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  • छठ-दिवाली से पहले बढ़ सकती है रसोई की महंगाई, खाने के तेल के दाम 7-8% तक बढ़ने की आशंका

    छठ-दिवाली से पहले बढ़ सकती है रसोई की महंगाई, खाने के तेल के दाम 7-8% तक बढ़ने की आशंका

    नई दिल्ली ।त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर प्रभावित हो सकता है। खाने पकाने में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक बाजार में कच्चे खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों और आयात लागत में इजाफे के कारण कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है।

    आने वाले महीनों में दशहरा, छठ पूजा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार हैं। इस दौरान खाद्य तेल की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे समय में कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ सकता है। भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरत का करीब 58 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का घरेलू कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

    अगर त्योहारों से पहले खाद्य तेल के दाम बढ़ते हैं, तो मार्च के बाद यह कीमतों में बढ़ोतरी का तीसरा दौर होगा। मार्च से शुरू हुए पिछले दो दौर में कंपनियों ने खाद्य तेल की कीमतों में करीब 5 से 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की थी। इसके बाद मार्च से जून के बीच कुल कीमतों में लगभग 10 से 12 प्रतिशत तक इजाफा हुआ।

    अब वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे माल की आपूर्ति में कमी के कारण एक बार फिर 7 से 8 प्रतिशत तक कीमत बढ़ने की आशंका है। यदि यह बढ़ोतरी होती है, तो मार्च से अब तक खाद्य तेल की कुल कीमतों में करीब 18 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।

    कीमतों पर बढ़ते दबाव की प्रमुख वजह कच्चे खाद्य तेल की बढ़ी हुई आयात लागत है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 18 सितंबर को मुंबई बंदरगाहों पर कच्चे पाम तेल की कीमत 1,265 डॉलर प्रति टन, सोयाबीन तेल की 1,314 डॉलर प्रति टन और सूरजमुखी तेल की कीमत 1,380 डॉलर प्रति टन थी।

    पाम और सोयाबीन तेल की लागत एक साल पहले की तुलना में करीब 11 प्रतिशत अधिक रही। वहीं, सूरजमुखी तेल की लागत में लगभग 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे घरेलू स्तर पर तेल को रिफाइन और प्रोसेस करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ गई है।

    इसके अलावा रुपये की कमजोरी, परिवहन लागत में बढ़ोतरी और बीमा प्रीमियम बढ़ने से भी आयातित तेल महंगा हुआ है। इन सभी कारकों का असर दुनिया भर में वनस्पति तेल की कीमतों पर पड़ा है और इसका दबाव भारतीय रिफाइनरों तथा प्रोसेसर्स पर भी बढ़ा है।

    उद्योग से जुड़े आदित्य अग्रवाल के अनुसार, कच्चे खाद्य तेल की लैंडेड कॉस्ट में करीब 8 से 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लागत में इस वृद्धि को देखते हुए कंपनियों के सामने इसका कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का विकल्प बच सकता है।

    खाद्य तेल रोजमर्रा की जरूरत की प्रमुख वस्तुओं में शामिल है। इसलिए कीमतों में संभावित वृद्धि का असर घरेलू खर्च के साथ-साथ त्योहारों के दौरान होने वाली खरीदारी पर भी पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, यह वैश्विक बाजार, आयात लागत और कंपनियों के मूल्य निर्धारण पर निर्भर करेगा।

    ऐसे में छठ और दिवाली से पहले खाद्य तेल की कीमतों पर नजर बनी हुई है। यदि लागत का मौजूदा दबाव आगे भी कायम रहता है, तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को रसोई के बजट में अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है।

  • अमेरिका-ईरान की हाई लेवल मीटिंग, न्यूयॉर्क में अराघची से मिले विटकॉफ, कुशनर भी रहे शामिल

    अमेरिका-ईरान की हाई लेवल मीटिंग, न्यूयॉर्क में अराघची से मिले विटकॉफ, कुशनर भी रहे शामिल


    नई दिल्ली। ईरान को समझौता नहीं होने पर ‘तबाह’ करने की चेतावनी देने के कुछ ही घंटे बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम बातचीत की जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की टीम ने मध्यस्थों के जरिए ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत की। ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी इस प्रक्रिया में शामिल रहे। ट्रंप ने करीब तीन घंटे चली बैठक को ‘बहुत अच्छी’ और ‘बहुत उत्पादक’ बताया।

    ट्रंप ने कहा कि विटकॉफ और कुशनर ने ईरान के साथ समझौते को लेकर मध्यस्थों से मुलाकात की। उन्होंने बातचीत को लेकर कहा कि कई चीजें अच्छी तरह आगे बढ़ रही हैं। ट्रंप के मुताबिक बैठक करीब तीन घंटे चली और इसके खत्म होने के लगभग एक घंटे बाद उन्होंने इसकी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही बातचीत का अगला दौर हो सकता है।

