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  • फिल्म का नाम रखने का 'कानूनी' रास्ता: जानें कैसे बुक होते हैं टाइटल और क्या है डायरेक्टर्स के IFTDA कार्ड की असली ताकत?

    फिल्म का नाम रखने का 'कानूनी' रास्ता: जानें कैसे बुक होते हैं टाइटल और क्या है डायरेक्टर्स के IFTDA कार्ड की असली ताकत?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा ने एक बार अपने इंटरव्यू में कहा था कि उनके लिए फिल्म का नाम इतना महत्वपूर्ण है कि उन्होंने महज नाम पसंद न आने पर कई फिल्में ठुकरा दीं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब दो फिल्ममेकर्स एक ही नाम के लिए भिड़ जाते हैं, तो उसका फैसला कैसे होता है? दरअसल, फिल्म का नाम चुनना केवल एक क्रिएटिव फैसला नहीं है बल्कि इसके पीछे IMPPA और IFTDA जैसी संस्थाओं की एक जटिल प्रक्रिया काम करती है।

    IMPPA फिल्मों का रजिस्ट्री ऑफिस

    साल 1937 में गठित इंडियन मोशन पिक्चर प्रोडक्शन एसोसिएशन IMPPA प्रोड्यूसर्स के लिए काम करने वाली सबसे पुरानी और प्रमुख संस्था है। इसे आप फिल्मों का ‘रजिस्ट्री ऑफिस’ कह सकते हैं। इसका मुख्य काम फिल्मों के नामों Titles को सुरक्षित रखना और उनकी रजिस्ट्री करना है।नाम की सुरक्षा यदि कोई प्रोड्यूसर अपनी फिल्म का नाम ‘धुरंधर’ रखना चाहता है, तो उसे सबसे पहले IMPPA में यह चेक करना होगा कि यह नाम पहले से किसी और ने बुक तो नहीं किया है। टाइटल ब्लॉकिंग प्रोड्यूसर्स भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए पहले से ही कुछ आकर्षक नाम बुक करके रख सकते हैं ताकि कोई दूसरा उनका उपयोग न कर सके।

    नाम फाइनल करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

    किसी भी फिल्म प्रोड्यूसर को इन चरणों का पालन करना अनिवार्य है  बैनर रजिस्ट्रेशन सबसे पहले अपने प्रोडक्शन हाउस बैनर का नाम रजिस्टर करना होता है। इसके लिए पैन कार्ड, GST और आधार जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। मेंबरशिप फीस कैटेगरी के आधार पर प्रोड्यूसर को 5,000 से 20,000 रुपये तक की मेंबरशिप फीस देनी होती है।

    टाइटल बुकिंग एक बार बैनर रजिस्टर होने के बाद, फिल्म का टाइटल ब्लॉक करने के लिए सालाना 350 से 500 रुपये की फीस चुकानी पड़ती है। इसे हर साल रिन्यू भी कराना होता है।CBFC के लिए प्रमाण IMPPA द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को फिल्म सर्टिफिकेशन CBFC के समय दिखाना होता है, जिसके बिना फिल्म रिलीज नहीं हो सकती।

    IFTDA कार्ड डायरेक्टर्स का सुरक्षा कवच

    फिल्म के नाम और निर्माण के साथ-साथ निर्देशन के क्षेत्र में भी कड़े नियम हैं। यहाँ इंडियन फिल्म्स एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन IFTDA की भूमिका अहम हो जाती है। यह संस्था डायरेक्टर्स और असिस्टेंट डायरेक्टर्स के अधिकारों की रक्षा करती है।पेमेंट की सुरक्षा यदि कोई प्रोड्यूसर काम लेने के बाद डायरेक्टर के पैसे देने से मना करता है, तो IFTDA उस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने तक की ताकत रखता है। पहचान और भरोसा फिल्म सेट पर IFTDA कार्ड एक डायरेक्टर की आधिकारिक पहचान होती है। ज्यादातर बड़े प्रोड्यूसर्स केवल उन्हीं डायरेक्टर्स को काम देते हैं जिनके पास यह कार्ड होता है।

  • नगर पालिका कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए भारतीय मजदूर संघ ने मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ की स्थापना की

    नगर पालिका कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए भारतीय मजदूर संघ ने मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ की स्थापना की


