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  • जश्न के बीच दर्द: Eid के दिन हमले के पीड़ितों से मिले अधिकारी और क्रिकेटर

    जश्न के बीच दर्द: Eid के दिन हमले के पीड़ितों से मिले अधिकारी और क्रिकेटर


    नई दिल्ली। रमजान और ईद के मौके पर जहां जश्न का माहौल होना चाहिए था, वहीं काबुल में हुए दर्दनाक हमले ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। इसी बीच अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के अधिकारी और अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे और उनके साथ एकजुटता दिखाई दी।

    अस्पताल पहुंचा दिया सहारा और संवेदनाएं

    एसीबी के सीईओ नसीब खान के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने काबुल के प्रमुख अस्पतालों-इमरजेंसी और वजीर अकबर खान-का दौरा किया। खिलाड़ियों और अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और इस मुश्किल समय में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह हमला बेहद दर्दनाक है और इससे पूरे देश में शोक की लहर है।

    हमले में भारी जनहानी, सैकड़ों घायल

    स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया एयरस्ट्राइक में करीब 400 लोगों की मौत हुई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस त्रासदी ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। एसीबी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस समय खुशी और एकजुटता का होना चाहिए था, लेकिन यह कई परिवारों के लिए दुख में बदल गया।

    खिलाड़ी भी मिले, घायलों से की मुलाकात

    अस्पताल पहुंचने वाले खिलाड़ियों में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी, ऑलराउंडर गुलबदीन नायब और कैस अहमद शामिल थे। सभी खिलाड़ियों ने घायलों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनका हौसला बढ़ाया। इससे पहले, स्टार क्रिकेटर राशिद खान और नवीन-उल-हक भी इस हमले की कड़ी निंदा कर चुके हैं।

    अफगान क्रिकेटरों और बोर्ड ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि मामले की जांच कर प्रतिभागियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

  • खुशियों से भरा कार्तिक परिवार, Dinesh Karthik बने फिर पिता, दीपिका ने बेटी को जन्म दिया

    खुशियों से भरा कार्तिक परिवार, Dinesh Karthik बने फिर पिता, दीपिका ने बेटी को जन्म दिया


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक और देश की स्टार स्क्वैश खिलाड़ी दीपिका पल्लीकल के घर एक बार फिर खुशियों की किलकारी गूंजी है। इस कपल ने अपने परिवार में एक नन्ही परी का स्वागत किया है, जिसका नाम ‘राहा पल्लीकल कार्तिक’ रखा गया है।

    सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी

    कार्तिक और दीपिका ने सोशल मीडिया के ज़रिए फैंस के साथ यह खुशी साझा की। उन्होंने भावुक संदेश में लिखा कि उनके दिल दुआओं और कृतज्ञता से भरे हैं और वे अपनी बेटी के आने से बेहद खुश हैं। उनके जुड़वां बेटे कबीर और जियान भी अपनी छोटी बहन के आने से काफी उत्साहित हैं।

    2015 में हुई थी शादी, 2021 में बने थे माता-पिता

    यह चर्चित खेल जोड़ी 25 अगस्त 2015 को पारंपरिक हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों से शादी के बंधन में बंधी थी। साल 2021 में उनके घर जुड़वां बेटों का जन्म हुआ था और अब बेटी के आने से उनका परिवार पूरा हो गया है।

    दिनेश कार्तिक का शानदार क्रिकेट करियर

    दिनेश कार्तिक भारतीय टीम के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं और अपने करियर के दौरान कई यादगार पारियां खेली हैं। कोहनी पर निदाहास ट्रॉफी फाइनल में आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीतने वाली उनकी पारी आज भी फैंस के दिलों में ताजा है। वह ICC T20 वर्ल्ड कप 2007 और ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे हैं।

    आईपीएल में भी उनका करियर काफी सफल रहा है। संन्यास के बाद वह कोच और कमेंटेटर के रूप में क्रिकेट से जुड़े हुए हैं। आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मेंटोर के तौर पर भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

