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  • DUSU चुनाव में बदली तस्वीर यश डबास अध्यक्ष तो दीपांशु शोकीन उपाध्यक्ष जानिए किसे कितने वोट मिले

    DUSU चुनाव में बदली तस्वीर यश डबास अध्यक्ष तो दीपांशु शोकीन उपाध्यक्ष जानिए किसे कितने वोट मिले


    नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने जीत हासिल की जबकि सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने जीत दर्ज की। इस तरह केंद्रीय पैनल में ABVP के तीन उम्मीदवार चुने गए जबकि एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया।

    अध्यक्ष पद का मुकाबला खास तौर पर चर्चा में रहा। मतगणना के अलग अलग चरणों में ABVP और NSUI के उम्मीदवारों के बीच बढ़त बदलती रही। अंतिम उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यश डबास को 22434 वोट मिले जबकि NSUI के विजय शंकर मीणा को 21390 वोट प्राप्त हुए। इस तरह डबास ने 1044 वोट के अंतर से अध्यक्ष पद अपने नाम किया। शुरुआती चरणों में NSUI के उम्मीदवार ने भी बढ़त बनाई थी लेकिन बाद के राउंड में तस्वीर बदली और यश डबास आगे निकल गए।

    सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने जीत दर्ज की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उन्हें 19846 वोट मिले जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 13963 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। इस सीट पर मुकाबला काफी करीबी रहा। लक्ष्य राज सिंह को 14965 वोट मिले जबकि निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव को 14836 और NSUI के गोपाल चौधरी को 14482 वोट प्राप्त हुए। तीनों उम्मीदवारों के बीच अंतर कम रहा और अंतिम चरण में लक्ष्य राज सिंह ने यह सीट अपने नाम की।

    उपाध्यक्ष पद का परिणाम इस चुनाव की अलग तस्वीर सामने लाता है। यहां निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने जीत दर्ज की। उन्हें 28873 वोट मिले जबकि ABVP के ईशू मौर्य को 15346 और NSUI के वीर चतरथ को 4010 वोट मिले। मतगणना के शुरुआती दौर से ही शोकीन इस मुकाबले में आगे बने रहे और अंत तक उनकी बढ़त कायम रही।

    दीपांशु शोकीन का चुनाव अभियान भी चर्चा में रहा। वे स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे और छात्र सुविधाओं तथा कैंपस से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रचार कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनका संबंध दिल्ली यूनिवर्सिटी के बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग से है। उनके उपाध्यक्ष पद जीतने से इस बार DUSU के केंद्रीय पैनल में एक निर्दलीय उम्मीदवार की भी जगह बनी है।

    इस बार DUSU चुनाव में मतदान प्रतिशत को लेकर भी खास चर्चा रही। अलग अलग रिपोर्टों में अंतिम मतदान प्रतिशत के आंकड़े में अंतर बताया गया है जबकि शुरुआती आधिकारिक रिपोर्टों में करीब 40 फीसदी मतदान दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और दो हजार से अधिक पुलिस तथा पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती की गई थी।

    चुनाव परिणाम से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने विजय जुलूसों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। अदालत ने चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर भी सख्त रुख अपनाया था। परिणाम के बाद भी यह रोक लागू रही।

  • सोने का भाव 1.54 लाख के पार चांदी 2.37 लाख रुपए पहुंची दिसंबर तक और बढ़ सकते हैं दाम

    सोने का भाव 1.54 लाख के पार चांदी 2.37 लाख रुपए पहुंची दिसंबर तक और बढ़ सकते हैं दाम


    नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह तेजी देखने को मिली है। कीमती धातुओं में बढ़त के चलते निवेशकों और खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों की नजर अब बाजार के अगले रुझान पर है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के आंकड़ों के अनुसार इस सप्ताह चांदी की कीमत करीब 7988 रुपए बढ़ी है और इसका भाव लगभग 2.37 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गया है। पिछले सप्ताह 11 सितंबर को चांदी करीब 2.29 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर थी। यानी कुछ ही दिनों में इसकी कीमत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    सोने की कीमत में भी इसी दौरान तेजी रही। 24 कैरेट सोने का भाव पिछले सप्ताह करीब 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था जो अब बढ़कर लगभग 1.54 लाख रुपए हो गया है। आंकड़ों के अनुसार इस दौरान सोने की कीमत में करीब 1789 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में सोने और चांदी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां डॉलर की स्थिति निवेश मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीद जैसे प्रमुख कारण शामिल हैं।

    कोटक सिक्योरिटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनिंद्य बनर्जी के अनुसार दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने की कीमतों को आगे भी सहारा मिल सकता है। उन्होंने मौजूदा रुझान जारी रहने की स्थिति में दिसंबर तक सोने के करीब 1.70 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी के करीब 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान जताया है। हालांकि यह बाजार का अनुमान है और वास्तविक कीमत इससे अलग हो सकती है।

