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  • ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता

    ईटीपीएल ड्राफ्ट में अलग रणनीति स्टीव वॉ ने बताया क्यों ऑलराउंडर्स को दी सबसे ज्यादा प्राथमिकता


    नई दिल्ली । यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग 2026 के पहले प्लेयर ड्राफ्ट के बाद एम्स्टर्डम फ्लेम्स के को ओनर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने टीम की चयन रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी का मुख्य फोकस ऐसे खिलाड़ियों को चुनना था जो एक से अधिक भूमिकाएं निभाने की क्षमता रखते हों। इसी सोच के तहत विशेषज्ञ बल्लेबाजों की तुलना में ऑलराउंडर्स को अधिक प्राथमिकता दी गई।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स ने ड्राफ्ट में पहले से ही मजबूत कोर टीम के साथ प्रवेश किया था। टीम में ऑस्ट्रेलिया के टी20 कप्तान मिचेल मार्श अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड और नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स जैसे खिलाड़ी पहले से शामिल थे। ऐसे में टीम प्रबंधन का ध्यान शेष टीम को संतुलित बनाने और हर परिस्थिति के लिए तैयार करने पर रहा।

    ड्राफ्ट के दौरान फ्रेंचाइजी ने अपने छह में से चार चयन ऑलराउंडर्स पर किए। इनमें आयरलैंड के कर्टिस कैंपर सबसे प्रमुख नाम रहे। इसके अलावा काइल क्लेन टिम प्रिंगल आर्यन दत्त जॉर्डन नील और मैक्स ओ डॉड को भी टीम में शामिल किया गया।

    ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत में स्टीव वॉ ने कहा कि यह रणनीति मुख्य कोच रयान कुक के साथ मिलकर तैयार की गई थी। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों का महत्व अधिक है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें और जरूरत पड़ने पर अपनी भूमिका बदल सकें। इससे टीम को हर परिस्थिति में बेहतर संतुलन मिलता है।

    वॉ ने कहा कि टीम के पास पहले से ही मिचेल मार्श स्टीव स्मिथ और टिम डेविड जैसे विश्वस्तरीय बल्लेबाज मौजूद हैं। ऐसे में अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाजों की बजाय उन खिलाड़ियों को चुनना अधिक उपयोगी था जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। उनके अनुसार आधुनिक टी20 क्रिकेट में बहु-प्रतिभाशाली खिलाड़ी किसी भी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनते जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग एक नया टूर्नामेंट है और पूरे यूरोप में अलग अलग परिस्थितियों में मुकाबले खेले जाएंगे। ऐसे में बहुमुखी खिलाड़ी टीम को परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने में मदद करेंगे। स्टीव वॉ ने नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी और कनाडा के युवराज समरा की भी सराहना करते हुए उनके प्रदर्शन और क्षमता की प्रशंसा की।

    एम्स्टर्डम फ्लेम्स को उम्मीद है कि संतुलित टीम संयोजन और ऑलराउंडर्स पर आधारित रणनीति उन्हें ईटीपीएल के पहले ही सीजन में मजबूत दावेदार बनाएगी।

  • सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट, चेन्नई में तेजी का रुख, चांदी के दाम में जोरदार उछाल

    सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट, चेन्नई में तेजी का रुख, चांदी के दाम में जोरदार उछाल


    नई दिल्ली। घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। चेन्नई को छोड़कर देश के अधिकांश प्रमुख बाजारों में सोने के दाम घटे, जबकि चेन्नई में सोना महंगा हुआ। वहीं चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

    बाजार में आई गिरावट के चलते अधिकांश शहरों में सोना 1,170 से 1,280 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। इसके विपरीत चेन्नई में 24 और 22 कैरेट सोने के दाम 520 से 570 रुपये प्रति 10 ग्राम तक बढ़ गए। चांदी की कीमत में भी उछाल आया और यह 5,200 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई।

    कीमतों में बदलाव के बाद देश के अधिकांश सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 1,40,770 रुपये से 1,44,560 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत 1,29,040 रुपये से 1,32,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज की गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव बढ़कर 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।

    राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,40,920 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा है। मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,40,770 रुपये और 22 कैरेट सोने का भाव 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।

    चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,44,560 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,32,510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,40,770 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। भोपाल में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये तथा 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

    जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोने का भाव 1,40,920 रुपये, जबकि 22 कैरेट सोना 1,29,190 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। पटना में 24 कैरेट सोना 1,40,820 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,29,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।

    दक्षिण और पूर्वी भारत के प्रमुख बाजारों में भी सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना 1,40,770 रुपये तथा 22 कैरेट सोना 1,29,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

  • हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह

    हैरी केन बोले यह जीत मंजिल नहीं सिर्फ शुरुआत इंग्लैंड ने डीआर कांगो को हराकर बनाई राउंड ऑफ 16 में जगह


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए डीआर कांगो को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। कप्तान हैरी केन ने मैच के अंतिम 15 मिनट में दो गोल दागकर टीम को यादगार जीत दिलाई। अब इंग्लैंड का अगला मुकाबला राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको से होगा। हालांकि जीत के बाद केन ने साफ कहा कि यह सफलता टीम की अंतिम पहचान नहीं है और अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।

    मैच में इंग्लैंड को पहले हाफ में झटका लगा और टीम ब्रेक तक पिछड़ रही थी। इसके बावजूद दूसरे हाफ में खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया और मुकाबले में दमदार वापसी की। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने हाफ टाइम तक पिछड़ने के बाद कोई मुकाबला जीतने में सफलता हासिल की। इससे पहले ऐसे नौ मुकाबलों में टीम सात बार हार चुकी थी जबकि दो मैच ड्रॉ रहे थे।

    जीत के बाद टीम के विंगर एंथनी गॉर्डन ने हैरी केन के नेतृत्व और सोच की सराहना की। उन्होंने बताया कि मैच समाप्त होने के बाद केन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह जीत टीम को परिभाषित नहीं करती और इससे विश्व कप नहीं जीता जाता लेकिन इस उपलब्धि का आनंद जरूर लेना चाहिए। इसके बाद पूरी टीम ने प्रशंसकों के साथ जीत का जश्न भी मनाया।

    गॉर्डन ने कहा कि कई बार बड़ी टीमों पर उम्मीदों का दबाव इतना अधिक होता है कि खिलाड़ी महत्वपूर्ण जीत का भी खुलकर जश्न नहीं मना पाते। लेकिन डीआर कांगो जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यह जीत खास है और इसका आनंद लेना जरूरी है क्योंकि टीम ने कठिन परिस्थितियों में शानदार वापसी की है।

    इस मुकाबले में एंथनी गॉर्डन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के बाद उन्होंने हैरी केन के दोनों गोल के लिए बेहतरीन मौके तैयार किए। हालांकि उन्होंने अपनी बजाय केन की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी ने ही उन्हें सही फैसला लेने का भरोसा दिया। गॉर्डन के अनुसार यदि केन मैदान पर नहीं होते तो शायद वह उन मौकों पर अलग निर्णय लेते लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि केन गेंद को गोल में बदल देंगे।

    अब इंग्लैंड की नजर राउंड ऑफ 16 में मेक्सिको के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है। टीम का लक्ष्य इस लय को बरकरार रखते हुए विश्व कप खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाना होगा।

  • छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज

    छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं देवास में फायर सेफ्टी खामियों पर कोचिंग क्लास सील नगर निगम का अभियान तेज


    देवास । देवास में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों की जांच का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान रामनगर चौराहे के पास स्थित डीसी कोचिंग क्लासेस में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलने पर नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई है।

    नगर निगम की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भवन में आपातकालीन निकास के लिए बनाई गई सीढ़ियां और रैंप बेहद खराब स्थिति में थे। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकाल के दौरान छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने में गंभीर खतरा हो सकता था। इसके अलावा कक्षाओं में भी कई आवश्यक सुरक्षा और मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया।

