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  • भोपाल में आज आस्था का बड़ा संगम ढोल ग्यारस पर निकलेगा भोपाल के राजा का जुलूस पुराने शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था

    भोपाल में आज आस्था का बड़ा संगम ढोल ग्यारस पर निकलेगा भोपाल के राजा का जुलूस पुराने शहर में बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था


    भोपाल। भोपाल में आज ढोल ग्यारस के अवसर पर आस्था और उत्साह का बड़ा संगम देखने को मिलेगा। राजधानी में भोपाल के राजा और विभिन्न समाजों के दूल्हे राजा गणेशजी की प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा। दोपहर 1 बजे पीपल चौक स्थित पीपल जामा मस्जिद के पास से शुरू होने वाला यह चल समारोह पुराने शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होते हुए शाम करीब 7:30 बजे खटलापुरा मंदिर पहुंचेगा। जुलूस में सबसे आगे भोपाल के राजा की प्रतिमा रहेगी जबकि उनके पीछे अलग अलग समाजों के ढोल और डोल शामिल होंगे। इससे पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल रहेगा।

    जुलूस पीपल चौक से रवाना होकर सुभाष चौक लखेरापुरा सोमवारा और पिरगेट होते हुए जनकपुरी पहुंचेगा। इसके बाद लोहा बाजार अशोक चौक इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद कोतवाली रोड बुधवारा और काली मंदिर होते हुए चल समारोह खटलापुरा की ओर बढ़ेगा। आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की हैं। जुलूस जिस मार्ग से आगे बढ़ेगा उस हिस्से में जरूरत के अनुसार वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा और यातायात को वैकल्पिक रास्तों से निकाला जाएगा।

    ढोल ग्यारस के जुलूस का असर पुराने शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई देगा। दोपहर 1 बजे से जुलूस समाप्त होने तक अलग अलग चरणों में ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। खासतौर पर पीरगेट से बुधवारा और तलैया की ओर जाने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। जुलूस तलैया काली मंदिर पहुंचने के दौरान यातायात व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव किया जाएगा।

    पीरगेट पर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के साथ बीसीएलएल सिटी बसों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भोपाल टॉकीज से इमामबाड़ा की ओर भी मध्यम और भारी वाहन नहीं जा सकेंगे। ऐसे वाहन रॉयल मार्केट से तीन मोहरा भोपाल टॉकीज नादरा बस स्टैंड और भारत टॉकीज की ओर से वैकल्पिक मार्ग अपना सकेंगे। इमामबाड़ा चौकी पर नादरा बस स्टैंड से घोड़ा नक्कास की ओर सभी वाहनों का आवागमन प्रभावित रहेगा।

    जनकपुरी तिराहे पर आजाद मार्केट तिराहे से जुमेराती गेट तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। चौक बाजार से लोहा बाजार होते हुए जुमेराती गेट जाने वाला रास्ता भी प्रभावित रहेगा। वहीं सुल्तानिया रोड पर मोती मस्जिद से बुधवारा और बुधवारा से मोती मस्जिद की ओर मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। वाहन चालक मोती मस्जिद से रेतघाट गिन्नौरी और बुधवारा से गिन्नौरी रेतघाट होकर आगे जा सकेंगे।

    खटलापुरा मंदिर के आसपास भी यातायात में बदलाव रहेगा। पुराने मछली घर तिराहे और पीएचक्यू तिराहे से खटलापुरा की ओर जाने वाला मार्ग बंद रहेगा। यहां से गुजरने वाले वाहन पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे से गांधी पार्क मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।

    तलैया काली मंदिर के पास दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए भारत टॉकीज से लिली टॉकीज होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे तक मार्ग बंद रहेगा। न्यू मार्केट और एमपी नगर की ओर जाने वाले वाहन भारत टॉकीज से पुल बोगदा प्रभात चौराहा और सुभाष नगर आरओबी होकर जा सकेंगे। रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए पुलिस कंट्रोल रूम से जेल मुख्यालय कोर्ट चौराहा मैदा मिल और सुभाष नगर आरओबी का मार्ग निर्धारित किया गया है। ऐसे में आज पुराने शहर की ओर जाने वाले लोगों को जुलूस के समय से पहले अपना मार्ग तय कर लेना सुविधाजनक रहेगा।

  • भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त

    भोपाल के तरावली गांव में अवैध शराब के अड्डे पर आबकारी का बड़ा छापा भट्टी समेत 30 से ज्यादा ड्रम जब्त


