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  • उमरिया में 30 जंगली हाथियों का झुंड खेतों में घुसा, तीन एकड़ से ज्यादा फसल रौंदी, ग्रामीणों में फैली दहशत

    उमरिया में 30 जंगली हाथियों का झुंड खेतों में घुसा, तीन एकड़ से ज्यादा फसल रौंदी, ग्रामीणों में फैली दहशत

    मध्य प्रदेश: के उमरिया जिले के परासी महामन गांव में मंगलवार रात करीब 30 जंगली हाथियों के झुंड के खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर आए हाथियों ने खेतों में खड़ी फसल को रौंद दिया। इस घटना में तीन एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।

    हाथियों के अचानक गांव के नजदीक पहुंचने की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने हाथियों को आबादी और खेतों से दूर करने का प्रयास किया। सूचना मिलने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई।

    हाथियों के झुंड को जंगल की ओर वापस भेजने के लिए ग्रामीणों और वनकर्मियों ने मिलकर प्रयास किया। इस दौरान जोर-जोर से शोर किया गया और मिर्ची का तीखा धुआं किया गया। कई घंटे तक चले प्रयास के बाद हाथियों के झुंड को वापस जंगल की दिशा में मोड़ने में सफलता मिली।

    हाथियों के उत्पात से परासी और महामन गांव के किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में किसान बृजभूषण सिंह के परासी स्थित खेत और रामनरेश सिंह के महामन स्थित खेत की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

    ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों के बड़े झुंड के अचानक खेतों में पहुंचने से लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। झुंड के वापस जंगल की ओर जाने के बाद भी ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है, क्योंकि हाथियों के दोबारा खेतों और आबादी वाले इलाकों की तरफ आने की आशंका बनी हुई है।

    वन विभाग इस पूरे क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथियों को फिलहाल जंगल की ओर खदेड़ दिया गया है। इसके बाद भी उनकी आवाजाही पर निगरानी बनाए रखने के लिए वन अमला इलाके में लगातार गश्त कर रहा है।

    हाथियों का यह झुंड बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों में रहता है। जंगल से सटे इलाकों में हाथियों की मौजूदगी के कारण आसपास के खेतों और रिहायशी क्षेत्रों में उनके पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से वन विभाग की टीम झुंड की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, ताकि हाथियों की दोबारा आबादी की ओर आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।

    घटना के बाद किसानों के सामने फसल नुकसान की भरपाई का सवाल भी खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों की निगरानी में जुटी है और इलाके में गश्त जारी रखे हुए है।

  • रायसेन में खेत में मिले चाचा-भतीजे के शव, फूल लेने गए थे दोनों, बिजली के तारों की चपेट में आने की आशंका

    रायसेन में खेत में मिले चाचा-भतीजे के शव, फूल लेने गए थे दोनों, बिजली के तारों की चपेट में आने की आशंका

    मध्य प्रदेश। के रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में एक खेत से चाचा-भतीजे के शव मिलने का मामला सामने आया है। दोनों मंगलवार को फूल लेने के लिए घर से खेत की ओर गए थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोजबीन की, जिसके बाद दोनों के शव गांव के पास नदी किनारे स्थित एक खेत में मिले।

    मामला बेरखेड़ी राजाराम गांव का है। यहां रहने वाले 45 वर्षीय अशोक अहिरवार मंगलवार दोपहर अपने 16 वर्षीय भतीजे संजय अहिरवार के साथ फूल लेने खेत की ओर गए थे। काफी समय बीतने के बाद भी दोनों घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। उन्होंने गांव और आसपास के इलाकों में दोनों की तलाश की। परिजनों ने उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का भी प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

    इसके बाद परिवार ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने दोनों के मोबाइल नंबरों की लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान पुलिस टीम गांव के नजदीक नदी किनारे ग्राम चौकीदार नर्मदा चढ़ार के खेत तक पहुंची। वहां चाचा और भतीजे के शव खेत में पड़े मिले। दोनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में भी लोगों की भीड़ जुट गई।

