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  • लालच ने मिटा दिया भाईचारे का रिश्ता जमीन विवाद में बड़े भाई की हत्या 12 साल बाद पिता पुत्र को मिली उम्रकैद

    लालच ने मिटा दिया भाईचारे का रिश्ता जमीन विवाद में बड़े भाई की हत्या 12 साल बाद पिता पुत्र को मिली उम्रकैद


    इंदौर । इंदौर की जिला अदालत ने 12 वर्ष पुराने चर्चित हत्या मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पिता और पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में रिश्तों की अहमियत पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि बड़ा भाई पिता के समान होता है लेकिन इस मामले में आरोपियों ने जमीन के लालच में अपने ही सगे भाई की हत्या कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपियों ने एक पल के लिए भी यह नहीं सोचा कि जिस व्यक्ति की जान ली जा रही है वह उनका अपना भाई है। इस अपराध ने रिश्तों की सभी मर्यादाओं को तार तार कर दिया।

    अदालत ने आरोपी प्रदीप राठौड़ और उसके पिता ओमप्रकाश राठौड़ को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120 बी के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर प्रत्येक अपराध के लिए 500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले का तीसरा आरोपी रविशंकर अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।

    यह मामला 27 जून 2014 का है जब लसूड़िया क्षेत्र में जमीन विवाद के चलते बड़े भाई अतुल राठौड़ की हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश परिवार के भीतर ही रची गई थी और जमीन के विवाद ने रिश्तों को इस हद तक तोड़ दिया कि पिता और छोटे भाई ने मिलकर बड़े भाई की जान ले ली।

    फैसला सुनाते समय अदालत ने कहा कि सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता और आरोपी के पक्ष में मौजूद परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि दंड हमेशा अपराध की प्रकृति और गंभीरता के अनुरूप होना चाहिए।

    कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी में नहीं आता इसलिए इसमें मृत्युदंड देने का आधार नहीं बनता। अदालत ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ पहले किसी भी प्रकार का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और घटना के बाद भी उनके खिलाफ किसी अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधि का उल्लेख नहीं मिला। इन परिस्थितियों के साथ उनकी सामाजिक आर्थिक और पारिवारिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आजीवन कारावास को उपयुक्त सजा माना।

    सरकार की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक योगेश जायसवाल ने अदालत में प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि हत्या सुनियोजित थी और इसका मुख्य कारण जमीन का विवाद था।

    यह फैसला केवल एक हत्या के मामले में सजा का आदेश नहीं बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि संपत्ति और लालच के कारण यदि कोई व्यक्ति अपने ही रिश्तों का खून करता है तो कानून उसे किसी भी कीमत पर बख्शता नहीं है। परिवार विश्वास और भाईचारे जैसे रिश्ते समाज की सबसे मजबूत नींव माने जाते हैं और जब इन्हीं रिश्तों को लालच की भेंट चढ़ा दिया जाता है तो उसका परिणाम कठोर कानूनी दंड के रूप में सामने आता है। अदालत की टिप्पणी भी यही याद दिलाती है कि रिश्तों का मूल्य किसी भी संपत्ति से कहीं अधिक बड़ा होता है।

  • गरीबी नहीं तोड़ सकी हौसला ड्राइवरी कर पढ़ाई करने वाला छात्र बना आंदोलन की पहचान 26 दिन तक छात्रों के हक के लिए डटा रहा

    गरीबी नहीं तोड़ सकी हौसला ड्राइवरी कर पढ़ाई करने वाला छात्र बना आंदोलन की पहचान 26 दिन तक छात्रों के हक के लिए डटा रहा


    इंदौर । सपने पूरे करने के लिए संघर्ष करना हर युवा की मजबूरी होती है लेकिन कुछ लोग अपने सपनों के साथ दूसरों के भविष्य की लड़ाई भी लड़ते हैं। बड़वानी जिले के छोटे से गांव लिंबई के रहने वाले अरुण बड़ोले ऐसी ही मिसाल बनकर सामने आए हैं। आर्थिक तंगी परिवार की जिम्मेदारियां और पढ़ाई के दबाव के बावजूद उन्होंने अपने लिए नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठाई। इंदौर में नीट पेपर लीक के विरोध में चले आंदोलन के दौरान अरुण 26 दिनों तक छात्रों के संघर्ष का चेहरा बने रहे और लगातार धरने पर डटे रहे।

