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  • एक तस्वीर ने बदली जिंदगी परवीन बाबी से मिलने आया शख्स बना 80s का खतरनाक विलेन

    एक तस्वीर ने बदली जिंदगी परवीन बाबी से मिलने आया शख्स बना 80s का खतरनाक विलेन

    नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के 80 और 90 के दशक को याद किया जाए तो जहां एक तरफ दमदार हीरो का दौर था, वहीं दूसरी तरफ खतरनाक विलेन भी फिल्मों की जान हुआ करते थे. इसी दौर में एक ऐसा विदेशी चेहरा बार-बार बड़े पर्दे पर दिखाई देता था, जिसने अपनी मजबूत कद-काठी और डरावने अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली. यह अभिनेता थे बॉब क्रिस्टो, जिनकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है.

    20 मार्च 1938 को सिडनी में जन्मे बॉब क्रिस्टो का असली नाम रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो था. वह पेशे से सिविल इंजीनियर थे और पढ़ाई के साथ-साथ थिएटर में भी रुचि रखते थे. उनकी जिंदगी सामान्य ढंग से चल रही थी, लेकिन एक दुखद घटना ने सबकुछ बदल दिया. उनकी पत्नी का एक सड़क हादसे में निधन हो गया, जिससे वह पूरी तरह टूट गए और उनकी जिंदगी एक नए मोड़ की ओर मुड़ गई.

    उनकी जिंदगी का सबसे दिलचस्प अध्याय तब शुरू हुआ जब उन्होंने एक मैगजीन के कवर पर मशहूर अभिनेत्री परवीन बाबी की तस्वीर देखी. इस एक तस्वीर ने उन पर ऐसा असर डाला कि वह उनसे मिलने भारत चले आए. मुंबई पहुंचकर उन्होंने परवीन बाबी को ढूंढ निकाला और उनसे मुलाकात की. यही मुलाकात उनकी किस्मत बदलने वाली साबित हुई.

    परवीन बाबी की मदद से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री मिली और फिल्म अब्दुल्ला के जरिए उन्हें पहला बड़ा मौका मिला. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 80 और 90 के दशक में वह बॉलीवुड के सबसे चर्चित विदेशी विलेन बन गए. उनकी दमदार पर्सनैलिटी और एक्शन सीन ने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग पहचान दिलाई.

    उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया, जिनमें कालिया, नमक हलाल, मर्द और मिस्टर इंडिया शामिल हैं. खास बात यह रही कि उनकी भिड़ंत अक्सर महानायक अमिताभ बच्चन और सुपरस्टार धर्मेंद्र जैसे सितारों के साथ होती थी. जब भी वह स्क्रीन पर इन बड़े सितारों के सामने आते, तो थिएटर में सीटियां और तालियां गूंज उठती थीं.

    बॉब क्रिस्टो की लंबी-चौड़ी काया और रौबदार व्यक्तित्व उन्हें परफेक्ट विलेन बनाता था. उन्होंने अपने करियर में करीब 200 फिल्मों में काम किया और हिंदी के साथ-साथ साउथ सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई. उनकी मौजूदगी ही किसी भी फिल्म में खतरे का एहसास पैदा कर देती थी.

    हालांकि समय के साथ उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और बेंगलुरु में बस गए. वहां उन्होंने योगा इंस्ट्रक्टर के रूप में एक नई जिंदगी शुरू की. ग्लैमर की दुनिया से दूर वह एक साधारण जीवन जीने लगे.

    20 मार्च 2011 को 72 साल की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी यादें आज भी फिल्मों के जरिए जिंदा हैं. बॉब क्रिस्टो की कहानी यह साबित करती है कि कभी-कभी एक छोटा सा पल या एक तस्वीर भी किसी इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकती है.

