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  • कटरीना कैफ पर टिप्पणी के बाद बदला एजाज वारिस का रुख, सलमान खान की बात सुनकर मांगी सार्वजनिक माफी

    कटरीना कैफ पर टिप्पणी के बाद बदला एजाज वारिस का रुख, सलमान खान की बात सुनकर मांगी सार्वजनिक माफी

    नई दिल्ली ।पाकिस्तानी रेडियो जॉकी एजाज वारिस ने अभिनेत्री कटरीना कैफ के बढ़े हुए वजन को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें महसूस हुआ कि उनकी बातों से अभिनेत्री और उनके प्रशंसकों को ठेस पहुंची होगी। वारिस ने अपनी टिप्पणी पर खेद जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की बॉडी शेमिंग करना नहीं था।

    यह विवाद कटरीना कैफ के हालिया सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आने के बाद शुरू हुआ। नवंबर 2025 में बेटे विहान को जन्म देने के बाद अभिनेत्री अपने पति विक्की कौशल के साथ मुंबई में आयोजित गणेश चतुर्थी समारोह में शामिल हुई थीं। इस दौरान उनके कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें उनका वजन पहले की तुलना में बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा था।

    इन वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कटरीना के लुक और वजन को लेकर टिप्पणियां शुरू कर दी थीं। इसी क्रम में एजाज वारिस ने भी अभिनेत्री के वजन को लेकर टिप्पणी की थी। उनकी बातों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    इसके बाद सलमान खान ने गर्भावस्था के बाद किसी महिला के वजन को लेकर ट्रोल किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गर्भवती होने के बाद वजन बढ़ना स्वाभाविक है और जब अभिनेत्री फिल्मों में वापसी करेंगी तो वह दोबारा फिट हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कटरीना इस समय अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहती हैं।

    सलमान खान की टिप्पणी के बाद एजाज वारिस ने अपनी कही बातों पर दोबारा विचार करने की बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया पर कटरीना कैफ से सीधे माफी मांगी और कहा कि उन्हें अपनी हालिया टिप्पणियों का अफसोस है।

    वारिस ने कहा कि सलमान खान की बात सुनने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि उनकी टिप्पणी से कटरीना और उनके कई प्रशंसकों को दुख पहुंचा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा बॉडी शेमिंग करने का नहीं था। उन्होंने अभिनेत्री के साथ-साथ सलमान खान और उन सभी लोगों से भी माफी मांगी, जिन्हें उनकी बातों से बुरा लगा।

    आरजे ने यह भी बताया कि उन्होंने सलमान खान का वह वीडियो देखा था, जिसमें अभिनेत्री को ट्रोल करने वालों पर सवाल उठाया गया था। इसके बाद उन्हें लगा कि उन्हें कटरीना के बारे में इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी।

    एजाज वारिस ने कहा कि वह सलमान खान और कटरीना कैफ दोनों के प्रशंसक हैं। उनका कहना है कि रिकॉर्डिंग के दौरान बातचीत किस दिशा में चली गई, इसका उन्हें अंदाजा नहीं रहा और उन्होंने वीडियो को आकर्षक बनाने के लिए मजाक में कुछ बातें कह दी थीं।

    हालांकि, बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उन टिप्पणियों का असर अलग तरीके से हुआ और कई लोगों को उनकी बात पसंद नहीं आई। इसी वजह से उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी।

    इस पूरे मामले में कटरीना कैफ की प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में आए बदलाव को लेकर सोशल मीडिया पर होने वाली टिप्पणियों का मुद्दा भी सामने आया। अभिनेत्री के कार्यक्रम में नजर आने के बाद उनके लुक को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई थीं। सलमान खान ने ऐसी टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए गर्भावस्था के बाद होने वाले वजन बढ़ने को सामान्य प्रक्रिया बताया।

    एजाज वारिस की माफी के बाद अब विवाद को लेकर उनका रुख स्पष्ट हो गया है। उन्होंने अपनी टिप्पणी को लेकर अफसोस जताया है और कहा है कि आगे ऐसी बातों को लेकर अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • भाजपा में जाने की तैयारी कर चुके थे राहुल बोंडरे, फिर राहुल गांधी के एक फोन से बदल गया पूरा राजनीतिक घटनाक्रम

    भाजपा में जाने की तैयारी कर चुके थे राहुल बोंडरे, फिर राहुल गांधी के एक फोन से बदल गया पूरा राजनीतिक घटनाक्रम

    नई दिल्ली ।महाराष्ट्र में कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंडरे के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की चर्चाओं के बीच राजनीतिक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। बोंडरे के भाजपा में जाने की तैयारी की खबरों के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उनसे फोन पर बातचीत की। इसके बाद बोंडरे के अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की बात सामने आई है।

    राहुल बोंडरे बुलढाना जिले के चिखली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हैं। पिछले कुछ समय से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें चल रही थीं। बताया गया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण के दौरान भाजपा में जाने का फैसला सार्वजनिक भी किया था।

    इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और पार्टी के अन्य नेताओं का धन्यवाद भी किया था। बोंडरे इससे पहले भी दो बार भाजपा में जाने के संकेत दे चुके थे। इसलिए उनके संभावित दल-बदल को महाराष्ट्र कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा था।

    इसी बीच राहुल गांधी का बोंडरे से फोन पर संपर्क हुआ। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उनकी पार्टी के लिए भूमिका और योगदान की सराहना की तथा उनसे कांग्रेस में बने रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को बोंडरे की जरूरत है और उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

    बातचीत के बाद बोंडरे ने राहुल गांधी के फोन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी सुध ली। उन्होंने यह भी कहा कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, वह कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे। इस घटनाक्रम के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की योजना फिलहाल बदलती हुई दिखाई दी।

    राहुल गांधी और राहुल बोंडरे के बीच बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। वीडियो में दोनों नेताओं के बीच बातचीत होती दिखाई देती है और बोंडरे कांग्रेस में बने रहने की बात कहते नजर आते हैं।

    बोंडरे के भाजपा में शामिल होने की संभावित तारीख को लेकर भी चर्चा सामने आई थी। चिखली से भाजपा विधायक श्वेता महाले ने उनके भाजपा में शामिल होने की बात कही थी। यह भी बताया गया था कि 22 सितंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल कराया जा सकता है। हालांकि, बाद के घटनाक्रम में बोंडरे के रुख में बदलाव की बात सामने आई।

    बोंडरे ने 2024 का विधानसभा चुनाव चिखली सीट से लड़ा था। इस चुनाव में उनका मुकाबला श्वेता महाले से हुआ था। वह करीब 3,702 मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे। इसके बाद भी दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मुकाबला क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा है।

    महाराष्ट्र में हाल के दिनों में नेताओं के संभावित दल-बदल को लेकर लगातार राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। सितंबर की शुरुआत में शिवसेना के कुछ विधायकों के दूसरे गुट के संपर्क में होने के दावे भी सामने आए थे।

    शिवसेना विधायक मुर्जी पटेल ने दावा किया था कि उद्धव ठाकरे गुट के 14 विधायक एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में उनके शामिल होने की संभावना है। उन्होंने इसे संभावित ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जोड़कर भी बताया था।

    हालांकि, इन दावों पर संबंधित विधायकों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी और उनके नाम भी सार्वजनिक नहीं किए गए थे। इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट के पांच सांसदों के दूसरे गुट में शामिल होने की बात सामने आ चुकी थी। ऐसे राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच राहुल बोंडरे का मामला महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का नया विषय बन गया है।

  • राम मंदिर दान चोरी की गोपनीय जानकारी लीक करने वाले तक पहुंची पुलिस, लखनऊ कनेक्शन भी सामने आया

    राम मंदिर दान चोरी की गोपनीय जानकारी लीक करने वाले तक पहुंची पुलिस, लखनऊ कनेक्शन भी सामने आया

    नई दिल्ली ।अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान चोरी मामले की जांच अब केवल चोरी की घटनाओं तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस की पड़ताल मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी गोपनीय जानकारियों के बाहर पहुंचने की कड़ी तक भी पहुंच गई है। जांच के दौरान पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों से पूछताछ की गई है और उनके बयान दर्ज किए गए हैं।

    पूछताछ से मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची है, जिस पर दान चोरी से संबंधित संवेदनशील जानकारी एक प्रमुख राजनीतिक नेता तक पहुंचाने का संदेह है। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति की नेता से संपर्क था और वह उनसे मिलने के लिए लखनऊ भी गया था।

    गोपनीय जानकारी लीक होने का मामला उस समय जांच के दायरे में आया, जब चढ़ावा चोरी की घटना के करीब एक महीने बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत से जुड़ी जानकारियां सामने आईं। इस बातचीत में मंदिर और ट्रस्ट के भीतर की सूचनाओं के बाहर पहुंचने को लेकर चिंता जताई गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने यह पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया कि मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी अंदरूनी जानकारी किस व्यक्ति के माध्यम से बाहर पहुंची। जांच के दौरान एक कर्मचारी के प्रमुख राजनीतिक नेता के संपर्क में रहने और उनसे मिलने के लिए लखनऊ जाने की जानकारी सामने आई।

    पुलिस अब इस जानकारी का मिलान अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आए तथ्यों से कर रही है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

    जांच का एक हिस्सा संदिग्ध की सोशल मीडिया गतिविधियों से भी जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, जुलाई के बाद उसके फेसबुक अकाउंट से कई पोस्ट हटा दी गईं। 28 जुलाई के बाद अकाउंट पर कोई नई पोस्ट भी नहीं की गई। पुलिस ने हटाई गई पोस्ट से संबंधित डेटा हासिल करने के लिए साइबर सेल की मदद ली है।

    जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद संबंधित लोगों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और उस दौरान कौन-कौन सी सूचनाएं साझा की गईं। सोशल मीडिया गतिविधियों और आपसी संपर्कों को जांच के उपलब्ध तथ्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    दान चोरी मामले में बैंक के संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ पूरी की जा चुकी है। भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े सभी संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। इनमें तीन कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की गई। इनमें से दो कर्मचारियों से मिली जानकारी को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पुलिस इन बयानों को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी है। जांच का उद्देश्य चोरी की घटना के साथ-साथ उससे जुड़ी सूचनाओं के संभावित लीक की भूमिका को भी स्पष्ट करना है।

    मामले की विवेचना अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। पुलिस 25 सितंबर को आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी में है। जांच के दौरान दो और नाम सामने आने की संभावना भी जताई गई है, हालांकि इन नामों को लेकर अंतिम कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

    22 सितंबर को आरोपियों की गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो रहे हैं। कानून के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर आरोपपत्र दाखिल नहीं होने की स्थिति में आरोपियों को जमानत का अधिकार मिल सकता है। इसलिए अब आरोपपत्र दाखिल होने और आरोपियों की जमानत से जुड़े घटनाक्रम पर भी नजर बनी हुई है।

  • मीडिया विवाद के बीच व्हाइट हाउस का बड़ा कदम, शुरू हुआ 24 घंटे का ‘ट्रंप टीवी’, जानिए क्या होगा प्रसारण

    मीडिया विवाद के बीच व्हाइट हाउस का बड़ा कदम, शुरू हुआ 24 घंटे का ‘ट्रंप टीवी’, जानिए क्या होगा प्रसारण

    नई दिल्ली ।अमेरिका में व्हाइट हाउस और प्रमुख मीडिया संस्थानों के बीच बढ़े विवाद के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने 24 घंटे चलने वाली अपनी टीवी सेवा शुरू कर दी है। इस सेवा का नाम ‘ट्रंप टीवी’ रखा गया है। इसके जरिए राष्ट्रपति के भाषण, प्रशासन की घोषणाएं और सरकार से जुड़े प्रमुख फैसलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की गई है।

    यह कदम उस समय सामने आया है, जब कई प्रमुख टीवी चैनलों के पत्रकारों की व्हाइट हाउस में प्रवेश संबंधी अनुमति को लेकर विवाद अदालत तक पहुंच गया। संबंधित मीडिया संस्थानों ने संयुक्त रूप से प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उनका कहना है कि केवल खबरों की सामग्री पसंद नहीं आने के आधार पर पत्रकारों की पहुंच रोकना संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर सवाल है।

    विवाद की शुरुआत पत्रकारों के प्रवेश बैज निष्क्रिय किए जाने के बाद हुई। इसके बाद संबंधित संस्थानों के संवाददाताओं को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया। मीडिया संस्थानों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना उचित सूचना और प्रक्रिया के उनके पत्रकारों की पहुंच सीमित की।

    मीडिया संस्थानों की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रपति या किसी सरकारी अधिकारी को केवल खबरों की सामग्री से असहमति के कारण प्रेस के संवैधानिक अधिकारों और स्वतंत्रता से जुड़े हितों को खत्म करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पत्रकारों की व्हाइट हाउस तक पहुंच से जुड़े प्रतिबंधों को चुनौती दी है।

    इसी बीच प्रमुख टीवी नेटवर्कों के बीच राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की साझा कवरेज को लेकर भी बदलाव देखने को मिला। सोमवार को सीएनएन को उस प्रेस पूल व्यवस्था से हटा दिया गया, जिसके तहत प्रमुख समाचार नेटवर्क व्हाइट हाउस की महत्वपूर्ण गतिविधियों की कवरेज आपस में साझा करते हैं।

    विवाद के बीच व्हाइट हाउस ने अपना 24 घंटे चलने वाला टीवी प्लेटफॉर्म शुरू किया। इसका उद्देश्य प्रशासन की महत्वपूर्ण सूचनाओं, घोषणाओं और फैसलों को सीधे दर्शकों तक पहुंचाना बताया गया है। इस सेवा पर राष्ट्रपति ट्रंप के भाषण और प्रशासन से संबंधित वीडियो सामग्री दिखाई जाएगी।

    व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया कि इस माध्यम से ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां और घोषणाएं लोगों तक पहुंचेंगी, जो पहले उनकी नजर से छूट जाती थीं। सेवा को प्रशासन की गतिविधियों और राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की जानकारी सीधे उपलब्ध कराने वाले मंच के रूप में पेश किया गया है।

    दूसरी ओर, प्रतिबंधित मीडिया संस्थानों का कहना है कि सरकारी परिसर में पत्रकारों की पहुंच को केवल खबरों की सामग्री के आधार पर सीमित नहीं किया जा सकता। उनका तर्क है कि प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक अधिकारों की रक्षा जरूरी है और किसी भी प्रतिबंध के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि व्हाइट हाउस स्वतंत्र प्रेस को निशाना नहीं बना रहा, बल्कि उनके अनुसार गलत खबरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने ऐसी खबरों को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और कहा कि इसे रोका जाना चाहिए।