    अरुण का परिवार आज भी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। उनकी मां प्रेमबाई खेतों में मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करती हैं जबकि पिता मांगीलाल की आंखों की रोशनी पिछले दो वर्षों से काफी कमजोर हो चुकी है जिससे वे पहले की तरह काम नहीं कर पाते। परिवार में तीन बहनें हैं और घर की जिम्मेदारियां भी कम नहीं हैं। इन सबके बीच अरुण पिछले छह वर्षों से इंदौर में किराए के कमरे में रहकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं।

    अपनी पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के लिए अरुण ड्राइवरी का काम भी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हालात को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। जब देशभर में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे तब अरुण ने तय किया कि वे भी इस लड़ाई का हिस्सा बनेंगे।

    30 जून को इंदौर में आंदोलन की शुरुआत हुई। शुरुआत आसान नहीं थी। पहले दस से बारह दिनों तक उनके साथ केवल चार पांच साथी ही मौजूद रहे। कई बार धरना स्थल लगभग खाली नजर आता था लेकिन अरुण और उनके साथियों का हौसला नहीं टूटा। उन्होंने लगातार छात्रों से संवाद किया लोगों को आंदोलन का उद्देश्य समझाया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते रहे। धीरे धीरे छात्रों सामाजिक संगठनों और शहर के नागरिकों का समर्थन बढ़ने लगा और आंदोलन मजबूत होता गया।

    अरुण का कहना है कि वे स्वयं एक छात्र हैं और यदि वे अपने जैसे लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के लिए आवाज नहीं उठाते तो खुद को कभी माफ नहीं कर पाते। उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता हर छात्र का अधिकार है और इसके लिए संघर्ष करना जरूरी है। उनका मानना है कि गलत के खिलाफ आवाज उठाना ही सच्ची शिक्षा की पहचान है।

    26 दिनों तक लगातार चले इस आंदोलन ने अरुण को छात्रों के बीच एक नई पहचान दिलाई। हालांकि आंदोलन समाप्त हो चुका है लेकिन उनका संकल्प अब भी कायम है। उनका कहना है कि यदि भविष्य में किसी भी परीक्षा या शिक्षा व्यवस्था में छात्रों के साथ अन्याय होगा तो वे फिर मैदान में उतरेंगे और विद्यार्थियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।

    अरुण बड़ोले की कहानी बताती है कि सीमित संसाधन बड़े सपनों की राह नहीं रोक सकते। आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि इरादे मजबूत हों तो एक साधारण छात्र भी हजारों लोगों की उम्मीद और आवाज बन सकता है। उनका संघर्ष केवल एक आंदोलन की कहानी नहीं बल्कि जिम्मेदारी साहस और बदलाव की सोच का प्रेरक उदाहरण है।

  • एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा से पहले एनडीए बैठक में शामिल हुए नए सहयोगी सांसद, पीएम मोदी की मौजूदगी में हुई रणनीतिक चर्चा

    एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा से पहले एनडीए बैठक में शामिल हुए नए सहयोगी सांसद, पीएम मोदी की मौजूदगी में हुई रणनीतिक चर्चा

    नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की गई। संसद भवन परिसर स्थित लाइब्रेरी भवन में हुई इस बैठक की खास बात यह रही कि पहली बार एनसीपीआई के सांसद भी इसमें शामिल हुए। ये सांसद पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे और बाद में अपनी नई राजनीतिक भूमिका के तहत एनडीए का समर्थन कर चुके हैं।

    बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सांसद मौजूद रहे। संसदीय रणनीति और आगामी विधायी कार्यों को लेकर हुई इस बैठक में गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच समन्वय बढ़ाने और संसद में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।