    घटनास्थल पर शवों की स्थिति को देखते हुए करंट लगने की आशंका सामने आई है। परिजनों का कहना है कि मृतक अशोक के हाथ में बिजली का तार लिपटा हुआ मिला था। परिवार ने आरोप लगाया कि खेत में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए बिजली प्रवाहित तार लगाए गए थे। परिजनों को आशंका है कि इन्हीं तारों की चपेट में आने से दोनों की मौत हुई।

    हालांकि, पुलिस ने अभी मौत की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद सुल्तानगंज के तहसीलदार देवेंद्र शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई तथा हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

    सुल्तानगंज थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोनों की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खेत में बिजली का तार किस उद्देश्य से लगाया गया था और वह किस तरह सक्रिय था। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। चाचा-भतीजे की एक साथ मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

  • अमेरिका में विदेशी छात्रों के OPT पर 1 लाख डॉलर फीस का प्रस्ताव, भारतीय छात्रों के लिए बढ़ सकती है नौकरी की लागत

    अमेरिका में विदेशी छात्रों के OPT पर 1 लाख डॉलर फीस का प्रस्ताव, भारतीय छात्रों के लिए बढ़ सकती है नौकरी की लागत

    नई दिल्ली ।अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी का रास्ता महंगा होने की संभावना है। ट्रंप प्रशासन ने Optional Practical Training यानी OPT से संबंधित करीब 1 लाख डॉलर की फीस लगाने का प्रस्ताव रखा है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 96 लाख रुपये बताई गई है। प्रस्ताव को व्हाइट हाउस की मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे आगे नियम के रूप में लाया जा सकता है।

    OPT अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सीमित अवधि तक काम करने की अनुमति देता है। इसका उद्देश्य छात्रों को उनके अध्ययन से जुड़े क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर देना है। आम तौर पर OPT के तहत छात्र 12 महीने तक काम कर सकते हैं। STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स से जुड़े पाठ्यक्रमों के छात्रों को इसके अलावा 24 महीने का अतिरिक्त समय मिल सकता है। इस तरह पात्र छात्रों को पढ़ाई के बाद कुल तीन साल तक काम करने का अवसर मिल सकता है।

    प्रस्तावित बदलाव के तहत OPT से जुड़ी फीस 1 लाख डॉलर निर्धारित करने की बात सामने आई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इतनी बड़ी रकम का भुगतान कौन करेगा। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के प्रस्ताव में इस जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं होने की बात कही गई है।

    फीस का भुगतान छात्र को करना होगा या उसे नौकरी देने वाली कंपनी को, यह फिलहाल तय नहीं है। कुछ कानूनी जानकारों के मुताबिक, OPT वाले विदेशी छात्र को नौकरी देने वाली कंपनी पर यह खर्च डाला जा सकता है। वहीं, इस बात को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं कि यदि भुगतान की जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों पर आती है तो किसी दूसरी कंपनी में काम करने वाले छात्र के लिए कॉलेज इतनी बड़ी राशि क्यों वहन करेगा।

    प्रस्तावित फीस भारतीय छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद OPT के जरिए नौकरी करना वहां काम का अनुभव हासिल करने का एक प्रमुख रास्ता है। इसी अवधि में कुछ छात्रों को आगे चलकर नियोक्ता की मदद से H-1B वीजा के लिए अवसर मिल सकता है।

    यदि प्रस्तावित 1 लाख डॉलर की राशि छात्रों को स्वयं देनी पड़ती है, तो पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में नौकरी शुरू करना उनके लिए काफी महंगा हो सकता है। यदि इसका भुगतान कंपनियों या विश्वविद्यालयों को करना पड़ता है, तो इसका असर विदेशी छात्रों की भर्ती और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

