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  • सूरत में अजीब मामला, श्मशान में अंतिम संस्कार से रोका, शव लेकर अस्पताल लौटे परिजन

    सूरत में अजीब मामला, श्मशान में अंतिम संस्कार से रोका, शव लेकर अस्पताल लौटे परिजन


    नई दिल्‍ली । गुजरात(Gujarat) के सूरत में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने न सिर्फ आम लोगों को बल्कि अस्पताल प्रशासन (Administration)और श्मशान घाट कर्मचारियों को भी हैरानी में डाल दिया. दरअसल एक महिला की मौत के बाद उसका शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशान(crematorium) घाट ले जाया गया, लेकिन वहां से बिना दाह-संस्कार के ही शव को दोबारा अस्पताल वापस लाना पड़ा.

    अर्थी पर शव लेकर फिर अस्पताल पहुंचे परिजन
    मामला सूरत के पांडेसरा इलाके के शिव नगर में रहने वाली 57 साल की सुनीता देवी बृजनंदन तांती से जुड़ा है. परिजनों के अनुसार, सुनीता देवी लंबे समय से बीमार थीं और उन्हें पैरालिसिस की समस्या थी. 13 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे उन्होंने अपने घर में अंतिम सांस ली. मौत के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए उमरा श्मशान घाट लेकर पहुंचे.

    श्मशान घाट पहुंचने पर वहां के संचालकों ने मृतक महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे. परिजनों के पास ये कागजात मौजूद नहीं थे, जिसके कारण श्मशान घाट प्रशासन और परिजनों के बीच विवाद हो गया. नियमों के अनुसार कागजात के अभाव में अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया गया.

    मृत्यु प्रमाण पत्र के बिना अस्पताल पहुंचे थे परिजन
    मामला बढ़ने पर पुलिस को भी सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाया कि मृत्यु प्रमाण पत्र के बिना अंतिम संस्कार संभव नहीं है. इसके बाद प्रशासन की सलाह पर परिजन शव को सूरत के न्यू सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां महिला की मौत हुई थी.

    न्यू सिविल अस्पताल में अर्थी के रूप में सजे शव को स्ट्रेचर पर लाया गया. शव पर अंतिम संस्कार के वस्त्र और फूल माला देख अस्पताल का स्टाफ, डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी भी चौंक गए. अस्पताल के इतिहास में यह शायद पहला मामला था जब शव श्मशान घाट से वापस जांच के लिए अस्पताल लाया गया.

    शव की दोबारा जांच
    अस्पताल में महिला डॉक्टर ने शव की दोबारा जांच की और औपचारिक रूप से मृत घोषित किया. इसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कागजात तैयार किए गए. इस पूरी प्रक्रिया में करीब 8 से 10 घंटे का समय लग गया.

    दस्तावेज मिलने के बाद परिजन शव को फिर से उमरा श्मशान घाट लेकर पहुंचे, जहां विधिवत अंतिम संस्कार किया गया.. मृतका के पड़ोसी आनंद कुमार जायसवाल ने बताया कि नियमों और कागजी प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण यह स्थिति बनी.

  • धरती के करीब आते ही हरा हो गया 3I/ATLAS कॉमेट, वैज्ञानिक हुए हैरान, जानिए क्यों बदला रंग?

    धरती के करीब आते ही हरा हो गया 3I/ATLAS कॉमेट, वैज्ञानिक हुए हैरान, जानिए क्यों बदला रंग?


    नई दिल्‍ली । अंतरिक्ष से आए धूमकेतु (Comet)की नई तस्वीरों में यह पक्का होता है कि अक्टूबर के अंत में सूरज के पास आने के बाद यह अनोखी चीज ज्यादा चमकदार(Shiny) और हरी हो गई है. इसका मतलब है कि अगले हफ्ते जब यह धूमकेतु धरती के सबसे करीब आएगा तो इसमें से नई चमकदार चीजें तेजी से बाहर निकल सकती हैं. ये नई तस्वीरें हवाई के एक बंद ज्वालामुखी मौना केआ(Mauna Kea volcano) के ऊपर रखे जेमिनी नॉर्थ टेलीस्कोप से 26 नवंबर को ली गई थीं. इसमें कॉमेट अपने सबसे सक्रिय दौर में दिख रहा है. साथ ही, धूमकेतु के चारों तरफ एक चमकीले बादल जैसा घेरा और उसके पीछे लंबी, चमकती पूंछ बन रही है.

