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  • राजस्थान निकाय चुनाव में BJP को बड़ा झटका, भजनलाल शर्मा, वसुंधरा राजे और भूपेंद्र यादव के प्रभाव वाले क्षेत्रों में बदले समीकरण

    राजस्थान निकाय चुनाव में BJP को बड़ा झटका, भजनलाल शर्मा, वसुंधरा राजे और भूपेंद्र यादव के प्रभाव वाले क्षेत्रों में बदले समीकरण

    नई दिल्ली ।राजस्थान में हुए निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को कई प्रमुख क्षेत्रों में झटका लगा है। चुनाव परिणामों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से जुड़े क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन चर्चा में रहा। कई निकायों में BJP स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर सकी और कुछ जगहों पर निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में BJP 65 वार्ड वाले नगर निगम में केवल 20 सीटें जीत सकी। यहां निर्दलीय प्रत्याशियों ने 36 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस को सात सीटें मिलीं, जबकि BSP और RLP के खाते में एक-एक सीट गई। इस परिणाम के बाद निर्दलीय पार्षद नगर निगम के समीकरण में महत्वपूर्ण स्थिति में पहुंच गए।

    निकाय चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रोड शो भी किया था। इसके बावजूद भरतपुर में पार्टी बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों की बड़ी संख्या में जीत ने नगर निगम के राजनीतिक समीकरण को बदल दिया।

    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के संसदीय क्षेत्र अलवर में भी BJP स्पष्ट बहुमत से दूर रही। यहां पार्टी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 23 सीटें मिलीं। निर्दलीय प्रत्याशियों ने 13 वार्डों में जीत हासिल की और एक सीट BSP के खाते में गई।

    जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में BJP और कांग्रेस दोनों को 44-44 सीटें मिलीं। वहीं 11 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। इस तरह किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। यहां भी निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।

    प्रदेश BJP अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह जिले पाली में भी पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर सकी। 65 वार्डों में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतीं, जबकि BJP को 21 सीटों पर जीत मिली। निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15 वार्डों में सफलता हासिल की। बहुमत के लिए 34 सीटों की जरूरत थी, इसलिए पाली में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीयों का समर्थन महत्वपूर्ण रहेगा।

    पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजनीतिक प्रभाव वाले झालावाड़ में BJP को बड़ा नुकसान हुआ। झालावाड़ नगर परिषद की 45 सीटों में कांग्रेस ने 29 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके चलते BJP को यहां सत्ता से बाहर होना पड़ा।

    केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से जुड़े बीकानेर में भी BJP को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। 80 वार्ड वाले नगर निगम में कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया, जबकि BJP 27 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए किसी अन्य दल या निर्दलीय के समर्थन की आवश्यकता नहीं रही।

    भरतपुर, पाली, झालावाड़, जोधपुर, अलवर, उदयपुर और बीकानेर जैसे शहरों के नतीजों में BJP कई जगह बहुमत हासिल करने से दूर रही। निकाय चुनाव में पार्टी के प्रमुख नेताओं से जुड़े क्षेत्रों में आए इन परिणामों ने स्थानीय स्तर पर BJP के सामने चुनौती की स्थिति दिखाई है। राजस्थान में 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में निकाय चुनाव के परिणाम पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

  • दिवाली से पहले 6 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगल-शुक्र-बुध बनाएंगे दुर्लभ संयोग, धन लाभ के योग

    दिवाली से पहले 6 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगल-शुक्र-बुध बनाएंगे दुर्लभ संयोग, धन लाभ के योग


    नई दिल्ली। दिवाली से पहले ग्रहों की चाल में होने वाले बड़े बदलाव का असर ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों पर पड़ने वाला है। मंगल, शुक्र और बुध की स्थिति से बनने वाले विशेष संयोग को छह राशियों के लिए आर्थिक तरक्की, करियर में नए अवसर और अचानक लाभ के लिहाज से शुभ माना जा रहा है।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, शुक्र अपनी स्वराशि तुला में रहेंगे, जबकि बुध 7 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और इसके बाद 26 सितंबर को तुला राशि में पहुंचकर शुक्र के साथ युति बनाएंगे। ज्योतिष में इस संयोग को लक्ष्मी-नारायण राजयोग से जोड़ा जाता है। वहीं, 18 सितंबर को मंगल का कर्क राशि में प्रवेश भी ग्रहों की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव करेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक, इन ग्रह गोचरों का सकारात्मक प्रभाव खासतौर पर छह राशियों के जातकों पर देखने को मिल सकता है।