    भोपाल। भोपाल के तरावली गांव में मंगलवार सुबह आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कच्ची शराब बनाने के ठिकाने का भंडाफोड़ किया। तड़के आबकारी विभाग की टीम भारी अमले के साथ गांव से दूर जंगल में पहुंची जहां अवैध रूप से हाथ भट्टी लगाकर शराब तैयार की जा रही थी। टीम ने मौके से कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली भट्टी समेत बड़ी संख्या में सामान और 30 से ज्यादा खाली तथा भरे हुए ड्रम जब्त किए। कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। सुबह के समय अचानक पहुंची आबकारी टीम को देखकर अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

    यह कार्रवाई सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के निर्देशन में की गई। कंट्रोलर वर्षा उइके के नेतृत्व में आबकारी विभाग की टीम तड़के तरावली क्षेत्र में पहुंची। टीम ने पहले उस इलाके की घेराबंदी की जहां जंगल के बीच शराब बनाने का काम चलने की सूचना थी। गांव से काफी दूर सुनसान जगह पर शराब बनाने का ठिकाना बनाया गया था ताकि सामान्य तौर पर वहां लोगों की आवाजाही कम रहे और अवैध गतिविधि की जानकारी आसानी से बाहर न पहुंच सके। आबकारी टीम ने मौके पर पहुंचकर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हाथ भट्टी और अन्य संसाधनों को जब्त किया।

    कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ड्रम भी मिले। इनमें कुछ खाली थे जबकि कुछ में शराब बनाने से संबंधित सामग्री मौजूद थी। आबकारी विभाग ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया। विभाग की टीम ने जंगल में काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के बाद जब्त सामग्री को मौके से बाहर लाया गया। इस दौरान टीम के साथ मौजूद कर्मचारियों ने अवैध शराब बनाने के ठिकाने से जुड़े अन्य सामान को भी कब्जे में लिया।

    तरावली क्षेत्र में कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस इलाके में लंबे समय से कच्ची शराब बनाए जाने और उसकी बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर बैरसिया रोड पर लक्ष्मणपुरा गांव के पास शराब की बिक्री का एक प्रमुख ठिकाना बताया जाता है। इसी रास्ते से तरावली मंदिर की ओर जाने का रास्ता भी है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि तरावली और आसपास के गांवों में तैयार होने वाली शराब को यहां लाकर बेचा जाता है।

    बताया जाता है कि लक्ष्मणपुरा क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर के दायरे में पन्नियों में शराब की छोटी मात्रा बेची जाती है। इसकी कीमत 10 से 20 रुपए तक बताई जाती है। कम कीमत में शराब उपलब्ध होने के कारण यहां खरीदारी करने वालों की आवाजाही बनी रहती है। आबकारी विभाग पहले भी इस क्षेत्र में कार्रवाई कर चुका है लेकिन स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जाता है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद फिर से अवैध शराब की बिक्री शुरू हो जाती है।

    तरावली में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग की नजर उन इलाकों पर भी है जहां जंगल या सुनसान स्थानों का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने के लिए किया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई से फिलहाल अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप है। अब आगे की कार्रवाई में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जब्त शराब और सामग्री का इस्तेमाल कौन कर रहा था और तैयार की गई शराब को किन इलाकों में खपाया जा रहा था।

  • मंगलवार व्रत के ये नियम बदल सकते हैं आपकी पूजा का तरीका जानिए हनुमान जी को प्रसन्न करने की संपूर्ण विधि

    मंगलवार व्रत के ये नियम बदल सकते हैं आपकी पूजा का तरीका जानिए हनुमान जी को प्रसन्न करने की संपूर्ण विधि

    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ बजरंगबली की पूजा करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। मंगलवार का व्रत विशेष रूप से साहस शक्ति आत्मविश्वास और संकटों से मुक्ति की कामना के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी अपने भक्तों के कष्ट दूर करने वाले देवता हैं और मंगलवार के दिन उनकी पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रत्येक मंगलवार को व्रत रखते हैं और हनुमान मंदिर में जाकर पूजा अर्चना करते हैं।

    मंगलवार का व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ कपड़े पहनकर पूजा स्थल की सफाई करनी चाहिए। पूजा के दौरान भगवान हनुमान की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाया जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार हनुमान जी को सिंदूर चमेली का तेल लाल फूल और गुड़ चने का भोग अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। कुछ श्रद्धालु सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ भी करते हैं।

