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  • अंडमान के अपतटीय बेसिन में मिला नैचुरल गैस का बड़ा भंडार, केंद्रीय मंत्री पुरी ने शेयर किया वीडियो

    अंडमान के अपतटीय बेसिन में मिला नैचुरल गैस का बड़ा भंडार, केंद्रीय मंत्री पुरी ने शेयर किया वीडियो


    नई दिल्ली।
    अंडमान निकोबार (Andaman and Nicobar) क्षेत्र में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) के बड़े भंडार मिले हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने एक वीडियो साझा करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Limited- OIL) ने अंडमान अपतटीय बेसिन में प्राकृतिक गैस का एक बड़ा भंडार खोज निकाला है। इससे भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की संभावना को और भी ज्यादा बल मिला है।

    सोशल मीडिया साइट एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि अंडमान निकोबार द्वीपों से 15 किलोमीटर दूर श्री विजय पुरम-3 में हमें प्राकृतिक गैस के भंडार मिले हैं। यह कुआँ पानी में करीब 1900 मीटर गहराई में स्थिति हैं। शुरुआती टेस्टिंग के दौरान लगातार गैस जलने से गैस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। गैस के नमूने की जांच के लिए उसे लैबोरेट्री में भेजा गया है।”

    बता दें, यह पहली बार नहीं है जब अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पास प्राकृतिक गैस के भंडार मिले हों। इससे पहले 2025 में भी बेसिन में प्राकृतिक गैस के स्त्रोत मिलने की पुष्टि हुई थी। सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान में श्री विजय पुरम-2 के कुओं में गैस मिली थी। इसकी जांच करने पर पता चला था कि इस गैस में 87 फीसदी मीथेन मिली हुई थी। लगातार दो जगह पर प्राकृतिक गैस के भंडार मिलने से इस बात की पुष्टि होती है कि इस पूरे बेसिन में पेट्रोलियम तत्व मौजूद हैं। यह पूरा बेसिन इंडोनेशिया से लेकर म्यांमार तक फैला हुआ है।


    सरकार का समुद्र मंथन अभियान

    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से भारत ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। हालांकि, भारत सरकार को इसका अंदेशा पिछले कई सालों से है। इसलिए वह लगातार भारतीय समुद्री क्षेत्र में ऊर्जा भंडारों का पता लगाने की कोशिश करती रही है। इसी अभियान को तेज करने के लिए भारत सरकार ने ‘समुद्र मंथन’ नामक एक परियोजना शुरू की है। इसका उद्देश्य भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार ने इस अभियान के लिए प्रमुख तौर पर अंडमान निकोबार द्वीप समूह के आसपास का हिस्सा चिह्नित किया है। भूवैज्ञानिक दृष्टि से बात करें तो यह क्षेत्र बंगाल-आराकान पेट्रोलियम प्रणाली का हिस्सा है। यही क्षेत्र म्यांमार, थाईलैंड औऱ इंडोनेशिया में बड़े गैस और तेल भंडारों का आधार रही है।

    ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि अंडमान के आसपास के क्षेत्रों में तेल और गैस के नए भंडार हो सकते हैं। यह भंडार अगर सामने आ जाते हैं, तो वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका पूरी तरह से बदल सकती है। हालांकि, सरकार लगातार इसकी खोज कर रही है, लेकिन अभी तक इनके आकार की पुष्टि नहीं हो पाई है।

  • तमिनाडु: BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई के नए आंदोलन को जबदस्त समर्थन, 10 घंटे में जुड़े लाख से अधिक लोग

    तमिनाडु: BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई के नए आंदोलन को जबदस्त समर्थन, 10 घंटे में जुड़े लाख से अधिक लोग


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) भाजपा (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई (K. Annamalai) के इस्तीफा देने के बाद नए राजनीतिक आंदोलन ‘इधु नम्मा इयक्कम’ (New Political Movement ‘Idhu Namma Iyakkam’) (यह हमारा आंदोलन है) को जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद शुरू किए गए इस अभियान में सिर्फ 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों जुड़ चुके हैं। अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए इसे अपने आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया।

    अन्नामलाई ने लिखा कि यह समर्थन उनके साझा विजन और मिशन में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने सभी समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि यह आंदोलन जनता की भागीदारी से और मजबूत हो रहा है।


