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  • वास्तु की इन बातों का रखें ध्यान घर में बढ़ेगी सकारात्मकता दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा की मान्यता

    वास्तु की इन बातों का रखें ध्यान घर में बढ़ेगी सकारात्मकता दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा की मान्यता


    नई दिल्ली। घर केवल रहने की जगह नहीं होता बल्कि इससे परिवार की खुशियां और मानसिक सुकून भी जुड़ा होता है। वास्तु शास्त्र में घर की दिशा और वस्तुओं की सही स्थिति को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि घर में चीजों को सही स्थान पर रखने और कुछ सामान्य वास्तु नियमों का पालन करने से सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि बहुत से लोग घर बनाते समय या घर की सजावट करते समय वास्तु से जुड़े नियमों का ध्यान रखते हैं।

    वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि घर में प्रवेश करने वाला रास्ता साफ और व्यवस्थित होना चाहिए। मुख्य द्वार के आसपास अनावश्यक सामान कचरा या टूटे हुए सामान रखने से बचना चाहिए। दरवाजे के आसपास पर्याप्त रोशनी और साफ सफाई रखने से घर का वातावरण बेहतर महसूस हो सकता है। घर में प्रवेश करते समय सकारात्मक और साफ वातावरण का होना शुभ माना जाता है।

    घर की साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आने वाली वस्तुओं और टूटे फर्नीचर को घर में जमा करके रखने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि अव्यवस्था घर के वातावरण को भारी बना सकती है। इसलिए समय समय पर गैरजरूरी सामान हटाकर घर को व्यवस्थित रखना बेहतर माना जाता है।

    पूजा घर के लिए भी सही स्थान को महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता के अनुसार पूजा स्थल शांत और साफ जगह पर होना चाहिए। यहां नियमित रूप से दीपक जलाने और पूजा करने से घर में सकारात्मक माहौल बनने की धार्मिक मान्यता है। पूजा स्थल के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचना चाहिए और इसे हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए।

    रसोई को भी वास्तु में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मान्यता के अनुसार रसोई में गैस चूल्हे और पानी से जुड़े स्थानों को व्यवस्थित रखना चाहिए। रसोई में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। भोजन बनाने और खाने की जगह को साफ रखने से घर का वातावरण भी बेहतर बना रहता है।

    सोने के कमरे में भी कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखा जा सकता है। बिस्तर के आसपास जरूरत से ज्यादा सामान नहीं रखना चाहिए। कमरे में पर्याप्त रोशनी और हवा का इंतजाम होना अच्छा माना जाता है। शीशे को लेकर भी वास्तु में कई मान्यताएं हैं इसलिए इसे ऐसी जगह लगाने की सलाह दी जाती है जहां उसका प्रतिबिंब सीधे बिस्तर पर न पड़े।

    घर में पौधे लगाना भी सकारात्मक वातावरण के लिए अच्छा माना जाता है। हालांकि पौधों का चयन और उनकी जगह का ध्यान रखना जरूरी है। सूखे या खराब हो चुके पौधों को घर में लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए। हरे भरे पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वातावरण को भी बेहतर बना सकते हैं।

    इन सभी उपायों को वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के रूप में देखा जाना चाहिए। इनका वैज्ञानिक रूप से सुख समृद्धि या भाग्य बदलने का निश्चित प्रमाण नहीं है। फिर भी साफ सफाई व्यवस्थित वातावरण पर्याप्त रोशनी और सकारात्मक सोच घर को अधिक आरामदायक बनाने में जरूर मदद कर सकती है।

  • UCC के विरोध में भोपाल पहुंचे ओवैसी RSS पर लगाया एजेंडा चलाने का आरोप भाजपा विधायक को दी चुनौती

    UCC के विरोध में भोपाल पहुंचे ओवैसी RSS पर लगाया एजेंडा चलाने का आरोप भाजपा विधायक को दी चुनौती


    नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी मंगलवार को भोपाल पहुंचे। उन्होंने सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए समान नागरिक संहिता यानी UCC का विरोध किया। यह सभा AIMIM के UCC विरोधी अभियान का हिस्सा थी। इस दौरान ओवैसी ने मध्यप्रदेश में आदिवासी समुदाय को UCC से बाहर रखने और मुसलमानों को इसके दायरे में लाने को लेकर सवाल उठाए।