    देश के अलग अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.53 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.40 लाख रुपए जबकि 18 कैरेट सोना करीब 1.15 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास है। 14 कैरेट सोने का भाव करीब 89930 रुपए प्रति 10 ग्राम बताया गया है।

    बड़े शहरों की बात करें तो दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम है। मुंबई और कोलकाता में यह करीब 1.54 लाख रुपए के आसपास है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम बताई गई है। पटना लखनऊ रायपुर और अहमदाबाद में भी भाव इसी दायरे में हैं। स्थानीय बाजार में वास्तविक कीमत टैक्स ज्वेलरी की गुणवत्ता और मेकिंग चार्ज के कारण अलग हो सकती है।

    साल 2026 की शुरुआत से सोने में कुल मिलाकर मजबूत बढ़त दर्ज हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना करीब 1.33 लाख रुपए के स्तर पर था जबकि अब यह लगभग 1.54 लाख रुपए पहुंच चुका है। इस तरह साल की शुरुआत से इसमें करीब 21 हजार रुपए की बढ़ोतरी हुई है। चांदी भी साल के दौरान कई बार तेज उतार चढ़ाव से गुजरी है। 31 दिसंबर 2025 के करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर से यह अब लगभग 2.37 लाख रुपए पर पहुंच गई है।

    IBJA के भाव आम तौर पर GST और मेकिंग चार्ज के बिना होते हैं। इसलिए आभूषण खरीदते समय ग्राहक को अंतिम बिल की कीमत अलग मिल सकती है। सोने और चांदी में निवेश या खरीदारी से पहले ताजा स्थानीय भाव और संबंधित शुल्क की जानकारी लेना जरूरी है।

  • भोपाल संभाग के युवाओं की रीवा यात्रा शुरू मुकुंदपुर सफारी से पुरवा प्रपात तक देखेंगे पर्यटन की खूबसूरती

    भोपाल संभाग के युवाओं की रीवा यात्रा शुरू मुकुंदपुर सफारी से पुरवा प्रपात तक देखेंगे पर्यटन की खूबसूरती


    भोपाल । भोपाल से रीवा की यात्रा पर निकले युवाओं के दल को उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा मध्यप्रदेश सरकार की मां तुझे सलाम योजना के तहत आयोजित की गई है। दो दिवसीय इस भ्रमण के दौरान भोपाल संभाग के युवा रीवा जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को करीब से जानेंगे। इस यात्रा का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से किया गया है। दल में भोपाल के साथ सीहोर रायसेन विदिशा और राजगढ़ जिले के युवा शामिल हैं। यात्रा का उद्देश्य युवाओं को प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों और उनकी सांस्कृतिक तथा प्राकृतिक विशेषताओं से परिचित कराना है।

    युवाओं को रीवा भ्रमण के दौरान महामृत्युंजय मंदिर संग्रहालय मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी पुरवा प्रपात और बसामन मामा गौ अभ्यारण्य जैसे स्थानों पर ले जाया जाएगा। इन स्थलों के माध्यम से युवाओं को रीवा की धार्मिक परंपरा प्राकृतिक संपदा वन्यजीव और स्थानीय पर्यटन की विविधता को समझने का अवसर मिलेगा। रीवा संभाग लंबे समय से अपने जलप्रपात जंगलों और ऐतिहासिक तथा धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। इसी वजह से क्षेत्र में पर्यटन को आर्थिक गतिविधियों और रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।

    यात्रा को रवाना करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश और विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र में पर्यटन के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। रीवा संभाग प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध है। यहां मौजूद वन जलप्रपात धार्मिक स्थल और वन्यजीव क्षेत्र पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने मैहर चित्रकूट और अमरकंटक जैसे धार्मिक स्थलों के साथ मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी पन्ना नेशनल पार्क संजय टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय दुबरी अभ्यारण्य का भी उल्लेख किया। ऐसे पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं और कनेक्टिविटी के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर क्षेत्रीय विकास को गति मिल सकती है।

    रीवा में पर्यटन को बढ़ावा देने में बेहतर कनेक्टिविटी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा सड़क और रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही हवाई संपर्क में भी सुधार हुआ है। कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटकों के लिए रीवा पहुंचना आसान हो रहा है और आसपास के पर्यटन स्थलों को भी एक साथ देखने की संभावना बढ़ रही है। सप्ताहांत में आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।

    उप मुख्यमंत्री ने रीवा के 750 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट का भी जिक्र किया। उन्होंने बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में बड़ी संख्या में गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। उनके मुताबिक ऐसे प्रयास पर्यटन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़े हैं।

    कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास में युवा पीढ़ी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यात्रा के माध्यम से युवाओं को मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। संभागीय खेल अधिकारी एमके धौलपुरी के अनुसार दो दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में युवाओं को रीवा के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी भी रही।