    निरीक्षण में सबसे बड़ी लापरवाही फायर सेफ्टी को लेकर सामने आई। संस्थान में आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध थे और न ही सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे। नगर निगम अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए कोचिंग संस्थान को सील करने की कार्रवाई की।

    कार्रवाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी जितेंद्र सिसौदिया सहित निगम की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा नियमों का पालन सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसी कोचिंग क्लासेस के अलावा नगर निगम की टीम ने शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संचालकों को भवन सुरक्षा फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास सहित सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में खामियां पाई जाएंगी उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दें और समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर लें ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

  • एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग

    एक साल बाद फिर मंदिर में चोरी देवास के हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट गायब सीसीटीवी बना अहम सुराग


    देवास । मध्य प्रदेश के देवास शहर में एक बार फिर मंदिर से चोरी की घटना सामने आई है। मोती बंगला क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भगवान का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस एक संदिग्ध महिला की तलाश में जुट गई है। खास बात यह है कि इसी मंदिर में करीब एक वर्ष पहले भी मुकुट चोरी की घटना हो चुकी है।

    मंदिर से जुड़े किशोर तिलवंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर एक महिला मंदिर में प्रवेश करती हुई दिखाई दी। वह कुछ समय तक मंदिर के अंदर रही और करीब दो मिनट बाद बाहर निकल गई। सीसीटीवी फुटेज में महिला के हाथ में चांदी के मुकुट जैसा सामान दिखाई दे रहा है जिससे चोरी की आशंका और मजबूत हो गई।

    शाम के समय जब किशोर तिलवंकर के पिता नियमित पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद मंदिर परिसर की जांच की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। रिकॉर्डिंग देखने पर महिला की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं और मुकुट चोरी होने की पुष्टि हुई।

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार चोरी हुए चांदी के मुकुट की कीमत सात हजार रुपए से अधिक आंकी जा रही है। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर महिला की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही मंदिर में बार बार चोरी की घटनाएं होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लगभग एक वर्ष पहले भी इसी मंदिर से भगवान का मुकुट चोरी हुआ था। लगातार दूसरी घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी है और उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला की पहचान की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • गुरुवार की भस्म आरती में अलौकिक दर्शन पंचामृत अभिषेक के बाद भांग बिल्वपत्र और आभूषणों से सजे महाकाल

    गुरुवार की भस्म आरती में अलौकिक दर्शन पंचामृत अभिषेक के बाद भांग बिल्वपत्र और आभूषणों से सजे महाकाल



    उज्जैन  उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त में सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल की विशेष पूजा अर्चना शुरू हुई। गर्भगृह में स्थापित सभी देवी देवताओं का पूजन करने के बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध दही घी शक्कर तथा फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ।

    पंचामृत पूजन के बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। इसके पश्चात कपूर आरती हुई और भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार प्रारंभ किया गया। जटाधारी स्वरूप में विराजमान बाबा महाकाल के मस्तक पर रजत चंद्र धारण कराया गया। भांग चंदन और त्रिपुण्ड से अलंकरण किया गया तथा सुगंधित गुलाब के पुष्पों की माला अर्पित की गई। इसके साथ ही रजत मुकुट पहनाकर भगवान का राजाधिराज स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया।

    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद परंपरा के अनुसार ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म समर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी कारण भस्म आरती का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है और देश विदेश से श्रद्धालु इस दिव्य आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।

    भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुंडमाला रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। भांग ड्रायफ्रूट बिल्वपत्र और आभूषणों से सजे बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया तथा भस्म आरती में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर सुख समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    गुरुवार की इस भस्म आरती में मंदिर परिसर पूरी तरह शिवमय दिखाई दिया। हर हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

  • एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत

    एक्स रे विभाग में सांप दिखते ही मची अफरा तफरी देवास जिला अस्पताल में आधे घंटे बाद मिला राहत