    प्रस्ताव का असर केवल छात्रों तक सीमित रहने की बात भी सामने आई है। यदि विश्वविद्यालयों पर बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी आती है, तो कुछ संस्थान विदेशी छात्रों की संख्या कम करने पर विचार कर सकते हैं। इससे अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए उपलब्ध अध्ययन विकल्पों पर असर पड़ सकता है। इसी तरह कंपनियों को भी विदेशी छात्रों से मिलने वाले प्रशिक्षित प्रतिभाशाली कर्मचारियों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले साल करीब 3 लाख विदेशी छात्रों के पास OPT के जरिए अमेरिका में नौकरी करने की अनुमति थी। ऐसे में प्रस्तावित फीस का दायरा बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंच सकता है। फिलहाल प्रस्ताव से जुड़े प्रमुख सवालों में यह शामिल है कि 1 लाख डॉलर की फीस का भुगतान कौन करेगा और अंतिम नियम लागू होने पर उसकी वास्तविक शर्तें क्या होंगी।

  • पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी की अल्पसंख्यक मतदाताओं से अपील, नंदीग्राम में बड़ी जीत का दावा

    पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी की अल्पसंख्यक मतदाताओं से अपील, नंदीग्राम में बड़ी जीत का दावा

    नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक मतदाताओं से विकास के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के साथ आने की अपील की है। उन्होंने दोनों सीटों के अल्पसंख्यक मतदाताओं से कहा कि 6 अक्टूबर को होने वाला चुनाव उनके लिए एक तरह की परीक्षा है और उन्हें तय करना है कि वे सरकार के साथ रहना चाहते हैं या नहीं।

    शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मतदाताओं को धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दे पर फैसला करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार राज्य में विकास के काम को आगे बढ़ाएगी। नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर अल्पसंख्यक मतदाताओं की अच्छी संख्या है, इसलिए अधिकारी की अपील चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

    अधिकारी ने कहा कि दोनों विधानसभा क्षेत्रों के अल्पसंख्यक मतदाताओं के पास इस उपचुनाव में अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने का अवसर है। उनके अनुसार, यदि मतदाता सरकार के साथ विकास के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं तो उन्हें इस चुनाव में अपना फैसला बताना होगा। उन्होंने 6 अक्टूबर के मतदान को सरकार के साथ समर्थन और सहयोग की परीक्षा के रूप में पेश किया।

    नंदीग्राम सीट से बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह पार्टी नेता चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी और निजी सहायक रह चुके थे। चंद्रनाथ रथ की मई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हसीरानी रथ ने मंगलवार को हल्दिया में अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।

    उपचुनाव के लिए नंदीग्राम और रेजीनगर में अलग-अलग राजनीतिक दलों ने उम्मीदवार उतारे हैं। नंदीग्राम में बीजेपी ने हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है, जबकि रेजीनगर से पार्टी ने साखराव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।

    शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में बीजेपी की जीत को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार वह करीब 10 हजार वोटों के अंतर से जीते थे, जबकि इस बार पार्टी को 50 हजार से अधिक वोटों की बढ़त मिल सकती है। उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम को लेकर जनता के समर्थन का हवाला दिया।

    नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार हसीरानी रथ ने भी चुनाव को लेकर जीत का भरोसा जताया है। वहीं, उनके बेटे चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बना हुआ है। इस मामले की जांच पहले राज्य पुलिस और विशेष जांच दल ने की थी, जिसके बाद जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई।

    नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव ऐसे समय हो रहे हैं, जब दोनों सीटें खाली हुई हैं। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी और रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के दूसरी सीट बरकरार रखने के कारण खाली हुई। अब दोनों क्षेत्रों में उपचुनाव के जरिए नए विधायक का चुनाव किया जाएगा।

    अधिकारी की अल्पसंख्यक मतदाताओं से अपील के बीच चुनावी मुकाबले में विकास, सरकार के कामकाज और अलग-अलग दलों के उम्मीदवार प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। वहीं, नंदीग्राम में बीजेपी की संभावित जीत के अंतर को लेकर अधिकारी द्वारा किया गया दावा चुनावी नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • दीपावली-छठ पर यात्रियों को राहत, कटिहार से मुंबई-अमृतसर और कानपुर-गुवाहाटी के बीच स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू

    दीपावली-छठ पर यात्रियों को राहत, कटिहार से मुंबई-अमृतसर और कानपुर-गुवाहाटी के बीच स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू


    नई दिल्ली ।दीपावली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ट्रेनों में बुकिंग का दबाव भी बढ़ गया है। नियमित ट्रेनों में बुकिंग शुरू होने के कुछ समय बाद ही सीटें भरने की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इनमें कटिहार-मुंबई, कटिहार-अमृतसर और कानपुर-गुवाहाटी के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों के जरिए त्योहार के दौरान अलग-अलग शहरों के बीच अतिरिक्त रेल सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुंबई सेंट्रल-कटिहार के बीच 09189/09190 नंबर की स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन संचालित होती है। मुंबई सेंट्रल से कटिहार जाने वाली ट्रेन प्रत्येक शनिवार को रवाना होती है, जबकि कटिहार से मुंबई सेंट्रल लौटने वाली ट्रेन प्रत्येक मंगलवार को चलती है। इस ट्रेन में सेकेंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल क्लास के डिब्बे उपलब्ध हैं। सुपरफास्ट श्रेणी की यह ट्रेन 2292 किलोमीटर की दूरी करीब 42 घंटे 25 मिनट में तय करती है।

    मुंबई-कटिहार स्पेशल ट्रेन बोरीवली, वापी, वलसाड, भरूच, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर जंक्शन, विदिशा, बीना, झांसी और कानपुर समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है। इसके अलावा ऐशबाग, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, बेगुसराय, खगड़िया और नौगछिया भी इसके ठहराव में शामिल हैं।

    अमृतसर और कटिहार के बीच 05735/05736 नंबर की स्पेशल ट्रेन सप्ताह में एक दिन चल रही है। अमृतसर से कटिहार जाने वाली ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार को रवाना होती है, जबकि कटिहार से अमृतसर जाने वाली ट्रेन प्रत्येक बुधवार को चलती है। इस मेल एक्सप्रेस ट्रेन में सभी डिब्बे जनरल क्लास के हैं। ट्रेन 1676 किलोमीटर की दूरी करीब 36 घंटे 45 मिनट में तय करती है।

    इस ट्रेन के प्रमुख ठहरावों में ब्यास, जालंधर सिटी, ढंडारी कलां, राजपुरा जंक्शन, अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, लकसर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा, बस्ती और गोरखपुर शामिल हैं। इसके बाद ट्रेन कप्तानगंज, नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, जनकपुर रोड, शीशो, सकरी, झंझारपुर, निर्मली, सरायगढ़, राघोपुर, ललितग्राम, फारबिसगंज, अररिया कोर्ट और पूर्णिया से होकर गुजरती है।

    कानपुर सेंट्रल और गुवाहाटी के बीच 04127/04128 नंबर की स्पेशल ट्रेन भी सप्ताह में एक दिन संचालित हो रही है। दी गई जानकारी के अनुसार, यह सेवा गुरुवार को रवाना होती है और गुवाहाटी से कानपुर सेंट्रल वापसी सेवा शुक्रवार को चलती है। ट्रेन में सेकेंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल क्लास के डिब्बे हैं। यह मेल एक्सप्रेस ट्रेन 1447 किलोमीटर की दूरी करीब 35 घंटे में तय करती है।

    कानपुर-गुवाहाटी स्पेशल ट्रेन फतेहपुर, प्रयागराज जंक्शन, ज्ञानपुर रोड, बनारस, वाराणसी, गाजीपुर सिटी, बलिया, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, बेगुसराय, खगड़िया, मानसी, नौगछिया और कटिहार समेत कई स्टेशनों पर रुकती है। आगे इसके ठहराव बारसोई, किशनगंज, अलुआबाड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, कोकराझार, न्यू बंगाईगांव, बरपेटा रोड, रंगिया और कामाख्या में हैं।