    पार्टी छोड़ने के बाद नई राजनीतिक दिशा

    भाजपा से इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि वह एक नए और समावेशी राजनीतिक मंच की शुरुआत कर रहे हैं, जो आगे चलकर एक पूर्ण राजनीतिक पार्टी का रूप ले सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ही पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफे की जानकारी दे दी थी।

    अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे में कहा कि तमिलनाडु को लेकर उनके और भाजपा नेतृत्व के दृष्टिकोण में अंतर था, जिसके चलते उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्षों तक उन्हें जो समर्थन मिला, वह उनके लिए महत्वपूर्ण रहा।


    दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी थीं अटकलें

    हाल ही में अन्नामलाई ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बी.एल. संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। पार्टी को मात्र 3 प्रतिशत वोट शेयर मिला था, जिसके बाद राज्य इकाई में बदलाव और नए नेतृत्व की चर्चा शुरू हो गई थी।


    इस्तीफे के पीछे राजनीतिक समीकरण भी अहम

    उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब 2026 विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और एआईएडीएमके के बीच गठबंधन दोबारा सक्रिय हुआ है। इसके बाद उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। अन्नामलाई के एआईएडीएमके के कुछ नेताओं के साथ संबंध पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं। उनके विवादित बयानों और वैचारिक मतभेदों के कारण कई बार राजनीतिक विवाद भी उत्पन्न हुए। हाल ही में कुछ नेताओं के इस्तीफे के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में कई कार्यकर्ता उनके नए राजनीतिक आंदोलन से जुड़ सकते हैं।


    क्या बनेगा नई ताकत का केंद्र?

    राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अन्नामलाई का यह नया आंदोलन तमिलनाडु में एक मजबूत विकल्प बन सकता है। उनके सोशल मीडिया दावे और शुरुआती समर्थन को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नए राजनीतिक प्रयोग का असर राज्य की राजनीति पर दिखाई दे सकता है।

  • RS चुनाव : MP में नटराजन का विरोध, झारखंड में JMM-कांग्रेस के बीच खींचतान…. BJP में उम्मीद जगी

    RS चुनाव : MP में नटराजन का विरोध, झारखंड में JMM-कांग्रेस के बीच खींचतान…. BJP में उम्मीद जगी


    नई दिल्ली।
    राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस (Congress) और झारखंड (Jharkhand) में झामुमो-कांग्रेस (JMM-Congress) के बीच जारी खींचतान में भाजपा (BJP) को अपने लिए नई उम्मीद नजर आ रही है। मध्यप्रदेश में जहां कांग्रेस में बाहरी मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) को उम्मीदवार बनाने से असंतोष है, वहीं सहमति के बिना कांग्रेस के झारखंड में उम्मीदवार घोषित करने से झामुमो नाराज है। इस स्थिति से खुश भाजपा जरूरी संख्याबल की कमी के बावजूद झारखंड में एक और मप्र में तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।

    दरअसल मध्यप्रदेश में पूर्व सीएम दिग्विजय की ना के बाद दूसरे पूर्व सीएम कलमनाथ को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी। हालांकि बृहस्पतिवार को जारी सूची में पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की करीबी और तेलंगाना की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन का नाम था। सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में असंतोष है और यह असंतोष पिछले चुनाव की तरह ही क्रॉस वोटिंग का कारण बन सकता है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ को राज्यसभा टिकट नहीं मिलने से छिंदवाड़ा क्षेत्र के पांच कांग्रेस विधायकों को झटका लगा है। उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी पूर्व सीएम को उम्मीदवार बनाएगी। ऐसे में अब इन विधायकों का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की नजरें है।

    हालांकि असंतोष की भनक के बाद सतर्क कांग्रेस नेतृत्व ने शनिवार को विधायकों की बैठक बुलाई है। बिहार, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों में क्रॉस वोटिंग का नुकसान झेल चुकी पार्टी इस बार मध्य प्रदेश में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि हाल ही में हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि क्रॉस वोटिंग की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।