    ओवैसी ने कहा कि मध्यप्रदेश की आबादी में आदिवासियों की बड़ी हिस्सेदारी है और उनकी अलग संस्कृति परंपराएं तथा सामाजिक व्यवस्थाएं हैं। उनके मुताबिक इन्हीं कारणों से आदिवासियों को UCC से बाहर रखा गया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि अलग संस्कृति और परंपराओं को आधार मानकर एक समुदाय को UCC से अलग रखा जा सकता है तो मुसलमानों को इसके दायरे में क्यों लाया जा रहा है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC के जरिए RSS का एजेंडा आगे बढ़ाया जा रहा है।

    सभा में ओवैसी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ और धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की अपनी धार्मिक और सामाजिक पहचान है। उन्होंने UCC के जरिए हिंदू मैरिज एक्ट हिंदू सक्सेशन एक्ट और अडॉप्शन एंड कस्टडी से जुड़े प्रावधानों को गैर हिंदुओं पर लागू करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 25 26 और 29 का उल्लेख करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अधिकारों की बात कही।

    ओवैसी ने केंद्र में भाजपा के सहयोगी दलों से भी UCC को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की। उन्होंने TDP JDU चिराग पासवान एचडी कुमारस्वामी और जयंत चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि यदि इन दलों का भाजपा से कुछ वैचारिक अंतर अभी भी है तो उन्हें UCC का विरोध करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब समान नागरिक संहिता को लेकर देश के अलग अलग हिस्सों में राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है।

    भोपाल की सभा में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का मुद्दा भी उठा। ओवैसी ने काजी कैंप से जुड़े उनके पुराने मिसाइल वाले बयान का जिक्र करते हुए उन्हें काजी कैंप आने की चुनौती दी। उन्होंने इस क्षेत्र से जुड़े स्वतंत्रता संग्राम के योगदानकर्ताओं के नाम भी गिनाए और कहा कि भोपाल की इस जमीन का अपना ऐतिहासिक महत्व है।

    ओवैसी ने भाजपा शासित राज्यों में मस्जिदों और कब्रिस्तानों को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोप भी लगाए। हालांकि ये आरोप उनके राजनीतिक वक्तव्य के तौर पर सामने आए। उन्होंने सागर में जहरीली शराब के मामले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की। लव जिहाद से जुड़े सवाल पर ओवैसी ने कहा कि यदि दो बालिग अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं तो उन्हें रोकने का अधिकार सरकार या किसी अन्य व्यक्ति को नहीं होना चाहिए।

    सभा के दौरान ओवैसी ने सोवियत यूनियन का उदाहरण देते हुए RSS पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वहां कम्युनिस्ट शासन के दौरान मदरसों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद मुस्लिम परिवारों ने अपने बच्चों की पढ़ाई घर पर जारी रखी। भोपाल में हुई इस सभा के दौरान UCC के साथ धार्मिक स्वतंत्रता सामाजिक पहचान अल्पसंख्यक अधिकार और राजनीतिक मुद्दों पर ओवैसी ने अपनी पार्टी का पक्ष रखा।

  • लंदन में थलपति विजय की एक झलक पाने पहुंचे थे फैंस सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम हुआ रद्द

    लंदन में थलपति विजय की एक झलक पाने पहुंचे थे फैंस सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम हुआ रद्द


    नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता थलपति विजय इन दिनों लंदन दौरे पर हैं। उनके इस दौरे के दौरान मंगलवार को उस समय फैंस को निराशा हुई जब लंदन में प्रस्तावित उनका एक कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। विजय की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक लंदन की मशहूर इमारत द शार्ड के बाहर पहुंच गए थे। कई लोग घंटों तक उनका इंतजार करते रहे लेकिन आखिरकार उन्हें बिना विजय को देखे ही वापस लौटना पड़ा।

    रिपोर्ट के मुताबिक विजय के कार्यक्रम को लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस से अनुमति नहीं मिली थी। पुलिस की ओर से सुरक्षा संबंधी कारणों का हवाला दिया गया। इसके बाद विजय की टीम की ओर से आयोजन स्थल के बाहर लाउडस्पीकर के जरिए कार्यक्रम रद्द किए जाने की जानकारी दी गई। फैंस को बताया गया कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं मिली है।

