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  • Bangladesh: इस्लामी बैंक में नए चेयरमैन की नियुक्ति का विवाद हुआ हिंसक… प्रदर्शन के बीच पुलिस के साथ झड़प

    Bangladesh: इस्लामी बैंक में नए चेयरमैन की नियुक्ति का विवाद हुआ हिंसक… प्रदर्शन के बीच पुलिस के साथ झड़प


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) की राजधानी ढाका (Dhaka) में इस्लामी बैंक पीएलसी (Islami Bank PLC) के नए चेयरमैन (New chairman) की नियुक्ति को लेकर उत्पन्न विवाद अब हिंसक रूप ले लिया है। बैंक मुख्यालय के सामने ग्राहकों और कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ जोरदार झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस, साउंड ग्रेनेड और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल हो गए।

    बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी ‘सचेत ग्राहक मंच’ के बैनर तले बैंक के मुख्य द्वार पर बैठे थे। पुलिस ने पहले चेतावनी दी, लेकिन प्रदर्शनकारियों के हटने से इनकार करने पर आक्रामक कार्रवाई की गई। आंसू गैस के धुएं से पूरा इलाका भर गया और पानी की तेज धार से कई महिलाएं व बुजुर्ग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालांकि, घायलों की सटीक संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


    क्या है पूरा मामला?

    बांग्लादेश सरकार ने कुछ दिन पहले बांग्लादेश बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर खुर्शीद आलम को इस्लामी बैंक पीएलसी का नया चेयरमैन नियुक्त किया था। इस फैसले का बैंक के कर्मचारियों, अधिकारियों और ग्राहकों ने जमकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शेख हसीना के शासनकाल में खुर्शीद आलम डिप्टी गवर्नर रहते हुए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार में संलिप्त थे। उन्होंने देश के प्रमुख व्यापारी एस. आलम के साथ मिलीभगत कर बैंकों से हजारों करोड़ रुपये के गबन में मदद की थी।

    कर्मचारी यूनियन और ग्राहक संगठनों का कहना है कि खुर्शीद आलम का राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव इतना ज्यादा है कि उनकी नियुक्ति बैंक की विश्वसनीयता और शरिया अनुपालन को गंभीर खतरे में डाल देगी। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह नियुक्ति न सिर्फ इस्लामी बैंक बल्कि पूरे इस्लामी बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरा है। हम किसी भी कीमत पर इसे स्वीकार नहीं करेंगे।

    बता दें कि इस्लामी बैंक पीएलसी बांग्लादेश का सबसे बड़ा निजी शरिया-आधारित बैंक है, जो पूरे देश में सैकड़ों शाखाओं के जरिए लाखों ग्राहकों को सेवाएं देता है। इस बैंक पर लंबे समय से विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी का प्रभाव माना जाता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान प्रदर्शन के पीछे जमात-ए-इस्लामी का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन हो सकता है। शेख हसीना सरकार के पतन के बाद इस्लामी बैंकिंग क्षेत्र में सत्ता परिवर्तन की कोशिशें तेज हुई हैं। कुछ लोग खुर्शीद आलम की नियुक्ति को अवामी लीग के बचे-खुचे प्रभाव को खत्म करने की कवायद मान रहे हैं, जबकि विरोधी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं।


    अभी क्या हैं हालात?

    ढाका ट्रिब्यून समेत स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैंक परिसर के बाहर बड़े बैनर और पोस्टर लगाए थे, जिन पर लिखा था कि खुर्शीद आलम इस्तीफा दो… मनी लॉन्ड्रर को चेयरमैन मत बनाओ… इस्लामी बैंक बचाओ। बताया जा रहा है कि विरोध-प्रदर्शन के कारण अभी भी बैंक मुख्यालय और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। सड़कें बंद हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित है।

    दूसरी ओर प्रदर्शनकारी तितर-बितर होकर आसपास की गलियों में खड़े हैं और नारेबाजी जारी रखे हुए हैं। बैंक के अंदर कामकाज ठप पड़ा हुआ है। स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे बड़े प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही है।

  • IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान

    IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sunil Gavaskar ने IPL फ्रेंचाइजियों की स्काउटिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि कई टीमें राज्य और शहर स्तर की टी20 लीगों में प्रदर्शन देखकर खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर देती हैं, लेकिन वही खिलाड़ी IPL में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाते।

