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  • जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं समस्‍याएं, बोले- भूमाफियाओं पर तुरंत FIR दर्ज कर भेजें जेल

    जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं समस्‍याएं, बोले- भूमाफियाओं पर तुरंत FIR दर्ज कर भेजें जेल


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई होगी और किसी भी पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

    जमीन कब्जाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
    जनता दर्शन के दौरान जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमाफियाओं के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। साथ ही यह भी कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

    करीब 150 लोगों की सुनी समस्याएं
    गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। वे स्वयं प्रत्येक फरियादी के पास पहुंचे, उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    अधिकारियों को दिया निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश
    मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से कहा कि सभी मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अपराध और भूमि कब्जे से जुड़े मामलों में उन्होंने पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    इलाज के लिए आर्थिक सहायता का दिया भरोसा
    चिकित्सा सहायता से जुड़े प्रार्थना पत्रों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अस्पतालों का इस्टीमेट जल्द तैयार कराने को कहा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस्टीमेट मिलते ही सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मरीजों के इलाज में कोई देरी न हो।

    बच्चों को दिया आशीर्वाद और चॉकलेट
    जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों के साथ भी पहुंची थीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्नेहपूर्वक मुलाकात की, उन्हें चॉकलेट दी और आशीर्वाद भी दिया।

    गोशाला पहुंचकर की गोसेवा
    जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर की गोशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंश को उनके नाम लेकर पुकारा। परिचित आवाज सुनते ही कई गायें उनके पास आ गईं। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्नेहपूर्वक दुलार किया, अपने हाथों से गुड़ खिलाया और गोशाला में मौजूद अन्य गायों व नंदी की भी सेवा की। इस दौरान उन्होंने गोशाला के कर्मचारियों को पशुओं की बेहतर देखभाल के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

  • छात्र आंदोलन पर स्तुति मिश्रा की पोस्ट वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा की पत्नी के समर्थन से बढ़ी चर्चा

    छात्र आंदोलन पर स्तुति मिश्रा की पोस्ट वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा की पत्नी के समर्थन से बढ़ी चर्चा


    भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की अपील की है।

    स्तुति मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके आंदोलन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समन्वय और संवाद के माध्यम से समाधान निकलना चाहिए। बड़े पदों पर बैठे लोगों को जिद नहीं करनी चाहिए, बल्कि बच्चों की बात सुननी चाहिए। उन्होंने लिखा कि यदि छात्र सरकार से उम्मीद नहीं करेंगे तो फिर किससे करेंगे। उनके अनुसार, प्रेम और सहानुभूति किसी भी समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और हर बच्चे को सम्मान व संवेदनशील व्यवहार मिलना चाहिए।

    पोस्ट के शुरुआती संस्करण में उन्होंने यह भी लिखा था कि गलती होने पर क्षमा मांगने से कोई छोटा नहीं होता और जो लोग इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें दंड मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि छात्रों की मांगों को सुनना आवश्यक है और उनके साथ न्याय होना चाहिए। हालांकि, पोस्ट वायरल होने के बाद उन्होंने इस हिस्से को संपादित कर हटा दिया।

    स्तुति मिश्रा का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। हालांकि, उन्होंने बाद में अपने संदेश में संशोधन करते हुए केवल छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

    यह पहला अवसर नहीं है जब स्तुति मिश्रा का कोई सोशल मीडिया पोस्ट सुर्खियों में आया हो। इससे पहले बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा था कि भविष्य में बैंक होम लोन और कार लोन की तरह पेट्रोल-डीजल लोन भी ईएमआई पर उपलब्ध कराएंगे। उस पोस्ट के वायरल होने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी टिप्पणी पर सफाई भी दी थी।

    वर्तमान पोस्ट ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इसे लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • CJP और सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा नहीं, कई मुद्दों पर सहमति; इस्तीफे पर कल होगा फैसला

    CJP और सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा नहीं, कई मुद्दों पर सहमति; इस्तीफे पर कल होगा फैसला


    नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अहम बैठक हुई। करीब 10 मिनट चली इस वार्ता में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। सरकार ने इस विषय पर विचार के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।

    बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व सौरभ दास और आशुतोष रांका ने किया। वार्ता के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और घायल छात्रों को मुआवजा देने के प्रस्ताव पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। हालांकि, CJP ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े पांच सुझाव रखे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन प्रस्तावों पर आंतरिक स्तर पर चर्चा करेगी और शनिवार दोपहर होने वाली अगली बैठक में अपना विस्तृत पक्ष रखेगी।

