Blog

  • 20 मिनट की बरसात ने बढ़ाई मुश्किल, निचले इलाके पानी से लबालब

    20 मिनट की बरसात ने बढ़ाई मुश्किल, निचले इलाके पानी से लबालब


    शुजालपुर । शुजालपुर में सोमवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ले ली। करीब 3 बजे के आसपास शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन कुछ ही मिनटों की इस बारिश ने कई जगहों पर परेशानी भी खड़ी कर दी। करीब 20 मिनट तक चली तेज बारिश के दौरान तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक फैल गई और लोग राहत महसूस करते दिखे।

    निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें बनी तालाब
    तेज बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई जगहों पर सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं, जबकि नालियां उफनती नजर आईं। अचानक आई इस बारिश से सामान्य जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    ओलावृष्टि और आंधी से बढ़ी किसानों की चिंता
    बारिश के साथ कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे, जिससे कृषि क्षेत्रों में नुकसान की आशंका जताई जा रही है। विशेषकर संतरा उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार तेज हवाओं के कारण कई बागानों में छोटे फल गिर गए हैं और कुछ जगह पेड़ों की टहनियां टूटने की भी सूचना है। हालांकि नुकसान का सही आकलन मौसम साफ होने के बाद ही हो सकेगा, लेकिन शुरुआती संकेत किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं।

    40 डिग्री की गर्मी के बाद मिली राहत
    पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। दोपहर के समय गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित था। ऐसे में अचानक हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को बड़ी राहत मिली।

    मौसम विभाग का अनुमान: अगले दो दिन अस्थिर रहेगा मौसम
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। अगले एक से दो दिनों तक क्षेत्र में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

  • कालापीपल में सियासी तनाव: बयान पर सियासत गरम, प्रदर्शन के दौरान पुलिस-कार्यकर्ता भिड़ंत

    कालापीपल में सियासी तनाव: बयान पर सियासत गरम, प्रदर्शन के दौरान पुलिस-कार्यकर्ता भिड़ंत


    कालापीपल । कालापीपल में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हालिया बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह विरोध मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर दिए गए बयान के बाद तेज हुआ।

    प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के बयान को “अशोभनीय” बताते हुए माफी की मांग की और पुतला दहन का प्रयास किया।

    पुलिस ने रोका पुतला दहन, मौके पर बढ़ा तनाव
    स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
    घटना के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।

    राजनीतिक बयान से भड़की सियासत
    यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था-
    “हम तो अभिनंदन लाल हैं, तुम टपोरी लाल हो।” मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सरकार के विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाते हुए जीतू पटवारी पर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे प्रदेशाध्यक्ष पहले कभी नहीं देखे गए, जिनके कार्यकाल में चुनावी उम्मीदवार भी मैदान छोड़कर चले गए।

    कांग्रेस की प्रतिक्रिया और मांग
    कांग्रेस नेताओं ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है।

    जमीनी हालात पर प्रशासन की नजर
    प्रशासन ने घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

  • टोस्ट पैकेट में छिपकली मिलने से हड़कंप, खाद्य विभाग ने जांच के लिए भेजे सैंपल

    टोस्ट पैकेट में छिपकली मिलने से हड़कंप, खाद्य विभाग ने जांच के लिए भेजे सैंपल


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक टोस्ट पैकेट के अंदर मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

    प्रशासन ने तुरंत शुरू की कार्रवाई
    घटना की जानकारी मिलते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) सक्रिय हो गया और संबंधित ब्रांड के टोस्ट के सैंपल एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

    सैंपल जांच के लिए भेजे गए
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खाद्य विभाग के उप संचालक डॉ. संजय ऋषीश्वर के अनुसार, “शुद्ध बेकरर्स” के “शुद्ध स्पेशल सूजी टोस्ट” के पैकेट का नमूना जांच के लिए लिया गया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की जा रही है।

    शिकायत के बाद खुला मामला
    यह पूरा मामला तब सामने आया जब कृष्ण विहार कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसने बच्चों के लिए टोस्ट खरीदा था, जिसमें खोलने पर मरी हुई छिपकली मिली। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

    जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई
    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित निर्माता और विक्रेता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल
    इस घटना के बाद शहर में पैकेज्ड फूड की गुणवत्ता और निरीक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि बाजार में बिकने वाले सभी खाद्य उत्पादों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

  • शिवपुरी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में मिला अज्ञात युवक का शव, हत्या की आशंका से सनसनी