    विटकॉफ की पहल पर हुई अराघची से मुलाकात

    ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी पक्ष की पहल पर अराघची और विटकॉफ के बीच संपर्क हुआ। बातचीत में ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की शर्तें रखी गईं। रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करने और सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने की मांग रखी है।

    अमेरिकी विशेष दूत विटकॉफ ने भी कहा कि अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत मध्यस्थों के जरिए हुई। मध्यस्थ दिनभर दोनों पक्षों के बीच आते-जाते रहे। विटकॉफ ने इस दौर की बातचीत को आगे के लिए रचनात्मक और उम्मीद जगाने वाला बताया।

    होर्मुज बना बातचीत का अहम मुद्दा

    बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रमुख मुद्दों में रहा है। ईरान की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी सैन्य दबाव और नाकाबंदी में राहत मिलने पर होर्मुज को फिर से खोलने पर चर्चा आगे बढ़ सकती है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसके जरिए होने वाला समुद्री आवागमन अमेरिका-ईरान तनाव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

    UNGA में ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी

    इस बातचीत से पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि उनके सामने दो रास्ते हैं—ईरान के साथ ऐसा समझौता हो जिससे वह आगे बढ़ सके या फिर अमेरिका उसके खिलाफ और कठोर सैन्य कार्रवाई करे। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    ट्रंप ने यह आरोप भी लगाया कि ईरान अमेरिकी मध्यावधि चुनाव तक किसी समझौते को टालने की कोशिश कर रहा है। उनके भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के कई सदस्य विरोध में हॉल से बाहर चले गए। इसके बावजूद उसी दिन न्यूयॉर्क में दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत हुई, जिससे कूटनीतिक संपर्क का एक नया दौर सामने आया है।

    हालांकि, बातचीत को लेकर अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है। अमेरिकी और ईरानी पक्ष के बीच सैन्य दबाव, होर्मुज, प्रतिबंधों और फ्रीज संपत्तियों समेत कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।

  • बुधवार का व्रत करने से पहले जान लें पूजा की सही विधि नियम और मान्यताएं शुभ फल के लिए ऐसे करें आराधना

    बुधवार का व्रत करने से पहले जान लें पूजा की सही विधि नियम और मान्यताएं शुभ फल के लिए ऐसे करें आराधना


    नई दिल्ली। बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का व्रत करने से बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है तथा व्यक्ति के कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने की कामना की जाती है। बुध ग्रह को वाणी व्यापार शिक्षा और बुद्धि का कारक माना गया है इसलिए बुधवार के दिन विधि विधान से पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ बुधवार का व्रत करता है उसे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में सहायता मिलती है।

    बुधवार व्रत रखने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके पूजा स्थल की सफाई करनी चाहिए। भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लिया जाता है। इसके बाद भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा में फूल अक्षत रोली और नैवेद्य का प्रयोग किया जा सकता है। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाने की भी परंपरा है। इसके बाद गणेश मंत्र का जाप करते हुए श्रद्धापूर्वक आराधना करनी चाहिए।

    बुधवार के दिन बुध ग्रह की पूजा का भी विधान बताया गया है। इसके लिए हरे रंग की वस्तुओं का प्रयोग शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान बुध देव का ध्यान करके उनके मंत्र का जाप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हरी मूंग हरे वस्त्र या हरी सब्जियों का दान करने से बुध ग्रह से जुड़े शुभ फल प्राप्त होने की कामना की जाती है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है।

    बुधवार व्रत में भोजन को लेकर अलग अलग परंपराएं प्रचलित हैं। कुछ लोग पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ही उपवास करना चाहिए। शाम के समय भगवान गणेश की दोबारा पूजा करके व्रत कथा का पाठ किया जा सकता है। इसके बाद आरती करके प्रसाद ग्रहण किया जाता है। व्रत के दौरान मन को शांत रखने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए।

    बुधवार व्रत को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। माना जाता है कि इस व्रत से शिक्षा और करियर में सफलता की कामना की जाती है। व्यापार करने वाले लोगों के लिए भी बुधवार का दिन विशेष माना जाता है। मान्यता है कि बुध देव की कृपा से वाणी में मधुरता और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होने की कामना की जा सकती है। हालांकि इन बातों को धार्मिक विश्वास के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    बुधवार व्रत का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष श्रद्धा और अनुशासन है। पूजा के दौरान भगवान गणेश का स्मरण करके परिवार की सुख शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। यदि कोई व्यक्ति पहली बार बुधवार का व्रत शुरू कर रहा है तो परिवार की परंपरा या अपने धार्मिक गुरु की सलाह के अनुसार व्रत की अवधि और पूजा विधि तय कर सकता है। श्रद्धा के साथ किया गया यह व्रत व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने और दिनचर्या में संयम लाने का माध्यम माना जाता है।

