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  • एथलेटिक्स का गौरव, 2028 वर्ल्ड इंडोर चैंपियनशिप की मेजबानी भारत को मिली, शिखर धवन का उत्साह

    एथलेटिक्स का गौरव, 2028 वर्ल्ड इंडोर चैंपियनशिप की मेजबानी भारत को मिली, शिखर धवन का उत्साह


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी शिखर ने कहा है कि 2028 में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए ओडिशा का चयन होना भारत के वैश्विक खेल मंचों पर बढ़ते रुतबे का प्रतीक है। ईशान ने इसे भारतीय और खेल इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

    शिखर सम्मेलन ने घोड़ा गौरव:
    बैस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंटिंग पर लिखा, “भारत कॉन्स्टेंसी ग्लोबल खेल आयोजनों में आगे बढ़ रहा है। बस्टर्ड इन 2028 वर्ल्ड इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी गौरव का पल है और यह हमारी ओलंपिक यात्रा में एक बड़ा कदम है।”

    ओडिशा के मुख्यमंत्री ने दी बधाई:
    ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, “यह न केवल ओडिशा, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। विश्व एथलेटिक्स और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का अनुभव है कि वे विश्व एथलेटिक्स के सबसे प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के आयोजन के लिए ओडिशा पर गर्व करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में ओडिशा ने खेल को विकास का अहम हिस्सा बनाया है और इस मैदान से खेल कल्चर और खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।

    भारत पहली बार वैश्विक ट्रैक और फील्ड चैंपियनशिप की मेजबानी:
    पोलैंड के टोरून में हुई 240वीं विश्व एथलेटिक्स काउंसिल मीटिंग के दौरान भारत को 3 से 5 मार्च 2028 तक विश्व इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी दी गई। यह भारत में पहली बार है जब वह ग्लोबल ट्रैक्स एंड फील्ड चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए आए हैं।

    कलिंगा स्टेडियम की नॉमिनल और ग्लोबल समीक्षा:
    वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल के सदस्यों ने जनवरी में बेयर्स के कलिंगा इनडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने संतोष समजा और ओडिशा के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में मौजूद प्रमुख स्थलों में से एक को शामिल किया।

    ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारी रुतबा:
    ओडिशा में पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों के आयोजन सक्रिय हो रहे हैं। 2017 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप और पिछले साल वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर ब्रॉन्ज चैंपियनशिप का आयोजन हुआ, जिसमें दुनिया भर से 200 से ज्यादा एथलीट शामिल हुए।

    भारत और ओडिशा के लिए यह केवल गर्व का विषय नहीं है, बल्कि युवाओं को प्रेरित करना और देश में ट्रैक एंड फील्ड गेम का विकास करना भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। 2028 वर्ल्ड इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप भारत को ग्लोबल गेम मंच पर स्थापित करने वाला इवेंट साबित होगा।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त, विधि और मंत्र

    चैत्र नवरात्रि 2026: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त, विधि और मंत्र


    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन 20 मार्च 2026 को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी तप संयम ज्ञान और वैराग्य की प्रतीक देवी हैं। उनका यह रूप हमें कठिन समय में भी संयम और साहस बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी की विधिपूर्वक पूजा और मंत्र जाप से मानसिक शांति आत्मविश्वास और जीवन में बाधाओं को दूर करने की शक्ति प्राप्त होती है।

    मां ब्रह्मचारिणी का नाम ही उनके स्वरूप का परिचायक है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी का अर्थ है आचरण करने वाली। यही कारण है कि उनका पूजन साधना और संयम का अभ्यास करवा कर व्यक्ति को अडिग बनाता है। जीवन या व्यवसाय में अगर कोई बड़ी बाधा बार-बार आती है तो इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आपकी इच्छाओं को पूरा करने में मदद कर सकती है और आत्मविश्वास को नया बल देती है।

    इस दिन का शुभ-मुहूर्त सुबह का समय माना गया है लेकिन विशेष रूप से अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक है। इस समय में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और सफेद या हल्के पीले वस्त्र धारण करना शुभ होता है। इससे मन और शरीर दोनों में शुद्धता आती है।