    बैठक में शामिल होने के बाद एनसीपीआई सांसद सायोनी घोष ने इसे सकारात्मक और ज्ञानवर्धक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई चर्चा से कई महत्वपूर्ण विषयों को समझने का अवसर मिला। उनके अनुसार बैठक में मुक्त व्यापार समझौतों सहित विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, जिससे सांसदों को व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।

    सायोनी घोष के साथ एनसीपीआई की अन्य सांसद काकोली घोष और शताब्दी रॉय भी पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल हुईं। तीनों सांसद पहले तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थीं। एनसीपीआई में शामिल होने के बाद उन्होंने एनडीए के प्रति अपना समर्थन दोहराया और गठबंधन की संसदीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की शुरुआत की।

    बैठक के दौरान सरकार ने सांसदों से ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ के समर्थन की भी अपील की। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।

    प्रस्तावित संशोधनों के तहत परीक्षा में अनियमितताओं के मामलों में कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। इसमें दोषी पाए जाने पर लंबी अवधि की सजा, भारी आर्थिक दंड, अवैध गतिविधियों से जुड़ी संपत्ति जब्त करने तथा मामलों के शीघ्र निपटारे की व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन उपायों से संगठित परीक्षा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

    यह बैठक ऐसे समय आयोजित हुई, जब संसद के भीतर एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा की तैयारी चल रही है और दूसरी ओर विपक्ष जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन तथा प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे राजनीतिक माहौल में एनडीए की यह बैठक संसदीय समन्वय और रणनीतिक तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    ‘मंगल मिलन’ बैठक एनडीए संसदीय दल की नियमित रणनीतिक बैठक का नया स्वरूप है। इसका उद्देश्य सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, संसद में विभिन्न विषयों पर प्रभावी चर्चा सुनिश्चित करना और फ्लोर मैनेजमेंट को मजबूत बनाना है। साथ ही यह मंच गठबंधन के सभी घटक दलों को अपनी भूमिका स्पष्ट करने, जिम्मेदारियों का समन्वय करने और संसद के भीतर साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करता है।

  • गोरखपुर में कारोबारी के 10 वर्षीय पोते की अपहरण के बाद हत्या, पड़ोसी शिक्षक के घर के बेसमेंट से मिला शव

    गोरखपुर में कारोबारी के 10 वर्षीय पोते की अपहरण के बाद हत्या, पड़ोसी शिक्षक के घर के बेसमेंट से मिला शव


    गोरखपुर। जिले के खजनी कस्बे में एक ज्वैलरी कारोबारी के 10 वर्षीय पोते की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। बच्चे का शव मंगलवार को उसके घर से करीब 20 मीटर दूर रहने वाले पड़ोसी के मकान के बेसमेंट से बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि वैभव वर्मा सोमवार शाम से लापता था। वह स्कूल से घर लौटने के बाद साइकिल लेकर बाहर खेलने गया था। करीब आधे घंटे बाद परिवार को सूचना मिली कि उसकी साइकिल घर के पीछे लावारिस हालत में खड़ी है। मौके पर पहुंचने पर कुछ दूरी पर बच्चे की एक चप्पल भी मिली, जिसके बाद परिजनों को अपहरण की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई।

    CCTV से खुला मामला
    सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। आसपास के CCTV फुटेज खंगालने पर वैभव एक पड़ोसी व्यक्ति के साथ जाता दिखाई दिया। परिवार ने उसकी पहचान सर्वेश भट्ट के रूप में की, जो पेशे से कंप्यूटर शिक्षक बताया जा रहा है। पुलिस ने सर्वेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में उसने बच्चे को अपने साथ ले जाने और बाद में उसकी हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

    बेसमेंट से बोरे में मिला शव
    आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर के बेसमेंट की तलाशी ली। वहां अनाज की बोरियों के बीच एक बोरे में बच्चे का शव बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात उस समय की, जब उसके परिवार के सदस्य मकान की ऊपरी मंजिल पर मौजूद थे। इसके बाद उसने शव को छिपाकर बाद में ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी।