  • प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं

    प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई कीमत 20 मार्च से ही लागू हो गई है।

    सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ाई प्रीमियम पेट्रोल की कीमत

    हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड सहित सभी सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अपने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में लगभग 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बदलाव के साथ पावर पेट्रोल और एक्सपी95 जैसे किफायती ईंधन की कीमत 111.68 रुपये से बढ़कर लगभग 113.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

    सामान्य पेट्रोल और डीजल पर कोई असर नहीं

    हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रह रही हैं, जिससे आम वाहन चालकों को तुरंत राहत मिली है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन फायदों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं।

    प्रीमियम पेट्रोल की लोकप्रियता और असर

    प्रीमियम पेट्रोल आमतौर पर बेहतर इंजन चलाने, लोडिंग ड्राइविंग और हाई माइलेज के लिए जाना जाता है। कीमत बढ़ने से कार और बाइक मालिक की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। खासकर मेट्रो शहरों और हाई-परफॉर्मेंस वालों का इस्तेमाल करने वाले लोग इसका ज्यादा असर महसूस करेंगे।

    अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कीमतों में उछाल

    सरकार या तेल कंपनियों ने अभी तक इस बढ़ोतरी की आधिकारिक वजह नहीं बताई है। बेंचमार्क का रुख है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक्स लागत इसके मुख्य कारण हैं। 19 मार्च को वैश्विक तेल बाजार में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी से दर्ज की गई थी। ब्रेंट क्रूड का भाव 111.78 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 99.57 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

    पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा सुरक्षा

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह उछाल इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर पर हमले के बाद आया। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

    भारत जैसे देश, जो अपनी करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल की ज़रूरत आयात से पूरी करते हैं, ऐसे वैश्विक घटनाओं से सीधे प्रभावित होते हैं। बची हुई कंपनियों ने आम पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव को दर्शाती है।

    भविष्य में संभावित बदलाव

    उद्योग विश्लेषक का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू ईंधन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस पर रेखांकित किया: आनंद धन से नहीं, अंतस से आता है

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस पर रेखांकित किया: आनंद धन से नहीं, अंतस से आता है

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जीवन का सच्चा आनंद भौतिक सुख सुविधाओं में नहीं बल्कि मन और अंतस में जागे भावों की संतुष्टि में निहित है। वे शुक्रवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस और आनंद के आयाम राष्ट्रीय संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं और सहभागी जनों को संबोधित कर रहे थे।

    आनंद का सन्देश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आनंद केवल स्वार्थ या व्यक्तिगत सुख में नहीं बल्कि दूसरों के सुख में भी अपनी खुशी महसूस करना भारतीय संस्कृति का आधार है। जीवन में आनंद के आयाम को समझने से हमारे सुख दुःख के अंतर का भी ज्ञान होता है। आदिकाल से भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की मान्यता पर आधारित रही है जिसमें परिवार और सामूहिक आनंद को विशेष महत्व दिया गया है।

    संगोष्ठी और पुरस्कार वितरण

    मुख्यमंत्री ने 14 से 28 जनवरी तक आयोजित आनंदोत्सव के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। फोटोग्राफी में प्रथम पुरस्कार मिलिंद कुमार ₹25,000 द्वितीय शैलेंद्र बिहार ₹15,000 तृतीय सीमा अग्निहोत्री ₹10,000 वीडियोग्राफी में प्रथम पुरस्कार सैयद अफजान ₹25,000 द्वितीय राजा खान ₹15,000 तृतीय जीवन रजक ₹10,000

    सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टांत 

    डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण माता देवकी और यशोदा मैया के जीवन से प्रेरणा देते हुए बताया कि कठिनाइयों के बावजूद आनंद की अनुभूति भीतर से होती है। सिंहस्थ मेले में साधु संतों के तप और साधना के माध्यम से आनंद अनुभव करने के उदाहरण साझा किए। महर्षि मधुसूदन जी महाराज ने बताया कि वेदांत में आनंद ही ब्रह्म है और यह पूरे संसार को गति देता है।