    पूजन विधि सरल है लेकिन प्रभावशाली। मां की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं और अपने कृतज्ञता भाव व्यक्त करें। मां को चमेली या कमल के फूल अर्पित करें क्योंकि ये उनके प्रिय माने जाते हैं। भोग में चीनी मिश्री या पंचामृत चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करना आवश्यक है जिससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। अंत में आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

    मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान मंत्र है:

    “या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
    दधना करपद्याभ्यांक्षमालाकमण्डलू।
    देवीप्रसीदतु मयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥”

    इस मंत्र का अर्थ है कि देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप अद्भुत और दिव्य है। माता के दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। साधारण मंत्र भी है: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः जिसका जाप कर श्रद्धा और भक्ति से मां की आराधना की जाती है।

    इस प्रकार चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा न केवल आत्मविश्वास और संयम की शक्ति देती है बल्कि जीवन में सुख शांति और समृद्धि भी लाती है। इस दिन विधि-विधान और उचित मुहूर्त में पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

  • मोनालिसा की शादी पर सनोज मिश्रा का विवादित बयान लव जिहाद कहकर उठाए सवाल

    मोनालिसा की शादी पर सनोज मिश्रा का विवादित बयान लव जिहाद कहकर उठाए सवाल


    नई दिल्ली: महाकुंभ से चर्चा में आईं मोनालिसा भोसले एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार वजह उनकी निजी जिंदगी और शादी को लेकर उठे सवाल हैं. मोनालिसा ने हाल ही में फरहान खान के साथ केरल में शादी की थी और तभी से यह मामला लगातार चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है. शादी के कुछ ही दिनों बाद उनके परिवार की ओर से लड़के को लेकर कई तरह के आरोप सामने आए, जिसके बाद यह मुद्दा और भी गरमाता गया.
    इसी बीच फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इस मामले पर बयान देकर विवाद को और बढ़ा दिया है. उन्होंने मोनालिसा और फरहान खान की शादी को लेकर कई गंभीर और विवादित दावे किए और इसे एक बड़े सामाजिक मुद्दे से जोड़ दिया. उनके अनुसार यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत शादी नहीं बल्कि व्यापक स्तर पर एक बड़े पैटर्न से जुड़ा हुआ है.

    सनोज मिश्रा ने अपने बयान में यह दावा किया कि केरल इस तरह के मामलों का केंद्र बनता जा रहा है और उन्होंने इस संदर्भ में कई आंकड़ों का भी जिक्र किया. उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों से लड़कियों के गायब होने के मामलों की जांच अगर गहराई से की जाए तो उसके तार केरल से जुड़ सकते हैं. उनके इन बयानों ने सोशल मीडिया और मीडिया दोनों में हलचल मचा दी है.

    उन्होंने आगे कहा कि मोनालिसा की शादी को लेकर कई कड़ियां एक साथ जुड़ती हैं और यह एक सुनियोजित घटना लगती है. सनोज मिश्रा ने इस मामले को love jihad बताते हुए इसे गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा करार दिया. उनके अनुसार यह केवल एक शादी नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसकी जांच जरूरी है.

    इसके अलावा उन्होंने फरहान खान को लेकर भी टिप्पणी की और दावा किया कि वह कोई फिल्मी कलाकार नहीं हैं, बल्कि एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी घटना के पीछे कुछ खास संगठनों की भूमिका हो सकती है और इस दिशा में गहराई से जांच होनी चाहिए.सनोज मिश्रा ने अपने बयान में सरकार और जांच एजेंसियों से अपील भी की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया कि वे इस पूरे प्रकरण की जांच करवाएं ताकि सच्चाई सामने आ सके और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.