    इंदौर नगर पालिका निगम कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के साथ शासन स्तर पर सशक्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेश स्तर पर मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम कर्मचारी महासंघ की स्थापना की नगर निगम कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जाते रहे किंतु निगम प्रशासन द्वारा उनका निराकरण न कर सीधे शासन स्तर पर भेज दिया जाता रहा शासन स्तर पर भी इन मांगों के समाधान में अत्यधिक विलंब या असफलता के कारण कर्मचारियों में असंतोष और निराशा बनी रही

    इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए महासंघ की स्थापना की गई ताकि नगर पालिका निगम कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जा सके और उनकी आवाज को सशक्त मंच प्रदान किया जा सके महासंघ का प्रथम त्रिवार्षिक प्रदेश अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ प्रदेश अधिवेशन में अखिल भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एम पी सिंह क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुनील किरवाई प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अरविंद मिश्रा और इंदौर धार संभाग प्रमुख मुरारी राठौर की उपस्थिति में संगठनात्मक दायित्वों का गठन किया गया

    इस अवसर पर महासंघ में केदार यादव को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और सुनील बंसल को संगठन मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि वे नगर पालिका निगम कर्मचारियों की जायज मांगों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए शासन और प्रशासन स्तर पर सतत संघर्ष करेंगे

    महासंघ के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं को एकजुट होकर मजबूती से उठाया जाएगा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों को संरक्षित करने और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने के लिए महासंघ निरंतर सक्रिय रहेगा तथा प्रशासन और शासन दोनों स्तरों पर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करेगा

    महासंघ की स्थापना से कर्मचारियों में उत्साह और आशा की भावना पैदा हुई है कर्मचारियों ने विश्वास जताया कि उनके समस्याओं का समाधान अब मजबूती से और त्वरित तरीके से होगा महासंघ की यह पहल नगर निगम कर्मचारियों के लिए निर्णायक कदम माना जा रहा है जिससे उनकी लंबित मांगों को शासन स्तर पर प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा

    केदार यादव और सुनील बंसल ने कहा कि संगठन कर्मचारियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा और उनकी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक और कानूनी सभी उपाय किए जाएंगे उन्होंने महासंघ के माध्यम से कर्मचारियों को एकजुट करके उनके अधिकारों की सुरक्षा करने का संकल्प लियामध्य प्रदेश नगर पालिका निगम कर्मचारी महासंघ का यह गठन कर्मचारियों के लिए नए अवसर और सुरक्षा का संकेत है और यह कर्मचारियों के संघर्ष को एक नई दिशा देगा

  • 34 साल की मेहनत के बाद रवि किशन को मिली पहचान, बोले- ‘मैं खत्म हो गया था’

    34 साल की मेहनत के बाद रवि किशन को मिली पहचान, बोले- ‘मैं खत्म हो गया था’


    नई दिल्ली । रवि किशन की जिंदगी की कहानी एक लंबी जर्नी हैजिसमें संघर्षनिराशा और फिर सफलता का उजाला शामिल है। 34 साल तक धैर्य से इंतजार करने के बाद उन्हें आखिरकार वह मुकाम मिलाजिसकी हर कलाकार को चाह होती है। लापता लेडीज़ और वेब सीरीज मामला लीगल है में उनके बेहतरीन अभिनय ने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का दिल जीत लिया। इस समय वे फिल्म भाबीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन में भी नजर आ रहे हैंजिसे बिनैफर और संजय कोहली ने प्रोड्यूस किया है।

    रवि किशन ने इस फिल्म के बारे में कहा कि वे हमेशा से इस शो के फैन रहे हैं। कहानीडायरेक्टर और उनके किरदार तीनों ही कारण थे जिनकी वजह से उन्होंने यह प्रोजेक्ट चुना। उनका किरदार एकतरफा प्यार में डूबा हुआ हैजिसे बिना ज्यादा एक्सप्रेशन के भी लोगों को हंसाना पड़ता है। रवि ने बताया कि बिहार और यूपी में उन्हें ऐसे लोगों से रोज मिलना होता हैइसलिए यह रोल उन्हें बेहद पसंद आया।