    पूजा के दौरान हनुमान जी के मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। हनुमान जी के सरल मंत्र का श्रद्धा के साथ जाप करने से मन को एकाग्र करने में सहायता मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार के दिन भगवान राम का स्मरण करना भी विशेष फलदायी माना जाता है क्योंकि हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त हैं। इसलिए हनुमान पूजा के साथ राम नाम का जाप करने की भी परंपरा है।

    मंगलवार के व्रत में भोजन को लेकर अलग अलग परंपराएं प्रचलित हैं। कुछ लोग पूरे दिन निराहार रहते हैं जबकि कुछ श्रद्धालु फलाहार करते हैं। कई परिवारों में शाम के समय पूजा करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। फल दूध साबूदाना या अन्य सात्विक खाद्य पदार्थों का सेवन अपनी पारिवारिक परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार किया जा सकता है। व्रत के दौरान संयम और सात्विक आचरण को विशेष महत्व दिया जाता है।

    मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में सेवा और दान को भी पुण्यकारी बताया गया है। इस दिन क्रोध और विवाद से बचने तथा मन को शांत रखने का प्रयास करना चाहिए।

    मंगलवार का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं माना जाता बल्कि यह आत्मसंयम और श्रद्धा से जुड़ी परंपरा भी है। हालांकि व्रत के नियम अलग अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग हो सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों को लंबे समय तक उपवास रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। श्रद्धा के साथ भगवान का स्मरण और अपनी क्षमता के अनुसार पूजा करना ही इस व्रत की मुख्य भावना मानी जाती है।

  • UNGA से पहले अमेरिका में एयर ट्रैफिक सिस्टम फेल, सैकड़ों उड़ानें रद्द, न्यूयॉर्क पहुंच रहे वर्ल्ड लीडर्स

    UNGA से पहले अमेरिका में एयर ट्रैफिक सिस्टम फेल, सैकड़ों उड़ानें रद्द, न्यूयॉर्क पहुंच रहे वर्ल्ड लीडर्स


    नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के लिए दुनिया भर से नेता न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं और इसी दौरान अमेरिका के नॉर्थईस्ट इलाके में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में बड़ी तकनीकी खराबी सामने आई। सोमवार को सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि हजारों फ्लाइट्स देरी से चलीं। न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी, लागार्डिया और नेवार्क एयरपोर्ट के साथ फिलाडेल्फिया की उड़ानें भी प्रभावित हुईं।

    तकनीकी समस्या के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वॉशिंगटन डीसी से न्यूयॉर्क की उड़ान तय समय पर रवाना हुई। अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के मुताबिक, समस्या की शुरुआत सोमवार सुबह फिलाडेल्फिया के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर में एक जरूरी सर्किट फेल होने से हुई।

    बैकअप लाइन भी निर्माण कार्य में कटी

    FAA की जांच में सामने आया कि मुख्य सर्किट के फेल होने के बाद इस्तेमाल की जाने वाली बैकअप फाइबर ऑप्टिक लाइन भी काम नहीं कर रही थी। यह लाइन न्यू जर्सी में निर्माण कार्य के दौरान कट गई थी। बैकअप लाइन न्यू ब्रंसविक और नेवार्क के बीच बिछी हुई थी।

    FAA के एडमिनिस्ट्रेटर ब्रायन बेडफोर्ड ने बताया कि मुख्य लाइन में नया सर्किट लगाने और बैकअप फाइबर लाइन की मरम्मत का काम जारी है। उनके अनुसार फाइबर लाइन की मरम्मत पूरी करने में करीब 13 घंटे लग सकते हैं।

    दोपहर तक लागार्डिया और फिलाडेल्फिया एयरपोर्ट से कुछ उड़ानों का संचालन फिर शुरू कर दिया गया था। हालांकि, अधिकारियों ने पूरे दिन बड़े पैमाने पर उड़ानों में देरी की आशंका जताई।

    2025 में भी नेवार्क पर पड़ा था असर

    जिस फिलाडेल्फिया FAA सेंटर में यह तकनीकी समस्या सामने आई है, वहां इससे पहले भी दिक्कतें सामने आ चुकी हैं। 2025 में इसी सेंटर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण नेवार्क एयरपोर्ट पर कई बार उड़ान संचालन प्रभावित हुआ था।

    मौजूदा संकट के बीच कुछ एयरलाइंस ने यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के अपनी उड़ान बदलने की सुविधा भी उपलब्ध कराई।