    दीपिका पल्लीकल की ऐतिहासिक उपलब्धियां

    दीपिका पल्लीकल भारतीय स्क्वैश की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। वह दुनिया की टॉप-10 रैंकिंग में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं और पद्म श्री से सम्मानित हैं। वे कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में कई मेडल जीते हैं। हाल ही में 2022 एशियन गेम्स हांग्जो में उन्होंने मिक्सड डबल्स में गोल्ड मेडल जीता और देश का नाम रोशन किया।

  • 900वां गोल भी नहीं बचा सका मियामी, Lionel Messi की टीम टूर्नामेंट से हुई बाहर

    900वां गोल भी नहीं बचा सका मियामी, Lionel Messi की टीम टूर्नामेंट से हुई बाहर


    नई दिल्ली। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ने अपने करियर का ऐतिहासिक 900वां गोल दागकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की, लेकिन उनकी टीम इंटर मियामी CF के लिए यह मैच खुशी के बजाय निराशा लेकर आया। कॉनकाकाफ चैंपियंस कप के प्री-क्वार्टरफाइनल में नैशविले SC के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मेसी का गोल भी टीम को अगले राउंड में नहीं पहुंचा सका।

    7वें मिनट में इतिहास, मेसी ने रचा नया कीर्तिमान

    अमेरिका के जियोडिस पार्क में खेले गए इस मुकाबले में मेसी ने सिर्फ 7वें मिनट में गोल दागकर इंटर मियामी को बढ़त दिलाई। यह उनके प्रोफेशनल करियर का 900वां गोल था, जिससे वह क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए। मेसी ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल के साथ-साथ असिस्ट भी किया, लेकिन टीम की किस्मत साथ नहीं दे।

    अवे गोल नियम ने तोड़ा मियामी का सपना

    दोनों टीमों के बीच मुकाबले में कुल स्कोर 1-1 से बराबर हुआ, लेकिन CONCACAF चैंपियंस कप के अवे गोल नियम के चलते नैशविले SC ने बाजी मार ली।

    पहला लेग गोलरहित ड्रॉ रहा था, जबकि दूसरे लेग में नैशविले ने 74वें मिनट में बराबर का गोल कर मैच का रुख बदल दिया। इस गोल ने इंटर मियामी की क्वार्टरफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

    मेसी का शानदार करियर और रिकॉर्ड्स

    38 साल के मेसी ने अपने करियर में FC बार्सिलोना, पेरिस सेंट-जर्मेन, इंटर मियामी और अर्जेंटीना की नेशनल टीम के लिए गोल किए हैं।

    8 बार बैलन डी’ओर विजेता

    2012 में एक साल में 91 गोल का वर्ल्ड रिकॉर्ड

    सबसे तेज 100 चैंपियंस लीग गोल (123 मैच)

    उनकी उपलब्धियां उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल करती हैं।

    नैशविले ने रचा इतिहास
    इस जीत के साथ नैशविले SC पहली बार कॉनकाकाफ चैंपियंस कप के क्वार्टरफाइनल में पहुंचा, जो क्लब के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

  • दिल्ली कैपिटल्स की कोचिंग टीम में नया चेहरा, जॉन मूनी संभालेंगे फील्डिंग की जिम्मेदारी

    दिल्ली कैपिटल्स की कोचिंग टीम में नया चेहरा, जॉन मूनी संभालेंगे फील्डिंग की जिम्मेदारी


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के आगाज से पहले Delhi Capitals ने अपनी कोचिंग टीम को और मजबूत करते हुए बड़ा फैसला लिया है। टीम ने आयरलैंड के पूर्व ऑलराउंडर John Mooney को फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। फ्रेंचाइजी का लक्ष्य इस सीजन अपना पहला खिताब जीतना है और इसके लिए हर स्तर पर टीम को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

    कोचिंग स्टाफ में नई मजबूती

    जॉन मूनी, England and Wales Cricket Board से लेवल 1, 2 और 3 कोचिंग सर्टिफिकेट प्राप्त कोच हैं। वह टीम में ज्ञानेश्वर राव और एंटोन रॉक्स की जगह लेंगे, जो आईपीएल 2025 के बाद टीम से अलग हो गए थे।

    दिल्ली की कोचिंग टीम पहले से ही मजबूत मानी जाती है, जिसमें Hemang Badani (हेड कोच), Munaf Patel (बॉलिंग कोच), Ian Bell (सहायक कोच) और Venugopal Rao (डायरेक्टर) शामिल हैं। मूनी के आने से खासतौर पर फील्डिंग डिपार्टमेंट को नई धार मिलने की उम्मीद है।