    मेष: प्रमोशन के साथ बढ़ सकती है आमदनी

    मेष राशि के जातकों के लिए दिवाली से पहले का समय आर्थिक लिहाज से बेहतर साबित हो सकता है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति से कमाई के नए रास्ते खुलने के योग हैं। लंबे समय से प्रमोशन या इंक्रीमेंट का इंतजार कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। आय में सुधार के साथ आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी और आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।

    कर्क: व्यापार में अचानक मिल सकता है फायदा

    कर्क राशि वालों के लिए यह ग्रह परिवर्तन लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को कम करने वाला माना जा रहा है। मानसिक तनाव और उलझनों से राहत मिल सकती है। मंगल और बुध की स्थिति व्यापार से जुड़े लोगों के लिए लाभ के नए अवसर बना सकती है। अचानक धन लाभ होने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है।

    कन्या: नौकरी बदलने वालों को मिल सकते हैं बेहतर अवसर

    कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में बदलाव और आगे बढ़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। आमदनी में अचानक बढ़ोतरी के योग बन रहे हैं। नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे लोगों को अच्छी कंपनियों से ऑफर मिल सकते हैं। खासतौर पर मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़े अवसर सामने आने की संभावना जताई गई है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

    तुला: शुक्र-बुध की युति से बढ़ेगी खुशहाली

    तुला राशि में शुक्र का अपनी स्वराशि में होना और उसके साथ बुध का आना इस राशि के जातकों के लिए विशेष माना जा रहा है। इससे जीवन में सकारात्मकता और नई ऊर्जा आने के योग हैं। परिवार में चल रही अनबन दूर हो सकती है। संतान से जुड़ा कोई मामला लंबे समय से अटका है तो उसमें भी शुभ समाचार मिलने की संभावना है। नए अवसरों के साथ सुख-शांति और समृद्धि बढ़ सकती है।

    धनु: पुराने निवेश से मिल सकता है बड़ा लाभ

    धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने वाला माना जा रहा है। बिना ज्यादा भागदौड़ के भी अच्छे अवसर हाथ लग सकते हैं। पुराने निवेश या संपत्ति से अचानक लाभ मिलने की संभावना है। इस दौरान परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में बन सकती हैं और लंबे समय से अधूरी इच्छाओं के पूरे होने के रास्ते खुल सकते हैं।

    कुंभ: करियर और कारोबार में नए ऑफर

    कुंभ राशि वालों के लिए ग्रहों का यह संयोग नए दौर की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार का विस्तार करने या नई पार्टनरशिप शुरू करने के लिए आकर्षक प्रस्ताव मिल सकते हैं। सही फैसले इन अवसरों को भविष्य में बड़े लाभ में बदल सकते हैं।

  • ट्रंप प्रशासन के वीजा नियम पर कोर्ट की रोक, विदेशी छात्रों और पत्रकारों को मिली राहत

    ट्रंप प्रशासन के वीजा नियम पर कोर्ट की रोक, विदेशी छात्रों और पत्रकारों को मिली राहत


    वॉशिंगटन। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन को संघीय अदालत से झटका लगा है। बोस्टन के एक फेडरल जज ने विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के अमेरिका में रहने की अवधि सीमित करने वाले नए नियम पर रोक लगा दी है। अमेरिकी जिला जज एफ. डेनिस सेलॉर ने यूनियनों और उच्च शिक्षा की वकालत करने वाले संगठनों के गठबंधन के पक्ष में फैसला सुनाया। यह आदेश नए नियम के लागू होने से ठीक एक दिन पहले आया।

    जज बोले- पांच दशक पुरानी व्यवस्था बदलने का तर्क कमजोर
    जज सेलॉर ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने नियम में बदलाव के लिए पर्याप्त मजबूत तर्क नहीं दिए। विभाग ने वीजा व्यवस्था में धोखाधड़ी रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया था, लेकिन अदालत के मुताबिक DHS ने नियम बदलने से जुड़ी समस्याओं का पर्याप्त अध्ययन नहीं किया और आसान विकल्पों पर भी विचार नहीं किया।

    पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश द्वारा नियुक्त जज ने कहा कि प्रस्तावित नियम अमेरिका में करीब पांच दशक से चली आ रही व्यवस्था को बदल देता। मौजूदा व्यवस्था के तहत विदेशी छात्र अपने कोर्स की अवधि पूरी होने तक अमेरिका में रह और काम कर सकते हैं। अदालत ने इस व्यवस्था के योगदान को भी रेखांकित किया। जज के मुताबिक, इससे करोड़ों छात्रों और शोधकर्ताओं को विज्ञान, मेडिकल और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा हुआ।