    AI से उड़ानों की निगरानी का नया सिस्टम

    FAA इस बीच एयर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नए कंप्यूटर सिस्टम की टेस्टिंग भी कर रहा है। यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उड़ानों के शेड्यूल में संभावित टकराव और मौसम से जुड़ी समस्याओं का अनुमान लगाने में मदद करेगा।

    फिलहाल इस सिस्टम का परीक्षण केवल वॉशिंगटन डीसी इलाके में किया जा रहा है। FAA के मुताबिक, इसका मौजूदा एयर ट्रैफिक तकनीकी संकट से कोई संबंध नहीं है।

    UNGA के लिए दुनिया के कई देशों के नेता न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं, ऐसे समय में एयर ट्रैफिक कंट्रोल में आई इस तकनीकी समस्या ने नॉर्थईस्ट अमेरिका के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उड़ान संचालन को प्रभावित किया है। अधिकारियों की नजर अब सिस्टम की मरम्मत और उड़ान सेवाओं को सामान्य करने पर है।

  • ओडिशा तट से 43 किमी दूर समुद्र में मिली प्राकृतिक गैस, ‘समुद्र मंथन’ अभियान की पहली बड़ी खोज

    ओडिशा तट से 43 किमी दूर समुद्र में मिली प्राकृतिक गैस, ‘समुद्र मंथन’ अभियान की पहली बड़ी खोज


    नई दिल्ली। भारत के अपतटीय ऊर्जा अभियान को बड़ी सफलता मिली है। ओएनजीसी ने ओडिशा तट से करीब 43 किलोमीटर दूर समुद्र में गहरे कुएं से प्राकृतिक गैस की खोज की है। महानदी बेसिन में 18 सितंबर को करीब 1450 मीटर की गहराई पर हुई इस खोज को ‘समुद्र मंथन’ पहल के तहत पहली बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कंपनी के मुताबिक कुएं से पिछले तीन दिनों से लगातार अच्छे प्रवाह और दबाव के साथ गैस निकल रही है।

    इस खोज से भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए घरेलू स्रोत मजबूत होने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुएं में कुल कितनी गैस उपलब्ध है और यहां से व्यावसायिक स्तर पर कितना उत्पादन संभव होगा। आगे की जांच और मूल्यांकन के बाद ही भंडार की वास्तविक क्षमता तथा व्यावसायिक उपयोगिता का पता चलेगा।

    चार कुओं में सबसे पहले एमडीडब्ल्यू-28 की खुदाई

    गैस की खोज जिस कुएं में हुई है, उसका नाम एमडीडब्ल्यू-28 है। इसकी खुदाई 25 जुलाई को शुरू हुई थी। यह कुआं समुद्र में करीब 770 मीटर गहरे पानी में स्थित है और ओएनजीसी के मौजूदा अभियान के तहत खोदे जाने वाले चार कुओं में पहला है।

    एमडीडब्ल्यू-28 महानदी बेसिन के उस क्षेत्र में आता है, जहां पहले भी गैस की खोज हो चुकी है। यह कुआं ओएनजीसी की 2024 में की गई उत्कल और कोणार्क गैस खोजों से करीब 23 नॉटिकल मील की दूरी पर है।

    आगे जांच के बाद सामने आएगी उत्पादन क्षमता

    ओएनजीसी के सामने अब अगली चुनौती इस खोज की वास्तविक क्षमता का आकलन करना है। इसके लिए आगे तकनीकी जांच की जाएगी, जिससे पता चलेगा कि कुएं से कितनी गैस निकाली जा सकती है और व्यावसायिक उत्पादन आर्थिक रूप से कितना फायदेमंद रहेगा।

    कंपनी ने सोशल मीडिया पर कहा है कि वह गहरे और अत्यंत गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज का अभियान जारी रखेगी। इससे संकेत मिलता है कि महानदी बेसिन में अपतटीय खोज गतिविधियां आगे भी जारी रहने वाली हैं।

    पेट्रोलियम मंत्री ने बताया बड़ी उपलब्धि

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस खोज को भारत के अपतटीय खोज कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में पहले मिली अन्य खोजों के साथ इस नए संसाधन को जोड़कर साझा सुविधाओं के माध्यम से विकास की संभावनाएं बन सकती हैं। इससे परियोजनाओं में लागत और समय दोनों कम करने में मदद मिल सकती है।

    हालांकि, उत्कल और कोणार्क खोजों के कुल भंडार तथा उनकी व्यावसायिक उपयोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    महानदी बेसिन में बड़े संसाधन का अनुमान

