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  • एशियन गेम्स में भारत का रोमांचक दिन बैडमिंटन टीम बाहर लक्ष्य सेन की वापसी से जगी उम्मीद क्रिकेट में 216 रन

    एशियन गेम्स में भारत का रोमांचक दिन बैडमिंटन टीम बाहर लक्ष्य सेन की वापसी से जगी उम्मीद क्रिकेट में 216 रन


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए उतार चढ़ाव भरा रहा। भारत की नजरें अलग अलग खेलों में पदक की दावेदारी मजबूत करने पर थीं लेकिन कई मुकाबलों में टीम को निराशा भी हाथ लगी। महिला बैडमिंटन टीम को जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा और इसके साथ ही उसका पदक अभियान समाप्त हो गया। वहीं पुरुष टेबल टेनिस टीम भी दक्षिण कोरिया के खिलाफ प्री क्वार्टर फाइनल में 0-3 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई। दूसरी ओर पुरुष बैडमिंटन में लक्ष्य सेन ने शुरुआती झटके के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

    महिला बैडमिंटन क्वार्टर फाइनल में भारत और जापान के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पीवी सिंधू ने अकाने यामागुची के खिलाफ पहला गेम 23-21 से जीतकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन जापानी खिलाड़ी ने अगले दोनों गेम 21-18 और 21-11 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसके बाद उन्नति हुड्डा को भी तोमोका मियाजाकी के खिलाफ 16-21 और 18-21 से हार मिली। त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो की जोड़ी को 21-17 और 21-16 से हराकर भारत की उम्मीदें बनाए रखीं लेकिन अगले मुकाबले में तन्वी शर्मा को नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ 21-12 और 21-10 से हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के साथ जापान ने 3-1 से जीत दर्ज कर भारतीय टीम को बाहर कर दिया।

    पुरुष बैडमिंटन में भारत और जापान के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन के सामने कोडाई नाराओका की चुनौती थी। पहले गेम में लक्ष्य को 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। शुरुआत में जापानी खिलाड़ी ने फ्रंट कोर्ट पर लगातार प्रभावी शॉट खेले और लक्ष्य को दबाव में रखा। हालांकि दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की और नाराओका को केवल पांच अंक लेने दिए। लक्ष्य ने दूसरा गेम 21-5 से जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।

    टेबल टेनिस में भी भारतीय टीम को मुश्किल का सामना करना पड़ा। पुरुष टीम दक्षिण कोरिया के खिलाफ 0-3 से हार गई। हरमीत देसाई को जंग वूजिन ने 3-1 से हराया जबकि मानुष शाह को ओ जुनसुंग के खिलाफ पांच गेम तक चले मुकाबले में 2-3 से हार मिली। तीसरे मुकाबले में मानव ठक्कर को आन जेह्युन ने 3-1 से मात दी। इस हार के साथ भारतीय टीम का अभियान समाप्त हो गया।

    फेंसिंग में भी भारत को मिश्रित परिणाम मिले। पुरुष फॉयल के व्यक्तिगत मुकाबले में सचिन और सांसम हेमाश सिंह का सफर आगे नहीं बढ़ सका। दोनों को कजाकिस्तान के खिलाड़ियों के खिलाफ हार मिली। वहीं महिला एपी में तनिक्षा खत्री ने थाईलैंड की संग्गियो नत्पापत को 15-10 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। इससे इस स्पर्धा में भारत की उम्मीदें बनी हुई हैं।

    महिला क्रिकेट में भारत ने श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में तीन विकेट पर 216 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 79 रन की पारी खेलकर मजबूत आधार तैयार किया जबकि शेफाली वर्मा ने 48 रन बनाए। इसके बाद ऋचा घोष ने सिर्फ 22 गेंदों में 49 रन बनाकर भारतीय स्कोर को 216 तक पहुंचा दिया। श्रीलंका के सामने स्वर्ण पदक जीतने के लिए 217 रन का लक्ष्य रखा गया है।

    एशियन गेम्स में भारत का अभियान अभी जारी है और कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक की दावेदारी मजबूत करने का मौका है। मंगलवार के मुकाबलों में जहां कुछ टीमों का सफर समाप्त हुआ वहीं क्रिकेट और फेंसिंग जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीदें कायम रखी हैं।

  • एक महीने में छह बड़े मुकाबले और टीम इंडिया में कई बदलाव, जडेजा से नमन धीर तक किसे मिली नई जिम्मेदारी

    एक महीने में छह बड़े मुकाबले और टीम इंडिया में कई बदलाव, जडेजा से नमन धीर तक किसे मिली नई जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले एक महीने से ज्यादा समय तक लगातार क्रिकेट में व्यस्त रहने वाली है। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज से लेकर एशियन गेम्स ईरानी कप और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए के मुकाबलों तक अलग अलग स्तर पर भारतीय खिलाड़ी मैदान में नजर आएंगे। इन प्रतियोगिताओं के लिए घोषित टीमों को देखा जाए तो सिर्फ मौजूदा मुकाबलों की तैयारी ही नहीं बल्कि आने वाले समय की रणनीति के भी कई संकेत दिखाई देते हैं। खास तौर पर रविंद्र जडेजा की वनडे टीम में वापसी हार्दिक पांड्या के विकल्प के तौर पर नीतीश कुमार रेड्डी पर भरोसा नमन धीर और आकिब नबी जैसे नए चेहरों को मौका और मोहम्मद शमी तथा भुवनेश्वर कुमार की गैरमौजूदगी चर्चा में है।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए शुभमन गिल को कप्तान और केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है। इस टीम में रोहित शर्मा विराट कोहली रविंद्र जडेजा नीतीश कुमार रेड्डी कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज समेत कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। जडेजा की वापसी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय में बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडरों में अक्षर पटेल को उनसे आगे प्राथमिकता मिलती रही है। इस बार अक्षर एशियन गेम्स की टीम के साथ हैं और उनकी अनुपस्थिति में जडेजा को मौका मिला है। टीम ने उन्हें हर्ष दुबे से आगे चुना है। इससे यह संकेत मिलता है कि अनुभव के मामले में जडेजा अभी भी टीम की योजनाओं में बने हुए हैं।