    देवास । देवास जिला अस्पताल में गुरुवार सुबह उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब एक्स रे विभाग में अचानक एक सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल का स्टाफ अपनी ड्यूटी पर पहुंचा था। इसी दौरान एक्स रे विभाग के फर्श पर एक सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया। अचानक सांप नजर आने से वहां मौजूद मरीज और कर्मचारी घबरा गए। कुछ ही देर में सांप पास रखी एक अलमारी के भीतर घुस गया जिससे उसे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।

    घटना की सूचना तुरंत अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा गार्डों को दी गई। गार्ड मौके पर पहुंचे और सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर एक्स रे विभाग में मरीजों और अन्य लोगों का प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

    इसके बाद गार्डों ने अलमारी में छिपे सांप को बाहर निकालने के लिए सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया और उसे एक थैले में रखकर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाया गया। बाद में उसे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

    समय रहते सांप को पकड़ लिए जाने से किसी मरीज या कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और अस्पताल की सेवाएं जल्द ही सामान्य रूप से शुरू कर दी गईं। घटना के बाद कुछ समय तक मरीजों में डर का माहौल जरूर रहा लेकिन रेस्क्यू पूरा होने के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप और अन्य जीव-जंतुओं के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में परिसर की नियमित साफ-सफाई और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • 117 हस्तियों ने भारत-पाक वार्ता की उठाई मांग, संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरा, वैश्विक कार्रवाई पर दिया जोर

    117 हस्तियों ने भारत-पाक वार्ता की उठाई मांग, संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरा, वैश्विक कार्रवाई पर दिया जोर

    नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के संबंधों में संवाद बहाल करने की मांग को लेकर दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों द्वारा खुला पत्र जारी किए जाने के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपना स्पष्ट और सख्त रुख दोहराया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी लड़ाई तभी संभव है, जब सभी देश बिना किसी भेदभाव और दोहरे मानदंड के आतंकवाद तथा उसके समर्थकों के विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई करें।

    संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की सोच वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद का कोई धर्म, सीमा या वैचारिक औचित्य नहीं होता और इससे निपटने के लिए एक समान वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। केवल निंदा या औपचारिक बयान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने वालों, आर्थिक सहायता देने वालों और उन्हें संरक्षण प्रदान करने वालों तक कानून की पहुंच सुनिश्चित करनी होगी।

    भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में सीमा पार आतंकवादी नेटवर्क और नई तकनीकों के दुरुपयोग को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। भारत ने कहा कि आधुनिक तकनीक ने आतंकवादी संगठनों की कार्यप्रणाली को पहले की तुलना में अधिक जटिल और संगठित बना दिया है। इसलिए वैश्विक सुरक्षा तंत्र को भी बदलती चुनौतियों के अनुरूप मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना समय की आवश्यकता है।

    भारत ने विशेष रूप से ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपफेक तकनीक, एन्क्रिप्टेड संचार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैपिंग एप्लिकेशन और डार्क वेब के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। भारत का कहना है कि इन तकनीकों का इस्तेमाल कट्टरपंथ फैलाने, भर्ती अभियान चलाने, वित्तीय लेन-देन छिपाने और आतंकी गतिविधियों के समन्वय के लिए किया जा रहा है। ऐसे में सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।

    भारत ने यह भी दोहराया कि आतंकवाद के वित्तपोषण पर प्रभावी रोक लगाए बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए देशों के बीच खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, वित्तीय निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पूरी तरह पालन करने की आवश्यकता बताई गई। भारत ने कहा कि किसी भी देश की भूमि का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में नहीं होने दिया जाना चाहिए।

    इसी दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार तथा संवाद बहाल करने की मांग को लेकर दोनों देशों की 117 हस्तियों द्वारा जारी खुले पत्र ने भी राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा को गति दी है। हालांकि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के माध्यम से यह स्पष्ट संकेत दिया कि आतंकवाद के मुद्दे पर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं है और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस तथा निष्पक्ष वैश्विक कार्रवाई उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। भारत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी सतर्कता और आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति ही वैश्विक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी मार्ग है।

  • शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए

    शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए


    देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दूध व्यापारी की मौत हो गई। हाटपीपल्या क्षेत्र के नेवरी चापड़ा मार्ग पर नलकी हनुमान मंदिर के पास कार और मिनी ट्रक की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान नेवरी निवासी 42 वर्षीय राजेश जाट के रूप में हुई है। वे दूध व्यापार के साथ पशु आहार का व्यवसाय भी करते थे। जानकारी के अनुसार राजेश जाट बिजवाड़ क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद देर रात अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेवरी चापड़ा मार्ग पर सामने से आ रहे मिनी ट्रक से उनकी कार की आमने सामने टक्कर हो गई।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के प्रभाव से मिनी ट्रक के आगे के दोनों पहिए निकल गए और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। वहीं कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में लगे एयरबैग खुल गए लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि चालक को गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    घटना की सूचना मिलते ही हाटपीपल्या थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल राजेश जाट को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस के अनुसार मिनी ट्रक में प्याज भरे हुए थे। हादसे में ट्रक में सवार एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी मिली है। हालांकि उसने अभी तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार या अन्य कारणों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की है ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।

  • दोहा में अमेरिका-ईरान की अहम बातचीत, होर्मुज पर टकराव बरकरार; समुद्री मार्ग, प्रतिबंध और समझौते की शर्तों पर नहीं बनी सहमति

    दोहा में अमेरिका-ईरान की अहम बातचीत, होर्मुज पर टकराव बरकरार; समुद्री मार्ग, प्रतिबंध और समझौते की शर्तों पर नहीं बनी सहमति

    नई दिल्ली । कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई ताजा वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव चर्चा का सबसे अहम विषय रहा। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार और प्रस्तावित व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, हालांकि बातचीत के बाद किसी ठोस सहमति या औपचारिक प्रगति की घोषणा नहीं की गई। इसके बावजूद इस बैठक को दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    वार्ता के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधियों ने ईरानी पक्ष को स्पष्ट संदेश दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर टोल लगाने की किसी भी योजना से व्यापक समझौते की संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। अमेरिकी पक्ष का तर्क रहा कि यदि भविष्य में आर्थिक प्रतिबंधों में राहत मिलती है और ईरान वैश्विक बाजार में अपने तेल तथा अन्य संसाधनों का निर्बाध निर्यात कर पाता है, तो उससे होने वाली आय किसी भी संभावित टोल व्यवस्था से कहीं अधिक लाभदायक होगी। अमेरिका ने ईरान से दीर्घकालिक आर्थिक हितों को प्राथमिकता देने की अपील भी की।

    बैठक में पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन की शर्तों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच इस समझौते की व्याख्या और उसके क्रियान्वयन को लेकर मतभेद बने हुए हैं। अमेरिका का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसी रणनीतिक समुद्री धुरी से जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था में खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों की सहमति और भागीदारी भी आवश्यक है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि संबंधित क्षेत्र उसके अधिकार क्षेत्र से जुड़ा विषय है और अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उसी के पास होना चाहिए।

    वार्ता के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री गतिविधियों से जुड़े हालिया घटनाक्रम भी चर्चा का हिस्सा रहे। हाल के दिनों में होर्मुज के आसपास बढ़ी सैन्य गतिविधियों और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी है। नए समुद्री मार्गों के संचालन और क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा को लेकर कई देशों की चिंता और बढ़ा दी है।

    समझौता ज्ञापन के तहत निर्धारित 60 दिन की अवधि भी वार्ता का महत्वपूर्ण विषय रही। इस अवधि के पूरा होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन और वहां से गुजरने वाले जहाजों के संचालन को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं। इसी कारण भविष्य की व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर व्यापक समझौते तक पहुंचना दोनों देशों के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार का तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार, तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में दोहा में जारी संवाद को भविष्य के संभावित समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, हालांकि कई संवेदनशील मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी कायम हैं।