  • भारत चीन पर ट्रंप का बड़ा दांव रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तलवार

    भारत चीन पर ट्रंप का बड़ा दांव रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तलवार


    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया है। इस कानून के बाद अमेरिका के पास रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों के सामान पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार होगा। भारत और चीन उन प्रमुख देशों में शामिल हैं जिन पर इस प्रावधान का असर पड़ सकता है। हालांकि अभी यह समझना जरूरी है कि कानून लागू होने के साथ ही भारत पर 100 फीसदी टैरिफ नहीं लगा है। कानून राष्ट्रपति को ऐसा शुल्क लगाने का अधिकार देता है और वास्तविक दर तथा किन देशों या उत्पादों को इसके दायरे में रखा जाएगा इसका फैसला आगे किया जा सकता है।

    इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस की ऊर्जा और अन्य आर्थिक गतिविधियों से होने वाली आय पर दबाव बढ़ाना है। रूस यूक्रेन युद्ध के कारण लंबे समय से अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। नए कानून में रूस के अधिकारियों और वित्तीय संस्थानों के अलावा ऊर्जा क्षेत्र तथा प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल टैंकरों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इसका मकसद रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है ताकि उसकी युद्ध संबंधी वित्तीय क्षमता को सीमित किया जा सके।

    भारत के लिए इस कानून का महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि रूस लंबे समय से भारत के प्रमुख कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा है। इसी वजह से भारत उन देशों की सूची में आता है जिन पर नए अमेरिकी टैरिफ अधिकार का इस्तेमाल किया जा सकता है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की ओर से जारी जानकारी में भारत और चीन समेत कई देशों को संभावित 100 फीसदी शुल्क वाले प्रावधान के तहत शामिल किया गया था।

    अगर अमेरिका भारत के खिलाफ अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत पर पड़ सकता है। भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले कपड़ा उत्पाद जेम्स एंड ज्वेलरी इंजीनियरिंग सामान लेदर समुद्री उत्पाद और कुछ औद्योगिक वस्तुओं पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका कितना शुल्क लगाता है और किन उत्पादों को इसके दायरे में शामिल करता है। भारतीय निर्यातकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता इसी अनिश्चितता को लेकर है।

    भारत के सामने दूसरा विकल्प रूस से कच्चे तेल की खरीद घटाकर दूसरे देशों से आयात बढ़ाने का हो सकता है। भारत पहले से मध्य पूर्व अमेरिका और अन्य तेल उत्पादक देशों से कच्चा तेल खरीदता है। लेकिन सप्लायर बदलने की स्थिति में कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और परिवहन लागत जैसे कई कारक भारत के आयात बिल को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर ऊर्जा लागत पर भी पड़ सकता है हालांकि घरेलू ईंधन कीमतों पर इसका प्रभाव सीधे तौर पर तय नहीं माना जा सकता।

    इस कानून का असर केवल भारत और अमेरिका के व्यापार तक सीमित नहीं रह सकता। चीन भी रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदता है और इसलिए वह भी अमेरिकी टैरिफ अधिकार के संभावित दायरे में है। इससे रूस की ऊर्जा बिक्री अमेरिका की व्यापार नीति और एशियाई देशों की ऊर्जा जरूरतों के बीच नया दबाव बन सकता है।

    सबसे अहम बात यह है कि फिलहाल 100 फीसदी टैरिफ की बात को संभावित अधिकार के तौर पर देखना चाहिए न कि भारत पर लागू हो चुके शुल्क के रूप में। ट्रंप प्रशासन के पास कानून के तहत टैरिफ की दर और उसके इस्तेमाल को लेकर व्यापक अधिकार हैं। इसलिए आने वाले समय में अमेरिकी सरकार की ओर से जारी होने वाले फैसले यह तय करेंगे कि भारत के निर्यात और दोनों देशों के व्यापार पर इसका वास्तविक असर कितना पड़ता है।

  • शिवपुरी में हरियाणा जा रहा लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया डामरौन में वन विभाग ने घेराबंदी कर की कार्रवाई

    शिवपुरी में हरियाणा जा रहा लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा गया डामरौन में वन विभाग ने घेराबंदी कर की कार्रवाई


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में वन विभाग ने लकड़ी के अवैध परिवहन की आशंका के मामले में कार्रवाई करते हुए एक ट्रक को जब्त किया है। यह ट्रक लकड़ी लेकर हरियाणा की ओर जा रहा था। वन विभाग की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दिनारा पिछोर मार्ग पर डामरौन के पास घेराबंदी की और संदिग्ध ट्रक को रोक लिया। तलाशी के दौरान ट्रक में लकड़ी भरी हुई मिली जिसके बाद विभाग ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। मामले में अब लकड़ी के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि करैरा क्षेत्र से लकड़ी से भरा एक ट्रक हरियाणा की तरफ रवाना होने वाला है। सूचना मिलने के बाद रेंजर लक्ष्मण मीणा और डिप्टी रेंजर कुलदीप गौर के नेतृत्व में टीम ने डामरौन के आसपास निगरानी शुरू की। टीम ट्रक के आने का इंतजार कर रही थी। जैसे ही बताए गए हुलिए और नंबर का ट्रक वहां पहुंचा वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे रोक लिया।