    इस पूरे मामले ने एक बार फिर love jihad जैसे संवेदनशील मुद्दे को चर्चा में ला दिया है. जहां एक तरफ कुछ लोग इसे एक सामान्य निजी मामला मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है. इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है और लोग अलग अलग राय रख रहे हैं.
  • भारतीय अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम ने किया बैंकॉक में आगाज, टूर्नामेंट की तैयारी तेज

    भारतीय अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम ने किया बैंकॉक में आगाज, टूर्नामेंट की तैयारी तेज


    नई दिल्ली। भारत की 24 टीमें अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम अगले महीने होने वाली FC अंडर-20 महिला एशियन कप 2026 के लिए शुक्रवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुँच गई। टीम ने स्थानीय हालात में ढील देने के लिए कुछ दिन पहले ही यात्रा पूरी की, ताकि खिलाड़ियों को जापान के खिलाफ 2 अप्रैल से शुरू होने वाले ग्रुप सी मैचों के लिए पूरी तैयारी मिल सके।

    20 साल बाद एशियन कप में भारत की वापसी:
    भारतीय टीम 20 साल बाद एशियन कप के मुकाबले करने में सफल हुई है। टूर्नामेंट में भारत 2 अप्रैल को जापान, 5 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया और 8 अप्रैल को चीनी ताइपे से भिड़ेगा। ग्रुप की टॉप दो टीमें और तीनों ग्रुप में तीसरे नंबर पर रहने वाली दो सबसे अच्छी टीमें क्वार्टरफाइनल में पहुँचेंगी। चार क्वार्टर-फाइनल विजेता टीमें FIFA अंडर-20 महिला विश्व कप पोलैंड 2026 के लिए क्वालिफिकेशन हासिल करेंगी।

    ट्रेनिंग और तैयारी:
    स्वीडिश हेड कोच जोआकिम एलेक्जेंडरसन के नेतृत्व में टीम ने जनवरी में बेंगलुरु में ट्रेनिंग कैंप शुरू किया। इसके बाद खिलाड़ियों ने स्वीडन में एक महीने का कैंप किया, जहाँ उन्होंने स्वीडिश क्लब सीनियर टीमों के खिलाफ पांच मैत्रीपूर्ण मैच खेले। स्कैंडिनेविया से वापसी के बाद ट्रेनिंग कोलकाता में जारी रहा। कोलकाता से ही टीम शुक्रवार सुबह थाईलैंड के लिए रवाना हुई।

    फाइनल टीम और कोचिंग स्टाफ:
    कोच एलेक्जेंडरसन टूर्नामेंट के करीब फाइनल 23 सदस्यों वाली टीम की घोषणा करेंगे। वर्तमान 24 टीमें में गोलकीपर, डिफेंडर, मिडफील्डर और फॉरवर्ड खिलाड़ी शामिल हैं।

    टीम स्ट्रक्चर:

    गोलकीपर: मोनालिशा देवी मोइरंगथेम, नंदिनी, रिबंसी जामू

    डिफेंडर: अलका इंदवार, सिंडी रेमरूअतपुई कोलनी, निशिमा कुमारी, रेमी थोकलोम, रुचि यादव, साहेना टीएच, शुभांगी सिंह, थोबिसाना चानू तोइजाम

    मिडफील्डर: अंजू चानू कायेनपैबम, अरीना देवी नामीराकपम, भूमिका देवी खुमुकचम, मोनिशा सिंघा, नेहा, पूजा, श्रुति कुमारी

    फॉरवर्ड: बबीता कुमारी, दीपिका पाल, लहिंगडेइकिम, शिल्जी शाजी, सिबानी देवी नोंग्मीकापम, सुलंजना राउल

    कोचिंग स्टाफ:

    हेड कोच: जोआकिम एलेक्जेंडरसन

    असिस्टेंट कोच: पारोमिता सिट

    गोलकीपिंग कोच: हमीद केके

    भारतीय टीम की स्ट्रैटेजी और उम्मीदें
    कोच एलेक्जेंडरसन का पढ़ाई है कि युवा खिलाड़ी स्कैंडिनेविया और भारत में हुई कड़ी तैयारी से मजबूत मानसिक और शारीरिक स्थिति में हैं। टीम का उद्देश्य ग्रुप स्टेज में अच्छा प्रदर्शन कर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाना और विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना है।

  • भारती सिंह के घर खुशियों की बहार छोटे बेटे काजू की पहली झलक ने जीता दिल..