    अंतरराष्ट्रीय अनुभव का फायदा

    44 वर्षीय जॉन मूनी के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का अच्छा अनुभव है। वह 2018-19 के दौरान Afghanistan national cricket team के फील्डिंग कोच रहे, जब टीम ने भारत के खिलाफ अपना ऐतिहासिक टेस्ट डेब्यू किया था। इसके अलावा उन्होंने West Indies national cricket team के साथ भी काम किया है।

    हाल ही में वह Ireland women’s cricket team के अस्थायी कोच भी रहे हैं, जिससे उनका अनुभव और व्यापक हो गया है।

    खिलाड़ी के रूप में भी शानदार करियर

    जॉन मूनी ने 2006 से 2015 के बीच Ireland national cricket team के लिए खेलते हुए 64 वनडे और 27 टी20 मैच खेले।

    वनडे में: 963 रन और 48 विकेट

    टी20 में: 231 रन और 10 विकेट

    वह 2007, 2011 और 2015 के वनडे विश्व कप के साथ-साथ 2 टी20 विश्व कप में भी आयरलैंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

    पीटरसन के जाने के बाद नई शुरुआत

    दिल्ली कैपिटल्स को हाल ही में झटका तब लगा था, जब Kevin Pietersen ने टीम के मेंटॉर पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में जॉन मूनी की एंट्री टीम के लिए संतुलन बनाने में अहम मानी जा रही है।

    नए सीजन की तैयारी

    Axar Patel की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 1 अप्रैल को Lucknow Super Giants के खिलाफ, Ekana Cricket Stadium में करेगी। पिछले सीजन में टीम 14 में से 7 मैच जीतकर अंकतालिका में पांचवें स्थान पर रही थी। इस बार टीम की नजर पहले आईपीएल खिताब पर है।

  • साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला: ब्रेंट क्रूड पहुंचा 112 डॉलर पर, भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होने की संभावना

    साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला: ब्रेंट क्रूड पहुंचा 112 डॉलर पर, भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होने की संभावना


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच ग्लोबल क्रूड मार्केट में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। इजरायल ने दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल और नेचुरल गैस फील्ड साउथ पार्स पर हमला किया है। इसके बाद ब्रेंट क्रूड के दाम 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। अमेरिकी क्रूड (WTI) भी 99 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है।

    साउथ पार्स पर हमला और उसके असर
    इजरायल के हमले के जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल दागी। एक मिसाइल सीधे लक्ष्य पर लगी जबकि चार को बीच में ही रोका गया। रास लाफान दुनिया की सबसे बड़ी LNG प्रोडक्शन साइट है जो इस महीने की शुरुआत से बंद पड़ी थी। हमले से काफी नुकसान हुआ है।

    साउथ पार्स गैस फील्ड ईरान की घरेलू गैस सप्लाई के साथ पड़ोसी देशों इराक और टर्की को भी गैस भेजता है। हमले में असलुयेह के ऑयल और पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को भी नुकसान पहुंचा है। यह फील्ड ईरान और कतर के बीच बंटा हुआ है और दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस भंडार का करीब एक-तिहाई हिस्सा है।

    ब्रेंट क्रूड और गैस में उछाल

    एशियाई ट्रेडिंग में गुरुवार सुबह क्रूड ऑयल 112 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी नेचुरल गैस में भी 5% की तेजी आई है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि हमले जारी रहे तो क्रूड की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

    भारत पर असर

    भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मिडिल ईस्ट पर काफी निर्भर है। देश का लगभग 85-90% क्रूड आयात इसी क्षेत्र से आता है जिसमें 45-50% सीधे मिडिल ईस्ट से है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और सप्लाई बाधित होने से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना है।

    महंगाई पर असर

    क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पेट्रोल-डीजल ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स और घरेलू LPG सिलेंडर के दाम पर पड़ेगा। स्टोरेज सीमित होने और सप्लाई बाधित होने से शॉर्टेज का खतरा भी है जिससे आम परिवारों की जेब पर दबाव बढ़ सकता है।