    हालांकि रवि किशन दशकों से फिल्मों में काम कर रहे हैंलेकिन उन्हें बड़ी पहचान हाल ही में मिली। उन्होंने कहा कि उन्होंने 34 साल तक धैर्य से इंतजार किया और एक समय ऐसा भी आया जब लोगों को लगता था कि वे सिर्फ भोजपुरी फिल्मों तक सीमित रह गए हैंराजनीति में चले गए हैंउम्र बढ़ गई है और अब धीरे-धीरे गायब हो जाएंगे। लेकिन भगवान की कृपा सेजब सब कुछ खत्म होता दिखातभी किरण राव जैसी निर्देशक लापता लेडीज़ जैसी स्क्रिप्ट लेकर आईं और उसके बाद मामला लीगल है जैसी वेब सीरीज ने उन्हें नई पहचान दी।

    रवि ने कहा कि पिछले साल ने साबित कर दिया कि जब फिल्ममेकर उन पर भरोसा करते हैं और अच्छा कंटेंट देते हैंतो वे क्या कर सकते हैं। उनकी जर्नी संघर्ष कर रहे कलाकारों के लिए एक मिसाल है।

    उन्होंने तेरे नाम के बाद अपने करियर के उस दौर को याद किया जब काम के मौके बहुत कम मिल रहे थे। सलमान खान के साथ तेरे नाम के बाद उन्हें लगा कि यहां बहुत भीड़ हैवह इस रेस का हिस्सा नहीं बन पाएंगे और लोग उनका रिस्पॉन्स नहीं देंगे। गुस्सा और निराशा जरूर थीलेकिन उन्होंने उसी गुस्से को भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने में लगाया। रवि ने साफ कहा कि उन्होंने कभी बॉलीवुड को दोष नहीं दियाक्योंकि हिंदी सिनेमा ने उन्हें पहचान दी और वही सब सिखायाजिसे बाद में भोजपुरी फिल्मों ने अपनाया।

    अब जब उन्हें प्यार और पहचान मिल रही हैतो वे बेहद आभारी हैं। रवि किशन का कहना है कि यह उगते सूरज का खेल है और यह बात हर पेशे में सच है। उन्होंने कहा कि अब जो प्यार मिल रहा हैउसके लिए वह दिल से धन्यवाद करते हैं।

  • उज्जैन महाकाल भस्म आरती: फाल्गुन कृष्ण द्वितीया पर 4 बजे खुले कपाट, दिव्य श्रृंगार और भस्म अर्पण से मंदिर गूंजा

    उज्जैन महाकाल भस्म आरती: फाल्गुन कृष्ण द्वितीया पर 4 बजे खुले कपाट, दिव्य श्रृंगार और भस्म अर्पण से मंदिर गूंजा


    उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि मंगलवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खुले और भस्म आरती का भव्य श्रृंगार आरंभ हुआ। इस विशेष अवसर पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार मनोहारी रूप में किया गया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल छा गया।

    कपाट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक कर भव्य पूजा-अर्चना की गई। भगवान महाकाल का चंदन का त्रिपुंड, त्रिनेत्र और भांग से राजा स्वरूप में मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिससे दर्शनार्थियों की श्रद्धा और बढ़ गई।

    भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म रमाई गई। उसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की माला अर्पित की गई। आभूषणों से सुगंधित पुष्पों से भगवान का अलंकरण किया गया, जिससे मंदिर में भक्तों का आस्था का रंग और भी गहरा हो गया।

    अल सुबह भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। भक्तों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल की जयकारे लगाते रहे और पूरा मंदिर “जय महाकाल” के नारे से गूंज उठा।

  • MP Morning News: मोहन कैबिनेट की बैठक आज, बजट पर सीएम का फोकस, SIR को लेकर थाने जाएगी कांग्रेस, भोपाल में बिजली कटौती, चैंबर चुनाव परिणाम घोषित

    MP Morning News: मोहन कैबिनेट की बैठक आज, बजट पर सीएम का फोकस, SIR को लेकर थाने जाएगी कांग्रेस, भोपाल में बिजली कटौती, चैंबर चुनाव परिणाम घोषित


    भोपाल । मध्य प्रदेश में आज मंगलवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज रहेगी। प्रदेश सरकार की अहम मोहन कैबिनेट बैठक आज मंत्रालय में आयोजित होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और फैसले लिए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज केंद्र सरकार के बजट की खूबियों को लेकर आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 12 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे, जहां बजट को लेकर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वे दोपहर 12:45 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे और दोपहर 1 बजे कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

    SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध

    आज मध्य प्रदेश कांग्रेस SIR स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन)को लेकर थाने पहुंचेगी। राजधानी भोपाल के टीटी नगर थाने में कांग्रेस नेता आवेदन देंगे। कांग्रेस का आरोप है कि फॉर्म-7 के माध्यम से उनके समर्थक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    भोपाल में आज बिजली कटौती

    राजधानी भोपाल में आज भी कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक दुर्गेश विहार, चाणक्यपुरी, जेके रोड, गीत गणेश, आदित्य परिसर, मिनाल, छत्रसाल, नैनागिरी, बालाजी नगर, नरेला शंकरी और राज सम्राट कॉलोनी में बिजली नहीं रहेगी। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक आईबीडी रॉयल, आदित्य ग्रीन नीव और शिव आंगन परिसर प्रभावित रहेंगे। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली गुल रहेगी। वहीं सुबह 10:30 से दोपहर 2:30 बजे तक पुलिस रेडियो कॉलोनी, 48 क्वार्टर, न्यू पुलिस क्वार्टर, सीएसडी कॉलोनी, प्रेमपुरा, नया गांव, वन विहार, गौतम नगर, नेहरू नगर, आकृति गार्डन और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

    भोपाल चैंबर चुनाव का रिजल्ट

    भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज BCCI के अध्यक्ष पद के चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया गया है। गोविंद गोयल ने 193 मतों से जीत दर्ज की है। उन्हें 1999 मतों में से 1085 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी तेलकुल पाल सिंह पाली को 894 वोट प्राप्त हुए।

    निर्वाचित पदाधिकारी

    अध्यक्ष गोविंद गोयल ,महामंत्री ललित तांतेड़, उपाध्यक्ष कमल पंजवानी, आदित्य जैन, प्रदीप अग्रवाल वीनस, अरविंद जैन, सुपारी ,मंत्री अजय देवनानी अज्जू, सुनील जैन, संजीव जैनकोषाध्यक्ष प्रदीप सेवानी,सह-कोषाध्यक्ष गोपाल सोनी ,अतिरिक्त कोषाध्यक्ष अजय गुप्ता

    अन्य प्रमुख गतिविधि

    भोपाल के जनजातीय संग्रहालय में आज भी शलाका चित्र प्रदर्शनी दोपहर 12 बजे से दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

  • MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम

    MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के करीब 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और मावठा गिरने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बारिश और ओले गिर रहे हैं। वहीं 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।

    आज यानी मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा, विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इनमें से कई जिलों में सुबह के समय मध्यम कोहरा भी देखा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित रही।

    आने वाले तीन दिनों के मौसम की बात करें तो 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहेगा।5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा।

    वहीं 6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा छाए रहने की संभावना है।लगातार बदलते मौसम के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं लोगों को भी ठंड, कोहरे और बारिश से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सुबह और रात के समय सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

  • IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने पर ईरान का तीखा जवाब, EU के सभी राजदूत तलब

    IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने पर ईरान का तीखा जवाब, EU के सभी राजदूत तलब



    तेहरान। ईरान और यूरोपीय संघ के बीच कूटनीतिक तनाव और गहरा गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करने के यूरोपीय संघ के फैसले के विरोध में ईरान ने सभी EU देशों के राजदूतों को तलब किया है। तेहरान ने इस कदम को अवैध, अनुचित और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है।

    यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान पहले से ही देशभर में हुए प्रदर्शनों पर कथित हिंसक कार्रवाई और सामूहिक फांसी के मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल रहा है। इसी बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और कई मिसाइल विध्वंसक जहाज तैनात कर दिए हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य कार्रवाई का आदेश देंगे या नहीं, क्योंकि क्षेत्रीय देश किसी नए युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहे हैं।

    EU के फैसले से बढ़ा विवाद

    यूरोपीय संघ ने पिछले सप्ताह ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसक कार्रवाई में IRGC की भूमिका का हवाला देते हुए उसे आतंकवादी संगठन घोषित करने पर सहमति जताई थी। इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के दावे किए गए हैं।
    अमेरिका और कनाडा पहले ही IRGC को आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल कर चुके हैं। भले ही EU का यह कदम काफी हद तक प्रतीकात्मक माना जा रहा हो, लेकिन इससे ईरान पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ गया है, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था में IRGC की अहम भूमिका है।