    विजय के इंतजार में कुछ प्रशंसक करीब चार घंटे तक द शार्ड के बाहर मौजूद रहे। कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। वहां मौजूद एक प्रशंसक ने कहा कि सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम रद्द करना ठीक है लेकिन वह और दूसरे लोग काफी समय से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि लंदन में मौजूद भीड़ तमिलनाडु में विजय के कार्यक्रमों के दौरान जुटने वाली भीड़ की तुलना में काफी कम थी।

    विजय का यह लंदन दौरा केवल प्रशंसकों से मुलाकात तक सीमित नहीं है। वह तमिलनाडु में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से ब्रिटेन गए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार लंदन दौरे के दौरान तमिलनाडु से जुड़े कई निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों का कुल निवेश लगभग 12300 करोड़ रुपये बताया गया है।

    इन प्रस्तावित निवेशों में वाहन कलपुर्जा निर्माण अनुसंधान और विकास नवीकरणीय ऊर्जा पावर ग्रिड उपकरण और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। तमिलनाडु सरकार के अनुसार इन निवेशों से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

    इनमें प्रमुख समझौता मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड से जुड़ा बताया गया है। कंपनी तमिलनाडु में अपने डिजाइन इंजीनियरिंग निर्माण एकीकरण और लॉजिस्टिक केंद्रों के विस्तार के लिए करीब 11000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। इससे लगभग 7000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

    इसके अलावा ब्रिटेन की विल्सन पावर सॉल्यूशंस तिरुवल्लूर जिले में ट्रांसफॉर्मर निर्माण से जुड़े अपने संचालन के अगले चरण के लिए करीब 300 करोड़ रुपये निवेश करेगी। इस परियोजना से लगभग 400 नए रोजगार मिलने की उम्मीद है।

    विजय के बुधवार को ब्रिटेन से भारत लौटने का कार्यक्रम बताया गया है। लंदन में उनका कार्यक्रम सुरक्षा कारणों से रद्द होने के बावजूद उनका दौरा तमिलनाडु में निवेश से जुड़े समझौतों के कारण चर्चा में बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक तरफ विजय के प्रशंसकों को निराश किया है तो दूसरी तरफ उनके राजनीतिक और प्रशासनिक दौरे से जुड़े निवेश प्रयासों को भी सुर्खियों में ला दिया है।

  • अमेरिका में ग्रीन कार्ड नियम पर कानूनी जंग, 22 राज्यों ने ट्रंप प्रशासन को कोर्ट में घेरा

    अमेरिका में ग्रीन कार्ड नियम पर कानूनी जंग, 22 राज्यों ने ट्रंप प्रशासन को कोर्ट में घेरा

    नई दिल्ली। अमेरिका में ग्रीन कार्ड से जुड़े नए ‘पब्लिक चार्ज’ नियम को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस नियम को चुनौती देते हुए 14 सितंबर को दो अलग-अलग मुकदमे दायर किए गए। एक याचिका 22 अमेरिकी राज्यों और कोलंबिया जिले ने दाखिल की है, जबकि दूसरी न्यूयॉर्क शहर के नेतृत्व में शिकागो, सैन फ्रांसिस्को, सिएटल समेत स्थानीय सरकारों ने दायर की है। नया नियम 18 सितंबर 2026 से लागू होना है।

    ग्रीन कार्ड क्यों अहम है?

    अमेरिका में स्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देने वाला ग्रीन कार्ड लाखों प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण है। रोजगार आधारित आव्रजन के जरिए स्थायी निवास का इंतजार कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए भी इसका खास महत्व है। ग्रीन कार्ड स्थायी निवास का दर्जा देता है और आगे चलकर अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन करने का रास्ता भी खोल सकता है।

    क्या है नया ‘पब्लिक चार्ज’ नियम?

    नए नियम के तहत अमेरिकी आव्रजन अधिकारी ग्रीन कार्ड, कुछ वीजा या अमेरिका में प्रवेश से जुड़े आवेदनों पर फैसला लेते समय आवेदक के सार्वजनिक सहायता कार्यक्रमों के इस्तेमाल को भी ध्यान में रख सकेंगे। इनमें मेडिकेड, खाद्य सहायता, आवास सहायता और बच्चों से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य योजनाएं शामिल हैं। सरकार का तर्क है कि स्थायी निवास हासिल करने वालों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहिए और नीति का उद्देश्य सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा करना है।

    22 राज्यों ने क्यों दी चुनौती?