    सबसे ज्यादा नजर हार्दिक पांड्या की जगह तैयार किए जा रहे विकल्प पर है। हार्दिक 2026 आईपीएल के बाद से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं। वह ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए की अनौपचारिक वनडे टीम में शामिल हैं लेकिन उनका खेलना मेडिकल मंजूरी पर निर्भर है। ऐसे में नीतीश कुमार रेड्डी को वनडे टीम में शामिल किया जाना अहम माना जा रहा है। उन्हें एशियन गेम्स की टीम से हटाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में जगह दी गई है। इससे साफ है कि भारतीय टीम आगामी विश्व कप को ध्यान में रखते हुए हार्दिक के विकल्प को तैयार रखने पर काम कर रही है।

    इसी बीच नमन धीर को पहली बार भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। पंजाब की शेर ए पंजाब टी20 लीग में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उन्होंने नौ पारियों में 626 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 217 रहा। वहीं आकिब नबी और विप्रज निगम को भी अलग भूमिकाओं में मौका मिला है। नबी ने घरेलू क्रिकेट में गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया है जबकि निगम लेग स्पिन के साथ तेज रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे खिलाड़ियों को मौका देना भारतीय टीम में विकल्पों का दायरा बढ़ाने की दिशा में देखा जा सकता है।

    ईरानी कप में सरफराज खान को रेस्ट ऑफ इंडिया का उपकप्तान बनाया गया है जबकि ऋषभ पंत टीम की कप्तानी करेंगे। यह सरफराज के लिए भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और उन्हें घरेलू स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। दूसरी ओर मोहम्मद शमी का वेस्टइंडीज वनडे टीम के साथ साथ ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए की टीम में भी नहीं होना ध्यान खींचता है। भुवनेश्वर कुमार की भी मौजूदा भारतीय टीमों में वापसी नहीं हुई है। हालांकि किसी खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय भविष्य पर अंतिम निष्कर्ष चयन के अगले दौर और प्रदर्शन के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

    कुल मिलाकर भारतीय टीम के इन अलग अलग स्क्वॉड से एक बात स्पष्ट होती है कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन स्थापित खिलाड़ियों के साथ नए विकल्प भी तैयार कर रहा है। आने वाले मुकाबले नीतीश रेड्डी नमन धीर आकिब नबी और विप्रज निगम जैसे खिलाड़ियों के लिए अपनी जगह मजबूत करने का मौका होंगे जबकि जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश करेंगे।

  • ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका जा रहे F-35 के संवेदनशील पुर्जे हॉन्गकॉन्ग कैसे पहुंचे? चीन तक पहुंचने की आशंका से बढ़ी चिंता

    ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका जा रहे F-35 के संवेदनशील पुर्जे हॉन्गकॉन्ग कैसे पहुंचे? चीन तक पहुंचने की आशंका से बढ़ी चिंता


    सिडनी।
    पांचवीं पीढ़ी के अमेरिकी स्टील्थ लड़ाकू विमान F-35 लाइटनिंग II के बेहद संवेदनशील स्पेयर पार्ट्स की एक खेप ऑस्ट्रेलिया से मरम्मत के लिए अमेरिका भेजे जाने के दौरान रहस्यमय तरीके से हॉन्गकॉन्ग की ओर डायवर्ट हो गई। घटना सामने आने के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन और अमेरिकी संसद कांग्रेस के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हलकों में चिंता बढ़ गई है। पेंटागन ने पुष्टि की है कि इस शिपमेंट में शामिल F-35 के कुछ संवेदनशील पुर्जों का पता नहीं चल पाया है।

    क्या गायब हुआ और क्यों अहम है?

    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गायब खेप में F-35 का कॉकपिट कैनोपी भी शामिल था। F-35 का कैनोपी सामान्य कांच या प्लास्टिक का कवर नहीं है। यह विशेष ऐक्रेलिक सामग्री से तैयार किया जाता है और इसकी सतह पर रडार-अब्जॉर्बेंट मटेरियल (RAM) की बेहद पतली पारदर्शी परत होती है।

    यह तकनीक विमान की स्टील्थ क्षमता का हिस्सा है। इसका उद्देश्य रडार तरंगों के परावर्तन को कम करना है, जिससे विमान को दुश्मन के रडार पर पकड़ना कठिन हो जाता है।

    रक्षा विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि यदि ऐसा कोई वास्तविक पुर्जा किसी प्रतिद्वंद्वी देश के हाथ लग जाए तो उसकी तकनीकी जांच से संबंधित सामग्री और तकनीक के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं आया है कि गायब पुर्जे चीन की सेना के हाथ लगे हैं।

    ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका भेजे जा रहे थे पुर्जे

    अमेरिका के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, नॉर्वे, पोलैंड और नीदरलैंड समेत कई सहयोगी देश F-35 लड़ाकू विमानों का संचालन करते हैं। ऑस्ट्रेलिया में F-35 के रखरखाव की सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन कैनोपी की विशेष मरम्मत सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे अमेरिका भेजा जा रहा था।

    रिपोर्टों के मुताबिक, लॉकहीड मार्टिन के एक ठेकेदार या कमर्शियल शिपिंग प्रदाता के माध्यम से भेजे जा रहे कंटेनर को रास्ते में हॉन्गकॉन्ग की ओर डायवर्ट कर दिया गया। इसी कारण यह सवाल उठ रहा है कि संवेदनशील रक्षा सामग्री वाली खेप को इस मार्ग पर कैसे भेजा गया और बाद में उसके कुछ पुर्जों का पता क्यों नहीं चल सका।

    हॉन्गकॉन्ग पहुंचने से बढ़ी चिंता

    हॉन्गकॉन्ग में चीन का प्रशासनिक और सुरक्षा नियंत्रण होने के कारण अमेरिकी पक्ष के लिए यह मामला संवेदनशील माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि हॉन्गकॉन्ग में पहुंचने के बाद खेप की सुरक्षा से समझौता हुआ हो सकता है। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि किसी चीनी एजेंसी ने F-35 के पुर्जों को जब्त या स्कैन किया है।

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के F-35 जॉइंट प्रोग्राम ऑफिस (JPO) ने कहा है कि वह गायब पुर्जों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें वापस हासिल करने के लिए अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। मामले की जांच भी जारी है।

    F-35 स्पेयर पार्ट्स की ट्रैकिंग पर पहले भी उठे सवाल

    F-35 के स्पेयर पार्ट्स की निगरानी को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। 2023 की अमेरिकी सरकारी जवाबदेही कार्यालय (GAO) की रिपोर्ट में बताया गया था कि लॉकहीड मार्टिन और पेंटागन की व्यवस्था में खामियों के कारण पिछले पांच वर्षों में F-35 के करीब 8.5 करोड़ डॉलर मूल्य के 10 लाख से अधिक छोटे-बड़े स्पेयर पार्ट्स की ट्रैकिंग खो गई थी।

    2025 में भारत में भी कई सप्ताह खड़ा रहा था F-35B

    F-35 को लेकर इससे पहले भी संवेदनशीलता का मामला सामने आया था। 14 जून 2025 को ब्रिटेन का F-35B स्टील्थ लड़ाकू विमान केरल के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आपात लैंडिंग के बाद करीब पांच सप्ताह तक वहां खड़ा रहा था। विमान 22 जुलाई 2025 तक भारत में रहा।

    विमान अरब सागर में नियमित उड़ान पर था। खराब मौसम के कारण वह अपने मूल बेस और रॉयल नेवी के विमानवाहक पोत HMS Prince of Wales पर वापस नहीं लौट सका। ईंधन कम होने के कारण उसने तिरुवनंतपुरम को आपातकालीन रिकवरी एयरफील्ड के तौर पर चुना था।

    विमान की संवेदनशील तकनीक को देखते हुए ब्रिटेन ने भारत की ओर से उपलब्ध कराई गई हैंगर सुविधा और तकनीकी सहायता का इस्तेमाल नहीं किया था। उस समय F-35 की स्टील्थ कोटिंग और एडवांस्ड सेंसर फ्यूजन सिस्टम जैसी तकनीकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई थीं। विमान को हवाईअड्डे पर खुले में रखा गया था और उसकी सुरक्षा CISF के जिम्मे थी।

    F-35 के पुर्जों की मौजूदा घटना ने एक बार फिर इस अत्याधुनिक लड़ाकू विमान की सप्लाई चेन, स्पेयर पार्ट्स की निगरानी और संवेदनशील तकनीकी सामग्री की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अजनार नदी के बाद यमुना की सफाई में जुटे 'बिट्टू तबाही', साढ़े चार घंटे में 585 किलो कचरा निकाला

    अजनार नदी के बाद यमुना की सफाई में जुटे 'बिट्टू तबाही', साढ़े चार घंटे में 585 किलो कचरा निकाला


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की अजनार नदी से सफाई अभियान की शुरुआत कर चर्चा में आए सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ अब दिल्ली की यमुना नदी के किनारे सफाई अभियान चला रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में अपने पहले सफाई अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और वॉलंटियर्स के साथ मिलकर करीब साढ़े चार घंटे में 585 किलो कचरा हटाने का दावा किया है। इस अभियान का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो अब चर्चा में है।

    यमुना किनारे चलाए गए अभियान के दौरान फूल-मालाओं, पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य तरह का कचरा हटाया गया। बिट्टू के मुताबिक, सफाई अभियान में स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कचरे को एकत्र करने में टीम की मदद की।

    यमुना किनारे जमा था कचरे का ढेर

    दिल्ली पहुंचने के बाद बिट्टू तबाही ने यमुना किनारे की स्थिति को अपने वीडियो में दिखाया। उनके अनुसार, घाट और आसपास के इलाके में बड़ी मात्रा में फूल-मालाएं, पूजा सामग्री, प्लास्टिक तथा अन्य कचरा जमा था।

    धार्मिक आयोजनों और रोजमर्रा की गतिविधियों के बाद पूजा सामग्री और अन्य सामान नदी के किनारे या आसपास छोड़े जाने से वहां कचरा जमा होने की समस्या सामने आती रही है। बिट्टू ने इसी स्थान से अपनी सफाई ड्राइव शुरू की। अभियान के दौरान स्थानीय लोग और वॉलंटियर्स भी उनके साथ जुड़ते गए।