    भारती सिंह के घर खुशियों की बहार छोटे बेटे काजू की पहली झलक ने जीता दिल..

    नई दिल्ली: नवरात्रि और गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया के घर खुशियों की नई किरण देखने को मिली है. लंबे समय से फैंस जिस पल का इंतजार कर रहे थे, आखिरकार वह पल आ ही गया जब इस कपल ने अपने छोटे बेटे यशवीर का चेहरा दुनिया के सामने पेश कर दिया. प्यार से घर में उन्हें काजू कहकर बुलाया जाता है और जैसे ही उनकी पहली झलक सामने आई, सोशल मीडिया पर मानो बधाइयों और रिएक्शंस की बाढ़ आ गई.
    भारती सिंह ने यह खास पल अपने यूट्यूब व्लॉग के जरिए फैंस के साथ साझा किया. उन्होंने हमेशा की तरह इस बार भी अपने अनोखे अंदाज में इस खुशी को सेलिब्रेट किया. खास बात यह रही कि इस फेस रिवील को और भी खास बनाने के लिए कपल ने एक ग्रैंड पार्टी का आयोजन किया जिसकी थीम सी ब्रीज रखी गई थी. नीले रंग की सजावट, खूबसूरत डेकोरेशन और फैमिली का जश्न इस मौके को और भी यादगार बना रहा था.
    इस खुशी के मौके पर उनके बड़े बेटे लक्ष्य यानी गोला भी बेहद एक्साइटेड नजर आए. गोला अपने छोटे भाई काजू के साथ इस खास पल का हिस्सा बनकर काफी खुश दिखाई दिए. उनकी मासूम खुशी ने इस फैमिली मोमेंट को और भी प्यारा बना दिया. यह नजारा देखकर फैंस को एक परफेक्ट फैमिली पिक्चर का अहसास हुआ.
    जैसे ही यशवीर की पहली झलक सामने आई, फैंस ने कमेंट्स की झड़ी लगा दी. लाल रंग की क्यूट ड्रेस में काजू बेहद प्यारे लग रहे थे. कई लोगों ने उन्हें नन्हा फरिश्ता कहा तो कुछ ने उनकी क्यूटनेस की जमकर तारीफ की. सोशल मीडिया पर तरह तरह के रिएक्शन देखने को मिले और हर कोई इस छोटे से स्टार की झलक देखकर खुश हो गया.
    दिलचस्प बात यह रही कि कई यूजर्स ने काजू की तुलना उनके परिवार के सदस्यों से करना शुरू कर दिया. कुछ लोगों को वह अपने पिता हर्ष लिम्बाचिया की कॉपी लगे तो कुछ का मानना था कि उनमें दादाजी की झलक भी दिखाई देती है. वहीं कुछ फैंस ने तो यह तक कह दिया कि काजू बिल्कुल अपने बड़े भाई गोला की तरह दिखते हैं. यह तुलना सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही और लोगों ने मजेदार कमेंट्स भी किए.
    परिवार के अंदर भी इस बात को लेकर हल्की मजाकिया चर्चा देखने को मिली. हर्ष लिम्बाचिया ने भी अपने अंदाज में कहा कि उन्हें अपने छोटे बेटे में भारती सिंह की झलक नजर आती है. वहीं आम धारणा यह बनी हुई है कि जहां बड़ा बेटा गोला अपनी मां भारती पर गया है, वहीं छोटा बेटा काजू अपने पिता हर्ष से मिलता जुलता दिखता है

  • इंडियन आइडल में अभिजीत भट्टाचार्य ने खोली सच्चाई गायक और अभिनेता के क्रेडिट पर बड़ा सवाल

    इंडियन आइडल में अभिजीत भट्टाचार्य ने खोली सच्चाई गायक और अभिनेता के क्रेडिट पर बड़ा सवाल


    नई दिल्ली: इंडियन आइडल के हालिया एपिसोड में मशहूर गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने एक ऐसा बयान दिया जिसने फिर से बॉलीवुड के संगीत जगत में चल रही पुरानी बहस को हवा दे दी है. यह बहस इस बात पर केंद्रित है कि फिल्मों में गाए गए गानों का असली श्रेय किसे मिलना चाहिए. क्या उस अभिनेता को जो पर्दे पर दिखाई देता है या उस गायक को जो अपनी आवाज से गाने को जीवन देता है.