    आनंद विभाग की पहल

    प्रदेश के सभी ब्लॉक स्तर पर सरकारी कर्मचारियों के लिए आनंद और खुशहाली गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज स्तर पर मानवीय मूल्यों और प्रसन्नता की शिक्षा दी जा रही है। आनंद विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा अगर हमारे चित्त में प्रसन्नता है तो समझिए सारा संसार खुश है।”

    संगोष्ठी में उपस्थित गणमान्यजन

    श्री अभय महाजन श्री कमलेश पटेल डॉ. जामदार आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी के महानिदेशक श्री सचिन सिन्हा राज्य आनंद संस्थान के सीईओ श्री आशीष कुमार उप निदेशक श्री प्रवीण गंगराड़े और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आनंदक एवं गणमान्यजन।कार्यक्रम समन्वयक श्री मनु दीक्षित ने सभी का आभार माना।

  • ऑटो इंडस्ट्री पर फिलहाल कोई असर नहीं, महिंद्रा-मारुति-टाटा-किआ प्रोडक्शन जारी

    ऑटो इंडस्ट्री पर फिलहाल कोई असर नहीं, महिंद्रा-मारुति-टाटा-किआ प्रोडक्शन जारी


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को आयकर नियम, 2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। ये नए नियम आयकर अधिनियम 2025 के लिए आधार तैयार करेंगे, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। नए नियम प्रवर्तन, ज़्यादा सख्त डिस्क्लोजर और बेहतर अनुपालन पर केंद्रित हैं और करदाता के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास करते हैं।

    केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ई-राजपत्र में आयकर नियम, 2026 प्रकाशित किए हैं। ये नियम पूर्ववर्ती प्रावधानों की जगह लेंगे और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विस्तृत रूपरेखा निर्धारित करेंगे। नियमों का उद्देश्य कर प्रणाली को आधुनिक, स्वीकार्य और डिजिटल पारदर्शिता योग्य बनाना है।

    प्रमुख बदलाव: एचआरए में राहत

    नए नियमों में सबसे बड़ी हाईलाइट हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) है। अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद के लोग भी सैलरी के 50 प्रतिशत हिस्से तक एचआरए क्लेम कर सकते हैं। पहले यह लिमिट केवल मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता के लिए थी। अन्य शहरों के लिए यह लिमिट 40 प्रतिशत बनी रहेगी। साथ ही, करदाताओं को मकान मालिक के साथ अपने संबंधों का खुलासा करने के लिए सुसंगत रूप भरना अनिवार्य होगा, जिससे एचआरए क्लेम में इंटर्नशिप और निगरानी रहेगी।

    स्टॉक मार्केट और डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर सख्त नियम

    नए नियमों में स्टॉक एक्सचेंजों के लिए डेरिवेटिव ट्रेडिंग को मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म के रूप में रखने के लिए सख्त समन्वय तय की गई हैं। एक्सचेंजों को सेबी से आधारित प्राप्त करना होगा और पैन, विशिष्ट आईडी जैसे ग्राहक-स्तरीय डेटा सहित सभी लेन-देन का विस्तृत रिकॉर्ड सात वर्षों तक रखना होगा। इसके अलावा, कर विभाग को मासिक रिपोर्ट पेश करना भी अनिवार्य होगा।

    प्रतिभूत लाभ और समकक्ष की स्पष्ट व्याख्या

    नए नियमप्रतिभूत लाभ (कैपिटल गेन) पर भी परिपक्वता लाते हैं। प्राथमिक और दीर्घकालिक लाभ निर्धारित करने के लिए समकक्ष की होल्डिंग अवधि की गणना का तरीका तय किया गया है। आय घोषणा योजना, 2016 के तहत घोषित समकक्ष के लिए अल्पकालिक के प्रकार के आधार पर अलग नियम लागू होंगे। क्षेत्रीय सारांश या स्व-निर्मित सारांश से जुड़े विवरणों को क्षेत्रीय माना जाएगा, जबकि अन्य सारांश को उनकी प्रकृति के आधार पर पर्यवेक्षण के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।