    ट्रक की जांच की गई तो उसमें लकड़ी लदी हुई मिली। इसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया। वन विभाग की ओर से अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्रक में लदी लकड़ी आखिर कहां से लाई गई थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लकड़ी के परिवहन के लिए चालक के पास आवश्यक अनुमति और दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

    शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई है कि ट्रक बालाघाट से करैरा पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वहां ट्रक में पहले प्लाईबोर्ड से जुड़ा सामान छोड़ा गया था। इसके बाद ट्रक करैरा क्षेत्र में पहुंचा जहां उसमें लकड़ी लोड की गई। लकड़ी भरने के बाद वाहन को हरियाणा की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान वन विभाग की टीम ने उसे डामरौन के पास रोक लिया।

    लकड़ी के इस्तेमाल को लेकर भी वन विभाग जांच कर रहा है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि जब्त की गई लकड़ी का इस्तेमाल प्लाईबोर्ड तैयार करने में किया जा सकता है। इसी वजह से विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि लकड़ी करैरा क्षेत्र की किसी आरा मशीन से तो नहीं लाई गई थी। अधिकारियों की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि यदि लकड़ी स्थानीय स्तर पर लोड की गई थी तो इसके लिए किस स्थान का इस्तेमाल किया गया और उसके परिवहन की वैध अनुमति थी या नहीं।

    करैरा क्षेत्र में इससे पहले भी वन विभाग की ओर से आरा मशीनों को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में जब्त ट्रक में मिली लकड़ी और क्षेत्र की आरा मशीनों के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं इसकी भी पड़ताल की जा रही है। वन विभाग दस्तावेजों और लकड़ी के स्रोत की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेगा। फिलहाल ट्रक विभाग के कब्जे में है और मामले की जांच जारी है।

  • न्यूड सीन के ऑफर से लेकर अजीब डिमांड तक राधिका आप्टे ने खोले फिल्म सेट के कई राज

    न्यूड सीन के ऑफर से लेकर अजीब डिमांड तक राधिका आप्टे ने खोले फिल्म सेट के कई राज


    नई दिल्ली। राधिका आप्टे अपने बेबाक अंदाज और अलग तरह के किरदारों के लिए जानी जाती हैं। अभिनेत्री ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्मों में काम किया है जिनमें उन्होंने चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। अब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान सामने आए कुछ अनुभवों के बारे में खुलकर बात की है। बातचीत के दौरान राधिका ने बताया कि उनके शुरुआती काम को देखकर कई लोग यह मानने लगे थे कि वह बोल्ड या न्यूड सीन करने के लिए आसानी से तैयार हो जाएंगी। इसके बाद उन्हें कई बार ऐसे प्रस्ताव भी मिले जिनसे वह खुद हैरान रह गईं।

    राधिका ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने कुछ फिल्मों में न्यूड सीन किए थे। इसके बाद इंडस्ट्री में उनके बारे में एक धारणा बन गई कि वह इस तरह के सीन करने में सहज हैं। अभिनेत्री के मुताबिक कई लोग बाद में उनसे ऐसे सीन करने की उम्मीद करने लगे। उन्हें बार बार यह समझाना पड़ा कि किसी पुराने काम का मतलब यह नहीं है कि वह हर प्रोजेक्ट में अपनी सीमाओं को बदल देंगी।

    अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्हें ऐसे प्रस्ताव दिए जाते थे तो वह सामने वाले से सवाल करती थीं कि आखिर उस सीन की जरूरत क्या है। कई बार उन्हें जवाब मिलता था कि थोड़ा सा कर लीजिए या कुछ सेकेंड के लिए ऐसा कर दीजिए। राधिका ने कहा कि उनके लिए यह समझना जरूरी था कि किसी सीन का कहानी में क्या महत्व है और उसे किस उद्देश्य से रखा जा रहा है।

    इसी बातचीत में राधिका ने एक एक्शन सीक्वेंस से जुड़ा अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक शूटिंग सेट पर उनसे एक्शन सीन करने को कहा गया। जब वह इसके लिए तैयार हुईं तो उनसे कहा गया कि इस दौरान उनकी शर्ट के बटन बंद नहीं होने चाहिए। राधिका ने सवाल किया कि अगर वह एक्शन कर रही हैं तो स्वाभाविक रूप से कपड़े अपनी जगह से हिल सकते हैं। लेकिन इसके बाद उनसे कहा गया कि वह यह पूरा एक्शन सीक्वेंस केवल ब्रा और इनरवियर में करें।