    अक्सर यह देखा जाता है कि दर्शक किसी गाने को उस अभिनेता से जोड़ लेते हैं जो स्क्रीन पर नजर आता है. जबकि असल में उस गाने के पीछे एक प्लेबैक सिंगर की मेहनत और आवाज होती है. यही कारण है कि कई बार गायकों को यह महसूस होता है कि उनका योगदान उतना नहीं पहचाना जाता जितना होना चाहिए. इसी मुद्दे पर अभिजीत भट्टाचार्य ने अपने अंदाज में टिप्पणी करते हुए ध्यान खींचा.

    शो में होस्ट आदित्य नारायण ने जब उनसे पूछा कि क्या अभिनेता गानों का ज्यादा क्रेडिट ले जाते हैं तो अभिजीत ने हल्के अंदाज में कहा कि अभिनेता बहुत अच्छा गाते हैं लेकिन असली फर्क यह है कि गायक दिल से गाते हैं. उनके इस बयान ने वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी लेकिन साथ ही एक गहरी बात भी सामने रख दी. उन्होंने यह संकेत दिया कि गायक अपनी भावनाओं और आत्मा को अपनी आवाज के जरिए गाने में डालते हैं जो उसे खास बनाता है.

    यह बयान केवल एक मजाक नहीं था बल्कि इसमें एक गंभीर संदेश भी छिपा था. अभिजीत भट्टाचार्य ने यह जताने की कोशिश की कि गाने की असली पहचान उसकी आवाज और भावनाओं से होती है. अभिनेता भले ही उस गाने को पर्दे पर जीवंत करता है लेकिन असली मेहनत उस व्यक्ति की होती है जिसने उसे गाया है.

    इस बातचीत के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया जब आदित्य नारायण ने बताया कि अभिजीत भट्टाचार्य और उनके पिता उदित नारायण ने लगभग पैंतीस साल पहले एक साथ डुएट गाना गाया था. यह सुनकर वहां मौजूद दर्शक भावुक हो गए और पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं. यह पल भारतीय संगीत के सुनहरे दौर की एक झलक भी पेश करता है.

    अभिजीत भट्टाचार्य का करियर भी इस बात का प्रमाण है कि उनकी आवाज ने भारतीय फिल्म संगीत को एक अलग पहचान दी है. उन्होंने चांद तारे मैं कोई ऐसा गीत गाऊं और तौबा तुम्हारे इशारे जैसे कई सुपरहिट गाने दिए हैं जो आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. उनकी गायकी में एक खास तरह की भावनात्मक गहराई होती है जो श्रोताओं को सीधे जोड़ती है.

    इंडियन आइडल का आने वाला एपिसोड भी खास होने वाला है जिसमें 90 के दशक के दो दिग्गज गायक अभिजीत भट्टाचार्य और कविता कृष्णमूर्ति एक साथ नजर आएंगे. यह एपिसोड पुराने दौर के संगीत को याद करने और नई पीढ़ी को उस विरासत से जोड़ने का एक सुंदर प्रयास होगा. इस तरह के एपिसोड न केवल मनोरंजन करते हैं बल्कि संगीत की असली आत्मा को भी उजागर करते हैं.