    स्पेशल ट्रेनों के समय, ठहराव और अन्य जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 से जानकारी ली जा सकती है। यात्री NTES के माध्यम से भी ट्रेनों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • भारत की मजबूत आर्थिक नींव, निजी क्षेत्र और तकनीकी क्षमता वैश्विक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है: आईएमएफ

    भारत की मजबूत आर्थिक नींव, निजी क्षेत्र और तकनीकी क्षमता वैश्विक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है: आईएमएफ

    नई दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के उप-प्रबंध निदेशक नाइजेल क्लार्क ने कहा है कि भारत के पास दुनिया की आर्थिक वृद्धि की अगली बड़ी लहर का नेतृत्व करने की क्षमता है। पांच दिवसीय भारत यात्रा पूरी करने के बाद जारी उनके बयान में देश की मजबूत आर्थिक नींव, निजी क्षेत्र की प्रगति और बढ़ती तकनीकी क्षमताओं को इसकी प्रमुख वजह बताया गया।

    क्लार्क ने अपनी यात्रा के दौरान नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। आईएमएफ में उप-प्रबंध निदेशक का पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी से मुलाकात की।

    क्लार्क ने कहा कि भारत दुनिया की अगली आर्थिक वृद्धि को गति देने की क्षमता रखता है और आईएमएफ इस यात्रा में देश का करीबी साझेदार बना रहेगा। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया और वैश्विक आर्थिक विकास में देश की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

    उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार और अच्छी नीतियों के कारण भारत वैश्विक विकास के प्रमुख इंजनों में बना हुआ है। भारतीय नीति-निर्माताओं के साथ हुई बातचीत में देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव और टिकाऊ तथा समावेशी आर्थिक वृद्धि के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई।

    क्लार्क के मुताबिक, दुनिया में बढ़ती अनिश्चितताओं और बदलते जोखिमों के बीच आर्थिक स्थिरता और मजबूती बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नीतियों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप लचीला बनाए रखने, महंगाई को नियंत्रण में रखने तथा ऐसे सुधार आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई, जो उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को मजबूत कर सकें।

    उन्होंने मध्यम अवधि में तेज आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए सुधारों की जरूरत पर भी जोर दिया। साथ ही क्लार्क ने भारत सरकार को बहुपक्षीय सहयोग का समर्थन करने और क्षेत्र के अन्य देशों की मदद करने के लिए धन्यवाद दिया।

    भारत यात्रा के दौरान आईएमएफ के उप-प्रबंध निदेशक ने उद्योग जगत के कई नेताओं और कारोबारियों से भी मुलाकात की। इन बैठकों का उद्देश्य यह समझना था कि देश का निजी क्षेत्र आर्थिक प्रगति में किस तरह योगदान दे रहा है।

    क्लार्क ने भारतीय निजी क्षेत्र की ऊर्जा और देश में मौजूद प्रतिभाओं की सराहना की। उन्होंने तेजी से विकसित हो रही तकनीकी और विनिर्माण क्षमताओं को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, भारत में निजी क्षेत्र की गतिविधियां आर्थिक विकास की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

    उन्होंने नवाचार, डिजिटल बदलाव, उन्नत विनिर्माण और नई तकनीकों को अपनाने को उत्पादकता बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों के रूप में रेखांकित किया। क्लार्क के मुताबिक इन क्षेत्रों में प्रगति से प्रतिस्पर्धा मजबूत हो सकती है और अधिक मूल्य वाले आर्थिक कार्यों को बढ़ावा मिल सकता है।

    उनकी यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं में भारत की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ वैश्विक परिस्थितियों के बीच विकास को टिकाऊ बनाए रखने के उपायों पर भी ध्यान दिया गया। क्लार्क ने कहा कि आईएमएफ भारत के साथ साझेदारी जारी रखेगा और देश की आर्थिक वृद्धि से जुड़े प्रयासों में करीबी सहयोगी बना रहेगा।

  • भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को संसद की मंजूरी, पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने जताई खुशी, व्यापार और रोजगार बढ़ने की उम्मीद

    भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को संसद की मंजूरी, पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने जताई खुशी, व्यापार और रोजगार बढ़ने की उम्मीद