    क्या बदलाव करना चाहता था ट्रंप प्रशासन?
    DHS ने जुलाई में नया नियम प्रस्तावित किया था, जिसमें अमेरिका में विदेशी नागरिकों के रहने की अवधि के लिए निश्चित समयसीमा तय करने का प्रावधान था। इसके तहत विदेशी छात्रों के F वीजा और सांस्कृतिक एक्सचेंज विजिटर्स के J वीजा की अवधि अधिकतम चार साल तक सीमित की जानी थी। इसके अलावा विदेशी पत्रकारों को दिए जाने वाले I वीजा, जो कई वर्षों तक वैध रहते हैं, उनकी अवधि घटाकर केवल 240 दिन करने का प्रस्ताव था। नियम का मकसद वीजा व्यवस्था में धोखाधड़ी रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करना बताया गया था।

    21 लाख से ज्यादा वीजा धारकों पर पड़ सकता था असर
    उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अमेरिका में फिलहाल करीब 16 लाख F वीजा और 5 लाख J वीजा धारक हैं। ऐसे में प्रस्तावित बदलाव का असर बड़ी संख्या में विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स पर पड़ सकता था। जज सेलॉर ने उच्च शिक्षा संस्थानों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, नई नीति लागू होने पर बड़े विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों के दाखिले कम हो सकते हैं और संस्थानों को करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    MIT-हार्वर्ड जैसे विश्वविद्यालयों पर असर की आशंका
    फैसले में अमेरिका के प्रमुख रिसर्च विश्वविद्यालयों का भी उल्लेख किया गया। जज ने कहा कि MIT और हार्वर्ड जैसे संस्थानों में स्नातक स्तर पर बड़ी संख्या में विदेशी छात्र अध्ययन करते हैं। अदालत के मुताबिक, विदेशी छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट का असर सिर्फ विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिकी उच्च शिक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को भी नुकसान हो सकता है। जज ने इसे संभावित रूप से विनाशकारी बताया।

    इस तरह अदालत की रोक ने फिलहाल विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के लिए प्रस्तावित नई समयसीमा को लागू होने से रोक दिया है। मामले में अदालत की आगे की कार्रवाई और प्रशासन की अगली रणनीति पर अब नजर रहेगी।

  • 24 सितंबर को पुष्य नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

    24 सितंबर को पुष्य नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते


    नई दिल्ली। ग्रहों की चाल में बदलाव को ज्योतिष में खास महत्व दिया जाता है। 24 सितंबर 2026 को पराक्रम, ऊर्जा और साहस के कारक मंगल शनि देव के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। मंगल यहां 17 अक्टूबर 2026 तक रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान पांच राशियों के लिए संपत्ति, करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं।

    पुष्य को ज्योतिष में ‘नक्षत्रों का राजा’ कहा गया है और इसे शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। यह स्थायित्व, वृद्धि और पोषण का प्रतीक माना जाता है। मंगल इस समय अपनी नीच राशि कर्क में हैं, लेकिन शनि के नक्षत्र पुष्य में आने से उनके उग्र प्रभाव में कुछ कमी आने और धैर्य व रणनीतिक सोच बढ़ने की मान्यता है।

    मेष: प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में फायदा
    मंगल मेष राशि के स्वामी हैं और पुष्य नक्षत्र में उनका गोचर मेष राशि के चौथे भाव में होगा, जिसे सुख-संपत्ति से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। माता के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े पुराने कानूनी विवाद भी आपके पक्ष में सुलझने की संभावना बताई गई है।

    कर्क: अटके काम गति पकड़ सकते हैं
    मंगल कर्क राशि के प्रथम भाव में पुष्य नक्षत्र के दौरान रहेंगे। इस स्थिति को मानसिक दबाव और उग्रता में कमी से जोड़कर देखा जा रहा है। अटके हुए काम धैर्य और समझदारी से पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होने और अचानक धन लाभ के अवसर मिलने की संभावना जताई गई है।

    कन्या: आमदनी के नए रास्ते बनेंगे
    कन्या राशि के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन ग्यारहवें भाव में होगा, जिसे लाभ और आय का भाव माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान आमदनी के नए और स्थायी स्रोत बन सकते हैं। शेयर बाजार, रियल एस्टेट या व्यापारिक निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के योग बताए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों और मित्रों से भी सहयोग मिलने की संभावना है।

    वृश्चिक: भाग्य का साथ, योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
    वृश्चिक राशि के लिए मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश नवम भाव में होगा। मंगल वृश्चिक राशि के स्वामी भी हैं। इस गोचर को मानसिक मजबूती और भाग्य का साथ मिलने से जोड़ा गया है। लंबे समय से अटकी योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। धार्मिक या व्यावसायिक यात्राएं भी लाभकारी रहने की संभावना जताई गई है।