    झारखंड में भी उबाल

    राज्य में दो सीटों पर चुनाव है। यहां एक सीट के लिए प्रथम वरीयता के 28 मतों की जरूरत है। विपक्षी गठबंधन के पास दो सीट जीतने के लिए ठीक 56 मत हैं। जबकि भाजपा के पास 24 मत हैं। यहां झामुमो बिना चर्चा के कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने से नाराज है। सीएम हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को विधायकों की बैठक् बुलाई, जिसमें एक सुर में दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने की मांग की गई। चूंकि कांग्रेस के पास महज 16 विधायक हैं, ऐसे में उसे 12 मत हासिल करने के लिए सहयोगियों का समर्थन चाहिए। दूसरी ओर भाजपा पहले से ही एक उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर चुकी है। ऐसे में यहां भी विपक्ष के सामने एकजुटता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।


    क्या है गणित

    प्रदेश विधानसभा में इस समय 229 विधायक हैं। इनमें भाजपा के पास 164, कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। एक सीट के लिए जरूरत 58 विधायकों के समर्थन की है। इस प्रकार दो सीट जीतने के बाद भाजपा के पास प्रथम वरीयता के अतिरिक्त 48 वोट होंगे। दूसरी ओर कांग्रेस के पास 64 वोट हैं जो जरूरी संख्या बल से 6 ज्यादा हैं। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए भाजपा को दस अतिरिक्त मत की जरूरत पड़ेगी, जबकि कांग्रेस का हर हाल में एकजुटता दिखानी होगी।

  • भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ी टेंशन….. BGB-BSF ने एक-दूसरे पर लगाए अवैध घुसपैठ कराने के आरोप

    भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ी टेंशन….. BGB-BSF ने एक-दूसरे पर लगाए अवैध घुसपैठ कराने के आरोप


    नई दिल्ली।
    भारत और बांग्लादेश की सीमा (India and Bangladesh Border) पर एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति (Stressful Situation) पैदा हो गई है। सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force- BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (Border Guard Bangladesh.- BGB) ने एक-दूसरे पर घुसपैठ कराने और अवैध रूप से लोगों को सीमा पार धकेलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस तनातनी के बीच सीमा पर स्थित नो-मैन्स लैंड पर बच्चों और महिलाओं सहित दर्जनों लोग फंसे हुए हैं। यह गतिरोध ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं।

    बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल (BGB) ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि भारतीय बीएसएफ ने गुरुवार और शुक्रवार के शुरुआती घंटों में कई बार लोगों को बांग्लादेशी क्षेत्र में धकेलने की कोशिश की। BGB के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सीमावर्ती इलाकों जैसे पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के पास लालमोनिरहाट और पंचगढ़, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा के पास नौगांव और मालदा और मुर्शिदाबाद के पास चापाइनवाबगंज में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं।

    BGB का दावा है कि उन्होंने जीरो-लाइन पर 70 से अधिक लोगों को बांग्लादेश में प्रवेश करने से रोका है। BGB की 15वीं लालमोनिरहाट बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल मेहंदी इमाम ने बताया, “ये लोग फिलहाल वहीं फंसे हुए हैं और हमारी सेना किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है।” BGB के मुताबिक, शुक्रवार सुबह नौगांव में 5 बच्चों सहित 17 लोगों को रोका गया। लालमोनिरहाट के तीन इलाकों हातीबांधा, पटग्राम और आदित्यमारी में 33 लोगों को रोका गया। वहीं, गुरुवार तड़के चापाइनवाबगंज में 10 महिलाओं और 6 बच्चों समेत 28 लोगों को जीरो-लाइन पर रोका गया था।


    BSF का पलटवार

    भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने BGB के इन आरोपों को खारिज करते हुए बिल्कुल अलग दावा किया है। BSF ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने कूचबिहार के मेखलीगंज इलाके के पनिशाला में महिलाओं और बच्चों सहित 10 बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से घुसाने की BGB की कोशिश को नाकाम कर दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए BSF ने तुरंत इलाके में अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात कर दिया है ताकि कोई भी भारतीय सीमा में प्रवेश न कर सके। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें BSF और BGB के जवान सीमा पर फंसे कुछ लोगों के सामने इस मुद्दे पर चर्चा करते दिख रहे हैं।


