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SIR पर ममता बनर्जी का तीखा हमला: अगर नाम हटाएँ, तो किचन में रखे सामानों के साथ तैयार रहें
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में स्टैंडर्डाइज्ड इलेक्टोरल रजिस्टर (SIR) को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कृष्णानगर में एक रैली के दौरान बेहद तीखा और विवादित बयान देते हुए महिलाओं से आह्वान किया कि यदि वोटर लिस्ट की समीक्षा में उनके नाम हटाए जाएँ, तो वे किचन में मौजूद सामानों के साथ तैयार रहें।अगर नाम काटे जाएँ… महिलाएँ आगे बढ़ें, पुरुष पीछे खड़े रहें
कृष्णानगर की सभा में ममता बनर्जी ने कहा,
अगर चुनाव के दौरान दिल्ली से पुलिस बुलाकर माताओं-बहनों को डराया जाएगा और आपके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएँगे, तो इसे सहन मत करो। आपके किचन में हथियार हैं… महिलाएँ आगे बढ़ेंगी और पुरुष उनके पीछे खड़े होंगे।उनके इस बयान को भाजपा ने भड़काऊ करार दिया है, जबकि तृणमूल समर्थक इसे जन अधिकार की लड़ाई बता रहे हैं।
बीजेपी पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप
सभा में ममता ने भाजपा पर तीखे शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा,
बीजेपी हर चुनाव में पैसे और बाहरी लोगों का इस्तेमाल कर जनता को बांटती है। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करती हूं। धर्म का मतलब पवित्रता, मानवता और शांति है-हिंसा या भेदभाव नहीं।उन्होंने धार्मिक आयोजनों पर भी टिप्पणी की और कहा कि लोग जब घर में गीता का पाठ करते हैं या दिल में अल्लाह से दुआ करते हैं, तब इसका दिखावा करने की जरूरत नहीं होती।
क्या मुझे दंगाइयों की पार्टी को अपनी नागरिकता साबित करनी होगी?
NRC और SIR को लेकर केंद्र पर हमला बोलते हुए ममता बोलीं,
क्या अब मुझे दंगाइयों की पार्टी (बीजेपी) को अपनी नागरिकता साबित करनी पड़ेगी?उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री बंगालियों को बांग्लादेशी बताकर डिटेंशन सेंटर भेजने की कोशिश कर सकते हैं।
किसी को बंगाल से बाहर नहीं जाने देंगे
उन्होंने जोर देकर कहा,
हम किसी को पश्चिम बंगाल से बाहर नहीं निकालने देंगे। अगर किसी को जबरन निकाला गया, तो उसे वापस लाने का तरीका हम जानते हैं।राजनीतिक माहौल गरम, SIR पर टकराव बढ़ा
SIR को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। तृणमूल कांग्रेस कहती है कि यह बंगालियों को वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश है, जबकि बीजेपी इसे पारदर्शिता और फर्जी वोटिंग खत्म करने की प्रक्रिया बताती है।
ममता का यह बयान आग में घी डालने जैसा माना जा रहा है। -

बिग बॉस फाइनलिस्ट तान्या मित्तल विवादों में! स्टाइलिस्ट ने बकाया पेमेंट और आउटफिट पर साधा निशाना
नई दिल्ली। बिग बॉस 19′ की तीसरी रनर-अप और स्पिरिचुअल इन्फ्लुएंसर तान्या मित्तल अब फिनाले के बाद विवादों में घिर गई हैं। उनके खिलाफ उनकी स्टाइलिस्ट रिद्धिमा शर्मा ने सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिद्धिमा ने दावा किया कि तान्या और उनकी टीम ने महंगे आउटफिट वापस नहीं किए, बकाया भुगतान नहीं किया और इंडस्ट्री के पेशेवरों के साथ दुर्व्यवहार किया।स्टाइलिस्ट ने खोला राज़:
रिद्धिमा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर तान्या के टीम के व्यवहार पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ वे लगातार तान्या का समर्थन करती रहीं, लेकिन दूसरी तरफ उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। रिद्धिमा ने बताया कि उन्होंने बिग बॉस के दौरान एक पूरे सप्ताह के लिए महंगे साड़ी और लहंगे भेजे थे, जिनमें से अभी तक कई आउटफिट्स वापस नहीं लौटाए गए हैं। उन्होंने कहा, “सिर्फ कल का लहंगा ही ₹58,000 का था।”पेमेंट और धमकी का मामला:
