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  • Aaj Ka Rashifal 27 जुलाई 2026: कुंभ राशि के लिए आय के नए स्रोत, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    Aaj Ka Rashifal 27 जुलाई 2026: कुंभ राशि के लिए आय के नए स्रोत, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । सोमवार का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ रहा है। कुंभ राशि वालों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है, जबकि मेष, सिंह और धनु राशि के जातकों को करियर में सफलता के संकेत मिल रहे हैं। जानिए सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष राश
    आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। रुके हुए कार्यों में गति आएगी और कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता की सराहना होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। वरिष्ठ अधिकारियों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

    शुभ रंग: गुलाबी लाल
    शुभ अंक: 8, 9
    उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।

    वृष राशि
    आज धैर्य और संयम से काम लेने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। व्यापार में सहयोगियों का साथ मिलेगा, लेकिन किसी भी बड़े निर्णय में जल्दबाजी से बचें। पढ़ाई और शोध कार्यों में सफलता मिल सकती है।

    शुभ रंग: हल्का गुलाबी
    शुभ अंक: 2, 8, 9
    उपाय: भगवान शिव का पूजन करें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।

    मिथुन राशि
    पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। साझेदारी के कार्यों में लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार और नौकरी में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर अच्छे परिणाम मिलेंगे।

    शुभ रंग: आसमानी
    शुभ अंक: 2, 5, 8, 9
    उपाय: जीवनसाथी के साथ प्रेम और सहयोग का भाव बनाए रखें।

    कर्क राशि
    आज किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें और निवेश सोच-समझकर करें। कार्यस्थल पर समय का सही उपयोग करें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

    शुभ रंग: हल्का गुलाबी
    शुभ अंक: 2, 8, 9
    उपाय: शिव मंत्रों का जाप करें और संयम बनाए रखें।

    सिंह राशि
    व्यापार और करियर में प्रगति के संकेत हैं। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है।

    शुभ रंग: गहरा गुलाबी
    शुभ अंक: 1, 2, 9
    उपाय: भगवान शिव की आराधना करें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।

    कन्या राशि
    भावुक होकर कोई बड़ा फैसला न लें। मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाएं। परिवार के साथ संबंध मधुर रहेंगे और कार्यस्थल पर अनुशासन सफलता दिलाएगा।

    शुभ रंग: समुद्री
    शुभ अंक: 2, 5, 8, 9
    उपाय: क्रोध और जिद से बचें।

    तुला राश
    व्यापार और नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और सामाजिक दायरा बढ़ेगा। नई मुलाकातें भविष्य में लाभदायक साबित होंगी।

    शुभ रंग: सिल्वर
    शुभ अंक: 2, 6, 8, 9
    उपाय: भाईचारे और सहयोग की भावना बनाए रखें।

    वृश्चिक राशि
    पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। बचत और निवेश से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे। मधुर व्यवहार आपके लिए लाभदायक रहेगा।

    शुभ रंग: मरून
    शुभ अंक: 8, 9
    उपाय: विनम्रता बनाए रखें और भगवान शिव का पूजन करें।

    धनु राशि
    नई योजनाएं और नए अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। करियर और कारोबार में सफलता मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रेम संबंधों में भी मधुरता आएगी।

    शुभ रंग: भगवा
    शुभ अंक: 2, 3, 8, 9
    उपाय: अपनी रचनात्मकता का पूरा उपयोग करें।

    मकर राश
    आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट के अनुसार चलें। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। वरिष्ठों की सलाह लाभदायक साबित होगी।

    शुभ रंग: मड कलर
    शुभ अंक: 2, 8, 9
    उपाय: कम बोलें और सोच-समझकर निर्णय लें।

    कुंभ राशि
    आज का दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। करियर और व्यापार में उन्नति होगी। मित्रों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में सुधार होगा और कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ सकता है।

    शुभ रंग: मूनस्टोन
    शुभ अंक: 2, 8, 9
    उपाय: अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान रखें और भगवान शिव की आराधना करें।