    दोनों देशों ने पल्ला झाड़ा, फ्लैग मीटिंग से इनकार

    BSF और BGB दोनों ही बलों ने इन 10 लोगों को अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया है, इसलिए वे कड़कड़ाती धूप और असुरक्षित माहौल में सीमा पर फंसे रहने को मजबूर हैं। स्थिति को संभालने के लिए BSF द्वारा एक फ्लैग मीटिंग बुलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन खबरों के मुताबिक BGB ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके बाद BSF ने सीमा पर गश्त काफी तेज कर दी है।


    दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी नजरें

    सीमा पर उपजे इस ताजा विवाद के बीच दोनों देशों के सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारी जल्द ही आमने-सामने होंगे। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, 8 से 11 जून तक नई दिल्ली में 57वीं भारत-बांग्लादेश सीमा समन्वय बैठक आयोजित होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में जीरो-लाइन पर फंसे लोगों और घुसपैठ के आरोपों का यह मुद्दा बेहद गरमाएगा।

  • स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट अंतिम चरण में…. अमित शाह बोले- घुसपैठियों और तस्करों की खैर नहीं

    स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट अंतिम चरण में…. अमित शाह बोले- घुसपैठियों और तस्करों की खैर नहीं


    अगरतला।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार का स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट (Smart Border Project) अंतिम चरण में है और नया सुरक्षा ग्रिड मॉडर्न तकनीक, स्थानीय प्रशासन व सीमा पर तैनात सैनिकों को शामिल करेगा। शाह ने त्रिपुरा (Tripura) के लंकामुरा बॉर्डर (Lankamura Border) आउटपोस्ट में बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जहां भी बल के जवान तैनात हैं, वहां हम स्मार्ट बॉर्डर बनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘स्मार्ट बॉर्डर जल्द ही नए सुरक्षा ग्रिड के साथ शुरू किए जाएंगे जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सीमा सैनिक शामिल होंगे।

    गृह मंत्री ने कहा, ‘देश में 7-8 जगहों पर स्मार्ट बॉर्डर की अवधारणा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। मैं केंद्रीय गृह सचिव और बीएसएफ महानिदेशक से अनुरोध करता हूं कि वे सीमा क्षेत्रों का दौरा करें और बातचीत करें। ‘ उन्होंने कहा कि हर सीमा की अपनी चुनौतियां हैं। मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी से लेकर नशीले पदार्थों की सप्लाई तक; लेकिन बीएसएफ के जवान इन चुनौतियों का सामना पूरी शिद्दत से करते हैं।


    स्मार्ट बॉर्डर पर क्या बोले अमित शाह

    अमित शाह ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, गांव के पटवारी और सरपंच भी इस ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सीमा क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को इस अवधारणा में शामिल नहीं किया जाता, तब तक सीमाओं को वाकई अभेद्य नहीं बनाया जा सकता और सीमा सुरक्षा को अलग-थलग कल्पना करना कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें सीमाओं से नकली नोटों, मानव तस्करी और ड्रग्स तस्करी को रोकना होगा। ’


    119 किमी नई फेंसिंग लगाने को मंजूरी

    गृह मंत्री ने कहा, ‘सीमा फेंसिंग के आधुनिकीकरण के लिए हमने लगभग 650 किलोमीटर पुरानी (15 वर्ष से अधिक पुरानी) फेंसिंग के एक हिस्से को बदलने के लिए 119 किलोमीटर नई फेंसिंग लगाने को मंजूरी दी है।’ गृह मंत्री ने आगे कहा कि बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात जवानों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के कई प्रोजेक्ट (बिजली आपूर्ति, हरित ऊर्जा पहल और सुरक्षित पीने का पानी) न केवल शुरू किए गए हैं बल्कि पूरे भी कर दिए गए हैं। शाह ने मई में नई दिल्ली में कहा था कि सरकार अगले वर्ष तक तकनीक से लैस स्मार्ट बॉर्डर परियोजना शुरू करेगी, जिससे पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ 6000 किलोमीटर लंबी सीमा को अभेद्य बनाया जाएगा। देश की जनसांख्यिकी बदलने की साजिश को विफल किया जाएगा।

  • अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की 8 फिल्मों का रिकॉर्ड, जानें किसने बॉक्स ऑफिस पर मचाया सबसे बड़ा धमाल

    अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की 8 फिल्मों का रिकॉर्ड, जानें किसने बॉक्स ऑफिस पर मचाया सबसे बड़ा धमाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में कई जोड़ियां आईं और गईं, लेकिन अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की जोड़ी को दर्शकों ने हमेशा खास माना है। रील लाइफ में भी इस जोड़ी ने कई फिल्मों में साथ काम करके अपनी केमिस्ट्री से दर्शकों का दिल जीता है। दोनों ने अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में काम किया, जिनमें रोमांस, ड्रामा, थ्रिलर और पीरियड फिल्में शामिल हैं।

    इनकी पहली साथ में फिल्म ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ (2000) थी, जो एक रोमांटिक ड्रामा थी। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत रही, लेकिन दोनों की जोड़ी ने पहली बार पर्दे पर दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद 2003 में आई ‘कुछ ना कहो’, जिसमें इनकी केमिस्ट्री को और बेहतर तरीके से दिखाया गया।

    इसके बाद दोनों ने पीरियड ड्रामा ‘उमराव जान’ में भी साथ काम किया, जिसमें ऐश्वर्या ने मुख्य भूमिका निभाई और अभिषेक एक नवाब के किरदार में नजर आए। फिल्म को आलोचकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली लेकिन इसकी भव्यता और संगीत की काफी चर्चा हुई।

    इन दोनों की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही ‘धूम 2’ (2006)। इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में ऐश्वर्या राय एक चालाक और ग्लैमरस चोर के किरदार में नजर आईं, जबकि अभिषेक बच्चन पुलिस ऑफिसर जय दीक्षित बने। यह फिल्म उस समय की सुपरहिट फिल्मों में शामिल हुई और लगभग 150 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया।

    इसके बाद आई ‘सरकार राज’ (2008), जिसमें अभिषेक, ऐश्वर्या और अमिताभ बच्चन ने साथ काम किया। यह एक राजनीतिक ड्रामा फिल्म थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और लगभग 59.5 करोड़ रुपये की कमाई की।

    मणिरत्नम की फिल्म ‘रावण’ (2010) में भी यह जोड़ी नजर आई। यह फिल्म आधुनिक रामायण पर आधारित थी और इसमें अभिषेक बच्चन ने नेगेटिव किरदार निभाया, जबकि ऐश्वर्या ने मुख्य भूमिका निभाई। फिल्म का प्रदर्शन औसत रहा लेकिन इसकी कहानी और सिनेमैटोग्राफी की चर्चा खूब हुई।

    इसी तरह मणिरत्नम की ही फिल्म ‘गुरु’ (2007) को भी काफी सफलता मिली, जो धीरूभाई अंबानी के जीवन से प्रेरित थी। फिल्म ने लगभग 83.67 करोड़ रुपये का कारोबार किया और इसे दोनों कलाकारों की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है।

    इसके अलावा ‘बंटी और बबली’ (2005) में ऐश्वर्या ने एक खास गाने ‘कजरारे’ में डांस किया, जबकि अभिषेक और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे। यह गाना उस समय बेहद लोकप्रिय हुआ और आज भी याद किया जाता है।

    कुल मिलाकर, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दी हैं। जहां कुछ फिल्में औसत रहीं, वहीं ‘धूम 2’ और ‘गुरु’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और इस जोड़ी को दर्शकों के दिलों में खास जगह दिलाई।

  • आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद

    आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट में आज एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज प्रस्तावित है, जिसमें भारत की टी20 टीम और नए कप्तान को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह चयन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ आगामी एशियन गेम्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के टी20 कप्तान पद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने उनकी IPL में सफल कप्तानी और रणनीतिक क्षमता को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता दी है। अय्यर ने अलग-अलग IPL टीमों को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स को IPL 2024 की ट्रॉफी जिताना भी शामिल है।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया मुकाबलों में उनका फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पिछली कई पारियों में वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे हैं। साथ ही फिटनेस और उम्र से जुड़ी चिंताओं ने भी चयनकर्ताओं के फैसले को प्रभावित किया है। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन भविष्य की रणनीति को देखते हुए बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    टीम चयन में एक और बड़ा नाम चर्चा में है-तिलक वर्मा, जिन्हें उपकप्तान बनाए जाने की संभावना है। वहीं, युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिलने के संकेत हैं। मात्र 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, जिन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिल सकती है। इसके अलावा प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किए जाने की चर्चा है।