    22 राज्यों और कोलंबिया जिले का कहना है कि नियम से उन परिवारों पर असर पड़ सकता है जो कानूनी रूप से सरकारी सहायता के पात्र हैं। मुकदमे में तर्क दिया गया है कि नियम की अस्पष्टता के कारण प्रवासी परिवार सहायता लेने से बच सकते हैं, भले ही वे उसके लिए पात्र हों। राज्यों ने यह भी कहा है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों और राज्य के वित्त पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

    DHS के अनुमान के मुताबिक करीब 9.5 लाख लोग सार्वजनिक सहायता योजनाओं से नाम वापस ले सकते हैं या उनमें नया नामांकन नहीं करा सकते हैं। राज्यों का कहना है कि इसका असर उन अमेरिकी नागरिक बच्चों पर भी पड़ सकता है जिनके माता-पिता अप्रवासी हैं और जो स्वयं इन योजनाओं के पात्र हो सकते हैं।

    ममदानी के नेतृत्व में दूसरा मुकदमा

    न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी के नेतृत्व में दायर दूसरे मुकदमे में शिकागो, सैन फ्रांसिस्को, सिएटल और कुछ काउंटी सरकारें भी शामिल हैं। इन स्थानीय सरकारों का कहना है कि नियम से परिवार जरूरी स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं का इस्तेमाल करने से डर सकते हैं। इस मुकदमे में नियम की वैधानिकता और उसके व्यापक प्रभाव को चुनौती दी गई है।

    ट्रंप प्रशासन का क्या कहना है?

    ट्रंप प्रशासन नए नियम को आत्मनिर्भरता और सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा से जोड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थायी निवास के लिए आवेदन करने वालों की आर्थिक स्थिति और संभावित सरकारी निर्भरता पर विचार करना आव्रजन कानून के तहत सरकार के अधिकारों के दायरे में आता है। दूसरी ओर, मुकदमा दायर करने वाले राज्यों और स्थानीय सरकारों का तर्क है कि नए नियम से आव्रजन अधिकारियों को बहुत व्यापक विवेकाधिकार मिल जाएगा।

    भारतीयों के लिए क्या बदलेगा?

    नियम का मतलब यह नहीं है कि ग्रीन कार्ड के हर आवेदक को सरकारी सहायता लेने पर स्वतः आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। प्रभाव आवेदक की व्यक्तिगत परिस्थितियों, संबंधित लाभ और आव्रजन अधिकारी के आकलन पर निर्भर करेगा। हालांकि, भारतीय पेशेवरों और अन्य प्रवासियों के लिए यह अमेरिकी स्थायी निवास प्रक्रिया में एक नया कारक जोड़ता है।

    फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि 18 सितंबर से नियम लागू होने से पहले अदालतें इसकी समीक्षा के दौरान क्या आदेश देती हैं। दोनों मुकदमों में नए नियम को रोकने और उसे गैरकानूनी घोषित करने की मांग की गई है।

  • 15 करोड़ की अयोध्या प्रॉपर्टी में धर्मशाला बनाएंगे अमिताभ बच्चन, पिता हरिवंश राय बच्चन को करेंगे समर्पित

    15 करोड़ की अयोध्या प्रॉपर्टी में धर्मशाला बनाएंगे अमिताभ बच्चन, पिता हरिवंश राय बच्चन को करेंगे समर्पित


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को लेकर खबर है कि वह अयोध्या में खरीदी गई अपनी प्रॉपर्टी पर धर्मशाला का निर्माण कराने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि यह धर्मशाला उनके पिता और प्रसिद्ध हिंदी कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति को समर्पित होगी। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण में भवन के नक्शे की मंजूरी को लेकर आवेदन भी दिया गया है।

    अमिताभ बच्चन ने कुछ समय पहले अयोध्या में करीब 15 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी थी। अब इसी संपत्ति पर प्रस्तावित धर्मशाला को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन के मुताबिक देशभर की कई जानी-मानी हस्तियां अयोध्या के विकास में योगदान दे रही हैं। उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन से जुड़ा यह मामला फिलहाल आम लोगों की आपत्तियों के लिए खुला है।