    क्या बोले गावस्कर?
    स्पोर्टस्टार में अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि कई बड़े हिटर स्थानीय टी20 लीगों में शानदार प्रदर्शन करते हैं, लेकिन IPL में आने पर उनकी कमजोरियां उजागर हो जाती हैं। उनके अनुसार, लोकल लीग और IPL के स्तर में बहुत बड़ा अंतर है।

    उन्होंने कहा कि:
    राज्य और शहर की लीगों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का स्तर IPL जैसा नहीं होता। ऐसे में स्काउट्स को केवल आंकड़ों या हाइप के आधार पर खिलाड़ियों का चयन नहीं करना चाहिए।

    स्काउट्स पर उठाए सवाल
    गावस्कर का मानना है कि कई बार स्काउट्स खिलाड़ी एजेंटों, सोशल मीडिया प्रचार और कुछ चुनिंदा पारियों से प्रभावित हो जाते हैं। नतीजा यह होता है कि फ्रेंचाइजी ऐसे खिलाड़ियों पर बड़ी रकम खर्च कर देती हैं जो बाद में टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी करोड़ों में खरीदा जाए और फिर उसे कुछ मैचों के बाद बेंच पर बैठा दिया जाए, तो यह स्काउटिंग सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।

    “डमी बेच दिया जाता है”
    गावस्कर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार फ्रेंचाइजियों को ऐसे खिलाड़ी “बेच” दिए जाते हैं जिनकी क्षमता IPL स्तर की नहीं होती। उनका इशारा इस ओर था कि कुछ खिलाड़ी स्थानीय प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन के कारण जरूरत से ज्यादा मूल्य पा लेते हैं।

    एक मैच के प्रदर्शन पर मिल जाता है नया कॉन्ट्रैक्ट
    गावस्कर ने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी पूरे सीजन में संघर्ष करते हैं, लेकिन किसी एक कम दबाव वाले मुकाबले में अच्छी पारी खेल देते हैं। फिर उसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले सीजन के लिए दोबारा खरीद लिया जाता है। उनके अनुसार IPL में ऐसे “वन-मैच परफॉर्मर्स” की पूरी टीम बनाई जा सकती है, जिन्हें बार-बार मौके मिलते रहते हैं।

    IPL टीमों के लिए संदेश
    गावस्कर का साफ संदेश है कि फ्रेंचाइजियों को केवल रन, छक्के या सोशल मीडिया चर्चा देखकर खिलाड़ी नहीं चुनने चाहिए। स्काउट्स को तकनीक, मानसिक मजबूती और उच्च स्तर के क्रिकेट में प्रदर्शन की क्षमता का भी गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब Indian Premier League में कई महंगे खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, जबकि कुछ कम कीमत वाले खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को फायदा पहुंचाया।

  • 11 साल बाद शिल्पा शिंदे का बड़ा बयान, केस पर किया चौंकाने वाला खुलासा

    11 साल बाद शिल्पा शिंदे का बड़ा बयान, केस पर किया चौंकाने वाला खुलासा


    नई दिल्ली । टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने ‘भाबीजी घर पर हैं’ छोड़ने और उस दौरान हुए विवाद पर 11 साल बाद अपनी बात रखते हुए कई बड़े दावे किए हैं। भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उस समय प्रोड्यूसर के खिलाफ लगाया गया सेक्शुअल हैरेसमेंट का केस उन्होंने “मजबूरी में” किया था और अब वे मानती हैं कि वह आरोप पूरी तरह सच नहीं था।

    क्या कहा शिल्पा शिंदे ने?
    शिल्पा शिंदे ने बातचीत में बताया कि शो छोड़ने के बाद उनके और प्रोडक्शन हाउस के बीच तनाव बढ़ गया था। उनके अनुसार, उन पर एक्सक्लूसिव कॉन्ट्रैक्ट साइन करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वे दूसरे प्रोजेक्ट्स में काम न कर सकें। जब उन्होंने इनकार किया, तो उनके मुताबिक उन्हें काम से हटाने और करियर खत्म करने जैसी स्थिति बनाई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि अचानक उन्हें शो से हटा दिया गया, शूटिंग रोक दी गई और मीडिया में उनके बाहर होने की खबरें चलने लगीं।

    लीगल विवाद और दबाव के आरोप
    शिल्पा ने कहा कि विवाद के दौरान उन्हें भारी-भरकम लीगल नोटिस (12 से 20 करोड़ रुपये तक) मिले, जिससे वे मानसिक दबाव में आ गई थीं। उनके अनुसार, उस समय उन्हें लगा कि उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा था।