    वैज्ञानिकों ने इसके बारे में क्या कहा?
    नेशनल साइंस फाउंडेशन के NOIRLab के बयान के मुताबिक, 3I/ATLAS से निकलने वाली गैसों में द्विपरमाण्विक कार्बन भी शामिल है. यह दो कार्बन परमाणुओं का एक अणु (Molecule) है और यह हरी रोशनी छोड़ता है. सौरमंडल के कई धूमकेतु सूरज की गर्मी से सक्रिय होने पर ऐसा ही हरा रंग छोड़ते हैं. इनमें पिछले साल खोज गया मदर ऑफ ड्रैगन्स भी शामिल है.

    कब आएगा धरती के करीब?
    जैसे-जैसे Interstellar Comet 19 दिसंबर को धरती के सबसे करीब आएगा, वैज्ञानिकों को और भी ज्यादा हैरान करने वाली चीजें देखने को मिल सकती हैं. NOIRLab के अनुसार, यह अभी पता नहीं है कि सूरज के पास से निकलने और ठंडा होने पर यह धूमकेतु कैसा व्यवहार करेगा. कई धूमकेतु देर से सूरज की गर्मी महसूस करते हैं क्योंकि गर्मी के कॉमेट के अंदर पहुंचने में समय लगता है.

    कैस रहा 3I/ATLAS का सफर?
    3I/ATLAS, 1I/’Oumuamua और 2I/Borisov के बाद खोजा गया तीसरा अंतरतारकीय पिंड है. इसका पता जून के अंत में तब चला जब यह हमारे सौरमंडल से लगभग 2,10,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर रहा था. यह एक ऐसे टेढ़े रास्ते पर घूम रहा है जिसके कारण यह भविष्य में कभी भी हमारे आस-पास से नहीं गुजरेगा.

  • स्मार्ट मीटर बैलेंस नेगेटिव रहने पर कटेगा बिजली कनेक्शन, फिर से चालू करने के लिए करना होगा ये काम

    स्मार्ट मीटर बैलेंस नेगेटिव रहने पर कटेगा बिजली कनेक्शन, फिर से चालू करने के लिए करना होगा ये काम


    रांची। स्मार्ट मीटर(Smart meter) का बैलेंस पाजिटिव(Balance is positive.) नहीं रहने पर बिजली कनेक्शन अब स्वतः कट रहा है। जिन उपभोक्ताओं (Consumers)का बिजली बिल बकाया है और स्मार्ट मीटर में बैलेंस नेगेटिव है, उनका कनेक्शन हर दिन ऑटोमैटिक डिस्कनेक्ट किया जा रहा है।

    शनिवार को रांची अंचल के विभिन्न आपूर्ति प्रमंडलों में बड़ी संख्या में बकायेदार उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे गए। रांची केंद्रीय आपूर्ति प्रमंडल में 1165, कोकर में 1331, डोरंडा में 853, रांची पश्चिमी में 921, रांची पूर्वी में 613 और न्यू कैपिटल क्षेत्र में 812 उपभोक्ताओं के कनेक्शन ऑटोमैटिक रूप से डिस्कनेक्ट किए गए।

    इनमें कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं, जिनका स्मार्ट मीटर बैलेंस नेगेटिव पाया गया। बिजली विभाग के अनुसार, कनेक्शन डिस्कनेक्ट होने के बाद जैसे ही उपभोक्ता अपने पूरे बकाया बिजली बिल का भुगतान करते हैं, उनका कनेक्शन स्वतः चालू हो जाता है।

    किश्त में भी कर सकते हैं भुगतान
    जिन उपभोक्ताओं पर अधिक राशि बकाया है और वे एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ हैं, वे अपने क्षेत्र के विद्युत कार्यपालक अभियंता से संपर्क कर किश्त में भुगतान की सुविधा ले सकते हैं।

    उपभोक्ता अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान एटीपी काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में कनेक्शन कटने के कारण एटीपी काउंटरों पर बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ रही है।

    विभाग ने की अपील
    विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे भीड़ और लाइन से बचने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान का उपयोग करें।