    पिता की याद में होगा निर्माण

    अमिताभ बच्चन के पिता डॉ. हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के चर्चित कवि और अनुवादक थे। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में ‘मधुशाला’ शामिल है। अमिताभ बच्चन कई मौकों पर अपने पिता को याद करते रहे हैं और उनकी कविताओं की पंक्तियां सोशल मीडिया पर भी साझा करते हैं।

    अमिताभ की मां तेजी बच्चन सामाजिक कार्यों से जुड़ी थीं और थिएटर में भी सक्रिय रहीं। ऐसे में पिता की स्मृति में धर्मशाला का निर्माण उनके परिवार से जुड़ी विरासत को आगे बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

    ‘कौन बनेगा करोड़पति’ को कर रहे हैं होस्ट

    अमिताभ बच्चन के काम की बात करें तो वह फिलहाल टीवी के लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ को होस्ट कर रहे हैं। शो में वह प्रतियोगियों के साथ सवाल-जवाब करने के अलावा अपनी जिंदगी से जुड़े किस्से और अनुभव भी साझा करते हैं।

    फिल्मों की बात करें तो अमिताभ बच्चन पिछली बार 2024 में रिलीज हुई रजनीकांत स्टारर ‘वेट्टैयन’ में नजर आए थे। इसके अलावा वह ‘कल्कि 2898 एडी’ और ‘सेक्शन 84’ जैसे प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े हैं। ‘कल्कि 2898 एडी’ में उनके साथ प्रभास और कमल हासन नजर आएंगे, जबकि ‘सेक्शन 84’ में अभिषेक बनर्जी और निमरत कौर प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

  • गणपति विसर्जन में सलमान खान से हुई छोटी सी चूक अर्पिता ने टोका फिर पूरे विधि-विधान से की आरती

    गणपति विसर्जन में सलमान खान से हुई छोटी सी चूक अर्पिता ने टोका फिर पूरे विधि-विधान से की आरती


    नई दिल्ली। मुंबई में खान परिवार के घर गणपति बप्पा की विदाई का मौका खास रहा। सोहेल खान ने इस बार अपने घर गणपति बप्पा की स्थापना की थी और पूरे परिवार ने मिलकर धूमधाम से विसर्जन किया। इस मौके पर सलमान खान भी अपनी फिल्म की शूटिंग से समय निकालकर परिवार के साथ शामिल हुए। सलमान ने बप्पा की आरती कर उनका आशीर्वाद लिया। इसी दौरान उनसे आरती करने में एक छोटी सी चूक हो गई जिसे उनकी बहन अर्पिता खान ने तुरंत नोटिस कर लिया। अर्पिता ने भाई को टोका जिसके बाद सलमान ने अपनी गलती सुधारी और सही तरीके से गणपति बप्पा की आरती की।

    गणपति विसर्जन के मौके पर पूरा खान परिवार एक साथ नजर आया। सलमान खान के अलावा उनकी मां सलमा खान और हेलेन भी मौजूद थीं। उनकी बहनें अलवीरा खान और अर्पिता खान भी इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनीं। परिवार के बच्चे भी बप्पा की विदाई में शामिल हुए। सोहेल खान के घर से गणपति बप्पा को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ विदाई दी गई। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ सलमान खान की करीबी दोस्त यूलिया वंतूर भी नजर आईं। उन्होंने ऑफ व्हाइट साड़ी पहनी हुई थी और उन्होंने भी गणपति बप्पा की आरती कर आशीर्वाद लिया।

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सलमान खान को गणपति बप्पा की आरती करते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि आरती के दौरान सलमान से अनजाने में आरती करने की दिशा को लेकर गलती हो गई थी। अर्पिता ने जब भाई को इस बारे में बताया तो सलमान ने तुरंत अपनी गलती सुधारी। इसके बाद उन्होंने श्रद्धा के साथ बप्पा की आरती पूरी की। वीडियो सामने आने के बाद यह छोटा सा पल सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया।

