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  • UP में एक और बड़ा चुनाव: 5 स्नातक और 6 शिक्षक सीटों पर होगा मतदान, 27 अक्टूबर को आएगा MLC चुनाव का रिजल्ट

    UP में एक और बड़ा चुनाव: 5 स्नातक और 6 शिक्षक सीटों पर होगा मतदान, 27 अक्टूबर को आएगा MLC चुनाव का रिजल्ट


    उत्तर प्रदेश  । उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक और महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य की 11 विधान परिषद सीटों के लिए अक्टूबर में चुनाव होना है। इन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा पांच सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम पहले ही घोषित कर चुकी है जबकि छह सीटों पर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जारी है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी सभी 11 सीटों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। विधान परिषद की इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार विधान परिषद की पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कराया जाएगा। इन निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को पूरा हो रहा है। चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी और उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।

    जिन 11 सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है उनमें लखनऊ खंड स्नातक से अवनीश कुमार सिंह वाराणसी से आशुतोष सिन्हा आगरा से डॉक्टर मानवेंद्र प्रताप सिंह मेरठ से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद झांसी से डॉक्टर मान सिंह यादव शामिल हैं। इनके अलावा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से उमेश द्विवेदी लाल बिहारी यादव डॉक्टर आकाश अग्रवाल श्रीचंद शर्मा हरि सिंह ढिल्लों और ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है।

    भाजपा ने फिलहाल पांच सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। पार्टी ने लखनऊ सीतापुर स्नातक सीट से अवनीश कुमार सिंह लखनऊ सीतापुर शिक्षक सीट से उमेश द्विवेदी बरेली मुरादाबाद सीट से हरि सिंह ढिल्लों आगरा स्नातक सीट से डॉक्टर मानवेंद्र सिंह और मेरठ सहारनपुर सीट से श्रीचंद शर्मा को फिर मौका दिया है। बाकी छह सीटों पर उम्मीदवारों के नाम सामने आने बाकी हैं। पार्टी स्तर पर इन सीटों को लेकर कई दौर की चर्चा हो चुकी है और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन जारी है।

    भाजपा को गोरखपुर शिक्षक सीट इलाहाबाद स्नातक सीट वाराणसी शिक्षक और स्नातक सीट आगरा शिक्षक सीट तथा मेरठ स्नातक सीट पर उम्मीदवार घोषित करने हैं। संभावित नामों को लेकर राजनीतिक और शिक्षक संगठनों से जुड़े कई चेहरे चर्चा में हैं। गोरखपुर शिक्षक सीट से ध्रुव कुमार त्रिपाठी और प्रयागराज स्नातक सीट से सुरेश त्रिपाठी के नाम की चर्चा है। वहीं आगरा स्नातक सीट पर पिछले चुनाव में निर्दलीय जीत हासिल करने वाले आकाश अग्रवाल और कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी भी दावेदारी से जुड़े बताए जा रहे हैं।

    दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने सभी 11 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। ऐसे में अब दोनों प्रमुख दलों की चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। विधान परिषद की इन सीटों का चुनाव विधानसभा चुनाव से अलग निर्वाचन प्रक्रिया के तहत होगा और इसमें संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता मतदान करेंगे।

    चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू हो गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कानपुर कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर उत्तर प्रदेश के बाकी जिलों में विधान परिषद निर्वाचन के संबंध में आचार संहिता के संबंधित प्रावधान प्रभावी हैं। अब 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी और अक्टूबर के अंत तक सभी 11 सीटों पर नए सदस्यों की तस्वीर साफ हो जाएगी।

  • 395 जगह ट्रैफिक में रोड़ा बनी छोटी-बड़ी बाधाएं: इंदौर में 66 अतिक्रमण हटेंगे, 16 पेड़ शिफ्ट होंगे और संकरे लेफ्ट टर्न होंगे चौड़े

    395 जगह ट्रैफिक में रोड़ा बनी छोटी-बड़ी बाधाएं: इंदौर में 66 अतिक्रमण हटेंगे, 16 पेड़ शिफ्ट होंगे और संकरे लेफ्ट टर्न होंगे चौड़े


    इंदौर । इंदौर शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने सड़कों पर मौजूद छोटी से लेकर बड़ी बाधाओं का सर्वे कराया है। निगम के 22 जोन में किए गए सर्वे के दौरान कुल 395 ऐसे स्थान सामने आए हैं जहां सड़क पर मौजूद अलग अलग रुकावटों के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित हो रही है। इनमें बिजली के पोल और डीपी से लेकर ऊंचे नीचे चैंबर खराब सड़क अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग जैसी समस्याएं शामिल हैं। निगम ने इन स्थानों पर सुधार के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक 93 स्थानों पर काम शुरू हो चुका है जबकि 197 जगह मामूली सुधार कर यातायात व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा।