  • बच्चों की कल्पनाओं को मिलेगा शब्दों का आकाश, भोपाल में 26 अक्टूबर को बाल साहित्यकार सम्मेलन

    बच्चों की कल्पनाओं को मिलेगा शब्दों का आकाश, भोपाल में 26 अक्टूबर को बाल साहित्यकार सम्मेलन


    भोपाल। बच्चों की दुनिया में एक छोटी-सी कहानी भी बड़ा सपना जगा सकती है, कविता की दो पंक्तियां उनके भीतर संवेदना का दीप जला सकती हैं और किसी बाल पात्र का साहस उन्हें जीवन की कठिनाइयों से लड़ना सिखा सकता है। इसी बाल मन की कल्पनाशीलता, जिज्ञासा और संवेदना को साहित्य से जोड़ने के उद्देश्य से भोपाल में 26 अक्टूबर को बाल साहित्यकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

    दरअसल, अर्चना प्रकाशन न्यास के तत्वावधान में होने वाले इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से बाल साहित्यकार और साहित्यप्रेमी शामिल होंगे। सम्मेलन के साथ बाल साहित्य पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी और मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सहभागिता इस आयोजन को साहित्य के साथ बाल अधिकार, संस्कार, रचनात्मकता और बाल मनोविज्ञान के व्यापक विमर्श से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    देशभर के बाल साहित्यकारों का होगा संगम

    भोपाल में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन बाल साहित्य को केंद्र में रखकर देश के विभिन्न क्षेत्रों के रचनाकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। अर्चना प्रकाशन न्यास की बैठक में सम्मेलन के आयोजन का निर्णय लिया गया। बैठक में मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक विकास दवे, अर्चना प्रकाशन न्यास के निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख कैलाश चन्द्र, मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा, साहित्यकार उमेश सिंह, नुसरत मेंहदी, बाल साहित्यकार महेश सक्सेना, गोपेश्वर बाजपेयी, गोकुल सोनी, मीनू पांडे, गीत धीर, मृदुल त्यागी, सुदर्शन व्यास, देविदयाल सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।

    सम्मेलन में प्रदेश के बाहर से आने वाले बाल साहित्यकारों की सहभागिता से मध्य प्रदेश के रचनाकारों को भी देश के अन्य क्षेत्रों में लिखे जा रहे बाल साहित्य से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इससे विचारों, अनुभवों और रचनात्मक प्रयोगों का आदान-प्रदान संभव होगा।

    बाल साहित्य को मनोरंजन तक सीमित करने की जरूरत नहीं

    इस बैठक के दौरान इस बात पर भी विमर्श हुआ कि बाल साहित्य बच्चों के मनोरंजन का माध्यम भर नहीं है। वह उनके व्यक्तित्व निर्माण, भाषा विकास, कल्पनाशक्ति, नैतिक बोध और सामाजिक संवेदनाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कहानी और कविता के माध्यम से बच्चे अपने आसपास की दुनिया को समझना शुरू करते हैं। प्रकृति, परिवार, मित्रता, देश, समाज, विज्ञान, इतिहास और मानवीय संबंधों के प्रति उनकी दृष्टि विकसित होती है।

    आज डिजिटल माध्यमों के विस्तार के बीच बच्चों के पढ़ने की आदत और उनके सामने उपलब्ध सामग्री का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में गुणवत्तापूर्ण बाल साहित्य की आवश्यकता और बढ़ जाती है। सम्मेलन इस प्रश्न पर भी सार्थक विमर्श का अवसर दे सकता है कि आज के बच्चे के लिए कैसा साहित्य लिखा जाए, जो उसकी भाषा में हो, उसकी जिज्ञासाओं को समझे और उसे अपनी जड़ों से जोड़ते हुए भविष्य के प्रति तैयार करे।

    बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सहभागिता से जुड़ेगा संवेदनशील पक्ष

    मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सहभागिता इस आयोजन को एक व्यापक सामाजिक संदर्भ प्रदान करती है। बाल साहित्य में बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, सम्मान, समान अवसर, शिक्षा, संवेदनशीलता और अभिव्यक्ति जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से स्थान दिया जा सकता है। बच्चों के लिए लिखने वाले साहित्यकार यदि बाल मन की वास्तविक चुनौतियों को समझकर रचना करें तो साहित्य उनके लिए सिर्फ कल्पना की दुनिया नहीं रहेगा, बल्कि जीवन को समझने का माध्यम भी बनेगा।

    आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने कहा कि “बाल साहित्य बच्चे के मन तक पहुंचने का सबसे सहज और प्रभावी माध्यम है। एक अच्छी कहानी बच्चे को आनंद देने के साथ ही वह उसके भीतर संवेदना, जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सही-गलत को समझने की दृष्टि भी विकसित करती है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग इस प्रकार के प्रयासों को इसलिए महत्वपूर्ण मानता है क्योंकि बच्चों के अधिकारों की बात कानून और संस्थागत व्यवस्था तक सीमित नहीं रह सकती। समाज में बच्चों के प्रति संवेदनशील वातावरण बनाने में साहित्य और संस्कृति की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।”