    मकर: व्यापार और रिश्तों में सुधार
    मकर राशि के लिए मंगल का गोचर सप्तम भाव में होगा। शनि मकर राशि के स्वामी हैं और मंगल शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक पार्टनरशिप में कारोबार करने वालों को फायदा मिल सकता है। व्यापार विस्तार के अवसर बन सकते हैं और दाम्पत्य जीवन में चल रहे मतभेद दूर होने की संभावना है।

    मंगल के पुष्य नक्षत्र में रहते क्या करें?
    ज्योतिष में मंगल और शनि से जुड़े शुभ प्रभावों के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं। मान्यता के अनुसार इस अवधि में शनिवार और मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनि देव और मंगल देव की कृपा के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। गरीब और जरूरतमंद लोगों को काले तिल, गुड़ या तांबे के बर्तन का दान करें।

  • आज किस राशि की चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान जानें 15 सितंबर का पूरा राशिफल

    आज किस राशि की चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान जानें 15 सितंबर का पूरा राशिफल


    नई दिल्ली।15 सितंबर का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग अलग अनुभव लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में नौकरी कारोबार धन परिवार प्रेम और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। कुछ राशि वालों को आज अपने प्रयासों का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी जबकि कुछ लोगों को महत्वपूर्ण फैसले लेते समय धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। आज किसी भी काम में जल्दबाजी करने के बजाय परिस्थितियों को समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। किसी पुराने काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में माहौल अच्छा रहेगा। हालांकि अनावश्यक खर्च से बचना जरूरी होगा।

    वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार में कोई महत्वपूर्ण सौदा आगे बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए बनाई गई योजना काम आ सकती है। परिवार के किसी सदस्य की सलाह उपयोगी साबित होगी।

    मिथुन राशि के जातकों को आज अपने काम पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और किसी काम को समय पर पूरा करने का दबाव रह सकता है। धन से जुड़े मामलों में सोच समझकर फैसला लें। किसी करीबी व्यक्ति के साथ बातचीत से मन हल्का हो सकता है।

    कर्क राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखना बेहतर रहेगा।

    सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने से आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है। कारोबार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी न करें। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए बातचीत में संयम रखें।

    कन्या राशि वालों के लिए आज मेहनत और योजना दोनों जरूरी रहेंगी। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता के लिए एकाग्रता बनाए रखनी होगी। धन के मामले में स्थिति सामान्य रह सकती है। परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा।

    तुला राशि के लिए आज का दिन संतुलन बनाए रखने का है। नौकरी और कारोबार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। प्रेम और पारिवारिक रिश्तों में सकारात्मकता बनी रह सकती है। किसी पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें।

    वृश्चिक राशि वालों को आज धैर्य से काम लेने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है लेकिन समझदारी से स्थिति संभाली जा सकती है। धन संबंधी फैसलों में सावधानी बरतें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक राहत मिल सकती है।

    धनु राशि के लिए आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिलेगा। नौकरी में बदलाव या नए अवसर की चर्चा हो सकती है। यात्रा से जुड़ी योजना बन सकती है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

    मकर राशि वालों के लिए आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। कारोबार में सोच समझकर लिया गया फैसला लाभ दे सकता है। खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन नए विचारों और अवसरों से जुड़ा रह सकता है। काम में आपकी रचनात्मकता की तारीफ हो सकती है। नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभ दे सकता है। रिश्तों में विश्वास बनाए रखना जरूरी होगा।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन राहत और सकारात्मकता लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटका काम आगे बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। परिवार का सहयोग मिलेगा। महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय भावनाओं के बजाय व्यावहारिक सोच से काम लेना बेहतर रहेगा।

    यह राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसे निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं लेना चाहिए। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में अपनी वास्तविक परिस्थितियों और विवेक को प्राथमिकता देना उचित है।

  • मदीना की धरती में छिपा खजाना! सऊदी का दावा- 11 करोड़ टन अयस्क में यूरेनियम और हेवी रेयर अर्थ की मौजूदगी

    मदीना की धरती में छिपा खजाना! सऊदी का दावा- 11 करोड़ टन अयस्क में यूरेनियम और हेवी रेयर अर्थ की मौजूदगी


    नई दिल्ली। सऊदी अरब ने मदीना के पास खनिज संसाधनों की बड़ी खोज का दावा किया है। ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान के मुताबिक, जबल सैयद प्रोजेक्ट में किए गए भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और खोज के दौरान करीब 11 करोड़ टन यानी 110 मिलियन टन अयस्क संसाधन का अनुमान सामने आया है। इस अयस्क में हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स की उच्च सांद्रता के साथ यूरेनियम की भी उत्साहजनक संभावनाएं मिली हैं।