  • नवरात्रि स्पेशल: व्रत की थाली में शामिल करें ये सुपरफूड्स, नहीं होगी कमजोरी

    नवरात्रि स्पेशल: व्रत की थाली में शामिल करें ये सुपरफूड्स, नहीं होगी कमजोरी


    नई दिल्ली नवरात्रि के पावन पर्व में व्रत रखना सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि शरीर और मन को बनाए रखने का भी एक तरीका है। ऐसे में सही खान-पान बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि पूरे दिन ऊर्जा बनी रहे और कमजोरी महसूस न हो।

    व्रत की थाली में ये चीजें जरूर शामिल करें
    व्रत के दौरान प्रभाव, सुपाच्य और मोनसायटिक भोजन लेना चाहिए। थाली में मखाना, साबूदाना, कुट्टू और समुद्री फल जरूर शामिल करें। ये सभी शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देते हैं और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखते हैं।

    मखाना: परमाणु बम का सबसे अच्छा विकल्प
    मखाना लो कैलोरी और हाई चॉकलेट वप्रोटीन से भरपूर होती है। इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम भी पाए जाते हैं, जो शरीर को ताकत देते हैं। इसे भूनकर या खेडगेरे का खजाना पाया जा सकता है। यह ब्लड डीवीडी कंट्रोलर और किडनी को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।

    साबूदाना: तत्काल ऊर्जा का स्रोत
    साबूदाना कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। यह प्रभाव और आसानी से पचने वाला होता है। इसे वड़ा या खेड के रूप में खाया जाता है। बेहतर पोषण के लिए इसे दही या मूंगफली के साथ लेना खतरनाक होता है।

    कुट्टू: लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखें
    कुट्टू का आटा प्रोटीन, आयरन और विविधता से भरपूर होता है। यह ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराता है। कुट्टू की रोटी, पूरी या चीला व्रत में अच्छे विकल्प हैं।

    चमत्कारी फल: ताजगी और इम्युनिटी का खजाना
    सेब, केला, सेंट्रा और अनार जैसे फलों को विटामिन और वस्तुएं दी जाती हैं। ये शरीर को बनाए रखते हैं, डिटॉक्स करते हैं और इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं।

    ध्यान में क्या रखें?
    व्रत के दौरान अधिकतर ताला-भुना खाने से अर्थव्यवस्था और पानी का ठहराव होता है। श्रेणी आहार लेने से शरीर पर प्रभाव, मन शांत और ऊर्जा संरक्षित रहता है।

  • नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार

    नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार


    नासिक
    । महाराष्ट्र के नासिक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आध्यात्मिकता और ज्योतिष के नाम पर महिलाओं के साथ कथित यौन शोषण किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 67 वर्षीय ज्योतिषी अशोक खरात को गिरफ्तार किया है, जिस पर 35 वर्षीय महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप है।

    पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने अनुष्ठान के बहाने उसे अपने पास बुलाया, नशीला पदार्थ पिलाया और सम्मोहित कर उसकी आस्था का फायदा उठाते हुए यौन उत्पीड़न किया। जांच में यह भी सामने आया है कि यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य महिलाओं के साथ भी इसी तरह की वारदातें की गईं।

    एफआईआर के अनुसार, अशोक खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त होने का दावा करता था। वह महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के समाधान का झांसा देकर अपने कार्यालय में बुलाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें नशीला पदार्थ देकर काबू में कर लिया जाता था और फिर डर तथा अंधविश्वास का सहारा लेकर उनका शोषण किया जाता था। आरोपी महिलाओं को उनके पतियों की मौत या तंत्र-मंत्र से जुड़े भय दिखाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था।

    जांच एजेंसियों को आरोपी के ठिकाने से एक पेन ड्राइव बरामद हुई है, जिसमें कथित तौर पर 58 महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो क्लिप मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा अपराध हो सकता है।

    आरोपी नासिक के पॉश कैनेडा कॉर्नर इलाके में ‘ओकस प्रॉपर्टी डीलर्स एंड डेवलपर्स’ के नाम से कार्यालय चलाता था, लेकिन पुलिस के अनुसार वहां असल में आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। उसने समाज में खुद को एक प्रभावशाली ज्योतिषी और ‘दैवीय शक्तियों’ के जानकार के रूप में स्थापित कर रखा था।