    कर प्रणाली में विस्थापन और अनुपालन बढ़ाना लक्ष्य

    अधिकारी अधिसूचना के अनुसार, “इन दिशानिर्देशों से कोई नया कर लागू नहीं होता, बल्कि बेहतर निगरानी और विस्थापन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिसके लिए अधिक डिस्क्लोजर और डिजिटल ट्रैकिंग की आवश्यकता होगी।” इससे करदाता के लिए रिटर्न फाइल करना आसान होगा और कर प्रशासन अधिक प्रभावी होगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में बना रहा महत्वपूर्ण भूमिका

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में बना रहा महत्वपूर्ण भूमिका


    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत एक अहम भूमिका निभा रहा है। देश की ऊर्जा नीति अब विद्युतीकरण, स्वच्छ ऊर्जा और घरेलू विनिर्माण पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया, विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने एक आलेख साझा किया।

    व्यावसायिक उद्यम और आत्मनिर्भरता पर ज़ोर

    प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन, व्यावहारिक नीतिगत निर्णय और आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा, “स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को बढ़ाना, विद्युतीकरण को बढ़ावा देना और घरेलू बाजार को मजबूत करने के प्रयास से भारत वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में मजबूत हो रहा है।”

    विद्युतीकरण और स्वच्छ ऊर्जा: भारत की देशभक्ति

    मोदी ने आगे कहा कि विद्युतीकरण, स्वच्छ ऊर्जा और विनिर्माण पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ भारत वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में चौथा अध्याय लिखा जा रहा है। उन्होंने इस बदलाव से देश की विकास यात्रा और आत्मनिर्भर भारत की रणनीति के बारे में बताया।

    लेख के माध्यम से जनता को सुझाव देना

    प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल रेखा द्वारा लिखित एक लेख भी साझा किया और पाठकों से अनुरोध किया कि वे इसे पढ़ें। इसके अलावा वैयक्तिक लोगों को भारत के ऊर्जा साझीदारों और उनके शानदार सामानों की जानकारी मिली। पीएम मोदी ने कहा, “मनोहर लाल इस बात पर विचार रख रहे हैं कि भारत किस प्रकार एक मजबूत ऊर्जा इको-सिस्टम को शक्ति प्रदान कर रहा है और भविष्य की स्थिरता के लिए एक प्रतिष्ठित पर्यावरणीय तैयारी कर रहा है।”

    घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को स्थान

    प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा रणनीति में घरेलू उत्पादन को मजबूत करना अहम है। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा और विद्युतीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश के आर्थिक विकास और संकट में भी मदद मिलेगी।

    वैश्विक ऊर्जा पर भारत की बहुसंख्यक भूमिका

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत लगातार प्रयास कर रहा है कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में एक खिलाड़ी बने। स्वच्छ ऊर्जा और विद्युतीकरण में बढ़त के साथ, भारत वैश्विक किशोरी और प्रौद्योगिकी नवाचार में प्रमुख भूमिका निभा रही है। यह केवल देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को मजबूत करना है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में भी भारत की भागीदारी हासिल करना है।

  • नवरात्रि व्रत में मखाना: हल्का, पौष्टिक और ऊर्जा से भरपूर, व्रत का सर्वोत्तम आहार

    नवरात्रि व्रत में मखाना: हल्का, पौष्टिक और ऊर्जा से भरपूर, व्रत का सर्वोत्तम आहार


    नई दिल्ली । नवरात्रि के नौ दिवसीय व्रत में आहार का चुनाव बहुत मायने रखता है। आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञ मानते हैं कि मखाना व्रत के लिए सबसे अच्छा और सात्विक आहार है। यह हल्का आसानी से पचने वाला और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। मखाने का सेवन शरीर को ऊर्जा देता है थकान दूर करता है और व्रत के दौरान कमजोरी नहीं होने देता। उत्तर प्रदेश कल्चरल डिपार्टमेंट के अनुसार व्रत का असली सार है आस्था अनुशासन और स्वास्थ्य का संतुलन। मखाना इस संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।