    साढ़े चार घंटे में 585 किलो कचरा हटाने का दावा

    बिट्टू तबाही ने सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में बताया कि दिल्ली में यह उनकी पहली क्लीनअप ड्राइव थी। उनके अनुसार, करीब साढ़े चार घंटे चले अभियान में टीम ने कुल 585 किलो कचरा हटाया।

    उन्होंने बताया कि यह अभियान वर्ल्ड क्लीनअप डे से जुड़ी गतिविधियों के तहत आयोजित किया गया। तीन दिन चलने वाली इस मुहिम में अलग-अलग स्थानों पर सफाई अभियान के साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की योजना बनाई गई थी। बिट्टू ने सफाई अभियान में सहयोग करने वाले स्थानीय लोगों और वॉलंटियर्स का आभार भी जताया।

    सफाई में स्थानीय लोगों ने भी बढ़ाया हाथ

    अभियान के दौरान आसपास रहने वाले कुछ लोग भी सफाई टीम के साथ जुड़ गए। किसी ने कचरा उठाने में मदद की तो किसी ने उसे एक स्थान पर एकत्र करने का काम किया।

    बिट्टू का कहना है कि जब स्थानीय लोग खुद सफाई अभियान का हिस्सा बनते हैं तो उसका असर केवल एक दिन की सफाई तक सीमित नहीं रहता। इससे दूसरे लोगों को भी सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के प्रति जागरूक होने का संदेश मिलता है।

    अजनार नदी से मिली पहचान

    सुरेंद्र सिंह चौधरी को ‘बिट्टू तबाही’ नाम से पहचान मध्य प्रदेश की अजनार नदी की सफाई के दौरान मिली। उन्होंने नदी किनारे जमा गंदगी और कचरे को खुद हटाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए थे। धीरे-धीरे उनके सफाई अभियान ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

    उनके अभियान की चर्चा द ओशन क्लीनअप के संस्थापक और सीईओ बोयन स्लैट तक पहुंचने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद उन्हें संगठन के साथ काम करने का न्योता मिलने की जानकारी सामने आई।

    अब दूसरे राज्यों तक अभियान ले जाने की तैयारी

    अजनार नदी के बाद बिट्टू तबाही अपनी सफाई मुहिम को दूसरे राज्यों तक ले जाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि लोगों को नदियों और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक करना भी है।

    दिल्ली में अभियान शुरू करने के बाद उन्होंने अलग-अलग राज्यों में जाकर लोगों को मुहिम से जोड़ने की बात कही है। उनका मानना है कि स्थानीय लोग जब सफाई अभियान में सीधे भागीदारी करते हैं तो उसका प्रभाव अधिक व्यापक हो सकता है।

    गुरुग्राम के खेड़की दौला में अगला अभियान

    दिल्ली के बाद बिट्टू तबाही ने अपने अगले पड़ाव की जानकारी भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है। उन्होंने बताया कि अब उनकी सफाई मुहिम गुरुग्राम पहुंचेगी। उन्होंने गुरुग्राम के खेड़की दौला का जिक्र करते हुए लोगों से अगली सफाई ड्राइव में शामिल होने की अपील की है।

    सोशल मीडिया पर लोगों ने किया समर्थन

    यमुना किनारे सफाई अभियान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने बिट्टू तबाही के प्रयास की सराहना की। कई लोगों ने उन्हें अभियान जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। कुछ यूजर्स ने सकारात्मक टिप्पणियों के साथ दिल और फायर इमोजी भी साझा किए।

    हालांकि, नदी और सार्वजनिक स्थानों की सफाई के साथ वहां दोबारा कचरा न पहुंचे, यह सुनिश्चित करना भी चुनौती है। ऐसे अभियानों के साथ लोगों की भागीदारी और व्यवहार में बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस पर पथराव, इंजन का शीशा टूटा; वंदेभारत को रास्ते में रोका, जांच में जुटीं एजेंसियां

    जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस पर पथराव, इंजन का शीशा टूटा; वंदेभारत को रास्ते में रोका, जांच में जुटीं एजेंसियां


    सांबा।
    जम्मू-कश्मीर के सांबा के पास सोमवार देर रात जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आई। करीब 9:30 बजे हुई इस घटना में ट्रेन के इंजन का सामने का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद सुरक्षा बलों और पुलिस ने मौके तथा आसपास के इलाकों में जांच शुरू कर दी।

    घटना की सूचना मिलने के बाद डीजीपी नलिन प्रभात भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच किए जाने की जानकारी दी। पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें रेलवे ट्रैक के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी जांच कर रही हैं।

    चालक ने पहले फायरिंग की दी थी जानकारी

    सांबा के एसपी अनुज कुमार ने बताया कि ट्रेन के इंजन का शीशा क्षतिग्रस्त हुआ है। उनके अनुसार, ट्रेन चालक ने शुरुआत में फायरिंग की बात कही थी, लेकिन रात करीब 1:30 बजे तक की जांच में मामला पथराव का सामने आया।

    उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ सुरक्षा बल भी रेलवे ट्रैक की जांच कर रहे हैं और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

    वंदेभारत को रास्ते में रोका गया

    जम्मू-सियालदह एक्सप्रेस पर पथराव की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से दिल्ली-कटरा वंदेभारत एक्सप्रेस को भी कठुआ और सांबा के बीच रोक दिया गया। इसके चलते ट्रेन करीब तीन घंटे की देरी से जम्मू पहुंची।

    घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पथराव करने वालों का पता लगाने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों की जांच कर रही हैं।

    पहले भी आतंकी वारदात का गवाह रहा है यह रेल मार्ग

    सांबा-जम्मू रेल मार्ग का सुरक्षा के लिहाज से पुराना संवेदनशील इतिहास रहा है। 10 फरवरी 2000 को इसी रेल मार्ग पर जम्मू तवी-सियालदह एक्सप्रेस के सात डिब्बे आईईडी विस्फोट में पटरी से उतर गए थे। इस आतंकी वारदात में पांच यात्रियों की मौत हुई थी।

    मौजूदा घटना के बाद रेलवे ट्रैक और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियां सतर्क हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • मौसम ने फिर ली करवट… बना दमदार वेटर सिस्टम… कई राज्यों में होगी झमाझम बारिश

    मौसम ने फिर ली करवट… बना दमदार वेटर सिस्टम… कई राज्यों में होगी झमाझम बारिश


    नई दिल्ली।
    देश के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट (Change Weather) लेने वाला है. बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में बना सिस्टम अब मजबूत हो रहा है और इसका असर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में दिखाई देने लगा है. इस वेदर सिस्टम (Weather system) का ओडिशा (Odisha) में सबसे ज्यादा असर होने का अनुमान है, जहां अगले दो दिनों के लिए बेहद भारी बारिश का अलर्ट है. दूसरी ओर दिल्ली-NCR में मंगलवार को मौसम फिलहाल साफ रहने वाला है, लेकिन सप्ताह के दूसरे हिस्से में बारिश और गरज-चमक का दौर बढ़ सकता है. यूपी के अलग-अलग इलाकों में भी मौसम के इस बदलाव का असर दिखेगा।

    बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है. इसके अगले 24 घंटे में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की शुरुआती घंटों के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार कर सकता है. इस वेदर सिस्टम का सबसे ज्यादा असर ओडिशा में देखने को मिल सकता है।


    दिल्ली-NCR में आज बारिश से राहत

    दिल्ली-NCR में मंगलवार यानी 22 सितंबर को फिलहाल भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है. आईएमडी के 22 सितंबर के अपडेट में दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए आज से 24 सितंबर तक कोई चेतावनी नहीं है. 25 से 27 सितंबर के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जरूर जताई गई है. यानी मंगलवार को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है. हालांकि सप्ताह के आखिर में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।


    यूपी में कब बदलेगा मौसम?

    पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 सितंबर से मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है, जबकि 25 सितंबर से भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है. 26 से 28 सितंबर तक भी पूर्वी यूपी में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर से मौसम में बदलाव शुरू हो सकता है. यहां 25 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि 26 से 28 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।


    पहाड़ों में होगी सामान्य बारिश

    उत्तराखंड की राजधानी देहरादून समेत चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, नैनीताल समेत कई जिलों में 22 से 25 सितंबर के दौरान बाारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 25-26 सितंबर के दौरान बारिश का दायरा बढ़कर कई स्थानों तक पहुंच सकता है. इस दौरान गरज-चमक के साथ कई जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में आज कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि आने वाले दिनों में मौसम सामान्य ही रहेगा।


    ओडिशा में सबसे ज्यादा असर
    मौसम विभाग ने 23 और 24 सितंबर को ओडिशा के कई हिस्सों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है. 25 सितंबर को भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि 26 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. 23 सितंबर को कंधमाल, गजपति, गंजाम और पुरी में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बेहद भारी बारिश का अलर्ट है. इसके लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. 24 सितंबर को कालाहांडी, कंधमाल और रायगड़ा में भी बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट है. मौसम का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है. भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में जलभराव और दूसरी परेशानियां बढ़ सकती हैं।


    तेज हवाओं से समुद्र में उठेंगी ल​हरें

    बंगाल की खाड़ी में बने वेदर सिस्टम के मजबूत होने का असर समुद्र पर भी दिखेगा. दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट के आसपास 23 से 24 सितंबर के बीच तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 23 सितंबर को हवा की रफ्तार करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में समुद्र में जाने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


    केरल समेत इन राज्यों में भी बारिश

    केरल में भी इस सप्ताह मौसम नम रहने का अनुमान है. 21 से 25 सितंबर के बीच कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पथनमथिट्टा, कोट्टायम, अलप्पुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. जिन इलाकों में जलभराव या भूस्खलन का खतरा रहता है, वहां लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने को कहा गया है।


    बंगाल से पूर्वोत्तरी राज्यों तक बारिश

    असम और मेघालय में 22 सितंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. 23 से 25 सितंबर के बीच यहां भारी बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 22 सितंबर को गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का असर दिख सकता है. 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश और 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

  • सिम का दुरुपयोग अब पड़ेगा भारी…. हो सकती है 3 साल की जेल और 50 लाख तक का जुर्माना

    सिम का दुरुपयोग अब पड़ेगा भारी…. हो सकती है 3 साल की जेल और 50 लाख तक का जुर्माना


    नई दिल्ली।
    दूरसंचार विभाग (Telecommunications Department) ने सोमवार को फर्जी तरीके से सिम (Sim) जारी करने, दूरसंचार पहचान संख्या के गलत इस्तेमाल और आईएमईआई नंबर (IMEI number) से छेड़छाड़ को लेकर सावधान किया है। विभाग ने कहा कि ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।