    विद्युत आपूर्ति क्षेत्र रांची के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने सभी बकायेदार उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से अब रोजाना बकायेदारों का कनेक्शन ऑटोमैटिक डिस्कनेक्ट हो रहा है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया है, वे शीघ्र भुगतान कर अपने स्मार्ट मीटर का बैलेंस नेगेटिव से पॉजिटिव कर लें।

    बैलेंस नेगेटिव रहने की स्थिति में कनेक्शन स्वतः कट जाएगा और बकाया राशि जमा करने के बाद ही दोबारा चालू होगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता कनेक्शन कटने का इंतजार न करें और समय रहते अपना बिजली बिल जमा कर दें।

    बिजली विभाग ने यह भी बताया है कि जिन उपभोक्ताओं को बिजली बिल से संबंधित जानकारी नहीं मिल पा रही है, वे अपने बिजली कनेक्शन में मोबाइल नंबर अपडेट कराएं। अब उपभोक्ताओं को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली बिल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए हर उपभोक्ता के कनेक्शन में मोबाइल नंबर का अपडेट होना अनिवार्य है।

    मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
    रांची केंद्रीय – 9508021323
    कोकर – 6201382424
    न्यू कैपिटल – 7970802909
    रांची पश्चिमी – 9341218831
    रांची पूर्वी – 9279943544
    डोरंडा – 8987716413

  • पत्थर और धनुष-बाण से बेकाबू भीड़ ने गुजरात में 47 अधिकारियों पर किया हमला, जानिए क्या है मामला?

    पत्थर और धनुष-बाण से बेकाबू भीड़ ने गुजरात में 47 अधिकारियों पर किया हमला, जानिए क्या है मामला?


    नई दिल्‍ली । कभी-कभी ऐसे मामले सामने आते हैं जो लोगों के होश उड़ा देते हैं. गुजरात (Gujarat)के बनासकांठा (Banaskantha)जिले के पडालिया गांव(Padalia village) से भी ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां पर दोपहर करीब 500 लोगों की भीड़ ने पुलिस, फॉरेस्ट और रेवेन्यू डिपार्टमेंट(Revenue Department) के कम से कम 47 अधिकारियों पर हमला कर दिया. इसमें करीब 36 अधिकारियों को अंबाजी सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जानिए आखिर भीड़ कैसे उग्र हो गई?

    क्या है मामला
    मामले को लेकर बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि यह घटना तब हुई जब पुलिस, फॉरेस्ट और रेवेन्यू अधिकारियों की एक जॉइंट टीम फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के सर्वे नंबर 9 एरिया में नर्सरी और प्लांटेशन का काम कर रही थी. उन्होंने बताया कि अचानक करीब 500 लोगों की भीड़ ने उन पर हमला कर दिया, पत्थर फेंके और तीर-कमान का इस्तेमाल किया. इस हमले की वजह से कई अधिकारी घायल हो गए हैं हालांकि उनकी हालत स्थिर है.

    घायल हुए 36 अधिकारियों को अंबाजी सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जबकि 11 को आगे के इलाज के लिए पालनपुर सिविल हॉस्पिटल रेफर किया गया, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि हमला किस वजह से हुआ. यह जगह दांता तालुका में है, जो अंबाजी तीर्थस्थल से 14 km दूर है. इस वारदात के बाद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है.

  • ग्वालियर में आत्महत्या की घटनाओं की श्रृंखला: एक प्रधान आरक्षक सहित तीन मामलों से सनसनी

    ग्वालियर में आत्महत्या की घटनाओं की श्रृंखला: एक प्रधान आरक्षक सहित तीन मामलों से सनसनी


    ग्वालियर ।ग्वालियर शहर और उसके सीमावर्ती क्षेत्रों से हाल ही में आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की तीन अलग-अलग घटनाओं की खबर आई है जिन्होंने स्थानीय निवासियों और पुलिस विभाग के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। ये मामले अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज किए गए हैं और पुलिस अब इन घटनाओं के पीछे के कारणों की गहराई से जांच कर रही है।