    ‘समुद्र मंथन’ पहल का उद्देश्य महानदी बेसिन के उन गहरे समुद्री क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की तलाश करना है, जिनकी अभी तक पर्याप्त खोज नहीं हुई है। सरकारी एजेंसी के अनुमान के अनुसार महानदी बेसिन में जमीन पर करीब 45 मिलियन टन और उथले पानी वाले क्षेत्र में करीब 100 मिलियन टन संसाधन मौजूद हो सकते हैं। वहीं, गहरे पानी वाले हिस्से के संसाधनों का अभी आकलन नहीं हुआ है।

    केंद्र सरकार ने जुलाई में ‘समुद्र मंथन’ अभियान को मंजूरी दी थी। इसके लिए 84,084 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है और यह कार्यक्रम 2030-31 तक चलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल के जरिए देश के हाइड्रोकार्बन संसाधनों में 600 मिलियन टन से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है।

    महानदी बेसिन में एमडीडब्ल्यू-28 से गैस की खोज ऐसे समय हुई है, जब भारत घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस खोज का वास्तविक आर्थिक और ऊर्जा प्रभाव गैस भंडार की मात्रा तथा व्यावसायिक उत्पादन की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • MP में 23 सितंबर से फि‍र बरसेंगे बादल, 24-25 को सिस्टम रहेगा स्ट्रॉन्ग, भारी बारिश की संभावना

    MP में 23 सितंबर से फि‍र बरसेंगे बादल, 24-25 को सिस्टम रहेगा स्ट्रॉन्ग, भारी बारिश की संभावना


    भोपाल । मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की सक्रियता सबसे ज्यादा रहेगी। इन दो दिनों में 17 जिलों में अति भारी या भारी बारिश हो सकती है, जबकि भोपाल-नर्मदापुरम संभाग में भी इसका असर देखने को मिलेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश की वजह लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र है। इसके प्रभाव से 23 सितंबर से कुछ जिलों में बारिश शुरू होगी। 24 और 25 सितंबर को सिस्टम के स्ट्रॉन्ग रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में इसका असर ज्यादा रहने का अनुमान है। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के लिए भी बारिश को लेकर अलर्ट है।

    प्रदेश में अब तक औसतन 33.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। अगले कुछ दिनों में तेज बारिश होने से कुल बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की उम्मीद है। दक्षिण-पश्चिम मानसून सितंबर के आखिरी सप्ताह से प्रदेश से विदा होना शुरू हो जाएगा। ऐसे में विदाई से पहले बारिश का यह दौर कई इलाकों के लिए अहम माना जा रहा है।

    भोपाल-नर्मदापुरम में भी दिखा बारिश का असर

    इससे पहले रविवार रात भोपाल के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। नर्मदापुरम में तेज हवा चलने के बाद करीब पौन घंटे तक बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली गुल रहने के कारण शहर का करीब 40 फीसदी हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा।

    बारिश और तेज हवा का असर शहर के गणेश पंडालों पर भी पड़ा। रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में बने गणेश पंडालों को नुकसान पहुंचा।

    सोमवार को भी भोपाल समेत प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहे। रात में कोलार इलाके में भी हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई।

    प्रदेश में सामान्य से 6% कम बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश में अब तक 856.8 मिमी यानी 33.7 इंच बारिश हो चुकी है। प्रदेश में इस अवधि तक सामान्य बारिश 922.6 मिमी यानी 36.3 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से अब तक 2.6 इंच बारिश कम हुई है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 6% कम पानी गिरा है।

    पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 2% और पश्चिमी हिस्से में 10% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल हैं। यहां औसत की तुलना में करीब 2% तक बारिश कम हुई है।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 23% तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। सोमवार को प्रदेश का कुल बारिश का अंतर माइनस 2% तक आ गया था।

    पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में ज्यादा कमी

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा अभी भी सामान्य से काफी नीचे है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 49% तक कम बारिश हुई है। स्रोत सूची में खंडवा का नाम दो बार दर्ज है।

    इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

    मानसून की विदाई से पहले 23 सितंबर से शुरू होने वाला बारिश का नया दौर प्रदेश के बारिश के आंकड़ों में और सुधार कर सकता है। खासकर 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की सक्रियता बढ़ने से पूर्वी मध्यप्रदेश के साथ भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