    हालांकि, इस दावे को लेकर सबसे अहम बात यह है कि 11 करोड़ टन शुद्ध यूरेनियम मिलने की बात नहीं कही गई है। 110 मिलियन टन अनुमानित कुल अयस्क संसाधन है, जिसमें यूरेनियम और रेयर अर्थ तत्वों की सांद्रता मौजूद होने का दावा किया गया है।

    जबल सैयद में सर्वे से सामने आया अनुमान

    ‘अरब न्यूज’ के मुताबिक, सऊदी ऊर्जा मंत्री ने जबल सैयद परियोजना में हुई खोज और भूवैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर करीब 110 मिलियन टन अयस्क संसाधन का अनुमान बताया है। इसमें खास तौर पर हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स की अधिक सांद्रता मिलने की बात कही गई है।

    इसके साथ ही सर्वेक्षण में यूरेनियम की भी उत्साहजनक सांद्रता का संकेत मिला है। अब इन संसाधनों की वास्तविक मात्रा, गुणवत्ता और व्यावसायिक उपयोगिता को निर्धारित करने के लिए आगे की जांच और मूल्यांकन महत्वपूर्ण होगा।

    मदीना की वजह से भी खास है यह खोज

    मदीना इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में शामिल है। 622 ईस्वी में पैगंबर मोहम्मद ने मक्का से मदीना की ओर हिजरत की थी, जिसके बाद यह शुरुआती इस्लामी समुदाय का प्रमुख केंद्र बना। ऐसे में इस ऐतिहासिक और धार्मिक क्षेत्र के आसपास रणनीतिक महत्व वाले खनिज संसाधनों की खोज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

    यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब मध्य पूर्व में सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रमों को लेकर तनाव लगातार अंतरराष्ट्रीय राजनीति का अहम मुद्दा बना हुआ है। क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में सऊदी अरब की महत्वपूर्ण भूमिका है, जबकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अमेरिका और इजरायल की चिंता का विषय रहा है। ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए बताता रहा है।

    तेल से आगे अर्थव्यवस्था ले जाने की कोशिश

    खनिज संसाधनों की यह खोज सऊदी अरब की Vision 2030 रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल सऊदी अरब अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से आगे ले जाने की कोशिश कर रहा है।

    इसी रणनीति के तहत देश में खनन, अक्षय ऊर्जा और नागरिक परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जा रहा है। सऊदी अरब घरेलू स्तर पर यूरेनियम संसाधनों की खोज और भविष्य में इनके इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है।

    यूरेनियम मिला तो सीधे परमाणु ईंधन नहीं बनेगा

    मदीना क्षेत्र में यूरेनियम की संभावनाओं का दावा इसलिए भी अहम है क्योंकि सऊदी अरब नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अमेरिका और सऊदी अरब के बीच भी इस क्षेत्र में सहयोग को लेकर बातचीत और समझौते हुए हैं।

    यूरेनियम परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल है, लेकिन प्राकृतिक अयस्क मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उससे सीधे परमाणु ईंधन तैयार किया जा सकता है। इसके लिए पहले खनन, प्रोसेसिंग और कन्वर्जन जैसी कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। जरूरत के मुताबिक इसके बाद संवर्धन यानी enrichment की प्रक्रिया भी होती है।

    इसलिए फिलहाल मदीना में सामने आया दावा एक बड़े अयस्क संसाधन और उसमें मौजूद यूरेनियम की संभावित सांद्रता से जुड़ा है, न कि 11 करोड़ टन शुद्ध यूरेनियम भंडार से।

    रेयर अर्थ की मौजूदगी भी बढ़ाती है रणनीतिक महत्व

    इस खोज का दूसरा बड़ा पहलू रेयर अर्थ एलिमेंट्स हैं। आधुनिक तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था में इन खनिजों की अहम भूमिका है। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, पवन ऊर्जा, रक्षा उपकरण और दूसरी हाई-टेक इंडस्ट्री में किया जाता है।

    यदि आगे की जांच में जबल सैयद क्षेत्र के संसाधन व्यावसायिक रूप से निकालने योग्य साबित होते हैं, तो इसका असर केवल सऊदी अरब की ऊर्जा रणनीति तक सीमित नहीं रहेगा। इससे देश की खनन क्षमता, औद्योगिक आधार और रणनीतिक खनिज आपूर्ति को भी मजबूती मिल सकती है।

    फिलहाल इन संसाधनों की वास्तविक क्षमता और आर्थिक उपयोगिता का आकलन आगे की भूवैज्ञानिक जांच पर निर्भर करेगा। लेकिन यूरेनियम की संभावनाओं और हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स की उच्च सांद्रता के दावे ने सऊदी अरब की बदलती ऊर्जा और खनिज रणनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

  • प्रदर्शन से पहले इमरान की PTI को झटका, CM अफरीदी समेत 25 नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक

    प्रदर्शन से पहले इमरान की PTI को झटका, CM अफरीदी समेत 25 नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक


    इस्लामाबाद। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तेहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कस गया है। इस्लामाबाद की आतंकवाद विरोधी अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी समेत 25 PTI नेताओं के पासपोर्ट अगले आदेश तक ब्लॉक रखने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई राजधानी के एक पुलिस थाने में दर्ज मामले से जुड़ी है। फैसला ऐसे समय आया है, जब PTI ने 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है।

    FIA को पासपोर्ट ब्लॉक रखने के निर्देश

    जज अबुल हसनात मुहम्मद जुल्करनैन ने पुलिस की अर्जी स्वीकार करते हुए फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) को सभी 25 नेताओं के पासपोर्ट अगले आदेश तक ब्लॉक रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि इन सभी को मामले में आरोपी बनाया गया है।

    जांच अधिकारी ने अदालत में आशंका जताई कि आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़कर फरार हो सकते हैं। पुलिस ने नेताओं पर सरकारी संस्थानों पर हमले और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप होने की बात कही।

    पुलिस की दलीलों पर अदालत ने यह भी गौर किया कि आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए हैं। जिन नेताओं को अंतरिम जमानत मिली थी, उनके बारे में भी पुलिस ने बताया कि वे अभी तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं। इसके बाद अदालत ने पासपोर्ट ब्लॉक करने की मांग मंजूर कर ली।

    असद कैसर समेत कई बड़े नाम सूची में

    अदालत के आदेश के दायरे में वरिष्ठ PTI नेता और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर भी शामिल हैं। इनके अलावा सांसद शहराम खान तरकई, शाह अहमद, शेर अली अरबाब, मुहम्मद इकबाल अफरीदी, डॉ. अमजद अली, जुनैद अकबर, शाहिद खट्टक, जुबैर वजीर, अरशद उमरज़ई, जर आलम, मियां उमर और अख्तर खान के नाम भी सूची में हैं।

    इन सभी के खिलाफ राजधानी के एक पुलिस थाने में दर्ज मामले के सिलसिले में कार्रवाई की गई है। पुलिस की ओर से पेश जांच के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपियों की गैरहाजिरी और जांच में सहयोग नहीं करने की स्थिति में उनके देश छोड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

    27 सितंबर के प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटा रहे थे अफरीदी

    पासपोर्ट ब्लॉक करने का आदेश उस वक्त आया, जब मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल अफरीदी 27 सितंबर के देशव्यापी प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटाने पंजाब के दौरे पर थे। इसी दौरान उन्होंने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

    अफरीदी का आरोप है कि पंजाब पुलिस ने उनका अपहरण करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया और बाद में उन्हें सड़क किनारे छोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस को इस हरकत का जवाब देना होगा और यह कोई मजाक नहीं है।

    पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगा

    अफरीदी ने एक प्रांत के मुख्यमंत्री के साथ दूसरे प्रांत की पुलिस के इस कथित व्यवहार को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए सवाल किया कि उनके साथ दुर्व्यवहार क्यों किया गया और उन्हें सड़क किनारे क्यों छोड़ा गया।

    उनके इन आरोपों के बीच PTI की ओर से 27 सितंबर के विरोध-प्रदर्शन की तैयारियां भी जारी हैं। पार्टी के नेताओं और समर्थकों के खिलाफ पहले से ही विरोध-प्रदर्शनों तथा सरकारी संस्थानों के खिलाफ कथित हिंसा से जुड़े कई मामले चल रहे हैं।

    प्रदर्शन से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव

    एक तरफ अदालत ने PTI के 25 नेताओं के पासपोर्ट ब्लॉक करने का आदेश दिया है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल मुख्यमंत्री अफरीदी ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में 27 सितंबर के प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन से पहले पाकिस्तान में राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

  • MP में मानसून के 15 दिन बाकी, 37 जिलों में अब भी कोटा अधूरा, आलीराजपुर सबसे पीछे

    MP में मानसून के 15 दिन बाकी, 37 जिलों में अब भी कोटा अधूरा, आलीराजपुर सबसे पीछे


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय करीब आ रहा है, लेकिन बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से नीचे है। सीजन में अब तक 834.4 मिमी यानी 32.8 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य 886.6 मिमी यानी 34.9 इंच से 2.1 इंच कम है। प्रदेश में ओवरऑल बारिश 6% कम है और 37 जिलों में अभी औसत बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है।

    दूसरी ओर, भोपाल, ग्वालियर समेत 18 जिले औसत से आगे निकल चुके हैं। सबसे ज्यादा अंतर आलीराजपुर में है, जहां औसत की आधी बारिश भी नहीं हुई, जबकि निवाड़ी में सामान्य से 49% ज्यादा पानी गिर चुका है।