    खान परिवार में गणपति उत्सव लंबे समय से खास महत्व रखता है। अर्पिता खान आमतौर पर हर साल अपने घर गणपति बप्पा का स्वागत करती रही हैं लेकिन इस बार सोहेल खान ने अपने घर गणपति की स्थापना की। विसर्जन के दौरान परिवार की एकजुटता भी देखने को मिली। अरहान खान ने अपने चाचू अरबाज खान के साथ मिलकर बप्पा को विदाई दी। परिवार के सभी सदस्य पारंपरिक परिधानों में नजर आए।

    सलमान खान भी गणपति उत्सव में अक्सर शामिल होते हैं। परिवार के अलावा दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के घर होने वाले गणपति समारोह में भी वह नजर आते रहे हैं। हाल ही में वह अंबानी परिवार की गणेश पूजा में भी शामिल हुए थे। ऐसे में खान परिवार का गणपति उत्सव एक बार फिर चर्चा में है।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान इन दिनों अपनी फिल्म SVC 63 की शूटिंग में व्यस्त हैं। मुंबई में फिल्म के एक्शन सीक्वेंस के लिए भव्य सेट तैयार किया गया है जहां सलमान खान नयनतारा और राहुल देव समेत अन्य कलाकारों के साथ शूटिंग कर रहे हैं। इसके अलावा वह बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार की शूटिंग भी कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक वह एक ही दिन में वीकेंड के वार के दो एपिसोड शूट कर रहे हैं।

    सलमान खान की फिल्म मातृभूमि भी लंबे समय से चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म CBFC सर्टिफिकेशन के कारण रिलीज का इंतजार कर रही है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लखिया ने किया है और कहानी साल 2020 के गलवान संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म की रिलीज को लेकर अभी आधिकारिक स्थिति का इंतजार है।

  • मध्य अमेरिका में भयावह सूखा संकट, तीन देशों में इमरजेंसी; फसलें बर्बाद, करोड़ों लोगों पर असर

    मध्य अमेरिका में भयावह सूखा संकट, तीन देशों में इमरजेंसी; फसलें बर्बाद, करोड़ों लोगों पर असर

    नई दिल्‍ली।  मध्य अमेरिका में अल नीनो के प्रभाव के चलते सूखे का संकट लगातार गहराता जा रहा है। ग्वाटेमाला में सूखे से 32 लाख से अधिक लोगों के सामने तत्काल मानवीय सहायता की जरूरत पैदा हो गई है। यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में मक्का और बीन्स की फसलें बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। पैदावार में गिरावट और जल संकट बढ़ने से खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हालात को देखते हुए होंडुरास, अल साल्वाडोर और पनामा में आपातकाल या रेड अलर्ट घोषित किया गया है।

    होंडुरास से पनामा तक आपात स्थिति

    होंडुरास ने 19 अगस्त को सूखे को लेकर आपातकाल घोषित किया था। इसके बाद 26 अगस्त को रेड अलर्ट का दायरा बढ़ाकर 103 नगरपालिकाओं तक कर दिया गया। अल साल्वाडोर के पर्यावरण मंत्रालय ने 25 अगस्त को पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया। यहां एक तरफ अनियमित बारिश और दूसरी ओर रिकॉर्ड गर्मी ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

    पनामा में भी सरकार ने 25 अगस्त को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया। देश की 11 प्रमुख जलधाराओं में जलस्तर कम होने से पनबिजली उत्पादन के साथ-साथ लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने पर भी संकट गहराया है।

    रिकॉर्ड गर्मी और कम बारिश ने बढ़ाई परेशानी

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य अमेरिका में मौजूदा हालात सामान्य मौसमी सूखे से कहीं अधिक गंभीर हैं। अल साल्वाडोर में मई के दौरान सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि अगस्त में लगातार 19 दिन तक सूखे की स्थिति बनी रही। इस दौरान सांता रोसा डी लीमा में तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने भी इस वर्ष बेहद तीव्र अल नीनो की 90 प्रतिशत से अधिक संभावना जताई है। इसके चलते 1950 के बाद के कई पुराने मौसम रिकॉर्ड टूटने की आशंका व्यक्त की गई है।