    “झूठा था केस” वाला बयान
    सबसे बड़ा खुलासा यही रहा कि उन्होंने कहा- उन्होंने प्रोड्यूसर पर जो सेक्शुअल हैरेसमेंट का केस किया था, वह “पूरी तरह सच नहीं था” और उन्होंने वह कदम उस समय की परिस्थितियों और दबाव में उठाया था। यह बयान सामने आने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है, क्योंकि उस समय यह टीवी इंडस्ट्री के सबसे बड़े विवादों में से एक माना गया था।

    आगे क्या कहा?
    शिल्पा शिंदे ने यह भी कहा कि उस पूरे विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच बाद में समझौता हो गया और अब उनके रिश्ते सामान्य हैं। उन्होंने इसे अपने करियर का सबसे मुश्किल दौर बताया।

  • UP: आतंकी शहबाज सिद्धीकी से पूछताछ में बड़ा खुलासा, देश को दहलाने की थी साजिश, बस आदेश का था इंतजार

    UP: आतंकी शहबाज सिद्धीकी से पूछताछ में बड़ा खुलासा, देश को दहलाने की थी साजिश, बस आदेश का था इंतजार

    लखनऊ । जैश आतंकी से कनेक्शन में गिरफ्तार आतंकी शहबाज सिद्धीकी पूछताछ में बड़े खुलासे कर रहा है। उसने दावा किया है कि वह खुद देश में फिदायीन हमला करने को तैयार था। बस उसको पाकिस्तानी जैश (Pakistani Jaish) के आतंकी के इशारे का इंतजार था। इससे संबंधित एटीएस को आरोपी के मोबाइल से भी अहम सुबूत मिले हैं।

    सोशल मीडिया से मिले इनपुट के आधार पर एटीएस ने 18 मई को कासगंज से शहबाज सिद्धीकी को गिरफ्तार किया था। वह पुलवामा हमले से जुड़े जैश के आतंकियों के संपर्क में था। दो दिन पहले ही उसको एटीएस ने कस्टडी रिमांड पर लिया है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी के पास से मिले मोबाइल फोन में जैश के आतंकियों से बातचीत की रिकॉर्डिंग व चैट मिली है। इसमें वह पुलवामा हमले को सही बता रहा है और सर्जिकल स्ट्राइक को गलत ठहरा रहा है। भारत में हुई आतंकी घटनाओं को लेकर भी खुशी जाहिर की। पूछताछ में उसने इन सभी बातों को स्वीकारा है।

    शहबाज के नेटवर्क से भारत के कई और लोगों के भी जुड़ने की आशंका
    उसने बताया कि वह भारत में फिदायीन हमला करने के लिए तैयार था। इसको लेकर उसने आतंकियों से बातचीत भी की थी। पाकिस्तानी आतंकी ने उसे भड़काऊ वीडियो भी भेजे थे। ये भी कहा था कि समय आने पर बताया जाएगा कि हमला कहां करना था। जांच एजेंसी को आशंका है कि शहबाज के नेटवर्क से भारत के कई और लोग भी जुड़े हैं, इसलिए उनके बारे में पता करने की जद्दोजहद जारी है। अब जब उसको मुंबई ले जाया जाएगा तो कई सुराग लगने की आशंका है।

  • गुरु गोचर से चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत, अक्टूबर तक धन, सम्मान और सफलता के योग

    गुरु गोचर से चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत, अक्टूबर तक धन, सम्मान और सफलता के योग

    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, सुख, सौभाग्य और धर्म का कारक ग्रह माना जाता है। नवग्रहों में गुरु को सबसे शुभ और कल्याणकारी ग्रहों में शामिल किया जाता है। माना जाता है कि बृहस्पति की कृपा सभी राशियों पर रहती है, लेकिन कुछ राशियां ऐसी हैं जिन पर देवगुरु विशेष रूप से मेहरबान रहते हैं।

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2 जून को बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। गुरु का यह गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसका प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। विशेष रूप से तीन राशियों के लिए यह समय धन लाभ, मान-सम्मान और तरक्की के नए अवसर लेकर आ सकता है।

    कर्क राशि: उच्च राशि में गुरु का विशेष प्रभाव
    बृहस्पति का गोचर कर्क राशि में ही हो रहा है और ज्योतिष के अनुसार कर्क गुरु की उच्च राशि मानी जाती है। ऐसे में इस राशि के जातकों को इसका विशेष लाभ मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और व्यक्तित्व में सकारात्मक निखार देखने को मिलेगा।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कर्क राशि के जातक संवेदनशील और बुद्धिमान माने जाते हैं। गुरु के प्रभाव से उन्हें भूमि, भवन, वाहन और अन्य भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति के अवसर मिल सकते हैं। करियर और आर्थिक मामलों में भी अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