    प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

    सबसे चौंकाने वाली घटना ग्वालियर पुलिस लाइन में हुई जहां थाटीपुर थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। यह दुखद घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस लाइन में स्थित उनके सरकारी क्वार्टर में हुई।जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने अपने क्वार्टर में फांसी लगाई। घटना के बाद परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी क्षति है और इसने अन्य पुलिसकर्मियों को भी स्तब्ध कर दिया है।

    बहोड़ापुर पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रधान आरक्षक द्वारा इतना बड़ा कदम उठाने के पीछे का वास्तविक कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है। पुलिस की प्राथमिक जांच जारी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है जिससे मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।

    फोन पर बहस के बाद युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास

    दूसरी घटना भितरवार नगर के वार्ड 4 की है जहां एक 24 वर्षीय युवक शाहिद खान ने आत्महत्या का प्रयास किया। यह घटना शनिवार की शाम करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच हुई। परिजनों के अनुसार यह कदम युवक ने फोन पर किसी से हुई तीखी बहस के बाद उठाया। बहस के तुरंत बाद शाहिद खान अपने कमरे में गया अंदर से दरवाजा बंद किया और फांसी का फंदा गले में डालकर झूल गया।

    घर में मौजूद परिजनों ने जब उसे फंदे पर लटका देखा तो उन्होंने तुरंत दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन असफल रहे। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। भितरवार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खोला और युवक को अचेत अवस्था में फंदे से नीचे उतारा। उसे तुरंत सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। युवक की स्थिति में सुधार होने पर ही पुलिस उसके द्वारा उठाए गए इस कदम के बारे में पूरी जानकारी जुटा पाएगी।

    मेला ग्राउंड में अज्ञात युवक का शव लटका मिला

    तीसरा मामला ग्वालियर के मेला ग्राउंड से सामने आया है जहां एक अज्ञात युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ पाया गया है। यह घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र की है। युवक का शव दोपहर करीब तीन बजे बाल रेल की पटरी के पास बने भवन के लोहे के एंगल से लटका हुआ मिला। राहगीरों ने जब यह दृश्य देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    गोला का मंदिर थाना प्रभारी हरेंद्र शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतारा। पुलिस को आत्महत्या की आशंका है। मृतक के कपड़ों की तलाशी ली गई लेकिन पुलिस को ऐसी कोई वस्तु या दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। युवक की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच लग रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है और उसकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी संबंधित थानों को भी इस संबंध में सूचना दी गई है ताकि गुमशुदा व्यक्तियों के रिकॉर्ड से मिलान किया जा सके। शिनाख्त होने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।

  • 3 घंटे 34 मिनट की ‘धुरंधर’ ने 9 दिन में तोड़े रिकॉर्ड, बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, हीरो नहीं विलेन की हो रही चर्चा

    3 घंटे 34 मिनट की ‘धुरंधर’ ने 9 दिन में तोड़े रिकॉर्ड, बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम, हीरो नहीं विलेन की हो रही चर्चा


    नई दिल्‍ली । इस साल के आखिरी महीने में बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली इस धांसू स्पाई थ्रिलर (Spy thriller)फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धूम मचा रही है. दमदार कहानी, तेज रफ्तार स्क्रीनप्ले(Speed ​​Screenplay) और मजबूत अभिनय की वजह से दर्शक इसे काफी पसंद कर रहे हैं. रिलीज के साथ ही फिल्म ने सिनेमाघरों में अच्छी पकड़ बना ली थी और वीकेंड (Weekend)पर इसके शो हाउसफुल रहे. भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी दर्शकों का लगातार अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिससे ये साफ है कि फिल्म का क्रेज अभी थमने वाला नहीं है.

    बॉक्स ऑफिस पर छाई ये स्पाई थ्रिलर फिल्म
    आदित्य धर की मच अवेटेड फिल्म ‘धुरंधर’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. ये एक स्पाई थ्रिलर है, जिसमें रणवीर सिंह ‘हमजा’ के किरदार में नजर आ रहे हैं. कहानी में हमजा एक खतरनाक गैंग का हिस्सा बनता है और यहीं से फिल्म रोमांचक मोड़ लेती है. वहीं अक्षय खन्ना ने भी अपनी जबरदस्त एंट्री, स्क्रीन प्रेजेंस और खतरनाक अंदाज से दर्शकों को काफी इंप्रेस किया. दोनों कलाकारों की जुगलबंदी फिल्म की बड़ी ताकत बनकर उभरी है.