  • Aaj Ka Rashifal 22 September: आज ग्रहों की चाल बदलेगी 12 राशियों का हाल जानिए नौकरी पैसा प्रेम और सेहत का भविष्यफल

    Aaj Ka Rashifal 22 September: आज ग्रहों की चाल बदलेगी 12 राशियों का हाल जानिए नौकरी पैसा प्रेम और सेहत का भविष्यफल


    नई दिल्ली। 22 सितंबर 2026 मंगलवार का दिन ज्योतिष की दृष्टि से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। ग्रहों की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के कामकाज धन परिवार प्रेम और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर देखने को मिल सकता है। किसी राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। वहीं विद्यार्थियों के लिए भी दिन मेहनत और एकाग्रता बढ़ाने वाला रह सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक सभी जातकों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन।

    मेष राशि वालों के लिए मंगलवार का दिन मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें। परिवार में किसी सदस्य से सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान देने से लाभ हो सकता है।

    वृषभ राशि के जातकों को आज अपनी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। नौकरी करने वालों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में कोई नया अवसर सामने आ सकता है। खर्च बढ़ने की संभावना है इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिल सकता है।

    मिथुन राशि वालों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। दोस्तों या सहकर्मियों से महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। प्रेम जीवन में बातचीत से गलतफहमियां दूर हो सकती हैं।

    कर्क राशि के जातकों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। काम का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है। किसी वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। निवेश से जुड़े फैसले सोच समझकर लें। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी मिल सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना हो सकती है। नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। कारोबारियों को लाभ का अवसर मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और परिवार का सहयोग मिलेगा।

    कन्या राशि के जातकों को आज योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहिए। नौकरी में बदलाव को लेकर विचार कर रहे हैं तो जल्दबाजी से बचें। धन की स्थिति सामान्य रहेगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और आराम के लिए समय निकालें।

    तुला राशि वालों के लिए आज का दिन रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए संपर्क लाभदायक हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में चल रही समस्या बातचीत से हल हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए मेहनत का दिन है।

    वृश्चिक राशि के जातकों को आज अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना चाहिए। काम में छोटी गलती परेशानी पैदा कर सकती है इसलिए सावधानी जरूरी है। धन उधार देने से बचें। परिवार के किसी सदस्य से मतभेद हो सकते हैं लेकिन शांत रहकर बात करने से स्थिति संभल सकती है।

    धनु राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा से जुड़ी योजना बन सकती है। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

    मकर राशि के जातकों को आज मेहनत का परिणाम मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। घर परिवार में वातावरण अच्छा रहेगा। किसी महत्वपूर्ण फैसले में अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।

    कुंभ राशि वालों के लिए दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी में नई भूमिका या अवसर मिल सकता है। कारोबार में संपर्क बढ़ेंगे। आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत हो सकती है। प्रेम जीवन में विश्वास बढ़ेगा। अपनी सेहत और दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी होगा।

    मीन राशि के जातकों के लिए मंगलवार का दिन मिलाजुला रह सकता है। काम पूरा करने में थोड़ी अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लग सकता है। किसी पुराने परिचित से बातचीत मन को प्रसन्न कर सकती है।

    ज्योतिषीय राशिफल सामान्य मान्यताओं और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है। इसे निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं बल्कि दैनिक ज्योतिषीय संकेतों के रूप में देखना चाहिए। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं।

  • Hanuman Puja: हनुमान जी को प्रिय हैं ये चीजें मंगलवार को पूजा में जरूर करें शामिल जानिए धार्मिक मान्यताएं

    Hanuman Puja: हनुमान जी को प्रिय हैं ये चीजें मंगलवार को पूजा में जरूर करें शामिल जानिए धार्मिक मान्यताएं

    नई दिल्ली। भगवान हनुमान को संकटमोचन और भक्तों के कष्ट हरने वाला देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बजरंगबली अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होते हैं। मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इस दौरान भक्त उन्हें उनकी प्रिय मानी जाने वाली वस्तुएं अर्पित करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ हनुमान जी को सिंदूर चमेली का तेल लाल फूल और गुड़ चने का भोग लगाने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। हालांकि अलग अलग क्षेत्रों और परंपराओं में पूजा की विधि और चढ़ावे में अंतर देखने को मिलता है।