    कैसे गायब हुआ वैभव
    वैभव इलाके के प्रतिष्ठित ज्वैलरी कारोबारी लक्ष्मी नारायण वर्मा का पोता था और नवल्स एकेडमी में चौथी कक्षा का छात्र था। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे वह स्कूल से घर लौटा, यूनिफॉर्म बदली और साइकिल लेकर बाहर निकल गया। दादी ने उसे खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन उसने थोड़ी देर में लौटने की बात कही थी।

    डॉग स्क्वॉड और तलाश अभियान
    पुलिस ने पांच टीमें बनाकर तलाश शुरू की। बच्चे की स्कूल ड्रेस खोजी कुत्ते को सूंघाई गई, जिसके बाद वह चप्पल मिलने वाली जगह से करीब एक किलोमीटर दूर तक गया। इसी दौरान CCTV फुटेज से जांच को अहम सुराग मिला।

    परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश
    घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस ने आरोपी के परिवार के सदस्यों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और उसके घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

    मां का हाल ही में हुआ था निधन
    वैभव के पिता हनुमान वर्मा ने बताया कि लगभग डेढ़ महीने पहले उसकी मां श्वेता वर्मा का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद वैभव अधिकतर समय अपने पिता के साथ ही रहता था। उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज देखने के बाद उन्हें अपहरण की आशंका हुई और बाद में संदेह पड़ोसी सर्वेश पर गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और हत्या के कारणों की विस्तृत जांच जारी है।

  • महिलाएं रहें सतर्क पीरियड्स जैसा दर्द भी हो सकता है हार्ट अटैक का शुरुआती लक्षण जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं

    महिलाएं रहें सतर्क पीरियड्स जैसा दर्द भी हो सकता है हार्ट अटैक का शुरुआती लक्षण जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं


    नई दिल्ली। हार्ट अटैक को अक्सर सीने में तेज दर्द और बाएं हाथ में झनझनाहट से जोड़कर देखा जाता है लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में इसके लक्षण पुरुषों से अलग भी हो सकते हैं। कई मामलों में हार्ट अटैक से पहले महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में ऐसा दर्द महसूस होता है जो बिल्कुल पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन जैसा लगता है। यही कारण है कि कई महिलाएं इसे सामान्य मासिक धर्म का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देती हैं और समय पर इलाज नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो सकती है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान शरीर हमेशा एक जैसे संकेत नहीं देता। कुछ महिलाओं को पेट में भारीपन कमर में दर्द मतली थकान सांस फूलना ठंडा पसीना और कमजोरी जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। कई बार पेट के निचले हिस्से में होने वाला दर्द इतना सामान्य लगता है कि मरीज उसे गैस बदहजमी या पीरियड्स की समस्या मान लेता है जबकि वास्तव में यह हृदय से जुड़ी गंभीर परेशानी का संकेत हो सकता है।

    डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। यदि समय रहते उपचार न मिले तो हृदय की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती हैं और मरीज की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए शरीर के किसी भी असामान्य दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए विशेष रूप से तब जब उसके साथ सांस लेने में तकलीफ अत्यधिक थकान चक्कर या सीने में दबाव जैसा महसूस हो।

    महिलाओं में हार्ट अटैक के कई लक्षण पुरुषों की तुलना में अलग हो सकते हैं। इनमें गर्दन कंधे पीठ या जबड़े में दर्द अत्यधिक पसीना उल्टी जैसा महसूस होना अचानक कमजोरी बेचैनी और बिना किसी कारण सांस फूलना शामिल है। यदि पीरियड्स जैसा दर्द सामान्य समय से अलग महसूस हो रहा हो या उसके साथ अन्य असामान्य लक्षण भी दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च रक्तचाप मधुमेह मोटापा धूम्रपान तनाव अनियमित जीवनशैली और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक के प्रमुख जोखिम कारक हैं। इसके अलावा रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हृदय रोग का खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि इस समय शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। इसलिए 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित हेल्थ चेकअप कराना बेहद जरूरी माना जाता है।

    हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार नियमित व्यायाम पर्याप्त नींद तनाव पर नियंत्रण और धूम्रपान तथा शराब से दूरी बनाए रखना सबसे प्रभावी उपाय हैं। साथ ही ब्लड प्रेशर ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच भी करानी चाहिए। यदि परिवार में पहले से हृदय रोग का इतिहास है तो अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

    ध्यान रखें कि हर पेट दर्द या पीरियड्स जैसा दर्द हार्ट अटैक का संकेत नहीं होता लेकिन यदि यह दर्द असामान्य हो और उसके साथ सांस लेने में तकलीफ सीने में दबाव ठंडा पसीना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर उपचार ही हार्ट अटैक से होने वाले गंभीर नुकसान और जान के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।

  • दूसरे जन्मदिन के 24 घंटे बाद बुझ गई मासूम की जिंदगी रसोई हादसे ने छीन ली परिवार की मुस्कान मां भी गंभीर रूप से झुलसी

    दूसरे जन्मदिन के 24 घंटे बाद बुझ गई मासूम की जिंदगी रसोई हादसे ने छीन ली परिवार की मुस्कान मां भी गंभीर रूप से झुलसी


    नई दिल्ली । इंदौर जिले के देपालपुर क्षेत्र के ग्राम कुनगारा में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। जिस घर में एक दिन पहले दो साल की मासूम सृष्टि का जन्मदिन हंसी खुशी और उत्साह के साथ मनाया गया था वहीं अगले ही दिन उसकी मौत ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। रसोई में खाना बनाते समय मां की साड़ी में अचानक आग लग गई और पास में खेल रही मासूम भी उसकी चपेट में आ गई। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मां का उपचार अभी भी जारी है।

    जानकारी के अनुसार सृष्टि की मां काजल सुबह रसोई में खाना बना रही थीं। उसी दौरान किसी कारण उनकी साड़ी में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पास में खेल रही दो वर्षीय सृष्टि भी उसकी चपेट में आ गई। काजल मूक बधिर हैं इसलिए वह मदद के लिए आवाज नहीं लगा सकीं। उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल से खेत पर काम कर रहे परिजन को वीडियो कॉल कर घटना की जानकारी दी।

    परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और मां बेटी दोनों को गंभीर हालत में इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बच्ची को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी मौत हो गई। काजल करीब 50 प्रतिशत तक झुलस गई हैं और उनका इलाज जारी है।

    परिवार के लोगों ने बताया कि हादसे से कुछ समय पहले ही काजल की अपनी मां से फोन पर बात हुई थी। उस समय सृष्टि उनकी गोद में बैठी हुई थी। हादसा होने के बाद सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को ही वीडियो कॉल किया क्योंकि उनका नंबर फोन में आसानी से उपलब्ध था। इसके बाद अन्य परिजनों को सूचना दी गई और सभी लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।

    मृत बच्ची के मामा मनीष ने बताया कि सृष्टि अपने माता पिता की इकलौती संतान थी। उसके पिता किसान हैं और पूरा परिवार बच्ची के दूसरे जन्मदिन की खुशियां मना रहा था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि अगले ही दिन ऐसा दर्दनाक हादसा हो जाएगा। पूरे परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे की वजह गैस पाइप में लगी आग बताई जा रही है जिसकी लपटें मां की साड़ी तक पहुंच गईं। पुलिस ने मामले में शून्य पर मर्ग कायम कर केस देपालपुर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

    यह घटना एक बार फिर रसोई में सुरक्षा बरतने की आवश्यकता की याद दिलाती है। खाना बनाते समय ढीले कपड़े पहनने से बचना गैस पाइप और चूल्हे की नियमित जांच करना तथा छोटे बच्चों को रसोई से सुरक्षित दूरी पर रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी कई बार ऐसे दर्दनाक हादसों को टाल सकती है। लेकिन इस परिवार के लिए अब यह सीख बहुत देर से आई क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही ने उनकी मासूम बेटी की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली।