    ईरान की चेतावनी और जवाबी कदम की तैयारी

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने बताया कि रविवार से EU राजदूतों को तलब करने की प्रक्रिया शुरू हुई और सोमवार तक जारी रही। उन्होंने कहा कि कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और उन्हें निर्णय लेने वाले संस्थानों के पास भेज दिया गया है।
    बाघाई ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ के इस “अवैध और गलत” कदम के जवाब में ईरान आने वाले दिनों में ठोस फैसला ले सकता है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास जारी

    इस बीच ईरान ने स्पष्ट किया है कि फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार होर्मुज जलडमरूमध्य में IRGC का सैन्य अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार का आवागमन होता है।

    जब संभावित युद्ध को लेकर सवाल किया गया तो बाघाई ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि अमेरिका की ओर से ईरान को कोई समयसीमा दी गई है या नहीं।

    EU की सेनाओं को आतंकी मानने का एलान

    इससे पहले ईरानी संसद के अध्यक्ष ने 2019 के एक कानून का हवाला देते हुए कहा था कि अब ईरान यूरोपीय संघ की सभी सैन्य इकाइयों को आतंकवादी संगठन मानता है।

    IRGC का प्रभाव और इतिहास

    गौरतलब है कि IRGC की स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद शिया नेतृत्व वाली सरकार की सुरक्षा के लिए की गई थी और बाद में इसे संविधान का हिस्सा बना दिया गया। यह नियमित सेना के समानांतर काम करता है।
    1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध के दौरान इसकी ताकत और प्रभाव तेजी से बढ़ा। युद्ध के बाद इसके विघटन की चर्चा जरूर हुई, लेकिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इसे निजी क्षेत्र में विस्तार की अनुमति दी, जिससे यह ईरान की राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में एक शक्तिशाली संस्था बन गया।

  • Bhopal Crime News: दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी पर हंगामा, वकीलों ने की पिटाई; कमला पार्क में नाबालिग पर चाकू से हमला

    Bhopal Crime News: दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी पर हंगामा, वकीलों ने की पिटाई; कमला पार्क में नाबालिग पर चाकू से हमला


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े दो गंभीर मामले सामने आए, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। पहला मामला कोहेफिजा इलाके का है, जहां 11वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी की कोर्ट में पेशी के दौरान जमकर हंगामा हुआ। वहीं दूसरी घटना श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र के कमला पार्क रेत घाट के पास की है, जहां एक नाबालिग युवक पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

    कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के मामले में पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने पहुंची थी। जैसे ही आरोपी को कोर्ट परिसर में लाया गया, वहां मौजूद वकीलों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी बहस के बाद झूमा-झटकी भी हुई। आरोप है कि आरोपी ने कार में 11वीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया था और धर्म परिवर्तन के साथ अश्लील वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल भी किया था। घटना के दौरान हुए हंगामे और मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने किसी तरह हालात को संभालते हुए आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया है।

    इधर, शहर के श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र अंतर्गत कमला पार्क रेत घाट के पास एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 17 वर्षीय नाबालिग युवक पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। युवक पर धारदार हथियार से हाथ और पीठ पर वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में युवक के पीठ और हाथ के पंजे में गहरी चोटें आई हैं।

    घायल युवक को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर कोर्ट परिसर में आरोपी के साथ मारपीट, तो दूसरी ओर सार्वजनिक स्थान पर नाबालिग पर जानलेवा हमला इन दोनों मामलों ने पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है।

  • मुकदमे से ठीक पहले गिरफ्तारी: नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे पर लगे नए गंभीर आरोप

    मुकदमे से ठीक पहले गिरफ्तारी: नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस के बेटे पर लगे नए गंभीर आरोप

    नॉर्वे। नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट के बेटे मारियस बोर्ग होइबी की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बलात्कार समेत कई गंभीर आरोपों के मुकदमे से ठीक पहले उन्हें नए आपराधिक मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उन्हें रविवार शाम हिरासत में लिया, जिससे उनके खिलाफ चल रही जांच और मुकदमे की गंभीरता और बढ़ गई है।

    यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब होइबी के खिलाफ मुख्य मुकदमा मंगलवार से ओस्लो जिला अदालत में शुरू होने वाला है। इस मुकदमे में उन पर कुल 38 आरोप लगाए गए हैं, जिनमें चार बलात्कार के मामले, पूर्व साथियों के खिलाफ हिंसा, धमकी, नशीली दवाओं के कब्जे और अन्य अपराध शामिल हैं।