    उन्होंने कहा कि “मध्य प्रदेश में बाल साहित्यकारों और बाल अधिकारों से जुड़े संस्थानों के बीच संवाद बढ़ना प्रदेश के बच्चों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में उपयोगी कदम हो सकता है।”

    साहित्य अकादमी की सहभागिता से रचनाकारों को मिलेगा मंच

    मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी की सहभागिता सम्मेलन को प्रदेश की साहित्यिक गतिविधियों से जोड़ती है। साहित्य अकादमी के निदेशक विकास दावे कहते हैं, अकादमी लंबे समय से प्रदेश में साहित्यिक विमर्श और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों में सक्रिय रही है। बाल साहित्यकार सम्मेलन के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ और नवोदित बाल साहित्यकारों के बीच संवाद का यहां एक सुखद अवसर बन सकता है।

    उन्‍होंने कहा, यह आयोजन नई पीढ़ी के लेखकों को बाल साहित्य की बदलती जरूरतों को समझने और अपनी रचनाओं को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने के लिए प्रेरित कर सकता है। विशेष रूप से ऐसे समय में जब बच्चों के लिए साहित्य लिखने में भाषा की सरलता के साथ विषयों की आधुनिकता भी आवश्यक हो गई है, साहित्यिक संस्थाओं की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।

    मध्य प्रदेश को क्या मिलेगा

    इस संबंध में अर्चना प्रकाशन न्यास के निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन का सबसे बड़ा संभावित लाभ यह होगा कि भोपाल बाल साहित्य के राष्ट्रीय संवाद के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकेगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले साहित्यकार अपने अनुभव और रचनात्मक दृष्टि लेकर आएंगे। इससे मध्य प्रदेश के बाल साहित्यकारों को राष्ट्रीय स्तर के रचनाकारों से संवाद का अवसर मिलेगा।

    उन्‍ळोंने बताया कि दूसरा महत्वपूर्ण लाभ प्रदेश के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण बाल साहित्य की उपलब्धता और उसके प्रति जागरूकता बढ़ने के रूप में सामने आ सकता है। विद्यालयों, पुस्तकालयों, शिक्षकों, अभिभावकों और साहित्यकारों के बीच यदि बाल साहित्य को लेकर संवाद बढ़ता है तो बच्चों में पढ़ने की संस्कृति को भी बल मिल सकता है। इसके अलावा स्थानीय प्रतिभाओं को सामने लाने का है। मध्य प्रदेश के अनेक छोटे शहरों और कस्बों में बाल साहित्य लिखने वाले रचनाकार सक्रिय हैं। राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन से उन्हें व्यापक मंच मिल सकता है और उनके साहित्य को प्रदेश से बाहर पहचान मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

    बाल साहित्य प्रदर्शनी होगी आकर्षण का केंद्र

    सम्मेलन के अवसर पर बाल साहित्य पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यह प्रदर्शनी बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और साहित्यप्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकती है। बाल पुस्तकों और साहित्यिक सामग्री के माध्यम से यह समझने का अवसर मिलेगा कि अलग-अलग समय में बच्चों के लिए साहित्य किस प्रकार विकसित हुआ है और आज के दौर में उसकी दिशा क्या होनी चाहिए।

    ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा

    सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए पंजीयन लिंक जारी किया गया है। प्रतिभागी लिंक पर अपना विवरण भरकर सम्मेलन के लिए पंजीयन करा सकेंगे। आयोजकों की ओर से देश के विभिन्न क्षेत्रों के बाल साहित्यकारों से इसमें सहभागिता का आह्वान किया गया है।

    उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब बच्चों की दुनिया तेजी से बदल रही है। मोबाइल स्क्रीन और डिजिटल सामग्री के बीच पुस्तक, कहानी और कविता के साथ बच्चे का रिश्ता बनाए रखना एक बड़ी सामाजिक आवश्यकता बन गया है। यह बाल साहित्यकारों, साहित्यिक संस्थाओं और बाल अधिकारों से जुड़े संगठनों का साझा संवाद बच्चों के लिए ऐसी रचनात्मक दुनिया तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, जहां कल्पना को उड़ान मिले, संवेदना को भाषा मिले और हर बच्चे को अपने सपनों को शब्द देने का अवसर मिले।

  • ट्रंप की ईरान को ‘नेस्तनाबूद’ करने की धमकी पर तेहरान का जवाब, कहा- हमला हुआ तो देंगे और भी कड़ा जवाब

    ट्रंप की ईरान को ‘नेस्तनाबूद’ करने की धमकी पर तेहरान का जवाब, कहा- हमला हुआ तो देंगे और भी कड़ा जवाब


    नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो अमेरिका उसके खिलाफ और कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसके जवाब में ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने संयुक्त बयान जारी कर किसी भी हमले की स्थिति में बेहद कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।

    ईरानी सैन्य कमांड ने ट्रंप के UNGA भाषण को ‘प्रोपेगेंडा’ बताया और कहा कि अमेरिकी धमकियों से ईरान की सैन्य तैयारी या उसके आकलन में कोई बदलाव नहीं आएगा। बयान के मुताबिक, किसी नए हमले की स्थिति में ईरान हमलावरों के खिलाफ पहले से अधिक गंभीर, विनाशकारी और अप्रत्याशित जवाब देने के लिए तैयार है।

    ट्रंप ने UNGA में क्या कहा?

    ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान को लेकर उनके सामने एक बड़ा फैसला है। उन्होंने एक समझौते की संभावना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर डील होती है तो ईरान के पुनर्निर्माण का रास्ता खुल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक को ‘नेस्तनाबूद’ करने की धमकी दी।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश का आरोप भी लगाया। ईरान इन आरोपों को खारिज करता रहा है। ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान पर दबाव बनाए रखने और बातचीत के जरिए समझौते की संभावना दोनों का संकेत दिया।

    धमकी के बीच बातचीत का रास्ता भी खुला

    एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हुई है, तो दूसरी ओर कूटनीतिक संपर्क भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मंगलवार को ईरानी प्रतिनिधियों के साथ करीब तीन घंटे बातचीत की। यह वार्ता संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मध्यस्थों के जरिए हुई। विटकॉफ ने कहा कि मध्यस्थ पूरे दिन दोनों पक्षों के बीच संपर्क कराते रहे और बातचीत को रचनात्मक एवं उम्मीद जगाने वाला बताया।

    ट्रंप ने भी इस बैठक को ‘बहुत अच्छी’ बताया, हालांकि उन्होंने कहा कि इसमें ईरान की ओर से उच्चतम स्तर के अधिकारी शामिल नहीं थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा था कि ट्रंप ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात के लिए तैयार हैं, बशर्ते बातचीत से सकारात्मक नतीजे की संभावना हो।

    ईरानी राष्ट्रपति के UNGA संबोधन पर नजर

    ईरानी सैन्य बयान में अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव का भी जिक्र किया गया। तेहरान ने इन कदमों को आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश बताया और कहा कि ऐसी धमकियों से उसका रुख नहीं बदलेगा।

    इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान UNGA में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं। ऐसे में उनके संबोधन पर भी नजर है। अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी और दूसरी तरफ मध्यस्थों के जरिए चल रही बातचीत ने ईरान-अमेरिका टकराव के बीच कूटनीतिक प्रयासों को भी अहम बना दिया है।

  • रातभर सिंक में बर्तन भिगोकर रखना पड़ सकता है भारी, जानिए किचन की सफाई से जुड़ी जरूरी बातें

    रातभर सिंक में बर्तन भिगोकर रखना पड़ सकता है भारी, जानिए किचन की सफाई से जुड़ी जरूरी बातें

    नई दिल्ली । खाना खाने के बाद बर्तनों को सिंक में पानी और साबुन डालकर रातभर छोड़ देना कई घरों में आम आदत है। इसका मकसद बर्तनों पर चिपके खाने को नरम करना होता है, ताकि सुबह उन्हें आसानी से साफ किया जा सके। हालांकि, लंबे समय तक गंदे बर्तनों को पानी में छोड़ना किचन की स्वच्छता के लिहाज से सही तरीका नहीं माना जाता।

    बर्तनों को कुछ समय के लिए पानी में भिगोना अपने आप में गलत नहीं है। खासकर जब किसी बर्तन में खाना बुरी तरह चिपक गया हो, तब थोड़ी देर भिगोने से उसे साफ करना आसान हो सकता है। समस्या तब शुरू होती है जब गंदे बर्तन पूरी रात पानी में पड़े रहते हैं और उनमें मौजूद खाने के अवशेष लंबे समय तक पानी के संपर्क में रहते हैं।

    गंदे बर्तनों से निकले भोजन के छोटे-छोटे कण पानी में मिलते रहते हैं। लंबे समय तक ऐसा रहने पर पानी गंदा और चिपचिपा हो सकता है। बर्तनों की सतह पर भी एक परत जम सकती है, जिससे सुबह उन्हें साफ करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इसलिए केवल रातभर भिगोकर रखना सफाई का बेहतर विकल्प नहीं है।

    इस आदत का असर किचन की गंध पर भी पड़ सकता है। सिंक में खाने के अवशेष और गंदे बर्तन लंबे समय तक पड़े रहने से बदबू बढ़ सकती है। खासकर तेज गंध वाले भोजन के अवशेष आसपास रखी लकड़ी, कपड़े और स्पंज जैसी चीजों पर भी गंध छोड़ सकते हैं।