    पूर्वी MP ने संभाला आंकड़ा, पश्चिमी हिस्सा अब भी पीछे
    इस मानसून में प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का प्रदर्शन पश्चिम की तुलना में बेहतर रहा है। जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में कई जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है। सागर संभाग के निवाड़ी में औसत से 49%, मऊगंज में 44%, सतना में 34% और मैहर में 29% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है।

    इंच में देखें तो मऊगंज में 54.9 इंच बारिश दर्ज की गई है। सतना में भी 50 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इसके उलट इंदौर संभाग के आलीराजपुर में अब तक सिर्फ 16 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालांकि, पूर्वी हिस्से का ओवरऑल आंकड़ा भी सोमवार तक सामान्य से 1% कम हो गया। यहां बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 2% से 25% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिम के कई जिलों में 2 से 49% तक कमी
    पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा बनी हुई है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2% से 49% तक कम बारिश हुई है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बनने के बावजूद पूरे प्रदेश का बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर नहीं पहुंच पाया।

    23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इस सूची में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के जिले शामिल हैं, लेकिन अधिक बारिश वाले जिलों में पूर्वी मध्य प्रदेश का दबदबा साफ दिखाई देता है।

    चार दिन भारी बारिश के आसार नहीं
    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अगले चार दिनों में प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अनुमान नहीं है। पिछले चार दिनों से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में भारी बारिश का दौर चला था। सोमवार को भी कुछ जिलों में तेज बारिश रिकॉर्ड हुई, लेकिन मंगलवार से सिस्टम कमजोर होने की संभावना है। इसके चलते 15 से 17 सितंबर तक प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, 15 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और प्रसार में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है। सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

    पिछले सप्ताह की बारिश से बदला तस्वीर का अंतर
    पिछले एक सप्ताह में कई जिलों में हुई तेज बारिश ने प्रदेश के बारिश के आंकड़े को काफी सुधारा है। कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसका असर यह हुआ कि सीजन में पहली बार पूर्वी मध्य प्रदेश का आंकड़ा बेहतर स्थिति में पहुंचा था, हालांकि सोमवार तक यह फिर सामान्य से 1% नीचे आ गया।

    अब मानसून सीजन के करीब 15 दिन ही बाकी हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश यह तय करेगी कि प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य के कितने करीब पहुंचता है। फिलहाल पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों की कमी और आलीराजपुर जैसे जिलों में बेहद कम बारिश पूरे प्रदेश के औसत पर असर डाल रही है।

  • राखी सावंत के पीएम मोदी पर बयान से भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- सफल महिलाओं का चरित्र हनन करना बंद करें

    राखी सावंत के पीएम मोदी पर बयान से भड़कीं कंगना रनौत, बोलीं- सफल महिलाओं का चरित्र हनन करना बंद करें

    नई दिल्ली ।एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने राखी सावंत की एक पॉडकास्ट में की गई टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। राखी ने बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का नाम लेते हुए ऐसी टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। अब कंगना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर राखी को जवाब दिया है।

    कंगना ने अपनी पोस्ट में कहा कि अक्सर असफल और निराश लोग अपनी नाकामी का जिम्मेदार सफल महिलाओं को ठहराते हैं। उन्होंने लिखा कि जलन और अहंकार के कारण कई बार सफल महिलाओं को निशाना बनाया जाता है। कंगना के मुताबिक, महिलाओं को इस तरह की टिप्पणियों से शर्मिंदा होने या बार-बार खुद को सही साबित करने की जरूरत नहीं है।

    कंगना ने कहा कि महिलाओं को ऐसे हमलों में उलझने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, इसके बाद उन्होंने राखी सावंत पर सीधे तौर पर तीखा तंज भी किया। कंगना ने राखी की सफलता पाने की कोशिशों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह भी सफलता हासिल करने के लिए सब कुछ करने को तैयार हैं, लेकिन दुर्भाग्य से अब किसी को उनसे कुछ चाहिए ही नहीं।

    कंगना ने अपनी पोस्ट में आगे राखी को लेकर बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि राखी की तमाम कोशिशें मिलकर भी उन्हें स्वीपर की नौकरी नहीं दिला सकीं। कंगना ने यह भी कहा कि ऐसी नौकरी के लिए भी गुणवत्ता और प्रतिभा की जरूरत होती है। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने राखी से कहा कि वह उनकी रील्स देखती रहें और रोती रहें।

    विवाद की शुरुआत राखी सावंत के हालिया पॉडकास्ट से हुई थी। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कंगना रनौत और स्मृति ईरानी का जिक्र हुआ। राखी ने सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी को कंगना और दूसरी महिलाओं से ऐसा क्या मिला कि उन्हें मंत्री बनाया गया।