स्टाइलिस्ट ने आरोप लगाया कि एक बार जब वह किसी अन्य शहर में होने के कारण तुरंत आउटफिट नहीं भेज पाईं, तो तान्या की टीम ने धमकी दी कि अगर आउटफिट समय पर नहीं आया तो पेमेंट नहीं होगा। हालांकि, इसके 10 मिनट के भीतर एक सप्ताह का भुगतान ₹50,000 कर दिया गया। लेकिन रिद्धिमा ने सवाल उठाया कि पिछले दो ‘वीकेंड वॉर’ के आउटफिट और ग्रैंड फिनाले में तान्या के भाई के आउटफिट का भुगतान अभी भी लंबित है।स्टाइलिस्ट का गुस्सा और संदेश:
रिद्धिमा ने तान्या और उनकी टीम पर निशाना साधते हुए कहा, “यह एटीट्यूड साफ दिखाता है कि वह कैसी हैं। कम से कम स्टाइलिस्ट, दर्जी और डिजाइनरों के लिए सम्मान रखें।”बिग बॉस में चर्चा का विषय:
तान्या मित्तल बिग बॉस हाउस में अपनी 800 साड़ियों के दावे और स्टाइल को लेकर पहले ही सुर्खियों में थीं। अब फिनाले के बाद यह विवाद उनकी छवि और इंडस्ट्री में भुगतान और व्यवहार के मुद्दों को लेकर नई बहस खड़ा कर रहा है। -

सलमान खान रेड सी फिल्म फेस्टिवल में चमके, हॉलीवुड स्टार्स के साथ शेयर किया फ्रेम; फैंस बोले -‘भाई फिर से जवान हो गए’
नई दिल्ली/:सलमान खान ने बुधवार को रेड सी फिल्म फेस्टिवल के गोल्डन ग्लोब्स गाला डिनर में अपने स्टाइलिश लुक से सभी को प्रभावित किया। काले रंग के शार्प सूट में पहुंचे सलमान ने हॉलीवुड स्टार्स इड्रिस एल्बा और एडगर रामिरेज़ के साथ पोज़ दिया। इस दौरान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।ग्लोबल आइकॉन्स के साथ पावरहाउस फ्रेम:
फेस्टिवल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीरें साझा की गईं। एक तस्वीर में सलमान बीच में खड़े हैं, जिन्होंने मैचिंग शर्ट और टाई के साथ ऑल-ब्लैक सूट पहना था। उनके बाईं ओर एडगर रामिरेज़ काले वेलवेट जैकेट और डार्क शर्ट में दिखे, जबकि दाईं ओर इड्रिस एल्बा ने व्हाइट टी-शर्ट के साथ ब्लैक डबल-ब्रेस्टेड जैकेट पहना था।फैंस अपनी खुशी रोक नहीं पाए और सलमान की उम्र से परे दिखती ऊर्जा की तारीफ की। एक फैन ने लिखा, “भाई, समय के साथ पीछे जा रहे हैं-बिल्कुल 2000 के दशक जैसे दिख रहे हैं!” जबकि दूसरे ने मजाकिया अंदाज में कहा, “सलमान खान और इड्रिस एल्बा-मेरे 2025 के बिंगो कार्ड पर कभी नहीं सोचा था।”
सलमान ने की सऊदी अरब की तारीफ, आलिया भट्ट को दी बधाई:
रेड कार्पेट पर बातचीत के दौरान सलमान ने सऊदी अरब और वहां की संस्कृति की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जगह बहुत पसंद है और वह अक्सर यहां आते रहते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने अभिनेत्री आलिया भट्ट को सम्मानित किए जाने पर बधाई दी और इसे अद्भुत उपलब्धि बताया। सलमान ने कहा, “हां, आलिया भट्ट, यह अद्भुत है! केवल सऊदी ही इसे संभव कर सकता है। वे बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और मुझे यह पसंद है कि वे अपनी सर्वश्रेष्ठ चीज़ों को हमारी संस्कृति के साथ जोड़ रहे हैं।”अगली फिल्म -‘बैटल ऑफ गलवान’:
सलमान खान की 2025 की फिल्म ‘सिकंदर’ को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। अब वह निर्देशक अपूर्व लाखिया की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ में नजर आएंगे। यह फिल्म 2020 की गलवान घाटी झड़प पर आधारित है, जिसमें भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हाथ से हाथ लड़ाई दिखाई जाएगी, जिसमें हथियारों का इस्तेमाल नहीं हुआ था। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी मुख्य भूमिका में हैं।सलमान ने हाल ही में आर्यन खान द्वारा निर्देशित वेब शो ‘द बार्ड्स ऑफ बॉलीवुड’ में कैमियो किया है और बिग बॉस 19 होस्ट करते भी दिख रहे हैं।