    मखाने के स्वास्थ्य लाभ

    ऊर्जा और ताकत: मखाना में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में होते हैं जिससे लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है और व्रत के दौरान भूख और कमजोरी कम लगती है। पाचन स्वास्थ्य: इसमें हाई फाइबर पाया जाता है जिससे पाचन सुधरता है कब्ज नहीं होती और पेट हल्का रहता है।

    ब्लड शुगर नियंत्रण: मखाने में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है इसलिए यह डायबिटीज में भी फायदेमंद है। दिल और हड्डियां: पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखते हैं जबकि कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। इम्यूनिटी और त्वचा: एंटीऑक्सीडेंट से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है सूजन कम होती है और त्वचा स्वस्थ रहती है। वजन नियंत्रण: कम कैलोरी और हाई फाइबर होने के कारण यह वजन बढ़ने नहीं देता।

    व्रत में मखाने का सेवन

    मखाना को कई तरीकों से खाया जा सकता है: घी में भूनकर: कुरकुरे और स्वादिष्ट स्नैक के रूप में।
     दूध में डालकर खीर: मीठा और पौष्टिक विकल्प। सादा स्नैक: हल्का और आसानी से पचने वाला।
    इस प्रकार मखाना न सिर्फ व्रत को सात्विक और पौष्टिक बनाता है बल्कि शरीर और मन को हल्का ऊर्जा से भरपूर और स्वस्थ रखता है।

  • सलमान खान के साथ नजर आने वाला ये हीरो आज निभाता है पिता के रोल पहचानना मुश्किल

    सलमान खान के साथ नजर आने वाला ये हीरो आज निभाता है पिता के रोल पहचानना मुश्किल


    नई दिल्ली:बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने अपनी शुरुआत तो शानदार की लेकिन समय के साथ उनका करियर एक अलग मोड़ लेता चला गया. ऐसे ही एक अभिनेता हैं विवेक मुशरन, जिन्हें एक समय में चॉकलेट हीरो के रूप में जाना जाता था. उनकी मासूमियत और क्यूट लुक ने दर्शकों का दिल जीत लिया था लेकिन अब वही अभिनेता पूरी तरह बदल चुके हैं और उन्हें पहचान पाना भी आसान नहीं है.

    विवेक मुशरन ने फिल्म सौदागर से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. यह फिल्म उस दौर में काफी चर्चित रही और दर्शकों ने विवेक को खूब पसंद किया. उनके अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें एक उभरता हुआ स्टार बना दिया था. उस समय यह माना जा रहा था कि वह इंडस्ट्री के बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं. हालांकि आगे चलकर उनका करियर उस दिशा में नहीं बढ़ पाया जिसकी उम्मीद की जा रही थी.

    हाल ही में उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह सुपरस्टार सलमान खान के साथ नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में उनकी मासूमियत और उस दौर की सादगी साफ झलकती है. दिलचस्प बात यह है कि इस वीडियो में सलमान खान और एंकर के बीच हल्की बहस चल रही है, जबकि विवेक शांत बैठे दिखाई दे रहे हैं. फैंस इस वीडियो को देखकर हैरान हैं और पुराने दिनों को याद कर रहे हैं.

    फिल्मों में कुछ शुरुआती सफलताओं के बाद विवेक मुशरन का करियर धीरे धीरे साइड रोल्स की तरफ मुड़ गया. उन्होंने कई फिल्मों में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण किरदार निभाए. इसके बाद उन्होंने टीवी इंडस्ट्री का रुख किया जहां उन्हें एक नया मंच मिला. छोटे पर्दे पर भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई और कई लोकप्रिय शोज का हिस्सा बने.

    टीवी सीरियल सोनपरी में उनका किरदार काफी चर्चित रहा और यह शो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है. इसके अलावा वह कई अन्य टीवी सीरियल्स में भी नजर आए और अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन करते रहे. समय के साथ उन्होंने अपने करियर को एक नई दिशा दी और खुद को लगातार एक्टिव बनाए रखा.