    धनु राशि: स्वामी ग्रह का मिलेगा भरपूर सहयो
    धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए इस राशि पर गुरु का प्रभाव विशेष रूप से शुभ माना जाता है। गोचर के दौरान धन लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं और करियर में उन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का सहयोग मिलने से कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से पूरे होने की संभावना है।

    धनु राशि के लोग आमतौर पर आशावादी, ज्ञानप्रिय और धार्मिक स्वभाव के होते हैं। शिक्षा, सलाहकार सेवाओं और नेतृत्व से जुड़े क्षेत्रों में इन्हें विशेष सफलता मिल सकती है। कठिन परिस्थितियों में भी ये अपनी समझदारी से रास्ता निकालने में सक्षम रहते हैं।

    मीन राशि: तरक्की और आर्थिक लाभ के संकेत
    मीन राशि भी बृहस्पति के स्वामित्व वाली राशि है। ऐसे में गुरु का गोचर इस राशि के जातकों के लिए भी शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई योजनाओं में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।

    ज्योतिषीय दृष्टि से मीन राशि के जातक शांत, भावुक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। गुरु के प्रभाव से उनकी अंतर्ज्ञान शक्ति मजबूत रहती है, जिससे वे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सफल होते हैं। आर्थिक मामलों में भी स्थिरता और प्रगति के संकेत मिल सकते हैं।

  • एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान लगातार आठ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशभर में गर्मी का असर काफी कम हुआ है। हीटवेव की स्थिति समाप्त हो गई है और न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को नौतपा का अंतिम दिन है और इस दौरान प्रदेश के 45 जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

    दिन और रात दोनों में मिली गर्मी से राहत
    लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात खंडवा का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 19.4 डिग्री रहा।

    इसके अलावा दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री, दतिया में 23.7 डिग्री, नौगांव और नरसिंहपुर में 24.2 डिग्री, धार में 24.3 डिग्री, रतलाम, टीकमगढ़ और सतना में 24.5 डिग्री तथा मंडला में 24.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सोमवार को दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। भोपाल में 37.6 डिग्री, इंदौर में 38.1 डिग्री, ग्वालियर में 35.9 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं दतिया में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री, पचमढ़ी में 33.6 डिग्री, गुना में 33.8 डिग्री और खंडवा में सबसे कम 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मानसून की एंट्री में हो सकती है देरी
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देर से होने की संभावना जताई जा रही है।

    आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है और इसकी शुरुआत दक्षिणी हिस्से से होती है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था, जबकि इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। इस वर्ष मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार प्रदेश में मानसून 20 से 22 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    अगले चार दिन भी बदला रहेगा मौसम
    मौसम विभाग ने 2 से 5 जून तक के लिए जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल कहीं भी हीटवेव का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

  • 2 जून का राशिफल: राजयोग से बदलेगा भाग्य, कई राशियों को बड़ा फायदा

    2 जून का राशिफल: राजयोग से बदलेगा भाग्य, कई राशियों को बड़ा फायदा


    नई दिल्ली । 2 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति कई शुभ योगों का निर्माण कर रही है। मंगलवार के दिन चंद्रमा का गोचर धनु राशि में होगा, जबकि इसी दिन धनु राशि के स्वामी गुरु का प्रवेश कर्क राशि में होगा। इस विशेष ग्रह स्थिति के कारण हंस नामक पंचमहापुरुष राजयोग का निर्माण हो रहा है, जो कई राशियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।

    इसके साथ ही मंगल ग्रह का अपनी स्वराशि मेष में स्थित होना भी एक शक्तिशाली राजयोग का संकेत दे रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह संयोजन विशेष रूप से मेष, मिथुन, कर्क सहित कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आएगा। इस दिन बनने वाले योग न केवल करियर बल्कि आर्थिक और पारिवारिक जीवन में भी शुभ परिणाम देने वाले माने जा रहे हैं।

    मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। साहसिक निर्णयों से लाभ के संकेत हैं तथा दिन के दूसरे भाग में अप्रत्याशित आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

    वृषभ राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में स्थिरता और सरकारी कार्यों में सफलता का योग बन रहा है। आय में वृद्धि के साथ व्यापार में अच्छी डील मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर रहेगा। विरोधियों का व्यवहार सकारात्मक रहेगा और पुराने लेनदेन निपटाने में सफलता मिलेगी। आय में वृद्धि के योग भी बन रहे हैं।