‘बैटल ऑफ गलवान’ – बहादुरी की कहानी:
‘बैटल ऑफ गलवान’ सलमान खान की एक बड़ी परियोजना है, जो स्वतंत्रता के बाद भारतीय सेना के लिए सबसे खतरनाक संघर्षों में से एक को दर्शाती है। फिल्म में दिखाया जाएगा कि सैनिक अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए सिर्फ लाठी, पत्थर और हाथों का इस्तेमाल करके लड़ते हैं। सलमान इस झड़प में शहीद हुए 16 बिहार रेजिमेंट के कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा सकते हैं। यह कहानी शिव अरूर और राहुल सिंह की किताब India’s Most Fearless 3 के एक अध्याय से प्रेरित है। इस चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए सलमान ने कठोर शारीरिक प्रशिक्षण लिया। फिल्म 2026 में बड़े पर्दे पर रिलीज़ होने की उम्मीद है। -

2026 में पड़ेगा ज्येष्ठ अधिकमास 13 महीने का साल धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से विशेष संयोग"
नई दिल्ली । हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 एक विशेष खगोलीय संयोग लेकर आ रहा है जिसमें साल 13 महीनों का होगा। इस वर्ष में ज्येष्ठ अधिकमास अधिक मास पड़ने वाला है। यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है जो धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ज्योतिषाचार्य अमर डिब्बेवाला के अनुसार यह संयोग अत्यंत शुभ और लाभकारी माना जा रहा है। इसके साथ ही सिंहस्थ कुंभ से पहले का समय विशेष फलदायक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।अधिकमास क्या है
हिंदू पंचांग के अनुसार हर 2-3 वर्षों में एक अतिरिक्त महीना जुड़ता है जिसे अधिकमास अधिकार मास या मलमास कहा जाता है। यह अतिरिक्त महीना तब जुड़ता है जब सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश नहीं करता और चंद्र मास और सौर मास की गति में अंतर पैदा हो जाता है। इस कारण पंचांग की गणना में एक और महीना जुड़ता है ताकि यह अंतर संतुलित किया जा सके।
अधिकमास का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है क्योंकि इस महीने में किए गए व्रत तप पूजा और दान का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक माना जाता है। 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास के कारण यह वर्ष आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धार्मिक दृष्टि से अधिकमास का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास का महीना अत्यंत पवित्र और पुण्य फलदायक होता है। इस माह में किए गए धार्मिक कार्यों व्रत साधना और दान का फल कई गुना अधिक मिलता है। यह महीना विशेष रूप से भगवान पुरुषोत्तम की पूजा के लिए जाना जाता है। इस दौरान लोग तीर्थ यात्रा भजन कीर्तन पूजा और दान आदि पुण्य कार्य करते हैं जो उनके जीवन में आशीर्वाद और समृद्धि लेकर आते हैं।
पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास का विशेष धार्मिक महत्व है और यह माह करीब 58-59 दिनों तक रहेगा। इस दौरान धार्मिक कार्यों और पुण्य कार्यों को बढ़-चढ़कर किया जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और इस महीने के दौरान विशेष रूप से भगवान पुरुषोत्तम की साधना की जाती है।
क्या करें इस माह में
इस महीने में किए जाने वाले कुछ विशेष धार्मिक कार्यों में शामिल हैं धार्मिक अनुष्ठान और पूजन जैसे भजन कीर्तन भागवत और अन्य धार्मिक कार्य।तीर्थ यात्रा पर जाना और पवित्र नदियों में स्नान करना। विशेषकर शिप्रा नदी में स्नान करने और महाकालेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना करने की परंपरा है।ब्राह्मणों को दान देना और गरीबों की सहायता करना। इस दौरान लोग अपने पितरों का तर्पण करने के लिए भी विशेष पूजा करते हैं।