  • कॉल स्कैम का किंग! FBI की लिस्ट में शामिल केनी पटेल, करोड़ों की ठगी का आरोप

    कॉल स्कैम का किंग! FBI की लिस्ट में शामिल केनी पटेल, करोड़ों की ठगी का आरोप


    नई दिल्ली।  अमेरिका में एक भारतीय युवक पर लोगों से ठगी का आरोप लगा है, जिसकी तलाश एफबीआई कर रही है। जानकारी क मुताबिक, वो एक ऐसे गिरोह का सदस्य है जो लोगों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी हुई है। डर और भ्रम पैदा करके लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे बड़ी रकम भेजें।
    अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने एक भारतीय नागरिक कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल की तलाश तेज कर दी है। कल्पेशकुमार पटेल पर आरोप है कि उसने 2017 से 2021 के बीच अमेरिका में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बड़ी साजिश को अंजाम दिया।
    केनी पटेल के नाम से भी जाना जाता है आरोपी
    एफबीआई के मुताबिक, कल्पेशकुमार पटेल जिसे ‘केनी पटेल’ के नाम से भी जाना जाता है, करीब 35 साल का है और फिलहाल अमेरिका के इलिनॉय और पेंसिल्वेनिया के बीच कहीं रह रहा हो सकता है या वहां आ-जा रहा हो सकता है। वह पहले एक फ्यूल स्टेशन पर काम करता था, लेकिन उस पर आरोप है कि वह एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा था, जो लोगों को फोन करके ठगता था।

    फोन कॉल से करोड़ों की ठगी का आरोप
    इस गिरोह का तरीका काफी चालाक था। वे लोगों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी हुई है। डर और भ्रम पैदा करके लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे बड़ी रकम भेजें। ज्यादातर मामलों में पीड़ितों से नकद पैसा या प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए पैसे अलग-अलग पते पर भिजवाए जाते थे।

    FBI ने घोषित किया न्याय से भागा हुआ आरोपी
    इस मामले में 22 जून 2023 को अमेरिका की एक अदालत (केंटकी के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट) ने केनी पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर ‘मेल और वायर फ्रॉड साजिश’ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल वह फरार है और एफबीआई ने उसे ‘न्याय से भागा हुआ आरोपी’ घोषित किया है।

    आरोपी के बारे में आम लोगों से FBI की अपील
    एफबीआई ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को केनी पटेल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत एफबीआई के नजदीकी दफ्तर या अमेरिकी दूतावास/कॉन्सुलेट को सूचित करें। जांच एजेंसी का कहना है कि ऐसी कोई भी जानकारी जांच के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।

  • KBC में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हो सकती है गिरफ्तारी

    KBC में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हो सकती है गिरफ्तारी


    श्‍योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बाढ़ राहत राशि घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दी है। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है, और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।

    2.57 करोड़ के बाढ़ राहत घोटाले का मामला

    साल 2021 में श्योपुर जिले में आई बाढ़ के बाद पीड़ितों के लिए राहत राशि वितरित की गई थी। आरोप है कि उस समय बड़ौदा तहसील में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने करीब 25 पटवारियों और 100 से अधिक दलालों के साथ मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांटी। यह गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर की ऑडिट में पकड़ी गई, जिसके बाद बड़ौदा थाने में FIR दर्ज कराई गई।

    जांच में आरोप लगा कि राहत राशि वितरण के दौरान रिश्तेदारों और परिचितों को बाढ़ पीड़ित दिखाकर रकम उनके खातों में डलवाई गई। पुलिस ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी शामिल हैं।

    सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की

    गिरफ्तारी से बचने के लिए अमिता सिंह तोमर ने पहले हाई कोर्ट ग्वालियर खंडपीठ में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में SLP के साथ अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई, जिसे 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया। अब या तो उन्हें स्वयं सरेंडर करना होगा या पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद राजस्व अमले और प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। बड़ौदा थाने की पुलिस कभी भी अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी कर सकती है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अब उनके पास केवल सरेंडर या कस्टोडियल इंटरोगेशन की तैयारी करने के विकल्प हैं।