    राधिका ने बताया कि यह सुनकर उन्होंने सामने वाले से सवाल किया कि आखिर उनसे क्या करवाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक एक्शन सीन और कपड़ों को लेकर की गई इस तरह की मांग ने उन्हें असहज कर दिया था। अभिनेत्री ने इस अनुभव को साझा करते हुए यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान कलाकारों के सामने कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जहां उन्हें अपनी सीमाओं को स्पष्ट करना पड़ता है।

    राधिका आप्टे इससे पहले भी बोल्ड भूमिकाओं और अंतरंग दृश्यों को लेकर अपनी राय खुलकर रख चुकी हैं। साल 2016 में उनकी फिल्म पार्च्ड के एक न्यूड सीन की तस्वीर और वीडियो चर्चा में आए थे। उस समय अभिनेत्री ने कहा था कि उन्हें इस सीन को लेकर मिलने वाली मीडिया अटेंशन से खास परेशानी नहीं थी। उनका कहना था कि फिल्म में उस दृश्य का एक संदर्भ था और पूरी फिल्म को केवल उस सीन तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए।

    राधिका के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह हाल में लस्ट स्टोरीज 3 में नजर आई हैं। अपने अलग तरह के किरदारों और फिल्मों के चयन के कारण राधिका लगातार दर्शकों के बीच चर्चा में रहती हैं। उनकी बेबाक बातचीत भी अक्सर फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के अनुभवों को लेकर नई चर्चा शुरू कर देती है।

  • बेटियों से डरते हैं महेश भट्ट लेकिन बेटों से नहीं! सोनी राजदान ने बताया परिवार का अनोखा राज

    बेटियों से डरते हैं महेश भट्ट लेकिन बेटों से नहीं! सोनी राजदान ने बताया परिवार का अनोखा राज


    नई दिल्ली। अभिनेत्री सोनी राजदान ने अपने परिवार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्ममेकर महेश भट्ट अपनी तीनों बेटियों आलिया भट्ट पूजा भट्ट और शाहीन भट्ट से एक खास तरह से डरते हैं। सोनी ने यह बात किसी गंभीर विवाद के संदर्भ में नहीं बल्कि परिवार के रोजमर्रा के रिश्तों और पिता बेटियों के बीच की बॉन्डिंग को लेकर कही। उनके मुताबिक महेश भट्ट अपनी बेटियों के सामने कई बार खुद बातचीत करने के बजाय सोनी को आगे कर देते हैं। सोनी ने इस पूरे किस्से को हल्के फुल्के अंदाज में साझा किया।

    सोनी राजदान इन दिनों फिल्म ओम का हरी को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उन्होंने एक मां की भूमिका निभाई है जो पति और बेटे के बीच चल रहे मतभेद को सुलझाने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। सोनी का कहना है कि फिल्म में उनका किरदार वास्तविक जीवन में उनके व्यक्तित्व से काफी अलग है। हालांकि परिवार में मां की भूमिका को लेकर उन्होंने जो बातें कहीं उससे उन्हें अपने वास्तविक जीवन के कई अनुभव भी याद आए।

    सोनी के मुताबिक किसी भी परिवार में मां अक्सर ऐसी भूमिका निभाती है जिसमें उसे अलग अलग लोगों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। कभी वह बातचीत सुलझाने वाली बनती है तो कभी परिवार के सदस्यों की परेशानियां सुनती है। जरूरत पड़ने पर वही सलाह देने वाली और समझाने वाली भी बन जाती है। सोनी ने कहा कि मां परिवार में कई भूमिकाएं निभाती है और कई बार उसे खुद पता भी नहीं चलता कि वह कब किस भूमिका में आ गई।

    उन्होंने फिल्म की कहानी से जुड़े पिता और बेटे के रिश्ते पर भी बात की। सोनी ने कहा कि पिता और बेटे के बीच मतभेद होना कोई असामान्य बात नहीं है। कई परिवारों में पीढ़ियों के बीच सोच का अंतर दिखाई देता है। हालांकि उनका मानना है कि आज की नई पीढ़ी ऐसे रिश्तों और पारिवारिक परिस्थितियों को पहले की तुलना में अलग तरीके से समझने लगी है।

    इसी बातचीत के दौरान सोनी ने अपने परिवार का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कई बार महेश भट्ट उनसे कहते हैं कि बेटी को फोन कर दो। इस पर सोनी का जवाब होता है कि अगर बात करनी है तो वह खुद फोन कर सकते हैं क्योंकि उनके पास भी फोन है। सोनी ने मजाकिया अंदाज में बताया कि बेटियों के साथ उनकी अपनी अलग तरह की बातचीत और नोकझोंक होती है। ऐसे में वह महेश की ओर से बेटियों से बात करने की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं होतीं।