    कर्क राशि के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ है क्योंकि गुरु का गोचर इस राशि में हो रहा है। नौकरी में सम्मान और प्रभाव बढ़ेगा तथा लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी सुख और सामंजस्य रहेगा।

    सिंह राशि के लिए दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा। खर्चों में वृद्धि हो सकती है लेकिन यह शुभ कार्यों में होगा। यात्रा और बदलाव के योग भी बन रहे हैं, जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगे।

    अन्य राशियों जैसे कन्या, तुला और वृश्चिक के लिए भी यह दिन आर्थिक और व्यावसायिक दृष्टि से अनुकूल रहेगा। कन्या राशि को कार्ययोजना के लिए सराहना मिलेगी, जबकि तुला राशि को अप्रत्याशित लाभ और खुशखबरी मिल सकती है। वृश्चिक राशि के जातकों को कई स्रोतों से लाभ प्राप्त होगा।

    धनु, मकर, कुंभ और मीन राशियों के लिए भी ग्रहों की स्थिति मिश्रित लेकिन सकारात्मक परिणाम देने वाली रहेगी। कुछ राशियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन समग्र रूप से भाग्य का साथ बना रहेगा।

    कुल मिलाकर 2 जून का दिन ग्रहों के शक्तिशाली योगों के कारण कई राशियों के लिए प्रगति, लाभ और सफलता का संकेत दे रहा है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा जो नए कार्य की शुरुआत या बड़े निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं।

  • नेचुरल पेय से पाएं ठंडक और पोषण, गर्मी में अपनाएं हेल्दी विकल्प

    नेचुरल पेय से पाएं ठंडक और पोषण, गर्मी में अपनाएं हेल्दी विकल्प


    नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में इस समय गर्मी अपने चरम पर है और बढ़ते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ऐसे में सेहत को बनाए रखने के लिए खानपान में बदलाव बेहद जरूरी हो जाता है। इसी कड़ी में पारंपरिक और प्राकृतिक पेयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है, जो न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।

    गर्मी के इस मौसम में बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय अगर देसी और घरेलू पेयों को दिनचर्या में शामिल किया जाए तो यह शरीर के लिए अधिक लाभकारी साबित होते हैं। ये पेय बिना किसी केमिकल या प्रिजर्वेटिव के तैयार होते हैं और सीधे घर की रसोई से जुड़े होते हैं। यही वजह है कि इनका सेवन स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लगातार करने की सलाह देते हैं।

    आम पन्ना गर्मियों का सबसे लोकप्रिय पेय माना जाता है, जो कच्चे आम से तैयार होता है। इसमें विटामिन सी, आयरन और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ थकान को दूर करता है और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है।

    इसी तरह लस्सी, जो पंजाब और हरियाणा की पहचान मानी जाती है, दही से बनी एक पौष्टिक ड्रिंक है। यह प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होती है, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पेट को भी स्वस्थ रखती है। छाछ भी एक हल्का और पाचन के लिए बेहद लाभकारी पेय है, जो राजस्थान, गुजरात और अन्य राज्यों में भोजन के साथ नियमित रूप से लिया जाता है।

    बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय सत्तू शरबत भी गर्मी में शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जो लंबे समय तक पेट को भरा रखता है और थकान को दूर करता है। वहीं पश्चिम भारत का प्रसिद्ध कोकम शरबत विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो पाचन सुधारने और शरीर को ठंडक देने में मदद करता है।

    महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र की पारंपरिक सोल कढ़ी, जो कोकम और नारियल दूध से तैयार होती है, स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ शरीर को ठंडक प्रदान करती है।

    दक्षिण भारत के पानकम, नीर मोर और सम्बारम जैसे पेय भी गर्मी में बेहद लोकप्रिय हैं। ये गुड़, दही, मसाले और जड़ी-बूटियों से तैयार होते हैं, जो शरीर को न केवल हाइड्रेट रखते हैं बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। ओडिशा का बेल पना भी गर्मियों में राहत देने वाला एक पारंपरिक पेय है, जो पेट की समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है।

    इन सभी पेयों की खासियत यह है कि ये प्राकृतिक हैं और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखते हैं। बदलते मौसम में अगर इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाए तो गर्मी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।

  • ठेका व्यवस्था पर सवाल, खन्ना बंजारी साइडिंग में श्रमिकों की अनदेखी से बढ़ा संकट