    मध्य प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र (एलएसए) में फर्जी तरीके से सिम जारी किए जाने से जुड़ा मामला सामने आने के बाद यह सलाह जारी की गई। जांच में पता चला कि छत्तीसगढ़ में एक प्वाइंट ऑफ सेल एजेंट ने नागरिकों के दस्तावेजों का उनकी जानकारी के बिना इस्तेमाल कर 25 मोबाइल कनेक्शन जारी कर दिए। इसके बाद दूरसंचार विभाग, संबंधित कंपनियों ने पीओएस एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। साथ ही भविष्य में नई सिम जारी करने पर रोक लगा दी।

    बताया जा रहा है कि पीओएस द्वारा जारी 25 मोबाइल नंबरों की दूरसंचार विभाग के डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर जांच की गई। संदिग्ध नंबरों का दोबारा सत्यापन कराया गया और जो नंबर सत्यापन में विफल रहे, उन्हें बंद कर दिया गया।


    आईएमईआई नंबर से छेड़छाड़ भी अपराध

    विभाग ने कहा, मोबाइल फोन के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान नंबर (आईएमईआई) से छेड़छाड़ या बदला हुआ आईएमईआई इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है। दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।


    गलत इस्तेमाल पर ग्राहक भी होगा जिम्मेदार
    दूरसंचार विभाग ने कहा कि अपने नाम पर जारी सिम दूसरे को देना या बेचना भारी पड़ सकता है। अगर उस सिम का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो मूल ग्राहक की भी कानूनी जिम्मेदारी होगी। ऐसे में संचार साथी पोर्टल सिम की जांच करते रहे।

    दूरसंचार विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि वे अपने नाम से जारी किए गए सिम कार्ड साझा न करें या स्थानांतरित न करें क्योंकि सिम का दुरुपयोग पाए जाने पर कानूनी दायित्व मूल ग्राहक पर आ सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ‘संचारसाथी’ पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से नियमित रूप से अपने मोबाइल कनेक्शन की जांच करें।

    विभाग ने कहा है कि लोगों को ऐसे मॉडेम, मॉड्यूल, सिम बॉक्स या अन्य ऐसे उपकरण जिनका आईएमईआई नंबर बदला जा सकता है या जिनमें छेड़छाड़ की जा सकती है, उनका उपयोग न करें या उन्हें असेंबल न करायें। लोगाें को जाली दस्तावेजों, धोखाधड़ी और जालसाजी से सिम कार्ड प्राप्त करने,अपने नाम से प्राप्त सिम कार्डों को ऐसे लोगों को हस्तांतरित करने, बेचने या सौंपने से बचने की सलाह दी गयी है जो उनका दुरुपयोग कर सकते हैं।

    विभाग ने याद दिलाया है कि कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी या दूरसंचार पहचान से जुड़ी अन्य चीजों को बदलने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट या किसी अन्य माध्यम का उपयोग करना , अपने नाम से सिम कार्ड प्राप्त करना और बाद में साइबर धोखाधड़ी या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में दुरुपयोग के लिए सिम कार्ड को उधार देना, किराए पर देना या उसका दुरुपयोग करना भी कानूनी दृष्टि से गलत है। और इससे मूल ग्राहक के लिए कानूनी दायित्व उत्पन्न हो सकता है।

  • मीडिया जगत की सबसे बड़ी डील का रास्ता साफ…. पैरामाउंट-वार्नर मर्जर को चुनौती देने वाले राज्यों से हुआ समझौता

    मीडिया जगत की सबसे बड़ी डील का रास्ता साफ…. पैरामाउंट-वार्नर मर्जर को चुनौती देने वाले राज्यों से हुआ समझौता


    शिकागो।
    स्काइडांस (Skydance) के स्वामित्व वाली पैरामाउंट (Paramount) ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros. Discovery) को खरीदने की डील के खिलाफ मुकदमा करने वाले अमेरिकी राज्यों के साथ समझौता कर लिया है। इससे 81 अरब डॉलर की इस बड़ी मीडिया डील के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी दी। उस व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से बोलने की अनुमति नहीं थी, इसलिए उसने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी।


    किन राज्यों ने इस डील को अदालत में चुनौती दी थी?

    कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे बड़े मनोरंजन बाजार वाले राज्यों समेत कई राज्यों ने जुलाई में इस विलय को रोकने के लिए मुकदमा दायर किया था। उनका आरोप था कि पैरामाउंट और वार्नर का एक साथ आना प्रतिस्पर्धा को खत्म कर सकता है और अमेरिकी उपभोक्ताओं के पास विकल्प कम हो सकते हैं। खास चिंता सिनेमाघरों में फिल्म देखने वालों और केबल टीवी ग्राहकों को लेकर जताई गई थी।

    पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की प्रस्तावित डील की इक्विटी वैल्यू 81 अरब डॉलर बताई गई थी। राज्यों के गठबंधन ने जुलाई में इस डील को रोकने के लिए मुकदमा किया था। राज्यों का आरोप था कि विलय से मनोरंजन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा घट सकती है। मुकदमे की सुनवाई अगले साल मार्च में पूरी एंटीट्रस्ट ट्रायल के रूप में शुरू होने वाली थी। पैरामाउंट ने आरोपों को निराधार बताया था और डील को अगले साल तक टालने पर सहमति दी थी।

    पैरामाउंट का कहना था कि दुनिया भर में जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिल चुकी हैं और राज्यों का मुकदमा अंतिम बड़ी बाधा है। बाद के समझौते में घरेलू फिल्म निर्माण बढ़ाने और समाचार संचालन की संपादकीय स्वतंत्रता की निगरानी जैसी शर्तें शामिल की गई हैं।


    यह डील इतनी बड़ी क्यों मानी जा रही है?

    पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के जुड़ने से हॉलीवुड की दो बड़ी मीडिया कंपनियों के फिल्म, टेलीविजन और स्ट्रीमिंग कारोबार एक साथ आ जाएंगे। इसी वजह से राज्यों ने प्रतिस्पर्धा पर असर को लेकर चिंता जताई थी। पैरामाउंट का कहना था कि उसने दुनिया भर में जरूरी नियामकीय मंजूरियां हासिल कर ली हैं और राज्यों का मुकदमा डील पूरी करने की दिशा में आखिरी बड़ी रुकावट था।


    क्या मुकदमा यहीं खत्म हो गया और डील को मंजूरी मिल गई?

    समझौते से डील के रास्ते की बड़ी कानूनी अड़चन दूर हुई है, लेकिन समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अदालत की मंजूरी अभी जरूरी है। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने भी साफ कहा कि समझौता इस विलय के समर्थन का वोट नहीं है। समझौते में पैरामाउंट की ओर से अमेरिकी फिल्म निर्माण बढ़ाने और समाचार संस्थानों की संपादकीय स्वतंत्रता की निगरानी जैसे प्रावधान शामिल हैं।


    विरोध करने वालों की सबसे बड़ी चिंता क्या?

    डील की आलोचना करने वालों ने मीडिया और मनोरंजन उद्योग में और ज्यादा एकीकरण को लेकर चिंता जताई है। एसोसिएटेड प्रेस की मूल रिपोर्ट में अमेरिकन इकोनॉमिक लिबर्टीज प्रोजेक्ट के वरिष्ठ सलाहकार और पूर्व एफटीसी आयुक्त अल्वारो बेदोया ने कहा कि इस तरह के एकीकरण के बाद छंटनी और छोटे कारोबारों के अनुबंध खोने का खतरा हो सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उपभोक्ताओं के केबल बिल और सिनेमाघर टिकट महंगे हो सकते हैं। ये उनकी आलोचनात्मक टिप्पणियां हैं, न कि इस रिपोर्ट में स्थापित तथ्य।

  • H-1B पर ट्रंप की सख्ती…. US छोड़ अब जर्मनी-ब्रिटेन जैसे देशों का रुख कर रहे भारतीय पेशेवर

    H-1B पर ट्रंप की सख्ती…. US छोड़ अब जर्मनी-ब्रिटेन जैसे देशों का रुख कर रहे भारतीय पेशेवर


    नई दिल्ली।
    अमेरिका (America) में एच-1बी वीजा (H-1B Visa) पर सख्ती और लगातार बदलते नियमों ने भारतीय पेशेवरों (Indian Professionals) और शोधकर्ताओं के कॅरिअर विकल्पों को बुरी तरह प्रभावित किया है। बीते एक साल में वीजा शुल्क और प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बढ़ने के बीच भारतीय पेशेवर जर्मनी व ब्रिटेन (Germany and Britain) जैसे देशों का रुख कर रहे हैं। कुछ पेशेवर भारत लौटने का मन भी बना चुके हैं।

    अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के ताजा आंकड़े इसके स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। भौतिकी में पीएचडी करने वाले विदेशी स्कॉलर्स के अमेरिका छोड़ने की दर 2023-24 के 16% से बढ़कर 2024-25 में 29% हो गई। यह तीन दशक में एक साल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। वहीं, 60% अमेरिकी विवि में विदेशी छात्रों के आवेदन में कमी आई है। चालू वित्त वर्ष के तो शुरुआती नौ महीने में वीजा आवेदन में 10% की बड़ी गिरावट आई है।


    पलायन के दर्द तक पहुंची सपनों की जिंदगी

    अमेरिकी मीडिया कंपनी बिजनेस इनसाइडर की पड़ताल में सामने आया कि अमेरिका में सपनों की जिंदगी से पलायन का दर्द कई भारतीयों की कहानी बन चुका है। शिकागो में काम कर रहीं वैज्ञानिक अनन्या जोशी को कंपनी ने एच-1बी स्पॉन्सरशिप से इन्कार दिया तो उन्हें जर्मनी शिफ्ट होना पड़ा। कोलंबिया यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स सुंजना रमना एच-1बी हासिल करने के लिए तीन बार प्रयास कर चुकी थीं। बाद में ब्रिटेन का हाई-पोटेंशियल वीजा हासिल कर लंदन में फिनटेक कंपनी में नौकरी हासिल की। वह कहती हैं, सपने को किसी एक देश से नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं और लक्ष्यों से जोड़ना चाहिए।


    60% अमेरिकी विवि में विदेशी छात्रों के आवेदन में आई कमी

    एच1-बी: भारतीय बड़े लाभार्थी
    भारत -69.9% (2,83,772)
    चीन-12.1% (49,161)
    अन्य देश- 18.0%

    विदेशी पेशेवर…नेशनल साइंस फाउंडेशन के मुताबिक अमेरिका के साइंस व इंजीनियरिंग कार्यबल में 22% विदेशी मूल के हैं। मास्टर डिग्री धारकों में 39% और पीएचडी धारकों में 46% वैज्ञानिक विदेशी मूल के हैं। एच-1बी के आवेदनों में 44.5% प्रोफेशनल-तकनीकी सेवाओं से, मैन्युफैक्चरिंग से 12.1%, आईटी से 9.9%, फाइनेंस से 9.0% जुड़े हैं।