    मीन राश
    सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। कारोबार में तेजी आएगी और महत्वपूर्ण निर्णय आपके पक्ष में रह सकते हैं। पैतृक संपत्ति या परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    शुभ रंग: स्वर्णिम
    शुभ अंक: 2, 3, 8, 9
    उपाय: हर महत्वपूर्ण कार्य में पहल करें और शिव मंत्रों का जाप करें।

  • मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या

    मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सप्ताह पहले जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर एक सड़क हादसे में हुई पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं, बल्कि रेत के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई में रची गई सुनियोजित हत्या थी।

    रेत कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर उसकी गाड़ी को पहले से सड़क के दोनों ओर खड़े हाईवा से कुचलकर हादसे का रूप दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है।

    गौरतलब है कि नरसिंहपुर जिले के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर गत 19 जुलाई को एक बेकाबू हाईवा ने सड़क किनारे अपनी कार खड़ी करके सेल्फी ले रहे 6 युवकों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर के पावला निवासी राजेंद्र लोधी (28) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (30) ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा है।

    पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि राजेंद्र लोधी और आरोपी आनंद पटेल दोनों बेलखेड़ा क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार से जुड़े थे। दोनों के बीच अवैध रेत कारोबार में वर्चस्व और आर्थिक हितों को लेकर विवाद था। जबलपुर के डॉ. अमित खरे की भी राजेंद्र से रुपये के लेनदेन को लेकर रंजिश थी, इसीलिए आनंद और डॉ. अमित खरे ने हत्या की साजिश रची। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे ने मुख्य आरोपी को घटना को हादसा दिखाने व साक्ष्य छिपाने के तरीके बताए। घटना वाले दिन आरोपी राजा, अरविंद और भरत पटेल लगातार राजेंद्र लोधी की लोकेशन मुख्य आरोपी आनंद पटेल तक पहुंचा रहे थे। राजेंद्र साथियों के साथ जैसे ही वहां पहुंचा, हाईवा से उनकी गाड़ी को कुचल दिया।

    नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र पटेल के बीच व्यापार की पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश में राजेंद्र पटेल सहित पांच युवकों को हाईवा से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हत्या में इस्तेमाल हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगल से बरामद हो गई। पूछताछ में राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद आरोपी भी पकड़े गए।

    पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शुभम, प्रीतम और ऋतुराज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बताया कि साजिश में जबलपुर के अस्पताल संचालक अमित खरे भी शामिल था। उसने आनंद पटेल को हत्या को हादसा दिखाने के तरीके बताए थे। वहीं, राजा पटेल ने राजेंद्र लोधी की रेकी कर उसकी लोकेशन आरोपियों तक पहुंचाई।

  • MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन

    MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में संस्कृति विभाग के सहयोग से रविवार देर शाम मानस भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक ‘युगप्रवर्तक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार’ विषय पर आधारित महानाट्य मंचन हुआ। नागपुर के ‘नादब्रह्म’ संस्था के कलाकारों ने डॉ. हेडगेवार’ के जीवन के संघर्षों और विचारों को मंच पर जीवंत कर दिया।

    कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मप्र उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार पालीवाल, उद्योगपति एवं समाजसेवी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. कैलाश गुप्ता थे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में बोलना सौभाग्य के साथ-साथ जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के कार्यों का सही मूल्यांकन उसके विचारों और उनके दीर्घकालीन प्रभाव से होता है। डॉ. हेडगेवार ने अपने 51 वर्ष के जीवन में मात्र 15 वर्षों के संघ कार्य के माध्यम से जिस संगठन की नींव रखी, वह आज विश्व के लिए आश्चर्य का विषय है।

    मंत्री सिंह ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के मन में बचपन से ही देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प था। उन्होंने क्रांतिकारी के रूप में कार्य किया, शिक्षा के लिए कलकत्ता गए और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में देश की आजादी के लिए कार्य किया तथा वर्ष 1930 में जंगल कानून के विरोध में सत्याग्रह करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भी भुगता।

    उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार केवल देश की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि स्वतंत्र भारत के निर्माण को लेकर भी चिंतित थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की और अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण तथा संगठन निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके प्रयासों का परिणाम है कि आज संघ विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में शामिल है।

    मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यदि हम डॉ. हेडगेवार के जीवन से थोड़ी भी प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में अपनाएं, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महानाट्य के माध्यम से उनके जीवन और विचारों को समझना अधिक सहज होगा तथा यह प्रस्तुति समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक बनेगी।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजकों ने बताया कि नागपुर के ‘नादब्रह्म’ द्वारा निर्मित ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ (संघ सृजन का भव्य नाट्य आविष्कार) महानाट्य का यह 57वां मंचन है तथा इसकी 151 प्रस्तुतियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में इसका सफल मंचन हो चुका है। मध्य प्रदेश में यह इसका आठवां प्रदर्शन रहा।

    इस महानाट्य के संयोजक निखिल देशकर, संरक्षक रविजी भुसारी (ज्येष्ठ प्रचारक, रा.स्व.संघ), निर्माता पद्माकर धानोरकर, लेखक डॉ. अजय प्रधान, निर्देशक सुबोध सुर्जकर और संगीत शैलेश दाणी द्वारा तैयार किया गया था। कार्यक्रम में महाकौशल प्रांत के प्रांत संचालक , विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पाण्डेय, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, डॉ. जितेन्द्र जामदार, भाजपा के प्रदेश दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संदीप रजक सहित गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

  • इंदौर में जैन संत सुधासागर महाराज का मंगलप्रवेश, जुलूस में उमड़े हजारों समाजजन

    इंदौर में जैन संत सुधासागर महाराज का मंगलप्रवेश, जुलूस में उमड़े हजारों समाजजन


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर में रविवार को राष्ट्रसंत सुधासागर महाराज का नगर प्रवेश हुआ। इस अवसर पर निकले भव्य मंगल प्रवेश जुलूस में हजारों समाजजनों ने महाराज श्री की अगवानी की।

    राजवाड़ा पर जैन समाज के परिवार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे। जुलूस बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर मल्हारगंज, खजूरी बाजार, राजवाड़ा, जवाहर मार्ग और राजमोहल्ला होते हुए दलालबाग पहुंचा। मार्ग में जगह-जगह मंच लगाकर जुलूस का स्वागत किया गया। महिलाएं मंगलगान गाते हुए जुलूस में शामिल हुईं।

    यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर मुनिश्री का स्वागत किया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा में शामिल हुए। जुलूस में पांच जैन तीर्थों की झांकियां, उज्जैन का 101 सदस्यीय महाकाल बैंड, नासिक का महिला बैंड, 11 विंटेज कारें, दो हाथी, 24 बग्घियां, 12 अश्वारोही बालक-बालिकाएं और 60 महिला मंडल मुख्य आकर्षण रहे।

    इसके बाद दलालबाग में धर्मसभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुनिश्री ने अपने प्रवचन दिए। मंगल प्रवेश के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुनिश्री से आशीर्वाद लिया। मुनि सुधासागर महाराज को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त है। जब उनका मंगल प्रवेश जुलूस राजवाड़ा पहुंचा तो जैन समाज के हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

  • झांसी पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा

    झांसी पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा


    झांसी।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रविवार को निवाड़ी में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करने के बाद अपने आध्यात्मिक गुरु ऋतेश्वरमहाराज से मिलने झांसी सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि दतिया उपचुनाव के मद्देनजर उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की। हालांकि मीडिया द्वारा पूछे गए अन्य सवालों का जवाब दिए बिना वह वहां से रवाना हो गए।

    झांसी पहुंचने पर पुलिस लाइन से हेलीकॉप्टर से सर्किट हाउस पहुंचे मुख्यमंत्री का सदर विधायक पं. रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, भाजपा पार्षद सुनील नैनवानी सहित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यहां उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इसके बाद वह पुलिस लाइन से हेलीकॉप्टर द्वारा मध्यप्रदेश के सागर जिले के लिए रवाना हो गए।