    आज की बात करें तो विवेक मुशरन का लुक पूरी तरह बदल चुका है. उनके बाल, चेहरा और पर्सनैलिटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. एक समय में जो अभिनेता युवा और चॉकलेटी हीरो के रूप में जाने जाते थे, आज वे पिता के किरदार निभाते नजर आते हैं. उनके किरदारों में अब परिपक्वता और अनुभव साफ दिखाई देता है.

    विवेक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं और अपने प्रोजेक्ट्स और निजी जीवन से जुड़ी अपडेट्स फैंस के साथ साझा करते हैं. हाल ही में उन्होंने अपनी शॉर्ट फिल्म ‘जिद’ के बारे में जानकारी दी, जो एक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चयनित हुई है. यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है और उनके करियर में एक नई पहचान जोड़ती है.

  • “पंजाब किंग्स को चैंपियन बनाना मेरा लक्ष्य”: सूर्यांश शेडगे का आत्मविश्वासी बयान

    “पंजाब किंग्स को चैंपियन बनाना मेरा लक्ष्य”: सूर्यांश शेडगे का आत्मविश्वासी बयान


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग-2026 की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है। पिछले सीज़न के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स कॉलेज (आरसीबी) से हारून वाली पंजाब किंग्स इस बार अपने पहले खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी। मुंबई की ओर से घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट वाले और आईपीएल में पंजाब किंग्स का हिस्सा सूर्यांश शेडगे ने सीजन की शुरुआत से पहले अपनी तैयारी, टीम के मनोबल पर आईएएनएस से खास बातचीत की।

    लगातार मेहनत और तैयारी

    सूर्यांश कर शेडगे ने कहा, “पिछले एक महीने में हमने थ्री-चार टेस्ट मैच खेला और व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर भी लगातार काम किया। आधुनिक क्रिकेट में तीन खिलाड़ियों के बीच बैलेंस बनाना बेहद जरूरी है। यह एक प्रक्रिया है, और मैं उसी पर आश्वस्त हूं। आईपीएल की तैयारी पिछले साल खत्म होने के तुरंत बाद से शुरू हो गई थी।”

    प्रदर्शन और आत्म-मूल्यांकन

    शेडेज ने अपने प्रदर्शन में कहा कि उसके पास हमेशा के लिए बड़ी सुविधाएं हैं। “मुझे जो मशीन मिली, उन्हें मैं और बेहतर कर सकता था। अब मैं अपनी आंखों को पहचानकर उन पर काम करने में विश्वास रखता हूं। जब आपको पता चलेगा कि कहां सुधार करना है, तो वही विकास की शुरुआत है।”

    दबाव में मानसिक संतुलन

    बड़े मुकाबलों में भावनाओं पर नियंत्रण की आवश्यकता पर उन्होंने कहा, “करियर की शुरुआत में मैं काफी उदासीन हो गया था, लेकिन समय के साथ-साथ अगर अस्थिर अस्थिर तो प्रदर्शन भी प्रभावित होता। अब मैं मानसिक संतुलन बनाए रखने की स्थिति के अनुसार निर्णय लेता हूं।”

    फाइनल का अनुभव- हार से सीखें

    पिछले सीज़न के फ़ाइनल का ज़िक्र करते हुए शेडगे ने कहा कि हार ने टीम और उन्हें व्यक्तिगत रूप से मजबूत बनाया। “मुझे हारना पसंद नहीं है, लेकिन फाइनल ने हमें सिखाया कि हारना नहीं बल्कि सीखना चाहिए। यह हमें एक टीम और इंसानियत के साथ-साथ मजबूत संस्थाएं भी हैं।”

    टीम ऑटोमोबाइल और कोचिंग स्टाफ

    कोच रिकी पोटिंग और कैप्टन श्रेयस अली के साथ उनके साथी ने मिलकर जॉइनिंग में मदद की।

