चंद मिनट में हरे से लाल हुआ बाजार
शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 157 अंकों की बढ़त के साथ 73,477 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, Nifty 50 भी 67 अंकों की तेजी के साथ 22,723 पर खुला। लेकिन जल्द ही बाजार में गिरावट शुरू हो गई और सेंसेक्स 377 अंक टूटकर 72,942 पर आ गया, जबकि निफ्टी 66 अंक गिरकर 22,642 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह ग्लोबल संकेतों का कमजोर होना है। एशियाई बाजारों में जहां कुछ सूचकांक बढ़त में रहे, वहीं कई प्रमुख बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे, जिससे निवेशकों में स्पष्ट दिशा की कमी नजर आई।
अमेरिकी बाजार से मिले कमजोर संकेत
वहीं, अमेरिकी बाजार से भी नकारात्मक संकेत मिले हैं। डाऊ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक के फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार के लिए बड़ा फैक्टर बना हुआ है। ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों ही 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका और कंपनियों की लागत बढ़ने का डर बना हुआ है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। US Dollar Index (DXY) में बढ़त दर्ज की गई है, जिससे विदेशी निवेशकों के रुख पर असर पड़ सकता है। बाजार की शुरुआत भले ही अच्छी रही हो, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती लागत के दबाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।