    सर्वे में सामने आया है कि कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम होने या लेफ्ट टर्न संकरा होने के कारण वाहनों को निकलने में परेशानी होती है। ऐसे स्थानों पर सड़क की संरचना में जरूरी बदलाव करने के साथ बिजली के पोल भी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएंगे। कुल 51 स्थानों पर बिजली के पोल हटाने या शिफ्ट करने की जरूरत बताई गई है। वहीं 66 जगह अस्थायी अतिक्रमण को यातायात में बाधा माना गया है। इन स्थानों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। इसके अलावा 65 स्थानों पर सिविल वर्क किए जाने की जरूरत सामने आई है।

    निगम के सर्वे में पेड़ों को लेकर भी कई स्थान चिन्हित किए गए हैं। कुल 16 पेड़ों को हटाने या दूसरी जगह शिफ्ट करने की जरूरत बताई गई है। अहिल्या नगर में सड़क के लिए बाधक दो पेड़ों को दूसरी जगह लगाया जाएगा। मदन मोहन मालवीय चौराहे की रोटरी में मौजूद पेड़ को भी शिफ्ट करने की योजना है। शिवाजी नगर रोड पर तुलजा भवानी मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास यातायात में बाधक पेड़ों को हटाया जाएगा। इसी तरह सुभाष मार्ग रामबाग क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई में बाधक पुराने पेड़ों को विस्थापित करने की योजना बनाई गई है।

    मारुति नगर चौराहे पर संकरे लेफ्ट टर्न की समस्या सामने आई है। यहां लेफ्ट टर्न चौड़ा करने के साथ बिजली के पोल शिफ्ट किए जाएंगे। उज्जैन नाका पर भी तीन बिजली के पोल लेफ्ट टर्न को संकरा कर रहे हैं। यहां भी टर्न चौड़ा करने और पोल हटाने की योजना है। राजेंद्र नगर ब्रिज के पास एबी रोड की ओर जाने वाले लेफ्ट टर्न पर बिजली का पोल और ट्रैफिक बोर्ड बाधा बन रहे हैं। दोनों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव है।

    कुछ जगहों पर सड़क की स्थिति और ड्रेनेज से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं। मेघदूत गार्डन के पास ऊंचा ड्रेनेज चैंबर पानी की निकासी में परेशानी पैदा कर रहा है। यहां पेवर ब्लॉक हटाकर सड़क का लेवल सुधारा जाएगा। जवाहर मार्ग पर कुल्फी की दुकान के पास सड़क से नीचे धंसा चैंबर भी यातायात में बाधा बन रहा है। ऐसे स्थानों पर सड़क और चैंबर के स्तर को व्यवस्थित करने की जरूरत बताई गई है।

    पार्किंग भी कई इलाकों में जाम का कारण बन रही है। कलश चौराहे पर मिठाई की दुकान के पास सड़क किनारे वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है। राखोड़ी धर्मशाला क्षेत्र में दो बैंक कार्यालय होने के कारण नियमित पार्किंग की समस्या है। सियागंज में सड़क पर ऑटो की पार्किंग को यातायात बाधा माना गया है जबकि रेलवे स्टेशन के बाहर भी ऑटो की बेतरतीब पार्किंग की समस्या सामने आई है। दोनों स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था तय करने की योजना है।

    द्वारकापुरी में फुटपाथ पर दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो रही है। यहां फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया जाएगा। गौरी नगर में होटल के पास बिजली का खंभा सड़क पर यातायात में बाधक है और इसे हटाने के लिए एमपीईबी को पत्र लिखा गया है। बाणगंगा जय हिंद नगर मेन रोड पर भी सड़क के अतिक्रमण को बाधा के रूप में चिन्हित किया गया है।

    निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के मुताबिक शहर में 395 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं जहां सुधार होने से ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो सकती है। अधिकारियों को इन स्थानों पर जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। अब अलग अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने पोल शिफ्ट करने सड़क सुधारने और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने की कार्रवाई के जरिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।

  • सिलाई मशीन में बार-बार छूट रहे टांके या बन रहा धागे का गुच्छा, इन आसान तरीकों से पहचानें असली समस्या

    सिलाई मशीन में बार-बार छूट रहे टांके या बन रहा धागे का गुच्छा, इन आसान तरीकों से पहचानें असली समस्या

    नई दिल्ली । घर पर सिलाई करते समय मशीन का अचानक ठीक से काम न करना आम समस्या है। कभी टांके छूटने लगते हैं, कभी नीचे की तरफ धागा उलझकर गुच्छा बना लेता है और कई बार बॉबिन जाम होने से सिलाई पूरी तरह रुक जाती है। ऐसी स्थिति में तुरंत मशीन को सर्विस सेंटर ले जाने की जरूरत नहीं होती। कुछ सामान्य चीजों की जांच करके समस्या की वजह का पता लगाया जा सकता है।