    विराट कोहली से मिलने का अनुभव

    आईपीएल में अपने आदर्श विराट कोहली से मुलाकात की याद साझा करते हुए शेडगे ने कहा, “जब मैंने पहली बार हाथ मिलाया, मेरे रोंगटे हो गए। बचपन से मैंने उन्हें देखा। उनके साथ साझा करना मेरे लिए किसी सपने का सच होना जैसा था।”

    लक्ष्य-अंतर्निहित, नामांकित और क्षेत्ररक्षण में योगदान

    पिछले सीज़न का आकलन करते हुए शेडेज ने स्वीकार किया कि टीम ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, “कभी-कभी सब कुछ सही होने के बावजूद नतीजे आपके पक्ष में नहीं आते। लेकिन इसे सीखने का अवसर माना जाता है। हमारा स्पष्ट लक्ष्य आईपीएल 2026 का खिताब जीतना है, और मैं टीम के लिए उल्लेखनीय योगदान देना चाहता हूं।

  • टी20 सीरीज में न्यूज़ीलैंड का दबदबा, तीसरे मैच में SA को दी 8 विकेट से मात

    टी20 सीरीज में न्यूज़ीलैंड का दबदबा, तीसरे मैच में SA को दी 8 विकेट से मात


    नई दिल्ली ईडन पार्क, ऑकलैंड से: तीसरे टी-20 में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 8 विकेट से हरा दिया और सीरीज के तीन मैचों में 2-1 से बढ़त हासिल कर ली। ईडन पार्क में खेले गए इस शॉक में कीवी टीम को 137 विकेट का लक्ष्य मिला, जिसमें उन्होंने 16.2 ओवर में केवल 2 विकेट खोकर हासिल किए। इस जीत ने न्यूजीलैंड को सीरीज़ ऑफर की और कैप्टन सेंटनर की टीम को एक साथ भर दिया।

    शानदार, कॉनवे-लैथम ने ठोस साझेदारी बनाई

    137 पोर्ट के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत शानदार रही। पहले विकेट के लिए डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम ने 11 ओवर में 96 रन बनाए। कॉनवे ने 26 गेंदों में 2 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 39 रन बनाए, लेकिन फिर केशव महाराज की गेंद आउट हो गई। इसके बाद लैथम ने टिम रॉबिन्सन के साथ दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की पारी खेली।

    लैथम का शतक सैट-सा प्रदर्शन, निक केली भी साथ

    जीत के लिए जब सिर्फ 1 रन की जरूरत थी, तब रॉबिन्सन एल सिपामला का शिकार बने। रॉबिन्सन ने 17 गेंदों पर 17 रन बनाए। इसके बाद टॉम लैथम ने अपनी टीम को जिताया। लेफ्ट हैंड के इस बल्लेबाज ने 55 बॉल में 63 रन बनाए और शानदार बॉलिंग कर टीम को जीत तक पहुंचाया। उनके साथ निक केली ने लगातार 1 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। इस तरह न्यूजीलैंड ने 16.2 ओवर में 2 विकेट खोकर 137 रन बनाकर मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम किया।

    दक्षिण अफ्रीका का शीर्ष क्रम फेल, मोकोएना ने कमाल किया

    इससे पहले टॉस हारकर ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका की टीम के लिए 9 विकेट पर बल्लेबाजी करते हुए केवल 136 रन ही बनाए थे। टीम का शीर्ष क्रम पूरी तरह से फ्लॉप हो रहा है। दसवें नंबर पर नाटकीय प्रदर्शन करने वाले एन मोकोएना ने 20 गेंदों में 3 छक्कों और 1 की मदद से 26 रन बनाए और श्रेष्ठ स्कोरर बने। वहीं जॉर्ज लिंडे ने 23 रन बनाकर टीम पर कुछ हद तक कब्जा कर लिया।