    पूर्वी अफ्रीका में भी फसलों पर असर

    यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र की वैश्विक समीक्षा के अनुसार, अल नीनो का प्रभाव केवल मध्य अमेरिका तक सीमित नहीं है। पूर्वी अफ्रीका में भी भीषण गर्मी और सूखे के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहां 14 क्षेत्र अकाल के कगार पर पहुंच गए हैं। सूडान और दक्षिण सूडान में पहले से जारी गृहयुद्ध ने खाद्य संकट को और गंभीर बना दिया है।

    वहीं मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, मध्य एवं दक्षिण एशिया तथा दक्षिणी दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में फिलहाल फसलों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बताई गई है। इससे पता चलता है कि अल नीनो दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश और तापमान के पैटर्न को एक समान तरीके से प्रभावित नहीं करता।

  • सागर जहरीली शराब कांड में पहुंची NHRC टीम, पीड़ितों के बयान दर्ज नहीं होने पर पुलिस से नाराज

    सागर जहरीली शराब कांड में पहुंची NHRC टीम, पीड़ितों के बयान दर्ज नहीं होने पर पुलिस से नाराज


    सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की टीम मंगलवार को सागर पहुंची। आयोग सदस्य प्रियांक कानूनगो के नेतृत्व में टीम ने जगतार और घुघर गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और घटना के बाद की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान कई परिजनों ने पुलिस पर अब तक उनके बयान दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया। पीड़ितों के बयान दर्ज नहीं होने की जानकारी सामने आने पर आयोग की टीम ने नाराजगी जताई और पुलिस को तत्काल बयान दर्ज करने के निर्देश दिए।

    बंडा तहसील क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचाररत हैं। जहरीली शराब के सेवन से कुछ लोगों की आंखों की रोशनी चले जाने की बात भी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई जारी है।

    पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

    NHRC की टीम ने जगतार और घुघर गांवों में पहुंचकर जहरीली शराब त्रासदी में जान गंवाने वाले और प्रभावित लोगों के परिजनों से बातचीत की। परिवारों ने आयोग के समक्ष घटना से जुड़ी परेशानियों और पुलिस कार्रवाई की जानकारी रखी। परिजनों ने बताया कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने उनके बयान दर्ज नहीं किए हैं।

    इस पर आयोग सदस्य प्रियांक कानूनगो ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों और उनके परिजनों के बयान जांच की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें तत्काल दर्ज किया जाना चाहिए।

    ‘सभी कानूनी प्रावधानों का पालन जरूरी’

    पत्रकारों से चर्चा में प्रियांक कानूनगो ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोग घायल हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने मामले की जांच में सभी कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

    कानूनगो के मुताबिक पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि कई लोगों के बयान अब तक दर्ज नहीं किए गए हैं। इसके बाद पुलिस को पीड़ितों और उनके परिजनों के बयान तत्काल दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जांच में किसी तरह की कमी न रहे।

    शराब आपूर्तिकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग

    पीड़ित परिवारों ने आयोग के सामने यह आरोप भी लगाया कि स्थानीय शराब आपूर्तिकर्ताओं के बयान पुलिस ने नहीं लिए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं की गई है। आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है।

    प्रियांक कानूनगो ने बताया कि पुलिस से जिले में शराब के सभी एजेंटों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करना जरूरी है।

    30 में से 19 आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक 30 आरोपियों में से 19 को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं मुख्य आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत राजपूत अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

    NHRC टीम के दौरे के बाद मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई की निगरानी बढ़ने की संभावना है। आयोग ने पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज करने के साथ ही अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर भी जोर दिया है।

  • पश्चिम एशिया में चल रही जंग से पाकिस्तान की हालत हुई खराब… बनी लॉकडाउन वाली स्थिति

    पश्चिम एशिया में चल रही जंग से पाकिस्तान की हालत हुई खराब… बनी लॉकडाउन वाली स्थिति


    इस्लामाबाद।
    पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रही जंग से पाकिस्तान (Pakistan) बेदम हो चुका है। महीनों से जंग में चौधरी बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान (Pakistan) के हाथ कुछ नहीं लग पाया और अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (America and Iran War) अब भी जारी है। बीते सप्ताह क्षेत्र में तनाव तब बढ़ गया जब सऊदी अरब (Saudi Arabia) और हूती विद्रोहियों के बीच भी जंग शुरू हो गई है। ऐसे में तेल संकट बढ़ गया है। पाकिस्तान में तो अब हालात ऐसे हैं कि लॉकडाउन वाली स्थिति बन गई है।