    व्हाइट हाउस का तर्क है कि संविधान में मीडिया के अधिकारों का सम्मान किया गया है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर मीडिया संस्थान को व्हाइट हाउस, ब्रीफिंग रूम या राष्ट्रपति के प्रेस पूल तक स्वतः पहुंच का अधिकार मिल जाता है।

    अब इस पूरे विवाद में अदालत की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। एक तरफ मीडिया संस्थान पत्रकारों की पहुंच और प्रेस स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों का सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन अपने फैसले को उचित बता रहा है। इसी बीच ‘ट्रंप टीवी’ की शुरुआत ने व्हाइट हाउस और अमेरिकी मीडिया के बीच चल रहे विवाद को एक नया रूप दे दिया है।

  • Skin Care Routine: महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं ये छोटी आदतें भी बनाती हैं त्वचा को खूबसूरत जानिए सही तरीका

    Skin Care Routine: महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं ये छोटी आदतें भी बनाती हैं त्वचा को खूबसूरत जानिए सही तरीका


    नई दिल्ली।
     आजकल हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है। इसके लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स से लेकर घरेलू नुस्खों तक कई तरीके अपनाते हैं। लेकिन त्वचा की अच्छी देखभाल केवल किसी एक क्रीम या फेस पैक पर निर्भर नहीं करती। नियमित स्किन केयर रूटीन और रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अपनी त्वचा के प्रकार को समझकर सही उत्पादों का चुनाव करना भी उतना ही जरूरी है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से की जा सकती है। दिनभर चेहरे पर धूल मिट्टी पसीना और अतिरिक्त तेल जमा हो सकता है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना जरूरी है। बहुत ज्यादा तेज या कठोर क्लींजर का इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी और संवेदनशील हो सकती है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसे उत्पाद चुनने चाहिए जो उनकी त्वचा को परेशान न करें।

    चेहरा साफ करने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना भी जरूरी है। बहुत से लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती लेकिन त्वचा को नमी की आवश्यकता होती है। ऑयली त्वचा के लिए हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुना जा सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करता है।

    स्किन केयर रूटीन में सनस्क्रीन को विशेष महत्व दिया जाता है। धूप में मौजूद UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और लंबे समय में समय से पहले त्वचा पर उम्र के निशान दिखाई देने का एक कारण बन सकती हैं। इसलिए दिन के समय बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना उपयोगी माना जाता है। लंबे समय तक धूप में रहने पर इसे दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है।

    स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही पर्याप्त नहीं है। खानपान और जीवनशैली का भी ध्यान रखना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी जरूरी है। फल सब्जियां प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित भोजन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। तनाव को कम रखने और नियमित शारीरिक गतिविधि करने से भी समग्र स्वास्थ्य को फायदा मिलता है।

    चेहरे पर बार बार हाथ लगाने या पिंपल्स को दबाने की आदत से बचना चाहिए। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है और दाग पड़ने का खतरा हो सकता है। मेकअप करने वाले लोगों को सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह हटाना चाहिए। साथ ही तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए।

    हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति पर काम करने वाला प्रोडक्ट जरूरी नहीं कि आपकी त्वचा के लिए भी सही हो। नया स्किन केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना उपयोगी हो सकता है। अगर त्वचा पर लगातार खुजली लालिमा मुंहासे सूजन या अन्य परेशानी बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। नियमितता और सही देखभाल के साथ त्वचा को स्वस्थ और बेहतर बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

  • इंदौर में राहुल गांधी से मिली प्रियंका अब दिल्ली में होगा इलाज 3 साल की उम्र से एक आंख की रोशनी का इंतजार

    इंदौर में राहुल गांधी से मिली प्रियंका अब दिल्ली में होगा इलाज 3 साल की उम्र से एक आंख की रोशनी का इंतजार


    इंदौर। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के पाडछा गांव की रहने वाली प्रियंका सेंगर के लिए 19 सितंबर का दिन अब उनकी जिंदगी में एक नई उम्मीद लेकर आया है। इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका से मंच पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान उनकी नजर प्रियंका की आंख पर गई। प्रियंका ने बताया कि बचपन में आंख में चूना चले जाने के बाद उसकी एक आंख की रोशनी चली गई थी। इसके बाद इलाज की कोशिश तो हुई लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण आगे का उपचार नहीं हो सका।