    सिलाई मशीन में टांके छूटने की सबसे सामान्य वजहों में सुई, धागे की थ्रेडिंग, बॉबिन और टेंशन से जुड़ी गड़बड़ी शामिल हो सकती है। कपड़े के अनुसार सही सुई और धागे का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। अगर सुई टेढ़ी, कुंद या गलत तरीके से लगी है तो वह कपड़े में सही ढंग से टांका नहीं बना पाएगी। इसलिए सबसे पहले सुई की स्थिति और उसकी दिशा जांचनी चाहिए।

    इसके बाद ऊपर वाले धागे की थ्रेडिंग पर ध्यान दें। धागा मशीन के सभी जरूरी गाइड और लीवर से सही तरीके से होकर गुजर रहा है या नहीं, इसकी जांच करें। जरूरत पड़ने पर धागा पूरी तरह निकालकर दोबारा सही तरीके से डालें। साथ ही बॉबिन और कपड़े को दबाकर रखने वाले पैर की स्थिति भी देखना जरूरी है।

    अगर बॉबिन बार-बार जाम हो रही है तो सबसे पहले मशीन बंद करके उसका प्लग निकाल दें। बॉबिन बाहर निकालकर देखें कि उसमें धागा बराबर तरीके से लिपटा हुआ है या नहीं। ढीली या असमान लपेट भी जाम होने की वजह बन सकती है। बॉबिन में किसी तरह की टूट-फूट होने पर भी समस्या आ सकती है।

    बॉबिन वाले हिस्से में जमा रूई और धागे के छोटे टुकड़ों को समय-समय पर साफ करना चाहिए। बॉबिन को मशीन में सही दिशा में लगाएं और यह भी जांचें कि धागा सही तरफ से निकल रहा है। अगर धागा बुरी तरह उलझ गया हो तो हाथ वाले पहिए को जबरदस्ती घुमाने से बचें।

    जिग-जैग सिलाई में टांके असमान आ रहे हों तो धागे की थ्रेडिंग, टेंशन और सिलाई की सेटिंग जांचें। टांके की चौड़ाई और लंबाई भी सही होनी चाहिए। एक साथ कई सेटिंग बदलने के बजाय एक-एक बदलाव करके छोटे कपड़े पर सिलाई की जांच करना बेहतर रहता है। इससे समस्या की सही वजह पहचानने में आसानी होती है।

    कपड़े के नीचे धागा गुच्छा बनने पर ऊपर वाले धागे की थ्रेडिंग दोबारा जांचें। धागा निकालकर दोबारा डालते समय कपड़े को दबाकर रखने वाले पैर को ऊपर रखें। इसके बाद टेंशन, बॉबिन की स्थिति और बॉबिन वाले हिस्से की सफाई जांचें।

    सुई बदलना, धागा दोबारा डालना, मशीन की सफाई करना और बॉबिन सही तरीके से लगाना जैसी सामान्य देखभाल घर पर की जा सकती है। किसी भी सफाई या जांच से पहले मशीन बंद करके उसका प्लग निकालना जरूरी है।

    हालांकि, अगर हाथ से घुमाने वाला पहिया काम नहीं कर रहा है, सुई बार-बार प्लेट से टकरा रही है, मोटर असामान्य तरीके से चल रही है या सामान्य जांच के बाद भी सिलाई ठीक नहीं हो रही है, तो मशीन को खुद खोलने के बजाय विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर है। नियमित सफाई, सही सुई-धागे का इस्तेमाल और बॉबिन की उचित देखभाल से मशीन की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

  • खाने-पीने की चीजों पर प्रशासन की नजर: भोपाल में होटल-रेस्टोरेंट और Blinkit की जांच, ब्रेड-बेसन से लेकर पनीर तक के सैंपल लिए

    खाने-पीने की चीजों पर प्रशासन की नजर: भोपाल में होटल-रेस्टोरेंट और Blinkit की जांच, ब्रेड-बेसन से लेकर पनीर तक के सैंपल लिए


    भोपाल । भोपाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को विभाग की टीम ने शहर के होटल रेस्टोरेंट और ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर में पहुंचकर खाद्य सामग्री की जांच की। इस दौरान रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के सामने स्थित होटल शुभ इन एमपी नगर जोन एक के मिलन रेस्टोरेंट एवं कैटरिंग और नेहरू नगर स्थित ब्लिंकिट की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अलग अलग प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री के भंडारण साफ सफाई लेबलिंग और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों को देखा गया। कई जगह व्यवस्थाएं नियमों के अनुरूप मिलीं तो कुछ कमियां भी सामने आईं। विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा है।