    ठेका व्यवस्था पर सवाल, खन्ना बंजारी साइडिंग में श्रमिकों की अनदेखी से बढ़ा संकट


    कटनी । कटनी जिले के बरही क्षेत्र स्थित खन्ना बंजारी रेलवे साइडिंग पर मजदूरों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां करीब 800 से अधिक श्रमिक बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के जोखिम भरे हालात में काम करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच हालात इतने खराब हैं कि कई मजदूरों को राहत पाने के लिए मालगाड़ी के नीचे बैठकर आराम करना पड़ रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।

    रेलवे साइडिंग पर गिट्टी लोडिंग का कार्य चौबीसों घंटे जारी रहता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मजदूर शामिल हैं। एक रैक में मौजूद 59 डिब्बों को भरने के लिए लगभग 826 मजदूरों की जरूरत होती है, जो लगातार भारी श्रम करते हुए अपनी जीविका चलाते हैं। लेकिन इस कठिन कार्य के बावजूद उन्हें सुरक्षा के नाम पर लगभग कुछ भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

    नियमानुसार इस तरह के उच्च जोखिम वाले कार्यों में मजदूरों को दस्ताने, जूते, मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरण दिए जाने चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार और माइंस प्रबंधन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी कर रहे हैं। न केवल सुरक्षा उपकरणों की कमी है, बल्कि पीने के लिए ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे भीषण गर्मी में उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

    मजदूरों का कहना है कि उन्हें केवल गर्मी ही नहीं, बल्कि कड़कड़ाती ठंड और बारिश में भी इसी तरह बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करना पड़ता है। गिट्टी लोडिंग के दौरान उड़ने वाली बारीक धूल लगातार उनके शरीर और फेफड़ों में जा रही है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई मजदूरों ने आशंका जताई है कि वे सिलिकोसिस जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आ सकते हैं, जो लंबे समय में जानलेवा साबित हो सकती है।

    श्रमिकों में अशोक कोल, प्रेम बाई और वंदना सहित कई मजदूरों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि यह स्थिति वर्षों से बनी हुई है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। काम के दौरान लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में उन्हें इसी हालात में काम करना पड़ रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रतिक्रिया दी है कि स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही माइंस प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों को तलब किया जाएगा और पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही श्रमिकों की सुरक्षा, उन्हें मिलने वाली सुविधाओं और नियमों के पालन की जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी और समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

    फिलहाल खन्ना बंजारी साइडिंग पर काम कर रहे मजदूरों की स्थिति प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक गंभीर सवाल बनकर खड़ी है, जिसका समाधान अब समय की मांग बन चुका है।

  • कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज

    कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज


    कटनी । कटनी में फुटकर फल व्यापारियों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया जब दर्जनों व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए थोक आढ़तियों की कथित मनमानी तथा नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। फुटकर फल व्यापारी संघ के जिला अध्यक्ष रामराज गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कलेक्टर आशीष तिवारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

    व्यापारियों का कहना है कि थोक फल आढ़ती लंबे समय से निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से अतिरिक्त कमीशन वसूल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा कृषि उपज मंडियों में कमीशन प्रथा पर स्पष्ट प्रतिबंध होने के बावजूद आढ़ती ठेला चालकों और फुटकर व्यापारियों से 4 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

    संघ ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में 28 मई 2026 को केले के व्यापारियों की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें 11 जून 2026 से 10 रुपये अतिरिक्त कमीशन वसूलने का निर्णय थोप दिया गया। व्यापारियों ने बताया कि इस निर्णय को लेकर दुकानों पर बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह व्यवस्था सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही है। फुटकर व्यापारियों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में मंडी सचिव की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी की जा रही है।

    व्यापारियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि थोक आढ़ती बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संबंधित आढ़तियों के बैंक खातों और बही-खातों की गहन जांच कराई जाए, ताकि वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सके। इसके साथ ही संघ ने यह भी कहा कि कमीशन प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर फलों की बिक्री केवल पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए, जिससे सभी व्यापारियों को समान अवसर मिल सके।

    इसी बीच फुटकर व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई। संघ के अध्यक्ष रामराज गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम का अतिक्रमण अमला लगातार छोटे और गरीब ठेला व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है। बिना उचित कारण कार्रवाई करने से छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट खड़ा हो रहा है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।

    ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा कर वैधानिक और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    प्रशासन के आश्वासन के बाद भी व्यापारियों में संतोष पूरी तरह दिखाई नहीं दिया, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और उन्हें राहत मिलेगी। यह पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है।