    अब राहुल गांधी की टीम ने प्रियंका के परिवार से संपर्क किया है और उसे इलाज के लिए दिल्ली बुलाने की बात कही है। प्रियंका के मुताबिक कार्यक्रम के बाद दिल्ली से राहुल गांधी की टीम की एक महिला का फोन आया था। फोन पर उन्हें जल्द इलाज के लिए दिल्ली आने की जानकारी दी गई। इस खबर के बाद प्रियंका और उसके परिवार में उम्मीद जगी है कि वर्षों से अधूरा पड़ा इलाज अब आगे बढ़ सकेगा।

    प्रियंका ने बताया कि जब वह करीब तीन साल की थी तब उसकी आंख में चूना चला गया था। इस हादसे के बाद उसकी एक आंख से दिखाई देना बंद हो गया। 12वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान बड़ौदा में उसका एक ऑपरेशन भी कराया गया था। डॉक्टरों ने आगे एक और ऑपरेशन की जरूरत बताई थी लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह लगातार इलाज का खर्च उठा सके। इसके बाद उपचार रुक गया।

    प्रियंका के पिता उदय सिंह सेंगर किसान हैं। परिवार के पास करीब तीन एकड़ जमीन है लेकिन सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण खेती से नियमित आमदनी नहीं हो पाती। ऐसे में बेटी के इलाज का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। एक ऑपरेशन के बाद आगे इलाज न करा पाना भी इसी आर्थिक स्थिति से जुड़ा रहा।

    इंदौर के कार्यक्रम के बाद प्रियंका के परिवार से अन्य लोगों ने भी संपर्क किया। जिले के समाजसेवी सरदार नरगावे और विधायक विक्रांत भूरिया की ओर से भी फोन आया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रियंका को मिलने के लिए बुलाया और उसके पिता से फोन पर बातचीत कर आंखों के इलाज तथा परिवार की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली।

    प्रियंका फिलहाल इंदौर में रहकर यूजीसी नेट की तैयारी कर रही है। आंखों की परेशानी के बावजूद उसने अपनी पढ़ाई जारी रखी है और आगे शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ने का सपना देख रही है। अब दिल्ली में प्रस्तावित इलाज को लेकर परिवार को उम्मीद है कि उसकी आंख की समस्या का आगे उपचार संभव हो सकेगा। प्रियंका का कहना है कि वह वर्षों से सामान्य लोगों की तरह देखने का सपना देखती रही है और अब उसे लगता है कि यह सपना पूरा होने की उम्मीद बनी है।

    इंदौर में राहुल गांधी से बातचीत के दौरान प्रियंका ने सिर्फ अपनी आंख की समस्या ही नहीं बताई थी बल्कि आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों से जुड़े कई मुद्दे भी सामने रखे थे। उसने सरकारी हॉस्टलों में सीटों की कमी और भोजन तथा दूसरी सुविधाओं की समस्याओं का जिक्र किया था। प्रियंका ने बताया था कि उसने कक्षा एक से 12वीं तक सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की है।

    उसने हॉस्टल में भोजन से जुड़ी परेशानियों का भी उल्लेख किया था। उसके मुताबिक कई बार घर से लाई लाल मिर्च की चटनी के साथ रोटी खाकर गुजारा करना पड़ता था। उसने छात्राओं से वार्डन द्वारा काम करवाए जाने का आरोप भी लगाया था। प्रियंका ने यह भी बताया था कि 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए पर्याप्त सरकारी हॉस्टल नहीं मिलने पर छात्राओं को किराए के कमरों में रहना पड़ता है और किराए तथा आवास भत्ते के बीच भी अंतर रहता है।

    अब प्रियंका के लिए दिल्ली से आया इलाज का बुलावा सिर्फ चिकित्सा से जुड़ी खबर नहीं बल्कि लंबे समय से देखे जा रहे एक सपने के आगे बढ़ने की उम्मीद है। पढ़ाई जारी रखते हुए वह अपने भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है और परिवार को भरोसा है कि आगे होने वाला उपचार उसकी जिंदगी में नई संभावनाएं खोल सकता है।

  • BJP पार्षद पर टिप्पणी के बाद बैकफुट पर कैलाश विजयवर्गीय जताया खेद संध्या बोलीं पिता तुल्य हैं मंत्री

    BJP पार्षद पर टिप्पणी के बाद बैकफुट पर कैलाश विजयवर्गीय जताया खेद संध्या बोलीं पिता तुल्य हैं मंत्री

    इंदौर । इंदौर में भाजपा पार्षद संध्या यादव को लेकर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद मंगलवार को उनके खेद जताने के बाद नया मोड़ ले गया। विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंत्री की ओर से की गई एक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की और टिप्पणी पर खेद जताया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर उनके बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप भी लगाया।