    सोनी ने इसी संदर्भ में कहा कि उनके पति तीनों बेटियों से डरते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह डर किसी गंभीर अर्थ में नहीं है बल्कि एक प्यारे और मजेदार पारिवारिक रिश्ते का हिस्सा है। उनके मुताबिक पिता अक्सर बेटियों को लेकर ज्यादा सावधान रहते हैं जबकि बेटों के साथ उनका व्यवहार कुछ अलग हो सकता है। महेश भट्ट के मामले में भी उन्हें यही चीज दिखाई देती है क्योंकि उनकी तीन बेटियां हैं और वह तीनों के सामने एक अलग तरह की झिझक दिखाते हैं।

    सोनी राजदान की यह बात परिवार में पिता और बेटियों के रिश्ते की एक हल्की फुल्की तस्वीर सामने लाती है। वहीं उनके फिल्मी काम की बात करें तो ओम का हरी में वह एक ऐसे किरदार में नजर आ रही हैं जो परिवार के भीतर पैदा हुए मतभेदों को संभालने की कोशिश करता है। उनकी बातचीत से यह भी पता चलता है कि पर्दे पर निभाए गए पारिवारिक किरदारों के पीछे कलाकारों के अपने जीवन के अनुभव भी कई बार प्रेरणा बनते हैं।

  • जब पीरियड्स की वजह से शूटिंग सेट पर बदली स्थिति श्रुति हासन ने बताया क्यों करती हैं ऐसी प्रार्थना

    जब पीरियड्स की वजह से शूटिंग सेट पर बदली स्थिति श्रुति हासन ने बताया क्यों करती हैं ऐसी प्रार्थना


    नई दिल्ली। अभिनेत्री श्रुति हासन अपनी फिल्मों के साथ साथ सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने पीरियड्स और उससे जुड़े अनुभवों को लेकर खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को होने वाले पीरियड्स के दर्द और शूटिंग के दौरान आने वाली परेशानियों का जिक्र किया। श्रुति ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह प्रार्थना करती हैं कि पुरुषों को भी पीरियड्स हों। उनका मानना है कि अगर पुरुष भी इस अनुभव से गुजरें तो शायद महिलाओं की तकलीफ को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।

    श्रुति ने पीरियड्स और हार्मोन्स से जुड़े भ्रम पर बातचीत के दौरान कहा कि इसका एक समाधान यह हो सकता है कि पुरुषों को भी पीरियड्स का अनुभव हो। उन्होंने यहां तक कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए पीरियड्स के दौरान छुट्टी का प्रावधान होना चाहिए। उनकी यह बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा होने लगी है क्योंकि उन्होंने एक ऐसे विषय पर खुलकर बात की है जिसे लंबे समय तक निजी और संकोच का विषय माना जाता रहा है।

    श्रुति ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय शूटिंग सेट पर पीरियड्स के बारे में बात करना आसान नहीं था। कई बार वह दर्द में होती थीं लेकिन इसके बारे में खुलकर बता नहीं पाती थीं। दूसरी तरफ सेट पर मौजूद लोग यह समझ नहीं पाते थे कि किसी दिन उनकी ऊर्जा या व्यवहार में बदलाव क्यों दिखाई दे रहा है। श्रुति के मुताबिक यह केवल एक सामाजिक टैबू नहीं था बल्कि कई लोग इस विषय पर बातचीत करने से भी बचते थे।

    अभिनेत्री ने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब उनके एक को स्टार ने अपनी घुटने की सर्जरी के बारे में बताया। इसके बाद शूटिंग का काम उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया। इसी तरह श्रुति ने एक निर्देशक से अपने पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को लेकर बात की। उस निर्देशक की बेटी भी पीरियड्स के दौरान गंभीर क्रैम्प्स से गुजरती थी। श्रुति के मुताबिक इसके बाद उस स्थिति को समझने का नजरिया बदला और उनके साथ भी उसी तरह संवेदनशीलता दिखाई गई।

    सोहा अली खान के साथ हुई बातचीत में पीरियड्स को लेकर पुरुषों के अनुभव पर भी हल्के फुल्के अंदाज में चर्चा हुई। इस दौरान यह बात सामने आई कि अगर पुरुष भी पीरियड्स से गुजरते तो शायद उनके बीच ब्लीडिंग या दूसरे अनुभवों को लेकर अलग तरह की प्रतिस्पर्धा होती। बातचीत का मकसद इस विषय से जुड़े सामाजिक संकोच को हल्के अंदाज में सामने लाना था।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो श्रुति हासन को पिछली बार 2025 में रिलीज हुई फिल्म कूली में देखा गया था। इस फिल्म में रजनीकांत के साथ नागार्जुन अक्किनेनी सौबिन शाहीर उपेंद्र सत्यराज और रचिता राम जैसे कलाकार नजर आए थे। आमिर खान ने फिल्म में कैमियो किया था जबकि पूजा हेगड़े स्पेशल नंबर में दिखाई दी थीं। श्रुति इसके अलावा पेद्दी के हेलालो गाने में भी नजर आई थीं। अब वह तमिल फिल्म ट्रेन में दिखाई देंगी। इस फिल्म का निर्देशन मिस्किन ने किया है और इसमें विजय सेतुपति भी अहम भूमिका में हैं। इसके अलावा वह दुलकर सलमान के साथ एक तेलुगु फिल्म में भी नजर आने वाली हैं।