    9 दिन पहले हुई रिलीज, बनी नंबर 1
    ‘धुरंधर’ की कहानी सिर्फ एक्शन-ड्रामा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साजिश, राजनीति और खुफिया मिशनों की गहरी परतें भी दिखाई गई हैं. फिल्म को कई रियल लाइफ जियो पॉलिटिकल घटनाओं से इंस्पाय है, जिससे इसका ट्रीटमेंट और ज्यादा प्रभावशाली लगता है. निर्देशन में आदित्य धर की पकड़ साफ नजर आती है, जहां हर सीन कहानी को आगे बढ़ाता है. बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमैटोग्राफी भी माहौल को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया.

    कमाई के मामले में कई हिट फिल्मों को पछाड़ा
    वहीं, अगर फिल्म की कमाई की बात करें तो उससे में भी फिल्म सबसे आगे नजर आ रही है. ‘धुरंधर’ की कमाई के आंकड़ों ने कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया के बावजूद सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने पहले हफ्ते में करीब 207.25 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया. दूसरे हफ्ते की शुरुआत भी दमदार रही और दूसरे शुक्रवार को करीब 32.5 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई.

    9 दिन में कमाई से नया रचा इतिहास
    अब फिल्म के 9वें दिन का कलेक्शन भी सामने आ चुका है. नौवें दिन ‘धुरंधर’ ने अपनी ताकत साबित की. सैकनिल्क और अर्ली ट्रेंड्स के मुताबिक, फिल्म ने अपनी रिलीज के 9वें दिन लगभग 44.06 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. इसके साथ ही कुल कलेक्शन करीब 283.81 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. खास बात ये है कि इस फिल्म ने सिर्फ 9 दिनों में कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए और 2025 में रिलीज हुई दर्जनों फिल्मों को कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया.

    दुनिया भर में कर रही धुआंधार कमाई
    वर्ल्डवाइड लेवल पर भी ‘धुरंधर’ का परफॉर्मेंस काफी मजबूत दिखाई दे रहा है, जिसका अंदाजा इसकी कमाई से लगाया जा सकता है. भारत और विदेशों से मिली शानदार कमाई के साथ फिल्म का टोटल ग्लोबल कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है, जो करीबन 372.75 करोड़ पहुंच गया है. दर्शकों को फिल्म का कंटेंट, एक्शन और कहानी पसंद आ रही है, जिसका सीधा असर बॉक्स ऑफिस पर दिख रहा है. मौजूदा रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ये फिल्म कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकती है.

  • अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में खौफनाक गोलीबारी, फाइनल एग्ज़ाम के बीच 2 की मौत; 9 छात्र घायल 📝 शॉर्ट डिस्क्रिप्शन

    अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में खौफनाक गोलीबारी, फाइनल एग्ज़ाम के बीच 2 की मौत; 9 छात्र घायल 📝 शॉर्ट डिस्क्रिप्शन


    नई दिल्ली /अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में फाइनल परीक्षाओं के दौरान हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई जबकि नौ छात्र घायल हुए हैं। शूटर की तलाश जारी है।अमेरिका के रोड आइलैंड राज्य स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी शनिवार को उस समय दहशत और खून-खराबे का गवाह बन गई जब फाइनल परीक्षाओं के दौरान एक अज्ञात हमलावर ने कैंपस के भीतर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस भयावह घटना में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई जबकि नौ अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना के बाद पूरे आइवी लीग कैंपस में अफरातफरी मच गई। सायरनों की आवाज लॉकडाउन अलर्ट और चीख-पुकार के बीच छात्र-छात्राएं जान बचाने के लिए इमारतों में छिपते नजर आए। पुलिस और आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेर लिया गया।

    फाइनल परीक्षा के दौरान बरसी गोलियां
    यह गोलीबारी शनिवार दोपहर को बारुस एंड होली इंजीनियरिंग बिल्डिंग में हुई जहां उस समय इंजीनियरिंग डिजाइन की परीक्षाएं चल रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काले कपड़े और मास्क पहने एक व्यक्ति ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर के हाथ में हैंडगन थी और उसने पहली मंजिल की एक कक्षा में घुसकर गोलियां चलाईं।यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष क्रिस्टीना पैक्सन ने पुष्टि की कि गोली लगने से घायल हुए सभी लोग छात्र थे। शुरुआती जानकारी में 10 छात्रों के घायल होने की बात कही गई थी जिनमें से बाद में दो की मौत हो गई।