    एक लाख डॉलर शुल्क से मची अफरातफरी

    ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल 20 सितंबर को एच-1बी वीजा की फीस बढ़ाकर एक लाख डॉलर कर दी थी। इस घोषणा के बाद एच-1बी कर्मचारियों और कंपनियों के बीच यात्रा और नौकरी को लेकर असमंजस पैदा हुआ। बाद की कानूनी प्रक्रिया में इस शुल्क के अमल पर रोक लगी, लेकिन सितंबर, 2026 में ट्रंप प्रशासन ने इस नीति को एक साल और बढ़ा दिया है।


    लौटेगी प्रतिभा तो भारत को मिलेगा फायदा

    अमेरिका में अवसरों की अनिश्चितता बढ़ने पर भारतीय पेशेवरों के लिए स्वदेश में कॅरिअर और उद्यमिता के विकल्प आकर्षक हो सकते हैं। भारतीय मूल के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की बड़ी संख्या पहले से ही देश में स्टार्टअप, आईटी, एआई और अनुसंधान क्षेत्रों से जुड़ी है। ऐसे में अवसर बढ़े हैं।

  • गणपति उत्सव में छाएगा भक्ति और जोश का रंग, बॉलीवुड के ये 10 गाने प्लेलिस्ट में जोड़कर बनाएं माहौल खास

    गणपति उत्सव में छाएगा भक्ति और जोश का रंग, बॉलीवुड के ये 10 गाने प्लेलिस्ट में जोड़कर बनाएं माहौल खास


    नई दिल्ली । गणपति उत्सव का माहौल भक्ति, उमंग और उत्साह से भरा होता है। बप्पा के स्वागत से लेकर आरती और विसर्जन तक हर पल में संगीत उत्सव की खुशी को और बढ़ा देता है। अगर पूजा-पाठ के साथ बॉलीवुड का रंग भी शामिल करना चाहते हैं, तो गणपति से जुड़े कई ऐसे गाने हैं जो लंबे समय से लोगों की पसंद बने हुए हैं। इन गीतों में भक्ति के साथ जोश, श्रद्धा और उत्सव की ऊर्जा भी महसूस होती है।

    गणपति उत्सव की शुरुआत के लिए ‘देवा श्री गणेशा’ को प्लेलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। फिल्म ‘अग्निपथ’ का यह गीत अपनी दमदार धुन और भक्तिमय अंदाज के कारण गणपति समारोह में जोश भरने वाला गाना माना जाता है। आरती या उत्सव के दौरान इसकी ऊर्जा माहौल को खास बना सकती है।

    ‘मोरया रे’ भी गणपति उत्सव के रंग में पूरी तरह फिट बैठता है। फिल्म ‘डॉन’ से जुड़ा यह गीत बप्पा के जयकारों और उत्सव की ऊर्जा को सामने लाता है। गणपति पंडाल में इसे बजाने से माहौल में उत्साह और उमंग का रंग बढ़ सकता है।

    ‘गणपति बप्पा मोरया’ जैसे भक्तिमय गीत गणपति आराधना की भावना को मजबूत करते हैं। बप्पा के जयकारों के बीच ऐसे गीत उत्सव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बनाए रखते हैं। वहीं ‘श्री गणेशा देवा’ भी गणपति आराधना के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है।

    पूजा के दौरान ‘सिंदूर लाल चढ़ायो’ को भी प्लेलिस्ट में जगह दी जा सकती है। गणपति आराधना से जुड़े इस पारंपरिक भक्ति गीत का भाव पूजा के माहौल को भक्तिमय बनाने में मदद करता है।

    फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ का ‘गजानना’ गणपति उत्सव के लिए खास जोश लेकर आता है। इसकी तेज धुन और भव्य अंदाज समारोह के माहौल में उत्साह बढ़ा सकते हैं। घर में होने वाले छोटे आयोजन से लेकर बड़े गणपति समारोह तक यह गीत प्लेलिस्ट का हिस्सा बन सकता है।

    वहीं विसर्जन के समय ‘गणपती अपने गांव चले’ जैसे गीतों का भाव बिल्कुल अलग नजर आता है। बप्पा की विदाई के समय ऐसे गीत उत्सव की खुशी के साथ भावुक माहौल भी पैदा करते हैं।

    ‘हे गणराया’ भी गणपति भक्ति से जुड़ा गीत है। फिल्म ‘एबीसीडी 2’ का यह गाना आस्था और श्रद्धा की भावना को खूबसूरती से सामने लाता है। इसके अलावा ‘बप्पा मोरया रे’ जैसे जोशीले गीत भी गणपति समारोह में उत्साह बढ़ाने के लिए बजाए जा सकते हैं।

    गणपति विसर्जन के दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ की भावना उत्सव को भावुक अंदाज में पूरा करती है। बप्पा को विदाई देते समय अगले वर्ष फिर आने की कामना इस भाव को और खास बना देती है।

    गणपति उत्सव में संगीत सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि माहौल को यादगार बनाने का एक जरिया भी है। आरती के समय भक्तिमय गीत और सेलिब्रेशन के दौरान जोशीले गाने बजाकर भक्ति, उमंग और मस्ती का संतुलित रंग उत्सव में शामिल किया जा सकता है।