    KBC से विवादित पोस्ट तक का सफर

    महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट किए, जिनमें प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाना और संविधान से जुड़ी पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट शामिल था। इसके चलते उन्हें निलंबित भी किया गया। इतना ही नहीं, अमिता सिंह ने बार-बार तबादलों के खिलाफ पीएम मोदी को पत्र लिखा और साल 2023 में तहसील का प्रभार नहीं मिलने पर इस्तीफे का पत्र भी लिखा था।

  • एनओसी के लिए किसान का अनोखा प्रदर्शन: बैंक में ढोल बजाकर किया डांस, अधिकारियों के उड़े होश

    एनओसी के लिए किसान का अनोखा प्रदर्शन: बैंक में ढोल बजाकर किया डांस, अधिकारियों के उड़े होश

    धार। जिले में एक किसान ने बैंक की कार्यप्रणाली से परेशान होकर विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सभी को चौंका दिया। ग्राम आहू के पास चंदवाडा के किसान विजय पाटीदार अपने परिवार और ढोल के साथ आईडीएफसी बैंक पहुंचे और बैंक के अंदर ही ढोल बजाकर जमकर डांस करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बैंक कर्मचारी और अधिकारी हैरान रह गए।

    डेढ़ महीने से एनओसी के लिए भटक रहा किसान

    किसान विजय पाटीदार ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत करीब 13 लाख रुपये का लोन लिया था जिसे उन्होंने लगभग डेढ़ महीने पहले चुका दिया है। इसके बावजूद बैंक की ओर से अब तक उन्हें एनओसी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है।उनका आरोप है कि वे पिछले डेढ़ महीने से लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार अलग-अलग कारण बताकर उन्हें टाल दिया जाता है जिससे वे काफी परेशान हो चुके हैं।

    ढोल बजाकर सुनाई अपनी परेशानी
    किसान का कहना है कि जब बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया। वह ढोल लेकर बैंक पहुंचे और अंदर ही प्रदर्शन करते हुए डांस करने लगे ताकि अधिकारियों का ध्यान उनकी समस्या की ओर जाए। इस दौरान बैंक में मौजूद लोग और कर्मचारी यह नजारा देखकर हैरान रह गए।

    मैनेजर के आश्वासन पर शांत हुआ मामला

    काफी देर तक चले इस प्रदर्शन के बाद बैंक मैनेजर ने किसान को समझाइश दी और आश्वासन दिया कि उन्हें शाम तक एनओसी दे दी जाएगी। इसके बाद किसान शांत होकर बैंक से बाहर निकल गया।

    मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

    किसान विजय पाटीदार ने साफ कहा है कि यदि शाम तक उन्हें एनओसी नहीं मिलती है तो वे बैंक के बाहर धरने पर बैठकर आंदोलन शुरू करेंगे। उनका यह अनोखा विरोध अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • 2004 की सुपरहिट रोमांस मूवी, जिसे ऋतिक रोशन ने ठुकराया और लीड एक्टर बना नेशनल अवॉर्ड विजेता

    2004 की सुपरहिट रोमांस मूवी, जिसे ऋतिक रोशन ने ठुकराया और लीड एक्टर बना नेशनल अवॉर्ड विजेता


    नई दिल्ली। आज हम आपको साल 2004 में आई एक ऐसी रोमांटिक फिल्म के बारे में बता रहे हैं जिसे जोधा अकबर स्टार ऋतिक रोशन ने रिजेक्ट कर दिया था। उन्हें फिल्म पसंद भी आई थी, लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने फिल्म को मना कर दिया था। बाद में, इसी फिल्म के लिए सैफ अली खान को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। क्या आप पहचान पाए फिल्म का नाम? अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इस फिल्म का नाम है हम तुम।

    क्या आमिर ने भी रिजेक्ट की थी हम तुम?
    फिल्म को कुणाल कोहली ने डायरेक्ट किया था। हाल ही में कुणाल कोहली ने ही बताया कि इस फिल्म को ऋतिक रोशन ने रिजेक्ट कर दिया था। हम तुम को लेकर बात की जाती है कि सैफ अली खान के रोल को हां करने से पहले कई स्टार्स जिसमें आमिर खान का नाम भी शामिल है, ने फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था। अब फिल्म के डायरेक्टर ने स्क्रीन के साथ खास बातचीत में बताया कि आमिर खान ने फिल्म की स्क्रिप्ट ही नहीं सुनी थी।