    इसके बाद पॉडकास्ट के होस्ट ने राखी से पूछा कि वह किस चीज की बात कर रही हैं। इस पर राखी ने जवाब देते हुए कहा कि वह प्यार और सम्मान की बात कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कंगना और स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री मोदी को सम्मान दिया है, तो वह भी उन्हें सम्मान दे सकती हैं।

    राखी की इस टिप्पणी के बाद कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने अपने जवाब में एक तरफ सफल महिलाओं को निशाना बनाए जाने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ राखी की टिप्पणी पर व्यक्तिगत और तीखा पलटवार किया।

    इस पूरे विवाद में कंगना की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। कंगना ने अपनी पोस्ट में महिलाओं को लेकर होने वाली टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने राखी सावंत की टिप्पणी के जवाब में उनकी सफलता और करियर को लेकर भी कटाक्ष किया।

  • राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी के दो उम्मीदवारों को मिला सिर्फ एक-एक वोट, अपने ही वार्डों में नतीजे बने चर्चा का विषय

    राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी के दो उम्मीदवारों को मिला सिर्फ एक-एक वोट, अपने ही वार्डों में नतीजे बने चर्चा का विषय

    नई दिल्ली ।राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव के नतीजों में दो वार्डों के परिणाम खास तौर पर चर्चा में हैं। राज्य के अलग-अलग निकायों में भारतीय जनता पार्टी के दो उम्मीदवारों को सिर्फ एक-एक वोट मिला। इनमें डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका के वार्ड 13 से चुनाव लड़ने वाले कैलाशचंद और धौलपुर जिले की सैपऊ नगरपालिका के वार्ड 19 के उम्मीदवार लक्ष्मण कोली शामिल हैं।

    कैलाशचंद ने परबतसर नगरपालिका के वार्ड 13 से चुनाव लड़ा था। इस वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवार हीना खानम ने 376 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार राशिद खान को 195 वोट मिले। बीजेपी उम्मीदवार कैलाशचंद के खाते में केवल एक वोट आया।

    कैलाशचंद ने बताया कि वह परबतसर नगरपालिका के वार्ड 12 के मतदाता हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें वार्ड 13 से उम्मीदवार बनाया था। उनके मुताबिक उन्हें सिर्फ एक वोट मिला और वह भी संभवतः वार्ड 13 के किसी मतदाता ने दिया। कैलाशचंद ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका अपना वोट वार्ड 12 में है, जहां वह मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं।

    दूसरी ओर, धौलपुर जिले की सैपऊ नगरपालिका के वार्ड 19 में बीजेपी उम्मीदवार लक्ष्मण कोली को भी सिर्फ एक वोट मिला। इस वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार अजय कुमार ने 108 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार राजेश कुमार 69 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

    लक्ष्मण कोली के नतीजे को लेकर यह बात भी सामने आई कि उनके परिवार के कुछ सदस्य, जिनमें पत्नी, बेटा और बहू शामिल हैं, वार्ड 19 के मतदाता हैं। इसके बावजूद उनके खाते में सिर्फ एक वोट आया। हालांकि, मतदान की गोपनीयता के कारण यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि परिवार के किसी सदस्य ने उन्हें वोट नहीं दिया। मतदाता ने किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं होती।

    राजस्थान में इस बार 309 शहरी निकायों में चुनाव हुए थे। सोमवार को इनके नतीजे सामने आए। इन चुनावों में पार्षद के 10 हजार से अधिक पदों के लिए मतदान हुआ था। ऐसे में बीजेपी के दो उम्मीदवारों को केवल एक-एक वोट मिलने का मामला खास तौर पर चर्चा में आ गया।

    परबतसर नगरपालिका का परिणाम भी इस लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। यहां कुल 25 वार्ड हैं। कांग्रेस ने 13 वार्डों में जीत दर्ज कर साधारण बहुमत हासिल किया, जबकि बीजेपी 12 वार्डों में विजयी रही। कैलाशचंद का एक वोट वाला परिणाम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि राजस्थान में बीजेपी की सरकार है और इसके बावजूद पार्टी के उम्मीदवार को अपने चुनावी वार्ड में बेहद कम समर्थन मिला।

    दोनों मामलों में उपलब्ध नतीजे यह बताते हैं कि अलग-अलग वार्डों में उम्मीदवारों के बीच मतों का अंतर काफी बड़ा रहा। परबतसर में कांग्रेस की हीना खानम ने 376 वोट के साथ जीत हासिल की, जबकि सैपऊ में निर्दलीय अजय कुमार 108 वोट लेकर विजयी हुए। वहीं बीजेपी उम्मीदवारों के खाते में केवल एक-एक वोट दर्ज हुआ।