    लकड़ी से बनी किचन की वस्तुएं नमी और गंध को अपेक्षाकृत ज्यादा सोख सकती हैं। उनकी छोटी दरारों और सतहों में नमी बनी रहने से सफाई मुश्किल हो सकती है। इसी वजह से गंदे बर्तनों के साथ सिंक और उसके आसपास के हिस्से को भी साफ रखना जरूरी है।

    रातभर सिंक में गंदे बर्तन पड़े रहने से चींटियों और कॉकरोच जैसे कीटों के आने की संभावना भी बढ़ सकती है। बर्तनों पर बचे खाने के टुकड़े और उनकी गंध कीड़ों को आकर्षित कर सकती है। अगर उन्हें नियमित रूप से भोजन और पानी मिलता रहे तो वे उसी जगह बार-बार आने लग सकते हैं।

    बर्तनों को साफ रखने का बेहतर तरीका यह है कि खाना खाने के बाद उन्हें जल्द से जल्द धो लिया जाए। अगर तुरंत धोना संभव नहीं हो तो कम से कम बर्तनों से खाने के अवशेष हटाकर उन्हें पानी से अच्छी तरह धो दें। इससे खाना सूखकर सतह पर ज्यादा मजबूती से चिपकने से बच सकता है।

    अगर किसी बर्तन पर खाना ज्यादा चिपका है तो उसे गर्म पानी और थोड़े डिश सोप में कुछ समय के लिए भिगोया जा सकता है। हालांकि, उसे पूरी रात पानी में छोड़ने के बजाय थोड़ी देर बाद साफ कर देना बेहतर है। डिशवॉशर का इस्तेमाल करने वाले लोग गंदे बर्तनों को सिंक में रखने के बजाय सीधे उसमें रख सकते हैं।

    सोने से पहले सिंक को खाली करना किचन की रोजाना सफाई का हिस्सा बनाया जा सकता है। सिंक में बचे खाने के टुकड़े हटाने, नाली को साफ रखने, स्पंज और कपड़े को नियमित रूप से धोने तथा कूड़ेदान को समय पर खाली करने से किचन को साफ रखने में मदद मिल सकती है। कच्चे मांस के संपर्क में आई सतहों को भी साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।

  • 5 साल में 23 IIT में 45 छात्रों ने की आत्महत्या, 28 SC-ST-OBC वर्ग से, IIT हैदराबाद में सबसे ज्यादा 7 मौतें

    5 साल में 23 IIT में 45 छात्रों ने की आत्महत्या, 28 SC-ST-OBC वर्ग से, IIT हैदराबाद में सबसे ज्यादा 7 मौतें


    नई दिल्ली। देश के 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में 2020-21 से 2024-25 के बीच 45 छात्रों की आत्महत्या से मौत हुई। लोकसभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इनमें 28 छात्र SC, ST और OBC वर्ग से थे। यानी कुल आत्महत्याओं में इन तीन सामाजिक वर्गों के छात्रों की हिस्सेदारी करीब 62% रही। ये आंकड़े देश के सभी 23 IIT से जुटाई गई जानकारी के आधार पर तैयार किए गए हैं।

    सालवार आंकड़ों में 2023-24 सबसे ज्यादा मौतों वाला वर्ष रहा। इस दौरान 16 छात्रों ने आत्महत्या की, जबकि 2022-23 में यह संख्या छह थी। 2024-25 में भी 13 छात्रों की आत्महत्या दर्ज की गई।

    IIT हैदराबाद में सबसे ज्यादा मौतें

    संस्थानवार आंकड़ों में IIT हैदराबाद में पांच साल के दौरान सबसे ज्यादा सात छात्रों की आत्महत्या दर्ज की गई। इसके बाद IIT खड़गपुर, IIT दिल्ली और IIT कानपुर में छह-छह छात्रों ने जान गंवाई।

    वहीं IIT मद्रास में पांच और IIT (BHU) वाराणसी में चार छात्रों की आत्महत्या दर्ज की गई। बाकी IIT में दर्ज मामलों की संख्या इससे कम रही।

    OBC के 12, SC के 9 और ST के 7 छात्र

    सरकारी आंकड़ों में सामाजिक वर्ग के आधार पर भी मौतों का विवरण दिया गया है। पांच साल में आत्महत्या करने वाले 45 छात्रों में 12 OBC, 9 SC और 7 ST वर्ग से थे। इसके अलावा 16 छात्र सामान्य वर्ग से थे, जबकि एक छात्र EWS वर्ग से था।

    केवल 2024-25 के आंकड़ों को देखें तो उस वर्ष आत्महत्या करने वाले 13 छात्रों में चार OBC, तीन ST और दो SC वर्ग से थे। वहीं चार छात्र सामान्य वर्ग के थे।