    मामला रविवार को इंदौर विधानसभा क्रमांक एक के वार्ड छह में आयोजित विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम से जुड़ा है। यहां सात करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया था। कार्यक्रम में विधायक कैलाश विजयवर्गीय के साथ सांसद शंकर लालवानी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। इसी दौरान विजयवर्गीय ने वार्ड पार्षद संध्या यादव के काम की तारीफ करते हुए उनकी कार्यशैली और स्वभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संध्या काफी काम करती हैं और उन्हें जल्दी गुस्सा भी आता है। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने संध्या की शारीरिक बनावट को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    विवाद बढ़ने के बाद विजयवर्गीय ने मंगलवार को वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि संध्या यादव उनके विधानसभा क्षेत्र की सक्रिय पार्षद हैं और उनके वार्ड में काफी विकास कार्य हुए हैं। मंत्री ने कहा कि भाषण के दौरान उनके बारे में कही गई बात को कांग्रेस नेताओं ने अलग तरीके से पेश किया। उन्होंने संध्या को अपनी बेटी के समान बताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि उनके मन में टिप्पणी को लेकर कोई गलत भावना नहीं थी और संध्या के मन में भी ऐसा कुछ नहीं था। हालांकि जिस तरह से इस बयान को राजनीतिक रूप से उठाया गया उससे उन्हें दुख हुआ। इसी के साथ उन्होंने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया।

    वहीं पार्षद संध्या यादव ने भी इस मामले में अपना पक्ष सामने रखा। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को पिता तुल्य बताते हुए कहा कि दोनों के बीच पिता और बेटी जैसा रिश्ता है। संध्या ने बताया कि विजयवर्गीय उन्हें बचपन से जानते हैं और उन्होंने उन्हें गोद में खिलाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल टिप्पणी को लेकर सामने आ रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दिया जाए।

    संध्या यादव ने अपने वार्ड में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान करीब सात करोड़ दस लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ। इसके अलावा पानी की टंकी और संजीवनी क्लिनिक का लोकार्पण भी किया गया। इस दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

    कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने पार्षद संध्या यादव के काम की सराहना करते हुए कहा था कि उनके वार्ड से जुड़ी समस्याओं के पत्र अक्सर सामने आते हैं। इसी बातचीत के दौरान उनकी नजर भाजपा नेता मयंक पर गई जो संध्या यादव के पास बैठे थे। मयंक को संबोधित करते हुए उन्होंने संध्या की चौड़ाई बढ़ने को लेकर टिप्पणी की थी। इसी हिस्से का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया।

    अब मंत्री के खेद जताने और पार्षद के उन्हें पिता तुल्य बताए जाने के बाद दोनों पक्षों ने मामले को व्यक्तिगत रिश्ते और बयान के संदर्भ में स्पष्ट करने की कोशिश की है। दूसरी ओर इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई है। आने वाले दिनों में यह मामला किस तरह आगे बढ़ता है इस पर सभी की नजर रहेगी।

  • Hair Care Tips: झड़ते बालों और डैंड्रफ से परेशान हैं तो फिटकरी का ऐसे करें इस्तेमाल जानिए फायदे और सावधानियां

    Hair Care Tips: झड़ते बालों और डैंड्रफ से परेशान हैं तो फिटकरी का ऐसे करें इस्तेमाल जानिए फायदे और सावधानियां

    नई दिल्ली। बालों की देखभाल के लिए लोग तरह तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। इन्हीं में फिटकरी भी शामिल है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की सफाई और शेविंग के बाद किया जाता रहा है। फिटकरी में कसैले गुण पाए जाते हैं और इसका उपयोग कुछ लोग स्कैल्प की सफाई के लिए भी करते हैं। हालांकि फिटकरी को बाल झड़ने या डैंड्रफ का पक्का इलाज मानना सही नहीं है। इसका इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह स्कैल्प पर किस तरह काम कर सकती है और इसे किस तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।

    फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई के लिए किया जाता है। अगर सिर की त्वचा बहुत ज्यादा ऑयली रहती है तो फिटकरी का हल्का घोल अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाने में मदद कर सकता है। इससे स्कैल्प साफ महसूस हो सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि इससे डैंड्रफ की समस्या में भी राहत मिलती है लेकिन डैंड्रफ के कई कारण हो सकते हैं और हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता। लगातार या ज्यादा डैंड्रफ होने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    फिटकरी को सीधे स्कैल्प पर रगड़ना उचित नहीं माना जाता क्योंकि यह कुछ लोगों की त्वचा में रूखापन जलन या लालिमा पैदा कर सकती है। अगर इसका इस्तेमाल करना ही है तो पहले फिटकरी को पानी में अच्छी तरह घोलकर बहुत हल्का घोल तैयार किया जा सकता है। इस घोल को कॉटन या उंगलियों की मदद से स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। कुछ समय बाद बालों को सामान्य पानी से धो लेना चाहिए। इसके बाद स्कैल्प में रूखापन महसूस हो तो हल्का मॉइस्चराइजिंग या कंडीशनिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बालों के झड़ने की समस्या में फिटकरी को सीधे तौर पर इलाज नहीं माना जाना चाहिए। बाल झड़ने के पीछे तनाव पोषण की कमी हार्मोनल बदलाव आनुवंशिक कारण स्कैल्प की समस्या या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी वजह की भूमिका हो सकती है। इसलिए अगर बाल लगातार तेजी से झड़ रहे हैं या सिर में पैच बन रहे हैं तो कारण समझना ज्यादा जरूरी है। केवल फिटकरी लगाने से मूल समस्या दूर नहीं होगी।