    नई दिल्ली ।भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को न्यूजीलैंड की संसद से मंजूरी मिल गई है। बुधवार को हुए मतदान में समझौते के पक्ष में 93 वोट पड़े, जबकि 29 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। संसद से मंजूरी मिलने के बाद न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने खुशी जताई और कहा कि इस समझौते से देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

    प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि कई लोगों ने उनसे कहा था कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता संभव नहीं होगा, लेकिन अब संसद ने इसे मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि उनकी नेशनल पार्टी ने पहले कार्यकाल में भारत के साथ एफटीए करने का वादा किया था और सरकार ने उस लक्ष्य को पूरा किया है।

    लक्सन के मुताबिक समझौते से न्यूजीलैंड के लोगों के लिए अधिक नौकरियां और आय के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के करीब 1.4 अरब उपभोक्ताओं तक पहुंच बनने से न्यूजीलैंड के उत्पादों के लिए भारतीय बाजार में अवसर बढ़ेंगे। उनके अनुसार यह समझौता न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

    न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने समझौते से जुड़े शुल्क प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि एफटीए लागू होने के बाद भारत को न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। समझौते के पूरी तरह लागू होने पर 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क या तो समाप्त कर दिया जाएगा या उसे काफी कम कर दिया जाएगा।

    मैक्ले ने कहा कि समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में भी सुविधा बढ़ेगी। इसके तहत सीमा पर क्लीयरेंस प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। उन्होंने भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग तक न्यूजीलैंड के कारोबारियों की बेहतर पहुंच को भी समझौते का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

    उन्होंने कहा कि भारत में भोजन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन, प्रोफेशनल सेवाओं और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में मुक्त व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार में अपने कारोबारी संबंधों का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस व्यापार समझौते की बातचीत की घोषणा मार्च 2025 में की गई थी। न्यूजीलैंड सरकार को उम्मीद है कि संसद की मंजूरी के बाद एफटीए इस साल के अंत तक लागू हो जाएगा। हालांकि इसके लिए समझौते में निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरा होना जरूरी होगा।

    मैक्ले ने कहा कि एफटीए दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लक्ष्य को भी समर्थन देगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। नए समझौते को इसी लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

    संसद की मंजूरी के साथ भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक नया ढांचा तैयार हुआ है। समझौते के लागू होने के बाद शुल्क में बदलाव और बाजार तक पहुंच से जुड़े प्रावधानों का असर दोनों देशों के निर्यातकों और कारोबारियों पर पड़ने की उम्मीद है।

  • सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल, निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले पर टिकी

    सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल, निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड के ब्याज दर संबंधी फैसले पर टिकी

    नई दिल्ली ।सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में बढ़त दर्ज की गई। सोने की कीमत में करीब 0.85 प्रतिशत तक की तेजी रही, जबकि चांदी का भाव शुरुआती कारोबार में 1.57 प्रतिशत तक चढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। इस बीच निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर होने वाली बैठक के फैसले पर टिकी है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 अक्टूबर 2026 का सोना वायदा अनुबंध बुधवार को 1,50,809 रुपये प्रति 10 ग्राम के पिछले बंद भाव की तुलना में 1,291 रुपये यानी 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,52,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे तक सोना 953 रुपये यानी 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,51,762 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

    दिन के कारोबार में अब तक सोने ने 1,51,450 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,52,100 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती बढ़त के बाद सोने की कीमत सीमित दायरे में कारोबार करती रही।

    चांदी में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 का चांदी वायदा अनुबंध पिछले बंद भाव 2,32,118 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में 3,667 रुपये यानी 1.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,35,785 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। दोपहर 12 बजे चांदी 3,250 रुपये यानी 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

    कारोबार के दौरान चांदी ने अब तक 2,34,540 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम स्तर और 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। इस तरह घरेलू वायदा बाजार में सोने के साथ चांदी में भी तेजी का रुख बना रहा।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,366 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी की कीमत 1.96 प्रतिशत बढ़कर 65 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

    बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के फैसले पर है। ब्याज दरों को लेकर बैठक के फैसलों की घोषणा बुधवार देर शाम की जाएगी। निवेशक इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ब्याज दरों से जुड़ी जानकारी का असर सोने और चांदी समेत वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।

    यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब मध्य पूर्व में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत करीब चार महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसी अवधि में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी 5 प्रतिशत से ऊपर जा चुकी है। इन परिस्थितियों के बीच फेड के फैसले पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

  • पीएम विश्वकर्मा योजना ने हासिल किया 30 लाख पंजीकरण का लक्ष्य, 24.37 लाख कारीगरों को मिला कौशल प्रशिक्षण

    पीएम विश्वकर्मा योजना ने हासिल किया 30 लाख पंजीकरण का लक्ष्य, 24.37 लाख कारीगरों को मिला कौशल प्रशिक्षण

    नई दिल्ली ।पीएम विश्वकर्मा योजना ने लॉन्च होने के तीन साल के भीतर 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। योजना के तहत देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण सहायता, डिजिटल प्रोत्साहन और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना की प्रगति से संबंधित जानकारी में इसके तहत अब तक हुई गतिविधियों और सहायता का विवरण दिया गया है।

    योजना के तहत 24.37 लाख से अधिक कारीगरों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा 18.16 लाख से अधिक कारीगरों को टूलकिट प्रदान की गई हैं। कच्चा माल खरीदने, औजारों को बेहतर बनाने और कारोबार के विस्तार में मदद के लिए 6.19 लाख से अधिक ऋण मंजूर किए गए हैं। इन ऋणों की कुल राशि करीब 5,316 करोड़ रुपये है।

    डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए भी योजना के तहत लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक 8.11 लाख से अधिक लाभार्थियों को डिजिटल प्रोत्साहन दिया गया है। इसके तहत 42 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।

    योजना के तहत कारीगरों को बदलते बाजार और तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। ब्रांडिंग, उत्पाद डिजाइन, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए एआई टूल्स के इस्तेमाल को लेकर 12,000 से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक उत्पादों को बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंचाने में कारीगरों की मदद करना है।

    बाजार से जुड़ाव बढ़ाने के लिए 30,000 से अधिक विश्वकर्मा लाभार्थियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जीईएम, ओएनडीसी, मीशो, अमेजन, फैबइंडिया और सुलेखा जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इसके जरिए कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

    योजना के प्रचार और कारीगरों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के लिए देशभर में विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। अब तक 1,500 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम और शिविर, 50 से अधिक कार्यशालाएं, 82 व्यापार मेले, 37 राज्य स्तरीय प्रदर्शनियां और 50 से अधिक फ्लैश मॉब आयोजित किए गए हैं।

    पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को शुरुआत से लेकर बाजार तक सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे कारीगर हाथों के कौशल, परिवार आधारित ज्ञान और छोटे स्तर के उद्यमों पर निर्भर रहते हैं। योजना के जरिए गुरु-शिष्य परंपरा और परिवारों में पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक कौशल को मजबूत और संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और पहचान पत्र के माध्यम से मान्यता दी जाती है। कौशल प्रशिक्षण में आधुनिक औजारों, बेहतर कार्यप्रणालियों और नए डिजाइन से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इसके साथ डिजिटल लेनदेन, मार्केटिंग और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

    योजना के तहत बुनियादी प्रशिक्षण पांच से सात दिनों का होता है, जबकि उन्नत प्रशिक्षण 15 दिन या उससे अधिक समय का हो सकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रतिदिन 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है। मार्केटिंग सहायता में व्यापार मेले, प्रदर्शनियां, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, विज्ञापन और प्रचार जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

  • सलमान खान बनेंगे कर्ण, राकेश ओम प्रकाश मेहरा की अगली फिल्म में दिखेगा नया अवतार, फरहान अख्तर करेंगे प्रोड्यूस

