्ति या संस्था से चंदा अथवा आर्थिक सहयोग नहीं लेने का दावा किया है। उनका कहना है कि यह पूरा आयोजन दादा धूनी वाले महाराज और मां नर्मदा की कृपा से संपन्न हुआ। उन्होंने इसी आयोजन को लेकर एक चुनौती भी दी है। उनके मुताबिक यदि दुनिया में कोई व्यक्ति या संस्था इसी तरह का आयोजन कराकर दिखाती है तो वह उसे 21 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देंगे।

    महायज्ञ के बाद अब 21 दिनों का विशेष नर्मदा संकीर्तन चल रहा है जो 8 अक्टूबर तक जारी रहने की जानकारी सामने आई है। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार धार्मिक गतिविधियां और भंडारे भी इस दौरान जारी रहेंगे। संत शिवानंद महाराज को इस आयोजन के लिए इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र मिलने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। हालांकि रिकॉर्ड से जुड़े दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं हुई है।

    दादा धूनी दरबार का यह आयोजन इसलिए भी लोगों का ध्यान खींच रहा है क्योंकि इसमें धार्मिक आस्था के साथ बड़ी मात्रा में सामग्री अर्पित किए जाने की बात सामने आई है। सोना चांदी जड़ी बूटियां और हजारों क्विंटल अन्य सामग्री को लेकर किए गए दावे ने इस महायज्ञ को चर्चा में ला दिया है। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आस्था और धार्मिक परंपरा से जुड़ा विषय है जबकि इसके अलग अलग दावों को आयोजकों के कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

  • शनिवार से शनिवार तक रहेगा पितृ पक्ष जानें किस दिन किस तिथि का होगा श्राद्ध और क्या हैं जरूरी नियम

    शनिवार से शनिवार तक रहेगा पितृ पक्ष जानें किस दिन किस तिथि का होगा श्राद्ध और क्या हैं जरूरी नियम


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह समय पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में पितृ पक्ष को लेकर 26 और 27 सितंबर की तारीखों को लेकर लोगों के बीच भ्रम बना हुआ है। पंचांग की गणना के अनुसार 26 सितंबर शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध होगा जबकि प्रतिपदा श्राद्ध 27 सितंबर रविवार से शुरू होगा। इसके बाद 10 अक्टूबर शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन होगा। इस तरह पूर्णिमा श्राद्ध को शामिल करने पर यह अवधि 16 दिनों की मानी जा रही है।

    इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत और समाप्ति दोनों शनिवार को होने का संयोग बताया जा रहा है। 26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा का श्राद्ध किया जाएगा। इसके अगले दिन 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध होगा। इसके बाद 28 सितंबर को द्वितीया श्राद्ध और 29 सितंबर को तृतीया श्राद्ध किया जाएगा। 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध रहेगा। इसके बाद 1 अक्टूबर को षष्ठी श्राद्ध और 2 अक्टूबर को सप्तमी श्राद्ध किया जाएगा।

    3 अक्टूबर शनिवार को अष्टमी श्राद्ध होगा जबकि 4 अक्टूबर रविवार को नवमी श्राद्ध किया जाएगा। 5 अक्टूबर को दशमी श्राद्ध और 6 अक्टूबर को एकादशी श्राद्ध रहेगा। 7 अक्टूबर को द्वादशी श्राद्ध के साथ मघा नक्षत्र से जुड़ा श्राद्ध भी बताया गया है। 8 अक्टूबर को त्रयोदशी श्राद्ध और 9 अक्टूबर को चतुर्दशी श्राद्ध होगा। इसके बाद 10 अक्टूबर शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाएगी। यही पितृ पक्ष का अंतिम दिन होगा।

    पितृ पक्ष में जिस तिथि को किसी पूर्वज का निधन हुआ हो उस तिथि के अनुसार श्राद्ध करने की परंपरा है। यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं हो तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करने की मान्यता है। इस दिन उन सभी पूर्वजों का स्मरण किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि परिवार को ज्ञात नहीं होती या जिनका नियमित श्राद्ध किसी कारण से नहीं हो पाता।

    श्राद्ध कर्म में तर्पण पिंडदान और भोजन दान जैसे कर्मों का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार तर्पण के दौरान जल और तिल का प्रयोग किया जाता है। कई परंपराओं में कुशा का इस्तेमाल भी किया जाता है। श्राद्ध का भोजन तैयार करने के बाद गाय कुत्ते कौए और अन्य जीवों के लिए भोजन निकालने की परंपरा भी कई परिवारों में निभाई जाती है।

    श्राद्ध कर्म के समय को लेकर भी धार्मिक परंपराओं में विशेष नियम बताए गए हैं। सामान्य तौर पर श्राद्ध कर्म दिन के उस हिस्से में करने की परंपरा है जिसे कुतप काल कहा जाता है। हालांकि स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा के अनुसार तर्पण और श्राद्ध के समय में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी विशेष तिथि का श्राद्ध करने से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान से सही समय की जानकारी लेना उचित माना जाता है।

    कुल मिलाकर वर्ष 2026 का पितृ पक्ष तारीखों के लिहाज से खास माना जा रहा है। 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध से इसकी शुरुआत होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समापन होगा। इस दौरान अलग अलग तिथियों के अनुसार पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और परिवार की परंपराओं को निभाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

  • 26 सितंबर तक कन्या राशि में भद्र राजयोग 3 राशियों के लिए धन करियर और कारोबार में बड़े लाभ के योग