    इस तरह 2024-25 में भी SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों की संख्या कुल आत्महत्या के मामलों में उल्लेखनीय रही।

    45 आत्महत्याओं के अलावा 8 अस्वाभाविक मौतें

    सरकारी आंकड़ों में पांच साल की अवधि में आत्महत्या के 45 मामलों के अलावा आठ अन्य मौतों का भी उल्लेख है। इन्हें अस्वाभाविक मौत की श्रेणी में रखा गया है और आत्महत्या के 45 मामलों में शामिल नहीं किया गया है।

    हालांकि, उपलब्ध सरकारी आंकड़ों में इन छात्रों के कोर्स, अध्ययन के वर्ष या मौत के पीछे संभावित कारणों की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए केवल संख्या और सामाजिक वर्ग के आंकड़ों के आधार पर आत्महत्या के कारणों के संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

    यह जानकारी 8 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उपलब्ध कराए गए सरकारी आंकड़ों पर आधारित है। आंकड़े 2020-21 से 2024-25 तक देश के सभी 23 IIT से संबंधित हैं।

  • मध्‍य प्रदेश में अब तक सामान्य से 2.3 इंच कम हुई बारिश, 26 सितंबर तक तेज बारिश के आसार, आज भी अलर्ट

    मध्‍य प्रदेश में अब तक सामान्य से 2.3 इंच कम हुई बारिश, 26 सितंबर तक तेज बारिश के आसार, आज भी अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून अब तक सामान्य बारिश के आंकड़े से नीचे बना हुआ है। प्रदेश में 869.3 मिमी यानी 34.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश का 91.5% है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के असर से अगले चार दिन बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। 25 और 26 सितंबर को कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब आगे बढ़ते हुए महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम का रूप ले रहा है। इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ नमी का परिवहन, वायुमंडलीय परिसंचरण और अन्य मौसमी परिस्थितियां मध्यप्रदेश में बारिश को प्रभावित करेंगी।

    छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में आज भारी बारिश

    IMD के अनुसार बुधवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

    33 जिलों में पहले ही बरस चुका पानी

    सोमवार और मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आलीराजपुर, शाजापुर, देवास, खंडवा, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं।

    सागर के देवरी में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में बारिश हुई।

    26 सितंबर तक जारी रह सकता है दौर

    मौसम विशेषज्ञ नायक के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बनने वाले सिस्टम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, उनके साथ आने वाली नमी और वायुमंडलीय परिसंचरण मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित करेंगे। इसी वजह से 26 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने के आसार हैं।

    23 और 24 सितंबर को भी कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 25 और 26 सितंबर को कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश का यह दौर प्रदेश के मौजूदा वर्षा घाटे को कम कर सकता है।

    सामान्य से 2.3 इंच कम बारिश

    IMD के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 869.3 मिमी यानी 34.2 इंच बारिश हुई है। इस अवधि तक सामान्य बारिश 927.5 मिमी यानी 36.5 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश सामान्य से 2.3 इंच पीछे है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 6% कम है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में 10% बारिश कम हुई है।

    पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 2% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 22% तक कम बारिश हुई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मंगलवार को प्रदेश का कुल बारिश का अंतर माइनस 2% तक पहुंच गया था।

    पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में ज्यादा कमी

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है। स्रोत सूची में खंडवा का नाम दो बार दर्ज है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

    आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर बढ़ने के साथ प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। 26 सितंबर तक चलने वाले इस दौर से प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की उम्मीद है।

  • आज का राशिफल 23 सितंबर कई राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के रास्ते जानें अपना भविष्यफल

    आज का राशिफल 23 सितंबर कई राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के रास्ते जानें अपना भविष्यफल


    नई दिल्ली। 23 सितंबर 2026 का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। कुछ जातकों को करियर और कारोबार में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का लाभ मिल सकता है। कारोबारियों के लिए नई योजना पर काम शुरू करने का दिन रह सकता है। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर बातचीत हो सकती है। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक सभी जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता का असर दिखाई देगा। किसी पुराने काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना बेहतर होगा। परिवार में किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है।

    वृषभ राशि के जातकों को आज धैर्य से काम लेने की जरूरत होगी। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन मेहनत का परिणाम भी मिलेगा। कारोबार में किसी नए व्यक्ति से संपर्क लाभदायक हो सकता है। धन के मामले में जल्दबाजी से फैसला न लें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। नौकरी में कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। व्यापार में रुका हुआ काम आगे बढ़ने के संकेत हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में ध्यान लगाने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है।

    कर्क राशि के जातकों को आज अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। कार्यक्षेत्र में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है लेकिन बातचीत से समाधान निकल सकता है। परिवार में किसी सदस्य की सलाह आपके काम आ सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें और आराम के लिए समय जरूर निकालें।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों वाला हो सकता है। काम में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। कारोबार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में फायदा दे सकती है। पारिवारिक माहौल अच्छा रहेगा।