    मीरगांव में उसके पास ईशान्येश्वर मंदिर और एक आलीशान विश्राम गृह भी है, जहां कथित तौर पर प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। सिन्नर स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में भी उसकी पहचान थी और कई राजनेताओं, व्यवसायियों तथा अन्य चर्चित लोगों से उसके संबंध होने की चर्चा है।

    गिरफ्तारी का नाटकीय घटनाक्रम
    पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बेहद गोपनीय अभियान चलाया। जानकारी लीक न हो, इसके लिए टीम ने रात के अंधेरे में ‘चोर-चोर’ का शोर मचाकर उसके फार्महाउस के बाहर अफरा-तफरी पैदा की और इसी दौरान घर में घुसकर उसे शयनकक्ष से गिरफ्तार कर लिया।

    छापेमारी के दौरान फार्महाउस से एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कई खाली खोखे बरामद हुए। इसके अलावा मंदिर और आश्रम में भी तलाशी ली गई, जहां से कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब आरोपी की अन्य संपत्तियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

    एसआईटी गठित, जांच जारी
    मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। नासिक क्राइम ब्रांच की टीम बरामद वीडियो और दस्तावेजों की विस्तृत जांच में जुटी है।

    राजनीतिक बयानबाजी तेज
    घटना सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट की नेता सुषमा अंधारे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं तथा कितनी महिलाएं इसका शिकार बनीं।

  • उत्तर कोरियाः ‘सुप्रीम पीपल्स असेंबली’ के चुनाव में किम जोंग उन की पार्टी के सभी सदस्य जीते

    उत्तर कोरियाः ‘सुप्रीम पीपल्स असेंबली’ के चुनाव में किम जोंग उन की पार्टी के सभी सदस्य जीते


    नई दिल्ली।
     उत्तर कोरिया के चुनाव में मौजूदा तानाशाह किम जोंग उन की जीत हो गई है। अब आप में से कुछ लोग इस सोच में पड़ गए होंगे कि क्या उत्तर कोरिया में कोई चुनाव भी होता है? और अगर चुनाव होता भी है, तो क्या लोगों के पास किम जोंग को चुनने के अलावा दूसरा विकल्प भी होता है? दूसरा विकल्प हो भी तो क्या किम जोंग के राज में कोई शख्स उनके अलावा किसी और को वोट देने की गुस्ताखी कर सकता है! इंटरनेट पर हाल ही में यह इलेक्शन और इसके नतीजे पर लोग मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    इससे पहले कोरिया की सरकारी मीडिया आउटलेट KCNA ने बताया कि किम जोंग उन ने एक और बड़ी चुनावी जीत हासिल की है। उनकी ‘वर्कर्स पार्टी ऑफ़ कोरिया’ और उसके सहयोगियों ने 2026 के संसदीय चुनावों में 99.97% वोट और सभी सीटें जीत ली हैं। यह चुनाव 15 मार्च को 15वीं ‘सुप्रीम पीपल्स असेंबली’ (Supreme People’s Assembly) के सदस्यों को चुनने के लिए हुआ था।

  • आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चुनाव में 99.99% रजिस्टर्ड वोटरों ने चुनाव में हिस्सा लिया। इनमें से सिर्फ 0.0037 फीसदी लोग विदेश में होने या समुद्र में काम करने की वजह से वोट नहीं डाल पाए। वहीं देश में मौजूद महज 0.00003 फीसदी लोग वोट डालने नहीं आए।

    चुनाव में जिन लोगों ने वोट डाला, उनमें से 99.93% ने किम जोंग की पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन किया। हालांकि 0.07 फीसदी ने उनके खिलाफ वोट दिया। चुनावों में इतनी बड़ी जीत के बाद भी यह एक असामान्य आंकड़ा माना जा रहा है। खास बात यह है कि सरकारी मीडिया ने 1957 के बाद पहली बार ‘सुप्रीम पीपल्स असेंबली’ के चुनाव में विरोध में पड़े वोटों की बात स्वीकार की है।