    हनुमान जी की पूजा में सिंदूर का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक कथाओं में सिंदूर से जुड़ी हनुमान जी की एक प्रसिद्ध कथा भी मिलती है। इसी वजह से भक्त बजरंगबली को सिंदूर अर्पित करते हैं। कई मंदिरों में हनुमान जी की प्रतिमा पर सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार पूजा के दौरान भक्त श्रद्धा के साथ सिंदूर अर्पित कर सकते हैं।

    हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाने की भी परंपरा है। मंगलवार के दिन भक्त गुड़ चना खरीदकर मंदिर में अर्पित करते हैं और बाद में प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। इसे बजरंगबली के प्रिय भोगों में शामिल माना जाता है। इसके अलावा केले और अन्य फल भी भगवान को भोग के रूप में अर्पित किए जा सकते हैं। भोग लगाते समय मन में श्रद्धा और भगवान के प्रति समर्पण की भावना रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

    पूजा में लाल फूल चढ़ाने की भी परंपरा है। लाल रंग को हनुमान जी से जोड़कर देखा जाता है इसलिए भक्त उन्हें लाल फूल अर्पित करते हैं। पूजा के दौरान लाल वस्त्र अर्पित करने की परंपरा भी कई स्थानों पर देखने को मिलती है। भक्त अपनी श्रद्धा और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा सामग्री का चयन कर सकते हैं।

    हनुमान जी की पूजा में चमेली के तेल का भी इस्तेमाल किया जाता है। कई श्रद्धालु चमेली का तेल और सिंदूर लेकर मंदिर जाते हैं। मान्यता के अनुसार इसे हनुमान जी को अर्पित करना शुभ माना जाता है। हालांकि मंदिर में किसी वस्तु को चढ़ाने से पहले वहां की पूजा व्यवस्था और नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

    हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए केवल भोग या पूजा सामग्री ही महत्वपूर्ण नहीं मानी जाती। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ भगवान की आराधना का प्रमुख माध्यम है। मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ भगवान राम के नाम का स्मरण भी किया जाता है। हनुमान जी को भगवान राम का परम भक्त माना जाता है इसलिए उनकी पूजा में राम नाम का जाप विशेष महत्व रखता है।

    हनुमान जी की पूजा करते समय भक्तों को सात्विक और संयमित आचरण रखने की परंपरा है। क्रोध विवाद और गलत आचरण से दूर रहने का प्रयास किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि भगवान को दिखावे से अधिक सच्ची श्रद्धा और भक्ति प्रिय होती है। इसलिए पूजा में महंगी सामग्री की बजाय अपनी क्षमता के अनुसार सरल तरीके से भगवान का स्मरण करना भी पर्याप्त माना जाता है।

  • बेटी के सामने मां के बाल खींचे और पीटा VIDEO से मचा हड़कंप महाकाल मंदिर के गार्ड्स पर गंभीर आरोप

    बेटी के सामने मां के बाल खींचे और पीटा VIDEO से मचा हड़कंप महाकाल मंदिर के गार्ड्स पर गंभीर आरोप


    उज्जैन । उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से श्रद्धालु महिला के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। दिल्ली से आई महिला श्रद्धालु प्रेरणा गर्ग ने आरोप लगाया है कि मंदिर परिसर में सुरक्षाकर्मियों ने उनकी 13 साल की बेटी के सामने उनके साथ मारपीट की। महिला का कहना है कि विवाद के दौरान उनके बाल खींचे गए और मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश करने पर फोन भी छीन लिया गया। महिला ने घटना का वीडियो जारी कर पूरी जानकारी साझा की है। मामले में पुलिस ने लिखित आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

    महिला के मुताबिक घटना 16 सितंबर की है। वह अपनी बेटी के साथ पंडित सूर्य नारायण व्यास धर्मशाला पहुंची थीं। यहां उन्होंने कमरे की उपलब्धता के बारे में कर्मचारियों से जानकारी मांगी। उनका कहना है कि कर्मचारियों ने कमरा खाली नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने यह जानना चाहा कि यदि कोई कमरा चेक आउट होने के बाद खाली होता है या बुकिंग रद्द होती है तो क्या उन्हें कमरा मिल सकता है। महिला के अनुसार उन्हें इस बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

    इसके बाद प्रेरणा धर्मशाला परिसर में बैठकर ऑनलाइन दूसरे होटल की तलाश करने लगीं। उनका आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। जब उन्होंने वहां बैठने से रोकने की वजह पूछी तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। महिला का कहना है कि उन्होंने घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड करने की कोशिश की जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।