  • UP: नोएडा-मेरठ समेत 15 शहरों में तेज बारिश, कई इलाकों में बनी जलभराव की स्थिति

    UP: नोएडा-मेरठ समेत 15 शहरों में तेज बारिश, कई इलाकों में बनी जलभराव की स्थिति


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार सुबह से नोएडा, मेरठ, सहारनपुर, गोंडा समेत 15 शहरों में रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। लगातार बरसात के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    सहारनपुर में तड़के करीब चार बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने महज दो घंटे में शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया। कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। डीएम कार्यालय परिसर में घुटनों तक पानी जमा हो गया, जबकि ऑफिसर्स कॉलोनी में भी जलभराव हो गया। इस कॉलोनी में जिला जज, कमिश्नर और नगर आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। शहर की अधिकांश कॉलोनियां तालाब जैसी नजर आईं।

    नोएडा में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई सड़कों पर कमर तक पानी भर गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जगह-जगह महिलाएं स्कूली बच्चों को कंधों पर बैठाकर सड़क पार कराती दिखाई दीं, जबकि कई दोपहिया वाहन पानी में आधे डूब गए।

    मेरठ में विकास प्राधिकरण के कार्यालय परिसर में पानी घुस गया। कैंप कार्यालय के बाहर जलभराव होने से महापौर को कुछ समय तक कार्यालय के भीतर ही रुकना पड़ा। वहीं रायबरेली में बारिश के बाद खेत में करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। ग्रामीणों ने जांच की तो वहां सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी, जिसके बाद सूचना मिलने पर एएसआई की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।

    मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 7 जिलों में अत्यधिक भारी और 53 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा, यमुना, घाघरा और सरयू नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है।

    लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान से करीब 120 बीघा गन्ने की फसल नदी में समा गई है। वहीं बलिया में सरयू नदी का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है।

    लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसूनी ट्रफ एक बार फिर उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय हो रही है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र भी मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 30 जुलाई तक हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

  • महिलाओं की छेड़छाड़ पर रणवीर सिंह ने हंसते हुए कहा, ‘फ्लर्ट मत करो’, वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय

    महिलाओं की छेड़छाड़ पर रणवीर सिंह ने हंसते हुए कहा, ‘फ्लर्ट मत करो’, वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस बार किसी फिल्म या प्रमोशनल इवेंट की वजह से नहीं, बल्कि एक ब्रांड शूट के दौरान रिकॉर्ड हुई हल्की-फुल्की बातचीत ने लोगों का ध्यान खींचा है। शूटिंग सेट से सामने आए एक वीडियो में अभिनेता का सहज और हास्यपूर्ण अंदाज देखने को मिल रहा है, जिसे सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वीडियो पर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और रणवीर के ह्यूमर की सराहना कर रहे हैं।

    वायरल वीडियो मॉडल दीक्षा नारंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो अप्रैल 2026 में एक ब्रांड कैंपेन की शूटिंग के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। शूटिंग के बीच कॉफी मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण कुछ समय के लिए काम रोकना पड़ा। इसी दौरान सेट पर मौजूद लोगों के बीच सामान्य बातचीत शुरू हुई और माहौल को सहज बनाने के लिए दीक्षा ने रणवीर सिंह से बातचीत की।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि बातचीत के दौरान माहौल पूरी तरह हल्का और मजाकिया बना हुआ था। इसी बीच रणवीर सिंह मुस्कुराते हुए कहते हैं, “इतना फ्लर्ट कर रही हो… मैं दो बच्चों का बाप बनने वाला हूं यार।” अभिनेता की यह बात सुनते ही सेट पर मौजूद सभी लोग हंसने लगते हैं। उनका यह सहज और चुटीला जवाब कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स ने रणवीर सिंह के स्वाभाविक व्यवहार और हाजिरजवाबी की जमकर तारीफ की। कई लोगों ने लिखा कि अभिनेता का यही सरल और सकारात्मक स्वभाव उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। वहीं कुछ प्रशंसकों ने इसे मनोरंजक और परिवार के प्रति उनके लगाव को दर्शाने वाला बयान बताया। सोशल मीडिया पर वीडियो के अलग-अलग हिस्से तेजी से साझा किए जा रहे हैं और इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

    रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण इन दिनों अपने निजी जीवन को लेकर भी चर्चा में हैं। दोनों जल्द ही दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। इससे पहले सितंबर 2024 में उन्होंने अपनी बेटी दुआ का स्वागत किया था। अब उनके परिवार में एक और नए सदस्य के आने का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में रणवीर का वीडियो में दिया गया मजाकिया बयान भी उनके पारिवारिक जीवन से जुड़कर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

    पेशेवर मोर्चे पर भी रणवीर सिंह लगातार सक्रिय हैं। उनकी हालिया फिल्मों ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रतिसाद मिला। इन फिल्मों के बाद अभिनेता अब अपनी अगली परियोजना ‘प्रलय’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। यह फिल्म ज़ॉम्बी-थीम पर आधारित बताई जा रही है और इसका निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है।

    रणवीर सिंह अपने अभिनय के साथ-साथ अपने ऊर्जा से भरपूर व्यक्तित्व और हास्यपूर्ण अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों, इंटरव्यू और शूटिंग सेट पर उनका सहज व्यवहार अक्सर लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। यही वजह है कि इस बार भी एक सामान्य बातचीत का छोटा-सा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फिलहाल अभिनेता का यह मजाकिया अंदाज प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे मनोरंजक तथा स्वाभाविक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं।

  • आरक्षण पर वायरल बयान को शिल्पा शेट्टी ने बताया पूरी तरह फर्जी, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

    आरक्षण पर वायरल बयान को शिल्पा शेट्टी ने बताया पूरी तरह फर्जी, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे आरक्षण संबंधी कथित बयान का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। अभिनेत्री ने कहा कि उनके नाम से प्रसारित किया जा रहा संदेश पूरी तरह मनगढ़ंत और भ्रामक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन के ऐसी किसी भी पोस्ट पर विश्वास न करें और अफवाहों को आगे बढ़ाने से बचें।

    हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से साझा की जा रही थी, जिसमें दावा किया गया कि शिल्पा शेट्टी ने देश की आरक्षण व्यवस्था को लेकर विवादित टिप्पणी की है। पोस्ट में उनके नाम से ऐसे कथन प्रसारित किए गए, जिनमें जाति आधारित आरक्षण को समाप्त करने का समर्थन करने का दावा किया गया। यह पोस्ट वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा का विषय बन गई।

    मामले ने तूल पकड़ने के बाद शिल्पा शेट्टी ने स्वयं सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरक्षण से जुड़े फर्जी बयानों को उनके नाम से जोड़कर प्रसारित किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस पूरे दावे को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि इसका उनकी वास्तविक सोच या किसी भी आधिकारिक बयान से कोई संबंध नहीं है।

    अभिनेत्री ने अपने संदेश में लोगों से विशेष रूप से आग्रह किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के नाम से साझा किए जा रहे बयान को सच मानने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है। उनका कहना था कि गलत जानकारी न केवल भ्रम पैदा करती है, बल्कि संबंधित व्यक्ति की छवि को भी प्रभावित कर सकती है।

    वायरल पोस्ट में यह दावा किया गया था कि शिल्पा शेट्टी ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी राय व्यक्त करते हुए उसे समाप्त किए जाने का समर्थन किया है। हालांकि अभिनेत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा संदेश पूरी तरह फर्जी है और उसे जानबूझकर उनके नाम से जोड़ा गया है।

    सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट और गलत जानकारी फैलाने की घटनाएं पिछले कुछ समय में लगातार बढ़ी हैं। कई बार सार्वजनिक हस्तियों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर ऐसे संदेश प्रसारित किए जाते हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को सामने आकर सफाई देनी पड़ती है ताकि गलत जानकारी को रोका जा सके और लोगों के बीच सही तथ्य पहुंच सकें।

    शिल्पा शेट्टी के इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि उनके नाम से प्रसारित किया गया कथित आरक्षण संबंधी बयान वास्तविक नहीं है। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने और किसी भी विवादित दावे को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने की अपील की है। उनका यह संदेश डिजिटल माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो शिल्पा शेट्टी हाल ही में कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ में नजर आई थीं। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में एक कुकिंग रियलिटी शो की मेजबानी भी की, जिसका प्रसारण समाप्त हो चुका है। अभिनय और टेलीविजन के साथ-साथ वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं और समय-समय पर अपने प्रशंसकों से सीधे संवाद करती हैं।