यह पुण्य कार्य पितरों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है। हिंदू पंचांग में ज्येष्ठ का महीना एक विशेष समय होता है और अधिकमास के दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का फल अनमोल माना जाता है। विशेष रूप से सिंहस्थ कुंभ से पहले आने वाला यह माह आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत लाभकारी है।ज्येष्ठ अधिकमास का खगोलीय संयोग
वर्ष 2026 का ज्येष्ठ अधिकमास विशेष खगोलीय संयोग का हिस्सा है। इस दौरान सूर्य और चंद्रमा की स्थिति ऐसी होती है कि अतिरिक्त महीना जोड़ने की आवश्यकता होती है। इस समय का प्रभाव पूरे साल में पड़ता है और 2026 का यह अधिकमास विशेष रूप से एक आदर्श समय माना जा रहा है जब विभिन्न धार्मिक कार्यों के जरिए जीवन में सुख समृद्धि और शांति प्राप्त की जा सकती है।साल 2026 के इस 13 महीने के पंचांग में धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का एक नया अध्याय शुरू होगा जो भविष्य में आने वाले कुंभ मेले से पहले एक बेहद महत्वपूर्ण संयोग रहेगा। इस समय को धार्मिक अनुष्ठानों और पुण्य कार्यों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है और लोग इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए तैयार हैं।
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MP में कड़ाके की ठंड इंदौर में पारा 4.5°C 10 साल में सबसे कम तापमान शीतलहर का असर
इंदौर। मध्यप्रदेश में इस बार कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बुधवार-गुरुवार की रात को तापमान फिर से 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। खासकर इंदौर जो आम तौर पर ठंडे शहरों में आता है इस बार पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.5°C दर्ज किया गया जो पिछले 10 सालों में सबसे कम तापमान है। वहीं पचमढ़ी में तापमान 4.8°C रहा। प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी ठंड का असर दिखा जैसे भोपाल 6.6°C ग्वालियर 9.2°C उज्जैन8.2°C और जबलपुर 8.5°C । मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा।ठंड की वजह क्या है
मौसम विभाग का कहना है कि जेट स्ट्रीम का प्रभाव इस ठंड का मुख्य कारण है। यह तेज हवा 12 किमी की ऊंचाई पर 222 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में यह हवा ठंड को और बढ़ा रही है। इसके अलावा बर्फीली हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्यप्रदेश में ठंड की स्थिति को और तीव्र कर रहा है। बुधवार को भोपाल इंदौर राजगढ़ शाजापुर सीहोर और रायसेन में शीतलहर का असर देखा गया।
पिछले कुछ वर्षों में सर्दी का रिकॉर्ड
इस साल नवंबर में भी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ा। भोपाल में नवंबर की शीतलहर ने 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ा जबकि इंदौर में 25 सालों में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी। दिसंबर में भी यह सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है। इंदौर में दिसंबर की सर्दी का पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। इस साल के सर्दी के मौसम में सबसे कम तापमान 5.2°C दर्ज किया गया।
दिसंबर में सर्दी का ट्रेंडमौसम विभाग के अनुसार दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड सबसे ज्यादा होती है। इन महीनों में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं जिससे तापमान में गिरावट आती है। इस बार ला नीना का प्रभाव भी सर्दी को बढ़ा रहा है। यह स्थिति ऐसे मौसम सिस्टम्स के कारण है जो पश्चिमी विक्षोभ के रूप में सक्रिय रहते हैं। इन सिस्टम्स के कारण मावठा यानी हल्की सर्दी की बारिश भी होती है जिससे ठंड और तेज हो जाती है।