    प्रेरणा के अनुसार इसी दौरान एक गार्ड ने उन्हें धक्का दिया और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके बाल खींचे गए और उनके साथ हाथापाई की गई। घटना उनकी बेटी के सामने हुई जिससे बच्ची भी घबरा गई। महिला ने बेटी के साथ भी बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    महिला ने बताया कि उन्हें ट्रेन पकड़नी थी इसलिए वह मंदिर समिति के सामने तत्काल लिखित शिकायत नहीं कर सकीं। बाद में उन्होंने महाकाल थाने में मारपीट और अभद्रता को लेकर लिखित आवेदन देने की बात कही। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार महिला श्रद्धालु की ओर से आवेदन मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    वहीं महाकाल मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है लेकिन समिति को अभी तक प्रत्यक्ष शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।

    महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद का यह पहला मामला नहीं है। जून 2026 में गणेश मंडपम में लाइन से जुड़े विवाद के दौरान श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच हाथापाई हुई थी। अगस्त में महाकाल लोक में महिला श्रद्धालुओं और महिला सुरक्षाकर्मी के बीच विवाद भी सामने आया था। उस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई थी।

    लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या भी बड़ी चुनौती है। हाल ही में श्रावण और भादौ के 40 दिनों में महाकाल मंदिर में 1.88 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। ऐसे में दर्शन व्यवस्था के साथ सुरक्षा कर्मचारियों और श्रद्धालुओं के बीच व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • पुरानी घटना का वीडियो देखते ही फिर मचा बवाल शिवपुरी में परिवार के लोगों के बीच डंडों से मारपीट कई घायल

    पुरानी घटना का वीडियो देखते ही फिर मचा बवाल शिवपुरी में परिवार के लोगों के बीच डंडों से मारपीट कई घायल


    शिवपुरी। शिवपुरी की शक्तिपुरम कॉलोनी खुड़ा में एक पुराने विवाद का वीडियो परिवार के बीच दोबारा तनाव की वजह बन गया। वीडियो बनाने और उससे जुड़ी एफआईआर को लेकर परिवार के दोनों पक्ष सोमवार को आमने सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि पूरा विवाद एक पुराने घटनाक्रम से जुड़ा है। 13 सितंबर को अशोक धाकड़ ने अपनी पत्नी बेटों और बहू समेत छह लोगों पर मारपीट करने और उन्हें ईको गाड़ी में बैठाकर सुभाषपुरा ले जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में 18 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी पुराने घटनाक्रम का वीडियो अब परिवार के भीतर एक नए विवाद की वजह बन गया।

    पहले पक्ष की ओर से बादल धाकड़ ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि वह रात करीब 10:30 बजे अपने घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान पवन धाकड़ नीरज धाकड़ और उत्तम धाकड़ वहां पहुंचे। शिकायत के अनुसार तीनों ने पुराने मामले का वीडियो बनाने को लेकर बादल से विवाद शुरू कर दिया। बादल का कहना है कि उसने अशोक धाकड़ के साथ कथित मारपीट होते देखकर घटना का वीडियो बनाया था। आरोप है कि इसी बात को लेकर उसके साथ गाली गलौज की गई और डंडों से मारपीट की गई।

    बादल के मुताबिक उसे बचाने के लिए नरेश धाकड़ राहुल धाकड़ और संजय रावत आगे आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। शिकायत में चार लोगों के घायल होने की बात कही गई है। बादल ने यह भी आरोप लगाया कि उसे दोबारा वीडियो बनाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस पक्ष की रिपोर्ट दर्ज की है।

    वहीं दूसरे पक्ष की ओर से नीरज धाकड़ ने भी शिकायत दर्ज कराई। नीरज के अनुसार घर के बाहर उसके भाई पवन के साथ वीडियो वायरल करने की बात को लेकर गाली गलौज की जा रही थी। जब नीरज बीच बचाव करने पहुंचा तो बादल सीताराम नरेश और संजय ने उसके साथ डंडों से मारपीट की। शिकायत में नीरज के अलावा पवन और उनकी मां शांति बाई के घायल होने की बात कही गई है।

    इस तरह एक पुराने विवाद से जुड़ा वीडियो परिवार में दोबारा टकराव की वजह बन गया। पहले जिस घटना का वीडियो सामने आया था उसी को लेकर अब परिवार के दोनों पक्षों में नया विवाद खड़ा हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के साथ मारपीट की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुराने मामले और सोमवार को हुए विवाद के बीच संबंध को भी जांच के दौरान देखा जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर होगी।