    शिवपुरी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में मिला अज्ञात युवक का शव, हत्या की आशंका से सनसनी


    शिवपुरी  शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र में स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक अज्ञात युवक का निर्वस्त्र शव पानी में तैरता हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर जांच शुरू कर दी।

    शव की हालत से बढ़ी जांच की चुनौती
    पुलिस के अनुसार मृतक पुरुष की उम्र लगभग 30 से 40 वर्ष के बीच आंकी जा रही है। शव पर केवल अंडरवियर मौजूद था, जबकि बाकी शरीर पूरी तरह नग्न अवस्था में मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शव लगभग 10 से 15 दिन पुराना हो सकता है, जिसके चलते उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है।

    सीवर लाइन से बहकर आने की आशंका
    सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि शव संभवतः किसी सीवर पाइपलाइन के माध्यम से बहकर प्लांट तक पहुंचा है। इसी आधार पर पुलिस सभी संभावित कड़ियों को जोड़कर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस इस घटना को सिर्फ दुर्घटना नहीं मान रही है। प्रारंभिक आशंका के तहत हत्या की संभावना भी जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि युवक की हत्या कर शव को सीवर लाइन में फेंका गया हो सकता है, जिससे वह बहते हुए ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच गया।

    पहचान के लिए पुलिस की कवायद तेज
    देहात थाना पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों को फोटो और विवरण भेजे गए हैं। पुलिस आसपास के लापता व्यक्तियों की सूची भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि शव की पहचान होते ही मामले की जांच और तेज की जाएगी। इसके बाद ही मौत के वास्तविक कारण और घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सकेगी।

    जांच के सभी पहलुओं पर नजर
    फिलहाल पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर हर एंगल से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम की मदद भी ली जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत प्राकृतिक है, दुर्घटना है या फिर किसी सुनियोजित हत्या का मामला।

  • 1 जून से बदलेंगे कई नियम, यूपीआई-ATM और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव

    1 जून से बदलेंगे कई नियम, यूपीआई-ATM और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव


    नई दिल्ली। नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश की वित्तीय व्यवस्था में कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और टैक्स से जुड़ी गतिविधियों पर पड़ेगा। इन बदलावों का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाना और वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना बताया जा रहा है।

    डिजिटल पेमेंट सिस्टम में सुरक्षा सख्
    Unified Payments Interface (UPI) के तहत अब लेनदेन सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। बड़े ट्रांजैक्शन के लिए अतिरिक्त वेरिफिकेशन जैसे बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/फेस रिकग्निशन) और डिवाइस-बेस्ड ऑथेंटिकेशन लागू किए जा सकते हैं।
    इसके साथ ही अब पेमेंट करने से पहले लाभार्थी का सत्यापित नाम दिखेगा, जिससे गलत खाते में पैसे जाने की आशंका कम होगी।

    ATM निकासी नियमों में बदलाव
    अब यूपीआई आधारित कार्डलेस ATM निकासी को बैंक की मासिक फ्री लिमिट में शामिल किया जाएगा। लिमिट पार करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है, ठीक वैसे ही जैसे डेबिट कार्ड निकासी पर लागू होता है।

    टैक्स और पैन से जुड़े नए नियम
    15 जून तक वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करनी होगी। जिनकी टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें अनुमानित टैक्स का 15% भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नकद लेनदेन और पैन कार्ड नियमों में भी बदलाव किया गया है अब बड़े नकद जमा और संपत्ति लेनदेन के लिए रिपोर्टिंग सीमा को संशोधित किया गया है।

    LPG और ईंधन कीमतों में बदलाव
    1 जून से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 19 किलो सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है। अन्य शहरों में भी 40–50 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    RBI की बैठक पर नजर
    इस महीने होने वाली Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक भी महत्वपूर्ण होगी। रेपो रेट और महंगाई पर फैसले का असर होम लोन EMI, FD रिटर्न और बाजार पर पड़ सकता है।

    अन्य संभावित बदलाव
    रिपोर्ट्स के अनुसार EPFO सिस्टम में भी बदलाव की तैयारी है, जिससे भविष्य में PF निकासी UPI के जरिए संभव हो सकती है।

  • गर्मी में त्वचा रोगों का खतरा बढ़ा, घमौरियों से लेकर संक्रमण तक-लापरवाही पड़ सकती है भारी

    गर्मी में त्वचा रोगों का खतरा बढ़ा, घमौरियों से लेकर संक्रमण तक-लापरवाही पड़ सकती है भारी


    नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस का असर लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। तेज धूप, पसीना और नमी के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में छोटी दिखने वाली त्वचा समस्याएं भी समय रहते ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती हैं।

    नेशनल हेल्थ मिशन (National Health Mission) के अनुसार, गर्मी और अधिक पसीने के कारण त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे जलन, सूजन और दाने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इस स्थिति को आमतौर पर घमौरियां या प्रिकली हीट कहा जाता है।

    घमौरियों के प्रमुख लक्षण
    त्वचा पर छोटे लाल दाने या फुंसियां
    तेज खुजली और चुभन जैसा एहसास
    गर्दन, छाती, कमर और कांख जैसे हिस्सों में अधिक परेशानी
    कभी-कभी हल्का बुखार या जलन
    यह समस्या बच्चों, अधिक पसीना आने वाले लोगों और मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में ज्यादा देखने को मिलती है।

    बचाव के आसान उपाय
    विशेषज्ञों के अनुसार, सही सावधानी बरतकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है:
    ठंडी और हवादार जगह पर रहें
    त्वचा को साफ और सूखा रखें
    नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह पोंछें
    बिना सुगंध वाले हल्के टैल्कम पाउडर का उपयोग करें
    ढीले और सूती कपड़े पहनें
    तेज धूप से बचें और बाहर निकलते समय छाता या स्कार्फ का उपयोग करें

    सावधानी सबसे जरूर
    डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में पानी पर्याप्त मात्रा में पीना बेहद जरूरी है और तैलीय या भारी भोजन से बचना चाहिए। बच्चों की त्वचा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। यदि दाने बढ़ जाएं, बुखार हो या संक्रमण के लक्षण दिखें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। समय पर देखभाल से इन समस्याओं को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
  • भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन

    भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन



    नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (10 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य) जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस प्रदर्शन की देशभर में सराहना हो रही है और इसे भारत की उभरती खेल प्रतिभा का मजबूत संकेत माना जा रहा है।

    भारत के प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और इसे देश की “अदम्य खेल क्षमता का प्रतीक” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में हजारों युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी भारतीय दल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रमाण है।

    आखिरी दिन भारत का दमदार प्रदर्शन
    प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया।
    मुस्कान ने 5000 मीटर दौड़ में 16:53.08 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता
    मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 800 मीटर दौड़ में 1:48.27 का समय निकालकर गोल्ड हासिल किया
    नीरू पाठक की भूमिका से 4×400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया
    रिले इवेंट में रिकॉर्ड प्रदर्शन

    भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने 3:38.07 सेकंड का समय निकालकर नया मीट रिकॉर्ड बनाया। वहीं पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम ने भी पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

    भारत की बढ़ती एथलेटिक्स ताकत
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदर्शन भारत में युवा एथलेटिक्स की बढ़ती गहराई और बेहतर प्रशिक्षण प्रणाली का संकेत है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।

  • मई में ऑटो सेक्टर की रफ्तार तेज, हुंडई और महिंद्रा ने दर्ज की मजबूत बिक्री वृद्धि

    मई में ऑटो सेक्टर की रफ्तार तेज, हुंडई और महिंद्रा ने दर्ज की मजबूत बिक्री वृद्धि


    नई दिल्ली। देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में मई महीने के दौरान मजबूत मांग का असर साफ दिखाई दिया। प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों में Hyundai Motor India Limited और Mahindra & Mahindra ने घरेलू बाजार में बेहतर प्रदर्शन करते हुए बिक्री में अच्छी बढ़त दर्ज की है।

    हुंडई की बिक्री में 4.1% की वृद्धि
    हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने मई में कुल 61,137 वाहन बेचे। इसमें 47,837 यूनिट घरेलू बिक्री रही, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 9.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं कंपनी ने 13,300 वाहनों का निर्यात भी किया। कुल मिलाकर कंपनी की बिक्री में 4.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।

    महिंद्रा एंड महिंद्रा की 20% की छलांग
    महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मई में निर्यात सहित कुल 99,636 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो साल-दर-साल आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कंपनी के यूटिलिटी व्हीकल (SUV) सेगमेंट ने इस वृद्धि में सबसे अहम भूमिका निभाई। घरेलू बाजार में 58,021 यूटिलिटी वाहन बिके, जो 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाते हैं।

    कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया और 24,079 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जिसमें 19 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। निर्यात में भी कंपनी ने 37 प्रतिशत की बढ़त हासिल की।