    इससे पहले, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ओरछा पहुंचकर प्रसिद्ध रामराजा मंदिर में दर्शन किए और जहांगीर महल का भ्रमण किया। इसके बाद निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 46 राजस्व स्टाफ आवास (निवाड़ी) तथा 29 राजस्व स्टाफ आवास (पृथ्वीपुर) का लोकार्पण किया। साथ ही जिला चिकित्सालय निवाड़ी के 100 बिस्तरीय भवन के उन्नयन कार्य, ग्राम जेवरा, पृथ्वीपुर और सेंधरी में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवनों तथा संजीवनी क्लिनिक का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री अपराह्न झांसी पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे के दौरे पर रवाना हो गए।

  • एयर इंडिया की चेक-इन सुविधा अब नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों पर भी उपल्बध

    एयर इंडिया की चेक-इन सुविधा अब नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों पर भी उपल्बध


    नई दिल्ली।
    टाटा समूह की अगुवाई वाली एयर इंडिया ने दिल्ली मेट्रो चेक-इन सर्विस के साथ अब नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों पर अपनी चेक-इन सर्विस की शुरुआत की है।

    एयर इंडिया ने रविवार को ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा कि शहर से आसमान तक, हम हर सफर को आसान बनाते हैं। कंपनी ने कहा कि हमारी दिल्ली मेट्रो चेक-इन सर्विस के साथ अब आप नई दिल्ली और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों पर अपनी चेक-इन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    एयरलाइन ने कहा कि घरेलू और इंटरनेशनल दोनों तरह की फ़्लाइट्स के लिए पहले से चेक-इन की सुविधा उपलब्ध है। कंपनी ने कहा कि मेट्रो से सीधे एयरपोर्ट तक सुरक्षित सामान का ट्रांसफर। ये सर्विस रोजाना सुबह 07:00 बजे से रात 09:00 बजे तक यात्री के लिए उपलब्ध है।

    एयर इंडिया ने कहा कि ट्रैफिक की वजह से होने वाली देरी से बचने और समय बचाने का एक सुविधाजनक तरीका है। यह हमारे मेहमानों के सफर के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम है, ताकि शहर से आसमान तक उन्हें आराम, सुविधा और सुकून मिल सके।

  • मारुति सुजुकी का चालू वित्त वर्ष में 9 लाख सीएनजी वाहन बेचने का लक्ष्य

    मारुति सुजुकी का चालू वित्त वर्ष में 9 लाख सीएनजी वाहन बेचने का लक्ष्य


    नई दिल्ली।
    देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 9 लाख सीएनजी वाहन बेचने का लक्ष्य रखा है। यह पिछले वित्त वर्ष में बेची गई 7 लाख से अधिक इकाइयों की तुलना में लगभग 30 फीसदी की वृद्धि होगी।

    मारुति सुज़ुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की (अप्रैल-जून) पहली तिमाही में कंपनी ने विभिन्न मॉडल श्रेणियों में 2.2 लाख सीएनजी वाहन बेचे हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 58 फीसदी अधिक है।

    पार्थो बनर्जी ने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के बाद ईंधन के दाम बढ़ने से सीएनजी वाहनों की मांग बढ़ी है। उन्होंने बताया कि कंपनी का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाद ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से सीएनजी वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। कंपनी को मांग में पहले ही तीव्र वृद्धि देखने को मिल रही है।

    चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सीएनजी वाहन बिक्री लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पहली तिमाही के आंकड़े को देखते हुए हम लगभग नौ लाख इकाई की बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं। बनर्जी ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने सात लाख से ज्यादा सीएनजी वाहन बेचे थे। उन्होंने कहा कि पहले सीएनजी वाहनों की मांग मुख्य रूप से छोटी कारों, वैन और अर्टिगा तक सीमित थी लेकिन अब कंपनी की एसयूवी श्रेणी में भी इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