    इसी तरह अगर स्कैल्प पर घाव खुजली जलन या किसी तरह का संक्रमण है तो फिटकरी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना भी उपयोगी हो सकता है। किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    दरअसल फिटकरी को बालों की नियमित देखभाल का विकल्प नहीं बल्कि सीमित घरेलू उपाय के रूप में ही देखा जाना चाहिए। स्वस्थ बालों के लिए संतुलित आहार पर्याप्त प्रोटीन और पोषक तत्वों का सेवन स्कैल्प की साफ सफाई पर्याप्त नींद और बालों के लिए सही उत्पादों का इस्तेमाल ज्यादा महत्वपूर्ण है। डैंड्रफ या हेयर फॉल की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे बेहतर तरीका है।

  • 2026 के आखिरी 3 महीने होंगे धमाकेदार 13 बड़ी फिल्मों की रिलीज डेट आई सामने 24 दिसंबर को किंग

    2026 के आखिरी 3 महीने होंगे धमाकेदार 13 बड़ी फिल्मों की रिलीज डेट आई सामने 24 दिसंबर को किंग


    नई दिल्ली। साल 2026 अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और इसके साथ ही सिनेमाघरों में फिल्मों की रिलीज का सिलसिला भी तेज होने वाला है। सितंबर से दिसंबर तक कई ऐसी फिल्में दर्शकों के बीच पहुंचने वाली हैं जिनका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। अलग अलग भाषाओं और अलग अलग जॉनर की इन फिल्मों में बड़े सितारों से लेकर चर्चित निर्देशकों तक की मौजूदगी है। यही वजह है कि आने वाले महीनों को थिएटर लवर्स के लिए बेहद खास माना जा रहा है।

    सितंबर के आखिरी सप्ताह में ही फिल्मों की बड़ी लाइनअप देखने को मिलेगी। 24 सितंबर को नानी की द पैराडाइज रिलीज होने वाली है। श्रीकांत ओडेला के निर्देशन में बनी यह एक्शन पीरियड ड्रामा है जिसमें नानी के साथ मोहन बाबू और सोनाली कुलकर्णी नजर आएंगे। इसी तारीख को हॉलीवुड फिल्म हार्ट ऑफ द बीस्ट भी रिलीज होगी। डेविड आयर के निर्देशन में बनी इस सर्वाइवल थ्रिलर में ब्रैड पिट एक पूर्व नेवी सील अधिकारी की भूमिका में हैं जो अपने मिलिट्री डॉग के साथ अलास्का के जंगलों में मुश्किल परिस्थितियों का सामना करता है।

    24 सितंबर को ही महाकाव्य श्री रामायण कथा श्री राम की भी सिनेमाघरों में दस्तक देगी। यह पौराणिक और भक्ति से जुड़ी फिल्म है जिसमें अंजलि अरोड़ा और देव शर्मा प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इसके अगले दिन 25 सितंबर को डोरोथी और द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट रिलीज होंगी। डोरोथी को कार्तिक सुब्बाराज ने निर्देशित किया है जबकि द वन फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया अहम भूमिकाओं में हैं।

    अक्टूबर में भी दर्शकों के पास कई विकल्प होंगे। 2 अक्टूबर को दृश्यम द कन्क्लूजन रिलीज होने वाली है जिसमें अजय देवगन के साथ श्रिया सरन और इशिता दत्ता नजर आएंगी। इसके अलावा बेल भी इसी दिन रिलीज होगी। इसके बाद 15 अक्टूबर को जेलर 2 आने वाली है जिसमें ऋतिक रोशन विजय सेतुपति और मोहनलाल जैसे कलाकार नजर आएंगे। 16 अक्टूबर को विश्वंभरा और रणबाली की रिलीज प्रस्तावित है। विश्वंभरा में चिरंजीवी और मौनी रॉय प्रमुख भूमिकाओं में हैं जबकि रणबाली में विजय देवरकोंडा रश्मिका मंदाना और अर्नोल्ड वोस्लो दिखाई देंगे।

    नवंबर में फिल्मों का इंतजार और दिलचस्प होने वाला है। 6 नवंबर को नितेश तिवारी की रामायण रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर श्रीराम साई पल्लवी सीता यश रावण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में नजर आएंगे। इसी दिन सीन भी रिलीज होगी जिसमें सूर्या सिलंबरासन टीआर और नस्लेन अहम भूमिकाओं में हैं। इसके बाद 27 नवंबर को रश्मिका मंदाना की माइसा रिलीज होगी जिसमें अभिनेत्री योद्धा के किरदार में दिखाई देंगी।