    मांग मजबूत, लेकिन सप्लाई चुनौतियां कायम
    महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ ने बताया कि पूरे पोर्टफोलियो में मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि कुछ सप्लायरों के यहां श्रमिकों की कमी के कारण सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

    शेयर बाजार में हल्की गिरावट
    बिक्री के सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। हुंडई का शेयर करीब 1.48 प्रतिशत गिरकर 1,900 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर लगभग 1.9 प्रतिशत गिरकर 2,982 रुपये तक आ गया।

    SUV सेगमेंट बना ग्रोथ इंजन
    विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू बाजार में SUV और यूटिलिटी वाहनों की लगातार मजबूत मांग ऑटो सेक्टर की ग्रोथ को समर्थन दे रही है। आने वाले महीनों में त्योहारों की मांग और नए मॉडल लॉन्च इस रफ्तार को और बढ़ा सकते हैं।

  • टीएमसी पर हमले को लेकर सियासत गरम, भाजपा-विपक्ष में तकरार

    टीएमसी पर हमले को लेकर सियासत गरम, भाजपा-विपक्ष में तकरार


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी नेताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस घटना के बाद सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी दलों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

    टीएमसी की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसके नेताओं पर हमले लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला हैं, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि यह घटनाएं जनता में बढ़ते आक्रोश का परिणाम हैं। इसी बीच विभिन्न दलों के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

    कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में हालात चिंताजनक हैं और वहां तक कि सांसद भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भय का माहौल बनाया गया है और आम जनता भी असुरक्षित महसूस कर रही है।

    वहीं जेडीयू नेता हरि नारायण सिंह ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय से तनावपूर्ण माहौल रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाएं अचानक नहीं हैं, बल्कि यह जनता की नाराजगी का परिणाम हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के भीतर भी असंतोष और टूट की स्थिति बन रही है।

    दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने इन घटनाओं को जनता की प्रतिक्रिया बताते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जब पहले हिंसा की घटनाएं हुईं, तब वही नेता चुप थे, और अब स्थिति बदलने पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद करार दिया।

    इसी मुद्दे पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के भीतर असंतोष और इस्तीफों की खबरें यह संकेत देती हैं कि पार्टी आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही है।

    पूरा विवाद अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे राज्य में कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • ईरान पर जरूरत पड़ी तो फिर होगी सैन्य कार्रवाई: इजरायली राजदूत का बड़ा बयान, वेस्ट एशिया तनाव फिर बढ़ा

    ईरान पर जरूरत पड़ी तो फिर होगी सैन्य कार्रवाई: इजरायली राजदूत का बड़ा बयान, वेस्ट एशिया तनाव फिर बढ़ा

    नई दिल्ली। वेस्ट एशिया में तनाव और कूटनीतिक हलचल के बीच इजरायल ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास के राजदूत रियूवेन अजार ने साफ कहा है कि यदि परिस्थितियां बिगड़ती हैं तो इजरायल ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

    यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर चर्चाएं तेज हैं और पश्चिम एशिया में तनाव को कम करने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि, इजरायल ने संकेत दिया है कि वह सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे को लेकर समझौता नहीं करेगा।

    इजरायली राजदूत ने कहा कि ईरानी सत्ता पिछले दो दशकों से क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई है। उनका आरोप है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) तथा अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के दिशा-निर्देशों का पालन ठीक से नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि IAEA की रिपोर्टों में भी ईरान की अनुपालन स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।

    राजदूत के अनुसार, यदि कोई देश कानूनी अधिकारों का दावा करता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का पालन भी करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और जरूरत पड़ने पर निर्णायक कदम उठाएगा।

    इसी बीच लेबनान को लेकर भी इजरायल ने अपना रुख स्पष्ट किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए गए। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई उसके उत्तरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी थी।

    राजदूत अजार ने दावा किया कि संघर्षविराम के बावजूद इजरायल पर 1000 से अधिक रॉकेट और ड्रोन हमले हुए हैं, जिनमें कई नागरिकों की जान भी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हिज्बुल्लाह स्थायी संघर्षविराम और हमले रोकने की गारंटी नहीं देता, तब तक जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।

    इजरायल ने यह भी संकेत दिया कि वह केवल सैन्य ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता के लिए भी योगदान देने को तैयार है, बशर्ते सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में रहे। राजदूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिरता तभी संभव है जब सभी पक्ष जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगे।

    इस बयान के बाद एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब कूटनीतिक प्रयासों से शांति की उम्मीदें भी बनी हुई हैं।