    बनर्जी के अनुसार कंपनी की विक्टोरिस एसयूवी की कुल बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी गाड़ी के नीचे लगे सीएनजी टैंक (अंडरबॉडी) संस्करण की है। इसी रुझान को देखते हुए कंपनी ने नई ब्रेज़ा एस-सीएनजी में भी अंडरबॉडी सीएनजी टैंक की सुविधा दी है। उन्होंने कहा कि मारुति सुज़ुकी फिलहाल घरेलू बाजार में 15 सीएनजी मॉडल, जिनमें हल्के वाणिज्यिक वाहन भी शामिल हैं, बेच रही है। पिछले महीने कंपनी की कुल बिक्री में सीएनजी वाहनों की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही, जो इस श्रेणी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

  • टी20 में नंबर-1 बनी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे का किया क्लीन स्वीप, तीसरा मुकाबला 35 रन से जीता

    टी20 में नंबर-1 बनी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे का किया क्लीन स्वीप, तीसरा मुकाबला 35 रन से जीता


    हरारे।
    भारतीय क्रिकेट टीम ने तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 35 रन से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 3-0 से अपने नाम कर ली। हाल ही में आईसीसी टी20 रैंकिंग में दोबारा शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीम इंडिया ने इस जीत के साथ अपने शानदार फॉर्म को भी बरकरार रखा।

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 192 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 157 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 35 रन से जीत लिया।

    भारत की जीत के नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 49 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनके सलामी जोड़ीदार अभिषेक शर्मा मात्र 02 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ईशान किशन ने 29 रन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने 27 रन का योगदान दिया। अंतिम ओवरों में रिंकू सिंह ने 14 गेंदों पर 25 रनों की तेज पारी खेलकर टीम का स्कोर 192 तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पहले मैच की तरह इस बार भी पारी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। मयंक ने अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से तीन विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    डेब्यू कर रहे अशोक शर्मा ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला विकेट हासिल किया। हालांकि, उनके स्पेल के दौरान एक आसान कैच छूट गया था, लेकिन बाद में उन्होंने तदिवानाशे मरुमानी को क्लीन बोल्ड कर अपने करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज किया।

    हालांकि भारतीय टीम की फील्डिंग उम्मीद के अनुरूप नहीं रही और खिलाड़ियों ने कई आसान कैच छोड़े, फिर भी गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया।

    यह सीरीज जीत भारत के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि हाल ही में टीम ने आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर-1 टीम का स्थान हासिल किया है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद भारत शीर्ष स्थान से नीचे खिसक गया था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार तीन जीत के दम पर उसने एक बार फिर शीर्ष स्थान पर कब्जा मजबूत कर लिया।

    इस शानदार जीत के साथ टीम इंडिया ने न केवल श्रृंखला में क्लीन स्वीप किया, बल्कि आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए भी अपना आत्मविश्वास और मनोबल मजबूत किया।

  • शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद सियासी संग्राम तेज, विपक्ष में श्रेय की होड़

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद सियासी संग्राम तेज, विपक्ष में श्रेय की होड़


    नई दिल्ली।
    नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। आंदोलन समाप्त होने के साथ ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच इस घटनाक्रम का राजनीतिक श्रेय लेने की प्रतिस्पर्धा तेज होती दिखाई दे रही है। विपक्षी दल इसे युवाओं के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक बढ़त के रूप में पेश करने में जुटे हैं।

    उत्तर प्रदेश और पंजाब की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए विपक्षी दल छात्र आंदोलन को चुनावी मुद्दे के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव युवाओं और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता दे रहे हैं, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी भी परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दे को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना रही है।

    उत्तर प्रदेश और पंजाब पर विपक्ष की नजर

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में युवा मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को आगामी चुनावों तक जीवित रखना चाहती हैं। वहीं पंजाब में भी युवाओं से जुड़े सवालों को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय नजर आ रहे हैं।

    राहुल गांधी और अखिलेश यादव की हालिया मुलाकात को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों दल परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने परीक्षा सुधारों का किया ऐलान

    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानूनी प्रावधान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर टास्क फोर्स गठित की गई है।