    आरोपी अब भी फरार

    प्रोविडेंस पुलिस के उप प्रमुख टिमोथी ओ’हारा के मुताबिक संदिग्ध एक पुरुष था जिसकी उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। उसे आखिरी बार इंजीनियरिंग इमारत से निकलते देखा गया लेकिन उसका चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फाइनल परीक्षा के दौरान जब कई कमरों में बैज एक्सेस जरूरी था तब शूटर अंदर कैसे घुसा। शुरुआत में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया था कि संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है लेकिन बाद में इस सूचना को गलत बताया गया। मेयर ब्रेट स्माइली ने कहा कि एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए रोका गया था लेकिन जांच में उसका घटना से कोई संबंध नहीं पाया गया।

    कैंपस सील शेल्टर-इन-प्लेस आदेश
    घटना के तुरंत बाद पूरे कैंपस और आसपास के रिहायशी इलाकों में शेल्टर-इन-प्लेस आदेश जारी कर दिया गया। छात्रों और स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई। आमतौर पर वीकेंड पर गुलजार रहने वाली सड़कें पूरी तरह सुनसान नजर आईं। करीब पांच घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद टैक्टिकल गियर में तैनात पुलिसकर्मियों ने छात्रों को अलग-अलग इमारतों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    घायलों की हालत
    रॉड आइलैंड अस्पताल की प्रवक्ता केली ब्रेनन ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से छह छात्रों को आईसीयू में रखना पड़ा हालांकि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। एक घायल की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

    छात्रों ने बयां किया खौफ
    केमिकल इंजीनियरिंग की छात्रा एम्मा फेरारो ने बताया कि वह लॉबी में प्रोजेक्ट पर काम कर रही थीं तभी उन्हें गोलियों की आवाज सुनाई दी। उन्हें जब एहसास हुआ कि यह फायरिंग है तो वे जान बचाकर पास की इमारत में भागीं और कई घंटों तक छिपी रहीं।एक अन्य छात्र एलेक्स ब्रूस ने कहाजब सायरन बजे और एक्टिव शूटर का मैसेज आया तो मैं कांप गया। यह पल जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। इस हमले ने न केवल ब्राउन यूनिवर्सिटी बल्कि पूरे अमेरिका में कैंपस सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • CAA से बाबरी तक, बंगाल में ध्रुवीकरण का सियासी खेल; इस चुनौती से कैसे निपटेगी TMC?

    CAA से बाबरी तक, बंगाल में ध्रुवीकरण का सियासी खेल; इस चुनौती से कैसे निपटेगी TMC?


    नई दिल्‍ली । सीएए से लेकर एनआरसी और एसआईआर से लेकर बाबरी तक पूरे पश्चिम बंगाल(West Bengal) का सियासी पारा हाई है. हिंदू-मुस्लिम (Hindu-Muslim)और बंगाली बनाम बाहरी(Bengalis versus outsiders) जैसे समीकरणों से इतर मुर्शिदाबाद जिले से निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर (Humayun Kabir)के बाबरी प्लान ने बंगाल के चुनावी समर को दिलचस्प मोड़ पर पहुंचा दिया है. इसी आधार पर दावा किया जा रहा है कि 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में कांटे की टक्कर होगी. 2019 में बीजेपी का मिशन बंगाल अधूरा रह गया था, इसलिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) हर हाल में सत्ता हासिल करना चाहती है.

    सीएए-एनआरसी और एसआईआर तक मुद्दे कई हैं…
    बीजेपी 10 सालों से आक्रामक होकर ममता बनर्जी को घेर रही है. एंटी इनकमबेंसी से इतर वो टीएमसी पर सनातन और हिंदुओं की अपेक्षा करने का आरोप लगाती आई है. ऐसे कुछ सवालों का जवाब ममता बनर्जी ने अपनी चुनावी रणनीति से दे चुकी हैं. बंगाल में मुसलमानों पर करम और हिंदुओं पर सितम करने जैसे आरोपों से जूझ रही टीएमसी सुप्रीमों ने ऐसे आरोप खारिज करने के लिए दुर्गा माता के मंत्र पढ़कर सुना चुकी हैं.