  • 9 एपिसोड की इस क्राइम सीरीज में है बदले की खतरनाक कहानी क्लाइमेक्स तक नहीं हटेगी नजर

    9 एपिसोड की इस क्राइम सीरीज में है बदले की खतरनाक कहानी क्लाइमेक्स तक नहीं हटेगी नजर


    नई दिल्ली। ओटीटी पर क्राइम और थ्रिलर कंटेंट पसंद करने वालों के लिए ऐसी कई सीरीज मौजूद हैं जिनकी कहानी धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। अगर आपको अपराध रहस्य बदला और सस्पेंस से भरपूर कहानियां पसंद हैं तो जी5 की बिच्छू का खेल आपके लिए एक विकल्प हो सकती है। साल 2020 में रिलीज हुई इस क्राइम थ्रिलर सीरीज में कहानी एक ऐसे युवक के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखता है।

    सीरीज की कहानी अखिल श्रीवास्तव नाम के युवक से शुरू होती है। बनारस का रहने वाला अखिल एक उभरता हुआ लेखक है लेकिन उसकी जिंदगी उस समय पूरी तरह बदल जाती है जब उसके पिता पर गंभीर आरोप लगाए जाते हैं। इसके बाद उनके साथ ऐसी घटना होती है जो अखिल को भीतर तक झकझोर देती है। पिता की मौत के पीछे जिम्मेदार लोगों को तलाशना और उन्हें सजा दिलाना ही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद बन जाता है।

    अखिल का किरदार दिव्येंदु शर्मा ने निभाया है। कहानी की शुरुआत ही एक दिलचस्प स्थिति से होती है जहां अखिल पुलिस के सामने अपना अपराध कबूल करता दिखाई देता है। इसके बाद कहानी फ्लैशबैक में जाती है और दर्शकों को धीरे धीरे पता चलता है कि आखिर वह इस स्थिति तक कैसे पहुंचा। यही तरीका सीरीज के रहस्य को बनाए रखता है और दर्शकों को अगले एपिसोड तक पहुंचने के लिए उत्सुक करता है।

    बिच्छू का खेल में बदले की कहानी के साथ अपराध की दुनिया के कई पहलू देखने को मिलते हैं। कहानी में ऐसे मोड़ आते हैं जहां दर्शक यह समझने की कोशिश करते रहते हैं कि कौन सही है और कौन गलत। जैसे जैसे अखिल अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ता है वैसे वैसे उसके सामने नई मुश्किलें भी खड़ी होती जाती हैं। सीरीज की कहानी में सस्पेंस और क्राइम के साथ बनारस का माहौल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    इस सीरीज का पहला पार्ट कुल 9 एपिसोड का है। इसे जी5 पर देखा जा सकता है। सीरीज के रिलीज होने के बाद इसके दूसरे सीजन को लेकर दर्शकों के बीच दिलचस्पी बनी रही है। हालांकि इसकी अगली कहानी को लेकर दर्शकों को लंबे समय से इंतजार है।

    सीरीज का निर्देशन आशीष शुक्ला ने किया है जबकि बलजीत सिंह चड्ढा और सौरभ अरोड़ा ने भी निर्देशन में योगदान दिया है। कलाकारों की बात करें तो दिव्येंदु शर्मा के साथ अंशुल चौहान और सैयद जीशान कादरी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। दिव्येंदु को इससे पहले अलग तरह के किरदारों में देखा गया है लेकिन इस सीरीज में उनका अंदाज दर्शकों को अलग अनुभव देता है।

    बिच्छू का खेल को IMDb पर करीब 7 की रेटिंग मिली हुई है। सीरीज की कहानी लोकप्रिय हिंदी क्राइम फिक्शन की परंपरा से प्रभावित नजर आती है और इसमें बदले के साथ लगातार आने वाले ट्विस्ट कहानी को आगे बढ़ाते हैं। खासतौर पर उन दर्शकों को इसका फॉर्मेट पसंद आ सकता है जो तेज घटनाक्रम के बजाय धीरे धीरे खुलने वाले रहस्य और अपराध की कहानियां देखना पसंद करते हैं।

    अगर आप ओटीटी पर ऐसी क्राइम थ्रिलर तलाश रहे हैं जिसमें मुख्य किरदार के सामने निजी बदला सबसे बड़ी चुनौती बन जाए और कहानी फ्लैशबैक के जरिए धीरे धीरे रहस्य खोलती जाए तो बिच्छू का खेल आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है। इसके 9 एपिसोड एक साथ देखने पर कहानी का पूरा घटनाक्रम ज्यादा आसानी से समझ में आता है और क्लाइमेक्स तक पहुंचते पहुंचते कई सवालों के जवाब सामने आते हैं।