    इससे पहले 20 जुलाई को भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन वह किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। अब शुक्रवार की बैठक को समाधान की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    उधर, NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से अब तक किए गए सुधारों और जांच की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।

    CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार आंदोलन के दबाव में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देर रात जारी किया गया संदेश भी इसी दबाव का परिणाम है। उनका कहना है कि संगठन अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटेगा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा।

    इसी बीच, 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर उन्हें जूस पिलाया। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वांगचुक और CJP के रुख में अंतर देखने को मिला।

    राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर मध्य दिल्ली के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर परिचालन प्रभावित होने की खबर है। प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई जारी है।

  • सरकार और CJP के बीच नहीं बनी सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी, कल होगी अगली बैठक

    सरकार और CJP के बीच नहीं बनी सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी, कल होगी अगली बैठक


    नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले तीन सप्ताह से आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को हुई दूसरे दौर की वार्ता किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। हालांकि CJP का दावा है कि सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सहमति नहीं बन पाई। इस मुद्दे पर सरकार ने शनिवार तक का समय मांगा है। अब दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक शनिवार दोपहर करीब 12 बजे होगी।

    करीब 50 मिनट चली बैठक
    दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई बैठक लगभग 50 मिनट तक चली। CJP की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका मौजूद रहे, जबकि सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया।

    इस्तीफे की मांग पर कायम CJP
    बैठक के बाद CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि मंत्रियों के साथ हुई चर्चा में सरकार उनकी तीन मांगों में से दो पर सकारात्मक नजर आई। उन्होंने कहा कि NEET की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने के मुद्दे पर सरकार का रुख सकारात्मक रहा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर संगठन किसी तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं है।

    दो मांगों पर मिली सैद्धांतिक सहमति
    CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि सरकार ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से जुड़े मुद्दे पर फैसला लेने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द इस पर निर्णय लेगी। रंका के मुताबिक, सरकार ने दो मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनमें आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर व अन्य कानूनी कार्रवाई वापस लेने का प्रस्ताव शामिल है।

    20 जुलाई को भी हुई थी बातचीत
    इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सरकारी आवास पर CJP प्रतिनिधियों और सरकार के बीच दो दौर की बैठक हुई थी, जिसमें भी सौरभ दास और आशुतोष रंका शामिल हुए थे। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार की ओर से प्रमुख मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया था। इसके बाद शुक्रवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के विठ्ठलभाई पटेल हाउस में दोनों पक्षों के बीच यह नई बैठक आयोजित की गई।

    आंदोलन जारी रखने का ऐलान
    CJP ने पहले ही सरकार के मंत्रियों के आवास या कार्यालय में वार्ता करने से इनकार कर दिया था और किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत की मांग की थी। संगठन का कहना है कि जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।

    संगठन की प्रमुख मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करना, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और कानूनी कार्रवाई वापस लेना शामिल है।

  • दतिया पहुंचे सिंधिया का बड़ा दावा, बोले- भाजपा की जीत तय; पेपर लीक दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

    दतिया पहुंचे सिंधिया का बड़ा दावा, बोले- भाजपा की जीत तय; पेपर लीक दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई


    ग्वालियर । दतिया उपचुनाव के प्रचार अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के स्टार प्रचारक ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचे, जहां से वे पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए दतिया रवाना हुए। ग्वालियर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए सिंधिया ने भरोसा जताया कि दतिया की जनता एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर विश्वास जताएगी और पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।
    सिंधिया ने कहा कि दतिया उपचुनाव केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि विकास और क्षेत्र की प्रगति का चुनाव है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने दतिया के विकास के लिए लगातार काम किया है और आगे भी विकास की यह गति जारी रहेगी। उनके मुताबिक, जनता विकास के मुद्दे पर मतदान करेगी और भाजपा का परचम लहराएगी।
    चुनावी चर्चा के साथ-साथ सिंधिया ने देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जिन लोगों ने परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है।
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा में धांधली और पेपर लीक जैसे अपराधों पर कठोर कार्रवाई के लिए कानून को और मजबूत बना रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसी व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।
    सिंधिया ने कहा कि लाखों छात्र दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल छात्रों के साथ अन्याय नहीं, बल्कि देश के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

    दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अपने सभी वरिष्ठ नेताओं को प्रचार में उतार दिया है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में है, जबकि कांग्रेस भी जीत के लिए जोरदार प्रचार अभियान चला रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में दतिया का चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है।

  • 41 की उम्र में भी नहीं थमे लुका मोड्रिक! एसी मिलान के साथ एक साल और बढ़ाया करार