    होटल शुभ इन में टीम ने खाद्य पदार्थों के स्टोरेज के साथ सैनिटरी और हाइजीनिक कंडीशन की जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार मिलीं लेकिन कुछ बिंदुओं पर सुधार की जरूरत सामने आई। टीम ने डस्टबिन की व्यवस्था कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप और मेडिकल प्रमाण पत्र पेयजल की पोटेबिलिटी रिपोर्ट तथा पेस्ट कंट्रोल से जुड़े दस्तावेज और व्यवस्थाओं को देखा। इनमें कुछ कमियां पाई गईं। होटल मैनेजर दिलीप जायसवाल की मौजूदगी में टीम ने सैंडविच ब्रेड और बेसन के नमूने लिए। इन नमूनों को खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए भेजा जाएगा।

    इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम एमपी नगर जोन एक स्थित मिलन रेस्टोरेंट एवं कैटरिंग पहुंची। यहां खाद्य पदार्थ तैयार करने की जगह किचन और स्टोरेज एरिया का निरीक्षण किया गया। टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए खड़ी मिर्च लाल सोयाबीन तेल पिसा धनिया पाउडर समोसा और बटर पनीर के नमूने लिए। निरीक्षण के दौरान पेस्ट कंट्रोल कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप और साफ सफाई से संबंधित कुछ कमियां मिलीं। इन कमियों को लेकर प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को तय सुरक्षा मानकों का पालन कराने के साथ उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाना है।

    नेहरू नगर स्थित ब्लिंकिट के स्टोर की भी खाद्य सुरक्षा टीम ने विस्तृत जांच की। यहां खाद्य पदार्थों के भंडारण की व्यवस्था के साथ पैकेट पर लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों को देखा गया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के तीन पैकेट एक्सपायर पाए गए। इसके अलावा कुछ पनीर और गुलाब जामुन के पैकेट में लेबलिंग और ब्रांडिंग से जुड़ी अनियमितताएं भी सामने आईं। टीम ने यहां से तीन खाद्य नमूने भी लिए हैं। एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने के बाद विभाग की ओर से मामले को नियमानुसार देखा जा रहा है।

    इससे एक दिन पहले सोमवार रात को भी खाद्य सुरक्षा टीम ने बाग सेवनिया स्थित स्विगी इंस्टामार्ट का निरीक्षण किया था। यहां से घी पैक्ड चना और नाइश कूकिस के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए। निरीक्षण में FSSAI लाइसेंस की निर्धारित शर्तों से जुड़े कुछ उल्लंघन पाए गए। इनके संबंध में अभिहित अधिकारी द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है।

    विभाग के मुताबिक लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारकर्ता को मौके पर उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया गया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। अब संबंधित दस्तावेजों और खाद्य पदार्थों के स्रोत का सत्यापन किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा लिए गए सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों के पालन की स्थिति और स्पष्ट होगी। लगातार हो रही इन जांचों से होटल रेस्टोरेंट और ऑनलाइन खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विभाग की निगरानी बढ़ती नजर आ रही है।

  • चिप डिजाइन से GCC और ड्रोन तक MP में निवेश की तैयारी: बेंगलुरु में मिले ₹1200 करोड़ के प्रस्ताव निवेशकों को सरकार देगी जमीन

    चिप डिजाइन से GCC और ड्रोन तक MP में निवेश की तैयारी: बेंगलुरु में मिले ₹1200 करोड़ के प्रस्ताव निवेशकों को सरकार देगी जमीन


    भोपाल । मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने की दिशा में सरकार को बेंगलुरु में आयोजित निवेशक संवाद से बड़ी प्रतिक्रिया मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 सितंबर को बेंगलुरु में उद्योगपतियों और प्रमुख निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन मुलाकातों के दौरान मध्यप्रदेश के लिए 1200 करोड़ रुपए से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव सामने आए। खास बात यह रही कि निवेशकों की रुचि केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रही बल्कि चिप डिजाइन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर डेटा सेंटर ड्रोन स्पेसटेक और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। बैठक में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन यानी TMZ को विशेष रूप से निवेशकों के सामने रखा गया। सरकार की ओर से बताया गया कि इस क्षेत्र में निवेश के लिए बढ़ती रुचि को देखते हुए अब दूसरे चरण की तैयारी की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक TMZ में पहले से करीब 5000 करोड़ रुपए के निवेश का आधार तैयार हो चुका है और नए प्रस्ताव आने के बाद अतिरिक्त जमीन की जरूरत होगी।

    मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की जरूरत के मुताबिक जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम करेगी। सरकार का फोकस निवेशकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सिंगल विंडो व्यवस्था नीतिगत सहयोग और औद्योगिक अधोसंरचना का उल्लेख करते हुए निवेशकों को राज्य में विस्तार के अवसरों से अवगत कराया।

    बेंगलुरु की बैठक में थोलोन्स की ओर से मध्यप्रदेश में 210 करोड़ रुपए के निवेश से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। वहीं असेइक मावेन सिलिकॉन की ओर से करीब 100 करोड़ रुपए के निवेश से चिप डिजाइन हाउस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। कोर-आईसी टेक्नोलॉजीज ने भी लगभग 100 करोड़ रुपए के निवेश से चिप डिजाइन सर्विसेज विकसित करने में रुचि दिखाई। इससे मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में संभावित विस्तार की तस्वीर सामने आती है।

    स्टार्टअप सेक्टर को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। डीपटेक वेंचर कैपिटल फंड सीफंड की ओर से मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए करीब 200 करोड़ रुपए की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना पर बात हुई। इसके अलावा आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने और स्पेसटेक क्षेत्र में संभावित सहयोग को लेकर भी निवेशकों के साथ बातचीत हुई। मोबिलिटी और पर्यावरण से जुड़े क्षेत्रों की कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी प्रदेश में अपनी योजनाओं को लेकर चर्चा की।

    ड्रोन तकनीक को लेकर भी निवेश की संभावनाएं तलाशी गईं। एयरबाउंड आइडियाफोर्ज नॉटिकल विंग्स न्यूस्पेस एंड रिसर्च टेक्नोलॉजीज और अनमैन्ड सिस्टम्स से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ मध्यप्रदेश में ड्रोन निर्माण और परीक्षण का इकोसिस्टम विकसित करने पर बातचीत हुई। तकनीक आधारित इन क्षेत्रों में निवेश आने से प्रदेश में नए औद्योगिक अवसरों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कौशल विकास की संभावनाएं भी बन सकती हैं।

    बेंगलुरु संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्वालियर TMZ की विशेषताओं के साथ मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में उद्योग विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। अब इन निवेश प्रस्तावों को अगले चरण में ले जाने के लिए जमीन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था पर काम किया जाएगा। निवेश प्रस्ताव फिलहाल कंपनियों की रुचि और प्रस्तावित निवेश हैं इसलिए वास्तविक निवेश का आकार और परियोजनाओं का क्रियान्वयन आगे की प्रक्रिया और औपचारिक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

  • पुलिसकर्मियों पर वकील को पीटने का आरोप: कीचड़ में पटककर डंडे बरसाने की शिकायत रात 3 बजे तक थाने का घेराव

    पुलिसकर्मियों पर वकील को पीटने का आरोप: कीचड़ में पटककर डंडे बरसाने की शिकायत रात 3 बजे तक थाने का घेराव


    भोपाल । भोपाल में अधिवक्ता से कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले ने मंगलवार देर रात जमकर तूल पकड़ लिया। करीब 50 वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि अधिवक्ता देर रात करीब 3 बजे तक थाने के बाहर डटे रहे। प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि उनके साथी के साथ पुलिसकर्मियों ने पहले बदसलूकी की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। वकील संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

    शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे वह खटलापुरा मंदिर की तरफ से अपने वाहन से आ रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और उन्हें थाने चलने के लिए कहा। रावल के मुताबिक उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल नहीं है। आरोप है कि इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली गलौज शुरू कर दी। उन्होंने जब इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्हें कीचड़ में पटक दिया गया और डंडों से पीटा गया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। देखते ही देखते थाने के बाहर अधिवक्ताओं की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि यदि किसी अधिवक्ता के साथ पुलिसकर्मियों ने गलत व्यवहार किया है और मारपीट की गई है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वकीलों ने थाना प्रभारी राजन अहिरवार और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

    प्रदर्शन के दौरान वकीलों की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया। इसमें शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनके कपड़े भी कीचड़ से सने हुए नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी वकीलों ने इन चोटों को कथित मारपीट से जोड़ते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि पूरे मामले में पुलिस का पक्ष और घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच अभी सामने आना बाकी है।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि घटना के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस की ओर से मामले के तथ्यों की जांच की जा रही है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    वकीलों के देर रात तक थाने पर प्रदर्शन के कारण जहांगीराबाद क्षेत्र में भी हलचल बनी रही। अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके साथी के साथ हुई घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। दूसरी ओर पुलिस अधिकारी मामले की जानकारी जुटाने की बात कह रहे हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है। फिलहाल अधिवक्ताओं के प्रदर्शन और पुलिसकर्मियों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है।

  • बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट: 28 सितंबर से लगातार 5 दिन नहीं होगा कामकाज, जानिए कब तक बंद रहेंगी सेवाएं

    बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट: 28 सितंबर से लगातार 5 दिन नहीं होगा कामकाज, जानिए कब तक बंद रहेंगी सेवाएं


    भोपाल । मध्य प्रदेश में बैंक ग्राहकों के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे हो सकते हैं। प्रदेश में एक बार फिर बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल और छुट्टियों का असर पड़ने वाला है। अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो उसे 25 सितंबर तक निपटा लेना बेहतर रहेगा। इसके बाद लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। 28 से 30 सितंबर तक बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे जबकि इससे पहले और बाद में शनिवार रविवार की छुट्टी रहेगी। ऐसे में प्रदेश की करीब 7000 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

    बैंक यूनियनें लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग कर रही हैं। फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है जबकि बाकी शनिवार को बैंक खुले रहते हैं। यूनियनों का कहना है कि सभी शनिवार को अवकाश घोषित कर बैंकिंग व्यवस्था में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के समय में करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। यानी शनिवार की छुट्टी के बदले सप्ताह के बाकी पांच दिनों में काम के घंटे बढ़ाने की व्यवस्था की जा सकती है।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के साथ स्केल IV लागू करने समेत अन्य मांगें भी उठाई जा रही हैं। यूनियनों के मुताबिक इन मांगों को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है। यूनियनों ने पहले भी देशभर में प्रदर्शन किए हैं और अब आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है।

    मध्य प्रदेश में हड़ताल से पहले बैंक कर्मचारी बुधवार को धरना प्रदर्शन भी करेंगे। यह धरना दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक सरकारी प्रेस क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक के सामने आयोजित किया जाएगा। इसमें बैंक संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नियमित सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं।

    बैंक बंद रहने की स्थिति में ग्राहकों को कैश जमा करने और निकालने के अलावा चेक क्लियरेंस जैसे कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान जैसी सेवाएं अलग माध्यमों से जारी रह सकती हैं लेकिन शाखा जाकर किए जाने वाले जरूरी काम प्रभावित होने की आशंका रहेगी। इसलिए जिन ग्राहकों को नकद लेनदेन चेक से जुड़े काम या बैंक शाखा में दस्तावेज जमा करने जैसे जरूरी काम करने हैं वे समय रहते उन्हें पूरा कर सकते हैं।

    इससे पहले भी सितंबर में 11 12 और 13 तारीख को हड़ताल और छुट्टी के कारण बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा था। अब एक बार फिर बैंक कर्मचारियों के आंदोलन के चलते लगातार कई दिनों तक शाखाओं का काम प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग लंबे समय से लंबित है और इसी के चलते आंदोलन किया जा रहा है। ऐसे में ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे प्रस्तावित हड़ताल की तारीखों को ध्यान में रखते हुए अपने बैंकिंग काम पहले ही पूरा कर लें।

  • गणेश विसर्जन पर पंचक का साया: जाने कब तक रहेगा पंचक, ऐसे करें बप्पा की विदाई

    गणेश विसर्जन पर पंचक का साया: जाने कब तक रहेगा पंचक, ऐसे करें बप्पा की विदाई


    नई दिल्ली। गणेश उत्सव के समापन और बप्पा की विदाई के बीच इस बार पंचक का संयोग बन रहा है। 23 सितंबर की रात से पंचक शुरू होंगे और 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है, हालांकि पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और गणेश विसर्जन पर इसका कोई प्रतिबंध नहीं माना गया है।

    23 सितंबर की रात से शुरू होगा पंचक

    द्रिक पंचांग के अनुसार सितंबर 2026 में पंचक की शुरुआत 23 सितंबर, बुधवार रात 9:57 बजे से होगी। पंचक का समापन 28 सितंबर, सोमवार सुबह 10:16 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा 23 सितंबर की रात 9:56 बजे से 26 सितंबर की सुबह 5:32 बजे तक कुंभ राशि में और इसके बाद 28 सितंबर की सुबह 10:15 बजे तक मीन राशि में रहेगा।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है, तब पंचक का निर्माण होता है। यह अवधि करीब पांच दिन की होती है। हिंदू धर्म और ज्योतिष में पंचक के दौरान कुछ शुभ और सामान्य कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

    पंचक के बीच गणेश विसर्जन और पितृ पक्ष

    इस बार पंचक के दौरान कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर भी पड़ रहे हैं। 24 सितंबर को गुरु प्रदोष व्रत, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और इसी दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा का भी विधान है। इसके अगले दिन यानी 26 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू होगा।