    सीएए, एनआरसी और बेटियों के बलात्कार और हत्या जैसे अपराधों यानी लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर भी बीजेपी टीएमसी को घेर रही है. कुल मिलाकर लाख टके का सवाल ये है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस नए ध्रुवीकरण वाले मुद्दे से कैसे निपटेंगी. बंगाल में 30 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं जो वामदलों की सफाए के बाद से टीएमसी को वोट करते आए हैं.

    टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर अलग पार्टी बनाने का ऐलान कर चुके हैं. हुमायूं ओवीसी की पार्टी एआईएमआईएम और अन्य दलों संग अलायंस करके चुनाव लड़ना चाह रहे हैं. ताकि बंगाल में किंग मेकर की भूमिका में आ सकें.

    पुराना कार्ड चलेगा?
    ध्रुवीकरण की कथित खेल को ध्यान में रखते हुए बीजेपी इस बार हर हाल में बंगाल में भगवा लहराना चाहती है. ये मुद्दा किसे फायदा करेगा और किसे बैकफायर करेगा इसका जवाब अभी भविष्य के गर्भ में है. ममता बनर्जी और TMC हुमायूं कबीर को BJP की बी पार्टी बताकर काउंटर कर सकती हैं. वो पहले भी दावा करती रही हैं कि बीजेपी असदुद्दीन ओवैसी को मुसलमान वोटों का बंटवारा करने के लिए खड़ा करती है. ऐसे में चुनावी तारीखों का ऐलान होने से पहले ममता बनर्जी जनता से अपील कर रही हैं कि BJP को सत्ता से दूर रखने के लिए लोग केवल और केवल टीएमसी को चुने.

    SIR, पहचान की राजनीति और ‘बंगाली अस्मिता’
    TMC ध्रुवीकरण वाली चुनौती का सामना ‘बंगाली अस्मिता’ के कार्ड से कर सकती है. ये ‘ट्रंप’ कार्ड ‘दीदी’ का आजमाया हुआ नुस्खा है. 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने बड़े प्रभावी ढंग से इसका इस्तेमाल किया. बंगाली बनाम बाहरी का मुद्दा उठाकर अपना किला बचा चुकीं ममता बनर्जी अब शाकाहार और मांसाहार की जंग के सहारे नया नैरेटिव देने की कोशिश कर रही हैं.

    कुछ समय पहले भगवद्गीता पाठ के आयोजन स्थल के पास नॉनवेज बेचने पर एक शख्स के साथ मारपीट हुई थी. तब नैरेटिव गढ़ा गया कि बीजेपी देश को शाकाहार की ओर धकेल रही है, जो बहुलतावाद और बंगाल की पहचान के खिलाफ है. सूत्रों के मुताबिक एसआईआर और अन्य मुद्दों से मुस्लिम समुदाय में नाराजगी बढ़ी है, जिससे उनके वोट टीएमसी के पक्ष में लामबंद हो सकते हैं. ऐसी खबरों के बीच सियासत का ऊंट किस करवट बैठेगा इसे लेकर कुछ कहना जल्दबाजी होगा.

  • कर्नाटक में CM पद की खींचतान जारी, सिद्धारमैया और शिवकुमार दिल्ली में हाई कमान से करेंगे मुलाकात

    कर्नाटक में CM पद की खींचतान जारी, सिद्धारमैया और शिवकुमार दिल्ली में हाई कमान से करेंगे मुलाकात


    नई दिल्‍ली । कर्नाटक(Karnataka) में मुख्यमंत्री पद को लेकर मची खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। हाई कमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री के घर हुए दोनों नेताओं के नाश्ते के बाद ऐसा दावा किया जा रहा था कि अब सब ठीक है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों की तरफ से की जा रही बयान बाजी के बाद यह साफ है कि कुछ ठीक नहीं है। हिन्दुस्तान (Hindustan)टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इसी खींचतान को लेकर अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया(Siddaramaiah) और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार(DK Shivakumar) 14 दिसंबर को नई दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं।