    41 की उम्र में भी नहीं थमे लुका मोड्रिक! एसी मिलान के साथ एक साल और बढ़ाया करार


    नई दिल्ली । विश्व फुटबॉल के महान मिडफील्डरों में शुमार लुका मोड्रिक ने उम्र को एक बार फिर चुनौती देते हुए अपने पेशेवर करियर को एक और साल आगे बढ़ाने का फैसला किया है। क्रोएशिया के अनुभवी स्टार ने इटली के प्रतिष्ठित क्लब एसी मिलान के साथ अपना अनुबंध बढ़ा लिया है। क्लब ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि मोड्रिक अब 30 जून 2027 तक एसी मिलान का हिस्सा बने रहेंगे।

    सितंबर में 41 वर्ष के होने जा रहे मोड्रिक ने पिछले साल 13 वर्षों तक रियल मैड्रिड के लिए ऐतिहासिक सफर तय करने के बाद एसी मिलान का रुख किया था। उनका पहला अनुबंध 30 जून 2026 तक था, जिसे अब एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।

    एसी मिलान के लिए अपने पहले सीजन में मोड्रिक ने 37 मुकाबलों में हिस्सा लिया और दो गोल भी किए। हालांकि, टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। क्लब सेरी ए में पांचवें स्थान पर रहा, जबकि कोपा इटालिया में अंतिम-16 चरण से आगे नहीं बढ़ सका। इसके बावजूद क्लब प्रबंधन ने मोड्रिक के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और मिडफील्ड में उनके योगदान को देखते हुए उन पर भरोसा कायम रखा।

    फीफा विश्व कप 2026 से पहले मोड्रिक ने संकेत दिए थे कि टूर्नामेंट के बाद वह अपने भविष्य पर फैसला करेंगे। हालांकि, विश्व कप में क्रोएशिया के राउंड ऑफ-32 से बाहर होने के बाद भी उन्होंने संन्यास लेने के बजाय क्लब फुटबॉल जारी रखने का निर्णय लिया। इससे उनके प्रशंसकों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।

    एसी मिलान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मोड्रिक ने टीम में शामिल होने के बाद अपने अनुभव, अनुशासन, तकनीकी कौशल और नेतृत्व से मिडफील्ड को नई मजबूती दी है। क्लब को भरोसा है कि आगामी सीजन में भी वह टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नए सीजन में भी मोड्रिक अपनी प्रसिद्ध नंबर-14 जर्सी पहनकर मैदान में उतरेंगे।

    लुका मोड्रिक का करियर आधुनिक फुटबॉल के सबसे प्रेरणादायक सफरों में से एक माना जाता है। वर्ष 2012 में उन्होंने इंग्लिश क्लब टोटेनहम हॉटस्पर से रियल मैड्रिड का दामन थामा था। शुरुआती चुनौतियों के बाद उन्होंने स्पेनिश क्लब के इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई। रियल मैड्रिड के लिए उन्होंने लगभग 600 मैच खेले और करीब 30 बड़े खिताब अपने नाम किए, जिनमें छह यूईएफए चैंपियंस लीग और चार ला लीगा ट्रॉफियां शामिल हैं।

    साल 2018 उनके करियर का सबसे यादगार वर्ष रहा, जब उन्होंने लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लंबे दबदबे को समाप्त करते हुए प्रतिष्ठित बैलन डी’ओर पुरस्कार अपने नाम किया। उनकी सटीक पासिंग, बेहतरीन विजन, खेल को पढ़ने की क्षमता और मिडफील्ड पर नियंत्रण ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की श्रेणी में स्थापित किया।

    अब 41 साल की उम्र में भी लुका मोड्रिक का मैदान पर बने रहने का फैसला इस बात का प्रमाण है कि अनुभव, फिटनेस और समर्पण के दम पर उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है। एसी मिलान को उम्मीद है कि उनका यह अनुभवी सितारा आगामी सीजन में टीम को नई सफलताओं की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती

    सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे की कोशिश वापसी करते हुए सीरीज को निर्णायक मुकाबले तक ले जाने की होगी।

    पहले टी20 में भारतीय टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया था। तेज गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे को महज 125 रन पर समेट दिया। युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 18 रन देकर दो विकेट झटके। प्रिंस यादव ने भी दो सफलताएं हासिल कीं, जबकि अशोक शर्मा ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरा। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने मेजबान टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया।

    बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही। युवा बल्लेबाज ने केवल 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। ईशान किशन ने भी 35 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पहले मुकाबले में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। वेस्ली मधेवेरे ने 39 रन और रयान बर्ल ने 26 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने दो विकेट लेकर प्रभावित किया, लेकिन अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पहले मुकाबले में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुई थी। हालांकि शुरुआती झटकों के बाद बल्लेबाजों ने भी यहां खुलकर रन बनाए। इस मैदान पर अब तक 84 टी20 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 45 और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने 37 मैच जीते हैं। पहली पारी का औसत स्कोर 155 रन, जबकि दूसरी पारी का औसत 133 रन रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार दूसरे टी20 के दौरान हरारे में मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में पूरे 20 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम की सबसे बड़ी उम्मीद एक बार फिर युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और तेज गेंदबाज मयंक यादव पर रहेगी। यदि टीम इंडिया पहले मैच जैसी लय बरकरार रखती है तो उसके पास सीरीज अपने नाम करने का शानदार मौका होगा। वहीं जिम्बाब्वे को मुकाबले में बने रहने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऐसी धमाकेदार पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन ठोककर न सिर्फ टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। मैच के बाद वैभव ने अपनी इस यादगार पारी को अपनी मां, परिवार, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके कठिन समय में उनका साथ दिया।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 19 गेंदों की पारी में 4 चौके तथा 4 छक्के लगाए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    15 साल 118 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर वैभव ने इंग्लैंड के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में टी20 इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई थी। इतना ही नहीं, वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2020 में 15 साल 340 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था।

    बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव ने कहा कि करियर की शुरुआत में ऐसी पारियां आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती हैं। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान वह पूरी तरह अपनी लय में थे और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा करते हुए शॉट्स लगाए। उन्होंने कहा कि यह अर्धशतक उनके परिवार, कोच और उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया।

    मैच के दौरान अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ने दोनों हाथों से सिर के ऊपर ‘ए’ का निशान बनाया। इस खास सेलिब्रेशन के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि यह उनकी मां आरती को समर्पित था। वहीं, ‘थंब्स अप’ का इशारा उन्होंने भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह के साथ हुई बातचीत से प्रेरित होकर किया।

    हरारे का मैदान वैभव के लिए लगातार यादगार साबित हो रहा है। इसी वर्ष उन्होंने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इससे पहले सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रन बनाकर भारत को रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टी20 सीरीज में उन्हें तीन मौकों पर बड़ी पारी खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने शानदार वापसी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया। वैभव ने कहा कि हरारे का माहौल उन्हें पसंद है, लेकिन वह इसे हल्के में नहीं लेते। उनका लक्ष्य हर मैच में टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना और अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना है।

    15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक लगाकर वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक और बड़ा सितारा मिल चुका है।

  • जोस बटलर ने रचा इतिहास, टी20 क्रिकेट में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे; अब पोलार्ड का रिकॉर्ड निशाने पर

    जोस बटलर ने रचा इतिहास, टी20 क्रिकेट में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे; अब पोलार्ड का रिकॉर्ड निशाने पर


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बटलर अब टी20 क्रिकेट इतिहास में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज क्रिस गेल को पीछे छोड़ते हुए यह खास मुकाम हासिल किया। अब उनकी नजर टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज कीरोन पोलार्ड के रिकॉर्ड पर है।

    बटलर ने यह उपलब्धि द हंड्रेड टूर्नामेंट के दौरान मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और लंदन स्पिरिट के बीच खेले गए मुकाबले में हासिल की। इस मैच में उन्होंने 11 गेंदों पर 16 रन की पारी खेली और अपने करियर के कुल टी20 रनों की संख्या 14,572 तक पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने क्रिस गेल के 14,562 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। उन्होंने अब तक इस फॉर्मेट में 9 शतक और 102 अर्धशतक लगाए हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है।

    वहीं, क्रिस गेल ने अपने शानदार करियर में 455 पारियों में 14,562 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से 22 शतक और 88 अर्धशतक निकले। लंबे समय तक टी20 क्रिकेट पर राज करने वाले गेल का यह रिकॉर्ड अब बटलर के नाम हो गया है।

    टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान कीरोन पोलार्ड के नाम है। पोलार्ड ने 663 पारियों में 14,803 रन बनाए हैं। उनके खाते में 2 शतक और 70 अर्धशतक दर्ज हैं। बटलर अब पोलार्ड से केवल 231 रन दूर हैं और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह रिकॉर्ड भी जल्द उनके नाम हो सकता है।