    न्यूजीलैंड के रिपब्लिक ने भी खेला दमदार प्रदर्शन

    न्यूजीलैंड के लिए काइल जैमिसन, कैप्टन सेंटनर और बेंजामिन सियर्स ने 2-2 विकेट लिए, जबकि लोकी फर्ग्यूसन, कोले मोकोन्ची और जेम्स निशम ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। विशेष रूप से लॉकी फर्ग्यूसन ने 4 ओवर में सिर्फ 9 रन देकर 1 विकेट लिया और प्लेयर ऑफ द मैच घोषित हो गए। उनकी तेज और धारदार गेंदबाजी ने दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को पानी फेर दिया।

    इस बेल्जियम में न्यूजीलैंड की टीम ने दोनों में शानदार संतुलन दिखाया। लैथम की गेमप्ले और फर्ग्यूसन की बढ़त से टीम ने आसानी से जीत हासिल की और सीरीज में बढ़त बना ली। दक्षिण अफ्रीका का शीर्ष क्रम पूरी तरह से विध्वंस जारी है, जिससे उन्हें 137 पूर्वी तट का पीछा करते हुए संघर्ष करना पड़ा।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा और आरती

    चैत्र नवरात्रि 2026: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा और आरती


    नई दिल्ली । आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है, जो मां ब्रह्मचारिणी के नाम समर्पित है। हिन्दू धर्मग्रंथों में मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या, संयम, ज्ञान और वैराग्य की देवी कहा गया है। उनका यह रूप भक्तों को साधना और संयम की प्रेरणा देता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता है।

    नवरात्रि के दूसरे दिन श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और सफेद या पीले वस्त्र धारण कर पूजा करते हैं। मां के सामने दीपक जलाना, फूल अर्पित करना और भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान मंत्र जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन को शांति मिलती है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक विशेष फलदायी माना गया है।

    पूजा के बाद मां की आरती गाना या सुनना अत्यंत शुभ होता है। आरती के माध्यम से भक्त मां की कृपा प्राप्त कर अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। यहां पढ़ें मां ब्रह्मचारिणी माता की आरती:

    ब्रह्मचारिणी माता की आरती

    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां
    अपने भक्त जनों पे करती सदा ही दया
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    दर्शन अनुपम मधुरम, साद नारद रेहती
    शिव जी की आराधना, मैया सदा करती
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    बाएँ हाथ कमंडल, दाहिन में माला
    रूप जो तिरीमय अद्भुत, सुख देने वाला
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    देव ऋषि मुनि साधु, सब गुण मां के गाते
    शक्ति स्वरूपा मैया, सब तुझको ध्याते
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    संयम तप वैराग्य, प्राणी वो पाता
    ब्रह्मचारिणी मां को, जो निशिदिनी ध्याता
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    नव दुर्गो में मैया, दूजा तुम्हारा स्वरूप
    श्वेत वस्त्र धारिणी मां, ज्योतिर्मय तेरा रूप
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    दूजे नवरात्रे मैया, जो तेरा व्रत धारे
    करके दया जग जननी, तू उसको तारे
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    शिव प्रिय शिवा ब्रम्हाणी, हम पे दया करियो
    बालक है तेरे ही, दया दृष्टि रखियो
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    शरण तिहारी आए, ब्रम्हाणी माता
    करुणा हम पे दिखाओ, शुभ फल की दाता
    ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    जो कोई गावे, कहत शिवानंद स्वामी
    मन वांछित फल पावे, ओम जय ब्रह्मचारिणी मां।

    पूजा और आरती के साथ मंत्र का जाप करना भी अत्यंत प्रभावशाली होता है। मां ब्रह्मचारिणी के प्रमुख मंत्र हैं:

    ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी
    सच्चीदानन्द सुशीला च विश्वरूपा नमोस्तुते

    या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
    दधाना कर मद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
    देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
    इस दिन विधिपूर्वक पूजा, आरती और मंत्र जाप करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास, संयम और जीवन में सफलता प्राप्त होती है। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।