    26 सितंबर तक कन्या राशि में भद्र राजयोग 3 राशियों के लिए धन करियर और कारोबार में बड़े लाभ के योग


    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में इस समय बुध ग्रह अपनी उच्च राशि कन्या में विराजमान हैं और इससे भद्र राजयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार भद्र राजयोग पंच महापुरुष राजयोगों में शामिल है। बुध को बुद्धि वाणी तर्क व्यापार गणना और संवाद का कारक ग्रह माना जाता है। जब बुध अपनी स्वराशि मिथुन या उच्च राशि कन्या में केंद्र भाव में स्थित होते हैं तो भद्र राजयोग बनने की स्थिति मानी जाती है। मौजूदा स्थिति में यह योग 26 सितंबर 2026 तक रहने वाला है।

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार 26 सितंबर को बुध कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही कन्या राशि में बना भद्र राजयोग समाप्त माना जाएगा। इस छोटी अवधि में कुछ राशियों के लिए करियर कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना ज्योतिष में बताई गई है। हालांकि इन प्रभावों को ज्योतिषीय मान्यता के तौर पर ही देखना चाहिए।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय खास बताया जा रहा है। बुध मिथुन राशि के स्वामी ग्रह हैं और भद्र राजयोग उनके चौथे भाव में बनने की बात कही गई है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान घर परिवार और भौतिक सुख सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। मकान वाहन या संपत्ति से जुड़ी योजना आगे बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में रणनीतिक सोच और निर्णय क्षमता का लाभ मिलने के संकेत बताए गए हैं।

    कन्या राशि के जातकों के लिए यह योग उनकी ही राशि में बन रहा है। इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इसका प्रभाव उनके व्यक्तित्व और निर्णय क्षमता पर दिखाई दे सकता है। आत्मविश्वास बढ़ने के साथ काम को लेकर स्पष्टता आने की संभावना बताई गई है। व्यापार से जुड़े जातकों के लिए अटके हुए काम आगे बढ़ने और पुराने भुगतान मिलने के योग बताए गए हैं। मीडिया पत्रकारिता वकालत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए भी यह अवधि महत्वपूर्ण बताई गई है।

    धनु राशि के जातकों के लिए भद्र राजयोग कर्म और करियर से जुड़े दसवें भाव में बनने की बात कही गई है। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने या पद से जुड़ी अच्छी खबर मिलने के योग ज्योतिष में बताए गए हैं। कारोबार करने वाले लोगों के लिए नए सौदे और व्यावसायिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का समय अनुकूल माना जा रहा है। व्यापारिक यात्राओं से लाभ मिलने और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने की संभावना भी बताई गई है।

    इस दौरान बुध ग्रह से जुड़े उपाय करने की सलाह भी ज्योतिष में दी जाती है। बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना और गणेश मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है। जरूरतमंद लोगों को हरी मूंग हरे वस्त्र या पशुओं के लिए हरा चारा दान करने की भी मान्यता है। इन उपायों को धार्मिक और ज्योतिषीय विश्वास के तौर पर ही लेना चाहिए।

    कुल मिलाकर 26 सितंबर तक कन्या राशि में बुध की स्थिति के कारण भद्र राजयोग की चर्चा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार मिथुन कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि करियर कारोबार धन और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में सकारात्मक रह सकती है। इसके बाद बुध के तुला राशि में प्रवेश के साथ ग्रहों की स्थिति बदल जाएगी और ज्योतिषीय प्रभावों की व्याख्या भी बदल जाएगी।

  • MP: सागर जहरीली शराब कांड के एक और आरोपी मनीष लोधी का शार्ट एनकाउंटर, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

    MP: सागर जहरीली शराब कांड के एक और आरोपी मनीष लोधी का शार्ट एनकाउंटर, पुलिस ने किया गिरफ्तार…


    सागर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले (Sagar district) के बंडा में हुए जहरीली शराब कांड (Spurious liquor) में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मनीष लोधी (Manish Lodhi) उर्फ यशवंत ठाकुर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. मनीष लोधी पर 30 हजार रुपये का इनाम रखा गया था. उसके साथ आशीष साहू नाम के एक अन्य आरोपी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है. यह पूरी घटना मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया सेसई रोड घाटी पर हुई, जहां पुलिस और आरोपियों के बीच सीधी मुठभेड़ हुई।

    पुलिस के मुताबिक जब टीम आरोपियों को पकड़ने पहुंची तो दोनों तरफ से गोलीबारी की नौबत आ गई. इस दौरान मनीष लोधी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया. वहीं पुलिस से बचकर भागने की कोशिश में उसका साथी आशीष साहू भी घायल हो गया. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके की तलाशी ली, जिसमें दो देशी कट्टे, पांच खाली राउंड और एक बेसबॉल डंडा बरामद किया गया है. दोनों घायल आरोपियों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बंडा जहरीली शराब मामले में यह पुलिस की तीसरी मुठभेड़ है. इससे पहले भी इस मामले से जुड़े आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस कई बार मुठभेड़ कर चुकी है. मनीष लोधी को इस पूरे कांड का मुख्य किरदार माना जा रहा है, इसी वजह से पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रही थी. अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।

    पुलिस अभी भी अवैध शराब के इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और हर आरोपी की क्या भूमिका रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. लोगों में इस मामले को लेकर काफी गुस्सा और चर्चा बनी हुई है, क्योंकि जहरीली शराब से कई लोगों की जान को खतरा हुआ था।