    हाल के महीनों में बटलर शानदार लय में नजर आए हैं। टी20 विश्व कप 2026 में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में दमदार वापसी की। पांचवें मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 64 गेंदों पर 131 रनों की विस्फोटक पारी खेली। पूरी सीरीज में उन्होंने 43 की औसत और 182 के स्ट्राइक रेट से 175 रन बनाकर अपनी बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया।

    अगर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें तो जोस बटलर इस समय तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 160 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 148 के स्ट्राइक रेट से 4,212 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 28 अर्धशतक निकले हैं।

    टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के बाबर आजम के नाम है, जिन्होंने 4,596 रन बनाए हैं। दूसरे स्थान पर भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 4,231 रन दर्ज हैं। चूंकि रोहित टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, ऐसे में बटलर के पास जल्द ही उन्हें पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर पहुंचने का सुनहरा अवसर है।

    जोस बटलर की मौजूदा फॉर्म और निरंतरता को देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वह टी20 क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

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  • आईपीओ, फिर भी मजबूत निवेश, एसएमई कंपनियों ने छह महीने में 3,752 करोड़ रुपये जुटाकर दिखाया भरोसा

    आईपीओ, फिर भी मजबूत निवेश, एसएमई कंपनियों ने छह महीने में 3,752 करोड़ रुपये जुटाकर दिखाया भरोसा

    नई दिल्ली । देश के लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) पूंजी बाजार के माध्यम से निवेश जुटाने में लगातार सक्रिय बने हुए हैं। वर्ष 2026 की पहली छमाही के दौरान 78 एसएमई कंपनियों ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए कुल 3,752 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई। आईपीओ की संख्या पिछले दो वर्षों की समान अवधि की तुलना में कम रही, लेकिन निवेश जुटाने का स्तर मजबूत बना रहा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अब गुणवत्ता आधारित कंपनियों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं और मजबूत कारोबारी मॉडल वाली कंपनियों को बाजार से पर्याप्त समर्थन मिल रहा है।

    रिपोर्ट के अनुसार जुटाई गई कुल राशि में सबसे बड़ा योगदान फ्रेश इश्यू का रहा। नई इक्विटी जारी कर कंपनियों ने लगभग 3,555 करोड़ रुपये जुटाए, जो कुल इश्यू आकार का करीब 95 प्रतिशत है। दूसरी ओर, ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए केवल 197 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में काफी कम है। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनियां मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने के बजाय अपने विस्तार, नई परियोजनाओं और कारोबार को बढ़ाने के लिए ताजा पूंजी जुटाने पर अधिक जोर दे रही हैं।

    हालांकि आईपीओ की संख्या में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 की पहली छमाही में 88 और वर्ष 2024 की पहली छमाही में 116 एसएमई आईपीओ आए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या घटकर 78 रह गई। इसके बावजूद कुल जुटाई गई राशि में केवल मामूली गिरावट आई है। वर्ष 2025 की पहली छमाही में एसएमई कंपनियों ने 4,004 करोड़ रुपये जुटाए थे। यह अंतर दर्शाता है कि बाजार में कम लेकिन अपेक्षाकृत बड़े और मजबूत आईपीओ आ रहे हैं, जिन्हें निवेशकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही, यानी अप्रैल से जून के बीच 38 एसएमई कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुईं। इन कंपनियों ने लगभग 1,891 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में जुटाई गई 1,644 करोड़ रुपये की राशि से अधिक है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में निवेशकों की रुचि अभी भी बनी हुई है और विकास की संभावनाओं वाली कंपनियों को पूंजी जुटाने में अपेक्षाकृत आसानी हो रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही में एसएमई आईपीओ गतिविधियों में असाधारण तेजी देखने को मिली थी, जबकि मौजूदा वर्ष में बाजार अपेक्षाकृत संतुलित स्थिति में पहुंच गया है। अब निवेशकों का ध्यान केवल बड़ी संख्या में आने वाले आईपीओ पर नहीं, बल्कि उन कंपनियों पर है जिनकी वित्तीय स्थिति, विकास की योजना और कारोबारी संभावनाएं मजबूत हैं। यही कारण है कि कम लिस्टिंग के बावजूद पूंजी जुटाने की क्षमता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।

    विश्लेषकों के अनुसार एसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और पूंजी बाजार तक इसकी आसान पहुंच आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। मजबूत आईपीओ बाजार से इन कंपनियों को विस्तार, तकनीकी उन्नयन और रोजगार सृजन के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होते हैं। मौजूदा आंकड़े संकेत देते हैं कि निवेशकों का भरोसा गुणवत्ता वाली एसएमई कंपनियों पर कायम है और आने वाले महीनों में भी यह रुझान जारी रहने की संभावना है।