    कन्या राशि के लिए दिन मेहनत और योजना का रहेगा। नौकरी में कोई जिम्मेदारी मिलने से व्यस्तता बढ़ सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर हो सकती है। पुराने निवेश से लाभ की उम्मीद बन सकती है। प्रेम संबंधों में संवाद बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

    तुला राशि वालों को आज संतुलन बनाकर चलना होगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नई योजना बनाने का मौका मिल सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है लेकिन समझदारी से स्थिति संभाली जा सकती है।

    वृश्चिक राशि के लिए दिन काफी महत्वपूर्ण रह सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। नौकरी में बदलाव को लेकर विचार कर रहे हैं तो विकल्पों पर अच्छी तरह विचार करें। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।

    धनु राशि वालों को आज नए अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में लाभ के संकेत हैं और नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। यात्रा का योग बन सकता है। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है। किसी करीबी से मन की बात साझा कर सकते हैं।

    मकर राशि के जातकों को आज योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहिए। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। धन संबंधी मामलों में दिन सामान्य रहेगा। किसी पुराने परिचित से संपर्क हो सकता है। परिवार में सुख और शांति बनी रहेगी।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। नौकरी में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। व्यापार में नए संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    मीन राशि वालों के लिए दिन मिलाजुला रह सकता है। काम में सफलता पाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना होगा। धन के मामले में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर दिनचर्या व्यवस्थित रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

    कुल मिलाकर 23 सितंबर का दिन कई राशियों के लिए अवसरों से भरा रह सकता है। कुछ लोगों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा तो कुछ जातकों को आर्थिक फैसलों में सावधानी बरतनी होगी। राशिफल सामान्य ज्योतिषीय संकेतों पर आधारित है। व्यक्तिगत परिणाम जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।

  • अतीक के बेटे अली से पूछा 2027 में परिवार से कौन लड़ेगा चुनाव जवाब देने के बजाय साध ली चुप्पी

    अतीक के बेटे अली से पूछा 2027 में परिवार से कौन लड़ेगा चुनाव जवाब देने के बजाय साध ली चुप्पी

    झांसी। प्रयागराज की अदालत में बयान दर्ज कराने के बाद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात झांसी जेल वापस लाया गया। सुबह पुलिस सुरक्षा के बीच अली को झांसी से प्रयागराज ले जाया गया था जहां अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद पुलिस टीम उसे लेकर वापस झांसी पहुंची। जेल लौटने के दौरान सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे और जेल परिसर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती रही।

    अली अहमद के झांसी पहुंचने की सूचना मिलते ही जेल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस वाहन के जेल परिसर के पास पहुंचते ही सुरक्षाकर्मियों ने अली को अपने घेरे में ले लिया। इसके बाद उसे बिना किसी रुकावट के सीधे जेल के भीतर ले जाया गया। सुरक्षा को देखते हुए पुलिसकर्मी लगातार उसके आसपास मौजूद रहे और मीडिया की पहुंच को भी सीमित रखा गया।

    जेल के बाहर मौजूद पत्रकारों ने अली अहमद से बातचीत करने की कोशिश की। इसी दौरान उससे पूछा गया कि क्या वह सरकार से कुछ कहना चाहता है। इस सवाल के जवाब में अली ने बेहद संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। उसने कहा कि सफर लंबा था और वह कुछ नहीं कहना चाहता। इसके बाद वह सुरक्षाकर्मियों के घेरे में जेल के अंदर चला गया।

    पत्रकारों ने अली से आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी सवाल किया। उससे पूछा गया कि चुनाव में परिवार की ओर से कौन मैदान में उतर सकता है। इस सवाल पर अली ने कोई जवाब नहीं दिया और चुप्पी साधे रखी। उसने चुनाव या परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी।

    इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वाहन को अंदर की ओर ले जाने की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस घेरे में अली को जेल परिसर के भीतर ले जाया गया और मीडिया से उसकी संक्षिप्त बातचीत भी वहीं समाप्त हो गई।

    प्रयागराज से झांसी तक अली की आवाजाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और जेल प्रशासन सतर्क नजर आया। अदालत में बयान दर्ज कराने के बाद उसे वापस झांसी जेल लाया गया है। जेल के बाहर मौजूद मीडिया की ओर से पूछे गए सवालों में उसकी यात्रा और आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़े सवाल प्रमुख रहे लेकिन अली ने चुनाव को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की।

    अली अहमद के इस संक्षिप्त बयान के बाद जेल के बाहर मौजूद पत्रकारों के बीच भी चर्चा रही। हालांकि उसने अपने परिवार की ओर से चुनाव लड़ने वाले संभावित व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहा। फिलहाल वह झांसी जेल में वापस पहुंच चुका है और अदालत की कार्यवाही के बाद उसकी वापसी पुलिस सुरक्षा में पूरी हुई।