    सोशल मीडिया पर क्या कह रहे लोग
    सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस पर खूब मजे ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर किम जोंग के होते हुए 0.07 फीसदी लोगों ने उन्हें वोट ना देने की हिम्मत कैसे कर ली। एक यूजर ने इंटरनेट पर लिखा, “एक नई खबर: इस गर्मी में देश की आबादी 0.07% कम होने की उम्मीद है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “उन 0.07% लोगों के लिए थोड़ी देर का मौन।” एक दूसरे यूजर ने लिखा, “वो 0.07 फीसदी लोग अब देश के मोस्ट ‘वॉन्टेड’ लोग बन गए हैं।”

  • तेल-गैस के बाद इंटरनेट पर भी संकट? ईरान के कदम से वैश्विक कनेक्टिविटी पर खतरा, भारत भी प्रभावित हो सकता है

    तेल-गैस के बाद इंटरनेट पर भी संकट? ईरान के कदम से वैश्विक कनेक्टिविटी पर खतरा, भारत भी प्रभावित हो सकता है


    तेहरान।
     मध्य पूर्व में जारी तनाव अब सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क पर भी खतरा मंडराने लगा है। ईरान द्वारा हॉर्मुज में ऊर्जा आपूर्ति बाधित करने के बाद अब समुद्र के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन केबलों को नुकसान पहुंचता है, तो दुनिया के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं ठप हो सकती हैं, जिसका असर India सहित कई देशों की बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं पर पड़ेगा।

    दो अहम समुद्री रास्ते खतरे में
    रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक कनेक्टिविटी के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गहॉर्मुज  और बाब-अल-मंदेब मार्ग इस समय जोखिम में हैं। इन दोनों इलाकों के समुद्र तल में फाइबर ऑप्टिक केबलों का विशाल नेटवर्क फैला हुआ है, जो यूरोप, एशिया और अफ्रीका को जोड़ता है।

    बताया जा रहा है कि हॉर्मुज क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों और संभावित सुरंगों के कारण शिपिंग और बीमा कंपनियां पहले ही सतर्क हो गई हैं। वहीं लाल सागर क्षेत्र में Houthis के हमलों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

    इंटरनेट की रीढ़ हैं ये केबल
    समुद्र के नीचे बिछी ये फाइबर केबलें हजारों किलोमीटर लंबी होती हैं और दुनिया के अधिकांश डेटा ट्रांसफर का आधार हैं। वीडियो कॉल, ईमेल, ऑनलाइन बैंकिंग से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाएं—सब कुछ इन्हीं पर निर्भर करता है।

    हॉर्मुज के संकरे हिस्सों में समुद्र की गहराई लगभग 200 फीट तक ही है, जिससे इन केबलों को निशाना बनाना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।

    करीब 20 केबलों पर मंडरा रहा खतरा
    लाल सागर और हॉर्मुज क्षेत्र में करीब 20 प्रमुख केबल मौजूद हैं, जिनमें 17 लाल सागर से होकर गुजरती हैं। हॉर्मुज मार्ग में AAE-1, Falcon, Gulf Bridge International और Tata TGN-Gulf जैसी महत्वपूर्ण लाइनें शामिल हैं। ये केबल सीधे तौर पर भारत के अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक को सपोर्ट करती हैं।

    डिजिटल दुनिया पर बड़ा असर संभव
    Amazon, Microsoft और Google जैसी बड़ी टेक कंपनियों के मिडिल ईस्ट में स्थापित डाटा सेंटर भी इन्हीं केबलों से जुड़े हैं। ऐसे में अगर कनेक्टिविटी प्रभावित होती है, तो क्लाउड सेवाएं, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर व्यापक असर पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर, यह संकट दिखाता है कि आधुनिक दुनिया की डिजिटल लाइफलाइन कितनी नाजुक है—जहां एक क्षेत्रीय संघर्ष भी वैश्विक इंटरनेट और अर्थव्यवस्था को झकझोर सकता है।