    ऐसे में गणेश भक्तों के सामने यह सवाल है कि पंचक के दौरान बप्पा का विसर्जन किया जा सकता है या नहीं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक में गणेश विसर्जन करने में कोई बाधा नहीं मानी जाती। पंचक के दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं। गणपति को विघ्नहर्ता माना जाता है, इसलिए पंचक के बीच भी श्रद्धा और विधि-विधान से गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जा सकता है।

    इसी तरह 26 सितंबर से शुरू होने वाले पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करने पर भी पंचक की कोई बाधा नहीं मानी गई है। श्रद्धालु पितरों की आत्मा की शांति के लिए पहले दिन से ही विधिवत श्राद्ध कर्म कर सकते हैं।

    इन कामों से पंचक में बचने की मान्यता

    सितंबर में पड़ने वाला यह पंचक बुधवार से शुरू हो रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्रवार से शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक, शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक और मंगलवार से शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहा जाता है। बुधवार से शुरू होने वाले पंचक को इनकी तरह विशेष रूप से अशुभ नहीं माना जाता। फिर भी पंचक के दौरान सामान्य तौर पर जिन कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है, उन्हें टालना उचित माना जाता है।

    लकड़ी या लकड़ी से बनी वस्तुएं खरीदने से बचें।
    पलंग या बिस्तर खरीदने से बचने की मान्यता है।
    नए घर का निर्माण शुरू करना, छत डलवाना या पहली चौखट लगाना टालना चाहिए।
    दक्षिण दिशा की यात्रा करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

    धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है जानकारी
    पंचक, गणेश विसर्जन और श्राद्ध से जुड़े नियम धार्मिक मान्यताओं और पंचांग की गणना पर आधारित हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और पंचांगों में तिथि, मुहूर्त और नियमों में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी विशेष पूजा, विसर्जन या धार्मिक कर्म के लिए स्थानीय पंचांग और विद्वान या पुरोहित की सलाह लेना उचित माना जाता है।

  • UPI पर 0.4% MDR के खिलाफ व्यापारियों का मोर्चा: MP में आज नो-UPI डे, पेट्रोल पंप से थोक बाजार तक बढ़ेगी परेशानी

    UPI पर 0.4% MDR के खिलाफ व्यापारियों का मोर्चा: MP में आज नो-UPI डे, पेट्रोल पंप से थोक बाजार तक बढ़ेगी परेशानी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में आज व्यापारी यूपीआई पेमेंट पर लगने वाले प्रस्तावित चार्ज के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। भोपाल इंदौर समेत प्रदेश के कई शहरों में व्यापारियों ने नो-UPI डे मनाने का ऐलान किया है। इसके तहत व्यापारी ₹2000 से ज्यादा का यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने की अपील कर रहे हैं। भोपाल में यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढककर विरोध जताने की तैयारी है। व्यापारियों का कहना है कि यह विरोध किसी ग्राहक के खिलाफ नहीं बल्कि यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यापारी पर इस फैसले को लेकर जबरदस्ती नहीं की जाएगी।

    इस विरोध की गूंज इंदौर में पहले ही सुनाई दे चुकी है। मंगलवार रात टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में रीगल स्क्वायर पर प्रदर्शन किया गया जिसमें 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने यूपीआई बंद करो और यूपीआई पर चार्ज बंद करो जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जताई। व्यापारियों का तर्क है कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है और ऐसे में इस पर अतिरिक्त शुल्क लगने से खासकर उन कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा जिनके यहां रोजाना बड़ी संख्या में डिजिटल लेनदेन होते हैं।

    व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल के मुताबिक 15 अक्टूबर से ₹2000 से ज्यादा के पर्सन टू मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होने की बात कही गई है। इसकी अधिकतम सीमा ₹300 तक बताई गई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी कारोबारी को एक दिन में ₹2000 से अधिक के कई लेनदेन मिलते हैं तो कुल शुल्क उसके लिए बड़ी रकम बन सकता है। थोक किराना कारोबारियों की चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि उनके यहां बड़ी राशि के लेनदेन आम हैं। व्यापारियों के अनुसार किराना कारोबार में 90 प्रतिशत से अधिक लेनदेन ₹2000 से ऊपर के हो सकते हैं।

    थोक तेल कारोबार का उदाहरण देते हुए व्यापारियों ने कहा कि 15 लीटर तेल का एक जार भी करीब ₹2200 तक का हो सकता है। ऐसे में ग्राहक यदि यूपीआई से भुगतान करता है तो कारोबारी के हिस्से में अतिरिक्त शुल्क आने की चिंता है। व्यापारियों का कहना है कि छोटे मार्जिन वाले कारोबार में इस तरह का अतिरिक्त खर्च सीधे कमाई पर असर डाल सकता है।