    पहले तलाक से गुजर रहे थे आमिर खान
    हम तुम के डायरेक्टर कुणाल कोहली ने कहा, “नहीं, दरअसल, आमिर ने फिल्म की स्क्रिप्ट ही नहीं सुनी थी। उस वक्त वो रीना दत्ता के साथ अपने पहले तलाक से गुजर रहे थे। तो वो अपने राइट फ्रेम ऑफ माइंड में नहीं थे। ऋतिक रोशन को स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई थी। लेकिन वो इस रोल के लिए तैयार नहीं थे। क्योंकि उन्होंने कहा था- मुझे पता नहीं है कि ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ (2003) में मेरा किरदार कैसा दिखेगा या स्वीकार किया जाएगा, जो कि हुआ भी नहीं।

    ऋतिक ने क्यों रिजेक्ट कर दी थी फिल्म?
    कुणाल ने आगे कहा कि उनकी अपनी फिल्म मुझसे दोस्ती करोगे (2002) उनके (ऋतिक) साथ काम नहीं की थी। लेकिन उन्होंने कुणाल से कहा था ये फिल्म असली सोना है। ऋतिक ने कहा था कि हम तुम करने का उनके अंदर अभी कॉन्फिडेंस नहीं है। तो उन्होंने फिल्म के लिए मना कर दिया था।

    सैफ अली खान ने जीता था नेशनल अवॉर्ड

    जब सैफ को इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था तब उनके साथ स्वदेस के लिए शाहरुख खान और ब्लैक के लिए अमिताभ बच्चन नॉमिनेट हुए थे। सैफ ने जब नेशनल अवॉर्ड जीता तो लोगों ने कहा कि सैफ से ज्यादा अमिताभ और शाहरुख ये अवॉर्ड डिजर्व करते हैं। लोगों का कहना था कि सैफ को ये अवॉर्ड इसलिए मिला क्योंकि उनकी मां शर्मिला टैगोर उस वक्त सीबीएफसी की चेयरपर्सन थीं। हालांकि, ये पुराने इंटरव्यू में सैफ ने कहा था- मेरी मां इसे मेरे लिए लेकर नहीं आई हैं। क्योंकि अगर मेरी मां मुझे ऐसे चीजें दे सकतीं तो वो इससे कहीं ज्यादा देतीं।

  • मिडिल ईस्ट में सैन्य ताकत बढ़ाने की तैयारी में ट्रंप, ईरान को लेकर क्या है अगला कदम?

    मिडिल ईस्ट में सैन्य ताकत बढ़ाने की तैयारी में ट्रंप, ईरान को लेकर क्या है अगला कदम?


    नई दिल्ली। अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। हाल ही में इजरायली हमले में ईरान के सुरक्षा सचिव अली लारीजानी की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल-ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी को बड़े स्तर पर बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

    न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ट्रंप आगामी रणनीति के तहत हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती कर सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिका की स्थिति को और मजबूत करना है।

    व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन मिडिल-ईस्ट में चल रहे अभियानों को मजबूती देने के लिए बड़े पैमाने पर सैनिक भेजने की योजना पर विचार कर रहा है। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप ने फिलहाल जमीनी सेना भेजने का फैसला नहीं किया है लेकिन सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।

    बताया जा रहा है कि अतिरिक्त सैन्य तैनाती के जरिए अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है। इसके लिए हवाई और नौसैनिक संसाधनों का उपयोग किया जा सकता है साथ ही ईरान की तटरेखा के पास जमीनी सैनिकों की तैनाती भी संभव है।

    इसके अलावा अमेरिकी अधिकारी ईरान के खार्ग द्वीप पर भी नजर बनाए हुए हैं जहां से देश के लगभग 90 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। हालांकि इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई को बेहद जोखिम भरा माना जा रहा है क्योंकि ईरान मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए इसे आसानी से निशाना बना सकता है।

    रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ईरान के यूरेनियम भंडार पर नियंत्रण पाने की रणनीति भी बना रहा है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा कोई भी ऑपरेशन अमेरिकी विशेष बलों के लिए काफी कठिन और खतरनाक साबित हो सकता है।