    तेज गेंदबाजी विभाग को लेकर भी चयनकर्ताओं के सामने एक अहम सवाल है कि क्या अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद दोबारा टीम इंडिया में जगह दी जाए या नहीं।

    BCCI की चयन समिति, जिसकी अगुवाई अजीत अगरकर कर रहे हैं, इस बार भविष्य की योजनाओं और तत्काल प्रदर्शन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम के नए ढांचे पर विचार किया जा रहा है।

    आज की यह बैठक भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसले आने वाले वर्षों की टी20 रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

  • शनि दोष से बचाव: शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना बढ़ेगा कष्ट

    शनि दोष से बचाव: शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना बढ़ेगा कष्ट


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय और कर्मफल देने वाला ग्रह माना गया है। कहा जाता है कि शनि यदि कुंडली में अशुभ स्थिति में हों, तो व्यक्ति को साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि महादशा जैसे कठिन दौर से गुजरना पड़ सकता है। ऐसे में शनिवार का दिन शनि देव को प्रसन्न करने और उनके दुष्प्रभावों को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, शनिवार को कुछ विशेष सावधानियां बरतने से शनि दोष का प्रभाव कम किया जा सकता है, जबकि कुछ गलतियां इस प्रभाव को और बढ़ा सकती हैं। इसलिए इस दिन किए जाने वाले कार्यों को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

    सबसे पहली बात, शनिवार के दिन पिता या पिता तुल्य व्यक्ति का किसी भी रूप में अपमान नहीं करना चाहिए। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शनि दोष की स्थिति में पारिवारिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में पिता की सेवा करना और उनका आशीर्वाद लेना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि पिता जीवित न हों, तो बड़े भाई या किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।

    दूसरी महत्वपूर्ण बात, पीपल वृक्ष के आसपास स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। मान्यता है कि पीपल के पेड़ में शनि देव का वास होता है। ऐसे में इसके आसपास गंदगी फैलाने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और शनि दोष गहरा हो सकता है।

    तीसरा, शनिवार को जब भी कोई व्यक्ति पीपल के नीचे दीपक जलाने जाए, तो वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति-विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं-का अपमान नहीं करना चाहिए। साथ ही इस दिन कुत्तों या किसी भी जीव-जंतु को नुकसान पहुंचाना भी अशुभ माना गया है।

    चौथा, कार्यस्थल पर भी शनि का प्रभाव माना जाता है। इसलिए शनिवार को किसी सहकर्मी या कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार या अपमानजनक व्यवहार से बचना चाहिए। ऐसा करने से न केवल कार्यस्थल का माहौल खराब होता है, बल्कि शनि दोष भी बढ़ सकता है।

    पांचवां और अंतिम महत्वपूर्ण नियम है कि शनिवार के दिन बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में बाल और नाखून को शनि ग्रह से जुड़ा माना जाता है। हालांकि विशेष परिस्थितियों जैसे आपात स्थिति या धार्मिक सूतक में इसे अपवाद माना गया है।

    कुल मिलाकर, शनिवार का दिन शनि देव की कृपा प्राप्त करने और जीवन में स्थिरता लाने का अवसर माना जाता है। यदि इस दिन अनुशासन, सेवा भाव और संयम का पालन किया जाए तो शनि दोष के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • रेपो रेट स्थिर, अर्थव्यवस्था को मिला भरोसा; विकास की रफ्तार पर सकारात्मक असर

    रेपो रेट स्थिर, अर्थव्यवस्था को मिला भरोसा; विकास की रफ्तार पर सकारात्मक असर


    नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक (भारतीय रिजर्व बैंक) द्वारा नीतिगत रेपो दर को यथावत रखने के फैसले को अर्थशास्त्रियों और उद्योग जगत ने संतुलित और दूरदर्शी कदम बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखकर लिया गया है, जो दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को मजबूत करेगा।

    वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत
    विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग के कारण स्थिर बनी हुई है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने कहा कि मौजूदा नीति एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिससे मध्यम और दीर्घकालिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बना रहेगा।

    मुद्रास्फीति और ब्याज दरों पर नजर
    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मुद्रास्फीति बढ़कर 5.9 प्रतिशत के करीब पहुंचती है, तो आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है। हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और आरबीआई का रुख स्थिरता बनाए रखने पर केंद्रित है।

    विदेशी निवेश और मुद्रा बाजार को समर्थन
    अर्थशास्त्रियों ने यह भी कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, बाहरी वाणिज्यिक उधारी और एनआरआई जमा जैसे उपायों से विदेशी मुद्रा प्रवाह को मजबूती मिल रही है। इससे रुपये की स्थिरता को भी समर्थन मिला है और बाजार में सकारात्मक संकेत देखे जा रहे हैं।

    रियल एस्टेट और बैंकिंग सेक्टर को राहत
    बैंकिंग और हाउसिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिर ब्याज दरों से ऋण प्रवाह बेहतर होगा और रियल एस्टेट सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा। इससे आवास की मांग में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

    कुल मिलाकर विशेषज्ञों की राय है कि RBI का यह कदम फिलहाल स्थिरता और भरोसा बनाए रखने वाला है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती देता है और भविष्य में विकास की राह को सुरक्षित बनाता है।

  • तकिये के नीचे रखें ये 6 शुभ चीजें, दूर होगी नकारात्मकता और आएगी बरकत | Vastu Tips से बदल सकती है किस्मत

    तकिये के नीचे रखें ये 6 शुभ चीजें, दूर होगी नकारात्मकता और आएगी बरकत | Vastu Tips से बदल सकती है किस्मत


    नई दिल्ली।  भागदौड़ भरी आज की जिंदगी में मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता हर व्यक्ति की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। तनाव, चिंता और नींद की समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में वास्तु शास्त्र में कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि ला सकता है। इनमें सबसे खास उपाय है-तकिये के नीचे कुछ शुभ वस्तुएं रखकर सोना।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सही चीजों का चयन किया जाए तो न केवल नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है बल्कि घर में बरकत और मानसिक संतुलन भी बढ़ता है। इन्हीं में सबसे पहला उपाय है लौंग। माना जाता है कि रात को सोते समय विषम संख्या में (5, 9 या 11) लौंग तकिये के नीचे रखने से नींद से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। सुबह इन लौंग को किसी तालाब, नदी में प्रवाहित करना या पीपल के नीचे दबाना शुभ माना गया है।

    दूसरा उपाय है मोर पंख। सनातन परंपरा में मोर पंख को अत्यंत पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है। इसे तकिये के नीचे रखने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है।

    तीसरा उपाय दालचीनी का है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दालचीनी को सिरहाने रखने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने लगती है। इसे धन लाभ और स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है।

    चौथा उपाय फिटकरी है। इसे नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का शक्तिशाली साधन माना गया है। तकिये के नीचे फिटकरी रखने से बुरे सपने और मानसिक भय कम होते हैं। कुछ लोग इसे 10 दिनों तक रखकर 11वें दिन बाहर फेंक देते हैं, जिससे घर की नकारात्मकता समाप्त होती है।

    पांचवां उपाय तेजपत्ता है। मान्यता है कि इसे तकिये के नीचे रखने से घर में खुशहाली बढ़ती है, आमदनी में सुधार होता है और कर्ज से राहत मिलती है। यह उपाय विशेष रूप से आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है।

    छठा और सबसे महत्वपूर्ण उपाय है रुद्राक्ष। पंचमुखी रुद्राक्ष को तकिये के नीचे रखकर सोने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव में कमी आती है। इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन उपायों का असर व्यक्ति की आस्था और नियमितता पर भी निर्भर करता है। हालांकि यह पारंपरिक मान्यताएं हैं, लेकिन लोग इन्हें मानसिक सुकून और सकारात्मकता बढ़ाने के लिए अपनाते हैं।

    कुल मिलाकर, ये छह उपाय न केवल नींद की गुणवत्ता सुधारने में सहायक बताए गए हैं बल्कि जीवन में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करते हैं।