    इसी मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंप संचालक भी विरोध के साथ सामने आए हैं। प्रदेश के करीब 4700 पेट्रोल पंपों से जुड़े डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से ₹2000 से ज्यादा के बिल पर यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने का फैसला बताया है। इससे साफ है कि प्रस्तावित शुल्क को लेकर विरोध केवल किसी एक व्यापारिक वर्ग तक सीमित नहीं है बल्कि अलग अलग कारोबार से जुड़े व्यापारी अपनी चिंताएं सामने रख रहे हैं।

    हालांकि प्रस्तावित बदलाव के बीच ग्राहकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि विरोध का मुख्य मुद्दा व्यापारी से जुड़ा शुल्क है। व्यापारियों का कहना है कि वे ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। आज का नो-UPI डे इसी विरोध का सांकेतिक हिस्सा है। अब देखना होगा कि व्यापारियों की आपत्ति और प्रस्तावित एमडीआर को लेकर आगे क्या फैसला होता है और इसका डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर कितना असर पड़ता है।

  • बुधवार को घर में जरूर करें ये वास्तु उपाय हरे पौधे से लेकर गणेश पूजा तक जानें किन बातों से बदल सकता है घर का माहौल

    बुधवार को घर में जरूर करें ये वास्तु उपाय हरे पौधे से लेकर गणेश पूजा तक जानें किन बातों से बदल सकता है घर का माहौल


    नई दिल्ली। बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। वास्तु और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताओं में बुध को बुद्धि वाणी कारोबार और तर्क क्षमता से संबंधित ग्रह माना गया है। इसी वजह से बुधवार के दिन घर और कार्यस्थल पर कुछ विशेष उपाय करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन उपायों से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुख शांति तथा समृद्धि का वातावरण बनाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि इन उपायों को धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए।

    बुधवार के दिन सुबह घर की साफ सफाई से दिन की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में अनावश्यक सामान जमा होने से नकारात्मकता का वातावरण बन सकता है। इसलिए बुधवार को विशेष रूप से पूजा स्थल और घर के प्रवेश द्वार की सफाई करनी चाहिए। प्रवेश द्वार को साफ रखने के साथ वहां उचित रोशनी की व्यवस्था करना भी अच्छा माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि स्वच्छ और व्यवस्थित घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर रहता है।

    बुधवार के दिन हरे रंग को विशेष महत्व दिया जाता है। वास्तु और ज्योतिष की मान्यताओं में हरा रंग बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है। इसलिए बुधवार को घर में हरे पौधे लगाने या किसी स्वस्थ पौधे की देखभाल करने की परंपरा है। घर में पौधे रखते समय उनके सूखने या खराब होने पर ध्यान देना चाहिए। सूखे और मुरझाए पौधों को घर में लंबे समय तक रखना उचित नहीं माना जाता। बालकनी या ऐसे स्थान पर पौधे लगाए जा सकते हैं जहां उन्हें पर्याप्त रोशनी और हवा मिल सके।

    घर के पूजा स्थान में बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करके दीपक जलाया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गणेश जी विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं और उनकी पूजा से बुद्धि तथा विवेक की प्राप्ति की कामना की जाती है। पूजा के दौरान घर की सुख शांति और परिवार की उन्नति के लिए प्रार्थना करना चाहिए।

    व्यापार या नौकरी करने वाले लोगों के लिए भी बुधवार का दिन विशेष माना जाता है। कार्यस्थल पर साफ सफाई और व्यवस्था बनाए रखना वास्तु की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया जाता है। डेस्क पर बेकार कागज और अनावश्यक सामान जमा नहीं करना चाहिए। जरूरी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने से काम में एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। बुधवार को हरी मूंग का दान करना भी धार्मिक मान्यता के अनुसार शुभ माना जाता है।

    बुधवार के दिन वाणी पर संयम रखने की सलाह भी दी जाती है। बुध को वाणी और संचार से जोड़कर देखा जाता है इसलिए इस दिन किसी से कटु शब्द बोलने से बचना और बातचीत में विनम्रता रखना शुभ माना जाता है। परिवार में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना भी सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे सकता है। इस तरह बुधवार के वास्तु उपाय केवल वस्तुओं और दिशाओं तक सीमित नहीं हैं बल्कि स्वच्छता अनुशासन और सकारात्मक व्यवहार को भी महत्व देते हैं।

    कुल मिलाकर बुधवार के दिन घर की साफ सफाई हरे पौधों की देखभाल भगवान गणेश की पूजा और जरूरतमंद व्यक्ति को दान जैसे उपाय धार्मिक परंपराओं में शुभ माने गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य घर में सकारात्मक वातावरण बनाना और व्यक्ति को अनुशासित दिनचर्या की ओर प्रेरित करना है। इन्हें श्रद्धा और अपनी सुविधा के अनुसार अपनाया जा सकता है।