    प्रधानमंत्री के अनुसार, यह समिति परीक्षा सुधारों, तकनीकी सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने के लिए सुझाव देगी, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।

    आंदोलन के बाद श्रेय की राजनीति

    शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने आंदोलन की सफलता का श्रेय राहुल गांधी के नेतृत्व को दिया। दिल्ली में राहुल गांधी के समर्थन में पोस्टर भी लगाए गए। वहीं कांग्रेस नेताओं ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमला बोला।

    राहुल गांधी ने संसद के भीतर और बाहर पेपर लीक तथा परीक्षा प्रणाली के मुद्दे को उठाया, जबकि प्रियंका गांधी ने भी प्रदर्शन कर सरकार को घेरा। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी छात्रों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छात्र आंदोलन अब केवल परीक्षा सुधार का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों की आगामी चुनावी राजनीति में भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्षी दल इसे युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार परीक्षा सुधारों और नई कानूनी व्यवस्था के जरिए भरोसा बहाल करने की कोशिश में जुटी है।

  • पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा दांव: नंदन नीलेकणि की अगुआई में 6 सदस्यीय हाई-पावर टास्क फोर्स, पूर्व ISRO प्रमुख और पूर्व IB निदेशक भी शामिल

    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा दांव: नंदन नीलेकणि की अगुआई में 6 सदस्यीय हाई-पावर टास्क फोर्स, पूर्व ISRO प्रमुख और पूर्व IB निदेशक भी शामिल


    नई दिल्ली।
    देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में छह सदस्यीय हाई-पावर टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) समेत देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।

    समिति में अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, खुफिया तंत्र, शिक्षा प्रशासन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रश्नपत्रों की तैयारी, परिवहन, परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रक्रिया में सुरक्षा की बहुस्तरीय व्यवस्था विकसित करना है।

    समिति में शामिल प्रमुख सदस्य

    नंदन नीलेकणि (अध्यक्ष)

    आधार परियोजना के प्रमुख वास्तुकार और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि समिति का नेतृत्व करेंगे। वे डिजिटल ढांचे को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की रणनीति तैयार करेंगे।

    एस. सोमनाथ (पूर्व अध्यक्ष, इसरो)

    चंद्रयान-3 मिशन के नेतृत्व के लिए चर्चित रहे पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ परीक्षा प्रणाली को वैज्ञानिक और त्रुटिरहित बनाने के लिए तकनीकी सुझाव देंगे। उनका फोकस प्रक्रियाओं को अधिक विश्वसनीय और जोखिम-मुक्त बनाने पर रहेगा।

    तपन डेका (पूर्व निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो)

    आंतरिक सुरक्षा और खुफिया मामलों के विशेषज्ञ तपन डेका प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और संगठित पेपर लीक नेटवर्क की पहचान एवं रोकथाम से जुड़े सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में योगदान देंगे।

    प्रो. वी. कामाकोटी (निदेशक, IIT मद्रास)

    साइबर सुरक्षा और स्वदेशी प्रोसेसर तकनीक के विशेषज्ञ प्रो. कामाकोटी परीक्षा से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर और डाटा सुरक्षा को मजबूत करने के उपाय सुझाएंगे। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सुरक्षा तंत्र विकसित करने पर भी उनका ध्यान रहेगा।

    अनीता करवाल (पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव)

    पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव और सीबीएसई की पूर्व अध्यक्ष अनीता करवाल प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा संचालन से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करेंगी।

    अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ)

    वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमृत लाल मीणा प्रश्नपत्रों की छपाई, सुरक्षित परिवहन और वितरण प्रणाली को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक सुरक्षित बनाने की रणनीति तैयार करेंगे। जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल सुरक्षा उपायों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।

    परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार पर फोकस

    सरकार का मानना है कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली के प्रत्येक चरण की समीक्षा कर सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए ठोस सिफारिशें देगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर एनटीए और अन्य राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों के कामकाज में संरचनात्मक बदलाव किए जाने की संभावना है, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।