    सलमान खान बनेंगे कर्ण, राकेश ओम प्रकाश मेहरा की अगली फिल्म में दिखेगा नया अवतार, फरहान अख्तर करेंगे प्रोड्यूस

    नई दिल्ली ।सलमान खान के फैंस के लिए उनकी अगली फिल्म से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। अभिनेता अब राकेश ओम प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनने वाली फिल्म में कर्ण की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म में सलमान का किरदार अब तक उनके निभाए गए किरदारों से अलग बताया जा रहा है। फिल्म से जुड़ी जानकारी के मुताबिक मेकर्स ने सलमान के रोल को कन्फर्म कर दिया है। इस प्रोजेक्ट को फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी प्रोड्यूस करेगी।

    राकेश ओम प्रकाश मेहरा की इस फिल्म को लेकर फिलहाल कहानी और प्रोजेक्ट से जुड़ी बाकी जानकारियां सामने नहीं आई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि फिल्म सीधे महाभारत की कहानी पर आधारित होगी या कर्ण के किरदार को किसी आधुनिक संदर्भ के साथ पेश किया जाएगा। अभी इस बारे में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि, सलमान के कर्ण का किरदार निभाने की खबर सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ गई है।

    फिल्मफेयर की रिपोर्ट में सलमान खान के कर्ण का किरदार निभाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के लिए अभिनेता को अपने लुक और शरीर में बदलाव करना पड़ सकता है। सलमान को यह भूमिका पसंद आई है और बताया गया है कि उन्हें लगा कि यह किरदार उन पर अच्छी तरह फिट बैठेगा। फिल्म को लेकर जून में भी जानकारी सामने आई थी, जब राकेश ओम प्रकाश मेहरा द्वारा सलमान को स्क्रिप्ट सुनाए जाने की खबर आई थी।

    बताया गया था कि स्क्रिप्ट सुनने के बाद सलमान को कहानी पसंद आई और उन्होंने फिल्म करने के लिए सहमति दे दी। अब कर्ण के किरदार की जानकारी सामने आने के बाद इस प्रोजेक्ट को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी स्पष्ट हो गई है। हालांकि फिल्म की शूटिंग कब शुरू होगी और इसे कब रिलीज किया जाएगा, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है।

    सलमान खान और राकेश ओम प्रकाश मेहरा पहली बार किसी फिल्म में साथ काम करेंगे। मेहरा इससे पहले अलग-अलग विषयों पर फिल्में बना चुके हैं। उनके निर्देशन में आमिर खान की ‘रंग दे बसंती’ और फरहान अख्तर की ‘भाग मिल्खा भाग’ जैसी फिल्में आई हैं। अब उनकी अगली फिल्म में सलमान खान मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे।

    फरहान अख्तर के साथ भी इस प्रोजेक्ट का कनेक्शन अहम है, क्योंकि फिल्म को उनकी प्रोडक्शन कंपनी प्रोड्यूस करेगी। ऐसे में अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के तौर पर जुड़े नामों की वजह से यह प्रोजेक्ट पहले से ही चर्चा में आ गया है। हालांकि फिल्म की कहानी, अन्य कलाकारों और निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

    फिलहाल सलमान खान अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं। वह ‘बिग बॉस 20’ के वीकेंड का वार एपिसोड की शूटिंग कर रहे हैं। इसके अलावा वह फिल्म SVC 63 की शूटिंग में भी व्यस्त हैं। मुंबई में फिल्म के एक बड़े एक्शन सीक्वेंस के लिए सेट तैयार किया गया है। इस फिल्म में सलमान के साथ राहुल देव और नयनतारा भी काम कर रहे हैं। फिल्म को ईद 2027 के आसपास रिलीज किए जाने की खबर है।

    वहीं सलमान की फिल्म ‘मातृभूमि’ की रिलीज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। फिल्म की CBFC स्क्रीनिंग अभी बाकी बताई गई है। प्रमाणन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रिलीज की तारीख को लेकर फैसला किया जा सकता है। फिल्म की रिलीज आगे बढ़कर 2027 तक जाने की संभावना भी बताई गई है।