  • बिग बॉस 20 में पहली बार गूंजेगा एविक्शन का अलार्म सलमान लगाएंगे घरवालों की क्लास जानिए कौन होगा बाहर

    बिग बॉस 20 में पहली बार गूंजेगा एविक्शन का अलार्म सलमान लगाएंगे घरवालों की क्लास जानिए कौन होगा बाहर


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 का दूसरा वीकेंड का वार इस बार कई बड़े ट्विस्ट और विवादों के साथ नजर आने वाला है। शो में दो हफ्ते पूरे होने के बाद अब पहला एविक्शन होने जा रहा है। इसके साथ ही सलमान खान घरवालों के व्यवहार और उनके बीच चल रहे विवादों पर खुलकर बात करते दिखाई देंगे। नए प्रोमो में सलमान का अंदाज काफी सख्त नजर आ रहा है। वह घरवालों को उनके व्यवहार का रिपोर्ट कार्ड देने के साथ उन मुद्दों पर भी सवाल उठाते दिखेंगे जिनकी वजह से शो को लेकर बायस्ड होने की बात कही गई थी।

    वीकेंड का वार की शुरुआत में सलमान खान अपने खास अंदाज में घर में एंट्री करते हैं। प्रोमो में वह संकेत देते हैं कि घर में अब तक कंटेस्टेंट एक दूसरे को काफी कुछ सुना चुके हैं और अब उनकी बारी है जवाब देने की। किसी की सफाई सुनी जाएगी तो किसी को अपने व्यवहार पर सोचने के लिए मजबूर किया जाएगा। इस बार सलमान नीले रंग के ब्लेजर के साथ ब्लैक टीशर्ट और हैट में नजर आ रहे हैं।

    एपिसोड में सच की टोपी भी चर्चा का केंद्र रहने वाली है। सलमान इस टोपी के जरिए कंटेस्टेंट से उनके बयानों और व्यवहार को लेकर सवाल करते नजर आएंगे। सबसे पहले माही विज को यह टोपी पहनाई जाती है। उनसे यंग को गाली देने के आरोप को लेकर सवाल किया जाता है। माही अपने बचाव में कहती हैं कि उन्होंने यंग को गाली नहीं दी थी। इसके बाद बातचीत का रुख घर के दूसरे विवादों की ओर बढ़ता है।

    सलमान खान स्काउट के व्यवहार पर भी सवाल उठाते दिखाई देंगे। प्रोमो में वह उनके सामने सोशल मीडिया कम्युनिटी और शो से जुड़े बयानों को लेकर सवाल रखते हैं। इसके बाद आसिफ का मुद्दा सामने आता है। आसिफ ने शो को बायस्ड कहने वाली बात कही थी। सलमान इसी मुद्दे को उठाते हुए पूछते हैं कि जब घर में कंटेस्टेंट से गलती होती है तो वह बिग बॉस को बायस्ड क्यों बताने लगते हैं। इस दौरान सलमान का अंदाज काफी सख्त नजर आता है और आसिफ को अपनी बात पर सफाई देने का मौका मिलता है।

    वीकेंड का वार का सबसे बड़ा आकर्षण इस सीजन का पहला एविक्शन होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सप्ताह कम वोट पाने वाले कंटेस्टेंट की चर्चा में स्काउट आसिफ और रोहैद के नाम सामने आए थे। अब सामने आई जानकारी के मुताबिक रोहैद को घर से बाहर होना पड़ सकता है। अगर रविवार के एपिसोड में यह पुष्टि होती है तो वह बिग बॉस 20 से बाहर होने वाले पहले कंटेस्टेंट बन जाएंगे। हालांकि आधिकारिक पुष्टि एपिसोड के प्रसारण के बाद ही होगी।

    शनिवार के एपिसोड के बाद रविवार का एपिसोड भी मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे और मुनव्वर फारुकी अपने शो पति पत्नी और पंगा के दूसरे सीजन के प्रमोशन के लिए बिग बॉस के मंच पर पहुंचेंगे। इस शो में कई नई सेलिब्रिटी जोड़ियां नजर आने वाली हैं। ऐसे में वीकेंड का वार में घर के विवादों के साथ बाहर के मनोरंजन का तड़का भी देखने को मिलेगा।

    इस बीच बिग बॉस 20 में काजी तौकीर भी चर्चा में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो वायरल होने के बाद उनकी लोकप्रियता को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। अरिजीत के साथ उनके रिश्ते को लेकर भी दर्शकों के बीच दिलचस्पी दिखाई दे रही है। अब देखना होगा कि वीकेंड का वार के बाद शो में समीकरण किस तरह बदलते हैं और पहले एविक्शन के बाद घर के अंदर मुकाबला किस दिशा में जाता है।