किस क्षेत्र में ज्यादा सर्दी रहेगी
इस बार सर्दी का असर ग्वालियर चंबल और उज्जैन संभाग में अधिक रहेगा जहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। भोपाल सीहोर और विदिशा में भी ठंड का असर ज्यादा रहेगा। सागर संभाग निवाड़ी छतरपुर टीकमगढ़ पन्ना और रीवा में तेज ठंड रहेगी। जबलपुर और इंदौर के इलाके भी शीतलहर के असर में रहेंगे।
ठंड का असर कब तक रहेगा
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर के अंत तक सर्दी का असर बना रहेगा। 20-22 दिन तक कोल्ड वेव चलने की संभावना है और जनवरी में यह ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय रहने से सर्दी में और भी वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही बर्फीली हवाएं और ला नीना का असर इस ठंड को लंबा खींच सकता है।
मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में सर्दीभोपाल में अब तक 3.1°C तापमान का रिकॉर्ड सबसे कम रहा है। 1966 में यह तापमान दर्ज किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में भी दिसंबर में सर्दी ने अपने रिकॉर्ड तोड़े हैं। इंदौर में भी 25 सालों बाद इतनी कड़ी ठंड पड़ी है। मध्यप्रदेश में इस साल की ठंड ने आमजन को प्रभावित किया है और तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। जेट स्ट्रीम बर्फीली हवाएं और ला नीना जैसे मौसम प्रभाव ठंड को और तीव्र बना रहे हैं। इस ठंड का असर दिसंबर के अंत तक और बढ़ने की संभावना है जिससे ग्वालियर भोपाल उज्जैन सागर इंदौर जैसे इलाकों में ज्यादा ठंड पड़ने की संभावना है।
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सिद्धार्थ शुक्ला: वह ‘वन मैन आर्मी’ जिसने टीवी को ग्लोबल स्टेज दिया! जन्मदिन पर याद किए जा रहे हैं ‘बालिका वधू’ के शिव
नई दिल्ली/ आज, 12 दिसंबर को दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला का जन्मदिन है। मॉडलिंग से लेकर टेलीविजन और बॉलीवुड तक के उनके बहुमुखी करियर ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। आज उनके फैंस और उद्योग उनके योगदान और यादों को सलाम कर रहे हैं।मॉडलिंग से ग्लोबल स्टारडम तक
सिद्धार्थ शुक्ला ने अपने करियर की शुरुआत कॉलेज के दिनों में मॉडलिंग से की थी। उन्होंने तुर्की में आयोजित ‘वर्ल्ड्स बेस्ट मॉडल’ प्रतियोगिता जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने 40 से अधिक प्रतियोगियों को पीछे छोड़ा। यह उपलब्धि उन्हें इंडस्ट्री में एक प्रतिष्ठित नाम के रूप में स्थापित करने वाली साबित हुई।‘बालिका वधू’ -घर-घर का प्रिय अभिनेता
टीवी में सिद्धार्थ का बड़ा ब्रेक ‘बालिका वधू’ से आया, जिसमें उन्होंने शिव का किरदार निभाया। उनका दमदार और संवेदनशील अभिनय दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद ‘दिल से दिल तक’ में पार्थ भानुशाली के रूप में उनकी भूमिका ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।‘बिग बॉस 13’ – वन मैन आर्मी का अवतार
सिद्धार्थ शुक्ला का करियर का सबसे बड़ा मोड़ ‘बिग बॉस 13’ था। इस रियलिटी शो में उन्होंने अपनी स्पष्टवादिता और ईमानदारी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्हें ‘वन मैन आर्मी’ के रूप में देखा गया और होस्ट सलमान खान ने उनके व्यवहार की लगातार सराहना की।इस शो में उनकी जोड़ी शहनाज़ गिल के साथ, जिसे फैंस ने ‘सिडनाज़’ (SidNaaz) नाम दिया, एक सांस्कृतिक प्रतीक बन गई। सिद्धार्थ ने ट्रॉफी ही नहीं जीती, बल्कि करोड़ों दिलों को भी जीत लिया।
बॉलीवुड और ओटीटी में भी नाम