    क्या हैं नए आरोप
    ओस्लो पुलिस के मुताबिक, मारियस बोर्ग होइबी पर शारीरिक नुकसान पहुंचाने, चाकू दिखाकर धमकाने और अदालत द्वारा जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का संदेह है। पुलिस ने अदालत से उन्हें चार सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रखने की मांग की है, यह कहते हुए कि उनके दोबारा अपराध करने का खतरा बना हुआ है।
    इन नए आरोपों के चलते होइबी को पहले से दर्ज मामलों के अलावा अतिरिक्त आपराधिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।

    पहले से दर्ज हैं कई गंभीर मामले
    होइबी के खिलाफ जांच की शुरुआत 2024 में हुई थी, जब उन पर अपनी तत्कालीन साथी के साथ शारीरिक हिंसा करने का आरोप लगा।

    बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि कोकीन और शराब के नशे में उन्होंने महिला को चोट पहुंचाई और उसके अपार्टमेंट में तोड़फोड़ की। उन्होंने अपने व्यवहार पर पछतावा भी जताया था।

    हालांकि, उनके वकील के अनुसार होइबी ने बलात्कार और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर आरोपों से इनकार किया है। यदि अदालत में आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है।

    19 मार्च तक चल सकता है मुकदमा
    मुख्य मुकदमे की सुनवाई 19 मार्च तक चलने की संभावना है। नए मामलों में गिरफ्तारी ने न केवल इस हाई-प्रोफाइल केस को और संवेदनशील बना दिया है, बल्कि नॉर्वे के शाही परिवार से जुड़े इस मामले पर देश-विदेश में निगाहें भी टिका दी हैं।

  • India-US ट्रेड डील से शेयर बाजार को बूस्ट, ट्रंप के टैरिफ कट से निफ्टी 25,500 के पार जाने की उम्मीद

    India-US ट्रेड डील से शेयर बाजार को बूस्ट, ट्रंप के टैरिफ कट से निफ्टी 25,500 के पार जाने की उम्मीद


    मुंबई। लंबे इंतजार के बाद भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर मुहर लग गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में बड़ी कटौती का ऐलान किया।
    ट्रंप के मुताबिक भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

    वर्तमान में अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ में कुल मिलाकर 32 प्रतिशत की राहत दी गई है। इससे पहले रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। इस फैसले को बजट 2026 के बाद शेयर बाजार के लिए एक और बड़ी पॉजिटिव खबर के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका असर बाजार खुलते ही दिख सकता है।

    घरेलू शेयर बाजार पर क्या पड़ेगा असर
    मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत संकेत है। चूंकि शेयर बाजार देश की आर्थिक सेहत को दर्शाता है, ऐसे में निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग संभव है।

    विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी जल्द ही 25,500 का स्तर पार कर सकता है। फार्मा, आईटी, ऑटो, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे सेक्टर्स में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिल सकती है।

    बैंक निफ्टी और सेंसेक्स भी दिखा सकते हैं तेजी
    SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एक्सपर्ट सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक, “जब दोनों सरकारों की ओर से डील का पूरा विवरण सामने आ जाएगा, तब FII और DII की ओर से खरीदारी तेज हो सकती है। इससे निफ्टी 50, सेंसेक्स और बैंक निफ्टी नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।”

    लॉन्ग टर्म में भारत को होगा फायदा
    ग्रीन पोर्टफोलियो PMS के को-फाउंडर और फंड मैनेजर दिवम शर्मा का कहना है कि इंडिया-यूएस ट्रेड डील का असर सिर्फ शॉर्ट टर्म नहीं बल्कि लंबे समय तक देखने को मिलेगा।
    उनके मुताबिक, यह डील ऐसे समय में हुई है जब बाजार को पॉजिटिव ट्रिगर की सबसे ज्यादा जरूरत थी। बजट के बाद इस खबर के आने से विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है और बड़ी संख्या में FII भारत की ओर रुख कर सकते हैं।

    आज किन शेयरों पर रहेगी नजर
    इंडिया-यूएस ट्रेड डील के बाद सेबी रजिस्टर्ड स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने आज के लिए 21 चुनिंदा शेयरों में निवेश की सलाह दी है। माना जा रहा है कि इन स्टॉक्स में ट्रेड डील का सीधा फायदा देखने को मिल सकता है।