    बता दें कि पाकिस्तान का फॉरेन रिजर्व पहले ही खाली पड़ा है और उसने हाल ही में माना था कि वह जल्द ही अमेरिका के पास गिड़गिड़ाने जाएगा। इस बीच पाकिस्तान की मुसीबत तब बढ़ गई जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अब पाकिस्तान की सरकार ‘पेट्रोलियम स्मार्ट लॉकडाउन’ लगाने की योजना बना रही है।


    हफ्ते में 4 दिन ही होगा कामकाज

    रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की हालत इतनी बुरी है कि कामकाज भी ठप हो सकता है। पेट्रोल लॉकडाउन के तहत सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के लिए हफ्ते में केवल 4 दिन काम करने का नियम लागू हो सकता है। वहीं छुट्टियों को शुक्रवार से रविवार तक बढ़ाकर सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही को कम करने का प्लान है।

    इसके अलावा सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों को रोटेशन बेसिस पर बुलाया जाएगा और अधिकतर लोगों को घर से काम करने का निर्देश दिया जाएगा। वहीं पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाने के लिए शॉपिंग मॉल्स, व्यावसायिक बाजारों और मैरिज हॉल को शाम को जल्दी बंद करने का फैसला लिया जा सकता है।


    भत्ता भी कटेगा

    शहबाज शरीफ की सरकार मजबूरी में अपने कर्मचारियों का वेतन तक काटेगी। सरकारी तंत्र में ईंधन बचाने के लिए लगभग 50 फीसदी सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। वहीं अधिकारियों के गैर-जरूरी दौरों और सरकारी पेट्रोल भत्तों में भी भारी कटौती की जाएगी। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने इससे पहले भी इस तरह के उपाय लागू किए थे। अधिकारियों के वेतन तक काटने के आदेश दे दिए गए थे। हालांकि फायदा कुछ नहीं मिला।

  • भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड ने खोले दरवाजे…. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों में किया बदलाव

    भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड ने खोले दरवाजे…. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों में किया बदलाव


    वेलिंगटन।
    न्यूजीलैंड (New Zealand) ने भारतीय छात्रों (Indian Students) के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों (Post-Study Work Visa Rules) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। न्यूजीलैंड के आव्रजन मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 को नए अल्पकालिक स्नातक कार्य वीजा की घोषणा की है। यह वीजा 16 नवंबर 2026 से लागू होगा। इसके तहत पात्र अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को छह महीने तक खुले तौर पर काम करने का अधिकार मिलेगा।

    यह नया वीजा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो पढ़ाई पूरी करने के बाद तत्काल लंबे समय के पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के पात्र नहीं होते। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों को नौकरी तलाशने और रोजगार हासिल करने के लिए छह महीने का समय देना है।

    इस अवधि में वे मान्यता प्राप्त नियोक्ता कार्य वीजा जैसे दीर्घकालिक विकल्पों की ओर बढ़ सकेंगे। 16 नवंबर से एक और महत्वपूर्ण बदलाव भी लागू होगा। इसके तहत न्यूजीलैंड में योग्यता और प्रमाणन ढांचे के सातवें स्तर का पात्र स्नातक डिप्लोमा पूरा करने वाले छात्र पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के पात्र हो सकेंगे। इन छात्रों के पास पहले से स्नातक डिग्री होनी चाहिए।


    पात्र योग्यता पूरी करनी होगी

    छह महीने के खुले कार्य वीजा के लिए छात्र को न्यूजीलैंड योग्यता और प्रमाणन ढांचे के पांचवें, छठे या सातवें स्तर की पात्र योग्यता पूरी करनी होगी। पढ़ाई पूर्णकालिक होनी चाहिए और न्यूजीलैंड में कम से कम 24 सप्ताह की होनी जरूरी है। अंग्रेजी भाषा, आधारभूत और सहभागी योग्यताएं इसके दायरे में नहीं होंगी। आवेदक के पास न्यूजीलैंड में रहने के दौरान अपने खर्च के लिए कम से कम 5,000 न्यूजीलैंड डॉलर होने चाहिए।