    कांग्रेस के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में इन दोनों नेताओं की बैठक सोनिया गांधी, राहुल गांधी या फिर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी में से किसी एक से हो सकती है। पार्टी के करीबी सूत्र के मुताबिक इस बैठक के लिए समय बहुत कम है लेकिन अगर यह मुलाकात होती है, तो यह कर्नाटक के आगामी हालात के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी।

    कर्नाटक में कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने एचटी से कहा, “सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। यदि वे हमारे किसी भी शीर्ष नेता से मिलना चाहते हैं, तो वह हमेशा ऐसा कर सकते हैं।” सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक के नेताओं की कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से यह मुलाकात नई दिल्ली के ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान के तहत रामलीला मैदान में होने वाली रैली के बाद होगी।

    गौरतलब है कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व से दोनों नेताओं की मुलाकात की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब दोनों खेमों के बीच में पिछले कई दिनों से खींचतान मची हुई है। 2023 से सत्ता में आने के बाद से दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर तंज कसते रहे हैं। लेकिन 20 नवंबर को सरकार के ढाई साल पूरे होने पर इन हमलों की तीव्रता बढ़ गई। शिवकुमार समर्थकों का कहना है कि जीत के बाद सरकार के आधे पड़ाव पर सत्ता हस्तांतरण की बात हुई थी। हालांकि ऐसा नहीं हो सका।

  • किम जोंग उन ने स्वीकारा, यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरियाई सैनिकों ने निभाया सबसे खतरनाक रोल

    किम जोंग उन ने स्वीकारा, यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरियाई सैनिकों ने निभाया सबसे खतरनाक रोल


    नई दिल्‍ली । रूस और यूक्रेन (Russia and Ukraine)के बीच जारी युद्ध में उत्तर कोरियाई (North Korean)सैनिकों की मौजूदगी ने एक वक्त पर जमकर सुर्खियां बटोरीं थीं। अब इन सैनिकों के बारे में उनके तानाशाह ने खुलासा किया है कि इन्होंने कैसे युद्ध क्षेत्र का सबसे मुश्किल काम किया। तानाशाह किम(Dictator Kim) के मुताबिक इस साल की शुरुआत में कुर्स्क क्षेत्र (Kursk region)में भेजे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों ने यहां पर बारूदी सुरंगे हटाने का काम किया, जिसकी वजह से हजारों रूसी सैनिकों की जान बची।

    शनिवार को उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया पर प्रसारित एक कार्यक्रम में किम जोंग उन ने रूस से वापस लौटे अपने इन सैनिकों की सराहना की। तानाशाह ने कहा, “अगस्त से शुरू हुई 120 दिनों की तैनाती के दौरान हमारे सैनिकों ने अभूतपूर्व साहस दिखाया। चाहे अधिकारी हों या सैनिक सभी ने लगभग हर दिन अपनी कल्पना से परे मानसिक और शारीरिक दबावों पर काबू पाते हुए सामूहिक वीरता का परिचय दिया। बारूदी सुरंगे हटाने के काम के दौरान यह लोग अपने शहरों और गांवों को पत्र भी भेजते थे।”

    किम ने आगे कहा, “तीन महीने से भी कम समय में हमारे सैनिकों ने एक बड़े खतरनाक क्षेत्र को रूसी सेना के लिए पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया। इसमें हमारे जिन भी सैनिकों की जान गई है। उनकी बहादुरी को हमेशा के लिए अमर बनाने के उद्देश्य से राज्य उनको सम्मान प्रदान करेगा।”

    सरकारी मीडिया की तरफ से जारी की गई फोटोस में किम साफ तौर पर वापस आए सैनिकों को गले लगाते हुए देखे जा सकते हैं। इनमें से कुछ सैनिक घायल और व्हील चेयर पर भी दिखाई दिए।

    इससे पहले, उत्तर कोरिया शुरुआत से ही पुतिन की मदद के लिए कुर्स्क क्षेत्र में सैनिक भेज रहा है। पश्चिमी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इस युद्ध में उत्तर कोरिया ने हजारों सैनिक भेजे हैं। इसके बदले में रूस उसकी वित्तीय सहायता, सैन्य तकनीक, खाद्य सामग्री और ऊर्जा आपूर्ति में मदद कर रहा है। इसकी वजह से अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण अलग-थलग पड़े इस देश को अपने अभियान चलाने में मदद मिल रही है।