सिद्धार्थ ने बॉलीवुड में भी अपने कदम रखा। करण जौहर की ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’ से उन्होंने डेब्यू किया और डेब्यू एक्टर अवॉर्ड भी जीता। इसके अलावा, वेब सीरीज़ ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल 3’ में उनकी भूमिका ने उन्हें ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आलोचकों की सराहना दिलाई।सिद्धार्थ शुक्ला की विरासत
‘बिग बॉस’ और टीवी शो के बाद उनकी लोकप्रियता ने उन्हें टाइम्स मोस्ट डिज़ायरेबल मेन ऑन टीवी 2020 की सूची में शीर्ष स्थान दिलाया। आज उनकी जयंती पर फैंस उन्हें ‘भुला दूंगा’, ‘हैबिट’ जैसे संगीत वीडियो और उनकी करिश्माई उपस्थिति के लिए याद कर रहे हैं।सिद्धार्थ शुक्ला की विरासत यही है कि एक कलाकार जाने के बाद भी अपने काम और अपने रिश्तों के ज़रिए अपने फैंस के बीच हमेशा ज़िंदा रहता है।
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रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल
नई दिल्ली/ भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की पत्नी और गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा के हालिया बयान ने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है। रिवाबा ने भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और टीम इंडिया तथा BCCI पर दबाव बढ़ा सकता है।पति की तारीफ, अन्य खिलाड़ियों पर आरोप
रिवाबा जडेजा ने अपने पति की तारीफ करते हुए कहा कि रवींद्र जडेजा को अंतरराष्ट्रीय मैचों और टूर्नामेंटों के लिए विदेशों में कई बार जाना पड़ता है, लेकिन उन्होंने कभी गलत आदतों या अनुचित काम में नहीं पड़ने दिया। वहीं, उन्होंने कहा कि कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी दौरे पर अनुचित व्यवहार करते हैं।रिवाबा ने कहा:
ऐसा नहीं है कि मेरे पति को किसी ने रोक-टोक किया है। वह भी चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी समझते हुए कभी गलत कदम नहीं उठाए।उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि उनके पति ने लंदन, दुबई, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में खेलते हुए भी कभी व्यसन या अनुचित काम नहीं किया।
आईपीएल 2026 में जडेजा का हाई-प्रोफाइल ट्रेड
वहीं, क्रिकेट के मैदान पर भी रवींद्र जडेजा सुर्खियों में हैं। IPL 2026 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जडेजा को राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ ट्रेड किया है। इस हाई-प्रोफाइल ट्रेंड में RR ने अपने कप्तान संजू सैमसन को CSK को सौंपा और इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन को RR में शामिल किया।
रवींद्र जडेजा ने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL में पदार्पण किया था और अब वह एक बार फिर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के लिए खेलते नजर आएंगे।
प्रतिक्रिया और बहस
रिवाबा जडेजा के बयान पर टीम इंडिया और BCCI की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, उनके आरोपों ने क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञ और फैंस इस मुद्दे पर गहन चर्चा कर रहे हैं और इसे संभावित विवाद के रूप में देख रहे हैं।रिवाबा के आरोप न केवल जडेजा के फैंस के बीच चर्चा का विषय बने हैं, बल्कि पूरे क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी यह एक बड़ा विवाद बन सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्रिकेट गलियारों में लगातार सुर्खियों में रह सकता है।
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सर्दियों में घूमने के लिए भारत के 5 खूबसूरत और कम भीड़ वाले झरने