  • 'परिवार होते हुए भी खुद को अनाथ महसूस किया', Lock Upp 2 में शिल्पा शिंदे ने सुनाई निजी संघर्ष की कहानी

    'परिवार होते हुए भी खुद को अनाथ महसूस किया', Lock Upp 2 में शिल्पा शिंदे ने सुनाई निजी संघर्ष की कहानी

    नई दिल्ली । रियलिटी शो Lock Upp 2 के एक हालिया एपिसोड में टीवी अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े ऐसे अनुभव साझा किए, जिन्होंने शो के अन्य प्रतिभागियों और दर्शकों को भावुक कर दिया। अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री ने बताया कि जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब परिवार होने के बावजूद वह खुद को पूरी तरह अकेला और असहाय महसूस करने लगी थीं। उन्होंने कहा कि कई रिश्ते केवल नाम के रह जाते हैं और व्यक्ति भावनात्मक रूप से खुद को बिल्कुल अलग-थलग महसूस करने लगता है।

    शिल्पा शिंदे ने बताया कि उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव उस समय आया जब कंधे की सर्जरी के बाद परिस्थितियां तेजी से बदल गईं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी कठिन दौर के बाद घर का माहौल भी उनके लिए पहले जैसा नहीं रहा। हालात ऐसे बन गए कि उन्हें आत्मसम्मान को प्राथमिकता देते हुए अपना घर छोड़ने का कठिन निर्णय लेना पड़ा। उनके अनुसार यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उस समय उन्हें लगा कि अपनी गरिमा और स्वाभिमान से समझौता करना उनके लिए संभव नहीं है।

    अभिनेत्री ने भावुक होते हुए कहा कि जिस परिवार के लिए उन्होंने हमेशा अपना पूरा योगदान दिया, वहीं एक समय उन्हें यह महसूस होने लगा कि उनकी भावनाओं और मौजूदगी की कोई अहमियत नहीं रह गई है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगता था मानो वह अपने ही घर में केवल जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित होकर रह गई थीं। इसी एहसास ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया और अंततः उन्होंने घर छोड़ने का निर्णय लिया।

    शिल्पा ने अपने परिवार के साथ वर्तमान रिश्तों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि समय के साथ उनके और परिवार के सदस्यों के बीच दूरियां बढ़ती चली गईं। उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे समय से उनकी मां से मुलाकात नहीं हुई है और इस स्थिति ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्होंने अपनी जिंदगी को नए नजरिए से आगे बढ़ाने का फैसला किया है और वह भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।

    उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा एक ऐसा शेल्टर होम तैयार करने की है, जहां जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। उनके अनुसार इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने इस शो में हिस्सा लेने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि यदि वह इस मंच के माध्यम से अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकें तो यह उनके जीवन का सबसे बड़ा संतोष होगा।

    शिल्पा शिंदे ने स्पष्ट किया कि वह अपनी निजी कहानी किसी की सहानुभूति हासिल करने के लिए नहीं सुना रहीं, बल्कि यह उनके जीवन की सच्चाई है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि जीवन में कई बार लोगों ने उन्हें गलत समझा और उनके व्यवहार को लेकर अलग-अलग धारणाएं बनाई, लेकिन अब वह इन बातों से प्रभावित नहीं होतीं। उनका कहना था कि हर व्यक्ति का संघर्ष अलग होता है और उसे समझने के लिए केवल बाहरी परिस्थितियों को नहीं, बल्कि उसके अनुभवों को भी जानना जरूरी होता है।

    अभिनेत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों ने उन्हें पहले से अधिक मजबूत बनाया है। उनका मानना है कि जीवन में आने वाली चुनौतियां व्यक्ति को टूटने के बजाय आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे सकती हैं। Lock Upp 2 में साझा की गई उनकी यह कहानी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और कई लोग इसे आत्मसम्मान, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।