    दिसंबर में भी बड़ी फिल्मों की मौजूदगी रहेगी। 3 दिसंबर को प्रभास की फौजी रिलीज होगी। हनु राघवपुडी के निर्देशन में बनी यह युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी है। 4 दिसंबर को ईथा रिलीज होगी जो मराठी तमाशा और प्रसिद्ध लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगावकर के जीवन से जुड़ी कहानी पर आधारित है। श्रद्धा कपूर और रणदीप हुड्डा इसमें प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

    इन सभी फिल्मों के बीच साल की सबसे चर्चित रिलीज में शाहरुख खान की किंग भी शामिल है। यह फिल्म 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में आने वाली है। इसमें शाहरुख खान के साथ सुहाना खान दीपिका पादुकोण और अभिषेक बच्चन जैसे कलाकार नजर आएंगे। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता है। इस तरह सितंबर से दिसंबर तक लगातार आने वाली फिल्मों की यह लंबी सूची साल के अंतिम महीनों को सिनेमाघरों के लिहाज से खास बना सकती है।

  • अल्लू अर्जुन और एटली की राका का बड़ा धमाका रिलीज से पहले 37 लोगों के मोशन कैप्चर का बनाया रिकॉर्ड

    अल्लू अर्जुन और एटली की राका का बड़ा धमाका रिलीज से पहले 37 लोगों के मोशन कैप्चर का बनाया रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। अल्लू अर्जुन और डायरेक्टर एटली की मच अवेटेड फिल्म राका रिलीज से पहले ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुकी है। फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद इसकी चर्चा और तेज हो गई है। राका ने रियल टाइम में सबसे ज्यादा लोगों के मोशन कैप्चर का रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि के तहत एक साथ 37 परफॉर्मर्स के मोशन को कैप्चर किया गया।

    फिल्म के निर्माताओं सन पिक्चर्स ने सोशल मीडिया के जरिए इस खास उपलब्धि की जानकारी साझा की। पोस्ट में अल्लू अर्जुन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट हाथ में लिए नजर आए। मेकर्स ने इस उपलब्धि को भारतीय सिनेमा के लिए वैश्विक स्तर पर बड़ी जीत बताया। खास बात यह है कि यह रिकॉर्ड सिर्फ फिल्म की टीम के लिए ही नहीं बल्कि इसके तकनीकी स्तर और बड़े पैमाने पर तैयार किए जा रहे प्रोजेक्ट की ओर भी इशारा करता है।

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक रियल टाइम में सबसे ज्यादा लोगों का मोशन कैप्चर करने का यह रिकॉर्ड 15 सितंबर को मुंबई में बनाया गया। इस दौरान कुल 37 लोगों को एक साथ मोशन कैप्चर तकनीक के जरिए रिकॉर्ड किया गया। यह उपलब्धि सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड और अरुणकुमार यानी एटली से जुड़ी है और इसे अल्लू अर्जुन की फिल्म राका के लिए अंजाम दिया गया। रिकॉर्ड बनने के बाद अल्लू अर्जुन और एटली को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का सर्टिफिकेट भी मिला।

    राका को लेकर दर्शकों की उत्सुकता फिल्म की पहली झलक सामने आने के बाद से ही बढ़ गई थी। इसी साल अप्रैल में फिल्म का फर्स्ट लुक सामने आया था जिसमें अल्लू अर्जुन का बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिला। अभिनेता के लुक में उनके चेहरे पर काजल और जानवर जैसे पंजे नजर आए थे। उनका यह रूप सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया था। फिल्म के फर्स्ट लुक ने संकेत दे दिया था कि एटली इस बार दर्शकों के सामने कुछ अलग और बड़े पैमाने का सिनेमाई अनुभव पेश करने की तैयारी में हैं।

    राका एटली के लिए भी बेहद खास प्रोजेक्ट है। निर्देशक ने फिल्म के बारे में बात करते हुए बताया था कि यह उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं है बल्कि उनके जीवन और रचनात्मक सफर का एक हिस्सा है। उनके मुताबिक वह इस विचार को करीब 18 वर्षों से अपने साथ लेकर चल रहे हैं और उन्होंने इसे समय के साथ लगातार संजोकर रखा है। एटली ने यह भी संकेत दिया था कि राका उनके लिए केवल एक कहानी नहीं बल्कि लंबे समय से चले आ रहे एक सपने की शुरुआत है।

    अल्लू अर्जुन और एटली पहली बार साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में दोनों की जोड़ी को लेकर पहले से ही काफी उम्मीदें हैं। अब रिलीज से पहले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिलने से फिल्म के प्रति उत्सुकता और बढ़ गई है। फिल्म की कहानी और किरदारों से जुड़ी कई जानकारियां अभी सामने आना बाकी हैं लेकिन तकनीकी स्तर पर यह प्रोजेक्ट लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। रिकॉर्ड बनने के बाद अब दर्शकों की नजर फिल्म की रिलीज और इसके अगले अपडेट पर टिकी है।