नई दिल्ली । भारत में सर्दियों के मौसम में घूमने के लिए झरने एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। ये झरने न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता से आकर्षित करते हैं बल्कि शांत वातावरण कम भीड़ और रोमांचक दृश्य भी प्रदान करते हैं। क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान जब छुट्टियों का माहौल होता है ऐसे में आपको ऐसे झरनों की तलाश होती है जहां आप प्रकृति के करीब हो और शांति का अनुभव कर सकें। यहाँ हम आपको भारत के 5 ऐसे झरनों के बारे में बता रहे हैं जो भीड़ से दूर और सर्दियों में अपने सौंदर्य के चरम पर होते हैं।नूरानांग फॉल्स अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश के तवांग रूट पर स्थित नूरानांग फॉल्स लगभग 100 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह झरना सर्दियों में धुंध और पहाड़ी ठंडक के कारण बेहद खूबसूरत लगता है। यहां का शांत वातावरण और कम भीड़ इस स्थान को विशेष बनाते हैं जो एडवेंचर प्रेमियों के लिए आदर्श है। नॉर्थ-ईस्ट भारत का यह झरना प्रकृति के प्रेमियों के लिए एक शांतिपूर्ण और अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।
जोग फॉल्स कर्नाटक
कर्नाटक का जोग फॉल्स भारत के सबसे ऊंचे और प्रसिद्ध झरनों में से एक है। शिमोगा जिले में स्थित यह झरना लगभग 253 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह चार धाराओं में गिरता है जिसकी तेज आवाज और दृश्य रोमांचक होते हैं। सर्दियों में यहां हल्की धुंध से झरने का ‘स्मोक इफेक्ट’ उत्पन्न होता है जो इसे और भी रहस्यमय बना देता है। यहां तक पहुंचने के लिए 400-500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं जो यात्रा को और रोमांचक बनाती हैं।नोहकलिकाई फॉल्स मेघालय
मेघालय के चेरापूंजी में स्थित नोहकलिकाई फॉल्स एशिया का सबसे ऊंचा प्लंज फॉल है। इस झरने से गिरने वाली जलधारा एक नीले तालाब में गिरती है जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है। सर्दियों में यहां का सफर आसान और आरामदायक होता है। हालांकि बारिश के मौसम में यहां का रास्ता चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह झरना न केवल खूबसूरत है बल्कि इसके बारे में कई रोमांचक और रहस्यमयी कथाएँ भी जुड़ी हुई हैं।
अठिराप्पिली फॉल्स केरल
केरल के अठिराप्पिली फॉल्स को ‘भारत का नियाग्रा’ भी कहा जाता है। यह झरना घने जंगलों के बीच स्थित है और इसकी सुंदरता सर्दियों में और भी निखर जाती है। यहां पहुंचना काफी आसान है जो इसे परिवारों और कपल्स के बीच एक लोकप्रिय स्थल बनाता है। अठिराप्पिली फॉल्स की हरी-भरी वादियां और ताजगी से भरपूर हवा इसे सर्दियों में एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाती हैं। कई फिल्मों की शूटिंग यहाँ हुई है जिससे इसकी प्रसिद्धि और भी बढ़ी है।
दूधसागर वॉटरफॉल गोवा कर्नाटक सीमा
दूधसागर फॉल्स गोवा और कर्नाटक की सीमा पर स्थित है और यह भारत के सबसे सुंदर झरनों में से एक माना जाता है। मांडवी नदी पर स्थित इस झरने का दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है खासकर सर्दियों में जब यह सफेद झाग की तरह गिरता है जिससे इसका नाम ‘दूधसागर’ पड़ा। दूधसागर का दृश्य बहुत प्रसिद्ध है खासकर ट्रेन ट्रैक से इसका दृश्य देखने पर यह एक फिल्मी सीन जैसा लगता है। यह झरना उन यात्रियों के लिए आदर्श है जो प्राकृतिक सुंदरता और शांति का अनुभव करना चाहते हैं।
अगर आप इस सर्दी में एक ऑफबीट ट्रिप पर जाना चाहते हैं तो भारत के इन झरनों का दौरा आपके सफर को रोमांचक और यादगार बना सकता है। इन झरनों के पास का शांत वातावरण ठंडी हवा और पहाड़ी नज़ारे आपके मन को शांति और सुकून देंगे। इन स्थानों पर जाकर न केवल आप प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं बल्कि उन झरनों के अद्भुत दृश्यों का भी अनुभव कर सकते हैं जो आपकी यात्रा को एक नई दिशा देंगे।

